• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

आंटी और माँ के साथ मस्ती complete

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
""छाटाआआक्कककककककककक"" की आवाज़ जंगल मे गूँज गयी

मुझे समझ मे नही आया क्या हुआ,मम्मी ने एक जोरदार थप्पड़ मेरे गालो पे मार दिया था

मे मम्मी की ओर कुछ देर यूही देखता रहा ऑर मम्मी भी कुछ देर यूही देखती रही

मुझे मम्मी की आँखो मे गुस्सा सॉफ दिखाई दे रहा था

ऑर मम्मी पलट कर जाने लगी

मे:मम्मी रूको,बताओ तो सही क्या हुआ,

लेकिन मम्मी ने कुछ जवाब नही दिया

मे भाग कर मम्मी के बराबर आया ऑर बोला

मे:मम्मी कुछ तो बोलो

मम्मी ने मेरी तरफ देखा,मम्मी की आँखे गुस्से से लाल पड़ चुकी थी

मे मम्मी के आँखो को देख कर समझ गया था अभी चुप रहने मे ही भलाई है

हम रोड तक आए ,वहाँ से रिक्शा लिया ऑर घर आ गया ,मेरी हिम्मत नही हो पा रही थी कुछ बोलने की फिर सोचा सुबह बात करेंगे अभी मम्मी बहुत गुस्से मे है

ऑर फिर हम घर आकर कब सोए पता भी नही चला ,हम बहुत थक गये थे

सोने से पहले मे मुस्कुराया ((आज घटना ही ऐसी हुई थी))

सुबह मे उठा ,मम्मी मुझे हिला कर उठा रही थी

मम्मी: (कड़क आवाज़ मे) चाइ पी ले ,हमे ट्रेन पकड़नी है

मे उठा ऑर मम्मी के पास गया ऑर बोला

मे:मम्मी आपको क्या हुआ,आप क्यो रूठी हो मुझसे

मम्मी:तू कैसे किसी को इतना दर्दनाक तरीके से मार सकता है,मेने तुझे कभी नही सिखाया

मे:मम्मी वो आप से ज़बरदस्ती कर रहा था

मम्मी:तो तू उससे मार मार के अधमरा कर देगा

मे:मे तो मार डालु

मम्मी:फिर वही बात,मुझसे बात मत कर,मेने तुझे किसी को मारना नही सिखाया ऑर उस लड़की के साथ क्या कर रहा था ,तुझ पे अच्छा लगता है क्या

मे:लेकिन मम्मी

मम्मी:चुप,ऑर तैयार होज़ा हम लेट हो रहे है

फिर हम लोग तैयार हुए ऑर रवाना हो गये रेलवे स्टेशन की ओर,कुछ ही देर मे हम ट्रेन के अंदर ऑर ट्रेन रवाना हो गयी

क्योकि हमारी ट्रेन स्पेशल थी,ऑर हमने 2 सिटर ही बुक कराई थी,इसलिए हमारे डिब्बे मे मैं ऑर मम्मी ही थी

शुरू के कुछ घंटे यूही बीत गये

मेने तो सोचा था पूरे रास्ते मज़े करते हुए जाउन्गा पर यहाँ तो उल्टा ही हो रहा था

फिर भी मेने कॉसिश की

मे:मम्मी

मम्मी ने कोई जवाब नही दिया

मे:मम्मी ,सुनो ना

मम्मी ने फिर कोई जवाब नही दिया

मे:मम्मी मम्मी मम्मी(( एक साथ बोल दिया))

मम्मी: (गुस्से मे) क्या है

मे:आप गुस्से मे बहुत सुन्दर लगती है

मेरी इस बात पे मम्मी के चेहरे पे थोड़ी स्माइल आ गयी लेकिन मम्मी ने जैसे ही देखा कि मे उन्हे देख रहा हूँ ,वापस गुस्से वाला चेहरा बना लिया

मे समझ गया मम्मी नाटक कर रही है

मे:मम्मी प्लीज़ मुझसे बात करो,मे आपसे बात करे बिना नही रह सकता

मम्मी:तूने उस लड़के को इतनी बेरहमी से क्यो मारा

मे:वो आपके साथ ज़बरदस्ती कर रहा था

 
मम्मी:तो मतलब तू मेरे साथ ज़बरदस्ती करने वालो को मार डालेगा

मे:हाँ मम्मी,जो भी आपके साथ ज़बरदस्ती करेगा उसको मे मार डालुगा,मे आपसे इतना प्यार करता हूँ कि मे आपको किसी ऑर के साथ नही देख सकता

मम्मी:चल सो जा,बहुत लंबा सफ़र तय करना है

मे:मम्मी एक किस दो ना

मम्मी: (शरारती हसी के साथ) नही दूँगी

मे:मम्मी प्लीज़

मम्मी :केवल एक बार

मे तुरंत उठा ऑर मेने अपने होठ मम्मी के होंठो पे रख दिए

चलती ट्रेन मे ,मैं एक मस्त औरत के होंठो का रस पी रहा था ,ऑर वो औरत ऑर कोई नही मेरी माँ थी,जिससे मे इस दुनिया मे सबसे ज़्यादा प्यार करता था

मे बस मम्मी के होंठो को चूसे जा रहा था,मुझे बहुत मज़ा आ रहा था,ऑर साथ मे ही मे अपने हाथ मम्मी की कमर से चला रहा था

मे अपनी जीभ मम्मी के मुँह मे डालकर मम्मी के मुँह रस का स्वाद ले रहा था

ऑर मम्मी भी पीछे नही थी मम्मी मेरी मुँह अपनी जीब डालकर मेरे मुँह का स्वाद ले रही थी

हमारी आपस मे जीब एक दूसरे से भिड़ा रहे थे

तभी किसी के आने की आवाज़ आई ऑर हम दोनो ने किस तोड़ा ऑर वापस मे अपनी जगह बैठ गया

मम्मी की सास तेज हो चुकी थी ऑर मेरा लंड खड़ा हो गया था

मम्मी मेरे लंड की ओर देखकर हँसते हुए,तेरा ये हमेशा की खड़ा रहता है क्या

मे:मम्मी आपके देखते ही ये खड़ा हो जाता है मन करता है बस आपको चोदता रहूं

मम्मी:देख हम गाव अपने घर जा रहे है वहाँ ऐसा कुछ मत करना ,नही तो गाव मे हमारी इज़्ज़त ख़तम हो जाएगी

मे:तो फिर मे क्या करूगा इतने दिन

मम्मी:मज़े करना ,खेतो ऑर पहाड़ियो मे घूमना

मे:मम्मी फिर तो ये दिन बहुत बुरे निकलने वाले है

मम्मी:ज़्यादा नही बस 10 दिन रुकेगे फिर वापस आ जाएगे ,फिर हम मज़े करेंगे ,तुझे जो करना है वो करना

मे: (मन मे)) मुझे बहुत कुछ करना है

मम्मी:हाँ तुझे जो करना है वो करना ,मे नही रोकूगी तुझे

फिर हम इधर उधर की बाते करने लगे ऑर हमारा सफ़र कटता चला गया,हम सोए भी नही क्योकि हमे बहुत मज़ा आ रहा था एक दूसरे से बाते करने मे,क्योकि हम खुल के बात कर पा रहे थे

कुछ घंटो बाद हम अपने गाव के पास वाले स्टेशन पे उतर गये

वहाँ से गाड़ी की ऑर गाव पहुच गये

जैसे ही हम घर पहुचे वहाँ मामी ने हमारा स्वागत किया

मेरी मामी का नाम गीता है,उनके दो बेटे है (मे नाम बाद मे बता दूँगा अगर मेरी इच्छा हुई स्टोरी को लंबा करने की) दोनो की शादी हो चुकी है ऑर दोनो बाहर ही काम काज़ करते है

घर मे मामा मामी ही रहते है,मामा का नाम केसरी लाल है ऑर सब उन्हे केसरी कहते है

उस समाय घर मे केवल मामी थी,मेने मामी के पाव छुए उन्होने मुझे आशीर्वाद दिया

मे अब बदल चुका था खास कर अपनी मम्मी को चोदने के बाद

मेने देखा कि मामी भी कुछ कम नही ,मस्त बदन ,फूली हुई गान्ड ,बड़ी बड़ी चुचिया

कुलमिलाकर मेरे लिए एक मस्त माल जिसे मे चोदना चाहूगा

 
मे अब बदल चुका था खास कर अपनी मम्मी को चोदने के बाद

मेने देखा कि मामी भी कुछ कम नही ,मस्त बदन ,फूली हुई गान्ड ,बड़ी बड़ी चुचिया

कुलमिलाकर मेरे लिए एक मस्त माल जिसे मे चोदना चाहूगा

मेरे लंड मे भी हरकत हुई

मेरा मामा बहुत मेहनती इंसान था ,ऑर मेहनती इंसान रात को खूब चुदाई करते है,ये तो मेने देख लिया था मामा ज़रूर मामी को मचक मचक के चोदते होगे तभी तो मामी का इतना मस्त शरीर हो रखा है

फिर हम कमरे मे गये ,वहाँ मामी ने हमे बैठाया ऑर वो चाइ बनाने चली गयी

कुछ देर मम्मी ओर मे यही बाते करते रहे जितने मे मामी चाइ नही ले आई

मामी:मोहित तू तो बहुत बड़ा हो गया

मे:हाँ मामी

मामी:ऑर सुना कैसी चल रही है जिंदगी

मे:बस मामी,ठीक ठाक चल रही है

मामी:तुम लोग थक गये होगे थोड़ी देर आराम कर लो,मे तुम्हारे लिए खाना बना देती हूँ तब तक

मुझे वाकई थकावट महसूस हो रही थी ,इसलिए मे तो तुरंत बेड पे पड़ गया ऑर मुझे पता ही नही चला कब नींद आ गयी

मे सुबह उठा ,मेरा पेट खाली था ,शाम को खाना नही खाया था,मेने सुबह उठ कर एक ग्लास दूध पिया ऑर जब तक मामी ने परान्ठे बना दिए थे

मामी:खेतो मे चलेगा ,यहाँ बोर हो जाएगा

मे:हाँ मामी

मामी:सुधा तू भी चलेगी क्या

मम्मी:नही भाभी,आज आप ही जा आओ,मैं घर का काम कर लेती हूँ

बस फिर मेने ऑर मामी ने खाना बाँधा ऑर निकल चले खेतो की तरफ

मामी आगे आगे चल रही थी ऑर मे पीछे पीछे चल रहा था,मामी ने घाघरा लुगदी पहन रखा था

मामी की गान्ड का आकार मुझे घाघरे के उपर से ही दिखाई दे रहा था,मस्त गान्ड थी मामी की ,मंन मे तो आया अभी लंड निकाल कर मामी को चोद दूं पर मेने ये करना सही नही समझा

मे मामी की गान्ड को देखने मे इतना मस्त हो गया कि मुझे पता ही नही चला ,कब मामी ने सिर घुमाया ऑर मुझे देख लिया कि मे उनकी गान्ड की तरफ देख रहा हूँ

मामी:क्या देख रहा है

मे हड़बड़ा गया

मे:कुछ नही मामी

मामी:अरे इसमे शरमाने की बात नही है,अभी तो तेरी उमर है ,अभी ही तो सब सीखते है

मे:क्या मामी

मामी:अभी नही करेगा तो नामर्द कहलाएगा,ऑर(( ये कहकर माम्मी मेरे पास आई ,ऑर मेरे सिर पे प्यार से मारा))मुझे क्या पागल समझता है

ऑर ये कहकर मामी वापस आगे चल पड़ी,मुझे समझ नही आया कि मामी क्या कहना चाह रही थी ,क्या ये खुला निमंत्रण था चुदाई का या फिर मामी मुझे समझा रही थी

 
मे फिर से मामी के पीछे चल पड़ा ,मे अब की बार मामी की गान्ड नही देख रहा था,हालाँकि मामी मुझे चेक कर रही थी ,कि मे उनकी गान्ड देख रहा हूँ या नही

बहुत जल्द हम खेतो मे पहुच गये ,मेने देखा आस पास सब सूना है,मतलब यहाँ आराम से किसी की भी चुदाई कर सकते है

मे:मामी यहाँ तो बहुत सूना सूना सा है ,आप बोर नही हो जाती होगी

मामी:तभी तो तुझे लाई हूँ,तुझे जो करना है वो कर यहाँ कोई नही देखने वाला

मे:अच्छा है कोई दिक्कत नही करता

मामी:हाँ,चल तू यहाँ आराम कर ले मे काम कर लेती हूँ

ये कहकर मामी खेतो मे गयी ऑर वहाँ खुदाई कर लगी

मे देख रहा था मामी ,जान बुझ कर गान्ड मेरी तरफ करके खुदाई कर रही थी ,ऑर मामी की गान्ड बहुत हिल डुल रही थी

मेरा लंड खड़ा हो गया था ये देखकर,मे सोच रहा था कि क्या किया जाए

कैसे पटाऊ मामी को गान्ड चोदने के लिए मेरी कुछ समझ मे नही आ रहा था तब मेने सोचा क्यो ना मामी के नाम की मूठ मार लूँ ,कम से कम लंड तो कंट्रोल मे आएगा

मे फिर खेतो के किनारे चला गया ऑर वहाँ आस पास देखा कोई देख तो नही रहा

फिर मे वहाँ मामी की गान्ड की कल्पना करते हुए मूठ मारी

बहुत मज़ा आया

मे आपस आया तो देखा मामी मेरा इंतज़ार कर रही थी

मामी:बड़ी देर लगा दी, क्या कर रहा था

मे फिर हड़बड़ा गया

मे:कुछ नही

मामी:हिलाने गया था ना

मे हक्का बक्का सा हो गया

मे:नही नही

मामी:झूठ मत बोल

मे:नही मे झूठ नही बोल रहा

मामी:बेटा मे सब जानती हूँ तेरी उमर के लड़को को ,वो क्या करते है

मे:नही ऐसा कुछ नही है

मामी:अच्छा तो चल वहाँ पे तुझे अभी साबित करती हूँ कि तूने हिलाया है या नही

मे कुछ नही बोल सका

मामी:आज से पहले किसी को चोदा है

मे:नही (मे कैसे बताता कि मेने अपनी माँ को ही चोद डाला)

मामी:चल तुझे जन्नत का मज़ा दिलाती हूँ,ऑर ये कहकर मामी ने हाथ सीधा मेरी पॅंट के अंदर ले जाकर मेरे लंड को पकड़ लिया

मे कुछ नही कर सका,ऑर मेने अब अपनी पॅंट खोली शुरू की ऑर उसे घुटनो तक नीचे की

मेरी चद्धी तो मामी ने ही नीचे कर दी

मामी:बड़ा तगड़ा लंड है ,तू तो बड़ी उमर की औरतों का भी पानी निकाल दे

मुझे अपनी प्रशंसा सुनकर ख़ुसी हुई

मामी मेरे लंड को आगे पीछे कर रही थी

मे तो आँखे बंद करके मज़ा ले रहा था

तभी मुझे लगा कि मेरे लंड के आस पास गर्मी बढ़ गयी हो मेने जैसे ही आँखे खोली तो देखा कि मामी ने लंड मुँह मे ले रखा है

मामी वाकई बहुत एक्सपर्ट थी लंड चूसने मे

 
तभी मुझे लगा कि मेरे लंड के आस पास गर्मी बढ़ गयी हो मेने जैसे ही आँखे खोली तो देखा कि मामी ने लंड मुँह मे ले रखा है

मामी वाकई बहुत एक्सपर्ट थी लंड चूसने मे

मामी:कैसा लग रहा है

मे:बहुत मज़ा आ रहा है मामी,बस ऐसे ही चूसे जाओ

अब मे मामी का सिर पकड़ कर धीरे धीरे धक्के देने लग आया था

ऑर मुझे पता ही नही चला कि कब धीरे धक्को की जगह तेज ऑर गहरे धक्को ने ली

मेरा पूरा लंड मामी के मुँह से होते हुए गले तक जा रहा था ऑर वापस बाहर आ रहा था

मामी की आँखे पूरी लाल हो चुकी थी ऑर उनसे आसू बह रहे थे

मे देखा कि मामी को बहुत तकलीफ़ हो रही थी पर उन्होने मुझे रोका नही

मे मामी के मुँह को बड़ी बेरहमी से चोदे जा रहा था

कुछ ही देर मे मेरा पानी निकल गया

ऑर मामी मेरा पूरा पानी निगल गयी

मामी:साले सच सच बता ,तूने कितनो को चोदा है,नही तो कोई ऐसे किसी का मुँह नही चोद सकता

मेने सोचा मामी बहुत चुड़क्कड़ है इन्हे बताना ही पड़ेगा

मे:बस एक है "" चाची)"" ,मेरे पड़ोस मे रहती है,उन्होने ने ही मुझे सब सिखाया है

मामी:क्या क्या सिखाया है

मे:सब कुछ जैसे,मुँह ,चूत ,गान्ड चोदना

मामी:तुझे गान्ड मारनी भी आती है

मे:बहुत अच्छी तरह से,मार के दिखाऊ

मामी:आज ही सब कुछ करेगा क्या

मे:कम से कम चूत तो मार लेने दो

मामी :ठीक है ,मार ले तू भी क्या याद रखेगा कि तुझे कैसी मामी मिली है

ऑर ये कह कर मामी अपने घाघरे का नाडा खोलने लगी,मेने तुरंत आगे बढ़ कर मामी को रोका

मामी:क्या हुआ

मे:मुझे खोलने दो ना

मामी:ठीक है

मे अब मामी से चिपक गया ऑर अपने होठ मामी के होंठो पर रख दिए ,ऑर उन्हे चूसने लगा साथ ही अपने हाथ मामी की गान्ड पे ले जाकर मामी की गान्ड को घाघरे के उपर से ही मसलने लगा

मामी भी अब गरम होने लगी थी

मेने धीरे धीरे होठ चूसे जा रहा था ऑर मे मामी के घाघरे का नाडा भी खोने लगा ,जैसे ही नाडा खोला ,मामी का घाघरा एक दम से नीचे गिर गया ,मामी ने अंदर कुछ नही पहना था

मामी नीचे से पूरी नंगी हो गयी थी ऑर मे भी नीचे से नंगा था ऑर,मेरा लंड मामी की चूत को छू रहा था

मेरी पुरानी आदत के अनुसार मेने मामी की एक टाँग उठा ली ऑर अपने लंड पे थूक लगाया ऑर अपने लंड को मामी की चूत पे टिकाया (हम दोनो खड़े थे)ऑर मेने दोनो हाथ एक एक कुल्हों पे रख दिए जिससे मे पूरा ज़ोर लगा सकूँ,

मेने एक करारा धक्का मारा "घचह"

मामी:आाऐययईईईईईईईईईईईईईईई,आख़िर घुसा ही दिया तूने अपना लंड मामी की चूत मे

मुझे आश्चर्य हुआ कि मेरा लंड एक ही झटके मे मामी की चूत मे आधे से ज़्यादा घुस गया

 
मे:आपकी चूत बहुत ढीली है,मेरे एक ही धक्के मे आधे से ज़्यादा अंदर घुस गया

मामी:पर तेरा लंड तो तगड़ा है ,मुझे दर्द का अहसास करा दिया

नही तो अच्छे अच्छे मेरे सामने फैल जाते है

मे:आप कितनो से चुदवाया है

मामी:मामा से ऑर 4-5 ऑर है बस

मामी :तू तो चोद ना

मेने एक ऑर करारा धक्का लगाया ऑर पूरा लंड सरसराता हुआ मामी की चूत मे समा गया

मामी की फिर चीख निकली "आआआआआआआईयईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई"

मामी:इस बार तो तूने मार डाला रे

मेने उनकी बातो पे ध्यान नही दिया ऑर मेने धक्के लगाने शुरू किए

मामी के मुँह से आआहह आआहह आआहह आअहह की आवाज़ें निकल रही मेरे हर धक्के के साथ

मेरी एक ख़ासियत थी कि मे धक्के ज़ोर के देता हूँ ,पूरा लंड बाहर निकाल कर एक ही बार मे पूरा अंदर,इससे मुझे मज़ा आता है ऑर सामने वालो कोई भी मज़ा ऑर दर्द दोनो का एक साथ मज़ा आता है

मे खड़े खड़े ही मामी को चोद रहा था

कोई ये नही कह सकता कि जिस तरह चूत लंड आपस मे टकरा रहे है कि चूत लंड को मार रही है या फिर लंड चूत को मार रहा था

मे बस मामी की चूत को मचक मचक के चोदे जा रहा था ,मेरा लंड पूरा एक बार मे बाहर आकर पूरा एक ही बार मे अंदर घुस जाता

मामी ने शायद मुझे हल्के मे ले लिया था

आसपास केवल फॅक फॅक की आवाज़े सुनाई दे रही थी

मामी:तू तो वाकई बहुत तगड़ा निकला चोदने मे

मे:मामी देखती जाओ ,अभी ऑर क्या क्या करता हूँ

ये कहकर मेने धक्के ऑर तेज कर दिए ऑर अपने होठ मामी के होंठो पे रखकर चूसने लगा

एक बहुत ही मादक संगीत "तह्प ठप ठप" हवा मे बह रहा था जो मुझे ऑर जोश दे रहा था

अब मेने पूरी ताक़त लगा दी थी मामी की चूत की कुटाई करने मे

मामी की हालत खराब हो गयी थी

मामी:थोड़ा धीरे कर

शायद मामी को इतनी बुरी तरह किसी ने नही चोदा होगा जितना मे चोद रहा था

मामी की चूत मेरे लंड की मार से पूरी लाल पड़ गयी थी

कुछ देर बाद मेने पानी मामी की चूत मे ही निकाल दिया

जैसे ही मेने लंड बाहर निकाला ,मामी की चूत से मेरे वीर्य की धारा निकल पड़ी

ऑर जैसे ही मेने अपनी पकड़ ढीली की,मामी वही नीचे बैठ गयी,उनमे खड़े रहने की ताक़त नही बची थी

आज मेने मामी की चूत इतनी बेदर्दी से चोदि थी कि मामी से खड़ा नही हुआ जा रहा था

 
Back
Top