• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

आखिरी शिकार complete

साया गली का मोड़ काट गया और राज की दृष्टि से ओझल हो गया ।

राज तेजी से गली के दहाने की ओर भागता रहा।

उसी क्षण कोई घूमा और गली में प्रविष्ट हुआ ।

कोई गली में भीतर की ओर बढ़ रहा था ।

राज तेजी से उसकी बगल से गुजर गया ।

"मिस्टर राज !" - उसके कानों में एक स्त्री स्वर पड़ा।

राज तब तक गली के दहाने पर पहुंच चुका था । उसने चारों और दृष्टि दौड़ाई । जिस साये के पीछे भागता हुआ वह वहां पहुंचा था, वह कहीं गायब हो चुका था। राज ने घूमकर गली के भीतर देखा ।

जिस आकृति ने कुछ क्षण पहले गली में कदम रखा था, वह उसकी ओर बढ रही थी। वह आकृति समीप आई तो राज को उसकी सूरत दिखाई दी।

वह रोशनी थी।

वह एक लम्बा ओवरकोट पहने थी और उसके कटे हुये बालों पर रुमाल बन्धा हुआ था ।

राज हांफता हुआ उसके समीप खड़ा रहा ।

"क्या बात है ?" - रोशनी ने पूछा ।

"तुमने अभी किसी आदमी को भागते हुये गली से बाहर निकलते देखा था ?" - राज ने हांफते हुये पूछा।

"हां ।" - रोशनी बोला - "क्यों?"

"तुमने उसकी सूरत देखी ?"

"नहीं | कौन था वह ?"

"मुझे नहीं मालूम लेकिन अभी थोड़ी देर पहले उसने मिलर की हत्या कर दी है ।"

"क्या ?" - रोशनी आश्चर्यपूर्ण स्वर से बोली

और गली के भीतर की ओर लपकी ।

राज ने उसकी बांह थाम ली ।

"वहां जाने का कोई फायदा नहीं ।" - राज जल्दी से बोला - "उस आदमी ने मुझ पर भी गोली चलाई थी । सम्भव है गोली की आवाज किसी पड़ोसी ने सुनी हो और उसने अब या पहली गोली चलने पर पुलिस को फोन कर दिया हो । पुलिस यहां किसी भी क्षण पहुंच सकती है और मैं पुलिस की निगाहों में नहीं आना चाहता

“मैं भी।" - रोशनी बोली।

दोनों तेजी से गली से बाहर की सड़क पर बढ़ चले।

राज ने समीप से गुजरती एक टैक्सी को हाथ देकर रोका । दोनों उस पर सवार हो गये ।

टैक्सी चल पड़ी।

"क्रामवेल रोड ।" - राज के कुछ कहने से पहले ही रोशनी बोल पड़ी ।

उसी क्षण उनके कान में फ्लाईंग स्क्वायड के सायरन का आवाज पड़ी।

रोशनी ने राज की ओर देखा और शान्ति की सांस ली।

"तुम यहां कैसे ?" - राज ने हिन्दोस्तानी में पूछा।

"तुम्हारी वजह से ।" - रोशनी बोली - "मैं मिलर से यह पूछने आई थी कि तुम आये या नहीं ! हमारा ख्याल मिलर को तुम्हारे होटल भेजने का था । तुमने इतनी देर क्यों की ?" राज ने उसे शुरू से आखिर तक सारी घटना कह सुनाई।

"जो आदमी तुम्हें क्राफोर्ड के रूप में मिला था" - सारी दास्तान सुन चुकने के बाद रोशनी बोली - "वही तौफीक इस्माइल के पास ज्योति विश्वास का पत्र लेकर आया था ।"

 
"जाहिर है । उसका हुलिया ऐसा है कि वह अपने आपको छुपाना भी चाहे तो वह नहीं छुप सकता ।" - राज बोला।

"मिस्टर राज" - रोशनी हताशापूर्ण स्वर से बोली - “जार्ज टेलर हमें कदम-कदम पर मात दे रहा है । मिलर इस महानगर में हमारा इकलौता मददगार था ।"

"तुम्हारे ख्याल से मिलर की हत्या जार्ज टेलर ने की है?"

"और कौन कर सकता है !"

"लेकिन उसे मिलर के निवास स्थान का पता कैसे लगा ?"

"भगवान जाने । पिछली रात जो लोग तुम्हारा पीछा कर रहे थे, शायद मिलर उनको डॉज देने में सफल नहीं हो सका ।"

"शायद ।" - राज ने स्वीकार किया ।

"भाग्य की कैसी विडम्बना है कि जिस आदमी को हम हर जगह तलाश करते फिरते हैं, वह उस गली में मेरी बगल से भागता हुआ गुजर गया

और मुझे खबर नहीं हुई ।"

राज चुप रहा।

कई क्षण कोई कुछ नहीं बोला ।

फासला कटता रहा।

"अगर वह आदमी जार्ज टेलर था" - एकाएक राज बोला - "तो मैंने उसकी आवाज सुनी थी

"क्या ?" - रोशनी चौंककर बोली - "तुमने पहले नहीं बताया ।"

"पहले मैंने उस आवाज को महत्व नहीं दिया था ।" - राज धीरे से बोला - "लेकिन अब मुझे अनुभव हो रहा है कि वह बड़ी विशिष्ट आवाज थी और उस आवाज का स्वामी अपनी आवाज की विशिष्टिता की वजह से लाखों में पहचाना जा सकता है ।"

"तुमने एक भर्राया हुआ, धीमा लेकिन स्पष्ट स्वर सुना था ?" - रोशनी उत्तेजित स्वर से बोली ।

“हां ।" - राज बोला।

"वह शर्तिया जार्ज टेलर था । तुमने जार्ज टेलर की ही आवाज सुनी थी । उसके गले में एक बार गोली लगी थी जिसकी वजह से उसकी वोकल कार्ड्स में नुक्स आ गया है । वह चाहकर भी अपने गले से भर्राहट से ऊंची आवाज नहीं निकाल सकता । अगर वह ऊंचा बोलने की कोशिश करता है तो आवाज उसके गले में घुटकर रह जाती है।"

"फिर तो वह निश्चय ही जार्ज टेलर था ।" - राज बोला।

“और तुमने उसे गली में भागते देखा ही था ।" - रोशनी बोली - "वह दुबले पतले शरीर का कद में साधारण से बहुत छोटा आदमी है।"

"करैक्ट !" - राज उस साये का आकार याद करता हुआ बोला जो उसने गली में भागते देखा था । '

"इस बात में सन्देह की तनिक भी गुंजाइश नहीं है कि मिलर की हत्या जार्ज टेलर ने की है ।"

राज चुप रहा।

"हे भगवान !" - रोशनी होंठों में बुदबुदाई - "यह हत्यारा कब हमारे हाथों में आयेगा ?"

"हम कहां जा रहे हैं ?" - राज ने पूछा ।

"जान फ्रेडरिक और अनिल साहनी के पास । इस आशा के साथ कि तुमने हमारी सहायता करने का फैसला कर लिया है।"

 
"जाहिर है ।" - राज बोला - "इसीलिये तो मैंने लन्दन से एक बार निकाले जाने के बावजूद अनाधिकृत रूप से दुबारा लन्दन में कदम रखने का खतरा उठाया है।"

"थैक्यू !" - रोशनी कृतज्ञतापूर्ण स्वर में बोली - "थै क्यू वैरी मच, मिस्टर राज । वुई आर रीयली ग्रेटफुल टु यू ।" राज चुप रहा।

टैक्सी क्रामवैल रोड पर पहुंची । रोशनी के संकेत पर ड्राइवर ने टैक्सी एक स्थान पर रोक दी ।

दोनों टैक्सी से बाहर निकल आये । रोशनी ने टैक्सी का किराया अदा किया और राज को अपने साथ आने का संकेत किया ।

एक इमारत के सामने रोशनी रुकी । उसने द्वार में चाबी लगाकर ताला खोला, द्वार को धक्का दिया

और राज को भीतर प्रविष्ट होने का संकेत किया ।

राज के पीछे रोशनी भी भीतर प्रविष्ट हुई । उसने अपने पीछे फिर द्वार को ताला लगा दिया ।

वे एक कमरे में पहुंचे।

भीतर जान फ्रेडरिक और अनिल साहनी बैठे थे। उनके चेहरों पर थकान के चिन्ह थे ।

रोशनी और राज को देखकर उनके चेहरे चमक उठे।

"वैलकम !" - जान फ्रेडरिक अपने स्थान से उठता हुआ बोला - "वैलकम, मिस्टर राज ।"

राज ने उससे और अनिल साहनी से हाथ मिलाया।

सब दोबारा बैठ गये।

"मिलर दूसरी दुनिया में पहुंच गया है ।" - रोशनी धीरे से बोली - "और संयोगवश मिस्टर राज का सामना जार्ज टेलर से हो चका है । मिस्टर राज टेलर का शिकार बनने से बाल-बाल बचे

"मिलर इज डैड ?" - जान फ्रेनरिक होंठों में बुदबुदाया । उसका चेहरा गहरी उदासी के भावों में डूब गया ।

"लड़का हमारी वजह से जान से हाथ धो बैठा ।" - अनिल साहनी धीरे से बोला ।

"क्या हुआ था ?" - जान फ्रेडरिक ने पूछा ।

राज ने धीरे-धीरे उसे सारी घटना कह सुनाई । "तुमने जार्ज टेलर की सूरत नहीं देखी ?" - सारी बात सुन चुकने के बाद जान फ्रेडरिक बोला ।

राज ने नकारात्मक ढंग से सिर हिला दिया ।

 
"लेकिन जार्ज टेलर की आवाज सुनना भी उसकी सूरत देखने जैसा ही है | अच्छा है तुम जार्ज टेलर की एक विशिष्टता से पहले ही परिचित हो चुके हो । उसके बारे में बाकी बातें भी सुनो ।"

"आप लोगों के पास उसकी कोई तस्वीर है ?" - राज ने पूछा।

"नहीं।"

"आई सी।"

"लेकिन मैं उसका हुलिया और आदतें बयान कर सकता हूं | जैसे कद पांच फुट छ: इंच | रंगत मेरे जैसी लेकिन चेहरे पर नाक के आसपास भूरे चकत्ते । आंखें नीली, बाल भूरे, पतले होंठ, ऊंचा माथा, एकदम चपटे कान, मोटी गरदन, गरदन पर गोली के घाव का निशान । दोषयुक्त आवाज के अतिरिक्त जब वह क्रोधित होता है तो वह अपने दायें हाथ की मुट्ठी बांध कर उसे अपने बायें हाथ की हथेली पर रगड़ने लगता है।"

"यूं |" - अनिल साहनी जान फ्रेडरिक का बयान किया हुआ एक्शन दोहराता हुआ बोला ।

"और जब वह बहुत प्रसन्न होता है तो दोनों हाथों की हथेलियां एक दूसरी से रगड़ने लगता है।"

"यूं ।" - अनिल साहनी ने वह एक्शन भी दोहराया।

"वह कभी हंसता या मुस्कुराता नहीं" - जान फ्रेडरिक बोला - "और उसका रिवाल्वर का निशाना बहुत सच्चा है।"

"मैं नमूना देख चुका हूं ।" - राज बोला | उसे याद आया कि कैसे जार्ज टेलर ने उसकी आवाज सुनकर उस पर फायर कर दिया था और गोली उसके गाल को छूती हुई गुजर गयी थी । निपट अन्धकार में केवल आवाज सुनकर इतना बढिया निशाना हर कोई नहीं लगा सकता ।

"अब मैं आपको बताता हूं कि हमारे साथी तांग पेई और जे सिंहाकुल किन सूत्रों के आधार पर जार्ज टेलर तक पहुंचे थे ।" - जान फ्रेडरिक बोला।



मैं सुन रहा हूं।" - राज बोला ।

"जार्ज टेलर आदतन अपने बारे में ज्यादा बात नहीं करता था लेकिन फिर भी वर्षों के सहयोग की वजह से उसकी बताई कुछ निजी बातें हम लोगों को याद रह गई हैं, जैसे उसने तांग पेई को बताया था कि वैस्टमिनिस्टर ब्रिज रोड पर उसकी

एक चाची रहती है । अगर वह मर जाये या शत्रुओं के हाथों में पड़ जाये तो इस बात की सूचना उसकी चाची मिसेज टेलर तक जरूर पहुंचा दी जाये । लन्दन आते ही तांग पेई उसकी चाची से मिलने गया था और शायद वहीं जार्ज टेलर से उसका आमना-सामना हो गया था । अगली सुबह तांग पेई की लाश टेम्स नदी में तैरती पाई गई थी।"

कोई कुछ नहीं बोला।

"उसी प्रकार जे सिंहाकुल को याद था कि जार्ज टेलर ने एक बार अपनी एक प्रेमिका का जिक्र उससे किया था । उसका नाम मेरी शरमन था। मेरी शरमन सोहो के जार्ज एण्ड ड्रेगन नाम के रेस्टोरेन्ट में वेट्रेस थी और साथ ही ग्राहकों को

आसानी से हासिल हो जाने वाली काल गर्ल थी । जे सिंहाकुल उसके पीछे गया था और अगले दिन विम्बलडन कामन के समीप रेलवे लाइन पर उसकी कटी हुई लाश पाई गई थी | मिस्टर राज, ये दोनों सूत्र अभी भी जार्ज टेलर की तलाश में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। केवल आपको तांग पेई और जे सिंहाकुल से कई गुणा अधिक सावधानी बरतनी पड़ेगी।"

"मैं सावधान रहूंगा ।"

"आपके पास अपनी सुरक्षा के लिये कोई शस्त्र है ?"

"नहीं ।" - राज बोला। जान फ्रेडरिक न अनिल साहनी को संकेत किया

अनिल साहनी ने अपनी जेब से एक रिवाल्वर निकालकर राज की ओर बढा दी । राज ने देखा कि वह एक छोटी-सी ब्रेटा रिवाल्वर थी।

 
राज ने रिवाल्वर को अपनी पतलून की जेब में रख लिया ।

“आप ठहरे कहां हैं ?" - रोशनी ने पूछा।

"कैलवर्ली गैस्ट हाउस में ।" - राज ने बताया ।

"आप चाहें तो यहां आकर हमारे साथ रह सकते हैं ।" - जान फ्रेडरिक बोला |

"मैं इस बारे में सोचूंगा ।" - राज बोला और उठ खड़ा हुआ - "मैं अब इजाजत चाहूंगा ।"

अनिल साहनी ने एक कागज उसकी ओर बढा लिया । '

"इस पर मिसेज टेलर और मेरी शरमन का पता लिखा हुआ है ।" - वह बोला ।

राज ने कागज ले लिया और उसे तह करके अपनी जेब में रख लिया ।

"और मिस्टर राज" - जान फ्रेडरिक बोला - "मुझे बताने की जरूरत नहीं कि आपने जार्ज टेलर से ज्यादा सावधान उस आदमी से रहना है जिसने अपना नाम इन्स्पेक्टर क्राफोर्ड बताया था क्योंकि कथित इन्स्पेक्टर क्राफोर्ड आपको सूरत से जानता है लेकिन जार्ज टेलर एक बार मिलर के घर में आमना-सामना हो जाने के बावजूद आपको सूरत से नहीं जानता ।"

"मैं सावधान रहूंगा।"

"हम लोग गॉड आलमाइटी से आपकी कामयाबी की दुआ करेंगे ।" - जान फ्रेडरिक अपनी इकलौती बांह ऊपर की ओर उठाता हुआ बोला

राज चुप रहा।

जार्ज एण्ड ड्रैगन लन्दन के नगरवधुओं के इलाके सोहो का एक बड़ा आधुनिक और विशाल रेस्टोरेंट था।

जिस समय राज वहां पहुंचा उस समय रात के दस बजे थे और वहां बहुत भीड़ थी।

राज बड़ी कठिनाई से अपने लिये एक छोटी सी टेबल तलाश कर पाया ।

एक वेटर उसके समीप आ खड़ा हुआ ।

राज ने उसे सिर से पैर तक देखा और फिर बड़े सन्तुलित किन्तु धीमे स्वर से बोला - "अगर मैं तुम्हें एक पाउन्ड टिप दूं तो क्या तुम ऐसा इन्तजाम कर सकते हो कि मुझे मेरी शेरमन सर्व करे?"

जितनी सावधानी से राज ने वेटर का मुआयना किया था उतनी ही सावधानी से वेटर ने राज का मुआयना किया।

"सीरियस ?" - वेटर बोला ।

"वन हन्ड्रेड परसैन्ट ।"

“बिजनेस ?"

"यस ।"

“आप उसे पहले से जानते हैं?"

"नहीं । सिर्फ जिक्र सुना है । एक दोस्त ने बताया था ।"

"मैं कोशिश करूंगा।" “एक लार्ज गिमलेट लाओ।" - राज ने ऑर्डर दिया।

वेटर वहां से विदा हो गया। राज ने एक सिगरेट सुलगा लिया और प्रतीक्षा करने लगा।

उसने आसपास दृष्टि दौड़ाई । रेस्टोरेन्ट में वेट्रेस कई थीं और सभी खूबसूरत थीं । केवल अनुमान से यह जान पाना सम्भव नहीं

था कि उनमें से मेरी शेरमन कौन थी ।

पांच मिनट बाद वेटर उसका ऑर्डर ले आया । उसने बिल राज के सामने रख दिया ।

 
राज ने बिल की रकम में एक पाउन्ड टिप जमा करके बिल अदा कर दिया ।

वेटर वहां से विदा हो गया । राज शराब की चुस्कियां लेने लगा। कुछ मिनट बाद एक वेट्रेस उसके समीप पहुंची ।

राज ने सिर उठाकर उसे देखा ।

वह एक लगभग पच्चीस साल की बेहद सुन्दर और सुडौल लड़की थी और उसके नेत्रों में शराफत की चमक थी।

"मेरी?" - राज ने धीरे से पूछा ।

"एट योर सर्विस, सर ।" - मेरी तनिक सिर नवाकर बोली।

राज ने गिमलेट की ओर संकेत किया और बोला - "दूसरा ।"

पांच मिनट बाद मेरी राज का आर्डर ले आई। वह साथ बिल नहीं लाई थी।

"खाने का ऑर्डर ?" - उसने पूछा ।

"खाना तो मैं तुम्हें चाहता हूं ।" - राज बोला ।

"लेकिन मैं तो बहुत महंगी आइटम हूं।"

"कोई बात नहीं । मेरे पास बहुत धन है । और मैं बिल्कुल अकेला हूं।"

“यह डिश आपको रात के एक बजे से पहले सर्व नहीं हो सकती ।"

“मैं इन्तजार करूगा ?"

"लेकिन मैं ही क्यों ?"

"किसी ने सिर्फ तुम्हारी तारीफ की है ।" "ओके । एक बजे से पहले खाने के लिये क्या लाऊं?"

“जो तुम ठीक समझो ।"

मेरी उसके लिये तीसरा गिमलेट और तली हुई मछली ले आई।

राज धीरे-धीरे शराब पीता रहा और मछली खाता रहा।

ग्यारह बज गये।

मेरी उसके लिये रशियन सलाद ले आई । “मैं इन्तजार के लिये यहां से बेहतर जगह बता सकती हूं।"

"बताओ।"

"मेरे घर चले जाओ।"

"ओके ।"

मेरी वहां से हट गई। राज खाने में जुट गया ।

साढे ग्यारह बजे मेरी बिल ले आई । बिल ट्रे में रखा था । राज ने बिल की ओर हाथ बढाया । उसकी उंगलियां बिल के नीचे पड़ी किसी चीज से टकराई।

राज ने बिल के साथ उसके नीचे रखी चीज भी उठा ली।

वह एक चाबी थी।

राज ने चाबी जेब में रख ली ।

"दस पाउन्ड एडवांस ।" - मेरी धीरे से बोली ।

बिल लगभग सात पाउन्ड का था ।

राज ने दस-दस पाउन्ड के दो बिल ट्रे में डाल दिये।

मेरी वहां से विदा हो गयी।

कुछ क्षण बाद वह वापिस लौटी । उसने ट्रे राज के आगे कर दी । ट्रे में तीन पाउन्ड और कुछ चेंज पड़ी थी और बिल पड़ा था जिस पर पेड की मोहर लगी हुई थी।

राज ने ट्रे में से केवल बिल उठाया और अपने स्थान से उठ खड़ा हुआ । वह रेस्टोरेंट से बाहर निकल आया ।

बाहर आकर उसने बिल को उलटकर देखा ।

बिल के दूसरी और मेरी के विम्बलडन स्थित निवास स्थान का पता लिखा हुआ था । और वहां की चाबी पहले ही राज की जेब में थी।

राज ने एक शैम्पेन की बोतल खरीदी, टैक्सी में सवार हुआ और मेरी के बताये पते पर पहुंच गया

उसने इमारत के मुख्य द्वार में मेरी द्वारा दी हुई चाबी लगाई।

द्वार खुल गया।

राज द्वार धकेल कर भीतर प्रविष्ट हो गया । उसने द्वार को भीतर से बन्द किया और बिजली का स्विच ऑन कर दिया ।

वह एक विशाल कमरा था और उसकी हर चीज से अमीरी टपक रही थी । कमरे की साज-सज्जा और सामान एक वेट्रेस की हैसियत से बहुत ऊंचा था ।

राज ने शैम्पेन की बोतल रेफ्रीजरेटर में रख दी और दीवान पर बैठ गया ।

उसने एक सिगरेट सुलगाया और प्रतीक्षा करने लगा।

वह सोच रहा था।

क्या जे सिंहाकुल भी इसी प्रकार विम्बलडन में मेरी शेरमन के निवास स्थान पर पहुंचने के सफल हो गया होगा।

उसने अपनी पतलून की जेब में रखी रिवाल्वर को निकाला और उसे अपने कोट की जेब में डाल लिया।

वह जार्ज टेलर के लिये तैयार था । वह उसके हाथों आसानी से मरने वाला नहीं था |

राज प्रतीक्षा करता रहा।

वक्त कटता रहा।

लगभग सवा एक बजे बाहर सड़क पर टैक्सी रुकने की आवाज उसके कानों में पड़ी ।

राज ने खिड़की के समीप जाकर परदे के पीछे से बाहर झांका ।

मेरी शेरमन इमारत की ओर बढ़ रही थी ।

राज खिड़की से हट गया ।

 
कालबैल बजी। राज ने द्वार खोला। "वैलकम होम ।" - राज अपनी बांहें फैलाता हुआ बोला।

मेरी शेरमन तत्काल उसकी बाहों में आ गई। राज ने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये ।

कुछ क्षण वे यूं ही आलिंगन में बन्धे खड़े रहे, फिर मेरी ने उसे परे धकेल दिया ।

राज ने आगे बढकर द्वार को भीतर से बन्द कर दिया।

मेरी एक सोफे पर जा बैठी।

“शैम्पेन !" - राज बोला । मेरी ने प्रश्नसूचक नेत्रों से उसकी ओर देखा । राज ने रेफ्रीजरेजर में से शैम्पेन की बातल निकाल ली।

"ओह !" - मेरी बोली - "व्हाई नॉट !"

राज ने बगल की शीशे की आलमारी में से दो गिलास निकाले । वह बोतल और गिलास लेकर मेरी की बगल में आ बैठा ।

मेरी उसके साथ सट गई।

राज ने बड़ी दक्षता से शैम्पेन की बोतल का कार्क उड़ाया और दोनों गिलास शैम्पेन से भर दिये।

उसने एक गिलास मेरी को थमा दिया और दूसरा खुद ले लिया ।

“चियर्स !" - राज उसके गिलास से गिलास टकराता हुआ बोला।

“चियर्स !" - मेरी बोली।

दोनों शैम्पेन पीने लगे।

"इतनी बड़ी इमारत में तुम अकेली रहती हो?" - राज ने पूछा।

"हां ।" - मेरी बोली।

"तुम्हें डर नहीं लगता?"

"कभी-कभी लगता है । लेकिन अक्सर डर लगने के वक्त मैं इस इमारत में अकेली नहीं होती

"जैसे आज?"

"जैसे आज।

"यह कमरा बहुत शानदार ढंग से सजा हुआ है

“इस इमारत का केवल यही कमरा शानदार ढंग से सजा हुआ है । बाकी इमारत क्योंकि इस्तेमाल नहीं होती इसलिये धूल से भरी पड़ी है।"

"इस कमरे पर इतनी मेहरबानी क्यों ?"

"क्योंकि यहां तुम्हारे जैसे दोस्त आते हैं ।"

"ओह !" दोनों चुपचाप शैम्पेन पीने लगे।

"तुम्हारे इस कमरे को देखकर मुझे अपने एक दोस्त की याद आ गई ।" - राज शैम्पेन की चुस्कियां लेता हुआ बोला।

मेरी ने प्रश्नसूचक नेत्रों से उसकी ओर देखा । "वह अपनी एक गर्ल फ्रेंड के बारे में बताया करता था ।"

"क्या ?"

"उसकी गर्ल फ्रेंड भी तुम्हारी ही तरह एक बड़ी सी इमारत में रहती थी लेकिन उस इमारत का एक ही कमरा आधुनिक ढंग से सुसज्जित था जबकि बाकी इमारत खाली पड़ी थी । और कैसा संयोग है कि मेरे उस दोस्त की गर्ल फ्रेंड का नाम भी मेरी था ।"

मेरी तनिक विचलित दिखाई देने लगी ।

राज ने अपना शैम्पेन का गिलास खाली कर दिया ।

मेरी ने भी अपना गिलास खाली करके मेज पर रख दिया।

राज ने बोतल की ओर हाथ बढाया ।

"वेट ।" - मेरी उठती हुई बोली - "मैं जरा कपड़े बदल आऊं।"

"वैरी वैल ।" - राज बोला । मेरी अपने स्थान से उठी और कमरे के पृष्ठभाग में बने एक द्वार की ओर बढी ।

उसने अपने हैण्डबैग में से एक चाबी निकालकर पिछला द्वार खोला और फिर भीतर प्रविष्ट हो गई । अपने पीछे वह द्वार बन्द करती गई ।

राज अपने स्थान से उठा । वह दबे कदमों से द्वार के पास पहुंचा । उसने धीरे से द्वार खोलकर भीतर झांका ।

वह एक छोटा-सा गलियारा था जिसमें एक जीरो वाट का बल्ब जल रहा था । उसके दायें-बायें दो दो दरवाजे थे और विपरीत सिरे पर ऊपर को जाती हुई सीढियां थीं।

मेरी कहीं दिखाई नहीं दे रही थी और न ही दायें बायें के किसी कमरे में प्रकाश था ।

राज गलियारे में आ गया । उसने दायीं ओर के द्वार को तनिक धेकल कर भीतर झांका ।

धूल मिट्टी की गन्ध से उसके नथुने भर गये । भीतर पुराना फर्नीचर भरा पड़ा था |

उसी क्षण उसे सीढियों पर किसी की आहट सुनाई दी।

राज ने जल्दी से वह द्वार बन्द किया और वापिस सजे हुये कमरे में आ गया । अपने पीछे वह द्वार बन्द करना नहीं भूला ।

वह अपने स्थान पर आकर बैठा ही था कि पिछला दरवाजा खुला और मेरी भीतर प्रविष्ट हुई

वह एक लम्बा लगभग पारदर्शक गाउन पहने हुये थी । गाउन में से उसके पुष्ट और युवा शरीर का एक-एक अंग स्पष्ट झलक रहा था ।

मेरी कुछ क्षण द्वार पर खड़ी रही और फिर इठलाती, मुस्कुराती राज की ओर बढी ।

राज ने अपनी बांहें फैलायी ।

मेरी उसकी गोद में आ बैठी ।

राज ने उसकी अपनी बांहों में जकड़ लिया । कुछ क्षण बाद मेरी उसकी बाहों से फिसल गई। वह उसकी बगल में उसके साथ सट कर बैठ गई

राज का चेहरा प्रसन्नता और आनन्द के आवेग से उत्तेजित दिखाई देने लगा । वह तेजी से अपने दोनों हाथों की हथेलियां एक-दूसरी से रगड़ने लगा।

राज ने देखा मेरी बड़े गौर से उसके हाथों के एक्शन को देख रही थी।

"यह क्या कर रहे हो ?" - एकाएक वह बोली ।

 
"ओह !" - राज ने यूं अपनी हथेलियां रगड़नी बन्द कर दी जैसे वह चोरी करते पकड़ा गया हो - "दरअसल हनी, यह मेरी बड़ी पुरानी आदत है । जब मैं बहुत खुश होता हूं तो अपने दोनों हाथों की हथेलियां एक-दूसरे से रगड़ने लगता हूं। और जब मैं बहुत क्रोधित होता हूं तो अपने दायें हाथ की मुट्ठी बांध कर अपने बायें हाथ की हथेली पर मारने लगता हूं | यूं |"

और राज ने दूसरा एक्शन भी करके दिखाया । मेरी चिन्तित दिखी देने लगी।

"सोहबत का असर है ।" - राज बोला "क्योंकि मेरा दोस्त ऐसे करता था इसलिये मैं भी ऐसा करने लगा।"

"वही दोस्त जिसकी गर्ल फ्रेंड का नाम मेरी है ?" - मेरी ने पूछा।

"हां।"

मेरी ने शैम्पेन की बोतल उठाई और शैम्पेन गिलासों में डालने लगी।

"बेचारा बहुत भला आदमी था । अपने देश के लोगों के अतिरिक्त अगर मेरी किसी से जिगरी दोस्ती हुई थी तो उसी से हुई थी।"

“अब कहां गया वह ?" - मेरी ने एक गिलास राज को थमा दिया और दूसरा खुद ले लिया ।

"पता नहीं । मुझे उससे मिले हुये बहुत अरसा हो गया है लेकिन मुझे मालूम हुआ है कि आज कल वह लन्दन में ही है ।"

मेरी शैम्पेन की चुस्कियां लेने लगी।

"इतना आकर्षक व्यक्तित्व था उसका कि लड़कियां उस पर जी-जान से फिदा हो जाती थीं लेकिन वह था कि सिर्फ मेरी से मुहब्बत करता था लेकिन बाद में बेचारे में एक खराबी पैदा हो गई थी।"

"क्या ?"

"उसके गले में गोली लग गई थी जिसकी वजह से उसकी आवाज में ऐसा नुक्स पैदा हो गया था कि वह केवल भर्राई हुई धीमी आवाज में ही बोल पाता था । वह ऊंचा बोलने की कोशिश करता था तो उसके गले से आवाज नहीं निकलती थी

मेरी ने खट्ट से अपना शैम्पेन का गिलास मेज पर रख दिया।

"क्या नाम है तुम्हारे दोस्त का ?" - वह तीव्र स्वर से बोली।

"जार्ज ।" - राज शान्ति से बोला - "जार्ज टेलर ।"

"ओह माई गॉड !" - वह हताश और क्रोधपूर्ण स्वर से बोली - "मैं फिर मूर्ख बन गई । एक जोकर और आ गया ।"

"क्या मतलब ?" - राज मासूमियत-भरे स्वर से बोला।

वह अपने स्थान से उठ खड़ी हुई और चिल्लाकर बोली - "तुम लोग मेरे पीछे क्यों पड़े हुये हो?"

"कौन तुम्हारे पीछे पड़ा हुआ है ?"

"अब ज्यादा बनने की कोशिश मत करो । फौरन यहां से दफा हो जाओ व मैं शोर मचा दूंगी।"

राज ने भी अपना शैम्पेन का गिलास मेज पर रख दिया और अपने पैरों पर उठ खड़ा हुआ ।

"तो तुम स्वीकार करती हो कि तुम जार्ज टेलर को जानती हो और तुम्हीं उसकी मेरी नाम की गर्ल फ्रेंड हो?"

"आई से गेट आउट ऑफ हियर ।"

"और तुम जे सिंहाकुल नाम के उस थाई को भी जानती हो जो कुछ दिन पहले जार्ज टेलर को तलाश करता हुआ यहां आया था लेकिन अगली सुबह इसी इमारत के समीप से गुजरती रेलवे लाइन पर उसकी कटी हुई लाश पाई गई थी?"

“मैं किसी को नहीं जानती ।"

"तुम सब जानती हो । मैडम, जे. सिंहाकुल की हत्या की गई थी और उस हत्या में तुम्हारा भी हाथ था ।"

"यह झूठ है । वह आदमी एक्सीडेन्ट से रेल के नीचे आ गया था । पुलिस भी यही कहती है ।

अखबार में भी यही छपा है ।"

"पुलिस यह कहती है । अखबार में यह छपा है लेकिन यह सच नहीं है। और सच क्या है, उसे तुम जानती हो । जे सिंहाकुल यहां आया था और जार्ज टेलर ने उसकी हत्या कर दी थी। फिर उसने ऐसी स्टेज तैयार कर दी कि तफ्तीश से ऐसा मालूम हो कि वह रेल द्वारा दुर्घटनावश कट मरा है।"

"यह सरासर झूठ है । जार्ज टेलर जे सिंहाकुल की मौत का जिम्मेदार नहीं हो सकता । मैंने महीनों से जार्ज टेलर की सूरत नहीं देखी है।"

"तुम झूठ बोल रही हो । तुम अभी उसी दिन जार्ज टेलर से मिली हो जिस दिन जे सिंहाकुल की हत्या हुई थी।"

"तुम चाहते क्या हो?"

"मैं जार्ज टेलर का पता जानता चाहता हूं।"

"मुझे नहीं मालूम उसका पता । और अगर मुझे मालूम भी होता तो मैं बताती नहीं ।"

"क्यों?"

"क्योंकि मैं किसी बखेड़े में नहीं फंसना चाहती। वह पहला आदमी भी जार्ज टेलर का पता जानने की नीयत से यहां आया था और परलोक सिधार गया था ।"

 
"लेकिन मैं आसानी से मरने वाला नहीं हूं। मैं जार्ज टेलर के लिये तैयार होकर आया हूं |"

"लेकिन मिस्टर, बाई गॉड, मुझे टेलर का पता नहीं मालूम । मैं सच कह रही हूं, मैंने महीनों से उसकी सूरत नहीं देखी ।"

"मुझे तुम्हारी बात पर विश्वास नहीं ।"

"वह थाई भी मेरी बात का विश्वास नहीं कर रहा था । लेकिन मैं सच कह रही हूं मुझे नहीं मालूम जार्ज टेलर कहां है ! जार्ज टेलर मुझसे मुहब्बत करता था । हम दोनों शादी करने वाले थे और फिर एकाएक वह कहीं गायब हो गया । मुझे खुद उसकी तलाश है।"

राज सोचने लगा।

"और अगर तुम्हारा वह थाई साथी इसीलिये मरा है क्योंकि वह जार्ज टेलर के पीछे पड़ा हुआ था तो विश्वास करो तुम्हारी भी खैर नहीं । जार्ज टेलर बहुत खतरनाक आदमी है । वह तुम्हारा भी तुम्हारे साथी की तरह काम तमाम कर देगा ।"

"तुम मुझे धमका रही हो?"

"मैं तुम्हें हकीकत बता रही हूं।"

राज कुछ क्षण अनिश्चित सा मेरी का मुंह देखता रहा । फिर उसके दिमाग में एक नया ख्याल आया । उसने अपना पर्स निकाल लिया ।

"मेरी" - वह मीठे स्वर से बोला - "मुझे जार्ज टेलर का पता बता दो । बदले में मैं तुम्हें पचास पाउन्ड दूंगा।"

मेरी की आंखें लालच से चमक उठी लेकिन लगभग फौरन ही वह चमक उसकी आंखों से गायब हो गई।

"लेकिन मुझे उसका पता मालूम तो हो !" - वह बेबस स्वर में बोली।

"मैं सौ पाउन्ड दूंगा।"

"बाई गॉड, मिस्टर, मुझे पैसे की बहुत जरूरत है । मैं इतनी बड़ी रकम का लालच भी नहीं छोड़ सकती । अगर मुझे उसका पता मालूम होता तो मैं तुम्हें जरूर बता देती ।"

"उसने तुमसे कभी सम्पर्क स्थापित नहीं किया

"कुछ महीने पहले तक कभी-कभी उसका फोन आया करता था ।"

"कहां से?"

"मालूम नहीं।"

"कोई चिट्ठी पत्री?"

मेरी कुछ क्षण हिचकिचाई और फिर बोली - "हां मेरे पास उसकी एक चिट्ठी है।"

"उस पर जार्ज टेलर का पता लिखा था ?"

"हां।"

"पता क्या था?"

"पता मुझे याद नहीं लेकिन मुझे इतना याद है कि वह चिट्ठी डेनवर से आई थी।"

"कभी उसने तुमसे डेनवर का जिक्र किया था ?"

"हां । लगभग चार साल पहले उसने मुझे एक बार बताया था कि डेनवर के समीप का एक छोटा-सा टापू उसे विरासत में मिला था । और यह कि वह उस टापू पर एक बंगला बनवाने वाला था ।"

"उस टापू का कोई नाम? कोई ठीक पता ठिकाना?"

"मुझे याद नहीं ।"

"आखिरी बार वह तुमसे कम मिला था ?"

"लगभग छ: महीने पहले ।"

"कहां?"

“यहीं।"

"और उसके बाद?"

"उसके बाद वह पता नहीं कहां गायब हो गया ! मुझे खुद उसका इन्तजार है ।" "उसके बाद तुम हाल में उससे मिली थी जब जे सिंहाकुल की हत्या हुई थी।" "बाई गॉड, नहीं।" “अच्छा, छोड़ो | कभी उसने तुम्हारे सामने किसी यार दोस्त का जिक्र किया हो ?"

"यार दोस्त तो नहीं" - मेरी सोचती हुयी बोली "लेकिन उसकी एक बहन है ।"

“बहन ?" - राज के कान खड़े हो गये ।

"हां । उसका नाम मार्गरेट टेलर है।"

"तुम कैसे जानती हो उसे ?"

"मैं जानती नहीं । एक दिन उसने फोन करके टेलर के बारे में पूछा था । जार्ज ने उसे मेरे बारे में बताया होगा । तभी तो उसने यहां फोन किया था

"यह कब की बात है ?"

"लगभग आठ महीने पहले की ।"

"फिर?"

"उस वक्त जार्ज यहां था नहीं। उसने कहा जब जार्ज आये तो अपनी बहन को फोन कर ले ।"

"उसने फोन नम्बर भी बताया होगा ?"

"हां ।"

"क्या नम्बर था ?"

"देखकर बताती हूं।"

मेरी ने टेलीफोन डायरेक्ट्री उठा ली । डायरेक्ट्री के प्रथम पृष्ट पर कुछ नम्बर लिखे हुए थे । उनमें मार्गरेट टेलर का नम्बर था-01-240-4567

राज ने वह नम्बर नोट कर लिया ।

"वह चिट्ठी कहां है जो टेलर ने तुम्हें डेनवर से लिखी थी ?"

"मेरे पास है।"

"मुझे दो।"

"ऊपर है । अभी लाती हूं।"

मेरी चली गई।

राज ने एक सिगरेट सुलगा लिया और प्रतीक्षा करने लगा।

एकाएक इमारत का वातावरण एक हृदयग्राही चीख से गूंज उठा।

 
Back
Top