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उस लड़के ने पूनम का हाथ पकड़ लिया और जबर्दस्ती एंवव्लोप पकड़ाता हुआ बोला "हिम्मत तो मुझमे बहुत कुछ करने की है, लेकिन मैं जबर्दस्ती नहीं करना चाहता।" वो एन्वेलोप को पूनम के हाथ में पकड़ा कर रोड की तरफ चल दिया।
पूनम एन्वेलोप को नीचे गिरा दी और गुस्से में आगे बढ़ गयी। लेकिन फिर उसे लगा की कहीं ये एन्वेलोप किसी और के हाथ लग गया तो उसकी बदनामी हो जायेगी। उसे पता था कि इसके अंदर क्या होगा। वो 5-7 कदम पीछे आई और एन्वेलोप उठा कर पर्स में रख ली। वो पीछे मुड़ कर देखी तो वो लड़का उसे देख कर मुस्कुरा रहा था। पूनम खुद पे खीज गयी की वो लड़का उसके बारे में क्या सोच रहा होगा। लेकिन अब क्या हो सकता था।
वो घर में अंदर आ गयी और रात का इंतज़ार करने लगी। पूनम की 3 दिन पहले चूदी हुई चिकनी चुत पे चीटियां रेंगने लगी थी। वो उस एन्वेलोप को खोलने का इंतज़ार कर रही थी। उसे पता था कि अंदर क्या होगा। लेकिन उसे अफ़सोस भी हो रहा था कि उसे लेटर लेते हुए उस लड़के ने देखा था और इसका मतलब एक तरह से उसके प्रपोजल को स्वीकार करना हुआ था।
पूनम को गुस्सा आ रहा था कि किस तरह उस लड़के ने उसका हाथ पकड़ा था और एन्वेलोप पकड़ा दिया था। लेकिन पूनम के रियेक्ट करने से पहले वो जा चूका था। लेकिन उस लड़के की नज़रों में ये बात आई होगी की पूनम को उसका प्रपोजल स्वीकार है और वो बस नखरे कर रही है। पूनम को इसी बात का अफ़सोस सबसे ज्यादा हो रहा था।
जब सब सोने चले गए तो पूनम आज फिर से गेट बंद कर ली और एन्वेलोप खोलने लगी। उसके दिल की धड़कन बढ़ गयी थी। वो एन्वेलोप खोलने से पहले ही अपने ट्रोउजर और पैंटी को नीचे कर चुकी थी। उसे पता था की अंदर क्या होगा।
वो एन्वेलोप को खोली तो उसे पेपर दिखा जिसे वो निकाल ली। पेपर थोड़ा मोटा था लेकिन pics न देखकर पूनम उदास हो गयी। वो एन्वेलोप को अच्छे से फैला कर देखी, लेकिन अंदर और कुछ नहीं था। ना फोटो और ना ही गुलाब की पंखुरियाँ।
उदास होकर पूनम बेड पर अच्छे से अपनी पीठ टिका कर बैठ गयी और पेपर देखने लगी। पेपर पे कंप्यूटर से प्रिंट किया हुआ था। जो पहला शब्द वो पढ़ी, उसके साथ ही अचानक से उसे अपने कमर के नीचे कुछ तेज़ दौड़ता हुआ महसूस हुआ।
वो एक कहानी थी और उसका शीर्षक था जिस पर पूनम की नज़र गयी थी। "पूनम की चुदाई।" अपनी चुदाई की बात पढ़कर पूनम अपनी चुत में कुछ उबलती हुई महसूस की। वो आगे पढ़ना शुरू की और तुरंत ही पेज पलटने लगी। ये एक लड़की की चुदाई की कहानी थी की कैसे वो दो लड़कों से चुदवाई और उसे कितना मज़ा आया था। कहानी के बीच बीच में कहानी के हिसाब से फोटो लगे हुए थे।
2-3 पेज पढ़ते पढ़ते ही पूनम अपने कपड़ों को पूरा उतार दी और नंगी होकर कहानी पढ़ने लगी और अपनी चुत और चुच्ची मसलने लगी। वो लगातार नहीं पढ़ रही थी और जहाँ उसे चुदाई का सीन मिल रहा था बस वहीँ पढ़ रही थी। थोड़ी ही देर में उसकी चुत ने जवानी का रस उगल दिया और पूनम हाँफती हुई बेड पे निढाल पड़ गयी।
पूनम थोड़ी देर बाद जब उठी और वो पेपर दुबारा उठाई तो उसे लगा की उसमें एक पेपर अलग से है। वो उसे पढने लगी। ये उन लड़कों का लेटर था। लव लेटर। नहीं, लस्ट लेटर।
पूनम लेटर पढने लगी. अभी तुरंत ही उसकी चुत ने काम रस उगला था तो उसे अभी फिर से उन लड़कों पे गुस्सा आने लगा था. वो गुस्से में ही लेटर पढने लगी.
प्यारी पूनम,
उम्मीद है तुम्हे मेरा पहला लेटर और साथ में भेजे हुई तस्वीरें पसंद आई होंगी. उन तस्वीरों को देख कर तुमने महसूस किया होगा की इस जवानी में हमें कितने सुख मिलते हैं और किस किस तरह से लोग उसका मज़ा लेते हैं. फिर तुम क्यों इस सुख से दूर रहना चाहती हो.
मैं तुमसे ज्यादा कुछ नहीं मांग रहा. बस एक बार अपनी इस हसीं और मदमस्त जवानी का सुख हमें भी लेने दो. मैं तुम्हे यकीं दिलाता हूँ की इसमें तुम्हे इतना मज़ा आएगा की तुम दूसरी दुनिया में पहुँचने लगोगी.
तुम्हारे हाँ के इंतज़ार में
तुम्हारी जवानी का प्यासा.
इस कागज के नीचे 2 फोटो पेपर थे जिनपे 5-6 फोटो प्रिंट किये हुए थे. पूनम की चुत की आग फिर से भड़कने लगी. वो उन तस्वीरों को गौर से देखने लगे. ये चुदाई की तस्वीरें नहीं थी. ये सिर्फ लंड की तस्वीर थी. पूनम की सांस अटक गयी. एक पिक में जिसका लंड था वो खरा था और टेबल पे उसका लंड रखा हुआ था. ऐसा लग रहा था जैसे कोई मोटा सा रॉड रखा हुआ हो, और लंड पे बोल्ड मार्कर से लिखा हुआ था “पूनम का तोहफा”
पूनम दूसरी पिक देखी उसमे लड़का लंड के साथ में फोग डियो को लगाया हुआ था और लंड की लम्बाई डिओ के उस बोतल के बराबर ही थी. इस पिक में भी वो लंड पे अपना नाम लिखा हुआ साफ साफ देख रही थी. इसी तरह और भी पिक्स थी और सब के सब लंड के क्लोज-अप वाली पिक्स ही थे.
पूनम एन्वेलोप को नीचे गिरा दी और गुस्से में आगे बढ़ गयी। लेकिन फिर उसे लगा की कहीं ये एन्वेलोप किसी और के हाथ लग गया तो उसकी बदनामी हो जायेगी। उसे पता था कि इसके अंदर क्या होगा। वो 5-7 कदम पीछे आई और एन्वेलोप उठा कर पर्स में रख ली। वो पीछे मुड़ कर देखी तो वो लड़का उसे देख कर मुस्कुरा रहा था। पूनम खुद पे खीज गयी की वो लड़का उसके बारे में क्या सोच रहा होगा। लेकिन अब क्या हो सकता था।
वो घर में अंदर आ गयी और रात का इंतज़ार करने लगी। पूनम की 3 दिन पहले चूदी हुई चिकनी चुत पे चीटियां रेंगने लगी थी। वो उस एन्वेलोप को खोलने का इंतज़ार कर रही थी। उसे पता था कि अंदर क्या होगा। लेकिन उसे अफ़सोस भी हो रहा था कि उसे लेटर लेते हुए उस लड़के ने देखा था और इसका मतलब एक तरह से उसके प्रपोजल को स्वीकार करना हुआ था।
पूनम को गुस्सा आ रहा था कि किस तरह उस लड़के ने उसका हाथ पकड़ा था और एन्वेलोप पकड़ा दिया था। लेकिन पूनम के रियेक्ट करने से पहले वो जा चूका था। लेकिन उस लड़के की नज़रों में ये बात आई होगी की पूनम को उसका प्रपोजल स्वीकार है और वो बस नखरे कर रही है। पूनम को इसी बात का अफ़सोस सबसे ज्यादा हो रहा था।
जब सब सोने चले गए तो पूनम आज फिर से गेट बंद कर ली और एन्वेलोप खोलने लगी। उसके दिल की धड़कन बढ़ गयी थी। वो एन्वेलोप खोलने से पहले ही अपने ट्रोउजर और पैंटी को नीचे कर चुकी थी। उसे पता था की अंदर क्या होगा।
वो एन्वेलोप को खोली तो उसे पेपर दिखा जिसे वो निकाल ली। पेपर थोड़ा मोटा था लेकिन pics न देखकर पूनम उदास हो गयी। वो एन्वेलोप को अच्छे से फैला कर देखी, लेकिन अंदर और कुछ नहीं था। ना फोटो और ना ही गुलाब की पंखुरियाँ।
उदास होकर पूनम बेड पर अच्छे से अपनी पीठ टिका कर बैठ गयी और पेपर देखने लगी। पेपर पे कंप्यूटर से प्रिंट किया हुआ था। जो पहला शब्द वो पढ़ी, उसके साथ ही अचानक से उसे अपने कमर के नीचे कुछ तेज़ दौड़ता हुआ महसूस हुआ।
वो एक कहानी थी और उसका शीर्षक था जिस पर पूनम की नज़र गयी थी। "पूनम की चुदाई।" अपनी चुदाई की बात पढ़कर पूनम अपनी चुत में कुछ उबलती हुई महसूस की। वो आगे पढ़ना शुरू की और तुरंत ही पेज पलटने लगी। ये एक लड़की की चुदाई की कहानी थी की कैसे वो दो लड़कों से चुदवाई और उसे कितना मज़ा आया था। कहानी के बीच बीच में कहानी के हिसाब से फोटो लगे हुए थे।
2-3 पेज पढ़ते पढ़ते ही पूनम अपने कपड़ों को पूरा उतार दी और नंगी होकर कहानी पढ़ने लगी और अपनी चुत और चुच्ची मसलने लगी। वो लगातार नहीं पढ़ रही थी और जहाँ उसे चुदाई का सीन मिल रहा था बस वहीँ पढ़ रही थी। थोड़ी ही देर में उसकी चुत ने जवानी का रस उगल दिया और पूनम हाँफती हुई बेड पे निढाल पड़ गयी।
पूनम थोड़ी देर बाद जब उठी और वो पेपर दुबारा उठाई तो उसे लगा की उसमें एक पेपर अलग से है। वो उसे पढने लगी। ये उन लड़कों का लेटर था। लव लेटर। नहीं, लस्ट लेटर।
पूनम लेटर पढने लगी. अभी तुरंत ही उसकी चुत ने काम रस उगला था तो उसे अभी फिर से उन लड़कों पे गुस्सा आने लगा था. वो गुस्से में ही लेटर पढने लगी.
प्यारी पूनम,
उम्मीद है तुम्हे मेरा पहला लेटर और साथ में भेजे हुई तस्वीरें पसंद आई होंगी. उन तस्वीरों को देख कर तुमने महसूस किया होगा की इस जवानी में हमें कितने सुख मिलते हैं और किस किस तरह से लोग उसका मज़ा लेते हैं. फिर तुम क्यों इस सुख से दूर रहना चाहती हो.
मैं तुमसे ज्यादा कुछ नहीं मांग रहा. बस एक बार अपनी इस हसीं और मदमस्त जवानी का सुख हमें भी लेने दो. मैं तुम्हे यकीं दिलाता हूँ की इसमें तुम्हे इतना मज़ा आएगा की तुम दूसरी दुनिया में पहुँचने लगोगी.
तुम्हारे हाँ के इंतज़ार में
तुम्हारी जवानी का प्यासा.
इस कागज के नीचे 2 फोटो पेपर थे जिनपे 5-6 फोटो प्रिंट किये हुए थे. पूनम की चुत की आग फिर से भड़कने लगी. वो उन तस्वीरों को गौर से देखने लगे. ये चुदाई की तस्वीरें नहीं थी. ये सिर्फ लंड की तस्वीर थी. पूनम की सांस अटक गयी. एक पिक में जिसका लंड था वो खरा था और टेबल पे उसका लंड रखा हुआ था. ऐसा लग रहा था जैसे कोई मोटा सा रॉड रखा हुआ हो, और लंड पे बोल्ड मार्कर से लिखा हुआ था “पूनम का तोहफा”
पूनम दूसरी पिक देखी उसमे लड़का लंड के साथ में फोग डियो को लगाया हुआ था और लंड की लम्बाई डिओ के उस बोतल के बराबर ही थी. इस पिक में भी वो लंड पे अपना नाम लिखा हुआ साफ साफ देख रही थी. इसी तरह और भी पिक्स थी और सब के सब लंड के क्लोज-अप वाली पिक्स ही थे.