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अजनबी हमसफर

पूनम ने लक्ष्य को सिगरेट पीते हुए पहली बार देखा

वह लक्ष्य के पास आई और बोली

तुम सिगरेट भी पीते हो छी ये बहुत बुरी आदत है ये स्वस्थ के लिए हानिकारक है इसे फेक दो

लक्ष्य ने पूनम को देखा और सिगरेट फेक कर बुझा दिया

तुम्हे सिगरेट पीते पहली बार देख रही हूँ ये कब से शुरू कर दिया- पूनम ने पूछा

जब कभी दिल जलता है तो पी लेता हूँ- लक्ष्य नेउदासी से कहा

अच्छा डोसा आधा छोड़ कर क्यो चले आये? पैसे क्या फ्री में आते है क्या? बहुत मेहनत से मिलता है ऐसे फालतू का बर्बाद मत किया करो जब खाना नही था तो मंगाया ही क्यो

खामखा मुझे ही खाना पड़ा- पूनम ने कहा

क्या? मेरा जूठा तुमने खाया?- लक्ष्य ने चौक कर कहा

अरे जूठा क्या होता है तुम कोई गैर थोड़े न हो अब क्या करती तुम तो छोड़ के भाग आये थे खामखाह कूड़े में जाता तो अन्न का अपमान होता और पैसे बर्बाद होते सो अलग, अब किसी के पेट मे तो गया - पूनम ने ऐसे कहा जैसे नार्मल सी बात हो

तुम भी न कमाल ही हो समझ नही आता कि गुस्सा करू या प्यार - लक्ष्य ने मुस्कुराते हुए कहा

तुम कुछ भी करने को रहने दो बस अब चुपचाप बाइक स्टार्ट करो और घर चलो वरना मेरी वो लेडी डायना जो है ना मेरी चाची श्री मेरी बैंड बाजा देगी समझे- पूनम ने भी मुस्कुराते हु कहा

लक्ष्य भी मुस्कुराने लगा उसने बाइक स्टार्ट की और फिर दोनों घर की तरफ चल पड़े बड़े दिनों बाद आज फिर से पूनम को ऐसा लग रहा था कि मानो वह टेंसन फ्री हो वह बाइक की राइड इंजॉय कर रही थी

अचानक से एक जोर दार ब्रेकर आया और पूरी बाइक उछल गयी

पूनम ने जल्दी से लक्ष्य के कमर में हाथ डाल कर उसे पकड़ा और उससे बिल्कुल लिपट गयी और गुस्से से बोली

अरे देख के चलाओ , मुझे वन पीस में पूरा पूरा घर पहुचना है टूटा फूटा नही ,ढंग से चलना हो तो चलो वरना मैं उतर कर

ऑटो से चली जाउंगी बाइक चलाना भी नही आती अभी हो जाता मेरा काम बाइक उछलने पर पूनम डर गई थी

लक्ष्य खिलखिला कर हंस पड़ा और आराम से चलाने लगा

पूनम फिर से आराम से बैठ गयी और दोनों घर की तरफ चल पडे ।

खुशबू के साथ रजनी बैठी थी, दोनो सहेलिया बहुत दिन बाद एक दूसरे से मिली थी इसीलिए सब हंसी मजाक कर रहे थे रजनी भी उन्ही में शामिल हो गयी थी और उसकी सारी चिंता और झिझक दूर हो गयी थी ।

और उसे भी धीरे धीरे शादी का माहौल अच्छा लगने लगा था

अरे रजनी यार मम्मी को देखा है कही अचानक से खुशबू ने कुछ ढूढते हुए कहा

अभी तो आयी थी यही थोड़ी देर पहले - रजनी ने कहा

क्या हुआ कुछ बात है क्या - रजनी ने पूछा

अरे यार मेरा एक समान है ,मिल नही रहा है ये मम्मी भी न मेरी सारी चीजे जाने कहा रखती है कब से खोज रही हूँ , मेरे पैरों की सैंडिल पता नही कहा रख दिया है उन्होंने मिल ही नही रहा है अभी थोड़ी देर बाद जब स्टेज पर जाना होगा तो क्या पहनूँगी - खुशबू परेसान होकर बोली

अच्छे से देख ले यही कही रखा होगा- रजनी ने कहा

सब जगह देख लिया यार नही मिल रहा है , उनकी ऐसी ही आदत है जाने कहा रख देती है अब दिख भी नही रही कि पूछू ,जाने कहा है? खुशबू झल्ला कर बोली

अरे इतने सारे मेहमान आये है उन्ही की खातिरदारी में ब्यस्त होगी और कहा होंगी , शादी का घर है बीस काम होंगे अभी आ जाएंगी घबरा मत मिल जाएगा - रजनी ने खुशबू को समझाया

खुशबू फिर से सारी जगह अपनी सैंडिल तलासने लगी लेकिन सैंडिल नही मिला

यार रजनी जरा देखना मम्मी कहा है प्लीज उनको बुला दे यार- खुशबू ने परेसान होकर कहा

अच्छा ठीक है परेसान मत हो मैं देखती हूँ कि चाची जी कहा है- रजनी ने कहा

और फिर खुशबू के कमरे से निकल कर बाहर आगयी उसने खुसबू ने मम्मी को चारों तरफ देखने लगी लेकिन वो कही दिखाई नही पड़ रही थी

वह उनको ढूढते हुए आंगन में आई जहां मंडप बना था

वहां गाव की और रिश्तेदारो की बहुत सारी औरते बैठी हुई थी , उन्ही के बीच मे खुशबू की मम्मी भी बैठी हुई थी और कुछ बाते कर कर रही थी

इतनी सारी औरतो और रिस्तेदारो को देख कर रजनी को बड़ा अनकम्फर्टेबल लग रहा था लेकिन वो करे भी तो क्या करे आखिर में वह सबसे बचती बचती खुशबू के मम्मी के पास पहुची और बोली

चाची खुशबू बुला रही है आपको, उसका कोई सामान नही मिल रहा है प्लीज आप कमरे में आजाये

अच्छा ठीक है 2 मिनट में आती हूँ बोल दो उसको - खुशबू की मम्मी ने कहा

ठीक है - रजनी ने कहा और वह वापस घूमी

अभी उसने दरवाजा पार नही किया था तभी उसके पीठ पीछे किसी औरत ने कहा

अरे खुसबू की माँ ये बताओ ये लड़की बिसंभर की लड़की है ना जो भाग गई थी किसी के साथ

- रजनी के कानों में यह आवाज पड़ते ही उसका दिल धक से हो गया और चेहरा सफेद पड गया

हा दीदी ये रजनी ही है खुशबू की मम्मी ने हल्के से कहा

तो इसको क्यो बुलाया यहां पर हमारे बच्चो पर क्या असर पड़ेगा और ये भी मुह उठाकर चली आयी जैसे बड़ी पाक साफ हो इतना बड़ा कांड करके बैठी है और चेहरे पर एक सिकन तक नही है भगवान करे ऐसे बेटी किसी को न दे मेरी लड़की ने ऐसा किया होता तो मैं तो उसे जिंदा ही मार देती- उस औरत ने नफरत से कहा

रजनी को काटो तो खून नही ,वह तो जैसे पत्थर की मूर्ति बन गयी हो उसके कदम उठने भारी पड़ रहे थे उसको जिस बात का डर था वही बात हो गयी

अरे जिज्जी चुप रहो , बच्ची थी नही समझ थी अब अपने ही बच्चे है अगर उनसे कोई गलती हो जाएगा तो क्या करेगे फेक थोड़े न देगे आप भी कैसी बाते कर रही है - खुशबू की

मम्मी ने कहा

अरे खुसबू की मम्मी तुम भी उसी का साइड ले रही हो ये गलती है, ये महापाप है माँ बाप के इज्जत को उछाल कर किसी पराये बिरादरी और पराये लड़के के साथ भाग जाना और फिर महीनों उनके साथ सोकर फिर वापस आकर बोल देना की गलती हो गयी ऐसा थोड़े न होता है और बिसंभर को भी मान सम्मान की चिंता नही है उन्होंने इसको वापस से अपने घर मे रहने की इजाजत दे दी अगर मेरे बच्चों ने ऐसा कुछ किया होता तो जान से मार देती उनको- उस औरत ने फिर से जहर उगला

अरे जिज्जी उस बेचारी लड़की पर तो वैसे ही दुखो का पहाड़ टूट गया है हरवक्त घर मे ही कैद रहती है सरम के मारे वो तो खुशबू की सबसे अच्छी सहेली थी दोनो एक दूसरे के साथ ही रहते थे और खुसबू ने मुझे भेज कर उसे बुलवाया वरना वो तो आ ही नही रही थी जो हो गया सो हो गया अब आप ऐसी बाते मत करे प्लीज खुशबू की मम्मी ने कहा

रजनी के बर्दास्त की सीमा समाप्त हो गयी उसे जोर की रुलाई फूटी और वह भागती हुई खुसबू के कमरे में जाने लगी उसकी आंखें भरी हुई थी इसी वजह से उसे साफ साफ कुछ भी दिखाई नही दे रहा था और दिमाग भी काम नही कर रहा था ।

वह भागते भागते जा रही थी तभी किसी चीज से टकराई

और गिरने लगी

उसने अपने आंसूओ से भरे हुए आंखों से देखने की भरपूर कोशिश की लेकिन साफ साफ कुछ नही दिखा इसके पहले की वह गिरती , किसी के मजबूत हाथो ने उसे थाम लिया और वापस से ऊपर खींच लिया

ऊपर आकर वह सीधा उस शख्स के सीने से चिपट सी गयी

रजनी ने जल्दी से अपने आंसू साफ किया और देखा एक लगभग 25 साल का लड़का जिसकी हाइट लगभग 6 फुट के करीब रही होगी और रंग गेहुआ था उसके हाथों को पकड़ कर खड़ा था और मुस्कुरा रहा था ।

रजनी उस लड़के को देख कर बुरी तरह डर गई और चिहुँक कर दूर हट गई

अरे आपको गिरने से बचाया कम से कम थैंक्यू तो बोल दो की उसमे भी पैसे खर्च हो रहे है उस लड़के ने कहा

रजनी मानो डर से थर थर कॉप रही थी उसने जल्दी से अपना हाथ छुड़ाया और फिर वापस से खुशबू के कमरे की तरफ भागी

उसे पीछे से अपने पीठ पर उस लड़के की निगाहें महसूस हो रही थी और वो लड़का भी जाती हुई रजनी को देख ही रहा

था ।

रजनी सीधा खुशबू के पास गयी और फिर उसने अपना सामान उठाया और खुसबू से बोली ।

खुसबू मुझे माफ़ कर देना अब मैं और नही रुक सकती मैं जा रही हूँ रजनी के आंखों में आंसू भरे हुए थे जो अनायास ही बह कर रजनी के गालों को गीला कर रहे थे

अरे क्या हुआ रजनी यु अचानक से और तुम रो क्यो रही हो? रजनी को रोता हुआ देख कर खुशबू बुरी तरह परेसान हो गयी

रजनी ने कुछ नही कहा बस नजर झुकाये चुचाप अपने आसुओ को दबाने की कोशिश कर रही थी .

बोल ना क्या हुआ ? किसी ने कुछ कहा क्या ? वहा हुआ क्या मुझे बता ना - खुशबू ने पूछा

किसी ने कुछ नही कहा खुसबू ,सब मेरा दोष है मैने काम ही ऐसा किया है कि सुनना पड़े लेकिन प्लीज अब मैं यहां रुक नही पाउंगी मुझे माफ़ कर देना खुशबू आई एम सोरी मैं जा रही हूँ तुमने मुझे बुलाया मैं आगयी लेकिन अब जाने दो रोको मत - रजनी रोती हुई बोली

ऐसे कैसे चली जायेगी रुक तू मैं आती हूँ जाना नही तुझे मेरी कसम है , खुशबू लपक कर बाहर निकली और बाहर चली

गयी रजनी अकेले कमरे में सुबक रही थी

खुसबू गुस्से से भरी हुई सीधा आगन में पहुची और अपनी मम्मी को देखकर बोली मम्मी जल्दी से मेरे पास आओ

खुशबू के मम्मी ने खुशबू को देखा तो उन औरतो के बीच से उठकर खुसबू के पीछे पीछे चलने लगी

खुसबू सीधा अपने कमरे में पहुची और रजनी को रोते देख कर कोहली भर के चुप करवाने लगी और उसके आँसू पोछने लगी

खुसबू की मम्मी आई और बोली क्या हुआ ?

मम्मी पहले आप बताओ अभी अभी रजनी आपको बुलाने गयी थी वहां क्या हुआ? खुशबू का दिमाग फिरा हुआ था उसकी सबसे प्यारी सहेली रजनी को ऐसे रोते देख कर वह गुस्से से भरी हुई थी

खुशबू की मम्मी को तुरंत समझ मे आगया की रजनी ने सारी बाते सुनली

वह रजनी के पास आई और बोली

रजनी बेटा जाने दो बोलने दो किसी के बात को अपने दिल मे मत लो और वैसे भी उनका काम ही यही है उनकी आदत तो तुम जानती हो उसे तो बस किसी के दिल को चोट पहुचाना आता है तुम शांत रहो

नही कौन था मम्मी ? और क्या कहा रजनी को? - मुझे बताओ खुशबू का पारा चढ़ा हुआ था

अरे वही अपने गाँव की है जो तिवराइन है वही अनाप सनाप बक रही थी - खुशबू की मम्मी ने कहा

उन्हें बुलाया ही क्यों? उनकी हिम्मत कैसे हुई रजनी को कुछ बोलने की अपना घर तो सम्हलता नही है दुसरो को ताना मरना आता है , क्या बोली वो मुझे बताओ ? - रजनी ने पूछा

अरे कुछ नही, वही कह रही थी कि रजनी ने अच्छा नही किया भाग कर चली गयी मेरी बेटी होती तो मैं आने नही देती घर मे , तू छोड़ न तू बता क्यो बुला रही थी मम्मी जी ने बात बदलने की कोशिश की

यार मम्मी ऐसे लोगो को बुलाने की जरूरत ही क्या है और पहले अपना घर सम्हाले न तीन तीन बेटियां है तीनो कैसे कैसे गुल खिला रही है पूरा गांव जानता है खुद के घर का देखने को फुरसत नही है दुसरो के ऊपर कीचड़ उछलने में बड़ा मजा आता है जा कर समझा दो वरना मैं एक मिनट में अभी सारी उज्जत उतार कर रख दूंगी , उनको ज्यादा मजा आता है पंचायत करने में न अभी उनको अच्छे से सुना दूंगी तो मुह फूल जाएगा मैने बुलाया है मेरी सहेली है रजनी, तो उनकी क्यो छाती फटी जा रही है वो नही बुलाएगी अपने घर मे - खुशबू ने गुस्से से कहा

रजनी चुप हो जा बेटा कुछ लोग होते ही ऐसे है उनकी आदत

होती है फालतू की बकवास करने को अब क्या करेगी उनकी बातों पर ज्यादा ध्यान मत दे - खुशबू की मम्मी ने रजनी के कंधे पर हाथ रख कर उसे चुप करवाया और रजनी के आँसू पोछे

और फिर खुशबू की तरफ घूमी

अच्छा बता क्यो बुला रही थी मुझे बहुत काम है खुशबू की मम्मी बोली

अरे मेरा सेंडल कहा है? मिल नही रह है कहा रख दिया आपने- खुशबू ने पूछा

तूने वैसे फेक दिया था मैंने आलमारी में रखा है सम्हाल कर अपना सामान भी ढंग से नही रखती है जाने तेरा ससुराल में क्या होगा? नाक ही कटवायेगी मेरा तू इतनी लापरवाह है की पूछो मत , देती हूँ लाकर रुक तू मम्मी जी ने कहा

और बाहर निकल कर चली गयी
 
रजनी शांत हो जा यार तुझे तो पता है ना उस की हरकत उसे सब बीबीसी लंदन कहते है अगर गाव में कुछ समाचार फैलाना हो तो बस उससे कह दो शाम तक सारे घरो में टेलीकास्ट हो जाएगा उसकी बातों पर मत ध्यान दे और जाने की बात तो बिल्कुल करना मत खुशबू बोली

रजनी ने खुद को सम्हाला वो नही चाहती थी कि उसकी वजह से खुसबू की शादी में कोई ब्यवधान आये और इसी लिए वह कड़वा घूट पीकर रह गयी और फिर से बैठ गयी वह खुद को नार्मल करने लगी हालांकि रह रह कर उसके अंदर

एक टीस सी उठ जाती लेकिन अब इतना तो सुनना ही पड़ेगा

अच्छा खुशबू एक बात बता अभी जब मैं जल्दी जल्दी आरही थी तो आते हुए एक लड़के से टकरा गई थी और गिरने वाली थी लेकिन एक लड़के ने मुझे बचा लिया क्या जानती है वो कौन था - अचानक से जैसे रजनी को कुछ ध्यान आया हो और उसने खुशबू से पूछा

अब मुझे क्या मालूम कि कौन से लड़के से तू टकराती हुई फिर रही है , कुछ हुलिया सकल सूरत कुछ बता अब इतने सारे लोग आए है तू किस किस से टकराई है मुझे क्या मालूम - खुशबू रजनी का मूड स्विंग करने के लिए मजाक में बोली और मुस्कुराने लगी

क्या बोल रही है यार तू , मतलब कुछ भी वो तो मैं जल्दी जल्दी में तेरे पास आरही थी तो सामने से आता हुआ दिखा नही इसीलिए - रजनी झेंपती हुई बोली

दिख नही की देख कर ही टकराई अब मुझसे क्या छिपाना बता कैसा था , सही है बेटा सही है,ला देखु कही दिल पर चोट तो नही लग गयी है - खुशबू ने रजनी के सीने पर हाथ रखा और हल्की सी हरकत कर दी

हट हरामखोर कही की , तुझे मस्ती सूझ रही है अब अपने सैया जी से मस्ती करना मुझसे नही रजनी ने खुशबू का हाथ झटकते हुए बोली

खुशबू अपने मकसद में कामयाब हो गयी रजनी इस वाकये को भूल गयी और मुस्कुराते हुए बोली

अरे उनसे भी कर लूंगी जब वक्त आएगा वैसे मेरा पहला प्यार तो तू ही है कितने सारे याद जुड़े है तेरे साथ तू मेरी सहेली ही नही हमराज और बहन है याद है हम दोनों ने एक साथ कैसी मस्ती और कैसी कैसी सरारते की है यार , तेरे जाने के बाद तुझे बहुत मिस किया था - खुशबू ने उदास होकर कहा

और अब? अब तो तू याद करने से भी रही अब तो शादी हो रही है तेरी? तो अब कहा तुझे मेरी याद आएगी तुझे कहा होश रहेगा मेरा अब तो जीजा जी से प्यार करने में ही वक्त गुजर जाएगा - रजनी ने मुस्कुराते हुए कहा

तुझे बडी जलन हो रही है मुझसे अगर तेरा मन हो तो तू भी आ जाना हम तीनों एक साथ एक ही बेड पर सो जाएंगे जब तेरा मन करे तू प्यार कर लेना और जब मेरा मन करेगा मैं - खुशबू ने सरारत से कहा

धत , पागल है तू सच मे, अब अपनी ये आदत सुधार ले और थोड़ा तू भी सुधर जा और हां मुझे जीजा जी के पास सोने

का कोई शौक नही है और न ही तेरे प्रोपेर्टी पर नजर है मेरी समझी , तेरा पति तुझे ही मुबारक हो मुझे नही चाहिए - रजनी शर्म से लाल हो गयी और मुस्कुराती हुई बोली

क्यो साली आधी घरवाली होती है तो उनका तो हक है ना आधा तेरे पर खुशबू ने रजनी से कहा

तू शांत रहने का क्या लेगी बकवास करने में तो तूने पीएचडी कर रखी है रजनी ने बनावटी गुस्से से कहा

अच्छा सुन मैं तुझे फोन करूँगी और बताउंगी की कैसे क्या हुआ ठीक है - खुशबू ने चहकते हुए रजनी से कहा

है भगवान , साली तू सुधरेगी नही कमीनी की कमीनी रहेगी - रजनी मुस्कुराते हुए बोली

रजनी एक बात बोलू तुझे , खुशबू गंभीर होकर बोली

हां बोल न , क्या हुआ रजनी ने खुसबू को गंभीर देखा तो खुद भी गंभीर हो गयी

उस कमीने की याद अब छोड़ दे यार जब तू उसके साथ थी तभी मैं मना कर रही थी कि वो अच्छा लड़का नही है लेकिन तेरे सिर पर तो उसका भूत चढ़ा हुआ था तूने मेरी बात सुनी नही उल्टा मुझसे ही दूर होने लगी इसीलिए मैंने फिर बोलना बंद कर दिया

अब जब भगवान ने सब ठीक कर दिया है तो मूव आन कर रजनी इतनी इंटेलिजेंट और बहादुर है तू तुझे ऐसे खोई खोई

देख कर बहुत दुख होता है तुझे कबतक अपनी पिछली गलतियों के लिए खुद को दोष देती रहेगी और उसमें तेरी गलती भी तो नही है साला वही हरामी थी जिसने तुझ जैसी प्यारी लड़की के साथ ऐसी हरकत की

जल्द से जल्द कोई अच्छा सा लड़का देख कर फिर से शादी कर और मुझे जरूर इनवाइट करना अपने पतिदेव के साथ तेरे शादी में आउंगी मेरी बात मान ले यार रजनी अपनी जिंदगी मत खराब कर अभी तेरी उम्र ही क्या है मैं तेरे उम्र की हूँ मेरी अब शादी हो रही है तो तेरी अभी कौन सी बीत गयी है फिर से वही बिंदास और मस्त वाली रजनी बन जा यार ये घुट घुट के मत जी जो हुआ उसे भूल जा -खुशबू ने समझाया उसके आंखों में रजनी के लिए फिक्र और प्यार साफ नजर आ रहा था

रजनी नजर झुकाये सब सुन रही थी ।

सुन रही है ना तू यार तेरे लिए बहुत दुख होता है लेकिन क्या करु सब कुछ भूल जा और फिर से एक नई लाइफ स्टार्ट कर यार मेरी बात मान जा रजनी प्लीज तू मेरी सबसे प्यारी सहेली है इसीलिए बोल रही हूँ प्रोमिस कर की तू मेरी बात पर अमल करेगी - खुशबू ने कहा

रजनी ने हां में गर्दन हिलाया और हल्का सा मुस्कुराई

तभी खुशबू के मेकअप के लिए ब्यूटीशियन आ गयी

रजनी कैसे करोगी कपड़े तो लायी नही हो तो जाओ जा कर

तैयार होकर आजाओ जल्दी से बिना तुझे लिए मैं जाउंगी नही ये ध्यान रखना अगर कपड़े लायी होती तो तुम भी मेरे साथ ही तैयार हो जाती - खुशबू ने कहा

तुम तैयार हो जाओ मैं घर जाकर तैयार हो जाउंगी तुम चिंता मत करो - रजनी ने कहा

पक्का आओगी न कही घर जाकर वही की मत होकर रह जाना- खुशबू ने कहा

नही नही आउंगी जरूर आउंगी रजनी ने कहा और फिर घर जाने के लिए निकल गयी

जाते हुए भी वही लड़का जो अभी अभी टकराया था मिला वो रजनी को बहुत ही गौर से देख रहा था लेकिन रजनी बिना कुछ बोले सिर झुकाए चुप चाप जैसे आयी थी वैसे ही चली गयी ।

लक्ष्य पूनम को लेकर घर पहुचा और उसने लावण्या को सारी बात बताई

पूनम का चेहरा अब हद तक नार्मल लग रहा था मानो सबको बता कर उसकी सारी टेंसन दूर हो गयी लेकिन अब भी उसे सार्थक के जान लेने का हल्का सा भय सता रहा था ।

पूनम के चेहरे को देख कर लावण्या ने राहत की सास ली अपेक्षा कृत पूनम शांत और टेंसन फ्री थी और यह देख कर लावण्या के दिल को भी सुकून मिला

क्या हुआ पूनम पुलिस स्टेसन में लावण्या ने पूछा

भाभी मैंने सब कुछ सच सच बता दिया और उस कमीने के खिलाफ कंप्लेन कर दिया इसके अलावा सबूत के तौर पर वह लिफाफा भी दिखा दिया जो उसने मुझे भेजा था ।

गुड यही अगर तुम मुझे पहले बता देती तो तुम्हे इतना परेसान नही होना पड़ता तुम्हे इतनी टेंसन नही होती खामखा ही इतने दिन से सब अपने अंदर ही दबाये घुट घुट कर जी रही हो- लावण्या ने कहा

आई एम सॉरी भाभी मैं डर गई थी मुझे लगा कही आप लोग मुझे गलत न समझे इसी लिए मैने आप सब को कुछ नही बताया जबकि ये मेरी भूल थी - पूनम ने कहा

अच्छा चलो जो हो गया सो हो गया अब बिल्कुल भी टेंसन मत लो भगवान चाहेंगे तो सब अच्छा ही होगा

अब तुम बिल्कुल भी मत घबराओ - लावण्या ने कहा

पूनम की तरफ से लिखित कंप्लेन पाकर पुलिस प्रमोद से पूछताछ करने उसके घर पहुची ।

पुलिस को देख कर प्रमोद की सिट्टी पिट्टी गुल होगयी

प्रमोद के पापा ने पुलिस वालों को बैठाया और बोला

जी बताइये कैसे आना हुआ क्या उन लड़कों का कुछ पता चला

नही उन लड़कों का पता तो नही चला लेकिन मुझे आपके बेटे से पूछताछ करनी है

जी जरूर पूछिये क्या पूछना है

पुलिस वालों ने अपने तरीके से पूछताछ करना शुरू कर दिया और बमुश्किल आधे घंटे में ही प्रमोद की सारी चलिकिया धरी की धरी रह गयी और वह अपने ही जाल में फस गया

सर मुझे आपके बेटे को गिरिफ्तार करना पड़ेगा पुलिस वालों ने धमाका सा किया

लेकिन किस जुर्म में प्रमोद के पापा ताव दिखाते हुए बोले

एक शरीफ लड़की को अनायास ही मेंटली और फिजिकली परेसान करने के जुर्म में ,ब्लैकमेल करने के जुर्म में और उसकी बिना इजाजत के उसकी बिना मर्जी के उसके प्राइवेट लाइफ में इंटरफेयर करने के जुर्म में और उसकी फोटो बिना उसके इजाजत खींचने के जुर्म में पुलिस वालों ने कहा

लेकिन सर वो ऐसा क्यों करेगा उसको किस चीज की कमी है ये सब झूठ है मेरा बेटा ऐसा कभी नही कर सकता आपको जरूर कुछ गलत फहमी हुई है प्रमोद के पापा ने कहा

गलतफहमी मुझे नही आपको हुई है सर सही बात तो ये है कि आपका बेटा कई दिनों से उस लड़की को प्रताड़ित कर रहा है इसने उसका हजारो फ़ोटो और वीडियो बना रखा है और उसी के दम पर उसे ब्लैकमेल कर रहा है उस दिन भी उसने जबरदस्ती धमकी देकर उस लड़की को पार्क में बुलाया था और अपनी मनमानी करनी चाही लेकिन वो बहुत ही

सरीफ और सीधी लड़की है उसने मना कर दिया तब आपके बेटे ने उस लड़की को जबरदस्ती पकड़ लिया और उसके साथ जबरदस्ती करने लगा

वह घबरा गई और उसने चिल्लाना शुरू कर दिया जिससे आस पास लोग इकट्ठा हो गए और उन्हींने ही आपके बेटे को बुरी तरह मारा वहां न तो कोई चोर था और न ही कोई पर्स चुरा कर भाग रहा था पुलिस वालों ने कहा

प्रमोद के पापा को विश्वास नही हो रहा था कि प्रमोद ये सब कर सकता है उन्होंने प्रमोद की तरफ देखा वह सर झुकाये चुपचाप बैठा था

प्रमोद क्या ये सच है तुमने ऐसा किया है प्रमोद के पापा ने कड़क कर पूछा

प्रमोद सहम गया और घिघियाते हुए बोला

डैड पूनम झूठ बोल रही है मैंने ऐसा कुछ नही किया है वो मुझे फ़साने की कोशिश कर रही है मैं निर्दोष हूँ ।

कौन किसको फ़साने की कोशिश कर रहा है ये पता करना पुलिस का काम है प्रमोद आप हमारे साथ पुलिस स्टेसन चलो वहां सब क्लियर हो जाएगा पुलिस वालों ने कहा और हां वो अपना लैपटॉप और टैब भी ले लेना जरा , और साथ मे कैमेरा भी जिससे तुमने सारे फ़ोटो खींचे है ।पुलिस वालों ने रौब दिखाते हुए कहा

डैड प्लीज मुझे बचा लीजिये मुझसे गलती हो गयी प्लीज

अपने आप को गिरिफ्तार होते देख कर प्रमोद की सारी हेकड़ी निकल गयी वह अपने पापा से मिन्नते करने लगा

प्रमोद के पापा ने गुस्से से प्रमोद को घूरा और खींच कर एक थप्पड़ मारा

नालायक यही सब करने के लिए कालेज जाता है तेरी हिम्मत कैसे हुई ये सब करने की उस बेचारी लड़की पर क्या बीत रही होंगी इसका अंदाजा भी है तुझे- प्रमोद के पापा ने गुस्से से कहा

देख लो तुम्हारे ही लाड प्यार का नतीजा है कि ये इस हद तक बिगड़ गया है और ऐसी घटिया और नीच हरकतों पर उतर आया है अब तुम्हे आ गया सुकून मेरी सारी बनी बनाई इज्जत को तुम्हारे इस लाडले ने मिट्टी में मिला दिया - प्रमोद के पापा गुस्से से आगे बबूला हो गए और प्रमोद की मम्मी गुस्सा होते हुए बोले

आई एम सॉरी पापा , आई एम सॉरी मम्मी , प्लीज मम्मी पापा से बोलिये की मुझे बचा ले प्लीज प्लीज प्रमोद ने रोते हुए अपनी मम्मी से कहा

प्रमोद की मम्मी ने प्रमोद को चुप करवाया और फिर प्रमोद के

पापा के पास जाकर जाने क्या बाते करने लगी ।

प्रमोद के मम्मी की बाते सुनकर प्रमोद के पापा के चेहरे का रंग बदल गया

प्रमोद के पापा ने पुलिस वालों को देखा और बोले

देखिए सर मैं मानता हूँ कि मेरे बेटे ने गलती की है लेकिन प्लीज इसे माफ कर दीजिए ये अभी नादान है और समझ नही है , पर आप तो समझदार है अगर आपने इसे गिरिफ्तार किया तो हमारी बनी बनाई इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी न जाने कैसे ये इतनी बड़ी नादानी कर गया मैं आपसे वादा करता हूँ कि आगे से ये ऐसा कुछ नही करेगा और उस लड़की की सारी वीडियो और फ़ोटो मैं अभी के अभी डिलीट करवा दूंगा बस कैसे भी कर के इस केस को सेटल डाउन कर दीजिए प्रमोद के पापा ने पुलिस वालों से रिक्वेस्ट किया

देखिए सर हम कुछ नही कर सकते उस लड़की ने आपके बेटे के खिलाफ लिखित में कंप्लेन करवाया है तो हमे तो एक्सन लेना ही पड़ेगा- पुलिस वालों ने साफ मना कर दिया और कहा

सर प्लीज बात को समझने की कोशिश करे इतना बड़ा बिजिनेस है पैसे की कोई कमी नही है बस कैसे भी करके मेरे बेटे को इस मुसीबत से निकाल दीजिये प्लीज बदले में आप जो भी कहेंगे मैं करने के लिए तैयार हूँ बस मेरे बेटे को जेल

न जाना पड़े । प्रमोद के पापा ने कहा

दोनों पुलिस वालों ने एक दूसरे को देखा और बोले सर हमे अपने बड़े साहब से बात करनी पड़ेगी जो कुछ भी होगा वही कर पाएंगे और रही बात केस खत्म करने की तो अगर वह लड़की अपनी कंप्लेन वापस ले ले तभी कुछ हो सकता है वरना कुछ भी नही हो सकता हा मैं इतना फेबर कर सकता हूँ कि अभी आपके बेटे को गिरिफ्तार न करू लेकिन आपको इसे लेकर हमारे साथ पुलिस स्टेसन चलना पड़ेगा क्योंकि हमें अपने साहब का आदेश है कि इसे गिरिफ्तार करके लेकर आये - पुलिस वालों ने कहा

ठीक है सर आप बुलवाइए उस लड़की को मैं अभी के अभी प्रमोद को लेकर आप के साथ चलता हूँ और चाहे जितने पैसे खर्च हो जाये लेकिन प्लीज मेरे बेटे को जेल नही जाने देना है प्लीज प्रमोद के पापा ने कहा

ठीक है ये लैपटॉप और टैब मैं अपने कब्जे में ले रहा हूँ बाकी आप प्रमोद को लेकर पुलिस स्टेसन पहुँचिये मैं भी वही पहुच रहा हूँ और उस लड़की को भी वही बुला लेता हूँ ।- पुलिस वालो ने कहा

ठीक है सर हम चलते है

प्रमोद के पापा प्रमोद के साथ अपने कार में बैठे और उन्ही के पीछे पीछे दोनो पुलिस वाले अपनी जिप्सी लेकर चल रहे

जिप्सी में दो पुलिस के सिपाही और बैठे थे

गाड़ी सीधा जाकर पुलिस स्टेसन रुकी

और उन्ही के पीछे वो जिप्सी भी रुकी
 
पुलिस वाले चारो तरफ से प्रमोद और उसके पापा को घेर कर चल रहे थे

और प्रमोद के चेहरे का रंग उड़ा हुआ था जिंदगी में पहली बार वो किसी पुलिस के चंगुल में फसा था

अंदर पहुच कर पुलिस वालों ने अपने बड़े साहब को रिपोर्ट किया और फिर बाहर आ कर दोनों को अंदर लेकर गए

इसे ऐसे क्यो ला रहे हो यादव ये कोई गार्डन है क्या जो घूमने या पिकनिक मनाने आया है इसे हथकडी डाल कर लाना था ना इंस्पेक्टर साहब ने प्रमोद के हाथ मे हथकडी न देख कर रौब से कहा

प्रमोद की मानो पतलून खिसकी जा रही थी डर से उसका चेहरा पीला पड़ गया था

इसको लॉकअप में डालो और मुझे बताओ इसने अपना अपराध कबूला की हमे मेहनत करनी पड़ेगी - इंस्पेक्टर साहब ने गुस्से से कहा

सर प्लीज मेरी बात सुन लीजिए प्लीज- प्रमोद के पापा ने इंस्पेक्टर साहब से कहा

क्या सुनाना चाहते हो जानते हो आपके बेटे ने क्या किया है एक शरीफ लड़की का जीना हराम कर रखा है कल वो बेचारी आयी थी इतनी सरीफ और सीधी साधी लड़की है और उसको तुम्हारे इस लाडले ने कैसे कैसे फसाया है तुम्हे पता भी है- इंस्पेक्टर ने कड़क कर कहा

यादव वो अपनी गौरी मैडम है ना उनको और साथ मे एक लेडी कांस्टेबल और ले जाकर उस लड़की को क्या नाम था जिसने इसकी हेल्प की थी उसको भी लेकर आओ थाने - इंस्पेक्टर साहब ने कहा

सर उसका एड्रेस नही है- यादव ने कहा

हा तो इससे पूछो ना ,वो इसकी साथी है इसको तो पता होगा अगर न बताये तो अपना तरीका अपनाना जब पुलिसिया तरीका अपनाओगे तो इसकी जुवान खुल जाएगी और यह सब कुछ तोते की तरह बोलना शुरू कर देगा - इंस्पेक्टर ने कहा

सर मैं मानता हूँ मेरे बेटे से गलती हुई है लेकिन प्लीज आप मेरी बात तो सुन लिजिये- प्रमोद के पापा घिघियाये

देखिये उस लड़की ने कम्प्लेन करवाई है और आपके बेटे ने उसके साथ गलत किया है उसको मेंटली और फिजिकली टार्चर किया है और तो और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश भी की है ये तो अच्छा है कि वो पार्क में थी और आसपास के लोगो ने उसे बचा लिया वरना तो तुम्हारा ये बेटा तो उसके साथ कुछ भी कर देता, क्या यही संस्कार दिया है आपने अपने बेटे को और तो और उसने अपने उस साथी की मदद से इसकी कई सारी फ़ोटो और वीडियो भी बनाई और पुलिस वालों को भी गुमराह किया है तो इसको इसकी सजा तो जरूर मिलेगी अब आप कोर्ट से ही अपने बेटे को छुड़ाना मैं कुछ भी नही कर पाऊंगा आप सोचिये अगर आपकी कोई बेटी होती और उसके साथ ऐसा कोई करता तो आपको कैसा लगता क्या आप तब भी उस लड़के की तरफदारी करते, नही ना फिर आप मुझसे क्या चाहते है आप जाइये यहां से कानून को अपना काम करने दीजिए आपके बेटे को तो जेल होना तय है यादव इसे लॉकअप में डाल दो - इंस्पेक्टर साहब ने कहा

यादव ने प्रमोद को पकड़ कर लॉकअप में डाल दिया

प्रमोद रोने लगा और बार बार माफी मांगने लगा

प्रमोद के पापा खुद को बहुत ही असहाय महसूस कर रहे थे लेकिन इंस्पेक्टर साहब उसकी किसी भी बात को सुनने को

तैयार नही थे

यादव अंदर गया और उसने प्रमोद से रिमी का एड्रेश पूछा

सर मुझे मालूम नही है कसम से सिर्फ वो मेरे साथ पढ़ती थी - प्रमोद ने घिघियाते हुए कहा उसकी जान सूखी जा रही थी

अच्छा साथ पढ़ती भी थी और एड्रेश भी नही पता जल्दी बता दे वरना फिर अभी लगाऊंगा- यादव ने धमकी देने वाले अंदाज से कहा

सर सच कह रहा हूँ मुझे उसका एड्रेश नही मालूम ...प्रमोद अपनी बात पूरी कर पाता तभी उसके पहले ही यादव के उल्टे हाथ का जोरदार थप्पड़ प्रमोद के गाल पर पड़ा

प्रमोद के आंखों के आगे रंग बिरंगे तारे झिलमिलाने लगे अचानक हुए इस हमले से वो दो पल के लिए मानो सुन्न पड़ गया

बोल जल्दी बोल वरना अभी उगलवाने के और तरीके आते है हमे

सर मम्मी कसम मुझे नही मालूम प्रमोद ने अपने गले मे हाथ

लगते हुए कहा उसकी आँखों से आंसू निकल रहे थे और उसकी धिग्गी बधी हुई थी

प्रमोद बेटा अगर मालूम हो तो बता दो न- प्रमोद के पापा ने कहा

पापा सच मे नही मालूम है प्लीज पापा मुझे बचा लीजिये प्लीज मुझे नही मालूम है कि रिमी कहा रहती है - प्रमोद ने हाथ जोड़ते हुए कहा

सर नही मालूम होगा नही तो बता देता प्लीज वो बच्चा है उसपर रहम खाइये - प्रमोद के पापा ने कहा

आप बाहर जाइये आप अभी तक यही है आप चलिए बाहर तभी एक कांस्टेबल प्रमोद के पापा को धकियाते हुए बाहर लेकर गया

आखिर में उन्होंने थक हार कर बाहर आगये उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ साफ देखी जा सकती थी और माथे पर पसीना चुहचुहा रहा था शायद उन्हें प्यास भी लगी थी क्योंकि वो बार बार अपने जीभ से अपने ओठो को चाट कर गीला कर रहे थे उन्होंने अपना फोन निकाल कर जगह जगह फोन मिलाया और उससे मिन्नते करने लगे

ना जाने फोन पर वो किससे और क्या बात करते रहे लेकिन जब उन्होंने फोन काटा तो उनके चेहरे पर आसा की एक किरण झलक रही थी ।

थोड़ी देर बाद अंदर से बुलावा आया और वो दौड़ कर अंदर पहुचे

अंदर फिर से उन्ही इंस्पेक्टर साहब के दर्शन हुए

क्या नाम है आपका इंस्पेक्टर साहब ने प्रमोद के पापा से पूछा

सर मेरा नाम ज्ञान चंद है प्रमोद के पापा ने कहा

तो थोड़ा सा ज्ञान आप अपने बेटे को दे देते क्या उसे यह नही मालूम था कि किसी को इस तरह प्रताड़ित करना परेसान करना जुर्म है

सर पता नही कैसे उसने ये कर दिया बाकी वो ऐसा लड़का नही है प्लीज़ उसे माफ कर दीजिए आगे से वो ऐसा कुछ नही करेगा मैं आपसे वादा करता हूँ प्लीज़ प्रमोद के पापा ने गिड़गिड़ाते हुए कहा

इंस्पेक्टर ने दो पल सोचा और फिर बोला

कमिश्नर साहब को कैसे जानते हो

सर मैं पर्सनल नही जानता लेकिन मेरे एक मित्र है वो कमिश्नर साहब के दोस्त है प्रमोद के पापा ने कहा

अब उनका फोन आगया है तो हमे कुछ करना पड़ेगा लेकिन फिर भी आपको उस लड़की से उसका कम्प्लेन वापस लेने के लिए मनाना होगा वरना हम कुछ भी नही कर पाएंगे

सर आप बुलवाइए उस लड़की को मैं उसे बोलता हूँ एंड थैंक्यू सो मच सर मेरी हेल्प करने के लिए आपका यह एहसान मैं जिंदगी भर नही भूलूंगा

यादव इनको समझा दो और गौरी को बोलो की उस लड़की को फ़ोन करके चौकी बुलाये इंस्पेक्टर साहब ने कहा

ठीक है सर यादव ने कहा

जाओ यादव सब समझा देना कि क्या करना है मैं देखता हूँ अगर लड़की राजी हो गयी तो शाम तक आपका बेटा बाहर होगा वरना। फिर हम भी कुछ नही कर सकते क्योंकि एफआईआर दर्ज हो चुका है

यादव प्रमोद के पापा को लेकर बाहर आगया और बोला

देखा मैने बोला था बड़े साहब ही कुछ कर सकते है वो बड़े

अच्छे है अब आप फटाफट 2 लाख रुपये का इंतजाम कीजिये जिससे आपका बेटा जल्द से जल्द बाहर आ जाये

दो लाख रुपये प्रमोद के पापा ने आश्चर्य से कहा

अरे खैरियत मनाओ दो लाख रुपये में केस रफा दफा हो रहा है वरना अगर चलान कर देते फिर कोर्ट कचहरी के चक्कर मे पड़े रहते और हो सकता है कि तुम्हारा बेटा 6 सात साल के लिए अंदर भी हो जाता

धारा 356 को हल्के में ले रहे हो क्या, सोचो आपकी कितनी बदनामी होती पूरे मार्किट में आपके बने बनाये इज्जत पर दाग लग जाता सस्ते में छूट रहे हो फिर भी आनाकानी- यादव ने कहा

लेकिन सर दो लाख तो ज्यादा है- प्रमोद के पापा ने कहा

ठीक है मैं साहब से बोल देता हूँ कि तुम्हे अपने बेटे को बाहर नही निकलवाना है बात अब कमिश्नर साहब तक पहुच गयी है तो उनको भी तो भिजवाना पड़ेगा न अगर हम लोगो के हाथ मे होता तो हम थोड़ा कम भी कर देते जल्दी बताओ और भी बहुत काम है आप पैसे कितने देर में अरेंज कर सकते हो फिर उसी हिसाब से सब कुछ होगा

सर आप उस लड़की से मामला सेटल करवाइये मैं आपको

दो लाख अभी देता हूँ

गुड ये हुई न समझदारी पैसे तो फिर कमा लोगे लेकिन इज्जत चली गयी तो नही कमा पाओगे आप पैसे का बंदों बस्त कीजिये मैं लड़की को बुलाता हूँ - यादव की आंखे चमक पड़ी

गौरी मैडम - यादव ने गौरी को बुलाया

यस सर गौरी ने कहा

उस लड़की को फोन कर के तुरंत चौकी में बुलाओ

ठीक है सर अभी करती हूँ

थाने से फोन आते ही पूनम के घर मे खड़बड़ी मच गई क्योकि अभी कल ही बड़ी मुश्किल से चाची जी पूनम को बाहर जाने दिया था अब लावण्या को समझ मे नही आरहा था कि आज वह कौन सा बहाना बनाये

भाभी मैं अकेले ही चली जाती हूँ - पूनम ने कहा

नही पूनम अकेले नही भेज सकती तुम्हे लावण्या ने चिंता से कहा

तो क्या करे चाची जब पूछेंगे तो क्या जबाब दोगी - पूनम ने लावण्या से पूछा

वही तो समझ मे नही आरहा है लावण्या ने सोचते हुए कहा

तुम्हारे भैया से परमीसन ले लू क्या अगर वो हा बोल देंगे तो फिर चाची कुछ नही कर पाएंगी - लावण्या ने कहा

नही नही भाभी प्लीज अब सब कुछ सॉर्ट आउट हो गया है भैया को बीच मे मत इन्वालब कीजिये पूनम ने जल्दी से कहा

लेकिन अगर उन्हें बाद में पता चला तो ,वो कहेंगे नही की मैने उन्हें क्यो कुछ नही बताया- लावण्या ने कहा

भाभी प्लीज मेरे लिए , आप तो सब जानती है ना कि मैं किन किन मुसिबतो से गुजरी हूँ आप कुछ भी बोल देना कैसे भी मैनेज कर लेना पर प्लीज मेरे भैया को कुछ मत बताना पूनम ने रोनी सी सूरत बना कर कहा

अच्छा ठीक है ठीक है तुम ऐसे परेसान मत हो मैं कुछ सोचती हूँ लावण्या ने दिमाग के घोड़े दौड़ाना शुरू कर दिया

अचानक उसकी आंखे चमक गयी

पूनम तुम्हारा बैंक अकाउंट है क्या लावण्या ने कहा

हा है लेकिन क्यो?- पूनम ने पूछा

हो गया काम रुको दो मिनट मैं आती हूँ लावण्या ने कहा और भाग कर अंदर गयी

पूनम को कुछ भी समझ मे नही आया कि लावण्या करना

क्या चाहती है

लावण्या थोड़ी देर बाद आई उसके हाथ मे पैसे थे

ये पैसे ये सब क्या है भाभी पूनम ने उत्सुकता से पूछा

ये तुम्हारे बाहर निकलने का बहाना है

ये लो पैसे और अगर चाची जी पूछे कि क्या करने जा रही हो तो बोल देना की पैसे निकलवाना था इसी लिए बाहर गयी थी - लावण्या ने मुस्कुराते हुए कहा

अरे वाह क्या आइडिया है बहुत अच्छा भाभी क्या बात है पूनम मुस्कुराती हुई बोली

अब जल्दी से निकलने की तैयारी करो और ये लो मैं तुम्हारे लिए एक फोन लायी हूँ मेरे पास एक्सट्रा पड़ा था जिसमे मैने अपना एक पुराना नंबर डाल दिया है वो चालू है तो इसे तुम अपने पास रखना ठीक है अगर गलती से मेरे किसी जानने वाले का फोन आये तो मना कर देना या मेरा ये वाला नंबर दे देना - लावण्या ने कहा

अकेले चली जाओगी न कोई दिक्कत तो नही है

जाने में तो कोई दिक्कत नही है लेकिन अगर साथ मे कोई रहता तो ज्यादा अच्छा था मैं पुलिस स्टेसन में कभी अकेले गयी नही हूँ - पूनम ने झिझकते हुए कहा

अब किसको भेजू लक्ष्य को ही बार बार बोलना अच्छा नही लग रहा है - लावण्या ने कहा

अरे बोल दो भाभी वैसे भी वो कोई काम धाम नही करता , होगा कहीं किसी लड़की के पीछे मटरगस्ती कर रहा होगा

उसका यही काम है वो रहेगा तो थोड़ा ठीक रहेगा- पूनम ने कहा

अरे पूनम ऐसे नही बोलते एक तो वो तुम्हारी हेल्प कर रहा है ऊपर से उसपर ऐसे इल्जाम लगा रही हो अगर उसने सुन लिया तो खैर नही - लावण्या ने पूनम को डांटते हुए कहा

अरे सच्ची भाभी एक नम्बर का लम्पट फ्लर्ट और चीप टाइप का लड़का है लक्ष्य हर वक्त किसी मधुमखी के जैसे लड़कियों के आस पास ही घूमता रहता है- पूनम ने कहा

अरे फिर से तुम शुरू हो गयी तुम पर भी ट्राई किया था क्या उसने जो इतना भरी बैठी हो उसपर मैं भी जानती हूँ उसको वो इतना भी बुरा नही है माना कि थोड़ा फ़्लर्ट है लेकिन दिल का अच्छा है और तो और वक्त जरूरत पर काम आने से पीछे नही हटता लग रहा है उसने तुम्हारे साथ कुछ गंभीर घटना कर रखी है इसीलिए तुम उससे इतना गुस्सा हो ।लावण्या ने कहा

अरे मेरे साथ क्यो करेगा ,और क्या करेगा मेरे भैया उसकी जान ले लेंगे अगर उसने मुझसे कुछ ऊट पटांग हरकत करने की कोशिश की तो और वैसे भी मुझे इन सब चीजों में बिल्कुल इंटरेस्ट नही है तो मेरे से तो सवाल ही नही है कुछ कर दे - पूनम ने कहा

अच्छा देखती हूँ बच्चू की कितना इंटरेस्ट है कितना नही है

कुछ साल और रुक जाओ फिर पता चलेगा कि ऊंट किस करवट बैठता है आने दो किसी को जिंदगी में अभी खेलने खाने के दिन है ना तो इसीलिए कुछ दिन बाद जब किसी लड़के की जरूरत महसूस होगी तब पूछूँगी की क्या करना है भाभी ने पूनम के गालों को खींच कर कहा

तब की तब देखी जाएगी अभी आप उस को फोन कर रही हो कि मैं करु- पूनम ने कहा

मैं करती हूँ तुम एक काम करना बाहर निकल कर उसे आस पास कही मिल लेना फिर चली जाना यहा से जाओगी तो चाची फिर नाराज होंगी - लावण्या ने कहा

ठीक है भाभी - पूनम बोली

लावण्या ने लक्ष्य को फोन किया और उसे पूनम को ले जाने की रिक्वेस्ट की

अरे भाभी रिक्वेस्ट करने की जरूरत नही है प्लीज आप ने बोल दिया बस काफी है वैसे भी मैं बेल्ला ही हु तो कुछ काम तो करू क्या पता इसी से कोई इम्प्रेस्ड हो जाय - लक्ष्य ने मजाकिया लहजे में कहा

नही लक्ष्य सच मे तुमने बहुत हेल्प की है तुम्हारे बिना तो मैं और पूनम बहुत परेसान हो जाते यह एहसान मैं ...

ओह्ह कमान भाभी जैसे सार्थक मेरा दोस्त है वैसे आप और पूनम मेरे दोस्त हो और दोस्ती के बीच में ये एहसान और मेहरबानी जैसे भारी भरकम शब्द घुसा कर दीवार मत खड़ी करो ये मेरा फर्ज है आप पूनम को बोल दे वो मुझे आगे

आकर मिले मैं पहुचता हूँ अभी - लक्ष्य ने कहा

ठीक है लक्ष्य, मैं बोलती हूँ पूनम-को - लावण्या ने कहा

पूनम चुपचाप घर से निकल कर थोड़ी दूर जाकर खड़ी खड़ी हो गयी

थोड़ी देर बाद लक्ष्य बाइक लेकर पहुचा और पूनम के बिल्कुल पास आकर जोर से ब्रेक मारा ।

पूनम डर से सिमट गई और जोर से चिल्लाई

लक्ष्य खिलखिला कर हंस पड़ा

और पूनम ने गुस्से से लक्ष्य को घूरा मानो कच्चा चबा जाएगी

कहा रह गए थे कब से इंतजार कर रही थी और ये क्या तरीका है अभी मुझे कुछ हो जाता तो - पूनम खीज कर बोली

ऐसे कैसे हो जाता मैं हु न और आ तो रहा था अब ट्रैफिक भी तो होता है बिल्कुल अपना ड्राइवर बना लिया है कांड करती फिरे मैडम जी और मुसीबत मेरी जान को- लक्ष्य ने मजाक में कहा

ओये हेलो कैसा कांड ? मैने कुछ नही किया समझे और कोई एहसान नही कर दिया मुझपर , छोटे नही हो जाओगे अगर थोड़ी सी हेल्प कर दोगे किसी का तो, मुझे पता है कोई मिल गयी होगी बस उसी को ताड़ने में लग गए होंगे इसी लिए

इतना टाइम लग गया वरना इतना भी दूर नही है, मैं पैदल ही घर से आगयी और तुम बाइक से भी नही पहुच पाए - पूनम ने मुह बना कर कहा ।

ओये हेलो कहना क्या चाहती हो मैं सिर्फ लडकिया ही ताड़ता हूँ और कोई काम नही है मुझे, क्या तुम्हें पता भी है मैं कहा था? और कहा से आरहा हूँ? एक तो हेल्प भी करो और ऊपर से नखरे भी सहो मतलब भलाई का जमाना ही नही रहा , बोलना चाहिए थैंक्यू और सुना रही है जली कटी - लक्ष्य ने बड़बड़ाते हुए कहा

क्या कुडकुड़ कुडकुड़ कर रहे हो जो भी कहना हो तेज से बोलो - पूनम ने लक्ष्य को बड़बड़ाते सुना तो बोली

कुछ नही मेरी माँ अब बैठ भी जाओ मैं कुछ नही कह रहा - लक्ष्य ने कहा

पूनम लक्ष्य के कंधे को पकड़ कर बाइक पर बैठ गयी और दोनों पुलिस स्टेसन की तरफ चल पड़े।

पुलिस स्टेसन के बाहर पहुच कर पूनम उतरी लक्ष्य ने बाइक खड़ी की और फिर दोनों अंदर पहुचे ।

इंस्पेक्टर साहब ने प्यार से पूनम को बैठाया और बोले

बेटे तुमने जिस लड़के के खिलाफ कम्प्लेन की थी उसको हमने गिरिफ्तार कर लिया है और काफी मार पिटाई भी लगाई है उसे अपनी गलती का एहसास है और वह इसके लिए बहुत सर्मिन्दा भी है वो बार बार माफी मांग रहा है अब क्या करना है तुम बताओ ?

करना क्या है उसने पूनम को इतना परेसान किया है कुछ दिन तो रहने दीजिए हवालात में सारी अकल ठिकाने आजायेगी-पूनम के बोलने से पहले ही लक्ष्य बोल पड़ा

इंस्पेक्टर ने लक्ष्य को घूर कर देखा मानो लक्ष्य की बात उसे पसंद नही आई हो

पूनम बेटे मैं आपसे बड़ा हूँ इसीलिए कुछ कहू - माना कि उस लड़के ने बहुत बड़ी गलती की है उसने तुमको बहुत परेसान किया है तुम्हे मेंटली और फिजिकली बहुत टार्चर सहना पड़ा है , लेकिन तुम्ही सोचो अगर एक बार उसका क्रिमनल रिकार्ड बन गया तो उसकी जिंदगी खराब हो जाएगी अभी वो भी तुम्हारी उम्र का ही है , अभी उसके भी सामने पूरी जिंदगी पड़ी है और फिर उसे अपनी गलती का एहसास है तो एक बार फिर से अपने फैसले पर विचार कर लो बाकी तुम जैसे कहोगी हम वैसा ही करने के लिए तैयार है आखिर पुलिस का काम क्या है अपराधियो को दंड देना तो बताओ क्या करना है। पुलिस वाले ने पूनम को समझते हुए कहा

सर आप को जो उचित लगे आप कीजिये, मैं क्या बताऊँ इसमे पूनम को कुछ भी समझ मे नही आरहा था की वह क्या करे ।

मैं क्या कहता हूँ एक बार उसे एक मौका और दे दो क्योकि गलती सबसे हो जाती है लेकिन अगर कोई गलती मान लेता है तो उसको सुधरने का एक मौका दे देना चाहिए क्योकि सजा देने वाले से ज्यादा माफ कर देने वाला महान होता है - इंस्पेकर साहब ने कहा

लेकिन सर ऐसे कैसे उसने मेरी जिंदगी नरक बना दी थी उसने मुझे बहुत परेसान किया है ,अब आप बताइए मैं क्या करूँ - पूनम ने पूछा

बेटे अगर तुम मेरी बात मानो तो तुम अपनी कम्प्लेन वापस ले लो उसे माफ कर दो उसे एक बार सुधारने का मौका दे दो , उसे अपने किये का पछतावा है तो केस आगे बढ़ाने का कोई फायदा नही है फिर तुम्हे भी परेशानी उठानी पड़ेगी खामखा बार बार दौड़ दौड़ कर थाने और कोर्ट कचहरी का चक्कर लगाना पड़ेगा - इंस्पेक्टर ने अपना असली खेल खेलना शुरू कर दिया

ऐसे कैसे कम्प्लेन वापस ले ले सर ,आपको पता है उसने क्या किया है ,अटेम्प्ट तो रेप और ब्लैकमेल वो तो पूनम की किस्मत अच्छी थी कि वह बच गयी वरना क्या होता आपको पता भी है इतनी संगीन जुर्म किया है उसने और आप हमपर कम्प्लेन वापस लेने का दबाव बना रहे है - लक्ष्य ने भड़कते

हुए कहा

तुम कौन हो मैं पूनम से बात कर रहा हूँ ना तुम शांत रहो ज्यादा अपनी जुबान मत चलाओ समझे इंस्पेक्टर साहब ने घुड़क कर लक्ष्य को चुप करवाया

देखो पूनम मैं तुम्हे प्यार से समझा रहा हूँ अगर तुम्हें चाहिए तो मैं प्रमोद के पापा से बात करके कुछ पैसे भी दिलवा दूंगा अगर तुम यह कम्प्लेन वापस ले लेती हो तो इसमें तुम्हारा भी फायदा हो जाएगा और उस बेचारे की लाइफ बर्बाद होने से बच जाएगी सोच लो अच्छे से - इंस्पेक्टर ने कहा

बेचारा , वो बेचारा , सर आपको पता भी है आप क्या बोल रहे है , और कौन से पैसे किस पैसे की बात कर रहे है अगर मेरी पूनम की जगह आप की बेटी या बहन होती तो क्या आप ऐसे ही बात करते, आप की बाते सुनकर तो ऐसा लग रहा है कि आप प्रमोद के वकील है जो उसे आप बेचारा बोल रहे है, वो प्रमोद जिसने पूनम का जीना हराम कर दिया था जिसने चोरी से और छुप छुप कर पूनम की तस्बीर खींची और उसे ब्लैकमेल किया जिसने पूनम के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की आप उसे बेचारा कह रहे है , सर वो अपराधी है और ऐसे अपराधी सुधरते नही है बल्कि ऐसे लोगो को तो सख्त से सख्त सजा दिया जाता है- लक्ष्य गुस्से

से आग बबूला हो रहा था उसने भड़कते हुए कहा

ऐसा है तुम ममुझे ज्यादा कानून मत सिखाओ और मुझे मत सिखाओ क्या करना है क्या नही करना है ज्यादा नेतागिरी मत दिखाओ वरना सारी हीरोपंथी अभी एक मिनट में निकाल दूंगा समझे और तुम हो कौन? क्या लगते हो जो तुम इस लड़की के वकील बन रहे हो- इंस्पेक्टर ने गुस्से से कहा

मैं इनका घर वाला हु - लक्ष्य ने कहा

घर वाला मतलब ,क्या ये शादी सुदा है क्या ? इंस्पेक्टर ने पूछा

नही नही मेरा मतलब है कि ये मेरे दोस्त की बहन है और मैं इनका दोस्त हूँ- लक्ष्य ने कहा

तो दोस्त हो तो दोस्त की तरह रहो ज्यादा नेतागिरी मत झाड़ो चलो मान लिया कि उसने गलती की पूनम को बिना बताए उसकी फोटो खींच ली लेकिन उसने उसको कही मिसयूज़ तो नही किया न और पूनम मैं अभी उसका पूरा लैपटॉप और टैब तुम्हे दे दूंगा तुम उसे अपने हाथों से फॉर्मेट कर देना और रही बात जबरदस्ती की तो कुछ गलत तो नही हुआ न फिर बात को बढ़ाने से क्या फायदा ,जो हो गया उसे भूल जाओ और इस मुसीबत से बचो यही सबसे अच्छा उपाय है - इंस्पेक्टर ने कहा

वाह सर वाह , क्या सलाह दे रहे है सर बहुत अच्छा मतलब कुछ हो जाता , वो कमीना अपने मकसद में कामयाब हो

जाता तो ही आप कार्यवाही करेंगे क्या बिचार है आपके - लक्ष्य ने तंज से कहा उसके ओठो पर खिल्ली उड़ाने वाली हसी थी

और यह देख कर इंस्पेक्टर के तनबदन में आग सी लग गयी वह भड़क गया और बोला

यादव इस साले को उठा कर हवालात में डालो और चार्ज लागाओ की वह आन ड्यूटी पुलिस इंस्पेकटर से बहस और बतमीजी से बात कर रहा है इसकी सारी नेतागिरी मैं झाड़ता हूँ , दिखाता हूँ कि की पुलिस की पावर क्या होती है इसको बड़ी तकलीफ हो रही है लग रहा है ये इसकी मासूका है तभी ये इतना तड़फ रहा है इसके सिर से आशिकी का भूत मैं उतरता हूँ- इंस्पेक्टर ने गुस्से से कहा

सर सर प्लीज लक्ष्य को छोड़ दीजिए प्लीज पूनम ने जल्दी से कहा

लक्ष्य तुम चुप रहो प्लीज दो मिनट शांत रहो पूनम ने मामला बिगड़ता देख कर कहा

देखो पूनम डिसीजन तुम्हे लेना है अगर अपने इस आशिक की बात माननी है तो बताओ और मेरी बात माननी है तो बताओ इतना टाइम नही है मेरे पास की तुम दोनों के चक्कर मे पूरा दिन बर्बाद करू जो भी करना है जल्दी करो लेकिन

एक बात याद कर लेना अगर तुमने इसकी बात मान ली फिर तो मैं इसको ऐसा लपेटूंगा की जमानत के लिये तरस जाएगा बहुत बोल रहा है ना देखता हूँ कितनी ताकत है लगा लेगा जितना दम है- इंस्पेक्टर ने सरासर लक्ष्य को धमकाया

सर धमकाइये मत मैने ऐसा कुछ नही किया है कि आप इस तरह मुझे धमकी दे ,ऐसा मैने क्या बोल दिया है जो आप ऐसे बात कर रहे है मैं तो बस पूनम से बात कर रहा हूँ और आप जो इस तरह से उस प्रमोद की इतनी तरफ दारी कर रहे है ना मुझे तो लग रहा है कि आपमे और प्रमोद में पहले से कोई डील हो चुकी है - लक्ष्य ने कहा

हाऊ डेयर यु टॉक लाइक दिस विथ मी इंस्पेक्टर की आंखे गुस्से से लाल हो गयी मानो लक्ष्य ने उसे बीच बाजार नंगा कर दिया हो

ठीक है तो फिर जाओ तुम दोनो मैं अब दिखाता हूँ कि मैं क्या कर सकता हूँ जाओ पूनम मैं इसका चालान कर के इसे जेल भेज देता हूँ लेकिन बहुत जल्द ही तुम फिर आओगी और अपकी बार इस अपने यार की जमानत करवाने के लिए आओगी जो इतना बोल रहा है बहुत कानून कानून कर रहा है ना अब मैं दिखता हूँ कि कानून किसे कहते है - इंस्पेक्टर ने गुस्से से कहा

नही सर मैं अपना कम्प्लेन वापस लेती हूँ लेकिन मेरी सर्त है कि वो लैपटॉप और वो टेबलेट मेरे हवाले कर दिया जाय- पूनम ने जल्दी से कहा उस इंस्पेक्टर को लक्ष्य के ऊपर इस तरह से भड़कते देख कर पूनम डर गई

लेकिन पूनम तुम ऐसा कैसे कर सकती हो - लक्ष्य ने कहा

प्लीज लक्ष्य मैं घर चल कर सब समझाती हूँ तुम्हे प्लीज तुम शांत हो जाओ पूनम ने परेसान होकर कहा

सर मैं कम्प्लेन वापस लेने के लिए तैयार हूँ आप बोल दीजिये की वो टैब और वो लैपटॉप मेरे हवाले कर दे चाहे तो इसे फॉर्मेट करवा कर मैं इन्हें वापस कर दूंगी - पूनम ने कहा

ठीक है आप को वापस करने की कोई जरूरत नही है आप उसे हमेसा हमेसा के लिए रख सकती है यादव पूनम की कम्प्लेन लेकर आओ इंस्पेक्टर साहब ने कहा
 
लक्ष्य को बहुत जोर का गुस्सा आरहा था उसने गुस्से से पूनम को घूरा और वह गुस्से से पैर पटकता हुआ बाहर निकल गया पूनम लक्ष्य को जाते हुए देखती रह गयी

पूनम ने कम्प्लेन वापस ले ली और प्रमोद का लैपटॉप और

टैब जो पुलिस वालों ने अपने कस्टडी में ले रखी थी उसे लेकर बाहर आगयी ।

लक्ष्य ने पूनम को देख कर मुह फेर लिया और अपनी बाइक की तरफ बढ़ने लगा

बाइक पर बैठ कर लक्ष्य ने अपनी बाइक स्टार्ट की पूनम ने बाइक पर बैठने के लिए उसके कंधे को पकड़ा लेकिन लक्ष्य ने अपना कंधा नीचे झुका दिया पूनम गिरते गिरते बची

ये क्या है अरे अब बैठने तो दो पूनम ने आश्चर्य से कहा और जबरदस्ती लक्ष्य को पकड़ कर बैठ गयी

लक्ष्य पूनम से आगे खिसक गया जिससे पूनम का शरीर उससे न छुए और यह देख कर पूनम के चेहरे पर अनायास ही एक मुस्कराहट आ गयी , उसे अच्छे से पता था कि उसके फैसले से लक्ष्य सहमत नही है और इसीलिए उसने गुस्से में मुह फुला रखा है।

वह जान बूझकर लक्ष्य से और चिपक रही थी और लक्ष्य जितनी बार खिसक कर वह लक्ष्य के पास आती उतनी बार लक्ष्य खिसक कर उससे दूर होता लेकिन कब तक खिसकते खिसकते बिल्कुल पेट्रोल टंकी तक आगया अब आगे खिसकने की भी कोई गुंजाइश नही बची थी

थोड़ा और पीछे होकर बैठो मुझे चलाने में दिक्कत हो रही है

- लक्ष्य ने घुड़क कर कहा

पूनम मुस्कुराई और बोली इतनी तेज बाइक चलाते हो मुझे डर लगता है इसीलिए चिपक कर बैठी हूँ तुम पीछे आजाओ थोड़ा पकड़ने तो दो

कोई जरूरत नही है मुझे पकड़ने की पीछे कैरियर पकड़ लो गिरोगी नही - लक्ष्य ने कहा

मैं तो तुम्हे ही पकड़ूंगी क्या करोगे पूनम ने कहा और लक्ष्य को कस कर पकड़ लिया

लक्ष्य कसमसा कर रह गया लेकिन करे भी तो क्या करे वह चुपचाप बाइक चलाने लगा

इतना गुस्सा क्यो हो लक्ष्य पूनम ने लक्ष्य को खामोश देख कर पूछा

लक्ष्य ने कुछ नही कहा

बोलो मुह क्यो फुला रखा है पकोड़े की तरह पूनम ने कहा

गुस्सा नही हूँ तो क्या खुशी से नाचूँ जब मेरी बात सुननी ही

नही थी तो मुझे लेकर क्यो आयी खुद अकेले ही आ जाती जब तुम्हे अपने मन की करनी थी तो - लक्ष्य ने तुनक कर कहा

अरे बुद्धू बात बढ़ाने से कोई फायदा थोड़े न था और फिर तुम पुलिस वालों से बहस करने लगे देखा नही वो तुम पर कितना गुस्सा कर रहा था - पूनम ने कहा

तो क्या खा जाता ,जब मैंने कुछ किया ही नही तो ऐसे कैसे मुझे कुछ कर देता और तुम उसके गुस्से से डर गई और उस कमीने को ऐसे ही छोड़ दिया - लक्ष्य बोला

लक्ष्य अगर मैं ऐसा नही करती तो तुम मुसीबत में आ जाते वो इंस्पेक्टर तुमसे कितना नाराज हो गया था वो बाद में अपनी खुंदक तुमसे निकालता और फिर किसी झूठे केस में फसा देता इसीलिए मैंने कम्प्लेन वापस ले ली और फिर मेरी सारी फोटो मुझे मिल गयी और क्या चाहिए बात को बढ़ाने से कोई फायदा थोड़े न था मैने जो कुछ किया उसी में सबकी भलाई थी समझे - पूनम ने कहा

ऐसे कैसे झुठे केस में फसा देता तुमने जो किया है ना ठीक नही किया , और इसके लिए मेरा बहाना मत बनाओ असलियत तो यह है कि तुम डर गयी उस प्रमोद से , उसके

बाप से , उस पुलिस वाले से तुम्हारे जैसी ही लड़कियों की वजह से ही प्रमोद जैसे लड़को का हौसला बढ़ जाता है क्योंकि वो अच्छी तरह जानते है कि ये क्या कर पायेगी - लक्ष्य ने गुस्से से पूनम को खूब सुनाया

नही लक्ष्य मैं सच मे किसी से नही डरी बस वो तुम्हे जेल में डालने की धमकी देने लगा इसी लिए मैने कम्प्लेन वापस लिया कि मेरी वजह से तुम खामखा किसी मुसीबत में न पड़ जाओ- पूनम ने सफाई दी

जो भी हो तुमने जो किया है मैं उससे बिल्कुल सहमत नही हूँ और तुम कितनी भी सफाई दो जो गलत है वो गलत है और तुमने गलती की है बस - लक्ष्य ने कहा

पूनम कुछ नही बोली ख़ामोस बैठी रही

लक्ष्य बाइक लेकर घर के थोड़ी दूर पर पहुचा

और बाइक रोक दी

क्या हुआ रोक क्यो दी - पूनम ने चौक कर पूछा

तुम चली जाओ पास में ही घर है मुझे और भी कुछ काम है -लक्ष्य ने मुह बना कर कहा

अरे अब पास में तो आ गये हो तो घर तक छोड़ दो चाय पी लेना - पूनम ने कहा

नही पीना है मुझे चाय तुम जाओ मुझे और भी काम है - लक्ष्य ने कहा

पूनम चुपचाप उतर गयी और लक्ष्य ने बिना कुछ कहे बाइक घुमा ली और वापस लौट गया

पूनम उसको जाती हुई देखती रह गयी जब तक वो आंखों से ओझल नही हो गया लेकिन लक्ष्य ने एक बार भी घूम कर पूनम को देखने की जहमत नही उठाई और फिर पूनम अपने घर की तरफ चल पड़ी

पूनम घर की में पहुच गयी , उसकी सारी समस्या खत्म हो गयी थी इतनी बड़ी मुसीबत से वह अभी अभी निकल कर आई थी उसे बहुत खुश होना चाहिए था लेकिन जाने क्यों उसके चहेरे पर एक उदासी थी जैसे उसने सच मे कुछ गलत कर दिया हो लक्ष्य का इस तरह से नाराज होना उसे अच्छा नही लग रहा था उसका दिल अंदर से दुखी था वह लक्ष्य के नाराजगी के लिए खुद को दोषी मान रही थी ।

एक नंबर का गधा है अपने आप को बहुत बड़ा हीरो समझता है ना वो उस इंस्पेक्टर से इतना बहस करता न इतना कुछ

होता अगर मैं ऐसा नही करती तो वो इंस्पेक्टर उसे छोड़ देता क्या? वह उसको उल्टे सीधे केस में फसा देता और फिर बच्चू की सारी हेकड़ी निकल जाती, मैं क्या करती देखा नही कैसे वो लक्ष्य को उठा कर जेल में बंद कर रहा था, मैने जो किया उसके भले के लिए, बिल्कुल भी अकल नही है और उल्टा मुझसे गुस्सा भी है - पूनम मन ही मन बड़बड़ाई

तभी लावण्या बाहर निकल कर आई और पूनम को देख बोली

अरे पूनम वापस आ गयी कब आयी ? बताया भी नही लावण्या ने आश्चर्य से कहा

बस भाभी अभी अभी आयी आकर बैठी ही हु की आप आ गयी- पूनम ने उदास होकर कहा

क्या हुआ पूनम सब ठीक तो है ना तुम इतनी उदास क्यो हो पुलिस स्टेसन में कोई बात हो गयी क्या लावण्या ने पूनम को इस तरह परेसान देख कर पूछा

नही भाभी ऐसी कोई बात नही बस थोड़ा थक गई हू ,,इतनी दूर जाना पड़ा ना बाइक पर बैठ कर - पूनम ने कहा

अच्छा बताओ क्या हुआ पुलिस स्टेसन में - लावण्या ने पूछा

पूनम ने शुरू से लेकर अंत तक सारी बात लावण्या को बताया

अब आप ही बताओ भाभी क्या मैने कुछ गलत किया क्या?

वो लक्ष्य मुझसे बहुत नाराज है मुझसे बातचीत करना बंद कर दिया जबकि मैने ये सब उसी के लिए किया - पूनम ने कहा

लावण्या को सारी बात समझ मे आगयी उसने एक लंबी सांस ली और कहा

पूनम तुमने कम्प्लेन वापस लेकर एक तरह से ठीक ही किया माना कि उसने बहुत ही गलत किया था लेकिन हर इंसान को एक मौका जरूर मिलना चाहिए अपनी गलती सुधारने के लिए क्या पता वो प्रमोद सच मे सुधर जाए और रही बात लक्ष्य की तो उसका भी गुस्सा बिल्कुल जायज है क्योंकि उसे तो सिर्फ हमसे मतलब है और कोई भी अपना दोस्त हो जो हमे प्यार करता होगा उसे यह बिल्कुल भी अच्छा नही लगेगा कि उसके दोस्त को कोई इस तरह से परेसान करे उसे तुम्हारी फिक्र थी तुम्हारी परेसानी की चिंता थी जिसका कारण सिर्फ और सिर्फ वो प्रमोद था इसीलिए वह प्रमोद को सबक सिखाना चाहता था और जैसे उसने तुम्हे परेसान किया मानसिक रूप से परेसान किया वैसे ही वह भी परेसान हो लेकिन तुम परेसान मत हो लक्ष्य अभी तुमसे गुस्सा है बाद में मान जाएगा - लावण्या ने पूनम को समझाया

हम्म

पता है भाभी वो इंस्पेक्टर लक्ष्य को धमकी देने लगा कि अगर मैंने उसकी बात नही मानी तो वह उसे वह जेल में डाल देगा और उल्टे सुलटे चार्ज लगा देगा इसीलिए मैंने ये कम्प्लेन वापस भी ले लिया - पूनम ने कहा

चलो जो हुआ ठीक ही हुआ लेकिन वो फ़ोटो और वीडियो उसका क्या ? - लावण्या ने पूछा

प्रमोद का लैपटॉप और टैब मैं ले आयी हूँ जिसे पुलिस वालों ने जब्त किया था उन्होंने इसे मुझे दे दिया ये रहा -पूनम ने कहा और उसने लैपटॉप और टैब लावण्या को दिखाया

बहुत अच्छा हुआ ये अब तो मेरे ख्याल से उसके पास कुछ नही होगा जिससे वो अपनी मनमानी कर पाए - लावण्या ने कहा

चलो एक मुसीबत खत्म हुई वरना मेरा दिल तो बहुत घबरा रहा था कि अगर सार्थक को पता चल गया तो क्या होगा ? और रोज रोज तुम्हे भेजना भी तो मुमकिन नही था इसीलिए कहते है जो होता है अच्छे के लिए होता है- लावण्या ने कहा

पूनम शांत बैठी रही उसके दिल मे उथल पुथल मची थी लक्ष्य का नाराज होना उसे अखर रहा था मानो वह जीत कर भी कुछ हार गई हो
 
थोड़ी देर बाद रजनी सज संवर कर आई उसने रानी कलर का खूबसूरत का ड्रेश पहन रखा था और चेहरे पर हल्का सा मेकअप कर रखा था गले मे एक हार और उसी के मैचिंग झुमके हाथो के सहारे से लटका हुआ दुपट्टा और ड्रेश के बड़े से घेरे को अपने दोनों हाथों की अंगुलियों से थामे रजनी बहुत खूबसूरत लग रही थी वह सीधा खुशबू के पास पहुची , खुशबू सज संवर कर मेकअप करके तैयार थी , उसकी आँखों मे और चेहरे पर अपनी शादी की खुशी साफ साफ महसूस की जा सकती थी ।

रजनी को देखते ही खूशबू खुशी से खिल गयी ,

क्या बात है मेरी जान आज तो कहर ढा रही है आज तो एक एक लड़को के दिलो पर साँप लोटने का इरादा करके आयी है , बहुत जबरदस्त लग रही है - खुशबू ने मुस्कुराते हुए कहा

क्या यार खुशबू बकवास ना कर रजनी इस तरह खूशबू की तारीफ सुन कर झेप गयी और सरमा कर बोली

अरे सच मे जानलेवा लग रही है बिल्कुल किसी राजकुमारी के जैसे - खूशबू ने रजनी से कहा

अच्छा चल अभी तू बस भी कर ज्यादा तारीफ मत कर, तू

भी कौन सा किसी से कम है ,जीजू तो आज तुझे देखते ही अपना होश गवाने वाले है ,- रजनी ने कहा

दोनो एक दूसरे के पास ही बैठे रहे और फिर जब जयमाल स्टेज पर जाने की बारी आई तो खुशबू ने कहा

रजनी तू मेरे पास ही रहना प्लीज यार मुझे बड़ी घबराहट हो रही है

घबराहट क्यो ? रजनी ने कहा

पता नही यार जाने क्यों डर सा लग रहा है तू आस पास ही रहना बस मेरे- खूशबू ने कहा

तू घबरा मत और बिल्कुल टेंसन मत ले जा आराम से जा आज तेरे जिंदगी का बहुत बड़ा दिन है तो तू ऐसे घबरायेगी तो कैसे काम चलेगा - रजनी ने खूशबू को सांत्वना दी

खुशबू को लेकर रजनी और दो लडकिया स्टेज पर पहुची ।

रजनी ने पहली बार नजर उठा कर आस पास देखा पूरा पांडाल भरा पड़ा था और स्टेज के ठीक सामने बहुत सारे लोग कुर्सी लगा कर बैठे हुए थे ।

खूशबू को स्टेज पर पहुचा कर रजनी नीचे उतर आयी उसने इधर उधर नजर डाली लेकिन कही भी बैठने के लिए खाली कुर्सी नही नजर आयी वह परेसान हो रही कि तभी उसे सुनाई पड़ा ..

एक्सयूज मी ?

रजनी ने पीछे मुड़ कर देखा

वही लड़का ,बिल्कुल वही था जो उससे टकराया था उसने ही

रजनी को आवाज दी थी

रजनी का माथा सिकुड गया

उसने ऊपर से नीचे तक उस लड़के को देखा

6 फुट के करीब कद हाथो में घड़ी पैरो में जूता और क्रीम कलर का कोट पेंट पहन कर खड़ा था हालांकि उसका चेहरे की रंगत गेहुआ था लेकिन फेस की कटिंग काफी इम्प्रेसिव थी और शरीर भी हस्टपुस्ट और बलिष्ट था ।उसके ओठो पर एक चिरपरिचित मुस्कराहट थी जो बहुत ही प्यारी लग रही थी ।

जी... जी.. रजनी मानो उसे देख कर हड़बड़ा गयी और बोली

आप यहां वैठ जाए उसने बहुत ही अदब से अपनी सीट खाली करते हुए कहा

नही नही आप बैठिये मैं पीछे बैठ जाती हूँ वहां जगह खाली है - रजनी ने कहा

अरे बैठ जाइए न जयमाल का मजा आगे से देखने मे आता है पीछे से नही उसने मुस्कुरा कर कहा

रजनी हिचकिचाई उसे इस तरह उस लड़के को उठा कर बैठने में बहुत सकुचाहट हो रही थी

लेकिन आप ? - रजनी ने कहा

अरे आप मेरी चिंता मत कीजिये आप खड़े खड़े थक जाएंगी मैं तो कही भी बैठ जाऊंगा उसने कहा

रजनी अब भी खड़ी की खड़ी रही

अब बैठ भी जाइये आपके लिए मैने अपनी सीट छोड़ दी है

अगर किसी की नजर पड गई तो फिर वह बैठ जाएगा और फिर आप को खड़ा ही रहना पड़ेगा उसने मुस्कुरा कर कहा

रजनी के सामने कोई चारा नही बचा था उसने अपने ड्रेश के घेर को सम्हाला और हल्के से उसे ऊपर उठा कर बैठ गयी बैठते हुए अनायास ही उसकी नजर उस लड़के पर पड़ी

वह अब भी मुस्कुरा रहा था और उसकी मुस्कुराहट को देख कर रजनी को न चाहते हुए मुस्कुराना पड़ा

रजनी चुपचाप बैठ गयी और जयमाल स्टेज पर चल रहे कार्यक्रम को देखने लगी उसे बहुत अच्छा लग रहा था ।

तभी उसके बगल बैठी हुई लेडी उठ कर चली गयी और वह कुर्सी खाली हो गयी

और वह लड़का भी रजनी के बगल ही बैठ गया

रजनी ने एक नजर उसको देखा और फिर से जयमाल का कार्यक्रम देखने मे ब्यस्त हो गयी ।

आप काफी पियेंगी क्या ? अचानक से उस लड़के ने पूछा

रजनी ने चौक कर उसे देखा और बोली नो थैंक्स

तो फिर कोल्डड्रिंक ? मैं लेने जा रहा था तो सोचा आप से पूछ लेता हूं

रजनी ने गौर से देखा , वह लड़का उससे बात करना चाहता था

नही आप परेसान मत होइए मुझे कुछ नही चाहिए - रजनी ने कहा

अरे इसमे कैसी परेसानी मैं अभी लाता हूँ आप बस मेरी यह सीट संहालिये और किसी को बैठने मत दीजियेगा मैं यु गया और यु आया उस लड़के ने अपने पन से कहा और चला गया

रजनी उसे जाता है देखती रह गयी

थोड़ी देर बाद वह लड़का लौटा तो उसके हाथ मे काफी के दो गिलास थे ।

उसने बड़ी शालीनता से एक कप काफी रजनी की तरफ बढ़ाया और एक कप खुद लेकर रजनी के बगल बैठ गया

रजनी ने एक कप काफी उठा लिया और हल्के से मुस्कराहट के साथ थैंक यु बोला

दोनो ने काफी का एक घूट पिया और एक दूसरे को मुस्कुरा कर देखा

क्या मैं आपका नाम जान सकता हूँ उस लड़के ने मानो डरते डरते रजनी से पूछा

जी ?.. - रजनी ने आश्चर्य से कहा

नाम, आपका नाम क्या है ,आज पहली बार आपको देखा आप बहुत उदास थी मानो रो देगी आपकी ये उदास आंखे और उदास चेहरा देख कर जाने क्यों आपका नाम और आपके उदास होने की वजह जानने का दिल करने लगा उस लड़के ने कहा

रजनी ने एक शब्द नही बोला बस गर्दन झुकाये चुपचाप खामोश बैठी रही काफी का गिलास उसके हाथ मे ही था ।

अगर आप बताने में कम्फर्टेबल नही है तो कोई बात नही है

इट्स ओके उस लड़के ने रजनी को हिचकिचाते हुए देखा तो कहा

बाई द बे मेरा नाम राजीव है और मैं खूशबू का कजिन हूँ उस लड़के ने बिना पूछे ही अपना परिचय दिया ।

दोनो चुपचाप बैठ कर काफी पीने लगे

तभी कही से किसी ने राजीव को आवाज लगाई

राजीव उठ कर चला गया और रजनी फिर से जयमाल स्टेज की तरफ देखने मे मसगूल हो गयी ।

पूनम जब से थाने से आई वह बहुत ही ज्यादा परेसान थी जाने क्यों उसे लक्ष्य का इस तरह से गुस्सा होना बहुत अखर रहा था

शाम को सार्थक घर आया चाय नास्ता करने के बाद वह अभी लावण्या के पास बैठ कर बाते कर ही रह था कि तभी उसे पूनम का ध्यान आया

लावण्या पूनम कहा है आज दिखाई नही पड़ रही है सार्थक ने पूछा

पूनम का नाम सुनकर लावण्या हल्के से चौक गयी और फिर खुद को सम्हालते हुए बोली

अपने कमरे में होगी , क्यो कुछ काम था क्या पूनम से - लावण्या ने पूछा

नही बस ऐसे ही आज देखा नही न इसी लिए पूछ रहा था - सार्थक ने कहा

लावण्या ने जैसे राहत की सास ली हो सार्थक का इस तरह से पूनम के बारे में पूछने के कारण लावण्या डर गई थी ।

अगले सुबह सार्थक ऑफिस जाने के लिए निकलने ही वाला था कि तभी शशांक के साथ लक्ष्य आ धमका

सार्थक दोनो को देख कर खुशी से खिल गया

क्या बात है यार तुम दोनों मेरे घर मे और वो भी अचानक कुछ काम था क्या ? - सार्थक खुशी से चहकते हुए बोला

क्यो बे साले अब बिना काम के तुझसे मिलने भी नही आ सकते क्या ? - लक्ष्य ने तपाक से कहा

अरे क्यो नही यार तेरा ही घर है तेरा जब भी दिल करे आ ,कौन रोकेगा तुझे - सार्थक ने कहा

यार कैसा है तू तुझसे मिले बहुत दिन हो गए थे इसीलिए सोचा की आज चल कर के तुंझसे मिलकर आते है - शशांक ने कहा

चल आजा बैठ यार सार्थक ने कहा और दोनों को पकड़ कर बैठाया

लावण्या जाओ जा कर दोनों के लिए चाय नास्ता लेकर आओ मेरे दोस्त आये है- सार्थक ने कहा

जी अभी लेकर आई - लावण्या अंदर चली गयी

लक्ष्य ने इधर उधर देखा

क्या हुआ भाई किसे तलास रहा है - लक्ष्य को इधर उधर देखते देख कर सार्थक ने कहा

वो नकचढ़ी चुहिया दिखाई नही दे रही है कही गयी है क्या? - लक्ष्य ने पूछा

कौन पूनम? - सार्थक ने पूछा

हा वही और कौन - लक्ष्य ने बुरा सा मुह बनाते हुए कहा

है यही तो है , कमरे में होगी, कुछ काम था क्या? - सार्थक ने पूछा

नही बस ऐसे ही पूछ लिया मुझे कोई काम नही है - लक्ष्य ने कहा

लावण्या नास्ता लेकर आई और फिर शशांक और लक्ष्य नास्ता करने लगे

और सार्थक कैसा चल रहा है जॉब सब बढ़िया - शशांक ने पूछा

सब ठीक है तुम बताओ बड़े दिन बाद आये शशांक - सार्थक ने पूछा

क्या करूँ भाई हम ठहरे बेरोजगार और तुम काम धंधे वाले तो इसीलिए मुलाकात नही हुई लेकिन आज मिलने का बहुत मन कर रहा था इसीलिए चला आया शशांक ने मुस्कुराते हुए कहा

क्या यार ? तुम्हे काम करने की जरूरत है क्या ? तुम्हारे बाप का इतना बड़ा बिजिनेस है तो तुझे क्या जरूरत है काम करने की - सार्थक ने कहा
 
तभी पूनम अंदर से बाहर निकली और शशांक को देख कर खुशी से खिल गयी

अरे शशांक भैया आप कब आये पूनम ने चहकते हुए कहा

बस अभी आया छुटकी तू कैसी है शशांक ने मुस्कुराते हुए पूनम से पूछा

मैं बिल्कुल ठीक हु - पूनम ने कहा

इनको क्या होगा ये भली चंगी है इन्हें तो बस दुसरो को हर्ट करने में मजा आता है - लक्ष्य ने मुह बना कर कहा

सार्थक और शशांक ने चौक कर लक्ष्य को देखा

ऐसे क्यो बोल रहा है बे उस बेचारी ने तेरा क्या बिगड़ दिया इतनी सीधी साधी है वो क्या किसी को हर्ट करेगी - शशांक ने कहा

मुझे पता है क्या है ज्यादा उसकी तरफदारी करने की जरूरत नही है - लक्ष्य ने किलस कर कहा

ऐसे ही हंसी मजाक का दौर काफी देर तक चलता रहा तीनो एक दूसरे से बहुत दिन बाद मिले थे इसीलिए एक दूसरे के बारे में काफी देर तक बात करते रहे और फिर दोनों जाने को हुए

हा यार अब मैं भी चलता हूँ वरना ऑफिस के लिए लेट हो जाएगा आज वैसे ही थोड़ा सा देर हो गया है - सार्थक ने घड़ी

देखते हुए कहा

तो एक काम कर ना आ जा मैं तुझे अपनी बाइक से छोड़ देता हूं अब कहा ढूढेगा तू किसी सवारी को - शशांक बोला

लेकिन लक्ष्य वो कैसे जाएगा - सार्थक ने कहा

अरे वो आजायेगा तू उसकी चिंता मत कर शशांक बोला

क्यो लक्ष्य कोई तकलीफ तो नही है ना आजायेगा न अकेले - शशांक ने लक्ष्य से पूछा

आ ही जाऊंगा और कोई ऑप्शन हो तो बता - लक्ष्य ने गहरी सांस ली और बोला

ठीक है फिर मैं सार्थक को ले जा रहा हु तुम आ जाना

शशांक ने कहा और फिर सार्थक के साथ बाहर निकल गया

शशांक और सार्थक के जाने के बाद कमरे में लक्ष्य लावण्या और पूनम बचे ।

लक्ष्य ने पूनम के चेहरे पर एक नजर डाली और फिर से मुह फेर लिया

पूनम ने मुस्कुरा कर लक्ष्य को देखा

अच्छा तुम दोनों बैठो बाते करो मैं एक कप चाय और ले

आती हूँ लावण्या ने कहा और किचन की तरफ जाने लगी ।

अरे नही भाभी चाय की कोई जरूरत नही अब मैं भी चलूंगा- लक्ष्य ने कहा

अरे बैठो भी ज्यादा टाइम नही लगेगा - लावण्या ने कहा और अंदर चली गयी

पूनम लक्ष्य को एकटक देख रही थी लेकिन लक्ष्य पूनम से मुह फेर कर बैठा था मजाल है जो एक बार भी उसने भर नजर पूनम को देख लिया हो

आखिर में थक हार कर पूनम ने कहा

अभी तक तुम्हारा गुस्सा शांत नही हुआ

लक्ष्य ने गर्दन घुमा कर पूनम को देखा और फिर से मुह फेर लिया

पूनम लक्ष्य के पास आई और लक्ष्य का चेहरा अपने हाथों से घुमाकर अपने चेहरे के सामने किया

लक्ष्य ने नजर उठा कर पूनम को देखा और फिर से मुह फेरने लगा

लेकिन पूनम ने ताकत लगा कर फिर से लक्ष्य का चेहरा अपनी तरफ़ घुमा लिया

छोड़ो मुझे पूनम - लक्ष्य ने गुस्से से कहा

नही छोड़ रही क्या करोगे ? - पूनम ने मुस्कुराते हुए दबंगई से कहा उसकी आँखों मे सरारत साफ झलक रही थी

मैं कह रहा हूँ छोड़ो मुझे, मुझे तुमसे बात नही करनी - लक्ष्य ने कहा

अच्छा , लेकिन क्यो? मैने किया क्या है ? - पूनम ने पूछा

वाह कितनी भोली बन रही हो जैसे कुछ मालूम ही नही देखो देखो कैसे कह रही है मैने किया क्या है- लक्ष्य ने पूनम की नकल उतारी

अरे सच्ची नही मालूम , बताओगे तभी तो पता चलेगा बताओ क्यो गुस्सा हो मुझसे बात क्यो नही कर रहे हो - पूनम ने पूछा

न तो मुझे कुछ बताना है ना कुछ कहना है मुझे छोड़ दो वरना में अभी चला जाऊंगा- लक्ष्य ने कहा

जा कर दिखाओ हिम्मत है तो - पूनम ने कहा

अच्छा क्या करोगी - लक्ष्य ने कहा

तुम जा कर दिखाओ फिर पता चलेगा कि मैं क्या करती हूँ - पूनम ने घुड़की दी और कहा

अच्छा एक तो चोरी ऊपर से सीना जोड़ी अच्छी दादागिरी है- लक्ष्य ने कहा

तुम्हे जो समझना है समझो तुम्हे तो लड़कियों की तरह बिना मतलब के मुह फूलाने की आदत है - पूनम ने तुनक कर कहा

अच्छा मुझे मुह फुलाने की आदत है मुझे ,और तुमने जो किया है उसका क्या? वो ठीक किया है क्या ? - लक्ष्य ने गुस्से से पूछा

क्या किया है मैने बताओ ऐसा क्या कर दिया मैने जो ऐसे मुह फुला कर बैठे हो एक तो मैं वैसे ही परेसान हूँ ऊपर से

तुम और परेसान कर रहे हो पूनम ने रोनी सी सूरत बना कर कहा

अच्छा तो मैं तुम्हे परेसान कर रहा हूँ , ज्यादा भोली बनने की जरूरत नही है , तुम्हे अच्छे से पता है कि तुमने क्या किया है और मैं क्यो नाराज हूँ तो ज्यादा बनो मत समझी - लक्ष्य ने कहा

लक्ष्य तुम समझते क्यो नही जो मैंने किया वही सबसे सही रास्ता था और उसी में सबका भला था - पूनम ने उदास होकर कहा

और अगर उसने तुम्हे फिर से परेसान करना शुरू कर दिया तो तब क्या करोगी लक्ष्य ने कहा

तब की तब देखी जाएगी और तुम हो न फिर मुझे चिंता करने की क्या जरूरत है- पूनम ने कहा

अच्छा मैं कोई तुम्हारा बॉयफ्रेंड हु जो ऐसे बोल रही हो मैं कुछ नही कर रहा , मुझे और भी काम है कोई मैं सिर्फ तुम्हारे पीछे ही थोड़े न लगा रहूंगा और फिर तुम्हारा क्या भरोषा कल को फिर तुम कम्प्लेन वापस ले लो न बाबा ने मुझसे तो तुम अब कोई उम्मीद रखो मत - लक्ष्य ने चिढ़ कर कहा

हा हा तुम्हारा इम्पोर्टेन्ट काम रुक रहा होगा न आजकल तुम्हे लड़कियों को ताड़ने का मौका नही मिल रहा होगा इसीलिए तुम क्यो करोगे मेरी हेल्प तुम्हे तो फ्लर्ट करने से फुरसत मिलेगी तभी तो कुछ करोगे और रही बात बॉयफ्रेंड की तो ऐसा कुछ नही है कोई जरूरी थोड़े न है कि बॉयफ्रेंड हो तभी

हेल्प करे एक दोस्त दूसरे दोस्त की हेल्प नही कर सकता क्या पूनम ने कहा

कर सकता है लेकिन अगर एक दोस्त दूसरे दोस्त की भावनाओ की कद्र करे तो उसकी बात माने तो और तुम एक नंबर की डरपोक हो- लक्ष्य ने कहा

मैं डरपोक नही हूँ समझे मैने जो कुछ किया सिर्फ तुम्हारे लिए किया अगर ऐसा नही करती तो वह इंस्पेकर तुम्हे अब तक अरेस्ट करके लट्ठ बजा रहा होता - पूनम ने गुस्से से कहा

इतना आसान नही है समझी मैं इतना भी कमजोर नही हूँ कि कोई भी ऐसे मुझे उठा लेगा अपनी जैसे मुझे मत समझो - लक्ष्य ने किलस कर कहा

तभी लावण्या चाय लेकर आगयी
 
लक्ष्य ने ने बिना किसी औपचारिकता के चाय का कप उठाया और चाय का एक घूट पी कर बोला

वाह भाभी क्या बढ़िया चाय बनाया है काश कुछ लोग तुमसे थोड़ा बहुत सीख लेते तो कितना अच्छा होता लक्ष्य ने पूनम को सुनाने के लिए कहा

मुझे आती है चाय बनाने और ज्यादा मेरी सास बनने की जरूरत नही है समझे चाय पियो और जाओ बेट कर रही होगी तुम्हारा ,तुम्हारी चाहने वालिया- लक्ष्य का तंज सुनकर पूनम जलभुनकर राख हो गयी

अरे वाह अभी से ही सास की बाते भाभी जल्दी से जल्दी घर खाली करो यार किसी को अपने सास ससुर की बहुत याद

आरही है लक्ष्य ने पूनम का मजा लेते हुए कहा

भाभी इनसे कह दो की ये शांत हो जाय वरना कुछ कह दूंगी तो मिर्ची लग जायेगी पूनम ने किसी छोटे से बच्चे की तरह मचलते हुए कहा

नही क्या कह दोगी कह दो सब तो बोल चुकी हो फ्लर्ट लुच्चा लफंगा आवारा कमीना बतमीज अभी भी कुछ बाकी है तो वह भी बना दो - लक्ष्य बोला

हा तो जैसे हो वैसा ही तो बोलूंगी न अब हो ही ऐसे तो क्या देवता बोलू - पूनम ने कहा

पूनम ऐसे नही कहते किसी को लावण्या ने पूनम को डांटा

और वो जो बोल रहे है है वो भी तो सुनो मुझे चाय बनानी नही आती क्या - पूनम ने तुनक कर कहा

अरे लक्ष्य तो मजाक कर रहा है पूनम - लावण्या ने कहा

मुझे ऐसे मजाक नही पसंद है भाभी समझा दो पूनम ने कहा और तुनक कर अंदर चली गयी

लक्ष्य के चेहरे पर एक शरारती मुस्कराहट फैल गयी पूनम का इस तरह से तुनक कर जाना उसे बहुत अच्छा लगा

लक्ष्य ने चाय पी और बोला अच्छा भाभी मैं चलता हूँ फिर मिलूंगा

लावण्या ने मुस्करा कर जाने के लिए कहा

एक बार नकचढ़ी चुहिया से मिल लू फिर जाता हूँ लक्ष्य ने मुस्कुराते हुए कहा

अरे मत छेड़ो उसे लक्ष्य जानते हो न एक पल में ही भड़क

जाती है- लावण्या ने कहा

मुझे अच्छा लगता है भाभी जब वो गुस्से में होती है तो बहुत प्यारी लगती है बस हल्का सा मिल लू फिर चला जाऊंगा- लक्ष्य ने कहा

लावण्या ने मुस्करा कर लक्ष्य को देखा और जाने की इजाजत दे दी

लक्ष्य पूनम के पास गया और बोला

अच्छा बाय नकचढ़ी चुहिया जा रहा हूँ कोई मैसेज हो तो बता दो प्रमोद को बोल दूंगा

पूनम गुस्से से पलटी और खा जाने वाली नजरो से लक्ष्य को देखा

अरे बाप रे इतना गुस्सा मैने कुछ गलत कह दिया क्या अरे वो तुम्हारा चाहने वाला है तो क्या पता कोई मैसेज हो इसीलिए आया - लक्ष्य ने सफाई दी

देखो लक्ष्य मुझे इस तरह का मजाक बिल्कुल पसंद नही है तो प्लीज बोलने से पहले सोच लिया करो कि क्या बोल रहे हो - पूनम ने कहा

लक्ष्य को अपनी गलती का एहसास हो गया और वह झेप गया

मेरा मतलब वह नहीं था पूनम मैं तो बस तुम्हारे चेहरे पर मुस्कुराहट देखना चाहता था तुम गुस्सा मत करो प्लीज आई एम सॉरी पूनम के इस तरह गुस्सा होने पर लक्ष्य सकपका गया और देखते हुए बोला

कोई बात नहीं है लेकिन प्लीज लक्ष्य उस कमीने का नाम मेरे सामने मत लिया करो मैं न जाने क्यों उसका नाम सुनकर ही मेरे तन बदन में आग लग जाती है - पूनम ने कहा

अच्छा नहीं लूंगा अब मुस्कुरा तो दो जा रहा हूं लक्ष बोला

मैं पागल नहीं हूं जो ऐसे बिना काम के मुस्कुराती रहूंगी- पूनम ने कहा

हे भगवान तुम से बात करना ना मतलब पत्थर से सर टकराना है छोटी सी बात का बतंगड़ बना देती है लक्ष्य ने अपना माथा पीट लिया

हां तो क्यों करते हो मुझसे बात मत किया करो पूनम ने कहा

क्या करूं दिल तुमसे बात किए बिना मानता ही नहीं जब तुमसे बात कर लेता है तब उसको तसल्ली हो जाती है वरना वह बेचैन रहता है तुमने न जाने कौन सा जादू कर दिया है- लक्ष्य किसी दीवाने की तरह बोला

ओहो क्या बात है वैसे यह डायलॉग कितनों को अब तक चिपका चुके हो , अपनी इन्ही बातों से ही तुम भोली भाली लड़कियों को फंसाते होना - पूनम ने तंज से कहा

अरे सच्ची दिल से बोल रहा हूं- लक्ष्य ने कहा

तुम रहने दो मुझे पता है तुम और तुम्हारा दिल बेवकूफ उसे बनाना जो तुम्हारे बारे में ना जानता हूं मैं तुम्हारी रंग रग से वाकिफ हूँ और तुम्हें अच्छी तरह से जानती हूं पूनम ने कहा

अच्छा ठीक है बाबा अभी मेरे पास इतना टाइम नहीं है उनसे बहस करूं किसी दिन टाइम निकाल कर आऊंगा तो जी भर

के तुमसे बहस कर लूंगा अभी तो मैं जा रहा हूं बाय

बाय पूनम ने कहा

थोड़ी देर बाद राजीव वापस आया और फिर से रजनी के पास बैठ गया ।

जब सारा जयमाल का कार्यक्रम हो गया तब खुशबू को लेकर रजनी वापस अंदर चली गयी।

थोड़ी देर बाद खाना खाने के लिए खुशबू को बुलाया गया खुशबू के होने वाले पति के साथ

चल रजनी खाना खाने - खुशबू ने कहा

मै ..मैं ..जा कर क्या करूंगी ,तू जा तेरा बुलावा है - रजनी बोली

तो क्या हुआ तूने भी तो नही खाया है चल वही बैठ कर खा लेना - खुशबू ने कहा

न बाबा ना मुझे कबाब में हड्डी बनने का कोई शौक नही है तू जा जीजू तेरा बेट कर रहे है -रजनी ने साफ मना कर दिया

और तू खाना नही खाएगी क्या - खुशबू ने कहा

वैसे तो भूख नही है- रजनी बोली

अरे ऐसे कैसे भूख नही है चल - खुशबू ने रजनी का हाथ पकड़ कर उठाते हुए कहा

न चाहते हुए भी रजनी को खुशबू के साथ जाना पड़ा

दूल्हा दुल्हन के लिए एक टेबल लगा था रजनी ने खुशबू को ले जाकर वही पर बैठा दिया और थोड़ी देर बाद खुशबू का हसबैंड भी आगया ।

रजनी वहां से हट गई और फिर वह भी अपने लिए खाना लेने जाने लगी

लेकिन काउंटर पर बहुत भीड़ थी इसी लिए रजनी सकुचा रही थी

अचानक कही से राजीव भूत की तरह प्रकट हुआ ,

क्या हुआ आप कुछ परेसान सी लग रही है मैं आपकी हेल्प कर दूं -राजीव ने कहा उसके ओठो पर चिरपरिचित मुस्कुराहट थी ।

नही ऐसी कोई बात नही है -रजनी बोली

आप मुझे आप अपना दोस्त समझिए भले ही आपने मुझे अपना नाम नही बताया लेकिन मैं आपको दोस्त मानता हूँ बताइये क्या परेसानी है - राजीव ने अपने पन से कहा

अरे ऐसी कोई बात नही है राजीव जी मेरा नाम रजनी है और मुझे कोई परेसानी नही है वो क्या है खाना खाने के लिए आई हूँ लेकिन अभी काउंटर पर बहुत भीड़ है इसीलिए बैठ गयी- रजनी ने मुस्कुराते हुए कहा राजीव का ब्यवहार रजनी के लिए काफी अच्छा था इसीलिए उसे राजीव को अपना नाम बताने में कोई बुराई नही नजर आ रही थी ।

बस इतनी सी बात अभी आपकी परेसानी दूर कर देते है आप बस दो मिनेट बैठिये राजीव ने कहा और उठ कर उन काउंटर की तरफ जाकर उस भीड़ में गुम हो गया रजनी उसे जाते हुए देखती रह गयी ।

थोड़ी देर बाद राजीव लौटा तो उसके हाथ मे खाने की थाली थी

ये लीजिये आप खाना खाइये राजीव ने मुस्कुराते हुए कहा

अरे इतनी जल्दी ले आये कैसे? वहां पर तो बहुत भीड़ थी - रजनी ने राजीव को आश्चर्य से देखा और कहा

अरे मेरे रहते हुए आप को कोई कष्ट हो ऐसा कैसे हो सकता है- राजीव ने मुस्कुराते हुए कहा

थैंक्स राजीव जी रजनी के आंखों में राजीव के लिए धन्यबाद के भाव थे उसने खाने की थाली देखी ।

पूड़ी कचौरी पुलाव सब्जी पापड़ मिठाईया और आइसक्रीम रायता और गाजर का हलवा था

इतना सारा खाना , ये तो बहुत ज्यादा है इतना मैं नही खा पाऊंगी- रजनी ने खाने की थाली देखी तो कहा

कहाँ ज्यादा है अभी तो ये खत्म कीजिये फिर और लेकर आता हूँ वो तो प्लेट में जगह नही बची थी इसीलिए इतना ही ला पाया - राजीव ने कहा

अरे नही प्लीज इतना मैं नही खा पाऊंगी खामखा बर्बाद होगा -रजनी ने मना करते हुए कहा

आप ने खाना खा लिया क्या रजनी ने राजीव से पूछा

नही बिना आप के खाये कैसे खा सकता हूँ - राजीव बोला

मतलब रजनी ने माथा सिकोड़ कर कहा

मतलब की अभी नही खाया- राजीव सकपका कर बोला

तो एक काम कीजिये खाली प्लेट ले आये इसमे से जो ज्यादा है उसे मैं आपको दे देती हूँ - रजनी बोली

अच्छा रुकिये मैं आता हूँ राजीव ने कहा और फिर चला गया

थोड़ी देर बाद लौटा तो उसके हाथ मे खाली प्लेट थी

रजनी ने अपनी थाली से बहुत सारा समान निकाल कर राजीव को दे दिया राजीव मना करता रहा लेकिन रजनी को जो करना था किया और फिर दोनों पास में ही पड़े एक टेबल पर बैठ गए

दोनो ने साथ खाना खाया और बाते भी करते जा रहे थे

आप कुछ लेगी क्या? - राजीव ने रजनी से पूछा

नही यही ज्यादा है मुझे कुछ नही चाहिए आपको कुछ चाहिए तो ले आऊ रजनी बोली

हा चाहिए लेकिन आप कहा जाएगी भीड़ में आप बैठिये मैं लेकर आता हूँ जाना मत मुझसे अकेले नही खाया जाएगा आदत नही है अकेले खाने की तो आपकी कंपन्नी मुझे चाहिए मैं अभी आया राजीव ने कहा और अपनी प्लेट लेकर फिर से

भीड़ में चला गया

रजनी खाना तो खा ही चुकी थी लेकिन ऐसे उठा कर जाना उसे ठीक नही लग रहा था क्योंकि राजीव ने कहा था तो इसी लिए वह बैठी रही ।

तभी एक लड़की जो लगभग 14 , 15 साल की रही होगी रजनी के पास आई और बोली

दीदी आप का नाम रजनी है क्या

रजनी ने चौक कर उस लड़की को देखा और बोली हाँ मेरा नाम रजनी है

वो भैया आप को बुला रहे है - उस लड़की ने कहा

रजनी का माथा सिकुड़ गया

कौन बुला रहा है

वही जो वहां खड़े है उस लड़की ने इसारे से कहा

रजनी ने अपनी गर्दन उठा कर देखने की कोशिश की लेकिन

कुछ भी समझ मे नही आया

आखिर में वह उठ कर उस लड़की के साथ चली गयी

बाहर आकर उसने देखा एक लड़का खड़ा था, रजनी उसे नही पहचानती थी

उसने पलट कर एक बार खाने के पंडाल में देखा

लेकिन कोई जानने वाला दिखाई नही दिया उसके नजरो ने राजीव को भी तलाशा लेकिन वह भी कही न ही दिखा आखिर में थकहार कर वह उस लड़के से बोली

जी बोलिये क्या काम है

आप रजनी है ना उस लड़के ने कहा

जी मैं रजनी हूँ क्यो ? - रजनी ने उत्सुकता से पूछा

आप को भाई साहब ने बुलाया है उस लड़के ने कहा

कौन से भाई साहब और आप लोग हो कौन मैं तो आपको नही पहचानती हूँ ।

जी बिल्कुल लेकिन आप भाई साहब को पहचानती है प्लीज आप मेरे साथ चलिए वो गाड़ी में बैठे है - उस लड़के ने अदब से कहा

ऐसे कैसे, मैं नही जाऊंगी जा कर अपने भाई साहब से कह दो अगर मिलना हो तो यहां आए - रजनी ने हल्के से गुस्से से कहा

तभी अचानक से रजनी के मुह पर पीछे से हाथो का ढक्कन चिपक गया और सामने से उसी लड़के ने रजनी के दोनों पैरों को पकड़ कर उठा लिया और किसी खिलौने की तरह टांग लिया

रजनी को तुरन्त ही खतरे का अंदेशा हुआ और वह छूटने के लिए छटपटाने लगी

लेकिन उन दोनों की पकड़ काफी मजबूत थी इसीलिए वह बिल्कुल भी नही छूट पाई

दोनो रजनी को उठा कर गाड़ी के पास पहुचे और पास पहुँचते ही गाड़ी का गेट खुला

दोनो ने उठाया कर रजनी को उसमे डाल लिया और फिर गाड़ी चलने लगी

रजनी अभी भी छटपटा रही थी

छोड़ दो इसे अचानक अगली सीट पर बैठे हुए एक आदमी ने कहा

उन दोनों लड़को ने तुरंत ही रजनी का मुह और हाथ पैर छोड़ दिया

रजनी ने भरपूर और गहरी सांस ली और फिर चारो तरफ देखा

उसके आंखों में डर और घबराहट साफ साफ दिख रहा था

कौन हो तुम ? लोग और कहा ले जा रहे हो मुझे? क्या चाहते हो मुझसे? रजनी ने गुस्से से पूछा

लेकिन किसी ने कोई जबाब नही दिया

बोलो ,कौन हो तुम लोग? और मुझे कहा ले जारहे हो मुझे रजनी ने फिर से पूछा

चुपचाप बैठी रह ज्यादा चु चपड की तो यही काम खत्म कर दूंगा सामने सीट पर बैठा हुआ लड़का गुस्से से दहाड़ा

उसकी दहाड़ सुनकर रजनी सहम गई उसे समझ मे नही आरहा था कि ये लोग कौन है और क्या चाहते है और उसे इस तरह से क्यो ले जारहे है ।

राजीव अपने लिए खाना लेकर लौट रहा था कि तभी उसने देखा कि रजनी एक छोटी सी बच्ची के साथ जाने कहा जा

रही थी

राजीव को बड़ा आश्चर्य हुआ वह भी रजनी के कुछ दूर पर उसके पीछे पीछे चलने लगा ।

और सब कुछ अपनी आंखों से देखा

और जब तक कुछ कर पाता टैब तक गाड़ी नौ दो ग्यारह हो गयी थी

राजीव ने जल्दी से अपनी गाड़ी निकालो और उस गाड़ी के पीछे लपका

राजीव को समझ मे नही आरहा था कि वो कौन लोग है और इस तरह से रजनी को कहा ले जा रहे है

रजनी को ले कर वह गाड़ी सरपट दौड़ती हुई जा रही थी ।

रजनी सारे प्रयास करके हार चुकी थी लेकिन न तो उन लड़कों में से किसी ने कोई जबाब दिया और न ही किसी ने कुछ बताया थक हार कर रजनी रोने लगी

और फिर थोड़ी देर बाद रो कर भी चुप हो गयी और सब कुछ भगवान के ऊपर छोड़ दिया

करीब 3 4 घंटे तक लगातार गाड़ी चलती रही और फिर गाड़ी रुक गयी

रजनी को जैसे होश आया हो वह फिर से छूटने के लिए

छटपटाने लगी

लेकिन उन दोनों लड़को ने फिर से उसे कस के पकड़ा और दरवाजा खोल कर बाहर निकले

उन्होंने रजनी का मुह बंद कर रखा था जिससे वह चीख न पाए

उन लड़कों ने रजनी को ले जाकर के एक कमरे में पटक दिया और फिर बाहर से दरवाजा बंद कर कर के बाहर आ गए रजनी अंदर चीखती चिल्लाती रही लेकिन किसी ने ना तो उसकी किसी बात का कोई जवाब दिया और ना ही कुछ कहा

चीख चिल्लाकर रजनी थक गई थी और फिर वह अपना मुंह छुपा कर बैठ गई और फफक फफक कर रोने लगी उसे समझ में नहीं आ रहा था कि यह लोग कौन हैं और उन्होंने उसको इस तरह से क्यों उठा लिया है

बाहर निकल कर उसमें से एक लड़के ने फोन मिलाया और बोला भाई तेरा काम हो गया है इस लड़की को तूने लाने के लिए कहा था उसे हमने ला करके वहीं पर रख दिया है जहां पर तुमने बोला था अब आगे क्या करना है

उन लड़कों को फोन पर कुछ इंस्ट्रक्शन मिला और फिर वह

लड़के बाहर निकल गए

थोड़ी देर बाद रजनी शांत हुई उसने देखा कि कमरे में सब कुछ व्यवस्थित था एक कोने में एक बेड पड़ा हुआ था जिसपे साफ सुथरा चादर बिछा हुआ था और उसी के पास फ्रिज रखा हुआ था जिसमें पानी और खाना भी रखा हुआ था कमरे से ही लगकर अटैच बाथरूम था उसने घड़ी पर नजर डाली सुबह के 4:00 बज रहे थे पूरी रात रजनी जागी थी इसलिए बुरी तरीके से थक गई थी लेकिन इस थकावट से ज्यादा उसे इस बात की चिंता थी कि उसे इस तरह से क्यों किडनैप किया गया है और कहां लेकर आया गया है।
 
रजनी ने अंदर से कुंडी बंद किया और फिर आ करके उसी बिस्तर पर बैठ गई और सोचने लगी जितना वह सोचती जाती उतना वह उलझतीजाती है लेकिन कोई भी निष्कर्ष नहीं निकाल पाई सोचते सोचते कब उसको नीड आगयी उसे पता नही चला ।

सुबह-सुबह ही सार्थक की आंख खुली और उसने लावण्या को सोते हुए देखा सोती हुई लावण्या बहुत ही प्यारी लग रही थी और उसे इस तरह से देख करके सार्थक को लावण्या पर बेशुमार प्यार आया

उसने झुककर लावण्या के गालों को और माथे को चूम लिया उसके ऊपर एक मुस्कुराहट थी।

लावण्या नींद में कुनमुनाई और उसने सार्थक को पकड़ लिया और अपने आप से चिपकाने लगी ।

लावण्या उठ जाओ सुबह हो गई सार्थक ने प्यार से और लावण्या के सर पर हाथ फेरते हुए कहा

तभी अचानक से चाची जी की आवाज लावण्या और सार्थक के कानों में पड़ी ।

अरे सार्थक कहां पर है, बहू जागी कि नहीं जागी कम से कम सुबह की चाय तो टाइम पर दे दिया करो सब अपनी मनमानी करने को कह दो किसी को किसी की नहीं पड़ी है कि क्या करना है क्या नही करना है - चाची जी का कर्कस आवाज सार्थक के कानो में पड़ा

चाची की आवाज सुनते ही फटाक से लावण्या की आंख खुल गई

अचानक से लावण्या को इस तरह से उठता देख कर सार्थक हंस पड़ा और बोला

मैं प्यार से जगा रहा था तब नहीं सुना अब बताओ देखो कैसे चाची जी की आवाज सुनते ही फटाक से आंख खुल गई

लावण्या हल्के से मुस्कुराई और उसने घड़ी की तरफ नजर

डाली।

ओ माय गॉड इतने टाइम हो गया और आपने अभी तक मुझे जगाया ही नहीं आई एम सॉरी आंख लग गई थी

अरे मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है बस वह मेरी चाची जी है ना उनको प्रॉब्लम है जाइए जाकर के देखिए - सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा

लावण्या फटाक से उठी और किचन की तरफ भागी सार्थक भी बाहर निकल कर के चाची जी के पास आ गया

सार्थक मेरे पास आजा मुझे तुझसे कुछ जरूरी बात करनी है - चाची जी ने गंभीरता से कहा

जी चाची जी बोलिए सार्थक अपनी चाची के पास बैठ गया

देख सार्थक ना मुझे तुझे और ना ही पूनम को और ना ही बहू को कुछ बोलना मुझे अच्छा लगता लेकिन मैं अपने घर में है अंधेर भी नहीं देख सकती - चाची जी ने कहा

क्या हुआ चाची जी किसी ने कुछ कहा क्या सार्थक चाची को इस तरह से गंभीर और परेसान देख कर बोला

किसकी मजाल है जो मुझे कुछ कह देगा किसी ने कुछ कहा नहीं लेकिन यह जो इस समय घर में चल रहा है यह ठीक नहीं है सार्थक- चाची जी ने मुह बनाकर कहा

क्या चल रहा है चाची जी साफ-साफ बताइए? - सार्थक ने पूछा

ऐसे पूछ रहा है जैसे तुझे कुछ मालूम ही नहीं , क्या तुझे पता नहीं है - चाची ने आश्चर्य से कहा

अरे आप बताइए ना चाची जी कहना क्या चाहती है मुझे सच में नहीं पता है- सार्थक ने खींझ कर कहा

देख सार्थक मैं तुझे या लावण्या को या पूनम की जिंदगी में कोई भी दखलअंदाजी करना पसंद नहीं करती हूं तुम्हारी जिंदगी में तुम्हें जैसे जीना है जियो लेकिन जब तक इस घर में हो तब तक तुम्हें इस घर के कानून कायदे मानने होंगे और मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता कि जब जिसकी मर्जी मुंह उठाकर के घर में चला आता है और जब जिसकी मर्जी बिना पूछे कहीं भी आ जा सकता है और अगर कोई अपना साथ हो तब तो कोई बात नहीं लेकिन गैरों के साथ यह कब से और कहां का तरीका है कि हमारी घर की बहू बेटियां किसी गैर के साथ घूमे क्या यह अच्छी बात है तू ही मुझे बता, तू समझदार है - चाची जी ने सार्थक से कहा

अरे मेरी प्यारी चाची साफ-साफ बताइए ना कौन किसके

साथ गया आप कहना क्या चाहती हैं मुझे साफ-साफ बताइए जो समझ में आये मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा है की आप कहना क्या चाहती है सार्थक बोला

तू सुन ली जो लक्ष्य बार-बार हमारे घर में आता है यह मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं है एक तो उसकी आदत ठीक नहीं लगती और वह लड़का मुझे शुरू से पसंद नही लगता और फिर पूनम बार-बार उसके साथ बाजार जाती है 4 आदमी देखगे हैं तो फिर क्या कहेंगे वह तुझे थोड़ी ना बोलने आएंगे मुझे ही बोलेंगे अगर यही सब करना है तो फिर अपने उस घर में चले जाओ वहां जो भी करना हो करना मैं देखने नहीं आऊंगी तो बोलूंगी भी नहीं - चाची जी ने साफ साफ कहा

क्या मतलब पूनम बार-बार आती जाती है लक्ष्य के साथ , कहां जाती है- सार्थक ने आश्चर्य से पूछा

अब मुझे क्या मालूम कहां जाती है कल पड़ोस की मिश्राइन कह रही थी कि यह लड़का बार-बार तुम्हारे घर क्यों आता है अब बता मैं उनको क्या जवाब देती तुम दोनों भाई बहनों को मैं तो समझा समझा कर के थक गई हूं बहू आई है वह भी वैसी ही है उसने भी पूनम को मना नहीं किया उल्टा वह पूनम का साथ देती है अब तू ही बता चार आदमियों के साथ उठती बैठती मैं हूं तो किस को सुनना पड़ेगा मुझे सुनना पड़ेगा ना, क्या यह अच्छी बात है कि हमारी घर की जवान बहू बेटी

किसी गैर मर्द के साथ उसकी मोटरसाइकिल पर बैठकर घूमें एक आध बार हो गया हो गया कोई जरूरी काम हो तो लेकिन रोज ऐसे कैसे माना कि वह तुम्हारा दोएत है लेकिन है तो गैर ही न , नजर बदलने में क्या वक्त लगता है किसी का भगवान ने करे अगर किसी दिन दोनो के कदम बहक गए तो और फिर इस तरह दोनो का जाना यह रोज-रोज का कोई भी देखेगा तो उससे बुरा तो लगेगा ही ना चाची ने अपने मन की सारी बाते सार्थक से कह दिया

लेकिन पूनम गई कहां थी कि आपने पूछा नहीं - सार्थक ने चाची से कहा

मैं कौन होती हूं किसी से कुछ पूछने वाली मैं तो तुझे इसलिए बोल रही हूं क्योंकि जो कोई देखता है तो उसे बुरा लगता है और इसी वजह से मैं तुझसे भी कह रही हूं नहीं तो मुझे क्या जरूरत पड़ी थी जिसको जहां मर्जी हो वहां आए जाए - चाची ने सार्थक के कान भरे

चाची जी आप क्यो नही पूछ सकती है आप मेरी चाची है मेरी मां जैसी आपने हमे पाला पोसा है आपको पूरा अधिकार है हमपर तोआप घर की बड़ी है समझदार हैं आपको पूछना चाहिए था ना कि पूनम कहां जा रही हो ,और लक्ष्य , लक्ष्य कहां लेकर गया था उसे , मुझे तो किसी ने नहीं बताया नही सार्थक को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था और उसे बहुत ही आश्चर्य हो रहा था ।

तभी लावण्या चाय ले कर के आ गई उसने चाय का कप

रखा और वापस घूम कर जाने क्यों हुई तभी सार्थक ने कहा

कमरे में आओ लावण्या मुझे तुमसे कुछ बात करनी है उसका चेहरा सपाट था और उस पर परेशानी के भाव थे।

क्या हुआ सार्थक इतना परेसान क्यो हो? लावण्या ने सार्थक को परेसान देखा तो पूछा

तुम आओ कमरे में फिर बात करता हूँ - सार्थक बोला

लावण्या सार्थक के पीछे पीछे चल पड़ी

सार्थक और लावण्या कमरे में पहुचे लावण्या के चेहरे पर सार्थक की परेसानी जान लेने की जल्दबाजी थी ।

अब बोलो भी सार्थक क्या बात है इस तरह अचानक क्यो बुलाया- लावण्या ने उत्सुकता से पूछा

लावण्या आज चाची मुझसे क्या कह रही है की पूनम लक्ष्य के साथ कही गयी थी, कहा गयी थी ,क्या उसने तुमसे पूछा था सार्थक ने सीधा और सपाट लावण्या से पूछा

एक पल को तो लावण्या की सिट्टी पिट्टी गुल हो गयी उसके चेहरे का रंग उड़ गया वह बुरी तरह से सकपका गयी मानो उसकी चोरी पकडी गयी हो लेकिन अगले ही पल खुद को

सम्हालते हुए बोली

अरे हा गयी थी न मैं आपको बताना भूल गयी थी डॉक्टर को दिखाने जाना था तो चाची जी ने मुझे जाने से मना कर दिया अब अकेले उसे कैसे भेजती इसीलिए लक्ष्य के साथ भेज दिया - लावण्या ने कहा

और दूसरी बार क्यो चाची जी कह रही थी कि दो तीन बार गयी थी - सार्थक ने संका से पूछा

नही तो दूसरी बार कहा एक बार ही तो गयी थी दूसरी बार कब लावण्या ने नजर चुराते हुए कहा

सार्थक का माथा सिकुड़ गया वह तुरंत समझ गया कि लावन्या झूठ बोल रही है लेकिन क्यो यह उसकी समझ मे नही आ रहा था लेकिन उसने अपने चेहरे से ये जाहिर नही होने दिया कि लावण्या का झूठ वह जान चुका है ।

सार्थक तुम चिंता मत करो मैं हूँ न चाची जी की आदत तो पता ही है ना इसीलिए उन्होंने कहा होगा परेसान मत हो सब ठीक है लावण्या ने सार्थक को समझाने की कोशिश की

हम्म सार्थक के मुह से निकला लेकिन उसका दिमाग तुरंत चलने लगा था और वह बार बार पूनम को लक्ष्य के साथ जाने और लावण्या के पूनम का इस तरह से साथ देने और झूठ बोलने का रहस्य समझ नही पा रहा था ।

राजीव उस गाड़ी का पीछा करते करते , उस घर तक तो आ गया जहां उन लड़कों ने ले जाकर रजनी को रखा था लेकिन अंदर जाने में उसे भी घबराहट महसूस हो रही थी वह एक जगह छुप कर सही समय का इंतजार करने लगा आखिर में जब सारे लड़के रजनी को वहां उस घर मे छोड़ कर चले गए तो राजीव अंदर जाने की युक्ति करने लगा ।

करीब 2 घंटे वह वहां छुपा रहा और जब उसे इस बात की पूरी तसल्ली हो गयी कि घर मे कोई नही है तो वह किसी तरह से छुप कर अंदर पहुचा और चारो तरफ रजनी को ढूढने लगा ।

सारे कमरे को तलाश करने के बाद वह उस कमरे में पहुचा जहां रजनी थी ।

उसने आगे से कुंडी खोला और दरवाजे को धक्का दिया लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था ।

राजीव ने हल्के से दरवाजा खटखटाया अंदर रजनी सोई हुई थी लेकिन दरवाजे की दस्तक सुनकर उसकी आंख खुली ।

उसने आस पास नजर डाली लेकिन उसे कुछ भी नही दिख रहा था

तभी उसकी नजर वही पास में पड़ी हुई एक लोहे की रॉड पर पड़ी उसने उसे उठा लिया और चुपके से दरवाजे के पास आई ।
 
दरवाजे पर लगातार दस्तक हो रही थी रजनी का दिल बहुत जोर जोर से धड़क रहा था

उसने हल्के से दरवाजा खोला और जैसे ही दरवाजा खुला राजीव जल्दी से अंदर आया

राजीव के अंदर आते ही रजनी ने उस रॉड से राजीव के सर पर दे मारा

राजीव जोर से चीखा और लहरा कर गिर पड़ा ।

राजीव के गिरते ही जैसे ही रजनी की नजर राजीव पर पड़ी वह हैरान रह गयी उसे समझ मे नही आ रहा था कि राजीव यहां कैसे आ गया वह बिल्कुल घबरा गई

रजनी के हाथों से चोट खाकर राजीव किसी कटे पतंग की तरह से वही ढेर हो गया था ।

रजनी को काटो तो खून नही उसने जल्दी से हाथ मे पकड़ा हुआ रॉड फेका और झुक कर राजीव को देखने लगी, उसे

समझ मे नही आरहा था कि राजीव यहां कैसे पहुच गया ।

उसने जल्दी से राजीव का हाथ पकड़ कर चेक किया राजीव की सास चल रही थी , लेकिन शायद उस रॉड के चोट की वजह से वह अचेत होकर गिर गया था ।

रजनी ने किसी तरह से उठा कर उसे बिस्तर पर लिटाया और फिर भाग कर फ्रिज से पानी की बोतल लेकर आई उसने पानी का छीटा राजीव के चेहरे पर मारा और राजीव को पानी पिलाने लगी ।

पानी का छीटा चेहरे पर पड़ते ही राजीव की चेतना वापस आयी उसने अपनी आंखें खोली और रजनी को देखा रजनी उसका सिर अपनी गोद मे लेकर बैठी हुई थी और उसे पानी पिलाने का प्रयास कर रही थी ।

राजीव ने आंख खोलते ही सबसे पहले अपने सिर को छूकर देखा जहां दर्द हो रहा था ।

वहां पर एक बड़ा सा गूमड़ निकल आया था

राजीव कराहते हुए उठा और कभी अपने गूमड़ और कभी रजनी को देख रहा था ।

आई एम सॉरी राजीव मुझे लगा कि वही लोग है जो मुझे यहां लेकर आये है इसी वजह से मैने तुम्हे मारा आई एम सो सो सॉरी- रजनी बहुत सर्मिन्दा थी

तो क्या तुमने मुझे मारा था? - राजीव ने रजनी से पूछा

हां मुझे लगा वही लोग है जो मुझे यहां बंद करके गए है इसीलिए मैने तुम्हे मारा, लेकिन तुम यहाँ कैसे? तुम्हे कैसे पता चला कि मुझे इन लोगो ने यहां बंद कर रखा है और तुम नगीना से यहां कैसे पहुचे - रजनी ने आश्चर्य और उत्सुकता से पूछा

बहुत लंबी कहानी है बाद में बताऊंगा अभी तो जल्दी से यहां से निकलो हमारे पास ज्यादा समय नही है क्या पता वो लोग फिर से आ जाय - राजीव ने रजनी का हाथ पकड़ कर उठाते हुए कहा

रजनी को जैसे खुद का होश आया हो वह जल्दी से उठी और उसने राजीव को भी उठाया ।

ये कौन लोग है रजनी और इन्होंने ऐसे क्यो तुम्हे यहां लाकर डाल दिया इनके तुमसे क्या दुश्मनी है क्या तुम इन्हें जानती हो ? - राजीव ने पूछा

पता नही राजीव मैं किसी को भी नही जानती हूँ आज के पहले इन्हें किसी को देखा भी नही था मैं इन लोगो से पूछती रह गयी लेकिन किसी ने कुछ नही बताया जाने क्यों इन्होंने मुझे ऐसे जबरदस्ती उठा लाये और क्या चाहते है- रजनी ने कहा

अच्छा छोड़ो बाद में देखते है चलो अभी यहा से निकलते है राजीव ने कमरे में चारो तरफ नजर डाली और फिर रजनी का हाथ पकड़ कर बाहर जाने लगा ।

राजीव को देख कर रजनी का हौसला बढ़ गया था मानो उस मे नई जान आ गयी हो वह भी बिना कुछ बोले खुशी से राजीव के साथ चलने लगी

अभी दोनो दरवाजे के पास ही पहुचे थे कि तभी किसी गाड़ी के आने की आवाज आई राजीव ने रजनी को पकड़ कर खींच लिया और उसे दरवाजे की ओट में दीवाल से सटा कर खुद उसी से चिपक कर खड़ा हो गया

दोनो लगभग एक दूसरे से चिपके हुए थे राजीव को रजनी के दिल की धड़कन महसूस हो रही थी जो इस समय किसी रेलगाड़ी की तरह चल रही थी ।

रजनी और राजीव बिल्कुल शांत बिना किसी आवाज के दरवाजे के पास खड़े थे ।

गाड़ी अंदर आकर रुकी और फिर उसका दरवाजा खुला

उसमे से एक शख्स उतरा, रजनी राजीव के पीछे छुपी हुई थी इसी वजह से कुछ भी नही देख पा रही थी

राजीव ने झाक कर देखा तो चार लोग थे चारो शक्ल सूरत से तो काफी अच्छे लग रहे थे और किसी भी एंगल से गुंडे बदमाश नही लग रहे थे ।

राजीव दबे पांव वहां से हटा और उसने वही रॉड उठा लिया जिससे रजनी ने उसे मारा था और फिर से उसी जगह छुप कर खड़ा हो गया। वे चारो आराम से चलते हुए अंदर आने लगे ।

राजीव और रजनी को उनके कदमो की आहट साफ साफ सुनाई पड रही थी राजीव ने अपना रॉड ऊपर उठा लिया

चारो जैसे ही कमरे में घुसे तो चारो चौक गए क्योकि कमरे में कोई नही था , राजीव और रजनी उसी दरवाजे के पीछे छुपे

हुए थे जिससे वो चारो अंदर आये ।

रजनी जी , उसमे से एक लड़के ने आवाज लगाई और एक कदम आगे बढ़ाया

रजनी ने अपना नाम सुनकर झाक कर देखा

और उस शख्स का चेहरा देख कर आश्चर्य से उछल पड़ी ।

राजीव दबे पांव उस शख्स के पीछे लपका और जैसे ही उसे मारने के लिए रॉड उठाया

रजनी चीख पड़ी नही ,राजीव मारना मत

राजीव का हाथ एकदम से रुक गया , और वह आश्चर्य से रजनी की तरफ देखने लगा उसे समझ मे नही आरहा था कि रजनी उसे क्यो रोक रही है

रजनी की आवाज सुनकर चारो वापस पलटे और राजीव को और उसके हाथ मे लोहे का रॉड देखकर उसकी आंखें फटी की फटी रह गयी उन्हें समझ मे नही आरहा था कि अचानक से यह कौन और कहा से प्रगट हो गया और उसके हाथ मे लोहे का रॉड देख कर तो वे थोड़े सहम भी गए अगर रजनी

को रोकने में एक पल भी देर हो जाती तो अभी तक उनमे से एकाध जमीन पर पड़ा हुआ दर्द से चिल्ला रहा होता यह सोच कर उन चारो के पूरे बदन मे झुरझुरी सी आगयी ।

ये कौन है रजनी ,और ये यहां कैसे पहुचा उस आदमी ने आश्चर्य मिश्रित उत्सुकता से रजनी से पूछा राजीव को देख कर मानो वह बुरी तरह शॉक्ड था ।

वो सब मैं बाद में बताती हूँ पहले तुम बताओ ये सब क्या है लक्ष्य क्या तुमने मुझे किडनेप करवाया- रजनी उससे ज्यादा हैरान और परेसान थी उसकी समझ मे नही आरहा था कि लक्ष्य ने उसे इस तरह जबरदस्ती क्यो बुलाया ।

जी हां रजनी को इस तरह से लाने वाला और कोई नहीं है लक्ष्य ही था

हां मेरे ही कहने पर इन लोगो ने तुम्हे किडनेप किया था लक्ष्य के चेहरे पर एक रहस्यमय मुस्कान थी ।

लेकिन क्यो लक्ष्य क्यो किया ऐसा तुमने इस तरह से लाने की क्या जरूरत पड़ गयी तुम्हे मुझको?- रजनी को कुछ भी समझ नही आरहा था वह बहुत ही ज्यादा कंफ्यूज और हैरान थी ।

अरे यार रजनी मैने तुम्हारे साथ प्रेंक किया था , सार्थक ने तुम्हे लाने की जिम्मेदारी मुझे दी थी तो मैने सोचा कि क्यो न तुम्हारे साथ थोड़ी मस्ती हो जाय और इसी लिए मैने मेरे दोस्तो के साथ मिलकर ये प्लान बनाया की जिससे तुम्हे लगे कि तुम्हारा किडनैप हो गया और जब तुम मुझे यहां देखोगी तो शॉक्ड रह जाओगी तो लेकिन मेरा यह दाव मुझी पर उल्टा पड गया और मैं खुद सरप्राइज हो गया, तुमने तो मुझे मारने का पूरा पूरा बंदोबस्त कर रखा था ये महाशय है कौन ? जो मेरी खोपड़ी खोलने के लिए तैयार थे जहां तक मुझे पता है तो मेरे दोस्त तुम्हे नगीना से अकेले लेकर आये थे फिर ये भाई साहब कहा से आ टपके - राजीव को देख कर लक्ष्य आश्चर्य के सागर में गोते लगा रहा था
 
राजीव कबूतर की तरह कभी लक्ष्य को और कभी रजनी को बारी बारी से देख रहा था उसे कुछ भी समझ मे नही आरहा था कि आखिर मामला क्या है वो सारे घटना को देख कर बहुत ही ज्यादा हैरान परेसान और कन्फ्यूज़ था जिसने रजनी का किडनेप किया था रजनी उसे जानती है इतना तो वह अच्छी तरह से समझ चुका था ।

लेकिन क्यो लक्ष्य तुम और सार्थक को मेरी क्या जरूरत पड़ गयी कि मुझे फोन भी नही किया क्यो बुलाया है सार्थक ने मुझे- रजनी ने लक्ष्य से पूछा

आओ पहले बैठो फिर सब बताता हूँ और भाई साहब प्लीज आप भी ये लोहे का रॉड रख दीजिए क्यो खामखा अपने हाथों को तकलीफ दे रहे है - लक्ष्य ने राजीव की तरफ देख कर कहा

राजीव ने अपने हाथ मे पकड़ा हुआ रॉड फेक दिया और रजनी के पीछे पीछे चल पड़ा

लक्ष्य रजनी को लेकर बेड के पास पहुचा और उसे आराम से बैठा दिया रजनी उसे गौर से देख रही थी

लक्ष्य बताओ भी ये सब क्या है तुम इस तरह से मुझे क्यो लेकर आये

सबसे पहले तो मैं माफी चाहता हूँ की आपको इस तरह से लेकर आया रजनी जी

दरअसल बात यह है कि आज लावण्या का बर्थडे है और सार्थक ने एक सीक्रेट पार्टी प्लान की है और इसी वजह से आपको लाने के लिए उसने मुझे भेजा था लेकिन मेरे खुराफाती दिमाग मे एक आइडिया आया कि क्यो न आपको भी सरप्राइज दू और इसी लिए मैने ये सारा प्लान बनाया और आपको इस तरह से जबरदस्ती उठाया- लक्ष्य ने बताया

लक्ष्य तुम भी न पता है मैं कितना डर गयी थी ऐसे भी कोई करता है क्या मुझे लगा सच मे मेरा किडनेप हो गया ,क्या तुम भी सच मे कमाल ही हो - पूरी बात जान कर रजनी के चेहरे पर हल्का गुस्सा और तसल्ली सा आ गया क्योकि वह बिल्कुल सुरक्षित और सेफ थी इसी वजह से उसकी सारी टेंसन मानो छूमंतर हो गयी ।

आई एम सॉरी रजनी जी मैं आपसे माफी चाहता हूँ कि आपको मेरी वजह से इतनी टेंसन हुई मैं आपको सरप्राइज देना चाहता था लेकिन खुद ही सरप्राइज हो गया - लक्ष्य ने कहा

वैसे तुमने बताया नही की ये महाशय कौन है और यहां कैसे पहुचे - लक्ष्य ने राजीव की तरफ इशारा करते हुए कहा

अरे हा राजीव अब तुम बताओ कि तुम यहाँ कैसे पहुच गए - रजनी ने राजीव की तरफ़ मुह करके पूछा

राजीव जो अभी तक खामोश था और सब कुछ सुन रहा था रजनी की बात सुनकर जैसे नींद से जागा हो

मैं खाना लेकर लौट रहा था कि मैंने देखा कि तुम उस लड़की के पीछे पीछे जा रही हो मैं उत्सुकता बस तुम्हारे पीछे पीछे

चलने लगा और फिर तुम्हे जब मैंने जबरदस्ती गाड़ी में डालते हुए देखा तो घबरा गया मुझे लगा कि तुम किसी मुसीबत हो हो लेकिन जबतक कुछ कर पाता वह गाड़ी तुम्हे लेकर निकल गयी और फिर मैं तुम्हारा पीछा करते करते यहां तक आ गया मैं बाहर खड़ा रहा और इस पूरे बिल्डिंग का मुआयना करता रहा जब मुझे लगा कि यहां तुम्हारे अलावा कोई नही है तो फिर अंदर घुसा और उसके बाद तो तुम्हे पता ही है राजीव ने सारी बात बताई ।

ओह्ह माई गॉड मतलब तुम भी नगीना से ही आये हो लक्ष्य राजीव की बात सुनकर चौक गया

जी हां मैं भी नगीना से आया हूँ और वो भी सिर्फ रजनी के लिए राजीव मुस्कुराते हुए बोला

वाह क्या बात है ये होती है सच्ची दोस्ती और सच्चा प्यार इसे कहते है है असली ख्याल रखने वाला , क्यो रजनी जी लक्ष्य ने रजनी की तरफ देखा मानो पूछ रहा हो कि चक्कर क्या है

रजनी ने लक्ष्य के मनोदशा को पढ़ लिया और हल्के से मुस्करा कर न में गर्दन हिला दिया

लक्ष्य के ओठो पर एक मुस्कुराहत आगयी

अच्छा कोई बात नही अब जब आप इतने दूर से हमारी प्यारी रजनी जी के लिए आ ही गए है तो अब शाम को लावण्या के बर्थडे पार्टी में आप भी जरूर रहिएगा लक्ष्य ने राजीव से कहा

नही लक्ष्य मुझे जाना पड़ेगा क्योंकि वहां सब लोग मुझे ढूढ रहे होंगे सिट्यूएसन ऐसी थी कि किसी को बता कर नही आया - राजीव ने अपनी असमर्थता जताते हुए कहा

तो फोन कर दीजिए न बता दीजिए कि आप गाज़ियाबाद मे है फोन तो होगा ही न आपके पास अब जब इतनी दूर आ गए है तो फिर आप भी हमे जॉइन कर लीजिए ना क्यो रजनी जी आप भी बोलिये न आपके बोलने का ज्यादा असर पड़ेगा ये आपके लिए ही आये है तो सिर्फ आपकी ही बात मानेंगे - लक्ष्य मुस्कुराते हुए सरारत से बोला

रुक जाइये न राजीव जी मेरी बहन का बर्थडे है वैसे भी आपने अच्छी खासी गाड़ी चलाई है तो थक गए होंगे - रजनी ने राजीव से कहा

राजीव ने एक पल सोचा और फिर बोला ओके

लक्ष्य और रजनी के चेहरे खिल गए

तो गाइज आप लोग फटाफट तैयार हो जाओ शाम को एक शानदार पार्टी है तो आपलोगो को बहुत सारी तैयारी करनी है तो आप लोग आराम कर लो मैं बाद में मिलता हूँ लक्ष्य ने कहा और बाहर निकल गया

लक्ष्य के जाने के बाद रजनी ने राजीव की तरफ देखा और मुस्कुराई

राजीव भी रजनी को देख कर मुस्करा पड़ा

सॉरी मेरी वजह से आपको इतनी तकलीफ उठानी पड़ी रजनी बोली

अरे इसमे कैसी तकलीफ आप को इस तरह से लक्ष्य के आदमियों ने पकड कर गाड़ी में डाला तो मैं घबरा गया और मुझे लगा कि आप किसी मुसीबत में है मुझे नही मालूम था कि ये आपके जानने वाले है और मैं आपके पीछे पीछे आ गया - राजीव बोला

राजीव जी सच मे आप बहुत ही सुलझे और नरम दिल इंसान है वरना आज के जमाने मे किसको किसकी पड़ी है अब देखिए न आप मुझे ठीक से जानते भी नही और मुझसे मिले

हुए अभी मुश्किल से 2 दिन हुआ होगा और मुझे बचाने के लिए आप मेरे पीछे पीछे यहां तक चले आये इससे यह साबित होता है कि आप बहुत ही अच्छे इंसान है और आपके सीने में एक बहुत ही खूबसूरत दिल धड़क रहा है जो दूसरे की भावनाओ और किसी अनजान के भी दुख और तकलीफ को समझता है और उसे महसूस करता है रजनी ने दिल से राजीव की तारीफ की

अरे बस बस रजनी जी इतनी तो आज तक किसी ने भी मेरी तारीफ नही की जितनी आप कर रही है मैं इतना भी अच्छा नही हूँ वो तो आप अच्छी है इसी वजह से आप मुझे भी अच्छा समझ रही है रजनी की तारीफ सुन कर राजीव सरमा गया और झेंपते हुए बोला

नही सच मे राजीव जी आप बहुत अच्छे है जिसकी भी शादी आपसे होगी वह बहुत खुशनसीब होगी

हा हा हा राजीव खिलखिला कर हँस पड़ा बस बस अब रहने दीजिए इतनी तारीफ की आदत नही है मैं एक साथ इतनी तारीफ पचा नही पाऊंगा हाजमा खराब हो जाएगा - राजीव हसते हुए बोला

रजनी भी राजीव की बात सुनकर मुस्कुराने लगी

रजनी जी हम यहां रुक तो गया लेकिन रात में पार्टी में पहनने के लिए कपड़े वगैरा वो कैसे करेंगे और फिर इसे पहन कर ही पूरे दिन हम रह भी नही सकते न ये गंदा भी हो गया है तो क्या करे - राजीव ने कहा

रजनी भी परेसान हो गयी

सच कह रहे है आप मैं भी तो कुछ नही लायी इस लक्ष्य ने मुझे सरप्राइज देने के चक्कर मे कुछ लेने का मौका ही नही दिया - रजनी ने टेंसन में कहा

तो क्यो न एक काम करे सबसे पहले चले चलकर अपने लिए कपड़े ही ले लेते है वरना रात में क्या पहनेंगे

ये पहन कर तो पार्टी में नही जा सकते है ना - राजीव बोला

रजनी कसमसा कर रह गयी उसने लाचारी से राजीव की तरफ देखा

क्या हुआ एनी प्रॉब्लम रजनी जी राजीव रजनी की हिचकिचाहट देख कर बोला

नही कोई प्रॉब्लम नही है लेकिन ....रजनी ने मायूसी से कहा

क्या लेकिन ? बताइये न मुझेआपका दोस्त समझिए और बिल्कुल मत घबराइए बताइये क्या प्रॉब्लम है राजीव ने किसी अपने की तरह रजनी से कहा

बात दरअसल ये है राजीव जी जल्दी जल्दी में मेरा पर्स खुशबू के रूम में ही रह गया और ये सब इतनी जल्दी हुआ कि मुझे पर्स लाने का मौका ही नही मिला और अभी मेरे पास एक फूटी कौड़ी भी नही है - रजनी मानो सरम से जमीन में गड़ी जा रही थी

अरे रजनी बस इतनी छोटी सी बात इसमे इतना परेसान होने की जरूरत नही है , मैं हूँ ना राजीव ने - रजनी का हाथ पकड़ कर उसे हल्के से थपथपाया और रजनी को सांत्वना दिया

लेकिन मैं आपसे पैसे कैसे ले सकती हूँ नही मुझे अच्छा नही लग रहा है - रजनी ने हिचकिचाते हुए कहा

अरे रजनी इतना भी क्या घबराना अगर मुझसे ऐसे पैसे लेने में तुम्हे दिक्कत है तो घर चल कर मुझे लौटा देना एक दोस्त ही दूसरे दोस्त के काम आता है और फिर तुम मुझे अपना ही समझो और अब ये हिचकिचाना छोड़ो और चलो जल्दी से चल कर एक अच्छी सी ड्रेश खरीद लो अपने लिए और मेरे लिए भी क्योकि मुझे शॉपिंग करना नही आता तो मैं जब भी

कुछ लाता हूँ तो मेरी मम्मी और मेरी बहन जरूर मुझे टोकती है इसीलिए मेरे लिए भी कपड़े तुम ही ख़रीदोगी- राजीव ने मुस्कुराते हुए कहा

रजनी ने एक पल सोचा फिर चलने के लिए हामी भर दी
 
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