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कहीं वो सब सपना तो नही complete



तभी कुछ शांत होके डॅड उठे ओर मेरे पास आ गये,,,,अच्छा बता तुझे कोई काम तो नही आज,,,

जी नही डॅड लेकिन क्यू,,आपको कोई काम था क्या मेरे से,,,,

हाँ बेटा,,,,विशाल भाई भी गाओं चला गया है उसको कुछ नये कपड़े लेने थे,,लेकिन टाइम नही था

जाते जाते तेरी कुछ न्यू पॅंट्स ले गया है ,,सही फिट आई थी उसको,,,,,,ऑर जाते जाते मुझे कुछ पैसे

दे गया है,,जाके उसके लिए भी शॉपिंग कर्लो ओर अपने लिए भी कुछ शॉपिंग कर लेना,,,

इतना बोलकर डॅड अंदर गये ओर कुछ पैसे लाके मुझे दे दिए,,,,

मेरा भी दिल कर रहा था कहीं बाहर घूमने को,,,,इसलिए डॅड से पैसे लिए ऑर तैयार होके घर से

चला गया,,,,माँ का दिल तो कर रहा था मैं उनके साथ चुदाई करूँ लेकिन मैं बहुत ज्याद थक

गया था ,,अब मूठ मारना या चुदाई करना तो दूर पैशब करने के लिए लंड को हाथ लगाने को

दिल नही कर रहा था,,,,,पैसे पॉकेट मे डालके मैं करण के घर की तरफ चल पड़ा ताकि उसको

भी साथ लेता चलूं क्यूकी अकेले जाने मे मुझे अजीब सा लग रहा था ऑर अकेला वही तो दोस्त

था मेरा,,,

बाइक लेके करण के घर की तरफ चल पड़ा,,जब करण के घर पहुँचा तो शिखा ने गेट खोला

हाई दीदी,,,,,

हेलो सन्नी,,,,

शिखा ने एक हल्के पिंक कलर की नाइटी पहनी हुई थी,,,मैने सोचा कि साला दिन मे भी नाइटी

कुछ ऑर नही पहन सकती थी क्या,,,,नाइटी मे से सारा जिस्म नज़र आ रहा था,,,,बड़े बड़े बूब्स

जो अब पहले से भी ज़्यादा बड़े हो गये थे वो सर उठा उठा कर नीचे से उपर निकल रहे थे,,

दीदी ने मुझे उनके बूब्स की तरफ घूरते देखा ऑर शरमाने लगी,,,,

अंदर आओ ना सन्नी,,दीदी ने अपने बूब्स पर हाथ मलते हुए बोला,,,,,

दिल तो किया अंदर चला जाउ लेकिन इतना थक गया था रेखा की वजह से की लंड मे भी कोई हलचल

नही हो रही थी शिखा को देख कर,,,,,

नही दीदी अभी नही,,,डॅड ने कुछ काम बोला है वहीं करने जा रहा हूँ,,,,सोचा करण को भी

साथ ले जाउ,,,आप करण को बुला दो,,,,

करण तो घर पे नही है,,,,सुबह से कहीं बाहर गया हुआ है,,,,

कहाँ गया है दीदी,,,

तभी दीदी गेट से थोड़ा अंदर हो गई ओर अपने हाथों से अपने बूब्स मसल्ते हुए बोली,,,मुझे

नही पता ,,अंदर आके माँ से पूछ लो वो भी बड़ा याद कर रही है तुमको,,,,

तभी अंदर से आवाज़ आई,,कॉन आया है बेटी,,,,

मुझे पता था शिखा को देख कर तो नही लेकिन अलका को देख कर मेरा मूड खराब हो जाना है

ऑर लंड का बुरा हाल हो जाना है इसलिए मैने जल्दी से बाइक स्टार्ट किया ऑर वहाँ से भाग गया,,,,

साला पहली बार हुआ था की मैं चूत से दूर भाग रहा था,,,,लेकिन क्या करता अगर रुक जाता वहाँ

तो दोनो ने मिलकर मुझे पूरा का पूरा निचोड़ लेना था,,,जो थोड़ा बहुत रस रेखा ने मेरे अंदर

छोड़ दिया था वो भी शिखा ऑर अलका आंटी ने ख़तम कर देना था,,एक एक बूँद निचोड़ लेनी

थी,,,,,

करण के घर से थोड़ा आगे आके मैने करण को फोन किया तो पता चला कि वो माल मे ही है

पिज़्ज़ा शॉप मे ,इसलिए मैं भी माल की तरफ ही चल पड़ा,,,,

माल की पिज़्ज़ा शॉप मे पहुँचा तो सामने के एक टेबल पर करण बैठा नज़र आ गया ऑर उसके साथ

2 लोग ऑर थे,,,,एक तो थी रितिका लेकिन साथ मे कोई ऑर भी था जो बहुत खूबसूरत था,,

मैं टेबल के पास गया तो करण उठकर खड़ा हो गया उसने मेरे से हाथ मिलाया ऑर मुझे गले

लगा कर मिला,,,,,,

ऑर क्या हाल है सन्नी भाई ,,,,,करण ने मेरे गले लगते हुए पूछा,,,,

मैं भी उसको हग किया ,,,,मैं ठीक हूँ भाई तू बता,,,,,

तभी करण मेरे से दूर हुआ ओर मुझे चेर पर बैठने को बोला,,,,

रितिका को तो तुम जानते ही हो सन्नी भाई,,,,अब इनसे मिलो ये है पायल,,,रितिका के साथ आई है,,

मैं उसकी तरफ देखा तो वो जल्दी से अपनी चेर से उठ गई,,,ऑर मेरी तरफ अपना हाथ बड़ा दिया,

मैं भी चेर से उठा ऑर अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए उसके कोमल ऑर सॉफ्ट हाथ को अपने हाथ मे

पकड़ा ऑर शाकहन्ड किया तभी हाथ मिलते ही वो टेबल से आगे की तरफ झुक कर मुझे गले लगाने

लगी,,,ये मेरा पहला मोका था किसी लड़की के गले लग्के मिलने का,,,वो भी पहली बार जिस से मिला

था,,,,

उसने आगे बढ़ कर पहले तो मुझे गले से लगा लिया फिर मेरे एक गाल पर अपना गाल टच किया ऑर

हवा मे किस करते हुए दूसरी तरफ के गाल पर अपना गाल टच कर दिया ,,इस बार भी उसने किस

की लेकिन मेरे गालों को अपने लिप्स से टच नही किया,,,,ये कैसा तरीका था मिलने का मुझे समझ

ही नही आया,,,,भाई किस ही करनी थी तो सीधी तरह करती क्यूकी सीधी किस मे मैं बहुत ज़्यादा

एक्सपर्ट हूँ,,,,

उसने एक छोटा सा टॉप ऑर उसके साथ एक शॉर्ट-स्कर्ट पहनी हुई थी ,,उसकी पीठ भी पूरी नंगी थी ओर

शॉर्ट-स्कर्ट की वहज से उसकी टाँगे भी पूरी नंगी थी,,,,उसके बाल एक दम ठीक तरह से बँधे

हुए थे,,,उसने जुड़ा किया हुआ था ऑर एक भी बाल जुड्डे मे से बाहर नही था,,हल्के पिंक कलर

के लिप्स पर हल्की पिंक कलर की ही लिपस्टिक लगी हुई थी,,,जिस्म एक दम तना हुआ था,,ना तो मोटी थी

ज़्यादा ऑर ना ही पतली,,एक दम सही फिगर थे उसका,,,पेट अंदर की तरफ ऑर बूब्स बाहर की तरफ,,

कोई 20-25 साल की लग रही थी,,,बहुत ही ज़्यादा खूबसूरत थी,,,,लगता था ब्यूटी प्रॉडक्ट्स पर बहुत

ज़्यादा खर्चा करती थी क्यूकी फेस पर बहुत ग्लो थी ऑर एक भी पिंपल नही था फेस पर,,,

उसकी नंगी पीठ पर मेरा हाथ फिसलता जा रहा था ऑर खुद पर क़ाबू पाना मुश्किल हो रहा था

वो कुछ पल ही मेरे से हग करके खड़ी हुई थी लेकिन इतने मे ही दीन द्या ल सर उठाने लगा था,,,

वो मेरे से दूर हुई ओर अपनी चेर पर बैठ गई ,,फिर मैं रितिका को हेलो बोला ओर चेर पर बैठ

गया,,,लेकिन मेरा ध्यान पायल की तरफ था,,,

इनसे मिला तो दिया मुझे करण लेकिन ये तो बताया नही ये है कॉन,,,,

तभी रितिका बोल पड़ी,,सन्नी ये मेरे मामा जी के बेटे की वाइफ है,,,,उसने इतना बोला तो सब लोग उसकी

तरफ देखने लगे,,,,

उसके जवाब मे मासूमियत सॉफ झलक रही थी,,,,

 


मैने रितिका की तरफ देखा तो उसने भी आज शॉर्ट्स पहनी हुई थी उसकी भी आधी से ज़्यादा टाँगे

नंगी थी,,,मैने आज पहली बार उसको ऐसे कपड़ो मे देखा था ,,अक्सर वो सूट ही पहनती थी लेकिन

कभी कभी जीन्स टॉप भी होता था लेकिन शॉर्ट्स कभी नही पहने थे उसने,,, लेकिन उसके शॉर्ट्स

इतने भी छोटे नही थे वो घुटनो तक आते थे,,,जबकि पायल की शॉर्ट स्कर्ट तो बहुत ज़्यादा छोटी

थी,,,,

स्टुपिड,,,सीधी तरह नही बोल सकती कि ये तेरी भाभी है,,,,,लेकिन दिखने मे तो नही लगता कि आप

शादीशुदा हो,,,बहुत अच्छे से अपनी फिगर का ध्यान रखती हो आप,,,,ऑर मुझे तो पहली नज़र मे

आपको देख कर ऐसा लगा था कि आप या तो मॉडेल हो या कोई एर होस्टेस्स,,,,

आपकी सेन्स ऑर ह्युमर की दाद देनी पड़ेगी मिस्टर सन्नी,,,क्या नज़र रखते हो आप,,,,सही पहचाना मैं

पहले एर होस्टेस्स अकादमी से ट्रेनिंग ले चुकी हूँ लेकिन कभी जॉब नही की ,,,ऑर ना कभी ज़रूरत

पड़ी,,,,

उसके बोलने से अंदाज़ से ये सॉफ झलक रहा था कि वो काफ़ी पैसे वेल बाप की बेटी है,,,तभी तो

इतने नखरे से बोल रही थी,,,,लेकिन फिर भी एक अलग अंदाज़ था उसका,,,नखरे के साथ हल्की तमीज़

के साथ भी बोल रही थी वो,,,सॉफ ज़ाहिर था वो बहुत तेज थी,,मीठी चोट करती थी ताकि खुद को भी

खुश कर सके ऑर सामने वाले को नीचा भी दिखा दे लेकिन फिर भी सामने वाले को उसकी इस हरकत

का पता नही चले,,,,

हम बहुत शातिर है पायल जी ऑर नज़र भी काफ़ी तेज है हमारी,,,,लेकिन फिर भी हम आपको देख कर

धोखा खा गये,,,,,आप तो शादी शुदा लगती ही नही हमे,,,,,क्या फिगर मेनटेन किया है अपने,,

वो अपनी तारीफ़ से खुश हो गई,,,,थॅंक्स्क्स मिस्टर सन्नी,,,लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि मेरी

शादी को 9 साल हो गये है ऑर मेरा एक ---- साल का बच्चा भी है,,,,

ओह्ह मयी गॉड,,,क्या ये सच है,,,लेकिन आपको देख कर तो लगता है कि आप कॉलेज स्टूडेंट हो,,,कसम

से अपने तो मुझे हैरान ही कर दिया पायल जी,,,,

वो बहुत खुश हो रही थी अपनी तारीफ सुनके ऑर मुझे अजीब नज़रो से भी देख रही थी,,,हम लोग

ऐसे ही बातें करने लगे ओर तभी पिज़्ज़ा आ गया ओर हम पिज़्ज़ा एंजाय करने लगे,ऑर साथ साथ बातें

करने लगे,,,

मेरा ध्यान पिज़्ज़ा खाती हुई पायल पर था ,,वो कुछ अलग ही अंदाज़ मे पिज़्ज़ा खा रही थी,,पिज़्ज़ा

के सॉफ्ट चीज़ को वो अपने दाँतों मे बड़ा कर खींच खींच कर खा रही थी,,ऑर कभी

पिज़्ज़ा स्लाइस को अपने लिप्स पे रख कर हल्के से चूस रही थी,,,मेरा ध्यान उसी तरफ था लेकिन मैं

रितिका से नज़रे बचा रहा था क्यूकी वो भी मुझे देख रही थी,,लेकिन उसका ज़्यादा ध्यान करण की

तरफ था,,,

पिज़्ज़ा खाते ऑर बातें करते हमे 6-7 बज गये ओर फिर मैं ऑर करण उठे ओर काउंटर पर जाके

बिल पे करने लगे,,,तभी मेरा ध्यान रितिका ऑर पायल की तरफ गया जो कुछ बातें कर रही थी मैं'

उनकी बातें तो नही सुन पा रहा था लेकिन इशारों से लग रहा था कि रितिका पायल को कुछ करने से

मना कर रही थी या शायद पायल रितिका को मना कर रही थी,,,क्यूकी रितिका बार बार अपने सर को

ना मे हिला रही थी,,,,अब पता नही वो खुद कुछ करने से मना कर रही थी या पायल को रोक रही

थी कुछ करने से,,,,

हम लोग पिज़्ज़ा शॉप से बाहर निकल आए,,,,,,

चल करण भाई अब शॉपिंग करते है,,,,,

नही आज शॉपिंग नही करनी सन्नी,,,आज कुछ चिल करते है तुम शॉपिंग फिर कर लेना,,,ये आवाज़ थी

पायल की,,,,

क्यू आज शॉपिंग क्यू नही करनी,,मैं तो घर से शॉपिंग के लिए ही आया था,,,,

तो आज रहने दो ना कल कर लेना ,,वैसे भी मैं कुछ ही दिन के लिए यहाँ आई हूँ,,,इतना बोलकर पायल

ने मेरा हाथ पकड़ लिया,,क्या मेरे लिए इतना नही कर सकते,,,,,पायल बहुत ज़्यादा फ्रॅंक थी या

बोलो कि फ्रेंड्ली थी,,,वो मेरे साथ चिपक चिपक कर बात कर रही थी ,,जैसे वो शादीशुदा नही

थी कोई कॉलेज की स्टूडेंट थी ऑर मैं उसके साथ ही कॉलेज मे था ऑर उसका दोस्त था,,उसकी इस हरकत

से करण या रितिका को भी कुछ प्रोबलम नही हो रही थी,,,,

सही बोला है औरत प्यार से चाहे तो कुछ भी करवा सकती है मर्द से,,,ऑर मर्द भी किसी कट्पुतली

की तरह नाचने लगता है औरत की उंगली के इशारे पर,,,,

ठीक है आज शॉपिंग नही करते तो फिर क्या करना है ,,,मैने अपना हाथ पायल के हाथ से दूर

करते हुए पूछा,,,

पायल मेरी इस हरकत से थोड़ा खुश हो गई,,वो समझ गई मैं शरमा रहा हूँ उस से,,,,

चलो मेरे साथ मैं बताती हूँ क्या करना है,,,,,इतना बोलकर वो हमे माल की पार्किंग मे

ले गई जहाँ एक लंबी सी कार खड़ी हुई थी,,,उसने अपने बॅग मे से कार की चाबी निकली ऑर खुद कार

की ड्राइविंग सीट पर बैठ गई फिर दूसरी तरफ का डोर ओपन करके मुझे आवाज़ लगाई ऑर मुझे

अपने साथ आगे की सीट पर बैठने को बोला जबकि करण ऑर रितिका पीछे वाली सीट अर बैठ गये,,,,

फिर उसने कार ड्राइव करनी शुरू की ऑर पता नही किस तरफ चलना शुरू कर दिया,,मुझे नही पता

था ये हमको कहाँ लेके जा रही थी,,लेकिन जल्दी ही पता चल गया,,,

वो हम लोगो को डिस्को क्लब लेके आई थी,,,,मैं पहले कभी डिस्को नही गया था ऑर जाता भी क्या

करने,,,,ना मेरी कोई गर्लफ्रेंड थी ओर ना ही मुझे सिगरेट ओर ड्रिंकिंग की आदत थी तो डिस्को मे आके क्या करना

था,,,,सिर्फ़ नाचने के लिए डिस्को मे आने की क्या ज़रूरत ऑर अगर करण को साथ लेके आता तो लोग हम

दोनो को गे समझते ,,,,,लोल्ज़्ज़्ज़्ज़

कार से उतर कर करण ऑर रितिका आगे की तरफ चल पड़े जबकि पीछे मैं ऑर पायल चलने लगे,,पायल

ने मुझे ऐसे पकड़ा हुआ था जैसे की मैं उसका पति या बाय्फ्रेंड हूँ,,,,वो एयिर्हसटेस्स की ट्रैनिंग

ले चुकी थी शायद इसलिए इतनी फ्रॅंक थी ,,या शायद उसकी नेचर ही ऐसी थी,,,,,

मैं उसके साथ डिस्को की तरफ चल पड़ा तभी हम लोगो के आगे आगे चल रहे करण को डिस्को के

बाहर खड़े एक बाउन्सर से रोक दिया,,ओर अंदर नही जाने दिया तभी पायल ने आगे बढ़ कर बोला,,,

ये लोग मेरे साथ है,,,,,पायल ने इतना बोला था कि बाउन्सर पायल को सॉरी बोलने लगा,,,,सॉरी पायल

मेडम मुझे नही पता था ये लोग आपके साथ है,,,,फिर उसने करण ओर रितिका को भी सॉरी बोला ऑर

हमे अंदर जाने दिया,,,,

 
जैसे ही मैं डिस्को एक अंदर गया अंदर का नजारा देख कर खुश हो गया ऑर थोड़ा हैरान भी क्यूकी

ऐसा माहौल अक्सर मैने मूवीस मे ही देखा था,,अंदर काफ़ी अंधेरा था लेकिन डिस्को फ्लोर पर

काफ़ी चमकदार लाइट्स चल रही थी,,जो म्यूज़िक के साथ ऑन ऑफ हो रही थी अपनी दिशा बदल रही थी

,,सब लोग म्यूज़िक पर पागलो की तरह उछल कूद कर रहे थे ऑर शायद यहीं इनका डॅन्स था,,सब

के सब आधे नंगे थे,,,मुझे लड़कियों को सूट दुपट्टे मे देखना अच्छा लगता था या फिर

जीन्स टॉप भी ठीक था लेकिन यहाँ तो सब लड़कियाँ शॉर्ट-स्कर्ट मे थी,,,किसी किसी ने तो ऐसी ड्रेस

पहनी हुई थी जिसको देख मुझे भी शरम आने लगी थी मुझे लग रहा था जैसे ये लड़कयँ ग़लती से

नाइटी पहन कर डिस्को मे आ गई थी,,,,मुझे शरमाता देख पायल बहुत खुश हो रही थी,,,ऑर अजीब

नज़रो से मुझे देख रही थी,,,

तभी एक वेटर हम लोगो के पास आया,, पायल मेम आपका टेबल रेडी है,,,,इतना बोलकर वेटर ने

एक कॉर्नर पर लगे टेबल की तरफ इशारा किया ऑर पायल हम लोगो को लेके उस टेबल की तरफ चल पड़ी

उस नाचती फुदक्ति भीड़ के बीच से चलते हुए मुझे बड़ा अजीब लग रहा था,,हर किसी के हाथ

मे ड्रिंक का ग्लास था जो ड्रिंक को उछाल उछाल कर डॅन्स कर रहे था तभी ड्रिंक के कुछ छींटे

मेरे पर पड़े ,,ये सॉफ्ट ड्रिंक नही थी इसमे से अजीब सी बदबू आ रही थी हो ना हो ये शराब थी

मुझे इतना गुस्सा आया कि मैने उस लड़के को पकड़ कर ज़ोर से एक घुसा मारा तो वो लड़का भीड़

के बीच मे गिर गया,,लेकिन किसी को कोई फ़िक्र नही थी उसकी हर कोई अपने डॅन्स मे बिज़ी था इसलिए करण

ऑर पायल ने मेरा हाथ पकड़ा ओर मुझे टेबल की तरफ ले गये,,,,मेरी इस हरकत से रितिका थोड़ा डर गई

थी,,,,

हम लोग टेबल के पास पहुँचे तो करण ने मुझे सोफे पर बिठा दिया ऑर खुद दूसरी तरफ से मेरे

पास आके बैठ गया जबकि रितिका ऑर पायल सामने वाले सोफे पर बैठ गई,,,,

करण ने कोई बात नही की वो समझ गया था मैने उस लड़के को क्यूँ मारा लेकिन पायल बोल पड़ी,,

क्या हुआ सन्नी तूने उसको मारा क्यूँ,,,,,

मैं कुछ नही बोला ऑर आराम से बैठ रहा तभी वो वेटर हम लोगो के पास आया ऑर 4 ग्लास टेबल

पर रख दिए,,,

ये लो ड्रिंक करो ऑर गुस्सा शांत करो सन्नी,,,,पायल ने एक ग्लास मेरी तरफ बढ़ा दिया तभी करण

ने पायल के हाथ से वो ग्लास पकड़ लिया क्यूकी उसमे शराब थी,,,

क्या हुआ करण ये ग्लास सन्नी के लिए है तुम दूसरा उठा लो,,,,

पायल भाभी सन्नी ड्रिंक नही करता इसलये तो उस लड़के को मारा इसने क्यूकी इसको शराब से नफ़रत

है,,,,

ओह्ह अच्छा ,,तो क्या सन्नी तुम मेरी खातिर आज ड्रिंक नही कर सकते,,

नही पायल जी,,,मैं किसी भी हालत मे बदल नही सकता ,,,कुछ असूल है मेरे जिनको मैं किसी की

खातिर नही भूल सकता,,आपकी जगह कोई ऑर भी होता तो भी नही,,,,

तो अगर इस वक़्त तुम्हारी गर्लफ्रेंड तुमसे ड्रिंक करने को कहेगी तो भी नही करोगे क्या,,,,

मेरी गर्लफ्रेंड जो होगी वो मुझे अच्छी तरह जानती होगी,,,वो ऐसी बेहूदा हरकत कभी नही करेगी,ऑर अगर

वो खुद ड्रिंक करेगी तो मैं उसकी टाँगे तोड़ दूँगा,,,,

लो जी मैं तो चिल करने आई थी लेकिन तुमने तो मूड ही खराब कर दिया,,,,,

कॉन कहता है ड्रिंक करके ही चिल होती है,,,,हम लोग ड्रिंक नही करते तो क्या हम लोग चिल नही

करते,,,,

अच्छा बाबा तुम बिना ड्रिंक के चिल कर सकते हो लेकिन मैं नही,,,,इतना बोलकर पायल ने एक ग्लास उठा

लिया,,,,,,,,,,,,,अब सन्नी को तो मेरे साथ चिल नही करनी तो क्या तुम लोग भी नही करोगे,,,

करण ने मेरी तरफ देखा ऑर मैं उसको बोल दिया तेरी मर्ज़ी है,,मैं कुछ नही कहने वाला

तो उसने भी ग्लास नही उठाया,,,,लेकिन पायल ने रितिका को मना लिया ऑर रितिका ने एक ग्लास उठा भी

लिया,,,लेकिन डरते हुए उसने मेरी तरफ देखा,,,,

तुम सन्नी से क्यू डर रही हो रितिका,,,तुम्हारा बाय्फ्रेंड तो करण है जब करण से कोई डर नही तो सन्नी

से कैसा डर,,,,रितिका ने ग्लास मूह को लगाया ऑर तभी एक घूँट पीते ही उसको खाँसी आने लगी ,मैं

समझ गया कि वो भी आज पहली बार पी रही थी उसका भी पीने को दिल नही था लेकिन अपनी भाभी

की वजह से वो ऐसा कर रही थी,,,

कुछ देर मे रितिका ने भी एक पेग लगा लिया ऑर फिर करण को भी पीने को बोला,,,करण ने रितिका को

मना नही किया ओर ड्रिंक करने लगा,,,,पायल बहुत खुश थी करण के ड्रिंक करने से ,,

1-2 पेग के बाद रितिका ऑर करण का काम तो हो गया था लेकिन पायल अभी भी पी रही थी,,वेटर

पेग पे पेग बना कर ला रहा था ऑर वो पीते जा रही थी,,,,

वो काफ़ी नशे मे हो गई थी,,,मुझे अब उसपे गुस्सा आ रहा था ऑर डिस्को मे हर एक लड़की पर जो

आधी नंगी होके डॅन्स कर रही थी ऑर साथ मे ड्रिंक भी,,,,मेरा ध्यान इधर उधर ही घूम

रहा था तभी मेरे पैर पर किसी का पैर लगा जो मेरी पॅंट के अंदर घुसने की कोशिश कर रहा

था,,,मैने देखने की कोशिश की लेकिन तभी वेटर एक पेग ऑर लेके आ आ गया ऑर पता नही पायल ने

उसको क्या इशारा किया की तभी टेबल की लाइट ऑफ हो गई,,,हम लोगो के पास अंधेरा हो गया,,,बहुत

कम लाइट थी वहाँ पर,,,एक छोटी सी लाइट टेबल के नीचे जल रही थी उसी की हल्की रोशनी थी आस पास

मे,,,,हम लोगो को कोई नही देख सकता था ओर तभी फिर से मेरी टाँग पर किसी का पैर लगने

लगा जो मेरी टाँग को अजीब अंदाज़ से टच कर रहा था ,,उस पैर ने अजीब हरकते करनी शुरू करदी

थी ऑर मेरी टाँग को प्यार से सहलाना शुरू कर दिया था ऑर वो पैर मेरी पॅंट के उपर से होता हुआ मेरे

लंड तक आने लगा था ,,मेरी हालत कुछ पल मे ही खराब होने लगी थी,,,तभी हल्की रोशनी मे

मैने पायल की तरफ देखा तो वो पैर जल्दी से हरकत करना बंद हो गया लेकिन पायल ने मुझे बड़ी

अजीब नज़रो से देखा ऑर स्माइल करने लगी ऑर तभी मैने रितिका की तरफ देखा तो वो कुछ ठीक नही

थी शायद उसको नशा हो गया था,,,वो करण से बातें कर रही थी लेकिन सॉफ पता चल रहा था वो

बहक गई थी,,,फिर जैसे ही उसका ध्यान मेरी तरफ आया उसने डर से फेस नीचे कर लिया,,,

कुछ देर बाद मेरी टाँग पर किसी का पैर लगा मैने जल्दी से टेबल पर पड़ा कुछ खाने का समान

जो प्लेट मे पड़ा हुआ था उसमे से एक स्पून नीचे गिरा दिया ऑर जल्दी झुक कर देखने लगा कि ये किसका

पैर है,,,टेबल के नीचे काफ़ी लाइट थी ,,लेकिन इतनी देर मे वो पैर मेरे पैर से पीछे हट गया था

लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जिसकी मुझे उम्मीद नही थी,,,,मेरे सामने बैठी पायल ने अपनी टाँगों

को पूरी तरह खोला हुआ था ऑर उसका एक हाथ उसकी पेंटी के उपर से उसकी चूत पर था,,उसकी एक

उंगली उसकी पेंटी की साइड से उसकी चूत मे घुसी हुई थी,,,मैं ये देख कर दंग रह गया ओर समझ

गया की मेरे पैर पर जिसका पैर टच कर रहा था वो कोई ओर नही बल्कि पायल ही है,,,मैं वापिस

चेर पर बैठ गया ओर पायल की तरफ देखने लगा ओर तभी वो पैर वापिस मेरी टाँग को टच करने

लगा ओर मेरा ध्यान पायल की तरफ गया जो बहुत शर्मा रही थी ओर साथ साथ हल्की स्माइल के साथ एक

नशीले अंदाज़ मे मुझे देख रही थी,,,,उसका पैर मेरे लंड के पास पहुँच गया था तभी

मैने उसके पैर को अपने हाथ से टच किया ऑर जल्दी से उसका पैर पीछे हट गया लेकिन फिर कुछ पल

बाद उसका पैर मेरी टाँग से होता हुआ मेरे लंड के करीब आ गया ऑर मैने फिर से उसके पैर को

टच करना शुरू किया ऑर अपने एक हाथ से उसके पैर को प्यार से सहलाने लगा,,,तभी रितका के हाथ

से एक ग्लास छूट कर नीचे गिर गया लेकिन किसी को पता नही चला लेकिन तभी रितिका खुद मद-होशी

मे टेबल पर गिरी तो एक दम से टेबल हिला जिस से वो पैर वापिस खींचा गया,,करण आगे बढ़ कर

रितिका को संभालने लगा ,,,उसने आज पहली बार ड्रिंक की थी इसलिए बहक गई थी,,,उस को खुद पर

क़ाबू नही था ,,ऑर नही क़ाबू था पायल को खुद पर जो बार बार मेरे से अपना पैर टच

कर रही थी ऑर अब तो मेरा भी बुरा हाल हो गया था ,,,वो सॉफ्ट पैर को कुछ पल हाथ मे पकड़ा

था जिस से एक आग लगने लगी थी पूरे जिस्म मे,,,लेकिन रितिका के हिलते ही सारा काम खराब हो गया,,

तभी पायल बोली,,,,,इसने भी आज पहली बार ड्रिंक की है लगता है कुछ ज़्यादा ही नशा हो गया

है इसको,,,चलो करण इसको डॅन्स फ्लोर पर ले चलो शायद कुछ बेहतर महसूस करने लगे,,इतना

बोलकर पायल खुद उठी ओर रितिका का हाथ पकड़ कर उसको उठा दिया फिर मैं भी उठकर खड़ा हो

गया जिस से करण भी सोफे से उठकर बाहर निकल आया ऑर रितिका को पकड़ कर डॅन्सिंग फ्लोर की तरफ

ले गया,,,,उसके आगे जाते ही पायल ने मेरा हाथ पकड़ा ऑर मुझे अपने साथ उसी तरफ ले गई,,,

 


मुझे डॅन्स करना तो आता था लेकिन इन लोगो की तरह बेहूदा डॅन्स मेरे से नही होने वाला था ये

बात पायल भी समझ गई थी इसीलिए पायल अपने हाथों मे मेरे हाथ पकड़ कर हल्के हल्के इधर

उधर हिलने लगी थी ,,,ऐसे ही हम डॅन्स करने लगे थे लेकिन पायल को इस सब मे मज़ा नही आ रहा

था इसलिए वो मेरे से थोड़ा पीछे हटके तेज़ी से लटके झटके लगाने लगी ,,,ऐसा करते हुए उसने अपने

बाल भी खोल दिए ओर ज़ुल्फो को इधर उधर हिलाते हुए पूरे जिस्म को झटके मारने लगी,,,उसका डॅन्स

करने का अंदाज़ बहुत अजीब था लेकिन सभी लोगो का ध्यान उसकी तरफ था,,लकते झटके लगाते हुए वो

मुझे थोड़ी अजीब तो लग रही थी लेकिन झटके लगाते टाइम उसके जिस्म के एक एक पार्ट अलग तरह से हिल रहा

था ऑर मुझे भी बाकी लोगो की तरह उसको देख कर मज़ा आ रहा था,,,

तभी उसने डॅन्स करते हुए वेटर की तरफ देखा जो उसी को देख रहा था,,उसने वेटर को कुछ इशारा

किया तो कुछ देर मे वेटर 2 ग्लास लेके फ्लोर पर आ गया ऑर एक ग्लास पायल को देते हुए एक ग्लास मेरी

तरफ बढ़ा दिया,,,,तभी पायल ने मुझे देखा ऑर इशारा किया कि ये शराब नही है जस्ट सॉफ्ट ड्रिंक

है पी जाओ,,,,मैं वो ड्रिंक पी ली ऑर पायल ने भी एक ही बार मे ग्लास खाली किया ऑर वेटर को पकड़ा

दिया फिर उसने वेटर को करण ऑर रितिका की तरफ इशारा किया ऑर फिर डीजे की तरफ,,,,वेटर ने हां मे सर]

हिलाया ऑर वहाँ से चाल गया,,,मैं कुछ नही समझा कि उसने वेटर को क्या बोला था ऑर करण ऑर रितिका

की तरफ इशारा क्यूँ किया था,,,,तभी डिस्को की लाइट्स बहुत कम हो गई ऑर ड्ज पर लव सॉंग प्ले होने लगा

जिसका म्यूज़िक बहुत रोमांटिक था,,,,वो म्यूज़िक प्ले होते ही कुछ लोग वहाँ से चले गये जबकि कुछ लोग

बाहों मे बाहें डालके एक दूसरे के बहुद करीब आके हल्के हलके इधर उधर हिलते हुए पता नही

कॉन्सा डॅन्स करने लगे,,,,मुझे कुछ समझ नही आ रहा था,,,,तभी पायल मेरे बहुद करीब आ गई

ऑर मेरे एक हाथ को पकड़ कर अपनी कमर पर रख दिया जिस जगह पर उसका टॉप ख़तम हो रहा था मैं

एक दम से सहर गया उसकी नंगी कमर पर हाथ रखते ही तभी उसने मेरा दूसरा हाथ पकड़ा पर कमर की

दूसरी तरफ रख दिया,,,,अभी मैं अपने पहले हाथ से उसकी कमर को टच करके बेहोश सा हो गया था ऑर

होश मे नही आया था कि उसने मेरा दूसरा हाथ भी अपनी कमर की दूसरी तरफ रख दिया था,,फिर वो एक

दम से मेरे ओर करीब आ गई ऑर अपने हाथों को मेरे शोल्डर्स पर रख दिया ऑर मेरे से बस 5-6 इंच

की दूरी से मुझे अपने साथ हल्का हल्का इधर उधर हिलने लगी,,,मैं तो बेसूध हो गया था,,,ये तो

साला वहीं रोमॅंटिक डॅन्स तो जो अक्सर मूवीस मे देखा था,,,कभी करने का मोका नही मिला था,,लेकिन

आज मोका मिला भी तो किसके साथ ऑर कहाँ,,,,मैं कुछ समझ नही पा रहा था,,,तभी मेरा ध्यान गया

करण ऑर रितिका की तरफ वो लोग भी ऐसे ही एक दूसरे से चिपक कर डॅन्स कर रहे थे,,,करण की पीठ थी

मेरी तरफ जबकि रितिका के फेस मुझे सॉफ नज़र आ रहा था क्यूकी उसने अपना फेस करण के शोल्डर पर

रखा हुआ था ऑर करण से एक दम चिपक कर डॅन्स कर रही थी,,,,डॅन्स क्या वो बस एक जगह खड़े होके

थोड़ा थोड़ा हिल रहे थे बस,,,

 
इधर मेरे हाथ पायल की नंगी कमर पर थे दोनो तरफ ऑर उसके हाथ मेरे शोल्डर्स पर थे,,डॅन्स

फ्लोर पर रोशनी बहुत कम थी,,,आस पास वालों को देखना मुश्किल था ऑर ना ही कोई हमे देख सकता था

बस 3-4 फीट तक अगर कोई पास था तो कुछ दिखाई दे जाता था,,,,,करण ऑर रितिका तो हम लोगो के बेहद

करीब थे,,,करण की पीठ पायल की पीठ से बस 1-2 फीट की दूरी पर थी इसलिए मुझे रितिका का फेस

नज़र आ रहा था,,,मेरे हाथ भले ही पायल की कमर पर थे लेकिन फिर भी मेरा ध्यान पता नही क्यूँ

रितिका की तरफ था क्यूकी वो कुछ ठीक नही लग रही थी,,आज पहली बार ड्रिंक की थी उसने इसलिए कुछ मदहोशी

सी छाइ हुई थी उस पर ,,,,वो हल्की हल्की आँखें खोल कर मुझे देख रही थी ,,,सॉफ पता चल रहा था

वो अपने आप मे नही थी,,,,तभी कुछ ऐसा हुआ जिस से मैं हिल गया करण ने अपने हाथ से रितिका के सर को

पकड़ा ऑर उसके लिप्स पर किस करने लगा ऑर तभी रितिका ने उसको धक्का दिया ऑर भाग कर एक तरफ चली

गई,,वो किस तरफ गई कुछ पता नही चला ऑर करण भी उसीतरफ चला गया ,,मैने भी भाग कर उसकी

तरफ जाने की कोशिश की लेकिन तभी पायल ने मुझे रोक लिया,,,,,

तुम कहाँ चले,,,उसकी गर्लफ्रेंड है उसी को बात करने दो ,,तुम मेरे साथ डॅन्स करो इतना बोलकर पायल मेरे

से पहले से भी ज्याद करीब गई ऑर दोनो हाथों को मेरे गले मे डालके मेरे से चिपक गई उसका सर

मेरी छाती पर था ,,उसकी साँसे मेरी छाती पर महसूस होते ही मेरी हालत खराब होने लगी लेकिन मेरे

हाथ अभी भी हवा मे थे,,,तभी उसने अपने हाथ मेरे गले से निकाले ऑर अपने हाथों से मेरे हाथ

पकड़ कर अपनी पीठ पर ले गई ऑर मुझे खुद को हग करने को बोला,,,मेरा ऐसा दिल तो नही कर रहा था

लेकिन तभी उसकी सांसो के एहसास से मैं थोड़ा बहक गया ऑर मेरे हाथ उसकी पीठ पर चले गये ऑर ऐसा

होते ही उसने मुझे कस्के अपने से सटा लिया,,उसके बूब्स मेरी छाती से एक दम दब गये थे उसने मोका

देखा ऑर आगे बढ़ कर मेरे लिप्स पर हल्की किस करदी ,,मैं उसकी इस हरकत से हैरान रह गया लेकिन मैं

थोड़ा मस्त भी हो गया,,,तभी मुझे ज़्यादा हैरत तब हुई जब एक ही पल मे मेरे लिप्स भी खुल गये ऑर हम

दोनो के लिप्स एक दूसरे के लिप्स मे जाकड़ गये ,,,मैने उसके लिप्स को हल्के से किस किया जबकि उसने मुझे एक ही

पल मे पागलो की तरफ किस करना शुरू कर दिया ऑर तभी उसका एक हाथ मेरे लंड पर चला गया,,,ऐसा होते

ही मैं बहुत डर गया ,,डॅन्स फ्लोर पर बहुत लोग थे ,,माना बहुत अंधेरा भी था लेकिन अगर कोई हमे

इस हालत मे देख लेता तो,,,इसलिए मैने उसको खुद से अलग किया ऑर वापिस टेबल की तरफ बढ़ गया,,,,मेरे पीछे

पीछे वो भी आ गई,,,,जब मैं टेबल पर पहुँचा तो करण रितिका को मना राह था ऑर वो मान नही

रही थी लेकिन मेरे ऑर पायल के वहाँ आते ही रितिका ऐसे बिहेव करने लगी जैसे कुछ हुआ ही नही ,,लेकिन

रितिका मेरी तरफ बड़े अजीब अंदाज़ से देख रही थी,,,,,,,पायल भी आके फिर से मेरे सामने बैठ गई,,

तभी कुछ देर तक सब चुप रहे लेकिन पायल मेरी तरफ बड़े मस्ती भरे अंदाज़ मे देख रही थी

वो बार बार अपने लिप्स पर अपनी ज़ुबान घुमा रही थी,,,उसकी ऐसी हरकत से मैं डर गया दिल किया

वहाँ से चला जाउ ऑर मुझे बातरूम जाने का भी दिल किया,,,,काफ़ी कोल्डड्रिंक पी चुका था ऑर इतनी देर

से पायल ने मुझे हर जगह टच कर के मस्त कर दिया था जिस से मुझे पेशाब आने लगा था,,,मैं

उठा ऑर बाथरूम की तरफ चला गया,,,,,

मैं आया तो था खुद को हल्का करने लेकिन मेरी हालत ऑर भी ज़्यादा खराब होने लगी थी ,,अभी तक तो

मैं बाथरूम मे पहुँचा भी नही था कि बुरा हाल हो गया था मेरा,,,,

बाथरूम जाने के लिए एक बहुत पतले से गलियारे से गुजर कर जाना पड़ रहा था वहाँ पर इता ज़्यादा

अंधेरा था कि पूछो मत,,,,,ऑर उसी अंधेरे का फ़ायदा उठा कर कुछ लोग अजीब सी हरकते करने मे

लगे हुए थे,,,,कहीं कोई लड़का लड़की को किस कर रहा था तो कहीं कोई 2 लड़कियाँ आपस मे किस

कर रही थी,,,यहाँ तक कि कहीं मैने देखा 2 लड़के आपस मे किस कर रहे थे उनको देख कर '

मुझे इतना गुस्सा आया कि दिल किया इनका सर फोड़ दूं,,,,फिर सोचा मुझे क्या हक़ बनता है गुस्सा

करने का उनकी अपनी लाइफ है अपने तरीके से एंजाय करने दो लेकिन फिर भी कहीं दिल मे उलझन

सी पैदा हो गई थी,,मैं बाथरूम नही गया हालाकी मुझे बहुत तेज पेशाब आया था लेकिन इन लोगो को

देख कर मेरा दिल नही किया बाथरूम जाने को ऑर मैं वापिस टेबल पर आके बैठ गया,,,

वापिस आया ऑर आके अपनी सीट पर बैठ गया जल्दी से,,,बाथरूम के बाहर ऐसी ऐसी चीज़े देख कर

आया था कि हैरान रह गया था,,,,ऑर आते ही मुझे पायल ने फिर से हैरान कर दिया,,जैसे ही मैं

आके सोफे पर बैठा पायल का पैर सीधा मेरे लंड पर आके लगा ऑर उसने अपने पैर की उंगलियों से

मेरे लंड पर हल्के हल्के सहलाना शुरू कर दिया,,,,बाथरूम जाने की तेज़ी थी लेकिन बाथरूम नही

करके आया था ऑर अभी पायल का फिर से लंड को ऐसे टच करना बर्दाश्त नही हो रहा था ,,,लग

रहा था जैसे आज किस्मत बहुत खराब है,,वैसे तो किस्मत अच्छी थी कि कोई भाभी वो भी इतनी ज़्यादा

सेक्सी खुद चलके चुदवाने को तैयार थी लेकिन लंड मे हल्का हल्का पेन होने लगा था जिस वजह से

किस्मत खराब लगने लगी थी,,,,कुछ नही कर सकता था मैं बस ऐसे ही बैठा रहा,,,,

तभी करण बोला,,सन्नी भाई ज़रा साइड होना मुझे बाहर जाना है,,,,करण की आवाज़ सुनके मैं बहुत

खुश हुआ क्यूकी करण की वजह से मुझे हिलने का मोका मिला था वैसे हिलता तो शायद करण मेरे

पर शक करता या रितिका,,,,,,

मैं कुछ नही बोला ऑर जल्दी से खड़ा होने लगा लेकिन तभी याद आया कि लंड तो पूरी तरह अकडा हुआ

है ऑर अगर उठकर खड़ा हो गया तो कहीं करण या रितिका की नज़र नही पड़ जाए उस पर इसीलिए उठने

की जगह मैं अपनी सीट से खिसक कर बाहर की तरफ टाँगे मोड़ कर बैठ गया जिस से करण बड़े

आराम से सोफे से निकल कर बाथरूम की तरफ चला गया,,,उसको भी बाथरूम बहुत तेज़ी से आया था शायद

क्यूकी वो भी बाथरूम की तरफ तेज़ी से जा रहा था,,,,,अभी मैं बाहर टाँगे करके बैठा हुआ

था तभी कुछ लोग आस पास से गुजर रहे थे ,,,,डिस्को की लाइट्स भी कभी कभी इधर घूम कर

आ रही थी जिस से हल्की रोशनी हो रही थी,,,मैं डर गया कहीं कोई मेरे लंड को ना देख ले इसलिए

वापिस सोफे से अंदर की तरफ मूड गया क्यूकी टेबल मेरी टाँगों के उपर तक आता था ऑर कोई मेरा

लंड नही देख सकता था,,,लेकिन जैसे ही मैं वापिस मुड़ा वो पैर फिर से मेरे पैर के नीचे से

होता हुआ मेरे लंड की तरफ बढ़ने लगा ऑर फिर से मेरे लंड को सहलाने लगा,,,,अब मेरा खुद

पर क़ाबू पाना मुश्किल हो रहा था बाथरूम की वजह से लंड वैसे ही अकडा हुआ था ऑर पैर के

सहलाने से लंड मे हल्का दर्द होने लगा था मेरी जीन्स भी टाइट थी जिस वजह से लंड पॅंट मे

पूरा फैल भी नही सकता था,,,,उस दर्द की वजह से हल्की हल्की मस्ती चढ़ने लगी थी मुझे लेकिन

मैं कुछ नही कर सकता था,,,मेरा ध्यान सामने की तरफ गया तो पायल का हाथ नीचे कुछ हरकत

करता नज़र आया मैं समझ गया कि वो फिर से चूत मे उंगली कर रही है लेकिन मैं हैरान भी था

कि उसको अपने पास बैठी हुई रितिका से डर नही लग रहा था जबकि रितिका कभी मेरी तरफ तो कभी पायल

की तरफ देख रही थी लेकिन उसका ज़्यादा ध्यान मेरी तरफ ही था,,फिर मस्ती के हाथों मजबूर होके

मैने हिम्मत करके उस पैर को पकड़ लिया ऑर हल्के से सहलाने लगा ऑर उसको अपने लंड पर ऑर भी

ज़्यादा दबाने लगा ,,मैं पायल की तरफ देख रहा था वो भी मुझे देख रही थी वो बड़ी खुश

'थी तभी मेरा ध्यान रितिका की तरफ गया जो मुझे एक टक देखती जा रही थी,,,वो हल्का सा शर्मा भी

रही मैं ,,,शायद उसको नशा कुछ ज़्यादा ही हो गया था,,,इसलिए मैने उसकी तरफ ज़्यादा ध्यान नही

'दिया ऑर उस कोमल ऑर मुलायम पैर को पकड़ कर हल्के हल्के सहलाने लगा ,,लेकिन तभी कुछ ऐसा

हुआ कि मेरी गान्ड फॅट गई,,,

वेटर हम लोगो के टेबल के पास खड़ा हो गया था,,,पायल उस से कुछ बोल रही थी लेकिन उसको कुछ

'सुन नही रहा था ,,,वेटर झुक कर अपने कान को पायल के लिप्स के पास लेके आने लगा लेकिन पायल

ने उसको रोक दिया ऑर खुद खड़ी होके वेटर से बात करने लगी,,,,,ऑर मेरे को बहुत तेज झटका लगा

क्यूकी पायल खड़ी हुई थी जबकि वो पैर अभी तक मेरे हाथ मे था,,,,इसका मतलब वो पैर रितिका का

था,,,,नही ये नही हो सकता,,,,मैने डरते हुए रितिका की तरफ देखा और वो शरमाने लगी लेकिन जब

मैने वापिस पायल की तरफ देखा तो रितिका ने मुझे पायल की तरफ देखते हुए खुद भी पायल की

तरफ देखा ऑर जब उसको एहसास हुआ कि पायल खड़ी हुई है उसने जल्दी से अपना पैर पीछे खींच लिया

,,,,,मेरी तो सिट्टी पिटी गुल हो गई थी,,कुछ समझ नही आ रहा था,,,तभी करण वापिस आ गया ऑर

मैं जल्दी से खड़ा हो गया,,,,,,करण सोफे पर बैठ गया ऑर मैं खड़ा रहा ,,,पायल का ध्यान मेरे

लंड पर पड़ा ऑर वो एक टक मेरे लंड को देखने लगी लेकिन रितिका ने मेरी तरफ नही देखा ऑर वो

डरते सहम्ते हुए करण से बात करने लगी,,,

तभी करण ज़ोर से बोला,,,सन्नी भाई खड़ा क्यूँ है बैठ जा ना,,,,मुझे कुछ समझ नही आया लेकिन

जिस तरह से वो चिल्ला रहा था ऑर सोफे की तरफ इशारा कर रहा था मैं उसकी बात समझ गया,,,

ऑर मैने उसको इशारा किया कि मुझे बाथरूम जाना है,,,,वो हँसने लगा ऑर इशारे से बोलने लगा

कि अभी तो बाथरूम से आए हो तुम सन्नी भाई,,,,लेकिन मैने उसकी बात का जवाब नही दिया ऑर

वहाँ से चाल गया ,तभी पायल भी उठी ऑर मेरे साथ बाथरूम की तरफ जाने लगी,,,,,वो मेरे साथ

तो चल रही थी लेकिन मेरे को टच नही कर रही थी,,,फिर जब हम उस तंग गलियारे से गुजर रहे

थे जहाँ लोग अजीब हरकते कर रहे थे तो मेरा सर नीचे झुक गया जबकि पायल मुझे देख

कर हँसने लगी,,,मैने एक बार पायल की तरफ देखा ऑर फिर वापिस ज़मीन की तरफ देखने लगा,,,

आगे चल कर मैं राइट साइड में टायिलेट्स की तरफ चला गया जबकि वो लेफ्ट मूड कर लॅडीस टायिलेट्स की तरफ

चली गई,,,,,,,

 
मैं भाग कर टाय्लेट मे घुस गया,,,,मुझे बहुत तेज सूसू आया था,,,मैने जैसे ही ज़िप खोली तो लंड

पूरी ओकात मे सर उठ कर खड़ा हुआ था,,,मैने लंड को हाथ मे पकड़ा ऑर सूसू करने लगा,,ये

टाय्लेट बहुत छोटा था ,,एक आदमी के लिए ही जगह थी मैं खड़ा होके सूसू कर रहा था ऑर जैसे

जैसे मैं सूसू करता गया लंड छोटा होता गया,,,,मुझे बड़ी राहत मिली सूसू करके ,,लेकिन जैसे ही

एक राहत मिली उसके साथ ही एक उलझन भी होने लगी,,,,मैं सोचने लगा कि पायल खड़ी हुई थी तो

पक्का था वो पैर रितिका का था लेकिन रितिका ने ऐसा क्यू किया,,,वो तो बड़ी सियानी लड़की थी,,कभी कोई

ऐसी वैसी हरकत नही की थी उसने,,,फिर आज ही क्यूँ,,,,शायद शराब के नशे की वजह से,,,हाँ यही

हो सकता है,,,,,

अभी मैं खुद से बातें करने लगा था ऑर मेरा लंड सिकुड कर छोटा हो गया था लेकिन मैने उसको

अभी तक पॅंट के अंदर नही किया था,,,,लंड तो पॅंट के अंदर नही गया लेकिन तभी कोई उस बाथरूम

मे घुस आया जिसमे मैं था,,,,सूसू के ज़ोर की वजह से मैने दरवाजा लॉक नही किया था ऑर जैसे ही

मैं वापिस पलटा देख कर दंग रह गया मेरे पीछे पायल भाभी खड़ी हुई थी,,उसने बाथरूम मे

घुसते ही दरवाजा लॉक कर दिया ऑर जल्दी से मेरी तरफ पलट गई,,,,,जगह कम थी हम दोनो को खड़े

होने मे दिक्कत हो रही थी तभी उसने मुझे पीछे की तरफ धक्का दिया ऑर जगह बनाने के लिए मेरी

टाँगें टॉयलेट सीट की दोनो तरफ से फैल गई ओर मैं पीछे की दीवार से जाके टिक गया,,,,

मैने कुछ बोलने के लिए मुँह खोला तभी भाभी ने मेरा मुँह खुलते ही अपना हाथ मेरे मुँह पर

रख दिया ऑर खुद एक उंगली अपने लिप्स पर रखते हुए मुझे चुप रहने के इशारा करने लगी,,भाभी

ने वही हाथ रखा था मेरे मुँह पर जिसकी उंगली अपनी चूत मे घुसा रही थी वो,,,उंगली से आने

वाली चूत के नमकीन पानी की खुसबू मुझे एक ही पल मे मद-होश करने लगी ,,,वो खुसबू

मेरे नाक से होते हुए मेरे पूरे जिस्म मे पहुँच गई थी जिस से एक एक अंग मस्ती मे भरने लगा

था,,,,मेरी नाक ने उस उंगली को करीब से सूंघना शुरू कर दिया इस बात का पायल को भी पता

चल गया था इसलिए जल्दी से उसने अपने हाथ को अपने लिप्स पर से उठा कर मेरे लंड पर रख दिया जो

अभी सिकुड कर छोटा हो गया था ऑर ज़िप से बाहर था,,,लेकिन पायल की चूत की नमकीन खुश्बू जो

मुझे उसकी उंगली से मिल रही थी उस से उत्तेजित होके मेरा लंड ओकात मे आने लगा था ऑर बाकी का

काम पायल का हाथ करने लगा था जो मेरे लंड पर था,,उसने मेरे लंड को मुट्ठी मे पकड़ लिया

ऑर हल्के से दबाने लगी,,,फिर अपने उस हाथ को जो मेरे मुँह पर था उसकी वही उंगली जो पायल ने

चूत मे ली थी वो उंगली मेरे मुँह मे घुसा दी ऑर चूत के नमकीन पानी का स्वाद मिलते ही मेरी

ज़ुबान ने उस उंगली को चाटना ऑर चूसना शुरू कर दिया,,,,पायल मेरी इस हरकत से खुश हो गई ऑर

जल्दी से आगे बढ़ कर मुझे किस करने लगी,,,उसकी उंगली तो मेरे मुँह मे थी अब उसकी ज़ुबान भी मेरे

मुँह मे घुस गई थी,,,वो अपनी उंगली को ऑर ज़ुबान को एक साथ मेरे मुँह मे घुसा कर मेरी ज़ुबान

के साथ छेड़खानी कर रही थी उसका हाथ मेरे लंड पर बड़े प्यार से आगे पीछे होने लगा था लेकिन

'बीच बीच मे वो मेरे लंड को मुट्ठी मे भरके दबा देती थी जिस से एक झटका सा लगता था मेरे

पूरे जिस्म मे,,तभी उसने अपनी उंगली को मेरे मुँह से निकाल लिया ओर मुझे प्यार से चूमने लगी ऑर

साथ साथ लंड पर हाथ की स्पीड भी तेज करने लगी ,,वो मेरे लिप्स को अपने लिप्स मे भरके बड़े मस्ती

भरे अंदाज़ से चूस रही थी ऑर मेरे लंड को हाथ से मसल्ति हुई मेरे लंड की टोपी पर अपने

नाख़ून से हल्के से ज़ोर डालके दबा रही थी मुझे हल्का दर्द हो रहा था लेकिन मज़ा भी बहुत आ

रहा था,,,पेशाब करके लंड सो गया था लेकिन अब लंड फिर से एक मस्ती के साथ जाग गया था ऑर पूरी

ओकात मे आ गया था,,,,

मैं मस्ती मे तो आ गया था लेकिन इस एक दम हुए हमले से मैं थोड़ा कन्फ्यूज़ हो गया था इसलिए

मैं उसको किस का रेस्पॉन्स तो देना शुरू कर दिया था थोड़ा थोड़ा लेकिन मेरे हाथ अभी तक नीचे

लटक रहे थे ,उसको ये अच्छा नही लग रहा था तभी उसने मुझे किस करते हुए अपने दोनो हाथों

से मेरे हाथ पकड़े ऑर टॉप के उपर से अपने बूब्स पर रख दिए ऑर मैने भी कोई देर किए बिना

उसके बूब्स को मसलना शुरू कर दिया,,,उसने जल्दी से अपने हाथ उठा कर अपना टॉप निकाल दिया उसने

ये इतना जल्दी किया कि मुझे पता ही नही चला,,मैं तो उसके बूब्स देख कर ही दंग रह गया उसने

टॉप के नीचे ब्रा नही पहनी हुई थी लेकिन फिर भी उसके बूब्स थोड़े से भी कमजोर नही पड़े थे

थोड़ा सा भी नीचे की तरफ नही झुके थे,,,एक दम टिक कर खड़े हुए थे अपनी जगह पर,,,मैने

बिना देर किए उसके बूब्स को मसलना शुरू कर दिया,,मेरी तरफ से रेस्पॉन्स मिलने पर वो बहुत

खुश हो गई ऑर मुझे फिर से किस करने लगी ,,,,मैं उसके बूब्स मसल रहा था जबकि वो मेरे लंड

पर अपने दोनो हाथों से मूठ लगा रही थी,,,,तभी एक दम से उसको पता नही क्या हुआ वो एक दम

से पीछे हट गई ऑर मुझे हाथ से पकड़ कर पॉट सीट पर बिठा दिया ऑर खुद ज़मीन पर बैठ गई

ऑर जल्दी से मेरे लंड को हाथ मे लेके उसपे थूक दिया ऑर हाथ से थूक को लंड पर मल दिया ऑर

फिर थोड़ी देर मेरे लंड पर थूक से मालिश करने लगी ऑर एक हाथ से मेरे सर को पकड़ कर अपनी

तरफ झुका लिया ऑर फिर से मुझे किस करने लगी,,लेकिन किस ज्याद देर नही चली उसने मेरे सर को

फिर से पीछे कर दिया ऑर झुक कर मेरे लंड को मुँह मे भर लिया,,,मैं एक दम से मस्ती के झटके

खाने लगा था,,,उसने एक ही बार मे मेरा लंड पूरा का पूरा मुँह मे भर लिया था ऑर मेरा लंड उसके

गले से टकराता हुआ उसके मुँह मे हलक से नीचे तक घुस गया था,,,,उसने मेरे लंड को फिर मुँह से

निकाला ऑर वापिस मुँह मे भर लिया,,,वो पूरे लंड को मुँह से निकाल रही थी ऑर फिर से लंड को पूरा

मुँह मे भर रही थी ,,जब 8-10 बार पूरा लंड उसके मुँह मे घुस गया तो उसने तेज़ी से अपने सिर को

मेरे लंड पर उपर नीचे करना शुरू कर दिया फिर बीच बीच मे अपने हाथों से ही अपने सर

को मेरे लंड पर दबा कर मेरे लंड को इतना ज़्यादा मुँह मे भरने की कोशिश करने लगती जैसे कि

मेरी बॉल्स को भी मुँह मे भरना चाहती थी वो,,,उसका लंड चूसने का अंदाज़ किसी रंडी से कम नही

था लेकिन फरक बस इतना था कि ये बड़े घर की रंडी थी जो शायद अपने पति से खुश नही थी या फिर

इसको शुरू से ही बाहर खाने की आदत थी,,,खैर मुझे क्या मुझे तो चूत से मतलब था,,,,

कुछ देर बाद वो उठी ऑर अपनी स्कर्ट उपर उठा कर अपनी पेंटी को उतारने लगी ,,,मेरी नज़र उसकी चूत

पर पड़ी जो एक दम गोरी थी ऑर जिसके लिप्स लाइट पिंक कलर के थे,,बहुत ही सॉफ थी उसकी चूत जिसमे

एक भी बाल नही था,,दिल तो किया कि उसकी चूत को मुँह मे भर लूँ ऑर शायद वो भी ऐसा ही चाहती थी

इसलिए वो अपनी एक टाँग उठाने लगी मैं समझा कि उसकी चूत मेरे मुँह की तरफ आ रही है लेकिन

पेंटी उतार कर अपनी टाँग उठा कर वो अपनी चूत को मेरे मुँह के पास नही लाई बल्कि मेरी टाँगों

पर बैठ गई ओर मेरे लंड को हाथ मे पकड़ कर फिर दूसरे हाथ मे थोड़ा थूक लगा कर अपनी

चूत पर लगा लिया ऑर जल्दी से मेरे लंड पर बैठ गई,,,उसकी चूत दिखने मे तो सॉफ सुथरी थी

लेकिन इतनी ज़्यादा खुल चुकी थी कि मेरा लंड एक बार मे ही पूरा घुस गया था,,,इतनी खुली चूत तो

आज तक मुझे रेखा की मिली थी बस,,,यानी ये पायल रेखा से भी बड़ी चूड्डकड़ थी,,उसने मेरे लंड

पर बैठ कर एक दम से उपर नीचे उछलना शुरू कर दिया ,उसके हाथ मेरे शोल्डर पर थे ऑर

उसने शोल्डर का सहारा लेके खुद को उपर नीचे करना शुरू कर दिया,,उसकी चूत जितनी भी खुली थी

मेरा लंड भी कम नही था जो उसकी खुली चूत मे भी अच्छी तरह से रग्गड़ ख़ाता हुआ अंदर बाहर

हो रहा था इस बात का अंदाज़ा मुझे तब हुआ जब मस्ती के मारे उसकी सिसकियाँ निकालने लगी लेकिन बाहर

लोग थे इसलिए उसने जल्दी से मुझे किस करना शुरू कर दिया ताकि उसकी आवाज़ बाहर नही निकले ,,किस करते

हुए मैं ओर भी पागल हो गया मैने अपने हाथ उसकी कमर पर रखे ओर उसको गोद मे उठा कर अपने

लंड पर उपर नीचे करने लगा,,,उसका वजन ज़्यादा नही था इसलिए मुझे उसको उठाने मे कोई ज़्यादा

दिक्कत नही हुई वैसे भी मर्द चुदाई करते टाइम ज़्यादा ही जोश मे आ जाता है,,वो खुद भी मेरे

लंड पर तेज़ी से उछल रही थी ऑर पागलो की तरह मुझे किस कर रही थी अब तक मेरा पागलपन भी

शुरू हो गया था ,,,काफ़ी देर वो ऐसे ही लंड पर उछलती रही ऑर हम दोनो किस करते रहे फिर कुछ

देर बाद वो उठी ऑर खड़ी हो गई फिर मुझे भी पॉट सीट से उठकर खड़ा कर दिया ,,फिर मुझे एक

साइड करके वो मेरे बगल से गुजर कर पॉट सीट की तरफ बढ़ गई,,,टाय्लेट मे जगह बहुत कम थी हम

दोनो का टर्न करना मुश्किल था जब वो मेरे बगल से गुज़री तो उसके बूब्स मेरी छाती पर रग्गड़

खाने लगे थे,,,,,,,

 
वो जल्दी से पॉट सीट पर एक पैर रखके झुक गई ऑर मैने भी जल्दी से उसकी चूत मे पीछे से लंड

घुसा दिया ऑर एक ही पल मे तेज़ी से उसकी चूत मारने लगा ,,मेरे हाथ जल्दी से उसके बूब्स पर चले

गये थे जिनको मैने पूरे ज़ोर से मसलना शुरू कर दिया था ,उसकी हालत खराब होने लगी थी उसको

डर था उसकी आवाज़ निकलनी शुरू नही हो जाए इसलिए उसने अपने हाथ से अपने मुँह को बंद कर लिया

था ,,मैं उसके बूब्स को दबाता हुआ तेज़ी से उसकी चूत मार रहा था तभी उसने हाथ पीछे किया

ऑर मुझे रुकने को बोला लेकिन मैं नही रुका ओर तेज़ी से उसकी चुदाई करता रहा ,,,उसने फिर से मुझे

रुकने को बोला लेकिन मैं ऐसे ही तेज़ी से उसकी चुदाई करता रहा,,,उसने अपने हाथ से मेरे हाथ अपने

बूब्स से हटा दिए ऑर मैने अपने हाथ उसकी कमर पर रख दिए ऑर तेज़ी से उसकी चुदाई करता रहा

,,मैने उसकी कमर को ज़ोर से नही पकड़ा था बस हल्का से हाथ रख कर सहारा लिया था तभी फिर

से उसने मुझे रुकने को बोला लेकिन मैं नही रुका तो वो जल्दी से थोड़ा आगे खिसक गई जिस से मेरा

लंड उसकी छूट से निकल गया मैने जल्दी से उसको पकड़ने की कोशिश की तो वो जल्दी से पॉट सीट पर

बैठ गई ऑर एक तेज सीटी की आवाज़ एक साथ पेशाब करने लगी,,,मैं समझ गया कि ये झड गई थी ऑर चूत

के पानी के साथ इसका पेशाब भी निकल गया था,,,तभी उसने मेरी तरफ मूड के देखा ऑर मैं हँसने

लगा ,,मेरा हाथ मेरे लंड पर चला गया था ,,वो भी मेरी तरफ हंस कर देखने लगी ऑर पेशाब करके

वापिस खड़ी हो गई ,,,मैने भी अपने हाथ से लंड को चूत पर रखा ऑर अंदर घुसा दिया ऑर

फिर से तेज़ी से उसकी चूत चोदने लगा,,,मेरे हाथ उसकी कमर पर थे ऑर वो खुद एक हाथ से दीवार

का सहारा लेके एक हाथ से अपने बूब्स मसल्ने लगी थी,,,,उसकी सिसकियाँ निकल रही थी लेकिन इतनी ज़ोर से

नही उसने खुद की आवाज़ को क़ाबू मे किया हुआ था,,लेकिन चूत पर लंड के झटके की मार से एक

हल्की पच पच की आवाज़ होने लगी थी उसको क़ाबू करना मुश्किल था,,लेकिन ना तो मुझे ओर ना ही

उसको इस आवाज़ से कोई फ़र्क पड़ रहा था,,ये आवाज़ तो हम दोनो को मस्त कर रही थी,,,,

मैं उसके झड़ने के बाद से करीब 10-15 मिनट से उसकी चूत की चुदाई कर रहा था मुझे डर

था कहीं कोई आ नही जाए या करण ऑर रितिका शक नही करने लगे इसलिए मैं जल्दी झड़ना चाहता

था ऑर इसका एक ही तरीका था,,,पायल की गान्ड,,,,,मैने अपने लंड को उसकी चूत से निकाला ऑर तभी

वो पीछे मूड के मुझे देखने लगी मानो बोल रही हो कि लंड बाहर क्यूँ निकाला सन्नी लेकिन मैने

उसकी तरफ ध्यान नही दिया ऑर लंड पर थूक लगा लिया ऑर लंड को उसकी गान्ड के होल पर रखा ऑर

तभी वो आगे बढ़ने की कोशिश करने लगी,,,,उसने मुझे देखा ऑर ऐसा करने से मना किया,,,लेकिन

मैं कहाँ रुकने वाला था मैने एक हाथ से उसके पैट से उसको पकड़ा ताकि वो आगे नही जा सके ऑर

एक हाथ से लंड को उसकी गान्ड के होल पर रखा ऑर ज़ोर से धक्का दिया तो लंड पहली बार मे ही

अंदर घुस गया ऑर उसकी तेज चीख निकलने लगी तभी उसने हाथ मुँह पर रखा ऑर अपनी आवाज़ को

दबा दिया ,,,मैने लंड को वापिस निकाला ऑर तेज़ी से झटका मार कर वापिस अंदर घुसा दिया ऐसे ही

8-10 झटके मारने के बाद मेरा लंड पूरा अंदर घुस गया,,उसकी चूत के मुक़ाबले मे उसकी गान्ड

बहुत टाइट थी शायद वो गान्ड ज़्यादा नही मरवाती थी,,,,लेकिन मुझे तो गान्ड मार के ही ज़्यादा मज़ा

आता था इसलिए तो उसकी हालत मे मुझे कोई तरस नही आ रहा था लेकिन तभी वो अपना फेस पीछे करके

मेरी तरफ पलटी तो मैने देखा कि उसकी आँखों मे पानी था ऑर उसके मुँह मे उसकी पेंटी थी जो अभी

कुछ देर पहले निकाली थी उसने,,,,,उसको डर था कहीं उसकी आवाज़ बाहर नही जाए इसलिए उसने अपनी पेंटी

को अपने मुँह मे घुसा लिया था ,,उसकी आवाज़ तो बंद हो गई थी लेकिन दर्द के मारे उसकी आँखों से

पानी निकलने लगा था,,,लेकिन मेरे पर कोई ज़्यादा असर नही हुआ ये बात उसको भी पता चल गई जब

मैने उसकी तरफ हंस कर देखा ऑर अपनी स्पीड को ऐसे ही बरकरार रखा,,उसने अपने हाथ को पीछे किया

ऑर मुझे हटाने लगी तभी मैने उसके दोनो हाथों को पकड़ा ऑर उसको पॉट सीट पर झुका लिया उसके

दोनो हाथ मेरे हाथ मे थे जिनको मैने उसकी पीठ पर लगा कर अपने एक हाथ से पकड़ा हुआ था

ऑर दूसरे हाथ से उसके पैट से उसको पकड़ कर सहारा दिया हुआ था ऑर तेज़ी से उसकी गान्ड मार रहा था

,,मुझे पता था मुझे अगर जल्दी झड़ना है तो गान्ड मारकर ही झड सकता हूँ इसलिए मैने

तेज़ी से उसकी गान्ड मारनी जारी रखी ऑर कुछ देर बाद मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ लेकिन

अभी तक वो नही झड़ी थी इसलिए मैने उसके हाथ छोड़ दिए ऑर जल्दी से अपने हाथ को उसकी चूत पर

ले गया ऑर चूत मे उंगली करने लगा ऑर उसपे झुक कर उसकी गान्ड भी मारता रहा,,,चूत पर उंगली

की चुदाई से उसको कुछ राहत मिली ऑर उसके मुँह से दबी दबी आवाज़ निकलनी बंद हो गई ऑर तभी उसने

अपने मुँह से पेंटी निकाल दी ऑर मुझे पीछे मुदके देखने लगी अब उसके चेहरे पर दर्द ऑर तकलीफ़

नही बल्कि राहत झलक रही थी,,,उसने मुझे अपनी मस्ती भरी आवाज़ मे हल्की हल्की सिसकियाँ लेके बता

दिया कि अब वो ठीक है लेकिन तभी उसकी सिसकियाँ तेज हो गई लेकिन आवाज़ स्लो ही रही मैं समझ गया कि

उसका काम होने वाला है तो मैने भी अपनी स्पीड तेज करदी ऑर उंगली की रफ़्तार भी उसकी चूत मे तेज

करदी कुछ पल बाद उसकी चूत से फिर से पानी बहना शुरू कर दिया इस बार भी पानी बहुत ज़्यादा

था शायद इस बार भी उसने पेशाब किया था,,,जब पानी निकल गया तो मैने उसकी गान्ड से लंड निकाल

लिया ओर वो भी जल्दी से पॉट सीट पर बैठ गई ऑर अपना मुँह खोल लिया,,मैने लंड को हाथ मे लेके

मूठ मारते हुए उसके मुँह के करीब कर दिया ऑर जैसे ही पानी निकलने लगा उसने आगे बढ़ कर लंड

को मुँह मे भर लिया ऑर जब तक पानी की लास्ट ड्रॉप नही निकली उसने लंड को मुँह से नही निकाला ऑर

जब लंड से पानी निकल चुका था तो उसने लंड को चूस ऑर चाट कर सॉफ कर दिया ऑर जल्दी से उठकर

अपने कपड़े पहन लिए फिर मुझे प्यार से एक किस की मेरे फॉरहेड पर,,,,ऑर बोली,,,,,

बहुत मज़ा आया तेरे साथ सन्नी लेकिन तू बहुत ज़ालिम है ,,,जान निकाल दी मेरी,,,,अब यही रुक मुझे

बाहर जाने दे तू कुछ देर बाद बाहर आना,,इतना बोलके उसने दरवाजा खोला ऑर बाहर निकल कर इधर

उधर देखा ऑर भाग कर वहाँ से चली गई,,,मैं यहीं बाथरूम मे खड़ा हुआ था मेरा लंड

ऐसे ही ज़िप से बाहर निकला हुआ था ऑर सिकुड चुका था,,,,मैं सोचने लगा कि मैने सच मे पायल

भाभी की चुदाई की है या मैं अभी पेशाब करके ही हटा हूँ,,,मुझे कुछ समझ नही आ रहा

था तभी ज़िप बंद करते हुए मेरी नज़र पड़ी ज़मीन पर पड़ी हुई पेंटी पर तो मैं खुश हो गया

कि ये मेरा वहाँ नही था मैने सच मे पायल की चुदाई की है अभी,,,मैं खुश होता हुआ वहाँ

से बाहर निकल गया ऑर पायल की पेंटी को जेब मे डाल लिया,,,,

जब मैं बाहर गया तो सब लोग उठकर खड़े हो गये उनके जाने का टाइम हो गया था शायद,,,मैं भी

उन लोगो के साथ डिस्को से बाहर आ गया,,रितिका अभी भी करण के साथ आगे चल रही थी ऑर मैं पायल के

साथ पीछे ,,,तभी मैने जेब से पायल की पेंटी निकाली ऑर उसके हाथ मे पकड़ा दी,,उसने शरमाते हुए

अपनी पेंटी पकड़ी ऑर अपने बॅग मे डाल ली,,,,,उसके बाद हम कार मे बैठ कर वापिस उस माल की

तरफ गये जहाँ मेरी बाइक थी,,,मैं कार से उतरा ऑर माल मे चला गया,,,सभी शॉप बंद हो गई

थी इसलिए शॉपिंग नही कर सकता था इसलिए पायल रितिका ऑर करण को मैने बाइ बोला वो लोग अपने

रास्ते चले गये ऑर मैं माल की पार्किंग से अपना बाइक लेके घर की तरफ चल पड़ा,,,,लेकिन कार से दूर

जाते हुए मैने देखा कि पायल मेरी तरफ बड़ी हंस कर देख रही थी जबकि रितिका ने मेरे से एक बार

भी नज़र नही मिलाई थी,,,उसने तो बाइ भी सर झुका कर बोला था,,,,,,,

मैं घर पहुँचा तो काफ़ी लेट हो गया था ,,,काफ़ी देर बेल बजाने के बाद माँ ने आके दरवाजा

खोला ,,,,माँ नाइटी मे थी ऑर नाइटी के नीचे कुछ नही पहना हुआ था ,,बाल भी बिखरे हुए थे

मैं उनको देख कर समझ गया कि आज माँ डॅड के साथ मस्ती कर रही है,,क्यूकी ऑर तो कोई है नही

घर पे,,,,मेरा ध्यान माँ के बूब्स की तरफ गया तो माँ हँसने लगी,,,,,

इतना टाइम कहाँ लगा दिया,,,,ऑर शॉपिंग नही की तूने,,,,माँ ने मेरे खाली हाथ देख लिए ऑर समझ

गई कि मैं शॉपिंग करके नही आया था,,,,,

नही माँ कुछ ज़रूरी काम आन पड़ा था इसलिए शॉपिंग नही कर सका इतना बोलकर मैं अंदर की

तरफ आ गया,,,,,

डिन्नर लगा दूं या बाहर से ख़ाके आया है,,,,

मैने दिल ही दिल मे बोला कि बहुत लज़ीज़ पकवान ख़ाके आया हूँ वो भी एक दम बढ़िया स्टाइल मे

परोसा हुआ,,,,,

नही माँ आप जाके मस्ती करो मैं डिन्नर बाहर से करके आया हूँ,,,,,

मेरे मुँह से मस्ती लफ़्ज सुनके माँ मेरे पास आ गई,,,,तू भी चल ना ,,,जब माँ मेरे पास आके

बोल रही थी तब मैं ऑर माँ उनके बेडरूम मे दरवाजे के पास थे अंदर बेड पर डॅड नंगे

होके लेटे हुए थे,,,डॅड ने भी मुझे इशारा किया अंदर आने का लेकिन अब तो मैं बिल्कुल भी कुछ

करने का क़ाबिल नही था इसलिए माँ से बोला कि नही माँ मुझे नही आना आप लोग मस्ती करो इतना बोल

कर मैं उपर चला गया अपने रूम मे,,,,,

मैं बहुत थक गया था ओर जल्दी से शवर लेके बेड पर लेटना चाहता था इसलिए जल्दी से अपने रूम

का दरवाजा खोलने से पहले ही मैं अपनी टी-शर्ट निकाल चुका था ,,मैने टी-शर्ट को अपने हाथ मे

पकड़ा ऑर दूसरे हाथ से जल्दी से अपने रूम का दरवाजा खोला ऑर अंदर घुस गया तभी मेरी नज़र

पड़ी बेड पर सोनिया पर,,,,,वो अंदर रूम मे बेड पर बैठ कर स्टडी कर रही थी,,,,

मैं एक दम से अंदर घुसा था इसलिए वो थोड़ा डर गई थी ,,,मुझे नही पता था वो घर आ

चुकी है इसलिए मैं इतनी जल्दी मे अंदर आ गया था,,,अगर पता होता तो मैं नीचे के रूम मे

ही सोने चला जाता,,,,,

मेरी टी-शर्ट मेरे हाथ मे थी मेरा उपर का जिस्म नंगा था ,,उसने एक पल मुझे उपर से नीचे तक

देखा फिर अपनी बुक से अपना फेस कवर कर लिया ऑर फेस भी दूसरी तरफ टर्न कर लिया,,,,मुझे भी

एक दम से झटका लगा मैने उसको जल्दी से सॉरी बोला ऑर रूम से बाहर आ गया ,,मैं वहाँ से जाने

लगा तभी याद आया कि कपड़े तो मेरे अंदर थे इसलिए टी-शर्ट पहना ऑर वापिस दरवाजा खोला ,,,

 


उसने मुझे देखा ऑर फिर से बुक को अपने फेस के आगे रखने लगी लेकिन जब उसने देखा कि मैं

टी-शर्ट पहन चुका हूँ तो उसने एक बार मेरी तरफ देखा ऑर अपना ध्यान बुक की तरफ किया ऑर

नज़रे झुका कर स्टडी करने लगी,,,,

मैने वहाँ से कुछ कपड़े लिए ऑर नीचे मामा के रूम मे आके शवर लेके सो गया,,,आज जल्दी सोना

था लेकिन मैं लेट हो गया था,,सुबह जल्दी जो उठना था,,,कल से एग्ज़ॅम शुरू होने वाले थे,,,ऑर

कल पहला एग्ज़ॅम था,,,,मैं शवर लेके जल्दी से सो गया,,,,

नेक्स्ट डे कॉलेज से एग्ज़ॅम देके वापिस घर आया ऑर मामा के रूम मे बैठ कर अगले एग्ज़ॅम की तैयारी

करने लगा,,,तभी मुझे बाहर बेल बजने की आवाज़ सुनाई दी लेकिन मैं बाहर नही गया क्यूकी बाहर

माँ थी वो दरवाजा खोल देती,,,,,

तभी कुछ देर बाद माँ जल्दी से मेरे रूम मे आई,,, ऑर ज़ोर से बोलने लगी,,,,

तूने कुछ ग़लत काम किया है क्या सन्नी,,,,,

मैं तो एक दम से डर गया क्यूकी माँ बड़ी घबराई हुई थी,,,उनको पसीना भी काफ़ी आया हुआ था,,

मैं उनकी बात सुनके एक दम से चौंक गया ऑर कुछ नही बोल पाया,,,,तभी वो फिर से बोली,,,तूने

कुछ ग़लत काम किया है क्या सन्नी,,,,,

नही माँ मैने कुछ ग़लत काम नही किया,,लेकिन आप ऐसे क्यूँ पूछ रही हो ऑर इतना घबरा क्यूँ

रही हो,,,

तूने कोई ग़लत कम नही किया तो बाहर पोलीस क्यूँ आई है ऑर तेरे बारे मे क्यू पूछ रही है,,

पोलीस????? हमारे घर मे,,,,

हाँ हमारे घर मे ऑर नही तो क्या पड़ोसी के घर मे,,,,बोल क्या किया है तूने,,,,

माँ मेरे से पूछ रही थी लेकिन मैं कुछ नही बोला ऑर रूम से बाहर निकल आया ,,जब सामने

देखा तो दरवाजे पर इनस्पेक्टर ख़ान थे,,,,मैं एक दम से हँसने लगा अपनी माँ की हालत पे,,

मैं आगे बढ़ कर ख़ान भाई के पास गया ऑर उनसे हाथ मिलाके गले लग गया,,,,,

सलाम ख़ान भाई,,,

वालेकुम सलाम, सन्नी,,,,कैसे हो सन्नी ,,,,

मैं तो ठीक हूँ लेकिन आप आज मेरे घर कैसे,,,,ख़ैरियत तो है ख़ान भाई

कुछ नही बस इधर से गुजर रहा था तो सोचा एक बार मिल लूँ तेरे से,,,क्यूँ मैं तेरे से मिलने

नही आ सकता क्या,,,

ऐसी बात नही है ख़ान भाई बस आपको देख कर माँ थोड़ा डर गई थी,,,,ऑर मुझपे पर शक करने

लगी थी,,,,

ख़ान भाई मेरी बात सुनके हँसने लगे,,,,,ये पोलीस की वर्दी चीज़ ही ऐसी है पहले सिर्फ़ गुंडे डरते

थे लेकिन आज कल आम आदमी भी डरने लगा है,,,पता नही क्या होगा,,,

कुछ नही होगा ख़ान भाई कुछ लोगो ने इसका ग़लत इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है इसलिए आम आदमी

भी आज कल गुंडे से ज़्यादा पोलीस से डरता है,,,,आप छोड़ो इन बातों को ऑर अंदर आओ,,,,

मैने ख़ान भाई को अपने साथ मामा के रूम मे ले गया,,,,

आप ऐसे ही मुझसे मिलने नही आए होगे ख़ान भाई ज़रूर कुछ बात होगी,,,

तुमको ऐसा क्यूँ लगा सन्नी,,,,मैं तो तुमसे ऐसे ही मिलने चला आया,,,

नही ख़ान भाई मैं जानता हूँ आप ऐसे ही नही आए कुछ बात करने आए होगे पक्का,,,,पोलीस

किसी के पास ऐसे ही नही जाती,,,

सही बोला सन्नी,,,मैं बस तेरे से पूछने आया था कि अब आगे क्या करना है,,,प्लान क्या है आगे

का,,

प्लान बहुत सिंपल है ख़ान भाई,,,बस उसके लिए मुझे एक बार सुमित से मिलना होगा,,कहाँ है

सुमित,,,,

सुमित उन्ही लोगो के पास है सन्नी जो तेरे कॉलेज मे आए थे,,,,

क्या सुमित उन गुन्डो के पास है,,,,मैने हैरान होते हुए बोला ,,लेकिन अपने तो बोला था उसको

किसी सेफ जगह रखने के लिए,,,,

ख़ान भाई हँसने लगे,,,,सन्नी वो गुंडे नही थे,,पोलीस वाले थे,,,वो लोग स्पेशल ब्रांच के लोग

थे ऑर ऐसे लोग गुंडे से कम नही होते,,,वो मेरे दोस्त है ऑर मेरे साथ इसी केस पर काम कर

रहे है,,,

ओह्ह अच्छा ,,लेकिन उन लोगो ने तो बहुत बुरी तरह से मारा था सुरेश ओर उसके दोस्तों को,,

सन्नी ये स्पेशल ब्रांच के लोग बहुत बुरी मार मारते है,,,पत्थर भी मुँह खोलने लगता है इनके

सामने,,,,अच्छा वैसे तुमको अब सुमित से क्यूँ मिलना है,,,

मुझे कुछ काम है उस से ,,,उस से एक बार मिलना होगा तभी प्लान आगे बढ़ पाएगा,,,,

ठीक है तो चलो अभी मिलवा देता हूँ,,,लेकिन मैं तुमको वहाँ नही लेके जाउन्गा,,,अगर किसी

ने तुमको मेरे साथ देख लिया तो पंगा होगा,,,

पंगा कैसा पंगा,,अभी भी तो आप मेरे घर पे आए हो अगर अभी कोई आप को आते देख लेता तो

क्या होता,,,,

अभी तो मैं बोल सकता हूँ कि मैं तुमसे कॉलेज की फाइट के बारे मे पूछ ताछ करने आया हूँ

लेकिन वहाँ जाते अगर किसी ने देख लिया तो मैं कुछ नही कह पाउन्गा,,,,

तो मैं वहाँ कैसे जाउन्गा,,,,

तभी ख़ान भाई ने अपने सेल से किसी को फोन किया ओर मुझे साथ लेके अपनी ज़ीप मे शहर से

डोर की तरफ चल पड़े,,,,हम लोग शहर से काफ़ी डोर आ गये थे,,ये जगह काफ़ी सुनसान थी तभी

ख़ान भाई ने एक कार के पास ज़ीप को रोक दिया ओर उतार कर कार की तरफ चलने लगे साथ मे मुझे

भी अपने साथ ले गये,,,

ख़ान भाई ने कार का अगला दरवाजा खोला ऑर मैं कार की अगली सीट पर बैठ गया ,,उसमे एक सरदार आदमी

बैठा हुआ था,,बड़ी बड़ी मुन्छे ,,बड़ी दाढ़ी,,,हटा कट्टा था एक दम पहलवान के जैसा,,,ख़ान

भाई ने मुझे अगली सीट पर बिठा दिया ऑर खुद पीछे वाली सीट पर बैठ गये,,,,

कार मे ब्लॅक काँच लगा हुआ था जिस से मैं बाहर तो देख सकता था लेकिन बाहर वाला कोई भी आदमी

कार के अंदर नही देख सकता था,,,,,

इस लड़के को अपने साथ ले जाओ ऑर दूसरे लड़के से मिलवा दो,,,ख़ान भाई ने इतना बोला ही था कि उस आदमी

ने अपनी जेब से एक कपड़े की पट्टी निकाली ऑर मेरी आँखों पर बाँधने लगा,,,तभी ख़ान भाई ने उसको

रोक दिया,,,,इसकी कोई ज़रूरत नही है,,,इस लड़के पर तुम उतना ही यकीन कर सकते हो जितना मुझ पर

ख़ान भाई ने इतना बोला तो उस आदमी ने पट्टी को वापिस अपनी जेब मे डाल लिया ऑर तभी ख़ान भाई भी

कार से उतर गये ऑर अपनी ज़ीप की तरफ चल पड़े,,,उस आदमी ने भी कार अपने रास्ते चलानी शुरू करदी

ऑर पता नही किन रस्तो से होता हुआ कहीं दूर बसी एक झोपड़-पट्टी के पास आके कार रोक दी,,,

फिर वो कार से उतरने लगा ऑर मेरे से बोला,,,,

ए लड़के तेरे पास रुमाल है क्या,,,,मैं कुछ नही बोला बस हाँ मे सर हिला दिया,,,,

ठीक है रुमाल को अपने फेस पर बाँध ले,,मैने भी जल्दी से पॉकेट से रुमाल निकाला ऑर अपने फेस

पर बाँध लिया ऑर फिर वो आदमी कार से उतरा ऑर मुझे भी उतरने को बोला,,फिर वो मुझे झोपड़-पट्टी

के अंदर तंग गलियों मे पता नही किधर किधर से एक घर मे ले आया,,,उसने घर के दरवाजे पर

नॉक किया ऑर दरवाजे के बीच मे से एक छोटी सी खिड़की खुली ऑर अंदर से एक आदमी ने बाहर देखा

ऑर दरवाजा खोल दिया,,मैं भी घर के अंदर चला गया,,,,घर के अंदर 2-3 लोग ऑर थे,,तभी वो

सरदार आदमी जो मेरे साथ आया था उसने अपनी दाढ़ी निकालनी शुरू की ऑर कुछ देर मे अपने असली रूप

मे आ गया,,मैं तो उसको देख कर दंग रह गया ये तो वही आदमी था जो उस दिन कॉलेज मे आया था

उसने मेरी तरफ एक बार देखा ऑर मुझे एक कमरे की तरफ इशारा किया जिसको बाहर से बंद किया हुआ

था ,,,मैं उस दरवाजे के पास गया ऑर दरवाजा खोलके अंदर चला गया,,,तभी सामने बेड पर सुमित

लेटा हुआ था,,,,वो मुझे देख कर एक दम से खुश हो गया ऑर उठकर मेरे गले लग गया,,,,

भाई ये कहाँ फसा दिया अपने मुझे,,,ये लोग मुझे रूम से निकलने ही नही देते ,,,,

अच्छी बात है नही निकलने देते इसी मे तेरी भलाई है,,,,बाहर अमित तुझे पागल कुत्ते की तरह तलाश

कर रहा है,,,शूकर मना छुपने की कोई जगह मिल गई तुझे,,,,अमित का नाम सुनके वो थोड़ा

डर गया,,,,

लेकिन भाई ये लोग बाहर भी नही जाने देते रूम से,,बैठा बैठा बोर हो गया हूँ मैं,,

क्यूँ बोर क्यू हो गया सब तो है तेरे पास ,,मैं रूम मे पड़े टीवी की तरफ इशारा किया जिसके साथ

डीवीडी प्लेयर भी पड़ा हुआ था,,,साथ मे टेबल पर शराब की बॉटल ऑर सिगरेट भी पड़ी हुई थी,,,इतना

सब कुछ है फिर क्यूँ बोर होता है तू,,,

भाई ये टीवी की बात कर रहे हो इसमे कुछ नही आता,,सुबह शाम वही बकवास शो आते रहते है,,ये

तो शूकर हो मेरा समान मिल जाता है मुझे वर्ना रहना मुश्किल हो जाता ,,इसी के सहारे कुछ मस्ती

कर लेता हूँ मैं,,,,

मुझे पता था तुझे मस्ती करनी है इसलिए मैं भी तेरे लिए कुछ मस्ती का समान लेके आया हूँ

तभी मैने बॅग से एक प्लास्टिक का छोटा बॅग निकाला ऑर उसको दे दिया जिसमे कुछ डीवीडी थी,,,

ये क्या है भाई,,,,,,,,

वही मस्ती का समान,,,,

मतलब वो वाली मूवीस,,,,,सुमित खुश हो गया,,,,भाई सच मे तू कितना ख़याल रखता है मेरा,,पहले

उन कमिनो से बदला लेने मे इतनी हेल्प की अब मस्ती के लिए ये सब ले आया तू,,,,इतना बोलकर वो मेरे

गले लग गया,,,,

ये ले इसको देख ऑर मस्ती कर,,ऑर हां याद रखना इस्पे कोई निशान नही पड़ने पाए ये मेरी फ़ेवरेट

मूवीस है,,,ध्यान से रखना इनको,,,मैने वो डीवीडी उसको दी ऑर उसको बोला कि मैं कुछ दिनो बाद

फिर आउन्गा ,,जब तक माहौल ठंडा नही हो जाता मैने उसको वहीं रुकने को बोला,,,फिर मैं वहाँ

से चल पड़ा ऑर वही आदमी सरदार के रूप मे मुझे वापिस मेरे घर तक छोड़ने आया लेकिन उसने

मुझे मेरे घर से काफ़ी पीछे ही कार से उतार दिया था,,,

आज मैं अपने प्लान के एक कदम ऑर करीब चला गया था,,

 
घर पहुँचा तो रात हो चुकी थी,,,उन लोगो ने सुमित को शहर से बहुत दूर रखा हुआ था इसलिए

घर आने मे इतना टाइम हो गया,,,,मैं घर आया तो डिन्नर लग गया था ,,मैं भी आके डाइनिंग टेबल पर

बैठ गया,,

डॅड,,,वो पोलीस वाला क्या करने आया था आज घर मे ,,,

डॅड ने इतना बोला ही था कि मैने मा की तरफ देखा तो माँ ने अपना सर झुका लिया,,,

कुछ नही डॅड वो मेरे दोस्त थे ,,,

तेरे दोस्त,,,,पोलीस वालों से कब्से दोस्ती करने लगा तू,,,,

दरअसल वो मेरे नही कविता के भाई सूरज के दोस्त थे मैं उनको उन्ही के ऑफीस मे मिला था,,,बस

इधर से गुजर रहे थे तो मिलने आ गये,,,,,

अच्छा तो फिर तू उनके साथ कहाँ गया था जो इतनी लेट घर आया,,,,

वो तो मुझे थोड़ा काम था इसलिए करण के घर जाना था तो ख़ान भाई ने बोला कि वो मुझे छोड़

देंगे करण के घर इसलिए मैं उनके साथ चला गया,,ऑर अभी करण मुझे ड्रॉप करके गया है,,,,

यकीन नही तो फोन करके पूछ 'लो....

तभी सोनिया बोल पड़ी,,,,,हाँ हाँ डॅड फोन करके पूछ लो करण से मुझे तो लगता है ये झूठ

बोल रहा है पक्का कोई ग़लत काम किया होगा इसने तभी तो पोलीस घर आई थी आज,,,,मैने उसकी तरफ

देखा तो समझ गया कि ये बात वो मज़ाक मे बोल रही थी,,लेकिन मेरे देखते ही वो चुप चाप खाना

खाने लगी,,,,,

तू अपनी बोलती बंद ही रख समझी,,,,मैं कोई ग़लत काम नही करता,,ऑर मेरे मामले मे बोलने की कोई

ज़रूरत नही तुझे,,,,,

मुझे भी शॉंक नही तेरे मामले मे टाँग लड़ाने का मैं तो इसलिए बोल रही थी कि आज तक इस घर

मे कभी पोलीस नही आई ऑर आज तेरी वजह से आई,,,

तो इसका मतलब मैने कुछ ग़लत किया क्या,,,

हाँ किया होगा मुझे क्या पता तू है ही ग़लत इंसान ,,,,मैं ऑर सोनिया फाइट करने लगे तभी डॅड

बीच मे बोल पड़े ऑर वो भी गुस्से से,,,

लगता है तुम दोनो की फाइट अभी तक ख़तम नही हुई,,,जब देखो बच्चों की तरह लड़ते रहते हो

कुछ तो शरम करो कितने बड़े हो गये हो अब,,,,डॅड इतना गुस्से से बोले कि मैं ओर सोनिया दोनो

डर गये,,,,माँ भी थोड़ा सहम गई,,,,

तभी मैने डॅड का गुस्सा कम करने के लिए बोला,,,,डॅड हम लोग लड़ थोड़ी रहे थे हम लोग तो

मज़ाक कर रहे थे जैसे अक्सर करते है,,,,मेरी बात सुनके सोनिया ने भी मेरी बात मे अपनी बात

मिला दी,,,हाँ डॅड हम दोनो तो मज़ाक कर रहे थे,,,,,

अच्छा ये मज़ाक था,,,तुम दोनो मे कोई फाइट नही चल रही क्या,,,,,डॅड ने ये बात भी गुस्से मे बोली

हम दोनो एक साथ बोल पड़े,,नही डॅड हम दोनो मे कोई फाइट नही चल रही ,,सब नॉर्मल है हम

तो मज़ाक करते है फाइट करने का,,,,

अच्छा अगर फाइट नही चल रही तो तुम दोनो आज अपने रूम मे सोना,,,जैसे पहले सोते थे,,,डॅड

ने इतना सब ऐसे बोला जैसे अपना हुकम सुना रहे हो,,,,

सोनिया मेरी तरफ देख कर डर गई लेकिन मैं उस से भी ज़्यादा डर गया,,,उस से तो खाना खाया जा

रहा था लेकिन मेरे से तो एक नीवाला भी अंदर नही निगला जा रहा था,,,

खैर ऐसे तैसे डिन्नर ख़तम हुआ ,,,मोम डॅड अपने रूम मे जाने लगे जबकि मैं ऑर सोनिया उपर की

तरफ,,,,,,,,,,तभी हम दोनो को पीछे से आवाज़ आई,,,,,तुम चलो मैं अभी आता हूँ तुम दोनो के

रूम मे कॉफी देने के लिए,,,साथ मे बैठ कर स्टडी जो करनी है तुम दोनो ने,,

ओके तो ये डॅड का प्लान था ताकि मेरी ऑर सोनिया की फाइट ख़तम हो जाए ऑर सोनिया मुझे स्टडी मे हेल्प

करे जैसे वो हर बार करती थी एग्ज़ॅम के दिनो मे,,,,

मैं ऑर सोनिया उपर गये सोनिया अपने बेड पर बैठ गई ऑर मैं अपने बेड पर,,तभी कुछ देर बाद

डॅड आए ऑर हम लोगो के लिए कॉफी लेके आए,,,,ये लो कॉफी पियो ऑर अच्छे से स्टडी करो दोनो भाई

बेहन मिलकर,,,,एक दूसरे की हेल्प करो स्टडी मे ऑर फाइट बिल्कुल नही करना,,,,,,,डॅड के सामने तो

मैं ऑर सोनिया ऐसे नाटक कर रहे थे जैसे हम कितने शरीफ है ऑर चुप चाप बैठे रहे लेकिन

डॅड के जाते ही सोनिया मुझे गुस्से से देखने लगी,,,,

ऐसी मत घूर मुझे,,,,,मुझे कोई शॉंक नही इस रूम मे सोने का,,,वो भी तेरे जैसे पागल के साथ

इतना बोलकर मैने अपना बॅग उठया ऑर साथ मे कॉफी का कप ऑर रूम से बाहर निकल कर साथ वाले

शोबा के रूम मे चला गया,,नीचे मामा के रूम मे जाता तो डॅड को पता चल जाता इसलिए शोबा

के रूम मे आके स्टडी करने लगा,,,,,फिर स्टडी करते हुए कब नींद आ गई पता ही नही चला,,,,

अगले दिन कॉलेज से छुट्टी थी इसलिए डॅड की कार लेके करण को साथ लेके शॉपिंग करने चला गया,,करण

को फोन करके मैने अपने घर पे बुला लिया था क्यूकी अगर खुद उसके घर जाता तो अलका ऑर शिखा

ने मुझे बिना चुदाई के जाने नही देना था,,,,,

शॉपिंग करके जब मैं ऑर करण वापिस घर आने क लिए कार मे बैठने लगे तभी मेरे शोल्डर पर

किस ने हाथ रखा ,,,मैने पीछे मूड के देखा तो एक आदमी ब्लॅक कलर की यूनिफॉर्म मे हाथ मे

एके47 लेके खड़ा हुआ था,,,,,

सुनिए सर,,,आपका नामा सन्नी है,,,,,वो बड़ी तमीज़ ऑर प्यार से बोला,,,,

जी मेरा नाम सन्नी है ,,,मैने भी बड़े प्यार से उसकी बात का जवाब दिया,,,बोलो क्या काम है

आपको हमारे सर बुला रहे है,,,,उसने इतना बोला ऑर मुझे एक कार की तरफ इशारा किया,,मैने देखा

कि वो लाल बत्ती वाली कार थी,,,,मैं उसके साथ चलके कार के पास चला गया,,,,

जैसे ही मैं कार के पास पहुँचा तो कार का शिक्षा नीचे होने लगा,,ऑर अंदर बैठा हुआ था

सुरेश का बाप ऑर साथ मे थी रितिका,,,,,

रितिका ने मुझे देखा ऑर नज़रे झुका ली,,,,

हेलो सर,,,,,मैने सुरेश के बाप को हेलो बोला ,,,,

हेलो बेटा,,हाउ आर यू,,,,

उसका बाप बोल तो बड़े प्यार से रहा था लेकिन फिर भी मुझे उसके बात करने का अंदाज़ ठीक नही

लग रहा था,,,,

आइएम फाइन सर,,हाउ आर यू,,,

मैं भी ठीक हूँ बेटा,,,,

तभी रितिका ने ने मुझे ही बोला तो मैने भी उसको हाई बोला,,,,उसके बाद उसने कोई बात नही की,,,हाई

भी उसने अपने बाप की वजह से बोला था शायद,,,,

अपने मुझे बुलाया क्यूँ था सर,,कोई काम था क्या,,,

हाँ सन्नी बेटा,,,मुझे तुमसे सुरेश के बारे मे बात करनी थी,,,,उस दिन जो फाइट हुई तुम लोगो के

कॉलेज मे उसके बारे मे कुछ जान-ना था तुमसे,,,,ऑर ख़ासकर सुमित के बारे मे,,,,सुमित का नाम

उसने थोड़े गुस्से से लिया था,,,

जी क्या पूछना है ,,,,,पूछ लीजिए,,,,

यहाँ नही घर चलो फिर बात करते है,,,उसने मुझे कार के अंदर आने का इशारा किया,,,ऑर उसने

इशारा ऐसे किया जैसे मुझे ऑर्डर दे रहा था,,,

नही सर अभी नही,,,अभी मैं थोड़ा बिज़ी हूँ ,,मुझे शॉपिंग करनी है,,,,ऑर वहाँ मेरा दोस्त मेरा

वेट कर रहा है,,,,जब फ्री होता हूँ तो बात करता हूँ ,,

उसका बाप थोड़ा चिड़ते हुए,,,,,कोई बात नही बेटा करो शॉपिंग,,,बात फिर कभी कर लेंगे,,मैं

तुमको कॉल कर दूँगा घर चले आना,,,,अभी मुझे भी थोड़ा काम है,,,

ओके सर तो मैं चलता हूँ,,,फिर बात होगी,,,,इतना बोलकर मैने उनसे अलविदा ली ऑर करण की तरफ

चल पड़ा,,

 
फिर मैं ऑर करण घर की तरफ चल पड़े,,,,रास्ते मे ही बारिश शुरू हो गई थी,,

करण भाई ये क्या कर रहा था यहाँ,,,,क्या कोई प्रोबलम है,,,,

अरे नही भाई इसको वही कॉलेज के पंगे के बारे मे जानकारी चाहिए थी,,,,मुझसे बोल रहा था

सुमित के बारे मे भी कुछ पूछना है,,,,,

मेरी बात सुनके करण हँसने लगा,,,,भाई ये सब तो ठीक है लेकिन अगर घर बुला कर इन लोगो ने कोई

पंगा किया तो,,,तुम मुझे भी साथ लेके चलना,,,,

अबे नही कोई पंगा नही होगा मैं जानता हूँ, ऑर वैसे अकेले गया तो शायद पंगा नही होगा लेकिन

अगर तुझे साथ लेके गया तो पंगा पक्का होगा,,,,देखा नही उसका बाप तुझे कितने गुस्से से घूर

राह था,,,,शायद उसको तेरे ऑर रितिका के बारे मे पता लग गया होगा,,,,

पता लगता है तो लगने दो,,मैं कोई डरता हूँ उस से,,,ऑर वैसे भी मुझे डर तब होगा जब रितिका

मेरे साथ नही होगी,,,,अब तो वो मेरे साथ है मुझे किसी का डर नही,,,,

क्या मतलब,,,,,

मतलब ये भाई कि मैं ऑर रितिका शादी करना चाहते है,,,,

अरे बाप रे,,ये क्या बोल रहा है तू,,,,क्या सच मे तू रितिका से शादी करेगा,,,,

मैं ही नही भाई वो भी मुझसे शादी करने को तैयार है,,,बस डर लगता है उसको अपने बाप से बात

करने मे,,,ऑर मेरी तो गान्ड फॅट जाती है उसके बाप का नाम सुनते ही,,,

चल कोई बात नही जब होनी होगी शादी हो जाएगी,,,,अभी तू कॉलेज मे है स्टडी पर ध्यान दे,,बाकी

टाइम पर छोड़ दे सब,,,,वैसे अगर तुम दोनो तैयार हो तो कोई नही रोक सकता तुम दोनो को शादी

करने से,,,,,

जनता हूँ भाई लेकिन उसका बाप बहुत पॉवेरफ़ुल्ल इंसान है,,,,उसके आगे मेरा क्या ज़ोर,,,

रितिका अगर तेरे साथ है तो डर मत,,,,जो भी होगा ठीक ही होगा,,,ज़्यादा टेन्षन मत ले,,,

ऐसे ही बातें करते हुए मैने करण को उसके घर ड्रॉप कर दिया,,,उसका बाइक तो मेरे घर पर था

लेकिन बारिश की वजह से उसका मूड बहुत मस्त हो गया था,,,वो घर जाके माँ ऑर बेहन के साथ

मस्ती करना चाहता था,,,,

मैने उसको उसके घर ड्रॉप किया ऑर खुद जल्दी से अपने घर की तरफ चल पड़ा क्यूकी मुझे भी घर जाके बारिश

मे एंजाय करना था,,,,

मैं घर पहुँचा ऑर जल्दी से कार से निकल कर घर के अंदर गया,,,बेल बजाने पर माँ ने दरवाजा

खोला तो मैं जल्दी से भाग कर उपर छत की तरफ जाने लगा,,,,माँ भी समझ गई कि मैं बारिश मे

भीगने के लिए छत पर जा रहा हूँ इसलिए माँ ने भी मुझे नही रोका,,,क्यूकी मैं रुकने वाला

भी नही था,,,मैने सीडियों मे भागते हुए ही अपने जूते निकाल दिए थे ऑर नंगे पैर जल्दी से

छत पर पहुँच गया लेकिन छत पर जाते ही मुझे एक झटका लगा,,छत पर जो दरवाजा था उसपे लॉक

लगा हुआ था,,,,मैं जल्दी से हल्के गुस्से से नीचे या,,,

माँ सोफे पर बैठी टीवी देख रही थी,,,,,माँ ये उपर छत वाले दरवाजे को लॉक क्यूँ किया है,,,,

बेटा बारिश की वजह से,,,सोनिया भी बारिश मे भीगने की ज़िद कर रही थी,,अभी तो बीमार हुई थी

कुछ दिन पहले अब फिर से बीमार नही हो जाए इसलिए उसको रोकने के लिए मैने छत पर लॉक लगा

दिया था,,,,

अच्छा उसको रोक लो तुम लेकिन मुझे चाबी दो मुझे उपर जाना है,,,,

नही तुझे भी चाबी नही मिलने वाली,,,तुझे जाने दूँगी तो वो मेरे से झगड़ा करेगी,,,,

ठीक है मत दो चाबी मैं बाहर चला जाता हूँ,,,मैं घर के मेन दरवाजे के पास गया ऑर देखा कि

दरवाजा भी लॉक था,,,,

माँ पीछे से हँसने लगी,,,,,यहाँ भी लॉक लगा हुआ है बेटा,,,,सोनिया बाहर नही आ जाए इसलिए लॉक लगा

दिया था यहाँ भी,,,

माँ चालक थी लेकिन मैं माँ से भी चालाक था,,,मैं जल्दी से घर के पीछे वाले दरवाजे पर

चला गया जो पीछे की तरफ गार्डन मे खुलता था,,,,माँ समझ गई मैं पीछे वाले दरवाजे की तरफ

जा रहा हूँ तभी माँ भाग कर आगे आई मुझे रोकने के लिए लेकिन तब तक मैं दरवाजे से बाहर

चला गया ऑर बाहर जाके दरवाजे की कुण्डी लगा दी,,,

फिर गार्डन की घास पर नंगे पैर बारिश का लुफ्त उठाने लगा,,,,बारिश बहुत तेज हो गई थी,,उसकी

बूँदें बहुत तेज चोट कर रही थी बदन पर लेकिन फिर भी बारिश मे भीगने के बहुत मज़ा आ

रहा था मुझे,,,,मैने जल्दी से अपनी टी-शर्ट भी निकाल दी ऑर बारिश को फुल एंजाय करने लगा,,तभी

मेरा ध्यान गया उपर की तरफ,,उपर खिड़की पर सोनिया खड़ी हुई थी,,वो शोबा के रूम मे थी जिसकी

विंडो पीछे के गर्दन की तरफ थी,,,,,वो बारिश मे भीग तो नही सकती थी लेकिन बारिश को देख

कर ही एंजाय कर रही थी,,,वो बड़ी मायूस उदास ऑर गुम सूम खड़ी हुई थी,,,मुझसे उसकी हालत

देखी नही जा रही थी,,,,क्यूकी वो बारिश मे एंजाय करती हुई अच्छी लगती थी,,,ऐसे उदास खड़ी हुई नही,,,

उसका ध्यान मेरी तरफ था वो मुझे एक टक देखती जा रही थी,,मेरा उपर का जिस्म नंगा था,,मैं सिर्फ़

जीन्स मे था,,मैं भी एक टक उसकी तरफ देखने लगा,,,,आज उसकी आँखों मे मुझे गुस्सा नही दिख

रहा था,,,लेकिन अपने लिए प्यार भी नही दिख रहा था,,वो मुझे बड़ी अजीब नज़रो से देख रही थी

लेकिन चेहरे पर एक उदासी थी उसके,,,उसको देख मैं भी उदास हो गया,,फिर सोचने लगा कि अगर हम

दोनो मे हालात पहले जैसे होते तो मैं अभी उसको लेके बाहर गर्दन मे चला आता,,,मुझे माँ

की डाँट की कोई परवाह नही होती ऑर हम दोनो खूब मस्ती करते बारिश मे ,,जैसे पहले करते थे

लेकिन आज वो पहले वाली बात नही थी हम दोनो मे,,,क्या सेक्स ऑर वासना ने मुझे इतना बदल दिया था

कि मैं अपनी ही बेहन से खुल कर मौज मस्ती नही कर सकता था,,,,क्या सिर्फ़ सेक्स ही रह गया था मेरी

लाइफ मे,,,क्या फिर कभी मैं उसके साथ हँस खेल सकूँगा या नही,,,क्या सब कुछ पहले जैसा होगा या

नही,,,,इन्ही सवालो मे मैं इतना गुम हो गया कि बारिश की मस्ती को भूल ही गया,,,ऑर बस एक टक से

उसकी तरफ देखता रहा,,,,लेकिन तभी मुझे एक आइडिया आया सोनिया को गुस्सा दिलवाने का,,,वो मेरी किसी

हरकत से मुस्कुरा तो नही सकती लेकिन कम से कम गुस्सा तो हो ही सकती थी,,उदास होने से उसका गुस्से

मे होना ठीक था मेरे लिए,,,,इसलिए मैं जल्दी से गार्डन की घास पर लेट गया ऑर बच्चों की तरह

बारिश मे खेलने लगा,,जहाँ जहाँ भी बारिश का पानी जमा हुआ था वहाँ मैं अपने हाथों से

ज़ोर से ज़मीन पर मार करने लगा जिस से पानी उपर उछलने लगा,,मैं उसको दिखा रहा था कि मैं

फुल मस्ती कर रहा हूँ ऑर वो उदास होके खड़ी है खिड़की के पास,,,मेरा ये प्लान काम कर गया ऑर

जल्दी ही उसके चेहरे पर गुस्सा झलकने लगा क्यूकी वो भी समझ गई थी कि मैं उसको चिड़ा रहा हूँ

ऑर वो चिडने भी लगी थी,,,,,वो ज़्यादा देर नही रुकी वहाँ पर ऑर वहाँ से चली गई,,गुस्से मे मुझे

घूरती हुई,,,,,,उसके वहाँ से जाने के बाद मैं फिर से अपनी मस्ती करने लगा,,,लेकिन मैं भी ज़्यादा

देर तक मस्ती नही कर सका क्यूकी बारिश जल्दी ही रुक गई थी,,,शायद मैने सोनिया को रुसवा किया था ये

बात बारिश को अच्छी नही लगी इसलिए वो भी मेरे से रुसवा हो गई थी,,,,

 
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