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‘जैसा आपका हुकुम’ और विमल सुनीता की जांघों के बीच आ कर अपना लंड उसकी चूत पे घिसने लगता है.
अहह डाल ना
विमल अपने लंड को उसकी चूत में फन्साता है और एक धक्का मार देता है
आाआईयईईईईईईईईईई सुनीता ज़ोर से चीख पड़ती है और विमल हैरान रह जाता है एक ही दिन में उसकी चूत इतनी टाइट कैसे हो गई- मुश्किल से विमल के लंड का सुपाडा ही अंदर घुसा था.
सुनीता का दर्द के मारे बुरा हाल हो गया था और वो दिल ही दिल में कामया को गाली दे रही थी.
विमल सुनीता के उपर झुक कर उसके होंठ चूसने लग गया
और थोड़ी देर बंद जब सुनीता संभली तो विमल ने ज़ोर का धक्का लगा दिया, सुनीता की चूत को चीरता हुआ विमल का आधा लंड अंदर घुस गया और सुनीता बिलबिला उठी. उसकी चीख होंठों में ही दब के रह गई.
विमल सुनीता के होंठ चूस्ता रहा और उसके निपल को उमेठने लगा. धीरे धीरे
सुनीता का दर्द कम होने लगा और उसकी कमर हरकत में आ गई.
विमल अपने आधे घुसे लंड को अंदर बाहर करने लगा धीरे धीरे.
‘अहह विमू धीरे धीरे, बहुत मोटा है तेरा’
‘बस माँ थोड़ा ही बाहर रह गया है, आज तुम्हारी चूत इतनी टाइट कैसे हो गई’
‘ये मत पूछ बस धीरे धीरे चोद उफफफफफफफ्फ़ उम्म्म्म हां ऐसे ही’
विमल धीरे धीरे उसे चोदने लगा और थोड़ी देर बाद सुनीता ने खुद ही अपनी गान्ड तेज़ी से उछालनी शुरू कर दी, विमल ने भी स्पीड पकड़ली आर फिर एक तेज झटका मार कर पूरा लंड अंदर घुसा दिया.
दर्द के मारे सुनीता की आँखें बाहर निकल पड़ी, जिस्म ऐंठ गया. लंड पूरा घुसा कर विमल रुक गया.
आआआआआआऐययईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई
अब सुनीता की चीख ज़ोर से निकली जो शायद होटेल के दूसरे कमरों में रहने वाले गेस्ट भी सुन चुके होंगे.
विमल सुनीता के होंठ आराम आराम से चूसने लगा और उसके उरोज़ को सहलाने लगा. सुनीता की आँखों से आँसू की लड़ी बह निकली.
विमल को ऐसा महसूस हो रहा था कि उसका लंड किसी सन्करि गुफा में फस गया हो.
सुनीता की तो जान ही आफ़त में आ गई थी, यूँ लग रहा था उसे जैसे पहली बार लंड उसकी चूत में घुसा हो.
कुछ देर बाद सुनीता सामान्य होती है, और मुस्कुरा देती है
‘क्यूँ रे मज़ा आया ना माँ की टाइट चूत में लंड डाल कर – मेरी तो तूने जान ही निकाल दी’
‘अरे माँ तुमने तो आज कमाल ही कर दिया- ऐसा लग रहा था कि किसी कुँवारी की चूत में लंड डाला हो’
‘चल शुरू हो जा अब’
और विमल सतसट अपना लंड अंदर बाहर करने लगा
अहह उम्म्म्मममम उउउफफफफफफफ्फ़ हहाआआआईयईईईईईई
सुनीता ज़ोर ज़ोर से सिसकने लगी आर थोड़ी देर में वो विमल के साथ ताल से ताल मिलाने लगी
पूरे कमरे में सुनीता की सिसकियाँ गूँज रही थी, विमल को लग रहा था जैसे सन्करि गली में अपना लंड अंदर बाहर कर रहा हो.
उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था.
लंड जब चूत की दीवारों से रगड़ता हुआ अंदर बाहर होता सुनीता के जिस्म में बिजली सी दौड़ने लगती और वो जल्दी ही झड गई. सुनीता के झड़ने के बाद उसकी चूत, बहुत चिकनी हो गई और विमल का लंड आराम से अंदर बाहर होने लगा.
‘हां बेटा ज़ोर से चोद, और तेज और तेज फाड़ दे आज मेरी चूत’
उम्म्म्ममममम मज़ा आ रहा है
विमल अपनी स्पीड बढ़ा देता है, अब उसका लंड एक पिस्टन की तरहा तेज़ी से अंदर बाहर होने लगता है.
और तेज विमू और तेज, फाड़ दे आज मेरी चूत, और तेज
विमल और तेज़ी से उसे चोदने लगा और स्निता भी उसी तेज़ी से अपनी चूत उसके लंड पे मारने लगी.
हाआआआऐययईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई आज पता चल रहा है चुदाई क्या होती है
चोद चोद और चोद
अहह माआअ मेरा निकलने वाला है
निकाल मेरे अंदर और भर दे मुझे चोद डाल मुझे
अहह मैं गाआऐययईईईईईईईईई
मैं भी आय्ाआआअ
और दोनो साथ साथ झड़ने लगे
विमल सुनीता के उपर निढाल हो गया और हाँफने लगा
सुनीता की भी साँसे बहुत तेज चल रही थी
सुनीता का मोबाइल बजने लगा, पर वो इस हालत में ही नही थी कि मोबाइल की तरफ देख भी पाती.
गहरी साँसे लेते हुए उसने अपनी आँखें बंद कर ली और मोबाइल बज बज कर चुप हो गया.
विमल भी उसके उपर से हट कर उसकी बगल में लेट गया और खुद को संभालने लगा.
सुनीता को विमल के पास छोड़, कामया राम्या को ले कर ऐसे ही बाहर घूमने निकल पड़ी.