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Thriller एक खून और

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जिस वक्त लू बून केटी व्हाईट के पास पहुँचा, वो मोटी अलाव पर सॉसेज बना रही थी। वह अक्सर अकेली काम पर लगी रहती थी और उसे इस बात पर गर्व था कि भूख लगने पर वहाँ हर कोई उसी की पकाई सॉसेज खाता था। कॉलोनी के बाकी लोग या तो सारा वक्त वहीं समुन्द्र में तैरते हुए गुज़ार देते थे या फिर कोई काम-धंधा होने पर चार पैसे कमाने निकल जाते थे।

लू बून एक सासेज लेकर वहीं—उसी के पास बैठ गया और बातें करने लगा। केटी की नज़रों में लू कोई सुपरमैन सरीखा मर्द था जिसकी दाढ़ी, मांसपेशियों और हरी चपल आँखों पर वह फिदा थी। उसके हिसाब से लू में वो सब कुछ था जो किसी लड़की के दिल में हलचल मचा दे।

ऐसी कारआमद काबिलियत वाले लू का पिता ह्यूस्टन शहर में रहता था और अपने जज के ओहदे के बावजूद एक सज्जन, साधु स्वभाव वाला व्यक्ति था। ऐसे में जब उसे अपनी इकलौती और बेहद अजीज़ औलाद की कई प्रतिभाओं के बारे में मालूमात हुई तो उसका दिल ही बैठ गया। अपने रुतबे की रू में उसे अपनी औलाद से ऊँची मुरादें थीं जिनका पूरा होना अब लगभग नामुमकिन सा ही था लेकिन फिर भी अपनी आखिरी कोशिशों के तौर पर बाप ने अपनी औलाद—बिगड़ती औलाद—पर काबू पाने की कई मुख्तलिफ कोशिशें कीं जो आखिरकार तक नाकाम ही रहीं। लू ने अपने पिता की इन तमाम कोशिशों को अपनी निजी ज़िन्दगी में दख़लअंदाज़ी माना और एक दिन उठकर ऐलानिया अपने बाप के घर से निकल आया। ऐसा घर जिसमें वो पैदा तो हुआ था, जिसमें उसकी परवरिश तो हुई थी लेकिन जिसके मालिकान, खुद उसके माँ-बाप, उसकी निगाह में दरअसल इस फानी दुनिया में सबसे बेकार, बेहूदा और बेवकूफों में से एक थे। लू ने अपनी कानूनी पढ़ाई को बीच में ही तिलांजलि दे दी और यूँ इस तरह केवल सत्रह साल की नादान उम्र में ही खुद को बालिग बनाने तुल गया। आज उसकी उम्र तेइस साल हो चुकी थी और घर छोड़े उसे छः साल हो गए थे। उन छः सालों में उसने होटलों में प्लेटें धोने से लेकर गैराज़ में तमाम तरह के काम किए थे लेकिन इन तमाम छोटी-मोटी मज़दूरियाँ करके भी वो खुश था कि इन्हीं की बदौलत वो अपने घर के उस दमघोंटू माहौल से दूर था। पिछली छः साल की ज़िन्दगी के उस तजुर्बे ने उसकी सोच को बदलकर रख दिया था—और आज उसकी ज़िन्दगी का यही फलसफा था कि इस दुनिया में दौलत ही वो शै थी जिसकी हर कोई हर वक्त इज़्जत करता था। दौलत है तो इंसान की अहमियत है वरना क्या बन्दा क्या बन्दे की जात। सब सिफर था, शून्य था, नाकाबिले ज़िक्र था। आज वो खुद के दौलतमन्द होने का ख्वाब देखता था और अपने इसी ख्वाब को पूरा होता देखने के लिए वो कुछ भी करने को तैयार था।

बाखुशी तैयार था।

आखिरकार तो वह समझ चुका था कि अपनी मौजूदा ज़िन्दगी को वह जिस ढर्रे पर चला रहा था उस हिसाब से— अपनी इस सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक की मज़दूरी करके—तो वह दौलत कमाने से रहा।

वो तीन दिन पहले यहाँ पहुँचा था और यहाँ पहुँचते ही उसे अहसास हो गया था कि उसके पास एक बर्गर खरीदने लायक चन्द सिक्के तक नहीं थे। भूख ने उसकी भला-बुरा सोचने की ताकत छीन ली थी और अपनी इसी फकीराना हालत में उसने अपना अगला कदम उठाया। बेमतलब इधर-उधर घूमते हुए उसकी निगाह एक बूढ़ी औरत पर पड़ी जो पार्क में बैंच पर बैठी ऊंघ रही थी और उसका पर्स, मगरमच्छ की बेहद कीमती खाल से बना पर्स—वहीं बैंच पर उसके बगल में रखा था। लू ने इधर-उधर देखा और पर्स उठाकर झाड़ियों में भाग निकला।

पर्स में चार सौ डॉलर की रकम थी और यह उसकी मौजूदा दुश्वारियों को निपटाने के लिए काफी थी।

अगर आप ने भरपेट खाना खा लिया है तो यकीन जानिए कि इस फानी दुनिया की सबसे विकट कठिनाइयों पर आपने फौरी तौर पर फतह हासिल कर ली है।

तो यूँ अब उसके अगले कुछ दिन आराम से गुज़र सकते थे।

गुज़र रहे थे।

दूसरी ओर केटी, जो पिछले दो साल से यहाँ इस बस्ती में रह रही थी, अब यहाँ रहने वाले लोगों और उन लोगों के रहन-सहन के बारे में थोड़ा बहुत जानने लगी थी।

केटी से बातें करते-करते लू ने इस बात का पता लगा लिया था कि कॉरेन शहर के एक जानी मानी हस्ती की बेटी थी और उसका केबिन वहीं उस मौकाएवारदात से कुछ ही दूर था जहाँ से लाश बरामद की गई थी।

“कॉरेन एक अच्छी लड़की है”—केटी ने लू से कहा—“वह अक्सर यहाँ आती रहती है लेकिन अपने दौलतमन्द बाप के रसूख का दिखावा तक नहीं करती। उल्टा वह जब भी यहाँ होती है—हमेशा हमीं लोगों में एक बनी रहती है।”

“हूँ....”—लू ने कहा—“यहाँ किसी से उसकी कोई खास दोस्ती है?”

“हाँ—है न।”—केटी ने बताया—“वो चेट के साथ उसकी बड़ी नज़दीकी दोस्ती है।”

लू फौरन सतर्क हुआ।

“अगर वो इतने ही पैसे वाले की औलाद है तो इस मामूली केबिन में क्यों रहती है?”

“अरे, वो जगह तो उसकी लव नैस्ट है”—केटी ने कहा— “जब कभी उसे अपने बाप की निगाहों में आए बगैर मौज मस्ती करनी होती है तो यहाँ आ धमकती है। उसके झक्की बाप को उसके इस ठिकाने के बारे में पता नहीं वरना उसे अगर ज़रा भी शक पड़ गया तो वो हाय-तौबा करे बिना कहाँ मानेगा।”

“लड़की को अपने बाप की—उसकी उस हाय-तौबा की—इतनी फिक्र है?”

“यकीनन है, और हो भी क्यूँ न?”—केटी ने हँसते हुए कहा—“एक बार उसने मुझसे कहा था कि अपने उसी बाप के सदके उसे अपनी ज़िन्दगी में हर ऐशोआराम हासिल है लेकिन फिर अगर उसके बाप को उसकी इन ऐय्याशियों की खबर लग गई तो वो उसे एक धेला नहीं देने वाला। हालांकि कॉरेन खुद बड़ी मेहनती है, काबिल है और नौकरी करती है लेकिन अपनी उस इनकम से उसके ऐसे मौज-मेले के खर्चे नहीं निकल सकते।”

“अच्छा....”—लू ने कहा—“कहाँ है उसका आफिस?”

“उसके बाप ने अभी हाल ही में सीकॉम्ब में एक ब्रांच खोली है और कॉरेन सुबह नौ से शाम पांच बजे तक वहीं काम करती है।”

“क्या वो वहाँ की इंचार्ज है?”

“नहीं—इंचार्ज तो केन ब्रेन्डन है”—केटी ने गहरी साँस ली और कहा—“और वो बेहद खूबसूरत व्यक्तित्व का मालिक है।”

“क्या मतलब?”

“मतलब यह है कि वह बेहद आकर्षक है और मुझे तो वो ग्रेगरी पैक की जवानी के दिनों की याद दिलाता है। एक बार उसने मुझे अपनी कार में शहर तक लिफ्ट दी थी”— केटी ने आँखें बन्द कीं और एक आह भरते हुए कहा—“और तभी से वह मुझे इस कदर भा गया है।”

लू के दिमाग में फौरन उस आदमी की तस्वीर उभरी जिसे उसने उस रात कॉरेन के साथ देखा था।

ऊँचा कद।

गहरा रंग।

कॉरेन जैसी हाहाकारी लड़की के साथ सारा दिन काम करने वाले उस आदमी का यूं उसके साथ मौज मस्ती के इरादे से वहाँ उस रात उस केबिन में आना एक मामूली बात थी।

“ओह”—प्रत्यक्षतः लू ने केटी से कहा—“लगता है उसने तुम्हें कोई खास तवज्जो नहीं दी?”

“हाँ....मुझे उसने अनदेखा सा कर दिया था।”

“क्या वो शादीशुदा है?”

“हाँ”—केटी ने कहा—“उसकी एक खूबसूरत स्मार्ट बीवी है जो डॉ. हेन्ज के यहाँ उसकी सैकेट्री के तौर पर कार्यरत है।”

“ब्रैन्डेन की अपनी पत्नी से पटती भी है या नहीं?”

“क्यों नहीं! खूब पटती है, बिल्कुल पटती है और वैसे भी कोई भी समझदार लड़की बैन्डन जैसे मर्द से बिगाड़ना नहीं चाहेगी।”

लू ने महसूस किया कि वो उस मसले पर पहले ही काफी सवाल कर चुका था, सो अब उसने बात बदलते हुए कहा—

“तुम यहाँ इधर इस बस्ती में कब तक रहने वाली हो?”

“मैंने कहाँ जाना है—मैं यहीं रहूँगी और वैसे भी मैं और जाऊँगी भी कहाँ”—कैटी ने अनिच्छापूर्वक कहा—“जब तक यहाँ मेरी ज़रूरत बनी रहेगी, मैं इधर इसी बस्ती में बनी रहूँगी।”

“तुम्हारी ज़रूरत यहाँ हमेशा रहेगी।”—लू ने उसके मोटे हाथ को थपथपाते हुए कहा—“तुम्हारे इन हाथों में कमाल की कारीगरी है और यकीन जानो—तुम्हारे हाथों के बने इन सॉसेज की वजह से तुम यहाँ हमेशा के लिए रह सकती हो।”

“शुक्रिया लू।”

“चलो—मैं चलता हूँ”—लू ने उठते हुए कहा—“मैं यूं ही थोड़ा आस-पास घूमूँगा।”

“हाँ....ज़रूर।”

“फिर मिलते हैं।”

“ठीक है।”

लू केबिन की ओर बढ़ गया और पीछे केटी उसे जाता हुआ देखती रही।

¶¶
 
लू अपने केबिन में पहुँचा और टेलीफोन डायरेक्ट्री लेकर वहीं अपने बिस्तर पर पसर गया। बड़े सब्र से उसने उस डायरेक्ट्री के पन्ने पलटते हुए केन ब्रेन्डन के घर का पता ढूँढा।

लोटस स्ट्रीट।

उसने एक कागज़ के पुर्ज़े पर उस पते को नोट किया, अपनी बची-खुची जमा पूंजी संभाली—जो कुल मिलाकर साढ़े तीन सौ डॉलर थे—और एक सिगरेट सुलगाकर बैठ गया।

अगर उसने होशियारी से काम लिया तो यह मौका उसे दौलत का मुँह दिखा सकता था और वो तगड़ा हाथ मार सकता था, जो उसके दौलतमन्द होने के ख्वाब को पूरा कर सके।

लेकिन कैसे?

कैसे वो इस सारे मामले को हैण्डल करे कि सारे पत्ते उसके हक में गिरें?

वो सोच में पड़ गया।

सबसे पहले उसे कुछ जानकारियाँ इकट्ठी करनी चाहिए थीं।

उसे ब्रैन्डन की माली हैसियत की तस्दीक करनी चाहिए थी क्योंकि इस किस्से की दूसरी किरदार कॉरेन का बूढ़ा बाप तो तस्दीकी पैसे वाली पार्टी थी। केटी ने उसे बताया था कि ब्रैन्डन की अपनी बीवी के साथ बढ़िया निभती थी लेकिन फिर उस रात उसका कॉरेन के साथ यूँ देर रात तक उसके उस लव नैस्ट में आना शायद उसकी पहली गलती थी।

और यह जानकारी ब्रैन्डन से पैसा निकलवा सकती थी।

क्या बढ़िया मौका था!

अगर उसने चालाकी से इस पूरे मामले को हैण्डल किया तो उसके हाथ शायद दस हज़ार डॉलर जैसी बड़ी रकम लग जाए।

“बढ़िया....बढ़िया।”—लू मुस्कुरा उठा।

मालेमुफ्त के इस ख्याल ने उसमें एक नया जोश भर दिया था; लेकिन क्या ये इतना ही आसान था?

उसने लॉ स्कूल में पढ़ाई की थी और वो जानता था, बखूबी समझता था, कि उसकी ब्रैन्डन से इस तरह जबरदस्ती पैसा हासिल करने की कोई भी कोशिश एक संगीन जुर्म थी।

वो सोच में पड़ गया।

वह पहले ही एक चोरी कर चुका था जिसमें इत्तेफाकन वो पकड़ा भी नहीं गया था लेकिन इस बार मामला ज़्यादा बड़ा, ज़्यादा गंभीर था।

ये चोरी का नहीं बल्कि जबरन रकम ऐंठने की कोशिश थी।

ब्लैकमेलिंग थी।

अगर वो पकड़ा गया तो खैर नहीं।

लेकिन अगर वो कामयाब रहा—तो?

तो दस हज़ार डॉलर की बड़ी रकम उसकी जेब में होगी, और दुनिया मुट्ठी में।

बढ़िया।

लू ने फैसला किया कि फिलहाल वो अपने इस प्लान पर आगे बढ़ेगा और—आगे की आगे देखेंगे की तर्ज़ पर—बाद में कोई पक्का फैसला लेगा।

वह उठ खड़ा हुआ।

उसने अपने चेहरे की बेतरतीब दाढ़ी को छाँटा और नहा-धोकर शीशे के सामने पहुँचा। उसे देखकर राहत महसूस हुई कि अपनी इस मौजूदा शक्ल में वो अनायास ही किसी पुलिसवाले के ध्यानाकर्षण की वजह नहीं बनने वाला था। उसने एक सफेद कमीज और पतलून पहनी और खुद को दोबारा शीशे में निहारा।

अक्स में उसे करीब-करीब एक इज़्जतदार आदमी की झलक मिली।

संतुष्ट हो वह केबिन से बाहर निकल आया और हाईवे पर पहुँचा जहाँ सिटी सीकाम्ब जाती बस में सवार हो वह शहर आ गया।

कुछ देर वो यूँ ही सीकाम्ब शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में घूमता रहा और फिर एक ऐसी दुकान में पहुँचा जहाँ से उसे कोई पुरानी कार खरीद सकने की उम्मीद थी।

अगले दो घण्टे बाद वह एक पुरानी खटारा वाक्स वैगन ड्राइव कर रहा था जिसे उसने एक सौ पचपन डॉलर में खरीदा था और जिसकी बाबत वह गैराज में अपने तजुर्बे के दम पर कह सकता था कि कम से कम पांच सौ मील का सफर वो उस पर आसानी से पूरा कर सकता था।

उसी कार डीलर से उसने पैरेडाईज़ एश्योरेंस कारपोरेशन का पता कन्फर्म किया और सीव्यू रोड पर आ गया। उसने गंतव्य से कोई बीस गज की दूरी पर अपनी उस नई हासिल पुरानी कार को पार्क किया और भीतर ही बैठा रहा।

दोपहर का एक बज रहा था।

अभी वो इस पशोपेश में ही था कि क्या उसे वहीं बैठकर ऑफिस पर निगाह रखनी चाहिए थी या फिर वहाँ से निकलकर सीधे ऑफिस में ब्रैन्डन को वहीं धर लेना चाहिए—कि तभी उसने ब्रैन्डन को ऑफिस से बाहर आकर सड़क पर रेस्ट्रां में जाते देखा।

लू ने फौरन उसे पहचाना।

यह वही आदमी था—यकीनन वही आदमी था—जिसे उसने उस रात कॉरेन के साथ वहां मौकाए वारदात के आस पास देखा था।

बढ़िया।

लू खुश हो गया।

उसे यकायक दस हज़ार डॉलर अपनी पकड़ में महसूस होने लगे।

लेकिन ऐसे नहीं।

ऐसी जल्दबाज़ी से मामला बिगड़ सकता था और उसे अभी सब्र से काम लेना था।

उसने थोड़ी और छानबीन करने का फैसला किया।

उसने कार स्टार्ट की और उसे चलाता एक स्टोर पर पहुँचा जहाँ से उसने शहर का एक नक्शा खरीदा।

उसने उस नक्शे में लोटस स्ट्रीट को ढूँढा और कुछ पल वहाँ पहुँचते रास्तों पर गौर करता रहा। आखिरकार उसने कार को समुचित सड़क पर आगे बढ़ा दिया।

लोटस स्ट्रीट।

केन ब्रैन्डन का घर।

गंतव्य पर पहुँचकर उसने अपनी कार को सड़क के एक सिरे पर खड़ा किया और पैदल चलता हुए बैन्डन के बंगले के सामने आ पहुँचा।

लेकिन यहाँ पहुँचकर भी वो रुका नहीं।

उसने धीमी चाल से चलते हुए बंगले पर एक लम्बी निगाह डाली और संतुष्ट हो गया।

ऐसे बंगले में रहते किसी शख्स के लिए पांच हज़ार डॉलर की रकम देना कोई ज्यादा परेशानी की बात नहीं हो सकती थी।

पाँच हजार डॉलर यहाँ से और बाकी के पाँच हजार डॉलर मामले में शामिल दूसरी पार्टी—कॉरेन और उसके दौलतमन्द बाप—से हासिल हो सकते थे।

अपने इन्हीं खुशगवार ख्यालों में खोये लू ने एक लम्बा घेरा काटा और वापिस अपनी कार में आ बैठा। वो अपनी इस छानबीन से संतुष्ट था और उसे और भी यकीन हो उठा था कि सारे मामले को अगर वो चालाकी से संभाल सका तो उसके दलिद्दर दूर होने में बस अब कुछ ही दिन बाकी थे।

उसने कार वापिस सीकाम्ब जाती सड़क पर बढ़ा दी और ड्राइव करता हुआ एक बार फिर ब्रैन्डन के दफ्तर के सामने आ पहुँचा। वह वहीं कार में बैठा रहा और दफ्तर में आते-जाते लोगों पर निगाह जमाए रहा। वो वहाँ इसलिए बैठा था कि देर सवेर दफ्तर की दूसरी मुलाज़िम—कॉरेन—जब भी बाहर निकलती, वो उसे वहीं कार में बैठा-बैठा देखकर ही तय कर सकता था कि वो वही लड़की थी जो वहाँ उस रात ब्रैन्डेन के साथ मौकाए वारदात के आसपास मौजूद थी। वैसे अगर इस दौरान कॉरेन की निगाहें कार में बैठे खुद लू पर पड़ गईं तो....।

लू को यकीन था कि लड़की उसे फिर भी पहचान नहीं सकती थी क्योंकि उस रात उसने उसे चांदनी में देखा था और तब उसने अपने चेहरे पर उगे बालों की उस तरह छँटाई भी नहीं कि हुई थी।

लू काफी देर तक कार में बैठा इंतज़ार करता रहा।

उसे कॉरेन की कोई झलक न मिली।

उसने कुछ और वक्त वहीं रुकने का फैसला किया।

नतीजा सिफर रहा।

कॉरेन अगर वहाँ उस दफ्तर की कर्मचारी थी तो वो बाहर नहीं निकली थी।

वो अभी भी भीतर दफ्तर में ही बनी हुई थी।

“क्या करूँ....?”—लू ने सोचा।

वो कार से उतरकर दफ्तर जा सकता था और वहाँ उसे देखकर इस बाबत कोई पक्का फैसला कर सकता था कि कॉरेन ही उस रात उससे वहाँ टकराई थी।

लेकिन उसका यूँ दफ्तर में चले जाना परिस्थितियों को और ज़्यादा काम्पलीकेट भी कर सकता था।

वो लड़की उसे पहचान सकती थी।

या शायद ये उसका वहम था।

अपनी मौजूदा वेश-भूषा में वो एक शरीफ इज़्जतदार आदमी लग रहा था जो उस शख्स के साये से भी अलग था जिसे कॉरेन ने उस रात देखा था।

तो क्या किया जाए?

लू ने कुछ देर सोचा और फैसला किया।

उसने कार का दरवाज़ा खोला, बाहर निकला, गहरी सांस ली और दफ्तर की ओर बढ़ गया।

वो भीतर पहुँचा।

कॉरेन वहाँ मौजूद थी।

वो किसी नीग्रो से बातें कर रही थी।

लू ने दरवाज़े में खड़े होकर बड़े गौर से उसे देखा।

वो बेफिक्र हो गया।

यह वही लड़की थी जिसे उसने उस रात ब्रैन्डन के साथ देखा था।

तभी कॉरेन की निगाह उस पर आ टिकी।

दोनों ने एक दूसरे को देखा।

कॉरेन ने लू को फौरन पहचान लिया।

यह वही शख्स था जिसे उसने उस रात देखा था।

कॉरेन ने खुद पर काबू पाया और अपने भावों को अपने चेहरे पर आने से रोक लिया।

“आर यू लुकिंग फॉर समवन सर?”—उसने मुस्कुराकर लू से पूछा।

लू संतुष्ट हो गया।

उसे यकीन हो आया कि कॉरेन उसे पहचान नहीं सकी है।

“ओह यस”—लू ने कहा—“बस ज़रा पार्किंग की परेशानी है, तो मैं अपनी कार पार्क करके फौरन वापिस आकर बस अभी आपसे मिलता हूँ।”

“जी ज़रूर।”—कॉरेन ने कहा।

लू दफ्तर के बाहर निकल आया और अपनी कार में आ बैठा।

पीछे कॉरेन ने जबरन अपना ध्यान सामने बैठे नीग्रो और उसके दस बच्चों की समस्याओं में लगाया।

लेकिन उसके दिमाग में अभी भी उस आदमी की मौजूदगी बनी हुई थी जो दरवाजे में खड़ा उसे घूर रहा था।

वो वहाँ कैसे आन पहुँचा था?

मामला बिगड़ता जा रहा था।

उस फसादी से दिखते शख्स की वहाँ इस तरह की मौजूदगी इस पूरे मामले में कॉरेन और ब्रेन्डन का संबंध उस लाश से जोड़ सकती थी।

कॉरेन ने गहरी सांस खींची और सामने बैठे नीग्रो को उसकी दिक्कतों को दूर कर सकने वाली पॉलिसी की शर्तें समझाने लगी।

¶¶
 
एक ऊँचे कद और हल्के सफेद रंग के बालों वाले आदमी ने पुलिस हैडक्वार्टर में प्रवेश किया।

वह पैट हैमिल्टन था।

सिटी टी.वी. का क्राइम रिपोर्टर।

लेकिन पुलिस की निगाहों में एक सिरदर्द जो अक्सर उनकी लाइन क्रॉस करता था।

हैमिल्टन सीधे बेगलर के दफ्तर में पहुँचा।

“हाय”—उसने कहा और कुर्सी पर बैठकर अपनी नोटबुक खोलता हुआ बोला—“कत्ल के उस केस में पुलिस कहाँ तक पहुँची है?”

बेगलर का जी तो चाहा कि वो हैमिल्टन को एक ठोकर मारकर वहाँ उस जगह से बाहर फेंक दे लेकिन उस जैसे रिपोर्टर के साथ ऐसा कोई नहीं कर सकता था।

“वैल”—बेगलर ने कहा—“हमारा ऐसा मानना है कि कातिल कोई मैनियाक है, कोई ऐसा वहशी है जो बलात्कार के बाद अपने शिकार को इस तरह भंभोड़कर मार डालता है।”

“हम्म....और पुलिस उस वहशी कातिल को पकड़ने के लिए क्या कर रही है?”

“तुम खुद जानते हो कि हमारा महकमा इस कत्ल के लाइमलाइट में आने के बाद कितनी फुर्ती से इस पर काम कर रहा है। हमारे तमाम काबिल अफसर इस पर दिन रात काम कर रहे हैं लेकिन ऐसे पागल वहशी को पकड़ना टेढ़ी खीर है, सो वक्त लगेगा....लग रहा है।”

“पुलिस महकमा अभी किसी नतीजे पर पहुँचा है भी या नहीं, कोई खास काबिले ज़िक्र सबूत?”—हैमिल्टन ने पूछा।

“हमारा महकमा इस पर दिन रात एक किए हुए है और फिलहाल इस मामले में सबूतों वगैरह को यूँ प्रेस के मार्फत सार्वजनिक करना हमारी कातिल को पकड़ने की उन तमाम कोशिशों में अड़ंगा डाल सकता है।”—बेगलर ने बताया।

“कत्ल का शिकार उस लड़की की शिनाख्त हुई?”

“अभी नहीं”—बेगलर ने जानबूझकर झूठ बोलते हुए कहा—“सिवाय इसके कि उसका नाम जेनी था और वह शायद एक लोकल प्रॉस्टीट्यूट थी।”

“अच्छा!”—हैमिल्टन ने हैरानी दिखाते हुए कहा।

“हमें लगता है कि उसने किसी के सामने उस रात कोई उल्टा-सीधा ऑफर रखा होगा और....”

“उस ऑफर से भन्नाकर कोई आदमी यकायक इस कदर भड़ककर इतना पागल हो उठा कि उसने उस बेचारी को इस बुरी तरह चीर-फाड़ डाला....क्यों?”

“हाँ!”

“और वह कातिल जो फिलहाल कानून के पंजों से आज़ाद है, आगे भी किसी को अपनी वहशत का शिकार बना सकता है।”

“हाँ, ऐसा भी हो सकता है, लेकिन इसके उलट ये भी मुमकिन है कि कातिल अब इस शहर से कहीं और ही कूच कर चुका हो। हम पब्लिक में कोई पैनिक, कोई आतंक फैलाने के हकदार नहीं हैं सो इस बाबत यही ज़ाहिर किया जा रहा है कि सब लोग सावधान रहें।”

“सुनो बेग”—हैमिल्टन ने कहा—“अगर इस शहर में कोई वहशी कातिल छुट्टा घूम रहा है जिसके निशाने पर जवान लड़कियाँ हैं तो हमें शहर में इस बाबत कोई पब्लिक एनाऊन्समैन्ट कर देना चाहिए।”

“अगर हमने ऐसा किया तो कातिल भी एलर्ट हो जाएगा और इससे वो हमारे हाथों से और दूर हो जाएगा।”

“लेकिन बेग अगर....”

“और ऊपर से आम जनता में जो पैनिक फैलेगा वो अलग। नहीं—हमारा महकमा इस पूरे केस पर दिन रात एक किए हुए है तो ऐसे में प्रेस से ये उम्मीद की जाती है कि वो भी हमें हमारे इस मकसद में सहयोग करे और ऐसी किसी खबर को सैंशेनलाइज़ करने से परहेज़ करे।”

“बेग”—हैमिल्टन ने कहा—“ये किसी खबर को सनसनीखेज़ बनाकर पेश किए जाने का मामला है ही नहीं और ऊपर से तुम खुद मानते हो कि शहर में एक वहशी कातिल आज़ाद घूम रहा है तो तुम्हें नहीं लगता कि एक पब्लिक अनाउंसमैन्ट शहर की मासूम आवाम के हित में है।”

“हमें, हमारे महकमे को जो लगता है वह मैं तुम्हें बता चुका हूँ। वैसे इस मुद्दे पर चीफ ऑफ पुलिस की मेयर से बातचीत चल रही है।”

“मुझे उससे कोई मतलब नहीं। हमारी प्रेस की भी कोई ज़िम्मेदारी बनती है और हमसे ये उम्मीद रखना कि हम ऐसे संगीन मामलों में पुलिस महकमे की दिखाई लाइन को आँखें मूंदकर टो करेंगे, बेवकूफी है।”

“अगर ऐसा है तो मैं तुम्हें नहीं रोक सकता।”—बेगलर ने दोनों हाथ हवा में लहराते हुए कहा।

“वहाँ मौका-ए-वारदात के पास ही हिप्पियों की एक बस्ती बताई जा रही है। वहाँ से कुछ पता चला?”

“पिछली रात हमने वहाँ अपने अफसरों को भेजा था और तहकीकात चल रही है। फिलहाल इतना कहना ठीक रहेगा कि बस्ती में मौजूद सभी लोगों के नाम पते दर्ज कर लिए गए हैं और उन्हें बड़े सब्र से, तरतीब से चैक किया जा रहा है। अभी चूंकि इस पर काम चल रहा है सो इस बाबत अभी कुछ जानकारी शेयर करना जल्दबाज़ी होगा।”

“ऐसा लगता है कि पुलिस जनता से कुछ छिपा रही है।”

“ये आज़ाद मुल्क है मेरे दोस्त और तुम्हें अपनी मुख्तलिफ राय रखने का पूरा हक है।”—बेगलर ने मुस्कुराकर कहा।

“बेग”—हैमिल्टन ने चिढ़कर कहा—“तुम ज़रूर कुछ छिपा रहे हो और प्रेस को ये समझाना चाहते हो कि तुम कुछ नहीं जानते।”

“मैंने पहले ही कहा है कि तुम्हें अपनी मुख्तलिक राय रखने का पूरा हक है। मैं अपनी ओर से, अपने महकमे की ओर से, तुम्हें ये आश्वासन देता हूँ कि जैसे ही हमें कोई जानकारी मिलेगी, हम उसे प्रेस के माध्यम से पब्लिक के साथ शेयर करेंगे।”

“पुलिस का प्रेस के साथ ऐसा रवैया ठीक नहीं।”

“ये तुम्हारी निजी राय है और तुम्हारी मर्ज़ी से हम अपनी इन्वेस्टीगेशन नहीं चला सकते”—बेगलर ने कुटिलतापूर्वक कहा और अपनी मेज़ पर कागज़ों के ढेर की ओर संकेत करते हुए कहा—“हम अभी सभी सूचनाओं को चैक कर रहे हैं। कत्ल का शिकार बनी वो लड़की भले ही एक मामूली वेश्या थी, लेकिन फिर इसी वजह से हमारा महकमा हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठ गया है। हम उसके कातिल को पकड़ने और उसे उसके वाजिब अंजाम तक पहुँचाने को दृढ़प्रतिज्ञ हैं।”

“ठीक है”—हैमिल्टन ने हारकर कहा—“क्या लड़की का कोई फोटो हासिल हो सकता है?”

बेगलर ने एक पोलोरायड प्रिन्ट उसकी ओर बढ़ा दिया। हैमिल्टन ने हाथ बढ़ाकर फोटो पकड़ा और उसे गौर से देखा।

“हूँ—मैं समझ गया तुम्हारा अंदाज़ा सही है और मैं इस बात से इत्तेफाक रखता हूँ कि शिकार कोई वेश्या ही दिखती है।”

इसी वक्त जब पुलिस हैडक्वार्टर में यह वार्तालाप हो रहा था, ठीक उसी वक्त जैकोबी अपने साथ लेपस्कि को लिए जेन्ट्स टेलर्स की दुकानों में धक्के खा रहा था। अपनी इसी ड्यूटी को भुगतते जब वे दोनों पांचवीं दुकान पर पहुँचे तो वहाँ के मोटे, अधेड़ मालिक मिस्टर लेवाइन ने फौरन उस गोल्फबॉल जैसे बटन को पहचाना।

“मिस्टर लेपस्कि”—उसने कहा—“यह हमारी दुकान की एक खास स्पेशेलिटी है।” और उसने उनके सामने एक जैकेट रखी जिस पर वैसे ही गोल्फ बॉल वाले बटन लगे थे।

“क्यों, है न लाजवाब आइडिया?”—उसने दाँत दिखाते हुए कहा।

“मिस्टर लेवाइन”—लेपस्कि ने कहा—“हमें एक सिलसिले में इस बटन के मालिक की तलाश है, तो क्या तुम इन जैकेट के खरीदारों के नाम बता सकते हो?”

“जी—अभी लीजिए। हम अपनी तमाम सेल का रिकार्ड मैन्टेन करते हैं।”—कहकर वह भीतर अपने ऑफिस में चला गया।

पीछे जैकोबी और लेपस्कि वहाँ मौजूद जैकेटों को देखने लगे। जैकेटें बढ़िया थीं, मज़बूत थीं और लैपस्कि का मन भी था कि एक ऐसी ही जैकेट अपने लिए भी खरीदे लेकिन फिर उसे अपनी खूबसूरत बीवी का ख्याल हो आया। बीवी जो खूबसूरत तो थी लेकिन साथ ही झगड़ालू, जिद्दी और अफसराना भी थी जिसे अपने खाविंद की हर बात में मीन-मेख निकालने की बड़ी बुरी आदत थी।

तभी लेवाइन लौट आया।

“क्या कोई गड़बड़ है मिस्टर लेपस्कि?”—उसने एक कागज़ उनकी ओर बढ़ाया जिस पर उन चार ग्राहकों के नाम थे जिन्होंने वो जैकेट खरीदी थी।

“नहीं, कुछ खास नहीं मिस्टर लेवाइन”—लेपस्कि ने कागज़ का वो पुर्ज़ा थामते हुए कहा—“आपके इस सहयोग का शुक्रिया।”

दोनों वापिस अपनी पुलिस कार में आ बैठे और हासिल लिस्ट पर निगाह डालने लगे।

“केन ब्रैन्डन”—लेपस्कि ने यकायक उत्तेजित होते हुए कहा—“लिस्ट में मौजूद उसका नाम ही उसकी वहाँ घटनास्थल पर मौजूदगी को स्थापित करता है।”

“अभी नहीं—अभी नहीं”—जैकोबी ने शान्त स्वर में कहा—“अभी तो हमें यह भी नहीं पता कि उसकी जैकेट का ऐसा कोई बटन गायब है भी या नहीं।”

“मैं शर्त लगा सकता हूँ”—लेपस्कि ने कहा—“पिछली रात वो यकीनन वहाँ उस केबिन में उस लड़की के साथ था। वो दोनों एक साथ एक ही दफ्तर में काम करते हैं और ऐसे में उनके बीच इस किस्म के ताल्लुकात बन जाना कोई गैर-मामूली बात नहीं। मैंने खुद उस हाहाकारी लड़की को केवल दस मिनट देखा था और उतने में ही मेरा मामला गड़बड़ा गया था और ब्रैन्डन तो सारा दिन उसके साथ उस छोटे से दफ्तर में गुज़ारता है सो, मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि वो पिछली रात उस केबिन में कॉरेन के साथ मौजूद था।”

“हो सकता है, लेकिन यह उसके खिलाफ कोई खास सबूत नहीं।”—जैकोबी ने कहा—“मैं उसे निजी तौर पर जानता हूँ और मुझे नहीं लगता कि किसी मामूली वेश्या को यूँ इस तरह चीर-फाड़ देने लायक हिम्मत उसमें है।”

“लेकिन उसकी वहाँ घटना स्थल के आसपास मौजूदगी उसे संदेह के उस दायरे में तो लाती ही है जिसमें हम कातिल को मार्क करने की कोशिश कर रहे हैं।”

“हाँ—वो तो है”—जैकोबी ने हामी भरी और पूछा—“तो अब इस मामले पर आगे क्या किया जाए?”

“हम पूरे मामले पर अपनी रिपोर्ट आगे चीफ को देंगे।”— लेपस्कि, जो इस नई हासिल जानकारी के आधार पर कुछ कर गुज़रने को अमादा था, ने कहा—“आगे अगर वो राज़ी हुआ तो मैं खुद ब्रैन्डन से पूछताछ कर उसकी बखिया उधेड़ूंगा।”

“ठीक है—लेकिन उससे पहले क्या हमें इन खास बटनों वाले बाकी के तीन जैकेट के मालिकों से नहीं मिलना चाहिए?”

“हाँ—लेकिन पहले देखें तो सही वो तीन हैं कौन?”— लैपस्कि ने कागज़ का वो पुर्ज़ा संभालते हुए कहा—“सैम मैक्री—डिप्टी कमिश्नर ऑफ वर्क्स।”

“वह तो पिछले हफ्ते से न्यूयार्क में है।”

“हाँ—उसे छोड़ो। अगला नाम....हैरी बेन्टले का है जो गोल्फर है।”

“हैरी....”

“मैं उसे जानता हूँ और मानता हूँ, कि उस पर शक करना वक्त की बर्बादी है लेकिन फिर भी मैं उसे चैक करूँगा।”

“हम्म....और तीसरा नाम! वो कौन है?”

“साइरस ग्रेग।”

“साइरस ग्रेग....! क्या ये वही आदमी नहीं जो पांच महीने पहले एक सड़क हादसे में मारा गया था? वो काफी पैसे वाला था सो अब उसकी मौत के बाद उसका नाम लिस्ट में होना न होना, बराबर ही है।”

“तो उसे भी निकाल दिया जाए।”

“हाँ।”

“तो अब ऐसे में तो सिर्फ ब्रैन्डन ही बचता है।”

“मुझे याद है”—जैकोबी ने जैसे उसे सुना ही नहीं—“ग्रेग नए-नए फैशनेबल कपड़ों का शौकीन था। पता नहीं उसकी बीवी ने उनका क्या किया होगा।”

“बढ़िया—ऐसे ही ख्वाबों में खोए रहोगे तो पकड़ लिया हमने उस वहशी कातिल को!”

जैकोबी हड़बड़ाया।

“अब अपने ख्वाब से बाहर निकलो और कुछ हाथ-पाँव हिलाओ। मैं हेनरी बेन्टले को थामता हूँ और तुम ग्रेग के बारे में और मालूमात हासिल करो। फिर हम एक साथ एक ही बार पुलिस चीफ को रिपोर्ट देंगे।”

“ठीक है”—जैकोबी ने कहा और कार से उतर गया।

“याद रखना”—लेपस्कि ने कार बढ़ाते हुए कहा—“एक वहशी कातिल इस शहर की गलियों में आज़ादी और पूरी बेबाकी के साथ अपने शिकार की तलाश में निकला हुआ है और हमारे ऊपर, हमारे महकमे पर इस शहर की मासूम आवाम को कुछ भरोसा है। हमें उस भरोसे पर खरा उतरना है।”

“जी हाँ—मैं समझता हूँ।”

“बढ़िया—तो काम पर लग जाओ।”—लैपस्कि ने कार दौड़ा दी।

पीछे जैकोबी वापिस लेवाइन की दुकान पर पहुँचा।

“मिस्टर ग्रेग ने इत्तेफाकन जिस दिन इस जैकेट को खरीदा था, उससे ठीक अगले दिन उनकी एक हादसे में मौत हो गई थी।”—लेवाइन ने बताया—“मुझ याद है कि कैसे मिस्टर ग्रेग कोई सात महीने पहले यहाँ आए थे और उन्होंने इस जैकेट को खरीदा। अगली सुबह जब वो अपने दफ्तर जाने के लिए निकले तो किसी ने चोरी की कार उनकी कार में दे मारी। नतीजतन मिस्टर ग्रेग की वहीं मौके पर ही मौत हो गई।”

जैकोबी को भी वह हादसा याद था।

वो एक पुलिसवाला था और उसके शहर में ऐसे हादसे होना कोई आम बात या कोई रोज़-रोज़ घटने वाली घटना नहीं थी। वो शहर के एक रसूखदार शख्स की हादसे में हुई मौत का मामला था जो उन दिनों मीडिया में पूरी तरह छाया रहा था।

और इसीलिए जैकोबी को भी इस घटना की याद थी।

“पता नहीं मिस्टर ग्रेग की जैकेट का क्या हुआ होगा?”

“अब ये तो मुझे भी नहीं मालूम लेकिन हाँ, मिस्टर ग्रेग अपने पूरे वार्डरोब के लिए यहाँ मेरी दुकान पर ही निर्भर करते थे। उनके पास यहाँ से खरीदी गई ढेरों जैकेटें और सूट थे और अब जब उस दुखद हादसे में उनकी मौत हो गई है तो मुझे लगता है कि मिसेज ग्रेग ने वो सारे कपड़े किसी को दे दिए होंगे। मिस्टर ग्रेग के पास मोटा पैसा था लेकिन फिर भी—वो अपनी बीवी और अपनी औलाद—दोनों से परेशान थे।”

“क्या मतलब?”

“यह बात अपने तक ही रखिएगा मिस्टर जैकोबी”— लेवाइन ने राज़दार आवाज़ में कहा—“मैं और मिस्टर ग्रेग बहुत अच्छे से एक दूसरे को जानते थे और हमारे आपसी ताल्लुकात एक दुकानदार और ग्राहक के ताल्लुकातों से कहीं बढ़कर थे। हम अक्सर अपनी ज़िन्दगी में घट रहीं घटनाओं को एक दूसरे से शेयर करते थे और दोस्ती के उन्हीं पलों में मिस्टर ग्रेग ने यह बात मुझे खुद बताई थी।”

“मामला क्या है?”

“दरअसल मिस्टर ग्रेग ने कहा था कि उनकी बीवी— मिसेज़ ग्रेग—एक अजीब किस्म की औरत है जिसने उन पर— अपने पति पर—कभी कोई गौर नहीं किया। हालांकि खुद मिस्टर ग्रेग एक बढ़िया इंसान थे लेकिन उनकी बीवी को अपने खाविंद से ज़्यादा अपनी औलाद में दिलचस्पी थी। जिस दिन से उनके घर में उनका बेटा पैदा हुआ था, मिसेज़ ग्रेग ने अपनी सारी तवज्जो अपने बेटे पर केन्द्रित कर दी और अपने खाविंद से पूरी तरह विमुख हो गई थीं।”

“ओह....तो ये बात है। मिस्टर ग्रेग ने और भी कुछ कहा था क्या?”

“नहीं....लेकिन उल्टा मैंने ही उन्हें ये राय दी थी कि इन हालातों में वो अपने लिए किसी महिला दोस्त से रिश्ते बना लें, लेकिन मिस्टर ग्रेग खुदा का खौफ खाते एक पक्के कैथोलिक थे, सो उन्होंने मेरी इस राय को खड़े पैर नामंजूर कर दिया था।”

“ओह!”

“मिस्टर ग्रेग ने अकूत दौलत तो कमाई लेकिन बद्किस्मती देखिए कि यही दौलत उनके पारिवारिक जीवन की गुत्थियों को सुलझाने में कोई मदद न कर सकी। मिस्टर ग्रेग एक अरसे से अपनी मौजूदा जिन्दगी से नाखुश थे और उनकी यही फ्रस्ट्रेशन तब और बढ़ जाती थी जब उन्हें ये अहसास होता था कि उनका उनकी बीवी पर कैसा भी कोई होल्ड अब नहीं था। अपने बेटे के पैदा होने के बाद मिसेज़ ग्रेग की दुनिया अब बस वही बेटा था और उस दायरे में, उस घेरे में मिसेज ग्रेग के लिए उनके पति की भी कोई हिस्सेदारी नहीं थी।”

“हम्म....और मिस्टर ग्रेग का ये बेटा करता क्या है?”

“मालूम नहीं....मैं उसके बारे में कुछ नहीं जानता।”

“ठीक है”—जैकोबी ने उठते हुए कहा—“शायद मिसेज ग्रेग खुद बता सकें कि उन्होंने अपने पति की हादसे में हुई मौत के बाद उनकी उस जैकेट का क्या किया था।”

“ओह—तो तुम उनसे पूछताछ करने की सोच रहे हो?”

“हाँ।”

“ठीक है—लेकिन होशियार रहना। वो औरत पैसे वाली तो है ही लेकिन साथ में बेहद रूखी मिजाज़ की भी है। मुझे लगता है कि किसी भी मामले में किसी पुलिसवाले का उसके घर यूँ लपके आना उसे कोई खास पसंद नहीं आने वाला।”

“हम्म....शुक्रिया, हम इस बात का ध्यान रखेंगे। वैसे वो रहती कहाँ है?”
 
“मिस्टर ग्रेग की मौत के बाद माँ-बेटे ने अपना बड़ा मकान, वो मैंशन तो बेच दिया था और आजकल वो दोनों ऐकेशिया ड्राइव पर बने एक कदरन छोटे मगर खूबसूरत मकान में शिफ्ट हो गए हैं।”

“ठीक है....शुक्रिया मिस्टर लैवाइन।”—जैकोबी ने कहा और वहाँ से पुलिस हैडक्वार्टर के लिए लौट पड़ा।

मिस्टर लेवाइन से हासिल जानकारी की रू में, उसे यही ठीक लगा कि मिसेज ग्रेग जैसी खब्ती औरत से की जाने वाली कैसी भी कोई पूछताछ खुद उसे करने के बजाए सीधे लेपस्कि को ही करनी चाहिए।

¶¶

केन ब्रैन्डन ने धड़कते दिल से कॉरैन पर निगाह डाली।

“क्या तुम्हें यकीन है?”—उसने फंसे स्वर में पूछा।

“हाँ”—कॉरेन ने कहा—“वह वही कमीना है जो हमें उस रात वहाँ मिला था और हालांकि आज उसने अपनी दाढ़ी को हल्का कर छाँट लिया हुआ है लेकिन इसके बावजूद भी मैंने उसे फौरन पहचाना था।”

“हे भगवान!”—ब्रैन्डन ने अपना सिर थाम लिया—“अब ये कमीना यहाँ क्या करने आया होगा?”

“वह मुझे चैक करने आया होगा।”

“आखिरकार उसकी यूँ यहाँ आने की कोई और वजह क्या होगी?”

“वो तो कहना मुहाल है लेकिन उसका यूँ यहाँ आना इस बात को तो साफ कर ही देता है कि उसका फिलहाल पुलिस के पास जा पहुँचने का कोई इरादा नहीं।”

“तो उसके दिमाग में कोई और फितूर होगा वरना वो यहाँ आता ही क्यों?”

“तुम इतना घबरा क्यों रहे हो केन?”—कॉरेन ने उसकी आँखों में झाँकते हुए पूछा।

“तुम....तुम समझती नहीं हो कॉरेन”—केन ब्रैन्डन ने कहा—“मैं एक शादीशुदा आदमी हूँ और इस तरह तुम्हारे साथ किसी स्कैण्डल में मेरा नाम आना मेरी उस शादीशुदा ज़िन्दगी को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है।”

“तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है केन”—कॉरेन की आँखों में चिड़चिड़ाहट उभरी—“अपनी बीवी से बेवफाई करने वाले तुम दुनिया के कोई पहले मर्द नहीं हो और दुनिया में लाखों मर्द आए दिन ऐसा करते हैं, फिर करते हैं, फिर के बाद फिर करते हैं—लेकिन इसके बावजूद कोई तुम्हारी तरह यूँ शहीद बनकर नहीं दिखाता।”

“तुम मेरी हालत को ठीक से समझ नहीं रहीं”—केन ने डेस्क पर घूँसा मारते हुए कहा—“अगर हमारी उस रात की जुगलबन्दी की खबर तुम्हारे बाप या मेरी बीवी दोनों में से किसी के भी कान में पड़ गई तो मैं पूरी तरह बर्बाद हो जाऊँगा।”

“अगर तुम्हें सचमुच इसकी इतनी ही दहशत थी तो तुम्हें उस दिन मेरे केबिन में चलना ही नहीं चाहिए था”—कॉरेन ने लंबी साँस छोड़ी और कहा—“खैर, मुझे अभी काफी काम है, सो मैं अपनी टेबल पर जा रही हूँ।”

उसने कहा और पलटकर अपनी डेस्क की ओर चली गई।

केन पीछे स्तब्ध खड़ा रहा।

उसे समझ नहीं आ रहा था कि वो कैसे इस झंझट से निकले।

अपनी कुलीग के साथ कुछ वक्त बिताने के क्षणिक आवेश में लिए गए उसके एक फैसले ने आज उसकी हालत बिगाड़ दी थी। हालात बड़ी तेजी से उसके काबू से बाहर जा रहे थे और वह खुद को उस भुन्गे की तरह महसूस कर रहा था जो किसी मकड़ी के जाल में जा फंसा हो। जहाँ वो इस जाल से निकलने की अपनी कोशिश में जितने हाथ-पाँव मारता था, उतना ही गहरा उसमें फँसता जाता था।

तभी अचानक टेलिफोन की घण्टी बजी।

उसकी तंद्रा भंग हुई।

उसने हाथ आगे बढ़ाकर रिसीवर उठाया।

“हैलो।”—उसने रिसीवर को चेहरे के पास लाकर कहा।

“ब्रैन्डन”—दूसरी ओर से स्टर्नवुड की आवाज़ उभरी— “मुझे पता चला है कि तुम अपनी नई पोस्टिंग के अपने असाइनमैन्ट्स पर बड़ी मेहनत से काम कर रहे हो।”

“सर, मैं अपनी ओर से हमेशा ईमानदाराना कोशिश ही करता हूँ।”

“बहुत बढ़िया ब्रैन्डन”—आवाज़ आई—“मैं हमेशा से तुम्हारे इस कैलिबर को पहचानता था। मुझे यकीन था कि अगर तुम्हें कोई नई ज़िम्मेदारी दी जाए तो तुम उसे बढ़िया तरीके से निभा सकते हो। मैं तुमसे बहुत खुश हूँ ब्रैन्डन।”

“ओ....थैंक यू सो मच मिस्टर स्टर्नवुड।”

“और मेरी बेटी कैसे काम कर रही है....वह थोड़ी मूडी है लेकिन वहाँ ऑफिस में तुम इंचार्ज हो सो तुम उस पर, उसके ऑफिस आवर्स में कण्ट्रोल रख सकते हो। हालांकि वह अपने काम में माहिर है और मुझे लगता है कि तुम उसकी ओवरऑल परफार्मेन्स से निराश नहीं होओगे।”

“ओवरऑल परफार्मेन्स?”—केन ने सोचा—“उसकी ऐसी परफार्मेन्स है कि अब मैं क्या कहूँ!”

“केन”—स्टर्नवुड की आवाज़ उभरी—“क्या तुम लाइन पर हो।”

“जी मिस्टर स्टर्नवुड”—ब्रेन्डन अपने ख्यालों से निकला और बोला—“वह बढ़िया काम कर रही है।”

केन हालांकि कहना चाहता था कि कॉरेन का वहाँ से तबादला कर दिया जाए लेकिन ऐसा कह सकने की उसकी हिम्मत न हुई।

“बढ़िया”—स्टर्नवुड ने कहा—“ऐसे ही बढ़िया काम करते रहो ब्रैन्डन और कंपनी की ओर से मैं तुम्हें यकीन दिलाता हूँ कि तुम्हें तुम्हारी इस मेहनत की पूरी उजरत दी जाएगी।”

“शुक्रिया मिस्टर स्टर्नवुड।”

“आगे भी मेहनत करते रहो और वक्त पर अपनी रिपोर्ट पेश करना न भूलना।”

“जी मिस्टर स्टर्नवुड....मैं आपको निराश नहीं करूँगा।”

“बढ़िया।”—स्टर्नवुड ने कहा और कॉल काट दी।

केन ने रिसीवर यथास्थान टिकाया और एक निगाह अपनी कलाई घड़ी पर डाली।

छः बजने में पांच मिनट थे।

अगर वो चाहता तो अपना दफ्तर तभी बन्द कर सकता था लेकिन अभी उसके पास इतना काम पैन्डिंग था कि उसे और कम से कम आधा घन्टा लगने वाला था।

तभी कॉरेन ने उसके केबिन के दरवाज़े पर नॉक किया। केन ने निगाह उठाई तो पाया कि वो दरवाज़े पर मुस्कराती हुई खड़ी थी।
 
“मुझे किसी से मिलने जाना है”—उसने कहा—“तो फिर कल मिलते हैं।”

“ठीक है।”—केन ने कहा।

“ओह केन”—कॉरेन बोली—“यूँ इस तरह मातमी सूरत बनाए रखने से कुछ हासिल नहीं होगा। तुम चिंता मत करो, जल्दी ही सब ठीक हो जाएगा।”

“हूँ।”

“ओके—बाई फॉर नाओ।”—कहकर वह बाहर मेन डोर की ओर बढ़ गई।

पीछे केन उसके जाते हुए कदमों की आहट सुनता हुआ सोच रहा था कि क्या वाकई वो परिस्थितियों को, इन परेशानियों को बढ़ा-चढ़ाकर आँक रहा था?

उधर कॉरेन अभी काऊण्टर तक ही पहुँची थी कि ठिठक गई।

लू बून दफ्तर में दाखिल हो रहा था।

कॉरेन फौरन सतर्क हो गई।

उसने खुद को संभाला और अपने चेहरे पर व्यवसायिक मुस्कुराहट लाते हुए बोली—

“वैल....सर, आज के लिए दफ्तर बन्द हो चुका है सो कृपया करके आप कल आएँ।”

लू फौरन समझ गया कि लड़की उसे पहचान चुकी थी।

“मेरा काम बहुत ज़रूरी है बेबी”—उसने दफ्तर के दरवाज़े को अपने पीछे बन्द किया और कुण्डी लगाते हुए बोला—“वैसे अभी ब्रैन्डन यहीं है न?”

“हाँ—क्या तुम उससे मिलना चाहते हो?”—कॉरेन ने कहा—“और तुम्हारा नाम क्या है?”

“लू नाम है मेरा”—उसने आगे बढ़ते हुए कहा—“और मैं अकेले उसी से नहीं बल्कि तुम दोनों से इकट्ठा मिलना चाहता हूँ।”

“क्यों?”

“बस ज़रा ये पूछना चाहता था कि उस रात केबिन में हुए उस मौज-मेले में कोई कसर बाकी तो नहीं रह गई थी!”

भीतर बैठे ब्रैन्डन तक यह सारा वार्तालाप पहुँच रहा था।

वह सिहर उठा।

किसी अनजान भावना से उसने अपनी मेज़ के दराज़ में रखे रिकार्डर का स्विच ऑन कर दिया।

अपने क्लायन्टों से बातचीत के दौरान वह अक्सर इसका इस्तेमाल करता था कि बाद में पूरा वार्तालाप सुनकर वह पक्का कर सके वह कोई ज़रूरी बात भूल तो नहीं गया है।

उसने दराज़ को खुला छोड़ दिया और उठकर अपने केबिन के दरवाज़े पर पहुँचा।

“हैलो दोस्त”—लू उसकी ओर देखकर धूर्तता से मुस्कराते हुए बोला—“तो कल रात की मौजमस्ती बढ़िया रही न?”

“कौन हो तुम”—केन ने पूछा—“और क्या चाहते हो?”

“तुम्हें बखूबी पता है कि मैं कौन हूँ।”—लू ने कहा— “आओ—बैठकर बात करते हैं।”

केन ने उसे अपने केबिन में सामने कुर्सी पर बैठने का इशारा किया और खुद भी भीतर आ गया।

पीछे-पीछे कॉरेन भी केबिन के दरवाज़े पर आकर खड़ी हो गई।

केन अपनी कुर्सी पर आ बैठा।

मेज़ की दराज़ पूर्ववत खुली रही।

“आओ बेबी”—लू ने कॉरेन की ओर देखते हुए कहा— “तुम भी यहीं आ जाओ....क्यों खड़े रहकर अपने खूबसूरत पैरों को थका रही हो।”

“बको मत....” कॉरेन भीतर फाइल केबिनेट के पास आकर खड़ी हो गई और बोली—“अपनी बात पूरी करो और अपने काम से काम रखो।”

“लो—तुम तो नाराज़ हो गईं।”—लू ने कहा—“पर मुझे तुम्हारा ये अक्खड़पना पसंद आया।”

“बेहतर होगा कि हम मुद्दे की बात करें।”—केन ने मिमियाते हुए कहा।

“ठीक है”—लू ने अपने दोनों हाथ हवा में लहराए—“तो फिर मैं सीधे-सीधे काम की बात पर आता हूँ।”

“हम सुन रहे हैं।”—कॉरेन ने कहा।

“मैं तुम दोनों के बारे में सब जानता हूँ।”—लू ने दोनों पर बारी-बारी से निगाह डालते हुए कहना शुरू किया—“पिछली रात तुम दोनों के फन-टाइम के दौरान वहीं तुम्हारे उस प्रेम घरौंदे के नज़दीक एक घटिया औरत का लाइफ टाइम पूरा हो गया था।”

“तो इससे हमें क्या?”—कॉरेन ने कहा

“तुम्हें इस बाबत चिंता होनी चाहिए बेबी कि जब उस औरत का उस रात कत्ल हुआ था तो उसी वक्त मौकाए वारदात के आसपास तुम दोनों भी मौजूद थे। याद करो कि तुम दोनों जब मुझे वहाँ टकराए थे तब भी ब्रैन्डन”—उसने केन की आँखों में झांकते हुए कहा—“का चेहरा झक सफेद पड़ा हुआ था और हालांकि उस वक्त मुझे उसकी वजह चाँद की रोशनी लगी थी लेकिन अब मैं जानता हूँ कि वो वजह चाँद की रोशनी नहीं बल्कि कुछ और ही थी। तुम दोनों ने मुझे पैडलर्स क्रीक का रास्ता बताया था और अपनी उस मुख्तसर सी बातचीत में ही मैंने तुम दोनों में उस असहजता को भांप लिया था।”

“हमने कोई कत्ल नहीं किया।”—केन ने धीमे स्वर में कहा।

“मैं जानता हूँ कि तुम दोनों में से कोई भी कातिल नहीं है लेकिन मैं यह भी जानता हूँ कि ये वो तुम दोनों ही थे जो वहीं पास के उस केबिन, उस लवनैस्ट में ऐश कर रहे थे। आज सुबह-सुबह पुलिस मुझ तक पहुँच गई थी और मुझसे इस मामले में पूछताछ हुई है लेकिन इस शहर की पुलिस की असली दिक्कत यही है कि वो अपनी किसी भी कोशिश के बावजूद मुझ पर कातिल होने का इल्ज़ाम नहीं लगा सकते। उन्होंने मेरे मौजूदा ठिकाने की भरपूर तलाशी ली है और अब इन हालातों में मैं उनकी उस संभावित कातिल के नामों वाली फेहरिस्त से बाहर हूँ।”
 
“तुम हमसे क्या चाहते हो?”—कॉरेन ने अधीर होते हुए पूछा—“और इन सब बातों से हमारा क्या मतलब?”

“मतलब है”—लू ने गर्जकर कहा—“पुलिस ने मुझसे की गई पूछताछ में मेरे पिछली रात के मूवमैन्ट्स के बारे में भी सवाल किए थे और उन्हीं सवालों में से एक के जवाब में मैंने उन्हें कह दिया कि पिछली रात हिप्पी कॉलोनी की ओर आते समय मुझे वहाँ रास्ते में—मौकाए वारदात के आसपास—कोई नहीं मिला था।”

“हाँ तो फिर....”—कॉरेन ने कसमसाते हुए पूछा।

“तो फिर ये बेबी”—लू ने दाँत चमकाते हुए कहा—“कि तुम दोनों बखूबी जानते हो कि मेरा पुलिस को दिया बयान झूठा है और ऐसा झूठ बोलकर मैंने तुम दोनों पर एक अहसान किया है।”

“तुम्हारी इस दरियादिली का शुक्रिया”—कॉरेन ने कठोरता से कहा—“और अब जब तुम अपनी इस मदद के लिए, हमारे पर किए गए अहसान के लिए, हमसे शुक्रिया बटोर चुके हो तो चलते फिरते नज़र आओ।”

“वैल बेबी”—लू ने धैर्यपूर्वक कहा—“ऐसी भी क्या जल्दी है, मैं पहले अपनी बात तो पूरी कर लूँ।”

“बको जो बकना चाहते हो लेकिन तुम्हारी बकवास सुनने के लिए हम यहाँ हमेशा नहीं बैठे रह सकते। हमें और भी काम हैं।”

माहौल में यकायक आई उस गर्मी ने लू के लिए स्थिति थोड़ी असहज कर दी थी।

उसे लड़की से ऐसे हौंसले की उम्मीद कतई नहीं थी।

“सुनो-सुनो”—केन ने वार्तालाप का सूत्र अपने हाथ में लेते हुए कहा—“ऐसे तो ये मामला सुलझने से रहा”—उसने लू की ओर देखा और कहा—“और तुम जो कुछ भी कहना चाहते हो, साफ-साफ करो।”

“ठीक है”—लू ने केन की ओर देखा और कहा—“अब मैं साफ-साफ ही कहता हूँ।”

“जल्दी....हमें और भी काम करने हैं।”—कॉरेन ने चिढ़कर दूसरी ओर देखते हुए कहा।

“बेबी, ये देखते हुए कि मैंने तुम्हारे ऊपर कितना बड़ा अहसान किया है, तुम्हारी यह बद्तमीज़ी और ये बेहूदा रूखापन मुझे हैरान कर रहा है, लेकिन कोई बात नहीं। मुझे तुमसे कोई सद्व्यवहार नहीं बल्कि अपने उस अहसान के बदले कुछ और ही चाहिए।”

केन और कॉरेन ने कोई जवाब नहीं दिया।

“वैसे सच यह है कि”—लू ने आगे कहा—“अपनी मौजूदा बंजारों जैसी धक्के खाती ज़िन्दगी से मैं खुद बेज़ार हो चुका हूँ और अपनी इस बेहूदा लाइफ-स्टाइल को बदलने के लिए मुझे कुछ रकम की दरकार है और मैं जानता हूँ कि तुम दोनों इस बाबत मेरी मदद कर सकते हो....”

“तुम क्या जानते हो?”—कॉरेन ने फिर से बीच में टोकते हुए कहा—“तुम कुछ नहीं जानते।”

“ओह बेबी”—लू ने उसे घूरते हुए कहा—“मैं जानता हूँ कि तुम्हारा बाप इस शहर के रईसों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है और....”—लू ने केन पर निगाह डाली और कहा— “तुम और तुम्हारी बीवी—जो डाक्टर के यहाँ रिसेप्शनिस्ट की अच्छी खासी तनख्वाह की नौकरी करती है—की इतनी तो हैसियत है ही कि मेरा काम बन जाए।”

“तुम जानते हो तुम क्या कह रहे हो?”—कॉरेन ने चिढ़कर कहा—“तुम समझ रहे हो न कि जो तुम करना चाहते हो उसे ब्लैकमेल कहते हैं?”

“ओह बेबी”—लू ने कॉरेन पर निगाह डाली और कहा—“मैं सिर्फ़ वो कह रहा हूँ जिससे हम तीनों ही एक दूसरे की मदद से इस सारे झंझट से दूर रह सकें। मैं तुम दोनों के लिए दिए गए अपने उस मददगार बयान के बदले अपने लिए थोड़ी सी मदद मांग रहा हूँ और तुम इसे ब्लैकमेल का नाम दे रही हो।”

“ये ब्लैकमेल है—सीधे-सीधे ब्लैकमेल।”

“पड़े कहती रहो, लेकिन तुम्हारे कहने भर से तो ऐसा होने वाला नहीं।”

“हम पुलिस से तुम्हारी इस गैरकानूनी हरकत की शिकायत कर सकते हैं।”

“यकीनन। क्यों नहीं कर सकते, ज़रूर कर सकते हो, लेकिन अगर तुमने ऐसा किया तो मैं भी पुलिस को दिए अपने उस बयान को बदलने के लिए आज़ाद रहूँगा और वैसे भी”— उसने कॉरेन को घूरा—“मुझे पुलिस का सामना करने से बहुत डर लगता है। कौन जाने उस वक्त अपने डर की वजह से मैं पुलिस के आगे क्या कुछ बक दूँ। तुम ऐसा होते देखना चाहोगी?”

“सुनो-सुनो”—केन ने बीच में कहा—“तुम कहते हो कि तुम्हें हमसे कुछ रकम चाहिए....कितनी चाहिए?”

“देखो—मैंने तय किया है कि मैं इस पूरे मामले पर पुलिस के सामने अब दोबारा नहीं जाना चाहता बशर्ते कि मेरे इस अहसान के बदले तुम दोनों मुझे दस हज़ार डॉलर दे दो....बोलो क्या ख्याल है।”

यह सीधे-सीधे ब्लैकमेलर का अंदाज़ था और केन ने अपने बनाने वाले का शुक्रिया अदा किया कि पता नहीं कैसे, वक्त रहते, उसे यह अक्ल आ गई थी कि उसने रिकार्डर का स्विच ऑन करके ये सारा वार्तालाप रिकार्ड कर लेने की सद्बुद्धि दिखाई थी।

उसे अपनी मेज़ के खुले दराज में रखे रिकार्डर के घूमते हुए स्पूल साफ दिख रहे थे।

“तुम्हें हमसे एक दमड़ी भी नहीं मिलेगी।”—केन के जवाब देने से पहले ही कॉरेन बोल पड़ी।

“वैसे मैं जानता था कि तुम दोनों ऐसी कोई बेवकूफी की बात भी कह सकते हो सो”—उसने जेब से कागज़ के दो रुक्के निकालकर उन्हें केन और कॉरेन को देते हुए कहा—“मैं अब तुम्हें ये दिखाना चाहूँगा और जानना चाहूँगा कि आगे इस बाबत तुम दोनों के क्या ख्याल हैं!”

केन ने रुक्का थामकर उसे खोला।

रुक्का केन की बीवी के नाम था जिसमें लिखी तहरीर उसकी शादीशुदा ज़िन्दगी में आग लगा सकती थी।

उसमें लिखा था—

मिसेज़ ब्रैन्डन,

मेरे ख्याल से आपको अपने पति से पूछना चाहिए कि बाइस तारीख की रात को वो जनाब अपनी दफ्तर की कुलीग कॉरेन स्टर्नवुड के साथ उसके पैडलर्स क्रीक वाले केबिन में क्या कर रहे थे।

पर-स्त्री गमन में यकीन न रखने वाला आपका एक शुभाकांक्षी।

केन के छक्के छूट गए।

उसने कागज़ के उस रुक्के से निगाह उठाई और कॉरेन की ओर देखा।

कॉरेन अभी अपना कागज़ पढ़ रही थी, जिसमें लिखा था—

मिस्टर जेफरसन स्टर्नवुड,

अपनी बेटी से पूछिए कि बाइस तारीख की रात वो अपने पैडलर्स क्रीक वाले केबिन में अपने दफ्तर के कर्मचारी केन ब्रैन्डन के साथ क्या कर रही थी?

पर-स्त्री गमन में यकीन न रखने वाले एक शुभाकांक्षी की ओर से।

तभी लू उठ खड़ा हुआ और केबिन से बाहर की ओर चल पड़ा।

“तुम दोनों आपस में सलाह मशविरा कर लो”—उसने कहा—“मैं अब तीन दिन बाद आऊँगा और मुझे उम्मीद है कि तब मौजूदा हालातों की रू में तुम दोनों अपनी इस खस्ता पोज़िशन के मद्देनज़र मुझे मेरी माँगी दस हज़ार की रकम डिलीवरी को तैयार रखोगे।”

केन और कॉरेन—दोनों ने कुछ न कहा।

“और अगर”—लू ने उन्हें घूरा और अपने शब्दों को चबाते हुए कहा—“ऐसा न हुआ तो मजबूरन मुझे ये दोनों रुक्के तुम्हारे पते पर रवाना करने होंगे।”

कहकर लू दफ्तर से बाहर निकल गया।

पीछे अपने कांपते हाथों से केन ने रिकार्डर का स्विच ऑफ किया।

“तुमने ये सारी बातचीत रिकार्ड की है?”—कॉरेन ने उसके झक सफेद चेहरे पर निगाह डालते हुए पूछा।

“हाँ।”

“बढ़िया किया”—वो बोली—“लाओ अब ये टेप मुझे दे दो ताकि मैं इसे पुलिस के पास ले जा सकूँ।”
 
“क्या बकती हो!”—केन ने चीखते हुए कहा—“क्या पहले ही हम किसी कम मुसीबत में हैं जो तुम्हें ये नया शोशा खड़ा करने की सूझी है। पुलिस ने अगर उसे इस ब्लैकमेलिंग की कोशिश में पकड़ भी लिया तो भी क्या होगा? उसका अंदाज़ बता रहा है कि वो ये काम कोई पहली बार नहीं कर रहा और उसे इस किस्म के गैरकानूनी कामों को करने का तजुर्बा है। पुलिस ने अगर उसे थाम लिया तो वह सबसे पहले मेरे और तुम्हारे सम्बन्धों की बाबत ही मुँह खोलेगा और उसके ऐसा करते ही मैं पूरी तरह बर्बाद हो जाऊँगा।”

“तुम्हारा मतलब है कि हमें उस कमीने को दस हज़ार डॉलर दे देने चाहिए?”

“मेरे पास इतनी बड़ी रकम नहीं है।”

“मेरे पास भी नहीं है और अगर होती भी तो भी मैंने उसे एक नया पैसा नहीं देना था। भेज लेने दो उसे वो चिट्ठियाँ। मेरा बाप इस मामले में जो हाय-हाय करेगा, जो वाही-तबाही बकेगा, मैं उससे निपट लूँगी। मैं रो-धोकर उसके सामने ऐसा ड्रामा करूँगी कि उसे यकीन हो जाएगा कि तुम्हारे-मेरे बीच ऐसा-वैसा कुछ नहीं है।”

केन ने जवाब नहीं दिया।

वो अभी भी सशंकित था।

शायद कॉरेन अपने बाप को संभाल सकती थी, लेकिन क्या वो भी अपनी बीवी को अपने वफादार पति होने का यकीन दिला सकता था?

उसे लगा कि वो ऐसा करने में अक्षम था।

ये उसके बस की बात नहीं थी।

“देखो केन”—कॉरेन ने घड़ी पर निगाह डाली और वहाँ से बाहर निकलते हुए कहा—“मुझे देर हो रही है सो मुझे फौरन निकलना होगा लेकिन जाने से पहले मैं बता दूँ कि ब्लैकमेलर को रकम देने का तो सवाल ही नहीं उठता। अब तुम क्या करोगे, ये तुम जानो, लेकिन बेहतर यही होगा कि तुम अपनी बीवी को भरोसे में लेकर ही कोई काम करो।”

“हूँ—मैं सोचूँगा कि मुझे क्या करना है?”

“ठीक है—सी यू टुमारो।”—कॉरेन ने हाथ हिलाकर कहा और बाहर निकल गई।

पीछे अब दफ्तर में केन अकेला था।

कॉरेन ने उसे सलाह दी थी कि वो अपनी पत्नी को भरोसे में लेकर ही कोई फैसला करे।

लेकिन कैसे?

कैसे वो उसे भरोसे में ले?

वो उससे सच नहीं बोल सकता था।

और उससे झूठ बोलने पर वह उल्टा उस मामले में और गहरा जा फंसता। अभी जो आग उसके घर के बाहर लगी हुई थी, वही आग उसकी शादीशुदा ज़िन्दगी में उसके घर के भीतर तक पहुँच जाती।

फिर जैसे ही लू का लिखा वो रुक्का उसके हाथ लगता वो फौरन उसका झूठ पकड़ लेती।

ऐसा झूठ बोलने का न उसमें हौसला था और न तजुर्बा।

उल्टा ऐसा झूठ उसे उसकी बीवी की नज़रों में और गिरा देता।

पहले ही वो एक गलती कर चुका और अब झूठ बोलकर एक और गलती नहीं करना चाहता था।

इस ख्याल ने, कि बेट्टी उसके झूठ को पकड़ सकती थी, उसे पश्चाताप् और आतंक ने जकड़ लिया।

उसने बहुत सिर खपाया लेकिन आखिरकार इसी नतीजे पर पहुँचा कि इन हालातों में अब बेहतर यही था कि वो खुद बेट्टी के सामने जाकर सच्चाई कह दे।

और किसी तरह उसकी जान अब इस सांसत से नहीं निकल सकती थी।

उसने अपनी कलाई घड़ी पर निगाह डाली।

साढ़े छः बजे थे।

बेट्टी अब तक अपने काम से छुट्टी पाकर घर पहुँच चुकी होगी और अब अगर उसे अपनी गलती को सुधारना था तो फौरन घर जाकर बेट्टी के सामने वो कबूलनामा कर लेना चाहिए था।

जितनी जल्दी—उतना बढ़िया।

ब्रैन्डन ने अपना दफ्तर लॉक किया और कार स्टार्ट कर अपने घर की ओर रवाना हो गया।

वो शाम का वक्त था और शहर की सड़कों पर गाड़ियों की लम्बी कतारें रेंगती हुई आगे बढ़ रही थीं।

पूरे रास्ते केन बस यही सोचता रहा कि बेट्टी के सामने जाकर वह किन लफ्ज़ों में अपनी बेवफाई की हामी भरेगा और कैसे अपने किए पर शर्मिन्दा होकर दिखाएगा।

अपने दिमाग पर खूब ज़ोर डालकर भी वो तय नहीं कर पा रहा था कि अपने पश्चाताप् को वो किन शब्दों में कैसे कहेगा।

इसी उधेड़बुन में वह घर पहुँचा।

अपनी कार गैराज में पार्क करते हुए उसने देखा कि बेट्टी की कार पहले ही वहाँ मौजूद थी।

साफ था कि बेट्टी पहले ही घर पहुँच चुकी थी।

उसने कार से बाहर निकलकर उसे लॉक किया, एक गहरी साँस ली और हौसला जुटाता भीतर लॉबी में पहुँचा।

“केन”—बेट्टी ने उसे वहाँ देखते ही कहा—“ओह डार्लिंग, तुम आ गए। मैं बस तुम्हें फोन करने ही वाली थी।”

केन ने महसूस किया कि बेट्टी पहले से परेशान लग रही थी।

“हे भगवान”—उसने सोचा—“क्या वो कमीना लू यहाँ आकर अपनी बकवास कर भी चुका था?”

“क्या बात है हनी”—प्रत्यक्षतः उसने धड़कते दिल से पूछा—“क्या कोई गड़बड़ है?”

“माँ का फोन आया था”—उसने रुआँसी हालत में कहा— “और वो कह रही थीं कि पापा को हार्ट अटैक आया है।”

बेट्टी के माँ-बाप एटलान्टा में रहते थे और उसके पिता शहर के एक जाने-माने अटार्नी थे।

खुद केन को उनसे बहुत लगाव था।

ये केन के लिए एक ऐसी खबर थी जिसके प्रभाव में वह एकबारगी तो अपनी मौजूदा दुश्वारी को भी भूल गया।

“क्या वो सीरियस हैं?”—उसने शॉक से उबरते हुए पूछा।

“हाँ, उन्होंने मुझे बुलाया है।”

“ओह!”

“तुम मुझे एयरपोर्ट छोड़ दो। मैंने अगले घण्टे उड़ने वाली फ्लाइट का टिकट ले लिया है।”

“हाँ....चलो।”

बेट्टी भीतर से अपना सूटकेस निकाल लाई।

केन ने सूटकेस कार में रखा और बेट्टी को एयरपोर्ट छोड़ने चल पड़ा।

“मैं तुम्हें अकेला छोड़कर जाना नहीं चाहती थी लेकिन मजबूरी है”—बेट्टी ने कहा—“तुम्हें परेशानी तो होगी लेकिन....”

“ओह नो—मेरी फिक्र न करो”—केन ने उसे तसल्ली दी—“बल्कि काश मैं भी तुम्हारे साथ चल पाता।”

बेट्टी की आँखों में आँसू आ गए।

केन कार ड्राइव करता रहा।

अब वो इस नए शॉक से उबर चुका था और एक बार फिर अपनी मौजूदा मुश्किल के बारे में सोच रहा था।

वो बेट्टी से इस बाबत बात करना चाहता था लेकिन उस काम के लिए यह सबसे ज़्यादा गैरमुनासिब वक्त था।

और फिर—

अगर बेट्टी एक हफ्ता घर से दूर रहे और इसी दौरान वो चिट्ठी उसके यहाँ डिलीवर हो जाए तो वो बड़ी आसानी से उसे नष्ट कर सकता था।

बढ़िया।

बेट्टी परेशान थी।

उसके पिता हस्पताल में ज़िन्दगी और मौत के बीच झूल रहे थे।

लेकिन इसके बावजूद—

केन ने अपार निश्चिंतता अनुभव की।

¶¶
 
चीफ आफ पुलिस—टेरेल—पुलिस हैडक्वार्टर में बने अपने दफ्तर में अपनी डेस्क पर पाइप पीता लेपस्कि द्वारा पेश की जा रही रिपोर्ट सुन रहा था।

“हमारी जांच में हमने हैरी ब्रेन्टले को क्लीयर पाया है”—अन्त में लेपस्कि ने कहा—“उस दिन वह पूरी शाम क्लब में मौजूद था। हमने खुद उसके इस दावे को क्रास-चैक किया है और पाया है कि उसका ये दावा सही है। इधर हमने उसकी जैकेट को भी चैक किया है और उसमें भी हमें कोई बटन गायब नहीं मिला है। अब इस हिसाब से हमारी संभावित कातिलों की फेहरिस्त में केवल दो नाम बचते हैं—मिस्टर ब्रेन्डन और मिस्टर ग्रेग। इनमें भी मुझे मिस्टर ब्रेन्डन पर ज़्यादा गहरा शक है।”

“उस पर खास नज़रे इनायत की वजह?”

“सर”—लेपस्कि ने सावधानी से अपने शब्दों को चुनते हुए कहा—“अब ये लगभग पक्का है कि मिस्टर ब्रेन्डन उस रात मिस्टर स्टर्नवुड की बेटी कॉरेन के साथ उसके केबिन में मौजूद थी। ऐसे में हमें शक है कि देर रात वहाँ से लौटते वक्त मिस्टर ब्रेन्डन वहाँ मौकाए वारदात पर मौजूद रहे हो सकते हैं। उनके मामले में हम ये मानकर चल रहे हैं कि लौटते वक्त उन्होंने या तो लाश या कातिल या फिर दोनों को देखा था या फिर एक और वाइल्ड गैस करें तो उन्होंने खुद ये कत्ल किया हो।”

“हम्म....है तो ये वाइल्ड गैस ही लेकिन हो सकता है कि तीर निशाने पर ही जा लगे। अब इस मामले में तुम्हारा आगे क्या इरादा है?”

“सर—मैं इसी सिलसिले में आपसे आर्डर लेना चाहता हूँ। क्या ही ये ठीक होगा कि हम अपने अंदाज़े की बिना पर मिस्टर ब्रैन्डन पर दबाव डालकर कुछ पूछताछ करें।”

“न, अभी वो एक्सट्रीम स्टैप उठाने की स्टेज नहीं आई। फिलहाल उसकी जैकेट चैक करो”—टेरेल ने अधिकारपूर्ण स्वर में कहा—“पता करो कि वह कत्ल के किए जाते वक्त खुद को कहाँ मौजूद बताता है। मुझे यकीन नहीं होता कि ब्रैन्डन जैसा शादीशुदा जिन्दगी बिता रहा शख्स केवल वासना के क्षणिक आवेश में ऐसे जानवरों की मानिंद कत्ल करने पर उतारू हो उठे। ये किसी आम आदमी का काम नहीं है, बल्कि ये किसी वहशी का काम है। जिस हालत में हमें लड़की की लाश बरामद हुई है वो किसी खब्ती का, किसी पाशविक प्रवृत्ति वाले का ही काम हो सकता है और ब्रैन्डन को फिलहाल इस पैमाने पर रखना उसके साथ ज़्यादती होगी। वो कत्ल कर सकता है लेकिन ऐसा वहशियाना कत्ल करने का माद्दा उसमें नहीं दिखता।”

“जी सर”—लेपस्कि ने सिर हिलाते हुए कहा—“वैसे इस मामले में मिस स्टर्नवुड से भी पूछताछ की जानी चाहिए। हमें शक है कि....”

“सुनो लेपस्कि”—टेरेल ने उसकी बात काटते हुए कहा—“स्टर्नवुड की लड़की अपने निजी वक्त में क्या करती है—इससे हमें कोई लेना-देना नहीं। उसका बाप इस शहर की नामी शख्सियतों में से एक है और अपनी अकूत दौलत के बूते बहुत कुछ कर सकता है। हम उसकी लड़की पर ऐसे ही हाथ नहीं डाल सकते वरना वो अपने वकीलों की फौज के बलबूते हमारे महकमे के कई बड़े अफसरों की कुर्सियाँ हिला देगा।”

“लेकिन हमें उस लड़की पर शक है....”

“नहीं लेपस्कि, केवल शक के बिना पर उस पर हाथ डालना एक नई मुसीबत मोल लेना होगा। हमारा महकमा इस कत्ल की वजह से पहले ही एक बड़ी मुसीबत में है। अब स्टर्नवुड की लड़की पर हाथ डालते ही एक नया स्कैण्डल खड़ा हो जाएगा और फिलहाल हमारा मकसद कातिल पकड़ना है, वो कातिल जो पागल है, वहशी है और फिर भी इसी शहर की किसी गली में छुट्टा घूम रहा है।”

“लेकिन सर....”

“लेपस्कि”—टेरेल ने अपना हाथ उठाकर उसे रोकते हुए कहा—“मैं उस लड़की की बाबत तुम्हें तभी कोई आर्डर इश्यू करूँगा कि जब उससे बात करने के लिए तुम्हारे पास तुम्हारे ये अंदाज़े नहीं, ये वाइल्ड गैस नहीं, बल्कि पुख्ता सबूत होंगे। इस एक मामले में हमें बहुत होशियारी बरतनी होगी।”

“जी सर।”—लेपस्कि ने अनिच्छापूर्वक कहा।

“उस दूसरे कैण्डीडेट के बारे में तुम्हारा क्या ख्याल है?”

“सर—मिस्टर ब्रैन्डन के अलावा जो दूसरा कैण्डीडेट है वो मिस्टर ग्रेग है, बल्कि थे।”

“मतलब।”

“जी—उनकी कुछ अर्सा पहले मौत हो चुकी है।”

“और मिस्टर ग्रेग की वो जैकेट....?”

“जी—उनकी पत्नी ने अपने पति मिस्टर ग्रेग की मौत के बाद उनका सारा वार्डरोब, उनके सारे लिबास—जिसमें वो खास बटनों वाली विशेष जैकेट भी थी—दान में दे दिए होने का दावा किया है। अगर उनके इस धर्मार्थ के दावे को सच मान लिया जाए तो आगे वो खास जैकेट यूँ किसी के भी हाथ लग गई हो सकती है और वही अनजान शख्स अब कातिल भी हो सकता है।”

“हम्म....और ये मिसेज ग्रेग कैसी औरत है?”

“काफी घाघ है और अपनी पूछताछ में मैंने उनके बारे में जो कुछ सुना है, उस हिसाब से बेहद चालाक और खूब पहुँची हुई भी है।”

“इस शहर की तासीर बदल रही है बरखुरदार। आजकल यहाँ हर दूसरा शख्स कहीं न कहीं पहुँचा हुआ ही निकलता है। कमबख्त भले ही अपने ठिये से, अपने ठिकाने से न निकल पाते हों लेकिन अप्रोच ऐसी कि बिना निकले भी कहीं न कहीं पहुँच ज़रूर जाते हैं।”

“सही कहा सर—पहुँचे हुओं की यही तो पहचान होती है।”

“हाँ वो तो है। खैर तुम इस केस पर अपनी कार्यवाही जारी रखो और इस औरत, मिस्टर ग्रेग की धनाढ्य विधवा को भी ज़रा सावधानी से हैण्डिल करना।”

“सर।”

“एण्ड मेक श्योर यू कीप मी इन द लूप।”

“यस सर।”

“नाओ मूव अलांग।”

लेपस्कि ने उठकर अपने अफसर को सलाम ठोका और दफ्तर से बाहर निकल आया।

बाहर उसने अपनी कलाई घड़ी पर निगाह डाली।

आठ बजने को थे।

अब तक ब्रैन्डन घर पहुँच चुका होगा। लेपस्कि ने जैकोबी को पकड़ा और उसे अपने साथ लेकर ब्रैन्डन के बंगले आ पहुँचा।

केन एयरपोर्ट से लौट आया था और उस वक्त उसके दिमाग में लू बून नहीं बल्कि बेट्टी के पिता के ख्याल आ रहे थे। केन उनके बहुत नज़दीक था और उसे अहसास था कि उनके आखिरी वक्त में उसे उनके करीब होना चाहिए था।

ईश्वर करे वो ठीक हो जल्द वापिस घर लौटें।

तभी बाहर मेन डोर की बैल बजी।

केन अपने ख्यालों से बाहर निकला और बाहर मेन डोर पर पहुँचकर उसे खोला।

दरवाज़ा खोलते ही उसका दिल ज़ोर से धड़का।

अपने सफेद पड़े चेहरे पर आते घबराहट के भावों को छुपाने की जबरन कोशिश करते हुए वह दरवाज़े से पीछे हटा।

यूँ लेपस्कि और जैकोबी को अपने यहाँ यकायक पहुँचा देख वह बेहद आतंकित हो उठा था।

लेपस्कि ने उसकी उस हालत को फौरन भांप लिया और व्यवसायिक अंदाज़ में कहने लगा—

“मिस्टर ब्रैन्डन! मैं डिटेक्टिव लेपस्कि और मेरे साथ में डिटेक्टिव जैकोबी हैं जो अभी हाल ही में हुए एक कत्ल के सिलसिले में आपसे कुछ बात करना चाहते हैं।”

“ओह”—केन ने अपने को संभालते हुए कहा—“भीतर आइए।”

तीनों आगे पीछे चलते हुए भीतर लाऊंज में पहुँचे।

केन ने दोनों पुलिसवालों को वहीं रखे सोफे पर बैठने का इशारा किया और खुद भी एक दूसरे सोफे पर जा बैठा।
 
“जी कहिए—क्या कहना है?”—उसने संयत स्वर में पूछा।

“आप तो एक शानदार बंगले के मालिक निकले मिस्टर ब्रैन्डन।”—लेपस्कि ने अपने ठेठ पुलिसिए अंदाज़ में बात कहनी आरंभ की।

केन खामोश रहा।

उसके चेहरे से पसीना फूट रहा था और आँखें बारी-बारी से उन्हीं दोनों पर भटक रही थीं।

लेपस्कि ने जानबूझकर कुछ देर तक कुछ न कहा तो केन को कहना पड़ा—“कहिए!”

“वैल—जैसा कि मैंने कहा ही है कि हम एक कत्ल के मामले में तहकीकात कर रहे हैं सो उसी सिलसिले में हम दरअसल आपसे यह जानना चाहते थे कि”—लेपस्कि ने अपनी शर्ट की जेब से एक बटन निकालकर पूछा—“क्या ये आप ही का है?”

लेपस्कि की हथेली पर रखे बटन पर निगाह पड़ते ही केन की रीढ़ की हड्डी में आतंक की एक लहर दौड़ गई।

“क्या ये आपका है?”—लेपस्कि ने इस बार ज़रा तीखे अंदाज़ में पूछा।

“न....नहीं तो।”—आतंक और भय में जकड़े केन के मुंह से बामुश्किल ये शब्द फूटे।

“मिस्टर ब्रैन्डन”—लेपस्कि ने कहा—“यह एक बेहद गैरमामूली बटन है जिसके बारे में हम अब जानते हैं कि ये अब तक लेवाइन के यहाँ सिली हुई चार खास जैकेटों में ही इस्तेमाल हुआ है। हमारे हिसाब से आपके अलावा सिर्फ तीन और लोग ऐसे हैं जिनके कब्ज़े में वो खास जैकेट और उसमें लगे ऐसे गैरमामूली बटन हो सकते हैं। ये बटन हमें वहीं, बुरी तरह काटी-पीटी गई लाश से चन्द गज के फासले पर बरामद हुआ है—सो हम इस तरह के सभी बटनों और इन खास जैकेटों की जाँच पड़ताल में लगे हुए हैं।”

भयाक्रान्त केन के मुंह से कुछ न निकला।

वो बुत बना बैठा रहा।

“क्या आपके पास इस किस्म की खास बटनों वाली कोई जैकेट है?”—लेपस्कि ने उसकी आँखों में झांकते हुए पूछा।

“ह....हाँ।”—केन ने अपने होठों पर जुबान फिराते हुए कहा।

“बढ़िया”—लेपस्कि ने एक निगाह जैकोबी पर डाली और दुबारा केन की ओर देखते हुए कहा—“क्या मैं वो जैकेट देख सकता हूँ।”

“जी मैं अभी लाता हूँ।”—केन ने आशंकित स्वर में कहा और उठकर वहाँ से चला गया।

ब्रैन्डन के जाते ही लेपस्कि ने जैकोबी को आँख मारी।

“बस यही है हमारी आसामी।”—वो बोला।

उधर ब्रैन्डन अपने बैडरूम में पहुँचा जहाँ उसने अपनी वार्डरोब खोली और कांपते हाथों से जैकेट निकालकर उसका मुआयना करने लगा।

उसने ये देखकर राहत की लंबी सांस ली कि उसमें कोई बटन गायब नहीं था।

वह वापिस लेपस्कि के पास पहुँचा और अपनी जैकेट उसे थमा दी।

लेपस्कि ने बेहद शांत तरीके से जैकेट को जांचा।

“इट्स ऑल राइट मिस्टर ब्रैन्डन।”—वह बोला—“इसमें लगे सारे बटन अपनी जगह मौजूद हैं। हमें अफसोस है कि हमने नाहक ही आपको तकलीफ दी।”

केन को लगा कि वो फिलहाल किसी भी मुसीबत से बच निकला है।

“वैसे मिस्टर ब्रैन्डन”—तभी लेपस्कि ने पैंतरा बदलते हुए अगला सवाल दाग दिया—“उस लड़की के कत्ल का वक्त पिछली रात आठ से दस के बीच का है—और हम जानना चाहेंगे कि आप उस वक्त कहाँ थे?”

सत्यानाश!

केन पुनः घबरा गया।

अभी-अभी उसे लगा था कि ये दोनों पुलिसवाले उसकी जैकेट की जाँच से संतुष्ट होकर वहाँ से जाने वाले थे और अभी वो फिर से उनके निशाने की जद में आ गया था।

उसके जड़ दिमाग ने फटाफट कोई झूठ घड़ने की फुर्ती न दिखाई सो अपने लिए कुछ और क्षणों का वक्त लेने की गरज़ से केन ने हिचकिचाते हुए कहा—

“कल रात आठ से दस के बीच?”

“हाँ, मैंने यही पूछा।”—लेपस्कि ने कहा।

वह समझ गया था कि केन इस वक्त कोई कहानी बुन रहा है।

कोई झूठ घड़ रहा है।

“वैल—मैं तो घर पर ही था”—केन ने कहा—“दरअसल मुझे अपनी साली के यहाँ उसके घर में हुए एक फंक्शन में पहुँचना था लेकिन फिर बद्किस्मती से मेरी कार रास्ते में ही बिगड़ गई थी। तब मैंने अपनी साली को फोन किया और वापस घर लौट आया था।”

“आपने अपनी साली को कितने बजे फोन किया था?”

“मैंने आठ बजे के फौरन बाद या शायद साढ़े आठ बजे उसके घर में कॉल लगाई थी, जहाँ मेरी मेरे ब्रदर-इन-लॉ से बात हुई थी।”

“ओह—और आपके इन ब्रदर-इन-लॉ का क्या नाम है?”

“जैक फ्रेस्की। कारपोरेशन में लायर है।”

“इत्तेफाक की बात है कि मैं उसे व्यक्तिगत रूप से जानता हूँ। तो आप बता रहे थे कि एक बार वहाँ फोन कर देने के बाद आप आगे बाकी सारा वक्त अपने घर पर यहीं मौजूद थे।”

“आधी रात को जब मेरी बीवी उसी फंक्शन से घर लौटी, तब भी मैं यहीं था।”

“ओके....”—लेपस्कि ने धूर्ततापूर्वक कहा—“एक बार फिर आपको हुई तकलीफ के लिए मैं माफी चाहता हूँ।”

“कोई बात नहीं।”—केन ने कहा—“मुझे उम्मीद है कि आपकी मेहनत से वो कातिल ज़ल्द ही पकड़ा जाएगा।”

“ज़रूर”—लेपस्कि ने कहा और उठकर खड़ा हो गया— “सहयोग का शुक्रिया मिस्टर ब्रैन्डन।”

“शुक्रिया।”—ब्रैन्डन ने कहा।

दोनों पुलिसिए वहाँ से बाहर निकल आए।

जिस वक्त दोनों अपनी कार में बैठे, दोनों ने एक दूसरे को देखा।

“तुमने गौर किया कि वो कैसे एक के बाद एक झूठ बोले जा रहा था?”

“और तुम्हें क्या लगा कि वो स्टर्नवुड की लड़की के साथ होने वाली बात इतनी आसानी से मान लेगा?”—जैकोबी ने जवाब दिया।

“मुमकिन है कि इसने कातिल को देखा हो।”—लेपस्कि ने कार स्टार्ट की और उसे आगे बढ़ाते हुए कहा—“अब मिसेज़ ग्रेग के यहाँ चलते हैं।”

दस मिनट बाद वे दोनों एकेशिया ड्राइव पहुँचे—वो जगह जो पैसे वाले रिटायर्ड लोगों की पनाहगाह थी। शहर के एक हिस्से में वहाँ बनी कोठियों की स्थिति ऐसी थी कि वहाँ से सागर तट साफ दिखाई देता था। इन्हीं कोठियों में से एक कोठी में मिस्टर ग्रेग का निवास रहा था। जहाँ अब उनकी मौत के बाद उसकी बीवी अपनी इकलौती औलाद और एक नौकर के साथ रहती थी। दोनों कार से बाहर निकले और मिसेज ग्रेग की कोठी की ओर बढ़ चले। चारों ओर शान्ति व्याप्त थी और सागर तट पर आकर टकरा रहे सागरजल की आवाज़ वहाँ साफ सुनी जा सकती थी।

“कमबख्त क्या जगह है!”—जैकोबी ने जवाब देते हुए कहा—“ऐसे रिटायर्ड जिन्होंने अपने जवानी के दिनों में इतनी दौलत इसलिए कमाई होगी कि अपने बुढ़ापे के दिनों में यहाँ इस शान्त जगह आकर बस सकें।”

“ये हरामखोर बुढ़ापे में भी ऐसे ठाठ से रहते हैं और एक हम हैं जिनकी जवानी इन ओछे वहशी दरिन्दों के पीछे भागते-दौड़ते गुज़रती जा रही है।”—लेपस्कि ने कोठी का दरवाज़ा खोलते हुए कहा और फिर एक शानदार फूलों के बाग से गुज़रता हुआ कोठी के मेन डोर तक आ गया।

“ठीक कहा।”—जैकोबी ने डोरबैल बजाई और कहा— “लेकिन और चारा भी क्या है।”

कोठी के दाईं ओर एक बड़ा स्वीमिंग पूल था तो वहीं बाईं ओर एक विशाल गैराज था जिसमें आसानी से चार गाड़ियाँ पार्क की जा सकती थीं। उसमें अभी एक सिल्वर शैडो रंग की रॉल्स रायस खड़ी दिखाई दे भी रही थी।

रॉल्स रायस।

किसी की माली हैसियत की सबसे बड़ी निशानी।

और केवल माली हैसियत की ही क्यों, ये गाड़ी तो उससे कहीं ज़्यादा, कहीं आगे, गाड़ी के मालिकों की सुपर कामयाब और ऊँचे सामाजिक रुतबे की भी पहचान थी।

जैकोबी ने गैराज से निगाह हटाई और एक और बार पुश बटन दबाया।
 
दरवाज़ा खुला।

और सामने जो शख्स प्रकट हुआ वो किसी हॉरर फिल्म का कैरेक्टर दिखता था।

ऊँचा कद।

दुबला पतला जिस्म और उस पर गहरी काली पोशाक।

लेकिन शान किसी आर्क बिशप जैसी।

लम्बा पीला पड़ा चेहरा और उम्र कोई सत्तर साल।

गंजे सिर पर बचे-खुचे सफेद बर्फ जैसे बाल, भावहीन आँखें और मुर्दों की मानिंद सफेद पड़े कागज़ जैसे पतले होंठ।

“वाकई किसी हॉरर फिल्म के लिए परफैक्ट है।”—जैकोबी ने उसका ऊपर से नीचे तक जायज़ा लेते हुए धीरे से कहा।

“मिसेज़ ग्रेग हैं?”—लेपस्कि ने जैकोबी की बात को अनसुना करते हुए रौबदार पुलिसिए अंदाज़ में पूछा।

“मिसेज़ ग्रेग इस वक्त किसी से नहीं मिला करतीं।”—उस आदमी ने कहा।

आवाज़ ऐसी कि मानो किसी गहरी कब्र से निकलकर आ रही हो।

“मुझसे मिल लेंगी।”—लेपस्कि ने उसे अपना पुलिसिया बैज दिखाते हुए कहा।

“मिसेज़ ग्रेग सोने के लिए जा चुकी हैं।”—उसने बिना प्रभावित हुए कहा—“बेहतर होगा कि तुम लोग कल ग्यारह बजे आओ।”

“तुम कौन हो?”—लेपस्कि ने उससे पूछा।

“मेरा नाम रेनाल्ड्स है और मैं”—उसके स्वर में गर्व का पुट आया—“मिसेज़ ग्रेग का बटलर हूँ।”

“बढ़िया—तब तो शायद हमारा काम तुम्हीं से बन जाए और हमें मिसेज़ ग्रेग को तकलीफ देने की ज़रूरत ही न पड़े।”—लेपस्कि ने उसकी आँखों में झाँकते हुए कहा।

“मैं समझा नहीं।”

“मैं अभी समझाता हूँ।”—लेपस्कि ने गोल्फ का बटन निकालकर दिखाते हुए कहा—“हम दरअसल यहाँ एक कत्ल के सिलसिले में पूछताछ करने आए हैं। क्या तुम इसे पहचानते हो?”

रेनाल्ड्स ने भावहीन चेहरे से बटन पर निगाह डाली।

“मैंने इस जैसा बटन पहले देखा है। मेरे मालिक मरहूम मिस्टर ग्रेग के पास इस किस्म के बटनों वाली एक जैकेट थी।”

“अब कहाँ है वो जैकेट?”

“मिस्टर ग्रेग की मौत के बाद उनके ढेरों कपड़े मैंने किसी को भिजवा दिए थे।”

“किसके कहने पर?”

“मिस्टर ग्रेग की पत्नी, मेरी मालकिन, मिसेज़ ग्रेग के कहने पर।”

“क्या उन कपड़ों में ये इस किस्म के बटनों वाली जैकेट भी थी?”

“हाँ।”—रेनाल्ड्स ने निगाह चुराते हुए कहा।

लेपस्कि को लगा वह झूठ बोल रहा था सो उसने अपना सवाल घुमाकर पूछा—

“उस जैकेट का तुमने क्या किया?”

“अपनी मालकिन के कहने पर मैंने वो जैकेट मिस्टर ग्रेग के बाकी कपड़ों के साथ साल्वेशन आर्मी को भेज दी थी।”

“कब....कब भेजे थे तुमने वो सारे कपड़े?”

“मिस्टर ग्रेग की मौत के कोई दो हफ्ते बाद....जनवरी की किसी तारीख को।”

“क्या तुम्हें ध्यान है कि उस जैकेट में कोई बटन गायब रहा हो?”

“मैंने वो जैकेट भी बाकी के कपड़ों की तरह सीधे सामान्य ढंग से दे दी थी....सो मुझे अब याद नहीं कि उस जैकेट का कोई बटन गायब था या नहीं।”

लेपस्कि और जैकोबी के चेहरों पर निराशा उभर आई।

उनकी यहाँ आने की मेहनत सिफर थी।

“शुक्रिया”—लेपस्कि ने रेनाल्ड्स से कहा—“अब हमें मिसेज़ ग्रेग से मिलने की ज़रूरत नहीं है।”

रेनाल्ड्स ने अपना सिर झुकाकर उसके धन्यवाद का जवाब दिया।

दोनों पुलिसिए वहाँ से लौट पड़े।

“तुमने गौर किया”—लेपस्कि ने अपनी कार की ओर बढ़ते हुए कहा—“मेरे ख्याल से बुड्ढा 'ड्रेक्यूला' झूठ बोल रहा था।”

“हाँ—हमारे सवालों ने उसे परेशान तो कर ही दिया था।”

“कल तुम उस जैकेट के बारे में साल्वेशन आर्मी से पूछताछ करो।”—लेपस्कि ने कार का दरवाज़ा खोलते हुए कहा।

“ठीक है।”

दोनों कार में सवार हो गए।

लेपस्कि ने कार स्टार्ट की और उसे पुलिस हैडक्वार्टर की ओर दौड़ा दिया।

“मेरा ख्याल है कि”—जैकोबी ने कहा—“ऐसी खास और आमतौर पर न पाई जाने वाली जैकेट में लगे ये बेहद गैरमामूली बटनों का एक स्पेयर सैट वहाँ लेवाइन के पास मौजूद होना चाहिए।”

“सही कहा—तुम्हारी बात में दम है।”—लेपस्कि बोला—“करते हैं इस ओर कुछ।”

दोनों हैडक्वार्टर पहुँचे।

अपनी डेस्क पर पहुँचकर लेपस्कि ने लेवाइन के घर का नम्बर मालूम किया और उसे फोन मिलाया।

अगले कुछ मिनट वह लेवाइन के साथ फोन पर उलझा रहा।

“हर जैकेट के बटनों का बकायदा एक डुप्लिकेट सैट मौजूद है।”—आखिरकार लेपस्कि ने फोन रखकर जैकोबी की दिशा में देखते हुए कहा—“और इसका मतलब है कि हम जहाँ से चले थे—घूम-फिरकर वापिस वहीं आ पहुँचे हैं।”

जैकोबी निराश हो उठा।

“सारी मेहनत बेकार।”—उसने कहा—“इस किस्म की चार ज्ञात जैकेटों के मालिकों में से एक—मैकी—पहले ही यहाँ से बहुत दूर न्यूयार्क में है और हमारे शक के दायरे से बाहर है। दूसरे—बैन्टले—की उस रात की एलीबाई किसी फौलादी दीवार की तरह बेहद मज़बूत है और अब बचते हैं सिर्फ दो।”

“ब्रैन्डन और सॉल्वेशन आर्मी।”—लेपस्कि ने कहा।

“मुझे अभी भी ब्रैन्डन पर शक है।”

“मुझे भी।”—लेपस्कि ने स्वीकारते हुए कहा—“और इसीलिए तुम कल वो सॉल्वेशन आर्मी वाला सूत्र चैक करो और मैं खुद जाकर इस ब्रैन्डन के बटनों वाला मामला देखता हूँ। अगर उस कमीने की जैकेट का एक बटन भी मुझे गायब मिल गया तो मैं उसके लिए ऐसा जाल बिछाऊँगा कि याद रखेगा।”

“ठीक है।”

“दस बज रहे हैं।”—लेपस्कि ने कलाई घड़ी पर निगाह डालते हुए कहा—“मुझे घर जाना होगा वरना कैरोल हाय-तौबा मचा देगी।”

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