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Guest
वहाँ दूर किसी फार्महाउस पर आज़ाद और उसके दोस्त एक माँ- बेटी को चोदने मे बिज़ी थे...जब उनकी चुदाई ख़त्म हुई तो वो बैठ कर बाते करने लगे...
मदन- दोस्तो...मज़ा आया ना...
अली- हाँ यार..दिल खुश हो गया...क्यो आज़ाद...
आज़ाद- हाँ यार...दिल के साथ लंड भी खुश हो गया...
ऐसे ही हसी-मज़ाक करते हुए रात होने लगी और उसके बाद सब अपने-अपने घर आ गये.....
आकाश के घर सब लोग आकाश के जाने की तैयारी मे लगे हुए थे...
एक तरफ उसकी माँ और दीदी पकवान बनाने मे लगी थी...तो उसकी छोटी बेहन उसके कपड़े और बाकी का समान पॅक करने मे...
आकाश का भाई खुश था कि अब रूम उसका हो जाएगा..जिसको वो आकाश के साथ शेयर करता रहा था....
आज़ाद बेहद खुश था.. वो आकाश को अपने से भी बड़ा आदमी बनाना चाहता था और इसके लिए वो उसे कॉलेज मे पढ़ने भेज रहा था...
आकाश खुश था पर कहीं ना कहीं उसे घर छोड़ने का दुख भी था....
आकाश अब तक गाओं के महॉल मे पला-बढ़ा था...यहीं उसने चुदाई का स्वाद चखा और फिर पूरे गाओं मे लड़कियाँ और औरते पटा कर उन्हे चोदा...उसके फ्रेंड भी सब यही पर थे....
आकाश की बॉडी और उसके पापा के रुतवे की वजह से आकाश को गाओं मे कोई दिक्कत नही हुई और ये भी एक वजह थी जिससे उसे किसी को पटाने मे ज़्यादा मेहनत नही करनी पड़ी...
आकाश इस बात से अंदर ही अंदर परेशान था कि नई जगह पर कैसे रहेगा..कैसे लोग मिलेगे...दोस्त कैसे मिलेगे...और चुदाई का क्या होगा...
इसी सोच मे आकाश एक जगह बैठा हुआ था...आज़ाद ने उसे इस हालत मे देखा तो उसके पास आ गया...
आज़ाद- क्या हुआ मेरे शेर
आकाश- क्क़..कुछ नही पापा..
आज़ाद- मैं तेरा बाप हूँ...मुझसे कुछ नही छिपता..चल बता ..क्यो परेशान है....
आकाश- परेशान नही हूँ पापा ...बस ये सोच रहा था कि नई जगह का महॉल कैसा होगा..कैसे लोग होंगे...
आज़ाद- बस..इतनी सी बात...देखो बेटा किसी भी जगह..इंसान तो एक से ही होते है...बस हमें उन्हे समझने की ज़रूरत होती है....
आकाश- हाँ पापा..पर सहर के लोग...
आज़ाद- सहर के लोग भी हमारी तरह ही है बेटा...बस कुछ अंतर होता है...जैसे बोलने का तरीका...पहनने का तरीका..बस...
आकाश- तो मैं कैसे रह पाउन्गा वहाँ..
आज़ाद- मुझे मेरे बेटे पर भरोसा है...तू कही भी रह सकता है...किसी भी हालात का सामना कर सकता है ...और फिर हम सबका प्यार तो तेरे साथ ही रहेगा ना..
आकाश- पर पापा..मुझे आप सब से दूर रहना है...तो...
आज़ाद- बेटा...हम दूर कहाँ है...और सोच..कभी ऐसा हुआ भी की तुझे हम से दूर रहना पड़ा तो एक बात याद रखना...हम तेरे दिल मे होंगे और तू हमारे...बस तू टूटना मत...
आकाश- ओके पापा...मैं ऐसा ही करूगा...आपको नाज़ होगा मुझ पर...मैं कभी भी अपने आप को टूटने नही दूँगा और आप जैसा मुझे बनाना चाहते है...मैं वैसा बन कर दिखाउन्गा...
आज़ाद- ये हुई ना बात..सबाश मेरे शेर...
और फिर बाते करते हुए सबने खाना खाया और सोने के लिए अपने रूम मे निकल गये.....
रूम मे लेटे हुए आकाश अपने आने वाले दिनो का सोच रहा था....तभी उसे धर्मेश की बातें याद आई...और वो सोचने लगा कि वो भी एक ऐसी औरत को चोदता है..जो उसकी अपनी फॅमिली मेंबर जैसी है..और ये सही नही है...
फिर आकाश ने तय किया कि सहर जाने से पहले उस औरत से मिल कर बात करूगा...
थोड़ी देर बाद आकाश सो गया...
-------*******-------*******-----------
वहाँ धर्मेश अपनी मौसी को चोद रहा था और तभी उसकी मौसी बोली.....
मौसी- तू खुश है ना..आहह..
धर्मेश- आहह..मज़ा आ गया मौसी...क्या टाइट गान्ड है...
मौसी- ह्म्म..पर ये तो बता की आकाश से मुझे क्यो चुदवाया...
धर्मेश- टाइम आने पर बता दूँगा...अभी बस तुम आकाश को खुश रखो...और इस टाइम तो सिर्फ़ मुझे...यहह...
----*****------******--------******
सुबह हमेशा की तरह आकाश अपने पापा के साथ कसरत करने निकल गया...
कसरत के बाद घर आकर रेडी हुआ उस औरत से मिलने...जिसकी चुदाई करने की बात उसे कल से परेशान करने लगी थी...
तभी मदन आज़ाद के घर आ गया और उसने बताया कि वो आज किसी काम से सहर जा रहा है ...
आज़ाद भी मदन के साथ सहर जाने के लिए रेडी हो गया...ताकि आकाश के रहने का इंतज़ाम देख सके जो मदन ने पहले ही करवा दिया था...
आज़ाद और मदन सहर निकल गये और आकाश पहुच गया मदन के घर...
आकाश , मदन की बीवी को चोदता था और उसे यही बात परेशान करने लगी थी...जबसे उसने धर्मेश की बात सुनी..कि तू भी तो किसी अपने को चोदता होगा और ऐसा करके तू किसी अपने को धोखा दे रहा हो...
आकाश को लगने लगा कि मदन उसके पापा के दोस्त है और उनकी पीठ पीछे उनकी वाइफ को चोदना सही नही...और आज वो यही बात करने मदन के घर आया था....
मदन के घर आते ही मदन की वाइफ उसके गले लग गई और चूमने-चाटने लगी...
(मदन की वाइफ का नाम सरिता था)
सरिता- उम्म..उऊँ..आहह..कितने दिनो बाद आए हो...उम्म..
आकाश- उम्म..आंटी..रूको...उउंम्म..
सरिता- आज नही...उउंम..सस्ररुउपप...
आकाश उसे रोकना चाह रहा था पर उसकी बॉडी उसके खिलाफ थी...फिर आकाश ने सोचा कि पहले छुदाई कर लूँ फिर इससे बात करूगा...आज के बाद सब ख़त्म....
आकाश भी सरिता के बूब्स मसल कर किस एंजाय करने लगा और ऐसे ही किस करते हुए दोनो बेडरूम मे आ गये...
फिर आकाश और सरिता ने एक दूसरे को नंगा किया और आकाश ने सरिता को बेड पर लिटाया और उसकी चूत चाटने लगा......
आकाश- सस्स्रररुउउप्प्प...उउंम...सस्ररुउउप्प्प...
सरिता- आहह...चतो मेरे राजा...बहुत दिन से ......आआहह...तरस गई
आकाश- उउंम..आहह...सस्ररुउपप...सस्ररुउप्प्प...
सरिता- ओह्ह..जीभ डाल दी..आहह..माँ...ओह्ह्ह..ओह्ह..
आकाश जीभ से सरिता को चोदने लगा और सरिता सिसकने लगी....
थोड़ी देर बाद आकाश ने सरिता को छोड़ा और बेड पर लेट गया....
सरिता समझ गई और आकाश के पैरों के पास बैठ गई और उसका लंड चाटने लगी...
सरिता- अओउंम...आहह..कब से वेट कर रही थी इसका....उउंम..आहह
थोड़ी देर तक सरिता ने लंड चटा और फिर मुँह मे भर कर चूसने लगी....
आकाश- ओह...एस...चूस..आहह...चूस मेरी जान...
सरिता- उम्म..उउंम..उउंम..उउंम..
सरिता ने लंड को चूस- चूस कर तैयार कर दिया....
आकाश ने सरिता को रोका और सरिता ने लंड छोड़ा और आकाश के पेट को किस करते हुए उसके उपेर चढ़ गई....
फिर सरिता ने उसके होंठो को चूसा और दोनो तरफ पैर रख कर अपनी चूत आकाश के लंड पर रगड़ने लगी...
सरिता- उउंम..यस बेटा...अब फाड़ दे जल्दी से...देख कैसी गरम हो गई मेरी चूत...
आकाश- ह्म्म..तो फिर हो जाओ शुरू...
सरिता ने लंड को सेट किया और उस पर बैठते हुए पूरा चूत मे भर लिया...
सरिता- आहह..ठंडक मिली...अब मज़ा आएगा..
और सरिता ने लंड पर उछलना शुरू कर दिया....
सरिता गान्ड हिला कर लंड ले रही थी और साथ मे झुक कर आकाश को किस कर रही थी....
आकाश भी नीचे से धक्के मार रहा था और सरिता के बूब्स मसल रहा था...
सरिता- ओह्ह..येस बेटा...ज़ोर से मार..आहह..आहह..
आकाश- ये लो आंटी...यस..एस्स..
ऐसे ही सरिता चूड़ते हुए झड़ने लगी...
सरिता- बेटा..मैं..आहह...आऐ...ओह्ह..यरसस.. .एस्स...एस्स..
आकाश- इतनी जल्दी...कोई नही...झड जा...ये ले...
सरिता चुदाई मे ज़यादा ही गरम थी इसलिए जल्दी झाड़ गई....
सरिता झड़ने के बाद स्लो हो गई तो आकाश ने खुद को घूमते हुए सरिता को नीचे कर दिया और खुद उपेर आ कर धक्के मारने लगा..
आकाश के धक्को के साथ सरिता का चूत रस आवाज़े बदलने लगा था...
सरिता- ओह्ह..येस्स बेटा..ज़ोर से चोद...आअहह...
आकाश- अभी तो झड़ी और फिर से...यहह..ये ले...
सरिता- आहह...हाँ बेटा...बहुत खुजली है...ज़ोर से मार..आहह..आहह...
आकाश- ये ले फिर...एस्स..एस्स..एस्स..
आकाश जोरों से सरिता को चोदे जा रहा था और रूम मे आवाज़े बढ़ने लगी...
मदन- दोस्तो...मज़ा आया ना...
अली- हाँ यार..दिल खुश हो गया...क्यो आज़ाद...
आज़ाद- हाँ यार...दिल के साथ लंड भी खुश हो गया...
ऐसे ही हसी-मज़ाक करते हुए रात होने लगी और उसके बाद सब अपने-अपने घर आ गये.....
आकाश के घर सब लोग आकाश के जाने की तैयारी मे लगे हुए थे...
एक तरफ उसकी माँ और दीदी पकवान बनाने मे लगी थी...तो उसकी छोटी बेहन उसके कपड़े और बाकी का समान पॅक करने मे...
आकाश का भाई खुश था कि अब रूम उसका हो जाएगा..जिसको वो आकाश के साथ शेयर करता रहा था....
आज़ाद बेहद खुश था.. वो आकाश को अपने से भी बड़ा आदमी बनाना चाहता था और इसके लिए वो उसे कॉलेज मे पढ़ने भेज रहा था...
आकाश खुश था पर कहीं ना कहीं उसे घर छोड़ने का दुख भी था....
आकाश अब तक गाओं के महॉल मे पला-बढ़ा था...यहीं उसने चुदाई का स्वाद चखा और फिर पूरे गाओं मे लड़कियाँ और औरते पटा कर उन्हे चोदा...उसके फ्रेंड भी सब यही पर थे....
आकाश की बॉडी और उसके पापा के रुतवे की वजह से आकाश को गाओं मे कोई दिक्कत नही हुई और ये भी एक वजह थी जिससे उसे किसी को पटाने मे ज़्यादा मेहनत नही करनी पड़ी...
आकाश इस बात से अंदर ही अंदर परेशान था कि नई जगह पर कैसे रहेगा..कैसे लोग मिलेगे...दोस्त कैसे मिलेगे...और चुदाई का क्या होगा...
इसी सोच मे आकाश एक जगह बैठा हुआ था...आज़ाद ने उसे इस हालत मे देखा तो उसके पास आ गया...
आज़ाद- क्या हुआ मेरे शेर
आकाश- क्क़..कुछ नही पापा..
आज़ाद- मैं तेरा बाप हूँ...मुझसे कुछ नही छिपता..चल बता ..क्यो परेशान है....
आकाश- परेशान नही हूँ पापा ...बस ये सोच रहा था कि नई जगह का महॉल कैसा होगा..कैसे लोग होंगे...
आज़ाद- बस..इतनी सी बात...देखो बेटा किसी भी जगह..इंसान तो एक से ही होते है...बस हमें उन्हे समझने की ज़रूरत होती है....
आकाश- हाँ पापा..पर सहर के लोग...
आज़ाद- सहर के लोग भी हमारी तरह ही है बेटा...बस कुछ अंतर होता है...जैसे बोलने का तरीका...पहनने का तरीका..बस...
आकाश- तो मैं कैसे रह पाउन्गा वहाँ..
आज़ाद- मुझे मेरे बेटे पर भरोसा है...तू कही भी रह सकता है...किसी भी हालात का सामना कर सकता है ...और फिर हम सबका प्यार तो तेरे साथ ही रहेगा ना..
आकाश- पर पापा..मुझे आप सब से दूर रहना है...तो...
आज़ाद- बेटा...हम दूर कहाँ है...और सोच..कभी ऐसा हुआ भी की तुझे हम से दूर रहना पड़ा तो एक बात याद रखना...हम तेरे दिल मे होंगे और तू हमारे...बस तू टूटना मत...
आकाश- ओके पापा...मैं ऐसा ही करूगा...आपको नाज़ होगा मुझ पर...मैं कभी भी अपने आप को टूटने नही दूँगा और आप जैसा मुझे बनाना चाहते है...मैं वैसा बन कर दिखाउन्गा...
आज़ाद- ये हुई ना बात..सबाश मेरे शेर...
और फिर बाते करते हुए सबने खाना खाया और सोने के लिए अपने रूम मे निकल गये.....
रूम मे लेटे हुए आकाश अपने आने वाले दिनो का सोच रहा था....तभी उसे धर्मेश की बातें याद आई...और वो सोचने लगा कि वो भी एक ऐसी औरत को चोदता है..जो उसकी अपनी फॅमिली मेंबर जैसी है..और ये सही नही है...
फिर आकाश ने तय किया कि सहर जाने से पहले उस औरत से मिल कर बात करूगा...
थोड़ी देर बाद आकाश सो गया...
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वहाँ धर्मेश अपनी मौसी को चोद रहा था और तभी उसकी मौसी बोली.....
मौसी- तू खुश है ना..आहह..
धर्मेश- आहह..मज़ा आ गया मौसी...क्या टाइट गान्ड है...
मौसी- ह्म्म..पर ये तो बता की आकाश से मुझे क्यो चुदवाया...
धर्मेश- टाइम आने पर बता दूँगा...अभी बस तुम आकाश को खुश रखो...और इस टाइम तो सिर्फ़ मुझे...यहह...
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सुबह हमेशा की तरह आकाश अपने पापा के साथ कसरत करने निकल गया...
कसरत के बाद घर आकर रेडी हुआ उस औरत से मिलने...जिसकी चुदाई करने की बात उसे कल से परेशान करने लगी थी...
तभी मदन आज़ाद के घर आ गया और उसने बताया कि वो आज किसी काम से सहर जा रहा है ...
आज़ाद भी मदन के साथ सहर जाने के लिए रेडी हो गया...ताकि आकाश के रहने का इंतज़ाम देख सके जो मदन ने पहले ही करवा दिया था...
आज़ाद और मदन सहर निकल गये और आकाश पहुच गया मदन के घर...
आकाश , मदन की बीवी को चोदता था और उसे यही बात परेशान करने लगी थी...जबसे उसने धर्मेश की बात सुनी..कि तू भी तो किसी अपने को चोदता होगा और ऐसा करके तू किसी अपने को धोखा दे रहा हो...
आकाश को लगने लगा कि मदन उसके पापा के दोस्त है और उनकी पीठ पीछे उनकी वाइफ को चोदना सही नही...और आज वो यही बात करने मदन के घर आया था....
मदन के घर आते ही मदन की वाइफ उसके गले लग गई और चूमने-चाटने लगी...
(मदन की वाइफ का नाम सरिता था)
सरिता- उम्म..उऊँ..आहह..कितने दिनो बाद आए हो...उम्म..
आकाश- उम्म..आंटी..रूको...उउंम्म..
सरिता- आज नही...उउंम..सस्ररुउपप...
आकाश उसे रोकना चाह रहा था पर उसकी बॉडी उसके खिलाफ थी...फिर आकाश ने सोचा कि पहले छुदाई कर लूँ फिर इससे बात करूगा...आज के बाद सब ख़त्म....
आकाश भी सरिता के बूब्स मसल कर किस एंजाय करने लगा और ऐसे ही किस करते हुए दोनो बेडरूम मे आ गये...
फिर आकाश और सरिता ने एक दूसरे को नंगा किया और आकाश ने सरिता को बेड पर लिटाया और उसकी चूत चाटने लगा......
आकाश- सस्स्रररुउउप्प्प...उउंम...सस्ररुउउप्प्प...
सरिता- आहह...चतो मेरे राजा...बहुत दिन से ......आआहह...तरस गई
आकाश- उउंम..आहह...सस्ररुउपप...सस्ररुउप्प्प...
सरिता- ओह्ह..जीभ डाल दी..आहह..माँ...ओह्ह्ह..ओह्ह..
आकाश जीभ से सरिता को चोदने लगा और सरिता सिसकने लगी....
थोड़ी देर बाद आकाश ने सरिता को छोड़ा और बेड पर लेट गया....
सरिता समझ गई और आकाश के पैरों के पास बैठ गई और उसका लंड चाटने लगी...
सरिता- अओउंम...आहह..कब से वेट कर रही थी इसका....उउंम..आहह
थोड़ी देर तक सरिता ने लंड चटा और फिर मुँह मे भर कर चूसने लगी....
आकाश- ओह...एस...चूस..आहह...चूस मेरी जान...
सरिता- उम्म..उउंम..उउंम..उउंम..
सरिता ने लंड को चूस- चूस कर तैयार कर दिया....
आकाश ने सरिता को रोका और सरिता ने लंड छोड़ा और आकाश के पेट को किस करते हुए उसके उपेर चढ़ गई....
फिर सरिता ने उसके होंठो को चूसा और दोनो तरफ पैर रख कर अपनी चूत आकाश के लंड पर रगड़ने लगी...
सरिता- उउंम..यस बेटा...अब फाड़ दे जल्दी से...देख कैसी गरम हो गई मेरी चूत...
आकाश- ह्म्म..तो फिर हो जाओ शुरू...
सरिता ने लंड को सेट किया और उस पर बैठते हुए पूरा चूत मे भर लिया...
सरिता- आहह..ठंडक मिली...अब मज़ा आएगा..
और सरिता ने लंड पर उछलना शुरू कर दिया....
सरिता गान्ड हिला कर लंड ले रही थी और साथ मे झुक कर आकाश को किस कर रही थी....
आकाश भी नीचे से धक्के मार रहा था और सरिता के बूब्स मसल रहा था...
सरिता- ओह्ह..येस बेटा...ज़ोर से मार..आहह..आहह..
आकाश- ये लो आंटी...यस..एस्स..
ऐसे ही सरिता चूड़ते हुए झड़ने लगी...
सरिता- बेटा..मैं..आहह...आऐ...ओह्ह..यरसस.. .एस्स...एस्स..
आकाश- इतनी जल्दी...कोई नही...झड जा...ये ले...
सरिता चुदाई मे ज़यादा ही गरम थी इसलिए जल्दी झाड़ गई....
सरिता झड़ने के बाद स्लो हो गई तो आकाश ने खुद को घूमते हुए सरिता को नीचे कर दिया और खुद उपेर आ कर धक्के मारने लगा..
आकाश के धक्को के साथ सरिता का चूत रस आवाज़े बदलने लगा था...
सरिता- ओह्ह..येस्स बेटा..ज़ोर से चोद...आअहह...
आकाश- अभी तो झड़ी और फिर से...यहह..ये ले...
सरिता- आहह...हाँ बेटा...बहुत खुजली है...ज़ोर से मार..आहह..आहह...
आकाश- ये ले फिर...एस्स..एस्स..एस्स..
आकाश जोरों से सरिता को चोदे जा रहा था और रूम मे आवाज़े बढ़ने लगी...