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कहीं वो सब सपना तो नही complete

जो काफ़ी पानी बहा चुकी थी ,,,मैने हाथ से उसकी चूत को सहलाना शुरू किया ऑर उंगलियों को

उसकी चूत की लाइन पर उपर नीचे करने लगा लेकिन तभी मेरी उंगलियाँ फिसल कर उसकी चूत के

अंदर घुस गई ऑर मैने भी उंगलियों को एक ही पल मे तेज़ी से चूत मे पेलना शुरू कर दिया

उसकी चूत बहुत खुली थी पता नही कितने लंड निगल चुकी होगी अब तक,,,,

चूत मे उंगली करने से वो मस्त हो गई लेकिन उसको कुछ ऑर ही मंजूर था उसने मेरे चेहरे

को बूब से हटा दिया ऑर मेरे सर को पकड़ कर अपनी चूत की तरफ नीचे धकेल दिया मैं भी

उसका इशारा समझ गया ऑर जल्दी से उसकी टाँगों के बीच जाके बैठ गया ,,,मैने उसकी चूत को

देखा जो डार्क ब्राउन थी लेकिन उसके बड़े बड़े लिप्स जो चूत का चमड़ा होता है वो बिल्कुल काले

थे ऑर बहुत ज़्यादा लटके हुए थे उसकी चूत नही भोसड़ा था जो किसी बड़ी भेंस के भोस्डे

जितनी खुली हुई थी ,,लेकिन फिर भी मैं पागल हो गया था उसकी चूत देख कर ऑर जैसे ही मैने

उसकी चूत एक चमड़े को हाथ से दोनो तरफ करके चूत को खोला तो अंदर वाला गुलाबी हिस्सा

देख कर ऑर भी ज़्यादा पागल हो गया ऑर कोई देर किए बिना ही अपने मुँह को उसकी चूत पर रख

दिया ऑर एक ही पल मे उसकी चूत ऑर चूत के दोनो लिप्स को मुँह मे भर लिया उसकी चूत काफ़ी पानी

छोड़ चुकी थी जिसको मैने मुँह मे लेके पीना ऑर अपनी ज़ुबान से चाटना शुरू कर दिया उसने

भी अपने दोनो हाथों से मेरे सर को चूत पर दबा दिया ,,,,,,,,,,,आआहह तततुउुउउ

त्त्तूऊ ब्बाददाअ त्तीएज्ज्ज्ज हहाइईइ ररीई त्त्ीररीइ माआ न्नईए त्तहिईििकक हहिईीई ब्बूल्ला

तहाअ कच्छूत्टीीई उउम्माररर म्मी प्पाक्का क्क्िल्लाददीई ब्बांन गग्यया हहाइईइ ऊओरर

आपपन्ंनईए म्माम्मा ऊरर ब्बाप्प्प सससी ब्बाद्दा हहत्तहिीियय्यारर ल्ल्लीक्क्क्क्ीई

ग्घहूऊंम र्राहहाअ हहाइईइ,,,,,आज्ज्जज्ज त्तूओ प्प्प्ूउर्रा ंमाज्जा ल्लुउन्नगगीइइ त्तीररीए

ससी ऊओररर प्प्प्ूउर्रा ंमाज़्ज़जा द्दुउन्नगगीइ त्तीररी ककूऊ,,,,,,,,,,,,ब्बाअस्स्स एस्स्सीयी हहिि

म्मास्स्त्तिईइ म्मईए म्मीरीइ प्प्पुउर्रीइ कच्छूत्त क्कूव म्मूउउहह म्मईए बभ्ाअररक्की

कच्छुउस्स्टता ररीएहह आअहह उूुउऊहह हमम्म्मममम

उसकी सिसकियों से मस्ती ज़्यादा हुई तो मैने भी ऑर ज्याद पागलपन से चूत को चूसना शुरू कर

दिया ऑर वो सिसकियाँ लेती हुई मेरे सर को दोनो हाथों से अपनी चूत पर दबाने लगी लेकिन उसकी

सिसकियाँ ज़्यादा देर नही चली ऑर कुछ ही पल मे उसकी चूत ने भी पानी छोड़ दिया जिसको मैं

सारा का सारा पी गया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,हहययईए र्राांम क्कीिट्त्न्नाअ त्तीज्ज्ज हहाइईइ त्तूओ ईकककक

ब्बूओंनदडड़ बभिि ज्जायया न्नाहहीी हहूननी दडिईइ ,,,मान ग्ग्य्यी त्तीररी कककूऊ

ब्बाअस्स 5 ममिंनुउठती म्मी हहिि चूवस्स क्कार्र प्पान्नीईिइ ननीककाल्ल ददिईयया म्मेररा

ईट्त्न्ना ज्जाल्लददिई त्तूओ ससूउर्रणनीयददीर्रर बभीी न्नाहहीी पान्नीी नीककाल स्साकका मीरीईई

चूऊऊत कककाा,,,,,,ततुउउ त्तूओ ससूउर्रीन्न्ड्दी र्र सससी बहिि 10 कड्दांम आग्गी हहाई

उसकी साँसे तेज थी ऑर वो उनपे क़ाबू पाने की कोशिश करती हुई साइड मे पड़े अपने ब्लाउस से

अपने माथे से पसीना पोछने लगी लेकिन मैने उसकी चूत से मुँह नही हटाया ऑर ऐसे ही

चूस्ता रहा

,,,,ऊरर क्कीितता च्छुउस्सीग्गा एब्ब तूओ म्मूस्साल्ल ग्घुउस्सा डदीए ऊऊरर

न्ना त्टाद्डप्पा म्मीररी ककूऊ,,,,,,,,,,

,मैने भी उसकी बात सुनी ऑर खड़ा होके पयज़ामा

निकाल दिया ऑर इतने मे उसने भी पेटिकोट निकाल कर साइड पे रख दिया ऑर वापिस लेट गई ऑर मैं

भी जल्दी से उसके उपर चढ़ गया ऑर लंड को हाथ मे लेके उसकी चूत पर रखा ऑर एक ही झटके

मे पूरा लंड घुसा दिया उसकी चूत मे तभी वो एक दम से उछल पड़ी ऑर चीखने लगी

लेकिन खुद ही अपनी चीख को रोकने के लिए उसने अपने ब्लाउस को अपने मुँह मे भर लिया ऑर

दबी दबी चीखे मारते हुए सिसकियाँ लेने लगी,,,,,,साला इतनी खुली चूत फिर भी चिल्ला रही

है रंडी साली,,,,,आज तू मुझे क्या निचोड़ेगी मैं निचोड़ूँगा तुझे चूत का भोसड़ा बना

दूँगा ऑर गान्ड का भी अच्छी तरह बाजा बजा दूँगा ,,,,,

लंड चूत मे एक ही झटके मे पूरा घुसा घुसा कर मैने तेज़ी से उसकी चूत को चोदना शुरू

कर दिया ऑर सर को नीचे करके एक बूब को मुँह मे भरके चूसने लगा ऑर दूसरे को हाथ मे

लेके मसल्ने लगा,,,,,

तभी कुछ देर बाद उसने मुँह से ब्लाउस निकाला ऑर सिसकियाँ लेते हुए मेरे

सर को हाथों से सहलाने लगी साथ ही हाथों को पीठ पर घुमाते हुए मेरी गान्ड को कस्के

पकड़ कर मुझे ऑर ज़्यादा तेज़ी से चोदने का इशारा करने लगी,,मैने भी स्पीड तेज करदी ऑर

उसकी भी सिसकियाँ तेज होने लगी,,,,,,,,,क्कामिन्नी ईककक बबारर म्मी क्क्ययउउू द्दाल्ला त्ता

प्पूउर्रा द्ढ़हररी द्ढहीररी न्नाहहीी डाल्ल स्साककत्ता त्तहाअ इट्त्न्नीी बभीी क्क्क्यय्याअ

ज्ज्जाल्लदीी त्तिईीई ज्जू म्मीरीइ कच्छूत्त म्मी ग्घहूओद्दी कक्का ल्लुउउन्न्ड्ड़ इट्त्न्नीी ज्जयड्डा

ब्बीररीहममि ससी ग्घुउऊस्साअ ददिईयया ,,,,,ल्लीककीईईईन्न ईकक बात्त हहाइी ददार्र्र्दद्द

क्की स्साटतह ईककक ममित्तहा ंमाज़्जा बहिि आय्या म्मूउज़्झहही ,,,एब्ब ब्बास्स एआसे

हहीी टीज्जिि ससी छूद्द्त्ते ररीह म्मूउज़्झहही ऊओरर जज़ूर ससी द्ड़हाक्का ल्लागगगाआ

ऊरर र्रांन्दडीई ब्बांन्ना क्कार्र छ्छूड्द म्मूउज़्झहहीए आआहह उऊहह

ज़्जब्ब त्टाकक दडील्ल क्काररी कच्छूड्दद म्मूउज़्ज्झहही म्मै ईन्न्न न्नाहहीी ररूक्कनईए

व्वाल्लीइी आज्ज तुऊुज्झहहीए ज़्जब्ब त्टाक ददडील्ल्ल्ल्ल क्काररी चछूड्द म्मूऊऊुज्झहीईई

आअहह उुउऊहह हहययइईई ,,,,,,,,,,,,,,,,,

 


मैं भी पूरी स्पीड

से ऑर जोरदार धक्के से चुदाई करने लगा उसकी साथ साथ उसके बूब्स को भी चूस्ता ऑर

काटता रहा,,,,कुछ देर बाद उसने मुझे उपर से हटने को बोला लेकिन मैं हटने को तैयार नही

था ऑर ऐसे ही तेज़ी से धक्के लगाता रहा मैं करीब 20 मिनट से ऐसे ही धक्के लगा रहा

था इसी बीच उसने मुझे 2-3 बार उपर से उठने को बोला था लेकिन मैं नही उठा था लेकिन

तभी उसने मुझे ज़ोर से धक्का लगा कर उपर से हटाने की कोशिश की ऑर मुझे उसकी चूत से

तेज़ी से बहता हुआ पानी महसूस हुआ शायद चुदाई करते टाइम ही उसका पेशाब निकल गया था

उसको पेशाब ही आया होगा तभी वो मुझे उपर से हटने को बोल रही थी लेकिन मैं मस्ती मे

पागल हो गया था ऑर हटने का नाम नही ले रहा था उसका पेशाब निकल गया तब भी मैं

उसकी चुदाई करने मे लगा हुआ था वो अब ज़ोर लगा कर मुझे नीचे उतारने की कोशिश करने

लगी लेकिन मैने उसके दोनो हाथों को कस्के ज़मीन पर लगा दिया ऑर खुद के बदन को

उपर उठा कर उसके दोनो हाथों पर अपने हाथों का ज़ोर डाल दिया ताकि वो ज़रा भी नही हिल

सके ऑर उपर उठने से मुझे भी स्पीड तेज करने का मोका मिल गया ऑर मैने भी मौका हाथ से

नही जाने दिया ऑर ज़्यादा तेज़ी से उसकी चुदाई करने लगा,,,,,,,

ब्बास्स क्काररर क्काममिन्नीई

हहात्तजजा त्तहूड्दीई द्दीर्ररर बभ्हुत्त् त्तीम्मी हहाइी आप्प्पंनी पपाससस ब्बाद्द्ड़ अमम

क्कार्र ल्लीननाअ आब्ब्ब्भहिी ऊरर बबार्रददाश्हत्त न्नाहहीी हू र्राहहा आहह

हहययइईई ब्बाआस्स क्काररर हहाररामम्मिईिइ ररूउककजाआ ज्जाआअ,,,,,वो मुझे हटाने

की पूरी कोशिश कर रही थी ऑर खुद तड़पति हुई अपने सर को इधर उधर झटक रही थी लेकिन

वो मेरे पूरे क़ाबू मे थी मैं उसको ज़रा सा भी ज़ोर लगाने नही दे रहा था लेकिन तभी मैं

उसके उपर से हट गया ऑर साइड हो गया उसने भी राहत की सांस ली ऑर बड़े प्यार से मेरी तरफ देखा

जैसे मुझे शुक्रिया अदा कर रही हो लेकिन मेरा इरादा कुछ ऑर ही था ,,,,,,,,,,

मैं जल्दी से नीचे तो उतर गया लेकिन फिर जल्दी से उसकी गान्ड से पकड़ कर उल्टा घुमा दिया

उसने कुछ ज़ोर लगाया ऑर मुझे मना भी किया लेकिन मैं नही रुका ऑर जल्दी से उसको उल्टा करके

पैट के बल लेटा दिया ऑर उसकी बड़ी मोटी गान्ड को उपर कर लिया ऑर इससे से पहले वो वापिस पलट

सकती मैं उसके उपर चढ़ गया ऑर एक ही पल मे उसकी टाँगो को खोलकर अपने लंड को उसकी

गान्ड पर रखा ओर तेज़ी से धक्का लगा कर गान्ड मे उतार दिया उसकी एक तेज चीख निकल गई जो

खेतो से बाहर भी किसी को सुनाई दे सकती थी लेकिन मुझे इसकी कोई परवाह नही थी अब क्यूकी

उसके जिस्म ऑर बड़े बड़े बूब्स मस्त गान्ड ने मुझे पागल कर दिया था जिस वजह से मुझे

अब कोई टेन्षन नही थी कोई डर नही था मैं तो मस्ती मे था ऑर इतनी ज़्यादा मस्ती मे था

शायद इसी वजह से मेरा पानी भी नही निकल रहा था,,,,,,,,,,,,

,मैने जल्दी से लंड को उसकी गान्ड

मे घुसा दिया लंड पहले से चूत के पानी से चिकना हो गया था जो बिना किसी रुकावट के एक ही

बार मे फिसल कर पूरा गान्ड की जड़ तक उतर गया था ऑर उसकी चीख निकल गई थी तभी उसने

अपने हाथों को पीछे मोड़ कर मुझे उतारने की कोशिश की ऑर मैने भी जल्दी से उसके दोनो

हाथों को पकड़ कर उसकी पीठ पर लगा दिया ऑर एक ही हाथ से उसके दोनो हाथों को पकड़

लिया ऑर एक हाथ से उसके शोल्डर को पकड़ कर तेज़ी से उसकी गान्ड को चोदने लगा,,,,,,

हईईएररीईए हहार्राआंमि ब्बाअस्स्स क्कारररर क्क्क्यययउउूउ जानन्न ल्लीन्नी म्मी ल्लाग्गा

हहुउऊआअ हहाइईइ ,,,हहयइीई गगाल्लत्टीी हहू गगयइ मीररी ससीए ज्जूऊ त्तीररीए ल्लुउन्न्द

क्कूव ननीईच्छूड्दननी क्क्कीी बात्त्त ब्बूल्ल्लीइी ऊओरर त्तीरररी लूवंड्ड क्का प्पान्न्ीी ईककक

ब्बास्स च्छुउस्सायईीी क्कार्रक्की ननीककाल्ल्ल ददिईयय्य्ाआ उउस्स ससी बभीी ब्बादीई गगल्लत्टीीई

हहूओ गगययईी ज्जूओ त्तीररी ससी कचहुूद्ड़ञनी क्कू त्त्य्य्ाआररर हहू गयइिीई म्मीरीई

म्मात्ट मार्रीई गगयइ त्तहिि ज्जू टहीकक म्मूत्तूरर क्कू बभीी क्क्हार्राब हहूननी'

क्का द्द्रराम्मा क्कार्रक्की ससूउर्रििन्न्ड्दीचर्रर क्कीी म्माद्दा ससी तुउज़्ज्झहही ब्बाहनने

ससी य्याहहानं ल्लीक्क्की आयईीी,,,उससणनी म्मानना बहिी क्कीिय्या त्तहा क्कीी अक्कील्लीए

म्मात्त्ट ज्जा म्मायन्न हहीी प्पागगाल्ल त्तहिि ज्जू उउस्स्ककीिई बात्त नाहहीी माननीईिइ हईए

ब्बाआस्स क्काररर ककूउत्ती चहूरर द्दी म्मूउज़्ज्झहही म्मार्र द्दल्लीगगा क्क्कय्य्ाआअ

ऊओररर क्कीिट्टन्न्ना त्तीम्मी एआईसी ब्बीर्रेहममिईिइ ससीए छ्छूड्डीग्गा म्मूुझहहीए

आअहह उुउऊहह हहययइईईईईईईई वो मुझे गालियाँ देने लगी लेकिन

इस टाइम उसकी गालियाँ भी मुझे शहद की तरह मीठी लग रही थी,,,साली ने झूठ बोल कर मामा

की मदद से मुझे यहाँ बुलाया था अब तो साली रंडी की ऐसे चुदाई करूँगा की याद रखेगी

ये मुझे,,,,,,,,,,,,,मैं ऐसे ही तेज़ी से उसकी गान्ड मारता रहा कुछ ही देर मे उसकी गालियाँ बंद

हो गई ऑर मस्ती भरी सिसकियाँ शुरू हो गई,,,,,,,,आहह ऊओरर त्तीज्ज्ज क्काअरर आब्ब्ब ककुउती

ऊरर बभिि ज्जय्याद्दा ज्जूऊओरर ससी द्ड़हाक्का ल्लागगगा म्मीरीइ गाणन्दड़ म्मी पूरा

म्मूओस्साल्ल्ल घहूस्सा आपपन्ना आहह ऊरर त्तीज्ज कारर आब्ब्ब्ब क्कममिन्नी ऊर्रर्ररर

त्तीज्ज्ज मैं समझ गया कि इसको मज़ा आने लगा है वैसे भी कोई ही औरत होगी मोटी ऑर मस्त गान्ड

वाली जिसको मेरे मूसल से मज़ा नही आता ,,,मैं भी तेज़ी से झटके मारने लगा अब मैने उसके

हाथों को भी आज़ाद कर दिया ऑर अपने एक हाथ को उसके पेट के नीचे से खिसका कर उसकी चूत

पर ले गया ऑर तेज़ी से चूत को सहलाने लगा उसने मेरे हाथ को हाटने की कोशिश की क्यूकी वो

मेरा इरादा समझ गई थी मैं उसकी चूत को तेज़ी से सहला कर उसका पानी निकालना चाहता था ताकि

वो जल्दी झड जाए ऑर मैं फिर से उसको तडपा तडपा कर चोद सकूँ उसने मेरे हाथ को हटाने

की कोशिश की लेकिन मैने पूरा ज़ोर लगा कर उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया ऑर मेरा प्लान

काम कर गया ऑर 2 मिनट मे उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया लेकिन मैं नही रुका ऑर तेज़ी से

उसकी गान्ड मारता रहा,,,उसने पानी निकल जाने के बाद अपने सर को ज़मीन पर रख दिया ऑर

मेरे सामने हथियार डाल दिए लेकिन मैं फिर भी उसकी गान्ड को तेज़ी से चोदता रहा ऑर साथ

ही चूत मे भी उंगली करता रहा ,,,,,कुछ देर मे उसने फिर से तड़पना शुरू कर दिया ऑर

खुद की पीठ को हिला कर मुझे उतारने की कोशिश करने लगी लेकिन मेरी पकड़ उसके शोल्डर

पर पूरी मजबूती से थी ऑर मैं उसको हिलने से रोकने लगा ऑर साथ ही चूत मे उंगली करता हुआ

गान्ड की जबरदस्त चुदाई करता रहा,,,उसने फिर से चिल्लाना ऑर मुझे गालियाँ देना शुरू कर

दिया लेकिन मुझपे कोई फ़र्क नही पड़ा उसकी गालयों का मैं तो मस्ती मे उसकी चुदाई करता रहा

लेकिन अब मेरा भी होने वाला था तो मैने स्पीड ऑर तेज करदी,,,मैं पिछले 40-45 मिनट से

उसको ऐसे ही चोद रहा था पहले प्यार से फिर बेरेहमी से,,,,,

बाअस्स्स क्कार्र हहारराम्मी गगाणन्दड़ ब्भ्ही पफाड्द डाल्लीगगा क्क्य्या अब्ब ज्जाससी

चूत क्कूव पफाड्दा हहाऐईइ गगल्लत्टीईइ हहूओ गययईीी ज्जू त्तीररी क्कूव य्याहहन्न

ल्लीक्की आयईीी व्वहहिन्न ग्घररर म्मी चछूड्द्व्वात्ती त्तूओ म्मीरीई च्चेखही ससूउन

क्कार्र क्कू ट्टू ब्बाक्चानने आ हहीी जत्ता मीररी क्कू ल्लेकककीईईईन्न य्यहन्न्न तटूऊ

क्कूवई बभीी न्नहिी आन्नी व्वाल्लाअ,,,,,,,,हहयईी ररीए ब्बास्स क्काररर आब्ब्ब ऊर्रररर

न्नाहहिि हूता आब्ब्ब म्मीररीए ससीई ,मैं झड़ने वाला था इसलिए स्पीड ऑर ज़्यादा

तेज करदी थी मैने लेकिन उसकी गालियाँ भी तेज होने लगी थी,,,2 मिनट मे मैने अपने लंड के

पानी से उसकी गान्ड को भर दिया ऑर उतर कर साइड मे गिर गया ,,,,,,

 
उम्मीद करता हूँ ये मेगा अपडेट आप सब को पसंद आएगा
 
मैं तेज तेज साँसे लेने लगा ऑर वो भी खुद की साँसों पर क़ाबू पाने लगी थी लेकिन मेरी

तरफ बड़े गुस्से से देख रही थी,,,,,

5 मिनट बाद जब दोनो की हालत ठीक हुई तो मैने उस से पूछा,,,,,,,,,,

सन्नी--कैसा लगा ,,,मज़ा आया या नही मुझे निचोड़ने मे,,,,,,,ऑर मैं हँसने लगा

रेखा--साले कमिने हरामी,,,,इतना बुरा कोई रंडी को भी नही चोदता जितना बुरा तूने मुझे चोदा

है ,,,,ग़लती मेरी है अब तुझे क्या बोलू मैं,,,,,,,,,,

सन्नी--लेकिन तूने तो मामा ऑर विशाल का लंड भी लिया है फिर कैसे मेरे लंड को झेल नही पाई तेरी

चूत और गान्ड,,,,,,,,,,,,,

रेखा--उनका लंड इंसानो वाला लंड है तेरी तरह घोड़े का लंड नही उनके पास,,,जान निकाल दी मेरी

तूने,,,,इतना दर्द कभी नही हुआ ,,,,लेकिन एक बात है इतना मज़ा भी कभी नही आया आज तक,,,

ना ही तेरे मामा से ऑर ना ही विशाल से चुदाई मे दर्द हुआ ऑर तेरे बाप से तो कभी भी दर्द

नही हुआ था मुझे,,,,,,,,

मैं फिर से हैरान ,,ये साली तो मेरे बाप से भी चुदवा चुकी है,,,,,कोई पहुँची हुई चीज़

लगती है ये तो,,,,,,,,,

रेखा--अच्छा एक बात बता तुझे कितना मज़ा आया मेरे साथ,,,,,,,,,उसने हँसते हुए पूछा,,,,

बहुत मज़ा आया ,,,,मैने भी उसको जवाब दिया,,,,

रेखा--कितना मज़ा,,,,,,,,माँ जितना या उस से भी ज़्यादा,,,,या फिर गीता जितना मज़ा आया,,,,,,इतना बोलकर

वो फिर से हँसने लगी,,,,,,,,,,,

मैं तो साल हैरान पे हैरान हो रहा था बार बार,,,,,,,,,,तुझे कैसे पता कि मैं गीता भुआ

को भी चोद चुका हूँ,,,,,,,,

रेखा--मुझे सब पता है तू माँ गीता ऑर शोभा को भी चोद चुका है,,,,,ऑर मैं भी सबके साथ

चुदाई कर चुकी हूँ,,,,,,,,,जब भी तेरा बाप गीता के साथ गाओं आता है तो मेरे पास ही रुकता

है 2-3 दिन के लिए,,,,,,,

सन्नी--लेकिन डॅड तो कभी गाओं नही आते,,,,,,,,मैने हैरान होते हुए पूछा,,,,,,

रेखा--तुझे अभी कुछ नही पता बेटा,,,,,तेरी माँ भी जब सुरिंदर के साथ आती है तो हम मिलकर मस्ती

करते है,,,,,,ऑर तेरा बाप भी जब गीता के साथ आता है तब भी हम ऐसे ही इसी जगह मस्ती

करते है,,,बस फ़र्क इतना है तेरी माँ ऑर सुरिंदर तेरे चाचा के घर रुकते है जबकि गीता ऑर तेरा

बाप मेरे यहाँ रुकते है,,,,,,,,,,,विशाल तो यहाँ आ चुका है लेकिन शोभा नही आई अभी तक

उसके लेके आना था लेकिन वो मानती ही नही तेरे बाप के साथ आने के लिए,,उसको अब तेरे मूसल से

प्यार हो गया है,,,,,सील तो बाप से तुडवा चुकी है लेकिन असली मज़ा तेरे साथ करती है,,,,,,वो

हँसती जा रही थी ऑर बोलती जा रही थी,,,,

सन्नी--तुमको इतना सब कैसे पता है हमारे घर के बारे मे,,,,,,,,,,,,,,,

रेखा--मुझे ही नही तेरे घर वालो को भी पता है कि घर मे क्या चल रहा है बस कुछ ही लोग

अंजान है घर मे होनी वाली बातों से लेकिन अब तो वो भी जान गये है उसने मेरी तरफ इशारा

करते हुए बोला,,,,,,,,,,,,,,

सन्नी--क्या मतलब ,,,मैं कुछ समझा नही,,,,,,,,

रेखा--तुझे सब पता है तभी तो तू मामा ऑर विशाल के साथ मिलकर माँ की चुदाई करता है ऑर अब तो

तू भुआ ऑर शोबा को भी चोदता है उनके वो बुटीक पर जाके,,,ऑर भी 2 लड़कियाँ है ना वहाँ

जिनको तू चोदता है,,,,,लेकिन किस्मत खराब है तेरी उनकी चूत की सील भी तेरे बाप ने तोड़ी थी

जैसे शोंभा की तोड़ी थी तुझे तो झूठा ही खाने को मिला है अब तक असली चीज़ नही

मिली,,,,,,वो हर बात के साथ हँसती जा रही थी ऑर मेरी बेचैनी बढ़ती जा रही थी,,,,,

सन्नी--तुझे किसने बोला कि शोभा की सील डॅड ने तोड़ी है ऑर उन लड़कियों की भी,,,,,,,,

रेखा--मुझे सब पता है क्यूकी मैं भी तेरे परिवार के साथ शामिल होती हूँ चुदाई समारोह मे

,,,,,,तेरे बाप ने शोभा को नही चोदना था लेकिन जब उसने तेरे भाई विशाल को अपनी ही माँ को

चोदते देखा था तेरे बाप ने तो उसने गीता के माड्ड से उसको फसा लिया ऑर गीता ने भी

उसकी मदद की ऑर शोभा को तैयार किया अपने ही बाप से चुदाई करने को,,,,,लेकिन आज कल शोभा

तेरे मूसल की दीवानी है वो तो गीता ऑर तेरी माँ भी दीवानी है तेरे मूसल की लेकिन गीता को

तेरे बाप से चुदवाना ही पड़ता है ऑर तेरी माँ को भी सुरिंदर का सहारा लेना ही पड़ता है

क्यूकी हर टाइम तो तू उनके लिए हाजिर नही रहता ना,,,,,

मैं तो चक्कर मे पड़ गया था ये साली मेरे ही परिवार के बारे मे मेरे से भी कहीं ज़्यादा

जानती थी,,,इस से सब कुछ उगलवाना होगा तभी पता चलना है कि आख़िर मसला क्या है सारा,,

सन्नी--तू इतना सब जानती है तो ज़रा खुल के बता कि सारी बात क्या है ,,,,,,,,,,,,,

रेखा--नही सन्नी मैं तुझे जो बता सकती थी बता दिया है अब इस से आगे कुछ भी जानना है तो अपनी

माँ से पूछ लेना या अपने बाप से,,,,,,सुरिंदर से भी पूछ सकता है लेकिन वो भी तेरे को

कुछ नही बताएगा तेरे को तेरे माँ बाप से ही पूछना होगा सब कुछ,,,,,,,,मैं सही इंसान

नही जो सब कुछ बता सके तेरे को,,,,,,,,,,

मैने सोचा ये तो साली मान ही नही रही कुछ बताने को इसलिए माँ से ही पूछना पड़ेगा क्यूकी

डॅड से तो मैं डरता ही बहुत था उनसे पूछने की हिम्मत नही थी मेरे अंदर,,,,,,लेकिन मुझे

इस बात की हैरत थी कि डॅड मामा ऑर माँ के बारे मे सब जानते है लेकिन फिर भी चुप क्यूँ है

उन्होने विशाल को भी माँ की चुदाई करते देखा था तभी शोभा की चुदाई का ख्याल आया था

उनके मन मे लेकिन माँ ऑर मामा तो शायद इस बात से भी अंजान थे कि डॅड ओर भुआ को भी

सब पता है उनके बारे मे जैसे माँ ऑर मामा को सब पता है डॅड ऑर भुआ के बारे मे,,,,मुझे

कुछ समझ नही आ रहा था मैं पूरी तरह परेशान हो गया था ऑर तड़प रहा था अपने दिल

मे घूम रहे सवालो के जवाब जानने के लिए लेकिन ये रंडी साली कुछ भी नही बता रही थी,,

कोई बात नही जैसे ये तडपा रही है मुझे अब मैं भी तड़पता हूँ इस रंडी को,,,,

सन्नी--चल छोड़ इन बातों को दफ़ा कर जो होता है होने दे ,,हम लोग क्यू टाइम खराब करे जब

इतनी मुश्किल से टाइम मिला है हमे,,,,इतना बोलते ही मैं उसकी तरफ बढ़ा ऑर उसके लिप्स को अपने

लिप्स से किस करने लगा लेकिन उसने मुझे साइड कर दिया ऑर खुद भी दूर हो गई,,,,

रेखा--ना बाबा ना अब ऑर नही करना मुझे,,,,तूने पहले ही जान निकाल दी है मेरी अब ऑर ज़्यादा

करूँगी तेरे साथ तो पक्का मार ही डालेगा तू मुझे,,,,,,,,वो अपने कपड़े उठाने लगी

मैने जल्दी से आगे बढ़के उसके हाथों से कपड़े छीन लिए ,,,,,,,,अच्छा बाबा मत कर कुछ

तूने चुदाई नही करनी तो मत कर लेकिन मेरे लंड का तो कुछ कर्दे ये देख फिर से तेरी मस्त

चूत ऑर मोटी गान्ड मारने के लिए कैसे औकात मे आ चुका है,,,,इसका तो कुछ कर्दे,,,,,

उसने आँखें फाड़के मेरे लंड को देखा,,,,,,,,हयी राम अभी इतनी बेरेहमी से इतनी लंबी

चुदाई करने के बाद इतनी जल्दी फिर से तैयार हो गया ये ,,,,सच मे किसी इंसान का नही घोड़े

का लंड है ये,,,,,

सन्नी--चल बातें बंद कर ऑर कुछ कर इसका वेर्ना मैने फिर से शुरू हो जाना है,,मैने हल्का सा

आगे बढ़ते हुए बोला,,,,,,

रेखा--ना बाबा ना तू आगे मत बढ़ मैं कुछ करती हूँ इसका,,,वैसे भी मुझे चुदाई नही करनी

ऑर तेरे साथ,,,लेकिन तेरे मूसल का पानी निकाल देती हूँ अगर ज़्यादा ही आग लगी हुई है तेरे

अंदर,,इतना बोलते ही उसने मेरे लंड को हाथ मे पकड़ा ऑर मूठ मारने लगी ऑर मुँह को लंड

के उपर करके ढेर सारा थूक उगल दिया लंड पर फिर हाथों पर भी थूक लगा कर अच्छी

तारह से चिकना करके मेरे लंड को सहलाने लगी,,,मैं आराम से लेट गया ऑर वो मेरे लंड को

मूठ मारने लगी,,,उसके हाथ मेरे लंड की पूरी लंबाई जितने उपर नीचे होने लगे थे ऑर

उसके हाथों की स्पीड भी तेज थी तभी मैने उसकी तरफ देखा ऑर उसको लंड मुँह मे लेने को

बोला तो उसने भी झुक कर लंड को मुँह मे ले लिया ऑर दोनो हाथों से लंड को सहलाते हुए जितना

लंड बाकी बचा था उसको मुँह मे लेके चूसने लगी लेकिन मैने उसके हाथों को पकड़ा ऑर अपने

लंड से हटा दिया ऑर उसके सर को पकड़ कर अपने लंड पर नीचे दबा दिया जिस से मेरा लंड

उसके गले से नीचे तक चला गया उसने उपर होने की कोशिश की लेकिन मैने उसके सर को कुछ

देर ऐसे ही पकड़े रखा उसकी आँखें बाहर निकल आई थी ऑर पूरी ज़ुबान भी मेरा लंड पूरा

उसके मुँह मे था उसके लिप्स मेरी बॉल्स को टच कर रहे थे,,,,तभी उसने हल्के से खांसना

शुरू कर दिया तो मैने भी उसने सर को अपने हाथों से छोड़ दिया ऑर उसने जल्दी से अपने सर

को उपर उठा लिया,,,,,,,

रेखा--कमिने अब गले की भी माँ चोदेगा क्या,,,चूस रही हूँ तो चूसने क्यूँ नही देता तुझे

पानी निकलवाना है या नही,,,,,मैं चुप रहा ऑर जल्दी से उसके सर को पकड़ कर वापिस अपने

लंड पर झुका दिया ऑर उसने भी मुँह खोल कर लंड को मुँह मे ले लिया ऑर मैने फिर से सर को

उपर नीचे करना शुरू कर दिया लेकिन इस बार ज़्यादा नीचे तक नही किया वो खुद ही अपने मुँह

को खोल कर सर को नीचे तक ले जाती जिस से मेरे लंड की टोपी उसके गले से अंदर चली जाती जब

उसने खुद ही मस्ती मे चूसना शुरू कर दिया तो मैने उसके सर को छोड़ दिया ऑर आराम से लेट

गया ऑर मज़ा लेने लगा लेकिन कुछ ही पलों मे उसने लंड को मुँह से निकाल दिया मेने उसकी तरफ

देखा तो वो अपने दोनो बूब्स को हाथ मे लेके सर को झुका कर अपने मुँह मे जमा थूक को

बूब्स की लाइन मे थूक रही थी मैं अभी कुछ समझा भी नही था कि उसने झुक कर अपने

बूब्स की लाइन मे मेरे लंड को पकड़ लिया ऑर फिर से उपर से थूक दिया ऑर अपने दोनो हाथों

से बूब्स ऑर उपर नीचे करके मेरे लंड की मूठ मारने लगी वो भी अपने बूब्स से ,,बूब्स पर

ऑर लंड पर बहुत सारा थूक लगा हुआ था ऑर लंड फिसल फिसल कर बूब्स की लाइन मे उपर नीचे'

हो रहा था मुझे ऐसे लग रहा तह जैसे मैं किसी टाइट चूत की चुदाई कर रहा हूँ लेकिन

से मज़ा उस से भी कहीं ज़्यादा था,,वो लंड को कस्के अपने बूब्स मे दबा कर तेज़ी से बूब्स को

उपर नीचे कर रही थी ओर जितना लंड बूब्स से बाहर रह जाता था वो उसको मुँह मे लेके चूसने

लग जाती मुझे एक साथ 2 तरह का मज़ा आ रहा था चुदाई का भी ऑर चुसाई का भी,,,,,मेरे लिए

ये नया अनुभव था चुदाई करने का ऑर ये अनुभव बहुत मस्त था जिसने मुझे भी मस्त कर

दिया इतना मस्त कि मैं जल्दी से उठा ऑर उसके कस्के बाहों मे पकड़ा ऑर ज़मीन पर गिरा लिया

ऑर इस से पहले वो कुछ समझती मैने उसके उपर चढ़ कर लंड को उसकी चूत मे घुसा दिया

उसने अपने मुँह को खोला ही था चिल्लाने के लिए तो मैने अपने लिप्स को उसके लिप्स मे जाकड़ दिया

ऑर उसके लिप्स को चूसने लगा ताकि उसकी चीख नही निकल सके ऑर मैं कामयाब हो गया मैं उसके

लिप्स को चूस्ता हुआ उसके हाथों को ज़मीन पर दबा कर लंड को चूत मे डालके तेज़ी से उसकी

चुदाई करने लग गया वो रोने लगी थी उसकी आँखों मे आँसू आ गये थे लेकिन मैने उसकी

कोई परवाह नही की ऑर जबरदस्त तरीके से उसको चोदता रहा,,जैसे पहले चुदाई की थी ,,,,

मैने उसकी चूत भी मारी ऑर गान्ड भी वो बस तड़पति रही ऑर मुझे गालियाँ देती रही लेकिन

मैं फिर भी उसकी चुदाई करता रहा करीब 30 मिनट तक,,,इस दौरान वो 2 बार झड़ी थी,,,

फिर जब मैने उसको छोड़ा तो उसने जल्दी से उठकर तेज़ी से साँसे लेते हुए अपने कपड़े पहनना

शुरू कर दिए ताकि मैं फिर से उसकी चुदाई नही कर सकूँ,,,,ऑर मैं उसको देख कर हँसने लगा

था,,,उसने जल्दी से कपड़े पहने ऑर वहाँ से घर की तरफ चली गई जबकि मैं अभी तक तेज़ी से

साँसे ले रहा था,,फिर मैने भी कपड़े पहने ऑर उसके घर की तरफ चल पड़ा,,,,पीछे दरवाजे

से अंदर जाके मैने दरवाजा बंद किया ऑर उसको देखने के लिए उसके कमरे मे चला गया,,,घर

तो छोटा सा ही था बस 2 कमरे एक रसोई ऑर साइड मे एक बाथरूम बना हुआ था लेकिन इसका घर

पूरी तरफ़ से कवर था पूरे घर पर छत थी खुला अंगान नही था,,एक रूम को लॉक लगा हुआ

था जबकि एक रूम खुला था मैं उसी रूम मे चला गया ,,,,देखा तो वो बेड पर लेटी हुई थी

उसका रूम भी काफ़ी अच्छा लग रहा था,,काफ़ी सॉफ सुथरा था ,,,वो बेड पर लेटी हुई मेरी तरफ़ गुस्से

से देख रही थी,,,,मैं हँस कर उसकी तरफ देख रहा था,,,,,,,,

रेखा--यहाँ क्यू आया है अब ,,,,,जा यहाँ से ,,,,

गुस्सा क्यू करती है मेरी जान ,,,,,कोई ग़लती हुई क्या मेरे से,,,,,,मैने हंस कर पूछा

 
रेखा--ग़लती,,,,,मेरी चूत ऑर गान्ड का बुरा हाल कर दिया ऐसा चोदा जैसे तेरी रंडी हूँ मैं ऑर

पूछता है मैने ऐसा क्या कर दिया,,,,,,,चल अब मुझे आराम करने दे तू जा यहाँ से,,,,

सन्नी--ठीक है तू आराम कर ,,मैं तो बस ये पूछना आया था कि मोटर को कार से निकाल कर यहीं रख

दूं तेरे घर मे ताकि कल भी मोटर के बहाने तुझे मिलने आ सकूँ,,,,,,

रेखा ने गुस्से से मुझे देखा,,,,,कोई ज़रूरत नही ले जा उस मनहूस मोटर को यहाँ से उसकी वजह

से हुआ है मेरी चूत ऑर गान्ड का ये हाल,,,,,अब ना तेरे हाथ आउन्गी मैं कुछ दिन,,,,,वो गुस्से

से हल्की मुस्कान के साथ मुझे बोलने लगी,,,,

सन्नी-ठीक है तू आराम करले मैं जाता हूँ वैसे भी टाइम काफ़ी हो गया है,,मैने मोबाइल मे टाइम

देखा तो 6 बजे थे जबकि मैं इसके साथ 2 -3 बजे के करीब आया था,,3 घटने मे मस्त चुदाई

की थी मैने इसकी,,,,,,,,,,,,तभी रूम से जाते टाइम मेरी नज़र बेड के पीछे बनी एक शेल्व पर पड़ी

जिसपे एक तस्वीर रखी हुई थी,,,,वो तस्वीर मुझे जानी पहचानी लगी लेकिन समझ नही आ रहा

था कि ये तस्वीर किसकी है तभी उसने मुझे तस्वीर की तरफ देखते हुए देखा तो जल्दी से उठ कर तस्वीर को

नीचे कर दिया ऑर मेरे से छुपा लिया,,,,,,,मैं उसकी इस हरकत को समझ नही पाया लेकिन मुझे

कुछ ठीक नही लगा खैर मैं उसको अलविदा बोला ऑर वहाँ से चला गया,,,,लेकिन वो तस्वीर मेरे

दिमाग़ पर हावी हो गई थी,,, मुझे कुछ अजीब लगा वो तस्वीर देख कर,,घर तक आते आते

मैं उसी तस्वीर के बारे मे सोचता रहा,,,,,,

एक तो आज बड़ा खुश था रेखा जैसी मस्त औरत की चुदाई करके लेकिन साथ मे मुझे थोड़ी

टेन्षन भी होने लगी थी यही सोच कर कि रेखा कॉन है ओर इतना सब कुछ कैसे जानती है मेरे

परिवार के बारे मे ऑर मेरे घर वाले भी उसके पास क्यूँ जाते है इतनी चुदाई करने के लिए ऑर

सबसे बड़ी बात कि वो तस्वीर किसकी थी ,,तस्वीर मे 5 लोग थे जिनमे से 2 को मैं बिल्कुल भी नही

पहचान सका लेकिन 3 लोग जाने पहचाने लग रहे थे,,,,उस तस्वीर ने तो दिमाग़ ही खराब

कर दिया था मेरा,,,,,,,

मैं घर पहुँचा ऑर नये घर का गेट खोलके कार घर मे खड़ी की ऑर मोटर लेके जैसे ही

बाहर आने लगा तो देखा कि सोनिया के रूम मे दरवाजा खुला हुआ था ऑर वो बेड पर लेट कर टीवी

देख रही थी तभी उसका ध्यान मेरी तरफ आया ऑर वो उठकर दरवाजे की तरफ आई ऑर मुझे गुस्से

से देखते हुए दरवाजा बंद कर लिया,,,,मैं भी डर गया ऑर मोटर हाथ मे लेके जल्दी से वहाँ

से बाहर चला गया ,,,,मैं चाचा के घर गया मोटर लेके तो मामा बाहर अंगान मे ही

बैठा हुआ था ऑर माँ भी उसके पास बैठी हुई थी,,,,,,,,

मेरे हाथ मे मोटर देख कर मामा बोला,,,,,,,,क्यू भान्जे मोटर ठीक हो गई क्या,,उसने हँसते

हुए शरारती अंदाज़ मे पूछा तभी मैने मामा के साथ साथ माँ की तरफ देखा ऑर बोला

हां मामा एक दम ठीक हो गई है ,,,,खुद पास खड़े रहके ठीक करवाई है अब कुछ

दिनो तक कोई परेसानि नही देगी मोटर,,,,,,मैं भी उसी अंदाज़ से हँसते हुए मामा की बात

का जवाब देने लगा ऑर तभी मैने माँ की तरफ देखा तो माँ उठकर रसोई की तरफ चली

गई,,,,,,

तो कितना टाइम लगा मोटर ठीक होने मे भान्जे,,,,मामा ने फिर हँसते हुआ पूछा,,,,,

सन्नी--मामा मोटर जल्दी ठीक हो गई थी लेकिन मेरा दिल नही भरा जब तक मोटर को अच्छी तरह से

चला कर परख नही लिया,,,,अब तो बिल्कुल ठीक चलेगी,,,,

तभी मामा चारपाई से उठा ऑर मेरे करीब आ गया,,,,,,,मोटर को ज़्यादा नुकसान तो नही

पहुँचाया तूने भान्जे,,,,

सन्नी--नही मामा ज़्यादा नही बस कुछ दिनो तक मेरे पास नही आने वाली आपकी मोटर,,,ऑर हो सकता है

आपको भी कुछ दिन अपने करीब नही आने देगी वो,,,,,मैं अब हँस रहा था ऑर मामा चुप हो

गया था,,,,,,

मामा--क्या भानजे इतना क्यू परखा तूने मोटर को चला चला कर ,,,अब मेरे काम भी नही आई कुछ

दिन तो क्या होगा मेरा,,,,,,

तभी मैने देखा माँ रसोई से पानी का ग्लास लेके हमारी तरफ़ आ रही थी,,,,,,मैने माँ की

तरफ इशारा करते हुए बोला,,,कोई बात नही मामा तेरे पास दूसरी मोटर है ना,,,,,,

मामा ने मेरा इशारा समझा ऑर बोला,,,,,,हाँ ये बात तो ठीक है लेकिन वो मोटर भी अच्छी चलती

है भानजे ,,,,इसी मोटर की तरह काफ़ी तेज है वो मोटर,,,,,

मैने माँ के हाथ से पानी का ग्लास लिया ऑर माँ की तरफ देखते हुए बोला,,,,,नही मामा ये

मोटर ज़्यादा अच्छी है ,,वो मोटर भला इस मोटर का क्या मुक़ाबला करेगी,,,,मैने देखा कि माँ

थोड़ी शरमा गई ऑर वहाँ से चली गई ,,,ऑर जाते हुए बोल गई कि खाना तैयार करने जा रही है

रसोई मे ,,तभी मामा ने मेरे हाथ से मोटर पकड़ी ऑर बाहर चला गया,,,,,,,तू रुक यही बेटा

मैं अभी मोटर फिट करके आता हूँ,,,,,,,,,,

सन्नी--ठीक है मामा तू अपनी मोटर फिट कर ऑर मैं अपनी

फिट करता हूँ,,,,मैने मामा को रसोई की तरफ इशारा किया ऑर मामा हंस कर वहाँ से चला

गया ऑर मैं रसोई मे ग्लास रखने के बहाने चला गया,,,,

रसोई मे माँ खाना पकाने की त्यारी कर रही थी,,,,,मैने माँ को पीछे से पकड़ लिया ऑर माँ

के गले के नीचे किस करदी,,,,,,,,,

माँ--हट बदमाश कोई आ जाएगा,,,,,,,,कुछ तो शरम कर,,,,

सन्नी--कॉन आएगा माँ,,,,,,चाचा ऑर चाची तो अपने रूम मे है,,,ऑर मामा गया मोटर फिट करने,,

ऑर किसने आना है यहाँ,,,,,,

माँ-सोनिया भी तो यहीं है भूल गया,,,,,

सन्नी--वो तो दूसरे घर मे आराम से बैठ कर टीवी देख रही है माँ,,,,तुम टेंशन मत लो तुम्हारा

बेटा सब कुछ देख परख कर ही करता है,,,,,मैं अभी भी मस्ती मे था मैने माँ को अपनी

बाहों मे जकड़ा ऑर हाथ माँ के बूब्स पर रहे ऑर मसल्ने लगा,,,,,

माँ--सबर कर रात तो होने दे इतनी भी क्या आग लगी है,,,थका नही क्या मोटर ठीक करवा कर,,,

सन्नी--नही माँ मैं नही थका लेकिन मोटर कुछ ज़्यादा ही थक गई ठीक होते होते,,अब दूसरी मोटर

की बारी है मैने माँ के बूब्स दबाते हुए बोला,,,,,,,

माँ--अभी नही बेटा रात होने दे फिर जितना

दिल करे इस मोटर को ठीक करता रहना,,,,,

माँ ने मेरी बात का जवाब दिया तो मैं समझ गया कि माँ भी जानती थी कि मैं रेखा के

साथ कहाँ जाने वाला हूँ,,,,माँ को भी सब पता था,,,,

सन्नी--लेकिन माँ रात को तो तुम सोनिया के साथ सोने वाली हो ओर मैं मामा के साथ फिर कैसे होगा,,

माँ--तू टेन्षन मत ले बेटा मैं रात को मामा को चाचा के पास सुला दूँगी ऑर चाची को भेज दूँगी

सोनिया के पास तू टेन्षन मत ले ऑर रात का इंतजार कर,,,,ऑर अब जा यहाँ से मुझे खाना पकाने

दे,,,वैसे भी टाइम बहुत हो गया है गाओं मे लोग अक्सर खाना जल्दी खा लेते है ऑर जल्दी सो

जाते है तुझे तो अब तक पता चल ही गया होगा,,,,,

सन्नी--हां माँ बहुत कुछ पता चल गया है ,,ऑर अभी बहुत कुछ पता करना बाकी है,,,तभी माँ

मेरी तरफ पलटी ऑर कुछ परेशान हो गई,,,,,,,,मैने माँ के लिप्स को हल्के से किस किया ऑर बोला

जल्दी खाना पका लो माँ फिर मस्ती भी तो करनी है ,,इतना बोलकर मैं वहाँ से चला गया ऑर

माँ परेशानी भरी नज़रो से मुझे देखती रही,,,,

 
मैं इसी घर के बाथरूम मे गया ऑर फ्रेश होके चाचा जी के रूम मे चला गया ऑर उन लोगो

से बातें करने लगा,,,कुछ देर बाद माँ सबको खाने के लिए बुलाने आई चाची तो बाद मे

उठी लेकिन मैं तभी माँ के पीछे पीछे चला गया मैं बाथरूम की तरफ जाने लगा था

ताकि हाथ धो सकूँ लेकिन मैने देखा कि रसोई मे माँ के साथ कोई ऑर भी था तो मैं चुपके

से रसोई की तरफ गया ऑर बाहर से बातें सुनने लगा,,,,

माँ--मुझे लगता है सुरिंदर रेखा ने सन्नी को सब कुछ बता दिया है,,,,मुझे तो टेन्षन होने

लगी है,,,,

मामा--नही सरिता मैं रेखा को जानता हूँ उसने कुछ नही बताया होगा,,,,वैसे उसको इधर उधर की

बातें करने का बहुत शॉंक है लेकिन मेरी बात का यकीन करो उसने कुछ नही बताया होगा

सन्नी को,,,

माँ--मुझे लगता है कि बातों बातों मे बहुत कुछ बता दिया होगा रेखा ने,,,तभी सन्नी मेरे

से अजीब तरीके से बात कर रहा था,,उसकी बातों से लग रहा था कि रेखा ने उसको कुछ कुछ

बता दिया है,,,,,,मुझे डर लग रहा है ,,मैं नही चाहती कि बच्चों को कुछ भी पता

चले,,,ऑर ना ही अशोक चाहता है,,,,,

मामा--तू फ़िक्र मत कर सरिता मुझे पक्का यकीन है उसने कुछ नही बताया होगा सन्नी को,,,ऑर अगर

बता भी दिया तो क्या हो गया,,,विशाल भी तो सब जानता है ऑर एक ना एक दिन बाकी बच्चों को भी

सब सच पता चलना ही है,,,,,लेकिन फिर भी मैं कहता हूँ रेखा ने कुछ नही बताया होगा

उसने यही बोला होगा कि तुम जाके किसी ऑर से पूछ लेना,,,,,अब हो सकता है सन्नी तेरे को या मेरे

को कुछ पूछ सकता है ,,लेकिन अभी इस बात से कोई फ़ायदा नही मैं कल रेखा से पूछ लूँगा

कि उसने कुछ बताया है या नही तू बस आज रात सन्नी को खुश कर ऑर इतना खुश कर कि मस्ती

मे आके वो तेरे से कुछ पूछ ही ना सके,,,,,बाकी हम बाद मे देखते है कि क्या करना है,,,,,

माँ--वैसे सुरिंदर तुमको क्या ज़रूरत थी सन्नी को रेखा के पास भेजने की तुमको पता है कि

रेखा की ज़ुबान कुछ ज़्यादा ही चलती है ऑर वो कुछ ना कुछ बक देगी सन्नी के सामने,,,,

मामा--क्या करूँ बहना तेरी तरह रेखा भी एक नज़र मे ही सन्नी के लंड की दीवानी हो गई बोलने

लगी कि जब तक सन्नी का लंड उसकी चूत मे नही जाएगा तब तक उसको चैन नही मिलना ऑर तो

ऑर उसने मुझे भी मना कर दिया चूत देने से बोलने लगी कि पहले सन्नी का लंड जाएगा

चूत मे उसके बाद मेरे लंड की बारी आएगी वर्ना वो मुझे भी उसको चोदने नही देगी,,अब

भला मैं क्या करता ,,अगर यही बात तू करती मेरे साथ तो क्या मैं तेरी चूत के लिए सन्नी

को तेरे पास नही भेजता,,,,,,

माँ--ठीक है सुरिंदर,,,,,मैं कोशिश करूँगी कि उसको अभी कुछ ना पता चले लेकिन एक टाइम आने पर

तो सब कुछ बताना ही पड़ेगा जैसे विशाल को बताया था,,,,

मामा--हाँ सरिता लेकिन अभी नही,,,,अभी ठीक टाइम नही आया सन्नी को कुछ भी बताने के लिए,,,तू सही

टाइम आने दे फिर उसको सब कुछ बता देंगे हम लोग,,,,लेकिन तू अभी बस मस्ती कर उसके साथ

ऑर उसको भी खुश कर,,,,,,

माँ--ठीक है मैं आज रात इतना खुश करूँगी उसको कि वो कोई बात नही कर पाएगा मेरे साथ,,,,

लेकिन तू चाची जी को सोनिया के पास सुला देना ऑर खुद चाचा जी के पास रहना ,,तू मत आना रात

को हमारे रूम मे वर्ना कोई पंगा हो जाना है,,,,,

मामा--ठीक है मैं चाचा जी के पास सो जाउन्गा,,,,,ऑर चाची को भी सोनिया के पास भेज दूँगा ऑर

तुम माँ बेटा आज रात आराम से मस्ती करना ,,,,,,,,,,

मैं सोच मे डूब गया कि आख़िर मसला क्या है सारा ऑर ये लोग ऐसे चोरी चोरी बातें क्यूँ कर

रहे हैं ऑर ऐसी क्या बात है जो विशाल भाई को बता दी गई है लेकिन मैं अभी तक उस बात से

अंजान हूँ,,,कुछ तो गेम चल रही है पता लगाना ही होगा,,,

खैर मैं हाथ धोने चला गया ऑर हाथ धोके बाहर चारपाई पर बैठ गया तब तक मामा

ने चारपाई के सामने टेबल लगा दिया था ऑर माँ ने उसपे खाना भी रख दिया था,,,,सोनिया ऑर

चाची जी भी आ चुके थे ,,,,,,हम सब लोग खाना खाने लगे,,,,,लेकिन मैं नीवाला चबाते

हुए भी गहरी सोच मे डूबा हुआ था लेकिन किसी को इस बात का एहसास नही होने दे रहा था,,

रात को खाना ख़ाके हम लोग वैसे हो सोए थे जैसे माँ ने बोला था,,,,चाची जी सोनिया के

पास चली गई थी ऑर मामा चाचा जी के रूम मे चला गया था ऑर मैं माँ के रूम मे

चला गया ऑर चद्दर लेके लेट गया,,,,,

मैं बेड पर लेटा हुआ था ऑर माँ रसोई का काम कर रही थी,,,,,करीब 30 मिनट बाद माँ

कमरे मे आई,,उन्होने रूम मे आके दरवाजा बंद किया ऑर जल्दी से अपनी साड़ी निकालने लगी

फिर ब्लाउस ऑर पेटिकोट भी निकाल दिया ऑर नंगी होके मेरे पास बेड पर आ गई ऑर लाइट बंद

करके एक छोटा बल्ब ऑन कर लिया ,,,,

मेरे पास आते ही माँ बोली,,,,,,,,,

अरे तूने अभी तक कपड़े क्यू नही उतारे ,,,,मूड नही है क्या आज माँ को चोदने का,,,

सन्नी--मूड तो बहुत है माँ ऑर इतना मूड है कि सुबह तक चोदता रहूँगा तेरे को तू थक जाएगी

लेकिन मैं नही थकने वाला,,,,,इतना बोलते ही मैने अपने उपर से चद्दर हटा दी ऑर माँ

मुझे नंगा देख कर खुश हो गई,,,,,मैं पहले से ही नंगा होके चद्दर लेके लेटा हुआ

था,,,माँ ने मुझे ऐसे देखा ऑर जल्दी से मेरे करीब आ गई ऑर मेरी छाती पर हाथ रखके

हल्के से सहलाने लगी ऑर मैने भी माँ के बूब्स को अपने हाथों मे पकड़ लिया ऑर कस्के

दबाने लगा ऑर जल्दी ही माँ के लिप्स को अपने लिप्स मे जाकड़ कर एक मस्त किस करने लगा मैं आज

रेखा की चुदाई से कुछ ज़्यादा ही मस्त हो गया था ऑर माँ को बड़े प्यार से किस करने लगा

था तभी माँ पीछे हटी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

माँ--क्या बात है आज बड़ा प्यार आ रहा है माँ पर ,,, पहले तो कभी इतने प्यार से किस नही की

तूने मुझको,,,,,,,,,,,,,

सन्नी--माँ आज कुछ मत बोलो प्लज़्ज़्ज़ आज मैं बहुत मस्ती करने के मूड मे हूँ ,,,,,,,,,,,,,,,

माँ--क्यू आज ऐसा क्या ख़ास हो गया जो तू मस्ती के मूड मे है,,,,,,,,,

सन्नी--माँ तुम तो सब जानती हो फिर इतनी भोली क्यू बन रही हो,,,,,,

माँ चुप हो गई,,,,,,क्यूकी माँ उस बारे मे कोई बात नही करना चाहती थी ऑर डर रही थी

कहीं बातों ही बातों मे मैं माँ से कुछ पूछना ना शुरू कर्दु इसलिए मैं ऑर कुछ

बोलता माँ ने मुझे वैसे ही प्यार से किस करना शुरू कर दिया जैसे कुछ देर पहले मैं

माँ को किस कर रहा था ऑर माँ ने जल्दी से मुझे ऑर ज़्यादा मस्त करने के लिए मेरे लंड को

भी अपने हाथ मे पकड़ लिया ऑर सहलाने लगी थी जो लंड अभी तक पूरी ओकात मे आ चुका

था माँ के हाथ लगते ही उसमे एक तूफान उठने लगा था एक तेज तूफान जिस वजह से मेरे

लंड की नसों मे खून डबल स्पीड से दौड़ने लगा था ऑर मेरे लंड मे एक हल्का मीठा

दर्द होने लगा था माँ का हाथ मेरे लंड की पूरी लंबाई जितना उपर नीचे होने लगा ऑर

कभी कभी वो मेरे लंड की टोप्पी पर अपने नखुनो से हल्के से कुरेदने लग जाती ऑर कभी-2

लंड की टोपी को उंगलितों से दबा देती मेरी तो जान ही निकल जाती इतनी ज़्यादा मस्ती मे अब मेरे से

क़ाबू करना मुश्किल हो गया ऑर मैं जल्दी से उठकर बैठ गया ऑर लंड को माँ के मुँह के पास

कर दिया माँ ने भी जल्दी से मुँह खोला ऑर मेरे लंड को मुँह मे घुसने की इजाज़त दे दी ऑर एक

ही बार मे मैने लंड को माँ के गले तक उतार दिया ऑर अपनो हाथों को माँ के उपर से आगे

की तरफ ले गया ऑर बेड पर टिका कर खुद की कमर को उपर उठा लिया ऑर लंड को माँ के मुँह मे

पेलने लगा माँ ने भी अपने दोनो हाथ मेरी गान्ड पर रखे ऑर मुझे गान्ड से पकड़ कर

उपर नीचे करनी लगी ऑर मेरे लंड को मुँह मे लेने लगी,,,,,,मेरे लंड के हर एक धक्के से

मेरा लंड माँ के गले से नीचे तक उतर रहा था माँ ने भी अपने सर को थोड़ा अड्जस्ट किया

तो मैने देखा कि माँ के गले से नीचे तक जाता लंड मुझे सॉफ नज़र आ रहा था ऑर मुझे

मस्ती चढ़ने लगी थी क्यूकी मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं माँ के गले को नही माँ की

मस्त गान्ड की चुदाई कर रहा हूँ उधर माँ ने अपने एक हाथ को मेरी गान्ड से उठा लिया

ऑर अपनी चूत पर ले गई ऑर अपनी चूत को तेज़ी से उंगली डालके खुद ही चोदने लगी तभी मैं

थोड़ा हिला ऑर अपने सर को माँ की चूत की तरफ ले गया माँ ने भी मुझे हिलते ही अपने हाथ को

चूत पर से हटा लिया ऑर मेरी कमर को पकड़ कर मुझे पलटने मे मदद की ऑर कुछ ही

पल मे मेरा फेस माँ की चूत पर था ऑर माँ की चूत पूरी गीली हो चुकी थी जिसको मैने मुँह

मे भरके चूसना शुरू कर दिया ऑर अपनी कमर को तेज़ी से हिलाते हुए माँ के मुँह मे अपने लंड

को पेलने लगा मेरा लंड माँ के गले से नीचे उतर रहा था ऑर इधर मेरी ज़ुबान माँ की चूत

से नीचे उतर रही थी,,,मैं माँ की चूत मे अपनी पूरी ज़ुबान डालके अच्छी तरफ से चाटते हुए

माँ की चूत को अपनी ज़ुबान से चोदने लगा था

 
माँ ने अपनी दोनो टाँगों को घुटनो सेमोड़ लिया ऑर मेरे सर को अपनी टाँगों से जाकड़

कर मुझे चूत पर होने वाली मस्ती का इशारा कर दिया मैं समझ गया कि माँ को

बहुत मज़ा आ रहा है इस बात का फ़ायदा उठाते हुए मैने

अपने दोनो हाथों को माँ की टाँगों के नीचे से घुमा कर माँ की गान्ड पर रख दिए ऑर

माँ की गान्ड को अपने हाथों से थोडा खोल दिया फिर अपने मुँह को माँ की चूत से उठाकर

थोड़ा थूक अपने हाथ पर थूक दिया ऑर दोनो हाथों की 1-1 उंगली अपने थूक से चिकनी करके

माँ की गान्ड मे घुसा दिया लेकिन माँ की गान्ड खुली थी इसलिए 2 उंगलियों का पता ही नही

चला कब अंदर चली गई इसलिए मैने दोनो हाथों की 2-2 उंगलिया माँ की गान्ड मे घुसा दी

तो माँ के जिस्म मे झटके लगने शुरू हो गये तभी मेरे दिमाग़ मे पता नही क्या आया मैने

माँ की गान्ड को अपने दोनो हाथों से अच्छी तरफ खोला ऑर जल्दी से 3-3 उंगलियाँ माँ की गान्ड

मे घुसा दी और गान्ड को थोड़ा और खोल दिया इस से शायद माँ को दर्द हुआ ऑर उनका जिस्म कुछ

तेज़ी से झटके खाने लगा ऑर वो बेड से उछलने लगी लेकिन मैने माँ को नही छोड़ा ऑर ज़्यादा

तेज़ी से 3-3 उंगलियाँ माँ की गान्ड मे घुसाने लगा कुछ ही देर मे माँ को ज़्यादा ही मस्ती आने

लगी ऑर वो मेरी कमर को अपने हाथों से तेज़ी से उपर नीचे करते हुए मेरे लंड को तेज़ी से अपने

मुँह मे लेने लगी मैने भी अपनी कमर को तेज़ी से उछालते हुए माँ के मुँह को अपने लंड से

चोदने लगा,,

कुछ देर बाद मैं उठा ऑर मुझे रेखा के साथ की चुदाई याद आ गई ऑर मैं जल्दी से माँ के

पेट पर चढ़ गया माँ मेरी तरफ देखने लगी कि मैं क्या कर रहा हूँ लेकिन जल्दी ही माँ भी

समझ गई ऑर उन्होने अपने दोनो बूब्स को अपने हाथों से पकड़ लिया ,,,,माँ ने पहले ऐसा

कभी नही किया था मेरे साथ ऑर ना ही मैने किया था लेकिन मेरे पेट पर बैठते ही माँ सब

कुछ समझ गई थी ,,जैसे ही माँ ने दोनो हाथों से अपने बूब्स को पकड़ा मैने भी अपने

लंड को माँ के बूब्स की लाइन पर रख दिया ऑर अपने मुँह से थोड़ा थूक माँ की बूब्स वाली लाइन

पर अपने लंड के उपर गिरा दिया तभी माँ ने अपने बूब्स को दोनो तरफ से मेरे लंड पर

जाकड़ लिया ऑर अपने हाथों को आगे पीछे करते हुए दोनो बूब्स से मेरे लंड की मूठ मारने

लगी ऑर मैने भी खुद की कमर को आगे पीछे करते हुए लंड को माँ के बूब्स मे चोदने

लगा मेरा लंड माँ के बूब्स से आगे निकल कर माँ की चिन पर टकराने लगा तभी माँ ने अपने

सर को थोड़ा अड्जस्ट किया ऑर मेरी तरफ देखते हुए अपने मुँह को खोल दिया जिस से मेरे लंड का

का वो हिस्सा जो बूब्स से आगे निकल कर माँ की चिन से टकरा रहा था वो माँ के मुँह मे घुसने

लगा ऑर माँ भी अपने सर को ठीक उसी टाइम आगे करती जब लंड उनने मुँह के पास जाता ऑर फिर मुँह

मे लंड लेके आगे पीछे करने लग जाती मैं फिर लंड की पीछे करता ऑर बूब्स को अपने हाथों

से माँ के हाथों के उपर से जाकड़ कर अपने लंड को तेज़ी से आगे पीछे करने लग जाता

मुझे अब 2-2 मज़े एक साथ आ रहे थे,,,एक तो बूब्स के बीच लंड पेलने से टाइट चूत का मज़ा ऑर

साथ ही मुँह मे लंड जाने से गान्ड चुदाई का मज़ा मेरी स्पीड काफ़ी तेज थी ऑर माँ भी अपने

हाथों को ऑर सर को तेज़ी से चला रही थी मेरे लंड पर जिस से मेरा पानी निकलने वाला हो गया

लेकिन मैं माँ को भी अपने साथ ही झड़ाना चाहता था इसलिए मैने माँ के बूब्स से अपने

हाथ उठा लिए ऑर जल्दी से पीछे हाथ ले जा कर माँ की चूत पर रख दिया ऑर तेज़ी से माँ की चूत

मे उंगली करने लगा माँ की चूत मे मेरी उंगली की स्पीड काफ़ी तेज थी जिस से माँ को मज़ा आने

लगा ऑर माँ ये भी समझ गई कि मैं झड़ने वाला हूँ इसलिए माँ ने भी अपने हाथों से

अपने बूब्स को तेज़ी से मेरे लंड पर चलाना शुरू कर दिया ,,,करीब 2-3 मिनट बाद ही माँ की

चूत ने पानी छोड़ दिया ऑर मेरा हाथ माँ की चूत के पानी से गीला हो गया मैने जल्दी से उस

हाथ को अपने फेस के पास किया ऑर माँ के देखते देखते अपने हाथ से माँ की चूत के पानी को

अच्छी तरह चाटने लगा माँ ने मुझे ऐसा करते देखा अपने दाँतों से मेरे लंड की टोपी को

हल्के से काटना शुरू कर दिया मुझे एक ही पल मे इतनी ज़्यादा मस्ती चढ़ गई कि मुझे लगा कि अब

एक ही पल मे मेरा लंड पिचकारी मार देगा लेकिन माँ ने तो मेरे लंड की टोपी को मुँह मे ही

रखा ऑर हाथों से बूब्स को बाकी लंड पर मसल्ति रही साथ ही मेरे लंड की टोपी पर लगातार

हल्के हल्के दाँतों से काटती रही मानो वो मेरे लंड से जल्दी पानी निकालना चाह रही थी ऑर हुआ

भी ऐसा ही माँ के दाँतों के हल्के हल्के काटने से मुझे बहुत ज़्यादा मस्ती चढ़ गई ऑर कुछ

ही पल मे मेरे लंड ने तेज तेज पिचकारियाँ मारना शुरू कर दिया ऑर मेरा स्पर्म माँ के मुँह

मे निकलने लगा जिसको माँ ने गले से नीचे उतारना शुरू कर दिया,,, मेरे लंड ने करीब 8-10

पिचकारी मारी ऑर माँ ने मेरा सारा स्पर्म पी लिया लेकिन मेरे लंड को अभी तक मुँह से नही

निकाला जब तक कि लंड के पानी की लास्ट ड्रॉप तक नही निकल गई माँ के मुँह मे ऑर फिर मेरे लंड

को अच्छी तरह सॉफ कर दिया ,,,,,,,,,

मैं माँ के उपर से उतर गया ऑर साइड मे माँ के करीब ही लेट गया,,,,,,

माँ--आज तो बड़ी मस्ती मे है मेरा बेटा ,,,क्या बात है,,,,,नये नये तरीके आजमा रहा है अपनी माँ

पर ,,,,,

सन्नी--हाँ माँ आज कुछ ज़्यादा ही मस्ती मे हूँ मैं,,,,जबसे रेखा की चुदाई की है तबसे बुरा हाल

है,,उसी ने ये नया तरीका भी सिखाया है मुझे,,,,,आप भी तो उसके साथ मस्ती करती हो तो फिर

आप को तो सब पता होगा ना माँ,

तभी माँ कुछ देर चुप रही,,,,,,,हां बेटा वो उमर मे मेरे से छोटी है लेकिन चुदाई मे एक

नंबर की रंडी है,,,काफ़ी तेज है मेरे से,,वो तो शुरू से ही ऐसी है मैने सुना है,,,,,तभी माँ

फिर से चुप कर गई,,,

सन्नी--माँ वो है कॉन ,,,,,,मैने सीधा माँ की आँखों मे आँखें डालके पूछ लिया,,,,लेकिन मुझे

जवाब नही मिला लेकिन कुछ ऑर मिल गया,,,,

तभी माँ कुछ बोलने से पहले ही मेरे लिप्स पर टूट पड़ी,,मानो माँ मेरी बात का जवाब नही

देना चाह रही थी,,,,,माँ ने पागलो की तरह मेरे लिप्स को चूसना शुरू कर दिया ऑर फिर से

मुझे मस्ती चढ़नी शुरू हो गई,,,,

उस रात मैने माँ को कम से कम 6 या 8 बार चोदा था लेकिन जब भी मैं माँ से रेखा के

बारे मे बात करता तो वो चुप हो जाती ऑर बात का जवाब ना देते हुए मुझे फिर से चुदाई के

लिए शुरू कर देती,,,,,माँ से उस रात कोई ढंग का जवाब नही मिला मुझे बस वो हर बार

मुझे चुदाई से खुश कर देती,,,,माँ ने रसोई मे भी मामा से यही बात की थी कि वो रात

भर मुझे खुश करेगी ऑर किसी बारे मे ज़्यादा बात नही करेगी ऑर माँ ने ऐसा किया भी,,,

 
सुबह मैं बहुत लेट उठा क्यूकी पूरी रात सोया जो नही था,,माँ की चुदाई ही करता रहा था ,,जब

उठा तो माँ वहाँ नही थी ऑर मेरे बदन पर मेरा बर्म्यूडा ऑर टी-शर्ट थी,,लेकिन मैं तो जब

सोया था नंगा ही था,,,शायद माँ ने मुझे कपड़े पहना दिए थे ताकि कोई मुझे नंगा ना

देख ले यहाँ पर,,,,,,,मैं उठकर बाहर गया ,,बाहर कोई नही था बहुत तेज धूप जो थी,,,सब

लोग शायद चाचा जी के पास होंगे इसलिए मैं भी वहाँ चला गया,,,,वहाँ सब लोग बैठे

बातें कर रहे थे,,,,,तभी माँ मेरे पास आ गई अपनी चेयर से उठकर,,,,,

माँ--उठ गया मेरा बेटा,,,,,,,लगता है रात को नींद ठीक से नही आई तुझे इसलिए इतना लेट उठा है तू,,

तभी मामा एक शहरती मुस्कान के साथ हँसते हुए बोला,,,,,,,,,,,,,,,,,हाँ बेहन मुझे भी ऐसा

ही लगता है शायद रूम मे गर्मी कुछ ज़्यादा ही होगी रात को,,,,इसलिए सन्नी सो नही पाया होगा

रात भर,,,,,,,,,,,,

तभी चाची बोल पड़ी,,,,,,,,,,,मैं तो पहले ही कहती थी लड़का शहर से आया है इसको गाओं मे

रहने की आदत नही,,,बिना एसी के कहाँ नींद आती है शहर वालो को,,,,,आज तो बेटा तू वही सोना

सोनिया के साथ नये वाले घर मे एसी चला कर,,,,,वैसे भी मेरा तो सारी रात सर दर्द होता रहा

एसी की वजह से,,,,,,,सोचा कि एसी बंद कर दूं लेकिन एसी बंद करती तो सोनिया को नींद नही आती,,,,

इसलिए आज तू वहाँ सोना उसी घर मे,,,,,,,,,तभी नींद पूरी होगी तेरी,,,,,,,,,,ऑर मैं यहाँ सोउन्गी

तभी मेरी नींद पूरी होगी,,,,,,

माँ--हां चाची जी आज से ये दूसरे घर मे ही सोएगा एसी लगा कर,,,,,यहाँ नही सोने दूँगी इसको,,,ना

खुद सोता है ऑर ना मुझे सोने देता है,,रात भर करवटें बदल बदल कर मुझे भी नही

सोने देता ,,बहुत परेशान करता है,,माँ ने हंस कर मेरी तरफ देखा ऑर मेरे फॉरहेड पर एक किस

करके बोला,,,,,,,,,,,,जाओ अब फ्रेश हो जाओ मैं कुछ खाने को बना देती हूँ वैसे भी अब तो

तेरे लंच का टाइम हो गया है ,,इतना लेट जो उठा है,,,,,मैने क्लॉक की तरफ देखा तो दंग रह

गया टाइम तो दोपेहर 3 बजे का हो रहा था,,,,

मैं वहाँ से दूसरे घर मे चला गया ,,,,वहाँ देखा तो सोनिया बेड पर लेट कर टीवी देख रही

,,मैने उस से कोई बात नही की सीधा बाथरूम मे चला गया ऑर जल्दी से फ्रेश होके चेंज

करके वहाँ से चला गया,,,

खाना खा ही रहा था तभी एक आदमी अंदर आ गया,,,,वो वही आदमी था जो रेखा के साथ उस दिन

दूध निकाल रहा था ,,,,,,

वो आते ही चाची जी को बोला,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,मालकिन आज रेखा की तबीयत ठीक नही है इसलिए वो सुबह

नही आई ऑर शाम को भी नही आएगी,,,,इसलिए मैं अकेला आया हूँ दूध लेके चला जाउन्गा ऑर

शायद रेखा कल भी नही आए तो कल भी मैं अकेला ही आउन्गा,,,,,इतना बोल कर वो आदमी वहाँ से

चला गया,,,,उसके जाते ही मामा मेरी तरफ देखने लगा ऑर हल्का गुस्सा करने लगा,,,,,

लगता है उसकी तबीयत ज़्यादा ही खराब है,,,,चाची ने माँ को बोला,,,,,

हां चाची जी मुझे भी ऐसा ही लगता है,,,,,माँ ने जवाब दिया,,,,

किसी को उसकी खबर लेने जाना चाहिए,,,चाची ने माँ को बोला,,,

तभी माँ बोली ठीक है चाची जी मैं चली जाती हूँ ऑर उसको अगर कोई चीज़ की ज़रूरत हुई तो

वो भी ला दूँगी उसको,,,,

चाचा चाची के घर कोई कार या मोटर साइकल नही थी

चाची--तू कैसे जाएगी इतनी दूर ,,,,ऐसा कर सन्नी को अपने साथ ले जाओ ,,

तभी माँ के होश उड़ गये,,,,नही नही चाची जी मैं चली जाउन्गी सन्नी को तकलीफ़ क्यू देनी

इतनी सी बात पर,,,,वैसे भी ये रात को ठीक से नही सोया है अब आराम करने देते है इसको,,,,

तभी मामा बोल पड़ा ,,,,,हाँ सरिता इसको आराम करने दो तुमको मैं ले जाता हूँ,,,,मुझे

बड़ा गुस्सा आया मामा पर,,,साला थर्कि जाके मज़ा लेगा अब 2-2 चूत का,,,,,

चाची--ठीक है तुम दोनो चले जाओ,,,,ऑर सन्नी तुम आराम करो जाके बेटा,,,,,,

मैं चाची के सामने कुछ नही बोल पाया ऑर उठके वहाँ से चला गया,,,,,मामा ऑर माँ के

फेस पर हल्की राहत भरी मुस्कान थी,,,,,मैं समझ गया कि साले ये दोनो मुझे वहाँ नही

लेके जाना चाहते थे,,,लेकिन मैं भी इनका बाप हूँ,,,मैं जल्दी से घर गया और जाके कार की

वाइर्स निकाल दी,जिस से कार स्टार्ट होती थी,,,,,,मामा को कार चलानी तो कुछ हद तक आती थी लेकिन

उसके बारे मे कुछ ज़्यादा पता नही था मामा को,,,,,

उस दिन वो लोग नही जा सके क्यूकी कार स्टार्ट नही हुई ,,,लेकिन उन लोगो ने मुझे कार स्टार्ट करने को

या उनके साथ जाने को भी नही बोला,,,,,

साला ये लोग कमिने थे तो मैं भी कामीनेपन मे इनका बाप हूँ,,,,मेरे बिना नही जा सकते

ये लोग रेखा के पास,,,,पता नही ऐसी क्या बात है जो मेरे को बताने से डर रहे है ये लोग,,इसलिए

तो कार जब स्टार्ट नही हुई तो मामा ने एक बार भी मुझे नही बोला कार स्टार्ट करने को,,,,

उस दिन कुछ खास नही हुआ दिन भर भी मैं आराम करता रहा ऑर फिर जब रात हुई तो आराम हराम हो

गया मेरा,,,, रात को खाना ख़ाके मैं सोनिया के साथ वापिस नये वाले घर मे तो आ गया लेकिन सोना पड़ा

मुझे उपर वाले हॉल मे वो भी सोफे पर ,,,,,,इतनी ज़्यादा गर्मी मे बिना एसी के,,,,

अगली सुबह डॉक्टर चाचा जी के चेकप को आया तो उसने बताया कि चाचा जी अब काफ़ी हद तक ठीक है

ऑर उनको वेंट्लेटर की ज़रूरत नही है फिर भी कुछ दिनो तक इस मशीन को यही रहने देते

है क्यूकी तबीयत बिगड़ने मे भी देर नही लगती,,,,

चाची जी ऑर हम लोग भी डॉक्टर की बात से सहमत थे,,,

जब डॉक्टर जाने लगा तो चाची जी उनसे बोली,,,,,,,,,,,,,,डॉक्टर साहिब हमारे घर मे काम करने

वाली एक औरत भी बीमार है,,,,ज़रा आप उसको भी देख लोगे क्या,,,,

जी पुष्पा देवी जी क्यू नही,,,,कॉन है वो औरता,,,, डॉक्टर ने पूछा,,,

वो यहाँ नही है यहाँ से थोड़ा दूर रहती है,,,,,, चाची ने बताया

ठीक है कोई मुझे वहाँ ले चले तो मैं उसको भी देख लूँगा,,,,,, डॉक्टर बोला

तभी चाची ने माँ को बोला कि वो डॉक्टर के साथ उनकी कार मे चली जाए ऑर डॉक्टर को भी उसके

पास ले जाए ऑर खुद भी हाल चाल पता कर आए उसका,,,

माँ के साथ मामा भी तैयार हो गया जाने को ऑर वो दोनो डॉक्टर के साथ चले गये,,,

उनके जाने के 5 मिनट बाद ही मैं भी जल्दी से कार लेके वहाँ से रेखा के घर की तरफ चल

पड़ा,,,,

 
मैने वहाँ जाके देखा कि डॉक्टर की कार रेखा के घर के सामने खड़ी हुई थी ऑर घर का गेट

बंद था,,,,इसलिए मैं अपनी कार को थोड़ा पीछे झाड़ियों मे खड़ा करके खेतो के बीच से

घर के पिछले दरवाजे पर चला गया,,किस्मत अच्छी थी कि वो दरवाजा खुला हुआ था,,,मैं घर

के अंदर बड़े हल्के कदमो से गया लेकिन जैसे ही मैं अंदर जाने लगा तो मैने डॉक्टर ऑर

मामा की आवाज़ सुनी,,,,,,,

डॉक्टर--ठीक है अब मैं चलता हूँ ,,, मरीज को दवाई दे दी है ज़्यादा टेन्षन वाली बात नही है

बस हल्का बुखार है,,अभी कुछ ही देर मे ठीक हो जाएगा,,,,,

ठीक है शुक्रिया डॉक्टर,,,,,,अब आप जाइए मैं ओर दीदी खुद चले जाएँगे वापिस,,,,,

डॉक्टर--लेकिन पुष्पा देवी ने तो आपको मेरे साथ ही वापिस आने को बोला था,,,,,,

मामा--हाँ डॉक्टर लेकिन रेखा को दवाई के अलावा भी कुछ चाहिए होगा इसलिए हम लोग थोड़ी देर

बाद खुद चले जाएँगे ,,,,,,,,

डॉक्टर--ठीक है जैसे आपकी मर्ज़ी,,मैं चलता हूँ,,,,,,,,

डॉक्टर वहाँ से चला गया ऑर मामा गेट बंद करके वापिस रेखा के रूम मे चला गया,,मैं

भी हल्के कदमो से रेखा के रूम के बाहर पहुँच गया ऑर अंदर वो लोग आपस मे बातें करने

लगे ऑर मैं बाहर खड़ा सुनने लगा,,,,,,

अब तबीयत कैसी है रेखा,,,,,,,,सरिता ने रेखा से पूछा,,,,

रेखा हँसते हुए,,,,,,,,अब तो ऑर भी ज़्यादा बुरा हाल है सरिता दीदी,,,,,,

अभी डॉक्टर के सामने तो तुम बोल रही थी पहले से फ़र्क है तुमको,,अभी बोल रही हो ज़्यादा बुरा हॉल

है,,,,क्या फिर से बुला के लाउ डॉक्टर को,,,,,सरिता ने रेखा से पूछा,,,,,,,,,,,

रेखा फिर से हँसती हुई,,,,,,,,,,,,मेरे लिए डॉक्टर को नही सन्नी को बुला कर लाओ सरिता दीदी ,,,,,वही एक

है जो मेरा इलाज अच्छी तरह से कर सकता है,,,,,,,,,,,,,फिर रेखा ओर ज़ोर से हँसने लगी,,,,,,,

क्या मतलब ,,मैं कुछ समझी नही रेखा,,,,,,,,,,,

अरे दीदी तुम सब समझती हो ,,,सन्नी की वजह से तो बुरा हाल हुआ है मेरा,,,,उस दिन जब उसको अपने

साथ घर लेके आई थी तो क्या जबरदस्त चुदाई की उसने मेरी,,,,एक बार तो लगा कि जान ही निकाल देगा

मेरी ,,,इतना लंबा मूसल है उसका,,,,उसने तो सब लोगो को फैल कर दिया है,,,इतना मज़ा सुरिंदर ऑर

विशाल दोनो मिलकर नही दे पाते थे मुझे जितना इस अकेले सन्नी ने दिया है,,,,ऑर इतना दर्द भी नही

हुआ जितना उस दिन सन्नी की चुदाई से हुआ ,,,लेकिन उसी दर्द मे तो असली मज़ा आया था मुझे,,,,रेखा

हँसती रही ऑर बोलती रही,,,,,

देखा सरिता मैं नही बोलता था कि रेखा भी दीवानी हो जाएगी सन्नी के लंड की,,,,एक बार चुदाई

करके ये हाल हुआ है इसका कि दर्द से तड़प रही है फिर भी सन्नी को याद कर रही है,,,,सुरिंदर

ने सरिता को बोला,,,,,,,,

माँ--हां सुरिंदर मैं जानती थी,,इसको भी सन्नी का लंड बहुत पसंद आएगा,,,,वो है ही घोड़े का लंड

एक बार जिस औरत की चूत मे जाता है जन्नत का मज़ा देता है उसको,,,,कल रात उसने मेरी भी ऐसी

दमदार चुदाई की है कि क्या बताऊ ,,,,,पूरी रात सोने नही दिया,,,,उसके साथ चुदाई करके मज़ा

भी बहुत आता है लेकिन डर भी बहुत लगता है,,कभी कभी तो रंडी से भी बुरी चुदाई करता है मेरी

लेकिन दर्द के साथ एक मीठा मज़ा भी देता है,,,,,

रेखा--हाँ सही कहा सरिता दीदी,,,,

दीदी की लगती ,,,,तूने कुछ बका तो नही उसके सामने चुदाई करते टाइम,,,,वैसे भी तेरी ज़ुबान बहुत

ज़्यादा चलती है,,,,कहीं कुछ बता तो नही दिया सन्नी को,,,,,सरिता थोड़े गुस्से मे बोली,,,,,

रेखा--नही दीदी ,,,,,मैने कुछ नही बताया ,,,लेकिन थोड़ा बहुत मुँह से निकल गया,,,उसकी चुदाई मे एक अजीब

सी मस्ती ऑर मदहोशी थी कि मेरी ज़ुबान खुद ब खुद चलने लगी,,,,

तेरी चूत की तरह तेरी ज़ुबान को भी कभी चैन नही मिलता,,,सरिता फिर से गुस्से मे बोली,,,,,कहीं

मस्ती मे तेरी ज़ुबान ने सारा भेद तो नही खोल दिया,,,,,,,

रेखा--नही-नही दीदी मैने ज़्यादा कुछ नही बोला उसको,,,बस थोड़ा बहुत ही बताया था,,,,,वैसे दीदी तुम इतना

डरती क्यूँ हो,,,जब विशाल को सब पता है तो एक ना एक दिन सन्नी को भी पता तो लगना ही है,,,,,

माँ--जानती हूँ कि सन्नी को भी एक ना एक दिन सब पता चलना है लेकिन एक टाइम आने पर,,,,विशाल को भी

जब थोड़ी अकल आई थी तभी बताया था मैने उसको,,,,सन्नी अभी बच्चा है,,,नया नया जवान हुआ है

ऑर जवानी की मस्ती मे है लेकिन फिर भी बच्पना नही गया उसका अभी तक,,,,उसको सब कुछ बता तो

दूँगी लेकिन सही टाइम आने पर,,,,,

रेखा--उसका सही टाइम जब आना है तब आना है दीदी,,लेकिन अपना तो सही टाइम आ गया,,,

फिर रूम मे शांति हो गई,,लेकिन कुछ पल के लिए,,,,

माँ--ये क्या कर रही है पगली,,,अभी तो तुझे बुखार है फिर भी मस्ती चढ़ रही है तेरे को,,,,

रेखा--क्या करूँ दीदी चूत मे आग लगी हुई है,,,सोचा था सन्नी ये आग भुजा देगा लेकिन उसने तो इस आग

को भुजा कर ऑर भी ज़्यादा भड़का दिया है,,,

माँ--लेकिन तुझे तो बुखार है पगली,,,,,

रेखा--कैसा बुखार दीदी,,,,वो तो सुरिंदर ने मुझे फोन करके बोला था कि डॉक्टर आ रहा है इसलिए

मैने बगल मे प्याज दबा लिया था,,,,,,रेखा इतना बोलकर ज़ोर से हँसने लगी,,,,

बहुत तेज है तू रेखा कामिनी,,,,, माँ ने कहा

तभी फिर से रूम मे खामोशी हो गई,,,

मैने हल्का सा आगे होके देखा तो रेखा माँ के लिप्स को अपने लिप्स मे भरके किस कर रही थी तभी

माँ ने रेखा को धक्का दिया,,,,,,,,,,,,,,मैं तो देख कर दन्ग रह गया था,,,,मैने अपनी माँ को

कभी किसी औरत को किस करते नही देखा था,,ये मेरा पहले तजुर्बा था कि मैं अपनी माँ को किसी

औरत को किस करते देख रहा था,,,इतने ही पल मे मेरे लंड ने अंगड़ाई लेना शुरू कर दिया था,,,,,

माँ--थोड़ा सबर कर पगली,,,,इतनी भी क्या जल्दी है,,,,

रेखा--जल्दी नही दीदी बहुत जल्दी है,,,सन्नी ने ऐसी आग लगा दी है कि पूछो मत,,,अब ऑर इंतेज़ार नही होता

चलो ना मस्ती करते है,,,,,

माँ--ठीक है बाबा लेकिन यहाँ नही,,,वही चलते है अपनी हमेशा वाली जगह पर,,,

रेखा--ठीक है तो चलो दीदी ,,,,इंतजार किस बात का कर रही हो,,,

 


वो लोग बाहर निकलते इस से पहले ही मैं जल्दी से वहाँ से चला गया,,,उन लोगो की बातें सुनकर

मुझे इतना तो पता लग गया था कि उनकी हमेशा वाली जगह कोई ऑर नही वही खेतो के बीच मे पेड़

के नीचे है जहाँ मैने रेखा की चुदाई की थी इसलिए मैं उन लोगो से पहले ही भाग कर वहाँ

की खड़ी फसल मे छुप गया था,,,,,,

कुछ 5 मिनट बाद ही मैने देखा कि तीनो लोग खेतो के बीच से निकल कर वहाँ पर आ गये,,,,

उन लोगो एक पास एक चद्दर थी जिसको माँ ने पकड़ा हुआ था,,,,साला इतनी जल्दी थी इन लोगो को कि आते टाइम

कपड़े भी घर पर खोल कर आए थे,,,,,,माँ ने अपनी साड़ी घर पर निकाल कर रख दी थी जबकि

रेखा तो पहले से ही पेटिकोट ऑर ब्लाउस मे थी अब साड़ी निकालने के बाद माँ भी पेटिकोट ऑर ब्लाउस मे

ही खड़ी हुई थी जबकि मामा ने अपना कुर्ता पयज़ामा घर मे रख दिया था ऑर खुद एक घर पर

बने अंडरवेर मे खड़ा हुआ था,,ऑर अंडरवेर के अंदर उसका लंड भी पूरा खड़ा हुआ था,,,,

तभी माँ ऑर रेखा ने जल्दी से चद्दर को पेड़ के नीचे ज़मीन पर बिछा दिया ,,,,,ऑर तीनो लोग

आके चद्दर पर खड़े हो गये,,,

जहाँ माँ गोरे चिट बदन की थी वहीं मामा ऑर रेखा साँवले रंग के थे,,,,,उन तीनो ने आपस

मे एक दूसरे को करीब आके हग किया ऑर तीनो लोग मिलकर आपस मे किस करने लगे हर एक के हाथ

दूसरे की कमर ऑर पीठ पर थे ऑर तीनो के लिप्स बारी बारी से एक दूसरे के लिप्स को चूम ऑर चाट

रहे थे ऑर कभी तीनो अपनी अपनी ज़ुबान निकाल कर हवा मे लहराते हुए एक दूसरे की ज़ुबान से मिला

रहे थे,,,,मैने पहले भी ऐसा कयि बार देखा था,,,,,,,,,देखा क्या मैने तो खुद ऐसा किया था

लेकिन इस बार एक नई चीज़ थी मेरे सामने,,,,,,,ऑर वो चीज़ थी मेरी माँ ,,,क्यूकी पहले माँ के साथ

2 मर्द होते थे ,,,कभी विशाल ऑर मामा जी,,,ऑर कभी मैं ऑर मामा जी,,लेकिन आज एक औरत भी शामिल

हो गई थी उन लोगो के बीच मे ,,,पहली बार माँ को ऐसे देख रहा था तो लंड का बुरा हाल था,,

कुछ देर ऐसे ही तीनो किस करते रहे ऑर एक दूसरे की पीठ को सहलाते रहे तभी मामा ने अपने

हाथ उन दोनो के बूब्स पर रख दिए,,,,वो अपने एक हाथ से माँ के बूब्स को बारी बारी मसल्ने

लगे ऑर एक हाथ से रेखा एक बूब्स को मसल्ने लगी थी,,,रेखा एक बूब्स बहुत बड़े थे मेरी माँ

से भी कहीं ज़्यादा बड़े,,नीचे माँ ऑर रेखा के हाथ भी मामा के लंड पर थे माँ ऑर रेखा अपने

एक एक हाथ से मामा के लंड को सहलाने मे लगी हुई थी जबकि दूसरे हाथ से अपने ही ब्लाउस के हुक को

खोलने मे लगी थी कुछ ही पल मे माँ ऑर रेखा का ब्लाउस नीचे चद्दर पर था ऑर मामा उन

दोनो के नंगे बूब्स को मसल्ने लगा था फिर मामा ने अपने सर को झुका कर नीचे किया ऑर माँ

के बूब्स को मुँह मे भर लिया ऑर दोनो हाथों को रेखा को बूब्स पर ले गया,,,,फिर माँ के दोनो

बूब्स को हल्के हल्के चूसने के बाद मामा अपने सर को रेखा के बूब्स की तरफ ले गया ऑर माँ के

बूब्स को हाथों मे भरके मसल्ने लगा,,,,मामा जब रेखा के बूब्स चूसने लगा था तब रेखा

ने अपने एक हाथ को मामा के लंड पर रखा जबकि दूसरे हाथ से मामा के सर को कस्के अपने बूब्स

पर दबा लिया मामा का मुँह रेखा के बूब्स की लाइन पे पूरा छुप ही गया था रेखा मस्ती मे मामा

के सर को अपने हाथ से सहलाने लगी थी ,,

उपर माँ ऑर रेखा के लिप्स आपस मे बुरी तरह जकड़े हुए थे ऑर दोनो पागलो की तरह एक दूसरे के लिप्स

को चूमने ऑर चाटने लगी हुई थी,,,,रेखा तो जैसे पागल ही हो रही थी ऑर उसके पागल पॅन की वजह से

माँ की हालत भी खराब होने लगी थी इसलिए माँ भी उसी पागलपन मे रेखा को किस का रेस्पॉन्स

देने लगी हुई थी ,,,माँ का एक हाथ मामा के लंड पर था ऑर एक हाथ मामा की पीठ पर था जबकि

रेखा का एक हाथ मामा के सर पर ऑर दूसरा मामा के लंड पर अपना कमाल दिखा रहा था,,,तभी एक

दम से रेखा ने माँ के लिप्स को अपने लिप्स से आज़ाद कर दिया ऑर जल्दी से मामा के सर को बालों से हल्का

सा खींच कर मामा के सर को अपने बूब्स से हटा दिया ऑर एक ही पल मे ज़मीन पर बिछी हुई चद्दर

पर घुटनो के बल बैठ गई ऑर दोनो हाथों से मामा के अंडरवेर को नीचे करके मामा के बड़े

मूसल को अंडरवेर से बाहर निकाल लिया ऑर जल्दी से अपने मुँह मे भर लिया तब तक माँ का हाथ मामा

के लंड से हट गया था ऑर मामा के सर पर पहुँच गया था ऑर मामा के सर रेखा के बूब्स से हटते ही

माँ के बूब्स पर टिक गया था ऑर मामा ने माँ के बड़े बड़े गोरे बूब्स को हाथों से मसल्ते हुए मुँह

मे भरके चूसना शुरू कर दिया था ऑर माँ ने एक हाथ से मामा के सर को ओर एक हाथ से पीठ को प्यार

से सहलाना शुरू कर दिया था,,,मामा माँ के बूब्स को बारी बारी से मसल रहा था ऑर बारी बारी से दोनो

बूब्स को मुँह मे भरके चूस रहा था नीचे रेखा भूखी शेरनी की तरह मामा के लंड पर टूट

चुकी थी ऑर मुँह मे भरते ही पूरे लंड को गले से नीचे तक पेलने लगी थी उसके दोनो हाथ मामा की

कमर पर थे ऑर वो मामा की कमर को पकड़ कर तेज़ी से हिला रही थी ऑर मामा को अपना लंड उसके मुँह

मे पेलने को बोल रही थी मामा भी हल्की झुकी हुई हालत मे अपनी कमर को आगे पीछे हिलाता हुआ अपने

लंड को रेखा के मुँह मे पेलने लगा था रेखा ने मुँह को पूरा खोला हुआ था ऑर ज़ुबान भी बाहर निकाली

हुई थी ताकि मामा के पूरे लंड को मुँह मे ले सके मामा भी तेज़ी से कमर हिला कर पूरे लंड को रेखा

के गले से नीचे उतरने लगा था मामा की दोनो बॉल्स रेखा की चिन पर टकराने लगी थी ,,,,,

कुछ देर बाद माँ ने मामा को पीछे हटने को बोला ऑर मामा ने अपने लंड को रेखा के मुँह से निकाल

लिया ऑर तभी रेखा नीचे बिछी हुई चद्दर पर लेट गई ऑर माँ भी रेखा के पास ही लेट गई ऑर मामा इस

कदर लेट गया था कि उसका मुँह रेखा की चूत पर था जबकि लंड माँ के मुँह के करीब था उधर माँ

की चूत रेखा के मुँह के करीब थी देखते ही देखते रेखा ने माँ की चूत को मुँह मे भर लिया ऑर

माँ ने अपनी साइड की करवट लेके रेखा के सर को अपनी टाँगों मे दबा लिया ऑर उधर मामा ने रेखा

की चूत को मुँह मे भर लिया ऑर एक हाथ की उंगली से रेखा की चूत को चोदते हुए रेखा की चूत को भी

मुँह मे भरके चूसने लगा दूसरी तरफ माँ की चूत पर रेखा के लिप्स की पकड़ बनी हुई थी ऑर रेखा

माँ की चूत को बड़ी मस्ती मे चूस रही थी ऑर माँ उसी मस्ती मे मदहोश होके मामा के लंड को

अपने मुँह मे लेके गले से नीचे तक उतार कर चूसने लगी हुई थी,,,,,,,,साला ये सब देख कर मैं तो

जैसे पागल हुआ जा रहा था अब ऑर ज़्यादा बर्दाश्त नही हो रहा था मेरे से दिल कर रहा था अभी जाके

उनके खेल मे शामिल हो जाउ लेकिन पता नही क्यू साली हिम्मत नही हो रही थी,,,ऑर उधर उन लोगो की मस्ती

बढ़ती जा रही थी हर कोई एक दूसरे के प्राइवेट पार्ट को ऐसे चूस ऑर चाट रहे थे जैसे मलाई लगी हो उनपे

,,,,,सब पागल हुए जा रहे थे मुझे तो इतना समझ मे नही आ रहा था कि ये लोग बिना किसी डर के यहाँ

खेतो मे नंगे लेटे हुए है इन लोगो को किसी के आने का डर नही है,,,,जानता हूँ उस दिन मैने भी काफ़ी

टाइम यहीं नंगे लेट कर रेखा की चुदाई की थी ऑर रेखा ने बोला भी था कि यहाँ कोई नही आता है फिर

भी अगर ग़लती से कोई आ जाता तो क्या होता,, ये लोग तो मस्ती मे खो चुके है इनको भी मेरी तरह डर नही

लग रहा जैसे उस दिन मुझे चुदाई की मस्ती मे किसी के आने का डर नही था ऑर मैं बिना किसी डर के

रेखा की जबरदस्त चुदाई कर रहा था,,,,

 
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