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Guest
'होना भी नहीं चाहिए, । आत्माएं अगर हैं भी वह भी कभी हमारी ही तरह थी और हम भी कभी उन्हीं की तरह होंगे।'
फिर उसने एक कांस्टेबिल से कहा
'हवलदार! साहब की गाड़ी चैक कर लो। ब्रेक, स्टेयरिंग और व्हील-सब वर्किंग आर्डर में हैं या कोई खराबी है।'
'जी, साहब ।'
कांस्टेबिल चैक करने लगा।
इंस्पेक्टर ने मुस्कराकर राज से कहा
'बहरहाल, आप जिस होटल में भी ठहरे, मुझे जरूर फोन कर दीजिएगा ।'
'खैरियत?'
'आपकी खैरियत ही मालूम करने के लिए कह रहा हूं | जरूरी नहीं कि आप फोन करें ही। लेकिन कम-से-कम मेरी तसल्ली तो होगी ।'
उसने माली की तरफ इशारा करके कहा
'और इस मुर्ख ने फिर कभी कोई शिकायत की तो मैं बता सकूँगा कि यह अंधविश्वासी है।'
'बेहतर है।'
फिर कांस्टेबिल ने जोर से कहा
'साहब! सब ठीक है।'
'ओ.के.!' इंस्पेक्टर ने राज से हाथ मिलाकर कहा-'विश यू ए प्लेजेंट हनीमून ।'
'शुक्रिया!'
'मेरे लिए कोई सेवा हो तो बताइएगा।' फिर वे लोग जीप में सवार होकर चले गए।
डॉली और राज ने एक-दूसरे की तरफ देखा । डॉली का चेहरा सफेद था । उसने राज का हाथ कसकर पकड़ा रखा था।
वह थूक निगलकर बोली
'भगवान के लिए, चलो यहां से ।'
राज ने कहा
'हां, चलो।'
अचानक माली ने सामने आकर हाथ जोड़ते हुए कहा
'भगवान के लिए रुक जाइए, साहब ।'
राज ने कहा
'नहीं...हम नहीं रुकेंगे।'
'साहब! भगवान न करें...आपको कुछ हो गया तो?'
'बकवास मत करो । हमें कुछ नहीं होगा।'
'हुजूर! पहले दो जोड़े...!'
'वह संयोग था ।'
फिर उसने एक कांस्टेबिल से कहा
'हवलदार! साहब की गाड़ी चैक कर लो। ब्रेक, स्टेयरिंग और व्हील-सब वर्किंग आर्डर में हैं या कोई खराबी है।'
'जी, साहब ।'
कांस्टेबिल चैक करने लगा।
इंस्पेक्टर ने मुस्कराकर राज से कहा
'बहरहाल, आप जिस होटल में भी ठहरे, मुझे जरूर फोन कर दीजिएगा ।'
'खैरियत?'
'आपकी खैरियत ही मालूम करने के लिए कह रहा हूं | जरूरी नहीं कि आप फोन करें ही। लेकिन कम-से-कम मेरी तसल्ली तो होगी ।'
उसने माली की तरफ इशारा करके कहा
'और इस मुर्ख ने फिर कभी कोई शिकायत की तो मैं बता सकूँगा कि यह अंधविश्वासी है।'
'बेहतर है।'
फिर कांस्टेबिल ने जोर से कहा
'साहब! सब ठीक है।'
'ओ.के.!' इंस्पेक्टर ने राज से हाथ मिलाकर कहा-'विश यू ए प्लेजेंट हनीमून ।'
'शुक्रिया!'
'मेरे लिए कोई सेवा हो तो बताइएगा।' फिर वे लोग जीप में सवार होकर चले गए।
डॉली और राज ने एक-दूसरे की तरफ देखा । डॉली का चेहरा सफेद था । उसने राज का हाथ कसकर पकड़ा रखा था।
वह थूक निगलकर बोली
'भगवान के लिए, चलो यहां से ।'
राज ने कहा
'हां, चलो।'
अचानक माली ने सामने आकर हाथ जोड़ते हुए कहा
'भगवान के लिए रुक जाइए, साहब ।'
राज ने कहा
'नहीं...हम नहीं रुकेंगे।'
'साहब! भगवान न करें...आपको कुछ हो गया तो?'
'बकवास मत करो । हमें कुछ नहीं होगा।'
'हुजूर! पहले दो जोड़े...!'
'वह संयोग था ।'