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आंटी और माँ के साथ मस्ती complete

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मेरे पास जितना दम था उस दम से मंजू की गान्ड मार रहा था,मेरा लंड पूरा अंदर बाहर हो रहा था,लेकिन मंजू को दर्द का कोई अनुभव नही हो रहा था,जिससे मुझे निराशा हो रही थी

फिर भी मेने जबरदस्त चुदाई की ओर गान्ड मे पानी निकल दिया

उस रात मेने मंजू की खूब चुदाई की ,बहुत बार चूत मारी ऑर बहुत बार गान्ड मारी

अगली सुबह उठ कर अपने खेतो मे गया ऑर वहाँ से घर रास्ते मे मुझे कालू मिला

कालू:साले रात को कहा

मे सकपका गया

मे:खेत पर ही था

कालू:मे आया था तू नही था

मे:रात को मन नही लग रहा था इसलिए थोड़ा घूमने गया हुआ था तू उस समय आया होगा

कालू:साले तू रात को यहाँ घूम रहा था वहाँ बदादुर चाचा तेरी मम्मी को चोद रहे थे

मे:क्याआअ

कालू:हाँ

मे:तुझे कैसे पता

कालू:मे गया था घर पे ,पे कहीं मोका मिल जाए तेरी मामी या मम्मी को चोदने का तो घर बंद था मे बाडे से अंदर गया था तो देखा मामी ने तेरे मम्मी के हाथ पकड़ रखे थे ऑर तेरी मम्मी मना कर रही थी पर चाचा रुके नही ऑर उन्होने लंड घुसा दिया,एक बार लंड घुसने के बाद तो हर औरत चुदने को तैयार हो जाती है,उसके बाद तो चाचा ने बुरी तरह तेरी मम्मी को चोदा

यहाँ आने के बाद मे फिर घर गया था,तेरे मामी ऑर मम्मी रात भर चाचा से चुद रही थी

मे:अरे याअर ये क्या हो गया

कालू:तेरी मम्मी नही चुदना चाह रही लेकिन मामी ने ज़बरदस्ती की ,तेरी मामी बहुत कमिनि है,कुछ ही औरते बची थी चाचा से चुदने से,मे भी कुछ नही कर सका,

मेरे लंड मे दर्द होने लगा है रात भर चुदाई देखकर,चाचा को चुदाई का बहुत ज़्यादा अनुभव है वो बुरी तरह चोदते है जिससे औरते उनकी गुलाम बन जाती है,अब कुछ नही हो सकता यार ,तेरी मम्मी चुद गयी चाचा से

मे:अब यार मे क्या कर सकता हूँ ,जब मामी ऑर मम्मी खुद ही चुदना चाहती हों तो

कालू:सही कहा दोस्त,इन औरतो का कोई भरोसा नही होता ,पता नही कब कोन्से लंड पे चढ़ जाए,इसलिए मे भी केवल अपनी देखता हूँ ,

कालू:अब एक काम कर तू मम्मी को ब्लॅकमेल कर ऑर उसे दूसरो से चुदवा कर अपना फ़ायदा कर,जैसे मे करता हूँ

मे:कैसे

कालू:देख बहादुर चाचा बहुत सी औरतो को चोद चुके है ,उनको बोल अगली बार मम्मी को चोदना है तो मुझे एक चूत देनी पड़ेगी नही तो मे सबको बता दूँगा,

कालू:बहादुर चाचा ने तो एक से मस्त एक औरतो को चोदा है,चुन लेना उनमे से ही कोई

,चल एक सिगरेट पीते है ,ऑर कालू सिगरेट जलाते हुए

कालू:साला जिंदगी पे से ही भरोसा उठ गया,जो जवान है उसे चूत मिलनी चाहिए ही पर उसे ना मिलकर बूढ़ो को मिलती है जिनकी कोई ज़रूरत नही

मे:अब क्या कर सकते है

तभी हमने देखा एक बूढ़ा किसी लड़की के साथ है ,हमे ढंग से दिखाई नही दे रहा था पर कालू ने कहा ये साला बहादुर चाचा ही है,चल पीछा करते है

हम चाचा का पीछा करने लगे,चाचा उस लड़की को गाँव से दूर एक खंडहर मे ले गया जहाँ कोई नही जाता

हम ने एक छेद मे से देखा

मे:कॉन है छोटी लड़की

कालू:अरे ये सरपंच की बड़ी बहू की लड़की कावेरी है,बीसी इसको पटा के लाया है

 
कावेरी:चाचा हम यहाँ क्या करने आए है

चाच्चा:कुछ नही बेटी ,बस तुम इंतज़ार करो तुम्हे सब अपने आप पता चल जाएगा

फिर चाचा ने पट्टी निकाली ऑर कावेरी की आँखो मे बाँधने लगे

कावेरी :ये क्यो बाँध रहे हो,

चाचा:जिससे तुम्हे पता नही चले कि खेल मे क्या होने वाला है

ऑर ये कह कर चाचा ने कावेरी की आँखो पे पट्टी बाँध दी

चाचा:बेटी मुँह खोलो

कावेरी ने मुँह खोला तो चाचा ने एक मस्त सी मिठाई कावेरी के मुँह मे डाल दी

कावेरी :हूंम्म्मम,,चाचा बहुत अच्छी है

चाचा:चल एक बार ऑर मुँह खोल

कावेरी ने मुँह खोला

चाचा ने इस बार ताज़ा शहद मुँह मे डाल दिया

कावेरी :हुम्म मज़ा आ गया

चहकज:अब तुम्हे ऐसी चीज़ दूँगा जिसे चूस्ते रहने पे बाद मे मज़ा आएगा

ऑर चाचा ने अपना लंड निकाल कर कावेरी जैसी नवयौवना स्कूल मे पढ़ने वाली के मुँह मे दे दिया

कुछ देर चूसने के बाद

कावेरी:चाचा ,ये तो गरम है ऑर बड़ा भी होता जा रहा है

चाचा बस चुस्ती रहो बेटी,ऑर कुछ देर बाद अपना वीर्य कावेरी के मुँह मे ही निकाल दिया

चाचा:चाट जाओ बेटी ,बहुत फ़ायदा करती है ये चीज़

ऑर कावेरी ये सब चाट गयी

कालू:साला ठरकी कैसे छोटी लड़की को बेवखूफ़ बनाकर उसे अपना रस पिला दिया

चलो बेटी अब मे तुम्हे पेट के बल लिटाता हूँ,तुम आँखो से कपड़ा मत हटाना

ऑर चाचा ने कावेरी को खाट पे पेट के बल लेटा दिया

चाचा:बेटी तुम शरमाओ मत ,मे तुम्हारे कपड़े उतारने वाला हूँ,तुम्हे इलाज़ से थोड़ा दर्द होगा ,तुम चिल्ला सकती हो,

ऑर चाचा ने कावेरी की फ्रोक ऑर चढ़ड़ी नीचे करके पाँव से निकाल दी

हमे कावेरी की छोटी सी गान्ड दिखाई दी

अब चाचा ने छोटी सी गान्ड को फैलाया ऑर गान्ड के छेद पे उंगली रखते हुए बोला "यहाँ है इसका इलाज़"ऑर थूक से भीगी एक उंगली गान्ड के अंदर घुसा देते है

कावेरी:आाआऐययईईईईईईईईईईईई चाचा बहुत दर्द हो रहा है

चाचा:बेटी इलाज़ करवाना है तो थोड़ा दर्द तो सहना पड़ेगा

चाचा :अब मे तुम्हारे उपर लेट रहा हूँ ,जिससे तुम ज़्यादा हिल डुल ना सको,ऑर चाचा कावेरी के उपर लेट गये,चाचा के उपर लेटते ही हमे कावेरी दिखना बंद हो गयी ,चाचा के शरीर ने कावेरी के पूरे शरीर को अपने अंदर ले लिया था

हम थोड़ा पास जाकर देखने लगे,तो हमने पाया कि चाचा ने लंड गान्ड पे लगा रखा है

चाचा:बेटी ,थोड़ा दर्द होगा,सह लेना ऑर एक करारा धक्का लगा दिया

पूरा खंडहर कावेरी की चीख से गूँज उठा

कावेरी:आआआआआआईयईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई ऑर कावेरी बेहोश हो गयी

हमे लगा चाचा रुक जाएगा,लेकिन उन्होने अपना लंड घुसाना जारी रखा ऑर पूरा कावेरी की छोटी सी गान्ड मे घुसा दिया

कालू:बेचारी की गान्ड फाड़ डाली इस बुड्ढे ने

ऑर उसके बाद चाचा अन्धाधुध कावेरी की गान्ड मार रहे थे,आधे घंटे तक गान्ड मार कर जब लंड निकला तो कावेरी की गान्ड से खून निकल पड़ा,चाचा उठे अपना लंड सॉफ किया ऑर अंदर जाकर कुछ सामान ले आए

कालू:साला ये बुड्ढ़ा तो हर चीज़ की तैयारी रखता है

चाचा ने रूई से खून सॉफ किया ऑर गान्ड पे दवाई लगाई ऑर कावेरी को उठाकर अच्छी सी जगह लेटा दिया

जब लड़की उठी तो

चाचा:तुम्हारा इलाज़ हो गया,अब किसी को बताना मत इलाज़ कैसे हुआ,लेकिन अब तुम्हे पेट मे दर्द नही होगा,ऑर कोई बोले कि ऐसे क्यो चल रही हो तो बोल देना पाँव मे मोच आ गयी है कल तक ठीक हो जाएगी

कालू:तो साला ,बीमारी का इलाज़ करने के बहाने लाता है ये लड़कियो को

ऑर फिर दोनो जाने लग जाते है,लड़की को चलने मे थोड़ी दिक्कत हो रही थी

फिर चाचा ऑर कावेरी दोनो चले गये

 
कालू:ये ठरकी बुड्ढ़ा बहुत मज़े ले रहा है

मे:हाँ यार

कालू:चल अब यहाँ से निकलना भी है ,बहुत दूर है गाँव,फिर हम वहाँ से निकल गये

मे:कालू मे घर जा रहा हूँ,तुझसे मिलता हूँ शाम को ,

कालू:ठीक है

मे घर गया,मामी बहुत खुश नज़र आ रही थी पर मम्मी थोड़ी दुखी थी

मे:मम्मी क्या हुआ

मामी:कुछ नही ,कल किसी ने तेरी मम्मी की जमकर चुदाई की है,बेचारी की चूत सूज़ा दी

मे:क्या हुआ मम्मी ,कुछ तो बोलो

मम्मी :भाभी ने ज़बरदस्ती मुझे बहादुर चाचा से चुदवा दिया,ऑर फिर बोल रही है कि इसके बदले मे उन्होने 10000 रुपये दिए,मे क्या करूँ इन रुपयों का जब वो चाचा मेरी इज़्ज़त लूट गया

मामी:हाँ बड़ी आई इज़्ज़त वाली,बेटे से तो रातभर गान्ड मराती रहती है,तब इज़्ज़त का ख़याल नही आता,ऑर जब पैसे के बदले चुद रही है तो इज़्ज़त याद आ गयी

मे:मेने मम्मी को कहा था,अगर उनकी इच्छा हुई तो वो किसी ऑर से चुदवायेगि,लेकिन कोई मेरी मम्मी के साथ ज़बरदस्ती करे मुझे पसंद नही,ऑर ये कह कर मे मम्मी के पास बैठ कर पूचकारने लगा

मे;मम्मी अब भूल भी जाओ ,ये सोचो कि ये एक बुरा सपना था,ऑर मे अलग अलग हरकते करने लगता हूँ

,जिससे मम्मी हँस पड़ती है

मम्मी:हट शैतान,

ऑर फिर हम लोग साथ मे खाना खाते है,ऑर दिन यूही बीत जाता है

मे शाम को खेतो मे जाने वाला होता हूँ कि मम्मी ने आवाज़ लगाई

मम्मी:मे भी चलूगी तेरे साथ मे

मामी:अरे सुधा डर मत,आज कोई नही आएगा तेरी चुदाई करने

मम्मी:नही भाभी आज मेरा बेटे के साथ सोने का मन है

मामी:ठीक है,अगर तुझे अपने बेटे से चुदने का मन है तो जा

फिर हम खेतो की तरफ निकल पड़ते है,मेरी नज़र फिर मम्मी की गान्ड घाघरे के अंदर उपर नीचे होते हुए देख खड़ा हो गया ऑर मैं एक हाथ मम्मी की गान्ड पे रखकर सहलाने लग गया

मम्मी बस मुस्कुरा रही थी

जल्दी ही हम खेतो मे पहुच गये यहाँ पहुच कर मेने मम्मी की चूत की धुअदार चुदाई की ऑर फिर हम आराम करने लग गये

मे:मम्मी मे थोड़ा घूम के आता हूँ

मम्मी:इतनी रात को सावधानी रखना

मेने मुँह पे कपड़ा बाँधा ऑर निकल पड़ा बहादुर चाचा के खेत की ओर

चाचा अपनी कुटिया मे आराम से सो रहा था ,मेने पास पे पड़ा एक लट्ठ उठाया ऑर एक जोरदार तरीके से उनके लंड पे मार दिया,उसके बाद एक के बाद के लात पे लात मारता गया जब तक चाचा अधमरे नही हो गये,ऑर फिर जाके मे रुका ,मेने जाते वक्त एक लात फिर उनके लंड दे मारी

ऑर मे वापस आकर मम्मी की चुदाई करने लगा

मेने रात भर मम्मी की चूत ऑर गान्ड मारी,अब मम्मी को बहुत मज़ा आने लग गया था चुदाई करवाने मे

फिर हम सो गये

 
मम्मी:बेटा अब घर चलते है

मे:ठीक है मम्मी जैसी आप की मर्ज़ी,हम कल सुबह निकल लेते है

मम्मी:हाँ ये ठीक रहेगा

फिर हम दोनो घर की ओर निकल गये ,रास्ते मे कुछ लोग बाग भागते हुए मिले

मे पूछा क्या हुआ

आदमी:कल रात किसी ने बहादुर चाचा की बुरी तरह धुलाई कर दी,ऑर उनका वो भी तोड़ दिया ,अब तो बेचारा पेसाब भी ढंग से नही कर पाएगा

(उसका मतलब लंड से था)

मम्मी मेरी तरफ देखती है

मे उनसे नज़र छिपा रहा था

मम्मी:मोहित मेरी आँखो मे देखो,तुमने ने ही किया है ना,मोहित मेरी आँखो मे देखो(थोड़ा गुस्से मे)

मे:मेने नज़रें नीचे कर ली

मम्मी: प्यार से,बेटा ये क्या कर दिया

मे:मेने आपको भले ही कह रखा हो ,आप किसी से भी चुदवा सकती है पर कोई ज़बरदस्ती करेगा ,मुझे पसंद नही

मम्मी:अब तुझे कॉन समझाए

फिर हम घर पहुच गये

मामी:अरे तुम्हे पता है,किसी ने बहादुर चाचा की बुरी तरफ धुलाई कर दी ऑर बेचारे का लंड भी तोड़ दिया

कही तूने तो नही किया मोहित

मम्मी :अरे नही नही,मोहित तो रात भर मेरी गान्ड मार रहा था

मामी:हा हा तू तो गान्ड ही मरवाएगी,गंदमारी

फिर हम ने बताया कि कल हम घर निकलेगे,मामी ने बहुत रोकने की कॉसिश की पर मेने पढ़ाई का नाम लिया तो मामी मान गयी

उस दिन मेने फिर मामी ऑर मम्मी की दमदार चुदाई की ,दोनो की मस्त चूत ऑर गान्ड मारी फिर हम सो गये

 
ऑर सुबह उठकर मम्मी ऑर मे बस से रेलवे स्टेशन की ओर निकल गये

मुझे बहुत खुशी हो रही थी ,मे जब गाँव आया था तो मम्मी को अपना बनाना चाहता था,लेकिन अब मम्मी पूरी मेरी हो गयी थी

हम जैसे ही घर पहुचे मुझे बहुत खुशी हुई ,अब ये घर नही स्वर्ग लग रहा था,जैसे ही मम्मी घर के अंदर पहुचि ,मेने मम्मी को बाहों मे ले लिया ऑर अपने होठ मम्मी के होंठो पे रखकर मम्मी के होंठो को चूमने लगा,बहुत ही मज़ा आ रहा था,मम्मी भी बड़ी शालीनता से मुझे किस कर रही थी ,मेने अब अपनी जीब मम्मी के मुँह मे डाल दी थी ,मे अपनी जीव मम्मी की जीब से भिड़ा रहा था जैसे हम कोई लड़ाई कर रहे हो,तभी हमारे घर की घंटी बजी

हमने किस तोड़ा ,ऑर गेट खोला तो चाची थी

चाची थोड़ा गुस्से मे थे,चाची अंदर आते ही

चाची:कहाँ गये थे तुम लोग

मे:वो हम गाँव चले गये थे

चाची:बता के तो जाना चाहिए था

मम्मी:वो क्या है ,मेरे हज़्बेंड को एक दम से बाहर जाना पड़ा तो उन्होने बोला तुम लोग भी घूम आओ,इसलिए उन्होने टिकेट बुक करा दी थी

चाची थोड़ा रिलॅक्स होती हुई

चाची:तो क्या किया तुम लोगो ने वहाँ

मे:सब कुछ

चाची:सब कुछ का मतलब

मे:मतलब कि मुझे अब कोई भी काम करने के लिए अब मम्मी से घबराने की ज़रूरत नही ऑर मेने चाची के पास जाकर एक लीप किस किया

चाची:आश्चर्य से,मतलब तुम लोग वो काम भी कर चुके हो

मे:एक हाथ चाची की चुचियो पे रखकर दबाते हुए,हाँ मेरी जान मे अपनी मम्मी को चोद चुका हूँ

चाची को समझ मे नही आ रहा था कि कैसे रिक्ट करे,फिर बोली

चाची :चलो अच्छा है

फिर चाची ने अपना दिमाग़ लगाना शुरू किया ऑर बोली

चाची:मेरा बेटा सलीम भी आया है ,वो कब्से तुम्हरी मम्मी के पीछे पड़ा है,तो आज रात हो जाए

मे:चाची ,इस मामले मे कुछ नही कर सकता ,सब कुछ मेने मम्मी पे छोड़ रखा है ,अगर मम्मी सलीम के साथ सोना चाहती है तो उनकी मर्ज़ी ऑर नही चाहती तो भी उनकी मर्ज़ी,मे कुछ नही कहुगा

चाची:अरे तेरी मम्मी भी कहाँ मना करेगी,वो तो खुद तेरे से पहले सलीम से चुदवाना चाह रही थी ,क्यो सुधा

मेरी मम्मी चाची के सामने कुछ नाही बोल पाई क्योकि मम्मी भी एक दिन सलीम से छुड़ाना चाहती थी

मम्मी:ठीक है

चाची:तो फिर तैयार रहना शाम को 5 बजे, हम फार्महाउस पे निकलेगे

ऑर ये कहकर चाची चली गयी

 
मुझे मम्मी का सलीम से चुदना अच्छा नही लग रहा था,इसलिए मे निराश होकर कमरे मे चला गया,फिर वहाँ मम्मी आई

मम्मी:अरे बेटा,क्यो निराश हो रहे हो,मे सलीम के साथ नही सोना चाहती ,लेकिन मे चाची के सामने मना नही कर पाई,क्योकि मे भी पहले से ही सलीम से चुदना चाहती थी लेकिन अब तुम आ गये हो मुझे किसी सलीम की ज़रूरत नही

मे:तो फिर मना कर देती,अब तो चाची नही मानने वाली

फिर शाम के वक्त चाची घर पे आई

चाची:तैयार हो

मम्मी:मे सलीम के साथ नही करना चाहती

चाची:क्यो

मम्मी:मुझे अपने बेटे के साथ ही अच्छा लगता है,मे अब दूसरो से नही करना चाहती

चाची:जब लंड की ज़रूरत थी चुदने को तैयार थी,अब लंड मिल गया तो पलट गयी,मेने तेरे बेटे को चोदना सिखाया नही तो वो अब भी अपने कमरे पे लंड पकड़ कर हिला रहा होता,ऑर तुम कहती हो कि मुझे किसी ऑर के साथ नही सोना ,तुमने धोका किया है,तुम जैसी मतलबी औरत मेने कभी नही देखी

मम्मी:अरे नही मे ये नही कहना चाहती थी

चाची:तो क्या कहना चाहती थी

मम्मी: (मम्मी ने कभी अपने काम के लिए दूसरो का फ़ायदा नही उठाया ऑर चाची के तानो से मम्मी ने मजबूरी मे कह दिया)चलो छोड़ो सब बातो को मे तैयार हूँ

फिर हम लोग उनकी कार मे निकल पड़े फार्म हाउस की ओर

सलीम ने आज बहुत तेज गाड़ी चलाई ,हम बहुत जल्द फार्महाउस पे पहुच गये,

 
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