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कहीं वो सब सपना तो नही complete

मैं यहाँ अपने ख्यालो मे खोया हुआ था ऑर उधर वो लोग मस्ती मे पागल हुए जा रही थी तभी

मैने देखा कि माँ के जिस्म ने कुछ तेज़ी से झटके खाने शुरू कर दिए मैं समझ गया की माँ का काम

होने ही वाला है तभी शायद रेखा को भी पता लग गया कि माँ का काम होने वाला है तो उसने मामा के

सर को कस्के अपनी चूत पर दबा लिया जिस से मामा समझ गया कि रेखा भी झड़ने को बेताब हो रही है

उधर माँ ने भी मामा के लंड को तेज़ी से मुँह मे अंदर बाहर करना शुरू कर दिया तो मामा को माँ

की तरफ से भी इशारा मिल गया कि माँ भी झड़ने वाली है तो मामा ने अपनी उंगली को तेज़ी से रेखा की चूत

मे पेलते हुए उसकी चूत को छोड़ना शुरू कर दिया साथ ही अपने लिप्स को कस्के दबा दिया रेखा की चूत

पर ऑर पागलो की तरह चूसने लगा उसकी चूत को साथ ही अपनी कमर हिला कर अपने लंड को माँ के मुँह मे

तेज़ी से अंदर बाहर करने लगा माँ ने भी मामा का साथ देते हुए मामा की कमर को पकड़ा ऑर खुद

मामा की कमर को तेज़ी से हिलाते हुए मामा के लंड को मुँह मे पेलने लगी,,,करीब 2-3 मिनट बाद ही

सब लोगो के जिस्म को झटके लगने शुरू हो गये मैं समझ गया कि सब एक साथ झड़ने वाले है ऑर मैं

सही था मेरे देखते ही देखते माँ की चूत ने पानी निकालना शुरू कर दिया ऑर रेखा उसको पीने लगी

साथ ही रेखा ने भी चूत से पानी को बहाना सुरू कर दिया जिसको मामा ने पीना शुरू कर दिया ऑर उधर

मामा ने भी अपने लंड को तेज़ी से माँ के मुँह मे पेलते हुए अपने लंड से पिचकारिया मारना शुरू कर

दी ऑर मामा के लंड ने भी स्पर्म निकालना शुरू कर दिया मामा के लंड से निकलने वाला स्पर्म माँ के

मुँह से बाहर निकल कर उनके एक गाल की तरफ बहने लगा जिसको माँ ने जल्दी से अपने हाथ से सॉफ किया ऑर

जल्दी ही उस हाथ को भी चाटने लगी साथ ही मामा के पानी को पीने के बाद मामा के लंड को अच्छी तरह

से चाट कर सॉफ करने लगी मामा ने भी रेखा की चूत को तब तक अपने मुँह से अलग नही किया जब तक

रेखा के जिस्म ने आख़िरी झटके के साथ अपनी चूत के पानी की लास्ट ड्रॉप तक माँ के मुँह मे नही छुड़ा

दी थी ऑर मामा उसके पानी को पी नही गया था माँ की चूत ने भी जितना पानी निकाला था रेखा ने भी '

उसकी एक भी ड्रॉप नीचे नही गिरने दी थी ऑर सारा का सारा पानी पी गई थी,,,,,,,

एक दूसरे का पानी पीने का बाद तीनो लोग एक साथ एक दूसरे को हग करके लेट गये ,,मामा बीच मे था जबकि

रेखा ऑर माँ मामा की दोनो साइड पर लेटी हुई थी,,,,,

काफ़ी टाइम बाद इतना अच्छा लग रहा है,,,,क्यूँ सरिता मज़ा आया,,,,,,,,,,मामा ने माँ से पूछा,,,,

हाँ भाई बहुत मज़ा आया लेकिन असली मज़ा तो अभी बाकी है ये तो हल्की सी मस्ती थी बस,,,माँ ने हँसते हुए

बोला,,,,,,,,

सही कहा सरिता दीदी,,,,ये तो हल्की सी मस्ती थी बस लेकिन मैं तो इतनी हल्की मस्ती के लिए भी तरस के रह

जाती हूँ जब आप लोग आते हो या जब अशोक ऑर गीता आते है गाओं मे तभी इतनी मस्ती नसीब होती है मेरे

को वर्ना मैं तो बस मोमबत्ती से या उंगली से काम चलाती रहती हूँ,,,,,वैसे भी अब आप लोग काफ़ी

टाइम बाद आए हो गाओं मे,,,ऑर अशोक ऑर गीता को भी काफ़ी टाइम हो गया है,,,,,

तभी माँ हल्के गुस्से मे,,,,,,,,,,तुझे कितनी बार बोला है कि गीता का नाम मत लिया कर मेरे सामने तू

समझती क्यू नही,,,,,

अरे बेहन गुस्सा क्यू करती है अब तो बहुत टाइम बीत गया है सब बातों को अब तो गुस्सा ठंडा कर ले

अपना,,,,,,मामा माँ के माथे पर किस करते हुए माँ को समझाते हुए बोला,,,,

तभी रेखा मामा के उपर से निकल कर माँ की तरफ आ गई ऑर माँ के बड़े बड़े बूब्स को पकड़ कर

दबाते हुए माँ को बोली,,,,,,,,,,,,ठीक है बाबा नही नाम लेती उसका लेकिन उसकी वजह से मेरे पर गुस्सा मत

करो ऑर बस मस्ती करो,,,,इतना बोलते ही रेखा ने माँ के सर को मामा की तरफ से टर्न करके अपनी तरफ किया

ऑर जल्दी ही फिर से माँ के लिप्स को अपने लिप्स मे जाकड़ लिया,,,माँ अभी कुछ देर पहले हल्के गुस्से मे थी

लेकिन रेखा के किस करते ही एक पल मे माँ ने हथियार डाल दिए थे,,,,,

मामा--तेरे को अच्छी तरह पता है रेखा कि सरिता को शांत कैसे किया जाता है,,,,,,,,,,,

नही सुरिंदर ये मेरे को शांत नही ऑर ज़्यादा मस्त करके मेरी आग को भड़का देती है ,,माँ ने एक पल

के लिए अपने लिप्स रेखा के लिप्स से हटा कर इतना बोला लेकिन तभी रेखा ने जल्दी से माँ के लिप्स को कस्के जाकड़

लिया अपने लिप्स मे ऑर दोनो हाथों से माँ के बूब्स को दबाते हुए माँ के उपर लेट गई ,,,,माँ ने भी

जल्दी से अपनी बाहों मे जाकड़ लिया रेखा को ऑर उसकी किस का रेस्पॉन्स देते हुए रेखा की पीठ को अपने

दोनो हाथों से सहलाने लगी ,,,,मामा ने भी अब तक अपने लंड को हाथ मे लेके मसलना शुरू कर दिया

ऑर देखते ही देखते मामा फिर से मैदान मे उतरने को तैयार हो गया,,,,तभी रेखा ने मामा के लंड

को अपने हाथ मे पकड़ा ऑर कुछ देर हिलाने के बाद मामा को उठकर उसके पीछे जाने को बोला इतने मे

माँ ऑर रेखा दोनो ने अपनी टाँगें खोल ली ऑर मामा भी जल्दी से दोनो की टाँगो के बीच जाके अपने

घुटनो के बल बैठ गया ,,,माँ नीचे लेटी हुई थी जबकि रेखा माँ के उपर लेटी हुई थी उन दोनो के बड़े-2

बूब्स आपस मे एक दूसरे से चिपके हुए थे जिस तरह से उनके लिप्स एक दूसरे के लिप्स से चिपके हुए थे

,,

माँ के हाथ रेखा की पीठ पर थे जबकि रेखा का एक हाथ माँ के बूब्स पर ऑर दूसरा हाथ अपने ऑर

माँ के पेट के बीच दबके माँ की चूत पर पहुँच गया था ऑर रेखा ने माँ की चूत मे उंगली डाल

कर माँ की चूत को तेज़ी से चोदना शुरू कर दिया था माँ भी मस्ती मे उसी अंदाज़ मे रेखा की पीठ

को सहलाते हुए कभी रेखा के सर को सहलाते हुए रेखा की जबरदस्त किस कर रही थी इतने मे मामा ने

अपने लंड पर थूक लगाया ऑर जल्दी से रेखा की चूत पर रखा लेकिन तभी रेखा ने माँ के बूब्स से

अपना हाथ हटा कर पीछे जाके मामा के लंड को पकड़ लिया ऑर अपनी चूत से मामा के लंड को हटा कर

अपनी गान्ड पर रख दिया मामा ने भी लंड के गान्ड पर टिकते ही तेज़ी से धक्का लगा दिया ऑर मामा का

लंड एक ही बार मे पूरा उतर गया रेखा की गान्ड मे लेकिन मामा को धक्के मारने मे थोड़ी मुश्किल

हो रही थी इसलिए रेखा जल्दी से अपने घुटने मोड़ कर कुतिया बन गई ऑर अपनी गान्ड को थोड़ा हवा मे

उठा लिया लेकिन उसने अपने लिप्स को माँ के लिप्स से अलग नही किया ऑर ना ही अपने हाथ को माँ की चूत से

दूर किया वो ऐसे ही माँ को किस करती रही ऑर ऐसे ही माँ की चूत मे उंगली भी करती रही,,,माँ ने भी

जल्दी से अपने एक हाथ को रेखा की पीठ से हटा लिया ऑर नीचे करके रेखा की चूत पर ले गई ऑर जैसे तेज़ी

से रेखा माँ की चूत मे उंगली कर रही थी उतनी ही तेज़ी से रेखा ने भी माँ की चूत मे उंगली करना

शुरू कर दिया रेखा एक दम मस्ती मे आ गई ऑर अपने लिप्स को माँ के लिप्स से अलग करके सिसकियाँ लेने लगी

आअहह उुउऊहह ससूउर्रीन्न्ड्दी र्रर आईसीए हहिि ज्जूओर्र ल्लाग्गाआ

क्कार्र छ्छूओद्दड़ म्मूउज़्झहीई ऊओरर त्टीजजिई ससीए घहुउस्साअ आपपन्ना म्मूस्साल्ल म्मीरीईइ

गगाआंन्ँदडड़ म्मीई क्कूवई रीहाम्म म्मांत्त क्काररन्ना म्मीररी पपीए ऊरर त्टीजज क्काार

ससूउर्रीन्न्ड्दी र्ररर आअहह पफाड्दड़ डदीए म्मीररीईई गगाणनद्दद्ड कककूऊऊऊ आहह

उूुुउऊहह हहययइईईई,,,,,,,मामा ने भी जल्दी से अपने दोनो हाथों को रेखा

की कमर पर रखा ऑर मजबूती से रेखा की कमर पर पकड़ बना कर अपनी स्पीड तेज करदी ऑर जैसे ही

मामा की स्पीड तेज हुई वैसे ही रेखा की सिसकियाँ भी ऑर तेज हो गई नीचे से माँ के हाथ की स्पीड भी रेखा

की चूत पर ऑर रेखा के हाथ की स्पीड माँ की चूत पर तेज हो गई आअहह ईस्स्स्सीई हहिईीईईईईई

ऊओररर त्टीजीीीइ ससीए छ्छूड़दूव म्मूउज़्ज्झहही ससूउर्रणनीयददीर्रर आर्र टीज्जिि ससीए ,,,,,,आईसीई हहिईिइ

म्मीरीई कच्छूत्त म्मी उउण्नग्ल्लीी काररूव स्साररित्ता दडियड्ड्डिईई ब्बाद्दा म्मांज़्जा आ र्रहहाअ

हहाइईइ आहह उउउहह ककब्बससी त्ताररास्स र्राहहिि टहिि मामैयिईन्न्न आपप ल्लूओगगूव सीसी

स्साआत्तह म्मांसस्त्तीी क्काररननी कककूऊव,,,आशूकक ऊओररर गीट्टा क्की स्साटतह इत्टना म्मांजा

न्नाहहीी अट्टाअ ईकक त्तूओ आअसशूकक क्का ल्ल्लुउन्न्ड्ड़ बभ्हुत्त् छ्छूटता हहाइी उप्परर सस्सीईए

ग्गीतटता क्की पपाससस ननाल्लक्किी र्रब्बारर व्वाल्लाअ ल्लुउन्न्ड्ड़ हहाइईइ ल्लेककिन्न्न वउूओ बभहिईीई

क्क्कीिससिईई क्कामम क्का न्नाहहिईिइ,,,,,ज्जूऊ म्मांज़्जाअ ससूउर्रणनीयददीर्रर क्की ल्लुउउन्न्ड्ड़ म्मईए हाइईइ

वउूओ आशूकक क्की छ्छूट्टी ल्लुउन्न्ड्ड़ ऊरर गीता क्की न्नाककल्ल्लीी ल्लुउन्न्ड्ड़ म्मी क्काहहानन्न

आहह ऊओररर त्तीज्ज क्काररू ससूउर्रणणनीयददीर्रर्र्ररर आहह ऊओरर त्तीईएज्ज्ज्ज्ज्ज्ज,,

बहुत्त् ंमज़्ज़जाआ आ र्राहहाअ हहाइईइ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,सच म्मी रृीक्खहा ब्भ्हुउत्त्त

म्मांज़्जा आ र्रहहा हहाइी क्क्य्याअ,,,,,,,,,,

हहाआंन्न स्साररत्ता द्द्दीइद्दी बभ्हउुूत्त्त म्मांज़्जाअ आ र्रहहा हहाइी,,ऐसी ल्लग्गतता हहाऐईइ

ज्जाईस्सी 2 ल्लुउन्न्ड्ड़ सससी ईककक स्साटतह कच्छुूद्दाइ हहू र्रहहिी हहाइईइ कचूत्त म्मईए

आपपक्कीी उउन्नगगल्लिइी ओररर ग्गाअंन्दड़ म्मी ससूउर्रीन्न्ड्दीआर्र क्काअ लुउन्न्ड्ड़ भ्हुत्त म्मांज़्जाअ

एयाया र्राहहा हहाऐईयईई,,,,,,,,,,,,,,,,,

क्कीइत्त्न्ना म्मामाजजा आ र्राहहाअ हहाइईइ ससुउन्नयी सीसी लूवंड्ड ज्जििट्त्न्ना य्या उसस्स ससी बहिी

ज्जय्याददाा,,,,,,,,,,,,,

क्कीिसकका नाआंम ल्ली ल्लीइययय्या स्साररित्ता दडिड्डिईइ ,,,,ससुउन्नयी क्की ल्लुउन्न्ड्ड़ ऊरर ससुउरिन्न्दीर्र

क्की ल्लुउन्न्द म्मी बभ्हुत्त् फ्फाररकक हहाइईइ,,,,क़ासशह वउूओ बभीी हूटता य्याहहानं ऊरर

म्मामिीन स्साक्च म्मी 2 ल्लुउन्न्ड्ड़ क्का ंमज़्ज़जा ल्ली स्साककक़त्तिईईई,,,यूयेसेस दिन ससुउन्नयी नी भ्हुत्त

मांज़्जा दीईयया त्ततहा म्मूउज़्झहही ल्लीककिन्न ददार्रद्द बभीी इट्त्न्ना क्कीिय्या त्तहा क्की प्पूउर्रीई

रात्त म्मामिन्न टहीकक ससी ससू नाहहीी पायईयी त्तहीी ,,,

तभी माँ बोली,,,,,,,,,,,हां क़ासशह ससुउन्नयी बभिि य्याहहानं हूत्ता म्मीर्रा बहिि दीइल्ल्ल्ल्ल्ल

क्काररतत्त्ताअ त्तहा उउस्स्क्क्कू य्याहहान ल्लीक्की आन्नी क्कूव ल्लेककिीन ददार्र्त्ती त्ीी काहहििईन्न्न तू

ककुउक्चह बाक्क ना द्दी उउस्स्क्की स्सांमन्नईए ,,,,,,,,,हहयययय क्क़ासशह ववूऊ य्याहन्न

हूटता त्तूओ क्कीिट्त्न्ना म्मांज़्जाअ आत्ता,,,,,,,,,,,,

इधर मैं खड़ा हुआ सब देख रहा था ऑर लंड को हाथ मे लेके मूठ मांर रहा था ऑर उन लोगो की

बातें सुन रहा था,,,,,,,,,,,साली रंडिया कितना याद कर रही है मेरे लंड को दिल करता है अभी जाके

घुसा दूं अपने मूसल को माँ की गान्ड मे ,,,,,,

तभी मैने मामा की आवाज़ सुनी,,,,,,,,आज पहली बार मामा चुदाई करते कुछ बोला था जिसको सुनकर मेरी

गान्ड फॅट गई थी,,,,,

मामा--ठीक है बेहन अगर सन्नी को भी यहाँ बुलाना है तो अभी बुला लेते है,,,,,

रेखा ऑर माँ दोनो मामा की बात सुनकर खुश हो गई ऑर दोनो एक साथ बोली,जल्दी बुलाओ सन्नी को यहाँ

सुरिंदर,,,,,,,,

तभी मेरा ध्यान मामा की तरफ गया जो सीधा मुझे ही देख रहा था ,,मैं तो सोच रहा था कि जिस

जगह मैं छुपा हूँ किसी का ध्यान नही जाएगा मेरी तरफ लेकिन मामा ने मुझे देख लिया ऑर

जल्दी से मुझे इशारा किया अपने पास आने के लिए मैं भी रेखा ऑर माँ के नंगे जिस्म को देख कर ऑर उन

लोगो की चुदाई को देख मस्ती मे खुद-ब-खुद खेंचा चला गया उन लोगो के पास ,,,तभी मेरे चलने

से झाड़ियों मे हल्की आवाज़ हुई तो माँ ऑर रेखा का ध्यान भी मेरी तरफ हो गया ऑर दोनो मुझे देखकर

खुश हो गई,,,उनके चेहरे की खुशी ऐसी थी मानो जैसे रेगिस्तान मे प्यासे को पानी मिल गया हो,,,मैं

भी हँसते हुए उनकी तरफ बढ़ने लगा ऑर कुछ ही पल मे मैं उनकी चद्दर के पास खड़ा हुआ था ऑर मेरा

लंड मेरे हाथ मे था मैं एक हाथ से मूठ मांर रहा था ऑर एक हाथ से पॅंट को उतारने मे लगा हुआ

था तभी रेखा माँ के उपर से उठी ऑर मामा के लंड को अपनी गान्ड से निकालते हुए खड़ी होके मेरे

पास आ गई ऑर देखते ही देखते उसने ज़मीन पर बैठ कर मेरे लंड को मुँह मे भर लिया था ऑर जल्दी

से मेरे पूरे लंड को मुँह मे भर के चूसना शुरू कर दिया था,, मैने भी जल्दी से अपने कपड़े उतारने

शुरू कर दिए थे मेरी टी-शर्ट निकल गई थी जबकि पॅंट पैरो के बीच मे इकट्ठा होके ज़मीन पर

पड़ी हुई थी,,,उधर रेखा जब माँ के उपर से उठी थी ऑर मामा के लंड को अपनी गान्ड से निकाल दिया

था तो तभी मामा ने नीचे लेटी हुई माँ की चूत मे अपने लंड को घुसा दिया था ऑर माँ की चुदाई

शुरू कर दी थी,,,मैं उन लोगो को देख कर मस्त हो रहा था ऑर इधर मेरा पूरा लंड रेखा मुँह

मे अंदर बाहर होने से मस्ती डबल हो गई थी,,,मैने भी मस्ती मे रेखा के सर को पकड़ा ऑर तेज़ी से

अपने लंड को उसके मुँह मे पेलते हुए उसके मुँह को चोदने लगा मेरा लंड पहले से ही पूरा उसके मुँह

मे जा रहा था लेकिन मैं तो ऑर भी ज़्यादा तेज़ी से ऑर जोरदार धक्के से लंड को उसके गले से नीचे उतारने

लगा था तभी मेरा ध्यान मेरी माँ की तरफ गया जो मुझे ऐसा करते देख हँस रही थी मैने भी माँ को

हँस कर देखा ओर फिर से रेखा के मुँह की चुदाई करने लगा था,,,कुछ देर बाद मैने रेखा के सर को अपने

लंड से दूर कर दिया ऑर जल्दी ही उसको झुकने को बोला वो भी मेरी बात सुनके जल्दी से घुटनो के बल झुक

गई उसका सर माँ की तरफ था जब गान्ड हवा मे उठकर मेरी तरफ थी ऑर मैने जल्दी से उसकी गान्ड पर

अपने थूक से चिकने लंड को रखा ऑर एक ही बार मे पूरा घुसा दिया तभी रेखा की एक तेज चीख

निकल गई रेखा की चीख निकलते ही माँ ऑर मामा का ध्यान मेरी तरफ आया ऑर वो दोनो चुदाई करते हुए

ही मुझे देख कर हँसने लगे थे,,जबकि रेखा तेज़ी से चीख रही थी लेकिन मेरे पर उसकी चीख का कोई

असर नही हो रहा था ऑर लंड को एक बार मे पूरा उसकी गान्ड मे पेलने के बाद ही जल्दी से मैने जोरदार

धक्के लगाने शुरू कर दिए थे,,ऑर वो बस चिल्लाती जा रही थी,,,,,

आराअंम्म्म ससीए क्कारररर न्ना क्काममिन्नईए क्क्ययूउ हहारर बाररर मीररीई गाणन्दड़ पफाड्ड़ने

म्मईए ल्लाग्गा रीहतता हाइईइ हहययईई म्मांरररर गगयइिीईईईई उूुउऊहह द्ढहीररीए क्कार्र

ससुउउन्नययययी बभ्हउुूथत् दर्र्द्द्द हूत्ताअ हहाइईईई ईकक त्तूओ ग्घहूड्दी ज्जििट्त्न्ना ब्बादददा

ल्ल्लुउउन्न्ड्ड़ उउप्पपाररर ससी जजूर्र्ददार्र द्ड़हाक्की ससीए ईईत्न्नी ज़्जब्बार्ददाससटत् च्छुअद्डिईईईई

क्काररत्तता हहाइईइ तततुउउ ककुउउक्च त्तूओ त्ताररास्स क्कीिय्या क्काअररर आआअहह हहयइीई

,,,,,,,,,कययउउू एब्ब क्क्य्या हहूउआअ अब्भीी त्तूओ ककुउक्च द्दीर्रर प्पीहील्ली म्मामममाम

क्की ल्लुउन्न्ड्ड़ ससी कच्छुद्दाइ क्काररतती टिम्मी ब्बाददीई क्क्हुउस्शह टहिि ऊरर बबारर बबार

म्मूउुज्झहही य्याद्द्ड़ क्कार्र र्राहहीी त्ीी म्माम क्की ल्लुउन्न्ड्ड़ ससी म्मांज़्जा क्कार्र र्राहहिि त्तिी

आब्ब्ब म्मेररा ल्लुउन्न्ड्ड़ पपाससांनदड़ न्नाहहीी आय्या क्काययययया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,ससूउर्रीन्न्ड्दीकर्र

क्का ल्लुउउउन्न्द ल्लुउन्न्ड्ड़ हहाइी ल्लीककिन्न टतररा ल्लुउन्न्ड्ड़ त्तूओ ग्घहूड्दी का ल्लुउन्न्ड्ड़ हहाइईइ

इट्त्न्ना ब्बाद्दा म्मूस्साल्ल ज्जू बभीी ल्लीगगा गगाणन्दड़ म्मी उउस्स्ककिी ट्टू गाणनद्दद्ड पफाट

हिी ज्जायईज्गीइइ आहह हहययइईईईई द्ध्हीर्रीए क्कार्र न्नाअ

क्काममिन्नईए ददार्र्द्द्द हहू र्राहहा हहाऐईइ,,,,,,,,,वो ज़ोर से चिल्ला रही थी तभी उसकी चीखों को

दबाने के लिए माँ ने खुद की थोड़ा अड्जस्ट किया ऑर जल्दी से रेखा के सर को पकड़ कर अपनी तरफ खीच

लिया ऑर नीचे करके अपने लिप्स को रेखा के लिप्स मे जाकड़ दिया जिस से रेखा की आवाज़ बंद हो गई लेकिन फिर

भी हल्की हल्की सिसकियाँ निकल रही थी उसकी,,,,माँ ने उसके लिप्स को कस्के अपने लिप्स मे जकड़ा हुआ था ऑर उसके

सर को भी पूरे ज़ोर से अपने हाथों मे पकड़ा हुआ था फिर एक हाथ को माँ ने उसकी पीठ पर मारते हुए

मुझे अपनी स्पीड तेज करने को बोला माँ की इस हरकत से मामा भी एक शरारती मुस्कान से मुझे देखने

लगा ऑर माँ के साथ मिलकर मुझे स्पीड तेज करने का इशारा करने लगा,,,माँ ऑर मामा की बात मान कर

मैं रेखा के उपर झुक गया ऑर उसके दोनो शोल्डर्स को अपने दोनो हाथों से पकड़ कर एक मजबूत

शहरा लेके उसकी गान्ड मे अपने लंड को तेज़ी से पेलने लगा उसने अपने हाथ पीछे करके मुझे हटने को

बोला लेकिन मैं नही रुका वो बार बार अपने हाथ से मुझे रुकने को बोलने लगी लेकिन मैं नही माना

ऑर ऐसे ही तेज़ी से उसकी गान्ड को चोदने लगा,,वो एक हाथ को ज़मीन पर रखकर शहरा लेके झुकी हुई थी

जबकि दूसरे हाथ को पीछे मोड़ कर मेरी पीठ पर थप्पड़ मांर रही थी ऑर मुझे रुकने को बोल रही थी

मैने जल्दी से उसके हाथ को पकड़ा ऑर उसकी पीठ से लगा दिया ऑर तेज़ी से उसको चोदता रहा,,,,,

 
कुछ देर बाद

उसने तड़पना बंद कर दिया ऑर अपने हाथ को ढीला छोड़ दिया मैने भी जब देखा कि अब उसने ज़ोर

लगाना बंद कर दिया है तो मैं समझ गया कि उसको मज़ा आने लगा है तो मैने भी उसके हाथ को अपने

हाथ से आज़ाद कर दिया,,अब उसने अपने उस हाथ को ज़मीन पर लगा लिया था ऑर माँ को किस करने मे

पूरा साथ देने लगी थी ,,,तभी मैने देखा कि मामा माँ के उपर से उतर गया ऑर उसने माँ को एक साइड

करवट लेके लेटा दिया जिस से माँ के लिप्स रेखा के लिप्स से अलग हो गये तभी मामा ने मुझे भी इशारा किया

ऑर मैने भी रेखा कि गान्ड से अपने लंड को निकाल लिया मेरे लंड निकालते ही रेखा भी माँ की तरह

एक साइड को करवट लेके नीचे लेट गई,,,

अब माँ ऑर रेखा दोनो एक साइड करवट लेके एक दूसरे की तरफ फेस करके लेट गई दोनो के फेस एक दूसरे

के करीब थे जबकि मैं ऑर मामा दोनो की पीठ पीछे उनकी तरफ करवट लेके लेटे हुए थे मामा ने

माँ की एक टाँग उठाई ऑर माँ ने भी मामा का साथ देते हुए अपनी टाँग को अपने हाथ मे पकड़ लिया ऑर

मामा ने पीछे से अपने हाथ पर थोड़ा थूक लेके लंड पर लगाया ऑर माँ की गान्ड मे लंड घुसा दिया

ऑर तेज़ी से धक्के मारने शुरू कर दिए ,,इधर मैने भी रेखा के पीछे लेट कर अपने पेट को रेखा की

पीठ से लगा दिया ऑर मामा की तरह ही रेखा की टाँग को पकड़ कर उपर उठाने लगा लेकिन मेरे हाथ

लगाने से पहले ही रेखा ने अपने हाथ से अपनी एक टाँग को पकड़ा ऑर उपर हवा मे उठा लिया वो मेरे से

ज़्यादा ही तेज थी ऑर वैसे भी उमर मे बड़ी थी काफ़ी पुरानी खिलाड़ी थी इस खेल की,,,,

रेखा की टाँग उपर उठाते ही मैने भी लंड को उसकी गान्ड पर रखा लेकिन थूक नही लगाया ऑर ऐसे ही

एक झटके मे लंड को उसकी गान्ड मे आधे से ज़्यादा अंदर तक घुसा दिया वो हल्की सी उछल गई,,,,,,हयईी

काअमिईईन्नी त्तहूड्दा त्हूओक्क तटूऊ ल्लाग्गाअ ल्लेटीटाअ ऐसी हहीी ग्घुउस्सा दीईययाअ साररा

म्मांन्ंस्सस्स रराग्गाडड़ ददिईयया म्मीररीई गगाणन्दड़ क्काअ ,,,वो चिल्ला रही थी लेकिन मैं पीछे से

मस्ती मे हल्की स्माइल देता हूँ उसको चोदने लगा था उसका चिल्लाना ऑर मेरे होंठों की मुस्कान देख

कर मामा ऑर माँ मेरी तरफ़ देख कर हँसने लगे थे माँ ने अपनी टाँग को अपने हाथ मे पकड़ा हुआ

था ऑर मामा उसके पीछे लेट कर माँ की गान्ड मे अपना लंड डालके तेज़ी से चुदाई कर रहा था मामा का

एक माँ के पेट ऑर कमर से होता हुआ माँ के एक बूब्स को बारी-बारी से मसल रहा था ऑर माँ हल्की हल्की

सिसकियाँ लेती हुई मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा रही थी मैने भी मस्ती मे मामा की तरह अपना एक हाथ

रेखा के बूब्स पर रख दिया ऑर एक ही पल मे तेज़ी से बूब्स को मसल्ने लगा ,,,,,,,,,

क्काममिन्नी गगाणन्दड़ बभीी पफाड्दड़ र्राहहा हहाइईइ ऊरर आब्ब्ब म्मीर्रे ब्बूबबसस ककूऊव

बभहिि ब्बीररीहममी ससी म्मांस्साल्ल र्राहहाअ हहाइईइ कचहात्त्तिईइ ससी उऊउक्खहाआद्द्द्दद्ड

क्कारररर आल्लाग्ग क्काररीग्गा क्क्य्या म्मीररी ब्बूवबबसस ककूऊव ,,,,,,,वो हल्के दर्द से ऑर मस्ती

मे हल्का सा सिसकियाँ लेती हुई चिल्ला भी रही थी ऑर मैं उसके बूब्स को मसलता हुआ उसकी गान्ड की जबरदस्त

चुदाई कर रहा था तभी एक पल मे माँ ऑर रेखा दोनो की सिसकियाँ बंद हो गई मैने देखा की माँ ने

अपने उस टाँग को अपने हाथ से छोड़ दिया था ऑर मामा का हाथ माँ की उस टाँग पर चला गया था ऑर

मामा ने अपने हाथ से माँ की टाँग को शहरा देके हवा मे उठा रखा था ऑर माँ का हाथ रेखा के

बूब्स पर चला गया था ऑर माँ ने अपने सर को थोड़ा ऑर ज़्यादा करीब करके रेखा के लिप्स को अपने लिप्स

मे भर लिया था ऑर दोनो मे एक मस्ती भरी किस शुरू हो गई थी माँ अपने एक हाथ से अपनी चूत को

सहला रही थी ऑर एक हाथ से रेखा के बूब को ऑर रेखा ने भी अपनी टाँग को अपने हाथ से हटा कर माँ

की कमर पर रख दिया था ऑर अपने हाथ को माँ एक बूब्स पर रख दिया था रेखा की टाँग माँ की कमर

पर थी ऑर दोनो बहुद करीब हो गई थी मैं ऑर मामा भी खुद को अड्जस्ट करके उनके बिल्कुल पीछे से

उनकी पीठ के साथ चिपक गये थे हम सब लोग इतना करीब थे कि मेरे ऑर मामा के धक्के मारने से

माँ ऑर रेखा के बूब्स ऑर पेट आपस मे टकरा रहे थे ,,,,तभी मैने भी रेखा की गान्ड मारते हुए

अपने एक हाथ को रेखा की चूत पर रख दिया ऑर तेज़ी से उंगली करने लगा ,,,

माँ की गान्ड मे मामा का लंड चुदाई कर रहा था ऑर माँ का अपना एक हाथ उनकी चूत पर था जबकि

मैं रेखा की गान्ड मे लंड पेलते हुए रेखा की चूत पर अपने हाथ से सहला रहा था माँ ऑर रेखा

दोनो एक दूसरे के लिप्स को अपने लिप्स मे जाकड़ कर किस कर रही थी कुछ ही देर मे मस्ती इतनी ज़्यादा हो गई

थी माँ ऑर रेखा की वो दोनो किस करती हुई ही सिसकियाँ लेने लगी थी सिसकियों पर क़ाबू नही रहा था दोनो

ने अपने लिप्स को एक दूसरे के लिप्स से अलग कर लिया ऑर खुल कर सिसकियाँ लेने लगी थी रेखा का तो कुछ ज़्यादा

ही बुरा हाल था ऑर उसके ये हाल ज़्यादा देर तक टिका नही रहा ऑर जल्दी ही वो तेज़ी से झटके लेने लगी थी मैं

समझ गया कि अब इसका तो होने वाला है इसीलिए गान्ड मे लंड की ऑर चूत पर हाथ की स्पीड को तेज कर दिया

ऑर कुछ ही पल मे वो तेज़ी से चिल्लाते हुए पानी छोड़ने लगी उसकी चूत से पानी निकालने के बाद भी मैं

उसकी चूत पर हाथ से सहलाता रहा ऑर गान्ड भी मारता रहा तभी उसने मुझे दूर हटने को बोला लेकिन

मैने उसकी बात को अनसुना कर दिया ऑर ऐसे ही उसकी चुदाई करता रहा ,,,,,,,,,,,हइईए राअंम्म्ममम

ब्बाअस्स क्कार्र आब्ब्ब्बब म्मेररा हहूऊ गग्यया हहाइईइ ककुउक्च्छ द्दीर्र रुउककजजा क्काममिन्नी

क्क्ययउउू जानं ल्लीन्नी् प्पीरर तुऊउल्ला हहूउआ हहाइईइ दडियड्डिईईईईई आप्प्प्प्प हहिि ककुउउक्च बूल्लू

न्ना ईईसस सुउउन्नययी कककूऊऊ म्म्मीूररीि जानं ननीककााल्ल र्राहहिि हाइईइ

,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,रेखा माँ को मुझे

हटाने को बोल रही थी लेकिन मैं उसकी बात नही सुन रहा था तभी माँ ने अपनी चूत को अपनी उंगलियों

से खोला ऑर मुझे अपनी चूत की तरफ इशारा किया मेरा ध्यान अभी उसकी चूत की तरफ था कि रेखा जल्दी

से उठने लगी ऑर मैने भी उसको नही रोका वो उठी ऑर माँ को एक किस करके जल्दी से साइड पर हो गई जैसे

कि उसने माँ को किस करके थन्क्ष बोला था कि माँ ने उसको मेरे से बचा लिया है मैं भी माँ की चूत

मे इतना खो गया कि जल्दी से रेखा के साइड होते ही माँ की तरफ बढ़ गया ऑर लंड को माँ की चूत मे घुसा

दिया ऑर लंड घुसते ही तेज़ी से माँ की चूत को चोदने लगा माँ ने अपनी चूत से हाथ हटा लिया ऑर मेरी

कमर पर रख दिया ऑर मुझे अपने साथ चिपका लिया अब मैं माँ की चूत को आगे से ऑर मामा माँ की

गान्ड को पीछे से चोदने लगे थे माँ हम दोनो के बीच फसि हुई थी माँ ने मेरी कमर पर

हाथ रखके मुझे करीब किया ऑर मेरा हाथ पकड़ कर अपने बूब्स पर रख दिया फिर जल्दी से मेरे लिप्स

को अपने लिप्स मे जाकड़ लिया मैं भी मस्ती मे माँ की चूत को चोद्ते हुए माँ के बूब्स को दबाने लगा

ऑर माँ की किस का रेस्पॉन्स भी देने लगा माँ कुछ ज़्यादा ही मस्ती मे मेरे लिप्स को चूसने लगी थी क्यूकी

पहले वो सिर्फ़ मामा के लंड से चुद रही थी लेकिन अब 2 लंड की चुदाई से माँ की मस्ती कुछ ज़्यादा हो गई

थी वैसे भी माँ को तभी मज़ा आता था जब 2 लंड एक साथ उसकी चूत ऑर गान्ड की चुदाई करते थे ,,

कुछ देर ऐसे ही किस करके ओर चुदाई करने के बाद मामा ने माँ के सर को पकड़ा ऑर उसने फेस को पीछे

अपनी तरफ़ टर्न कर लिया मैने भी माँ के लिप्स को अपने लिप्स से आज़ाद कर दिया ताकि माँ मामा की तरफ देख

सके माँ का सर पीछे की तरफ़ मुड़ते ही मामा ने माँ के लिप्स को चूसना शुरू कर दिया ऑर मेरे सर को

मामा ने अपने हाथ से माँ के बूब्स की तरफ बढ़ा दिया मैने भी माँ के लिप्स को अपने हाथ से दबाते

हुए चूसना शुरू कर दिया माँ की मस्ती बहुत ज़्यादा हो गई थी क्यूकी वो काफ़ी टाइम से मामा से चुदाई

कर रही थी इतने टाइम से चुदाई करवा रही थी कि उसके साथ साथ चुदाई शुरू करने वाली रेखा तो एक बार

पानी छोड़ भी चुकी थी लेकिन माँ की चूत ऑर गान्ड अभी भी चुदाई मे लगी हुई थी मामा ऑर मैं

भी तेज़ी से माँ की चुदाई कर रहे थे ना तो मैं थका था ऑर ना ही मामा रुकने का नाम ले रहा था

लेकिन माँ अब रुकने वाली थी क्यूकी माँ के जिस्म मे झटके लगने शुरू हो गये थे तभी माँ ने मेरी

पीठ पर हाथ मारने शुरू किए ऑर साथ ही मामा ने भी मुझे इशारा किया स्पीड तेज करने को ऑर मामा

'ने खुद भी स्पीड तेज करदी कुछ ही पॅलो मे माँ की चूत ऑर गान्ड ने एक ही टाइम पर पानी निकालना

शुरू कर दिया माँ का पानी तो निकल गया था लेकिन माँ चुदाई के खेल मे पड़ी हुई थी ऑर मस्ती मे मुझे

ऑर मामा को ऑर तेज़ी से चुदाई करने को बोल रही थी लेकिन मामा की मर्ज़ी कुछ ऑर थी उसने जल्दी से माँ की

गान्ड मे से लंड निकाल लिया ऑर माँ के पीछे से उठ गया ऑर मुझे भी सर पे हाथ मार कर उठने को बोला

मैं कुछ समझा नही लेकिन तभी माँ ने भी मुझे छाती से हाथ लगा कर पीछे किया ऑर हटने को बोला

तो मैने भी अपने लंड को माँ की चूत से निकाल लिया ऑर जब मूड कर मामा की तरफ देखा तो वो रेखा

के पास चला गया था

 
रेखा चद्दर पर लेटी हुई थी ऑर मामा घुटनो को मोड़ कर चद्दर पर बैठ कर अपने लंड को रेखा

के मुँह मे घुसा चुका था ऑर रेखा ने भी मामा के लंड को मुँह मे लेके चूसना शुरू कर दिया था

तभी मैं भी माँ की चूत से लंड निकाल कर खड़ा हो गया था ऑर इतने मे माँ भी घुटनो पर बैठ

कर मेरे लंड को मुँह मे ले चुकी थी ऑर प्यार से चूसने लगी थी कुछ देर मेरे लंड को चूसने के बाद

माँ ने लंड को मुँह से निकाला ऑर तभी मैने देखा कि मामा माँ को कुछ इशारा कर रही थी ऑर माँ

ने तभी मेरे लंड को मुँह से निकाला था ऑर मामा का इशारा मिलते ही माँ ने भी मुझे पीठ से हल्का

सा धक्का देके रेखा की तरफ बढ़ा दिया ऑर मामा ने भी मुझे रेखा की चूत पर हाथ रखके उसकी

चूत मे लंड घुसाने को बोला मैं तो पहले से पूरा भरा हुआ था ऑर जल्दी से रेखा की टाँगों को

खोल कर रेखा की टाँगों के बीच मे बैठ गया इस से पहले रेखा कुछ समझ पाती मैने रेखा की

चूत मे लंड घुसा दिया ऑर एक ही बार मे पूरा लंड पेल दिया रेखा की चूत मे लेकिन रेखा इस चुदाई

को तैयार नही थी ऑर थोड़ा हिलने डुलने लगी थी लेकिन मैने उसकी टाँगों को पकड़ा हुआ था जबकि मामा ने

उसके एक हाथ को पकड़ कर अपने जिस्म को उसके सर के उपर से आगे की तरफ बढ़ा दिया अपने कमर को उपर

नीचे करते हुए अपने लंड को रेखा के मुँह मे पेलने लगा रेखा की चूत मे लंड घुसते ही मैने तेज़ी

से रेखा की चूत को चोदना शुरू कर दिया जबकि मामा ने उसके मुँह मे लंड घुसा कर उसके मुँह को

चोदना शुरू कर दिया रेखा का एक हाथ तो मामा के हाथ मे था लेकिन एक हाथ फ्री था जिसको वो मामा की

पीठ ऑर कमर पर मार कर मामा को हटने को बोल रही थी लेकिन मामा उसके मुँह मे चुदाई करता जा रहा

था ,,,, मैं मस्ती मे पागल हो गया था ऑर पूरे जोश मे था मामा भी आज जोश मे लग रहा था मामा तो

चरस पीक जोश मे ही रहता था लेकिन मेरे जोश की वजह कुछ ऑर थी आज मैं माँ के साथ किसी ऑर औरत

की चुदाई कर रहा था इसलिए मेरे लंड मे कुछ ज़्यादा ही जोश भरा हुआ था ऑर मैं रेखा की दोनो

टाँगों को पकड़ कर तेज़ी से उसकी चूत चोदने मे लगा हुआ था रेखा कुछ देर हिलती जुलती रही लेकिन कुछ

देर बाद जब उसको मज़ा आने लगा तो उसने हिलना जुलना बंद कर दिया ऑर मामा की कमर को अपने एक हाथ से

पकड़ कर उपर नीचे करने लेगी मामा को भी जब पता चल गया कि रेखा मस्ती मे भरने लगी है तो

मामा जल्दी से उसके उपर से उठ गया ऑर मेरे को चेस्ट पर हाथ लगा कर पीछे होने को बोला ऑर उधर

रेखा के सर को पकड़ कर उपर उठाने लगा मैं मामा की बात समझ गया ऑर रेखा की टाँगों से अपने

हाथ हटा कर उसके शोल्डर पर ले गया ऑर उसको पकड़ कर उपर उठाते हुए खुद पीठ के बाल लेटने लगा

जिस से कुछ ही देर मे मैं पीठ के बल ज़मीन पर लेट गये ऑर रेखा मेरे उपर आ गई लेकिन इतने टाइम

मे मैने लंड को रेखा की चूत से नही निकाला ऑर रेखा के मेरे उपर आते ही फिर से मैने चुदाई शुरू

करदी तब तक मामा रेखा के पीछे चला गया ऑर रेखा की गान्ड को थोड़ा हवा मे उठाकर अपने लंड

को रेखा की गान्ड मे घुसा दिया रेखा ने मामा के लंड को अपनी गान्ड मे सहन कर लिया क्यूकी मामा

का लंड भले लंबा था लेकिन था मेरे लंड से बहुत ज़्यादा पतला ऑर रेखा ने उसको एक ही बार मे शायद

पूरा का पूरा निगल लिया था ,,

मामा ने पीछे से रेखा की गान्ड को मारना शुरू किया जबकि मैं रेखा की चूत को चोदने मे लगा

हुआ था रेखा मेरी तरफ़ मुस्कुरा कर देखती हुई सिसकियाँ ले रही थी तभी कुछ ऑर सिसकियों की आवाज़ आने

लगी मैने सर घूमा कर देखा तो माँ ने अपनी चूत मे उंगली करना शुरू कर दिया था ऑर हम लोगो

को चुदाई करते देख फिर से मस्ती मे आ गई थी रेखा ने मेरे सर को पकड़ा ऑर अपनी तरफ़ घमा लिया ऑर

मुझे मेरी माँ को देखने से रोक दिया मानो वो इशारे मे बोल रही हो कि अपनी माँ को नही मुझे देखो

ऑर जल्दी से मेरे लिप्स को चूसने लगी मैं भी मस्ती मे पागल होके उसको किस करने लगा ऑर उसके बड़े-2

बूब्स को हाथों से मसालने लगा तभी मेरे हाथ के साथ-साथ मामा के हाथ भी उसके बूब्स तक आ

गये थे ओर हम दोनो मिलकर रेखा के बूब्स को मसालने लगे थे रेखा के बूब्स थे ही इतने बड़े कि

हम लोगो को मिलकर उसको मसलना पड़ रहा था लेकिन तब भी मेरे ऑर मामा के हाथ मे एक पूरा बूब

नही आ रहा था फिर भी हम उसके बूब्स को मसल रहे थे मैने उसको किस करते हुए देखा कि माँ

हमारे पास आ गई थी ऑर घुटनो के बल बैठ कर अपनी चूत मे उंगली करने लगी थी जिस जगह वो बैठी

हुई थी उस से लग रहा था कि वो मामा को किस कर रही होगी मैने कुछ देर के लिए रेखा एक लिप्स से अपने

लिप्स अलग किए ऑर देखा तो सच मे माँ मामा को किस कर रही थी ऑर एक हाथ से अपने बूब्स को मसल्ति

हुई अपनी चूत मे उंगली कर रही थी मैं माँ को देख कर ज़्यादा ही मस्त हो गया ऑर रेखा के लिप्स को

वापिस अपने लिप्स मे जाकड़ कर किस करने लगा ऑर उसके बूब्स से हाथ हटा कर उसकी पीठ पर ले गया ऑर उसकी

पीठ पर पकड़ बना कर तेज़ी से अपनी कमर को उपर नीचे करने लगा कुछ ही पल मे मेरी स्पीड कुछ

ज़्यादा ही तेज हो गई थी मैने महसूस किया की मामा की स्पीड भी पहले से ज़्यादा तेज हो गई थी मैं ऑर

मामा पूरी स्पीड से रेखा की चूत ओर गान्ड की चुदाई कर रहे थे ऑर रेखा को मज़ा दे रहे थे ,,

 


रेखा भी मस्ती मे पागलो को तरह मेरे लिप्स को जाकड़ कर चूसने लगी थी ओर अपने मज़े का इज़हार करने

लगी थी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,आअहह उूुउऊहह ईीीसस्क्क्कूऊ क्कीएहहट्थीई

हहाइईइ आस्सल्लीइीइ म्मामज़्जज़जाआ ज्जाब्ब ईकककक हहिईिइ टिइम्मी प्पपीरर 2 म्मूस्साल्ल ईकक स्साटतह

आपपक्कीी कच्छूऊतत ऊओरर गगाणन्दड़ क्कीिई कच्छुद्दाी क्काररतती हहाइईइ आहह हमम्म

उूुउऊहह ीसस्सीए हहिईिइ चछूड्डूऊ म्मूउज़्झहही तुउउंम्म द्दूओन्नूऊओ

ऊओरर त्टीजजििीइ ससीई पफाड्द द्दाल्लूऊ म्मीररर्रृिइ छ्छूऊतत ऊओरर गगाणन्ंदड़ क्कूव क्कू

ररीहहाआंम म्मांत्त क्काररन्ना ऊओरर त्टीजज ऊओररर त्टीजज कचछूड्ड़ूऊव आहह

रेखा की सिसकियाँ कुछ ज़्यादा ही तेज होने लगी थी ऑर उसकी सिसकियाँ सुनकर मेरी ऑर मामा की भी स्पीड तेज

होने लगी थी हम दोनो मिलकर रेखा की चुदाई कर रहे थे ऑर काफ़ी टाइम से टिके हुए थे मैदान मे

रेखा भी अब पूरा साथ दे रही थी इस खेल का लेकिन वो ज़्यादा देर टिकी नही रह सकी एक दम से उसकी आवाज़

तेज होने लगी ऑर साथ ही मामा की भी मुझे लगा कि मामा झड़ने वाला है क्यूकी वो तभी आवाज़ करता है

जब झड़ने वाला होता है वैसे वो कुछ नही बोलता चुदाई करते टाइम ऑर साथ ही रेखा की आवाज़ भी तेज थी

इसलिए शायद वो भी झड़ने वाली थी लेकिन मेरा पानी अभी नही निकलने वाला था इसलिए मैं तेज़ी से चोदता

जा रहा था तभी एक जोरदार आवाज़ के साथ मामा झड गया ओर अपने पानी को रेखा की गान्ड मे भरके साइड

मे जाके लेट गया ऑर तेज़ी से साँसे लेने लगा माँ भी मामा की तरफ चली गई ऑर मामा के लंड पर लगे पानी

को अच्छी तरह चाट कर सॉफ करने लगी

इधर मैं अभी भी डटा हुआ था लेकिन अभी मुझे भी लगने लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ तो मैने

स्पीड तेज करदी ऑर जल्दी से पानी निकालने वाला था लेकिन मेरा पानी निकलने से पहले ही रेखा का पानी निकल

गया ऑर वो मेरे उपर से हटने लगी इस बार मैने उसको नही रोका क्यूकी मैं भी झड़ने वाला था ऑर मेरी

सिसकियाँ तेज होने लगी थी शायद माँ को इस बात का पता चल गया था ऑर माँ जल्दी से मामा के लंड को

सॉफ करके मेरे करीब आ गई तब तक रेखा की चूत पानी छोड़ चुकी थी ऑर रेखा मेरे उपर से उतर

चुकी थी इतने मे माँ ने आगे बढ़ के मेरे लंड को मुँह मे भर लिया ऑर दोनो हाथों को मेरे लंड पर

तेज़ी से चलाने लगी ओर साथ ही अपने लिप्स से मेरे लंड को टोपी को चुस्ती हुई अपने मुँह को उपर नीचे करने

लगी कुछ ही पल मे माँ के मुँह मे मेरे लंड ने पिचकारियाँ मारना शुरू कर दिया ऑर माँ ने मेरे

पानी को पीना शुरू कर दिया मैने माँ के सर को कस्के अपने हाथों से पकड़ा ऑर सर को लंड पर दबा

दिया जिस से लंड माँ के गले से नीचे तक चला गया ऑर मेरे लंड की कुछ पिचकारियाँ सीधा माँ के गले

से नीचे उतर गई थी लंड के पानी निकालने के बाद मैने माँ के सर को छोड़ दिया ऑर माँ ने लंड को

अच्छी तरह से चाट कर सॉफ कर दिया मैं तेज़ी से साँसे ले रहा था क्यूकी बहुत थक गया था माँ भी मेरे

पास लेट गई ऑर मेरे सर पर किस करने लगी ऑर प्यार से हाथ फेरने लगी इतने मे रेखा की तरफ देखा तो वो

अभी तक साँसों पर क़ाबू नही कर सकी थी ऑर तेज़ी से हाँफ रही थी मामा अब तक कुछ ठीक हो गया था

लेकिन आराम से लेटा हुआ था,,,,,,,,

चुदाई ख़त्म हो चुकी थी सब लोग अपनी अपनी साँसों पर क़ाबू कर चुके थे लेकिन काफ़ी टाइम से सब

चुप चाप लेटे हुए थे,,,,,

तभी माँ उठी ऑर अपने कपड़े पहनने लगी

सन्नी--अरे माँ इतनी भी क्या जल्दी है अभी तो मज़ा आना शुरू हुआ था ऑर आप कपड़े पहनने लगी हो थोड़ी देर

रूको ना,,,,,,

माँ ने मेरी तरफ देखा ऑर अपने ब्लाउस के हुक बंद करने लगी लेकिन बोली कुछ नही लेकिन मैं माँ के

फेस को देख कर सब कुछ समझ गया था,,,माँ कुछ डरी हुई थी ,,पहले तो चुदाई का खेल चल रहा था

इसलिए मैं चुप था ऑर माँ भी मस्ती मे थी लेकिन अब माँ को डर था कहीं मैं माँ से कोई सवाल नही

कर दूं इसलिए माँ थोड़ी डरी हुई थी,,,,,,,

सन्नी--माँ आप डरो नही मैं आपसे कोई सवाल नही करूँगा ,,,,,ऑर ना ही किसी ऑर से,,,सब लोग मेरी तरफ देखने

लगे,,,,,,,,, खास कर माँ,,,,,,,,,

सन्नी-हाँ माँ मैं जानता हूँ आप लोग मेरे से कुछ छुपा रहे हो ,,,उस दिन बातों बातों मे रेखा

ने काफ़ी कुछ बोल दिया था लेकिन कुछ ख़ास बताया नही मुझे ऑर अब आप मेरे से डर रही हो कहीं मैं

कुछ पूछ ना लूँ आपसे तो आप अपने मन से डर निकाल दो ,,क्यूकी मैं तो बस यहाँ मज़ा करने आया

हूँ आप लोगो से कोई पूछ ताछ करने नही आप लोग बेफ़िक्र रहो मेरे से,,,,ख़ासकर आप माँ ,,,मैं

जानता हूँ कोई बात चल रही है आप लोगो के बीच मे जिसको विशाल भाई भी जानता है लेकिन मैं नही

जानता लेकिन ठीक टाइम आने पर मैं भी जान जाउन्गा लेकिन आपसे कभी ज़ोर डालके नही पूछूँगा कोई भी

बात आपको जब भी सही लगे तब मुझे बता देना,,,,,

मैं माँ से बात कर रहा था तभी विशाल भाई का नाम आते ही माँ गुस्से मे रेखा की तरफ देखने

लगी ऑर रेखा ने सर को झुका लिया,,,,

सन्नी--माँ आप रेखा को गुस्से से मत देखो,,मैने बोला ना उसने कुछ नही बताया है मुझे ऑर अब मुझे कुछ

जानना भी नही है मुझे तो बस आपकी चूत ऑर गान्ड का मज़ा लेना है साथ मे रेखा की चूत ऑर गान्ड

का भी,,,इतना बोलते ही मैं उठा ऑर माँ के सर को पकड़ कर उसके फॉरहेड पर किस करदी,,,मेरे ऐसा करते

ही मामा भी बोलने लगा,,,,,,,,,,बेहन अब तो डर दूर कर्दे अपने दिल का अब तो सन्नी ने भी सब कुछ सॉफ

सॉफ बोल दिया है कि जब तेरा दिल करे तब तू खुद उसको सब कुछ बता देना ,,,

इतने मे रेखा भी हमारे पास आ गई,,,,सरिता दीदी मुझे माफ़ करदो जो मेरी ज़ुबान से कुछ बातें

निकल गई लेकिन एक ना एक दिन तो सन्नी को सब पता चलना ही है ,,,,

रेखा ने अभी बोलना शुरू किया था कि तभी माँ थोड़े गुस्से मे बोल पड़ी,,,,तू अपनी बकवास बंद ही

रख तेरी वजह से ही शोबा ,,,,,,,,,,,,इतना बोलते बोलते ही माँ चुप कर गई ओर मेरी तरफ देख कर सर को

नीचे कर लिया,,,,,

 
ग़लती हो गई सरिता दीदी अब तो माफ़ करदो अब मेरी ज़ुबान नही खुलगी कभी भी किसी के भी आगे,,,,इतने

दिनो बाद इतना मज़ा आया है अब मज़े को खराब मत करो ना प्लीज़ मैं अपनी ग़लती की माफी मांगती हूँ

अब तो माफ़ करदो,,,,,,,,,,सन्नी तुम ही कुछ बोलो अपनी माँ को

मैने माँ के शोल्डर को पकड़ा ऑर माँ के फेस को देखते हुए,,,,माँ अब कोई टेन्षन नही है आप

बेफ़िक्र रहो मैं कुछ नही पूछने वाला आपसे आपका जब दिल करे तब बता देना ,,,अभी तो मज़ा करो

ना मैं वैसे भी आपके साथ मज़ा करने ही यहाँ आया हूँ ,,कल भी आपके साथ आना था लेकिन अपने मेरे

साथ आने से मना कर दिया इसलिए मैने कार की वाइयर निकाल दी थी सोचा कार स्टार्ट करने के बाद शायद आप लोग

मुझे अपने साथ रेखा के पास ले आओ लेकिन आप नही लेके आए,,,आज भी मैं आप लोगो के पीछे इसलिए आया

क्यूकी मेरा दिल बहुत कर रहा था आपसे ऑर रेखा से चुदाई करने को मैं कोई फालतू सवाल जवाब करने नही

आया यहाँ,,,,,,,,,,

माँ--बेटा तू कुछ नही पूछेगा लेकिन ये रेखा की ज़ुबान केँची की तरह चलती है कुछ भी बक देती है ये,,

रेखा--अब नही बोलूँगी सरिता दीदी एक बार माफ़ करदो मुझे,,सरिता माँ से माफी माँगे लगी,,,,

माँ--पहले भी एक बार माफ़ कर चुकी हूँ तेरे को लेकिन तेरी वजह से ,,,,,,,,माँ एक दम से फिर चुप हो गई

माँ गुस्से मे थी लेकिन फिर भी अपने वर्ड्स पर कंट्रोल करना खूब आता था उनको गुस्से मे भी अपने

मुँह से कोई बात नही निकलने दे रही थी वो,,,,,,ये बात अच्छी थी माँ की लेकिन मुझे टेन्षन होने लगी थी

माँ की बातें सुन कर क्यूकी वो बातें अधूरी थी ,,,,,

मामा--अरे बेहन एक बार माफ़ कर्दे रेखा को आगे से कोई ग़लती नही करेगी लेकिन माँ कोई बात नही सुन रही थी

इसलिए मैने जल्दी से आगे बढ़ के माँ के लिप्स को अपने लिप्स से जाकड़ लिया ऑर किस करने लगा मेरी इसी हरकत

से रेखा ने माँ की पीठ पर से माँ के ब्लाउस को खोलना शुरू कर दिया कुछ ही देर मे माँ का ब्लाउस

वापिस चद्दर पर पड़ा हुआ था ऑर माँ ने मस्ती मे मुझे किस करना शुरू कर दिया था,,,

माँ ने मेरे से अलग होके कुछ बोलने की कोशिश की,,,,,,,,,,

सन्नी--अब कोई कुछ नही बोलेगा माँ ,,,आप टेन्षन फ्री हो जाओ ऑर मस्ती करो इतना बोलकर मैने माँ को वापिस

किस करना शुरू कर दिया माँ भी मस्ती मे आके किस का रेस्पॉन्स अच्छी तरह से देने लगी थी,,,,

मेरी बातों से शायद माँ की टेन्षन कम हो गई थी लेकिन माँ की अधूरी बातों से मेरी टेन्षन पहले

से ज़्यादा बढ़ गई थी,,,,

खैर उस दिन हम लोगो ने एक बार फिर से चुदाई का खेल शुरू कर दिया था ,,कभी मामा ने माँ को

ऑर मैं रेखा को छोड़ा तो कभी मामा ने रेखा को ओर मैने माँ को छोड़ा,,,,,,,,तो कभी कभी मैने

ऑर मामा ने मिलकर माँ को तो कभी मिलकर रेखा को छोड़ा उस दिन हम शाम के 7 बजे तक चुदाई करते

रहे,,,,

हम लोग खाने के टाइम से लेट हो गये थे,,माँ तो जाने को बोलती रही लेकिन मैं मामा ऑर खास कर

रेखा का दिल नही भर रहा था चुदाई से इसलिए हम लोग लेट हो गये,,,

रात को जब वापिस घर आए तो मैने कार को नये घर मे लगा दिया ऑर फिर फ्रेश होके चाचा के घर

चला गया,,,

तब तक माँ रसोई मे जाके खाना तैयार करने लगी थी ऑर चाची रसोई मे माँ के पास खड़ी होके माँ

की हेल्प कर रही थी,,,,,,

मैं भी रसोई मे चला गया ,,,ऑर जाते ही मुझे झटका लगा,,,,,अरे ये क्या मामा आज रसोई मे खड़ा हुआ

माँ ऑर चाची जी की हेल्प कर रहा है,,,,ऑर सब्जी बना रहा है,,,,मैं तो दंग रह गया कि जो बंदा हर

टाइम चरस के नशे मे रहता था कोई काम नही करता था आज वो रसोई मे खाना बना रहा है ,,

फिर मुझे लगा कि आज शायद लेट हो गये थे हम लोग इसी वजह से मामा उन लोगो की हेल्प कर रहा था

चाची--बेटी जल्दी कर आज वैसे भी खाना पकने मे देर हो गई है,,,,,

माँ--ग़लती हो गई चाची जी वो मैं ,,,,,,,,,,

माँ कुछ बोलती इस से पहले मैं बोल पड़ा,,,,,,,,,,,,,चाची जी मेरी वजह से लेट हुए है हम लोग माँ ऑर

मामा तो कब्से बोल रहे थे वापिस घर आने को लेकिन मुझे गाओं मे घूमना था इसलिए थोड़ा लेट

हो गये,,,,,,

चाची ने मेरे सर पे हाथ फेरा,,,,,,कोई बात नही बेटा एक दिन हम बूढ़े लोग खाना लेट खा लेंगे

तो कोन्सि आफ़त आ जाएगी,,इतना बोलकर चाची हँसती हुई किचन से बाहर चली गई,,,,,

तभी माँ ने मुझे कुछ बर्तन दिए ऑर बोला की मैं बाहर टेबल पर बर्तन सेट करके लगा दूं बाद

मे माँ आके खाना लगा देगी लेकिन मेरे बर्तन पकड़ने से पहले ही सोनिया ने माँ के हाथ से बर्तन

पकड़ लिए ऑर कुछ बोले बिना जल्दी से बाहर आके टेबल ऑर चारपाई को सेट करके टेबल पर बर्तन रख दिए

ऑर माँ भी खाना लेके बाहर आ गई सोनिया उनकी हेल्प करने लगी जब तक चाची भी आके वहाँ बैठ गई ऑर

मामा भी रसोई से बाहर आके हाथ धो कर हमारे पास आ गया था,,,,

हम सब लोग खाना खाने लगे अभी मैने खाने का एक नीवाल मुँह मे डाला था कि खुश हो गया साथ

मे थोड़ा हैरान भी रह गया,,,,,क्यूकी आज सब्जी बहुत स्वाद बनी थी ऑर ये सब्जी मामा ने बनाई थी

अरे सुरिंदर बेटा आज तो तूने बहुत अच्छी सब्जी बनाई है ,,मज़ा आ गया,,,चाची ने भी एक नीवाला मुँह मे

डालते ही मामा की तारीफ करनी शुरू करदी,,,,तभी सोनिया भी हैरानी से मुँह खोलके मामा की तरफ देखने

लगी,,,,,,,,,,,,,,

चाची क्या सच मे सब्जी मामा ने बनाई है,,,,,,,,सोनिया हैरान होके पूछ रही थी,,,

चाची--हाँ बेटी आज सब्जी तेरे मामा ने बनाई है ,क्यू अच्छी नही लगी क्या,,,,

सोनिया--नही नही चाची जी सब्जी बहुत टेस्टी है मैं तो हैरान इसलिए हूँ क्यूकी आज तक कभी मैने मामा के

हाथ की सब्जी नही खाई थी ऑर खाती भी कैसे मामा ने कभी बनाई होती तो ही खाती ना,,,,

चाची--अरे बेटी तेरा मामा शुरू से ही आलसी है जब दिल करे तब ही कुछ काम करता है,,,,इतना बोलते ही चाची

हँसने लगी ऑर साथ मे हम सब भी,,,,,,लेकिन जब भी काम करता है तो दिल लगा कर करता है ऑर ख़ासकर

खाना तो बहुत दिल लगा कर बनाता है लेकिन जब भी मूड करे तब,,,,,

लेकिन चाची घर पे तो कभी मामा ने कुछ नही बनाया खाने के लिए,,,,सोनिया ने चाची को बोला

अरे बेटी बोला ना जब इसके दिल करे तब ही बनाता है ,,,,,,,

मैं हैरान था कि माँ चुप थी लेकिन चाची बोल रही थी जैसे चाची माँ से बेहतर जानती हो मेरे

मामा को,,,,मुझे कुछ ठीक नही लग रहा था एक तो दिन के टाइम माँ की अधूरी बात ने मुझे टेन्षन

मे डाल दिया था ऑर अब चाची की बातों ने टेन्षन को ऑर ज़्यादा बढ़ा दिया था,,,

खैर मैं टेन्षन को भूल कर मजेदार सब्जी का लुफ्त उठाने लगा था ऑर आज तो मैं कुछ ज़्यादा ही

खाना खा गया था,,,ऑर यही हाल बाकी सब का था ,,,सब लोग खाना खाते हुए मामा की तारीफ कर रहे थे

जबकि मामा खुद चुप चाप खाना खा रहा था,,,,,,,,मैं सोचने लगा कि एसा आलसी बंदा जो एक वर्ड

बोलकर सबको थॅंक्स नही बोल पा रहा उसने रसोई मे जाके इतनी स्वादिष्ट सब्जी कैसे बनाई होगी,,,,

रात को खाना ज़्यादा खा लिया तो नये घर की छत पर जाके कुछ टहलने लगा था ताकि खाना थोड़ा नीचे

हो ऑर मैं जाके आराम से सो सकूँ क्यूकी मुझे नीचे हाल मे सोना था जहाँ बहुत गर्मी थी पेट फुल

भरा होने की वजह से भी नींद नही आएगी इसलिए कुछ सैर करने उपर आ गया था,,,,,अभी सैर करने ही

लगा था कि सोनिया भी उपर आ गई ऑर आते ही मुझे देख कर मेरे से थोड़ा दूर चली गई ऑर सैर करने

लगी मैने देखा कि उसके हाथ मे उसका मोबाइल था जिस पे वो किसी से चॅट कर रही थी ,,,,मैने उसकी तरफ

ज़्यादा ध्याना नही दिया ओर सैर करके थोड़ी देर मे वापिस नीचे आके लेट गया,,,,,,पेट भरा होने की वजह

से कब नींद आ गई पता नही चला,,,,,,,

सुबह उठा ऑर नीचे रूम मे गया सोनिया वहाँ नही थी ,,,मैं बाथरूम मे गया ऑर फ्रेश होके चेंज

करके बाहर आ गया बाहर आके देखा तो बेड पर बॅग पॅक करके रखा हुआ था ये बॅग तो सोनिया का था ,,

शायद वो वापिस जा रही थी लेकिन क्यूँ ,,कहीं मेरी वजह से ,,,,मुझे डर लगने लगा था क्यूकी अगर वो मेरी

वजह से वापिस जा रही थी मेरे लिए मुसीबत थी,,,,,

खैर मैं वहाँ से चाचा जी के घर चला गया ,,,,,सब लोग चाचा जी के रूम मे बैठ कर बातें कर रहे

थे मैं भी वहाँ जाके बैठ गया,,,,,,,

अच्छा हुआ बेटा आज तू जल्दी उठ गया ,,मुझे लगा आज भी कहीं देर से ना नींद खुले तेरी,,,,अब तू बैठ ऑर मैं

तेरे लिए नाश्ता बना देती हूँ इतना बोलके माँ रूम से बाहर चली गई,,,इस से पहले मैं कुछ बोलता चाचा जी

बोलने लगे,,,,,,,,,,,

अभी तो आए हो तुम लोग ऑर अभी चले जाओगे ,,,कुछ दिन ऑर रुक जाते अपने चाचा का पास थोड़ा ऑर दिल बहल जातामेरा,,,चाचा जी ने मेरा हाथ पकड़ कर बोलते हुए मुझे अपने सीने से लगा लिया,,,,मैं कुछ समझ नही पा

रहा था ,,,,,

 
चाचा जी रुकने को तो रुक जाते हम लोग लेकिन रात को मेरी फ्रेंड कविता का फोन आया था कि कॉलेज से ऑर ज़्यादा

छुट्टियाँ नही मिल रही है इसलिए आज ही वापिस जाना होगा वर्ना मुश्किल हो जाएगी,,,,सोनिया ने मेरी तरफ गुस्से मे

देखते हुए चाचा जी की बात का जवाब दिया,,मैने झट से अपना चेहरा चाचा जी की तरफ कर लिया,,,,,

चाचा--ठीक है बेटा आज नही रोकता तुम लोगो को क्यूकी तुम लोगो की स्टडी ऑर कॉलेज का सवाल है अगर कोई ऑर बहाना करती तुम तो नही जाने देता मैं तुम लोगो को,,,तुम लोगो के आने की वजह से तो दिल बहला है मेरा एक नई उम्मीद जागी है दिल मे जीने की वर्ना मैं बूढ़ा बंदा जी के क्या करता,,,,अब तो चले जाओ लेकिन जल्दी ही तुम लोगो को फिर से वापिस आना होगा,,,,,,

सन्नी--फिर से क्यू चाचा जी,कोई ख़ास बात है क्या,,,,,,,,,,

हाँ बेटा कोई खास बात है लेकिन अगर खास बात नही होती फिर भी तुम लोगो को आना ही पड़ेगा अपने बूढ़े

चाचा से मिलने के लिए,,,,,चाचा ने हँसते हुए बोला,,,,,,,,,,

मैं तो जब आप बोलो तब आने को तैयार हूँ चाचा जी बस आप हुकम किया करो,,,,,,,,,,,,वैसे वो ख़ास बात क्या

है जिसकी वजह से हमे फिर से आना होगा चाचा जी,,,मैने चाचा जी से पूछा,,,,,,,,

चाचा--वो तो मैं तभी बताउन्गा जब तुम लोग आओगे,,,,,,,,

इतने मे माँ नाश्ता लेके आ गई ऑर मैं वहीं बैठ कर नाश्ता करने लगा ऑर साथ साथ हम लोग बातें करने

लगे,,,,,,,,हमारे जाने की वजह से चाचा जी बहुत उदास थे ऑर चाचा जी की हालत देख कर चाची भी बहुत

उदास थी,,,,,,,,,लेकिन अब मैं रुक भी नही सकता था क्यूकी सोनिया ने पहले से सबको बोल दिया था कि मैं भी

उसके साथ जाने वाला हूँ ऑर वैसे भी कार तो मुझे ही चलानी थी उसको घर से लेके भी तो मैं ही आया था,,,,

हम लोगो को तो आज ही जाना था लेकिन माँ ऑर मामा जी अभी ऑर 2-4 दिन यहीं रुकने वाले थे,,,,,,,,,,,

नाश्ता करके सब लोगो से मिलकर मैने कार को घर से बाहर निकाला तब तक सोनिया अपना ऑर मेरा बॅग पहले से ही

कार मे रख चुकी थी,,,,मैं सबसे मिला ऑर कार की ड्राइविंग सीट पर आके बैठ गया ऑर सोनिया सबसे मिलने के बाद

मेरी साथ वाली सीट पर बैठ गई ,,मैने कार स्टार्ट की ऑर हम लोग वहाँ से चल पड़े ना तो मैं सोनिया की तरफ

देख रहा था क्यूकी डर लगता था मुझे ऑर ना ही सोनिया मेरी तरफ देख रही थी उसका ध्यान तो खिड़की से बाहर

की तरफ़ था तभी हम लोग घर से करीब 2 किलोमेटेर आगे ही आए थे कि उसने मुझे कार रोकोने को बोला ,,,

मैने कार रोक दी ओर वो कार से उतर कर पीछे वाली सीट पर जाके बैठ गई,,,,मैं समझ गया कि वो मेरे से

गुस्सा है ओर मेरे साथ नही बैठना चाहती ,,घर वालो के सामने वो मेरे साथ बैठ गई थी ताकि कोई उस से कोई

सवाल ना करे लेकिन घर से थोड़ी दूर आते ही वो पीछे जाके बैठ गई,,,मुझे इस बात से कोई हैरत नही हुई

मुझे तो लगा था कि वो मेरे साथ नही जाएगी घर वापिस ऑर बस मे अकेली जाएगी लेकिन उसने ऐसा नही किया ऑर

मेरे साथ ही वापिस घर आने को तैयार थी लेकिन पीछे वाली सीट पर बैठ कर,,,,,,खैर मुझे क्या मैं तो पहले

से उदास था अब सोनिया की इस हरकत से थोड़ा ऑर उदास हो गया,,,,पहली वजह तो थी रेखा ,मैं उसकी मस्त गान्ड

का दीवाना हो गया था ऑर जी भरके उसकी गान्ड मारना चाहता था लेकिन इस सोनिया की वजह से मुझे उस मस्त ऑर

रसीली गान्ड से दूर जाना पड़ रहा था ऑर उपर से ये कामिनी खुद जाके पीछे वाली सीट पर बैठ गई ऑर मुझे

अपना ड्राइवर बना लिया मेरा मूड थोड़ा खराब हो गया इसीलिए मैने दिल बहलाने के लिए कुछ सॉंग प्ले

कर लिए ऑर अपनी ही मस्ती मे सॉंग सुनता हुआ ड्राइव करने लगा ड्राइव करते हुए मेरा ध्यान उपर वाले मिरूर पर

गया जिस से हम लोग पीछे से आने वाले ट्रेफ्फिक पर नज़र रखते है उस मिरूर पर नज़र पड़ते ही होश खो गये

मेरे एक ही पल मे मस्ती भरने लगी मेरे दिल मे एक तो कार मे रोमॅंटिक सॉंग प्ले था ऑर उपर से पीछे वाली

सीट पर बैठ कर सोनिया ने अपने बालों को खोल दिया था ऑर खिड़की से बाहर देख कर उस सॉंग के वर्ड्स मे

खो गई थी उसकी खुली जुल्फे हवा मे इधर उधर उड़ने लगी थी जिसको वो बार बार अपने माथे से हटा कर

कान की एक साइड पर अटका लेती थी लेकिन लेकिन वो बालों की एक लट उसको बार बार तंग कर रही थी विंडो का शीशा ओपन था ऑर वो गाओं की ठंडी हवा का लुफ्त उठा रही थी लेकिन वही ठंडी हवा उसको तंग कर रही थी उसकी

ज़ुल्फो की एक लट जो बार बार उसके कान की साइड से फिसल कर निकल जाती ऑर उसके माथे पर लहराने लगती जिसको वो बड़े प्यार से फिर से कान की साइड पर अटका लेती लेकिन वो लट भी उसकी तरह ज़िद्दी थी जो उसका कहना नही मान रही थी ऑर बार बार उसको तंग कर रही थी सोनिया भी तंग तो हो रही थी लेकिन रोमेंटिक सॉंग ऑर गाओं की ठंडी हवा ने उसके गुस्से को कंट्रोल मे किया हुआ था,,,लेकिन मुझे ये सब देख कर बहुत मज़ा आ रहा था मैं बार बार

मिरूर मे नज़रे बचा बचा कर उसे देख रहा था जब भी वो मेरी तरफ देखती तो मैं अपना ध्यान ड्राइविंग की

तरफ कर लेता जब वो फिर से बाहर गाओं की हवा का लुफ्त उठाने लगती तो मैं भी उसको देख देख कर उसकी

मासूमियत से भरे चहरे का दीदार करके लुफ्त उठाने लग जाता था,,,,उसकी भोली भाली शकल देख कर कोई

सोच नही सकता कि इस लड़की का गुस्सा हिट्लर से भी कहीं ज़्यादा हो सकता है लेकिन ये सच था उसके गुस्से से मैं

क्या मेरी पूरी फॅमिली डरती थी,,,,ऐसे ही उसका दीदाए करते करते हम लोग घर पहुँच गये हम लोग रास्ते मे

एक बार रुके थे कोल्ड्रींक्स लेने क लिए लेकिन तब भी सोनिया कार से नही उतरी थी मैं ही उतर कर कोल्ड्ड्रिंक्स लेने

गया था वो तो गुस्से से मुँह फूला कर आराम से पिछली सीट पर बैठी रही थी,,,,,,,,

घर पहुँचे तो 7 बज चुके थे ,,घर के गेट के पास मैने कार रोकी तो सोनिया ने उतर कर गेट खोला फिर मैं

डोर की बेल बजाने लगी तब तक मैं कार को घर के अंदर ले आया,,,शोबा दीदी ने दरवाजा खोला ऑर सोनिया जल्दी से

अंदर चली गई ऑर मैं अपना ऑर सोनिया का बॅग लेके घर के अंदर आ गया मेरे अंदर आते ही शोबा दीदी मुझे

गले लग्के मिली फिर चाचा जी का हाल चाल पूछते हुए मेरे से एक बॅग पकड़ लिया ऑर हम लोग बातें करते हुए

उपर वाले फ्लोर पर चले गये ,,,,,,,,उपर भुआ किचन मे काम कर रही थी जबकि डॅड सोफे पर बैठ कर टीवी देख

रहे थे ,,,,,,,,मैं ऑर दीदी मे रूम मे चले गये तब सोनिया वॉशरूम मे जा चुकी थी मैने ऑर दीदी ने बॅग को

रूम मे रखा ओर फिर मैं फ्रेश होने के लिए शोबा दीदी के रूम मे आ गया ऑर शोबा दीदी भी मेरे साथ वहाँ

आ गई,,,,,,मैं मुँह हाथ धोकर बाहर निकला तो देखा कि शोबा दीदी रूम का दरवाजा बंद कर चुकी थी मैं

समझ गया कि ये क्या चाहती है लेकिन मैं अभी मूड मे नही था क्यूकी काफ़ी लंबी ड्राइव करके मैं थक गया

था शोदा दीदी ने भी मेरे चहरे पर थकान के असर को देख लिया,,,,,

मैं जानती हूँ तू थक गया है लेकिन क्या करू मेरी चूत तेरे बिना बहुत तड़प रही है दीदी ने अपने पयज़ामे

को मेरे सामने ही नीचे किया ऑर नंगी चूत मेरे सामने करदी उन्होने पयज़ामे के नीचे पेंटी नही पहनी

हुई थी दीदी की चिकनी शेव की हुई चूत देख कर मैं मस्त होने लगा लगता था दीदी ने अभी अभी शेव किया

था चूत पर,,,,मुझे मस्ती तो चढ़ने लगी थी लेकिन मेरी थकान मेरी मस्ती पर भारी पड़ी ओर मैने दीदी

को साइड किया ऑर दरवाजा खोल कर रूम से बाहर चला गया,,,,,

मैं सीधा जाके सोफे पर डॅड के साथ टीवी देखने लगा,,,,,ये सोफा सेट ऑर टीवी नया लग रहा था मेरे को,,,,,,,,,क्यूकी

पहले यहाँ की सारी जगह खाली थी,,,बस किचन के बाहर डाइनिंग टेबल पड़ा हुआ था,,,,सोफे ऑर टीवी नही था ,,,ये सोफा

भुआ के ड्रॉयिंग रूम वाला सोफा भी नही था,,,,

सन्नी--अरे डॅड ये सोफा ऑर टीवी न्यू है क्या,,,,,,,,,,,,

तभी डॅड के बोलने से पहले भुआ बोल पड़ी,,,,,,,,,,हाँ सन्नी बेटा ये टीवी ऑर सोफा सेट बिल्कुल न्यू है ,कल ही लेके आए है हम लोग,,वो क्या है ना एक टीवी तो ड्रॉयिंग रूम मे पड़ा है लेकिन ये जगह खाली खाली थी तो सोचा क्यू ना यहाँ भी सोफा ऑर टीवी रख लिया जाए ,इतना बोलकर भुआ वापिस किचन मे चली गई ऑर खाना लगाने के लिए शोबा को भी आवाज़ लगा दी तभी शोबा अपने रूम से निकली ऑर मेरी तरफ थोड़ा गुस्से से देखती हुई किचन मे भुआ के पास चली गई,,,,,,,,

भुआ ऑर शोबा ने खाना लगा दिया ऑर इतने मे सोनिया भी नहा धो कर बाहर आ गई ,,,हम लोग बैठ कर खाना

खाने लगे ,,,,,,,,,,आज भुआ ने खाना कुछ जल्दी ही बना लिया था शायद खाना ख़ाके इन लोगो का मस्ती करने का

प्रोग्राम था इसलिए ,,,,,,,,

भुआ ने भी खाना खाते हुए चाचा जी के बारे मे पूछा लेकिन डॅड ने एक बार भी उनका जिकर नही किया ,,,,,

 
खाना खाने के बाद शोबा दीदी बोली,,,,,,,,डॅड अब मैं जाउ क्या अब तो सन्नी भी आ गया है,,,,,,,,

डॅड--हाँ बेटी अब तुम जाओ अब मुझे कोई टेन्षन नही है सन्नी जो तेरे साथ होगा,,,,,,,,

मैं कुछ समझ नही रहा था लेकिन शोबा बहुत खुश थी,,,,,,पता नही क्यूँ,,,,,,

कहाँ जाना है दीदी,मैने शोबा दीदी से पूछ ही लिया,,,,,,,,,लेकिन जवाब मिला मुझे डॅड से,,,,,

डॅड--अरे बेटा इसको अपनी शेली के बर्थडे पर जाना है मेरे से ज़िद्द कर रही थी साथ जाने को लेकिन मैं नही जा सकता

अब तुम आ गये हो तो तुम ही ले जाओ इसको बर्तडे पार्टी मे ,,,,,,,,,,

सन्नी--लेकिन डॅड मैं तो बहुत थक गया हूँ ड्राइव करके,,,,,,,,,,

शोभा--मुझे भी कोई शॉंक नही तेरे को साथ लेके जाने का वो तो डॅड ने बोला इसलिए,,,,,,,,

सन्नी--हाँ हाँ मुझे भी कोई शॉंक नही तेरे साथ तेरी किसी स्टुपिड शेली के घर जाने का,,,,,,अकेली चली जा तू,,,,

तभी डॅड,,,,तुम दोनो बच्चों की तरह लड़ना बंद करो ..........

इधर डॅड ने मुझे हल्का गुस्से से देखा ऑर उधर सोनिया उठकर अपने रूम मे चली गई तभी मैने शोबा की

तरफ देखा तो वो मेरे को आँख मार रही थी मैं कुछ समझा तो नही लेकिन इतना ज़रूर पता लग गया कि दाल मे

कुछ तो काला है,,,,,,,,,,

सन्नी--ठीक है डॅड मैं चला जाता हूँ दीदी के साथ,,,,,

तभी दीदी अपने रूम मे गई ऑर एक छोटा सा पालस्टिक का बॅग लेके आ गई,,,,,,,,,,,चलो सन्नी चलते है,,,,

अरे बेटी तू ऐसे ही टी-शर्ट ऑर पयज़ामे मे जाएगी क्या,,,,,,,,,डॅड ने दीदी के कपड़ो की तरफ इशारा करते हुए बोला,,

शोभा--हाँ डॅड यहाँ से ऐसे ही जाउन्गी ऑर पार्टी उसके घर पर नही है उन लोगो ने कोई रिज़ॉर्ट बुक किया है पार्टी वहीं

है ,,,,मेरी बाकी सहेलियाँ भी वहीं होंगी उन्ही के साथ मिलके तैयार हो जाउन्गी उसी के घर मे,,,,,इस से पहले डॅड

या कोई ऑर कुछ बोलता दीदी ने मेरा हाथ पकड़ा ऑर मुझे मेरे रूम मे जाके कोई अच्छे कपड़े लेके आने को बोला ऑर

मैं भी बिना कुछ बोले अपने रूम मे चला ,,,,,,रूम मे सोनिया फोन पर किसी से बात कर रही थी बातों से

लग रहा था कि वो कविता से बात कर रही है,,,,,,,,मैने उसकी तरफ ज़्यादा ध्यान नही दिया ऑर कपड़े लेके बाथरूम

मे गया ऑर चेंज करके बाहर शोभा के पास चला गया,,,,,,,,

अरे इतना टाइम क्यू लगा दिया ,,,,,ऑर कपड़े चेंज करने को किसने बोला था उन्ही कपड़ो मे चलता मेरे साथ ऑर

वहीं जाके चेंज कर लेता,,,,,दीदी हल्के गुस्से मे बोली,,,,,,,,,,,

डॅड--तो ठीक है ना इसने यहीं चेंज कर लिया ये बेचारा तेरी शेली के घर कैसे चेंज करता,,,,तुम तो अपनी दोस्तो के

साथ मिलकर चेंज कर लेती पर ये बेचारा,,,,,,,,,,

शोभा--ठीक है डॅड ,,अछा किया जो इसने चेंज कर लिए,,,,,,,,अब ज़्यादा टाइम नही है वर्ना देर हो जाएगी,क्या हम लोग

चले सन्नी,,,,,,,,इतना बोलते ही वो नीचे जाने लगी तभी सोनिया अपने रूम से निकल कर बाहर आ गई,,,,,,,,

रूको दीदी,,,,,,सोनिया की आवाज़ सुनकर मैं ओर शोभा रुक गये,,,,,,,,,,

आप लोग कहाँ जा रहे हो दीदी,,,,,,,सोनिया ने शोबा से पूछा,,,,,,,,

शोभा--मेरी एक फ्रेंड का बर्थ डे है वहीं जा रहे है,,,,,,,,

दीदी मुझे भी साथ ले चलो ,सोनिया ने दीदी को बोला,,,,,

सोनिया की बात सुनके दीदी थोड़ा गुम सूम हो गई,,,,,,,,,,अरे तू भी मेरे साथ जाना चाहती है क्या,,,,तो चल मेरी

फ्रेंड्स तुझे मिलकर खुश होंगी,,,,,,,,शोभा सोनिया को लेके जाने को तैयार नही थी बस सबके सामने उसको लेके जाने

का बहाना कर रही थी,,,,,,,,,वो उसके चहरे से सॉफ पता चल रहा था,,,,,,,,,,

सोनिया-नही दीदी मुझे आपके साथ नही जाना मुझे तो कविता के घर जाना है आप लोग मुझे वहाँ ड्रॉप कर देना,,,,

इतना सुनते ही शोबा ने चेहरे पर चैन की खुशी झलकने लगी,,,,,हाँ हाँ क्यूँ नही हम तुझे ड्रॉप कर देंगे

इतना बोलते शोबा जल्दी से नीचे की तरफ आ गई ऑर उसके पीछे मैं मेरे पीछे सोनिया थी,,,,,,,

मैने कार स्टार्ट की शोबा मेरे साथ बैठ गई और सोनिया पीछे वाली सीट पर,,,,,,,,,हम घर से चल पड़े ऑर भुआ ने

दरवाजा ऑर गेट लॉक कर लिया,,,,,,,,,,मैने सोचा कि आज तो डॅड ऑर भुआ अकेले है घर पे आज तो फुल नाइट मस्ती

होगी ,,लेकिन थोड़ी टेन्षन भी थी कि ये शोबा मुझे कहाँ लेके जा रही थी,,,उसने मुझे आँख मार कर किसी बात

का इशारा तो किया था लेकिन ये नही बताया था कि बात क्या है,,,,,

तू आज कविता के घर जा रही है कुछ गड़बड़ है क्या,शोबा ने सोनिया को पूछा,,,,

सोनिया--हाँ दीदी वहीं गड़बड़ है जो हमेशा होती है ,,उसका फोन आया था आज तो बात कुछ ज़्यादा ही बढ़ गई है,,

कविता रो रही थी फोन पर,,,,,,,,,,

आज क्या बात हुई वही पहले वाला पंगा हुआ क्या,,,,,,शोबा ने पूछा,,,

सोनिया ने कोई जवाब नही दिया ऑर शोबा को मेरी तरफ इशारा करते हुए चुप रहने को बोला,,,फिर किसी ने कोई

बात नही की ऑर हम लोग कविता के घर पहुँच गये,,,,,,सोनिया उतरी ऑर कविता के घर चली गई ऑर शोबा ने मुझे

वहाँ से कार वापिस घर की तरफ मोड़ने को बोला ऑर मैने कार वापिस मोड़ ली,,,,लेकिन दीदी ने तो अपनी शेली के घर

जाना था तो वापिस घर की तरफ जाने को क्यूँ बोला,,,,,खैर मैं वापिस घर की तरफ चलने लगा,,,,,

दीदी कविता के घर मे क्या पंगा चल रहा है,,,,,,,मैने दीदी से पूछा,,,,,,,,

शोभा--कुछ नही सन्नी उनकी फॅमिली मे थोड़ी प्राब्लम चल रही है बस ऑर ज़्यादा कुछ नही,,,,

सन्नी--कैसी प्राब्लम दीदी,,,,,,,मैने अक्सर देखा है कविता रोती रहती है,,,कोई सीरीयस प्राब्लम है क्या,,,,,,

तुझे बड़ी पड़ी है कविता के घर की ,,आख़िर बात क्या है,,,,दीदी ने हँसते हुए मस्ती मे पूछा ऑर मेरी टाँग पर

हाथ रख दिया,,,,,

सन्नी--अच्छा दीदी आपने कार घर की तरफ क्यू मोडने को बोला,,,,,,,,क्या बर्थडे पार्टी मे नही जाना,,,,

दीदी हँसने लगी,,,,,अरे बुद्धू पार्टी मे ही तो जा रहे है,,,,मेरी फ्रेंड का घर अपने घर से दूसरी तरफ है इसलिए

घर की तरफ जाने को बोला घर जाने को नही बोला,,,,,,,इतना बोलते ही दीदी ने अपने हाथ को टाँग से उठा कर मेरी

पैंट की ज़िप पर लंड के उपर रख दिया,,,,,दीदी का हाथ लगते ही लंड उछलने लगा एक दम से,,,,,

अभी घर मे तो बोल रहा था बहुत थक गया हूँ ऑर अभी मेरा हाथ लगते ही लंड को उछलने लगा है,,,दीदी ने

हँसते हुए लंड को हाथ मे लेके पॅंट के उपर से दबा दिया,,,,

सन्नी--क्या करूँ दीदी आप के हाथ लगते ही इसको मस्ती चढ़ने लगती है ऑर ये कितना भी थका हुआ क्यूँ ना ही आपकी सेवा करने क लिए हाजिर हो जाता है,,,,मैने भी हल्की मुस्कान के साथ दीदी की बात का जवाब दिया,,,, लेकिन दीदी आपने मेरा काम नही किया अभी तक,,,,

शोभा--कॉनसा काम सन्नी,,,,,,,,,,

सन्नी--वही दीदी,,,,,,,कि मैने आपके लिए एक मूसल लंड की तलाश करूँगा ऑर आप मेरे लिए किसी नई चूत की तलाश

करोगी,,,,,,,,,मैने तो करण का लंड तैयार किया है आपके लिए आप भी माँ की चूत को तैयार करो ना मेरे लिए,,,

शोभा--मैने भी तो तेरे लिए चूत की तलाश की है सन्नी,,,,,,,,,,हाँ ये फ़र्क ऑर है कि वो चूत माँ की नही किसी ऑर की थी,,

सन्नी--किसकी बात कर रही हो आप दीदी,,,,,,,,,,,,

दीदी--वही चूत की जिसकी तू गाओं मे अच्छी तरह से चुदाई करके आया है,,,,,,रेखा की चूत,,,,,,

सन्नी--मैं थोड़ा हैरान हो गया,,,,,क्या दीदी रेखा की चूत आपने तैयार की मेरे लिए,,,,,

शोभा-ऑर नही तो क्या,,,,,जब मेरी बात हुई थी उसके साथ कि तुम गाओं आ रहे हो सोनिया को लेके तो उसने मुझे बोला

कि सोनिया को मत भेजो ऑर तुम खुद वहाँ आ जाओ ,,,,वो मेरी चिकनी चूत को चाटना चाहती थी लेकिन मैने

उसको बोला कि मेरा अभी आना मुश्किल है ऑर वैसे भी मैं एक शर्त पर आउन्गी गाओं उसको अपनी चूत चटवाने

अगर वो तेरे मूसल का अच्छी तरह से ख्याल रखेगी,,,,,ऑर वो मान गई,लेकिन उसने तेरा क्या ख्याल रखा मैने

सुना है तूने उसकी चूत का बहुत अच्छे से ख्याल रखा ,,,,,,,,,,,ऑर दीदी हँसने लगी,,,,,,

सन्नी--सच मे दीदी वो सब आपकी प्लानिंग थी ,,,,,,,,,

शोभा--हाँ सन्नी वो मेरी प्लानिंग थी,,,,,,

सन्नी--तो क्या वो सब बातें भी आपने बोला था उसको मुझे बातें को,,,,

दीदी थोड़ा हैरान होके,,,,,,,,,,,,कॉन्सी बातें सन्नी,,,,,,,,,,,,,,

सन्नी--वहीं बातें दीदी जो वो जानती है,,,और शायद आप भी जानती हो,,,,,,

शोभा--मुझे कुछ समझ नही आ रहा सन्नी तू क्या बोल रहा है,,,,,शोबा सच मे ऐसे बोल रही थी जैसे कुछ जानती

ही नही ,,,,,,,,,,

सन्नी--दीदी मैं बच्चा नही हूँ सब जानता हूँ,,,,,,,,,,,उसने मुझे बहुत कुछ बताया है,,,,,,

दीदी चुप हो गई,,,,,,,मुझे कुछ समझ नही आ रहा उसने क्या बताया है तुझे,,,,,दीदी ने अपना फेस दूसरी तरफ़

टर्न कर लिया ऑर हाथ भी मेरे लंड से हटा लिया,,,,,,

मैने दीदी के फेस को अपने हाथ से पकड़ा ऑर अपनी तरफ़ टर्न कर दिया,,,दीदी उसने मुझे बताया कि वो भी भुआ के

साथ वो सब करती है जो भुआ आपके साथ करती है,,,,मैने बात को घुमा दिया क्यूकी मैं दीदी के मुँह से सब

सुनना चाहता था,,,,,,लेकिन उसने इतना भी बताया कि आप वहाँ कभी नही गई हो उसके साथ चुदाई करने,,लेकिन

भुआ तो काफ़ी आती जाती रहती है उसके पास,,,,,,,,

हाँ सन्नी मुझे टाइम नही मिलता इसलिए नही जाती मैं,,,,,ऑर क्या बताया उसने ,,,,,,दीदी थोड़ी घबराई हुई थी,,

सन्नी--ऑर तो कुछ नही बताया उसने दीदी,,,,,,,,मैने बात को टाल दिया,,,

शोभा--शूकर है ,,भुआ कहती है कि उस औरत की ज़ुबान बहुत चलती है कुछ भी बकती रहती है वो,,,,अच्छा हुआ तेरे

सामने कुछ ज़्यादा नही बोली वो,,,,वर्ना ,,,,,,,,,दीदी फिर से चुप हो गई,,,,

सन्नी--वर्ना क्या दीदी,ऐसी क्या बात है जो आप जानते हो ऑर मैं नही जानता,,,,,,,,,

शोभा--बहुत बातें है सन्नी लेकिन अभी नही एक सही टाइम आने पर तुझे भी पता लग जाएगी,,,,,अभी तू बस कार ड्राइव

कर ,,,,,,,,,

फिर दीदी चुप हो गई ऑर मैं भी चुप हो गया,,,लेकिन इतना तो पता चल गया कि दीदी भी शायद काफ़ी कुछ जानती है

जैसे विशाल भाई जानता है,,,,,,,,,विशाल को माँ ऑर मामा ने बताया होगा जबकि दीदी को भुआ ऑर डॅड ने ,,,लेकिन एक

मैं ही था जिसको कुछ नही पता था,,,,,,,,,,,,,,,,,ऑर हाँ एक थी सोनिया जो इन सब से अंजान थी अभी तक,,,,,,,,,दीदी

रास्ता बताने लगी ऑर मैं कार ड्राइव करता रहा,,,,,,लेकिन ये रास्ता तो जाना पहचाना लग रहा था,,,,,,,ऑर जब मंज़िल

पर पहुँचे तो मंज़िल भी जानी पहचानी थी लेकिन मंज़िल पर जो खड़ा हमारा सावगत कर रहा था वो बहुत

ही ज़्यादा जाना पहचाना लगा ऑर बहुत ज़्यादा हसीन भी था,,,,,,,,,

 
भाभी ने शरमा कर सर को झुका लिया,,,,शोबा समझ गई कि भाभी को मज़ा आया होगा मेरे साथ,,,,उसने

आगे बढ़ कर भाभी को शोल्डर से पकड़ा ऑर फिर से पूछा,,,,बोलो ना भाभी मज़ा आया ना सन्नी के साथ,,,,,

भाभी ने सर उठा कर हल्का शरमाते हुए बोला,,,,हाँ बहुत मज़ा आया लेकिन,,,,,,,,,,

लेकिन क्या भाभी,,,,,,,,,

उसने सारा काम खराब कर दिया,,,,,

वो कैसे भाभी,,,,,,,,,,,,,,,,,,

शुरू से तो सब ठीक किया ,,मज़ा भी बहुत दिया लेकिन लास्ट मे गड़बड़ करदी उसने,,,,,

क्या गड़बड़ करदी भाभी,,,,,,,,,,

उसने अपना वू,,,,,,,,,,,,,,,उसने अपना पानी मेरे पेट पर निकाल दिया,,,,,,,

भाभी की बात सुन कर मैं कुछ कुछ समझने लगा था भाभी की मजबूरी के बारे मे,,,,लेकिन कुछ

ज़्यादा नही पता चल रहा था,,,,,

ओह्ह्ह तो ऐसी बात है मैने सोचा पता नही क्या कर दिया उसने,,,,,,,,,,,पेट पर पानी निकाल दिया तो क्या हुआ

एक बार ऑर कर लो चुदाई ऑर इस बार काम पूरा हो जाएगा,,,,,,

नही मुझे नही करना,,,,,,,,,,मुझे डर लगता है ,,,,

किस बात का डर,,,,,,,उसके बड़े लंड से तो डर नही लगता,,,,,,शोबा ने हसके बोला,.,,,,

नही लंड से तो नही लेकिन उसके बचपने से ऑर उसके बच्चे वाले दिमाग़ से डर लगता है ,,,कहीं किसी को कुछ

बोल दिया उसने तो क्या होगा,,,,,,,,,,,,

मैने बोला ना वो किसी को कुछ नही बोलेगा आप डरो नही,,,ऑर अंदर जाके मस्ती करो,,,ऑर इस बार काम पूरा

कर लेना अपना,,,,,,,,,,,,

नही मुझे डर लगता है शोबा,,,,वो अभी बच्चा है,,,,किसी को बता देगा,,,,,,,,,,,

तभी शोबा ने भाभी के हाथ पकड़ा ऑर कुछ बोले बिना भाभी को दरवाजे की तरफ लेके आने लगी ,,,,

मैं जल्दी से दरवाजे से हटके पीछे खड़ा हो गया ,,,अभी तक मैं नंगा ही था,,,,तभी दरवाजा खुला ऑर

शोबा भाभी को हाथ से पकड़ कर अंदर ले आई,,,,,,भाभी अंदर आते ही डरते हुए कभी मुझे देखने लगी तो

कभी शोबा को देखने लगी,,,,,,,,,,क्यूकी उसकी नज़र मे हम भाई बेहन का एक दूसरे के सामने ऐसा नंगा

खड़ा होना अजीब बात थी,,,,,,

शोबा अंदर आके मेरे पास खड़ी हो गई ऑर भाई भी उसके साथ की खड़ी हुई थी,,,,,,,,,,,,

आपको लगता है कि सन्नी किसी को कुछ बता देगा,,,,,,,,,तो ये देखो आप,,,,,,,,,,इतना बोलते ही शोबा ने आगे बढ़ कर

मेरे लिप्स को किस करना शुरू कर दिया,,,,,,मैने भी उसकी किस का रेस्पॉन्स देते हुए उसको अपनी बाहों मे

भर लिया,,,,कुछ देर किस करने के बाद हमने भाभी की तरफ देखा तो भाभी मुँह खोल कर हम दोनो

की तरफ देखने लगी ऑर थोड़ा पीछे हट गई,,,,,

तभी शोबा ने मुझे भाभी के पास जाने का इशारा किया ऑर खुद भी भाभी के करीब हो गई,,,

हम दोनो भाभी के करीब खड़े थे ऑर वो भी बिल्कुल नंगे,,जबकि भाभी मुँह खोले हैरानी से हमे

देखती हुई टवल मे खड़ी हुई थी,,,,,इस से पहले भाभी कुछ समझ पाती शोबा ने मुझे भाभी की पीठ

की तरफ कर दिया ऑर खुद भाभी के सामने खड़ी हो गई,,,,,,सामने से शोबा ने जल्दी से अपने फेस को भाभी

के कारेब किया भाभी ने डार्क फेस तुर्न कर लिया ,,तब तक मैं भाभी क पीछे चला गया था मैने जल्दी से

भाभी को अपनी बाहों मे भर लिया ,,,,मेरे दोनो हाथ भाभी के पेट पर पहुँच गये थे ऑर मैने

जल्दी से भाभी के टवल को खोल दिया था,,,,,भाभी ने गिरते हुए टवल को पकड़ने के लिए अपने हाथ नीचे

किए लेकिन आगे से शोबा ने भाभी के हाथों को पकड़ लिया ,,,,,भाभी ने फेस को सीधा करके शोबा की

तरफ देखा ही था कि शोबा ने आगे बढ़ कर भाभी के लिप्स को अपने लिप्स मे भर लिया,,,,,भाभी ने अपने हाथ

शोबा की तरफ किए ऑर उसको अपने से दूर करने लगी,,,तभी मैने अपने हाथों से भाभी के हाथों को पकड़ा

ऑर मोड़ कर उनके हाथों को उनकी पीठ पर लगा दिया ऑर एक हाथ से उनके दोनो हाथों को पकड़ लिया,,शोबा

ने आगे से अपने हाथों से भाभी के सर को पकड़ा ऑर तेज़ी से पागलो की तरह भाभी को किस करने लगी,,,भाभी

के लिए ये पहना अनुभव था शायद किसी लड़की को किस करने का इसलिए वो थोड़ा झटपटा रही थी,,,लेकिन मैने

उनको कस्के अपने हाथों मे जकड़ा हुआ था,,,मेरे एक हाथ मे उनके दोनो हाथ उनकी पीठ पर थे ऑर मेरा

दूसरा हाथ उनके पेट पर कॅसा हुआ था ताकि वो ज़्यादा हिल डुल नही सके,,,,,,शोबा ने भी भाभी के सर को अपने

हाथों से कस्के पकड़ा हुआ था ऑर भाभी को किस कर रही थी,,,,,,,,इधर मैने अपने एक हाथ को जो भाभी

के पेट पर था उसको भाभी के बूब्स की तरफ ले गया ऑर भाभी के एक बूब्स को हाथ मे लेके मसल्ने लगा

फिर दूसरे बूब को भी ऐसे ही मसल्ते हुए अपने लिप्स को भाबी के शोल्डर ऑर नेक के पास रख कर किस करते

हुए हल्के से दाँतों से काटने लगा,,,,,,,मेरा हाथ भी भाभी के बूब्स को बारी बारी से मसल्ने लगा कुछ

ही देर मे भाभी के हिलना जुलना बंद हो गया तो शोबा ने भाभी के सर को अपने हाथों से छोड़ कर अपने

हाथ भाभी के एक बूब्स पर रख दिए,,,शोबा के हाथ भाभी के बूब्स पर आते ही मैने अपने हाथ को वहाँ

से हटा कर भाभी की पीठ पर रखा ऑर पीठ को सहलाते हुए भाभी के शोल्डर ऑर नेक पर किस करते

हुए पीठ पर भी हल्की हल्की किस करने लग,,,सामने से शोबा भाभी को किस करते हुए भाभी के बूब्स को

सहलाने लगी तभी भाभी ने हल्के से हिलना जुलना शुरू किया तो शोबा ने जल्दी से अपने एक हाथ को भाभी की

पीठ की तरफ किया जहाँ पर मेरा हाथ था फिर मेरे हाथ को अपने हाथ मे लेके भाभी की गान्ड की तरफ

करने लगी मैं भी शोबा का इशारा समझ गया था,,,,,,भाभी हिलने झूलने लगी थी ऑर भाभी को क़ाबू करने

का एक ही तरीका था उनकी चूत,,,,,,,,,,,,,,,मैं जल्दी से शोभा का इशारा समझकर भाभी की चूत पर अपने

हाथ को ले गया ऑर जल्दी से भाभी की चूत मे उंगली घुसा दी,,,,मेरे ऐसा करते ही भाभी उछल गई ऑर ज़्यादा

तेज़ी से हिलने जुलने लगी लेकिन भाभी के हाथ मेरे हाथ मे थे ऑर आगे से शोबा ने भी भाभी को काफ़ी हद

तक अपने क़ाबू मे किया हुआ था,,,,मैने जल्दी से भाभी की चूत मे उंगली घुसा दी ऑर तेज़ी से उंगली को आगे

पीछे करने लगा,,,,,,ऑर साथ ही भाभी की पीठ पर हल्के से किस करते हुए अपनी ज़ुबान से पूरी पीठ को

चाटने लगा,,,,,कुछ ही देर मे भाभी के मुँह से दबी दबी सिसकियाँ निकलने लगी,,,,जैसे ही सिसकिया निकलने

लगी मैं अपने लिप्स को भाभी के कान के पास ले गया ऑर कान पर किस करने लगा ऑर तेज़ी से भाभी की चूत

को उंगली से चोदने लगा,,,,तभी मैने देखा कि शोबा ने भाभी को किस करना बंद कर दिया ऑर भाभी से

थोड़ा दूर होके पीछे की तरफ हट गई ऑर भाभी की तरफ देखने लगी,,,,फिर एक पल बाद भाभी के करीब

आई ऑर भाभी को किस करने लगी,,,,मैने देखा कि इस बार शोबा ने नही बल्कि भाभी ने आगे बढ़ कर शोबा को

किस करने की कोशिश की थी,, फिर भाभी ने अपने हाथों को ज़ोर से झटकना शुरू किया मैं समझ गया कि

भाभी क्या चाहती है इसीलिए मैने भाभी के हाथों को अपने हाथों से अलग कर दिया ,,भाभी ने अपने हाथों

को जल्दी से शोबा की पीठ पर कस दिया ऑर शोबा को अपनी बाहों मे भर लिया,,,,,भाभी अब पूरी तरह से

मेरे ऑर दीदी एक क़ाबू मे आ गई थी,,,,,,तभी शोबा ने मुझे पीछे हटने को बोला ऑर बेड की तरफ जाने का

इशारा किया,,,,,मैने भाभी को किस करना बंद किया ऑर उंगली भी निकाल ली उनकी चूत से ऑर बेड की तरफ चला

गया,,,,,मैं जैसे ही भाभी से पीछे हटके बेड की तरफ जाने लगा तो भाभी ने एक पल के लिए शोबा को किस

करना बंद किया ऑर मूड कर मुझे देखने लगी तभी शोबा ने भाभी के सर को पकड़ा ऑर अपनी तरफ घुमा

लिया ऑर फिर से दोनो किस करने लगी,,,,भाभी के हाथ शोबा की पीठ पर ऑर शोबा के हाथ भाभी की पीठ

पर सहलाने लगे,,,,,,,मैं बेड पर जाके लेट गया ऑर दोनो को किस करते देख कर हल्के हाथ से अपने लंड को

सहलाने लगा

 
शोबा ऑर भाभी एक दूसरे को बाहों मे भरके ,,एक दूसरे के बदन को अपने हाथों से सहलाते हुए किस

करने के लुफ्त उठा रहे थे,,,,,,,भाभी पहली बार किसी लड़की को किस कर रही थी इसलिए थोड़ा झिझक रही थी

लेकिन शोबा को किसी औरत को बस मे करना खूब आता था ,,,,,पहले पहले तो भाभी शोबा के द्वारा किस

करने से थोड़ी हिलती जुलती शोबा को अपने से दूर करने की कोशिस कर रही थी लेकिन जैसे ही शोबा के हाथ

भाभी की पीठ पर ऑर बूब्स पर हल्के से सहलाने लगे तो भाभी ने भी शोबा को किस का रेस्पॉन्स देना

शुरू कर दिया था,,लेकिन शोबा इतने भर से खुश नही थी उसने जल्दी से अपने एक हाथ को भाभी की चूत

की तरफ बढ़ाना शुरू कर दिया ऑर कुछ ही पल मे शोबा का हाथ भाभी के बूब्स ऑर पेट पर से सहलाते हुए

भाभी की चूत पर चला गया ऑर शोबा ने हल्के हाथ से चूत को उपर से ही सहलाना शुरू कर दिया लेकिन

भाभी को उसका ऐसा करना अच्छा नही लगा तो भाभी ने उसके हाथ को हटाने की कोशिश की ऑर एक हाथ से

शोबा के हाथ को अपनी चूत से हटाने लगी ऑर साथ ही शोबा को अपने से दूर करने की कोशिश करने लगी,,

लेकिन शोबा भी पूरी मन्झि हुई खिलाड़ी थी उसने जल्दी से भाभी के सर को कस्के पकड़ लिया ताकि भाभी

अपने सर को शोबा के सर से दूर नही कर सके ऑर उसको किस करने से रोक नही सके ,,,,ऑर साथ ही शोबा ने

भाभी की चूत मे एक साथ 2 उंगलिया घुसा दी ,,इस से पहेल की भाभी अपने हाथ से शोबा के हाथ को

चूत से दूर करती शोबा ने चूत मे उंगलियाँ घुसते ही तेज़ी से चूत मे अंदर बाहर करना शुरू कर

दिया एक ही पल मे भाभी का वो हाथ जो शोबा को अपनी चूत से दूर करने की कोशिस कर रहा था उसकी पकड़

कमजोर हो गई ऑर मोका देखते ही शोबा ने उंगली की स्पीड को ऑर भी ज़्यादा तेज करते हुए भाभी के लिप्स से

अपने लिप्स दूर किए ऑर अपने फेस को भाभी के बूब्स पर ले गई ,,,,शोबा ने जल्दी से एक बूब को मुँह मे

भर लिया ऑर हल्के से चूसने लगी लेकिन मस्ती मे भाभी ने उसने सर को एक ही पल मे अपने बूब्स पर दबा

दिया तो शोबा ने भी थोड़े पागलपन से भाभी के बूब को पूरा मुँह मे भर लिया ऑर हल्के दाँत से काटने

लगी ऑर चूसने लगी,,,,भाभी के लिप्स अब शोबा के लिप्स से आज़ाद हो चुके थे इसलिए उनकी हल्की हल्की सिसकियाँ

निकलनी शुरू हो गई,,,शोबा भाभी की चूत मे तेज़ी से उंगली करते हुए भाभी के बूब्स को बारी बारी से

चूसने लगी हुई थी ऑर खाली पड़े बूब को हाथ मे लेके सहलाने ऑर मसल्ने लग जाती थी,,,,

भाभी की सिसकियाँ पूरे कमरे मे गूंजने लगी थी,,,जिस से कमरे मे मस्ती का एक अजीब महॉल बन गया

था वो मुझे भी मस्त करने लगा था ,,,,लेकिन मेरे से भी ज़्यादा मस्त ऑर पागल हो चुकी थी शोबा ,,,,उसने

जब देखा कि भाभी अब पूरी तरह उसके बस मे आ चुकी है तो उसने अपना लास्ट पत्ता भी फेंक दिया ऑर

बाजी को अपने क़ाबू मे करते हुए जल्दी से नीचे झुक कर भाभी के कुछ सोचने या समझने से पहले ही

भाभी की एक टाँग को हाथ मे पकड़ कर हवा मे उठा दिया ,,इस से पहले भाभी मस्ती भरी सिसकियों को

बंद करके नीचे शोबा की तरफ देखती शोबा ने भाभी की टाँग को हाव मे उठा दिया था ऑर खुद ज़मीन

पर घुटनो एक बल बैठ गई थी,,,,ऑर उसका फेस भाभी की चूत के करीब जा चुका था,,,,उसने एक पल के लिए

उपर भाभी के फेस की तरफ देखा ऑर इस से पहले भाभी कुछ बोलती या समझती उसने भाभी की चूत पर

अपने लिप्स रख दिए ऑर चूत के मुँह मे भर लिया तभी भाभी के बदन को एक तेज झटका लगा ऑर भाभी

मस्ती भरे तेज झटके से गिरने ही वाली थी कि मैने जल्दी से भाभी को पीछे जाके पकड़ लिया ऑर भाभी को

कमर से पकड़ कर हवा मे उठा लिया ,,,,मैने भाभी के पूरे वजन को अपनी बाहों मे उठा लिया था,,तब

तक शोबा भी उठ गई थी उसने भाभी की टाँगों को अपने हाथ मे पकड़ा ऑर हम दोनो भाभी को उठाकर

बेड की तरफ ले आए ,,ऑर भाभी को बेड पर लेटा दिया,,,,भाभी के बेड पर लेट-ते ही शोबा ने जल्दी से अपने लिप्स

को फिर से भाभी की चूत पर रख दिया,,,फिर से भाभी की पूरी गीली हो चुकी चूत शोबा के मुँह मे थी

ऑर भाभी एक हाथ भी एक पल से पहले ही शोबा के सर पर चला गया था ,,,उन्होने शोबा को हटाने की

कोशिश की तो शोबा ने एक पल के लिया अपना चेहरा भाभी की चूत से उपर किया ऑर मुझे भाभी के हाथ

पकड़ने को बोला,,,मैने जल्दी से भाभी के हाथों को अपने हाथों से पकड़ लिया ,,,भाभी ने हल्की आवाज़

से शोबा का नाम लेने की कोशिश की तो मैने भी उनके लिप्स खुलते ही अपने लिप्स उनके लिप्स पर रख दिए ,,,मैने

मस्ती मे उनके लिप्स को चूसना शुरू कर दिया,,,,,वो मस्त हो चुकी थी लेकिन थोड़ा परेशान थी क्यूकी पहली

बार वो किसी लड़की के साथ ऐसी हरकत कर रही थी ऑर पहली बार ही शायद एक रूम मे वो नंगी थी वो भी

किसी सगे भाई बेहन के साथ जो लोग पूरे नंगे थे,,,इसलिए उनकी परेशानी उनकी मस्ती को बार बार कम कर

देती थी,,लेकिन शोबा भी बार बार उनको मस्त करने की पूरी कोशिश कर रही थी,,,मैं भी शोबा दीदी का साथ

दे रहा था,,,,,,,

भाभी बेड पर टाँगे खोल कर लेटी हुई थी ऑर शोबा दीदी उनकी चूत को अच्छी तरह से चाट ऑर चूस रही

थी ऑर उपर मैं भाभी के दोनो हाथों को पकड़ कर उनके लिप्स मे अपने लिप्स जाकड़ कर किस कर रहा था,,

पहले भाभी मेरे से अपने लिप्स दूर करने के लिए सर को इधर उधर हिला रही थी लेकिन जल्दी ही भाभी ने

मुझे किस का रेस्पॉन्स देना शुरू कर दिया,,,,,,मैं समझ गया कि दीदी के लिप्स ऑर टंग ने भाभी की चूत

पर अपना कमाल दिखाना शुरू कर दिया है ऑर भाभी मस्त होने लगी है,,,,मोका देखते ही मैने भाभी

के हाथों को छोड़ दिया ऑर अपने हाथ भाभी के बूब्स पर ले आया ऑर दोनो हाथों मे एक एक बूब को पकड़

कर मसल्ने लगा,,,भाभी की हल्की दबी दबी सिसकियाँ निकल रही थी ऑर वो मस्ती मे मुझे किस कर रही थी

साथ ही भाभी के हाथ मेरे सर पर पहुँच गये थे ऑर वो मेरे सर मे अपनी उंगलियाँ घुमा कर मेरे

बालों को सहलाने लगी थी,,,तभी कुछ देर बाद भाभी की हालत खराब होने लगी वो तेज़ी से साँसे लेने लगी

बदन भी तेज झटके खाने लगा ,,मैं समझ गया कि भाभी झड़ने वाली हो गई है ,,मैने एक पल के लिए

भाभी के लिप्स को अपने लिप्स से आज़ाद किया ऑर शोबा की तरफ देखा तो वो पागलो की तरफ टूट पड़ी थी भाभी

की चूत पर उसको भी पता लग गया था कि भाभी झड़ने वाली है ,,,,मेरे लिप्स भाभी के लिप्स से दूर होते ही

बड़ी तेज ऑर जोरदार सिसकियों से पूरा कमरा गूँज उठा,,भाभी ने मेरे सर को कस्के अपने हाथों मे

जाकड़ लिया ऑर बालों मे ज़ोर से उंगली करने लगी ऑर तेज़ी से चिल्लाने लगी,,,,ऑर फिर कुछ देर मे भाभी एक दम

शांत हो गई ,,उनकी सिसकियाँ बंद हो गई,,,लेकिन साँसे तेज़ी से चलती रही,,,,वो पानी निकाल चुकी थी मैने

शोबा की तरफ देखा तो वो अब भी हल्के से भाभी की चूत को चाट रही थी,,,,उसने भाभी की चूत से

बहने वाला सारा पानी पी लिया था ऑर अब वो चूत पर लगे पानी को चाट कर सॉफ कर रही थी,,,,कुछ देर मे

उसने चूत को अच्छी तरफ सॉफ कर दिया ऑर भाभी की बगल मे आके लेट गई,,भाभी तेज़ी से साँसे लेती हुई मेरे

सर को हल्के से अपनी उंगलियों से सहला रही थी,,,उनकी आँखें बंद हो चुकी थी,,,,मैं बेड से नीचे खड़ा

हुआ था ऑर झुका हुआ था मेरा सर भाभी के बूब्स से थोड़ा सा उपर था,,,,,मैने भाभी के हाथों को

अपने सर से हटाया ऑर बेड पर भाभी के पास बैठ गया,,,मेरे पैर ज़मीन पर थे,,,,,भाभी ने अपने दोनो

हाथों को बेड पर फेला दिया ऑर रिलॅक्स होने की कोशिस करने लगी,,,,उनके फेस पर एक अजीब चमक थी जो

अभी कुछ देर पहले की मस्ती की वजह से आई थी उनके फेस पर,,,,,,

 
भाभी अभी हल्की हल्की तेज साँसे ले रही थी ऑर खुद पर क़ाबू करने की कोशिश कर रही थी ,,तभी भाभी

की दूसरी तरफ लेटी हुई शोबा ने मेरी पीठ पर हाथ मारा ऑर मुझे उसके पास आने को बोला,,,मैं भी उठके

शोबा की तरफ चला गया,,,मैं अभी बेड की दूसरी तरफ से घूम कर शोबा की तरफ जा रहा था कि शोबा भी

उठकर बेड के लास्ट मे आ गई थी,,,,मैं ज़मीन पर खड़ा हुआ था बेड से नीचे ऑर शोबा बेड से उठकर

कुतिया की तरह झुक कर बेड के लास्ट मे मेरे करीब आ गई थी ऑर आते ही उसने मेरे लंड को अपने मुँह मे

भर लिया,,,मेरा लंड अभी भी पूरी ओकात मे था ,,,बस हल्का सा ही नीचे को झुका था लेकिन जैसे ही शोबा के

मुँह मे घुसा उसने फिर से ज़ोर से ओकात मे आना शुरू कर दिया ,,,,शोबा अपनी गान्ड ऑर कमर को आगे पीछे

करने लगी थी इस से उसकी पूरी बॉडी आगे पीछे हिलने लगी थी ऑर उसका मुँह भी मेरे लंड पर आगे पीछे होने

लगा था तभी मैने पीछे मूड कर देखा तो शोबा एक हाथ से अपनी चूत मे उंगली कर रही थी इसलिए लंड

को चूसने के लिए अपनी पूरी बॉडी को हिला रही थी,,,,मैने भी उसकी हेल्प करने के लिए मस्ती मे उसके सर को अपने

हाथों मे पकड़ लिया ऑर हल्की तेज़ी से अपने लंड को उसके मुँह मे अंदर बाहर करने लगा,,,,लंड बड़े आराम

से उसके मुँह मे पूरा अंदर बाहर होने लगा था,,मैं भी पूरी मस्ती एम लंड को ऑर भी ज़्यादा उसके गले से

अंदर तक डालने की कोशिश मे लगा हुआ था,,लेकिन लंड तो पहले से ही उसके मुँह मे पूरा घुस्स कर गले से

नीचे उतर रहा था,,,,,वो अपने हाथ को चूत पर रख कर तेज़ी से अपनी चूत मे उंगली कर रही थी इसलिए उसके

मुँह से मस्ती भारी सिसकियाँ निकालने लगी थी लेकिन मेरा लंड उसके मुँह मे था इसलिए सिसकियाँ दबी दबी आवाज़ मे

निकल रही थी लेकिन इतनी सिसकियाँ ही काफ़ी थी रूम मे मस्ती का महॉल बनाने क लिए ,,मैं भी अपनी कमर को मस्ती

मे आगे पीछे करते हुए लंड को पूरा गले से नीचे तक उतारने मे लगा हुआ था वो भी चूत मे उंगली करती हुई

लंड को ऑर भी ज़्यादा मुँह मे लेने क लिए अपनी ज़ुबान को बाहर निकाल कर तेज़ी से कमर ऑर पूरी बॉडी को आगे पीछे हिला रही थी,,,,

तभी मैने देखा कि भाभी हम दोनो की तरफ मुँह खोल कर देख रही थी,,लेकिन जितना ज़्यादा वो हैरान

लग रही थी उस से भी कहीं ज़्यादा मस्ती मे लग रही थी क्यूकी उसके हाथ ने मस्ती मे उसकी चूत को सहलाना शुरू

कर दिया था ,,,तभी मैने शोबा को इशारा किया तो उसने मेरे लंड को मुँह से निकाल कर भाभी की तरफ देखा ऑर

फिर भाभी का हाथ पकड़ कर जल्दी से अपनी तरफ खींच लिया ,,भाभी एक ही पल मे हमारे पास आ गई जैसे वो तो

पहले से तैयार बैठी थी हमारे पास आने के लिए,,,शोबा ने मेरा हाथ पकड़ा ऑर मुझे भी बेड के उपर खींच लिया

ऑर जल्दी से लेटने का इशारा किया ,,,मैं बेड के उपर आके लेट गया ,,शोबा मेरी एक तरफ आ गई जबकि भाभी मेरी दूसरी तरफ थी,,,

शोबा ने मेरे उपर से अपना हाथ बढ़ा कर भाभी के सर को पकड़ा ऑर अपनी तरफ खींच लिया ऑर थूक

के भीगे अपने लिप्स भाभी के लिप्स पर रख दिए भाभी ने एक पल के लिए पीछे होने की कोशिस की लेकिन तब तक

मेरा एक हाथ भाभी के बूब्स पर चला गया था ऑर मैने भाभी के बूब्स को मसलना शुरू कर दिया था,,भाभी

ने एक पल मेरी तरफ देखा ऑर फिर खुद शोबा के करीब हो गई ऑर शोबा के थूक से भीगे लिप्स पर किस करने लगी,,

भाभी ऑर शोबा दोनो मेरे पेट के हल्के उपर अपने लिप्स को एक दूसरे के लिप्स मे जाकड़ कर किस करने लगे थे ऑर मेरा हाथ भाभी के बूब्स को सहलाने मे लगा था जबकि शोबा का हाथ मेरे लंड पर मूठ मांर रहा था,,,,कुछ पल

बाद शोबा ने भाभी के लिप्स को अपने लिप्स से आज़ाद किया ऑर मेरे लंड को मुँह मे भर लिया लेकिन एक ही पल मे बाहर भी निकाल दिया,,,फिर शोबा ने भाभी को मेरे लंड की तरफ इशारा किया तो भाभी ने मेरे लंड को मुँह मे लेने

से मना कर दिया,,,शोबा ने भाभी के सर को पकड़ा ऑर मेरे लंड पर हल्का से दबा दिया लेकिन भाभी ने अपना मुँह

नही खोला,,,लेकिन अपने लिप्स से हल्की सी किस करदी मेरे लंड की टोपी पर,,फिर अपने सर को उपर उठा लिया तभी शोबा ने फिर से भाभी के लिप्स को अपने लिप्स मे जकड़ा ऑर किस करते हुए मेरे लंड के करीब आ गई,,उन दोनो के लिप्स मेरे लंड से कुछ ही दूर थे लेकिन शोबा हल्के हल्के मेरे लंड की तरफ बढ़ती जा रही थी ,,,अब उन दोनो के लिप्स मेरे लंड के

2 इंच दूर थे तभी शोबा ने भाभी के लिप्स से अपने लिप्स हटा कर मेरे लंड को मुँह मे भर लिया ऑर तेज़ी से उपर

नीचे होते हुए मेरे लंड को चूसने लगी,,,

अब भाभी बेहद करीब से मेरे लंड को शोबा एक मुँह मे जाते देख रही थी,,,,शोबा ने फिर मेरे लंड को मुँह से निकाला ऑर भाभी को किस करने लगी ,,,कुछ देर बाद शोबा ने अपनी ज़ुबान को मुँह से बाहर निकाला ऑर भाभी को भी ज़ुबान बाहर निकालने को बोला ,,भाभी ने भी अपनी ज़ुबान को मुँह से बाहर निकाल लिया,,,शोबा अपनी ज़ुबान को भाभी की ज़ुबान से मिलने लगी ,,भाभी भी उस तरफ से अपनी ज़ुबान को शोबा की ज़ुबान से मिलाने लगी जैसे शोबा कर रही थी तभी शोबा ने अपने ऑर भाभी के लिप्स को लंड के बेहद करीब किया जिस से शोबा को भाभी की ज़ुबान मेरे लंड पर टच करने लगी ,,भाभी ने एक दम से अपने सर को पीछे कर लिया लेकिन तभी शोबा ने भाभी एक सर को पकड़ा ऑर वापिस मेरे लंड के करीब करने भाभी को ज़ुबान बाहर निकालने को बोला ,,भाभी ने ज़ुबान को बाहर निकाला लेकिन तभी अपनी आँखें बंद करली,,,,शोबा ने अपनी ज़ुबान को भाभी की ज़ुबान से मिलाते हुए मेरे लंड की टोपी को भी अपनी किस मे शामिल कर लिया,,,उन दोनो की ज़ुबान मे लंड की टोपी पर हल्के हल्के टच होने लगी,,,

शोबा भाभी की ज़ुबान को टच करते टाइम बीच बीच मे मेरे लंड को टोपी की अच्छी तरह से चाटने लगी अपनी ज़ुबान

से ,,धीरे धीरे भाभी की ज़ुबान भी मेरे लंड की टोपी का स्वाद चखने लगी तभी शोबा ने मेरे को हाथ से

इशारा किया कि मैं अपने हाथ को भाभी की चूत पर ले जाउ ऑर मैने भी कोई देर किए बिना अपने हाथ को भाभी की

चूत पर रख दिया ,,,भाभी भी शोबा की तरफ कुतिया बनी हुई थी ऑर गंद बेड से उपर उठी हुई थी मुझे कोई भी

परेशानी नही हुई भाभी की चूत तक जाने मे मैने हाथ चूत पर रखते ही उंगली को चूत मे घुसा दिया,,मेरा

लेफ्ट हाथ भाभी के बूब्स पर था जबकि राइट हाथ भाभी की चूत पर जाके उंगली से भाभी की चूत को सहलाने लगा

था,,,भाभी को मस्ती चढ़ने लगी थी ऑर उस का अंदाज़ा मुझे भाभी की ज़ुबान से होने लगा था क्यूकी भाभी किसी

सिफ्टी आइस्क्रीम की तरफ मेरे लंड की टोपी को चाटने लगी थी तभी शोबा ने भाभी के सर पर हाथ रखते हुए भाभी

के सर को ऑर भी ज़्यादा करीब कर दिया मेरे लंड के ,,,भाभी के लिप्स मेरे लंड पर टच होने लगे ,,शोबा खुद भी

अपने सर को मेरे लंड के करीब कर चुकी थी जिस से उसके लिप्स भी मेरे लंड की टोपी पर घिसने लगे थे,,शोबा ने

अपने लिप्स को थोड़ा खोला ऑर मेरे लंड को टोपी को मुँह मे भर लिया ऑर साथ ही ज़ुबान से मेरे लंड की टोपी को चाटने

लगी,,ऐसे करते हुए वो बीच बीच मे भाभी के लिप्स पर ज़ुबान घुमाने लग जाती,,भाभी की आँखें बंद थी लेकिन

शोबा के लिप्स ज़ुबान ऑर मेरे लंड की टोपी के एहसास से भाभी के लिप्स भी खुलने लगे थे ऑर देखते ही देखते भाभी

के लिप्स खुल गये ऑर भाभी ने मेरे लंड की टोपी पर हल्के से किस कर दिया ,,,पहले एक किस फिर दूसरा,,,कुछ ही पल मे भाभी ने मेरे लंड पर हल्की हल्की 15-20 किस करदी,,फिर शोबा ने अपनी एक फिंगर को भाभी के लिप्स पर रखा ऑर लिप्स को खोलते हुए भाभी के मुँह को खोल दिया भाभी एन मुँह खोल कर शोबा की फिंगर को मुँह मे ले लिया ऑर हल्के से चूसने लगी,,शोबा ने अपनी फिंगर को हल्के से आगे पीछे करना शुरू किया ऑर जल्दी से एक फिंगर ऑर डाल दी भाभी केमुँह मे भाभी ने भी दोनो फ़िंगर को चूसना शुरू कर दिया तभी शोबा ने एक फिंगर ऑर डालनी चाही तो भाभी ने

अपने मुँह को थोड़ा ज़्यादा खोल दिया,,शोबा ने जल्दी से अपने हाथ को हटा लिया ऑर भाभी का खुलता हुआ मुँह मेरे

लंड के करीब कर दिया ऑर हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर एक हाथ से भाभी ने सर को मेरे लंड के करीब कर दिया

 
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