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कभी गुस्सा तो कभी प्यार



अमित अपना वीर्य पूनम के जिस्म के ऊपर गिरा कर बगल में निढाल होकर लेट गया और पूनम को अब समझ आया की क्या हुआ है. उसकी चूत की प्यास अभी बुझी नहीं थी, लेकिन अब हो क्या सकता था. उसे बहुत गुस्सा आ रहा था लेकिन वो भला क्या बोलती अमित को. उसकी चूत से काम रस बहकर बाहर आ रहा था और चादर पे गिर रहा था.

पूनम बेड से उठी और एक तोलिया से अपने पेट पे लगे अमित के वीर्य को पोछ ली. वो अमित को देखी तो उसका लंड सिकुड़ कर उसकी जांघों के बीच में पड़ा हुआ था. अमित भी उठा और पूनम से तोलिया लेकर अपने लंड को पोछने लगा. पूनम उसे बस देख रही थी. अमित पूनम को देख कर मुस्कुराता हुआ बोला “एक गिलास पानी पिलाओ न.” पूनम हॉल में आ गयी और पानी का बोतल लेकर अमित को दे दी जिसे अमित एक साँस में पीने लगा.

पूनम भी थोड़ा सा पानी पीने लगी. अमित उसके बगल में ही बैठा था तो उसने पूनम को पकड़ लिया और उसके बदन को सहलाने लगा. पूनम उसे कुछ नहीं बोली. अमित ने उसे अपने गले से लगाया और कहा “I Love You.” इस लाइन को अमित ने इतने रोमांटिक अंदाज़ में कहा था की पूनम अपना गुस्सा भूल गयी और वो भी अमित के बदन से चिपकते हुए बोली “I Love You Too.”

अमित उसे किस करने लगा तो पूनम भी उसका साथ देने लगी. वो तो अभी तक चुत में आग लगाये बैठी थी. पूनम का हाथ अमित के लंड पे चला गया लेकिन अभी उसमे कोई जान नहीं थी. वो उसे जोर से हाथ से खिंची की अमित की चीख निकल गयी. उसने पूनम को छोड़ दिया और दर्द और गुस्से से बोला “उफ़... ये क्या कर रही हो.” पूनम बेड पे लेटती हुई बोली “ये तो मर गया है.”

अमित भी उसके बगल में बदन से चिपक कर लेट गया और बोला “तुम्ही ने तो इसकी जान निकली है.” दोनों एक दुसरे की तरफ मुंह करके करवट लेते हुए थे और एक दुसरे की बाँहों में थे. अमित ने पूनम को अपने बदन से चिपका लिया था और उसके होठो को चुसता हुआ उसकी पीठ और गांड को सहला रहा था. पूनम की चुचियां अमित के सीने से दब रही थी. पूनम पूरी तरह से अमित का साथ दे रही थी.

उसकी चूत की आग और बढ़ गयी थी. अमित का लंड पूनम की चूत के पास ही रगड़ रहा था. वो अपनी जांघों को एडजस्ट करके लंड से बिल्कुल सटा ली और रगड़ने लगी. लंड टाइट होने लगा था. अमित का हाथ पूनम की चुच्ची पे था. पूनम किस से अपने मुंह को अलग की और वासना भरी मादक आवाज़ में धीरे से अमित को बोली “और करो न.”

बगल में नंगी लेटी हुई पूनम के मुँह से ये सुनकर अमित का लंड भी टाइट होने लगा था. वो थोड़ा नीचे हुआ और निप्पल को मुंह में भरकर चूसने लगा और पूनम को सीधा लिटा करके उसके ऊपर आ गया. पूनम आह करती हुई अपने पैरों को पूरा फैला ली ताकि अमित आसानी से अन्दर आ सके. वो अमित के सर को अपनी चूच्ची पे दबा रही थी. वो फिर से अमित को बोली “मसलो ना इसको.” अमित तुरंत अपना हाथ दूसरी चूची पे रखकर जोर से मसलने लगा. वो समझ रहा था की पूनम के अंदर ये आग क्यू है। क्यों की उसकी चुत से अभी तक काम रस नहीं छोड़ा था।

अमित जोर से चुच्ची मसल दिया जिससे पूनम के मुंह से चीख निकल गयी लेकिन ये आनंद की चीख थी. अमित ने अपने लंड को चूत के छेद पे सटाया और अन्दर दबाने लगा. उसके मन ये डर अभी भी था की कहीं उसका लंड फिर से छोटा न हो जाये. लेकिन लंड अभी टाइट था और गीली गरम चूत में सरसराता हुआ उतर गया. पूनम मज़े से आह करती हुई अमित को कस कर पकड़ ली.

अमित भी ठीक से खुद को एडजस्ट किया और लंड को चुत के अन्दर पूरा उतार दिया और फिर धक्के लगाने लगा. पूनम आह्ह ऊह्ह किये जा रही थी. अभी उसे मज़ा आ रहा था. वो अमित से रिक्वेस्ट की कि “मुझे ऊपर आने दो.” अमित लंड को चूत के अन्दर किये हुए ही करवट हो गया और फिर पूनम उसके ऊपर आ गयी.

पूनम हाथ से लंड को पकड़ कर अपनी चुत में कर ली. लंड अन्दर जाते ही पूनम के मुंह से सिसकारी निकलने लगी. वो अपने जिस्म को हिलाने लगी और अमित उसकी चूच्ची पे हाथ रख मसलने लगा. पूनम जोर से झटका मार रही थी और फिर वो अमित के बदन पे लेट गयी. आखिरकार उसकी चुत चरम पर पहुँच ही गयी थी। उसकी सांसे तेज़ थी. उसे बहुत मज़ा आया था. वो अभी बस लेटी हुई थी। शांति से, सुकून से।

अमित पूछा “क्या हुआ?” पूनम पहले तो कुछ नहीं बोली फिर जब अमित ने दुबारा पूछा तो बोली “कुछ नहीं, बस ऐसे ही लेटे रहो.” अमित थोड़ी देर तो इसी तरह लेटा रहा लेकिन फिर पूनम उसे भारी लगने लगी. उसका लंड छोटा हो रहा था. उसने पूनम को नीचे कर दिया और फिर से लंड को चूत में डाल कर धक्के लगाने लगा. पूनम को अभी चुदवाने में कोई मज़ा नहीं आ रहा था. वो एक बार सोंची की आज तो रत भर चुदवाती ही रहूंगी, लेकिन चूत से पानी निकल जाने के बाद अब चुदाई में कोई मज़ा नहीं था.

थोड़ी देर तक तो वो अमित को धक्के लगाने दी की उसके लण्ड से भी वीर्य निकल जाये, लेकिन फिर पूनम बोली “अब कितना करोगे. अब रहने दो.” लेकिन अभी अमित भला कहाँ रुकने वाला था. वो धक्के लगता रहा. पूनम उसे फिर से मना की. अमित को भी अब मज़ा नहीं आ रहा था क्यू की पूनम साथ नहीं दे रही थी. अमित बगल में लेट गया. पूनम उसके तरफ करवट करके लेट गयी और अपने बदन को उससे सटा दी और अमित का लंड हाथ में पकड़ ली. लंड पूरा टाइट था और पूनम के चूत के रस से गीला था.

अमित उठ बैठा. उसके लंड से वीर्य नहीं गिरा था तो अभी उसे शांति कहाँ मिलने वाली थी. वो पूनम क पीछे आ गया और पूनम को उल्टा लिटा कर उसके पैरों के बीच में आने लगा. पूनम को भी याद आया की उसे इस तरह भी तो चुदवाना था. वो तुरंत ही अपनी गांड ऊपर उठाती हुई डौगी स्टाइल में हो गयी. अमित पूनम को इस तरह देखकर और उत्तेजित हो गया और पीछे से चूत में लंड डालने लगा लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा था.

 
उसने पूनम को ठीक से एडजस्ट किया और लंड को चुत में डालने लगा. लंड थोड़ा सा अन्दर गया ही था की पूनम दर्द से छिटक कर दूर हो गयी. अमित ने फिर से पूनम को पकड़ा और फिर से लंड अन्दर डालने लगा. इस बार पूनम तैयार थी और वो तो दर्द को सहती हुई अपनी जगह पे ही रही, लेकिन लंड पूरा डालने के साथ ही चूत की रगर से लंड पूरा टाइट हो गया और 2 धक्का लगाने के बाद ही लंड वीर्य उगलने लगा. अमित इतना उत्तेजित था की लंड ठीक से बाहर निकाल भी नहीं पाया.

पूनम को फिर कुछ समझ नहीं आया और पीछे मुड़ी तो लंड चूत से बाहर आ गया और पूनम लंड से वीर्य को चादर पे गिरते देखते रही. वो सीधा होकर लंड को झटके मारते और वीर्य टपकाते देखने लगी. वीर्य को चादर पे गिराने के बाद अमित बेड से उतर गया और तोलिये से लंड को पोछने लगा. पूनम तोलिया ले ली और उसी से चादर भी पोंछी और अपनी चूत भी।

दोनों बाथरूम गए और पूनम बेड को ठीक की और फिर दोनों प्रेमी जोड़े एक दुसरे को बाँहों में लेकर एक दुसरे के नंगे बदन से चिपक कर रोमांटिक बातें करते हुए सो गए. 4 बजे पूनम अमित को जगाई और फिर अमित अपने कपडे पहन कर वहां से चल दिया. पूनम गेट बंद की और फिर नंगी हो सो गयी.

पूनम की नींद फ़ोन की घंटी बजने से खुली. सुबह के 8 बज रहे थे और रात में मज़े से चुदी हुई पूनम अभी तक नंगी सो रही थी. वो नंगी ही हॉल में आई और बातें करने लगी. फ़ोन उसकी माँ का था और वो मामा का हालचाल बता रही थी. पूनम के मामा ठीक थे और उसकी मम्मी पापा रात तक वापस आने वाले थे.

पूनम नंगी ही अपने लिए नाश्ता बनायीं और फिर फ्रेश होकर रेडी होकर ऑफिस के लिए निकल पड़ी. उसे नंगी रहने में और सारे काम करने में बहुत मज़ा आ रहा था. वो रोड पे आई तो वो लड़के फिर से वहीँ खड़े थे और अपनी होने वाली रंडी के बदन को घूर रहे थे.

उन लडको को देखकर पूनम का मन गुस्से और घृणा से भर गया. लेकिन अभी बहुत लोग थे तो उन लडको ने कोई ऐसी वैसी हरकत नहीं की और पूनम चुपचाप अपने रस्ते ऑफिस आ गयी. लंच टाइम में वो ऑफिस से बाहर निकली और वो भी अपने लिए एक मोबाइल खरीद ली. अमित भी उसके साथ था, लेकिन आज वो लोग कहीं गए नहीं. वैसे भी अब भला रेस्तौरेंट में उन लोगों को कहाँ मन लगना था. उन्हें तो अब खाली घर चाहिए था जहाँ दोनों बिंदास होकर एक दुसरे के नंगे बदन का मज़ा ले सकें. दोनों तो मना रहे थे की पूनम के पेरेंट्स आज रात भी घर नहीं आयें तो वो लोग आज भी पूरी रात चुदाई के मज़े ले सके.

पूनम जब ऑफिस से वापस लौट रही थी तो आज फिर से वो लड़का गली के कार्नर पे था और फिर से आसपास कोई नहीं था. पूनम डर गयी क्यू की उसके घर पे भी कोई नहीं था और अगर उस लड़के ने कुछ किया तो वो क्या करेगी। वो खुद की हिम्मत बढाई की घर पे कोई नहीं है तो उसे डर नहीं है की कहीं मम्मी सुन ना ले या पापा को पता न चल जाये.

पूनम जैसे ही गली में मुड़ी, जैसा की वो उम्मीद कर रही थी, वो लड़का उसके पास आया और बोला “क्या सोची हमारे बारे में.” लड़के के तेवर से पूनम का डर और बढ़ गया लेकिन वो हिम्मत करते हुए गुस्से में बोली “तुम्हे कल समझाई तो तुम्हे समझ नहीं आया. बोली ना की मैं ऐसी वैसी लड़की नहीं हूँ. जाओ और जाकर अपनी माँ बहन से पूछो की वो क्या सोची है और जो मुझे दिए वो उन सबको दे दो.” बोलती हुई पूनम आगे बढती रही.

वो लड़का भी पूनम के साथ चलता हुआ बोला “मुझे पता है की कैसी लड़की हो. नखरे तो ऐसे कर रही हो जैसे कूँवारी कलि हो और किसी ने छुआ ही नहीं है तुम्हे.” पूनम का गुस्सा अब तेज़ हो गया. बोली “तुम्हे इससे मतलब. किसने मुझे छुआ या किसने क्या किया तुम्हे इससे क्या. तुम जाओ और अपना काम करो. नहीं तो ऐसी हालत करवाउंगी की सोच लेना तुम.”

वो लड़का चिढाने के अंदाज़ में हँसता हुआ बोला “हाह.., क्या करोगी, उस हिज़ड़े अमित से पिटवाओगी. उसकी औकात है मेरे सामने सर उठाने की. तुम्हे बहुत घमंड है न उस पे। अब तुम देखो की मैं क्या करता हूँ. वैसे तो मैं कभी किसी चुत के बारे में इतना सीरियस नहीं होता, लेकिन तुम्हारी झूठी अकड़ तोड़ना बहुत जरूरी है। और अब चाहे जो भी हो जाये, तुम्हे हमारे नीचे आना है ही.” पूनम उस लड़के का गुस्सा देख कर डर गयी. वो अभी तक चलते चलते घर के नजदीक तक पहुँच गयी थी और वो लड़का अभी तक गया नहीं था. क्या होता अगर अभी उसकी मम्मी घर पे होती तो.

पूनम डर कर गेट का लॉक नहीं खोल रही थी, क्यू की तब उस लड़के को पता चल जाता की पूनम घर में अकेली है. पूनम रूक गयी तो वो लड़का भी उसके साथ ही खड़ा हो गया. बोला “तुम्हे क्या लगता है मुझे नहीं मालूम की तुम उस लौंडे के साथ क्या क्या की हो. किस रेस्तौरेंट में और क्या करती हो, सब मुझे मालूम है. मैंने तो बस इतना कहा की जो उस हिज़ड़े गांडू के साथ कर रही हो, वो मेरे साथ भी कर लो. वो भी बस एक बार. इसमें कुछ घिस नहीं जायेगा और उससे ज्यादा मज़ा आएगा.”

 
पूनम का दिमाग अब काम नहीं कर रहा था. वो एक गुंडे टाइप के लड़के के साथ सुनसान गली में अकेली खड़ी थी. वो लड़का जाने का नाम ही नहीं ले रहा था. पूनम उसकी बात को काटती हुई बोली “बोली न मैं वैसी लड़की नहीं हूँ. मैं अमित से शादी करुँगी. आई लव हिम. तुम जाओ यहाँ से प्लीज़. मेरे घर में किसी को पता चल जायेगा तो गजब हो जायेगा.” वो लड़का फिर उसी तरह चिढाने के अंदाज़ में हंसा “हाह... शादी..... और वो फट्टू.... तुमसे..... हाहाहा...... अमित के बारे में घर में बता दी हो क्या? मुझे पता है डार्लिंग की तुम घर में अकेली हो, लेकिन घबराओ मत, मैं जबर्दस्ती नहीं करता। मैं तो ये मस्ती के लिए करता हूँ और ऐसे करता हूँ की तुम्हे भी बहुत मज़ा आये। मुझे पता है कि रात में तुमने उस लड़के को भी यहाँ बुलाया था. मुझे इस से कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन तुम ग़लतफ़हमी में हो. जब लड़का किसी लड़की की चूत ले लेता है न, तो फिर कभी उससे शादी नहीं करता. वो भी उस जैसा फट्टू. तुमसे ज्यादा मैं उसे और उसके घरवालों को जानता हूँ। उसने तुमसे झूठ कह कर, मोहब्बत के नाम पर तुम्हारे जिस्म का मज़ा लूटा, मैं सीधी बात कह रहा हूँ, सच कह रहा हूँ की एक बार हमारे साथ भी मज़े कर लो बस. ”

पूनम कुछ नहीं बोली. वो शॉकड हो गयी थी की इसे इतना कुछ कैसे मालूम है और खास कर रात के बारे में कैसे मालूम है. लड़का आगे बोला “वो प्यार और शादी की बात करके पता नहीं कितनी बार क्या करेगा और तुम ख़ुशी ख़ुशी करवओगी की ये तो मुझसे प्यार करता है, मैं तो उससे शादी करुँगी. और मैं सच कह रहा हूँ तो मुझसे भाग रही हो. मेरे से डरने जैसी कोई बात नहीं है. मैं अगर दिन में भी रोड पे तुम्हारा हाथ पकड़ लूँ तो कोई माई का लाल नहीं, जो तुम्हारा हाथ छुड़ाने आएगा. लेकिन मैं अकेले में भी ऐसा नहीं करता. जो भी करूँगा तुम्हारी मर्ज़ी से और पसंद से. बस एक बार मुझे भी अपने हसीं जिस्म का मज़ा ले लेने दो. तुम्हे भी इसमें बहुत मज़ा आएगा.” पूनम फिर से गुस्से में बोली “भागो यहाँ से. और जा कर अपनी बहन को यही बात बोलो. उसे भी बहुत मज़ा आएगा.” बोलती हुई पूनम अपने घर का लॉक खोलने लगी. उसे अब बचने का एक ही उपाय नज़र आ रहा था की घर के अन्दर हो जाना.

वो लड़का गुस्से में पूनम को घूरते हुए बोला “चुदेगी तो तू जरूर मेरे से. हमने जिस चूत के बारे में सोच लिया, उसे बिना चोदे रहते नहीं. तू खुद आएगी हमसे चुदवाने. तुमसे ज्यादा शरीफ चूत को हमने अपनी रंडी बनाया है. तू भी बनेगी। बस तू अब देखती जा की मैं क्या क्या करता हूँ।” पूनम अपने घर का लॉक खोल चुकी थी. वो जल्दी से अन्दर हो गयी और गेट बंद कर ली.

वो लड़का फिर बोला “तू डर मत, रेप नहीं करूँगा तेरा.” उसने गेट क नीचे से एक एन्वेलोप सरका दिया. बोला “ये तेरे लिए ही लाया था. पढ़ लेना और चूत को मेरे लिए रेडी कर के रखना.” वो लड़का वहां से चल दिया. पूनम एन्वेलोप को गेट से वापस बाहर सरकाती हुई बोली "जाकर अपनी माँ बहन को दे दो।" और घर के अन्दर जाकर गेट को लॉक कर ली थी. वो अन्दर आई तो उसे बहुत डर लग रहा था. वो बैग को रखी और किचन में जाकर पानी पीने लगी. उसके दिमाग में अभी की सारी बातें गूँज रही थी.

आज कोई लड़का उसके सामने खड़ा था और उसे चोदने की बात कर रहा था. पूनम का दिमाग काम नहीं कर रहा था. जब 10 मिनट हो गए और पूनम थोडा स्थिर हुई तो वो चुपके से पहले गेट से बाहर झांक कर देखी और जब कोई नहीं दिखा तो फिर बाहर आकर मेन गेट से झांक कर देखने लगी. बाहर कोई नहीं था. वो उस एन्वेलोप को उठा कर अन्दर आ गयी. उसे पता था की अन्दर क्या होगा और साथ ही मन में ये डर भी था की कहीं इसे कोई और न देख ले.

पूनम अपने कपडे चेंज कर ली. उसका मन तो नंगी रहने का था, लेकिन वो इस डर से नंगी नहीं रह पाई की कहीं कोई आ ना जाये. वो अपने मोबाइल से अमित को कॉल लगायी तो अमित खुश हो गया की शायद पूनम आज रात भी अकेली ही रहने वाली है. लेकिन पूनम थोड़ी देर तो सिंपल बात की और फिर उन लडको के बारे में अमित को बताई. पहले तो अमित ने पूछा की क्या हुआ तो पूनम बस उसे इतना ही बताई की रस्ते में मेरे पे कमेंट कर रहा था.

अमित बोला “वो तो हैं ही साले हरामी, मैंने तो पहले ही तुम्हे कहा था की उनसे दूर रहा करो. हरामियों का काम ही यही है. मार पिट करना तो शौक है इन लोगों का. तुम उन सबसे दूर रहना.” पूनम बांकी बात नहीं बताई की वो लोग किस हद तक पहुँच चुके हैं।

पूनम अमित से बात करते हुए एन्वेलोप खोल रही थी. उसमे फिर से आज वोही था. चुदाई की पिक्स और पेपर पे प्रिंट की हुई चुदाई की कहानी. कॉल कट करके पूनम पिक्स को देखने लगी और उसकी चूत गीली होने लगी.

पूनम पिक्स देखती हुई अमित को बोली की “अगर वो लोग मेरे साथ कुछ बदतमीज़ी करेंगे तो?” अमित उधर गुस्से से बोला “अगर उन सालों ने तुम्हारे साथ कुछ ऐसा वैसा किया तो फिर तो मैं उन्हें उनकी औकात बता दूंगा. लेकिन तुम उनसे थोड़ा दूर ही रहना. उनका काम ही यही है।” अमित की बात सुनकर पूनम थोड़ी रिलैक्स हुई.

उसकी चूत गीली होने लगी थी तो वो अपने ट्राउजर और पैंटी को नीची कर दी थी और अपनी चूत सहलाते हुए बात कर रही थी. वो कहानी पढने लगी थी तो उसका ध्यान अमित से हट गया. वो कॉल रख दी और उन लड़कों की भेजी हुई कहानी पढने लगी. अब पूनम खुद को रोक नहीं पाई और सारे खिड़की दरवाजे अच्छे से चेक कर ली की ठीक से बंद हैं न , और फिर वो नंगी हो गयी.

अब उसे अच्छा लग रहा था और अब वो सोफे पे अपनी टांगों को अच्छे से फैला कर स्टोरी पढने लगी. चुदाई की कहानी पढ़ रही थी पूनम. उसकी उँगलियाँ चूत की दरारों को सहला रही थी. स्टोरी पढने में उसे मज़ा आ रहा था और वो चूत में ऊँगली अन्दर बाहर करती जा रही थी. स्टोरी ख़तम होने से पहले उसकी चूत ने काम रस छोड़ दिया और वो सोफे पे फ़ैल कर हांफते हुए उस मज़े को महसूस करने लगी.

वो अपनी पैंटी से अपनी चुत को पोछी और फिर नंगी ही बाथरूम चली गयी. वो बाथरूम में ही थी की उसका फ़ोन बजने रहा था. अमित का फ़ोन था. वो कॉल नहीं रिसीव की. वो किचन में चली गयी और खाना बनाने लगी. वो नंगी ही थी और कल रात में अमित के साथ बिताये पलों को याद कर रही थी की कैसे अमित ने उसे किचेन में नंगी किया था.

थोड़ी देर बाद फिर से उसकी चूत में गुदगुदी होने लगी तो वो फिरसे पिक्स देखने लगी और इसबार वो चूत में बेलन अन्दर डालने लगी. बेलन अन्दर जाता हुआ उसे बहुत अच्छा लग रहा था. वो बेलन को सोफे पे सीधा करके रख दी और एक हाथ से उसे पकड़ कर ऊपर नीचे होने लगी. वो ऐसा महसूस कर रही थी जैसे वो अमित के लंड पे बैठ कर चुद रही हो. कल रात इसी तरह उसने अमित के लण्ड को अपने अंदर लिया था। ये अलग बात थी की अमित का लण्ड न तो इतना लम्बा था और न ही इतना टाइट। उसे बहुत मज़ा आ रहा था. तभी फिर से उसका फ़ोन बजने लगा.

 
वो बेलन को उसी तरह चूत में किये हुए ही कॉल देखि. कोई अनजान नंबर था. वो अपनी सांसो को कण्ट्रोल की और फिर कॉल रिसीव कर हेलो बोली की उधर से आती हुई आवाज़ ने उसके पुरे नशे को उतार दिया. दूसरी तरफ वही लड़का था जो बोल रहा था “कैसी हो जान? फोटो और कहानी पसंद आई?” पूनम कुछ भी नहीं बोल पाई. क्या बोलती की उसी कहानी और पिक्स के मज़े ले रही है. उसी की वजह से बेलन से चुदवा रही है.

वो लड़का फिर से बोला “क्या हुआ डार्लिंग. चुप क्यू हो. अभी तो मैंने लंड मुंह में डाला नहीं है तो फिर आवाज़ क्यू नहीं निकल रही.” पूनम अब तक अपने होश सम्हाल चुकी थी. बोली “तुम्हे ये नंबर कहाँ से मिला?” उधर से उस लड़के के हंसने की आवाज़ आई. बोला “मुझे तुम्हारे बारे में बहुत कुछ पता है. पता है की तुम अभी घर में अकेली ही हो और ये भी पता है की तुम्हे वो फोटोज और वो कहानी बहुत अच्छी लगी है.”

पूनम अब कण्ट्रोल में आ चुकी थी. वो बेलन को चूत से निकाल ली और गुस्से में बोली “मैंने कहा है न मुझसे दूर रहने. तुम ऐसे नहीं मानोगे लगता है. तुम्हे तुम्हारी औकात......” पूनम अभी पूरी बात बोल भी नहीं पायी थी की वो लड़का बोला “तुम इस तरह झूठ क्यू बोलती रहती हो. तुम्हारी कांपती सांस बता रही है की तुम अभी नंगी होकर अपनी चूत में ऊँगली कर रही हो और फिर भी तुम इस तरह के तेवर दिखा रही हो. मैं आराम से बात कर रहा हूँ, तुम भी आराम से बात करो. फ़ोन पे तो नहीं चोद रहा न मैं तुम्हे.” पूनम को चुप हो जाना पड़ा.

पूनम हारती हुई सी महसूस कर रही थी. वो लड़का बहुत प्यार से बोला “चूत से पानी निकाल ली या अभी बचा हुआ है?” पूनम परेशान होने के टोन में बोली “प्लीज मुझे परेशान मत करो. मैं उस टाइप की लड़की नहीं हूँ.” वो लड़का बोला “अरे... मैंने क्या परेशान किया. जब कहानी और फोटो अच्छी लगी है और चूत में ऊँगली कर रही हो तो मैंने बस ये पूछा की पानी निकाल ली हो या अभी बांकी है.

पूनम कुछ नहीं बोली. वो लड़का फिर से आगे बोला “जितना मज़ा ऊँगली करके चूत से पानी निकालने में आया, उससे ज्यादा मज़ा मेरे लंड से चुदवा कर आएगा मेरी जान. और अगर मेरे लंड के मज़े ले लोगी फिर तो जन्नत पहुँच जाओगी.” पूनम कुछ बोल नहीं रही थी लेकिन उसे कुछ हो रहा था. वो एक अनजान लड़के से फ़ोन पे बात कर रही थी जो खुलेआम लंड चूत की बातें कर रहा था. पूनम को शर्म भी बहुत आ रही थी. वो कॉल कट कर दी.

पूनम अपनी हालत देखी. वो नंगी सोफे पे बैठी हुई थी और उसके चूत के रस से आधा गीला बेलन बगल में रखा हुआ था. और ये सब नतीजा था उस फोटो और कहानी का जो उस लड़के ने दिया था और जो अभी फ़ोन पे भी उसे चोदने की बात कर रहा था. पूनम अभी सोच ही रही थी की फिर से कॉल आ गया. पूनम कॉल रिसीव ही नहीं की. फिर दुबारा कॉल आया और पूनम फिर से रिसीव नहीं की.

पूनम को डर भी लगने लगा था तो वो अपने कपडे पहनने लगी. तभी उसके मोबाइल पे मैसेज आया. ये मैसेज भी उसी लड़के का था. लिखा था “अगर कॉल रिसीव नहीं की तो मैं घर पे आ जाऊंगा.” पूनम अभी मैसेज पढ़ ही रही थी की फिर से कॉल आ गया. पूनम कॉल रिसीव की लेकिन कुछ बोली नहीं.

वो लड़का बोला “मुझसे भाग क्यू रही हो जान. बोला न की जो करूँगा तुम्हारी रज़ामंदी से करूँगा। जब तुम खुद टाँगे फैलाकर चोदने बोलोगी, तभी लण्ड डालूंगा तुम्हारी चुत में। लेकिन सोचो की तुम अभी अकेली हो घर में और पूरी नंगी हो. अभी तुम मेरे लंड की फोटो देखी हो न. सोचो की जब मैं तुम्हारी टाइट कमसिन चूत में लंड डालकर तुम्हे चोदुंगा तो तुम्हे कितना मज़ा आएगा. तुम्हारी सॉफ्ट छोटे निप्पल को मुंह में पूरी तरह भरकर चुसुंगा तो तुम्हे कितना मज़ा आएगा.” पूनम कुछ नहीं बोल रही थी. हालाँकि उसका दिमाग उसी तरह इमेजिन कर रहा था और वो कपडे पहनना कैंसिल कर दी और नंगी ही रही.

वो लड़का आगे बोला “सोचो की मैं सीधा लेटा हुआ हूँ और तुम मेरे लंड को अपनी चूत में पूरी तरह भरकर मेरे ऊपर बैठी हो और ऊपर नीचे कर कर चुदवा रही हो तो तुम्हे कितना मज़ा आएगा.” पूनम अभी भी कुछ नहीं बोली लेकिन उसकी ऊँगली फिर से उसके चूत के ऊपर इधर उधर हो रहा था.

“तुम कुछ बोल क्यू नहीं रही हो. मैं वहां आ जाऊँ क्या?” उस लड़के की ये बात सुनते ही पूनम तुरंत बोल पड़ी “नहीं, प्लीज नहीं. देखो प्लीज इस तरह मत करो. मैं सीधी शरीफ लड़की हूँ. तुम जिसके साथ करते हो उसके साथ करो न ये सब. प्लीज मुझे परेशान मत करो.”

“शरीफ हो तभी तो अकेली में रात में अपने गांडू यार को घर में बुलाती हो. तभी तो उसके साथ रेस्टुरेंट के बंद केबिन में चूचियां मसलवाती हो. मैं तो बस ये कह रहा हूँ की जो उसके साथ कर रही हो, वही बस मेरे साथ भी एक बार कर लो. उससे ज्यादा मज़ा आएगा. और कौन सा मैं बार बार कह रहा हूँ. बस एक बार. बांकी तुम उसके साथ जितनी मर्ज़ी उतनी बार चुदो, जिससे मर्ज़ी हो उससे करो, मुझे कोई मतलब नहीं.” उस लड़के की इन बातों ने पूनम को चुप कर दिया.

इससे पहले की पूनम और कुछ बोलती, वो लड़का आगे बोला “देखो, तुम उससे अपनी मर्ज़ी से चुदवाई प्यार के नाम पर, लेकिन क्या गारंटी है की वो तुमसे प्यार करता ही रहेगा और शादी करेगा ही. कल कोई नयी चूत मिल जाएगी तो तुम्हे छोड़ कर उसकी चूत के पीछे लग जायेगा.” पूनम तुरंत बोली “अमित ऐसा नहीं है. वो मुझसे बहुत प्यार करता है और सिर्फ मेरे से ही शादी करेगा. अभी तक उसने मुझे छुआ भी नहीं था, हमारा प्यार बहुत बेशकीमती है.”

वो लड़का बोला “छुआ नहीं था तो रात भर क्या आरती उतारा तुम्हारे चूत का. और रेस्टुरेंट में पूजा करता है क्या तुम्हारी?”

“वो सब तो तुम्हारी वजह से हुआ है. तुम्हारे दिए हुए फोटो और कहानी की वजह से जब उससे मिली तो मैं बहक गयी और मैं उसे छूने दी तब वो कुछ किया. और मैं ही उसे घर बुलाई थी. वो नहीं बोला था. मैं उससे......” पूनम की बात ख़तम भी नहीं हुई थी की वो लड़का बोल पड़ा “जब मेरे दिए हुए फोटो की वजह से तुम उससे चुदवा ली तो एक बार मेरे से भी चुद लो. बस तुम भी खुश और मैं भी खुश.”

पूनम बरस पड़ी “मैं अमित से प्यार करती हूँ और वो मुझसे भी ज्यादा मुझे चाहता है. तुम हरामी कमीने किस्म के अय्याश आदमी हो. जिसका काम ही बस यही है. तुम्हे तो बस जिस्म से मतलब है। मैं उस टाइप की लड़की नहीं हूँ. मैं अमित से बहुत प्यार करती हूँ और उसी से शादी भी करुँगी।”

वो लड़का बोला “ठीक है, तो देखते हैं तुम्हारा अमित तुमसे कितना प्यार करता है.” बोलता हुआ उस लड़के ने कॉल कट कर दिया. पूनम को समझ नहीं आया. वो उसी तरह नंगी बैठी बैठी बहुत सारी बातें सोचने लगी और फिर उन पिक्स और पेपर को उठा कर अपने आलमारी में रख दी और फिर नंगी ही खाना बनाने लगी. हालाँकि उसकी चूत का नशा उतर चूका था.

 
रात में 10 बजे के करीब पूनम के पापा आ गए थे. उसकी मम्मी वहीँ रह गयी थी. पूनम सुबह जग कर घर का सारा काम की और फिर अपने पापा को ऑफिस भेज कर खुद भी ऑफिस आ गयी. घर से निकलते वक़्त उसे डर लग रहा था की पता नहीं कहीं वो लड़का कुछ बोल न दे या कुछ कर न दे. वो दोनों लड़के रोड पे ही थे और पूनम को देख रहे थे. पूनम उन दोनों को पूरी तरह से इग्नोर करती हुई रोड पे आ गयी और ऑफिस की ओर चल दी.

लंच टाइम में जब पूनम अमित को कॉल की तो उसे पता चला की अमित की कुछ लड़कों के साथ मारपीट हो गयी है. पूनम घबरा गयी और ऑफिस से छुट्टी लेकर अमित से मिलने हॉस्पिटल जा पहुंची. बैंडेज पट्टी करने के बाद अमित एक बेड पे लेटा हुआ था और थोड़ी ही देर में उसे घर भेज दिया जाता. अमित को ज्यादा चोट नहीं आई थी लेकिन उसकी बाइक पूरी तरह से टूट गयी थी. पूनम अमित से पूछी तो पहले तो अमित कुछ नहीं बोला लेकिन फिर गुस्से से बोला “पूनम, प्लीज मुझसे दूर रहो, तुम्हे जिसके साथ जो करना है वो करो, लेकिन बस मुझसे दूर रहो।”

पूनम अवाक रह गयी अमित के मुंह से ऐसा सुन कर. अमित गुस्से से बोला “ये सब तुम्हारी वजह से हुआ है। क्या जरूरत थी ऐसा करने की। मुझे बता देती, मैं खुद तुमसे दूर हो जाता।" पूनम शॉक्ड सी खड़ी थी। उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि अमित को हुआ क्या है और वो क्या बोल रहा है। लेकिन अमित ने आज तक उससे इस तरह बात नहीं किया था। पूनम उदास और रुआंसी होती हुई बोली "ये क्या बोल रहे हो अमित। मैं क्या की हूँ !"

अमित और गुस्से में फट पड़ा। "तुम उस गुंडे से प्यार करती हो तो मुझे अपनी ज़िंदगी में क्यू आने दी। मुझसे क्यू प्यार की। और अगर की भी तो मुझे बोल देती की तुम्हे अब उनसे प्यार है तो मैं तुमसे अलग हो जाता। उन लड़कों को मुझे मारने और धमकाने के लिए भेजने की क्या जरूरत थी।" अब पूनम को कहानी समझ में आ रही थी। समझ में आ रहा था की रात में कॉल कट करते वक़्त उस लड़के ने क्या कहा था।

पूनम कुछ बोलती उससे पहले अमित आगे बोला “जब तुम्हे मुझे धोखा देना ही था तो पहले बता देती, मैं तुमसे प्यार ही नहीं करता. लेकिन इस....” पूनम अमित की बात को बीच में ही काटती हुई बोली “मैं सिर्फ तुमसे प्यार करती हूँ जानू. तुम्हे लगता है की तुम्हारे अलावा मैं किसी और के बारे में कुछ सोच भी सकती हूँ। वो भी उन लड़कों के बारे में जिनसे मैं परेशान हूँ, जो पता नहीं कितनी तरह की धमकी दे चुके हैं मुझे, वो लोग मुझे परेशान कर रहे हैं और इसलिए वो चाहते हैं की तुम मुझसे अलग हो जाओ. ताकी कोई न रहे जो मुझे उनसे बचा पाए।”

अमित अपने बेड पर से उठता हुआ बोला “देखो, मुझे किसी चक्कर में नहीं पड़ना. तुम्हे उसी के साथ खुश रहना है तो उसी के साथ रहो, जिसके साथ रहना है उसके साथ रहो, लेकिन मुझे माफ़ कर दो. बहुत बड़ी गलती की मैंने तुमसे प्यार करके. मैं अगर तुम्हारे आस पास भी रहा तो वो दोनों मुझे बर्बाद कर देंगे। और मैं बर्बाद नहीं होना चाहता।” अमित बाहर निकलता हुआ बोला. पूनम उसके रास्ते में आती हुई बोली “ये कैसी बातें कर रहे हो तुम, कल रात तो तुमने कहा था की अगर उन लड़कों ने मुझे परेशान किया तो तुम उन्हें उनकी औकात दिखा दोगे. और आज पल भर में ही बदल गए. यही तुम्हारा प्यार है. थोड़ी सी आफत आई तो मुझे अकेले छोड़ कर चल दिए. अब तो वो मुझे और परेशान करेंगे.” अमित ने पूनम को कोई जवाब नहीं दिया और बाहर निकल गया. पूनम हॉस्पिटल के उस कमरे में अकेली खड़ी थी और लग रहा था वो जैसे सारी कायनात में बस वही अकेली खड़ी है। इतना अकेलापन उसे आज तक नहीं लगा था.

पूनम बाहर आई तो अमित अपने दोस्तों के साथ बाइक पे बैठ कर जा रहा था और उसने पलट कर भी पूनम की तरफ नहीं देखा। जिस लड़के के साथ वो एक दिन पहले अपने घर में रात भर नंगी होकर चुदी थी, वो उसे छोड़कर जा चूका था। पूनम वापस ऑफिस जाने लगी लेकीन उसे लगा की वो आज काम कर नहीं पाएगी. वो अमित को 2-3 बार कॉल लगायी लेकिन अमित ने उसका कॉल रिसीव ही नहीं किया. पूनम ऑफिस नहीं जा पाई तो वो घर ही आ गयी. वो लड़के अभी रोड पे नहीं थे. पूनम घर में अकेली ही थी तो वो गेट खोली और अन्दर आते ही गेट बंद करके जोर जोर से रोने लगी. अमित ने जिस तरह से उससे बात किया था और जैसे उसे बोला था, उसे यकीं नहीं हो रहा था की ये हकीक़त है.

शाम तक वो रोती ही रही और जब उसे लगा की अब उसके पापा के आने का वक़्त हो गया है तो वो अपने आंसू पोंछी और फिर किचन में जाकर रात का खाना बनाने लगी. वो बार बार अपने मोबाइल की तरफ देख रही थी की कहीं अमित का कॉल आ जाये, लेकिन अब अमित को कॉल नहीं करना था. पूनम के पापा ने उससे पूछा भी की वो उदास क्यू है, लेकिन पूनम उनकी बात को सर्दी का बहाना बनाकर टाल गयी. अगर उसकी मम्मी होती तो शायद समझ जाती की ये सर्दी नहीं कुछ और है.

रात भर पूनम सो नहीं पायी और कई तरह की बातें सोंचती रही. वो रात में बस एक हल्का सा मिस्ड कॉल की अमित को और एक मैसेज “गेट वेल सून. गुड नाईट.” की. उसे लग रहा था की अमित की तबियत ख़राब है तो वो सो रहा होगा, इसलिए वो उसे पूरा कॉल नहीं की.

सुबह पूनम फिर से ऑफिस आ गयी. वो लड़के आज भी रोड पे नहीं थे. पूनम दिन में 4-5 बार अमित को कॉल लगायी तो अमित ने कॉल रिसीव किया और बोला “देखो पूनम, मुझे परेशान मत करो. मैं तुमसे कोई रिश्ता नहीं रखना चाहता. मैं नहीं चाहता की तुम्हारी वजह से मेरी लाइफ बर्बाद हो जाये.” पूनम बोली “और मेरी लाइफ जो बर्बाद हो रही है, उसका क्या.” अमित बोला “तुम्हारी लाइफ क्या बर्बाद हो रही है! तुम्हारे ज़िन्दगी में तो अभी भी बहार है। दो दो अमीर और ताकतवर BF हैं अब तुम्हारे पास। तुम्हारी लाइफ तो मस्त है। जाओ, खुश रहो उनके साथ.”

पूनम को समझ नहीं आया की अचानक अमित को हो क्या गया है. जो कल तक उससे इतने प्यार से बात करता था, कभी ऊँची आवाज में बात नहीं किया, आज ऐसे बात कर रहा है जैसे वो कोई रोड की भिखारन हो. पूनम फिर से लगभग गिडगिडाते हुए बोली “प्लीज अमित, मेरे साथ ऐसे मत करो. मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ. तुम्हारे बिना मैं जिन्दा नहीं रह पाऊँगी.” अमित चिढ़ते हुए बोला “और तुमसे प्यार करके मैं मरना नहीं चाहता.” बोलता हुआ अमित ने कॉल कट कर दिया.

 
पूनम घर आ गयी. अभी भी उसे वो लड़के नहीं दिखे. पूनम अभी घर में अकेली ही थी और वो फिर से अमित को कॉल लगायी लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं किया. पूनम फिर से रो रही थी और अपने पापा के आने से पहले वो खुद को ठीक की थी.

रात में पूनम अपने रूम में थी जब उसके मोबाइल पे मैसेज आया “अमित का क्या हाल है?” ये मैसेज उसी लड़के का था. अगला मैसेज फिर से आया “बेचारी का दिल तोड़ दिया हरामी ने.” पूनम को गुस्सा आ रहा था. ये सब उन्ही लड़कों का किया हुआ था. उसे पता था की उसके पापा सो गए होंगे तो वो उस लड़के के नंबर पे कॉल की. 1 रिंग होते ही उधर से कॉल रिसीव हो गया. “मज़ा आ गया तुम्हारे कॉल को देखकर.” पूनम उसकी बात सुनी भी नहीं और बोली “तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई अमित के साथ मारपीट करने की.” वो लड़का बोला “सोचो तुम की वो कैसा फट्टू है की सिर्फ मामूली मार और धमकी पड़ने पे उसने तुम्हे छोड़ दिया. समझो अपने प्यार को. ऐसे लौंडे सिर्फ तब तक प्यार करते हैं जब तक लड़की का बदन उन्हें आसानी से मिलता रहे. सोचो की ऐसे लड़के के साथ तुम शादी के ख्वाब देख रही थी. अभी तो कुछ भी नहीं हुआ है. सोचो की अगर तुम और आगे बढ़ जाती तब वो तुम्हे छोड़ता, तब क्या होता.”

पूनम कुछ नहीं बोल पाई. बोल तो वो सही ही रहा था. वो लड़का आगे बोला “वैसे भी उस गांडू को अब तुममे कोई इंटरेस्ट नहीं है. जिस लड़की की चूत वो ले चूका है, अब भला उसके लिए वो कोई रिस्क क्यू ले. और प्यार मुहब्बत जैसी कोई चीज़ तो होती ही नहीं है इस दुनिया में.” पूनम चिढ़ी हुई सी हारी हुई सी महसूस कर रही थी. बोली “नहीं, वो मुझसे प्यार करता है, वो जरूर मेरे पास आएगा. हमारा प्यार इतना कमजोर नहीं की तुम्हारे डराने या धमकाने से हार जायेगा.” वो लड़का जोर से हंसने लगा. बोला “तुम लड़कियां न पागल होती हो. खैर.... देख लो, तुम्हे क्या करना है. मुझे न तो कोई हड़बड़ी है और न ही कोइ प्रॉब्लम.” उसने कॉल कट कर दिया था.

पूनम को नींद तो वैसे भी नहीं आ रही थी, उस लड़के के कॉल ने तो उसे बैचैन कर दिया. वो फिर से अमित को कॉल की लेकिन नतीजा वही रहा. पूनम के दिल और दिमाग में एक जंग चल रही थी। उसका दिल उसके मन की बात कह रहा था कि अमित वापस से उसका होगा और उसका दिमाग उन लड़कों की बात कह रहा था कि अब भला वो क्यू मेरे पास आएगा।

उसे नींद नहीं आ रही थी। आती भी भला कैसे। जिसका दिल टुटा हो उसकी हालत तो पर कटे पंछी की तरह होती है। पूनम टाइम पास करने के लिए उन लड़कों की दी हुई एन्वेलोप बाहर निकाल ली और देखने लगी। वो उन पलों को याद करने लगी की जो वो अमित के साथ अकेले में बितायी थी। कैसे अमित उसे टच करने से पहले भी सोचता था, कैसे माथे पे भी किस करता था तो ध्यान रखता था कि उसका बॉडी पूनम के बूब में न सट जाये। पूनम को याद आया की जब पहली बार उसने किस के लिए बोला था और पूनम मना कर दी थी तो वो दुबारा कभी इस बात का जिक्र भी नहीं किया था।

पूनम सोचने लगी की अमित ने जो कुछ भी किया तभी किया जब मैं उसे बोली या करने दी। पूनम अपनी चुदाई के दृश्य याद करने लगी की इसी कमरे में वो अमित की बाहों में नंगी सोयी थी। वो कहानी पढ़ने लगी। कहानी में एक कॉलेज कि लड़की अपने कॉलेज के गुंडे से मजबूर होकर चुदवा रही थी और उसे कितना मज़ा आ रहा था। पूनम ट्रोउजर और पैंटी को नीचे कर दी और चुत सहलाने लगी। थोड़ी देर में उसकी ऊँगली उसके चुत में अंदर बाहर हो रही थी और फिर उसकी चुत ने पानी छोड़ दिया। थोड़ी देर में पूनम को नींद आ गयी और वो सो गयी।

आज भी अमित ने ना उससे बात किया और ना ही उसके मैसेज का कोई रिप्लाई दिया। रात में भी पूनम अमित को कॉल लगायी तो भी उसने रिसीव नहीं किया। पूनम फिर से पिक्स और कहानी देख रही थी। लेकिन एक ही कहानी या पिक्स रोज मज़े नहीं दे सकते। पूनम अपनी ट्रोउजर और पैंटी नीचे किये अपनी चुत सहला रही थी जब उसके मोबाइल पे मैसेज आया। वो जल्दी से मोबाइल उठायी की शायद अमित को उसकी याद आ गयी होगी। लेकिन ये मैसेज उन लड़कों ने किया था। एक नॉनवेज शायरी थी, टूटे दिल का मज़ाक उड़ाने वाली।

थोड़ी देर में फिर एक मैसेज आया जो एक नॉनवेज चुटकुला था। पूनम को अच्छा लग रहा था। उसका हाथ अपने चुत पे चल रहा था। इसी तरह 5-6 चुटकुले आने के बाद मैसेज आया "चुत खोल कर रखो, आ रहा हूँ।" पूनम अपनी हालत देखी। उसके दोनों पैर फैले हुए थे और वो अपनी चुत सहला रही थी। वो इमेजिन की वो लड़का अंदर आया और उसे इस तरह देख कर मुस्कुराया और फिर उसके ऊपर चढ़ कर लण्ड को उसकी फैली हुई चुत में डाला और चोदने लगा। पूनम शर्मा गयी और जल्दी से अपने पैरों को आपस में सटा ली जैसे वो लड़का सच में रूम में खड़ा हो और उसे देख कर मुस्कुरा रहा हो।

थोड़ी देर बाद उस लड़के का कॉल आया लेकिन पूनम रिसीव नहीं की। फिर वो अपनी चुत में ऊँगली करके सो गयी। सुबह उसने सारे मैसेज को डिलीट कर दिया ताकि कोई देख न ले। आज फिर ऑफिस जाते वक़्त वो लड़के रोड पे खड़े थे और पूनम को देख कर कुछ बातें कर रहे थे। पूनम को लगा की वो लोग मेरी ही बात कर रहे हैं और शायद कल रात के मैसेज की ही बात कर रहे हैं। पूनम को एक मैसेज याद आ गया और उसके चेहरे पे हंसी फ़ैल गयी। हालाँकि पूनम दूसरी तरफ देख रही थी लेकिन वो लड़के तो पूनम की तरफ देख रहे थे। पूनम हंसी छुपाने की कोशिश कर रही थी तो उन लड़कों से नजर भी मिल गयी।

 
पूनम को फिर अपने आप पे बहुत गुस्सा आ रहा था कि पता नहीं उसके साथ ऐसा क्यू हो रहा है। वो लड़के जब सामने होते हैं तो मुझे हँसी क्यू आ जाती है। पूनम ऑफिस आयी और मोबाइल देखी तो 5 नये मैसेज आये हुए थे। पूनम मौका देखकर वो पढ़ी। उसी तरह के नॉनवेज चुटकुले। ना चाहते हुए भी पूनम के चेहरे पे मुस्कराहट फ़ैल गयी और वो ऑफिस में काम करने लगी।

शाम को पूनम घर आयी तो अमित को फिर कॉल लगायी। आज भी उसने कोई रेस्पॉन्स नहीं दिया था उसके मेसेजेस और कॉल्स का। अभी अमित ने दूसरी बार में कॉल रिसीव कर लिया और गुस्से में बोला "बोलो, क्या है?" पूनम को उम्मीद थी की वो इसी तरह से गुस्से में ही बात करेगा। पूनम उसके गुस्से को शांत करने की कोशिश करती हुई बोली "क्यू ऐसे कर रहे हो। मैंने किया क्या है जो मुझे खुद से दूर कर रहे हो।" इतने दिन बाद अमित की आवाज़ सुनकर पूनम खुद को रोक नहीं पाई और उसकी आँखों में आंसू छलक पड़े। उसकी आवाज़ रुआंसी थी, लेकिन अमित को इन सब से कोई मतलब नहीं था।

वो गुस्से में ही बोला "किसने क्या किया है और किसने क्या नहीं किया है, इसका कोई मतलब नहीं है। मुझे तुमसे कोई मतलब नहीं है और प्लीज़ मेरा रिक्वेस्ट है कि मुझे बार बार कॉल और मैसेज करके परेशान मत करो।" अमित के सीधे जवाब से पूनम की रही सही हिम्मत भी टूट गयी। उसे यकीं था कि अमित अभी गुस्सा है, लेकिन वो उसके पास जरूर आएगा। उसका प्यार सच्चा है। लेकिन अभी अमित की आवाज़ सुनकर उसे लग रहा था कि वो अपने अमित को खो दी है। उसे उन लड़कों पे बहुत गुस्सा आ रहा था और उसका बस चलता तो वो उनदोनो का खून कर देती।

पूनम रोती हुई बोली " तुम्हारे बिना मैं जी नहीं सकती। प्लीज़ मुझे इस तरह छोड़ कर मत जाओ। तुम्हारे बिना मैं बिलकुल अकेली हो जाऊँगी।" अमित ने कोई जवाब नहीं दिया। पूनम आगे बोली " मैंने तुम्हे अपना सब कुछ सौंप दिया है अमित, मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ। अपनी जानू को ऐसे मत तड़पाओ।" अमित अभी भी कुछ नहीं बोला। पूनम को लगा की पता नहीं वो सुन रहा भी है या नहीं।

वो फिर बोली "बोलो अमित, अब मेरे पास मेरा बचा क्या है। तन मन सब तुम्हे दे चुकी हुँ, और तुम मुझे उनके ......" पूनम की बात ख़त्म भी नहीं हुई थी की अमित का और गुस्से और नफरत से भरी हुआ आवाज़ आया "तो मैंने कहा था तुम्हे अपना तन देने। जब तक तुमने कहा नहीं, तब तक मैंने तुम्हे टच भी नहीं किया था। तुम बोली तभी अपने दोस्त के घर ले गया, तुम बुलाई तभी तुम्हारे घर आया।" पूनम कुछ नहीं बोली। उसके कानों में उस लड़के की आवाज़ सुनाई दे रही थी की जब एक लड़के को लड़की की चुत मिल जाती है तो फिर उसे उसमे कोई इंटरेस्ट नहीं रहता। अमित उसकी बात को सही साबित कर रहा था। अब भला उसे पूनम में क्या इंटरेस्ट रहता। उसकी सील तोड़ चूका था और रात भर उसके बिस्तर में उसके जवान जिस्म का मज़ा ले चुका था।

पूनम के पास अब बोलने के लिए कुछ बचा नहीं था। वो अपने आंसुओं का घूँट पी गयी और बोली "तुम्हे जैसा ठीक लगे वैसा करो अमित। सही है की मैं खुद सब कुछ करवाई तुमसे, तभी तुम किये। लेकिन तुम मुझे उन लड़कों के कारण ठुकरा रहे हो जिन्होंने कहा है कि वे मुझे बर्बाद कर देंगे अगर मैंने उनकी बात नहीं मानी। मुझे बस तुम्हारा ही सहारा था, लेकिन ....."

अमित फिर से आधे में ही उसकी बात काट कर बोला " मुझे बर्बाद नहीं होना है एक लड़की के लिए। मैं उन लोगों से दुश्मनी नहीं कर सकता। वो लोग पता नहीं मेरे साथ क्या करेंगे अगर उन्होंने मुझे फिर से तुमसे बात करते देख लिया तो। ज़िन्दगी रहेगी तो बहुत सी लड़कियाँ मिलेंगी। तुम्हारे साथ जो कुछ भी हुआ, उसे अब वापस तो नहीं किया जा सकता, लेकिन तुम्हे अगर बुरा लग रहा है कि मैं सब कुछ करके तुम्हे छोड़ा है तो मैं उसका हर्जाना देने के लिए तैयार हूँ। तुम जितने रूपये कहोगी उतने मैं तुम्हे पहुँचा दूँगा। इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कर सकता। प्लीज़ अब मुझे फ़ोन या मैसेज करके परेशान मत करना।"

अमित की बात सुनकर तो पूनम के जैसे होश ही गुम हो गए। वो लड़का उसके प्यार की कीमत लगा रहा था। पूनम को समझ नहीं आया की क्या करे। कुछ देर तो वो इसी तरह खड़ी रही लेकिन जब उसके दिमाग ने काम करना स्टार्ट किया तो वो गुस्से और नफरत में बोली "बहुत अच्छे अमित। वाह !!! तो अब तुम मुझे उसकी कीमत दोगे जो तुमने मेरे साथ किया है। तो तुम्ही बताओ कितनी कीमत लगाये हो इस रण्डी की सील तोड़ने की। पूरी रात साथ बिताने की।" पूनम को अब अमित से नफरत था। नहीं चाहिए था उसे वो वापस। वो हरामी गिरा हुआ घटिया लड़का था। वो लड़के सही थे और उसका प्यार गलत। सारी दुनिया सही थी जो कहती है कि प्यार करोगे तो सिर्फ गम और आँसू मिलेंगे और उसका प्यार गलत।

उसे अमित की कोई आवाज़ सुनाई नहीं दी। वो फ़ोन का स्क्रीन देखी तो फोन चालू था। वो फिर से बोली। वो रो रही थी। "बोलो अमित कितनी कीमत लगाये हो इस रण्डी की सील तोड़ने की। विश्वास तोड़ने की भी कीमत दोगे क्या?"

 
पूनम को फिर से अमित की कोई आवाज़ सुनाई नहीं दी। दरअसल उसने फ़ोन कट कर दिया था और अपने पॉकेट में रख लिया था लेकिन गलती से फ़ोन कट हुआ नहीं था। पूनम को बाँकी आवाज़ सुनाई दे रही थी। वो फ़ोन कान में लगाये अमित के कुछ बोलने का वेट कर रही थी। तभी उसके कान में अमित की आवाज़ आयी "वही, साली रण्डी पूनम का, तबाह किये हुए है।" फिर किसी और की आवाज़ आयी "क्या बोल रही है अब।" फिर अमित की आवाज़ आयी "वही सब। मत जाओ, मैं जी नहीं सकती। वही जो ड्रामा होता है इन सबका।"

पूनम को समझ आ गया कि अमित ने गलती से कॉल डिसकनेक्ट नहीं किया है। वो अमित की बात सुनने लगी। शायद अमित अपने दोस्तों के साथ था और उसी के बारे में बातें हो रही थी। अमित की आवाज़ फिर से आयी "साला कौन पड़ने जायेगा विक्की और गुड्डू के चक्कर में। साली उनकी रण्डी बन गयी है तो बीच में मुझे क्यू मरवा रही है।" अमित के दोस्त की आवाज़ आयी "उन हरामियों के चक्कर में पड़ना भी मत बेटा। नहीं तो पता भी नहीं चलेगा कि कहाँ गायब हो जाओगे।" तभी एक और दोस्त की आवाज़ आयी "उन हरामियों की माल को कैसे पटा लिया बे तूने।"

अमित की हँसती हुई आवाज़ आयी "अबे साले, उनलोगों ने मेरी माल को पटा लिया है।" फिर एक और आवाज़ आयी "अबे मैं तो पहले ही कहता था कि रण्डी है साली। मज़े कर और फिर निकल ले। लेकिन तू ही चूतिया उसके पीछे लगा हुआ था।" एक दूसरे लड़के की आवाज़ आयी "माल भी तो टँच है, मैं तो उसे देखता था कि मेरा लण्ड टाइट हो जाता था। साली लाइन तो देती ही थी, लेकिन मैं तो इसलिए छोड़ा हुआ था कि भाई की माल है।"

पूनम को नफरत हो रही थी अमित से। अमित ने अपने दोस्तों के बीच में उसकी ऐसी इमेज बनायीं हुई थी। एक लड़के की आवाज़ आयी "ठीक किया जो छोड़ दिया। लेकिन छोड़ने से पहले चोदा की नहीं?" एक और आवाज़ आयी "बिना चोदे अगर किसी माल को छोड़ दिया, तो फिर तो गलत है बॉस, फिर तो नुकसान हो गया। इसलिए बाँकी सब बाद में, पहले ठुकाई करता हूँ मैं अपनी माल की।" फिर एक आवाज़ आयी "बोल न बे, चोदा की नहीं रण्डी को, की ऐसे ही खाली खर्चा करता रहा है।"

पूनम साँस रोककर सारी बात सुन रही थी। उनके मुँह से अपने लिए रण्डी शब्द सुनकर उसका अमित के प्रति नफरत और बढ़ रहा था। वो अमित का रिप्लाई सुनना चाहती थी की अमित क्या बोलेगा। अमित की आवाज़ आयी "चूतिया हूँ क्या बे मैं। पूछ लेना कुणाल से, उसी के घर में सील तोड़ा था। उसका चादर भर गया था खून से। धोने के बाद भी नहीं हटा था तो इसी तरह छोड़ दिया था हमने। कुणाल धोया था उसे हमारे जाने के बाद" अमित ये बात इतनी शान और अकड़ से बोल रहा था जैसे उसने कोई किला जीत लिया हो। पूनम शर्मिंदगी से डूब गयी। अमित अपने दोस्तों के बीच में उसकी इज़्ज़त उछाल रहा था। जो पूनम के लिए सबसे रोमांटिक क्षण था, अमित उस पल को सबके सामने ज़ाहिर करते हुए पूनम की इज़्ज़त उछाल रहा था। और उसकी बात सच साबित करने के लिए उसके पास गवाह भी था।

फिर एक आवाज़ आयी "उसके बाद भी चोदे की बस वही एक बार होकर रह गया?" अमित उसी अकड़ से बोला "काम से कम 10-15 बार चोदा होऊँगा। रात रात भर उसके घर में रहा हूँ। पुरे नंगे होकर,.... सबकुछ फुर्सत में....।" अमित पुरे स्टाइल और शान से बोल रहा था। उसके दोस्त पुरे इंटरेस्ट से उसकी बात सुन रहे थे। सच है कि पूनम जैसी माल की सील तोड़ने और चुदाई की बात कौन नहीं सुनना चाहेगा।

एक आवाज़ आयी "बोल न क्या क्या किया। गांड मारा?" अमित उसी रॉब के साथ फिर से चालू हो गया "अबे पूछो क्या क्या नहीं किये। गांड मारा, लण्ड चुसवाया, वीर्य भी पिलाया। कामसूत्र के हर आसन में चोदा हूँ उसे। पूरा उलट पुलट कर। फुल मज़ा देती थी।" एक आवाज़ आयी "हट साला फेंकता है।"

अमित चिढ़ कर बोला "अबे देख, बता इसे की मैं सच कह रहा हूँ की नहीं। यही मुझे रात में उसके घर तक पहुँचाता था।" एक लड़का बोला "सच कह रहा है ये।" तभी एक लड़का हँसता हुआ बोला "तभी तो साली की चुच्ची और गांड पहले से बड़ी हो गयी थी।" सब हँसने लगे।

अमित बोला "10-15 रात रहा हूँ उसके घर में, बस हम दोनों, और कोई नहीं। साला क्या वैसे हस्बैंड वाइफ रहते होंगे। पुरे टाइम नंगे। नंगी ही खाना बनाती थी मेरे लिए। जब चुदाई हो गयी तो मैं तो जैसे बेड पे ही रहता था, वो नंगी ही उठ कर पानी लाती थी, कॉफी बनाकर लाती थी, इधर उधर कुछ करती थी। एक दम बिंदास। साथ में नहाना। बाथरूम में चोदा हूँ उसे नहाते हुए साथ में, किचन में चोदा हूँ, वो खाना बना रही है और मैं पीछे से उसकी चुत और गांड में पेला हूँ, बैडरूम में तो क्या क्या नहीं किया। पूरा लण्ड मुँह में अंदर पेल कर फिर वीर्य पिलाया हूँ उसे। मज़े से पीती थी। मस्त एकदम। "

पूनम बस अमित की बात सुनती जा रही थी. कह तो वो सही ही रहा था, लेकिन बस थोडा बढ़ा चढ़ा कर बोल रहा था. पूनम को बहुत गुस्सा आ रहा था अमित पे की वो अमित जैसे लड़के को अपनी जवानी क्यू दी. फिर से एक लड़के की आवाज़ आई “तो छोड़ क्यू रहा है बे गांडू, इतना मज़ा तो दी रही है तुझे.” अमित चिढने के अंदाज़ में बोला “जितना मज़ा लेना था ले लिया. अब क्या जिन्दगी भर सर पे बिठा कर रखूं. अब गुड्डू विक्की से चुदवा रही होगी रंडी.”

अमित के मुँह से ये सुनते ही सारे लड़कों के एक साथ हँसने की आवाज़ आई और पूनम का खून खौल उठा. अमित का बोलना चालू था “अब पता नहीं कितनो से चुद्वायेगी. मेरा काम ख़तम हो गया उसके से. अब वो जहाँ गांड मरवाना चाहती है मरवाए, मुझे क्या.” अमित का एक दोस्त की आवाज़ आई “तुझे तो हम शरीफ समझते थे, तू तो साला एक नम्बर का हरामी है बे.” अमित भी हंस दिया और बांकी सारे लड़के भी फिर से एक साथ हँस दिया.

 
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