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किस्मत का खेल पार्ट --104
गतान्क से आगे.......
जय का दिमाग़ अब अपने ठिकाने पर नही था क्यूकी ये सारी तस्वीरे उसको फसाए जा रही थी और शायद स्वामी ही उसे फसा रहे थे. जय ने फिर भी होश संभालते हुए कहा,’’यस.’’
एक लड़की की तस्वीर दिखाते हुए ZF ने कहा,’’क्या यही है तुम्हारी बहन ?’’
जय ने तवीर देखते ही कहा,’’जी हाँ सर यही है मेरी बहन मिली.’’
ज़फ़्फ़ेर हूसेन ने ज़ोर से हस्कर कहा,’’मी लॉर्ड फिर तो किस्सा साफ है. क्यूकी ये तस्वीर कोई मिली नाम की लड़की की नही बल्कि देल्ही की मशहूर कॉल गर्ल सोनिया की है.’’
सारी अदालत मे सन्नाटा च्छा गया. जय ने चिल्लाकर कहा,’’वकील साहिब मेरी बहन को बेइज्जत मत करिए. वो सोनिया नही मेरी बहन मिली है.’’
ZF ने हस्ते हुए कहा,’’नही मिस्टर. जय ये देखिए.’’ और कुछ और तस्वीरे जय और सोनिया की सारे कोर्ट मे दिखाई गयी जिस मे जय और वो लड़की दोनो बेड मे साथ होते है, इतना ही नही जय का साधन पेंट मे उपर उठा हुवा स्पष्ट दिख रहा था.’’
आक्च्युयली आश्रम मे उस लड़की के साथ जिस हालत मे जय था वो हालत अब मिली के साथ जोड़ दी गयी थी और वोही मिली जिसे यहाँ उसकी तस्वीर मे कोर्ट मे सोनिया कहा जा रहा था.
जय ने कहा,’’ये बिल्कुल झूठ है. मैं अपनी बहन के साथ ऐसा कर ही नही सकता.’’
ज़फ़्फ़ेर हूसेन ने फिर हॅस्कर कहा,’’क्यू झूठ बोल रहे हो साहिबजादे. अभी देखो पूरा खेल तो बाकी है.’’ इतना कहकर कुछ और तस्वीरे कोर्ट मे पेश की गयी जिस मे उस लड़की के अलग अलग व्यक्तियो के साथ व्यभिचार करती हुई दिखाई गयी थी. यानी उस लड़की को कॉल गर्ल साबित कर दिया गया.
ZF,’’मी लॉर्ड इतना ही नही जिस लड़की के साथ डॅन्स फ्लोर पर ये लड़का नाच रहा था वो और कोई नही बल्कि दूसरी कॉल गर्ल है. और हक़ीकत मे मिली नाम की कोई लड़की है ही नही. सिर्फ़ अपनी जान बचाने के लिए और स्वामी को बदनाम करने के लिए ही जय वहाँ गया था और होटेल मे ऐयाशी कर के वापस आ गया था. अगर मिली नाम की कोई लड़की होती तो क्या आज अपने भाई को अदालत के कटघरे मे खड़ा होते हुए इतने दिनो मे यहाँ आती नही उसे बचाने के लिए ?’’
जय ने चिल्लाकर कहा,’’सर उसे शायद अरब देशो मे बेच डाला होगा अब तक.’’
ZF फिर हस पड़े और कहा,’’बर्खूदार अगर ये सच होता तो तुम अपनी बहन को बचाने के लिए देल्ही ठहर जाते किसी दूसरी लड़की के लिए जयपुर नही आते.’’
जय ने दलील की,’’एक मिनिट जड्ज साहिब अगर ये लड़की मिली नही है और कोई सोनिया है तो इसकी शकल मेरी बुआ सुनंदा से क्यू मिलती है ?’’
ZF,’’दिखाओ तुम्हारी बुआ की तस्वीर.’’
और तय हुवा कि अगली तारीख मे राजेश्वरिदेवी सुनंदा की तस्वीर लेकर अदालत मे आएगी. राजेश्वरिदेवी को फोन पर सूचना दे दी गयी. और अदालत ने अगली तारीख दी.
लेकिन यही तो धोखा था जय के साथ. क्यूकी मिली को बाहर की दुनिया सोनिया के नाम से जानती थी. और असली सोनिया कौन थी ? यस वही लड़की जो डॅन्स फ्लोर पर जय के साथ थी और नंगी हालत मे भी जय से लिपट गयी थी. ये तो जय को भी बाद मे पोलीस इनस्पेक्टर राठौर से पता चल गया. लेकिन कोर्ट मे तो साबित हो चुका था कि जय कॉल गर्ल का शौकीन था.
गतान्क से आगे.......
जय का दिमाग़ अब अपने ठिकाने पर नही था क्यूकी ये सारी तस्वीरे उसको फसाए जा रही थी और शायद स्वामी ही उसे फसा रहे थे. जय ने फिर भी होश संभालते हुए कहा,’’यस.’’
एक लड़की की तस्वीर दिखाते हुए ZF ने कहा,’’क्या यही है तुम्हारी बहन ?’’
जय ने तवीर देखते ही कहा,’’जी हाँ सर यही है मेरी बहन मिली.’’
ज़फ़्फ़ेर हूसेन ने ज़ोर से हस्कर कहा,’’मी लॉर्ड फिर तो किस्सा साफ है. क्यूकी ये तस्वीर कोई मिली नाम की लड़की की नही बल्कि देल्ही की मशहूर कॉल गर्ल सोनिया की है.’’
सारी अदालत मे सन्नाटा च्छा गया. जय ने चिल्लाकर कहा,’’वकील साहिब मेरी बहन को बेइज्जत मत करिए. वो सोनिया नही मेरी बहन मिली है.’’
ZF ने हस्ते हुए कहा,’’नही मिस्टर. जय ये देखिए.’’ और कुछ और तस्वीरे जय और सोनिया की सारे कोर्ट मे दिखाई गयी जिस मे जय और वो लड़की दोनो बेड मे साथ होते है, इतना ही नही जय का साधन पेंट मे उपर उठा हुवा स्पष्ट दिख रहा था.’’
आक्च्युयली आश्रम मे उस लड़की के साथ जिस हालत मे जय था वो हालत अब मिली के साथ जोड़ दी गयी थी और वोही मिली जिसे यहाँ उसकी तस्वीर मे कोर्ट मे सोनिया कहा जा रहा था.
जय ने कहा,’’ये बिल्कुल झूठ है. मैं अपनी बहन के साथ ऐसा कर ही नही सकता.’’
ज़फ़्फ़ेर हूसेन ने फिर हॅस्कर कहा,’’क्यू झूठ बोल रहे हो साहिबजादे. अभी देखो पूरा खेल तो बाकी है.’’ इतना कहकर कुछ और तस्वीरे कोर्ट मे पेश की गयी जिस मे उस लड़की के अलग अलग व्यक्तियो के साथ व्यभिचार करती हुई दिखाई गयी थी. यानी उस लड़की को कॉल गर्ल साबित कर दिया गया.
ZF,’’मी लॉर्ड इतना ही नही जिस लड़की के साथ डॅन्स फ्लोर पर ये लड़का नाच रहा था वो और कोई नही बल्कि दूसरी कॉल गर्ल है. और हक़ीकत मे मिली नाम की कोई लड़की है ही नही. सिर्फ़ अपनी जान बचाने के लिए और स्वामी को बदनाम करने के लिए ही जय वहाँ गया था और होटेल मे ऐयाशी कर के वापस आ गया था. अगर मिली नाम की कोई लड़की होती तो क्या आज अपने भाई को अदालत के कटघरे मे खड़ा होते हुए इतने दिनो मे यहाँ आती नही उसे बचाने के लिए ?’’
जय ने चिल्लाकर कहा,’’सर उसे शायद अरब देशो मे बेच डाला होगा अब तक.’’
ZF फिर हस पड़े और कहा,’’बर्खूदार अगर ये सच होता तो तुम अपनी बहन को बचाने के लिए देल्ही ठहर जाते किसी दूसरी लड़की के लिए जयपुर नही आते.’’
जय ने दलील की,’’एक मिनिट जड्ज साहिब अगर ये लड़की मिली नही है और कोई सोनिया है तो इसकी शकल मेरी बुआ सुनंदा से क्यू मिलती है ?’’
ZF,’’दिखाओ तुम्हारी बुआ की तस्वीर.’’
और तय हुवा कि अगली तारीख मे राजेश्वरिदेवी सुनंदा की तस्वीर लेकर अदालत मे आएगी. राजेश्वरिदेवी को फोन पर सूचना दे दी गयी. और अदालत ने अगली तारीख दी.
लेकिन यही तो धोखा था जय के साथ. क्यूकी मिली को बाहर की दुनिया सोनिया के नाम से जानती थी. और असली सोनिया कौन थी ? यस वही लड़की जो डॅन्स फ्लोर पर जय के साथ थी और नंगी हालत मे भी जय से लिपट गयी थी. ये तो जय को भी बाद मे पोलीस इनस्पेक्टर राठौर से पता चल गया. लेकिन कोर्ट मे तो साबित हो चुका था कि जय कॉल गर्ल का शौकीन था.