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कच्ची कली compleet

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कच्ची कली

मेरा नाम राज है लोग प्यार से मुझे राज्ज्ज भी कहते हैं. 28 साल का हू और थोड़ा सा हॅंडसम और स्टाइलिश भी हू. गोरा रंग. ब्रॉड शोल्डर्स, मस्क्युलर बॉडी और हेरी चेस्ट. में एक एलेक्ट्रॉनिक कंपनी में मेंटेनेन्स इंजिनियर हू. हमारी कंपनी एलेक्ट्रॉनिक कॉंपोनेंट्स भी बनाती है जिसकी इंडस्ट्रियल एरिया में एक मीडियम साइज़ की फॅक्टरी भी है यह जॉब जोइन कर के मुझे बॅस 3 ही मंथ हुए हैं. हमारी फॅक्टरी शहेर से तकरीबन 25 किलोमेटेर की दूरी पे है. हमारी कंपनी का एक शोरुम और मेंटेनेन्स सेक्षन का एक ऑफीस शहेर में भी है जहा मुझे डेली जाना पड़ता है तो में डेली 25 किलोमीटर का अप आंड डाउन अपनी यामेहा बाइक पे ही करता हू. मुझे बाइक्स का बहुत शौक है और में 1 या 2 साल में बाइक्स बदलता रहता हू. इंडस्ट्रियल एरिया में फॅक्टरी वर्कर्स और स्टाफ के लिए छोटे छोटे हाउसिंग कॉलोनीस बने हुए हैं जो फॅक्टरीस से थोड़ी दूर के डिस्टेन्स पर हैं. में भी ऐसी ही एक कॉलोनी के एक इनडिपेंडेंट घर में रहता हू. मेरा घर बहुत बड़ा भी नही बहुत छोटा भी नही. मेरे घर के सामने छोटा सा गार्डेन है फिर गेट है. मेरा घर मीडियम साइज़ का है जिस्मै एक सिट्टिंग रूम, 2 मीडियम साइज़ के बेडरूम्स, 1 ड्रॉयिंग कम डाइनिंग रूम है जहा टीवी, वीडियो और म्यूज़िकल सेट भी रखा हुआ है शौकीन मिज़ाज का हू इसी लिए बहुत पॉवेरफूल स्पीकर्स को ऐसे छुपा के रखा है के वो किसी को भी दिखाई नही देते बॅस वंडरफुल ब्लास्ट करते रहते है जिसे सुन के तबीयत मस्त हो जाती है और छोटी से छोटी म्यूज़िकल इन्स्ट्रुमेंट की साउंड भी बहुत बढ़िया और क्लियर आती है. में ने अपना कंप्यूटर अपने बेडरूम में रखा हुआ है जिस्मै हाइ स्पीड इंटरनेट कनेक्षन भी है जहा में रात के टाइम पे लड़कियों से सेक्सी चाटिंग करता हू और राज शर्मा स्टोरीज पर सेक्स स्टोरीस पढ़ता और लिखता हू और मेरे पास सेक्स पिक्चर्स का बहुत बड़ा ख़ज़ाना है. मेरे डॅडी और मम्मी दोनो अलग अलग एमएनसी में काम करते है और दूसरे सिटी में ही रहते हैं. मेरी अभी शादी नही हुई है और में यहा अपने घर में अकेला ही रहता हू. अभी हाउस मैड की सर्च कर रहा हू जो मेरे लिए खाना बना दे और कपड़े धो के आइरन कर दे और घर की सफाई वाघहैरा कर दिया करे पर अभी तक कोई हौसेमैड नही मिली. खाना पकाना तो आता नही इसी लिए लंच और डिन्नर होटेल से ही ख़ाता हू कभी कभी पॅक करवा के घर ला आता हू और घर पे ही खा लेता हू. ब्रेकफास्ट खुद ही बनाता हू ब्रेड, बटर, जाम एग्स या कॉर्नफ्लेक्स विथ मिल्क बना के खा लेता हू. अपने कपड़े तो लौंड्री में दे देता हू पर अपनी प्लेट्स खुद ही धोनी पड़ती हैं. मेरे घर के सामने ही बस स्टॉप भी है जहा स्कूल की बस भी स्कूल के लड़कियों को पिक करती है में डेली अपने घर से और ऑफीस जाते समए स्कूल की लड़कियों को बस का वेट करते देखता हूँ और यह बस स्टॉप मुझे मेरे ड्रॉयिंग रूम की विंडो से भी नज़र आता है. स्कूल ड्रेस में मुझे वो बहुत अच्छी लगती है. मेरे टाइम पे बहुत तो नही बॅस 3 या 4 अड्वान्स क्लास की लड़कियाँ ही होती हैं. ब्लू कलर का स्कर्ट और वाइट शर्ट और उस पे ब्लू टाइ के यूनिफॉर्म के साथ उनके सर से झूलती हुई पोनी टेल बहुत अच्छी लगती है. में उनको देखता हुआ चला जाता हू कभी ऐसा कोई घालत ख़याल मेरे मन में नही आया था बस एक ग्लॅन्स डाल के में चला जाता हू. में डेली रुटीन की तरह से 9 बजे घर से निकला. अभी शाएद 50 मीटर भी नही आया था के एक लड़की ने हाथ हिला के मुझे रुकने का इशारा किया तो में रुक गया. एक नज़र में देखा के वो एक बहुत ही क्यूट लड़की है. होगी शाएद कोई 14 साल की. में उसको देखता ही रह गया बहुत गोरा रंग इतना गोरा के मानो हाथ लगा ते ही मैला हो जाए बॅस मलाई लगती थी मलाई, लाल कश्मीरी सेब जैसे गाल, बड़ी बड़ी हिरनी जैसी लाइट ब्राउन कलर की आँखें, चीक्स में डिंपल, लाइट ब्राउन हेर, मीडियम हाइट, भरे भरे बदन वाली लड़की थी और उसके ब्लू स्कर्ट जो उसके नीस से थोड़ा उप्पेर था जिस से उसकी शेप्ली और वंडरफुल सुडोल थाइस नज़र आ रहे थे लगता था के वो स्पोर्ट्स गर्ल होगी उसके स्कर्ट के ऊपेर वाइट और थोड़ी सी टाइट शर्ट में से उसके छोटे से सेब ( बेबी आपल ) या छोटे साइज़ के संतरे (ऑरेंज) जैसे चुचियाँ उभरी हुए दिख रही थी. उसकी टाइ दोनो चुचियों के बीच में लटक रही थी. में बाइक रोक के खड़ा हो गया और उसकी खूबसूरती में डूब के रह गया और उसको देखा तो देखता ही रहा बहुत ही खूबसूरत थी जैसे कोई आकाश से उतरी हुई अप्सरा. उसे देख के यह ख़याल भी नही रहा के उसने मुझे इशारा कर के रुकाया है. में सोच रहा था के यह लड़की नही यह तो क़यामत है क़यामत और अभी इस उमर में इसकी खूबसूरती का यह हाल है तो जब यह बड़ी हो जाएगी तो किया होगा सड़क पे चलते लोग मुड़ मुड़ के देखेगे इसकी मस्त जवानी को. – वो मेरी तरफ थोड़ी देर तक अपनी बड़ी बड़ी शरारती आँखों से देखती रही और फिर मेरे हाथ पे अपना हाथ रख के कहाँ अंकल कहा खो गये आप !!! मेरे मूह से एक दम से निकल गया ओह वाउ यू आर दा मोस्ट ब्यूटिफुल गर्ल आइ हॅव सीन तुम बहुत ही सुंदर हो तो वो थॅंक्स अंकल कह के मुस्कुरा दी फिर मुझे एहसास हुआ के में ने यह किया कह दिया और फिर सडन्ली में अपने ख़यालो से वापस आया और पूछा कया बात है तो उसने कहा अंकल आज मेरी बस मिस हो गई कया आप मुझे स्कूल तक ड्रॉप दे सकते हैं ?. में ने पूछा कौनसा स्कूल और कहाँ है तुम्हारा स्कूल तो उसने कहा के वो स्ट्रीट. मेरी'स कॉनवेंट हाइ स्कूल में पढ़ती है और 10थ क्लास में है. उसका स्कूल मेरे ऑफीस के करीब ही था इसी लिए में ने कहा के आओ पीछे बैठ जाओ. उसने थॅंक्स अंकल कहा और पीछे की सीट पे उचक के बैठ गई. उसने खुद ही बात शुरू करते हुए कहा के मेरा नाम गीता शर्मा है. मेरे डॅडी स्टील फॅक्टरी में सीनियर सेल्स डाइरेक्टर है है और मम्मी प्लास्टिक फॅक्टरी में अकाउंटेंट हैं. सुबह दोनो मेरे से पहले ही ऑफिसस को चले जाते हैं. डॅडी और मम्मी के जाने के बाद हमारी हाउस मैड आती है और उसके आने के बाद ही में स्कूल के लिए निकल जाती हू पर आज थोड़ी देर हो गई और बस मिस हो गई और अब कोई दूसरी बस भी नही है. डॅडी भी ऑफीस के काम से बाहर गये हुए है और मम्मी अपने जॉब पे सुबह ही चली जाती है तो मुझे कोई लिफ्ट नही मिलती आज आप आ गये थॅंक्स अंकल नही तो मेरा स्कूल मिस हो जाता. में ने कहा कोई बात नही यू आर मोस्ट वेलकम. कौनसी क्लास में हो तो उसने बताया के वो 10थ में है और अपनी क्लास की कॅप्टन भी है और स्पोर्ट्स की सेक्रेटरी भी है इसी लिए उसको स्कूल अटेंड करना बहुत इंपॉर्टेंट होता है.
 
में सोचने लगा के स्पोर्ट्स में है इसी लिए इतना सुडोल बदन है इसका वंडरफुल थाइस और एक दम से हेल्ती और आक्टिव लग रही थी. कॉलोनी ख़तम होने के बाद में रोड पे आ गये. में रोड पे उतनी ज़ियादा ट्रॅफिक नही रहती और यहा से टाउन तक रोड के दोनो तरफ बड़े बड़े नीम के पेड (ट्रीस) है और दूर दूर तक खेत भी है जहा से खेतों की मधुर सुगंध आती रहती है एस्पेशली शाम में और रात में. रात में यह पूरा रास्ता ऑलमोस्ट अंधेरा ही रहता है और कोई ट्रॅफिक भी नही होती. मैन रोड से टर्न लेने के बाद भी तकरीबन 3 किलोमीटर पे हमारी कॉलोनी स्टार्ट होती है और कॉलोनी के करीब ही लाइट्स लगी हुई हैं अदरवाइज़ टाउन से बाहर निकालने के बाद तकरीबन 28 किलोमीटर अंधेरे में ही ही हमारी कॉलोनी तक ट्रॅवेल करना पड़ता है. स्कूल की लड़किया तो बस से स्कूल जाती है और स्कूल ख़तम होने के साथ ही शाम से पहले बस से ही वापस आ जाती है या उन्हें उनका कोई रिलेटिव या जानने वाला लिफ्ट दे देता है. अब कॉलोनी से हम में रोड पे आ गये. उसने बताया के अंकल हमारा स्कूल 10:30 बजे से स्टार्ट होता है तो मेरे पास टाइम है आप इटमेनन से बाइक चलिए. वो बाइक के दोनो तरफ अपने पैर रख के बैठी थी उसके बॅक पे उसका स्कूल बैग लगा हुआ था और उसने हाथ मेरे पेट पे लप्पेट के मुझे पकड़ा हुआ था. मेरी यामेहा की सीट थोड़ी सी स्लॅनटिंग थी पीछे से उठी हुई थी और सामने से झुकी हुई थी इसी लिए वो मुझ से चिपक के बैठी थी और मुझे मेरे बॅक पे उसके चुचियाँ लग रही थी जिस से मेरे शरीर में एलेक्ट्रिसिटी दौड़ रही थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. में बाइक स्पीड से चला रहा था और वो मुझ से पूरी तरह से चिपकी हुई थी और उसके चुचियाँ मेरे बॅक से प्रेस हो रही थी और जब बाइक झटका खाती तो उसकी चुचियाँ मेरे बदन पे ही ऊपेर नीचे जाती थी. इसी तरह से रास्ता गुज़र गया हम तकरीबन 35 या 40 मिनिट्स में शहेर में एंटर हो गये. पहले मेरा ऑफीस आता था में ने गीता को बताया के देखो यह मेरा ऑफीस है तो उसने कहा के अंकल मेरा स्कूल भी तो यही है यह सिग्नल के पीछे वाली रोड पे है. मैने उसको उसके स्कूल पे ड्रॉप किया तो पता चला के स्कूल और मेरे ऑफीस के बीच में हार्ड्ली 5 मिनिट्स का वॉकिंग डिस्टेन्स है. में ने कहा के कभी भी कोई ज़रूरत हो या कुछ भी हो तो मेरे पास ऑफीस को आ जाना. उसने थॅंक्स कहा और मेरी तरफ हाथ हिला के बाइ करती हुई मुस्कुराती हुई स्कूल के गेट में दौड़ती हुई चली गई में बहुत देर तक उसके डॅन्स करती चुचियाँ और उसकी लटकती हुई पोनी टेल और उसके मलाई जैसे गोरे और शेप्ली सेक्सी थाइस को देखता ही रह गया और फिर पलट के ऑफीस आ गया. ऑफीस में किसी काम में दिल नही लगा बार बार उसके चुचियाँ, उसकी मोटी सेक्सी थाइस और लटकती हुई पोनी टेल ही दिमाग़ में घूमती रही. – शाम हो गई और वो नही आई शाएद बस मिल गई होगी. में ऑफीस ख़तम होने के बाद घर आ गया. बस स्टॉप देख के मुझे गीता की याद आई पर थोड़ी देर में ही भूल गया और अपना खाना खा के टीवी देखने लगा. थोड़ी देर चाटिंग कर के सो गया. दूसरे दिन में रेडी हो के बाइक पे निकला तो देखा के गीता वही खड़ी है. में बाइक उसके करीब ले गया और रोक के पूछा के आज कया हुआ ? किया फिर से बस मिस कर दी ?? तो वो मुस्कुरा के बोली के सॉरी अंकल आज में ने जान बूझ के बस मिस की है. आइ वान्ना गो विथ यू कल आपके साथ बाइक पे बैठना मुझे बहुत अच्छा लगा मुझे बहुत मज़ा आया. टेल मी अंकल कॅन यू टेक मी टू माइ स्कूल आप माइंड तो नही करोगे ना अंकल ? वो बहुत अच्छी इंग्लीश बोल रही थी. में ने कहा माइ प्लेषर कम ऑन सिट ऑन माइ पिलियन सीट. वो उचक के मेरे पीछे बैठ गई और बाइक चलाने से पहले ही मुझे ज़ोर से ऐसे चिपक गई जैसे मुझे अपने चुचियाँ फील करवाना चाहती हो. आज हम इधर उधर की बातें कर रहे थे. उसके फ्रेंड्स की, स्कूल कीं उसके टीचर्स की. वो बहुत इंटेरेस्ट ले के मेरे साथ बातें कर रही थी. ऐसे ही बातें करते करते रास्ता गुज़र गया. स्कूल आ गया और गीता बाइक से उतर ते हुए बोली के अंकल आज मेरी स्पेशल क्लास है. प्रॉबब्ली में आपके साथ ही वापस जाउन्गि. अगर में आपके ऑफीस ख़तम होने तक नही आइ तो आप ऑफीस के बाद भी थोड़ी देर मेरा वेट करलेणा प्लीज़. आइ हॅव ऑलरेडी इनफॉर्म्ड माइ मोम आंड टोल्ड हर अबाउट यू. शी ईज़ वेरी हॅपी दट यू आर गिविंग मे लिफ्ट. इस् वीकेंड पे में आपको अपनी मम्मी से मिलवाउन्गि. में ने बोला के कोई बात नही तुम इम्त्मीनान से अपनी स्पेशल क्लास अटेंड कर के मेरे ऑफीस आ जाओ दोनो मिल के वापस चलते है मे तुम्हारा वेट करूगा यह बोल के में ऑफीस आ गया और बेचैनी से शाम का वेट करने लगा. में ऑफीस के डेली रुटीन वर्क में बिज़ी हो गया इसी में शाम हो गई. गीता का स्कूल ख़तम हो गया और वो मेरे ऑफीस पा आ गई बट मुझे अभी थोड़ा और काम बाकी था में ने कहा के अभी थोड़ी देर में चलते हैं. उसने अपने घर फोन करके उसकी मम्मी को बता दिया के वो मेरे साथ है और मेरे साथ ही वापस आएगी. उसकी मम्मी ने अड्वान्स में थॅंक्स कहा और कहा के अंकल को परेशान नही करना जब उनका काम ख़तम हो तब ही आना उसने कहा ओके मम्मी डॉन'ट वरी आइ वोन्त ट्रबल हिम. ऑफीस से काम ख़तम करके निकलते निकलते लेट ईव्निंग हो गई थी थोड़ा थोड़ा अंधेरा भी होने लगा था. बाइक स्टार्ट किया और गीता उछल के पीछे बैठ गई. शहेर से हम बाहर निकल आए. बाहर आते ही दोनो तरफ के खेतो से ठंडी ठंडी हवा आ रही थी मौसम बहुत अच्छा हो गया था. खेतों की यह मधुर सुगंध मुझे बहुत अच्छी लगती है और में बाइक को धीरे धीरे चलाता और खेतों की सुगंध का मज़ा लेते हुए बाइक चला रहा था. गीता भी बाइक के फुट रेस्ट पे पैर रख के खड़ी हो गई और मेरे नेक पे अपने हाथ डाल दिए और राइडिंग का मज़ा लेने लगी. वो थोड़ी थोड़ी देर में उठ जाती थी और बैठ जाती थी जिस से उसके चुचियाँ मेरे बॅक पे रगड़ खा रही थी और मेरा लंड पॅंट के अंदर से बाहर निकालने को बेचैन हो गया और अकड़ने लगा. यह रोड पे कोई ट्रॅफिक नही रहती थी कियोंकि यह रोड सिर्फ़ इंडस्ट्रियल एरिया की हाउसिंग कॉलोनी को ही जाती थी. सिर्फ़ रिलेटेड लोग ही इस रोड पे आते जाते थे. कभी कभी कोई कार या बाइक बाज़ू से चली जाती. में बाइक बहुत धीमी गति से चला रहा था गीता की चुचियों को अपनी पीठ पे फील कर के मज़े ले रहा था और कोई जल्दी भी तो नही थी
 
अब तो गीता की मम्मी को भी मालूम हो गया था के वो मेरे साथ है. उसके हाथ मेरे पेट से स्लिप हो गये और मेरे थाइस पे आ गये. मेरे बदन में एलेक्ट्रिक के झटके लगना शुरू हो गये. बाहर की मस्त हवा थी या गीता की रगड़ती चुचियाँ या उसकी चड़ती जवानी का नशा कि गीता ने अपना हाथ और करीब कर लिया और मुझ से चिपट गई जिस से उसके हाथ मेरे जाँघ पे आ के रुक गये. पोज़िशन ऐसी थी के बस 2 या 3 इंच और उसके हाथ नीचे उतार जाता तो सीधे मेरे लंड पे ही उसके हाथ होते. अपने लंड के इतना करीब उसके हाथ का स्पर्श महसूस करके मेरा लंड बहुत ही ज़ोर से अकड़ गया और पॅंट के अंदर से बाहर निकलने को मचलने लगा. गीता मेरे कान के करीब अपना मूह ला के मेरे कान में धीरे से बोली आप बहुत अच्छे हो अंकल यू आर रियली वेरी वेरी स्वीट आंड वंडरफुल यू हॅव ए पॉवेरफूल बॉडी और जो मुझे ज़ोर से हग किया तो उसके हाथ मेरे लंड से टकरा गये और उसने अपने हाथ मेरे लंड के पास से नही हटाया वही लंड से लगाए ही रहने दिया. आआआआहह मेरे मूह से सिसकारी निकल गई. उसने पूछा कया हुआ अंकल तो में ने कहा कुछ नही आज राइडिंग में बहुत मज़ा आ रहा है. - उसने शरारत से मुस्कुराते हुए कहा मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है अंकल ऐसा मज़ा मुझे पहले कभी नही आया और कभी किसी की बाइक पे भी नही बैठी फिर एक हग और किया तो उसका हाथ डाइरेक्ट मेरे लंड के ऊपेर ही गया उसने अपना हाथ वहाँ से नही हटाया ऐसे ही मेरे आकड़े हुए लंड पे रहने दिया. मुझे यकीन हो गया के उसने मेरे आकड़े हुए लंड को महसूस किया होगा और जान बूझ के अपना हाथ वहाँ से नही हटाया.

अभी हम शहेर से हार्ड्ली 4 या 5 किलोमीटर ही आए थे अभी तकरीबन 20 किलोमीटर और डिस्टेन्स बाकी था. गीता का मस्त बदन, बाहर की हल्की ठंडी हवा और खेतों की मधुर सुगंध से मुझे तो नशा जैसा हो गया था और में अपने आकड़े हुए लंड पे गीता के हाथों के स्पर्श से जैसे दीवाना हो गया था. गहरी गहरी साँसें ले रहा था गीता मेरे से बहुत ज़ोर से चिपक के बैठी थी और ऐसे खामोश थी जैसे हम दोनो के बीच कोई खामोश रहने की अनकही अंडरस्टॅंडिंग हो. थोड़ी ही देर में उसने अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ लिया और मेरे बदन में 2000 वोल्ट्स के करेंट के झटके लगने लगे और मूह ऊऊऊओह की एक सिसकारी निकल गई. मुझे यकीन हो गया के अब तक तो शाएद बिना जाने ही उसका हाथ मेरे लंड से लग रहा था पर इस टाइम पे तो उसने जान बूझ के लंड पकड़ा था. आआहह में तो दीवाना हो गया और एक ज़ोर की सिसकारी मेरे मूह से निकल गई. थोड़ी देर तक ऐसे ही लंड को पकड़ने के बाद गीता बोली अंकल अच्छा लग रहा है कया ? तो में बोला आआअहह हा बहुत ही अच्छा लग रहा है. मेरा इतना बोलना था के उसने मेरे लंड को अच्छी तरह से अपने हाथ में पकड़ लिया और पॅंट के ऊपेर से ही दबा ने लगी. मैने गीता से पूछा के तुम ब्रस्सिएर पहनती हो किया तो उसने कहा हा अंकल कभी ब्रस्सिएर पहनती हू कभी बानयन पहनती हू. मेरी साँसें तेज़ी से चल रही थी बस इतना ही पूछ सका किया साइज़ की ब्रा तो उसने कहा 28 सी में सोचने लगा के वो दिन कब आएगा जब में यह 28 सी साइज़ की चुचियाँ को कब अपने हाथो से दबाउन्गा और कब अपने मूह में ले के चुसूंगा.. मेरा और मेरे लंड का बुरा हाल था. पॅंट से बाहर निकल ने को मचल रहा था लैकिन में अपनी तरफ से कुछ स्टार्ट नही करना चाहता था. में सोच रहा था के वो ही कुछ करे पर उस दिन और कुछ नही हुआ बस वो मेरा लंड पकड़े रही और दबाती रही. घर आ गया और उसको घर पे ड्रॉप किया तो उसने कहा अंकल मम्मी से मिल लीजिए ना तो में ने अपने लंड की तरफ इशारा कर के कहा के ऐसी पोज़िशन में तुम्हारी मम्मी से मिला तो वो मुझे मार ही डालेगी तो वो हँसने लगी और कहा ठीक है वीकेंड पे मिल लेना और थॅंक्स का एक किस मेरे गाल पे कर के अंदर चली गई. में रात भर तड़प्ता रहा और 2 टाइम मूठ मार के सो गया. सुबह गीता फिर से वही खड़ी मिली अब वो जान बूझ कर अपनी बस को मिस करने लगी थी ता कि मेरे साथ चल सके. मुझे भी कोई प्राब्लम नही था तो में डेली गीता को ले के आने और अपने साथ ही वापस लाने लगा. वो डेली रास्ते में मेरे लंड को पॅंट के ऊपेर से ही पकड़ के दबाती रहती और बहुत टाइम तो मेरी क्रीम निकलते निकलते रह गई. दिन इसी तरह से गुज़रते रहे और गीता को मेरे साथ आते जाते एक वीक हो गया था. डेली रुटीन बन गया था मेरे साथ आती और शाम में स्कूल के बाद ऑफीस आ जाती और फिर हम दोनो रात में वापस आते और हमारे शहेर से बाहर निकलते ही मेरे लंड को अपने हाथ में ले के ऐसे दबा ने लगती जैसे हमारे बीच एक साइलेंट अग्रीमेंट हो और मुझ से चिपक के अपनी चुचियों से मेरे बॅक से घिसती रहती और मुझे महसूस होता के वो सीट पे आगे पीछे होती रहती है जिस से उसकी चूत सीट से रगड़ खाते रहती और जिस से शाएद उसको मज़ा आता और शाएद उसका जूस भी निकल जाता होगा यह उसके चूत का मसाज ऐसे ही करती होगी. एक शाम मेरे दिमाग़ में एक ख़याल आया गीता बाइक पे पीछे बैठी रही और जैसे ही शहेर ख़तम हुआ और रात होने लगी गीता को महसूस भी नही हुआ और मैने अपने पॅंट की ज़िप खोल के अपने आकड़े हुए लंड को पॅंट से बाहर निकाल दिया और वेट करने लगा. मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो चुका था और मेरे पेट के पास स्प्रिंग की तरह से झटके खा रहा था और आकाश की तरफ ऐसे मूह करके खड़ा था जैसे आकाश मिज़ाइल हो. एक ही मिनिट के अंदर गीता का हाथ मेरे आकड़े हुए लंड पे आ गया तो वो हैरान रह गई और उसके मूह से वाउ अंकल आज तो आप इसको भी ठंडी हवा खिला रहे हो वाउ इतना मोटा इतना बड़ा निकला और मेर मूह से आआअहह निकला और मेरा तो मस्ती के मारे बुरा हाल था और गीता मेरे आकड़े हुए नंगे लंड को अपने छोटे छोटे हाथो से दबाने लगी और मेरे मूह से आअहह और ऊऊहह जैसी साउंड निकल रही थी. मेरा उसने पूछा अच्छा लग रहा है कया अंकल तो में बोला के हा बहुत ही अच्छा लग रहा है.
 
मेरा लंड इतना मोटा और लंबा था के उसके हाथ में पूरी तरह से नही आ रहा था. वो मेरे नंगे लंड को अपने सिल्की सॉफ्ट हाथो से कंटिन्यू दबाने लगी और में मज़े लेने लगा. अपने लंड के लिए एक बात बता दूं कि मेरा लंड सरकम्साइज़्ड है मेरे पैदा होने के बाद किसी कन्फ्यूषन की वजह से मेरा फॉरेस्किन सरकम्साइज़्ड कर दिया गया था इसी लिए मेरा लंड का टोपा बहुत चिकना और मिज़ाइल जैसा शार्प है और यह लंड चूत में घुस्स के जब बच्चे दानी से टकराता है तो चूतो की धूम ही मचा देता है. थोड़ी देर के बाद में अपना हाथ उसके हाथ पे रख के ऊपेर नीचे करने लगा जिस से उसको सिग्नल मिल गया के में कया चाहता हू और उसको कया करना है. वो एक बहुत ही स्मार्ट स्टूडेंट थी फ़ौरन समझ गई और मेरे लंड को अपने दोनो हाथों से पकड़ के दबाने और ऊपेर नीचे कर के मूठ मारने लगी. बाइक धीरे धीरे चल रही थी वो मेरे लंड का मूठ मार रही थी और मेरे मूह से आआहह उूुुुउऊहह जैसी सिसकारियाँ निकल रही थी. अब शाएद उसको खुद ही पता चल गया था कि तेज़ी से करना चाहिए और वो ज़ोर ज़ोर से लंड को ऊपेर नीचे कर के मूठ मारने लगी और मेरे बदन में एलेकट्रिसी दौड़ने लगी और में ने बाइक स्लो करते करते रोड से थोड़ा नीचे उतार के एक नीम के झाड़ के पास अंधेरे में बाइक रोक दिया और साइड का स्टॅंड लगा के बाइक खड़ी कर दी. . अब गीता के हाथ मेरे लंड पे ज़ोर ज़ोर से चलने लगे थे वो जैसे जैसे मेरा मूठ मार रही थी मेरे मूह से गहरी गहरी साँसें आअहह ऊऊऊहह निकल रही थी और उसी समय मेरे पॅंट से बाहर निकले नंगे लंड से कम की मोटी मोटी पिचकारियाँ निकलने लगी और निकलती ही चली गई और लंड के सुराख से ऊपेर उछल के गिरने लगी. 5 – 6 मोटी पिचकारियाँ निकालने के बाद गीता का हाथ रुक गया. थोड़ी देर के बाद जब मेरी साँसें थोड़ी ठीक हुई तो जेब से रूमाल निकाल के पेट्रोल टॅंक के ऊपेर से अपनी क्रीम को सॉफ किया और फिर से बाइक स्टार्ट करके घर की ओर चल दिए. रास्ता भर हम दोनो एक दम से खामोश थे किसी के मूह से कुछ नही निकला और साइलेंट्ली बिना बात किए अपने अपने ख़यालो में खोए खोए हम घर आ गये. एक दिन शाम को जब हम वापसी के लिए निकले तो गीता ने कहा के अंकल आज में आपके सामने बैठुगी. में ने बोला कोई प्राब्लम नही है. शहेर से बाहर आने पर मैने बाइक रोक दिया और गीता पीछे से उठ के मेरे सामने आ के बैठ गई. फिर थोड़ी देर के बाद बोली के अंकल अब आप मुझे वैसे ही हग करिए जैसे में आपको करती हू और अब हॅंडल में संभालती हू. में ने पूछा कभी चलाई है कया बाइक तो बोली के हा साइकल चलाती हू और कभी कभी अपनी फ्रेंड की स्कूटी भी चला लेती हू तो में कुछ नही बोला और बाइक को स्लो कर के उसके हाथ में हॅंडल दे दिया. गीता उतनी पर्फेक्ट तो नही पर थोड़ी ही देर में हॅंडल संभालने के लायक हो गई. अब उसने कहा के अंकल अब आप मुझे हग करिए जैसे में आपको करती हू तो में उसके पेट पे अपने दोनो हाथ रख दिया तो बोली थोड़ा और ऊपेर अंकल तो में समझ गया के वो कया चाहती है तो में भी डाइरेक्ट उसकी चुचियों को पकड़ लिया तो उसके मूह से आअहह उनकल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल को एक सिसकारी निकल गई तो में पूछा कया हुआ तो गीता बोली के कुछ नही अंकल बहुत अच्छा लग रहा है ऐसे ही पकड़े रहो ना प्लीज़ और में गीता की चुचियों को मसल ने लगा. रुटीन की तरह से मेरा लंड मेरे पॅंट से बाहर निकला हुआ था और उसकी गान्ड से टकरा रहा था. मेरा मन कर रहा था के बस अभी बाइक रोक के गीता की गान्ड मार दू या उसकी चुदाई करके चूत फाड़ डालु पर में ने ऐसा कुछ नही किया अपने आप को कंट्रोल किया और बस उसकी चुचियों को दबा ता रहा. थोड़ी ही देर के बाद उसके शर्ट के अंदर हाथ डाल के उसकी 14 साल की नंगी छोटी से मस्त कड़क और कच्ची कली जैसी चुचियों को दबाने और मसालने लगा. मेरा हाथ उसकी नंगी चुचियों पे लगते ही उसके मूह से आआआहह अंकल बहुत अच्छा लग रहा है कहा और उसकी सिसकारी निकल गई में ने पूछा कया हुआ तो गीता ने बोला के कुछ नही अंकल आपका हाथ लगने से बहुत मज़ा आ रहा है ऐसे ही करते रहो प्लीज़. वाउ कया मस्त चुचियाँ थी गीता की कया बताउ देखने में उतनी बड़ी नही दिखती थी लेकिन उसकी चुचियों से मेरा हाथ भर गया था लग रहा था जैसे के किसी बड़ी जवान लड़की की चुचियाँ हो. में ने सोचा के वाउ कया चुचियाँ हैं हॅंडफुल आंड मौथ्फुल और सोचा के इन्हें मूह मे लेके चूसने में मस्त मज़ा आएगा बॅस टाइम का वेट कर रहा था के कब मौका मिलेगा.. गीता की चुचियाँ जिसे दबाने में मस्त मज़ा आ रहा था मुझे. एक दम से टाइट जैसे कोई सख़्त आपल और उसपे अभी तक सही तरीके से निपल्स भी नही निकले थे वाउ कया मस्त थी चुचियाँ उसकी आअहह बहुत मज़ा आ रहा था उसकी चुचियाँ दबाने में. कभी उसकी दोनो चुचियों को दोनो हाथो से दबाता तो कभी उसकी निपल्स की जगह ( अभी निपल्स निकले ही नही थे ) को थंब और फिंगर के बीच में मसल डालता ऊऊओिईईईईईईईई उसके मूह से सिसकारी निकल जाती. उसका बदन बहुत गरम हो गया था. उसके चुचियाँ दबा ते दबाते उसके पेट पे हाथ घुमाने लगा और अपनी तरफ खेंचा तो मेरे लंड का डंडा उसकी गान्ड से लगा और उसके मूह से एक ज़बरदस्त सिसकारी निकल गई में ने फिर से पूछा कया हुआ तो उसने बड़ी मुश्किल से कहा आआअहह अंकल बहुत ही मज़ा आता है अंकल मेरे बदन में जैसे एलेक्ट्रिसिटी आ गई हो. सारा रास्ता उसकी चुचियाँ दबा ता रहा और मसलता रहा. कॉलोनी की टर्निंग आने लगी तो बाइक रोक के गीता को वापस पीछे बिठा दिया और उसके घर पे ड्रॉप कर के अपने घर में आके सब से पहला काम जो किया वो अपने लंड का मूठ मारा और स्नान कर के खाना खाया और सो गया.

 
नेक्स्ट डे ऑफीस से वापस आते हुए फिर ऐसे ही हुआ शहेर से बाहर

निकले और गीता बोली के अंकल अब में चलाउन्गि बाइक तो में बाइक रोक के

पीछे आ गया और वो मेरे सामने आ गई. इतने दीनो में वो हॅंडल अच्छी

तरह से संभालने लगी थी मुझे अब कुछ डर नही लगता था. रुटीन

की तरह मेरा लंड पॅंट में से बाहर निकल के अकड़ चुका था फुल्ली

एरेक्ट ठंडी हवा लगने से मेरा लंड मेरे पेट के पास हिल रहा था और

में उसके बूब्स को दबा रहा था वो अपनी गान्ड को पीछे धकेल के अपनी

गान्ड पे मेरे लंड को फील करने की कोशिश कर रही थी. में अपने

दोनो हाथो से उसके दोनो बूब्स को दबा रहा था तो उसने मेरे हाथ पे

अपना हाथ रखा और नीचे की तरफ खेचा तो में समझ गया के वो

कया चाहती है और में अपना हाथ उसके छोटे स्कर्ट से निकलती नंगे

थाइस पे रख दिया तो ऑटोमॅटिकली उसके थाइस खुल गये मेरा हाथ

स्लिप हो गया और देखा के उसने अपने स्कूल की स्कर्ट के अंदर कोई

चड्डी नही पहनी है और मेरे हाथ में उसकी मास्क जैसी चिकनी और

भट्टी जैसे गरम चूत आ गाइ. उसकी चूत पे अभी ठीक से झातें

भी नही आई थी बस ऐसा लग रहा था जैसे झातें आने ही वाली हो.

उसकी चिकनी और छोटी सी नरम और गरम चूत पे मेरा हाथ लगते ही

उसके मूह से आआआआअहह निकला और मेरा लंड उछलने लगा और

उसके बदन में एक झुरजुरी सी आइ और एक ज़बरदस्त

उूुुुुउउफफफफफफफफफफफफफ्फ़ निकल गया में ने फिर पूछा कया हुआ तो उसने

बोला के बहुत मज़ा आता है अंकल ऐसे ही करते रहो प्लीज़.

- अब में एक हाथ से उसकी

चुचियों को दबा रहा था और दूसरे हाथ से चिकनी चूत का मसाज

कर रहा था. कभी उसकी छोटी सी क्लाइटॉरिस का मसाज तो कभी उसके

चूत के सुराख में धीरे से उंगली डाल के गोल फिरा देता उसकी चूत

बहुत ही गीली हो चुकी थी मुझे लगा जैसे उसका पानी निकल गया

हो. गीता अपनी चूत पे और बूब्स पे मेरे हाथो के स्पर्श से उत्तेजित

हो चुकी थी और मेरी उंगली जब उसकी चूत मे थी तो आगे पीछे

अपनी गान्ड ऐसे हिला रही थी जैसे मेरी उंगली को चोद रही हो और फिर

उसके मूह से एक फुल स्पीड से आआआअहह निकला और उसकी चूत

में से जैसे पानी की बरसात निकलने लगी शाएद उसका पहला ऑर्गॅज़म था.

उसकी गीली चूत से पानी निकलते ही बाइक का हॅंडल हिलने लगा तो

मुझे डर था के कही उसके हाथ से हॅंडल ना निकल जाए तो में ने बाइक

रोक दिया. गीता गहरी गहरी साँसें लेते हुआ सामने को झुक गई. मुझे

लगा जैसे गीता का बदन एक दम से ढीला पड़ गया हो. गीता अब तुम

पीछे आ जाओ तो देखा के उसकी आँखें बंद थी और गहरी गहरी

साँसें ले रही थी फिर वो कांपति आवाज़ में बोली के नही अंकल में

सामने ही बैठी रहूगी और आपकी तरफ मूह कर के पलट जाती हू आप ही

बाइक चलाइए. इस से पहले के में कुछ बोलता गीता मेरे सामने

बैठे बैठे ही पलट गई और मुझे एक ज़बरदस्त चुम्मा लिया और

सामने से हग करने लगी और मेरे बदन से चिपक गई और मेरे थाइस

पे बैठ गई.

मेरा लंड तो आकाश मिज़ाइल की तरह से खड़ा हुआ था. में बाइक स्टार्ट

किया और चलाने लगा. अभी तकरीबन 10-12 किलोमीटर का रास्ता बाकी

था जिस्मै अभी ऑलमोस्ट 20-25 मिनिट आराम से लग सकते थे. बाइक स्लो

चलाने लगा. मुझे यह तो पता चल गया था के उसने आज पॅंटी नही

पहनी है और अपनी स्कर्ट के अंदर नंगी है और मेरा लंड भी पॅंट से

बाहर निकला हुआ है और फुल अकड़ के स्प्रिंग की तरह से मेरे पेट से

लग गया है. गीता इतने दीनो में मेरे लंड को बिना शरमाये पकड़ के

दबाने लगी थी और मेरे थाइस पे अपने थाइस रख के बैठने से

पहले मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ के नीचे झुकाया और अड्जस्ट

किया और मेरे लंड को अपनी गरम और गीली चूत के लिप्स के अंदर

ऊपेर नीचे घिसने लगी और ऐसे बैठी के उसकी चूत मेरे लंड के

ऊपेर थी लेकिन लंड चूत के अंदर नही था वो मेरे लंड के डंडे

पे बैठी थी जिस से मेरे लंड का सुपाडा उसकी मोटी गान्ड से लग रहा

था पर कभी कभी जब झटका लगता तो मेरे लंड का सुपाडा उसकी

चूत को टक्कर मारता था तो गीता के मूह से आआआआआहह और

ऊऊऊीीईईईईईईई अंकल जैसी सिसकारी निकल जाती.

में मस्ती में आ गया था और बाइक को फिर से रोड से नीचे उतार के

तैर गया था और बाइक पे बैठे बैठे ही उसकी चूत को अपने लंड

के डंडे पे फील कर के मज़े ले रहा था. में अभी उसको चोदना भी

नही चाहता था बड़ी मुश्किल से बर्दाश्त कर रहा था और मौका देख

रहा था के कब और कैसे चोदु इस कच्ची कली की नरम और गरम

छोटी सी बिना झतो वाली चीक्कनी चूत को. गीता की गरम और गीली

चूत मेरे लंड के डंडे पे आगे पीछे फिसलने लगी और कभी लंड

को पकड़ के अपनी चूत मे रगड़ने लगती थोड़ी ही देर में मेरे मूह से

बहुत ज़ोर से उूुुुुउऊहह निकल और मेरे लंड से क्रीम की पिचकारी

की धार निकलने लगी और उसकी चूत पे और जाँघो पे उछल उछल के

गिरने लगी. मेरे लंड से पिचकारियाँ निकलनी ख़तम हो गई तो गीता

अपनी जगह से उठ कर फुट रेस्ट पे खड़ी हो गई और मेरे फेस पे किस

करने लगी और फाइनली मेरे मूह में अपनी जीभ घुसा ही डाली शाएद यह

उसका पहले किस था. गीता फिर खड़ी हो गई तो अपने स्कर्ट से जाँघो

पे और चूत पे लगी हुई मेरी मलाई को साफ कर लिया.

थोड़ी देर में हम घर आ गये. गीता को ड्रॉप किया तो उसने कहा के

अंकल कल फ्राइडे है मेरी मम्मी को सॅटर्डे और सनडे हॉलिडे होती

है और कल मेरी मॉम आप से मिलेगी तो में ने कहा ओके कल में शाम को

5 या 6 बजे आ जाउन्गा तो उसने कहा के नही अंकल मम्मी तो आपको

डिन्नर पे बुला रही है तो आप डिन्नर कर के ही जाना तो में ने कहा

ओके ठीक है में कल शाम 6 या 7 बजे आ जाउन्गा और में अपने घर आ

गया और शवर लेते हुए एक बार फिर मास्टरबेट किया और कल शाम का

वेट करने लगा. इसी तरह से दिन गुज़रते रहे और गीता डेली मेरे

ऑफीस आने से पहले स्कूल के बाथरूम में जाती और अपनी चड्डी

निकाल के अपने बॅग में रख देती और अपने यूनिफॉर्म के मोटे स्कर्ट के

नीचे नंगी होती. स्कर्ट मोटा होने की वजह से किसी को पता भी नही

चलता के वो अंदर से नंगी चूत लिए घूम रही है और घर के

अंदर घुसने से पहले गेट बंद करके डोर की बेल बजाने से पहले एक

झटके से अपनी चड्डी पहेन लेती और घर में चली जाती. .

 
फ्राइडे की शाम को 7 बजे में गीता के घर पहुँच गया. गीता ने मेरा

स्वागत एक छोटा सा किस करके किया और अपनी मम्मी से मिलवाया बोली

अंकल यह मेरी मम्मी हैं इनका नाम सीता शर्मा है. हम ने एक दूसरे

को नमस्ते कहा. म्र्स. शर्मा 33-34 साल की एक बहुत ही सुंदर लेडी

थी. बहुत ही गोरा मलाई जैसा रंग, मीडियम बिल्ट, अच्छी हाइट लोंग

ब्लॅक हैयर्स बड़ी बड़ी आँखें मस्त बदन इनोसेंट लुक वो बहुत

सुंदर और सेक्सी लग रही थी. कटरीना कैफ़ जैसी सेक्सी लग रही थी

वैसा ही बदन था उनका वैसे ही बिल्ट भी थी सुनीता आंटी की. शाएद

मॅरेज कम उम्रि में हो गई थी इसी लिए एक बेटी होने के बाद भी वो

खुद कॉलेज की लड़की दिखती थी. लाइट स्काइ ब्लू कलर की फ्लवर

वाली सारी पहनी थी और लो कट टाइट ब्लाउजजिसमै से उनका दूध

जैसा बदन और मक्खन जैसी मुलायम चुचियाँ दिखाई दे रही थी.

टाइट ब्लाउस होने से लगता था के उनकी चुचियाँ ब्लाउस से बाहर

निकालने को बेताब हैं. वर्किंग लेडी होने की वजह से बहुत आक्टिव

थी. अच्छा फिगर था मेरे ख़याल में उनके बूब्स 36 डी साइज़ के होंगे.

उनके गुलाब की पंखुड़ियो की तरह सेनुयल लिप्स पे हमेशा ही एक

अनोखी सेक्सी मुस्कान रहती थी. .

ऑन दा होल वो एक ज़बरदस्त सेक्सी लेडी थी. में ने उनको नमस्ते किया

और बोला के आंटी आप तो गीता की मम्मी नही गीता की बड़ी सिस्टर लग

रही है तो वो एक सेक्सी स्टाइल में मुस्कुराने लगी. में ने बोला के आपका

घर भी आपकी तरह बहुत ही खूबसूरत है और अच्छी तरह से सेट किया

हुआ है और बहुत अच्छा लग रहा है. फिर में ने अपना इंट्रोडक्षन

करवाया के में एक फॅक्टरी में मेंटेनेन्स इंजिनियर हू और अभी 3

महीने पहले ही जॉब जाय्न किया है तो उन्हो ने कहा के टीवी वीडियो वाघहैरा

की सेट्टिंग करना भी जानते हो किया तो में ने कहा हाँ जानता हू तो उन्हो

ने कहा के ठीक है बाद में जब फ्री रहूगी तो बुलवाउन्गि हमारे

केबल के कनेक्षन्स कुछ खराब हो गये हैं जिस की वजह से बहुत

से चॅनेल्स नही आते चॅनेल्स को सेट करना है और हमारा इंटरनेट

कनेक्षन भी प्राब्लम कर रहा है तो में ने कहा के आंटी आप मुझे

कभी भी बुलाए में आ जाउन्गा और में ने अपना मोबाइल और घर का

फोन नंबर दे दिया और कहा के आंटी आप आधी रात को भी मुझे

बुला सकती है में आके आपका काम कर दुगा तो उन्हों ने मुस्कुराते हुए

कहा के में तुम्हें आधी रात को क्यों बुलाउन्गि और हँसने लगी तो में

भी अपनी बात पे शर्मा का हँसने लगा और बोला के नही आंटी मेरा

मतलब है कोई भी काम हो किसी टाइम पे भी आप मुझे कॉल कर सकती

है में अकेला ही रहता हू और मुझे कोई प्राब्लम नही होगी में कभी

भी आप के पास आ सकता हू तो सीता आंटी ने कहा के ठीक है में

तुम्हें कॉल करूगी और मुस्कुराते हुए बोली के देखती हू तुम आधी रात

को भी आते हो या नही और हँसने लगी और में भी हँसते हँसते बोला के

देख लेना आप एक कॉल करेगी और में आप के पास आ जाउन्गा फिर में

भी हँसने लगा. सीता आंटी बहुत हस्मुख थी छोटे छोटे जोक्स कट

करती रहती थी उनकी कंपनी में कोई बोर नही होता वो बहुत चंचल

लगती थी बिल्कुल अपनी चंचल बेटी गीता की तरह. मुझे सीता आंटी

बहुत सेक्सी और अच्छी लगी. में सोचने लगा के किया में सीता आंटी को

चोदु तो मज़ा आएगा..

हम तीनो ने खाना खाया और बातों बातों में पता चला के गीता के

डॅडी मोस्ट ऑफ दा टाइम्स टूर पे रहते है और सीता आंटी घर में

अकेले ही रहती है. कभी कभी सीता आंटी भी इनस्पेक्षन के लिए

अपने दूसरे शहेर के ब्रांचेस पे भी जाती रहती थी उस्स समय गीता

कभी अकेली ही घर में रहती कभी उसकी हाउसमेड गंगा उसके साथ

रहती और शाम अपने घर चली जाती. और ऐसे बातों ही बातों में यह

भी पता चला के कल सीता आंटी को अपनी किसी फ्रेंड के पास पार्टी में

जाना है तो गीता ने कहा के मम्मी आप मेरी फिकर ना करे में अंकल

के घर चली जाउन्गि थोड़ा टाइम पास कर के आ जाउन्गि यह यही पड़ोस में

ही तो रहते हैं. सीता आंटी ने कहा ठीक है चली जाना में रात में

वापिस आने के टाइम पे पिक करलुगी तो गीता बोली के मम्मी कोई प्राब्लम

नही है आपके आने तक शाएद में घर वापस आ जाउ अगर नही आइ तो

आप अजाना मुझे लेने के लिए. डिन्नर की तारीफ किया तो सीता आंटी

शर्मा गई और बोली के थॅंक्स में तो बस ऐसे ही बना लेती हू कोई

ऐसी कुकिंग में एक्सपर्ट तो नही हू और फिर मुझे इतना टाइम भी तो

नही मिलता के इम्तमिनान से कुकिंग कर सकु. फिर बोला के आंटी आप

बहुत ही खूबसूरत हो और लगता नही के आप 33 - 34 साल की हो और

लगता ही नही के आपकी एक 14 साल की बेटी भी है ऐसे लगता है

जैसे आप अभी अभी कॉलेज से वापस आई हो तो शरम से उनके चीक्स

लाल हो गये और एक सेक्सी नज़रो से देखा और फिर बोली के अब इतना

मस्का क्यों लगा रहे हो किया चाहिए तुम्हें ऐसे ही बता दो ना और

फिर हम तीनो हँसने लगे. रात तकरीबन 11 बजे में अपने घर वापस

आ गया और गीता की मम्मी को ख़यालों में चोद ते चोद ते सो गया.

 
दूसरे दिन सॅटर्डे था ऑफीस को छुट्टी थी में देर तक सोता रहा

तकरीबन 11 बजे उठा. थोड़ा सा ब्रेकफास्ट किया और ऑटोमॅटिक वॉशिंग

मशीन में अपने कपड़े धोने के लिए डाल दिया और कपड़े धुलने का वेट

करने लगा. शवर ले के आया था और अभी भी मेरे बदन से पानी गिर

रहा था और अभी में नंगा ही था बस टवल लपेट रखा था अपने

बदन से और सोच रहा था के लंच का क्या करू बस अभी यह सोच ही

रहा था के डोर की बेल बजी में सोच में पड़ गया के कौन हो सकता

है में तो इस टाइम पे किसी को भी एक्सपेक्ट नही कर रहा था. ऐसे ही

सोचते सोचते डोर खोला तो देखा के गीता अपनी मम्मी के साथ मेरे

डोर पे खड़ी थी उन्हो ने डीप नेक की लाइट पिंक कलर की मॅक्सी जिस

पे लाइट ब्लू कलर के फ्लवर्स और डिज़ाइन बना हुआ था पहनी हुई थी

जिसके नेक और स्लीव्स पे गोलडेन एमब्राय्डरी का काम बना हुआ था ऐसा

लग रहा था जैसे गोलडेन वर्क ना हो कोई गोल्ड का नेकलेस हो जो उन्हो

ने पहना हो और गले के खुले हिस्से से सीता आंटी की गोरी गोरी

चुचियाँ मॅक्सी के बाहर निकल ने को मचल रही थी ऑलमोस्ट आधी तो

दिखाई दे ही रही थी शाएद पुश अप ब्रेजिअर भी पहनी हो मेरे मूह से

वाउ आंटी यू लुक गॉर्जियस निकला तो शरम से उनके गाल लाल हो गये

और वो मुस्कुरा दी में ने देखा के उनके हाथ में 5 बॉक्स का स्टील का

टिफिन बॉक्स था जिस्मै मेरे लिए लंच ले के आई थी. मुझे इस

कंडीशन में देख के सीता आंटी का मूह शरम से लाल हो गया,

आँखों में चमक और मूह पे अजीब सी मुस्कुराहट आ गई और कहा

मज़ाक करते हुए कहा के राज यू लुक हॅंडसम इन दिस ड्रेस और

सीता आंटी और गीता दोनो हँसने लगे में गड़बड़ा गया और सॉरी बोल

के कपड़े पहनने के लिए पलट के जाने लगा तो सीता आंटी बोली के

रहने दो में जा रही हू लगता है तुम अभी शवर ले रहे थे तो तुम

इम्तमिनान से शवर ले के चेंज कर लेना में चलती हू गीता रहेगी

तुम्हारे पास. गीता बोलने लगी के मम्मी में यही अंकल के साथ ही

लंच कर लुगी आप अपनी फ्रेंड के पास जाइए तो वो मुस्कुराते हुए बोली

ठीक है और चली गई. में और गीता डोर पे ही खड़े रहे और

सीता आंटी को उनकी स्कूटी पे जाते देखते रहे जब वो बहुत दूर

चली गई तो में और गीता दोनो घर के अंदर आ गये और डोर को

अंदर से बंद कर के लॉक कर दिया. डोर बंद होते ही हम दोनो एक

दूसरे से ऐसे लिपट गये और ऐसे दीवानो की तरह से एक दूसरे को

चूमने लगे जैसे कोई बहुत पुराने लवर्स हो और बहुत दिनो बाद

मिले हो. गीता की हाइट ऐसी थी के उसका मूह ऑलमोस्ट मेरे चेस्ट से

थोड़ा नीचे रहता था. गीता का बदन मेरे बदन से मिलते ही मेरा

लंड एक दम से मेरे टवल के नीचे अकड़ के उछलने लगा और गीता ने

फॉरन ही मेरे उछलते लंड को पकड़ लिया और प्यार से बोली के वाउ लगता

है यह मेरे स्वागत में खड़ा हो गया है और दबाते हुए बोली के आज

में तुम्हें शांत करूगी थोडा वेट करो.

में गीता को अपने आप से लिपटा ये हुए अंदर आ गया और डिन्नर टेबल

पे बिठा दिया और उसके लिप्स पे किस करने लगा मस्त टंग सकिंग

किस अब गीता टंग सकिंग किस में पर्फेक्ट हो चुकी थी उसको

टंग चूसना आ गया था और मज़े से चुसती थी बिल्कुल सेक्सी लड़की

की तरह. मेरे लिप्स को अपने लिप्स पे फील करते ही गीता के लिप्स

ऑटोमॅटिकली खुल गये और मेरी टंग उसके मूह में घुस गई और वो

मेरी टंग को चूसने लगी और मेरा हाथ उसके टी-शर्ट के अंदर चला

गया और उसके नंगे कॉनिकल शेप की छोटी छोटी चुचियों को पकड़ के

मसल ने लगा. गीता अपने पैर मेरी कमर से लप्पेट के मेरे बदन से

चिपकने लगी और मेरे लंड से अपनी चूत को लगाने की कोशिश करने

लगी. हमेशा की तरह उसने अपने स्कर्ट के नीचे कोई पॅंटी नही पहिनी

थी नंगी चूत लिए आ गई थी और उसकी मम्मी को पता भी नही चला

था. हम दोनो के बदन के बीच में टॉवेल था जो मेरे बदन से लिपटा

हुआ था गीता वो टॉवेल की नाट खोल दिया तो टॉवेल नीचे गिर गया और

अब में गीता के सामने पूरा नंगा खड़ा था और मेरा लोहे जैसा मूसल

लंड बहुत ज़ोर से अकड़ के मेरे पेट से लग रहा था और जोश मे हिल

रहा था. वाउ कितना बड़ा और मोटा लंड है अंकल आपका उसने मेरे

नंगे लंड को अपने हाथ मे पकड़ते हुए कहा. मेरे पापा का तो इसका

हाफ भी नही है. में हैरान रह गया के उसको यह कैसे पता चला

के यह लंड है और यह के उसके पापा का इतना बड़ा नही है. यह फर्स्ट

टाइम था जब उसने लंड कहा था. मैने पूछा के गीता तुम्हें कैसे

पता के इसको लंड कहते है तो उसने कहा के मेरी एक फ्रेंड जिसके पास

में ने कुछ नंगी पिक्चर्स देखी थी और उसी ने मुझे बताया के लंड

को लौडा और इंग्लीश मे पेनिस, कॉक और डिक भी कहते है. - अच्छा इसे क्या कहते है

मैने उसकी चूत पे हाथ लगा के पूछा तो बोली के इसे चूत या योनि

कहते है और इंग्लीश में वेजाइना, पुसी और कंट कहते है वाउ तुम तो

सब कुछ जानती हो वो हँसने लगी और कहा हाँ अंकल में सब जानती हू

पर इतने करीब से पहली बार आपका ही लंड देखा और पकड़ा है

वैसे तो कभी लोगो को यूरिन करनेके टाइम पे देखा है पर करीब से

नही देखा.
 
में ने पूछा के तुम ने कभी किसी की चूत भी देखी है

है तो बोली के हा अंकल मम्मी की देखी है और गंगा (हाउसमेड) की.

गंगा तो कभी कभी अपनी सारी उठा के मुझे चूत दिखाते दिखाते

अपनी उंगली से मालिश भी कर के बता ती है और कभी जब शर्ट

सलवार पहनती तो सलवार के ऊपेर से ही अपनी चूत को मुट्ठी में पकड़

के मसल मसल के मुझे बता ती. में मम्मी से बोलती तो फिर गंगा

कभी मुझे अपनी चूत के दर्शन नही देती इसी लिए में मम्मी से

कुछ भी नही बोलती थी और मेरी फ्रेंड जिसने मुझे सेक्सी पिक्चर्स

दिखाए थे उसकी चूत देखी है ना में ने. में समझ गया के उसकी

हाउसमेड गंगा भी बड़ी चुड़क्कड़ होगी कभी उसकी चूत में भी अपना

मूसल पेल के उसको बताउन्गा के मूसल लंड जब चूत में घुसता है तो

क्या होता है में ने पूछा के तुम्हें कैसे पता चला के तुम्हारे पापा

का मेरे लंड से हाफ है तो बोली थोड़े टाइम तो मम्मी और पापा को

फक्किंग करते हुए भी देखा है में हैरान रह गया और पूछा वो

कैसे देखा है तो बोली के जब में उनके रूम में सोती थी. तो बहुत

टाइम देखा है पर मेरी समझ में नही आता था के यह मम्मी और

पापा क्या कर रहे है थोड़ी देर तक तो मम्मी पापा के लंड को मसलती

रहती और जब पापा का लंड उठ जाता तो पापा मम्मी के ऊपेर चढ़ जाते

थे और एक या दो टाइम उछलते और ऐसे ही मम्मी के ऊपेर गिर जाते तो

मम्मी उनको नीचे धकेल देती और गुस्सा होके कहती के जब कुछ कर

नही सकते तो क्यों कोशिश करते हो और पलट के सो जाती फिर थोड़ी

देर के बाद जब पापा सो जाते तो में देखती के मम्मी अपनी चूत में

उंगली डाल के मसल्ति रहती थी बिल्कुल ऐसे जैसे मुझे गंगा कर के

बता ती है. में भी कभी कभी ऐसे ही करती थी तो बड़ा मज़ा आता

था अंकल.

में उसकी बाते सुन के अस्चर्य में पड़ गया और सोचने लगा में जिसे

छोटी सी इनोसेंट स्कूल गर्ल समझता था बुत यह तो बहुत ही गरम

चूत है. उसकी छोटे ऑरेंज के साइज़ की कॉनिकल शेप की चुचियों के

ऊपेर अभी तक पूरी तरह से निपल भी नही निकले थे लैकिन गुलाबी

राउंड नज़र आ रहे थे ऐसा लगता था के कुछ ही दिनो में निपल्स

भी आ जाएगे. में उसकी चुचियाँ दबाते दबाते उसकी शर्ट को उसके

सर पे से ऊपेर उठा के निकाल दिया और उसकी चुचियों को किस किया तो

उसने मेरे सर को पकड़ लिया और अपने चुचियों पे दबाने लगी उसकी

मस्त कॉनिकल शेप की चुचियों को में चूस रहा था अपने मूह में ले

के उसकी चुचियाँ पूरी की पूरी मेरे मूह में आ गई थी उसकी निपल्स

की जगह पे अपने दाँतों से काटा तो वो मस्ती में भर गई और मेरे लंड

को और ज़ोर से मसलने और दबाने लगी. में उसको उठा के डिन्नर

टेबल से सोफे की सेंटर टेबल पे खड़ा कर दिया और उसके स्कर्ट को

नीचे खेच के निकाल दिया अब गीता भी नंगी हो गई थी उसकी मलाई

जैसी चिकनी उभरी हुई फूली हुई चूत को देखा तो देखता ही रह

गया के क्या मस्त मासूम चूत है यह गोरी गोरी पिंक कलर की चूत

एक दम से किसी युरोपियन लड़की की चूत लग रही थी.

मुझ से कुछ लड़कियाँ और औरतें लिफ्ट लेने के बहाने या चुदवाने के

बहाने लिफ्ट लेती थी. में कुछ लड़कियों और औरतों को चोद चुका था

जिसमें से कुछ तो कवारी वर्जिन चूत थी कुछ तो बिना शादी के

चूड़ी चुदाई चूते थी कुछ तो शादी शुदा औरतों की चूते थी

और उनकी चूते भी देख चुका था लैकिन गीता की फूली हुई

चिकनी गुलाबी चूत की बात ही कुछ और थी वो तो बहुत ही मस्त लग

रही थी जिसके लिप्स के अंदर की चूत डार्क गुलाबी रंग की थी. उभरी

हुई चूत बहुत चिकनी थी जिसके लिप्स मीडियम साइज़ के थे चूत के

दोनो फांकों के बीच में लाल कलर की छोटी सी क्लाइटॉरिस किसी

मछली (फिश) की तरह से फॅडॅक रही थी आअहह क्या मस्त मलाई

जैसी चूत थी गीता की. उसकी चूत में से रस निकल रहा था जिसकी

खुश्बू मुझे और मेरे लंड को पागल बना रही थी. उसकी चूत का

पेडू उठा हुआ था और उसकी चूत पे बहुत हल्का हल्का ब्राउन कलर का

रूवा जैसा था लगता था अभी झातें भी सही तरीके से नही आई है

पर कुछ ही दिनो में आने वाली हो.-

थोड़ी देर तक उसकी मस्त मलाई जैसी चिकनी चूत को

देखता रहा और निहारता रहा और फिर उसकी चूत पे एक किस किया तो

उसके मूह से निकल गया आआआआआआआआआहह

उंन्नककककुउउउल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ले बहुत अच्छा लगता है और मेरे सर को ज़ोर से

पकड़ लिया और अपनी चूत को मेरे मूह पे रगड़ने लगी. में उसकी चूत

को चाटने लगा उसकी चूत में मेरी टंग लगते ही उसकी लेग्स खुल गई

और उसके मूह से निकला ऊऊऊऊऊऊऊओह उंककककल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ले

आआअहह और अपनी चूत को मेरे मूह पे ज़ो ज़ोर से रगड़ने लगी

उसकी चूत में से कुवारि चूत की मधुर सुगंध आ रही थी जिस ने

मेरे लंड में तूफान मचा दिया था और मेरा लंड स्प्रिंग की तरह से

ऊपेर नीचे होने लगा जैसे गीता की चूत को प्रणाम कर रहा हो

और लंड के सुराख पे प्री कम के ड्रॉप्स आने लगे. गीता मेरे मूह में

अपनी चूत घुसेड रही थी और अपनी गान्ड ज़ोर ज़ोर से आगे पीछे करके

जैसे मेरे मूह को चोद रही हो और इमीडीयेट्ली उसकी आँखे बंद

होगयी और उसके मूह से उूुुुुुउऊहह

सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सिईईईईईईईईईईईईईईईई आआआआआआआआअहह

ऊऊऊऊऊऊऊहह निकला और उसका बदन हिलने लगा और उसकी

ग्रिप मेरे सर पे ढीली हो गई उसका बदन काँपने लगा और वो झड़ने

लगी और उसका बदन ढीला पड़ने लगा और उसकी चूत में से कुँवारा

जूस निकल ता रहा और में उसके जूस को चूस्ता रहा बड़ा मस्त

मीठा टेस्ट था उसकी कवारी चूत के कुवारे जूस का. उसके ऑर्गॅज़म के

साथ ही मानो उसके बदन से जान ही निकल गई हो और वो टेबल पे गिर

सी गई और गहरी गहरी साँसें लेने लगी उसकी आँखें बंद हो गई

थी और वो टेबल पे चित्त पड़ी थी में उसके छोटी सी चुचियों को

ऊपेर नीचे होते देख रहा था और सोच रहा था के गीता का बदन

कितना प्यारा है और क्या या कच्ची कली की छोटी सी चिकनी और

कच्ची चूत मेरे इतने लंबे और मोटे मूसल जैसे सख़्त लंड से चुद

पाएगी और जब मेरा लंड पूरे का पूरा उसकी छोटी सी चिकनी चूत

में घुस जाएगा तो इस नन्ही सी चूत का क्या हाल होगा यह तो फॅट

ही जाएगी और शाएद स्टिचेस भी लगवाने पड़े और एक ही चुदाई में यह

चूत से भोसड़ा बन जाएगी यही सोच के थोडा सा फ़िकरमंद हुआ पर

चोदना तो था ही इसी लिए सोचा के देखेगे क्या होता है आगे आगे.

 
गीता लंबी लंबी और गहरी गहरी साँसें ले रही थी मेरा आकड़ा हुआ

लंड उसकी चूत के लिप्स के ऊपेर पड़ा हुआ था और में उसके पेट पे

हाथ फेर रहा था और उसके उठे हुए पेडू (चूत का फूला हुआ

पोर्षन) और चूत को सहला रहा था थोड़ी ही देर में उसकी आँखें

खुल गई और मेरी तरफ देख के मुस्कुरा दी और कहा कि अंकल यू आर

वंडरफुल ऐसा मज़ा मुझे आज से पहले कभी नही आया. में गीता को

उठा के सामने की चेअर पे बिठा दिया और खुद उसके सामने खड़ा हो

गया और उसने ऑटोमॅटिकली मेरे लंड को अपने हाथो में ले के मसलना

और दबाना शुरू कर दिया में थोड़ा और करीब आ गया तो उसने मेरे

लंड पे किस किया और लंड के सुराख से निकालते प्री कम को अपनी जीभ

से चाट लिया और मज़े से चटखारे लेने लगी तो मेरा हाथ उसके सर पे

आ गया और उसके मूह में अपना लंड का टोपा घुसाने की कोशिश करने

लगा. पहले तो वो लंड के टोपे पे किस करती रही और फिर मेरे लंड

को अपने मूह में ले के आइस क्रीम की तरह से चूसने लगी. मेरा

लंड बहुत मोटा है जिसका टोपा बहुत चिकना है इसी लिए

वो सिर्फ़ मेरे सुपाडे को ही अंदर ले पाई और सुपाडे को ही चूसने

लगी. मेरा मस्ती के मारे बुरा हाल था में उसके सर को पकड़ के उसके

मूह में अपना लंड घुसाने की कोशिश करने लगा और तकरीबन आधा

लंड उसके मूह में घुस पाया और उसके हलक (थ्रोट) को लगने लगा

और उसके मूह से आअगग्घह जैसी साउंड निकालने लगी और उसकी आँखें

लाल हो गई और गले के वेन्स मोटी हो गई जैसे उसका दम घुट रहा

हो. थोड़ी देर के बाद वो थोड़ा सा रिलॅक्स हुई और मेरे लंड को अपने मूह

में अड्जस्ट कर लिया तो में अपनी गान्ड आगे पीछे कर के उसके मूह को ही

चोदने लगा और वो मेरे लंड को लॉली पोप की तरह से चूसने लगी.

में एक हाथ से उसके सर को पकड़ के अपने लंड को उसके मूह में घुसेड

रहा था और दूसरे हाथ से उसके मस्त चुचियों को दबा रहा था. उसका

एक हाथ उसकी चूत के ऊपेर था और वो अपनी चूत का मसाज कर रही

थी लगता था के चूत के अंदर लगी खुजली को मिटाने की कोशिश कर

रही हो. उसके चूसने से में मस्त हो गया था मेरी आँखें बंद हो

गई और मेरी मलाई ऑलमोस्ट रेडी हो गई थी निकालने के लिए तो मेरी

स्पीड बढ़ गई और मुझे लगा मेरे बॉल्स में तूफान उठने लगा हो और

फिर मेरी गाढ़ी गाढ़ी गरम गरम थिक मलाई मेरे बॉल्स से निकाल के

लंड के सुराख में से बाहर पिचकारियाँ बनाती हुई गीता के मूह में

उछल उछल के गिरने लगी और डाइरेक्ट उसके हलक (थ्रोट) से उसके पेट

में चली गई वो गगग्गघह गग्ग्घह करती रही पर मे ने उसका

सर अपने लंड से नही हटाया और सारी मलाई उसके पेट में डाल दी. मेरी

आँखें बंद हो गई थी और लंड गीता के मूह में ही था जिसे अब वो

धीरे धीरे चूस रही थी जैसे मेरी क्रीम का एक एक ड्रॉप पी जाना

चाहती हो. मेरी सारी क्रीम निकाल गई पर उसने अपने मूह से मेरा लंड

बाहर नही निकाला और मेरे चुतडो को आहिस्ता से मसल्ने लगी और

लंड को चूस्ते ही रही. थोड़ी ही देर में में अपने सेन्सस में वापस

आ गया और फिर मेरे लंड में मूव्मेंट शुरू हो गई और वो फिर से

गीता के मूह के अंदर ही अंदर मेरा लंड अकड़ने लगा और एक ही मिनिट

के अंदर मेरा लंड फिर से लोहे जैसा सख़्त होगया. और मेरे लंड से गीता का मूह भर

गया वो मेरे लंड को आइस क्रीम की तरह चूस रही थी.

गीता को उसके बघल ( आर्म्पाइट्स ) से पकड़ के चेअर पे से उठा लिया तो

उसने अपने पैर स्ट्रेट अवे मेरे बॅक पे लपेट लिए जिस से उसकी

चूत एक बार फिर से मेरे लंड से टकराने लगी. में उसको उठाए उठाए

अपने बेडरूम में ले आया और बेड पे लिटा दिया और गीता को देखने लगा

तो वो मुस्कुरा दी और पूछा के ऐसे किया देख रहे हो अंकल तो में

बोला के सोच रहा हू के अब क्या करू में तुम्हारे साथ तो वो हंस के

बोली के आ जाओ अंकल आज आपका जो मन कहे वो कर डालो मेरे साथ में

आपकी ही हू आइ अम ऑल युवर डू व्हाटेवेर यू वांत टू डू अंकल और धीरे

से बोली के अंकल आइ लव यू आंड युवर लव्ली थिक कॉक. इतना सुनते ही

मेरा लंड स्प्रिंग की तरह झटके खाने लगा और पेट की तरफ उठ गया

जैसे मेरा पेट कोई मॅगनेट हो और लोहे जैसे लंड को अपने से चिपका

लिया हो. में बोला के गीता तुम्हारी चूत तो बहुत ही छोटी है पता

नही मेरा इतना बड़ा मोटा लोहे जैसा सख़्त लंड तुम्हारी चूत में

घुसे गा तो क्या होगा. उसने कहा अंकल यह मेरी चूत की सील तो कभी

ना कभी टूटने ही वाली है और मुझे अगर मेरे प्यारे अंकल के इतने

मस्त लंड से अपनी सील तुड़ वानी पड़े तो में अपने आप को लकी समझुगी

यू कम ऑन अंकल लेट्स ट्राइ आइ आम श्योर के में पेन बर्दाश्त कर लूँगी

और अपनी चूत में आपके लंड को ले पाउन्गि वो मेरी तरफ मुस्कुरा के

देखते हुए वासना भरी सेक्सी आवाज़ से बोली.

में बेड पे चढ़ गया और गीता के साथ लेट गया हम दोनो एक दूसरे

की तरफ मूह कर के लेटे थे और में ने उसको अपने बदन से लिपटा लिया

तो मेरा लंड उसके थाइस से लगने लगा तो गीता ने अपनी एक टांग उठा

के मेरे थाइ पे रख ली और उसके फेस पे किस करने लगा और फिर

उसके लिप्स पे किस किया तो ऑटोमॅटिकली ही उसका मूह खुल गया और मेरी

टंग उसके मूह में घुस गई और वो मेरी टंग को किसी बड़ी और

एक्सपीरियेन्स्ड चुदक्कड़ औरत की तरह से चूसने लगी. दोनो एक दूसरे

की तरफ मूह कर के लेटे थे. गीता अपनी एक टांग उठा के मेरे बॅक पे

रख दी जिस से उसकी चूत के लिप्स खुल गये में उसके थोडा और करीब

आ गया जिस से मेरे लंड का चिकना टोपा जिस में से प्री कम के बड़े

बड़े ड्रॉप्स निकाल रहे थे उसकी चूत के सामने आ गया गीता मेरे लंड

के डंडे को अपनी मुट्ठी में पकड़ के लंड के मोटे और चिकने सुपाडे

को अपनी छोटी और गीली चूत में ऊपेर से नीचे रगड़ने लगी. गीता

की चूत तो बहुत ही गीली हो चुकी थी और मेरे प्री कम से उसकी चूत

बहुत ही स्लिपरी हो गई थी. कभी कभी मेरे लंड का टोपा उसके

चूत के सुराख में अटक जाता था तो उसके मूह से आआअहह की आवाज़

निकाल जाती और फिर लंड को निकाल के अपने चूत के दाने ( क्लाइटॉरिस )

को लंड से रगड़ने लगती. उसके मूह से मस्ती की

आआआआआहह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स और

उूुुुुुुुुुउउफफफफफफफफफफफफफ्फ़ जैसी आवाज़ निकाल रही थी. में चाह

रहा था के चुदाई गीता ही स्टार्ट करे और में अपने आप को कंट्रोल

करू. अगर में अपने आप को कंट्रोल नही कर पाया तो मेरा लंड गीता

की छोटी सी चूत को एक ही झटके में फाड़ डालेगा और वो बर्दाश्त

नही कर पाएगी इसी लिए उसको जितना चाहिए उतना ही लंड अपनी चूत

में ले ले यह सोच के उसको ही कंट्रोल करने दिया.

 
मेरे दिमाग़ में एक तरीका आया. में किचन में गया और शहद (

हनी ) की बॉटल ले के आया और अपने लंड को उस् हनी के बॉटल में

डाल के लंड को मीठा बनाया और लेट गया और गीता से बोला के मेरे

ऊपेर 69 पोज़िशन में आ जाए और मेरे लंड को चूस के गीला कर दे

और में उसकी चूत को चूस के गीला करता हू ता के मेरा लंड उसकी

चूत में आसानी से घुस सके. गीता हँसने लगी और बोली के वाह

अंकल क्या मस्त आइडिया है और मेरे ऊपेर च्चढ़ के आ गई और अपनी दोनो

टाँगें मेरे बदन के दोनो तरफ रख के झुक गई और मेरे लंड को

अपने मूह में ले के चूसने लगी और शहद चाटने लगी. में थोडा सा

शहद अपनी उंगली में ले के उसकी चूत के अंदर लगा दिया तो उसकी

रसीली और मीठी चूत और मीठी हो गई और में चूसने लगा मेी

अपने हाथो से उसके चिकने चुतडो को मसाज कर रहा था और चूत

को चाट रहा था. - -

गीता की चूत मेंन मेरी टंग लगते ही वो फुल जोश में आ गई और

मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी वो ऐसी मस्ती में आ गई थी के

उसे यह भी ख़याल नही रहा के मेरा लंड का सुपाडा उसके हलक (

थ्रोट ) के अंदर पूरे का पूरा घुस चुका है और उसकी आँखे

बाहर निकाल गई थी नेक की सारी वेन्स ब्लड से भर गई थी और वो

ग्ग्गह ग्ग्गह की साउंड भी निकाल रही थी पर लंड को पोर जोश से

चूस भी रही थी. मुझे आश्चर्य हुआ के गीता फुल जोश में थी

और मेरे पूरे के पूरे लंड को अपने मूह में ले चुकी थी और ज़ोर ज़ोर

से चूस रही थी में उसकी चूत को चाट रहा था और कभी तो पूरी

चूत को मूह मे ले के अपने दाँतों से काट ता तो वो दीवानी हो जाती और

मेरे मूह पे अपनी चूत को ज़ोर ज़ोर से रगड़ने लगती और फिर अपनी गान्ड

उठा उठा के मेरे मूह पे ऐसे मार रही थी जैसे मेरे मूह को चोद

रही हो उसके चूत के दाने (क्लाइटॉरिस) को अपने दाँत से काटा तो उसके

बदन में बिजली सी दौड़ गई और एक दम से उसका बदन बहुत ज़ोर से

काँपने लगा और उसके मूह से आआआआआहगगगगगगगगगग

आआआआआहगगगगगगगगगगगगगग ऊऊऊऊऊगगगगगगघह की

आवाज़ें निकालने लगी उसका ऑर्गॅज़म बहुत पवरफुल था और वो झड़ने

लगी मेरे मूह में उसका शहद जैसा जूस निकाल के गिरने लगा जिसे

में मज़े से पीने लगा.

जितनी देर तक उसका ऑर्गॅज़म चलता रहा वो ज़ोर से काप्ति रही और मेरे

बदन पे बे दम पड़ी रही और मेरा लंड उसके मूह से बाहर निकाल के

स्प्रिंग की तरह से हिलने लगा. थोड़ी देर के बाद जब उसका ऑर्गॅज़म

ख़तम हुआ और उसको होश आया तो मेरे हिलते लंड को अपने मूह के सामने

पाया तो मेरे लंड को पकड़ के एक चुंबन लिया और फिर अपने मूह में ले

के चूसने लगी और में उसकी खुली चूत जो अब अंदर से लाल हो चुकी

थी उसको फिर से चूमने और चाटने लगा देखा तो उसकी चूत के लिप्स

सूज कर मोटे और लाल हो गये थे. थोड़ी ही देर में वो फिर से मस्ती

में आ गयी और उसकी रसीली चूत रस से भर गई तो में अपने लंड पे

फिर से शहद लगा दिया और उसको पलटा के अपने ऊपेर लिटा लिया. अब में

स्ट्रेट लेटा था मेरा लंबा मोटा लंड रॉकेट की तरह तय्यार खड़ा

था. गीता मेरे कमर के दोनो तरफ अपने पैर घुटनो से मोड़ के बैठी

थी जैसे जॉकी घोड़े की सवारी के टाइम पे रखता है उसी तरह से

उसके दोनो पैर मेरे दोनो तरफ थे उसकी चूत मेरे लंड के ऊपेर.

गीता घुटने के बल थोडा सा उठ गई और मेरे लंड के डंडे को अपने

हाथ से पकड़ के लंड के सुपाडे को अपनी चूत के सुराख से सटा दिया

और मेरे ऊपेर झुक के मुझे किस करने लगी. लंड का सुपाडा उसके

चूत के लिप्स के बीच में था और वो थोडा थोडा आगे पीछे हो

रही थी जिस से लंड का सुपाडा उसके चूत से सुराख से टकरा रहा

था. गीता की मस्त और गरम चूत के स्पर्श से मेरे लंड का तो बुरा

हाल हो गया था मन कर रहा था के उसको नीचे पटक के उसकी चूत

में लंड को घुसेड के उसकी कुवारि चूत को फाड़ के चोद डालू.

गीता अब आगे पीछे हो के अपनी चूत को मेरे लंड में घुसाने की

कोशिश कर रही थी कभी कभी में अपनी गान्ड उठा के अपने लंड को

उसकी चूत में घुसेड़ने लगता तो वो उचक जाती. में उसको झुका के

उसकी छोटी छोटी कॉनिकाल चुचियों को चूसने लगा मेरे हाथ उसकी गान्ड

पे थे में उसके चुतडो को मसल रहा था. गीता मस्ती में आके जो

झटके से मेरे लंड पे बैठी तो मेरे लंड का सुपाडा उसकी चूत में

घुस गया और उसके मूह से ऊऊऊीीईईईईई माआआआअ निकल गया में

उसके शोल्डर्स को ज़ोर से पकड़े रखा ता के वो चूत में से लंड को

बाहर ना निकाल सके. थोड़ी देर तक उसको ऐसे पकड़े रहा और अपनी गान्ड

उठा के एक हल्का सा झटका लगाया तो वो दर्द से चिल्लाइ

ऊऊऊऊीीईईईईईईईई म्म्म्मा आआआआआआआअ और उचक के लंड को बाहर

निकाल दिया तो मैने गीता से पूछा के क्या तुम खुद ही मुझे चोदोगि या

में तुम्हें नीचे लिटा के चोदु तो वो बोली के अंकल मुझे थोडा ट्राइ

करने दो फिर आप ऊपेर आ जाना में ने कहा ठीक है उसने फिर से मेरे

लंड को अपनी चूत के सुराख पे अड्जस्ट कर के ज़ोर लगाया तो सुपाडा

थोड़ा सा अंदर घुसा वो आगे पीछे हिल हिल के कोशिश कर रही थी

पर शाएद उसे डर लग रहा था और उसका मूह सिर्फ़ सुपाडे को अंदर ले

के ही खुल गया था. में ने बोला के क्या हुआ गीता तो बोली के अंकल

मेरे से नही होता आप ही कुछ करो प्लीज़ तो में बोला के सोच लो

पहली बार है ना तो दर्द तो बहुत होगा उसने कहा क्या करू अंकल अब

तो मेरा मन कर रहा है के चाहे जितना भी दर्द हो चाहे में दर्द

से मर ही क्यों ना जाउ मुझे आज यह लंड अपनी चूत के अंदर लेना

है में ने फिर पूछा के सोच लो तो उसने कहा अब मुझे कुछ नही

सोचना बस अब आप ही मेरे ऊपेर आ जाओ और बॅस मुझे लड़की से औरत

बना डालो. में ने कहा के ठीक है और में उसको नीचे लिटा के उसकी

टांगो के बीच में लेट के उसकी चूत को किस किया और चूसने लगा तो

उसने मेरे सर को पकड़ के अपनी चूत में घुसेड लिया और अपनी टाँगें

मेरी गर्दन पे लपेट ली.

 
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