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Guest
उसके अंडरवेर के उपर से ही लाखा राम के लंड की विकरालता सॉफ झलक रही थी …. कांता का पूरा ध्यान लाखा राम की दोनो टाँगों के जोड़ के मध्य था… उसने अपना ध्यान ऐसे केद्रित कर रखा था.. जैसे कि कोई भूखी शेरनी किसी हिरण की गुफा के द्वार पर हिरण का शिकार करने के लिए केंद्रित कर के रखती है… लाखा राम ने अपना हाथ अंडरवेर के अंदर डाला और अपने लिंग को एक झटके से बाहर खीच लिया… लिंग की मोटाई इतनी थी कि एक बार कांता भी कन्फ्यूज़ हो गयी कि उसके लिंग और हाथ की कलाई मे अंतर करने मे………
अपने मूसल लंड को हाथ मे लेकार उसे हिलाते हुए लाखा राम बोला…..
लाखा राम: क्यो कांता …. कैसा लगा मेरा गन्ना………..
लाखा राम के लंड को देख कर कांता की आँखे फटी की फटी रह गयी…..
लाखा राम अपने लंड को कांता के मुँह के पास हिलाते हुए बोला….
लाखा राम: क्यो कांता रानी…. गन्ना ज़्यादा मोटा है क्या…….. चूसने मे डर तो नही लगेगा???????
कांता: लाखा राम के लंड को अपने हाथ से पकड़ कर उसे आगे पीछे करती हुई बोली.. अरे लाखा राम जी मोटे गन्ने को ही तो चूसने मे मज़ा आता है.. और ये कह कर कांता ने लाखा राम के टमाटर जैसे लाल सुपाडे को अपने गुलाबी होंठो के बीच मे दबा लिया…
कांता के होंठो की तपन अपने लंड के सुपाडे पर पाकर लाखा राम सिहर उठा उसका हाथ कांता के बालो मे चलने लगा….
कांता अपने मुँह को ज़्यादा से ज़्यादा खोलकर लाखा राम का लंड चूस रही थी… हॉल मे लाखा राम की सिसकारी और सेक्स की महक चारो तरफ फैल रही थी… कांता के मुँह मे लाखा राम का आधा लंड जा चुका था… कांता के मुँह से निकली हुई लार की वजह से लाखा राम का लंड भीग चुका था…
इस पोज़िशन मे कांता के मुँह में आधे से ज़्यादा लंड नही जा सकता था.. इसलिए लाखा राम ने कांता को सोफे पर लिटाया और कांता के सिर को सोफे के हत्थे पर पीछे की तरफ लटका कर रख दिया…
कांता समझ गयी कि लाखा राम क्या करना चाहता है…
. लाखा राम ने एक बार फिर अपने लंड को कांता के मुँह के पास किया….
कांता ने उसके इशारे को समझ कर अपना मुँह खोल दिया और लाखा राम अपना लंड कांता के मुँह मे सरकाने लग्गा….. इस बार लाखा राम का लंड आधे से ज़्यादा कांता के मुँह मे चला गया था.. फिर लाखा राम अपनी दोनो हथेलियो मे कांता की मांसल चूचियो को पकड़ कर कांता का मुख चोदन कर लागा… जब लाखा राम का लंड काता के मुँह मे घुसता तो गले पर उसके लंड की छवि सॉफ झलक जाती थी … अब तक लाखा राम का पूरा लंड कांता के मुँह मे जा चुका था… कांता के जोबन को मीस्ते हुए लाखा राम मुख मैथुन करते हुए आनंद की अनुभूति मे सिसकारी लेते हुए बड़बड़ा रहा था
लाखा राम: सस्स्स्स्स्स्सस्स……………आआअहह… क्या चूस्तीईई है……… आआहह… सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स………. आज तक बहुतो ने चूसा मेरे गन्ने को….. पर इतना मज़ा किसी ने नही दिया…. कांताआ…………..सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स…..आआआहह…. चूस्स्सस्स ……….. और चूस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स मेरे गन्ने को……….. चूस चूस के सारा रस निकाल दे मेरे गन्ने का …..आआआआहह पूरे हाल मे लाखा राम की सिसकारिया गूंजने लगी..
कांता भी लाखा राम के लंड को बड़े इतमीनान से चूस रही थी….
अपने मूसल लंड को हाथ मे लेकार उसे हिलाते हुए लाखा राम बोला…..
लाखा राम: क्यो कांता …. कैसा लगा मेरा गन्ना………..
लाखा राम के लंड को देख कर कांता की आँखे फटी की फटी रह गयी…..
लाखा राम अपने लंड को कांता के मुँह के पास हिलाते हुए बोला….
लाखा राम: क्यो कांता रानी…. गन्ना ज़्यादा मोटा है क्या…….. चूसने मे डर तो नही लगेगा???????
कांता: लाखा राम के लंड को अपने हाथ से पकड़ कर उसे आगे पीछे करती हुई बोली.. अरे लाखा राम जी मोटे गन्ने को ही तो चूसने मे मज़ा आता है.. और ये कह कर कांता ने लाखा राम के टमाटर जैसे लाल सुपाडे को अपने गुलाबी होंठो के बीच मे दबा लिया…
कांता के होंठो की तपन अपने लंड के सुपाडे पर पाकर लाखा राम सिहर उठा उसका हाथ कांता के बालो मे चलने लगा….
कांता अपने मुँह को ज़्यादा से ज़्यादा खोलकर लाखा राम का लंड चूस रही थी… हॉल मे लाखा राम की सिसकारी और सेक्स की महक चारो तरफ फैल रही थी… कांता के मुँह मे लाखा राम का आधा लंड जा चुका था… कांता के मुँह से निकली हुई लार की वजह से लाखा राम का लंड भीग चुका था…
इस पोज़िशन मे कांता के मुँह में आधे से ज़्यादा लंड नही जा सकता था.. इसलिए लाखा राम ने कांता को सोफे पर लिटाया और कांता के सिर को सोफे के हत्थे पर पीछे की तरफ लटका कर रख दिया…
कांता समझ गयी कि लाखा राम क्या करना चाहता है…
. लाखा राम ने एक बार फिर अपने लंड को कांता के मुँह के पास किया….
कांता ने उसके इशारे को समझ कर अपना मुँह खोल दिया और लाखा राम अपना लंड कांता के मुँह मे सरकाने लग्गा….. इस बार लाखा राम का लंड आधे से ज़्यादा कांता के मुँह मे चला गया था.. फिर लाखा राम अपनी दोनो हथेलियो मे कांता की मांसल चूचियो को पकड़ कर कांता का मुख चोदन कर लागा… जब लाखा राम का लंड काता के मुँह मे घुसता तो गले पर उसके लंड की छवि सॉफ झलक जाती थी … अब तक लाखा राम का पूरा लंड कांता के मुँह मे जा चुका था… कांता के जोबन को मीस्ते हुए लाखा राम मुख मैथुन करते हुए आनंद की अनुभूति मे सिसकारी लेते हुए बड़बड़ा रहा था
लाखा राम: सस्स्स्स्स्स्सस्स……………आआअहह… क्या चूस्तीईई है……… आआहह… सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स………. आज तक बहुतो ने चूसा मेरे गन्ने को….. पर इतना मज़ा किसी ने नही दिया…. कांताआ…………..सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स…..आआआहह…. चूस्स्सस्स ……….. और चूस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स मेरे गन्ने को……….. चूस चूस के सारा रस निकाल दे मेरे गन्ने का …..आआआआहह पूरे हाल मे लाखा राम की सिसकारिया गूंजने लगी..
कांता भी लाखा राम के लंड को बड़े इतमीनान से चूस रही थी….