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जब राज ने देखा कि डॉली घर चली गई है उसने भी इधर उधर देखते हुए अपना सिर खुजाते हुये कहा,,,,ओय छोटू अपुन को गाड़ी की चाबी दे ,,,अपन को ढाबे पर कुछ जरूरी काम है ।
अपन चलता है ,,,,जाते जाते एक बार राज मुड़ा और हाथ जोड़कर सबसे कहने लगा सब लोग सुनो,,,,
कुछ दिनों बाद अपन डॉली से शादी बनाएगा ,,,,,
तो आप सब इनवाइटेड हो ,आप अपुन की शादी में आने का ,,,,,।
काकी राज के बगल में ही खड़ी थी।
काकी ने कहा ,कुछ दिनों बाद नहीं कल ही राज और डॉली की शिव मंदिर से सगाई होगी ,और अगले सोमवार को इन दोनों की शादी ,,,,,
यानी कि जिस दिन विकास और डॉली की शादी थी ,उसी दिन ,उसी जगह ,उसी मंडप में राज और डॉली की शादी होगी ।
काकी तू यह क्या कह रही है
राज यह सारी बातें पहले ही तय हो चुकी है बस विकास की जगह तेरा नाम होगा।
बाकी सारे प्रोग्राम उसी तरह से रखे जाएंगे जैसे तय किए गए थे।
लेकिन हां इसके साथ ही एक और खुशखबरी है ।
इस मंडप में एक नहीं बल्कि दो शादी होने वाली है ।
राज डॉली की और और दूसरी विकास और पूनम
की,,,,,
क्या
राज और गांव वाले सुनकर हैरान हो गए थे हां राज वह क्या है कि ,जब डॉली और तेरी प्लानिंग के बारे में हम बात करते थे ।
तो विकास पूनम से कई बार मिले थे ।
और इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि यह एक दूसरे के लिए अच्छे जीवन साथी साबित होंगे ।
हमारी पूनम भी किसी से कम नहीं है पढ़ी-लिखी और समझदार है ,और जब विकास का साथ उसे मिलेगा तो वह भी बहुत आगे जाएगी।
और फिर विकास के घर पर जो शादी की तैयारियां हो रही है ,वह भी तो अधूरी नहीं छूटनी चाहिए ,,,,
उसके बुआ फूफा जी की खुशी बहू में है
और विकास की खुशी पूनम जैसी अच्छी जीवनसाथी मिलने में,,,,,
एक साथ दो शादियां होंगी।
राज भी खुश हो गया था ।
काफी यह तूने अपुन को बहुत ही बड़ी गुड न्यूज़ बताइ।
उसने विकास और पूनम की तरफ देखते हुए कहा ,,,,अपुन तुम दोनों के वास्ते बहुत खुश है ,पूनम अपन ने तुझसे कहा था ना एक दिन ,कि तेरे को बहुत अच्छा लड़का मिलेगा पढ़ा-लिखा समझदार ,और देख अपुन की बात सही हो गई ,,,,,,,
विकास से अच्छा लड़का तो और कोई हो ही नहीं सकता।
अब तक पूनम भी मुस्कुरा गई थी ,राज बातें तो कर रहा था ,पर उसका दिमाग पूरी तरह से घर मे रखा हुआ था ।
आखिर आज अपने दिल की बात सबके सामने कह दी थी ,लेकिन वही बात डॉली से अकेले में भी कहना चाहता था।
और इतना कहने के साथ ही उसने काकी से कहा ,,,,काकी चल तू भी बैठ जा ।
काकी समझ रही थी कि राज डॉली को थोड़ा सा टाइम देना चाहिए ।
उसने कहा राज भी तू जा मुझे कमला बुआ से कुछ काम है ,उनसे बात करके आती हूं राज ने जल्दी से गाड़ी में चाबी लगाई और घर पहुंच गया,,,,,,,,,
काकी वहां से कमला बुआ के यहां चली गई और राज ने बुलेट में चाबी लगाई और गाड़ी सीधे दरवाजे के बाहर रोकी।
जब बाहर पहुंचा ,तो देखा कि दरवाजा खुला ही था ,दोपहर में राज के घर का दरवाजा खुला ही रहता था ,क्योंकि दरवाजे के बाहर ही ढाबा था ,और बगीचा तो दरवाजा बंद करने की जरूरत नहीं पड़ती थी राज ने दरवाजे के अंदर पैर रखा ,लेकिन आज उसे अपने घर में कुछ अलग फीलिंग हो रही थी ।
राज खुद में ही मुस्कुराए जा रहा था
उसे अंदर जाने में भी शर्म आ रही थी
कि वह आ तो गया है ,लेकिन से शहज़ादी से सब कुछ कहेगा कैसे !//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60a.svg
उसने हमेशा की तरह ऊंची आवाज में डॉली को आवाज नहीं लगाई ।
अंदर आते साथ ही उसने दरवाजे की कुंडी लगाई ,और इधर उधर देखता हुआ अंदर आने लगा ।
डॉली बाहर नहीं थी ,किचन में भी नहीं थी और अपने
कमरे में भी नहीं थी, तो कहां गई अब राज को आवाज लगानी ही पड़ी लेकिन राज के गले से आवाज बहुत धीरे से निकली महारानी तू कहां है
तू किधर है
तू है भी कि नहीं
तभी राज को अपने कमरे में कोई आवाज सुनाई दी,,,,,
वह जल्दी से अपने कमरे में गया ,तो देखा कि शर्माई सी डॉली एक कोने में वही खड़ी थी ।
और सच कहें तो उसकी आंखों में अभी भी एक डर ही था ।
कि इतना सब होने के बाद उसे राज की एक डाँट तो जरूर सुनने को मिलेगी ।
आखिर पूरे गांव के सामने इतना बड़ा कांड जो हुआ है ।
और डॉली इस बात के लिए पूरी तरह से तैयार थी ,कि वह राज की डांट खा लेगी जब राज ने देखा कि डॉली अंदर खड़ी उसका इंतजार कर रही है ।
फिर भी वह दरवाजे पर ही ठिठक गया उसका मन हो रहा था ,कि वह अंदर जाकर महारानी की आंखों में देखते हुए उससे वह सब बातें एक बार फिर कहे ,जो उसने सबके सामने कहीं थी ,और भी बहुत सारी बातें करना चाहता था ।
पर कैसे कहे ,डॉली से ज्यादा तो राज शर्मा रहा था ,राज इधर उधर देखते हुए कहने लगा महारानी तू वहां से एकदम से चली आई ,,,,,,अपुन को अपनी
लाइफ के वास्ते तेरे से और ,,,भी मेरा मतलब बहुत सारी बातें करनी है,,,,,,
डॉली ने नीचे देखते हुए ही कहा !
राज कहिए मैं सुन रही हूं,,,,
राज एक एक कदम बढ़ाता हुआ डॉली के पास आ रहा था ।
और जब वह डॉली के करीब आ गया तो उसने अपनी उल्टी सीधी भाषा में डॉली से कहना शुरू किया ,,,,,,,
महारानी अपन को यह तो पता था ,कि अपनी लाइफ में तेरे सिवा और कोई नहीं है तू ही अपने वास्ते सब कुछ है ।
अरे तेरे से ज्यादा अपन को किसी ने नहीं समझा ,लेकिन अपन ये नहीं जानता था
कि साला इसको प्यार कहते हैं ।
और जब दो लोगों में प्यार होता है ,तो वह शादी करके एक दूसरे के वास्ते ही जीते है,,, अपन तो यही सोचता था, कि तू अपनी फेवरेट है, और अगर तू खुश रहेगी ,तो अपन भी खुश रहेगा ,,,,अपनी समझ में ये नहीं आता था ,कि तू अपन के साथ ही खुश रहेगी और अपन तेरे साथ ,,,,तूने जब वह नौटंकी किया ना ,तब अपुन को रियलाइज हुआ कि तेरे बिना अपनी जिंदगी का कचरा ही कचरा है ।
अपुन तेरे बिना नहीं जी सकता ,अपन को तेरा साथ ही चाहिए ,,,,,
वो क्या है ना ,अपन तेरे से एज में कुछ बड़ा है ना ,कुछ क्या पूरे 9 साल बड़ा है ।
तो अपन को लगा कि तू तो अभी बच्ची है और शादियां तो दो बराबर के लोगों में होती है ,लेकिन अपुन ने बहुत जगह ऐसा देखा है जब एज डिफरेंस होता है ,बहुत होता है उसके बाद भी प्यार भी बहुत होता है ।
अरे अपना फेवरेट धर्मेंद्र ले लो उसके बीच भी उसकी वाइफ का 17 साल का डिफरेंस है ,,,,वह हेमा मालिनी उस से 17 साल छोटी है ,,,तब भी दोनों ने शादी बनाई,,,,
और अपना मस्त वाला दिलीप कुमार अरे उसकी वाइफ तो उससे 22 साल छोटी है अपन ने कुछ ऐसी चीजें देखी ,तो अपन को लगा की शादी के वास्ते उम्र का होना जरूरी नहीं है ,प्यार का होना जरूरी है,,,,
शहज़ादी अपुन तेरे से बहुत प्यार करता है और सच बताऊँ , अच्छा ही किया जो तूने ये नौटंकी की ,,,,,लेकिन महारानी तू इतनी अच्छी एक्टर है ,,,साला तू मर भी गई और अपुन समझा ही नहीं ,,,
की तू नाटक कर रही है ,,,,
तू ना बहुत छुपी रुस्तम है ।
पर सच बताऊँ, इतनी देर में अपुन को अपनी दुनिया वीरान लगने लगी थी ।
अगर तू सच में ऐसा करती ना ,तो अपन भी अपनी जिंदगी खत्म कर लेता, अपन तेरी खुशी के लिए तुझसे दूर तो रह सकता है लेकिन तेरे बिना नहीं रह सकता ।
महारानी देख तेरे वास्ते अपन कोशिश करेगा ,की अपुन तेरे से कुछ प्यार भरी बातें कर पाए ,लेकिन सच बताऊँ अपन के भेजे में ये सारी बातें आती नहीं है ।
तूने जो वह गाना बताया था ना ,मूवी का अपन बैसा कुछ करने की कोशिश करेगा
तेरे कहने पर ,,,,हां पर अपन एक प्रॉमिस तुझसे करता है,,,, कि जितना प्यार आज तक अपन ने तुझसे किया है ।
अपना प्यार उससे ज्यादा ही होगा ,उस से कम नहीं ,,,,,
डॉली बहुत ध्यान से राज की बातें सुन रही थी ,पर उसे तो राज के ढाई अक्षर का ही इंतजार था ,जो उसके कान सुनना चाहते थे और राज अभी उन सब से बहुत दूर था।
शहज़ादी कल अपनी सगाई है ,अब मुझे समझ में आया ,कि काकी ने तेरे और मेरे वास्ते ही दो अंगूठियां ली थी ।
अंगूठी तो अपने पास है ही ,तू और बता तुझे क्या चाहिए
अपन तुझे लाकर देगा ,,डॉली मन में सोच रही थी ,,,,राज मुझे आपसे जो ढाई अक्षर सुनना है ,जो मैं सुनना चाहती हूं ,प्लीज आप उस तक आइए,,,,,,,
राज ने दुनिया भर की बातें कर ली लेकिन वह उसके मुंह से नहीं निकला जिसे डॉली सुनना चाहती थी।
जिसके लिए डॉली के कान तरस रहे थे महारानी अपुन को तेरे से बहुत बहुत सारी बातें करना है,,,, समझ में नहीं आ रहा, कहां से शुरू करूं,,,,,,
राज कहिए ना मैं सब कुछ सुन रही हूं
महारानी वह जो तूने अपन के साथ किया था ना ,,,,
मैंने,,, मैंने,,, क्या किया था
अरे वह जो उस रात तूने किया था ना
जब अपुन जमीन पर गिर गया था ।
ओह ,,,जब में पंखा साफ कर रही थी
और आप मुझे पकड़ते हुए जमीन पर गिर गए थे वह
अरे वह नहीं वो नही,,,उस रात जब काकी घर पर नहीं थी ,,,और तब तूने अपन के साथ किया था,,,,,,
वह तो मैंने आपको खाना खिलाया था
अरे तू सरकी हुई है क्या
तेरे भेजे में एक बार में बात नहीं आती
डॉली ने कहा राज ,आप अब भी मुझे डांट रहे हैं!
अरे तू समझती कायको नहीं ,वह जो काकी नहीं थी ,और तूने जबरदस्ती अपुन को पकड़कर अपने गाल पर जो किया था ।
उसके बाद अपन जमीन पर गिर गया
और तू लगातार हंसी जा रही थी
अच्छा अब समझी,,,,,
हां ,,तो ,,,तो,,, अपन भी मेरा मतलब अगर तूने अपुन को किया है ना, तो अपन भी तेरे को करना चाहता है ,,,और इंटरेस्ट तो बनता ही है ना ,,,,तो इंटरेस्ट के साथ ही,,,,
डॉली खुश हो गई थी कि अब राज के दिमाग की बत्ती जली,,,,
वह तैयार हो गई थी ,कि कुछ ही देर में राज उसे बाहों में भर के अपने सीने से लगा लेगा डॉली ने आंखें बंद करते हुए कहा !
राज मैंने आपको कब रोका है
क्या तू इस बात से तैयार है !//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60a.svg
हां राज ,और ये क्या आप बार-बार मुझसे पूछ रहे हैं,, मेरे ऊपर आपका पूरा हक है कल हमारी सगाई और 8 दिन बाद हमारी शादी होने वाली है ,और अब भी आपको पूछने की जरूरत है ,ऐसी बातें पूछी नहीं जाती, अच्छा एक बात बताइए,,,
क्या आपको यह सब करने से पहले मैंने पूछा था,,,,,,
हां,,,, फिर भी क्लियर करना ठीक रहता है ना वरना कही अपुन ने तेरी मर्जी जाने बिना कर दिया,,,,, तो तू मुंह फुला कर बैठ जाएगी राज में मुंह नहीं फुलाऊँगी,,,,
राज डॉली के करीब आने लगा था,,,,
डॉली के दिल की धड़कने बढ़ती जा रही थी यह पहली बार था ,जब राज की तरफ से भी उसके प्यार के एहसास को पा रही थी राज डॉली के पास आ चुका था,,,,
राज ने डॉली का चेहरा अपने हाथों में लिया और उसकी आंखों में देखते हुए, जैसे ही अपने होठों को आगे बढ़ाया कि दरवाजे पर जोर से खट खट की आवाज आने लगी,,, राज चौकते हुए पीछे हट गया,,,,
शायद दरवाजे पर काकी थी ।
डॉली भी संभल कर खड़ी हो गई
राज ने जाकर दरवाजा खोला ,तो दरवाजे पर कमला बुआ के साथ काकी खड़ी थी दोनों अंदर आई, और आकर तखत पर बैठ गई ,उनके बीच शादी और सगाई
को लेकर शायद कुछ बातें हो चुकी थी।
डॉली ने जल्दी से काकी और बुआ को पानी दिया ,और सबके लिए चाय बनाने लगी
जब काकी और बुआ बातों में व्यस्त हो गई तो राज नजर बचाते हुए डॉली के पास किचन में ही पहुंच गया ,,,,,,
महारानी तू चाय देकर 5 मिनट के लिए कमरे में आना ,,,,,,
काकी को भी अभी आकर कचरा करना था डॉली शर्माती हुई मुस्कुराए जा रही थी ।
डॉली बिना कुछ कहे चाय देने बाहर आ गई लेकिन बुआ ने कहा ,डॉली चाय बहुत ज्यादा है बेटा, एक कप में कुछ कम कर ले
डॉली जब दोबारा कप लेने अंदर गई
तो राज फिर उसके पीछे गया,,,,,
ये महारानी सुन ना इधर देख ,,,,,
जैसे ही डॉली बाहर आने लगी तो उसका हाथ पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया महारानी 2 मिनट रुक जा ना अरे चाय के बिना बुआ की सांस नहीं अटक जाएगी
वह मस्त बैठी है बाहर ।
डॉली ने हाथ छुड़ाते हुए कहा!
राज आप क्या कर रहे हैं ,हम इस वक्त किचन में है ,और बुआ और काकी बाहर बैठे हैं ,अरे कोई आ गया तो ,,,,,
सहजादी तू अपुन की 2 मिनट बात सुन ले अरे सिर्फ 2 मिनट लगेंगे,,,,
इधर आ एक बार तो अपन को करने दे ना क्या
वही जो अपन करने वाला था
डॉली ने हाथ छुड़ाया और कप लेकर बाहर आ गई, राज भी उसके पीछे-पीछे बाहर आ गया ,,,,,,,,
बुआ और काकी बातों में मस्त थी, और राज इशारों इशारों में डॉली को अपनी बात कह रहा था ,कि वह किसी तरह अंदर आ जाए ,,,,,
पर भला काकी और बुआ के सामने जाना अच्छा लगता क्या,,,,,
डॉली राज की बातों को इग्नोर करती हुई वही बैठी थी ,राज कभी उसके पैर में चिकोटी काटता ,तो कभी धीरे से उसकी छोटी खींचता ,,,,और इशारों में बार-बार उससे अंदर आने के लिए कह रहा था।
तभी काकी और बुआ की चाय खत्म हुई और काकी ने राज और डॉली की तरफ देखते हुए कहा !
राज! डॉली!,,,, बुआ ने कहा है की शादी तक डॉली बुआ के यहां रहेगी,,,,
क्या राज ने बुरी तरह से चौकते हुए कहा ,,,,,मतलब
राज ! मतलब यह की कमला बुआ का कहना है ,कि जब लड़के और लड़की की सगाई हो जाती है तो फिर उन्हें एक दूसरे के पास नहीं रहना चाहिए ,फिर उन्हें अलग रहना चाहिए ,और सीधे शादी के बाद ही मिलना चाहिए ,इसलिए कमला बुआ ने निश्चय किया है, कि 8 दिन तक डॉली उनके यहां रहेगी ,,,,,और इसलिए हमें अभी डॉली का सामान बांधना होगा ।
राज इस बात पर बौखला गया था
अरे काकी तू यह क्या बोले जा रही है
अरे महारानी वहां जाकर क्या करेगी
उसे यही रहने देना ,,,,
तब कमला बुआ ने हंसते हुए कहा ,राज तू चिंता मत कर ,तेरी डॉली का अच्छे से ध्यान रखूंगी ,काकी ने भी राज को समझाया
हां राज कमला बुआ का घर कोई दूसरा नहीं है ,और फिर कमला बुआ ही डॉली को बेटी मान कर उसका कन्यादान लेने वाली है तो एक मां होने के नाते इतना हक तो उनका बनता ही है ,कि वह 8 दिन उनके पास रह ले आखिर डॉली विदा होकर इस घर में आएगी मायके और ससुराल की अनुभूति भी तो उसे होने दे ।
जब कमला बुआ काकी से कुछ बात करने लगी, तो राज ने काकी का हाथ पकड़ कर उसे अंदर लाते हुए कहा ,काकी तू यह क्या बोले जा रही है ,,,,,
अरे महारानी उस बुआ के यहाँ क्या करेगी वह बुआ नंबर वन की कंजूस मक्खीचूस है पता नहीं ठीक से उसे खिलाएगी भी कि नहीं तब काकी ने डांटते हुए कहा ,राज तू पागल है क्या ,अरे कमला बुआ डॉली का कन्यादान लेने वाली है ,पूरे दिल से डॉली को बेटी माना है उन्होंने ,तू चिंता मत कर ,वह अच्छे से ध्यान रखेगी डॉली का,,,,,,
और मेरे साथ बहस मत कर ,जो पक्का हो गया सो हो गया ।
डॉली 8 दिन के लिए वहां रहने वाली है
यह कहकर काकी डॉली के लेकर कमरे में उसके कपड़े समेटने लगी।
और काकी ने डॉली को भी आवाज लगाई अब तक डॉली भी कमरे में आ चुकी थी।
क्या हुआ काकी
डॉली बेटा तू अपने कुछ कपड़े बैग में रख ले तू 8 दिन तक कमला बुआ के यहां रहने वाली है ।
अपन चलता है ,,,,जाते जाते एक बार राज मुड़ा और हाथ जोड़कर सबसे कहने लगा सब लोग सुनो,,,,
कुछ दिनों बाद अपन डॉली से शादी बनाएगा ,,,,,
तो आप सब इनवाइटेड हो ,आप अपुन की शादी में आने का ,,,,,।
काकी राज के बगल में ही खड़ी थी।
काकी ने कहा ,कुछ दिनों बाद नहीं कल ही राज और डॉली की शिव मंदिर से सगाई होगी ,और अगले सोमवार को इन दोनों की शादी ,,,,,
यानी कि जिस दिन विकास और डॉली की शादी थी ,उसी दिन ,उसी जगह ,उसी मंडप में राज और डॉली की शादी होगी ।
काकी तू यह क्या कह रही है
राज यह सारी बातें पहले ही तय हो चुकी है बस विकास की जगह तेरा नाम होगा।
बाकी सारे प्रोग्राम उसी तरह से रखे जाएंगे जैसे तय किए गए थे।
लेकिन हां इसके साथ ही एक और खुशखबरी है ।
इस मंडप में एक नहीं बल्कि दो शादी होने वाली है ।
राज डॉली की और और दूसरी विकास और पूनम
की,,,,,
क्या
राज और गांव वाले सुनकर हैरान हो गए थे हां राज वह क्या है कि ,जब डॉली और तेरी प्लानिंग के बारे में हम बात करते थे ।
तो विकास पूनम से कई बार मिले थे ।
और इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि यह एक दूसरे के लिए अच्छे जीवन साथी साबित होंगे ।
हमारी पूनम भी किसी से कम नहीं है पढ़ी-लिखी और समझदार है ,और जब विकास का साथ उसे मिलेगा तो वह भी बहुत आगे जाएगी।
और फिर विकास के घर पर जो शादी की तैयारियां हो रही है ,वह भी तो अधूरी नहीं छूटनी चाहिए ,,,,
उसके बुआ फूफा जी की खुशी बहू में है
और विकास की खुशी पूनम जैसी अच्छी जीवनसाथी मिलने में,,,,,
एक साथ दो शादियां होंगी।
राज भी खुश हो गया था ।
काफी यह तूने अपुन को बहुत ही बड़ी गुड न्यूज़ बताइ।
उसने विकास और पूनम की तरफ देखते हुए कहा ,,,,अपुन तुम दोनों के वास्ते बहुत खुश है ,पूनम अपन ने तुझसे कहा था ना एक दिन ,कि तेरे को बहुत अच्छा लड़का मिलेगा पढ़ा-लिखा समझदार ,और देख अपुन की बात सही हो गई ,,,,,,,
विकास से अच्छा लड़का तो और कोई हो ही नहीं सकता।
अब तक पूनम भी मुस्कुरा गई थी ,राज बातें तो कर रहा था ,पर उसका दिमाग पूरी तरह से घर मे रखा हुआ था ।
आखिर आज अपने दिल की बात सबके सामने कह दी थी ,लेकिन वही बात डॉली से अकेले में भी कहना चाहता था।
और इतना कहने के साथ ही उसने काकी से कहा ,,,,काकी चल तू भी बैठ जा ।
काकी समझ रही थी कि राज डॉली को थोड़ा सा टाइम देना चाहिए ।
उसने कहा राज भी तू जा मुझे कमला बुआ से कुछ काम है ,उनसे बात करके आती हूं राज ने जल्दी से गाड़ी में चाबी लगाई और घर पहुंच गया,,,,,,,,,
काकी वहां से कमला बुआ के यहां चली गई और राज ने बुलेट में चाबी लगाई और गाड़ी सीधे दरवाजे के बाहर रोकी।
जब बाहर पहुंचा ,तो देखा कि दरवाजा खुला ही था ,दोपहर में राज के घर का दरवाजा खुला ही रहता था ,क्योंकि दरवाजे के बाहर ही ढाबा था ,और बगीचा तो दरवाजा बंद करने की जरूरत नहीं पड़ती थी राज ने दरवाजे के अंदर पैर रखा ,लेकिन आज उसे अपने घर में कुछ अलग फीलिंग हो रही थी ।
राज खुद में ही मुस्कुराए जा रहा था
उसे अंदर जाने में भी शर्म आ रही थी
कि वह आ तो गया है ,लेकिन से शहज़ादी से सब कुछ कहेगा कैसे !//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60a.svg
उसने हमेशा की तरह ऊंची आवाज में डॉली को आवाज नहीं लगाई ।
अंदर आते साथ ही उसने दरवाजे की कुंडी लगाई ,और इधर उधर देखता हुआ अंदर आने लगा ।
डॉली बाहर नहीं थी ,किचन में भी नहीं थी और अपने
कमरे में भी नहीं थी, तो कहां गई अब राज को आवाज लगानी ही पड़ी लेकिन राज के गले से आवाज बहुत धीरे से निकली महारानी तू कहां है
तू किधर है
तू है भी कि नहीं
तभी राज को अपने कमरे में कोई आवाज सुनाई दी,,,,,
वह जल्दी से अपने कमरे में गया ,तो देखा कि शर्माई सी डॉली एक कोने में वही खड़ी थी ।
और सच कहें तो उसकी आंखों में अभी भी एक डर ही था ।
कि इतना सब होने के बाद उसे राज की एक डाँट तो जरूर सुनने को मिलेगी ।
आखिर पूरे गांव के सामने इतना बड़ा कांड जो हुआ है ।
और डॉली इस बात के लिए पूरी तरह से तैयार थी ,कि वह राज की डांट खा लेगी जब राज ने देखा कि डॉली अंदर खड़ी उसका इंतजार कर रही है ।
फिर भी वह दरवाजे पर ही ठिठक गया उसका मन हो रहा था ,कि वह अंदर जाकर महारानी की आंखों में देखते हुए उससे वह सब बातें एक बार फिर कहे ,जो उसने सबके सामने कहीं थी ,और भी बहुत सारी बातें करना चाहता था ।
पर कैसे कहे ,डॉली से ज्यादा तो राज शर्मा रहा था ,राज इधर उधर देखते हुए कहने लगा महारानी तू वहां से एकदम से चली आई ,,,,,,अपुन को अपनी
लाइफ के वास्ते तेरे से और ,,,भी मेरा मतलब बहुत सारी बातें करनी है,,,,,,
डॉली ने नीचे देखते हुए ही कहा !
राज कहिए मैं सुन रही हूं,,,,
राज एक एक कदम बढ़ाता हुआ डॉली के पास आ रहा था ।
और जब वह डॉली के करीब आ गया तो उसने अपनी उल्टी सीधी भाषा में डॉली से कहना शुरू किया ,,,,,,,
महारानी अपन को यह तो पता था ,कि अपनी लाइफ में तेरे सिवा और कोई नहीं है तू ही अपने वास्ते सब कुछ है ।
अरे तेरे से ज्यादा अपन को किसी ने नहीं समझा ,लेकिन अपन ये नहीं जानता था
कि साला इसको प्यार कहते हैं ।
और जब दो लोगों में प्यार होता है ,तो वह शादी करके एक दूसरे के वास्ते ही जीते है,,, अपन तो यही सोचता था, कि तू अपनी फेवरेट है, और अगर तू खुश रहेगी ,तो अपन भी खुश रहेगा ,,,,अपनी समझ में ये नहीं आता था ,कि तू अपन के साथ ही खुश रहेगी और अपन तेरे साथ ,,,,तूने जब वह नौटंकी किया ना ,तब अपुन को रियलाइज हुआ कि तेरे बिना अपनी जिंदगी का कचरा ही कचरा है ।
अपुन तेरे बिना नहीं जी सकता ,अपन को तेरा साथ ही चाहिए ,,,,,
वो क्या है ना ,अपन तेरे से एज में कुछ बड़ा है ना ,कुछ क्या पूरे 9 साल बड़ा है ।
तो अपन को लगा कि तू तो अभी बच्ची है और शादियां तो दो बराबर के लोगों में होती है ,लेकिन अपुन ने बहुत जगह ऐसा देखा है जब एज डिफरेंस होता है ,बहुत होता है उसके बाद भी प्यार भी बहुत होता है ।
अरे अपना फेवरेट धर्मेंद्र ले लो उसके बीच भी उसकी वाइफ का 17 साल का डिफरेंस है ,,,,वह हेमा मालिनी उस से 17 साल छोटी है ,,,तब भी दोनों ने शादी बनाई,,,,
और अपना मस्त वाला दिलीप कुमार अरे उसकी वाइफ तो उससे 22 साल छोटी है अपन ने कुछ ऐसी चीजें देखी ,तो अपन को लगा की शादी के वास्ते उम्र का होना जरूरी नहीं है ,प्यार का होना जरूरी है,,,,
शहज़ादी अपुन तेरे से बहुत प्यार करता है और सच बताऊँ , अच्छा ही किया जो तूने ये नौटंकी की ,,,,,लेकिन महारानी तू इतनी अच्छी एक्टर है ,,,साला तू मर भी गई और अपुन समझा ही नहीं ,,,
की तू नाटक कर रही है ,,,,
तू ना बहुत छुपी रुस्तम है ।
पर सच बताऊँ, इतनी देर में अपुन को अपनी दुनिया वीरान लगने लगी थी ।
अगर तू सच में ऐसा करती ना ,तो अपन भी अपनी जिंदगी खत्म कर लेता, अपन तेरी खुशी के लिए तुझसे दूर तो रह सकता है लेकिन तेरे बिना नहीं रह सकता ।
महारानी देख तेरे वास्ते अपन कोशिश करेगा ,की अपुन तेरे से कुछ प्यार भरी बातें कर पाए ,लेकिन सच बताऊँ अपन के भेजे में ये सारी बातें आती नहीं है ।
तूने जो वह गाना बताया था ना ,मूवी का अपन बैसा कुछ करने की कोशिश करेगा
तेरे कहने पर ,,,,हां पर अपन एक प्रॉमिस तुझसे करता है,,,, कि जितना प्यार आज तक अपन ने तुझसे किया है ।
अपना प्यार उससे ज्यादा ही होगा ,उस से कम नहीं ,,,,,
डॉली बहुत ध्यान से राज की बातें सुन रही थी ,पर उसे तो राज के ढाई अक्षर का ही इंतजार था ,जो उसके कान सुनना चाहते थे और राज अभी उन सब से बहुत दूर था।
शहज़ादी कल अपनी सगाई है ,अब मुझे समझ में आया ,कि काकी ने तेरे और मेरे वास्ते ही दो अंगूठियां ली थी ।
अंगूठी तो अपने पास है ही ,तू और बता तुझे क्या चाहिए
अपन तुझे लाकर देगा ,,डॉली मन में सोच रही थी ,,,,राज मुझे आपसे जो ढाई अक्षर सुनना है ,जो मैं सुनना चाहती हूं ,प्लीज आप उस तक आइए,,,,,,,
राज ने दुनिया भर की बातें कर ली लेकिन वह उसके मुंह से नहीं निकला जिसे डॉली सुनना चाहती थी।
जिसके लिए डॉली के कान तरस रहे थे महारानी अपुन को तेरे से बहुत बहुत सारी बातें करना है,,,, समझ में नहीं आ रहा, कहां से शुरू करूं,,,,,,
राज कहिए ना मैं सब कुछ सुन रही हूं
महारानी वह जो तूने अपन के साथ किया था ना ,,,,
मैंने,,, मैंने,,, क्या किया था
अरे वह जो उस रात तूने किया था ना
जब अपुन जमीन पर गिर गया था ।
ओह ,,,जब में पंखा साफ कर रही थी
और आप मुझे पकड़ते हुए जमीन पर गिर गए थे वह
अरे वह नहीं वो नही,,,उस रात जब काकी घर पर नहीं थी ,,,और तब तूने अपन के साथ किया था,,,,,,
वह तो मैंने आपको खाना खिलाया था
अरे तू सरकी हुई है क्या
तेरे भेजे में एक बार में बात नहीं आती
डॉली ने कहा राज ,आप अब भी मुझे डांट रहे हैं!
अरे तू समझती कायको नहीं ,वह जो काकी नहीं थी ,और तूने जबरदस्ती अपुन को पकड़कर अपने गाल पर जो किया था ।
उसके बाद अपन जमीन पर गिर गया
और तू लगातार हंसी जा रही थी
अच्छा अब समझी,,,,,
हां ,,तो ,,,तो,,, अपन भी मेरा मतलब अगर तूने अपुन को किया है ना, तो अपन भी तेरे को करना चाहता है ,,,और इंटरेस्ट तो बनता ही है ना ,,,,तो इंटरेस्ट के साथ ही,,,,
डॉली खुश हो गई थी कि अब राज के दिमाग की बत्ती जली,,,,
वह तैयार हो गई थी ,कि कुछ ही देर में राज उसे बाहों में भर के अपने सीने से लगा लेगा डॉली ने आंखें बंद करते हुए कहा !
राज मैंने आपको कब रोका है
क्या तू इस बात से तैयार है !//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f60a.svg
हां राज ,और ये क्या आप बार-बार मुझसे पूछ रहे हैं,, मेरे ऊपर आपका पूरा हक है कल हमारी सगाई और 8 दिन बाद हमारी शादी होने वाली है ,और अब भी आपको पूछने की जरूरत है ,ऐसी बातें पूछी नहीं जाती, अच्छा एक बात बताइए,,,
क्या आपको यह सब करने से पहले मैंने पूछा था,,,,,,
हां,,,, फिर भी क्लियर करना ठीक रहता है ना वरना कही अपुन ने तेरी मर्जी जाने बिना कर दिया,,,,, तो तू मुंह फुला कर बैठ जाएगी राज में मुंह नहीं फुलाऊँगी,,,,
राज डॉली के करीब आने लगा था,,,,
डॉली के दिल की धड़कने बढ़ती जा रही थी यह पहली बार था ,जब राज की तरफ से भी उसके प्यार के एहसास को पा रही थी राज डॉली के पास आ चुका था,,,,
राज ने डॉली का चेहरा अपने हाथों में लिया और उसकी आंखों में देखते हुए, जैसे ही अपने होठों को आगे बढ़ाया कि दरवाजे पर जोर से खट खट की आवाज आने लगी,,, राज चौकते हुए पीछे हट गया,,,,
शायद दरवाजे पर काकी थी ।
डॉली भी संभल कर खड़ी हो गई
राज ने जाकर दरवाजा खोला ,तो दरवाजे पर कमला बुआ के साथ काकी खड़ी थी दोनों अंदर आई, और आकर तखत पर बैठ गई ,उनके बीच शादी और सगाई
को लेकर शायद कुछ बातें हो चुकी थी।
डॉली ने जल्दी से काकी और बुआ को पानी दिया ,और सबके लिए चाय बनाने लगी
जब काकी और बुआ बातों में व्यस्त हो गई तो राज नजर बचाते हुए डॉली के पास किचन में ही पहुंच गया ,,,,,,
महारानी तू चाय देकर 5 मिनट के लिए कमरे में आना ,,,,,,
काकी को भी अभी आकर कचरा करना था डॉली शर्माती हुई मुस्कुराए जा रही थी ।
डॉली बिना कुछ कहे चाय देने बाहर आ गई लेकिन बुआ ने कहा ,डॉली चाय बहुत ज्यादा है बेटा, एक कप में कुछ कम कर ले
डॉली जब दोबारा कप लेने अंदर गई
तो राज फिर उसके पीछे गया,,,,,
ये महारानी सुन ना इधर देख ,,,,,
जैसे ही डॉली बाहर आने लगी तो उसका हाथ पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया महारानी 2 मिनट रुक जा ना अरे चाय के बिना बुआ की सांस नहीं अटक जाएगी
वह मस्त बैठी है बाहर ।
डॉली ने हाथ छुड़ाते हुए कहा!
राज आप क्या कर रहे हैं ,हम इस वक्त किचन में है ,और बुआ और काकी बाहर बैठे हैं ,अरे कोई आ गया तो ,,,,,
सहजादी तू अपुन की 2 मिनट बात सुन ले अरे सिर्फ 2 मिनट लगेंगे,,,,
इधर आ एक बार तो अपन को करने दे ना क्या
वही जो अपन करने वाला था
डॉली ने हाथ छुड़ाया और कप लेकर बाहर आ गई, राज भी उसके पीछे-पीछे बाहर आ गया ,,,,,,,,
बुआ और काकी बातों में मस्त थी, और राज इशारों इशारों में डॉली को अपनी बात कह रहा था ,कि वह किसी तरह अंदर आ जाए ,,,,,
पर भला काकी और बुआ के सामने जाना अच्छा लगता क्या,,,,,
डॉली राज की बातों को इग्नोर करती हुई वही बैठी थी ,राज कभी उसके पैर में चिकोटी काटता ,तो कभी धीरे से उसकी छोटी खींचता ,,,,और इशारों में बार-बार उससे अंदर आने के लिए कह रहा था।
तभी काकी और बुआ की चाय खत्म हुई और काकी ने राज और डॉली की तरफ देखते हुए कहा !
राज! डॉली!,,,, बुआ ने कहा है की शादी तक डॉली बुआ के यहां रहेगी,,,,
क्या राज ने बुरी तरह से चौकते हुए कहा ,,,,,मतलब
राज ! मतलब यह की कमला बुआ का कहना है ,कि जब लड़के और लड़की की सगाई हो जाती है तो फिर उन्हें एक दूसरे के पास नहीं रहना चाहिए ,फिर उन्हें अलग रहना चाहिए ,और सीधे शादी के बाद ही मिलना चाहिए ,इसलिए कमला बुआ ने निश्चय किया है, कि 8 दिन तक डॉली उनके यहां रहेगी ,,,,,और इसलिए हमें अभी डॉली का सामान बांधना होगा ।
राज इस बात पर बौखला गया था
अरे काकी तू यह क्या बोले जा रही है
अरे महारानी वहां जाकर क्या करेगी
उसे यही रहने देना ,,,,
तब कमला बुआ ने हंसते हुए कहा ,राज तू चिंता मत कर ,तेरी डॉली का अच्छे से ध्यान रखूंगी ,काकी ने भी राज को समझाया
हां राज कमला बुआ का घर कोई दूसरा नहीं है ,और फिर कमला बुआ ही डॉली को बेटी मान कर उसका कन्यादान लेने वाली है तो एक मां होने के नाते इतना हक तो उनका बनता ही है ,कि वह 8 दिन उनके पास रह ले आखिर डॉली विदा होकर इस घर में आएगी मायके और ससुराल की अनुभूति भी तो उसे होने दे ।
जब कमला बुआ काकी से कुछ बात करने लगी, तो राज ने काकी का हाथ पकड़ कर उसे अंदर लाते हुए कहा ,काकी तू यह क्या बोले जा रही है ,,,,,
अरे महारानी उस बुआ के यहाँ क्या करेगी वह बुआ नंबर वन की कंजूस मक्खीचूस है पता नहीं ठीक से उसे खिलाएगी भी कि नहीं तब काकी ने डांटते हुए कहा ,राज तू पागल है क्या ,अरे कमला बुआ डॉली का कन्यादान लेने वाली है ,पूरे दिल से डॉली को बेटी माना है उन्होंने ,तू चिंता मत कर ,वह अच्छे से ध्यान रखेगी डॉली का,,,,,,
और मेरे साथ बहस मत कर ,जो पक्का हो गया सो हो गया ।
डॉली 8 दिन के लिए वहां रहने वाली है
यह कहकर काकी डॉली के लेकर कमरे में उसके कपड़े समेटने लगी।
और काकी ने डॉली को भी आवाज लगाई अब तक डॉली भी कमरे में आ चुकी थी।
क्या हुआ काकी
डॉली बेटा तू अपने कुछ कपड़े बैग में रख ले तू 8 दिन तक कमला बुआ के यहां रहने वाली है ।