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तभी डोरबेल बजी. कांता ने जाकर दरवाजा खोला. रूम बॉय के साथ एक और आदमी खड़ा था… शायद वो होटेल का डॉक्टर था…………..
कांता उनको देख कर बोली:
कांता: आइए………. बाबू जी का पैर फिसल गया और ये गिर गये………….
डॉक्टर. ने सिर हिलाते हुए जानकी लाल के पैरो को देखा……….. उन पर हल्के से नीले निशान पड़े हुए थे……….. जानकी लाल के पैरो को इधर उधर से देखने के बाद डॉक्टर. कांता की तरफ देख कर बोला:
डॉक्टर.: घबराने की कोई बात नही है……….. चोट मामूली है………. हल्का सा मांसपेशियो मे खिचाव आ गया है…. मैं मलम और खाने के लिए दवा दे देता हूँ…. कल तक ये आराम से चल सकते है………….
जानकी लाल: (चौंकते हुए) कल तक …………….. अरे नही आज तो मुझे जाना है………..
डॉक्टर. : देखिए इस हालत मे आपका चलता ठीक नही होगा……… बेहतर यही होगा कि आप एक दिन फुल बेड रेस्ट करे………………
ये कह कर डॉक्टर. ने कुछ खाने की दवाई और पैर पर मलने के लिए मलम दिया कांता को और रूम बॉय के साथ कमरे से बाहर निकल गया…………
उसके जाने के बाद जानकी लाल ने कांता से कहा………..
जानकी लाल: अरे बहू ………… चोट इतनी ज़्यादा नही है ………… डॉक्टर. तो ऐसे ही बोलते है… मैं चल सकता हूँ……….. और ये कह कर खड़े होने की कोशिस की मगर पैर के दर्द के कारण वो नही उठ सके…………
कांता उनको देख कर बोली:
कांता: आइए………. बाबू जी का पैर फिसल गया और ये गिर गये………….
डॉक्टर. ने सिर हिलाते हुए जानकी लाल के पैरो को देखा……….. उन पर हल्के से नीले निशान पड़े हुए थे……….. जानकी लाल के पैरो को इधर उधर से देखने के बाद डॉक्टर. कांता की तरफ देख कर बोला:
डॉक्टर.: घबराने की कोई बात नही है……….. चोट मामूली है………. हल्का सा मांसपेशियो मे खिचाव आ गया है…. मैं मलम और खाने के लिए दवा दे देता हूँ…. कल तक ये आराम से चल सकते है………….
जानकी लाल: (चौंकते हुए) कल तक …………….. अरे नही आज तो मुझे जाना है………..
डॉक्टर. : देखिए इस हालत मे आपका चलता ठीक नही होगा……… बेहतर यही होगा कि आप एक दिन फुल बेड रेस्ट करे………………
ये कह कर डॉक्टर. ने कुछ खाने की दवाई और पैर पर मलने के लिए मलम दिया कांता को और रूम बॉय के साथ कमरे से बाहर निकल गया…………
उसके जाने के बाद जानकी लाल ने कांता से कहा………..
जानकी लाल: अरे बहू ………… चोट इतनी ज़्यादा नही है ………… डॉक्टर. तो ऐसे ही बोलते है… मैं चल सकता हूँ……….. और ये कह कर खड़े होने की कोशिस की मगर पैर के दर्द के कारण वो नही उठ सके…………