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Guest
दोनो लंड के एक एक तरफ थी जिस से उनके दांतो में फसा हुआ मेरा लंड डर रहा था.
लंड को लग रहा था की कविता और लीना उसे कच्चा खा जायेगी.
पर कविता और लीना उसे सिर्फ डरा रही थी. दोनों अपने दांतो से लंड की हार्डनेस देख रही थी.
लंड को डराने के बाद दोनों और निचे चलि गयी.
उनकी नजर मेरे अंडो पे थी.
लंड तो एक था पर अंडे २ थे, जिस से कविता और लीना ने एक एक अंडा अपने मुह में ले लिया.
दोनो के मुह में अपने अंडो को देख कर मेरी आँखों को सुकून मिला, लंड भी निचे झुक कर अंडो को देख रहा था.
कविता और लीना ने अंडो को चूस कर लंड को नाराज़ किया.
लंड को नाराज़ देखते कविता और लीना ने अंडो को चूसना बंद किया.
कविता ऊपर आ गयी और लंड को मुह में लेकर चूसने लगी.
लीना जो लंड का हिस्सा बाहर था उस पे किस करने लगी.
"कमीना कही का, हमेशा तो चूसवाने का मज़ा लेता है. किसी न किसी के मुह में रहता है.आज में मज़े ले रहा था तो रोने लगा.जा में वीर्ये नहीं निकालूंगा,रह ऐसा खड़ा "
मेरे अंडे गुस्सा हो गये,अंडों को गस्से में देख कर लंड ने लीना को उसके पास भेजा.
कविता लंड चूसने लगी और लीना अंडो को.
कविता सब कुछ भूल कर मेरे लंड को चूस रही थी.
नई कविता को देख कर मेरा लंड भी खुश था उसको भी कविता और लीना से प्यार जो हो गया था.
कविता और लीना हर बार कुछ न कुछ इंटरनेट पे पढती रह्ती है. ये भी दोनों ने सोच रक्खा होगा.
हम ने जितनी बार भी सेक्स किया हर बार अलग तरीके से किया. एक अलग मज़ा लेते हुए किया.
दोनो के साथ सिर्फ में सेक्स नहीं करता था बल्कि उनको प्यार देता था,
कविता मेरे लंड को प्यार से चूस रही थी.
कविता के ओ शेप के मुह में मेरा लंड जाते हुए देखना मेरे लिए एक सपना था.
कविता और लीना खुद मेरे साथ सेक्स करने के लिए आई थी.ऐसे में मैंने उनको कभी निराश नहीं किया.
कविता थोड़ी देर मेरे लंड को चुस्ती रही फिर लीना के लिए उसने चूसना बंद किया.
लीना और कविता ने अपनी जगह एक्सचेंज कि, लंड और अंडो को चूसने लगी.
लीना भी मेरे लिए उतनी प्यारी थी जितनी कविता.
मेरी सारी बहने मेरे लिए जान से ज्यादा प्यारी थी. उनके लिए में कुछ भी कर सकता हु.
लीना के मुह में लंड को अंदर बाहर होते हुए देखना मेरे लिए उतना ही प्यारा था जितना कविता के मुह में लंड जाते हुए देखना.
दोनो जिस तरह मेरे दिल के करीब थि,उस से उनका प्यार मेरे लिए अनमोल था.
मेरा छोटा सा डिक किस किस से प्यार करता है, कितनो को करता है ये वही जानता है.
अब तो दोनों एक साथ बारी बारी लंड को चूस रही थी.
उनके प्यार के सामने में ज्यादा देर खुद को रोक नहीं पाउँगा.
जीस तरह उनकी जीभ मेरे लंड पे घूम रही थी.
जीस तरह वो मेरे लंड पे किस कर रही थी.
जीस तरह वो मेरे लंड को चूस रही थी.
जीस तरह वो मेरे अंडो को प्यार कर रही थी.
उसके चलते में कितनी देर तक खुद पे कण्ट्रोल रक् पाता.
दोनो का प्यार मेरे लंड को पिघला रहा था.
वैसे भी में ने १ महीने पहले सेक्स किया था जिस से में और कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा था.
मैंने पहली पिचकारी कविता के मुह में मारी और दूसरी लीना के मुह मे.
दोनो मेरे वीर्ये को ऐसे निगल गयी की वो सालो से भुकी हो.
पिचकारी मारने के बाद बाकि वीर्ये लंड से निचे उतरने लगा.
जीसे देख कर दोनों ने अपनी जीभ आगे की और लंड पर लगी हुयी क्रीम सफाचट कर दि.
मेरा वीर्ये पिते ही दोनों की प्यास बूझ गयी. सॉरी बढ़ गयी.
लंड चूसने के चक्कर में दोनों भूल गयी की हमें किस करना है.
पर वो मेरी बहाने थी.ऐसे कैसे भूल जाती.
वीर्य पिते ही मुझे अपने पास बुलाया.
ओर फिर से दोनों मुझ पे तूट पडी.
हम फिर से किस करने लगे.
लंड को लग रहा था की कविता और लीना उसे कच्चा खा जायेगी.
पर कविता और लीना उसे सिर्फ डरा रही थी. दोनों अपने दांतो से लंड की हार्डनेस देख रही थी.
लंड को डराने के बाद दोनों और निचे चलि गयी.
उनकी नजर मेरे अंडो पे थी.
लंड तो एक था पर अंडे २ थे, जिस से कविता और लीना ने एक एक अंडा अपने मुह में ले लिया.
दोनो के मुह में अपने अंडो को देख कर मेरी आँखों को सुकून मिला, लंड भी निचे झुक कर अंडो को देख रहा था.
कविता और लीना ने अंडो को चूस कर लंड को नाराज़ किया.
लंड को नाराज़ देखते कविता और लीना ने अंडो को चूसना बंद किया.
कविता ऊपर आ गयी और लंड को मुह में लेकर चूसने लगी.
लीना जो लंड का हिस्सा बाहर था उस पे किस करने लगी.
"कमीना कही का, हमेशा तो चूसवाने का मज़ा लेता है. किसी न किसी के मुह में रहता है.आज में मज़े ले रहा था तो रोने लगा.जा में वीर्ये नहीं निकालूंगा,रह ऐसा खड़ा "
मेरे अंडे गुस्सा हो गये,अंडों को गस्से में देख कर लंड ने लीना को उसके पास भेजा.
कविता लंड चूसने लगी और लीना अंडो को.
कविता सब कुछ भूल कर मेरे लंड को चूस रही थी.
नई कविता को देख कर मेरा लंड भी खुश था उसको भी कविता और लीना से प्यार जो हो गया था.
कविता और लीना हर बार कुछ न कुछ इंटरनेट पे पढती रह्ती है. ये भी दोनों ने सोच रक्खा होगा.
हम ने जितनी बार भी सेक्स किया हर बार अलग तरीके से किया. एक अलग मज़ा लेते हुए किया.
दोनो के साथ सिर्फ में सेक्स नहीं करता था बल्कि उनको प्यार देता था,
कविता मेरे लंड को प्यार से चूस रही थी.
कविता के ओ शेप के मुह में मेरा लंड जाते हुए देखना मेरे लिए एक सपना था.
कविता और लीना खुद मेरे साथ सेक्स करने के लिए आई थी.ऐसे में मैंने उनको कभी निराश नहीं किया.
कविता थोड़ी देर मेरे लंड को चुस्ती रही फिर लीना के लिए उसने चूसना बंद किया.
लीना और कविता ने अपनी जगह एक्सचेंज कि, लंड और अंडो को चूसने लगी.
लीना भी मेरे लिए उतनी प्यारी थी जितनी कविता.
मेरी सारी बहने मेरे लिए जान से ज्यादा प्यारी थी. उनके लिए में कुछ भी कर सकता हु.
लीना के मुह में लंड को अंदर बाहर होते हुए देखना मेरे लिए उतना ही प्यारा था जितना कविता के मुह में लंड जाते हुए देखना.
दोनो जिस तरह मेरे दिल के करीब थि,उस से उनका प्यार मेरे लिए अनमोल था.
मेरा छोटा सा डिक किस किस से प्यार करता है, कितनो को करता है ये वही जानता है.
अब तो दोनों एक साथ बारी बारी लंड को चूस रही थी.
उनके प्यार के सामने में ज्यादा देर खुद को रोक नहीं पाउँगा.
जीस तरह उनकी जीभ मेरे लंड पे घूम रही थी.
जीस तरह वो मेरे लंड पे किस कर रही थी.
जीस तरह वो मेरे लंड को चूस रही थी.
जीस तरह वो मेरे अंडो को प्यार कर रही थी.
उसके चलते में कितनी देर तक खुद पे कण्ट्रोल रक् पाता.
दोनो का प्यार मेरे लंड को पिघला रहा था.
वैसे भी में ने १ महीने पहले सेक्स किया था जिस से में और कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा था.
मैंने पहली पिचकारी कविता के मुह में मारी और दूसरी लीना के मुह मे.
दोनो मेरे वीर्ये को ऐसे निगल गयी की वो सालो से भुकी हो.
पिचकारी मारने के बाद बाकि वीर्ये लंड से निचे उतरने लगा.
जीसे देख कर दोनों ने अपनी जीभ आगे की और लंड पर लगी हुयी क्रीम सफाचट कर दि.
मेरा वीर्ये पिते ही दोनों की प्यास बूझ गयी. सॉरी बढ़ गयी.
लंड चूसने के चक्कर में दोनों भूल गयी की हमें किस करना है.
पर वो मेरी बहाने थी.ऐसे कैसे भूल जाती.
वीर्य पिते ही मुझे अपने पास बुलाया.
ओर फिर से दोनों मुझ पे तूट पडी.
हम फिर से किस करने लगे.