• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

कभी गुस्सा तो कभी प्यार

पूनम फिर से सारे पिक्स देखने लगी. अब पिक्स देखते हुए पूनम के दिमाग़ मे लेटर मे लिखी हुई बातें भी आ रही थी. पूनम उन लड़कियों को पहचानने की कोशिश करने लगी. वो किसी भी लड़की को पहचान नही पाई और लड़कों के फेस पिक्स मे नही दिख रहे थे. फोटो मे 2 अलग अलग लड़कियाँ और 2 अलग अलग मॅरीड औरतें थी. पूनम अब गौर से उनके बदन और हरकतों को देख रही थी और उनके बदन से खुद

को कंपॅरिज़न करने लगी. वो चारों खुसूरत चेहरे, गोरे और कसे हुए जिस्म वाली थी. पूनम अपनी चुचि के साइज़ और निपल को देखी तो उसे लगा कि उन चारों से मैं कम तो नही ही हूँ. लेकिन जब वो अपनी बालों से भरी चूत और उन चारों की चिकनी चमकती हुई चूत देखी तो उसे लगा कि मैं इनकी तरह नही हूँ. मैं शरीफ और अच्छे घर की लड़की हूँ.

पूनम अब ये सब रख दी और उन लड़कों के बारे मे सोचने लगी कि 'कैसें हैं वो लड़के जो इतनी लड़कियों के साथ ये सब कर रहे हैं. उनलोगों को और किसी चीज़ से कोई मतलब नही है. बस सेक्स करना है और काम ख़तम. तभी तो सीधा सीधा लेटर मे चुदाई की बात कर रहे हैं. कोई प्यार मोहब्बत नही. सीधी बात, नो बकवास.' उसे पक्का यकीन था कि इस फोटो मे जो लंड है वो इन लड़कों का ही होगा. उसे

फिर से इन लड़कियों पे भी गुस्सा आ रहा था कि 'ये गंदा काम तो करवा ही रही है, मस्ती मे पिक भी खिंचवा रही है. अगर ये पिक उसके किसी घरवाले ने देख लिया तो क्या इज़्ज़त रह जाएगी उसकी.'

फिर उसे लगा कि क्या पता कि ये लड़कियाँ भी इसी तरह की होंगी और कई सारे और लड़कों के साथ भी ऐसा करती होगी. उसके दिमाग़ मे लेटर मे लिखी लाइन चलने लगी कि यही उमर है मस्ती करने की और जवानी फिर लौट कर वापस नही आती. पूनम अपने बारे मे सोचने

लगी कि ‘ये लोग इतने लोगों के साथ मस्ती कर रहे हैं, और एक मैं हूँ जो अभी तक लिप किस भी नही करने दी बेचारे अमित को. लेकिन

शादी के बाद तो ये सब करना ही है. दीदी भी तो अभी जीजा जी से चुदवा ही रही होगी. लेकिन शादी मे तो अभी टाइम है.

पूनम अपने मन मे कुच्छ सोच ली और मुस्कुराते हुए फिर से पिक्स देखने लगी. वो अभी गौर से लंड देख रही थी. उसे अब रियल लंड देखना

था. वो फिर से चूत मे उंगली करने लगी और उसकी चूत ने दुबारा काम रस उगल दिया. पूनम तेज साँसे लेती हुई बेड पे निढाल हो पड़ी रही और उसकी चूत से रस बहकर बेड पे गिरता रहा.

पूनम इसी तरह नंगी ही सो गयी. सुबह अचानक से उसकी आँख खुली तो वो देखी कि फोटो और लेटर इसी तरह बेड पे ही रखा हुआ है. वो हड़बड़ा कर उठी और अपने कपड़े पहन ली और रात मे सोचे हुए अपनी बात के बारे मे सोचने लगी. उसका मन उधेरबुन मे था. वो फिर से

एक बार लेटर पढ़ी और पिक्स को हल्की नज़र से देखी और फोटो और लेटर को आल्मिराह मे अच्छे से छुपा कर रख दी. पूनम अपने निश्चय को मज़बूत करती हुई बाहर आ गयी और बाथरूम चली गयी.

 
आज पूनम अच्छे से तैयार हुई. वो बालों मे शम्पू लगाई और उसने अपनी चूत और अंडरआर्म के बालों को साफ कर दिया. वो इससे पहले भी अपने जिस्म से इन जगहों के बाल हटाई थी, लेकिन वो ऐसा रेग्युलर बेसिस पे नही करती थी. वो रूम मे आई और अच्छे से अपना मेकप कर ली. वो चूत पे भी फेस मे लगाने वाली फेशियल क्रीम लगाई और अब उसे लगने लगा कि मेरी भी चूत अब उन चारों की तरह चमक रही है.

पूनम एक येल्लो कलर की लोंग स्कर्ट पहनी और साथ मे पिंक टॉप. अंदर मे था जॉकी की डिज़ाइनर पैंटी ब्रा. पूनम अपने ऑफीस के लिए निकल गयी. वो सोच ली थी कि उन दोनो लड़कों की तरफ देखेगी भी नही और उन्हे पूरा इग्नोर करेगी. अगर उनलोगों ने प्यार मुहब्बत का प्रपोज़ल भेजा होता तब भी पूनम उन्हे इग्नोर ही करती, लेकिन यहाँ तो उनलोगों ने वो किया है जो किसी की सोच से भी परे है. हालाँकि वो

लेटर और पिक्स अभी भी उसके घर मे आल्मिराह मे ही रखे हुए थे. फिर देखने के लालच से उसने उन्हे फेका नही था. रात मे उसे बहुत

मज़ा आया था. आज रोड पे वो दोनो नही दिखे और पूनम खुशी खुशी अपने ऑफीस आ गयी.

आज का दिन वो खास बनाना चाहती थी. वो सेकेंड हाफ की लीव ले ली और लंच टाइम मे जहाँ अमित से मिलती थी वहाँ पहुँच गयी. पूनम अमित को उस रेस्टोरेंट मे चलने को बोली जिसमे कॅबिन था और जहाँ वो इससे पहले अमित के साथ जा चुकी थी और अमित ने उसे हग किया था.

अमित खुश हो गया कि हो सकता है कि आज फिर उसे पूनम को हग करने का मौका मिले. पूनम के हग को वो भुला नही था. आज व उसे अपने सीने पे पूनम की गोलाईयों का मखमली एहसास हो रहा था. वो तो पूनम की उन रसीली चुचियों को मुट्ठी मे भरकर भिचना चाहता था,

उसका रस पीना चाहता था, पूनम के होठों को चूमना चाहता था, लेकिन पूनम उसे मना कर दी थी, तो वो शरीफ बाय्फ्रेंड की तरह मान गया था.

दोनो उसी रेस्टोरेंट मे आ गये. कॅबिन मे टेबल के दोनो साइड 2 लोगों के बैठने लायक 2 चेयर और उसके बीच मे टेबल रखा हुआ था. कॅबिन का गेट दोनो साइड से थोड़ा थोड़ा बंद होता था लेकिन बीच मे कुच्छ जगह का गॅप रहता था. परदा लगा हुआ था जिससे बाहर से किसी को

कुच्छ नही दिखता था. इस रेस्टोरेंट मे कपल्स ही ज़्यादातर आते थे और उनके लिए ये जगह बहुत मस्त थी. पूनम और अमित भी यहाँ 2 बार आ चुके थे लेकिन हग से ज़यादा कुच्छ हुआ नही था तो अब अमित यहाँ नही आना चाहता था.

दोनो कॅबिन मे जाकर आमने सामने बैठ गये और 2 मिनिट बाद वेटर ऑर्डर लेने आ गया. अमित ने डोसा और कोल्ड ड्रिंक का ऑर्डर कर दिया. वेटर के जाने के बाद भी अमित मेनू मे ही उलझा हुआ था, लेकिन पूनम के मन मे तो आज ज्वार भाटा चल रहा था. वो उठ कर अमित के बगल मे बैठ गयी. ऐसा क्या लिखा हुआ है इसमे और वो भी मेनू देखने लगी. उसके पैर अमित के पैरों मे सॅट रहे थे. अमित पूनम को

आश्चर्य से देखने लगा क्यूँ कि पहली बार ऐसा हुआ था. इससे पहले अमित ने साथ मे बैठने कहा था तो पूनम ही मना कर दी थी कि नही,

अभी हमे अलग ही रहना है.

अमित खुश हो गया और उसने मेनू बंद करते हुए मौके का फ़ायदा उठाते हुए पूनम को आइ लव यू बेबी बोला और उसके सिर को पकड़ कर माथे को चूम लिया. पूनम आँखें बंद किए हुए अपने जिस्म पे चलती हुई चीटियों को महसूस करने लगी. अमित ने पूनम को हग किया और उसे अपनी बाहों मे ले लिया. पूनम की आँखें बंद थी. वो आज अमित को कहीं पे रोकना ही नही चाहती थी.

अमित का जिस्म दीवाल से अटका हुआ था और पूनम अपने जिस्म का भार उसके जिस्म पे दे कर उसके गले से लगी हुई थी. उसकी आँखें बंद थी और आधे खुले हुए होठ अमित क चेहरे के सामने थे. अमित का मन हुआ कि पूनम के गुलाबी होठों को चूम ले, लेकिन उसे लगा कि

कहीं फिर पूनम बुरा मान गयी तो. उसने कुच्छ देर वेट किया लेकिन उसके बाद वो खुद को रोक नही पाया और अपने होठ पूनम के होठों

पे रख दिए.

उफ्फ. पूनम का जिस्म अकड़ने लगा. वो अपने होठ थोड़ा और खोल दी ताकि अमित को ज़्यादा स्पेस मिल सके और फिर अमित भी अच्छे से प्यासे भंवरे की तरह इस हुश्न की कली का रस पीने लगा. अमित को टॉप के गले के पास से पूनम की गोरी चमकती हुई क्लीवेज दिख रही थी. उसका मन हुआ कि इन मुलायम गोलों को पकड़ ले, लेकिन उसकी इतनी हिम्मत नही हुई. कहीं चुचियों के लालच मे होठों का मज़ा भी

ना चला जाए. पूनम के निपल टाइट होने लगे थे. अमित ने अपने हाथ को ऐसे उपर किया जिससे उसकी कलाई से पूनम की चुचि दबने लगी. उसे बहुत मज़ा आ रहा था. पूनम ने अभी भी रोकने की कोई कोशिश नही की तो अब अमित की हिम्मत बढ़ गयी.

अमित ने अपने हाथ को तोड़ा सा ऐसे हिलाया जिससे उसका हाथ अब पूनम के टॉप पे उसकी गोल मुलायम चुचि पे था. पूनम को बहुत मज़ा आने लगा. उसे गुदगुदी होने लगी कि किसी मर्द का हाथ उसकी चुचियों पे है. पहले धीरे से और फिर थोड़ा ज़ोर से चुचि दबाता हुआ अमित अपनी गर्लफ्रेंड के हसीन बदन का मज़ा ले रहा था. पूनम का बदन सिहरने लगा था. अब अमित और बहादुर हो गया. उसने अब अपना हाथ

उपर से पूनम के टॉप के अंदर डाला और अगले ही पल उसकी हाथों मे एक मस्त मखमली मुलायम सा गोला था. पूनम का रोम रोम सिहर

उठा. पहली बार कोई और हाथ उसके जिस्म के इस हिस्से पे पड़ा था. उसकी चूत से कुच्छ रिसने लगा था.

अमित ज़ोर से पूनम के उपर के होठ को चूसा और उतनी ही ज़ोर से उसकी चुचि को दबाया. म्‍म्म की आवाज़ पूनम के गले से निकली और उसका हाथ अमित के हाथ को पकड़ने लगा. लेकिन ये पकड़ इतनी नही थी कि वो वहाँ से अमित का हाथ हटवाना चाहती हो. अमित ने

अपने हाथ की पकड़ को ढीला कर दिया और उस रसीली चुचि को हल्के हाथों से दबाता हुआ वो अब निपल के साथ खेलने लगा. पूनम का

बदन हिलने लगा था. उसकी चूत पे चीतियाँ तेज तेज दौड़ रहीं थी.

अमित तब दूसरी चुचि के साथ खेलने लगा. पूनम के निपल्स टाइट हो चुके थे. पूनम का मन कर रहा था कि अमित उसके टॉप को उतार दे, उतारे नही तो कम से कम उपर तो कर ही दे और फिर अच्छे से चुचि मसले. उसकी चूत को भी सहलाए अब, लेकिन ये बात वो कह नही

सकती थी. पूनम का हाथ अमित के पॅंट की तरफ बढ़ा, लेकिन उसकी इतनी हिम्मत नही हुई कि वो ऐसा कर सकती. वो लंड देखना चाहती

थी. सच मूच का. सामने से, अच्छे से .

अमित दूसरा हाथ भी सामने ले आया और एक हाथ से टॉप के उपर से चुचि मसल्ने लगा और दूसरा हाथ टॉप के अंदर से मुलायम मखमली जिस्म को मसलता रहा. तभी अचानक गेट पे वेटर के आने की आहट हुई और पूनम भी हड़बड़ा कर तुरंत ठीक से बैठ गयी और अमित भी. वेटर को समझ आ गया कि अंदर क्या हो रहा होगा. ये उसके लिए रोज की बात थी. वो रोज ऐसे कितने कपल्स को देखता था. वेटर की नज़र पूनम के क्लीवेज पे गयी तो पूनम अपना टॉप ठीक करने लगी. उसके होठों की लिपस्टिक हट गयी थी और अमित के होठ कुच्छ ज़यादा ही

गुलाबी नज़र आ रहे थे.

वेटर ने चुपचाप ऑर्डर टेबल पे रखा और बाहर चल दिया. अमित को लगा कि वायटोर ग़लत टाइम पे आया और जितना कुच्छ हो चुका था, वोही बहुत है. उसे बहुत मज़ा आया था लेकिन लगा कि अब पूनम और कुच्छ नही करने देगी. डोसा और कोल्ड ड्रिंक्स टेबल पे रखे हुए थे

लेकिन आज दोनो मे से किसी का ध्यान उधर नही था. अमित सोच रहा था कि अब फिर वॉ कैसे शुरू किया जाए और पूनम सोच रही थी कि अमित अब क्या करेगा.

 
वेटर ने चुपचाप ऑर्डर टेबल पे रखा और बाहर चल दिया. अमित को लगा कि वायटोर ग़लत टाइम पे आया और जितना कुच्छ हो चुका था, वोही बहुत है. उसे बहुत मज़ा आया था लेकिन लगा कि अब पूनम और कुच्छ नही करने देगी. डोसा और कोल्ड ड्रिंक्स टेबल पे रखे हुए थे

लेकिन आज दोनो मे से किसी का ध्यान उधर नही था. अमित सोच रहा था कि अब फिर वॉ कैसे शुरू किया जाए और पूनम सोच रही थी कि अमित अब क्या करेगा.

पूनम ग्लास से पानी का एक घूँट लेकर ग्लास को वापस टेबल पे रख दी. डरते डरते अमित ने वापस पूनम के कंधे पे हाथ रखा कि 'पता नही अब ये कैसा रिक्षन देगी.' लेकिन आज पूनम दूसरे ही मूड मे थी. वो फिर से अमित से चिपक गयी और अमित ने उसके कंधे पे हाथ रख कर खुद से और चिपका लिया.

अमित को समझ नही आ रहा था कि आगे बात अब कैसे बढ़ाया जाए. यही हालत पूनम की भी थी. अमित ने फिर से पूनम के माथे पे किस किया. पूनम का चेहरा अमित के सामने था. वो अमित की तरफ शरारत से देखती हुई बोली इतना ज़ोर से क्यू दबाए. अमित तो खुश होगया और वो भी मुस्कुराते हुए बोला ज़ोर से कहाँ दबाया और पूनम को अपने बदन मे सटा लिया. अब ज़ोर से नही दबाउँगा बोलता हुआ अमित

फिर से गले के पास से पूनम के टॉप मे हाथ डाल दिया. उसे लगा था कि अब पूनम ज़रूर रोक लेगी, लेकिन पूनम की तरफ से मना करने जैसा कोई रिक्षन नही हुआ.

अमित पूनम की चुचि को पूरी गोलाई मे पकड़े हुए सहला रहा था लेकिन अब उसकी कोशिश चुचि को बाहर करने की थी. वो टॉप के उपर की तरफ से ही चुचि को बाहर करना चाह रहा था, लेकिन ऐसा हो नही पा रहा था. टॉप का गला इतना बड़ा नही था. पूनम को झुंझलाहट होने लगी लेकिन वो कुच्छ बोल नही पा रही थी. जब 2-3 बार के प्रयास क बाद अमित सफल नही हुआ तो उसने दूसरा हाथ टॉप के नीचे से अंदर डाल दिया लेकिन अभी भी उसकी हिम्मत सीधा चुचियों को पकड़ने की नही हो रही थी. वो पूनम के पेट और कमर को सहला रहा था.

अब पूनम से नही रहा गया और वो अपना हाथ अमित के हाथ पे रखी और उसे उपर उठा कर अपनी ब्रा पे ले आई.

अब इससे ज़्यादा को वो क्या हिंट दे सकती थी. अमित ने न्ही देरी नही किया और टॉप को सामने से उठा दिया. उसके सामने ब्लॅक ब्रा चमक रही थी और ब्लॅक ब्रा के अंदर से पूनम की बाहर झाँकती हुई चुचियाँ. ब्रा तो उसने अस्त व्यस्त कर ही दिया था, तो एक निपल भी आधी बाहर दिख रही थी. अमित ने ब्रा को सामने से उपर उठा दिया और चुचि क़ैद से आज़ाद होकर बाहर झूल गयी.

अमित ने उस चुचि को अपने हाथों मे पकड़ा और उसी हाथ से दूसरे कप से भी दूध को बाहर उडेल दिया. पूनम की दोनो चुचियाँ नंगी होकर बाहर का नज़ारा देख रही थी. अमित तुरंत झुका और एक निपल को मुँह मे भरकर ज़ोर ज़ोर से ऐसे चूसने लगा जैसे छोटा बच्चा माँ के दूध ताक़त लगा कर चूस्ता है ताकि ज़्यादा दूध उसके मुँह मे आए.

"आअहह.. आहह म्‍म्म्मम...." करती हुई पूनम अमित के सर पे हाथ रख दी और उसे कभी अपने सीने पे दबाने लगी तो कभी हटाने लगी. अमित बारी बारी से दोनो निपल को चूस रहा था और दोनो हाथों से दोनो चुचि को मसल रहा था. अमित पूरे चुचि को मुँह मे भरने की

कोशिश कर रहा था. पूनम की पीठ दीवार से सट गयी थी और अमित पूरा ज़ोर लगाए हुए था.

 
अब अमित की हिम्मत काफ़ी बढ़ गयी थी. आज उसका दिन बहुत अच्छा था. पूनम भी उसके पीठ गर्दन को सहला रही थी. अब अमित ने अपना हाथ पूनम की जांघों पे रख दिया और सहलाने लगा. पूनम के पैर तुरंत फैल गये. उसकी चूत पे चीटियाँ काट रही थी. वो तो कब से

चाह रही थी कि. अमित लोंग स्कर्ट के उपर से ही जांघों को सहलाता हुआ कमर सहलाने लगा. फिर वो अपना हाथ पूनम की जांघों के बीच

मे ले आया और लोंग स्कर्ट और पैंटी के उपर से चूत सहलाने लगा.

पूनम को बहुत मज़ा आ रहा था. वो अमित के हाथ का वेट कर रही थी कि कब वो चूत पे पहुँचे. अभी भी अमित के हाथ और उसकी चमकती हुई चूत के बीच मे कपड़ा था. वो चाह रही थी कि अमित अच्छे से उसकी चूत को सहलाए. पूनम को मज़ा नही आ रहा था. वो

अपनी कमर को थोड़ा आगे कर दी ताकि अमित का हाथ अच्छे से उसकी चूत तक पहुँच सके.

अमित को भी यही लग रहा था कि उसके हाथ और पूनम की चूत के बीच मे कपड़ा नही होना चाहिए. वैसे भी जब पूनम किसी चीज़ मे मना नही कर रही है और कपड़े के उपर से चूत सहलाने दी तो कपड़े के अंदर से भी देगी. वो स्कर्ट को उपर करने लगा और स्कर्ट के घुटने तक आते ही उसने हाथ अंदर डाला और पूनम की चिकी नंगी जांघों को सहलाने लगा. पूनम की चूत पे चीटियाँ की रेस चल रही थी.

जांघों को सहलाता हुआ अमित का हाथ पूनम की पैंटी पे था लेकिन वो चूत को अब भी सहला नही पा रहा था. उसने अपना हाथ और उपर किया और पैंटी के उपर से हाथ अंदर डालने लगा. पूनम सांस अंदर खींच कर अपने पेट को अंदर खींच ली. उसकी धड़कन बढ़ गयी थी.

अमित उसकी चूत को छुने वाला था. अमित का हाथ आसानी से फिसलता हुआ पैंटी के अंदर पहुँच गया. वो पूनम की चूत की चिकनाहट

महसूस करने लगा और समझ गया कि उसकी गर्लफ्रेंड पूरी रेडी है.

अमित का हाथ पूनम की चूत की दरारों पे आया और फिर उसने हाथ को टहोरा और अंदर किया तो चूत के छेद पे अमित की उंगली पहुँच गयी. चूत का गीलापन और गर्मी अमित अपनी उंगलियों पे महसूस करने लगा. पूनम आअहह म्‍म्म्ममम करती हुई अपनी कमर को टहोरा

और आगे कर दी और पैर को और फैला दी. अमित की बीच वाली उंगली अब पूनम की चूत के छेद के अंदर सरक रही थी. वो अपनी

उंगली को और अंदर करना चाह रहा था और पूनम भी यही चाहती थी. लेकिन ऐसा हो नही पा रहा था.

अमित ने चुचि को मुँह से निकाल दिया और टेबल के नीचे पहुँच गया. वो पूनम की पैंटी को पकड़ कर नीचे खींचने लगा. पूनम एक पल रुकी और फिर अपनी कमर उठा दी और अमित पैंटी को खींच कर नीचे लाने लगा. पूनम अपने दोनो पैरों को आपस मे सटा ली और अमित ने

पैंटी को पूरा उतार कर पैरों से बाहर निकाल दिया.

पूनम की आँखें बंद थी. वो किसी के सामने नंगी थी. उसकी चुचियाँ टॉप और ब्रा से बाहर थी और चूत अमित की नज़रों के ठीक सामने. उसे शर्म आ रही थी लेकिन उससे ज़्यादा मज़ा आ रहा था. अमित ने उसकी कमर को पकड़ कर थोड़ा आगे किया. अब उसकी कमर चेयर के कॉर्नर पे थी. अमित ने अपनी गर्लफ्रेंड के दोनो पैरों को फैलाया और उसकी नज़रों के सामने जन्नत के दरवाज़े थे. वो अच्छे से चूत को देखने

लगा और सहलाने लगा. अमित को इस तरह अपनी नंगी चुत को देखता देख पूनम शरमा गयी और अपनी जांघों को आपस में सटाती हुई स्कर्ट के ऊपर हाथ रख कर अपनी कुंवारी कमसिन चिकनी चुत ढँक ली।

अमित मुस्कुरा उठा और उसने दोनों पैरों को वापस से फैला दिया। पूनम कोई विरोध नहीं की और अब अमित चूत की दरार मे उंगली घूमता हुआ हाथ नीचे लाया और गीली चूत मे उसकी उंगली अंदर उतरने लगी. म्‍म्म्ममम करती हुई पूनम के पैर और फैल गये और जिस्म अकड़ने लगा. अमित को ऐसा लगा जैसे उसने अपनी ऊँगली को गर्म भट्ठी में डाल दिया है। उसे समझ में आया कि गर्म जवानी क्या होती है। वो अच्छे से चूत मे

उंगली करने लगा और फिर पूनम की कमर पकड़ कर उसने और आगे खींच लिया. अब अमित ने वो किया जिसके लिए पूनम तड़प रही थी. उसने पूनम की चिकनी गीली चूत पे अपना मुँह लगा दिया. आहह करती हुई पूनम दूसरी दुनिया मे पहुँच गयी.

 
अमित मुस्कुरा उठा और उसने दोनों पैरों को वापस से फैला दिया। पूनम कोई विरोध नहीं की और अब अमित चूत की दरार मे उंगली घूमता हुआ हाथ नीचे लाया और गीली चूत मे उसकी उंगली अंदर उतरने लगी. म्‍म्म्ममम करती हुई पूनम के पैर और फैल गये और जिस्म अकड़ने लगा. अमित को ऐसा लगा जैसे उसने अपनी ऊँगली को गर्म भट्ठी में डाल दिया है। उसे समझ में आया कि गर्म जवानी क्या होती है। वो अच्छे से चूत मे

उंगली करने लगा और फिर पूनम की कमर पकड़ कर उसने और आगे खींच लिया. अब अमित ने वो किया जिसके लिए पूनम तड़प रही थी. उसने पूनम की चिकनी गीली चूत पे अपना मुँह लगा दिया. आहह करती हुई पूनम दूसरी दुनिया मे पहुँच गयी.

अमित चूत को चाट रहा था, उसके दाने को होठों मे पकड़ कर खींच रहा था और कुँवारी कमसिन कली के रस को चूस रहा था. अमित ने बीच वाली उंगली को पूरा अंदर डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा. 7-8 बार ऐसा करने के बाद ही उसे अपनी उंगलियों पे चारो तरफ से

झरने की तरह पानी गिरना महसूस हुआ. उसने उपर पूनम का चेहरा देखा तो वो आँखें बंद किए अपने जिस्म को ऐंठ रही थी.

अमित ने फिरसे चूत पे मुँह लगा दिया और आइस क्रीम की तरह चूसने लगा. आज उसे वो मिल रहा था जो हर किसी को नही मिलता है. चूत का अमृत वो अपने मुँह मे स्वाद लेता हुआ चूस्ता गया. 1 मिनिट के बाद पूनम का जिस्म शांत हो गया. अमित भी टेबल के नीचे से निकालकर वापस अपनी जगह पे आकर बैठ गया. पूनम की आँखें अभी बंद थी. अपना टॉप वो नीचे कर अपनी चुचियों को ढक चुकी थी,

हालाँकि ब्रा अभी भी उपर ही था. अब पूनम को शर्म आ रही थी कि ये क्या करवाई वो. अमित को समझ मे नही आ रहा था कि वो क्या करे. उसने कोल्ड ड्रिंक की बॉटल को उठाया और अपनी कलाई से पूनम की चुचि पे धक्का देते हुए "ह्म्‍म्म्म" बोलकर पीने का इशारा दिया

और खुद भी पीने लगा.

पूनम अमित के हाथ से कोल्ड ड्रिंक ले ली और पीने लगी. उसका चेहरा पूरा अस्त व्यस्त था. कोल्ड ड्रिंक के 2-3 घूँट लगाने के बाद पूनम बॉटल को टेबल पे रख दी और अपने दूध को वापस कप मे डालने लगी. वो ब्रा को और टॉप को ठीक से अड्जस्ट करने लगी. अमित ने फिर

से उसके माथे पे किस किया. पूनम कुच्छ नही बोली और फिर से कोल्ड ड्रिंक पीने लगी. अमित ने डोसा का प्लेट सामने की तरफ नज़दीक

कर लिया और पूनम को खाने को बोला.

पूनम नीचे देखी तो उसकी पैंटी वहाँ नही थी. वो बिना नज़रें उपर किए ही अमित से पूछी मेरी पैंटी कहाँ है? अपने मुँह से पैंटी वर्ड निकलते ही पूनम और शर्मा गयी. अमित ने उसे हाथ मे दिखाया कि उसके पास बगल मे रखी हुई है. पूनम हाथ बढ़ाई तो अमित बोला खा लो पहले, फिर पहन लेना.

पूनम ठीक से अपने लहंगे को नीचे करके बैठ गयी और डोसा खाने लगी. उसे शर्म आ रही थी कि वो अमित को अपना नंगा जिस्म दिखाई और अभी भी अमित उसकी पैंटी लिए बैठा है और वो बिना पैंटी के है. उसे अपनी चूत से रस टपक कर बाहर आता महसूस हो रहा था. वाउ अपने दोनो पैरों को आपस मे सटाये हुए थी ताकि चूत का जूस उसके कपड़े पे ना लगे, लेकिन शर्म की वजह से वो दुबारा अमित से पैंटी के बारे मे नही बोल पा रही थी.

जब थोड़ी देर हो गयी तो अमित बोला क्या हुआ, तुम इतनी शांत क्यू हो. पूनम कुच्छ नही बोली. अमित फिर से 2-3 बार बोला तो पूनम नीचे

देखते हुए ही शरमाते और मुस्काते हुए बोली खूब खुश हो ना अब, मज़ा आ गया ना तुम्हे.

अमित भी मुस्कुरा दिया और बोला क्यू, तुम्हे नही आया क्या? पूनम उसी तरह नीचे देखते हुए ही बोली मुझे क्या आएगा. अमित कुच्छ नही बोला. पूनम फिर बोली मेरा सब कुच्छ तो देख लिए, अब बचा क्या. अमित बोला "तुम्हारे साथ तो मैं इतना कुच्छ किया, तुम्हे तो पूरा मज़ा

आया. लेकिन तुमने तो मेरे साथ कुच्छ किया ही नही. तो मुझे कैसे मज़ा आया." अमित ने अपने मुँह मे डोसा का एक कौर भरा जिसका

आधा हिस्सा उसके बाहर था. वो अपना मुँह पूनम के सामने कर दिया तो पूनम उस आधे हिस्से को अपने दाँत से काट कर खा ली.

पूनम शरमाते हुए शरारत से बोली "तुम अपना धन संपाति सब तिज़ोरी मे बंद रखे हो तो मैं क्या करूँ." पूनम उसकी तरफ तिरछी नज़र से देख कर मुस्कुराइ. अमित ने टिश्यू पेपर से अपना हाथ पोछा और अपने पैंट की ज़िप को खोल दिया. फिर उसे हाथ पैंट के अंदर किया और

अंडरवेर के अंदर से अपने सबसे खास दोस्त को बाहर निकाला. बोला "लो, खोल दिया ताला. अब लूट लो जैसे लूटना चाहती हो."

पूनम की साँसे फिर से तेज हो गयी. फिर से उसकी चूत पे चीटियाँ रेंगने लगी. उसकी नज़रों के सामने वो चीज़ था जिसे देखने ही वो यहाँ आई थी. वो गौर से देख रही थी. अमित का लंड अभी ढीला था और उसके मुँह पे गीला गीला सफेद लिक्विड लगा हुआ था. उसे लगा कि यही

वीर्य है. अमित ने देरी नही किया और पूनम का हाथ पकड़ कर अपने लंड पे रख लिया. पूनम के हाथ कांप गये.

 
एक ओरिजिनल लंड उसके हाथ मे था. मखमली सॉफ्ट स्किन और गुलगुला सा. पूनम के हाथ लगते ही सोया हुआ राक्षस जागने लगा. कुच्छ ही पलों मे वो लिपलीपा लंड पूनम के हाथ मे पूरा टाइट रखा हुआ था. अमित अपने हाथ से पूनम के हाथ को उपर नीचे करने लगा. "आहह

म्‍म्म्मम" पूनम के हाथ मे उसका लंड उपर नीचे हो रहा था और प्रेकुं उसकी उंगलियों पे लग रहा था.

पूनम को घिंन आने लगी और वो अपना हाथ हटा ली और टिश्यू पेपर से अपने हाथ पे लगे प्रेकुं को पोछ्ने लगी. अमित शॉक्ड होकर पुछा क्या हुआ? पूनम बोली छिह गंदा है. इसी से तुम पेशाब करते हो. अमित ने वापस से पूनम का हाथ पकड़ कर अपने लंड पे रख लिया और

चूत पे इशारा करता हुआ बोला और तुम यहाँ से क्या करती हो. अमित फिर आगे बोला तुम व इसे मुँह मे लेकर देखो, बहुत टेस्टी लगेगा.

पूनम तो ये करना चाहती ही थी. वो धीरे से मुँह को नज़दीक लाई तो उसे गंदा जैसा महका. वो मुँह वापस कर ली और बोली नही, बहुत गंदा है, महक रहा है. अमित बहुत उत्तेजित हो रहा था कि कोई लड़की उसके लंड को मुँह मे लेने वाली है. बोला तुम मुँह मे लो तो, बहुत टेस्टी लगेगा.

पूनम सोचने लगी कि क्या करे. उसका मन हां ना के बीच मे झूल रहा था. वो सोचने लगी "छिह, कितना गंदा महक रहा है. पता नही वो लोग कैसे मुँह मे लेती है. लेकिन जब सब ले रही थी तो कोई बात तो होगी. मैं भी लेकर तो देखूं कि कैसा टेस्ट होता है जो उनलोगों को इतना मज़ा आ रहा था." वो वापस से अपने मुँह को लंड के पास लाई और इस बार वो अपनी सांस रोक ली और धीरे से लंड के सुपाडे पे किस की. प्रेकुं

उसके होठों पे लग गया. वो जल्दी से अपना मुँह हटाई और कोल्ड ड्रिंक का एक घूँट पी ली. अमित ने फिर से कहा लो ना बेबी, मैने लिया

ना. मुझे भी तो खराब स्मेल आ रहा था स्टार्ट मे, लेकिन फिर तुरंत बहुत टेस्टी लगने लगा था."

"तुम्हे क्या है, तुम्हे तो बस अपने से मतलब है. इसी से पेशाब करते हो और मुझे इसे मुँह मे लेने कहते हो." बोलती हुई पूनम फिर इस बार हिम्मत करके मुँह आगे बढ़ाई. वो सोची कि "वो चारो कैसे लंड को लॉलिपोप की तरह चूस रही थी, और कितना मज़ा आ रहा था उन्हे." वो

फिर से सांस रोक ली और लंड पे किस की. इस बार उसे उतना बुरा नही लगा. वो फिर से किस की और थोड़ा सा सुपाडा को मुँह के अंदर

ली. अब अमित आअहह डार्लिंग आहह म्‍म्म्मम यू आर सो स्वीट कर रहा था.

पूनम फिर से लंड को मुँह मे ली और चूसने लगी. उसे अजीब सा टेस्ट लग रहा था लेकिन वो चुस्ती रही. उसे अच्छा लग रहा था कि वो भी लंड चूस रही थी, जवानी के मज़े ले रही थी. अमित उसके सिर को अपने लंड पे दबा रहा था ताकि उसका लंड पूनम के मुँह मे ज़्यादा जा पाए, लेकिन पूनम अपने सिर को टाइट करके अपना मुँह रोके हुए थी. पूनम फिर से लंड को मुँह मे ली कि तभी गेट पे वेटर के आने की आहट हुई. पूनम तुरंत अपना मुँह हटा ली और सीधी होकर बैठ गयी, लेकिन लंड का प्रेकुं उसके मुँह से लगा हुआ ही उपर तक आया.

 
अमित भी सकपका गया और टेबल से बिल्कुल सट गया ताकि वेटर को उसका नन्गपन ना दिखे. वेटर अंजान बनते हुए पुछा सर, कुछ और लेंगे? अमित ने ना मे इशारा कर दिया. वेटर पूनम के चेहरे की तरफ गौर से देखा और फिर बोला "बिल ला दूं क्या सर, या थोड़ी देर रुक

जाऊ." अमित बोला "थोड़ी देर रुक कर ले आईएगा." लेकिन उसके मुँह से आवाज़ नही निकल रही थी. पहले उसने अपना गला साफ किया

और फिर वो बोल पाया. वेटर चला गया.

अमित ठीक से बैठ गया और पूनम को फिर से लंड चूसने का इशारा किया. पूनम बोली नही, अब बस हो गया. अमित इरिटेट हो गया. उसे बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन सारा मज़ा खराब हो रहा था. बोला करो ना बेबी. बस अब तुरंत हो जाएगा, बस पानी निकाल दो. उसने पूनम का हाथ पकड़ कर अपने लंड पे रख लिया और उपर नीचे करने लगा. पूनम को भी वेटर के आ जाने से बहुत गुस्सा आ रहा था. वो अभी लंड चूसना शुरू ही तो की थी. अभी तो मज़ा आना शुरू ही हुआ था. पूनम इरिटेट होती हुई बोली "नही, वेटर फिर आ जाएगा. क्या सोच रहा होगा वो.

अमित पूनम का हाथ अपने लंड पे उपर नीचे करते हुए बोला "वो कुच्छ नही सोचेगा. ये उसका रोज़ का काम है. हम लोग तो कुच्छ नही कर रहे, यहाँ लोग क्या क्या नही कर लेते, और वो जानता है ये बात." पूनम का हाथ लंड पे चल रहा था और वो लंड मुँह मे लेना चाहती थी,

लेकिन उसे डर भी लग रहा था और शर्म भी आ रही थी. लेकिन वो लंड चूसना चाहती थी. वो इस लंड को अपनी कुँवारी चूत मे लेना चाहती

थी. वो चुदवाना चाहती थी. वो गहरी आवाज़ मे बोली नही, कहीं और चलो फिर. यहाँ वेटर फिर आ जाएगा.

अमित बोला कहीं और जाएँगे तो और कुछ करेंगे. उसकी आँखों मे शरारत थी और पूनम कोई रिक्षन नही दी. अमित खुशी से झूम उठा. क्या बात है. आज तो मस्ती थम ही नही रही. उसने अपना मोबाइल निकाला जो उसने कुच्छ ही दिन पहले लिया था और अपने एक दोस्त को

फोन किया. उससे पुच्छ कर कि वो कहाँ है और मैं आ रहा हूँ, तू वहीं रहियो उसने फोन रखा और कोल्ड ड्रिंक को एक सांस मे ख़तम किया और पूनम को बोला चलो.

उसने अपनी पॅंट को ठीक किया और पूनम की पैंटी को अपने पॉकेट मे रख लिया और बाहर निकलने लगा. पूनम बोली अरे मेरी पैंटी तो दो. अमित मुस्कुराता हुआ बाहर आ गया अब एक ही बार पहनना. पूनम शरमा कर झेंप गयी. "छिह, क्या सोच रहा होगा अमित कि मैं कैसी

लड़की हूँ. नही नही.....अब इससे ज़्यादा और कुच्छ नही करूँगी. क्या क्या कर दी मैं आज. मेरी पैंटी तक मेरे पास नही है." दोनो बाहर आए और काउंटर पे ही अमित ने पेमेंट कर दिया और फिर बाइक पे अपनी गर्लफ्रेंड को बिठा कर चल दिया.

 
Back
Top