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करीना कपूर की पहली ट्रेन (रेल) यात्रा

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गोगा- “यार पता नहीं… वो टी॰टी॰ई॰ आया था, लेकिन में तब नशे में था, वो मुझसे डब्ल्यू॰टी॰ की पूछताछ कर रहा था, और उसके बाद क्या हुआ मुझे पता नहीं? मेरा सिर भी दुख रहा है, मैं जरा बाहर देखने जाता हूँ, कि वो कहा गई है?” ऐसा बोलते हुये गोगा कोच से बाहर निकलता है, और करीना को ढूँढने में लग जाता है, क्योंकि आख़िरकार करीना उसके लिये एक सोने के अंडे देने वाली मुर्गी थी।

गोगा करीना को ढूँढने के लिये सभी कोचों में ताक-झाँक करके, बीच में से नम्बर 12 की बोगी की तरफ बढ़ रहा था, और आगे बढ़ते-बढ़ते दोनों बगल की कोचों को देख रहा था, तभी पीछे से आवाज आती है- “गोगा…” और वो आवाज करीना की थी जो, धीरे-धीरे अपने कोच की तरफ बढ़ रही थी।

गोगा उस आवाज की तरफ मुड़कर देखता है, तो उसे नकाब पहनी हुई करीना, दिखती है। करीना को सभल-सभलकर आगे बढ़ते देखकर गोगा जरा असमंजस में पड़ जाता है, और आगे करीना की तरफ बढ़ता है, और करीना के नज़दीक जाकर बोलता है- “क्या हुआ मेडमजी, इतना सभल-सभल कर क्यों चल रही है आप?”

करीना अपने दुख और दर्द को छिपाते हुये बोलती है- “क्योंकि वो जरा मेरा पाँव, चलते वक़्त लचक गया था, इसलिये जरा दुख रहा है…”

गोगा- “क्या मेडमजी आप भी ना… आगे से सभाल कर चलियेगा…” ये बोलते हुये गोगा करीना के साथ कोच में जाने के लिये बढ़ता है जहाँ अब्दुल, समीर संदेश, बैठे हैं।

उधर दूसरी तरफ शकील टेंशन में था, कि कैसे वो नौशक का उस रंडी के साथ टांका भिड़ा दे? रमेश बेहोश नीचे फर्श पर गिरा था, और शकील, पूरा टेंशन में बेड पर बैठा था। अगर उसने नौशक का उस औरत के साथ टांका नहीं भिड़ाया तो नौशक उसका सारा काला चिट्ठा खोल देगा, और इसका शकील को डर था। उसे कैसे भी करके नौशक की सेटिंग लगवानी ही थी। लेकिन शकील को ये समझ में नहीं आ रहा था कि जो रंडी उसे धमकी देकर गई है, उसे वो मनाए कैसे? और पहले जैसे वो ब्लैकमेल कर भी नहीं सकता, क्योंकि उसकी पोल तो कब की रमेश ने खोल दी थी।

तभी शकील के दिमाग में एक ईडडया आता है, और शकील मन ही मन बोलता है- “साला, मेरी चुदाई के प्लान की इसी कमीने ने वाट लगाई है, अब साला यही कमीना मेरा प्लान कामयाब करेगा, क्योंकि, जब मैं इसे मारने के लिए आगे बढ़ा था तो वो साली रंडी बीच में आ गई थी, और मुझे इस रमेश को मारने से रोका था। मतलब उस रंडी के दिल में रमेश के लिये हमदर्दी है, वो भी उसकी ठुकाई के बाद… मतलब कुछ तो लोचा है? अब मैं इस रमेश को चारे की तरह इस्तेमाल करूँगा, देखता हूँ वो मछली फँसती है क्या?” ऐसा सोचते हुये शकील पिटाई से बेहोश पड़े रमेश के हाथ पैर बाँध देता है, और उसे कोच में कोने में लेटा देता है, फिर शकील नौशक को फ़ोन करता है- “ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग…”

और वहाँ नौशक फ़ोन की रिंग सुनकर जाग जाता है, और खीसे में से मोबाइल निकालता है, और शकील का नम्बर देखकर फ़ोन उठाता है- “हाँ, शकील चाचा बोलो? मैंने जो तुझे बोला था, वो काम हुआ?”

शकील- “अभी तक तो नहीं, लेकिन हो जाएगा, उसी के बारे में बोलने के लिये फ़ोन किया है…”

नौशक- “तुम्हें पता है ना कि अगर मेरा काम तुमने नहीं किया तो तुम्हारा क्या अंजाम होगा?”

शकील डरते हुये बोलता है- “हाँ नौशक, क्यों बात-बात पे डराते हो, मैंने बोला है ना कि तुम्हारी सेटिंग उस रंडी के साथ लगवा दूँगा, तो क्यों इतना गुस्सा हो रहे हो?”

नौशक- “हाँ… ठीक है, लेकिन जो काम बताया है, वो जल्दी करो, क्योंकि स्वामी और हरी को मैंने दारू दे देकर बेहोश कर दिया है, उनके होश में आने से पहले मुझे सब कुछ उस रंडी के साथ करना है, समझे?”

शकील टेंशन में बोलता है- “हाँ समझ गया, अब क्या बूढ़े की जान लोगे? तुम यहाँ अभी के अभी मेरे कोच में आ जाओ, बाकी का प्लान मैं तुम्हें यहाँ मेरे कोच में बताऊँगा, आ जाओ…”

नौशक- “हाँ, ठीक है चाचा, मैं एक मिनट में आया…” ये बोलकर नौशक स्वामी और हरी को बेहोशी की हालत में छोड़कर अपने कोच से बाहर निकलता है, और शकील के कोच की तरफ उत्तेजना में बढ़ता है।

शकील भी फ़ोन रखकर, खुद बेड पर टेंशन में बैठ जाता है।

दूसरी तरफ करीना ने पेन-किल्लर की गोलियाँ खा ली, अब करीना को सूजी हुई गाण्ड के छेड़ का दर्द महसूस नहीं हो रहा था, अब करीना अपने आपको कंफर्टेबल महसूस कर रही थी।

आगे की सीट पर बैठा हुआ अब्दुल करीना के बिना ब्रा के ब्लाउज में क़ैद चूचे देख-देखकर, बीच-बीच में अपना लण्ड मसल रहा था। समीर और संदेश की भी दारू अब उतर चुकी थी, अब वो दोनों अब्दुल के साथ नीचे सीट पर बैठे थे और मोबाइल पर चेटिंग में बिजी थे।

उधर वहाँ गोगा, अपने सफ़र के बाद की प्लानिंग मन ही मन सोचकर तैयार कर रहा था।

करीना खिड़की के बाहर देखते हुये मन ही मन- “बेचारा रमेश, मुझे बचाने के खातिर उसने अपनी जान मुशीबत में डाल दी, पता नहीं उस बूढ़े ने रमेश के साथ अब क्या किया होगा?”

और वहाँ टी॰टी॰ई॰ कोच में रमेश को होश आ चुका था, अपने आपको बुँधा हुआ पाकर वो जरा डर जाता है, और छूटने की कोशिश करता है। बेड पर बैठे शकील की नजर रमेश की तरफ जाती है, रमेश को छटपटाता देखकर शकील बोलता है- “क्या बे साले, इतना क्यों छटपटा रहा है। अब अच्छे बच्चे की तरह, शांत लेटा रह, समझा? नहीं तो तेरा यहीं ट्रेन में मर्डर कर दूँगा…”

रमेश छूटने की कोशिश करते हुये बोलता है- “चाचा, माफ़ कर दो प्लीज़्ज़ि, छोड़ दो मुझे…” ये कहकर रमेश रोने लगता है।

शकील- “अबे कमीने, जिस प्लान पर तुमने पानी देरा था ना… अब उसी प्लान को मैं तेरा इस्तेमाल करके पूरा करूँगा समझा, गान्डू…”

तभी दरवाजे पर कोई नाक-नाक करता है।

 


शकील मन ही मन बोलता है- “हाँ, नौशक ही आया होगा…” और शकील दरवाजा खोलने के लिये बढ़ जाता है, फिर दरवाजा खोलकर, नौशक को कोच के अंदर लाता है।

नौशक जब रमेश को घायल अवस्था में बुँधा हुआ देखता है तो बोलता है- “अबे चाचा, ये चाय वाले को क्यों बाँधकर रखा है? तू क्या अब मर्दों पर भी अपनी हवस निकालने लगा?”

शकील “इसी चाय वाले की वजह से वो रंडी हाथ से गई, समझा? इसलिये इसकी ये हालत की है मैंने…”

नौशक- “क्या किया इसने, जो वो रंडी तेरे हाथ से गई?”

शकील- “बाद में बताऊँगा, बहुत लंबी कहानी है। अब काम की बात करते हैं…”

उधर रमेश बेसुध होश में फर्श पर लेटा हुआ और बाँधा हुआ था, और कुछ भी सोचने की हालत में नहीं था।

शकील नौशक को बेड पर बैठाता है, और खुद भी उसके बाजू में बैठ जाता है, और बोलता है- “अब सुन मेरा प्लान क्या है, वो?”

नौशक- “हाँ, सुनाओ?”

शकील- “वो देख रहा है ना, चाय वाला रमेश, जिसे मैंने बाँध के रखा है, हम उसी का इस्तेमाल करेंगे, उस रंडी को मनाने के लिये, समझा?”

नौशक- “क्या चाचा… अच्छा मजाक कर लेते हो। उस चुतिये के लिये वो रंडी मेरे से चुदने के लिये क्यों मानेगी?”

शकील- “उस चुतिये ने ही उस रंडी की गाण्ड बजाई है, और ये तुझे पता ही होगा। इसी बात से मैं जब गुस्सा होकर उस रंडी के सामने इस चायवाले को मारने उसकी तरफ बढ़ा तो वो रंडी मेरे बीच में आ गई, और मुझे रमेश को मारने से रोका, तो इससे ये बात तो साबित होती है कि रमेश के लिये उस रंडी के अंदर दया है। और उसी दया का हम पूरा फ़ायदा उठाएँगे…”

नौशक- “हाँ, बात में दम तो है, लेकिन कयोर नहीं हूँ कि ये प्लान काम करेगा भी या नहीं?”

शकील- “तू सिर्फ़ आम खा समझा, गुठलियाँ मैं गिन लूँगा। जब मैं उस रंडी को यहाँ कोच में लाऊँगा, तो उसके सामने सिर्फ़ तुझे रमेश को टॉर्चर करना है। देखते हैं कि उसका दिल रमेश के लिये पिघलता है क्या?”

नौशक “ओके, डन…”

शकील- “तू यहाँ कोच में रहना, और जब मैं उस रंडी को मनाकर डराकर, यहाँ लाऊँगा, तब रमेश को उसके सामने ही टॉर्चर करना, ओके?”

नौशक- “हाँ चाचा, अब सबर नहीं हो रहा, मुझे उस रंडी को अपनी बाहों में लेना है, अब तुम जल्दी जाओ, और उस मस्त माल को यहाँ ले आओ…”

ये सुनते ही शकील टी॰टी॰ई॰ युनिफ़ॉर्म में कोच से बाहर निकलता है। नौशक पूरा उत्तेजित था, और उस औरत को टॉर्चर करने के तरीके मन ही मन सोच रहा था। और उधर शकील पूरा टेंशन में था, और अपने टारगेट की ओर बढ़ रहा था।

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वही करीना भी अपने कोच में सीट पर डिप्रेशन में बैठी खिड़की से बाहर का नजारा देख रही थी। तभी अब्दुल जो करीना के बदन को भूखे कुत्ते की तरह देख रहा था, वो करीना को बोलता है- “ओ मेडमजी क्या हुआ, इतनी परेशान क्यों लग रही हैं आप?”

अब्दुल की बात सुनकर करीना अब्दुल की तरफ देखकर बोलती है- “नहीं तो, मैं ठीक हूँ, भैया…”

खूबसूरत्त औरत के मुँह से अपने लिये भैया शब्द सुनकर अब्दुल का मूड ऑफ हो जाता है, और वो बोलता है- “हाँ, ओके, कोई परेशानी हो तो मुझे बताइएगा…”

करीना- “हाँ भैया…”

तभी वहाँ शकील पहुँच जाता है, और शकील को देखकर करीना डर जाती है, और शरम से लाल हो जाती है। गोगा भी शकील को देख डर जाता है, क्योंकि गोगा डब्ल्यू॰टी॰ से सफ़र कर रहा था।

अब्दुल शकील को देख बोलता है- “क्या हुआ… साहब?”

शकील- “मुझे मेडमजी से काम था, इसलिये आया हू…”

शकील को अपने लिये आया देखकर करीना गुस्से में बोलती है- “क्यों, क्या काम हे?”

शकील करीना की तरफ देखकर बोलता है- “मुझे आपसे रमेश के बारे में बात करनी है…”

करीना समझ जाती है कि शकील उस चायवाले की बात कर रहा है, इसलिये करीना अपने गुस्से को काबू में करके बोलती है- “वो ठीक तो है ना? तुमने उसको…”

तभी शकील करीना की बात बीच में काटकर बोलता है- “आप जरा कोच से बाहर आइए, मैं यहाँ ऐसे सबके सामने नहीं बता सकता…”

करीना मन ही मन- “बेचारा रमेश, लगता है, किसी मुशीबत में फँस गया है। जब मैं मुश्किल में थी, तब अपनी जान की परवाह ना करते हुये रमेश ने मुझे इस कमीने के चुंगल से बचाया, और इस कुत्ते की मेरे सामने पोल खोल दी थी। और अब मुझे भी रमेश की हेल्प करनी चाहिए, मन तो कर रहा है इस कमीने को यहीं से फूटने के लिये कह दूँ…”

करीना- “ठीक, है, मैं बाहर आती हूँ, तुम बाहर रूको…”

करीना के बाहर आते ही, शकील करीना का हाथ पकड़ता है और उसे उसके कोच से दो कोच दूर ले जाता है।

शकील की इस हरकत से करीना भड़क जाती है और बोलती है- “बदतमीज़ बूढ़े, तुमने तब मेरे मजबूरी का फ़ायदा उठाया था ब्लैकमेल करके, लेकिन अब नहीं…” ऐसे बोलते हुये करीना शकील को थप्पड़ मारने के लिये अपना हाथ उठाती है।

लेकिन शकील करीना का हाथ पकड़ लेता है। उस समय सब सफ़र करने वाले लोग अपने-अपने कोच को पर्दे से ढक कर अंदर बैठे थे, इसलिए बाहर क्या चल रहा है, वो उन लोगों को पता नहीं था, इस चीज का फ़ायदा उठाते हुये शकील करीना का हाथ पकड़कर मरोड़ देता है।

करीना दर्द से- “अह्ह, छोड़ कमीने…”

शकील- “अब जो मैं कहने वाला हूँ वो ठीक से सुन…”

करीना- “पहले मेरा हाथ छोड़ो, आह्ह…”

शकील करीना का हाथ मरोड़ना बंद करता है और बोलता है- “साला, जब मुझे होश आया ना, तब उस कमीने चायवाले को मैंने कुत्ते की तरह मारा…”

ये सुनकर करीना गुस्से से शकील के तरफ देखने लगती है।

शकील करीना की आँखों में अपने लिये गुस्सा देखता है, और उसको समझ में आ जाता है कि उसका खेल कामयाब होगा। शकील कहता है- “ऐसे क्या गुस्से में देख रही है मुझे, बेचारे चायवाले की मैंने इतनी पिटाई की है, कि वो ठीक से चल भी नहीं पा रहा, हाहाहाहा…”

करीना अपने गुस्से को काबू नहीं कर पाती, और शकील को बोलती है- “अगर, रमेश को कुछ भी हुआ तो मैं तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ूींगी समझे? उस बेचारे की माँ मर गई है, लेकिन ये मत समझना कि वो अकेला है, क्योंकि मैं उसके साथ हूँ, समझे…”

शकील हँसते हुये बोलता है- “अगर तुम रमेश को जिंदा देखना चाहती हो तो, अभी के अभी मेरे साथ टी॰टी॰ई॰ कोच में चलो, अगर नहीं आओगी तो रमेश कल का सूरज नहीं देख पाएगा…”

करीना मन ही मन- “हे भगवान्… मुझे उस कोच में फिर से नहीं जाना। क्या करूँ अब? मुझे रमेश की भी जान बचानी है, और अपनी भी…”

करीना- “क्यों, मैं क्यों आऊँ वहाँ?”

शकील बोलता है- “कितने सवाल करती हो तुम? अब से तू जितने सवाल पूछेगी उतनी रमेश की उंगलियाँ कटेंगी समझी…”

शकील की बात सुनकर करीना फ्लैशबैक में जाती है, जब रमेश ने बोला था- “आपका दूध पीकर मुझे मेरी माँ याद आ गई…” रमेश की बातें करीना के ऊपर हावी हो जाती हैं, और करीना की ममता जाग जाती है। एक बोलीवुड एक्ट्रेस एक लो-क्लास लड़के को अपने बेटे के समान महसूस कर रही थी।

करीना मन ही मन- “नहीं, मैं कुछ नहीं होने दूँगी रमेश तुम्हें, मैं तुम्हें मुशीबत से निकालूंगी। थैंक गोड… मैंने अपने साथ मिर्च का स्प्रे ले लिया है, अगर शकील ने मेरे साथ कुछ भी गलत हरकत करने की कोशिश की तो मैं उसपर मिर्च का स्प्रे छिड़क कर, वहाँ से रमेश को लेकर अपने कोच में आ जाउन्गी, हाँ ये ठीक है…”

करीना अपने आपको सभालती है, अपने डर और गुस्से को काबू में करके बोलती है- “हाँ ठीक है, लेकिन आप आगे जाओ, मैं पीछे-पीछे आ जाउन्गी…”

ये सुनकर शकील के मन में लड्डू फूटता है और वो बोलता है- “अभी चल मेरे साथ…”

करीना मौके की नजाकत को समझ लेती है और शकील से प्यार से बात करने लगती है- “अंकल, मैं आ जाउन्गी, आप आगे बढ़िए…”

शकील- “ठीक है, लेकिन अगर कोई भी चालबाजी की तो रमेश की जान खतरे में आ जाएगी समझी?”

करीना- “हाँ…” और करीना अपने कोच की तरफ बढ़ती है, और कोच में जाकर अपने पर्स को चेक करती है।

गोगा करीना की तरफ देखकर बोलता है- “क्या हुआ, वो शकील क्या बोला?”

गोगा को कोई ऐसा वैसा शक ना हो इसलिये करीना बोलती है- “तुम्हारे डब्ल्यू॰टी॰ के बारे में बोल रहा था वो…”

गोगा- “लेकिन टी॰टी॰ई॰ तो कोई रमेश के बारे में बोल रहा था ना?”

करीना- “वो तो एक बहाना था, किसी को पता ना चले इसलिये…”

गोगा- “ओह्ह मेडमजी, प्लीज़्ज़ि मामले को रफ़ा - दफ़ा कर दीजिएगा, प्लीज़्ज़ि…”

करीना पर्स लेकर कोच से बाहर जाते वक़्त बोलती है- “हाँ गोगा, तुम टेंशन मत लो…” और करीना कोच से बाहर निकलकर टी॰टी॰ई॰ कोच की तरफ बढ़ जाती है।

 
शकील अपने कोच में पहुँच चुका था, बेड पर बैठा नौशक जब शकील को अकेला ही देखता है तब गुस्से में बोलता है- “चाचा, राड़ कहाँ है?”

शकील कोच का दरवाजा लाक करते हुये बोलता है- “धीरज रख बेटा, आ जाएगी, उसने मुझसे कहा है कि वो थोड़ी देर में आएगी…”

नौशक- “शकील, तुझको पता है ना कि अगर तुमने मेरी ख्वाइश पूरी नहीं की तो मैं क्या कर सकता हूँ?”

शकील डरते हुये बोलता है- “वो छोड़, अब मैं जो बोलता हूँ वो कर…”

नौशक- “हाँ बोलो…”

शकील- “इस चायवाले को मार-मार के इसका मेकप कर दे, जिससे वो रंडी जब रमेश की पतली हालत देखेगी, तो वो रंडी का दिल पिघल जाएगा…”

ये सुनते ही रमेश जो कि हाथ पाँव बुँधा हुआ पहले से ही शकील की मार खाकर फर्श पर लेटा हुआ था, वो डर जाता है। उससे समझ में आ जाता है कि अब एक और बार उसकी पिटाई होने वाली है। ये देख रमेश दया की भीख माँगते हुये बोलता है- “चाचा प्लीज़्ज़ि… ऐसा मत करो, मेरी हड्डियाँ पहले से ही दुख रही हैं, तुम्हारी की हुई पिटाई से, प्लीज़्ज़ि, अब मुझे छोड़ दो…”

नौशक जब शकील की बात सुनता है, तब वो बेड से उठकर रमेश की ओर बढ़ता है, रमेश का भीख माँगना और गिड़गिड़ाना नज़रअंदाज करके नौशक फर्श पर लेटे हुये और बँधे हुये रमेश की ओर बढ़ता है। नज़दीक जाकर खड़े होते ही नौशक अपना एक पाँव रमेश के मुँह पर रख देता है, जिससे रमेश कुछ बोल नहीं पाता। तब नौशक ने काले बूट पहने थे, बूट की गंदी सतह रमेश के मुँह पर नौशक अपने पाँव से दबा रहा था, और बुँधा हुआ रमेश छटपटा रहा था।

नौशक रमेश के मुँह पर अपना एक पाँव रखकर बोलता है- “आज तो मेरे हाथ भी खुजला रहे हैं, किसी को मारने के लिये। मेरे जीवन की सारी भड़ास अब मैं तेरे ऊपर निकालूँगा, चूहे…” और नौशक रमेश के मुँह को अपने पाँव से ऐसे मसल रहा था, जैसे कोई सिगरेट बुझाने के लिये मसलता है। रमेश दर्द से तड़प रहा था। तभी नौशक रमेश के मुँह पर से अपना पाँव उठाता है, और अपने पैंट से काला चमड़े का बेल्ट निकालता है।

रमेश के होठों से खून बह रहा था, और सामने नौशक को बेल्ट हाथ में लेकर खड़ा देखकर घबरा जाता है और बोलता है- “भाई प्लीज़्ज़ि, प्लीज़्ज़ि भाई… रहम दिखाओ भाई, प्लीज़्ज़ि…”

लेकिन रमेश की बात को नज़रअंदाज करके नौशक रमेश को बेल्ट से पीटना शुरू करता है।

बेल्ट की मार रमेश के पैर पर लगती है, इससे रमेश दर्द से चिल्लाने लगता है- “आईईई… मर गया ऐययाईई…”

शकील बेड पर बैठकर दर्दनाक पिटाई का सारा नजारा लाइव देखकर हँसते हुये बोलता है- “सही है, सही है नौशक, ऐसे ही मार हरामजादे को, मार साला नमकहराम है, एक नम्बर का…”

नौशक शकील की बात सुनकर और ज़्यादा जोश में आ जाता है और किसी जानवर की तरह रमेश की पिटाई करने लगता है।

रमेश किसी कुत्ते की तरह दर्द से चिल्ला रहा था। नौशक की बेल्ट की एक मार रमेश के चश्मे पर लगती है, और चश्मा जो की पहले से ही शकील की पिटाई के वक़्त जरा सा टूट गया था, वो अभी नौशक की पिटाई के वक़्त पूरा टूटकर अलग हो जाता है, इससे रमेश को सारी चीजें अब धुंधली नजर आने लगती हैं।

लेकिन नौशक को रमेश के ऊपर जरा भी रहम नहीं आ रहा था। अब नौशक हद ही कर देता है, बेल्ट को उल्टा पकड़कर, लोहे के हीस्से से रमेश को मारने लगता है, 10-12 फटके मारने के बाद, लोहे का हिस्सा रमेश के सर को लगता है, इससे रमेश बेहोश हो जाता है। लेकिन फिर भी नौशक किसी पागल कुत्ते की तरह रमेश को बेल्ट से मारे जा रहा था। तभी कोच के दरवाजे से नाक नाक की आवाज आती है।

नौशक रमेश को मारना बंद करता है, और शकील की तरफ देखकर शैतानी स्माइल करते हुये बोलता है- “लगता है, रांड़ आ गई। जा, जाकर दरवाजा खोल जल्दी, सबर नहीं हो रहा मुझे अब…”

शकील बेड से उठकर दरवाजे की ओर जाता है, और दरवाजा खोलता है। सामने नकाब पहनी वही औरत देखकर उससे हाथ से खींचकर अंदर लाता है, और दरवाजा फिर से लाक कर देता है।

करीना जब कोच के अंदर आती है, तो सामने एक आदमी को बेल्ट लिये हुये खड़ा देखकर, और नीचे रमेश को बेशुध और जख्मी हालत में बेहोश लेटा देखकर, शकील की तरफ देखकर बोलती है- “तुम लोग नर्क में सड़ोगे, उस बेगुनाह ने तुम लोगों का क्या बिगड़ा था, जो उसकी ये हालत कर दी आप लोगों ने?”

फिर करीना बेल्ट लिये खड़े उस आदमी की तरफ देखकर बोलती है- “मैं गलत नहीं हूँ तो तुम वही गार्ड हो ना, जिसे मैंने…”

तभी नौशक करीना की बात बीच में काटते हुये बोलता है- “तब का तब लेकिन, अभी मैं तेरा भड़वा हूँ समझी?”

नौशक की बात सुनकर शकील हँसने लगता है और वो बोलता है- “सही बोला तूने नौशक, हा ाहाहाहा…”

किसी लो-क्लास गार्ड के मुँह से इतना बड़ा शब्द सुनकर करीना डर और गुस्से से गार्ड की ओर देखकर बोलती है- “मुँह बंद रखो अपना, और अभी के अभी उस रमेश के बधे हुये हाथ पाँव छोड़ो, और सीधा सीधा हम दोनों को यहाँ से जाने दो…” करीना शकील और नौशक के इरादे भाँप चुकी थी, लेकिन करीना हार मानने वालों में से नहीं थी।

शकील हँसते हुये बोलता है- “हाहाहा… ऐसे कैसे जाने देंगे तुझे जानेमन, पहले टेक्स तो भर दो…”

करीना- “देखो, जितना पैसा चाहिए, मैं उतना दूँगी, लेकिन मुझे और रमेश को अभी जाने दो प्लीज़्ज़ि…”

नौशक करीना की बात सुनकर बोलता है- “तू ठहरी मिडिल क्लास औरत, तू कितना पैसा दे सकती है? ज़्यादा से ज़्यादा एक लाख, दो लाख ना? तो इतने पैसे में तू हमको खरीद नहीं सकती समझी? क्योंकि इन पैसों से ज़्यादा तेरा जिस्म महँगा है। तेरे जैसा गोरा बदन मैंने पहली बार अपनी लाइफ में देखा है, तू ऊपर से नीचे तक मस्त है मस्त…” ऐसा बोलते हुये नौशक हाथ में पकड़ा हुआ बेल्ट बेड पर फैंक देता है, और करीना की तरफ बढ़ने लगता है।

नौशक को अपनी ओर आता देखकर करीना डर जाती है और वो बोलती है- “मैं तुम्हें एक करोड़ रुपये दूँगी। प्लीज़्ज़ि, जाने दो हमें…”

करीना की बात सुनकर शकील जो की करीना की साइड में ही खड़ा था, वो हक्का बक्का होकर बोलता है- “क्या तू सच बोल रही है कि तू हमें इतना पैसा देगी?”

तभी नौशक जो करीना की तरफ बढ़ रहा रहा था, वो हँसते हुये बोलता है- “हाहाहा… साली रंडी झूठ बोल रही है बचने के लिये…” ये बोलते हुये नौशक करीना के पास जाता है, और करीना की गोरी कमर को एक हाथ से पकड़ता है, और अपनी ओर खींचता है। इससे करीना नौशक की बाहों में आ जाती है।

करीना नौशक की बाहों से छूटने की कोशिश करती है।

लेकिन नौशक ने करीना को बहुत कसके पकड़ा था, जिससे करीना छूट नहीं पा रही थी, नौशक के मुँह से आती गुटखे, तम्बाखू की बदबू करीना को बर्दाश्त नहीं हो रही थी।

नौशक करीना को बाहों में पकड़कर बोलता है- “क्या माल है तू, वाह मजा आ गया तुझे बाहों में लेकर, तेरा गोरा बदन तो माशाअल्लाह बहुत खूबसूरत है, अब तेरा ये नकाब हटाकर मुझे तेरे पूरे हुश्न का दीदार करना है…” ऐसा बोलते हुये नौशक करीना का नकाब हटाने के लिये अपना हाथ करीना के पहने हुये नकाब की ओर बढ़ाता है।

ये देखते ही करीना डरते हुये और अपनी पहचान छिपाने के लिये बोलती है- “नहीं प्लीज़्ज़ि, नहीं… मेरे धर्म में औरतें अपना मुँह किसी पराए मर्द को नहीं दिखाती, इसलिए प्लीज़्ज़ि… ऐसा मत करो। मुझे छोड़ो प्लीज़्ज़ि, जाने दो…”

नौशक एक मुस्लिम है, और उसके धर्म में भी उनकी औरतें नकाब पहनती हैं, और अपना मुँह किसी पराए मर्द को नहीं दिखाती, इसलिये वो बोलता है- “चल ठीक है, नकाब नहीं उतार सकते तो क्या हुआ, बाकी का तो उतार सकते हैं ना? हाहाहाहा…” ऐसा बोलते हुये नौशक अपने दोनों हाथ करीना की मोटी 36: साइज की गाण्ड पर रखकर गाण्ड को सहलाने और दबाने लगता है।

करीना- “छोड़ कमीने…”

नौशक करीना की मस्त गाण्ड की मोटी फांकों को हाथ से दबा और मसलते हुये बोलता है- “वाह, ऐसी मोटी मस्त हाई-फ़ाई नरम गाण्ड को मैंने मेरी पूरी लाइफ में छुआ नहीं था, लेकिन आज तूने मेरी मुराद पूरी कर दी। मजा आ गया मुझे तो आज रंडी, लेकिन खेल तो अब शुरू हुआ है…”

नौशक की अश्लील हरकतों से करीना गुस्सा हो जाती है, और नौशक के लण्ड पर अपना घुटना मारती है, इससे नौशक की पकड़ करीना के ऊपर से छूट जाती है, और वो अपनी पैंट के ऊपर से अपने लण्ड पर हाथ रखे चीखता है- “अह्ह… साली रंडी…”

और नज़दीक खड़ा शकील जब करीना को पकड़ने के लिये करीना के ऊपर झपटता है, तब करीना अपने पर्स से जल्दी से मिर्च का स्प्रे निकालती है, और शकील के मुँह पर छिड़क देती है। शकील को अपनी आँखों में जलन महसूस होती है, और इससे होता दर्द शकील सह नहीं पाता और कुत्ते की तरह चिल्लाने लगता है- “अरे, मर गया, अबे रंडी क्या डाल दिया मेरी आँखों में, आऐईइ, अल्ल्लाह…” शकील कोच में अपनी आँखें अपने हाथों से सहलाते हुये और मसलते हुये, किसी अंधे की तरह यहाँ वहाँ टकरा रहा था, जैसे तैसे वो बाथरूम में जाता है, और नल खोलकर आँखों को धोने लगता है।

 
दूसरी तरफ, नौशक भी अपनी दर्द होती गोटियाँ पकड़कर पानी बिन मछली की तरह नीचे फर्श पर बैठकर फडफडा रहा था। करीना ने नौशक के लण्ड पर बहुत जोर की किक मारी थी, इसीलिए नौशक अभी तक रिकवर नहीं हुआ था। इस बीच करीना मौके का फ़ायदा उठाकर बेहोश गिरे रमेश के हाथ पाँव खोलती है, और उसे होश में लाने की कोशिश करती है।

तभी करीना की किक से रिकवर हो चुका नौशक पीछे से करीना के बाल पकड़ता है, और उसे खड़ा करने ही वाला था, और करीना मिर्च स्प्रे करने वाली ही थी तभी शकील बाथरूम से बाहर आता है, और करीना का हाथ पकड़ लेता है, और मिर्च स्प्रे की बोतल, नीचे फर्श पर फैंक देता है, और बोलता है- “साली रंडी, मुझे तो लगा था कि में अँधा हो चुका हूँ, शुकर है कि मैंने पानी से आँखें पानी से सॉफ कर दी नहीं तो जलन से तो मैं अँधा ही हो जाता…”

करीना नौशक की पकड़ से छूटने के लिये छटपटा रही थी, करीना- “छोड़ कमीने अह्ह उम्म्म…”

नौशक करीना के बाल पकड़कर बोलता है- “थैंक्स शकील, बचाने के लिये, नहीं तो मुझपर भी स्प्रे करने वाली थी ये रंडी। साली की किक से मेरी गोटियाँ अभी तक दर्द कर रही हैं। कुतिया ने बहुत जोर की किक मारी थी, साली कमीनी…” ऐसा बोलते हुये करीना के बाल पकड़कर, अपना मुँह छूटने के लिये छटपटा रही करीना के कान के पास ले जाता है और गुस्से में बोलता है- “देख रंडी, अगर तू हमारा साथ नहीं देगी तो, उस हरामजादे चायवाले की जान तो जाएगी ही, लेकिन उसके साथ तेरी जान भी जाएगी, वो भी बहुत टॉर्चर करने के बाद समझी? तो ज़्यादा नखरे मत कर। मेरा काम होने के बाद तू चायवाले को लेकर यहाँ से जा सकती है…”

करीना की आँखों से आँसू बहे जा रह थे, मिर्च स्प्रे के नाकाम वार से करीना की आख़िरी उम्मीद भी अब टूट चुकी थी, लेकिन करीना हार मानने वालों में से नहीं थी। भोली करीना अपने से ज़्यादा जख्मी हालत में बेहोश लेटे रमेश की चिंता ज़्यादा कर रही थी।

करीना मन ही मन- “मैं हार नहीं सकती, मैं नहीं हार मान सकती, और इन कमीनों से तो हरगिज नहीं, मैं किसी भी तरह इस मुशीबत से रमेश को निकालूंगी और खुद को भी…”

जब करीना का विरोध बंद हो जाता है, तब नौशक करीना के बाल चोड़ देता है, और करीना के पीछे जाकर खड़ा हो जाता है। करीना तब अपनी आँखें मजबूरी में बंद किए हुये खड़ी थी, तभी करीना को महसूस होता है कि कोई उसकी पीठ को चूमते हुये उसकी नाभि को हाथ से सहला रहा है। वो नौशक था, जो करीना की गोरी आधे से ज़्यादा नंगी गोरी पीठ को किसी कुत्ते की तरह चाट रहा था, और साथ में करीना की नाभि को भी अपने हाथ से सहला रहा था। तभी जोश में नौशक करीना की गर्दन को पीछे से काटता है।

और दर्द से करीना की चीख निकलती है और वो आँखें खोलती है- “आह्ह… कुत्ते…” तभी आँखें खोलते ही करीना की नजर रमेश पर जाती है, जिसके बँधे हुये हाथ पैरे करीना ने खोले थे, और अब रमेश खुला हुआ था लेकिन बेहोश था।

रमेश को देखकर करीना नौशक के चूमने, चाटने और काटने को सहते हुये मन ही मन बोलती है- “मैं तो भूल ही गई थी कि मैंने रमेश की रस्सियाँ खोलकर उसको आज़ाद कर दिया है, वो अब सिर्फ़ बेहोश है। अभी तक तो इन कमीनों की नजर खुले हुये रमेश पर नहीं पड़ी, मेरी मिर्च स्प्रे के बोतल भी उसके नज़दीक ही पड़ी है। अगर वो होश में आ जाए तो मैं उसको इशारा करके उस बोतल से इन कमीनों की आँखों में स्प्रे करने के लिये कहकर, हम दोनों यहाँ से सही सलामत भाग सकते हैं। थैंक गोड… अब सिर्फ़ इन कमीनों कि नजर उस रमेश पर नहीं जानी चाहिए, जो अब बुँधा हुआ नहीं है। क्योंकि ये कमीने उसे फिर से रस्सी से बाँध देंगे। अब मैं क्या करूँ, जिससे इन कमीनों की नजर रमेश पर ना जाए? क्या करूँ? अम्म्म्म…”

तभी नौशक करीना की कमर पकड़कर अपनी ओर खींचता है और पूरी तरह से करीना को अपनी बाहों में ले लेता है, इससे करीना की साड़ी और पेटीकोट से ढकी गाण्ड नौशक के पैंट के अंदर तने हुये लण्ड से दब जाती है। शकील सिचुयेशन को कंट्रोल में देखकर खुद बेड पर जाकर, आगे चल रहा नजारा देखकर अपना लण्ड पैंट के ऊपर से मसल रहा था। नौशक के दोनों हाथ करीना के पेट को सहलाते हुये करीना के 38” साइज के चूचों पर गये, एक लो-क्लास सड़क छाप आदमी अंजाने में एक हाई प्रोफ़ाईल औरत की, याने करीना की चुचियाँ, सहला रहा था,

जैसे ही नौशक करीना के 38” के चूचे सहलाने लगता है, तब करीना के मुँह से तड़पती आवाजें निकलने लगती हैं- “अम्म्म्म, आह्ह छोड़ मुझे, अम्म्म…”

तभी सामने चल रहे सेक्सी दृश्य का मजा लेते बेड पर बैठे लण्ड को मसलते वक़्त शकील की नजर, रमेश पर जाती है जिसके हाथ-पाँव पहले जैसे बँधे हुये नहीं होते, इसलिये वो रमेश की तरफ बढ़ता है, उसे फिर से बाँधने के लिये।

नौशक करीना के 38” के चूचे किसी भोंपू की तरह दबा रहा था। करीना की साड़ी का पल्लू भी अब जमीन पर गिरा था, जिसके कारण ब्लाउज में बिना ब्रा के क़ैद करीना के चूचे ऐसे लग रह थे, कि अभी ब्लाउज फाड़कर बाहर आ जाएँगे। इसलिए टी॰टी॰ई॰ कोच के रूम का वातावरण बेहद ही उत्तेजक बन चुका था। कोच की खिड़की से आती ठंडी हवा करीना के गरम हो चुके गोरे बदन को ठंडा कर रही थी।

 
तभी करीना की नजर आगे जाती है, जहाँ शकील रमेश को रस्सी से फिर से बाँधने जाता है। करीना को बचने की उम्मीद टूटती देखकर, उसके मन में एक आइडिया आ जाता है, और अब बोलीवुड स्टार करीना, एक्टिंग में सीखे हुये मर्दों को फँसाने के तरीके, अब अपनी रियल लाइफ में आजमाने वाली थी। करीना को दूसरा कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था, क्योंकि अगर रमेश को शकील ने फिर से बाँध दिया, तो रमेश किसी काम का नहीं रह जाएगा, और अकेले करीना इन दोनों के चुंगल से रमेश और खुद को निकाल नहीं पाएगी। इस सबका अंदाज़ा मजबूर करीना ले लेती है, और अपने एक्टिंग के जलवे दिखाना शुरू करती है।

लाइफ का सबसे बड़ा दाँव करीना खेलने जा रही थी, क्योंकि वो एक साथ अब दो भेड़ियों को अपने बदन से सेड्यूस करने वाली थी, क्योंकि इन भेड़ियों के हद से पार होने के पहले रमेश को होश आ जाएगा, और रमेश को मिर्च स्प्रे की तरफ इशारा करके करीना, रमेश को इन दोनों की आँखों में स्प्रे करने के लिये कहेगी, और इन कमीनों की आँखों में धूल झोंक कर करीना और रमेश वहाँ से भाग जाएँगे।

करीना ने प्लान तो अच्छा बनाया था, लेकिन करीना ने प्लान ‘बी’ नहीं बनाया था, क्योंकि अगर रमेश समय से पहले होश में नहीं आया तो, शकील और नौशक करीना की इज़्ज़त पूरी तरह से लूट लेंगे। और अपने प्लान के मुताबिक करीना एक्टिंग करते हुये, नौशक जो उसकी ब्लाउज के ऊपर से चुचियाँ मसल् रहा था उसको महसूस करके किसी पॉर्न स्टार की तरह सिसकारियाँ लेने लगती है- “अह्ह… ओह्ह… ओह्ह… हाँऽ ओह्ह… हाँऽ आह्ह… अम्म्म्म… अह्ह… ऊह्ह… आह्……”

एक हाई-फ़ाई औरत की ऐसी आवाजें सुनकर नौशक का जोश और बढ़ जाता है, और वो करीना के ब्लाउज के हुक एक-एक करके निकालने लगता है।

करीना की सिसकारियाँ, शकील जो की रमेश को बाँधने जा रहा था, उसे भी आकर्षित कर लेती हैं, और वो करीना के सामने अपने लण्ड को पैंट के ऊपर से मसलते हुये करीना के चूचे जो नौशक दबा रहा था, और साथ ही करीना के रेड ब्लाउज के हुक एक-एक करके निकाल रहा था उन पर किसी भूखे भेड़िए की तरह शकील देख रहा था।

तब शकील फ्लैश-बैक में जाता है, जब उसने उस हाई-फ़ाई औरत को नंगा करके खूब मसला था, और चुचियों से जी भरके दूध पिया था, ये सोच-सोचकर शकील अब पूरी तरह से गरम हो चुका था, और वो कब करीना के सामने पास जाकर खड़ा हो जाता है, उसे भी पता नहीं चलता।

तभी करीना के ब्लाउज का आख़िरी हुक भी नौशक निकाल देता है, और ब्लाउज को पूरी तरह से खोलकर, नौशक अपने हाथ से करीना के चूचे पकड़ता है, और बोलता है- “अबे माँ की आँख, साली के चूचे तो देख कितने बड़े-बड़े हैं, मेरे हाथ में तो पूरे चूचे आ ही नहीं रहे, इस साली की चुचियों में लगता है, बहुत दूध है, मजा आएगा आज तो…”

आज के दिन में नौशक चौथा मर्द है जो करीना के चुचों के साथ खेल रहा था। पहले से ही करीना के चूचे, चुसाई, दबाई और टॉर्चर सह चुके थे, पेन-किल्लर की वजह से अब दर्द तो नहीं हो रहा था, लेकिन करीना का अब बुरा हाल हो रहा था। वो मन ही मन बोलती है- “हे भगवान्… ओह्ह… उफ़फ्फ़… हे भगवान्… रमेश को जल्दी होश में लाओ, नहीं तो ये दोनों कमीने हद पार कर देंगे, अह्ह…”

तभी नौशक करीना की चुचियों को बेदर्दी से जोश में दबाता है।

इससे करीना दर्द से चीख उठती है- “हाय्यी री, अह्ह… मर गई रे…” नौशक ने करीना की चुचियाँ इतनी जोर से दबाई कि करीना के निप्पलों से दूध की बूंदे बाहर निकलने लगती हैं।

ये देखकर झट से शकील करीना के निप्पल जरा झुक के अपने मुँह मे लेता है, और चूसने लगता है। शकील की इस हरकत से करीना को दर्द और अलग तरह के सुख को महसूस कर रही थी।

शकील को ऐसे निप्पल को चूसता देखकर नौशक करीना के दोनों दूध के टैंकर बेदर्दी से दबाते हुये हँसते हुये बोलता है- “अबे कमीने, साला दूध निकालूँ मैं, और दूध पीयेगा तू, साला हरामी…”

नौशक की बातें सुनकर एक पल के लिये शकील अपने मुँह से करीना के मोटे निप्पल बाहर निकालता है और बोलता है- “बस क्या भाई…”

नौशक करीना के चूचे और जोर से दबाते हुये बोलता है- “चल ठीक है, लेकिन आधा दूध मुझे भी पीना है, तू सब दूध खतम मत करना…”

ये सुनते ही शकील जरा सा मुककुराता है, और फिर से बारी-बारी दोनों निप्पल चूसने लगता है। जब शकील एक निप्पल को पूरा मुँह मे लेता तो दूसरी चूची वो अपने दूसरे हाथ से दबा रहा था। इससे करीना मचल रही थी। करीना को अब सीधा रहना मुश्किल लग रहा था।

पीछे से नौशक तो आगे से शकील वार पर वार किए जा रहे थे। इस बीच नौशक करीना की चुचियाँ अपने हाथ की पकड़ से छोड़ देता है। करीना अब सिर्फ़ पूरी तरह आगे से खुले हुये ब्लाउज, जो नाम मात्र का करीना के गोरे बदन पर था, और रेड साड़ी, पेटीकोट में थी। नौशक करीना की साड़ी का पल्लू पकड़कर स्टेप बाइ स्टेप करीना की साड़ी धीरे-धीरे निकालने लगता है।

और भोली करीना रमेश के होश आने के भरोसे आँखें बंद करके उन भेड़ियों के हवस की शिकार हो रही थी। करीना को आहसास हो रहा था, कि अब उसकी साड़ी भी निकलने वाली है, तो वो शरम से अपने बाएँ हाथ से साड़ी पूरी तरह से बदन से अलाग होने से रोकती है।

ये देखकर शकील जो आगे से करीना की चुचियों से दूध पी रहा था, वो करीना के निप्पल को दाँत से काटता है, इससे करीना दर्द से चीखती है- “अह्ह… कमीने…” और करीना की साड़ी से पकड़ ढीली हो जाती है।

और इसी बीच नौशक करीना की साड़ी पूरी तरह से निकालकर कोने में फैंक देता है, साथ ही साथ करीना का ब्लाउज जो की आगे से पूरा खुला था, और सिर्फ़ बदन से लटक रहा था, तो वो ब्लाउज को नौशक पीछे से दोनों तरफ से पकड़कर करीना के कंधों से नीचे खिसका कर करीना के दोनों हाथों से निकालकर, जहाँ साड़ी फैंकी थी वही, नौशक ब्लाउज भी फैंक देता है।

 
अब 38” साइज के चुचियों वाली करीना कमर के ऊपर से पूरी नंगी थी और अब सिर्फ़ एक रेड पेटीकोट में, दो लो-क्लास चीप बूढ़ों के साथ जिनकी उमर 50 साल के ऊपर जा चुकी है, उनके साथ थी। एक खूबसूरत वो भी बोलीवुड स्टार 35 साल की औरत दो अधेड़ बदसूरत बूढ़ों के चुंगल में भला काम करने के चक्कर में फँसी थी।

करीना की साड़ी निकालने के बाद नौशक जरा सा पीछे हटता है और अपनी नीली पैंट और नीला शर्ट निकालने लगता है। उधर शकील करीना के चूचों को अपने दोनों हाथों से बेदर्दी से पकड़कर अपने मुँह में निप्पल लेकर बारी-बारी चूस रहा था। करीना के निपल्स को शकील अपने दाँतों में पकड़ता और किसी रबर की तरह अपनी तरफ खींच रहा था।

इससे करीना का दर्द से बुरा हाल हो रहा था, जो भी अब तक इन लो क्लास लोगों ने अपनी हवस के जोश में करीना के साथ किया, इससे करीना की चूत भी अब गीली हो चुकी थी।

तभी मन भरके चाटने और चूसने के बाद शकील करीना के निप्पलों को अपने मुँह से निकालता है, और सीधा खड़ा होकर उसने जो चूचोंका चूस-चूस के बुरा हाल किया था, उसे देखकर उसकी भी चीख निकलने वाली थी।

उधर करीना गुस्से अपमान, और दर्द से रो रही थी, उसकी आँखें पानी से भर जाती हैं, क्योंकि एक दिन में उसके बदन ने बहुत टॉर्चर सह लिया था।

शकील करीना के चूचे और करीना के आँखों से टपकते दर्द भरे आँसू देखकर बोलता है- “अबे साली, क्या मस्त दूध छोड़ती है तू अपनी चुचियों से। वाह… आज तो दिन बन गया मेरा…”

करीना को सामने खड़े शकील की आँखों में देखने में भी अब शरम लग रही थी। करीना शकील के सामने नजर झुकाए एक मजबूर लाचार औरत की तरह खड़ी थी।

एक औरत को ऐसी सिचुयेशन में देखकर शकील का लण्ड भी अब पूरी तरह गरम हो चुका था। और पीछे नौशक भी अब पूरी तरह अपने कपड़े निकालकर नंगा हो चुका था, उसके सीने पर बहुत सारे सफेद बाल, और काले बदसूरत मोटे तगड़े शरीर के ऊपर जगह-जगह, पपींपल्स और कुछ जख्म के दाग थे, जिससे नौशक का बदसूरत शरीर किसी राक्षस की तरह लग रहा था।

नौशक एक मजबूर खूबसूरत औरत को अपने सामने पेटीकोट और नाम मात्र के खुले हुये कंधे के सहारे लटके हुये ब्लाउज को देखकर अब उसका काला डंडा पूरे उफान पर पहुँच जाता है। पूरा 12 इंच का मोटा काला बदसूरत लण्ड एक मजबूर औरत के मजे लेने के लिये भिन्ना रहा था।

और उधर करीना अपनी आँखें बंद करके भगवान का नाम ले रही थी, उससे पता नहीं था कि पीछे काला सुवर उसी की तरफ बढ़ रहा है। शकील भी करीना से दूर होकर अपने कपड़े निकालने में लगा था। अपने बदन से कोई छेड़छाड़ ना होते देखकर एक पल के लिये करीना राहत की साँस लेती है। लेकिन तभी पीछे से नौशक पेटीकोट और खुले हुये ब्लाउज में खड़ी करीना की मोटी गोरी गाण्ड को पेटीकोट के ऊपर से अपने दोनों हाथों से दबा रहा था।

अचानक से हुये नौशक के हमले से करीना चौंक जाती है- “आह्ह… ओह्ह… छोड़…”

नौशक करीना की गाण्ड दबाते हुये मसलते हुये बोलता है- “क्या लचीली गाण्ड है तेरी, ओह्ह… आज तो तेरी गाण्ड मारने में भी बहुत मजा आएगा…” ऐसा बोलते हुये वो करीना की कमर को दोनों तरफ से पकड़कर अपनी तरफ खींचता है, और करीना पीछे से नौशक की बाहों में आ जाती है।

करीना अब सॉफ महसूस कर सकती थी कि नौशक अब पूरा नंगा है, क्योंकि उसका काला मोटा लण्ड करीना की गाण्ड के बीच में पेटीकोट के ऊपर से दब रहा था। इस टकराव से करीना डर जाती है, और अपनी आँखें खोलकर नौशक के चुंगल से छूटने के लिये जोर लगाने वाली ही थी कि सामने आँखें खोलते ही, शकील जो की पूरा नंगा था, वो अपने लण्ड को मसलते हुये खड़ा था, और करीना की तरफ देख हँस रहा था।

करीना और शकील की आँखें एक दूसरे को टकराती हैं, तब करीना शरम से नीचे देखने लगती है। तभी करीना की नजर शकील के 10” इंच के काले बदसूरत लण्ड पर जाती है जिसके चारों तरफ सफेद रंग की झाटे सॉफ -सॉफ दीख रही थीं, जिससे काला बदसूरत लण्ड और भी ज़्यादा बदसूरत लग रहा था।

दूसरी तरफ नौशक करीना को पीछे से कसकर गले लगाकर, अपने लण्ड को करीना के पेटीकोट के ऊपर से गाण्ड की फांकों के बीच में मसल रहा था। करीना नौशक के लण्ड की गमी सॉफ महसूस कर सकती थी। तभी नौशक अपना मुँह करीना के कान के पास लाता है, और अपनी खुरदरी जीभ से चाटने लगता है।

सामने चल रहे उत्तेजक दृश्य को देखकर शकील अपने लण्ड को हिलाते हुये बोलता है- “अबे नौशक अब क्या तू चूमा-चाटी करेगा या आगे बढ़ेगा भी? हाहहा…”

शकील की बात को सुनकर नौशक भी हँसने लगता है, और नौशक करीना के बाल पकड़कर नीचे घुटनों के बल बैठा देता है, और घूमकर करीना के मुँह के सामने आ जाता है।

जब करीना एक बूढ़े का काला गंदा मोटा 12” इंच का लण्ड देखते है तो वो डर जाती है, और आँखें बंद करके करीना बोलती है- “दूर हटाओ इसे मुझसे, मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ…”

तभी नौशक करीना के बाल पकड़ता है और बोलता है- “अगर तूने अच्छे से मेरे लण्ड की खातिरदारी नहीं की तो मैं तुम्हारा नकाब निकालकर सारी ट्रेन की बोगियों में तुम्हें नंगा घुमाऊँगा, समझी रंडी?”

करीना ये सुनकर डर जाती है और नौशक की तरफ ऊपर की ओर देखती है और बोलती है- “ये बहुत बड़ा और गंदा है, मुझसे नहीं होगा…”

ये बात सुनकर नौशक गुस्से से करीना की आँखों में देखता है, और ऐसे नौशक का घूरना करीना को डरा देता है, और वो ना चाहते हुये भी अपना नकाब जरा सा ऊपर करती है। और तभी नौशक, जिसने करीना के बाल पकड़ रखे थे, वो करीना के चेहरे को अपने लण्ड के और नज़दीक लाता है, इतना नज़दीक कि अब तो करीना के होंठ नौशक के लण्ड से रगड़ रह थे।

करीना को नौशक के लण्ड से एक गंदी सी पेशाब की आती गंध उबकाई ला रही थी, लेकिन जैसे तैसे करीना अपने आपको संभालती है।

नौशक अंजाने में एक बोलीवुड सुपरस्टार एक्ट्रेस के गुलाबी होठों पर अपना लण्ड रगड़ रहा था, करीना की लगाई हुई पिंक लिपीसटिक नौशक के 12” इंच के काले लण्ड की टोपी पर छप्प जाती है। एक खूबसूरत औरत के होठों पर लण्ड घिसने का मजा नौशक पूरी तरह से लूट रहा था। दो मिनट तक नौशक करीना के होठों पर अपना लण्ड घिसता रहा। तभी नौशक लण्ड घिसना बंद करके करीना को बोलता है- “अबे रंडी, चल अब मेरे लण्ड को अपनी जुबान से सॉफ कर, और मुझे इस बात पर ना सुनना पसंद नहीं समझी, अब ज़्यादा नखरे मत कर…”

करीना अब समझ चुकी थी कि अब अगर उसे इस परिस्थिति से निकलना है, तो रमेश के होश आने तक उसे इन्हें बिजी रखना होगा। फिर करीना ‘एववव’ बोलते हुये मजबूरी में अपनी लाल जुबान अपने मुँह से बाहर निकालती है और अपनी आँखें बंद करके किसी अच्छी चीज की कल्पना करके वो नौशक के लण्ड को अपनी जुबान से चाटने लगती है।

इससे नौशक सातवें आसमान पर पहुँच जाता है। नौशक करीना की जुबान से अपने लण्ड की चटाई का मजा लेते हुये बोलता है- “अबे रंडी, मस्त है तेरी जुबान, अह्ह… ऐसे ही अच्छे से चाट मेरे लण्ड को, अह्ह…”

इधर करीना अपनी आँखें बंद करके सैफ के लण्ड की कल्पना करके नौशक का बदसूरत काला लण्ड जिसके आजू-बाजू सफेद झाटें थीं, उसे किसी आइसक्रीम की तरह चाट रही थी। और ऐसे ही करीना 4 मिनट तक नौशक का लण्ड चाटती रह जाती है। तभी नौशक ने जो करीना के बाल पकड़ रखे थे उनको और कसके पकड़ता है, और अपने लण्ड को जबर्जस्ती करीना के मुँह में डालता है।

नौशक का लण्ड इतना बड़ा था कि करीना का मुँह आलमोस्ट पूरा फैला हुआ था। जैसे ही करीना के मुँह में लण्ड गया वैसे ही करीना की आँखें खुल जाती हैं, और वो नौशक की पकड़ से छूटने की कोशिश करती है। लेकिन नौशक की पकड़ से करीना निकल नहीं पाती।

 
दूसरी तरफ शकील अपने आगे चल रहा सारा नजरा अपने लण्ड को मसलते हुये देख रहा था, और वहाँ नौशक करीना के मुँह में अंदर-बाहर झटके मारना शुरू करता है। इस दिन में दूसरी बार करीना किसी सड़क छाप आदमी का लण्ड अपने मुँह में ले चुकी थी। वो भी 12” इंच का जिससे आधा सैफ का है।

नौशक का आधा लण्ड ही करीना के मुँह में अंदर-बाहर हो रहा था कि तभी नौशक एक जोरदार झटके में करीना के मुँह में अपना पूरा लण्ड घुसेड देता है, और नौशक का लण्ड करीना के गले में पहुँच जाता है, जिसके कारण करीना का साँस लेना भी अब मुश्किल हो चुका था।

गल्प-गल्प, गल्प-घाल्प, गल्प0ओल्प की आवाजें कोच में गूँज रही थीं, नौशक किसी सड़क छाप रंडी से भी बितर सलूक करीना के साथ कर रहा था। किसी रंडी की चूत की ठुकाई की तरह करीना के मुँह को ठोंक रहा था, करीना का नाजुक मुँह नौशक का जुल्म जैसे तैसे सह रहा था।

शकील नौशक का हौसला पीछ से बढ़ा रहा था- “ऐसे ही भाई, ऐसे ही ठोंक साली रंडी के मुँह को…”

ऐसी मुँह की चल रही ठुकाई से करीना के मुँह से झाग बहे रहा था, और वो झाग करीना के सीने पर फैल चुका था।

नौशक को आहसास होता है कि वो झड़ने वाला है। लेकिन उससे अभी झड़ना नहीं था, उसे तो सीधा करीना की चूत में झड़ना था इसलिये झड़ने से पहले ही नौशक करीना के मुँह से अपना लण्ड बाहर निकालता है, और करीना के बाल पकड़कर उसे घोड़ी बना देता है, और करीना की गोरी गाण्ड के पीछे खड़ा हो जाता है, अपने सामने एक खूबसूरत औरत की मस्त लचीली मोटी गाण्ड जो सिर्फ़ एक पेटीकोट से ढकी थी, उसे देखकर वो मन ही मन- “क्या माल है यार। मैं अपने जिंदगी में भी नहीं सोच सकता की ऐसा मस्त माल मुझे भी कभी चोदने को मिल सकता हे…” ऐसा सोचते हुये नौशक नीचे घुटनों के बल बैठकर करीना की गाण्ड के ऊपर जोरदार तमाचा जड़ देता है।

करीना- “अह्ह…”

नौशक अपने दोनों हाथों से करीना के पेटीकोट का नाड़ा खोल देता है और पेटीकोट को नीचे सरका देता है, अब नौशक के सामने एक खूबसूरत औरत की गाण्ड पूरी नंगी थी।

और उधर करीना अपनी आँखें बंद करके रमेश के होश में आने की दुआ भगवान से कर रही थी कि तभी उससे अहसास होता है कि पीछे नौशक उसकी गाण्ड की फांकों को अपने दोनों हाथों से फैला रहा है। पहले ही करीना की चूत उंगलियाँ घुसाने से अच्छे से गीली हो चुकी थी, इसलिये नौशक अपने लण्ड की टोपी करीना की लाल गुलाबी चूत के मुहाने पर लगा देता है। सैफ ने तो करीना के चूत के छेद को 1½ इंच तक ही खोला था, लेकिन अब इस वक़्त करीना की चूत दो राक्षसों के हाथ लगी थी, जिनके लण्ड 10” इंच से भी ऊपर और दो इंच से भी ज़्यादा मोटे थे। मतलब करीना की तकदीर में उसकी चूत का फटना तो लिखा ही है।

करीना- “नहींईई, नोऊऊ…”

करीना की बात अनसुना करके नौशक अपने लण्ड की टोपी को करीना की चूत में घुसाने के लिये जोर डालना शुरू करता है। नौशक करीना की चूत की दीवार पर जोर डालते हुये- “अबे रंडी, तेरा पति तुझे ठोंकता नहीं है, या तेरे पति का लण्ड बच्चों जैसा है? अह्ह… अज्ज तो तेरी ये टाइट चूत मेरे मोटे लण्ड से फटने वाली है, हाँ…” कहकर नौशक अपना जोर बढ़ाते जाता है, और झट से नौशक के लण्ड की टोपी करीना की गुलाबी चूत में घुस जाती है।

करीना दर्द से कराह उठती है- “ओह्ह… हे भगवान्… अह्ह… ओफ्ििू… अह्ह…”

करीना की चीखें निकलती देखकर शकील सीधा अपना लण्ड करीना के नज़दीक लेजाकर नकाब जरा सा ऊपर करके, लण्ड को सीधा करीना के मुँह में डाल देता है।

अब करीना की चीखें बंद थीं, क्योंकि अब उसके मुँह को 10 इंच का काला घिनौना शकील का लण्ड ठोंक रहा था। अब तो करीना की आँखों से आँसू बहे रह थे, करीना का काजल आसुओँ से बह रहा था, और आँखों के आजू-बाजू फैल चुका था।

और उधर नौशक करीना की 1½ इंच की चूत के छेद को चीर चुका था। नौशक का आधा लण्ड एक जोरदार झटके से करीना की चूत के अंदर घुस चुका था, और अब नौशक करीना की चूत को आधे तक चोद रहा था, फॅक-फक-फ़च, फॅक-फक-फ़च , फॅक-फक-फ़च

उधर आगे से करीना के मुँह में शकील अपना पूरा लण्ड करीना के गले तक अंदर-बाहर कर रहा था, गल्प-गल्प, गल्प - गल्प, गुलपगल्पगुल्प गुलपगल्प।

नीचे लटकते करीना के 36डी साइज के दोनों दूध से भरे तरबूज हर झटके से आगे पीछे झूल्ल रह थे।

नौशक के झटके अब वहशी होते जा रह थे, अब वो जैसे किसी सड़क छाप रंडी को चोदता है वैसे ही करीना की चूत ठोंक रहा था। और तभी उसने ऐसा झटका मारा कि 12” इंच का पूरा लण्ड करीना की चूत के अंदर करीना की बच्चेदानी को चूम रहा था।

लेकिन तब भी करीना की चीख नहीं निकली, क्योंकि शकील करीना के बाल पकड़कर उसके मुँह में अपना लण्ड अंदर-बाहर किसी राक्षस की तरह कर रहा था। रूम का माहौल अब पूरी तरह से बदल चुका था। नौशक की काली जांघें करीना की मोटी 35” की गाण्ड की फांकों पर बार-बार चूत ठोंकते हुये टकराकर आवाजें निकाल रही थी, ठप-ठप, ठप-ठप, ठप-ठप-ठप।

अब नौशक करीना की चूत को पूरी तरह से बेरहमी से चोद रहा था, नौशक का पूरा लण्ड करीना की चूत में अंदर-बाहर हो रहा था, इसका मतलब था कि अब करीना की चूत नौशक के लण्ड से, मतलब एक लो-क्लास आदमी के लण्ड से दो इंच तक फट चुकी थी। इसलिए करीना की चूत से खून की बूँदें नीचे टपक रही थीं।

लेकिन नौशक को करीना की कोई फिकर नहीं थी, उसको तो अपनी हवस भगानी थी, और वो अपनी हवस करीना की चूत को बेरहमी से ठोंकते हुये भगा रहा था- ठप-ठप, ठप-ठप, ठप-ठप-ठप।

तभी नौशक झड़ने से पहले अपने 12” इंच के लण्ड को चूत से बाहर निकालता है, और शकील को बाजू हटने के लिये कहता है, और जैसे ही शकील ना चाहते हुये अपना लण्ड करीना के मुँह से निकालके बाजू हटता है, वैसे ही करीना के मुँह से शकील का लण्ड बाहर निकलता है।

 
तब बेबो की साँस में साँस आती है, और वो दर्द से आहें भरने लगती है- “अींह्ह कमीने अह्ह…”

और तभी नौशक करीना के बाल पकड़कर उसे खड़ा करता है, फिर करीना का घुटनों पे अटका पेटीकोट सरकके जमीन पर गिर जाता है। तभी करीना को बाल पकड़कर उसे बेड के नज़दीक ले जाता है, फिर करीना को धक्का देकर पीठ के बल सुला देता है। और झट से करीना के दोनों पैर जांघें अपने दोनों हाथों से पकड़कर फैला देता है। अब करीना की चूत पूरी तरह से नौशक के सामने थी।

नौशक देख रहा था कि उसने उस चूत का ठोंक-ठोंक के क्या हाल किया था। फिर वो करीना की आँखों में देखता है, और हँसते हुये बोलता है- “हाँ…हाहाहा… देखा साली, इससे कहते चोदना, समझी? अब तू लग रही है, सड़क छाप रन्डी…” ऐसा बोलते हुये नौशक करीना की जांघों को अपने दोनों हाथों से पूरी तरह फैलाकर आगे की ओर करता है, जिससे करीना के कूल्हे ऊपर उठ जाते हैं, और नौशक एक हाथ से बेड पर रखा तकिया करीना के कूल्हों के नीचे रख देता है और उन्हें सहारा देता है।

अब करीना की चूत पूरी तरह से नौशक के सामने खुली थी। करीना जिस पोजीशन में थी उस वजह से नौशक करीना की नजरों के सामने था। इसलिए करीना ने अपनी आँखें शरम और अपमान से बंद कर ली थी।

और उसी समय नौशक करीना की जांघों को आगे की तरफ फैलाकर अपना लण्ड करीना की चूत में डालकर ठोंकना चालू कर देता है। और पीछे शकील ये सारा नजारा देख-देखकर आहें भरकर अपना लण्ड हिला रहा होता है।

बोलीवुड की हसीना को नौशक किसी सड़क छाप रंडी की तरह ठोंक रहा था, अब नौशक के हर झटके से करीना की चूत के परखच्चे उड़ रहे थे।

करीना दर्द से चीख रही थी- “आअह्ह… मेरीईई आह्ह… आह्ह… अह्ह… अह्ह…” खच-खच खच-खच िूच- फुच-फ़च - फुच-फ़च चुदाई की संगीत मय आवाजें कोच में गूँज रही थी।

20 मिनट लगातार नौशक करीना को उसी पोजीशन में ठोंके जा रहा था, और कमीना झड़ने का नाम भी नहीं ले रहा था, और नौशक के झटके पहले से ज़्यादा विभत्स होते जा रहे थे। अब तो नौशक अपने क्लाइमेक्स में भी आ चुका था।

नौशक- “आअह्ह… आह्ह… साली रंडी, ये ले कमीनी… अह्ह… अह्ह…”

करीना समझ जाती है कि नौशक अंदर झड़ने वाला है, इसलिये वो चिल्लाते हुये बोलती है- “अंदर नहींईई… अह्ह… अह्ह…” करीना नौशक की पकड़ से छूटने की कोशिश करती है।

लेकिन नौशक ने तो करीना की जांघें अपने दोनों हाथों से पकड़ रखी थी इस कारण करीना हिल भी नहीं पा रही थी। उस वक़्त करीना अपनी आँखें खोलकर, नौशक को गुस्से से घूरने लगी, और नौशक भी उसकी आँखों में हवस भरी नजरों से देख-देख कर अपना लण्ड पूरे जोर से करीना की चूत में अंदर-बाहर कर रहा था, खच-खच खच-खच फॅक फच - फॅक फच फॅक फच ।

10-12 जोरदार झटकों के बाद नौशक के लण्ड से गरम-गरम रस्स की पिचकारी करीना की चूत से सीधा पेट में चली गई, और उसी वक़्त करीना दूसरी बार झड़ जाती है। जब तक नौशक अपना सारा रस्स करीना की चूत के अंदर नहीं डाल देता तब तक करीना की गोरी जांघें पूरी तरह से आगे की ओर, मतलब करीना के सिर को उसी के पैर की उंगलियाँ छू रही थीं, वो बेचारी पूरी मुड़ चुकी थी, 3 मिनट तक वैसे ही आगे की ओर फैलाकर करीना की जांघें पकड़े हुये रहता है, और सारा रस्स करीना की चूत में डालकर वो करीना के ऊपर धड़ाम से गिर जाता है, और करीना के गोरे मलाईदार बदन से लिपट जाता है।

अब इससे घिनौना और क्या हो सकता है, कि एक घिनौना लो-क्लास बदसूरत बूढ़ा, बेचारी हाई क्लास करीना के साथ बुरी तरह से ठुकाई का मजा लेकर करीना के गोरे बदन से चिपक कर लेटा हुआ था, और नौशक के काले घिनौने बदन के नीचे दबी हुई करीना जैसे तैसे हाँफ्ते हुये साँसे ले रही थी, और अपनी फूटी किस्मत को कोष रही थी, 4 मिनट तक वैसे ही लेटे हुये रहने के बाद नौशक करीना के बदन से हटकर साइड में लेट जाता है।

और करीना एक पल के लिये राहत की साँसें लेती है।

नौशक को करीना के बदन से हटकर साइड में लेटते हुये देखकर कमीने शकील को समझ में आ जाता है कि अब उस रंडी को ठोंकने की बारी उसकी है।

बेचारी करीना रमेश के भरोसे थी, कि कब वो होश में आए और उसे बचाए। लेकिन उससे क्या पता था, कि रमेश तो कब का होश में आ चुका था, लेकिन वो तो आगे चल रही चुदाई को शुरुआत से ही अपने लण्ड को मसलते-मसलते छुप-छुप के देख रहा था।

उधर दूसरी तरफ करीना जो की राहत की साँसे ले रही थी, उसकी नजर सामने बेड के पास खड़े नंगे बदसूरत शकील के ऊपर जाती है, जो की काली सफेद झाटों से ढका हुआ 10 इंच का काला लण्ड अपने एक हाथ से मसल रहा था, और करीना के नंगे गोरे बदन को ऊपर से नीचे तक किसी भूखे भेड़िए की तरह देख रहा था। करीना अब शकील के इरादे भाँप चुकी थी, वो बेड से उठने ही वाली थी कि शकील बेड पर चढ़ जाता है, करीना के कंधे पे धक्का देकर बेड पर फिर से लेटा देता है।

तभी करीना विरोध करने लगती है और गुस्से और दर्द भरी आवाज में बोलती है- “जाने दो हमें, मैं और नहीं सह सकती जाने दो…” करीना अपनी पूरे लाइफ में कभी भी एक चुदाई के बाद तुरंत दूसरी बार नहीं चुदी थी, वो तो सैफ का 5” इंच का लण्ड ही लेती और उसमें ही मजे लेती थी।

शकील करीना की बातों को अनसुना करके पीठ के बल लेटी हुई करीना के बदन पर चढ़ जाता है, और करीना की 36डी साइज की चुचियों पर 4-5 थप्पड़ अपने दोनों हाथों से बरसाता है।

शकील की इस हरकत से करीना की चीखें निकलती हैं- “अह्ह… कुत्ते, अह्ह… आआअ…”

शकील करीना की चुचियों को थप्पड़ मार-मार के करीना की चुचियाँ पूरा लाल टमाटर की तरह कर देता है, करीना दर्द से कराह रही थी। तभी शकील करीना की चुचियों को थप्पड़ मारना बंद कर देता है, और दोनों हाथों से करीना की चुचियाँ अपने पंजे में पूरे जोर से दबा लेता है, इतने जोर से कि एक पल के लिये ऐसा लग रहा था कि अभी करीना की चुचियाँ किसी बेलून की तरह फट जाएँगी। शकील की इस बेरहमी से करीना का हाल बेहाल था।

तभी नौशक की चीख निकलती है- “मेरी आँखें, अबे हरामी, मेरी आँखें जल रही हैं आह्ह…”

नौशक की चीखें सुनते ही शकील अपने हाथ के पंजों से करीना की चुचियाँ छोड़ देता है, और नौशक की ओर देखता है, और जब वो साइड में देखता है, तो उस बेड पर जहाँ नौशक अपनी आँखें पकड़कर लेटा था, उसी के बाजू में रमेश एक हाथ में पेपर स्प्रे तो दूसरे हाथ में चमड़े का बेल्ट पकड़कर खड़ा था, और रमेश अपना दूसरा वार शकील पर करने ही वाला था कि शकील रमेश को मारने के लिये बेड से उछलकार रमेश की तरफ झपटने की कोशिश करता है।

लेकिन तभी रमेश अपने दूसरे हाथ में पकड़े बेल्ट के लोखंडी सिरे से शकील के सिर पर पीटना चालू करता है, और शकील 2-3 फटकों से वैसे ही नन्गा बेहोश होकर फर्श पर गिर जाता है, और फिर रमेश करीना की आँखों में देखता है, तो उसे करीना की आँखों में डर सॉफ दीख रहा था।

बेड पर करीना के साइड में अपनी पेपर स्प्रे से जल रही आँखों की वजह से नौशक पानी बिन मछली की तरह तड़प रहा था

तभी करीना की नजर दर्द से तड़प रहे नौशक की ओर जाती है, और एक पल के लिये करीना के मुँह पर हँसी आ जाती है, लेकिन दूसरे ही पल उसे ये अहसास होता है कि नौशक ने उसकी इज्जत तार-तार कर दिया है, एक पराए मर्द ने उसके साथ संभोग किया है, ये सोच-सोचकर करीना दुखी हो जाती है। लेकिन रमेश के होश में आने से शकील के टॉर्चर से करीना बच गई थी, इसका भी करीना शुकर मना रही थी।

शकील के फर्श पर गिरते ही करीना जो की बेडपर नंगी लेटी हुई थी, वो अपने नंगे बदन को ढकने के लिये बाजू में बेड पर रखी चादर से अपना बदन ढक लेटी है।

तभी रमेश की नजर जो करीना पर थी, वो पेपर स्प्रे से जल रही आँखों से रिकवर होते नौशक पर जाती है, और नौशक को शकील की तरह बेहोश करने के लिये रमेश नौशक के भी सिर पर बेल्ट के लोखडी सिरे से वार करता है, और 5-6 फटकों से नौशक भी वही बेड पर रमेश को गालियाँ, धमकिया देते हुये बेहोश हो जाता है।

दूसरी तरफ करीना शरम से लाल अपने बदन को चादर से ढके हुये बेड पर बैठकर अपनी आँसुओं से भीगी हुई आँखें पोंछ रही थी, उसे इस हालत में रमेश को थैंक-यू बोलने में भी शरम आ रही थी।

लेकिन रमेश हिम्मत करके बोलता है- “मेडमजी…”

करीना कोई जवाब नहीं देती।

रमेश दूसरी बार करीना को आवाज लगता है- “मेडमजी, मैंने इन कुत्तों को बेहोश कर दिया है, अब आपको कोई तकलीफ़ नहीं होगी…”

इस बार करीना रमेश की ओर देखती है फिर रमेश के हाथ में पकड़े हुये बेल्ट की तरफ देखती है, और धीरे से बोलती है- “वो, जो तुम्हारे हाथ में है ना, वो बेल्ट मुझे दे…”

रमेश चुपचाप करीना के हाथ में वो बेल्ट दे देता है। हाथ में बेल्ट आते ही करीना बदले की आग में जल उठती है, और अपनी चादर हटाकर बेड पर बेहोश लेटे नौशक के काले बदसूरत बदन पर एक के बाद एक बेल्ट के वार करती है, मारते-मारते करीना नौशक को गालियाँ भी दे रही थी- “साले कमीने, तूने मुझसे ऐसा किया ही कैसे कमीने?”

 
करीना बेहोश नौशक को इतने देर तक मारती रहती है कि जब तक की वो थक नहीं जाती। पूरे 60-70 बेल्ट के वार करीना नौशक के ऊपर करती है, और रमेश की ओर देखकर बोलती है- “थैंक यू रमेश, नहीं तो पता नहीं कि ये हरामजादे मेरे साथ और क्या-क्या कर डालते?”

रमेश एक सुंदर औरत का ऐसा चन्डी रूप देखकर पहले तो चकित था, लेकिन बीच में जब एक प्यारी सी कोमल आवाज आती है तब, वो होश में आता है और बोलता है- “हाँ… जी मेडमजी, ये तो मेरा फर्ज़ था, आपने मुझे बचाने के लिये इतना जोखिम उठाया तो ये तो मामूली बात है…”

फिर करीना बेड से उतरकर खड़ी होने की कोशिश करती है, लेकिन परखच्चे उड़ी चूत से होता दर्द करीना को ठीक से खड़ा भी नहीं होने दे रहा था। ये देखकर रमेश करीना को सहारा देने आगे आता है, और करीना की गोरी कमर को अपने एक हाथ से पकड़ लेता है, करीना को सहारा देता है, और बोलता है- “मेडमजी, आप यहीं बेड पर थोड़ी देर बैठिए, आपको जो चाहिए मैं देता हूँ।, ये दोनों कमीने 20 मिनट तक तो ऐसे ही बेहोश रहेंगे…”

करीना बेड पर बैठकर रमेश को कहती है- “जरा वो कोने में पर्स है, वो मेरे पास देना जरा, और पानी की बोतल भी देना…” रमेश का ऐसे उसे हेल्प करना करीना को पसंद आता है, इस कारण रमेश के सामने नंगी होकर भी करीना कंफर्टेबल महसूसस कर रही थी।

करीना की बात सुनते ही रमेश करीना का पर्स और साथ में पानी की बोतल लाकर दे देता है।

बोतल साइड में बेड पर रखकर पर्स खोलते हुये रमेश को करीना बोलती है- “थैंक यू रमेश…”

तभी रमेश का ध्यान करीना की शकील और नौशक की बेरहमी से लाल टमाटर की तरह हो गई चुचियों पर जाता है, और रमेश का लण्ड पूरा खड़ा हो जाता है, जिस वजह से रमेश की हाफ़-पैंट पर उभार बन गया था, जो सॉफ -सॉफ दिख रहा था।

उधर करीना पेन किल्लर की गोलियाँ पानी के साथ निगलती है, तब उसकी नजर रमेश की पैंट पर जाती है। करीना को समझ में आ जाता है कि रमेश का लण्ड खड़ा हो चुका है, लेकिन करीना उस चीज को इग्नोर करती है, क्योंकि उसे पता था, कि उस जैसी औरत को ऐसे नंगी देखकर किसी भी मर्द का लण्ड खड़ा हो सकता है। पेन किल्लर की गोलियाँ खाने के कुछ मिनट बाद ही करीना का पेन पूरी तरह बंद हो जाता है, और वो बेड से खड़ी हो जाती है। अब करीना को जरा भी पेन महसूस नहीं हो रहा था

फिर करीना अपनी इधर-उधर गिरी हुई साड़ी, पेटीकोट को देखती है, और मन ही मन बोलती है- “जो आज मेरे साथ हुआ, वो मैं कभी नहीं भूल सकती। अब अगर मैं ये गंदे हो चुके कपड़े पहनकर बाहर जाऊँ तो लोगों को कुछ ऐसा वैसा शक हो सकता है। मेरे सारे अच्छे कपड़े तो वहाँ मेरे कोच में ही है, मैं तो नहीं ला सकती, लेकिन?”

तभी करीना के दिमाग में ट्यूब जलती है और वो रमेश को देखकर बोलती है- “रमेश, मेरा एक काम करोगे?”

रमेश हड़बड़ाते हुये बोलता है- “हाँ जी, बोलिये…”

करीना- “क्या तुम मेरे कोच से मेरी पर्सनल बैग लाओगे?”

रमेश- “हाँ क्यों नहीं? लेकिन आपके बैग का क्या रंग है?”

करीना- “लाल रंग की है…”

रमेश- “ठीक है, अभी जाता हूँ, अप तब तक जल्दी से फ्रेश हो जाइए…” ऐसा बोलकर रमेश कोच से बाहर करीना के कोच की ओर जाता है।

जैसे ही रमेश कोच से बाहर जाता है, करीना टी॰टी॰ कोच का दरवाजा बंद करके फ्रेश होने के लिये बाथरूम में चली जाती है।

वहाँ रमेश करीना के कोच के पास पहुँच जाता है, दिन के 3:30 बज गए हैं, जब रमेश कोच के अंदर चला जाता है, तब वहाँ सिर्फ़ समीर ही था, जो की सोया हुआ था, और गागा, संदेश, अब्दुल कोच से बाहर ट्रेन के एग्जिट डोर पर सिगरेट फूँक रहे थे।

रमेश जैसे ही कोच के अंदर जाता है, और यहाँ वहाँ करीना का रेड बैग ढूँढने में लग जाता है, तभी उसकी नजर बेंच के नीचे जाती है, और एक रेड बैग रमेश को नजर आती है, और वो बैग बेंच के नीचे से निकालता है, और रेड बैग हाथ में पकड़कर मन ही मन बोलता है- “चलो आख़िर मिल ही गई उस रंडी की बैग…” और रमेश कोच से बाहर निकलते हुये, टी॰टी॰ कोच की तरफ करीना को बैग देने के लिये बढ़ता है।

और दूसरी तरफ गागा, संदेश और अब्दुल सिगरेट फूँकते हुये, मजाक मस्ती कर रहे थे। अब्दुल गागा की खिल्ली उड़ाते हुये बोलता है- “लंगूर को मिला अगूर, साला हमारा ही लक नहीं जो ऐसी मस्त आइटम हमें भी कभी मिले…”

गागा हँसते हुये बोलता है- “अबे साले, इसके लिये सालों की तपस्या लगती है, तब जाकर ऐसा माल मिलता है…”

तभी संदेश बोलता है- “अरे कमीने उस औरत का, याने तेरी उस रिश्तेदार का नाम क्या है?”

अब्दुल- “हाँ हाँ, बता साले नाम क्या है उसका? और उसका बदन तो माशाल्लाह बड़ा ही खूबसूरत है, लेकिन हर वक्त ढका हुआ चेहरा भी उतना ही खूबसूरत है क्या?”

गागा- “अबे कमीनों, उसका नाम सोनिया है… और वो दिखने में परी जैसी है…” गागा करीना की असली पहचान छुपाना चाहता है, इसलिए गागा संदेश और अब्दुल से झूठ बोलता है, कि करीना का नाम सोनिया है। ऐसे ही वो तीनों गासिप करते रहे।

उधर रमेश करीना का पर्सनल बैग लेकर टी॰टी॰ कोच में पहुँच जाता है… और टी॰टी॰ कोच के बंद दरवाजे पर ठक-ठक करता है।

बाथरूम में नहा रही करीना दरवाजे पर से आती आवाज सुन लेती है, शावर बंद करके करीना बाथरूम में रखे हुये तौलिया से अपना गोरा बदन पोंछते हुये मन ही मन बोलती है- “लगता है, रमेश बैग लेकर आ गया, अब मुझे अपना नकाब फिर से पहन लेना चाहिए…”

करीना वो लाल नकाब फिर से पहन लेती है, और बाथरूम का दरवाजा खोलकर कोच के दरवाजे की तरफ बढ़ती है, जो उसने अंदर से लाक किया था। करीना अपने गोरे बदन पर तौलिया लपेट लेती है, और कुछ सेकेंड में करीना चलकर कोच के एग्जिट डोर के नज़दीक पहुँच जाती है, और कोच का दरवाजा जरा सा खोलती है, क्योंकि बाहर लोगों की चहल-पहल चल रही थी।

करीना रमेश के हाथ में अपना पर्सनल बैग देखती है और बोलती है- “थैंक यू सो मच रमेश, वो बैग दो जल्दी, वो दोनों बूढ़ों को होश ना आए…”

रमेश करीना के हाथ में बैग थमा देता है।

करीना लेते हुये बोलती है- “रमेश जरा तुम बाहर ही रहना, मुझे कपड़े बदलने हैं…”

रमेश हँसते हुये बोलता है- “ठीक है, जैसी आपकी मर्ज़ी

और करीना कोच का दरवाजा बंद कर लेती है।

रमेश करीना की बात सुनकर मन ही मन बोलता है- “साली को पूरा नंगा देखा है, फिर भी मेरे सामने कपड़े पहनने में शरमा रही है…”“

 
उधर टी॰टी॰ कोच में करीना बैग खोलकर, पहनने के लिये साड़ी को ढूँढने में लग जाती है, कि तभी करीना को एहसास होता है, कि उसने बैग को पैक करते समय कोई एक्स्ट्रा साड़ी ली ही नहीं थी, सब मॉर्डन ड्रेसेस जो काफ़ी सेक्सी थी, और सिरोंन में आइटम डान्स करने के लिये कुछ कपड़े थे, जो वो पहन नहीं सकती, इसलिये ना चाहते हुये भी करीना टाइट ब्लैक जीन्स और टी-शर्ट पहनने के लिये निकालती है, और काले रंग की पैंटी और ब्रा भी निकालती है।

फिर करीना अपने बदन से लपेटा हुआ तौलिया निकालकर बेड पर फैंक देती है, और अपनी ब्लैक पैंटी पहेन लेती है, उसके बाद झट से करीना अपनी ब्रा अपनी 35” साइज की बड़ी-बड़ी सुडौल चुचियों पर जैसे तैसे सेट करती है, और हुक लगा लेती है।

ब्लैक पैंटी और ब्रा में करीना कयामत ढा रही थी, किसी 80 साल के बूढ़े का भी लण्ड करीना को इस हालत में देखकर खड़ा हो जाए, ऐसा मस्त हाट बदन दिख रहा था करीना का। मस्त चुचियाँ जिन्हे देखकर ऐसा लग रहा था कि कभी भी ब्रा फाड़कर बाहर आ जाएँगी, ब्लैक कलर की पैंटी ऐसी थी की करीना की चूत और गाण्ड के छेद को ही कवर कर रही थी। करीना के गोरे नंगे 36” के कूल्हे बेहद ही ज़्यादा सेक्सी लग रहे थे, किसी स्पंज जैसे मुलायम, मोटे ताजे, और इस दिन में करीना के कूल्हों ने बेहद ज़्यादा जुल्म सहा था, इतना कि करीना को पेनकिलर की गोलियाँ लेनी पड़ गईं।

पैंटी और ब्रा पहनने के तुरंत बाद करीना अपनी ब्लैक जीन्स पहन लेती है, और जीन्स पहनते वक़्त करीना की नजर बेड पर बेहोश लेटे नौशक की ओर जाती है, और एक पल के लिये करीना फ्लैशबैक में चली गई, कि कैसे नौशक ने उसकी चूत को ठोंका था, रौंदा था।

करीना जीन्स पहनते वक़्त मन ही मन- “हे भगवान्… ये मेरे साथ ही क्यों हुआ? जो सब इस दिन मेरे साथ हुआ, अगर ये सब सैफ को पता चला तो? मेरी तो बसी बसाई जिंदगी नर्क बन जाएगी, और मेरा बोलीवुड का कैरियर भी खतम हो जाएगा…” सोचकर करीना रोने लगती है, और रोते-रोते वो ब्लैक टी-शर्ट पहनती है, अपना नकाब अच्छी तरह सेट करती है, जिससे उसका चेहरा एक्सपोज ना हो जाए। करीना को ये एहसास था कि यही एक उम्मीद है (नकाब) जो करीना की असली आइडेंटी छिपाए हुये है।

करीना टाइट जीन्स और टी-शर्ट में बेहद ज़्यादा हाट लग रही थी, करीना के सुडौल बड़े-बड़े चूचे और मोटे 36” के कूल्हे अपने पूरे साइज में और शेप में दिख रहे थे। करीना भी जानती थी, कि जब वो कोच से बाहर ऐसे जाएगी तो सब मर्दों की हवस भरी नजरें उसके बदन के हर हिस्से को लार टपकाते हुये घूरेंगी। लेकिन करीना के पास और कोई विकल्प भी तो नहीं है, क्योंकि बाकी सारे ड्रेसेस तो इससे भी ज़्यादा से्सी हैं, और ये करीना को पता था।

करीना अपना बैग फिर से पैक करने में लग जाती है, फिर करीना कोच का दरवाजा खोलने के लिये दरवाजे के पास जाती है, दरवाजा खोल देती है, और अपने सामने रमेश को खड़ा देखती है।सामने खड़ा रमेश हक्का -बक्का करीना के बदन को ऊपर से नीचे तक देख रहा था। रमेश का लण्ड तो पैंट के अंदर ही पूरे साइज में तन गया था, क्योंकि करीना की मांसल जांघें और चूचे जीन्स और टाइट टी-शर्ट में बेहद ही ज़्यादा सेक्सी लग रहे थे।

रमेश को ऐसे अपने बदन को घूरते देखकर करीना अपनी प्राइवेट बैग हाथ में पकड़कर रमेश को बोलती है- “रमेश, तुमने मेरी बहुत मदद की है। लेकिन अब मैं अपने कोच में जा रही हूँ, अपना खयाल रखना, कोई मदद चाहिए हो, तो बिना झिझके मुझसे कहना, ठीक है?”

करीना की बात सुनकर रमेश जो करीना की 36” की चुचियों को देख रहा था, वो ऊपर करीना की नजरों से नजरें मिलाकर बोलता है- “हाँ क्यों नहीं मेडमजी, लेकिन अगर मुझे आपसे कॉन्टेक्ट में रहना हो तो कैसे रहू? क्योंकि इस ट्रेन से उतर जाने के बाद आप अपने रास्ते और में अपने…”

करीना- “ह्म् म्म्म… तो तुम्म…”

तभी रमेश करीना की बात काटते हुये बोलता है- “क्या आप अपना प्राइवेट फ़ोन नम्बर दे सकती हैं?”

करीना- “मैं वही कहने वाली थी, वो दोनों रक्षसों के फिर से होश में आने से पहले नम्बर लिख लो जल्दी…” कहकर करीना अपना नम्बर रमेश को दे देती है। फिर उधर से निकलकर जैसे तैसे सब मर्दों की हवस भरी नजरों को इग्नोर करके करीना सीधा अपने कोच की ओर बढ़ती है। दिन के 5:00 बज चुके हैं, और ट्रेन को उतरप्रदेश पहुँचने में अभी 14 घंटे बाकी हैं।

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