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आंटी के साथ मस्तियाँ

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मैं बहुत खुश हुआ और जल्दी से खाना खा कर, अपने घर पर कह दिया की मैं अपने दोस्त के यहाँ जा रहा हूँ, सोने… और, मैं बाहर आ गया और मार्केट चला गया..

वहाँ से मैंने कंडोम और डेरी मिल्क सिल्क ले ली, आंटी के लिए और आंटी के फोन का वेट करने लगा..

थोड़ी देर बाद, आंटी का कॉल आया और कहा – राजू, मैंने दरवाजा खोल रखा है… जल्दी से आ जाओ…

मैं बोला – ठीक है… और मौका देखकर, आंटी के घर में चला गया..

आंटी ने जल्दी से दरवाजा बंद किया और मुझसे कहा की ज़रा भी आवाज़ नहीं करना और मेरा हाथ पकड़ के चल दी..

पूरे घर में अंधेरा था और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था तो तभी आंटी ने एक कमरे का ताला खोला और हम उसमें चले गये..

वहाँ आंटी ने लाइट चालू की तो मैंने देखा की वो आंटी का स्टोर रूम था पर ये स्टोर रूम कम हनिमून स्वीट, लग रहा था..

यहाँ आंटी ने एक गद्दा बिछा रखा था, उस पर लाल गुलाब पड़े थे, मोमबती रखी थीं और एक गिलास दूध भी था और एक छोटी बोटल रखी थीं..

मुझे कुछ समझ नहीं आया की ये बोटल किस की है तो आंटी से पूछने क लिए पीछे मुड़ा तो मैं तो दंग रह गया..

आंटी क्या लग रही थीं..

एक दम गरमा गरम और सेक्स की मूरत लग रही थीं..

उन्होंने वही साड़ी पहनी थीं, जो मैंने गिफ्ट की थी और बैकलेस ब्लाउज..

बाल खुले हुए और वो कातिल कमरधनी देख कर तो मुझसे रहा ही नहीं जा रहा था..

फिर, भी मैंने कंट्रोल करके आंटी से पूछा – आख़िर, ये सब आपने किया कैसे…

आंटी बोलीं – उनके सारे घर वाले गरमी में छत पर ही सोते है तो उन्होंने उनके पति के दूध के गिलास में नींद की गोली डाल दी, जिससे वो रात भर सोते रहें..

मैं बोला – लेकिन, आपकी बेटी…

वो बोलीं – वो तो सुबह 7 बजे तक उठती है… तब तक, सिर्फ़ हम दोनों हैं…

मैंने कहा – वाह!! आंटी मान गया, आपको… क्या सर्प्राइज़ दिया है, आपने…

फिर मैंने पूछा – बाकी, सब तो ठीक है पर वो एक बोटल किस चीज़ की है…

वो बोलीं – सरसों के तेल की…

मैं बोला – पर क्यों…

तो वो बोलीं – तुम गाण्ड तो मरोगे, नहीं ना…

मैं बोला – क्यों नहीं मारूँगा…

आंटी बोलीं – तेल लगाकर मारना… जिससे दर्द कम होगा और आवाज़ भी कम होगी…

मैं बोला – ठीक है, आंटी…

और, आंटी ने सारी मोमबती जला दी और लाइट बंद कर दी और मेरे पास आकर, मेरे चेहरे पे हाथ फेरते हुए बोलीं – राजू, सालगिरह मुबारक हो…

अब मैं भी जोश में आने लगा और आंटी के होंठ पे हाथ फेरते हुए बोला – तुम्हें भी, आंटी जान… और, उन्हें डेरी मिल्क दी और कंडोम निकाल कर साइड में रखे..

आंटी बोलीं – वाह यार, आज तुम्हें कंडोम लाना याद रहा…

मैं बोला – हाँ आंटी ले आया…

आंटी बोलीं – वेरी गुड…

फिर क्या था..

मैं आंटी के पास गया और उन्हें नीचे बेड पे बैठाया तो आंटी बोलीं – पहले दूध तो पी लो… और, उन्होंने अपने हाथ से मुझे दूध पिलाया..

फिर, मैंने उनके कान पे होंठ फेरने लगा..

अब, आंटी सिसकारी निकालने लगीं – आ आह उन्म उःमह… और, फिर मैंने आंटी के होंठ को चूसने लगा और आंटी भी मेरा साथ देने लगीं..

फिर करीब 5 मिनट बाद, हमने किस छोड़ी तो हम दोनों हाँफने लगे..

आंटी बोलीं – राजू, जान निकाल दी, एक किस ने ही… अभी तो पूरी रात बाकी है…

मैं बोला – बस, आप अब देखती जाओ…

फिर, मैं आंटी के पूरे चेहरे पर किस करने लगा और ऊपर से मम्मे दबाने लगा..

आंटी की साँसें, तेज़ चलने लगीं..

 


अब आंटी आवाज़े निकालने लगीं – आह आह आह आह हह इनयह्मम… और, फिर मैंने आंटी का ब्लाउज खोल दिया और ब्रा भी निकल फेंकी..

आंटी के निप्पल देख के, मुझे तो बस मज़ा आ गया और मैं बिना देर किए उन्हें मुंह में लेकर चूसने लगा और तभी मैंने निप्पल काटा तो आंटी चीखीं – आईंई या ह… राजू, काट मत…

तो मैं दूसरे मम्मे की निप्पल चूसने लगा और उसे भी काटा तो आंटी फिर चीखीं और बोलीं – मना किया ना… मत काटो… और, मैं उनके दोनों मम्मे दबाने लगा और आंटी आवाज़े निकालने लगीं – आह आ ह आह आ ह आह आ ह आइनाया स स स स स स स…

फिर, मैं आंटी की टुंडी पे किस करने लगा और उनकी कमरधनी को उतार दिया..

इसके बाद, मैंने उनकी साड़ी उतार दी और पेटीकोट भी..

अब आंटी, अपनी गुलाबी रंग की पैंटी मे थीं..

मैं चूत की खुशबु पा कर, महक उठा और चूत पे पैंटी के ऊपर से जैसे ही जीभ लगाई तो आंटी ने तेज़ सिसकारी ली – आ ह ह ह ह स स स स स…

अब मैं चूत को ऊपर से ही चाटने लगा और फिर मैंने आंटी की पैंटी उतार दी..

क्या चूत थी यार, एक दम गुलाबी और वो भी पूरी सॉफ..

मुझसे रहा ना गया और मैं चूत को, चटा चट चाटने लगा..

उफ्फ!! क्या स्वाद था, यार.. मज़ा आ गया..

आंटी – आह आह आह आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ… और चाट राजू और चाट… और, मेरा सिर चूत में दबाने लगीं.

फिर मैं चूत में उंगली अंदर बाहर करने लगा और आंटी को बोला की जब झड़ने वाली हो तो बता देना..

आंटी – ह्म्म्म्मम बोलीं.. और, मैंने अपनी उंगली की स्पीड बड़ा दी..

थोड़ी ही देर बाद, आंटी बोलीं – राजूस स स स स स… मैं आ रही हूँ… मैं आई… राजू…

मैं आंटी का सारा रस पी गया और आंटी को फिर लीप किस करने लगा..

अब, आंटी मेरे ऊपर आ गईं और सारे कपड़े उतार कर, मुझे किस करने लगीं.

फिर कुछ ही देर में, मेरे लण्ड को मुंह में लेकर चूसने लगीं..

थोड़ी देर बाद, हम 69 की पोज़िशन में आ गये और मैं उनकी चूत चाटने लगा और वो मेरा लण्ड चूसने लगीं..

जल्द ही, मैं झड़ गया और हम एक दूसरे की बाहों में कुछ देर लेटे रहे..

अब, आंटी बोलीं – आज नहीं करोगे, कुछ स्पेशल… राजू स्टाइल का… तभी, मुझे एक आइडिया आया..

मैंने आंटी को सीधा किया और डेरी मिल्क, जो आंटी के लिए लाया था उसे अपना हाथ में मसल कर उनके दोनों मम्मे पे लगा दी और उनकी टुंडी पर भी और उनकी चूत में भी लगा दी, उंगली डालकर..

अब मैं उनके चुचे की डेरी मिल्क खाने लगा और धीरे धीरे, निप्पल भी चबाने लगा..

आंटी सिसकारियाँ निकालने लगीं – इनयः याहह ह ह ह ह ह… उन्हम म म म म म… इस्स स स स स स स स स स स सस्स स… उन्हममम मम म म म म म म म म म म… इस्स सस स स स स स स स स स स… आह आ आ आ आहह ह ह ह ह ह आ आ आ आ आ आ आ आ आ… इन्यह ह ह ह ह ह… या या या आया आया या आ हा… ज़ोर से चूसो, राजू… अन्म उन्ह म्म… शाबाश… हाँ हाँ हाँ… उफ्फ फ फ फ… और चूसो…

फिर, मैं उनकी चूत के पास आ गया और उनकी चूत के ऊपर की डेरी मिल्क भी चाटने लगा..

आंटी – आँह… इस्स… उन्हम म्म… और जैसे ही, मैंने उनकी चूत के अंदर की डेरी मिल्क चाटना शुरू किया.. आंटी ने अब अपनी जांघें फैला दी और मेरा सिर दोनों हाथ से दबाने लगीं और सिसकारियाँ लेते हुए बोलीं – आँह… इस्स… उन्हम म्म… उफ्फ फ्फ राजू… मार डाल, मुझे आज… आह आह आह आह आह आह… इयाः इयह उःम उन्म हम्म म म म म म… आआअहह आह आह आह आह ष्ह…

अब मैं उनकी टुंडी पे गया और उस पर लगी डेरी मिल्क भी चाटने लगा..

आंटी अब बहुत ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगीं – अहह सस्स्स्स्शह आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आँह माआ हह… आराम से राजू… इनहया याः इया या या या या या ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह….

फिर आंटी मेरे लण्ड के पास आई और उस पर डेरी मिल्क लगाकर, उसे चाटने लगीं..

 


क्या मज़ा आ रहा था, यार..

फिर आंटी बोलीं – राजू, आख़िर कहाँ से लाते हो ऐसे आइडिया…

मैं बोला – बस देखती जाओ… और, उन्हें लीप किस करने लगा..

फिर, मैं आंटी के मम्मे दबाने लगा..

आंटी – उन्हाया… राजू, अब डाल भी दो… कितना तडपाएगा…

मैं बोला – जैसी आपकी मर्ज़ी, आंटी जान…

अब मैं आंटी की चूत के पास गया और अपने लण्ड का सुपाड़ा आंटी की चूत के छेद पे रखा और एक तेज़ झटका लगाया तो लण्ड का सुपाड़ा थोड़ा अंदर गया और आंटी चीख पड़ीं – आराम से राजू, आराम से…

फिर मैंने एक और झटका लगाया तो थोड़ा और लण्ड अंदर गया तो आंटी चीखीं – मर र र र र र गई ई ई ई ई ई…

कुछ देर बाद, मैंने एक झटका और लगाया तो पूरा लण्ड अंदर गया तो आंटी चीखीं – अहहाहा हहाहा आइ इह इयाः… आ आह ह आह आ आ आ ह ह ह आह आ आ आह ह ह ह… म्न्ह मन्ह मर गयइ… आराम से राजू… और चोद… और चोद… फाड़ दे, मेरी आज… अहहहाहा आह अह आ आ अहहा… इयै याया आ आ या अय हेया… और तेज़ और तेज़… ज़ोर से, और ज़ोर से… शाबाश शाबाश शाबाश… अहहहः अएआएआएआए… चोद चोद चोद चोद चोद चो द द द द दहस स स स…

और, आंटी को मैंने ज़ोर ज़ोर शॉट लगाने शुरू कर दिए..

आंटी तो बस, सिसकारियाँ निकालने लगीं – आह हह आ आ आ आह ह ह ह ह ह आ आ आ आ आ आ आ आ आ आह उंह ह ह ह ह आह इहह स स ह ह राजू..

आंटी को करीब 5 मिनट तक चोदने के बाद, मैं झड़ने वाला था..

मैं आंटी से बोला – मैं आ रहा हूँ…

फिर मैंने अपनी स्पीड बड़ा दी..

हम पूरे पसीने में नहा गये थे और आंटी के पसीने की खुश्बू में, गजब सा नशा था.. जिसके वजह से, मैं आंटी को इतना चोद सका और झड़ गया..

फिर, मैं आंटी के ऊपर ही लेट गया..

अब मैं बोला – कैसा लगा, आंटी…

आंटी बोलीं – एक बात तो माननी पड़ेगी, तुम जैसा तो कोई नहीं चोद सकता… मज़ा तो मुझे तेरे साथ, सच में बहुत आता है… आज तो ऐसा लगा, जैसे तू मेरी नथ उतार रहा हो…

थोड़ी देर पड़े पड़े यूँही बात करने के बाद, हम 69 की पोज़िशन में आ गये..

असल में, आंटी को मेरी ये ही बात पसंद थी की मेरा फट से, फ़ौरन तैयार हो जाता था, दूसरे राउंड के लिए..

खैर, मैं फिर से आंटी की चूत चाटने लगा और वो मेरा लण्ड चूसने लगीं..

अब मैं उठा और आंटी को, अपने लण्ड के ऊपर खड़ा किया और उनकी चूत पे अपना लण्ड रखा तो लण्ड एक ही झटके में आधा अंदर चला गया तो आंटी चीखीं – अन्म आह इस्स… आह आह अहहहाहा आह अह आ आ अहहा… इयै याया आ आ या अय हेया… आह आह अहहाहा हहाहा आइ इह इयाः आह… आराम से, राजू… आ आ आ आ स स स स स स स स स… इनहया याः इया या या या या या ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह… उई माआअ…

और, अगले झटके में तो पूरा लण्ड आंटी की चूत में समा गया..

अब आंटी, बहुत ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगीं – आह आँह… फूह यान्ह… आ आ आ आ आ आ आ आ उंह… इयान्ह ह ह ह ह ह आह आ आ आ आह ह हा… उफ्फ मा ह उंह आह… आराम से, राजू… अन्म आह इस्स… आह आह अहहहाहा आह अह आ आ अहहा… इयै याया आ आ या अय हेया… आह आह अहहाहा हहाहा आइ इह इयाः आह… आराम से, राजू… आ आ आ आ स स स स स स स स स… इनहया याः इया या या या या या ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह… उई माआअ…

फिर मैं आंटी के मम्मे, ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा..

कुछ ही देर में झड़ गया और आंटी के बगल में लेट गया..

आंटी बोलीं – मज़ा आ गया, राजू…

अब मैंने आंटी को अपनी बाहों में लिया और उनके मम्मे खूब ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा..

आंटी फिर से आवाज़े करने लगीं – इस्स स स स स स… राजू र र र र र… नहीं स स स स स… उन्हम्मह म म म म म… और मेरे लण्ड को दुबारा मसलने लगीं..

इस बार थोड़ी देर बाद में, लण्ड खड़ा हुआ तो आंटी ने फट से उस अध खड़े लंड को मुंह में ले लिया और चाटने लगीं..

मैं उनका सिर दबाने लगा और बोला – और अंदर लो ना, आंटी… और ज़ोर से चूसो…

कुछ देर बाद, मैं खड़ा हुआ और आंटी को उल्टा किया और उनकी गाण्ड पे सरसों का तेल लगा दिया और फिर गाण्ड क छेद पे अपना लण्ड रख क झटका मारा तो आंटी – आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ राजू र र र र र… उन्हम्म… इनयः इस्स उफ्फ फूहस आह हह आ आ आ आह उन्म आह आ हह आह… और ज़ोर से राजू… आह आह अहह…

मैने थोड़ी देर रुकने के बाद, फिर एक झटका मारा तो थोड़ा और लण्ड अंदर गया और आंटी और ज़ोर से चीखीं – राजू र र र र र… माँ की चूत त त त त त त… मार डाला रे तूने ने ने ने ने ने… उन्हम्म… बहन चोद द द द द द द… कुत्ते…

 


अब मैंने बिना देर किए और एक झटका मारा तो पूरा लण्ड आंटी की गाण्ड में समा गया और आंटी की आँखो से आँसू आ गये और आंटी की गाण्ड से थोड़ा ब्लड भी आ गया था..

अब मैं आंटी को किस करने लगा और मम्मे दबाने लगा..

आंटी बहुत ज़ोर ज़ोर से कहने लगीं – मादार चोद द द द द द स स स स स स स… मार डालेगा, क्या या या आह आ आ आ ह ह ह ह ह… और, पूरा कमरा फ़च फ़च की आवाज़ से गूँज रहा था..

और फिर 1-2 मिनट तक चोदने के बाद, मैं आंटी की गाण्ड में झड़ गया और उनके ऊपर लेट गया..

फिर, हम एक दूसरे की बाहों में लेट कर करीब 4 बजे सो गये..

सुबह करीब 6:30 बजे, आंटी आईं और मुझे उठाया..

मैंने अभी भी कुछ नहीं पहना था और लण्ड खड़ा ही था तो आंटी ने लण्ड को मुंह में लिया और हल्का सा काटा तो मैं हड़बड़ा कर उठ गया..

इस पर आंटी हंस पड़ीं और बोलीं – चलो उठा और जाओ… और कपड़े पहन लो…

मैंने उन्हें अपनी और खींचा और पूछा – भैया गये…

वो बोलीं – हाँ और उनकी बेटी भी गईं…

मैं बोला – सही में…

आंटी बोलीं – हाँ, सही में… हम पूरे दिन, अकेले ही है…

ये सुनकर, मुझसे रहा ना गया और मैं उन्हें किस करने लगा तो आंटी किस छुड़ा कर उठीं और बोलीं – उठो कपड़े पहनो और फ्रेश हो कर, नाश्ता कर लो…

मैं बोला – नाश्ता, मैं एक ही शर्त पे करूँगा… आज हम दोनों जब तक अकेले हैं, कोई भी कपड़े नहीं पहनेगा…

आंटी बोलीं – ठीक है, ठीक है… पर उठो तो…

फिर, मैं उठा और फ्रेश हो कर किचन में गया तो आंटी ने सारे कपड़े उतार दिए थे..

मैं बोला – ये हुई ना बात, आंटी… और फिर, हम नाश्ता करने लगे और चाय पीने लगे..

कुछ देर तक, बातें करते रहे..

कुछ देर बाद आंटी बोलीं – मैं नहा कर, आती हूँ…

इस पर मैं बोला – ठीक है… और मैं, टीवी देखने लगा और आंटी बाथरूम में, नहाने चली गईं..

मैंने सोचा – क्यों ना आज, आंटी को नहाते वक़्त चोदा जाए… और, मैं बाथरूम में गया..

आंटी, शावर ले रही थीं..

मैं उनके पास गया और फ़ौरन, उनकी चूत को चाटने लगा..

आंटी बोलीं – राज, तुम यहाँ क्यों आए… मैं नाहकर आ रही थीं, ना…

तो, मैं बोला – मैंने सोचा क्यों ना आज नहाते वक़्त चुदाई हो, आंटी…

अब आंटी बोलीं – ठीक है… कर ले, तुझे जो करना है… यहाँ पर भी चोद ले, मेरे बालम… आज तो मैं, तुम्हारी ही रंडी हूँ…

मैं फ़ौरन उनके ऊपर आ गया और लीप किस करने लगा..

मैं उनके दूध को बेतहाशा चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा…

आंटी – आराम से राजू… और तभी मैंने आंटी की निप्पल काटी तो आंटी चीखीं – राजू स स स स स, तुम नहीं सुधरोगे…

अब मैं आंटी की चूत चाटने लगा और आंटी, मेरा सिर चूत मे दबाने लगीं और आवाज़े निकालने लगीं – राजू र र र र र… माँ की चूत त त त त त त… मार डाला रे, तूने ने ने ने ने ने… उन्हम्म… और चाट राजू, और चाट… खा जा, मेरी चूत… बहन चोद द द द द द द… कुत्ते… और ये सब कहते कहते, वो मेरा सिर चूत में और ज़ोर ज़ोर से, दबाने लगीं..

अब हम 69 की पोज़िशन में आ गये और आंटी, मेरा लण्ड चूसने लगीं..

फिर मैं उठा और आंटी की चूत पे अपना लण्ड रखा और एक झटके में, आधा लण्ड अंदर डाल दिया..

आंटी, फिर से चीख पड़ीं – उन्हम्म… इनयः इस्स उफ्फ फूहस आह हह आ आ आ आह उन्म आह आ हह आह… राजू, आराम से…

एक झटके में, मेरा पूरा लण्ड आंटी की चूत मे समा गया और आंटी बोलीं – राजू र र र र र… बहन चोद द द द द द द…

मैं अब ज़ोर ज़ोर से, शॉट मरने लगा..

 


आंटी – मादार चोद द द द द द स स स स स स स… मार डालेगा, क्या या या आह आ आ आ ह ह ह ह ह… अहहआहम्म… मर र र र र र गई ई ई ई ई ई राजू र र र र र… आराम से राजू, आराम से… आ ह आ आ आ आ आ आ आ ह…

थोड़ी ही देर बाद, मैं झड़ गया..

मैंने आंटी को लीप किस किया और धीरे धीरे, उनके मम्मे दबाने लगा..

मज़ा आ गया था, पूरी चुदाई के वक़्त..

शावर से जो ठंडा पानी हमारे गरम बदन पर गिर रहा था, उसका अलग ही मज़ा था…

फिर हम नहा कर बाहर आए और ऐसे ही, बेड पर सो गये.

2 बजे के करीब, मेरी आँख खुली तो मैं किचिन में गया और चाय बनाकर लाया और आंटी को जगाया और बोला – आंटी, लो चाय पी लो और हम चाय पीने लगे..

चाय पीने के तुरंत बाद, आंटी मेरी बाहों मे आ कर बोलीं – तुम्हारे साथ, चुदाई में मुझे वाकई बहुत मज़ा आता है… मैं बस यही चाहती हूँ की तुम इसी तरह, मेरे बदन की आग बुझाते रहो…

फिर, वो मेरे लण्ड को पकड़कर बोलीं – लाओ, मैं इसकी मालिश कर दूँ… और आंटी मेरे लण्ड की बड़े कमसिन तरीके से, मालिश करने लगीं..

मेरा लण्ड तुरंत खड़ा होकर, लोहे ही रोड बनने लगा और मुझसे रहा ना गया और मैंने झटके से आंटी को अपने नीचे किया और एक झटके में पूरा लण्ड, उनकी चूत में घुसेड दिया…

आंटी, बहुत ज़ोर से चीखीं –

मैं आंटी को किस करने लगा और देखा तो आंटी की आँखों से आँसू भी निकल आए थे..

पर, मैंने अपनी स्पीड और बड़ा दी और थोड़ी ही देर में, मैं आंटी की चूत में ही झड़ गया..

थोड़ी देर बाद, आंटी उठीं और कपड़े पहने और मैंने भी कपड़े पहने और मैंने उन्हें एक सॉफ्ट लीप किस दी और उनके सूट के ऊपर से ही, मम्मे पर कटा तो आंटी बोलीं – सुधार जाओ…

और, मैं अपने घर चला गया..

हम काफ़ी खुश थे पर दो महीने से अंकल की नाइट ड्यूटी चल रही थी तो हमें मज़े करने का ज़्यादा मौका नहीं मिलता था..

कभी कभी ही, मिलने पे एंजाय कर लेते थे..

इस बार, हमारे मोहल्ले के हम जो 4 करीबी परिवार थे, सब ने एक हफ्ते का हिमाचल घूमने का प्लान बनाया क्यूंकि हम सर्दियों में जा रहे थे तो हमें, वहां वर्फ़ मे बड़ा मज़ा आएगा..

हमारे ग्रूप में मेरा परिवार, आंटी और उनकी बेटी थे क्यूंकि अंकल की ड्यूटी की वजह से, वो नहीं जा पा रहे थे और हमारे बगल वाला परिवार था तो हम लगभग, 15-20 लोग हो गये थे..

हमने रिज़र्वेशन करा लिया था, ट्रेन का और हम 5 दिन बाद, निकलने वाले थे..

फिर, हमारे जाने का दिन आ गया था और हम शाम को निकल गये..

हम ट्रेन में, बैठ गये थे..

हम हिमाचल के शिमला जा रहे थे तो हमें पहले चंडीगढ़ जाना था..

वहाँ से, बस से शिमला..

हम अगले दिन सुबह 8 बजे के करीब, चंडीगढ़ पहुँच गये थे..

वहाँ से हमने एक मिनी बस बुक की थी, शिमला के लिए..

इस सफ़र मे, मुझे आंटी के साथ बात करने का या कुछ करने का ज़रा सा भी मौका नहीं मिला..

आंटी अपने औरतों के ग्रूप में व्यसत थीं और मैं, अपने दोस्तो के साथ..

बस मौका देख कर, स्माइल पास कर देते थे..

आख़िर हम शिमला पहुँच गये, करीब 11 बजे के करीब और फिर हम अपने होटल में गये..

 


सभी, अपने अपने रूम में जाकर आराम करने लगे और शाम को हम सभी मिलकर, शिमला की “मॉल-रोड” घूमने गये..

इसी वक़्त, मैंने आंटी से बात की और मौका देखकर, उन्हें चुपके से किस भी कर ली..

उन्होंने थोड़ा गुस्सा दिखाया और बोला – कुछ तो शरम करो… हम मार्केट में हैं… मोहल्ले के कितने लोग हैं, कोई देख लेगा तो…

मैंने कहा – आंटी, कोई नहीं देखेगा… आप चिंता मत करो…

इस पर वो बोलीं – अगर, तुम्हारा लण्ड हर पाँच मिनट में खड़ा नहीं होता तो तुम्हारी गाण्ड पर लात मारने में मुझे पाँच सेकेंड भी नहीं लगते… तुम जवान छोकरों की यही प्राब्लम है, बड़े बेसब्र होते हो… सब्र नाम की चीज़ ही नहीं होती, बस खड़ा लण्ड लिए फिरते रहते हो…

मैंने कहा – अच्छा सॉरी… पर आंटी, ये ठीक नहीं है… आप जब देखो, मुझे धमकी देती रहती हो… मैं आपसे प्यार करता हूँ…

तो वो बोलीं – ठीक है… प्यार करता है तो ये भी सोचा कर, तेरी आंटी बदनाम हो गई तो क्या होगा… चल अब…

फिर हमने बाहर पराठें खाए और करीब 10 बजे, होटल में सोने चले गये..

मैं अपने दोस्तो के साथ वाले रूम में था और आंटी, अपनी बेटी के साथ रूम में थीं..

शिमला में हर जगह पैदाल ही चलना पड़ता है, इस वजह से सब बहुत थक गये थे और फ़ौरन सो गये..

पर, मुझे बिल्कुल नींद नहीं आ रही थी और रात का करीब एक बज गया था तो मैं आंटी के रूम पे गया..

कुछ देर नॉक किया तो आंटी बोलीं – कौन है…

मैं बोला – राजू…

उन्होंने दरवाजा खोला और मुझे देख कर कहा – इतनी रात को… उफ्फ राजू, तुम्हें समझ क्यूँ नहीं आता… यहाँ कोई देख लेगा तो… चलो, अब आ गये हो तो जल्दी से अंदर आ कर, अपनी मां चुदाओ…

इस पर मुझे थोड़ा गुस्सा आया पर मैंने खुद पर काबू कर लिया और सोचा आंटी नाराज़ हो गईं तो चूत मारने का मौका चला जाएगा..

खैर, हम अंदर गये तो उन्होंने बड़ी बेरूख़ी से पूछा – बको, क्या काम है… कौन सा कीड़ा काटा, तुम्हारी गाण्ड में अब…

मैंने बोला – क्या आंटी, आप हमेशा मुझे डांटती रहती हो… मेरे प्यार का नाजायज़ फायदा उठाती हो… मुझे तो आपकी याद आ रही थी, आंटी…

आंटी बोलीं – अच्छा… याद आ रही थी… बरसों से बिछड़ी, लैला हूँ ना मैं तेरी… 3 घंटे पहले तो, मेरे साथ था…

मैंने कहा – अब छोड़ो ना आंटी, ये सब…

फिर मैंने उन्हें किस के लिए पकड़ा तो आंटी पीछे हटी और बोलीं – राजू, मेरी बेटी जाग जाएगी…

मैं बोला – क्या आंटी, नहीं जागेगी ना… यहाँ सब नये नये शादीशुदा जोड़े आते हैं… इस ठंडी और बर्फ में चुदाई का मज़ा ही अलग आता है…

मैंने लाख मनाया, लेकिन वो नहीं मानी और कहा – या तू तुम जाओ या हमारा रिश्ता ख़तम…

मुझे झटका लग गया और मैं उन्हें मानने लगा…

बहुत देर बाद, वो मानी और कहा – ठीक है, मेरे बाप… लेकिन, सिर्फ़ एक किस और उसके बाद तू चलता नज़र आएगा…

मैंने बोला – हाँ आंटी… पक्का… और उनके होठों को अपने होठों में लेकर, चूसने लगा..

हम एक दूसरे को किस किए जा रहे थे और जल्दी ही, हमारी जीभ भी आपस में मिलने लगीं और आंटी ने अपने हाथ मेरे कंधे पर रख दिए थे और मैं भी उनके बालों मे हाथ फेरने लगा और फिर उनकी पीठ पे, तभी मैंने महसूस किया की उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी और मैं उनके मम्मे दबाने लगा..

तभी अचानक से, आंटी अलग हुईं और बोला – हो गयी, किस… चलो अब, जाओ निकालो…

मैंने बोला – आंटी, प्लीज एक और ना…

ना जाने उन्हें क्या हुआ, वो बोलीं – जाता है या चिल्ला चिल्ला कर सब को इकठ्ठा करूँ…

मैंने जाने में ही भला समझा और तुरंत चला आया और अपने कमरे में आ कर, सो गया..

अगले दिन, हम सबने ब्रेकफास्ट किया और हम शिमला का फेमस “ग्रीन वैली” देखने गये, जो की अपनी खूबसूरती के लिए वर्ल्ड में फेमस है..

वहां सबने, खूब एंजाय किया..

दिन में वहां, हम खूब घूमे और शाम को हम डिन्नर के बाद होटल के गार्डेन में अंताक्षरी खेलने लगे..

मेरा बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा था..

बस आंटी को देख कर, उन्हें चोदने का मन करे जा रहा..

मैंने मौका देखकर, उनसे कहा – आंटी, कब मिलेगा पानी पीने को… बहुत प्यास लगी है…

वो बोलीं – सब्र करो, राजू… सब्र का फल, बहुत मीठा होता है…

और फिर हम सब खेलने लगे और थोड़ी देर बाद, अपने रूम में जाकर सो गये..

मैं समझ नहीं पा रहा था की आख़िर, कब और क्या होगा..

अगले दिन, हम शिमला के सबसे उँचे पॉइंट पर “स्नो फाल” देखने गये और वहां पर भी हमने, खूब मस्ती की..

हमने वहां बर्फ के गोलों से खूब खेला और पूरा दिन वहां बिताया..

वहां बहुत ठंड थीं..

देर शाम, हमने डिनर किया और बैठकर सब बातें करने लगे और फिर हम रात में कल की तरह ही, सोने चले गये..

 


जब सुबह, हम ब्रेकफास्ट कर रहे थे तभी आंटी आईं और मेरी मम्मी और बाकी औरतों से बोला – मेरी एक सहेली रहती है, चंडीगढ़ में… वो काफ़ी दिन से मुझसे मिली नहीं है और मुझसे बहुत बोल रही है, आने को… मैंने बहुत मना किया पर मान नहीं रही है तो मैं राज को अपने साथ ले जाती हूँ… 1-2 दिन में, आती हूँ… मेरी बेटी वहां बोर हो जाएगी… आप सबके साथ, बहुत घुली मिली हुई है… अगर, आप लोगों को दिक्कत नहीं हो तो उसे यहीं छोड़ जाऊं… सबके के साथ, घूम लेगी…

मेरी माँ ने और बाकी औरतों ने, खुशी खुशी “हाँ” बोल दिया..

हमने एक कार बुक की और हम चंडीगढ़ को निकल गये..

मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था..

आख़िर, मैं आंटी से पूछ बैठा – आंटी, आख़िर हम आपकी सहेली के यहाँ क्यों जा रहे हैं…

तो आंटी बोलीं – शांत बैठे रहो…

मैंने कहा – प्लीज बताओ ना… कुछ समझ नहीं आ रहा है…

बहुत पूछने पर, वो बोलीं – अरे यार, हम मेरी सहेली के यहाँ नहीं जा रहे है… बस…

मेरा फिर दिमाग़ घूम गया..

मैं समझ नहीं पा रहा था की आख़िर हो क्या रहा है..

लगभग, 2 घंटे बाद हम चंडीगढ़ पहुँच गये और कार, एक मस्त से होटल के सामने रुकी..

जब हम अंदर गये तो वहां रिसेप्शन पर, आंटी ने अपना नाम बताया..

उन्होंने कहा – मेडम, आपका रूम बुक है..

फिर हम रूम में चले गये..

मुझे तो ये सुन कर ही सदमा लग गया की रूम बुक है..

आख़िर, रूम किसने बुक किया था और जब हम रूम में गये तो मेरी आँखें, फटी की फटी रह गईं..

क्या रूम था, यार..

एक दम बड़ा किंग साइज़ बेड, मस्त बेडरूम और बाथरूम तो पूछो मत..

एक बड़ा सा बाथ टब था और स्टीम बाथ भी था..

अब, मेरा दिमाग़ खराब हो रहा था.. आख़िर, हो क्या रहा है..

जब मैंने पूरा रूम देख लिया तो आंटी के पास गया..

वो खिड़की के पास खड़ी थीं तो मैंने पूछा – आंटी, कुछ तो बोलो… आख़िर, ये सब है क्या…

वो बोलीं – ये तेरी लिए सर्प्राइज़ है…

मैंने कहा – सर्प्राइज़…

उन्होंने बताया – देख, चुदाई मुझे भी बेहद पसंद है… तुझ से कहीं ज़्यादा… पर मैं तेरी तरह, बेसब्र नहीं हूँ… मैंने सब पहले से, डिसाइड कर लिया था और होटल भी बुक कर लिया था… मैं तुम्हें सर्प्राइज़ देना चाहती थी… हाँ, मेरी कोई सहेली यहाँ नहीं रहती… ये सब मैंने, हमारी चुदाई के लिए किया है…

ये सुनकर तो मैं खुशी से झूम उठा और आंटी को गोद में उठा लिया और बोला – ओह!! आंटी जान… हम कब तक यहाँ हैं…

तो वो बोलीं – कल रात तक… परसों सुबह, हम निकल जाएँगें वापस शिमला…

फिर, मैंने कहा – पर आंटी, ये होटल तो काफ़ी महंगा होगा…

वो बोलीं – तू क्यूँ इसकी चिंता करता है…

फिर, हम इधर उधर की बातें करने लगे और टीवी देखने लगे और फिर हमने खाना ऑर्डर किया और जब खाना आ गया तो हमने खाना खाया और बातें करने लगे..

 


थोड़ी देर आराम करने के बाद, आंटी बोलीं – राजू, मैं नहा कर आती हूँ…

मैंने बोला – ठीक है, आंटी…

और मैं खिड़की से बाहर के नज़ारे देखने लगा और सोचा – आंटी के आने के बाद, मैं भी नहा लेता हूँ…

मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और सिर्फ़ अंडरवियर में था..

तभी, आंटी नहा कर आईं..

मैं तो उन्हें देखता रह गया और आँखें, फटी की फटी रह गईं..

आंटी ने एक लाल रंग की पारदर्शी बिकनी पहनी थी और वो बिकनी इतनी छोटी थीं की उनकी गाण्ड तो उसमें आ ही नहीं रही थीं और उनकी गाण्ड की दरार में, घुसी जा रही थी..

उनके बाल, एक दम गीले थे..

मैं तो बस उन्हें देखकर, पागल हो गया था..

आंटी आईने के सामने खड़ी होकर, तैयार होने लगीं तो मैं उनके पास गया और उनके कान में बोला – आंटी, मार डालोगी क्या…

उन्होंने बोला – अच्छा जी…

मैंने कहा – हाँ जी…

फिर, मैंने पूछा – बिकनी कहाँ से आई, आंटी…

उन्होंने बोला – तुम्हें ही खुश करने के लिए खरीदी थी, मेरे बालम…

मैं बोला – और कितने सर्प्राइज़ हैं, आंटी…

तो वो बोलीं – देखते जाओ, बस…

मैं अब बेड पर लेट गया और आंटी को देखने लगा..

मेरे पूरे शरीर में, बहुत दर्द हो रहा था..

शिमला में घूमने की वजह से, बहुत थकान थी..

मैंने आंटी से बोला तो वो बोलीं – दवाई ले लो… पर मैंने मना कर दिया..

फिर वो बोलीं – अच्छा, कोई बात नहीं… मैं मालिश कर दूँ क्या…

मैं फ़ौरन बोला – हाँ, ये ठीक रहेगा… पर हमारे पास तो आयिल नहीं है…

उन्होंने रिसेप्शन पर फोन किया और मसाज आयिल मंगवा लिया..

थोड़ी ही देर में आयिल आ गया तो आंटी बोलीं – चलो अब, नीचे फर्श पे लेट जाओ…

मैं लेट गया..

आंटी ने हाथ में तेल ले कर, मेरी पीठ पर लगाना शुरू कर दिया..

आंटी के मुलायम हाथों का स्पर्श, मुझे बहुत अच्छा लग रहा था..

फिर, आंटी ने पहले मेरे हाथों की मालिश की और फिर, टाँगों की शुरू कर दी..

जैसे जैसे, मेरी जांघों के पास पहुँची मेरी दिल की धड़कन तेज़ होने लगीं..

मेरा लण्ड धीरे धीरे, हरकत करने लगा..

अब आंटी पाँव पर और लण्ड के चारों तरफ, जांघों पर मालिश करने लगीं.

मेरा लण्ड, बुरी तरह से फनफ़नाने लगा..

लण्ड अंडरवियर से, उभर कर बाहर आ रहा था..

आंटी से ये छुपा नहीं था और उनका चेहरा लाल हो गया था..

 


आंटी उभार को देखते हुए बोलीं – राज, लगता है तेरा अंडरवियर फट जाएगा… क्यों क़ैद कर रहा है, बेचारे को… आज़ाद कर दे, इसे और यह कहा कर वो हंस पड़ीं..

मैंने कहा – आप ही, आज़ाद कर दो ना आंटी…

आंटी बोलीं – ठीक है, क्यूँ नहीं… मैं तो लण्ड की दीवानी हूँ… और आंटी ने मेरा अंडरवियर नीचे खींच दिया..

अंडरवियर से आज़ाद होते ही, मेरा 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लण्ड किसी “काले कोबरा” की तरह फनफ़ना कर खड़ा हो गया..

आंटी की आँखें फटी रह गयीं और वो बोलीं – एक बात तो है, कितनी बार देख चुकी हूँ तुम्हारा लण्ड पर फिर भी क्यों, जब भी देखो बड़ा ही लगता है…

मैं बोला – ये सब छोड़ो ना, आंटी… आप इसकी भी मालिश कर दो ना…

अब आंटी ने ढेर सा तेल हाथ में लेकर, खड़े हुए लण्ड पे लगाना शुरू कर दिया..

वो बड़े ही प्यार से लण्ड की मालिश करने लगीं और मेरे सुपाड़े से खेलने लगीं..

अचानक, वो तेल से सनी एक उंगली मेरी गाण्ड के आस पास घुमाने लगीं और एकदम से, उन्होंने उंगली मेरी गाण्ड में घुसा दी..

मैं चिल्ला पड़ा – आंटी स स स स स… नहीं स स स स स…

तब वो, एक हाथ से मेरा लण्ड हिला रही थी और दूसरे हाथ की उंगली से मेरी गाण्ड मार रही थीं..

सच कहूँ तो कुछ देर बाद, मुझे मज़ा आने लगा और मैं भी किसी लड़की की तरह अपनी गाण्ड उठाने लगा..

अब आंटी ने मुझे पलट कर, कुत्ते जैसे होने को बोला..

मेरी गाण्ड का छेद, अब आंटी के सामने था..

इस पोज़ में आते ही, आंटी पीछे से हाथ डाल कर एक हाथ से मेरा लण्ड का मूठ मारने लगी और पहले एक, फिर दो उंगलियों से ज़ोर ज़ोर से मेरी गाण्ड मारने लगीं..

मुझसे रहा नहीं गया और मेरे लण्ड ने बहुत ज़ोर से पिचकारी मारी..

आंटी ने मुझे फिर सीधा किया और मेरे लण्ड को चूमा और मुझे एक चाँटा मारा और बोला – मज़ा आया, अपनी गाण्ड मरवाने में…

मैंने बोला – सच में, आंटी… बहुत मज़ा आया… पर मुझे डर भी लग रहा है की कहीं मैं “गे” तो नहीं बन जाऊंगा…

आंटी बोलीं – चल पागल… हो गई, मालिश… चल, अब नहा ले… और सुन गाण्ड ठीक से धोया कर, सुबह… और, वो हंस पड़ीं..

मैं बोला – क्या आंटी, आप भी… लेकिन, अभी नहाना कहाँ… अब आप तो लेटो, मैं भी तो आपकी मालिश कर दूँ…

वो बोलीं – नहीं, मुझे नहीं करानी मालिश वालिश और वैसे भी मैंने नहा लिया है…

मैं आंटी को मानने लगा… रिक्वेस्ट करने लगा…

कुछ देर बाद, आंटी मान गईं और उल्टा लेट गईं..

मैं आंटी की टाँगों के बीच में बैठ कर, उनकी पीठ पर तेल लगाने लगा..

मेरे उनके मम्मे के आस पास मालिश करने से, वो गरम हो रही थीं..

फिर, मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और पीछे से ही बारी बारी मैं उनके मम्मे को मसलने लगा..

आंटी, जो “सिसकारियों की रानी” थीं के मुँह से तुरंत ही सिसकारियाँ निकलने लगीं..

वो आँखें मूंद कर, लेटी रहीं..

खूब अच्छी तरह मम्मे को मसलने के बाद, मैंने उनकी टाँगों पर तेल लगाना शुरू कर दिया..

जैसे जैसे तेल लगता जा रहा था, आंटी की साँसे तेज़ होने लगीं थीं..

मैं उनकी गोरी गोरी मोटी जांघों के पीछे बैठ कर, बड़ी प्यार से मालिश कर रहा था..

कुछ देर बाद, मैं उनकी गाण्ड दबाने लगा.. और फिर ज़ोर ज़ोर से, उनकी गाण्ड पर बारी बारी से चांटे मारने लगा..

वो बोलीं – बहन चोद स स स… आराम से…

फिर मैंने आंटी को सीधा किया और उनके मम्मे की मालिश करने लगा और उनके निप्पल मसलने लगा..

आंटी ने सिसकारियाँ लेते हुए, मेरे लण्ड को पकड़ लिया और ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगीं..

कुछ देर बाद, मैं उनकी जांघों के बीच में बैठ गया और उनकी पैंटी खींच कर निकाल दी और मैं उनकी टुंडी और चूत के ऊपरी हिस्से पर मालिश करने लगा..

जैसे ही मैंने आंटी की चूत के अंदर उंगलियाँ डाल कर मालिश की तो आंटी की साँसें और तेज़ हो गयीं और वो – इयाः या या या या या या या या या या या… करके सिसकारियाँ लेने लगीं..

अचानक, उन्होंने मुझे अपने नीचे किया और धक्का देकर लिटा दिया और ठीक मेरे लण्ड पर मूतने के पोज़ में बैठ गई..

एक ही पल में, आंटी की चूत से बेहद गरम धार, सीधे मेरे खड़े लण्ड पर गिरने लगी, और आंटी ज़ोर से बोलीं – हिला, अपना लण्ड…

आंटी की गरम गरम मूत मेरे लण्ड पर गिर रही थी और मैं ज़ोर ज़ोर से अपना लण्ड हिला रहा था..

आंटी की चूत में इतनी गरमी थी की ऐसा लगा की मेरी फिर से पिचकारी निकल जाएगी.. पर तभी आंटी की टंकी खाली हो गई..

उफ्फ!! क्या ग़रम मूत थी, आंटी की.. मज़ा आ गया था, कसम से.. अपना लण्ड उनकी मूत से नहलाने में..

जिस तरह आंटी ऊपर आईं थीं, ठीक उसी तरह आंटी ने मुझे फिर ऊपर कर लिया..

फिर मुझसे भी रहा ना गया और मैंने भी अपना लण्ड तुरंत आंटी की चूत पर टीकाया और ज़ोर से धक्का दिया..

लण्ड पर तेल लगे होने की वजह से, आंटी की चूत में मेरा लण्ड एक बार में समा गया और आंटी चीख पड़ीं – राजू, मर ग यइ स स स… उंह ह ह ह ह ह… अहह आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ… उईई माह ह ह ह ह ह स स स स स… आह आह आह… आह आह आह आह आह आह… इयाः या या या या या या या या या या या…

 


मैं आंटी को लीप किस करने लगा और उनके मम्मे दबाने लगा..

फिर मैंने एक झटका और लगाया तो आंटी बोलीं – मादार चोद द द द द द स स स स s s s… मार डालेगा, क्या या या आह आ आ आ ह ह ह ह ह… हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ… माँ की चूत… चोद, अपनी आंटी को… बना दे, मुझे कुतिया… चोद दद चोद द दद चोद द द दद चोद द द द दद चोद द द द द द द द द द द…

पूरा कमरा, फ़च फ़च की आवाज़ से गूँज रहा था..

करीब आंटी को 4-5 मिनट तक चोदने के बाद, मैं झड़ने वाला था तो आंटी से बोला – बहन के लौड़ी, मैं आ रा हूँ…

आंटी बोलीं – तो आ ना, भोसड़ी के… निकाल दे, अपना गरमा गरम मूठ… आ, जल्दी आ…

और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और बहुत ज़ोर ज़ोर से शॉट लगाने लगा..

अब आंटी की गालियाँ और सिसकारियाँ और तेज़ हो गईं – मादार चोद स स स स स… तेरी माँ का भोसड़ा… और ज़ोर से… चोद चोद चोद… और तेज़… और तेज़… आह आह आह आह आह आह अहह अहह… अहह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह आ न न न ह ह ह… राजू र र र र र र र र र र…

और… मैं झड़ गया और थक कर उनके बगल में लेट गया..

फिर, मैंने उनसे बोला – आंटी, मज़ा आ गया आज तो… आपको कैसा लगा…

आंटी बोलीं – राजू, तू तो बड़ा शिकारी हे रे…

इस पर मैं, ज़ोर से हंस पढ़ा..

फिर, मैंने टाइम देखा तो रात के 10 बज रहे थे..

आंटी उठीं और नहाने चली गईं और मैंने खाना ऑर्डर किया और आंटी के आने के बाद, मैं भी नहाने चला गया..

हमने खाना खाया..

फिर, हम बेड पर लेट गये और टीवी देखने लगे..

आंटी सिर्फ़ गाउन में थीं और मैं सिर्फ़ अपनी अंडरवियर में था और हम टीवी देख रहे थे..

रात के करीब एक बज रहे थे तो टीवी पर कुछ ख़ास नहीं आ रहा था तो मैंने टीवी बंद कर दिया..

फिर, मैंने आंटी को अपनी तरफ खींचा और उन्हें किस करने लगा..

हम एक दूसरे को किस किए जा रहे थे और कुछ ही देर में, हमारी जीभ भी मिलने लगी थीं..

लगभग 10 मिनट बाद, हम अलग हुए और हम ज़ोर ज़ोर से हांफने लगे..

थोड़ी देर बाद, मैं अब उनके चेहरे और गाल पर किस करने लगा और उनके गाउन के ऊपर से ही, उनके मम्मे दबाने लगा.

आंटी की साँसें तेज़ हो रही थीं और मैंने उनका गाउन खोल दिया..

आंटी के छोटे छोटे निप्पल देख कर, बस मज़ा आ गया और मैंने बिना देर किए, उन्हें मुंह में लेकर चूसने लगा..

अपनी आदत से मजबूर होकर, जैसे ही मैंने निप्पल काटा तो आंटी चीखीं – राजू र र र र र स स स स्स…

फिर मैं उनके दूसरे मम्मे की निप्पल चूसने लगा और उसे भी काट लिया..

आंटी फिर चीखीं और बोलीं – मादर चोद… अब कटेगा तो तेरी गाण्ड में पूरा डंडा घुसा दूँगी, गान्डू…

मैं हंसने लगा और फिर उनके दोनों मम्मे दबाने लगा और आंटी सिसकारियाँ निकालने लगीं – उफ्फ फ फ फ फ फ याह: धीरे… आह आह आह आह आह आह… उन्म उन्हम्म…

फिर, मैं आंटी की टुंडी पे किस करने लगा और उनकी पूरे जिस्म को चूमने और चाटने लगा..

अब मैं उनके पैरों में गया और उनके पैरों को चाटने लगा और फिर धीरे धीरे उनकी जांगों को चूमा और फिर उनकी चूत पर आ गया..

मैं उसकी खुशबु से पागल हो रहा था और मैंने उस पर जैसे ही जीभ रखी आंटी सिसकारियाँ लेने लगीं और बोलने लगीं – इयाः राजू स स स स… मूत ना, मेरी चूत पर… अहह… उन्ह उंह…

मैंने अपना लण्ड आंटी की चूत की तरफ किया और बोला – कोशिश करता हूँ, आंटी…

आंटी बोलीं – नहीं स स स स स, कोशिश नहीं ह ह ह ह ह, मूत ना… मार अपनी गरम गरम मूत की धार मेरी चूत पर… याहह माह इसस्स… आँह… इस्स… उन्हम म्म…

मैंने थोड़ी कोशिश की और मेरे लण्ड से मूत की धार, सीधे आंटी की चूत के छेद पर गिरने लगी..

आंटी ने अपनी चूत थोड़ी उँची की और ज़ोर ज़ोर से अपनी चूत को रगड़ने लगीं..

मेरी पूरी मूत, उनकी चूत के अंदर जा रही थी..

अपनी टंकी खाली करते ही, आंटी ने मेरा सिर पकड़ कर अपनी चूत में घुसा दिया और ज़ोर से सिसकारी ले कर बोलीं – चाट…

मेरा सिर आंटी ने पूरे ज़ोर से दबा रखा था और ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ ले रहीं थीं – उन्हया… माँ के लौड़े, चाट… आँह आ आ आ आ इनहया… तेरी माँ का भोसड़ा, चाट… आहह उन्ह ह ह ह ह ह… नहीं तो सब को चिल्ला कर बुला लुंगी और बताउंगी की तू मेरा रेप कर रहा है… चाट स स स स स, बहन चोद द द द द द… तेरी माँ की चूत, चाट ह ह ह ह ह… और वो मेरा सिर चूत में ज़ोर ज़ोर से दबाने लगीं..

 
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