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राजेश नैना को बडी उम्मीद से देख रहा था । नैना ने आँखें बंद की और सोचा कि अगर मैं ना करती हूं तो पता नहीं राजेश को उसके प्यार का एहसास कैसे कराऊंगी? मै दिमाग की सुनुंगी अब।
नैना ने अब साहिल की ओर देखा।
साहिब धीरे से बोला - हां बोलो नैना ।
नैना ने अब बड़े ही भारी मन से कह दिया - हाँ, मै तैयार हूँ - कहते हुए उसकी आँख से आँसू बह चला। अब उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी राजेश की तरफ देखने की
नैना की हां सुनते ही साहिल की जान में जान आई कि चलो, आधी मंजिल तो उसने आज हासिल कर ही ली। वह खड़ा हुआ और मुस्कुराते हुए बोला - थैंक्स ए लॉट नैना , मैं तुम्हें दुनिया की वह हर खुशी दूंगा जो तुम्हें कोई और कभी नहीं दे पाएगा ।
नैना ने अब हिम्मत कर नजर उठा राजेश की ओर देखा तो हैरान रह गई - राजेश वहाँ नहीं था, वह जा चुका था।
नैना यह देख परेशान हो गई - साहिल, राजेश यहाँ नहीं है।
साहिल ने पीछे मुड़कर देखा तो राजेश सच में जा चुका था।
नैना ( रोते हुए) - वो चला गया और वो भी बिना कुछ कहे। ऐसे कैसे जा सकता है ? मैं अभी उससे बात करती हूं , नैना जैसे ही चलने को हुई कि तभी साहिल ने उसे रोक लिया ।
साहिल - नहीं नैना , उसके पीछे नही जाना । अगर तुम उसके पीछे गई तो सब खराब हो जाएगा । तुम उसे महसूस , होने दो कि तुम उससे नाराज हो । अगर यूँ कमजोर पडोगी तो कैसे काम चलेगा ? उसे अकेला रहने दो , तभी उसे तुम्हारी कमी का एहसास होगा ।
नैना अब चुपचाप साहिल को देखने लगी - साहिल , तुम्हें लगता है कि राजेश मेरा ही होगा?
साहिल यह सुनकर गंभीर हो गया - पता नहीं , मैं बस इतना कह सकता हूं कि तुम्हें हार नहीं माननी चाहिए। बिल्कुल वैसे ही , जैसे मैं नहीं मानता अपनी मंजिल हासिल करने तक।
उधर राजेश बडे शांत तरीके से जैसे की कुछ हुआ ही ना हो, सीढ़ियों से उतर सीधा विशाल के केबिन में पहुंचा तो वहाँ रिचा ना थी।
राजेश - कुछ पता चला?
विशाल - यार मैंने कोशिश की पर वह कह रही है कि खुद का आईडिया था ।
राजेश - ठीक है, मैं पूछता हूं उससे। कहाँ है वो?
विशाल - प्लीज यार बाद में । वह कह रही थी कि उसकी , तबीयत ठीक नहीं है तो मैने घर भेज दिया उसे।
राजेश - हम्म, ठीक है । रिचा के ठीक होने का इंतजार करता हूं । मैं कुछ काम से जा रहा हूं , तुम ऑफिस संभाल लेना।
विशाल - लेकिन साहिल और नैना का...
राजेश - कल बात करते हैं - कहते हुए ऑफिस से निकल लिफ्ट में चला गया ।
नैना, साहिल सीढ़ियों से नीचे उतरे पर उन्हें राजेश कहीं दिखाई नहीं दिया ।
नैना - कहां गया होगा?
साहिल - पता नहीं, यही कही होगा । मैं देखता हूं - कहते हुए वह राजेश को ढूँढने चला गया।
तभी सारा नैना के पास आई - यार तुमने अपना प्लान पूरा क्यों नहीं किया ? मुझे तो लगा था कि अब तक काम हो गया होगा ।
नैना (हैरानी से ) - यह क्या बोल रही है , तुझसे किसने कहा , कि प्लान पूरा नही किया? हम अपना प्लान कर चुके हैं पर यह राजेश पता नहीं कहां चला गया?
सारा नैना को ध्यान से देखने लगी ।
नैना - क्या हुआ ? ऐसे क्यों देख रही है ?
सारा - मैंने अभी राजेश सर को सीढ़ियों से नीचे आते देखा था और उनके चेहरे को देखकर तो ऐसा कुछ भी नहीं लग रहा था कि ऊपर टैरेस पर कुछ भी हुआ है ? वह तो बहुत शांत लग रहे थे । तभी तो मुझे लगा कि शायद तुम लोगों ने अपना प्लान पूरा नहीं किया है ।
नैना सोच में पड़ गई कि राजेश ने कोई रिएक्शन क्यों नहीं दिया और ऐसे टाइम पर वह शांत कैसे रह सकता है ? नैना का अब दिल बैठा जा रहा था। वह अब जल्दी से वाँशरूम गई और उसे अंदर से बंद कर जोर से रोने लगी। वह जानती थी कि यह नाटक है पर आज उसने राजेश के दिल को फिर से दुखा दिया।
उधर राजेश लिफ्ट में चुपचाप खड़ा था। उसकी आंखों के सामने थोड़ी देर पहले जो हुआ, वह सब घूमने लगा । राजेश की आंखों से आंसू बहने लगे और वह खुद को समझाने लगा , कि मैं तो पहले से ही जानता था कि इस लडकी को धोखा देने के सिवाय और कुछ आता ही नही। आज भी वही किया है, यह अच्छे से जानता हूं पर पता नहीं क्यों मुझे फिर भी तकलीफ हो रही है । मेरे मना करने के बाद भी नैना ने साहिल को हाँ कहा जबकि मैं उसे बता चुका था कि साहिल मुझे ठीक नहीं लगता पर इसनें कसम खा रखी है हर बार मेरे खिलाफ जाने की ।
राजेश बार-बार अपने आंसुओं को रोकने की कोशिश करता पर आँसू थे कि रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे । कैसे कर लिया नैना ने यह ? कल तक तो मुझसे शादी करना चाहती थी, मुझसे प्यार करती थी और आज रिचा ने शादी की बात क्या कह दी कि बिना सोचे समझे इसने साहिल को हाँ कर दी।
नैना मुझसे प्यार करती है या नहीं? इसने मुझसे कभी सच में प्यार किया था भी या नहीं या मेरी शादी की बात सुन एकदम से नैन का प्यार खत्म ह गया - इस तरह के कई सवाल राजेश को जेहन में घूम रहे थे । वह बस यहां से बहुत दूर चला जाना चाहता था, कहीं दूर जहां लोगों की परछाई तक ना पड़े उस पर। जहां उसे कोई भी ना जानता हो । इतना सब कुछ हो गया पर नैना उसके दिल में बसी थी ।
, वह खुद से ही नाराज होने लगा और फूट-फूट कर रोने लगा कि आखिर क्यों उसका दिल ही उसके बस में नहीं था । राजेश पुराने दिनों को याद करने लगा कि आखिर क्यों उसने नैना से प्यार किया ? उसे पता होता कि इसके बाद वह कभी सुकून से नहीं जी पाएगा तो नैना को कभी अपनी जिंदगी में ना आने देता।
राजेश ने अपने आप को संभाला और आँसू पोछ खड़ा हो गया - नैना, तुमने यह ठीक नहीं किया । वह फिलहाल किसी से बात करने के मूड में नहीं था । बिल्डिंग से निकल वह चुपचाप गाड़ी में बैठकर वहाँ से निकल गया - कहां? यह तो खुद वो भी नहीं जानता था ।
नैना अब वॉशरूम से बाहर आई, उसे घबराहट हो रही थी क्योंकि वह जानती थी कि राजेश बहुत परेशान हुआ होगा। उसे ठेस पहुंची होगी पर ऐसे कैसे काम चलेगा? नैना बार-बार भगवान से प्रार्थना करने लगी कि राजेश सही सलामत हो।
राजेश जैसे ही अपनी गाड़ी से निकला कि वहाँ साहिल आ पहुंचा। राजेश को जाता देख साहिल दुखी हो गया - क्या यार, यह तो मिलने से पहले ही निकल गया । मैं एक बार अपनी हार से उतरा हुआ उसका चेहरा देख लेता तो मजा आ , जाता।
अब उसने चारों ओर देखा, वहाँ कोई और तो नहीं है। उसने फोन मिलाया- काम हो गया है । नैना को लग रहा है कि वो राजेश को अपने जाल में फंसा चुकी है पर उसे यह नहीं पता कि वह खुद मेरे जाल में फस गई है । हां , मैं ध्यान रखूंगा कि सब ठीक से हो जाए - कहते हुए साहिल ने फोन रख दिया और जैसे ही वह वापस बिल्डिंग की ओर मुड़ा कि पीछे से एक कार आकर रुकी ।
साहिल ने अब पीछे मुड़कर देखा तो उस कार में से निकलती रिया को देखते ही उसके चेहरे पर अपने आप ही एक मुस्कान तैर गई - यह यहां कैसे ?
रिया उसके बगल से होती हुई बिल्डिंग में चली गई । साहिल चुपचाप खड़ा हुआ उसे देखने लगा - यहां क्या कर रही है यह? यह तो बेंगलुरु में ..... ,
नैना ने अब साहिल की ओर देखा।
साहिब धीरे से बोला - हां बोलो नैना ।
नैना ने अब बड़े ही भारी मन से कह दिया - हाँ, मै तैयार हूँ - कहते हुए उसकी आँख से आँसू बह चला। अब उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी राजेश की तरफ देखने की
नैना की हां सुनते ही साहिल की जान में जान आई कि चलो, आधी मंजिल तो उसने आज हासिल कर ही ली। वह खड़ा हुआ और मुस्कुराते हुए बोला - थैंक्स ए लॉट नैना , मैं तुम्हें दुनिया की वह हर खुशी दूंगा जो तुम्हें कोई और कभी नहीं दे पाएगा ।
नैना ने अब हिम्मत कर नजर उठा राजेश की ओर देखा तो हैरान रह गई - राजेश वहाँ नहीं था, वह जा चुका था।
नैना यह देख परेशान हो गई - साहिल, राजेश यहाँ नहीं है।
साहिल ने पीछे मुड़कर देखा तो राजेश सच में जा चुका था।
नैना ( रोते हुए) - वो चला गया और वो भी बिना कुछ कहे। ऐसे कैसे जा सकता है ? मैं अभी उससे बात करती हूं , नैना जैसे ही चलने को हुई कि तभी साहिल ने उसे रोक लिया ।
साहिल - नहीं नैना , उसके पीछे नही जाना । अगर तुम उसके पीछे गई तो सब खराब हो जाएगा । तुम उसे महसूस , होने दो कि तुम उससे नाराज हो । अगर यूँ कमजोर पडोगी तो कैसे काम चलेगा ? उसे अकेला रहने दो , तभी उसे तुम्हारी कमी का एहसास होगा ।
नैना अब चुपचाप साहिल को देखने लगी - साहिल , तुम्हें लगता है कि राजेश मेरा ही होगा?
साहिल यह सुनकर गंभीर हो गया - पता नहीं , मैं बस इतना कह सकता हूं कि तुम्हें हार नहीं माननी चाहिए। बिल्कुल वैसे ही , जैसे मैं नहीं मानता अपनी मंजिल हासिल करने तक।
उधर राजेश बडे शांत तरीके से जैसे की कुछ हुआ ही ना हो, सीढ़ियों से उतर सीधा विशाल के केबिन में पहुंचा तो वहाँ रिचा ना थी।
राजेश - कुछ पता चला?
विशाल - यार मैंने कोशिश की पर वह कह रही है कि खुद का आईडिया था ।
राजेश - ठीक है, मैं पूछता हूं उससे। कहाँ है वो?
विशाल - प्लीज यार बाद में । वह कह रही थी कि उसकी , तबीयत ठीक नहीं है तो मैने घर भेज दिया उसे।
राजेश - हम्म, ठीक है । रिचा के ठीक होने का इंतजार करता हूं । मैं कुछ काम से जा रहा हूं , तुम ऑफिस संभाल लेना।
विशाल - लेकिन साहिल और नैना का...
राजेश - कल बात करते हैं - कहते हुए ऑफिस से निकल लिफ्ट में चला गया ।
नैना, साहिल सीढ़ियों से नीचे उतरे पर उन्हें राजेश कहीं दिखाई नहीं दिया ।
नैना - कहां गया होगा?
साहिल - पता नहीं, यही कही होगा । मैं देखता हूं - कहते हुए वह राजेश को ढूँढने चला गया।
तभी सारा नैना के पास आई - यार तुमने अपना प्लान पूरा क्यों नहीं किया ? मुझे तो लगा था कि अब तक काम हो गया होगा ।
नैना (हैरानी से ) - यह क्या बोल रही है , तुझसे किसने कहा , कि प्लान पूरा नही किया? हम अपना प्लान कर चुके हैं पर यह राजेश पता नहीं कहां चला गया?
सारा नैना को ध्यान से देखने लगी ।
नैना - क्या हुआ ? ऐसे क्यों देख रही है ?
सारा - मैंने अभी राजेश सर को सीढ़ियों से नीचे आते देखा था और उनके चेहरे को देखकर तो ऐसा कुछ भी नहीं लग रहा था कि ऊपर टैरेस पर कुछ भी हुआ है ? वह तो बहुत शांत लग रहे थे । तभी तो मुझे लगा कि शायद तुम लोगों ने अपना प्लान पूरा नहीं किया है ।
नैना सोच में पड़ गई कि राजेश ने कोई रिएक्शन क्यों नहीं दिया और ऐसे टाइम पर वह शांत कैसे रह सकता है ? नैना का अब दिल बैठा जा रहा था। वह अब जल्दी से वाँशरूम गई और उसे अंदर से बंद कर जोर से रोने लगी। वह जानती थी कि यह नाटक है पर आज उसने राजेश के दिल को फिर से दुखा दिया।
उधर राजेश लिफ्ट में चुपचाप खड़ा था। उसकी आंखों के सामने थोड़ी देर पहले जो हुआ, वह सब घूमने लगा । राजेश की आंखों से आंसू बहने लगे और वह खुद को समझाने लगा , कि मैं तो पहले से ही जानता था कि इस लडकी को धोखा देने के सिवाय और कुछ आता ही नही। आज भी वही किया है, यह अच्छे से जानता हूं पर पता नहीं क्यों मुझे फिर भी तकलीफ हो रही है । मेरे मना करने के बाद भी नैना ने साहिल को हाँ कहा जबकि मैं उसे बता चुका था कि साहिल मुझे ठीक नहीं लगता पर इसनें कसम खा रखी है हर बार मेरे खिलाफ जाने की ।
राजेश बार-बार अपने आंसुओं को रोकने की कोशिश करता पर आँसू थे कि रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे । कैसे कर लिया नैना ने यह ? कल तक तो मुझसे शादी करना चाहती थी, मुझसे प्यार करती थी और आज रिचा ने शादी की बात क्या कह दी कि बिना सोचे समझे इसने साहिल को हाँ कर दी।
नैना मुझसे प्यार करती है या नहीं? इसने मुझसे कभी सच में प्यार किया था भी या नहीं या मेरी शादी की बात सुन एकदम से नैन का प्यार खत्म ह गया - इस तरह के कई सवाल राजेश को जेहन में घूम रहे थे । वह बस यहां से बहुत दूर चला जाना चाहता था, कहीं दूर जहां लोगों की परछाई तक ना पड़े उस पर। जहां उसे कोई भी ना जानता हो । इतना सब कुछ हो गया पर नैना उसके दिल में बसी थी ।
, वह खुद से ही नाराज होने लगा और फूट-फूट कर रोने लगा कि आखिर क्यों उसका दिल ही उसके बस में नहीं था । राजेश पुराने दिनों को याद करने लगा कि आखिर क्यों उसने नैना से प्यार किया ? उसे पता होता कि इसके बाद वह कभी सुकून से नहीं जी पाएगा तो नैना को कभी अपनी जिंदगी में ना आने देता।
राजेश ने अपने आप को संभाला और आँसू पोछ खड़ा हो गया - नैना, तुमने यह ठीक नहीं किया । वह फिलहाल किसी से बात करने के मूड में नहीं था । बिल्डिंग से निकल वह चुपचाप गाड़ी में बैठकर वहाँ से निकल गया - कहां? यह तो खुद वो भी नहीं जानता था ।
नैना अब वॉशरूम से बाहर आई, उसे घबराहट हो रही थी क्योंकि वह जानती थी कि राजेश बहुत परेशान हुआ होगा। उसे ठेस पहुंची होगी पर ऐसे कैसे काम चलेगा? नैना बार-बार भगवान से प्रार्थना करने लगी कि राजेश सही सलामत हो।
राजेश जैसे ही अपनी गाड़ी से निकला कि वहाँ साहिल आ पहुंचा। राजेश को जाता देख साहिल दुखी हो गया - क्या यार, यह तो मिलने से पहले ही निकल गया । मैं एक बार अपनी हार से उतरा हुआ उसका चेहरा देख लेता तो मजा आ , जाता।
अब उसने चारों ओर देखा, वहाँ कोई और तो नहीं है। उसने फोन मिलाया- काम हो गया है । नैना को लग रहा है कि वो राजेश को अपने जाल में फंसा चुकी है पर उसे यह नहीं पता कि वह खुद मेरे जाल में फस गई है । हां , मैं ध्यान रखूंगा कि सब ठीक से हो जाए - कहते हुए साहिल ने फोन रख दिया और जैसे ही वह वापस बिल्डिंग की ओर मुड़ा कि पीछे से एक कार आकर रुकी ।
साहिल ने अब पीछे मुड़कर देखा तो उस कार में से निकलती रिया को देखते ही उसके चेहरे पर अपने आप ही एक मुस्कान तैर गई - यह यहां कैसे ?
रिया उसके बगल से होती हुई बिल्डिंग में चली गई । साहिल चुपचाप खड़ा हुआ उसे देखने लगा - यहां क्या कर रही है यह? यह तो बेंगलुरु में ..... ,