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दरवाजे में एक शोल्डर बैग कंधे पर लटकाए, अधेड उम्र की मिस यशोदा मजूमदार खड़ी थी । शरीर पर स्वर्ट-ब्लाउज, सस्ते जूते, आंखों पर ऐनक । चेहरा गुस्से से लाल-पीला और आंखों से आग-सी निकलती हुई।
डॉली ने संभलकर तुरंत आगे बढ़ते हुए कहा
'हाय यशोदा आंटी! हाऊ प्लेजेंट...तुम भी मेरे बर्थ-डे में शामिल हो गई।'
यशोदा मजूमदार ने आंखें निकालते हुए नथुने फुलाकर कहा
'शटअप!'
डॉली अपनी जगह ठिठककर रुक गई और सबके चेहरे फीके पड़ गए।
यशोदा ने गुस्से से कहा 'कौन दिया मेरे कू झूठा तार?'
डॉली ने झट कहा
'व...व...वह आंटी...मैंने दिया था...'
दूसरी लड़की जल्दी से बोली
'मैंने दिया था ।'
तीसरी ने कहा
_ 'यह झूठ बोलती है । मैंने दिया था आंटी वह झूठा तार!'
यशोदा ने फर्श पर छड़ी मारी और जोर से गुस्से से बोली
'शटअप!'
वे सब खामोश हो गई।
यशोदा ने कहा
'झूठ बोलने का वास्ते तुम सब लोग में कितना ऐका है !'
डॉली हकलाई
'व...वह आंटी ।'
'अरे...व...वह क्या करती...मेरे कू बता...यह नया-नया...अमीरों जैसा कपड़ा तुम सबको को कि दर से मिला?'
डॉली ने जल्दी से कहा
'वह आंटी...एक बड़े आदमी की बेटी का बर्थ-डे था । वह इधर आया था । हम सबको यह सब कुछ वह डोनेशन में देकर गया है।'
यशोदा ने आंखें निकलकर कहा
'डोनेशन दिया है?'
"ज...जी...आंटी!'
'और ये जूता ?'
'यह भी डोनेशन में!'
'और यह केक?'
'यह भी...।'
'शटअप !'
यशोदा ने फर्श पर छड़ी मारी वे सब फिर से खामोश हो गई । यशोदा उन सबको घूरती हुई क्रुद्ध स्वर में बोली-'सब कुछ डोनेशन में मिला है । अरे, तुम सबको मालूम । तुम लोग को तो तुम्हारा लाइफ भी डोनेशन में मिला है।'
उन सबके चेहरे सफेद पड़ गए ।
डॉली ने संभलकर तुरंत आगे बढ़ते हुए कहा
'हाय यशोदा आंटी! हाऊ प्लेजेंट...तुम भी मेरे बर्थ-डे में शामिल हो गई।'
यशोदा मजूमदार ने आंखें निकालते हुए नथुने फुलाकर कहा
'शटअप!'
डॉली अपनी जगह ठिठककर रुक गई और सबके चेहरे फीके पड़ गए।
यशोदा ने गुस्से से कहा 'कौन दिया मेरे कू झूठा तार?'
डॉली ने झट कहा
'व...व...वह आंटी...मैंने दिया था...'
दूसरी लड़की जल्दी से बोली
'मैंने दिया था ।'
तीसरी ने कहा
_ 'यह झूठ बोलती है । मैंने दिया था आंटी वह झूठा तार!'
यशोदा ने फर्श पर छड़ी मारी और जोर से गुस्से से बोली
'शटअप!'
वे सब खामोश हो गई।
यशोदा ने कहा
'झूठ बोलने का वास्ते तुम सब लोग में कितना ऐका है !'
डॉली हकलाई
'व...वह आंटी ।'
'अरे...व...वह क्या करती...मेरे कू बता...यह नया-नया...अमीरों जैसा कपड़ा तुम सबको को कि दर से मिला?'
डॉली ने जल्दी से कहा
'वह आंटी...एक बड़े आदमी की बेटी का बर्थ-डे था । वह इधर आया था । हम सबको यह सब कुछ वह डोनेशन में देकर गया है।'
यशोदा ने आंखें निकलकर कहा
'डोनेशन दिया है?'
"ज...जी...आंटी!'
'और ये जूता ?'
'यह भी डोनेशन में!'
'और यह केक?'
'यह भी...।'
'शटअप !'
यशोदा ने फर्श पर छड़ी मारी वे सब फिर से खामोश हो गई । यशोदा उन सबको घूरती हुई क्रुद्ध स्वर में बोली-'सब कुछ डोनेशन में मिला है । अरे, तुम सबको मालूम । तुम लोग को तो तुम्हारा लाइफ भी डोनेशन में मिला है।'
उन सबके चेहरे सफेद पड़ गए ।