Married Sexy Aunty Ki Chudai ka Maja

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by sexstories, Nov 2, 2017.

  1. sexstories

    sexstories Administrator Staff Member

    मेरी सेक्स स्टोरी एक सेक्सी आंटी की चुत चुदाई की है.
    मैं पुणे में रहता था और जब मैं रोज़ सुबह कॉलेज जाने के लिए बाहर निकलता था, तब एक मैरिड लेडी लगभग 34 साल की.. अपने बच्चे को स्कूल बस पर छोड़ने आया करती थी। मैं रोज़ उनकी तरफ देखता था लेकिन वो भाव नहीं देती थीं। वो एक दिन स्कूटी पर आईं और बारिश की वजह से स्लिप हो गईं, जिससे वो दोनों गिर गए। उस वक्त वहां कोई नहीं था।

    मैंने उन्हें उठाया.. उनके हाथ में चोट आई थी और बच्चा भी रो रहा था।
    मैंने उन्हें उठाकर हमारे घर के सामने बिठाया तो उन्होंने कहा- क्या आप मुझे मेरे घर छोड़ सकते हैं?
    तो मैंने उनसे ‘हाँ’ बोल दिया.. अब मैंने बच्चे को बीच में बिठाया और मैं उनके घर आ गया, उनका घर बहुत अच्छा था।

    जब मैं जाने के लिए निकलने लगा तो उन आंटी ने कहा- अरे रूको.. चाय तो पीते जाओ।
    तो मैंने उनसे कहा- चाय के लिए कल आ जाऊंगा।
    तो उन्होंने कहा- पक्का आना।

    दूसरे दिन सनडे था.. मैं उनके घर सुबह 9 बजे पहुँच गया। आंटी ने दरवाजा खोला और मुझे अन्दर बुलाया। मैंने उन्हें अपना नाम विशाल बता दिया। मैं सोफे पर बैठ गया और वो अन्दर चली गईं।

    मैं बस उनकी चिकनी पीठ और ठुमकती गांड को घूर रहा था। वो चाय लेकर आईं और मेरे साथ चाय पीने बैठ गईं।

    आंटी ने अपना नाम पल्लवी बताया। उनके पति का दिल्ली में एक्सपोर्ट का बिजनेस था, वो 15 दिन में एक बार ही घर आ पाते थे।

    चाय पीते हुए मैं उनको घूर रहा था.. वो उन्होंने नोटिस कर लिया।

    मैं- आंटी आपके हाथ की चाय तो बहुत टेस्टी है।
    आंटी- थैंक्यू..
    मैं- ऐसी चाय रोज़ मिलती तो मज़ा आता.. मैं अकेला रहता हूँ इसलिए चाय मुझको ही बनानी पड़ती है।
    आंटी- तुम्हें अगर लगे तो तुम यहाँ चाय पीने आ सकते हो।

    अब ये मेरा रोज़ का प्रोग्राम बन गया। हम एक-दूसरे के साथ घुल-मिल गए। लेकिन वो मुझे उस तरीके से नहीं देखती थी, जो मैं चाहता था।

    एक दिन जब मैं उनके घर गया.. तब आंटी ने मुझे चाय का कप पकड़ा दिया। वो किसी पार्टी में जा रही थीं.. तो फुल मेकअप किए हुए थीं। मुझसे रहा नहीं गया तो मैं मुठ मारने बाथरूम चला गया और वहां मुठ मारने लगा। जब वो बेडरूम जा रही थीं तो आंटी ने मुझे देख लिया।

    आंटी- विशाल ये क्या कर रहे हो?

    पहले तो मैं सकपका गया लेकिन फिर मैंने हिम्मत करके कह ही दिया- आंटी आप हो ही इतनी सुंदर.. मुझसे रहा नहीं गया।
    आंटी- ये ग़लत है.. अगर तुम मुझे उस तरीके से देखते हो, तो प्लीज़ यहाँ से निकल जाओ।
    मैं- सॉरी आंटी… लेकिन प्लीज़ मेरी नीयत खराब नहीं थी, मुझे माफ़ कर दो।
    आंटी- कल बात करेंगे.. अभी जाओ।

    मैं चला गया.. मैं दूसरे दिन जब घर गया तब आंटी ने दरवाजा खोला.. लेकिन वो चाय बनाने नहीं गईं।
    तो मैंने कहा- आप अभी तक रूठी हो.. चलिए आज मैं ही चाय बनाता हूँ।

    मैं किचन में चला गया। मैं चाय बनाने को बर्तन गैस पर रखा और मैंने जानबूझ कर कटोरी अपने ऊपर गिराते हुए चिल्लाया। मुझे भी दर्द हो रहा था.. वो भागते हुए आईं और मुझे चिल्लाते हुए देखा।

    आंटी- ये क्या किया.. चलो जल्दी पानी डालते हैं।
    मैं- नहीं.. मुझे बहुत जलन हो रही है।
    आंटी- चलो जल्दी करो.. पानी से जलन ठीक हो जाएगी।

    आंटी मुझे हाथ से पकड़कर बाथरूम में ले गईं और शावर ऑन कर दिया। मैं पूरा भीग गया लेकिन जलन ठीक नहीं हो रही थी।
    आंटी बोली- चलो थोड़ा बर्फ लगाती हूँ.. उससे ठीक हो जाएगा।
    मेरे ‘ना’ कहने पर भी वो मुझे बेडरूम में ले गईं और मुझे लेटने को कहा। मैं लेट गया.. उनका बच्चा मेरी बगल में सोया था। वो बर्फ लेकर आईं और मेरे पास बैठकर मुझसे शर्ट निकालने को कहा।

    मैंने कहा- नहीं..
    तो वो बोलीं- प्लीज़ तुम्हें जलन हो रही है।
    मेरे टी-शर्ट निकालने के बाद वो मेरे कसे हुए शरीर को घूरने लगीं और जल्दी से बर्फ मेरी छाती और शरीर के अन्य हिस्सों पर बर्फ फेरने लगीं। वो मेरे पास बैठी हुई थीं.. वो नीचे नीचे सरका कर मेरे साथ आधी लेटी सी हो गईं। फिर वे बर्फ का दूसरा टुकड़ा लेकर मसाज करने लगीं।

    इस वक्त वो मेरे काफ़ी करीब थीं.. मैंने उनकी कमर को नीचे से हाथ डालकर मेरी तरफ खींचा तो वो बोलीं- ये क्या कर रहे हो?
    तो मैंने कहा- बर्फ की वजह से ठंड लग रही है।

    आंटी मेरे पैरों पर ब्लैंकेट डालकर उसी पोजीशन में सो गईं।

    अब मैंने उनकी तरफ करवट ली.. अब हम बहुत करीब थे। मेरे होंठों से उसके होंठ एक उंगली के दूरी पर थे। मैंने उनके फेस की तरफ अपना फेस आगे बढ़ाया, उनका बर्फ वाला हाथ मेरे छाती पर मुझे पीछे धकेलने लगा, लेकिन मैंने झट से उनको मेरी तरफ खींचा और किस करना शुरू कर दिया। उन्होंने कुछ सेकेंड रिप्लाइ दिया और मुझे जोर से पीछे धकेल कर उठ गईं।

    ‘ये ग़लत है..’ ये कहकर आंटी बेसिन की तरफ चली गईं। मैं भी उनके पीछे चला गया.. उन्होंने बेसिन में झुक कर मुँह साफ करने का प्रयास किया। मैंने उनको अपनी तरफ मोड़ा तो वो विरोध करने लगीं।

    आंटी- ये ग़लत है.. मैं शादीशुदा हूँ।
    मैं- आंटी सिर्फ़ किस ही कर रहे हैं।
    आंटी- अगर किसी को पता चला तो.. मेरा डाइवोर्स हो जाएगा।
    मैं- किसी को पता नहीं चलेगा सिर्फ़ एक किस!

    वो अभी भी मेरी बांहों में थीं और छूटने की कोशिश कर रही थीं।
    आंटी- नहीं प्लीज़ मुझे छोड़ दो.. ये ग़लत है प्लीज़।
    मैंने उन्हें नहीं छोड़ा और उन्हें टाइट पकड़ कर किस करने लगा। एक मिनट के बाद थोड़ा रिप्लाइ देकर वो फिर से अलग हो गईं।

    मैं- आंटी अब तो हमने किस कर लिए हैं.. आपको भी अच्छा लगा है, क्यों ना एक लास्ट टाइम अच्छा सा किस करें!
    आंटी- प्रॉमिस करो तुम किसी को कुछ नहीं बोलोगे और सिर्फ़ किस तक ही रहोगे।
    मैं- प्रॉमिस..

    मैंने प्रॉमिस बोलकर झट से उन्हें पकड़ लिया और बेसिन पर बिठा कर किस करने लगा। उनकी साड़ी का पल्लू गिर गया था.. उनके दोनों हाथ मेरे बालों में घूम रहे थे और मेरे हाथ उनके पेट पर थे। हमारी जीभें एक-दूसरे से लड़ रही थीं। लगातार 5 मिनट तक हम दोनों ने किस किया। किस होने के बाद जब हम अलग हुए तो उसने देखा कि उनके ब्लाउज के सारे बटन खुले हैं। नीले ब्लाउज और पिंक ब्रा से उनके 34 इंच के गोरे चूचे, जिन पर ब्राउन निप्पल टंके हुए थे, मेरे काफ़ी करीब थे। उनकी साड़ी उनके घुटनों के ऊपर को हो गई थी। उनकी गोरी जांघें देख कर मेरा 7 इंच का लंड टाइट हो गया था, जो उन्होंने देख लिया था।

    आंटी ने शर्माकर पल्लू ठीक किया और बेसिन से उतरकर मेरे गाल पे किस करके भागते हुए बेडरूम में चली गईं। मैं भी उनके पीछे-पीछे भागते हुए चला गया। वो बेडरूम में मिरर के सामने खड़े होकर ब्लाउज के हुक लगा रही थीं। मैंने उन्हें पीछे से पकड़ा और उनकी गर्दन पर चूमने लगा।

    वो बोल रही थीं- कोई आ जाएगा.. पहले दरवाजा तो लॉक करो।

    मैंने झट से दरवाजा लॉक किया और आंटी को उठाकर बेड पर लिटा दिया। अब तक शाम के 7 बज गए थे.. आंटी शर्मा रही थीं तो मैंने लाइट ऑफ कर दी। बेड पर बाजू में उनका बच्चा सो रहा था। मैंने नाइट लैंप ऑन किया.. पर्दों की वजह से वहां अंधेरा और नाइट लैंप का हल्का सा उजाला उनके बदन की मादकता को और रंगीन कर रहा था। हम दोनों बेड पर होने से एक-दूसरे से चिपक कर किस करने लगे।

    ‘उम्म्म्म.. उम्म्म्म.. उम्म्म्म..’

    वो मेरे बालों में हाथ फेर रही थीं और मैं उनको अपनी तरफ खींच रहा था। एक साइड में मैं और दूसरी तरफ उनका बेटा जीशान सो रहा था। हम एक-दूसरे के जिस्म की गर्मी से पागल हो चुके थे। उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुँह में दे रखी थी और हम एक-दूसरे को किस कर रहे थे। उस समय हम दोनों इतना अधिक मस्त हो कर किस कर रहे थे कि हमारे मुँह की थूक नीचे गिरने लग गई थी।

    किस करते-करते मैंने उन्हें ऊपर उठाया और उनकी साड़ी को उनकी गांड से ऊपर ले जाकर उनकी पेंटी के ऊपर से गांड सहलाने लगा। वो काफ़ी उत्तेजित हो रही थीं। मेरा लंड उनकी चुत पर पेंटी के ऊपर से रगड़ रहा था।

    लगभग 15 मिनट के किस के बाद वो थोड़ा बाजू हुईं और उन्होंने मेरी पेंट का हुक खोल कर मेरी पेंट निकाल दी। मैंने आंटी को अपने नीचे ले लिया और उनके ब्लाउज को निकाल कर फेंक दिया। उनकी ब्रा को भी मैंने ऊपर उठाया और उनके मम्मों को देखते मैं पागल हो गया। उनके कसे हुए चूचे उनकी सेक्सी बॉडी में जान भर रहे थे।

    हम दोनों गीले हो चुके थे। मेरे एक हाथ में उनका एक दूध दबा हुआ था और मुँह में दूसरा मम्मा दबा था, मैं उनके चूचे को बहुत ज़ोरों से चूस रहा था। वो बेड को टाइट पकड़े हुए मोन कर रही थीं- अहह विशाल.. मेरे मम्मों को ख़ा जाओ अहह.. कबसे तेरे लंड की प्यासी हूँ.. ऊउअहह.. चूसो जोर से.. ये तुम्हारे ही हैं.. हमेशा के लिए.. अब मेरा बच्चा भी इन्हें नहीं छूता.. ओह माय गॉड.. प्लीज़ अब तुम अपने लंड को मेरी चुत में पेल दो.. चुत भी साली भट्टी बन गई है.. आ आओ ना प्लीज़!

    मैंने झट से नीचे होकर चड्डी निकाल दी। उन्होंने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और मेरा लंड एक ही बार अपने मुँह के अन्दर लेकर गीला कर दिया। मैंने उनकी साड़ी को घुटनों के ऊपर उठाया और पेंटी के ऊपर से उनकी चुत को चाटने लगा।

    उन्होंने भी झट से नीचे हाथ लगा कर पेंटी निकाल दी। उनकी चुत से कमरस गिर रहा था। मैं चुत रस को चाटने लगा। आंटी अब बहुत एग्ज़ाइटेड हो गई थीं- प्लीज़ विशाल.. फोरप्ले हम अगली बार करेंगे.. आज मेरी चुत की महीनों की प्यास बुझा दो प्लीज़..

    मैंने उनकी टाँगें खोल दीं और मेरा चिकना 7 इंच का लंड आंटी की चुत पर रगड़ने लगा।
    आंटी- ओईई.. ईसस्स प्लीज़..

    मैंने लंड का टोपा उनकी चुत में पेल दिया और उनको झट से किस किया जिससे उनकी चीख दब गई। लेकिन अभी मेरा सिर्फ़ टोपा उनकी चुत में गया था। मैंने उनको अपनी तरफ और जोर से खींचा और मैं घुटनों के बल बैठ गया। अब मैंने ज़ोर लगा कर पूरा लंड उनकी चिकनी और टाइट चुत में डाल दिया।
    आंटी चीख पड़ीं- आआअहह.. निकालो प्लीज़..
    वो मुझे पीछे धकेलने लगीं.. लेकिन मैं धक्के दे रहा था और चूची पी रहा था।

    आंटी कुछ देर बाद लंड का मजा लेने लगीं। जबरदस्त चुदाई हुई और बीस मिनट में आंटी अपनी चुत से दो बार रस छोड़ चुकी थीं।
    फिर मैं भी आंटी की चुत में झड़ गया और उन पर ही ढेर हो गया।
     
Loading...
Similar Threads - Married Sexy Aunty Forum Date
my 1st sex story with a married lady Telugu Sex Stories Jun 9, 2020
Aajkal Ka Vivahit Jeewan Married life Indian Housewife Jan 15, 2017
Married Couple Ke Sath Sex Hindi Sex Stories Nov 29, 2016
Erotic Hot Newly married wife - couple Porn Comics Nov 25, 2016
En Nanbanidam Mayangiya Sexy Amma Tamil Sex Stories Jul 27, 2020