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आखिरी शिकार complete

राज रिवाल्वर निकालकर तेजी से पिछली द्वार की ओर झपटा । उसने दरवाजा खोला, कुछ क्षण प्रतीक्षा की फिर रिवाल्वर ताने गलियारे में

आ गया ।

गलियारे के दूसरे सिरे पर सीढियों के पास मेरी का शरीर दोहरा हुआ पड़ा था । राज लपककर उसके समीप पहुंचा।

मेरी की गरदन टूट चुकी थी । उसे प्राण पखेरू उड़ चुके थे।

उसी क्षण राज को बाहर एक कार स्टार्ट होने की आवाज सुनाई दी । वह वापिस सामने के कमरे की ओर दौड़ा।

कमरे में पहुंचकर उसने खिड़की का पर्दा हटाया और बाहर सड़क पर झांका । एक काले रंग की कार उसके देखते-देखते सड़क पर दौड़ी और पलक झपकते दृष्टि से ओझल हो गई।

राज वापिस गलियारे में आया और मेरी के शरीर को बचाकर सीढियां चढने लगा ।

ऊपर सीढियों के सिर पर एक कमरा था जिसका दरवाजा खुला था । बत्ती जल रही थी। कमरे के फर्श पर बीस-पच्चीस चिट्ठियां फैली थीं



राज ने उन सबको देखा ।

उनमें वह चिट्ठी नहीं थी जो टेलर ने मेरी को डेनवर से लिखी थी।

राज ने कमरे में निगाह दौड़ाई । दूसरे सिरे पर एक दरवाजा था जो बाहर एक छोटी-सी बालकनी में खुलता था ।

राज बालकनी में पहुंचा । बालकनी की रेलिंग के साथ एक पतली किन्तु मजबूत रस्सी बन्धी हुई थी जो नीचे जमीन तक लटक रही थी।

यह वापिस लौटा । सीढियां उतरकर वह नीचे आया।

एक अन्तिम दृष्टि मेरी के मृत शरीर पर डालकर वह सामने के कमरे में आ गया । उसने रिवाल्वर जेब में रखी । कमरे की बत्ती बुझाई और इमारत से बाहर निकल आया ।

रात के दो बज गये थे । सन्नाटे में वह एक ओर चल दिया।

मोड़ पर उसे टैक्सी मिल गई।

***

"मेरी शेमरन भी जार्ज टेलर का शिकार हो गई है |" - राज ने सिगरेट की राख झाड़ते हुये कहा

कई क्षण कोई कुछ नहीं बोला ।

जान फ्रेडरिक, अनिल, साहनी और रोशनी सकपकाये से एक-दूसरे का मुंह देखते रहे ।

दिन के ग्यारह बजे थे।

राज क्रामवेल रोड की उस इमारत में उन लोगों के सामने बैठा था, जहां मिलर की हत्या की रात को रोशनी उसे लायी थी।

"कैसे?" - रोशनी ने पूछा ।

"मैं पिछली रात उसके निवास पर गया था ।" - राज बोला - "टेलर को किसी प्रकार पता लग गया कि मैं शेरमन के साथ था । वह मेरी के घर में छुपा हुआ हमारी बातें सुन रहा था । मेरी ने उसके डेनवर से आये एक पत्र के बारे में बताया | वह पत्र लेने गई । एक क्षण बाद ही मैंने उसकी चीख सनी । मैं दौडा । मेरी गलियारे में मरी पडी थी। टेलर उसे मारने के बाद अपना वह पत्र भी ले गया जो उसने मेरी को लिखा था और जो वह मुझे देने वाली थी ।"

"मेरी से तुम्हें और कुछ नहीं मालूम हुआ ?" - फ्रेडरिक ने पूछा।

"टेलर की मारिट नाम की एक बहन है । मेरी ने मुझे उसका फोन नम्बर बताया है । मैंने डायरेक्ट्री में मारिट का नाम और नम्बर चैक किया वह प्रिंस एल्बर्ट रोड के मिशन कम्पाउन्ड में चार नम्बर काटेज में रहती है।"

"तुम मिले उससे ?"

"अभी नहीं । मैं गया था लेकिन वह थी नहीं । थोड़ी देर बाद मैं फिर जाऊंगा ।"

कोई कुछ नहीं बोला।

***

 
मिशन कम्पाउण्ड एक बहुत बड़ा अहाता था जिसमें लगभग पन्द्रह काटेज थे । राज चार नम्बर काटेज के सामने पहुंचा । उसने द्वार की कालबैल बजा दी और प्रतीक्षा करने लगा । उस समय एक बज चुका था ।

लगभग पच्चीस साल की बड़ी ही मामूली शक्ल वाली एक लड़की ने द्वार खोला ।

अपने सामने एक विदेशी को खड़ा देखकर वह उलझनपूर्ण स्वर से बोली - "यस !"

"गुड आफ्टरनून ।" - राज मीठे स्वर में बोला - "आर यू मिस टेलर?"

"यस ।"

"मेरा नाम राज है । मैं आपके भाई जार्ज टेलर का दोस्त हूं | मैं जार्ज से मिलना चाहता हूं।"

मार्गरेट के चेहरे पर उदासी के बादल छा गये ।

"आप बहुत देर से आये ।" - वह धीरे से बोली ।

"क्या मतलब?"

"जार्ज इस दुनिया में नहीं है । उसे परलोक सिधारे छ: महीने से ज्यादा हो गये हैं ।"

राज बुरी तरह चौंका।

"जी ?" - वह चिढंककर बोला ।

"जार्ज मर चुका है।"

"ठहरिये । कहीं कोई गलती तो नहीं हो रही है !

आपका नाम मार्गरेट हैं न?"

"हां।"

"आप जार्ज टेलर की बहन हैं ?"

"हां ।"

"और जार्ज मर चुका है ?"

"हां ।"

"ओह, माई गॉड ।"

"जार्ज आपका दोस्त था ?"

"बहुत अच्छा ।"

"भीतर आइये ।"

राज भीतर प्रविष्ट हुआ।

मार्गरेट उसे एक सजे-सजाये ड्राइंगरूम में ले आई।

"तशरीफ रखिये।"

राज बैठ गया।

"आप जार्ज को कैसे जानते थे ?"

कुछ क्षण राज को उत्तर नहीं सूझा । फिर वह सोचकर बोला - "चीन में कुछ दोस्तों के माध्यम से मेरी उससे मित्रता हो गई थी।"

"कौन दोस्त ? ज्योति विश्वास, जान फ्रेडरिक, अनिल साहनी वगैरह ?"

"आप उन्हें जानती हैं ?" - राज हैरानी से बोला।

"जिक्र सुना है ।"

"किससे?"

"जार्ज से । वह मुझे अक्सर पत्र लिखा करता था । उसके पत्रों से ही मुझे मालूम हुआ था कि वह और उसके नौ साथी चीन में कोई गुप्त कार्य कर रहे थे । मुझे उसके सारे साथियों के नाम तक याद हैं । ज्योति विश्वास, जान फ्रेडरिक, अनिल साहनी, रोशनी, तौफीक इस्माइल, जे सिंहाकुल तांग पेई, लैला, ली ता नान । लेकिन जार्ज ने कभी आपका जिक्र नहीं किया ।"

"वह भूल गया होगा।"

"जार्ज ऐसा आदमी तो नहीं था । वह अपने मित्रों के बारे में बराबर लिखा करता था ।"

"शायद उसने लिखा हो और आपको याद न हो

मार्गरेट चुप रही लेकिन उसके चेहरे पर अविश्वास के भाव थे। “जार्ज की मृत्यु कैसे हुई ?" - राज ने प्रश्न किया।

"हांगकांग में एक मोटर दुर्घटना में । मुझे यहां के विदेश मन्त्रालय से उसकी मौत की सूचना मिली थी।"

"आपने उसकी लाश देखी थी ?"

"देखी थी । बुरी तरह कुचली हुई ।" "यानी आप लाश देखकर यह नहीं कह सकती थी कि वह जार्ज था या नहीं?"

"लेकिन वह जार्ज था । वह जरूर जार्ज था ।"

"आप यह दावा कैसे कर सकती हैं जबकि उसकी शिनाख्त सम्भव नहीं थी?"

"क्योंकि लाश की जेब से जार्ज का पासपोर्ट और उसके अन्य कागजात मिले थे ।"

"फिर भी गलती हो ही जाती है ।"

“आप कहना क्या चाहते हैं ?"

"मैं कहना चाहता हूं कि आपका भाई जीवित है

“आपको कैसे मालूम ? आपने देखा है जार्ज को ?" - वह तीव्र स्वर से बोली ।

"मैंने सूरत तो नहीं देखी, आवाज सुनी थी लेकिन आप जानती हैं कि अपनी आवाज के कारण वह लाखों में पहचाना जा सकता है।"

"मुझे विश्वास नहीं होता । आपको जरूर कोई गलतफहमी हुई है । मुझे अपने देश के विदेश मंत्रालय पर पूरा विश्वास है । उनसे ऐसी भारी गलती नही हो सकती । आपने मेरा पता कैसे जाना?"

"डायरेक्ट्री में आपके भाई का पता तलाश कर रहा था टो मुझे आपका नाम दिखाई दे गया ।

जार्ज टेलर आपका जिक्र अक्सर किया था इसलिये मुझे आपका नाम याद था । मैंने सोचा शायद आप जानती हों कि आजकल जार्ज कहां है?"

"जार्ज मर चुका है ।" - मारिट पटाक्षेप सा करती हुई बोली।

"अगर वह जीवित हो तो क्या आपको खुशी नहीं होगी?"

"क्यों नहीं होगी? मगर यह सम्भव नहीं है। जार्ज मर चुका है ।"

"लेकिन..."

उसी क्षण बड़ी जोर से काटेज की घण्टी बज उठी।

मार्गरेट द्वार की ओर बढी । राज भी उठ खड़ा हुआ।

मार्गरेट ने द्वार खोला ही था कि किसी ने जोर से द्वार को धकेला । वह लड़खड़ाकर पीछे हट गई।

 
जान फ्रेडरिक घबराया हुआ भीतर आया । मारिट ने फ्रेडरिक को देखा तो उसके नेत्र फैल गये । लेकिन इससे पहले कि उसके मुंह से

आवाज निकल पाती राज ने लपककर उसके मुंह पर अपना हाथ रख दिया | फ्रेडरिक ने द्वार भीतर से बन्द कर दिया ।

राज मार्गरेट को वापिस ड्राईगरूम में ले आया | फ्रेडरिक भी लड़खड़ाता हुआ वहीं आ गया ।

"तुम यहां कैसे आ पहुंचे ?" - राज तीव्र स्वर से बोला।

"पुलिस..." - फ्रेडिरक हांफता हुआ बोला - "पुलिस ने उस इमारत पर छापा मारा था । बड़ी मुश्किल से हम बचकर निकल सके ।"

"साहनी और रोशनी कहां हैं ?"

"वहां से निकलते ही वे मुझसे अलग हो गये थे । मालूम नहीं वे इस समय कहां हैं ! मुझे कोई और जगह नहीं सूझी इसलिये यहां चला आया । मेरा ख्याल था तुम यहीं होंगे।" "पुलिस को उस इमारत की खबर कैसे लगी ?" "मेरे ख्याल से इसमें भी टेलर का हाथ है ।"

"लेकिन टेलर को ही उस इमारत का पता कैसे मालूम हुआ ?"

"क्या पता शायद उसने तुम्हारा पीछा किया हो ?"

"तुम लोग पुलिस से भयभीत क्यों हो?"

"हम लोग गैरकानूनी ढंग से इंग्लैंड में मौजूद हैं। अगर हम पकड़े गये तो हमें डिपोर्टेशन ऑर्डर भी मिल सकता है और सजा भी हो सकती है ।"

उसी क्षण मार्गरेट राज की पकड़ में तड़फड़ाई और गों-गों की आवाज निकालने लगी। “चिल्लाना नहीं ।" - राज डांटकर बोला । मार्गरेट ने सहमति से सिर हिलाया ।

राज ने उसे छोड़ दिया । वह पास ही खड़ी होकर हांफने लगी।

"मैडम" - राज बोला - "तुमने अपने भाई के जिन नौ साथियों के नाम लिये थे, यह उनमें से एक है - जान फ्रेडरिक ।"

मार्गरेट विस्फारित नेत्रों से फ्रेडरिक को देखने लगी।

"और यह मार्गरेट है - जार्ज ही बहन । इसके कथनानुसार जार्ज आज से छः महीने पहले हांगकांग में मोटर दुर्घटना का शिकार होकर मर चुका है।"

"नामुमकिन ।" - फ्रेडरिक दृढ स्वर से बोला - "टेलर जिन्दा है और लन्दन में ही है। पिछले दस दिनों में वह हमारे तीन साथियों को और एक अपनी ही सहयोगिनी को मौत के घाट उतार चुका है।"

मार्गरेट कुछ नहीं बोली।

उसी क्षण बाहर कम्पाउण्ड से कुछ आदमियों के बोलने की आवाज आने लगी।

राज ने खिड़की का पर्दा सरकाकर बाहर झांका | बाहर बीस-पच्चीस आदमियों की भीड़ दिखाई दे रही थी । उनमें कुछ पुलिस वाले भी थे

राज ने पर्दा ठीक किया और फ्रेडरिक की ओर घूमा।

"पुलिस ने यहां तक तुम्हारा पीछा किया है ?" - उसने तीव्र स्वर से पूछा।

"नहीं ।" - फ्रेडरिक दुविधा के भाव में बोला - "पुलिस मेरे पीछे तो जरूर लगी हुई थी लेकिन जहां तक मुझे विश्वास है, उन्होंने मुझे कम्पाउण्ड में घुसते नहीं देखा था ।"

"तुम्हारा विश्वास गलत है, पुलिस बाहर मौजूद है

"फिर भी उन्हें यह नहीं मालूम है कि मैं कौन से काटेज में हूं!"

"वे हर काटेज की तलाशी ले रहे हैं । तुम्हें यहां नहीं आना चाहिये था । तुम्हारे साथ मैं भी फंस जाऊंगा।"

राज का दिमाग तेजी के साथ उस स्थिति से बच निकलने की तरकीब सोच रहा था ।

"पुलिस ने तुम्हारी सूरत देखी है ?" - उसने फ्रेडरिक से पूछा।

"पता नहीं । फिर भी उन्होंने मुझे भागते हुये तो देखा ही है । वे मेरी सूरत न देखें तो भी पहचान सकते हैं । मेरी कटी हुई बांह और आंख पर लगा हुआ पैच ही मेरी शिनाख्त के लिये काफी हैं ।"

राज ने फिर खिड़की से बाहर झांका ।

“एक पुलिसमैन काटेजों की इस ओर की कतार की ओर भी बढ़ रहा है । तुम्हारे पास रिवॉल्वर है ?" - राज ने फ्रेडरिक से पूछा ।

थी । लेकिन भागते हुये रास्ते में कहीं गिर गयी

“ओ हैल !" - राज मुंह बिगाड़कर बोला । उसने अपनी रिवाल्वर निकाल ली और बोला - "मैडम, पुलिस यहां आ रही है । यह रिवाल्वर मैं इस आदमी को दे रहा हूं। अगर आप चिल्लाई या कोई भी ऐसी हकरत की जिससे पुलिस को

आपकी या इस आदमी की मौजूदगी का आभास मिला तो यह आपको शूट कर देगा । अन्डरस्टैण्ड ?"

मार्गरेट ने जल्दी से सहमति में सिर हिलाया ।

"पिछवाड़े चलो।"

तीनों पिछवाड़े की ओर बढे ।

 
पिछले भाग में एक छोटा बरामदा था जिसके एक ओर किचन थी और दूसरी ओर बाथरूम । राज ने बाथरूम का दरवाजा खोला | उसके संकेत पर मार्गरेट और फ्रेडरिक अन्दर चले गये । राज ने रिवाल्वर जान फ्रेडरिक को दे दी और बाथरूम का दरवाजा बाहर से बन्द कर दिया ।

उसी क्षण काटेज की घन्टी बज उठी । राज वापिस ड्राईगरूम में आ गया और खिड़की का पर्दा सरकाकर बाहर झांका | बाहर एक पुलिसमैन और उसकी बगल में एक गंजा अंग्रेज खड़ा था।

राज ने द्वार खोल दिया और स्वाभाविक स्वर से प्रश्न किया - "समथिंग रांग?"

पुलिसमैन बोला - "हम एक आदमी को तलाश कर रहे हैं । उसकी एक बांह कटी हुई है और आंख पर पैच लगा हुआ है । वह हरे रंग का ओवरकोट और काले रंग की फैल्ट पहने हुये था

"मैंने ऐसा कोई आदमी नहीं देखा ।" - राज बोला। "लेकिन तुम कौन हो ?" - एकाएक गंजा बोला

“मैं कौन हूं, क्या मतलब ?"

"मैं आज से पहले तुम्हें यहां नहीं देखा । यह तो मिस टेलर का काटेज है।"

"मैं मिस टेलर का मित्र हूं । मिस टेलर बाजार गई हैं।"

"मिस टेलर मेरी भी मित्र हैं । मेरा नाम हावर्ड है | मैंने तुम्हें पहले यहां कभी नहीं देखा । मिस टेलर वैसे भी काले लोगों की दोस्ती पसंद नहीं करतीं..."

राज ने यूं प्रकट किया जैसे उसे बहुत गुस्सा चढ आया हो । उसने घूरकर गंजे को देखा ।

गंजा घबरा गया।

"ऑफिसर" - राज पुलिसमैन से बोला “मिस टेलर बाजार गई हैं । एक घंटे में लौटेंगी। आप चाहें तो भीतर बैठकर इन्तजार कर सकते हैं । मिस टेलर फैसला कर देंगी कि मैं 'काला

आदमी' उनका दोस्त हूं या नहीं ।"

"उसकी जरूरत नहीं ।" - पुलिसमैन निर्णायात्मक स्वर से बोला - "आपने उस एक हाथ और एक आंख वाले को नहीं देखा न !"

"जी नहीं।"

"दैन थैक्यू ।” - और पुलिसमैन घूमने के लिये मुड़ा।

गंजे ने पुलिसमैन की बांह थाम ली और उसके कान में कुछ फुसफुसाया जिसे सुनकर पुलिसमैन अपनी बांह छुड़ाता हुआ झुंझलाये स्वर से बोला - “क्यों वक्त बरबाद करवा रहे हो ? अगर यह संदिग्ध आदमी है तो हमें इसकी तलाश तो है नहीं ।" पुलिसमैन आगे बढ गया।

गंजा बड़बड़ाता हुआ उसके पीछे चला |

राज ने द्वार बन्द कर लिया और ड्राईगरूम की खिड़की पर पहुंचकर उसने एक सिगरेट सुलगाया । फिर पर्दा थोड़ा-सा सरकाकर वह बाहर झांकने लगा । उसने गंजे को बगल के काटेज में प्रविष्ट होते देखा । कुछ क्षण बाद राज खिड़की से हट गया और पिछले बरामदे में पहुंचा । उसी क्षण कोई काटेज की पिछली दीवार फांदकर पिछले यार्ड में कूदा । राज हड़बड़ा गया । जब वह आदमी सीधा हुआ तो

राज की निगाह उसके चेहरे पर पड़ी । उसने शांति की सांस ली । वह अनिल साहनी था । फिर उसे दीवार पर रोशनी दिखाई दी । अनिल साहनी ने उसे सहारा देकर नीचे उतार लिया ।

दोनों बरामदे में आकर राज की बगल में आ खड़े हुये।

"तुम लोग यहां कैसे ?" - राज ने पूछा। "और कहां जाते ?" - रोशनी बोली - "इधर ही फ्रेडरिक आया था, तुम भी आये थे । अगर हम यहां न आते तो शायद हमारा फिर मिलाप भी नहीं हो पाता ।"

"तुमने बहुत खतरा उठाया । यहां हर कोने में पुलिस मौजूद है।"

“यह खतरा उठाना जरूरी था । फ्रेडरिक कहां है

“यहीं है ।" - राज बोला । उसने बाथरूम का दरवाजा खोला। फ्रेडरिक और मार्गरेट बाहर निकल आये। फ्रेडरिक अभी भी मार्गरेट को कवर किये हुये था

"यह मारिट है ।" - राज बोला - "जार्ज की बहन । इसके कथनानुसार टेलर मर चुका है ।"

"नानसैंस ।" - रोशनी बोली - "टेलर जिन्दा है

उसी क्षण अचानक राज की निगाह बगल के काटेज के बैकयार्ड की ओर उठ गई । दोनों । काटेजों की पिछली दीवार के पीछे हावर्ड खड़ा उनकी ओर देख रहा था।

राज बन्दूक से छूटी गोली की तरह झपटा और दीवार फांदकर उस काटेज में पहुंच गया । हावर्ड अभी बरामदा ही क्रॉस कर पाया था कि राज ने उसे जा दबोचा । उसने एक बांह हावर्ड की गरदन के गिर्द लपेट दी ताकि वह चिल्ला न पाये

और दूसरे हाथ से ताबड़तोड़ पांच-छ: घूसे उसकी पसलियों में जमा दिये ।

हाबर्ड की आंखें उलट गई । उसका निश्चेष्ट शरीर राज की बांहों में लटक गया ।

राज ने उसे वहीं डाल दिया और दीवार के पास पहुंचा और दूसरी ओर खड़े साहनी को संकेत किया ।

रोशनी, फ्रेडरिक और साहनी सब दीवार फांदकर हावर्ड के काटेज में पहुंच गये।

राज ने हावर्ड के निश्चेष्ट शरीर को उसके बैडरूम के पलंग पर डाल दिया और सबके साथ उसके ड्राईगरूम में पहुंच गया।

 
"हावर्ड यहां अकेला ही रहता है ।" - राज बोला - "वह पुलिस का विश्वसनीय व्यक्ति मालूम होता है । वह फ्रेडरिक की तलाश में सहायता कर रहा था । पुलिस को ख्वाब में भी यह नहीं सूझेगी कि हम हावर्ड के काटेज में छुये हुये हैं।"

"लेकिन कोई हावर्ड को पूछने तो यहां आ सकता है ?" - साहनी बोला ।

“आने दो । जब उसे उत्तर नहीं मिलेगा तो यह समझकर चला जायेगा कि वह घर में नहीं है ।"

“अब इरादा क्या है ?" - रोशनी बोली।

"राज के कथनानुसार मेरी ने उसे बताया है" - फ्रेडरिक बोला - "कि डेनवर के पास टेलर का कोई टापू है । उस टापू की खबर मारिट को जरूर होगी । हमें मारिट से उस टापू के बारे में पूछना चाहिये । सम्भव है टेलर वहां छुपा हुआ हो ।"

"लेकिन मार्गरेट कहती है कि टेलर मर चुका है ।" - राज बोला - "और उसको विदेश मंत्रालय द्वारा इस तथ्य की प्रमाणिक सूचना भी मिल

चुकी है।"

"वह बकवास करती है ।" - रोशनी क्रोधित स्वर से बोली - "अगर टेलर मर चुका है तो क्या तौफीक इस्माइल, जे सिंहाकल और तांग पेई उसके भूत द्वारा मारे गये हैं ? क्या मेरी को टेलर के भूत ने सीढियों से धक्का दिया था । मुझे लगता है कि टेलर के इशारे पर ही वह हमें यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रही है कि उसका भाई मर चुका है ताकि हम उसकी तलाश करना बन्द कर दें।"

“यह हो सकता है ।" - राज ने स्वीकार किया

"उससे टेलर के टापूका पता पूछो । फिर हम उसे भी अपने साथ ले जायेंगे | हावर्ड के जरिये सबको मालूम हो जायेगा कि मार्गरिट को हम अपने साथ ले गये हैं । यह बात अगर टेलर को मालूम होगी तो वह अपनी बहन की तलाश में हमारे पीछे जरूर आयेगा । फिर हम उससे निपट लेंगे।"

फ्रेडरिक और साहनी ने भी सहमति से सिर हिलाया।

“मैं मार्गरेट से अकेले में बात करना चाहता हूं।" - राज बोला।

"जरूर करो लेकिन उसे यह जरूर बता देना कि जो पूछा जायेगा उसे बताना पड़ेगा । हमें उसकी जुबान जबरदस्ती खुलवाने के तरीके भी आते हैं

राज मार्गरेट को बुला कर बगल के एक कमरे में ले आया और द्वार भीतर से बन्द कर लिया ।

"बैठो ।" - राज बोला। मार्गरेट एक कुर्सी पर बैठ गयी । राज उसके सामने बैठ गया और मीठे स्वर से बोला - "तुम बहुत अच्छी लड़की हो । मैं नहीं चाहता कि तुम्हें इन लोगों के हाथों किसी प्रकार का नुकसान पहुंचे ।"

"लेकिन ये लोग हैं कौन ?" - मार्गरेट ने पूछा । "जान फ्रेडरिक की तरह ये दोनों भी तुम्हारे भाई के नौ साथियों में से हैं । लड़की का नाम रोशनी है और उस लम्बे हिन्दोस्तानी का नाम अनिल साहनी है।"

"ये लोग चाहते क्या हैं ?"

राज कुछ क्षण हिचकिचाया फिर बोला - "ये लोग तुम्हारे भाई की हत्या करना चाहते हैं ।"

"मेरा भाई तो पहले ही मर चुका है ।"

"उन्हें इस बात का विश्वास नहीं है । रोशनी के ख्याल से तुम अपने भाई के कहने पर वह झूठी कहानी सुना रही हो ताकि ये लोग तुम्हारे भाई की तलाश बंद कर दें।"

"लेकिन ये लोग उसकी हत्या करना क्यों चाहते हैं? वह तो इनका साथी था !"

“उसने इन्हें धोखा दिया था । तुम्हारा भाई ही उस दस आदिमयों की टीम की तबाही का कारण है जो चीन में जासूसी कर रही थी।"

"क्या किया था मेरे भाई ने ?"

"उसने अपने साथियों को धोखा दिया । एक साल पहले चीन में तुम्हारा भाई फ्रेडरिक और रोशनी चीनियों की पकड़ में आ गये | चीनियों ने फ्रेडरिक और रोशनी को बुरी तरह टार्चर किया

और उनके लीडर ज्योति विश्वास का पता जानने की कोशिश की लेकिन उन्होंने अपनी जुबान नहीं खोली । फ्रेडरिक की तो उन्होंने एक बांह उखाड़ दी, एक आंख तक निकाल दी लेकिन उसने ज्योति विश्वास का पता नहीं बताया । रोशनी पर भी कम जुल्म नहीं ढाये गये लेकिन उसने भी अपनी जुबान नहीं खोली । फिर बारी आयी तुम्हारे भाई की । लेकिन उस पर कोई जोर-जबरदस्ती करने की जरूरत ही नहीं पडी। उसने टार्चर से पहले ही चीनियों को बता दिया कि ज्योति विश्वास कहां छपा हुआ था । उस गद्दारी का नतीजा यह हुआ कि ज्योति विश्वास और उसके दो सहयोगी - लैला नाम की लड़की और ली ता नान नाम का चीनी मौत के घाट उतार दिये गये । ये तीनों व्यक्ति तुम्हारे भाई से अपने साथियों की मौत का बदला लेना चाहते हैं ।"

"लेकिन यह झूठ है" - मारिट तीव्र स्वर में बोली - "असम्भव है । मेरा भाई ऐसा नहीं कर सकता | वह गद्दार नहीं । वह कमजोर दिल इन्सान नहीं | वह किसी को धोखा नहीं दे सकता ।"

"लेकिन उसने धोखा दिया ।"

"मुझे विश्वास नहीं ।"

"तुम्हारे विश्वास करने या न करने से कुछ नहीं होता । इन लोगों को तुम्हारे भाई की गद्दारी पर विश्वास है।"

"और तुम्हें भी ?"

राज चुप रहा।

 
राज चुप रहा।

"तुम कभी मेरे भाई से मिले हो ?"

"नहीं ।" - राज कठिन स्वर से बोला ।

"इसीलिये तुम्हें इन लोगों पर विश्वास है। इसलिये भी कि उनमें से दो तुम्हारे देश के हैं। लेकिन अगर तुम मेरे भाई से मिले होते तो तुम इस बारे में सोचते भी नहीं कि मेरा भाई गद्दार हो सकता है।"

"लेकिन हकीकत सामने है । फ्रेडरिक की फूटी आंख, उसके कन्धे से उखाड़ दी गयी बांह और रोशनी का क्षत-विक्षत शरीर इस बात का सबूत है कि जो ये लोग कहते हैं, वह सच है।"

"कहीं कोई गड़बड़ जरूर है ।" - मारिट दृढ स्वर से बोली - "अब ये लोग चाहते क्या हैं ?"

“जार्ज को खोज निकालना । और सच पूछो तो ये लोग तुम्हारे भाई को खोज निकालने में तुम्हारी मदद चाहते हैं।"

"ये एक ऐसे आदमी को खोज निकालना चाहते हैं जो छ: महीने पहले मर चुका है ।" "ऐसा ही समझ लो।" "कैसे खोजेंगे ये मेरे भाई को ?"

"तुम्हारे भाई का डेनवर के पास कोई टापू है ?" "तुम्हें कैसे मालूम ?" - मारिट हैरानी से बोली ।

"सवाल मत करो | मेरे सवाल का जवाब दो ।"

"हां है ।"

"तुम्हें मालूम है, वह टापू कहां है ?"

"मालूम है । अपने भाई की मृत्यु के बाद अब उस टापू की स्वामिनी मैं हूं।"

"तुम्हें हम लोगों को उस टापू तक ले जाना है।" “और आप लोग समझते हैं कि मेरा भाई वहां छुपा हुआ है ?"

"मुझे नहीं मालूम लेकिन बाहर बैठे लोगों को विश्वास है कि तुम्हारा भाई तुम्हें मुक्त कराने के लिये उनके पीछे जरूर आयेगा ।"

“कब्र में से उठकर ।" - मार्गरेट व्यंग्यपूर्ण स्वर में बोली।

राज चुप रहा।

"अगर मैं उन्हें उस टापू तक न ले जाऊं तो?"

"तुम समझदार लड़की हो । मुझे विश्वास है तुम ऐसी कोई जिद नहीं करोगी । तुमने जान फ्रेडरिक की दाई आंख पर चढा पैच देखा है ?

तुमने उस बेचारे का दायां कन्धा देखा है जहां से एक समूची बांह उखाड़ ली गयी है ? क्या तुम चाहोगी कि वे लोग तेज धार वाले चाकू से तुम्हारी भी आंखें निकाल लें या तुम्हारी बांह तुम्हारे कन्धे से उखाड़ दें । क्या तुम यह भीषण यातना बरदाश्त कर सकती हो?"

मार्गरेट का चेहरा राख की तरह सफेद हो गया ।

"तुम्हारी सूरत बता रही है, तुममें इतनी हिम्मत नहीं । इस हालत में तुम्हारे लिये यही अच्छा है कि जो वे चाहते हैं तुम करो । तुम इन लोगों को उस टापू तक ले जाओ । बदले में मैं तुमसे वादा करता हूं कि ये तुम्हें किसी प्रकार की शारीरिक हानि नहीं पहुंचायेंगे । वैसे भी अगर तुम्हें

विश्वास है कि तुम्हारा भाई मर चुका है तो तुम्हें इन लोगों को टाप तक ले जाने से कोई नकसान नहीं पहुंचने वाला है । मरे हुये आदमी को ये लोग दुबारा नहीं मार सकते ।" "अगर मेरा भाई जिन्दा है" - मारिट एक-एक शब्द पर जोर देती हुई बोली - "तो उस टापू पर इन लोगों की खैर नहीं । उस टापू का चप्पा चप्पा जार्ज का जाना-पहचाना है । वह इन लोगों को भूनकर रख देगा और इन्हें खबर भी नहीं होगी । वैसे सम्भव यह भी है कि वे खुद ही परलोक सिधार जायें |"

"क्या मतलब?"

"उस टापू पर साल में आठ महीने धुंध छाई रहती है और वहां ऐसा भयंकर दलदल है कि अनजान आदमी का टापू पर पांव रखना खतरनाक है । इन लोगों को खबर भी नहीं होगी और कोई दलदल उन्हें निगल जायेगा ।"

राज के शरीर में सनसनी-सी दौड़ गई ।

"जार्ज और मेरे अतिरिक्त कोई नहीं जानता कि उस टापू के भयंकर दलदल कहां हैं । इन लोगों का उस टापू पर कदम रखना ही अपनी मौत को बुलाना देना है।"

"यानी कि तुम इन लोगों को टापूतक ले जाने के लिये तैयार हो?" - राज बोला ।

मार्गरेट एक क्षण हिचकिचाई फिर उसने धीरे से सहमतिसूचक ढंग से सिर हिला दिया ।

दिन ढल चुका था।

जान फ्रेडरिक, अनिल साहनी, रोशनी, राज और मारिट चुपचाप हावर्ड के काटेज के बाहरी कमरे में बैठे थे । वे लोग गहन अन्धकार छा जाने की प्रतीक्षा कर रहे थे।

हावर्ड पिछवाड़े के बैडरूम में पड़ा था । एक पलंग की चादर फाड़कर रस्सी बना ली गई थी

और उसी से उसके हाथ-पांव और मुंह बांध दिये गये थे।

जब काफी अन्धेरा हो गया तो राज अपने स्थान से उठ खड़ा हुआ । उसने प्रश्नसूचक नेत्रों

से जान फ्रेडरिक की ओर देखा ।

जान फ्रेडरिक ने सहमतिसूचक ढंग से सिर हिला दिया।

"चलो ।" - राज मार्गरेट के समीप पहुंचकर उसकी बांह थामता हुआ बोला | मार्गरेट चुपचाप उठ खड़ी हुई।

दोनों काटेज के पिछवाड़े में आ गये ।

 
वे लोग पहले ही मालूम कर चुके थे कि मारिट के पास कार थी । तय यह हुआ कि राज मारिट के साथ उसके काटेज में जायेगा, मारिट गैरेज से कार निकालेगी, राज उसके साथ कार में छुपा रहेगा ताकि मारट भाग न सके । मार्गरेट कार को कम्पाउण्ड में से बाहर निकाल ले जायेगी और फिर उसे घुमाकर हावर्ड के काटेज के पिछवाड़े में ले आयेगी । जान फ्रेडरिक, रोशनी और अनिल साहनी पिछवाड़े से छुपकर कार में सवार हो जायेंगे ।

राज और मार्गरेट दीवार फांदकर मार्गरेट के काटेज के बैक यार्ड में पहुंच गये ।

इमारत के बीच में से ही साइड में बने गैरेज में जाने का रास्ता था । दोनों बिना काटेज की कोई बत्ती जलाये गैरेज में पहुंच गये ।

राज के संकेत पर मार्गरेट कार की ड्राइविंग सीट पर बैठ गई। उसने कार का इंजन चालू कर दिया |

राज अंधेरे में टटोलता हुआ आगे बढा । उसने गैराज का दरवाजा थोड़ा-सा खोला और बाहर झांका ।

बाहर का दृश्य देखकर वह सन्नाटे में आ गया ।

सशस्त्र पुलिस के कई सिपाही दबे पांव मिशन कम्पाउन्ड में दाखिल हो रहे थे ।

उसने तत्काल गैरेज का द्वार बन्द कर दिया ।

"मारिट" - वह तीव्र स्वर से बोला - "इंजन बन्द कर दो और कार से बाहर निकल आओ।"

"क्या हुआ?" - मारिट बोली । उसने इंजन तत्काल बंद कर दिया।

"पुलिस !" मार्गरेट कार से बाहर निकल आई । "लेकिन पुलिस तो जा चुकी थी !” - वह बोली ।

"पुलिस फिर वापिस आ गई है और इस बार पूरी सशस्त्र फौज आई है । लगता है उन्हें हमारा कोई नया सुराग मिल गया है।"

राज मार्गरेट की बांह थामें पिछले यार्ड में आ गया।

वह लपककर पिछली दीवार पर चढ गया । उसने पिछली ओर की गली में दायें-बायें झांककर देखा।

गली सुनसान पड़ी थी । दाई ओर गली के मोड़ पर एक बिजली का बल्ब जल रहा था जिसका प्रकाश उस स्थान तक नहीं पहुंच रहा था ।

राज ने मारिट को सहारा देने के लिये उसकी ओर हाथ बढ़ा दिया ।

अगले ही क्षण मार्गरेट भी दीवार पर थी ।

दोनों चुपचाप पिछवाड़े की गली में कूद गये ।

वे दबे पांव गली में आगे बढे ।

उसी क्षण राज को गली के मोड़ के समीप के एक लैम्प पोस्ट के पास खड़ा एक पुलिसमैन दिखाई दिया।

मार्गरेट ठिठकी।

“रुको मत ।" - राज उसकी बांह पकड़कर उसे जबरदस्ती आगे चलाता हुआ फुसफुसाया - “बढती रहो । अगर हम रुके या वापिस घूमने की कोशिश की तो उसे सन्देह हो जायेगा।"

मार्गरेट ने सहमतिसूचक ढंग से सिर हिला दिया ।

"तैयार रहना ।" - राज बोला - "मेरा संकेत मिलते ही भाग खड़ी होना । और कोई शरारत मत करना।"

"कैसी शरारत ?" "मुझसे अलग होकर गायब हो जाने की कोशिश मत करना । शायद तुम्हारे भाई की जिन्दगी तुम्हारी वजह से ही बचने वाली हो ।"

"मेरा भाई मर..."

"यह बहस करने का वक्त नहीं । तुम हजार बार कह चुकी हो कि तुम्हें अपने भाई के जीवित होने का विश्वास नहीं ।"

मार्गरेट चुप हो गई।

जहां पुलिसमैन खड़ा था उसने पचास गज पहले ही बाई ओर एक गली मुड़ती थी । राज और मार्गरेट उस गली की ओर घूमे । "ठहरो !" - पुलिसमैन का अधिकारपूर्ण स्वर गली में गूंज गया।

दोनों ठिठक गये।

पुलिसमैन लम्बे डग भरता उनकी ओर बढा ।

"तैयार ?" - राज सिगरेट के कान में फुसफुसाया ।

"तुमने हमें आवाज दी है ?" - राज उच्च स्वर में बोला और फिर लम्बे डग भरता समीप आते पुलिसमैन की ओर बढा ।

पुलिसमैन उसके समीप आकर रुक गया । वह लैम्प पोस्ट से इतनी दूर आ गया था कि लैम्प पोस्ट का प्रकाश वहां तक नहीं पहुंच रहा था । वह अन्धकार में घूर-घूरकर राज की सूरत देखने की कोशिश करने लगा |

"क्या बात है ?" - राज बोला ।

"कौन हो तुम ?" - पुलिसमैन बोला - "और इस गली में क्या कर रहे हो?"

उसी क्षण राज की निगाह गली के मोड़ की ओर उठ गई। दो पुलिसमैन गली में प्रविष्ट हो रहे थे ।

एक क्षण की देर भी खतरनाक सिद्ध हो सकती थी। उत्तर के स्थान पर राज का दायां हाथ बिजली की तरह हवा में घूमा और एक प्रचण्ड पूंसा पुलिसमैन के जबड़े से टकराया ।

"भागो ।" - राज दबे स्वर से चिल्लाया ।

मार्गरेट बाई ओर की गली में भाग खड़ी हुई।

पुलिसमैन जमीन पर पड़ा धूल चाट रहा था ।

राज जी छोड़कर बाई ओर की गली में मारिट के पीछे भागा।

उसी क्षण उसके कानों में कम्पाउन्ड की ओर से आती फायरिंग की आवाज पड़ी।

साथ ही पुलिसमैनों के भारी बूटों की आवाज से अन्धेरी गली गूंज उठी।

 
जान फ्रेडरिक यों ही पिछवाड़े के किचन में गया । संयोगवश ही उसको यह ख्याल आया था कि वह पिछवाड़े के बैडरूम में बंधे पड़े हावर्ड को देखता जाये।

उसने बैडरूम का दरवाजा खोला ।

हावर्ड गायब था ।

जान फ्रेडरिक कुछ क्षण हक्का-बक्का-सा खाली कमरे को देखता रहा फिर उसकी दक्ष निगाह कमरे में चारों ओर फिर गई।

जिन रस्सियों से हावर्ड को बांधा गया था, वे खुली हुई फर्श पर पड़ी थीं । हावर्ड किसी प्रकार अपने बन्धन खोलने में सफल हो गया था और तब वह, रोशनी और अनिल साहनी सामने के कमरे में बैठे थे तब हावर्ड चुपचाप पिछवाड़े के रास्ते वहां से खिसक गया था ।

हावर्ड कब से उस कमरे से गायब था, यह जानने का उसके पास कोई साधन नहीं था। और यही सबसे बड़ी चिन्ता का विषय था । फिर उसने अपने हाथ में थमी सैंडविच को बैडरूम के फर्श पर फेंक दिया और भागता हआ सामने कमरे में पहुंचा।

"क्या हुआ ?" - रोशनी और अनिल साहनी लगभग एक साथ बोले । जान फ्रेडरिक के चेहरे पर लिखा था कि कोई भारी गड़बड़ हो गयी है |

"हावर्ड भाग गया है ।" - जान फ्रेडरिक जल्दी से बोला - "पुलिस किसी भी क्षण यहां पहुंच सकती हैं

रोशनी और अनिल साहनी हड़बड़ा कर अपने स्थानों से उठ खड़े हुये ।

फिर अनिल साहनी ने पर्दा जरा-सा हटाकर बाहर झांका । तत्काल क्षण उसने परदे को यथास्थान कर दिया।

"पुलिस पहुंच गयी है ।" - वह वापिस जान फ्रेडरिक और रोशनी के पास आकर बोला ।

"कितने आदमी हैं ?" - जान फ्रेडरिक ने पूछा ।

"मैंने गिने नहीं लेकिन कई हैं।" - अनिल साहनी बोला - "हम उनका मुकाबला नहीं कर सकते ।"

"एक मिनट यहीं ठहरो ।" - जान फ्रेडरिक बोला | वह तेजी से काटेज के बैकयार्ड की ओर भागा | अपने एक ही हाथ की सहायता से वह किसी प्रकार बैकयार्ड को पिछली दीवार पर चढ गया ।

उसने सावधानी से गली में झांका ।

उसे दो सशस्त्र पुलिसमैन गली में उस ओर दिखाई दिये । उसके देखते-देखते वे बाई ओर की एक गली में घूमकर गायब हो गये ।

जान फ्रेडरिक दीवार से हटा और भागता हुआ वापिस सामने के कमरे में आ गया।

"फिलहाल पिछली गली खाली है" - वह जल्दी से बोला - "लेकिन वहां भी किसी भी क्षण पुलिस आ सकती है । मैंने दो पुलिस वालों को बायीं ओर की गली में भागते देखा है । वे भी वापिस लौट सकते हैं । तुम दोनों पिछवाड़े से निकल जाओ।" "हम दोनों !" - अनिल साहनी हैरानी से बोला - "और तुम ?"

एकाएक जान फ्रेडरिक बेहद शान्त दिखाई देने लगा । उसने अपना दायां हाथ अपनी जेब में डाला और राज की दी हुई रिवाल्वर निकाल

ली।

"मैं यहीं रहूंगा ।" - वह धीरे से बोला - "मैं तुम लोगों को कवर करूगा । मैं बाहर कम्पाउन्ड में मौजूद पुलिस का ध्यान अपनी ओर आकर्षित

कर लूंगा | इससे तुम्हें भागने में सहूलियत होगी

"लेकिन तुम्हारा क्या होगा ?" - रोशनी व्यग्र स्वर से बोली - "वे लोग तुम्हें भून कर रख देंगे।"

"जाहिर है" - जान फ्रेडरिक शांति से बोला - "लेकिन बजाय इसके कि हम तीनों मारे जायें, अच्छा है कि एक ही आदमी मारा जाये ।"

"लेकिन..."

"बहस मत करो । वक्त भी बरबाद मत करो । जैसा मैं कहता हूं, करो।"

"तुम हमारी खातिर जान दे रहे हो?"

"मैं तो वैसे ही एक मरा हुआ इन्सान हूं।" - जान फ्रेडरिक अपने दांये हाथ में थमी रिवाल्वर की नाल से अपने बांये कन्धे को उस स्थान पर टटोलता हुआ बोला जहां से आगे बांह गायब थी - "और फिर मैं अपनी जान पार्टी की खातिर भी तो दे रहा हूं । अगर हम तीनों मारे गये तो जार्ज टेलर की खबर कौन लेगा? मुझ जैसे अपाहिज आदमी के मुकाबले में तुम लोग उस काम को बेहतर अन्जाम दे सकते हो ।"

 
रोशनी और अनिल साहनी में से किसी ने हिलने की कोशिश नहीं की।

"जल्दी करो ।" - जान फ्रेडरिक उन्हें जबरदस्ती पिछवाड़े की ओर धकेलता हुआ बोला ।

अनिल साहनी और रोशनी भारी कदमों से पिछवाड़े की ओर बढ़ चले ।

जान फ्रेडरिक द्वार से आगे नहीं बढा ।

"अलविदा !" - वह होंठों में बुदबुदाया - "अलविदा मेरे दोस्तो ।"

अनिल साहनी और रोशनी भारी कदमों से चलते हुये वहां से विदा हो गये। जान फ्रेडरिक अकेला रह गया । उसने कमरे की बत्ती बुझा दी। वह खिड़की के समीप पहुंचा। उसने रिवाल्वर की नाल से खिड़की पर पड़ा परदा एक ओर सरका दिया ।

पुलिस बड़ी तत्परता से काटेज पर घेरा डाल रही थी।

जान फ्रेडरिक ने खिड़की के एक पल्ले को धक्का दिया । खिड़की खुल गई। फिर जन फ्रेडरिक ने बिना अन्जाम की परवाह किये पुलिस पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी।

सारा मिशन कम्पाउण्ड फायरिंग की आवाज से गूंज उठा।

***

राज और मारिट प्रिन्स एल्बर्ट रोड के इलाके से सुरक्षित निकल आये ।

वे लोग टैक्सी पर बैठे और सोहो के एक गन्दे से रेस्टोरेंट में पहुंच गये।

नौ बजे के न्यूज ब्राडकास्ट में मिशन कम्पाउण्ड में घटित घटनाओं का बड़ा गर्मागर्म वर्णन था । उस न्यूज ब्राडकास्ट को सुनकर ही राज को मालूम हुआ कि पीछे रह गये जान फ्रेडरिक, अनिल साहनी और रोशनी पर क्या गुजरी।

न्यूज ब्राडकास्ट के अनुसार हावर्ड नाम के एक व्यक्ति ने स्काटलैंड यार्ड में फोन किया था कि प्रिंस एल्बर्ट रोड पर स्थित मिशन कम्पाउन्ड के तीन नम्बर काटेज में कुछ ऐसे व्यक्ति छुपे हुये हैं जिनकी पुलिस को पहले से ही तलाश थी और हावर्ड स्वयं उन व्यक्तियों द्वारा उसके अपने ही काटेज में गिरफ्तार करके रखा गया था और वह किसी प्रकार चुपचाप अपने बन्धन खोलकर वहां से भाग निकलने में सफल हो गया था ।

यह पुलिस का दुर्भाग्य था कि उनकी भरपूर तत्परता के बावजूद किसी प्रकार अपराधियों को उनकी खबर लग गई थी और अपने एक साथी को छोड़कर वे सब वहां से भाग निकलने में सफल हो गये थे । अपराधियों

का एक साथी, जो कि एक अंग्रेज था और जिसकी एक आंख और एक बांह गायब थी, हावर्ड के काटेज में से पुलिस पर गोलियां चलाता रहा था । स्वयं पुलिस की गोलियां का शिकार होने से पहले वह एक पुलिसमैन की हत्या और दो पुलिसमैनों को सख्त घायल करने में सफल हो गया था । मृत के दो साथी हावर्ड के काटेज के पिछवाड़े से भागे थे । पिछवाड़े में मौजूद एक पुलिसमैन ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी लेकिन वे दोनों पुलिसमैन को सख्त घायल करके वहां से भाग निकलने में सफल हो गये थे।

घायल पुलिसमैन के बयान के अनुसार वे दोनों काले थे और उनमें से एक युवती थी और दूसरा एक देव जैसा लम्बा चौड़ा व्यक्ति था। उससे केवल तीन मिनट पहले उसी पुलिसमैन ने दो अन्य व्यक्तियों को भी रोकने की कोशिश की थी। उन दोनों में भी एक युवक था और दूसरी युवती थी । गली में

--

प्रकाश की कमी के बावजूद पुलिसमैन उस युवक की सूरत देखने में सफल हो गया था। वह युवक भी काला था और वह उसके जबड़े पर चूंसा जमा कर उसे धराशायी करके भागने में सफल हो गया था । उस युवक की साथी युवती की सूरत वह नहीं देख पाया था। अन्त में एनाउन्सर ने अनिल साहनी, रोशनी

और राज का हुलिया बयान किया और लन्दन की जनता के सामने पुलिस की यह अपील दोहराई कि जो कोई भी उन तीन अपराधियों में से किसी को देखे, वह फौरन पुलिस को सूचित करे। न्यूज ब्राडकास्ट समाप्त हो गया। राज ने मार्गरेट को उठने का संकेत किया । दोनों रेस्टोरेंट से बाहर निकल आये ।

राज को चिन्ता थी कि रेडियो पर ब्राडकास्ट किये गये उसके हुलिये के दम पर कोई उसे पहचान न ले। न्यूज ब्राडकास्ट से जाहिर था कि जान फ्रेडरिक पुलिस के हाथों मारा गया था लेकिन रोशनी और अनिल साहनी भाग निकलने में सफल हो गये थे और यह कि मारिट के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं थी | अगर हावर्ड ने पुलिस को यह बताया भी हो कि मार्गरेट अपराधियों के बन्धन में थी तो भी पुलिस को मार्गरेट की वर्तमान स्थिति का ज्ञान नहीं था ।

"अब?" - बाहर आकर मारिट ने पूछा।

"अब तुम मेरे साथ डेनवर चलोगी ।" - राज बोला - "मैं अनिल साहनी और रोशनी को डेनवर के समीप स्थित तुम्हारे भाई के टापू के बारे में पहले ही बता चुका हूं । मुझे पूरा विश्वास है कि वे लोग वहां जरूर पहुंचेंगे । वे तुम्हारे भाई की हत्या करने के लिये पूर्णतया दृढप्रतिज्ञ हैं।"

मार्गरेट ने कुछ कहने के लिये मुंह खोला लेकिन फिर उसने अपना इरादा बदल दिया ।

"और हमें फौरन लन्दन से निकल जाना है । मेरा हुलिया रेडियो पर ब्राडकास्ट किया जा चुका है। लन्दन में मेरी मौजूदगी मेरी लिए बहुत खतरनाक सिद्ध हो सकती है । तुम्हें डेनवर की ओर जाने

वाली गाड़ियों के समय की कोई जानकारी है?"

"ग्यारह बजे किंग्स क्रास स्टेशन से एक घड़ी डेनवर की ओर जाती है।"

"डेनवर कितने बजे पहुंचती है वह ?"

"अगले दिन दस बजे ।"

"ठीक है ।" - राज सन्तुष्टपूर्ण ढंग से सिर हिलाता हुआ बोला - "और टिकट वगैरह तुम खरीदना । हो सकता है स्टेशन पर भी पुलिस मेरी तलाश कर रही हो । तुम्हारी ओर किसी को ध्यान नहीं जायेगा । मैं ट्रेन चलने से एक-दो। मिनट पहले किसी प्रकार चुपचाप ट्रेन में सवार हो जाऊंगा।"

मार्गरेट चुप रही।

वे एक टैक्सी पर सवार हुये और किंग्स क्रास स्टेशन की ओर रवाना हो गये।

***

 
अनिल साहनी और रोशनी एक बनती हुई इमारत की तीसरी मंजिल पर छुपे हुये थे । वह इमारत प्रिंस एल्बर्ट रोड के बहत समीप थी । इमारत ग्यारह मंजिलों तक उठाई जा चुकी थी और अभी और ऊंची बन रही थी । यह उनका सौभाग्य था कि वे लोग इस इमारत की तीसरी मंजिल पर पहुंचकर छुपने में सफल हो गये थे । बहुत-सी घटनायें थीं जिनका जिक्र नौ बजे के न्यूज ब्राडकास्ट में नहीं था । जैसे मिशन कम्पाउन्ड के पिछवाडे की गली में जिस पलिसमैन को घायल करके वे दोनों भागे थे, वह अपनी सीटी बजाने में सफल हो गया था और जो दो पुलिसमैन राज और मार्गरेट के पीछे भाग रहे थे उनमें से एक सीटी की आवाज सुनकर वापिस आ गया था । उसने अनिल साहनी और रोशनी को भागते देखा था और उन पर अपनी सर्विस रिवाल्वर से फायर झोंकने आरम्भ कर दिये थे।

उस पुलिसमैन की एक गोली अनिल साहनी के बायें कन्धे को फाड़ती हुई गुजर गई थी।

फायरिंग और सीटी की आवाज सुनकर कई और पुलिसमैन उस गली में पहुंच गये थे और उनकी बाकायदा तलाश शुरू हो गई थी। अगर उस बनती हुई इमारत में उन्होंने शरण न ली होती तो वे जरूर पुलिस के हाथों में पड़ जाते

बड़ी कठिनाई से अनिल साहनी ने अपने शरीर से अपना कोट अलग किया । उसके कन्धे से इतना खून बह चुका था और अभी भी बह रहा था कि उसकी कमीज का बाई बांह कलाई तक खून से तर हो गयी थी ।

रोशनी के मुंह से सिसकारी निकल गई ।

"तुम्हारा चाकू कहां है?" - एकाएक वह बोली ।

"कोट की जेब में ।" - अनिल साहनी क्षीण स्वर से बोला - "क्यों?"

रोशनी ने कोई उत्तर नहीं दिया । उसने उसके कोट की जेब से चाकू निकाल लिया । उसने अनिल साहनी की कमीज की खून से तर बांह को कन्धे से काटकर अलग कर दिया । इसी प्रकार उसने कमीज की दूसरी बांह भी कन्धे से काट दी।

उसने अपना रूमाल निकालकर उसके कन्धे के जख्म पर बांधा और फिर जख्म को मजबूती से कमीज की बांह से बांध दिया । खून बहना बन्द हो गया।

"थैक्यू ।" - अनिल साहनी भर्राये स्वर से बोला - "थैक्यू ।"

रोशनी ने ऊपर से उसे उसका कोट पहना दिया ।

दोनों प्रतीक्षा करने लगे।

रात के दस बज गये।

"राज और मारिट का क्या हुआ होगा?" - एकाएक अनिल साहनी बोला |

"वे लोग भाग निकलने में सफल हो गये होंगे।" - रोशनी आशापूर्ण स्वर से बोली । "या शायद वे पुलिस की पकड़ में आ चुके हों !"

"हो सकता है।"

"शायद मामले की पेचीदगियां बढती देखकर राज हमारी मदद से हाथ खींच ले ?"

"मुझे वह ऐसा आदमी तो नहीं लगता था ।"

"लेकिन अगर ऐसा हो भी गया तो क्या हम दोनों जार्ज टेलर की तलाश करके उसका काम तमाम करने में सफल हो पायेंगे?"

"हमें सफल होना ही है ।" - रोशनी दृढ स्वर में बोली - "राज हो या न हो ।"

"वह लड़की कहती थी कि जार्ज टेलर मर चुका था ।"

"वह बकती है । वे ऐसा इसलिए कहती है कि हम उसके भाई को मरा समझदार उसका पीछा छोड़ दें।" - रोशनी कुद्ध स्वर से बोली ।

अनिल साहनी चुप रहा। "हमें हर हालत में जार्ज टेलर को टापू पर पहुंचना है ।" - रोशनी बोली - "रास्ता साफ होते ही हमें डेनवर के लिये रवाना हो जाना है । मुझे उम्मीद है कि वहीं हमारी राज से भी मुलाकात हो जायेगी।"

"डेनवर कैसे पहुंचेंगे हम ?"

"हमें किसकी प्रकार किंग्स क्रास रेलवे स्टेशन पर पहुंचना है । डेनवर के लिये गाड़ियां वहां से जाती हैं।"

"लेकिन क्या हम रेलवे स्टेशन जैसी जगह पर पुलिस की निगाहों से बच पायेंगे? ऐसी जगहों पर तो हमारी विशेष रूप से तलाश हो रही होगी

"हमें कोई साधन निकालना ही पड़ेगा।" - रोशनी दृढ स्वर से बोली - "हमें हर हालत में डेनवर पहुंचना है।"

"कोई साधन सोचा है तुमने ?"

"हां । हम चुपचाप मालगाड़ी पर सवार होकर डेनवर की ओर रवाना हो सकते हैं । मालगाड़ी में हम रेलवे यार्ड से ही सवार हो सकते हैं । इस प्रकार हम रेलवे स्टेशन पर पुलिस की या किसी की भी निगाहों में आने से बचे रह सकते हैं।"

"किंग्स क्रास स्टेशन कहां है ?"

"ग्रेज इन रोड के समीप ।" “

वहां तक कैसे पहुंचेंगे हम ?"

"पैदल चल कर ।"

"लेकिन मैं पैदल नहीं चल सकता।" - अनिल साहनी क्षीण स्वर से बोला - "मेरे शरीर में से बहुत ज्यादा खून बह चुका है । मुझमें पैदल चलने की हिम्मत नहीं है ।"

"तो फिर हमें टैक्सी पर सवार होने का खतरा उठाना पड़ेगा ।" - रोशनी बोली ।

अनिल साहनी चुप रहा।

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