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Guest
मैं बहुत खुश हुआ और जल्दी से खाना खा कर, अपने घर पर कह दिया की मैं अपने दोस्त के यहाँ जा रहा हूँ, सोने… और, मैं बाहर आ गया और मार्केट चला गया..
वहाँ से मैंने कंडोम और डेरी मिल्क सिल्क ले ली, आंटी के लिए और आंटी के फोन का वेट करने लगा..
थोड़ी देर बाद, आंटी का कॉल आया और कहा – राजू, मैंने दरवाजा खोल रखा है… जल्दी से आ जाओ…
मैं बोला – ठीक है… और मौका देखकर, आंटी के घर में चला गया..
आंटी ने जल्दी से दरवाजा बंद किया और मुझसे कहा की ज़रा भी आवाज़ नहीं करना और मेरा हाथ पकड़ के चल दी..
पूरे घर में अंधेरा था और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था तो तभी आंटी ने एक कमरे का ताला खोला और हम उसमें चले गये..
वहाँ आंटी ने लाइट चालू की तो मैंने देखा की वो आंटी का स्टोर रूम था पर ये स्टोर रूम कम हनिमून स्वीट, लग रहा था..
यहाँ आंटी ने एक गद्दा बिछा रखा था, उस पर लाल गुलाब पड़े थे, मोमबती रखी थीं और एक गिलास दूध भी था और एक छोटी बोटल रखी थीं..
मुझे कुछ समझ नहीं आया की ये बोटल किस की है तो आंटी से पूछने क लिए पीछे मुड़ा तो मैं तो दंग रह गया..
आंटी क्या लग रही थीं..
एक दम गरमा गरम और सेक्स की मूरत लग रही थीं..
उन्होंने वही साड़ी पहनी थीं, जो मैंने गिफ्ट की थी और बैकलेस ब्लाउज..
बाल खुले हुए और वो कातिल कमरधनी देख कर तो मुझसे रहा ही नहीं जा रहा था..
फिर, भी मैंने कंट्रोल करके आंटी से पूछा – आख़िर, ये सब आपने किया कैसे…
आंटी बोलीं – उनके सारे घर वाले गरमी में छत पर ही सोते है तो उन्होंने उनके पति के दूध के गिलास में नींद की गोली डाल दी, जिससे वो रात भर सोते रहें..
मैं बोला – लेकिन, आपकी बेटी…
वो बोलीं – वो तो सुबह 7 बजे तक उठती है… तब तक, सिर्फ़ हम दोनों हैं…
मैंने कहा – वाह!! आंटी मान गया, आपको… क्या सर्प्राइज़ दिया है, आपने…
फिर मैंने पूछा – बाकी, सब तो ठीक है पर वो एक बोटल किस चीज़ की है…
वो बोलीं – सरसों के तेल की…
मैं बोला – पर क्यों…
तो वो बोलीं – तुम गाण्ड तो मरोगे, नहीं ना…
मैं बोला – क्यों नहीं मारूँगा…
आंटी बोलीं – तेल लगाकर मारना… जिससे दर्द कम होगा और आवाज़ भी कम होगी…
मैं बोला – ठीक है, आंटी…
और, आंटी ने सारी मोमबती जला दी और लाइट बंद कर दी और मेरे पास आकर, मेरे चेहरे पे हाथ फेरते हुए बोलीं – राजू, सालगिरह मुबारक हो…
अब मैं भी जोश में आने लगा और आंटी के होंठ पे हाथ फेरते हुए बोला – तुम्हें भी, आंटी जान… और, उन्हें डेरी मिल्क दी और कंडोम निकाल कर साइड में रखे..
आंटी बोलीं – वाह यार, आज तुम्हें कंडोम लाना याद रहा…
मैं बोला – हाँ आंटी ले आया…
आंटी बोलीं – वेरी गुड…
फिर क्या था..
मैं आंटी के पास गया और उन्हें नीचे बेड पे बैठाया तो आंटी बोलीं – पहले दूध तो पी लो… और, उन्होंने अपने हाथ से मुझे दूध पिलाया..
फिर, मैंने उनके कान पे होंठ फेरने लगा..
अब, आंटी सिसकारी निकालने लगीं – आ आह उन्म उःमह… और, फिर मैंने आंटी के होंठ को चूसने लगा और आंटी भी मेरा साथ देने लगीं..
फिर करीब 5 मिनट बाद, हमने किस छोड़ी तो हम दोनों हाँफने लगे..
आंटी बोलीं – राजू, जान निकाल दी, एक किस ने ही… अभी तो पूरी रात बाकी है…
मैं बोला – बस, आप अब देखती जाओ…
फिर, मैं आंटी के पूरे चेहरे पर किस करने लगा और ऊपर से मम्मे दबाने लगा..
आंटी की साँसें, तेज़ चलने लगीं..