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सन्नी- दीदी अब तुम्हे मैं कर के ही बता देता हू और डॉली के मोटे-मोटे दूध को अपने हाथो मे पकड़ लेता है और उन्हे दबाते हुए डॉली के होंठो को अपने मूह के पास लाकर, दीदी अपनी नज़रे उपर करो, डॉली अपनी नज़रे उठाकर सन्नी को देखती है सन्नी उसके होंठो से अपने होंठ छूता हुआ, दीदी तुम जानती हो मैं क्यो तुम्हारे साथ सोना चाहता हू, डॉली अपनी आँखे खोले सन्नी को देखती है,
सन्नी, डॉली के लबो को अपने होंठो से छूता हुआ दीदी मैं तुम्हे पूरी नंगी करके तुम्हारे हर अंग का रस पीना चाहता हू
और तुम्हे पूरी रात चोदना चाहता हू, उसके इतना कहते ही डॉली अपनी आँखे बंद कर लेती है और सन्नी उसके होंठो को
पागलो की तरह चूमता हुआ अपनी दीदी के मोटे-मोटे कठोर दूध को कस कर दबाने लगता है,
डॉली- आह सन्नी प्लीज़, सन्नी प्लीज़ छोड़ दे आ, और सन्नी उसको पागलो की तरह उसको पूरा अपनी गोद मे चढ़ा कर उसके पूरे बदन को अपने से चिपका लेता है, डॉली गहरी साँसे लेती हुई सन्नी से चिपकी रहती है, दोनो इसी अवस्था मे लगभग 5 मिनिट तक बैठे रहते है, कुछ देर बाद डॉली शरमा कर सन्नी की गोद से उतर जाती है और अपना मूह दूसरी और करके खड़ी हो जाती है
सन्नी खड़ा हो कर डॉली को पीछे से जाकर धीरे से अपनी बाँहो मे भरता हुआ, दीदी चलो आज मैं तुमको बढ़िया सा लंच करवाता हू और उसके गालो को चूम लेता है, और डॉली का हाथ पकड़ कर चल देता है, डॉली अपनी गर्दन झुकाए सन्नी के साथ चलती रहती है, दोनो जाकर बायक पर सवार होकर एक बढ़िया से होटेल मे लंच करते है उसके बाद सन्नी डॉली को घर लेकर आ जाता है,
सन्नी जब अपनी घड़ी देखता है तो 2 बज रहे थे सन्नी डॉली को अपने दोस्त से मिलने जाने का कह कर चला जाता है और डॉली अपने बेड पर जाकर सन्नी के साथ लूटे हुए मज़े के बारे मे सोच कर मुस्कुराती हुई खोई रहती है और कुछ देर
बाद उसकी नींद लग जाती है,
रोहन के घर की बेल जब बजती है तो दरवाजा खोलने गई सारिका के सामने सन्नी खड़ा हुआ था, दोनो एक दूसरे को देख
कर मुस्कुराते है लेकिन दोनो की नज़रे जब एक दूसरे से मिलती है तो जहाँ सन्नी का लंड खड़ा हो जाता है वही सारिका की चूत मैं तनाव सा आने लगता है, सन्नी मन ही मन क्या मस्त गदराई चूत है रोहन की मम्मी, आज तो इसको पूरी नंगी कर के पूरे घर मे दौड़ा-दौड़ा कर चोदुगा, वही सारिका सन्नी को देख कर सोचती है इसका जितना तगड़ा बदन है इसका लोड्ा भी उतना ही तगड़ा होगा, इसके मोटे डंडे से अपनी चूत मरवाने मे मज़ा आ जाएगा.
सन्नी- नमस्ते आंटी,
सारिका- अरे सन्नी बेटा आओ अंदर आओ, और सन्नी सारिका के बगल से होता हुआ अंदर आ जाता है, सारिका उसके पीछे आती हुई,
सारिका- कैसे हो सन्नी बैठो
सन्नी- बैठते हुए ठीक हू आंटी, आप कैसी है,
सारिका- बस बेटे मैं भी ठीक हू
सन्नी- आंटी रोहन कहाँ है
सारिका- मन ही मन मे, कितना भोला बन रहा है क्या जानता नही कि रोहन अपनी मा को चुदवाने के लिए बाहर गया है,
बेटे रोहन तो किसी काम से शहर से बाहर गया है,
सन्नी- ओह, मुझे बताया नही,
सारिका- बेटे कुछ अर्जेंट वर्क था इसलिए जल्दी बाजी मे निकल गया
सन्नी- अच्छा आंटी कोई बात नही फिर मैं चलता हू
सारिका- ( मन ही मन बिना चोदे चला जाएगा क्या,) बेटे अब आए हो तो एक कप कॉफी पी कर जाना
सन्नी- अरे आंटी आप तकलीफ़ क्यो करती है
सारिका- बेटे इसमे तकलीफ़ की क्या बात है, ( सारिका मन मे बेटे तकलीफ़ तो मेरी चूत मे है एक बार मुझे पूरी नंगी करके कस कर चोद दे तो मेरी सारी तकलीफ़ दूर हो जाएगी,)
सन्नी- ठीक है आंटी
सारिका मूड कर अपनी मॅक्सी मे से अपनी गदराई गान्ड को पूरी मस्तानी चाल से उभार कर चलती हुई मटका कर जाने लगती है.
सन्नी उसकी मोटी गान्ड को देख कर हे रोहन क्या गदराई गान्ड पाई है तेरी मम्मी ने, पिला रानी कॉफी पिला, कॉफी पीने के बाद तेरी चूत का रस जब पिउगा तो तू अपनी चूत से मूतने ना लग जाए तो कहना, और सन्नी अपने खड़े लंड को मसल्ने लगता है,