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ज़िंदगी भी अजीब होती है Restart



तो दिन बस कट ही रहे थे और हम लगे थे गान्ड को घिसने मे एक दोपहर मिता का फोन आया तो उसने पूछा कि बोलो तुम्हारे लिए क्या गिफ्ट लाउ मैने कहा तुम मेरी ज़िंदगी मे आई यही सबसे बड़ा गिफ्ट है अपने को और कुछ भी नही चाहिए तो वो हँसते हुए बोली कि मैं तो तुम्हारी ही हू पर जल्दी से बताओ कि तुम्हे क्या गिफ्ट चाहिए

काफ़ी देर सोच कर मैने कहा कि तुम उस तरह से आना मुझसे मिलने जैसे कि मैने तुमको पहली बार देखा था तो वो बोली सैयाँ जी बड़े रोमॅंटिक हो रहे हो मैने कहा डार्लिंग, अब रोमॅन्स करने का टाइम आ गया है बहुत इंतज़ार किया है तुम्हारा अब मिलन का समय नज़दीक ही है तो मिता शर्मा गयी और फोन को काट दिया पर दिल के किसी कोने मे आएगी हर पल तुझे मेरी याद वाला गाना बजने लगा

मिथिलेश, वो साँवली सलोनी सी सूरत जो अंजाने मे ही इस दिल मे उतर गयी कब इश्क़ की बेड़ियो मे मैं क़ैद हो गया था पता ही नही चला ना जाने कब हम दोनो एक दूसरे के करीब आ गये थे कि साथ जीने मरने की कसमे खा ली थी वैसे तो मेरा दिल भी साला पूरा कमीना ही था हमेशा धड़क ता ही रहता था पर जब भी मिथ्लेश का जीकर होता उसमे हलचल कुछ ज़्यादा ही बढ़ जाती थी

अब साला दिल ट्रैनिंग मे नही लगता था एक तरफ बदन मे ऑफीसर की वर्दी होने का एहसास और दूसरी तरफ इश्क़ को मुकम्मल करने की जूसतुजू समझ ही नही आ रहा था कि क्या हाल था मेरा बस एक लगन लग गयी थी प्रेमिका की बाहों मे अब ज़िंदगी गुजारनी थी वैसे तो अब तक कइयो ने अपनी बाहों मे पनाह दी थी मुझे पर अब बस मुझे एक ठिकाना चाहिए था

एक शाम मैं और उर्वशी दोनो ऐसे ही पार्क मे घूम रहे थे तो उसने पूछा कि जब तुम यहाँ से चले जाओगे तो क्या मुझे याद करोगे तो मैने कहा कि तू के मेरी लुगाई लगे सै जो तन्ने याद करूँगा तो वो बोली कही तो थी तेरे से उस दिन हिम्मत सै तो कर ले ब्याह तब तो तेरी आवाज़ बंद होगी आज होशियारी मारे सै उसका यही अंदाज दिल पे छुरी चला दिया करता था

मैं बोला तू तो गर्लफ्रेंड बनी कोन्या पर मैं तो तन्ने दोस्त ही समझू सूं तो सीधी सी बात यो सै के दोस्त की याद तो आवे ही गी घनी ना तो थोड़ी पर आवे ज़रूर गी मैं बोल्या यार तू मन्ने न्यू बता तू फोजिया ते क्यू चिड़या करे तेरा पिताजी फोजी अफ़सर तड़के तेरा ब्याह भी फोजी गेल ही करेगा तब के करेगी उर्वशी गुस्सा होते हुए बोली कि ना, कदे ना मन्ने तो मरना मंजूर सै पर फोजी गेल रिश्ता ना करूँ

मैने कहा छोरी तूँ सै रोहतक की जाटनी तन्ने बेरा सै ना तू के कह रही सै तो वो बोली तू मेरी फिकर ना कर आर नू बता तू के दूर का सै तू ठाकुरा की छोरी गेलया ब्याह क्यूकर कर ल्यावेगा मैने कहा मैं तो करूँगा चाहे जो भी हो उर्वशी बोली मैं तो यो ही चाहूं के तेरा घर राज़ी खुशी बस ज्या पर जै किमी उच नीच हो गी तो.... मैने कहा वो भी देखेंगे पर दिल साला घबरा गया

 


पर हम भी ठहरे फोजी वो भी दिमाग़ से पैदल वैसे भी दुनिया तो कहती ही है कि फोजी तो मेंटल होते है तो कर लिया निर्णय कि देख लेंगे हर उस दीवार को जो मुहब्बत के रास्ते मे आएगी पर क्या पता था कि दीवार तो क्या साला एक ईट भी ना उखाड़ सकेंगे खैर, तो आलम ये था कि बस पूछो मत मुहब्बत की चिंगारी जो सालो पहले जाली थी अब उसके शोलों ने आग का रूप ले लिया था

और वो आग अब रोज इस दिल मे जल रही थी मैने अपने घर फोन किया और पापा को बताया कि पासिंग आउट वाले दिन सभी घरवालो को आना होगा तो पापा बोले कि बेटे बड़ा ही मुश्किल होगा इस टाइम तो क्योंकि तुम्हारी चाची तो सफ़र कर ना पाएगी और तुम्हारी मम्मी उसके साथ ही रहेगी और ऑफीस मे भी वर्क लोड ज़्यादा है तो मुश्किल हो जाएगी पर तू रवि से पूछ ले अगर वो फ्री होगा तो वो आ जाएगा

मैने कहा पापा मेरी लाइफ का सबसे बड़ा दिन आने वाला है और घर से कोई भी नही आएगा तो कैसे चलेगा

पर उन्होने कहा की बेटे मजबूरी है तो नही आ पाएँगे तो मेरा मन उदास हो गया और फिर मैने ज़्यादा बात ना करते हुए फोन रख दिया रवि को फोन लगाया तो उसने भी काम का ही रोना रोया तो मैने कह दिया ऐसी तैसी कर्वाओ तुम सब कोई मत आना तुम ना आओगे तो क्या ऑफीसर ना बनेंगे

मूड थोड़ा ऑफ हो गया था तो पहुच गया कॅंटीन और एक बियर ली याडी भी साला जब देखो चूत के चक्कर मे लगा रहता था उसने कहा भाई एक नया माल हाथ लगा है कहो तो बात करूँ तुम्हारी भी मैने कहा ना भाई आज मूड नही है फिर कभी देखेंगे तो उसने कहा चलो कोई बात नही वैसे एक बात और बतानी थी तुम्हे वो जो सरिता थी ना उस दिन वाली

तो मैने कहा कॉन वो बोला भाई भूल गये क्या अरे वो गढ़वालन उस दिन अपन गये थे तो मैने कहा अरे हाँ याद आया तो क्या वो कहने लगा कि भाई वो तुमसे दुबारा मिलने को कह रही थी तुम इधर आए नही तो मैं बता नही पाया तो मैने कहा घोन्चु गधे कही के फोन कर देता तो वो बोला यार किया था पर तुम्हारा बिज़ी आ रहा था कहो तो मीटिंग लगाउ तो मैने कहा ना यार अभी सच मे मूड नही है

शेर शिकार करना छोड़ दे पर अपना चूत मारना छोड़ दे बात कुछ हजम होने वाली थी नही पर पता नही क्यो उसको मैने उस दिन मना कर दिया बियर शियर मारने के बाद अपन वापिस हॉस्टिल की तरफ चल पड़े तो रास्ते मे पद्मि नी के दर्शन हो गये वो अपने बेटे के साथ घूमने निकली थी तो उसने अपने बेटे को कुछ पैसे दिए और दुकान की तरफ भेज दिया

और मेरी तरफ मुखातिब होते हुए बोली की पासिंग आउट परेड कब है तो मैने उसको डेट बता दी उसने कहा कि पोस्टिंग से पहले क्या तुम मुझसे मिलोगे तो मैने कहा भाभी अगर टाइम मिला तो पक्का मिलूँगा तो वो बोली कि मैं चाहती हू कि तुम्हारे जाने से पहले हम कुछ गोलडेन मोमेंट्स साथ मे गुज़ारे मैने कहा भाभी पासिंग डे पर मेरी गर्लफ्रेंड भी आ रही है अगर टाइम मिला तो पक्का आपके साथ ही एंजाय करूँगा

पद्मि नी बोली अब तुम्हारी गर्लफ्रेंड आएगी तो फिर तुम मेरी ओर ध्यान दोगे नही मैने कहा ऐसी बात नही है मैं पक्का जाने से पहले आपको प्यार करूँगा तो पद्मि नी के चेहरे पर खुशी की चमक आ गयी हम बात कर ही रहे थे कि उर्वशी भी अपनी स्कूटी को दौड़ा ते हुए हमारी ही ओर आ गयी और मुझे बोली तू यहाँ कैसे मेरा तो दिमाग़ ही घूम गया अबे मेरी मर्ज़ी मैं कही भी घूमू तो मैने कहा रोड के तेरे बाप की सै

उर्वशी बोली हम मेरे बाप की सै इब बोल अब पद्मिूनी हमारा मूह देख रही थी तो मैने उसका परिचय करवाया कि भाभी ये उर्वशी है ब्रिग.*********** की बेटी तो उसने पद्मिानी को नमस्ते किया इतनी देर मे पद्मिेनी का बेटा भी आ गया तो पद्मि*नी ने कहा कि आप लोग बाते करो मैं चलती हू और वहाँ से चली गयी उसके जाते ही उर्वशी ने कहा कि रै या सुथरी सी आंटी कॉन सै तो मैने उसको बताया कि ये हमारे ट्रैनिंग ऑफीसर की वाइफ है

वो बोली आंटी तो घनी चोखी सै तो मैने कहा तू क्या कम है तू भी तो बिजली है तो वो बोली कि रहण दे मने झाड़ पे ना चढ़ा छोरे मैने कहा अब तेरे लिए के मैं साची बात भी ना बोलू तो वो बोली मैं कितनी इतनी सुथरी सू मैने कहा किसी ते भी जा के पूछ ले फिर हमारी ऐसे ही थोड़ी देर और नोक झोक चलती रही शाम भी हो चुकी थी हल्का हल्का सा अंधेरा छाने लगा था तो उर्वशी बाइ बोल कर चली गयी

 
मैं भी होस्टल मे चला गया थोड़ा सा हाथ मूह धोया फिर एक टेस्टी डिन्नर के बाद मैं सोने के लिए बिस्तर पर पहुचा ही था कि मिता का फोन आ गया आजकल पता नही क्या सूझ रहा था उसको तकरीबन रोज रोज ही फोन कर लेती थी वो कहते है ना कि दूर रहने से प्यार बढ़ता है शायद वो ही बात थी उसकी इंटेर्नशिप भी बस ख़तम होने को ही थी और फिर कही ना कही जॉब पकड़ लेनी थी उसने भी

हसीन बहारों की रात ठंडी ठंडी हवा और ऐसे मे अपने दिलबर से बात हो जाए तो इस से अच्छा फिर कुछ नही हो सकता है बेसक हम एक दूसरे से दूर थे पर हमारी रूह एक दूसरे की मुहब्बत मे इस कदर जुड़ गयी थी कि हम दो जिस्म एक जान से भी बढ़कर हो गये थे मिथ्लेश की सबसे अच्छी बात ये थी कि वो समझ जया करती थी कि मेरे दिल के हालत को उसे हर पल पता होता था कि मैं क्या सोचता हू

मुहब्बत तो सदियो से चली आ रही है कितने लोगो ने की होगी और आज भी कही किसी कोने मे किसी ना किसी का दिल किसी ना किसी के लिए धड़क ही रहा होगा पर अपनी बात ही कुछ जुदा जुदा थी मेरे लिए मुहब्बत का वो दरिया थी जिसमे बस मैं अब डूब जाना चाहता था अब कुछ बाकी ना था बस जल्दी से जल्दी मैं मिथ्लेश का होना चाहता था सुबह 4 बजे तक हमारी प्रेम भरी बाते चलती रही

अगले कुछ दिन बड़े ही बेकार गुज़रे परेड की तैयारियो ने शरीर को बुरी तरह से तोड़ डाला थकान के मारे बुरा ही हाल हो रखा था पर टफनेस ही तो आर्मी लाइफ हमें सिखाती है पता ही नही चलता था कि कब नींद आई कब दिन निकला एक बार सज़ा भी मिली पर ये सब तो चलता ही रहता है जाटनी ने वादा किया था कि वो मेरे साथ लंच पर जाएगी पर मैं इधर से निकल ही नही पा रहा था

बस लगी पड़ी थी सभी कॅडेट्स अब पोस्टिंग का ही जिकर करते रहते थे कि मुझे वो जगह पसंद है मुझे वो जगह पसंद है मैं सोचता था कि यही देहरादून मे ही कुछ जुगाड़ हो जाए तो ठीक रहे पर ये सब तो अथॉरिटीज़ के हाथ मे था फिर अपने को तो नौकरी से मतलब चाहे कही भी करवालो

मैने सोचा कि पूरे दो महीने की छुट्टी के लिए अप्लाइ करूँगा और मज़े से गाँव मे चूत मारूँगा और कोई नया माल भी अड्जस्ट करूँगा पता नही क्यो मैं प्लॅनिंग भी बहुत करता रहता था तो कुल मिला कर बस अब दिन ही कट रहे थे बीच मे पद्मिमनी ने कहा सेक्स के लिए पर मैने बिज़ी होने का बहाना बना कर टाल दिया एक शाम मैने उर्वशी को बताया कि कल मैं फ्री रहूँगा और हम लंच पे चलेंगे

तो उसने कहा ओके मैं तुझे यहीं से पिक कर लूँगी और फिर निकल पड़ेंगे अगले दिन फोजी नहा धोकर पर्फ्यूम लगा कर एक दम जेंटल्मेन बन कर चल पड़ा उर्वशी के साथ मैने कहा किसी अच्छे रेस्टोरेंट मे चल तो वो बोली तू बस बैठ चुप चाप और कोई आधे घंटे बाद हम एक रेस्टोरेंट मे दाखिल हो गये हमेशा की तरह पर्फेक्ट लेडी की पर्फेक्ट चाय्स थी

एक ज़िंदा दिल लड़की की साथ थोड़ा टाइम बिताने को मिला इस से अच्छी बात और क्या हो सकती थी मेरे लिए सबकुछ उसकी पसंद का था जो भी वो चाहे उसकी खिल खिलाती हुई हसी आज भी कभी कभी जब याद आ जाती है तो मैं मुस्कुरा पड़ता हू वो बार बार अपने चेहरे पे आई बालो की लत को साइड मे करती पर उसकी जुल्फे भी मानो आज शरारत करने के मूड मे थी जैसे मैं तो बस उसे ही देखे जा रहा था चोर नज़रो से

उर्वशी ने मेरी नज़रो को पकड़ लिया और बोली कि अब यू ना देखो मुझे मुझे अनकंफर्टबल लग रहा है तो मैने कहा अब क्या आँखे बंद कर लू देखने की चीज़ तो देखी ही जाएगी वो बोली साची! जी तो करता है कि तेरे लगा दूं दो चार पर अच्छा भी लगता है तू हाय! जब तू चला जाएगा तो कसम से मैं कही मर ना जाउ तेरी जुदाई में तो मैने कहा दोस्ती तू कर नही रही है और मर जाएगी जुदाई मे

उर्वशी भी आज मानो पूरे मूड मे थी वो बोली कि अरे जालिम बलमा मैं तो ब्याह करने को मरी जा री सूं तेरे गेल और तू दोस्ती की पूछ पकड़ के बैठा है मैने चुस्की लेते हुए कहा कि दो मिनिट तो तुझे झेलना मुस्किल है कॉन पूरी उमर तेरे साथ बिताएगा मेरी जिंदगी तो झगड़े मे ही बीत जाएगी तू तो दोस्ती तक ही ठीक है तो वो बोली कि दोस्ती में के सै ब्याह कर और पूरी मौज मार

उसकी आँखे चमक उठी थी मैने कहा कि यार तू मज़ाक मे कह रही है या सीरीयस है तो उसने मुझे ही उलझाते हुए कहा कि तन्ने के लागे सै छोरे तो मैने कहा कि मने तो लागे सै कि तन्ने प्यार हो गया मेरे तै ये सुनते ही उर्वशी ने अपना पेट पकड़ लिया और बुरी तरह से हँसने लगी रेस्टोरेंट मे मोजूद और लोग हमारी तरफ देखने लगे

 


मैने कहा आराम से बैठ ना तो वो बोली कि हँसूंगी दुनिया जाए खड्डे मे और तू ना जोक तो कम से कम ढंग का मारा कर सारे मूड की लगा डाली मैने कहा ले देखो रे जमाना अब हम सच भी बोले तो इनको मज़ाक लगे है उर्वशी कहने लगी कि अभी मेरे इतने बुरे दिन ना आए है कि तुझ से प्यार करूँ और वैसे भी प्यार मे रखा ही क्या है

तू खुद पे ही ले ले तू इतने सालो से रिलेशन्षिप में है पर तूने कभी हाथ भी ना पकड़ा तेरी वाली का वो कहीं धक्के खाए तू कहीं खाए बस नाम है का प्यार है बाकी ज़रा गिन के बता कि कितना टाइम तुम लोगो ने साथ मे बिताया है तेरी वाली से ज़्यादा टाइम तो तू मेरे साथ ही बिता चुका होगा बता क्या फ़ायदा ऐसे प्यार का तो मैने कहा वो तो हम अपने अपने करियर को बनाने मे बिज़ी है

और जब भी मौका मिलता है तो हम अपने पलों को जी लेते है तो वो बोली बलम प्यारे बात को नही समझा तू अभी तक लाइफ को प्रॅक्टिकली देख और सोच कि प्यार करके तुम्हे क्या मिला तू जब देखो मेरे उपर लाइन मारता रहता है अगर तू उस से सच्चा प्यार करता तो तुझे ज़रूरत ही ना होती मेरी तरफ देखने की मैने कहा देख मुहब्बत और दोस्ती दो अलग चीज़ है

वो बोली अक्सर दोस्ती ही मुहब्बत मे तब्दील हो जाया करती है और फिर शुरू होती है परेशानी तू क्या जाने कि प्यार क्या होता है मैने कहा उर्वशी तू तो ऐसे ही कह रही है कि तूने तो मुहब्बत मे डिप्लोमा कर लिया है तो वो बोली जाटा की छोरी सूं डर लगता है वरना मेरे सीने मे भी एक धड़कता हुआ दिल है

मैने कहा यार इतनी पढ़ी लिखी होके तू भी रही गाँव की गँवार ही तू कैसी बात करती है जमाना कहा से कहाँ पहुच गया और तू अभी भी वही है जाटा की छोरी है तो के प्यार ना करेगी तू बता तू अगर किसी को पसंद करती है तो मैं तेरे लिए कुछ भी कर जाउन्गा बता कोई नज़र मे है तो मैं तेरा ब्याह करवाउन्गा उसके साथ उर्वशी ने एक गहरी सांस ली और बोली तू रहने दे तेरे बस की ना है

माहौल थोड़ा सा सेंटिमेंटल सा हो गया था अब खाने पर से ध्यान हट गया था उर्वशी थोड़ी संजीदा सी होने लगी थी मैने उसका हाथ अपने हाथ मे लिया और उसकी आँखो मे देखते हुए बोला कि यार कोई प्राब्लम है तो बता ना वो बोली कह दिया ना कि तेरे बस की ना है पर मैने ज़ोर देते हुए कहा कि तुझे बताना ही पड़ेगा तो वो बोली कि लगन लाग गी तेरे से छोरे मैं कर बैठी प्यार तेरे से

जैसे ही मैने ये सुना मेरे हाथो से चम्मच छूट कर नीचे कर गया और मैं शॉक हो गया मुझे कुछ ना सूझा काफ़ी देर तक हम दोनो मे से कोई भी कुछ ना बोला फिर मैने खामोशी को तोड़ते हुए कहा कि देख बात ऐसी है कि ………… मैं बोल ही रहा था कि उसने मुझे रोका और कहने लगी कि मने बेरा सै कि तू यो ही कहेगा कि तेरी दोस्त सै और तू उसके गेल ही ब्याह करेगा

उर्वशी बोली कमीने-कुत्ते तू क्यू आया मेरी लाइफ मे अच्छी भली चल रही थी मस्ती से जीती थी ना कोई चिंता ना कोई फिकर पर भगवान किसी को सुखी नही देख सकता तो उसने तुझे भेज दिया मुझे रुलाने को मैं बोला अब मैने क्या किया तो वो बोली कि पता नही कब तुझसे हो गया अब लागी छूटे ना बता मैं क्या करू अब मैं साला परेशान मैने कहा तू मेरी टाँग खीच रही है ना

तो वो बोली मैं सॅंडल फेक के मारूँगी मेरा दिमाग़ खराब किया तो जा ना खाना तेरा लंच मैं जा रही हूँ अब खुद ही सिचुयेशन कॉंप्लिकेटेड की और बिल फटे हम पर बड़ी ही ना इंसाफी है ये तो मैने उसका हाथ पकड़ कर उसको बिठाया और कहा देख यहाँ तमाशा सा हो रहा है सब लोग अपनी तरफ ही देख रहे है लंच नही करना कोई बात नही मैं बिल दे देता हू फिर चलते है

5-7 मिनिट बाद हम दोनो वहाँ से निकल गये अबकी बार मैं स्कूटी चला रहा था उर्वशी का मूड अब भी ठीक नही था तो मैने स्कूटी शहर से बाहर की ओर हरिद्वार रोड पर मोड़ दी और काफ़ी दूर निकल आया थोड़ा सा सुनसान एरिया आया तो मैने एक पुलिया के पास उसको रोका और कहा आ इधर बैठ कर बात करते है और हम दोनो पुलिया पर बैठ गये

 


कुछ देर खामोश रहने के बाद मैने उसका हाथ अपने हाथ मे पकड़ लिया और कहा कि देख तू घनी सुथरी , गजब, मोरनी सी छोरी सै अर मै सूं फोजी मेरे गेल्या लगन करके सदा दुख ही पावेगी फिर मैं बॉर्डर पे रहूँगा टाइम पे छुट्टी भी ना मिलेगी और ना जाने किस घड़ी किस गोली पे मेरा नाम लिखा हो और ये तो बाद की बाते है मैने भीतो किसी और का पल्ला पकड़ा हुआ है

उर्वशी ने अपना हाथ छुड़ाया और आलती-पालती मार के बैठ गयी और बोली कि यो सब तो तेरे आली के गेल भी हो सके सै मैने कहा बिल्कुल हो सके सै उर्वशी कहने लगी कि तेरे आली के मेरे ते भी घनी सुथरी सै मैने कहा ना वो तो तेरे पासिंग मे भी कोन्या वो बोली फेर के दिक्कत सै थोड़ा टेम मेरे गेल्या गुजारेगा तो मेरे ते प्यार करन लग ज्यागा

और वैसे भी पुरुषो का प्यार तो बस बिस्तर पर ही दिखया करे मने कुछ ना बेरा तू मेरे गेल्या ही ब्याह कर ले मैं ना रह सकूँ अब तेरे बिना लत लाग गी मने तेरी मैं काल ही अपने बापू ते बात करू सूं मैने कहा होश मे आ पागल जाटनी और गोर से देख मैं खुद फँसा पड़ा हूँ तू बस बाहर से ही मुझे जानती है पर मैं अंदर रोज जलता हू देख तन्ने बताऊ सूं

मेरी ज़िंदगी मे दो कन्या आई जो मने सच्चे मन से अच्छी लगी एक सै मिथ्लेश जो धड़कन बनकर मेरे दिल मे धड़क रही है और दूसरी सै निशा जो कदे मेरी बेस्ट फ्रेंड हुआ करती थी पर आजकल मने भूल गी अर ना जाने कित सै वा पर फेर भी वा भी दिल का एक कोना मे पड़ी सै देख मैं लाख खराब सूं मैं घटिया सूं पर मैं ब्याह करू तो बस मिता गेल ही क्योंकि यो जनम तो बस उ छोरी के साथ ही जिनो है

तू 16 सोमवार के व्रत कर ले के बेरा महादेव जी तुझे मुझसे तो लाख गुना बेहतर पति देंगे तू मने अच्छी तो बहुत लागे सै पर मैं मजबूर सूं मैं किसी और गेल वादा कर चुका हूँ अब तू ही बता मैं के करूँ तो उर्वशी खामोश हो गयी और फिर अचानक से बोली कि कामीने मैना करती तेरे से प्यार व्यार जै दुनिया निमाड़ भी ज्या ना तो मैं तेरी ना बनूँ मैं तो देखे थी कि तू कितने पानी मे सै

उसकी बात सुनकर मुझे गुस्सा आ गया मैने कहा फेर हो ली राज़ी आ गी तेरे कलेजे ने ठंड अब मेरा मूड साला सटक गया मैं उठा और उसको बोला कि देख तुझे दोस्त माना है मैने आइन्दा से फीलिंग्स वाला मज़ाक ना करियो बाकी तू चाहे जान माँग ले अभी दे दूँगा पर फीलिंग्स के साथ छेड़खानी नही होनी चाहिए तो उसने मेरे गाल को थपथपाते हुए कहा ही ओके बाबा सॉरी

जब वो सॉरी कह रही थी तो मेरी निगाह उसकी आँखो पे गयी तो मुझे उसकी आँखो मे पानी सा लगा तो इसका मतलब ये जो भी कह रही थी सच कह रही थी मैने कहा छोरी तेरी आँखो मे यो पानी कैसा तो वो अपनी चुन्नी से आँखो को पोंछती हुई बोली कि शायद कुछ कचरा चला गया होगा मैने कहा ये फिल्मी डाइलॉग ना बोल और साची बात बता

अब फँसी छोरी जाट की मैने कहा अब बता भी दे ना तो उसने कुछ नही कहा और सीधा आकर मेरे सीने से लग गयी मेरी तो साली धड़कन ही रुक गयी गले तो कइयो को लगाया था पर इस बार दिल भी साला ना फरमानी पे उतर आया मेरे हाथ अपने आप ही उसकी पीठ पर चले गये और उसकी पीठ को सहलाने लगे उसकी गरम साँसे मेरी छाती पर कहर ढाने लगी

दो मिनिट के लिए तो मेरा भी खुद पर काबू ना रहा फिर मैने उस को अपने से डोर हटा दिया पर उसका हाथ मेरे हाथ मे रह गया तो वो फिर से मेरे सीने से आ लगी उसकी साँसे भारी हो गयी थी उसकी छातिया मेरे सीने पर दबाव बना ने लगी थी अबकी बार मैने उसको अपन से अलग नही किया समय जैसे थम सा गया था तभी उसका चेहरा थोड़ा सा उपर हुआ और उसके होठ मेरे होंठो से छू गये

ना चाहते हुए भीं मैं अपने होंठो को रोक ना सका उसके लरजते हुए कोमल होंठ ऐसे थे जैसे कि पहाड़ो से बहता नदी का शीतल जल उसने अपनी आँखो को बंद कर लिया और अपनी बाहें मेरी पीठ पर थोड़ा ज़ोर से कस दी वक़्त का ना कुछ पता था मुझे ना मुझे कोई होश था 5 मिनट तक मैं उसके होंठो को ख़ाता रहा फिर वो मुझसे अलग हुई और लंबी सांस भरते हुए बोली कि मारेगा के छोरे

उर्वशी स्कूटी की ओर बढ़ी और डिग्गि से पानी की बॉटल निकाल कर पीने लगी एक ही सांस मे आधी बोतल गटक गयी और बोली कदे किसी छोरी की पप्पी ना ली के ऐसे चिपक गया जैसे कि इस जनम मे तो हटेगा ही नही पर मुझे थोड़ा सा अनकंफर्टबल फील होने लगा मैने कहा सॉरी डियर मुझे ऐसा नही करना चाहिए था तो वो बोली कोई बात ना फोजी तू भी के याद करेगा कि किसी जाटनी की पप्पी ली थी

 


कुछ तो बात थी छोरी मे एमबीए की स्टूडेंट होकर भी जिस तरीके से वो गाँव की देसी भाषा का प्रयोग करती थी कसम से मेरे दिल मे हुक उठ जाती थी पर सच्चाई ये थी कि मैं उसको अपना नही बना सकता था वैसे तो मैं कमीना था पर इस लड़की की फीलिंग्स के साथ मैं नही खेलना चाहता था मैने कहा जो हुआ उसके लिए मैं शर्मिंदा हू प्लीज़ फर्गिव मी

पर वो भी अपनी धुन की पक्की बोली फोजी अब मैं पीछे ना हट सकूँ या मीरा तो श्याम की दीवानी हो गयी सै इब चाहे दुनिया से लड़ना पड़े पर ब्याह तो करूँगी तेरे साथ ही अब मैं कुछना बोला और अपना माथा पकड़ कर पुलिया पे बैठ गया जी तो कर रहा था कि यही से नीचे कूद जाउ तभी शनि की दशा लगी और मिथ्लेश का फोन आ गया

मैं बात कर ही रहा था और उर्वशी मुझे तंग करने लगी तो मैने बिज़ी होने का बहाना बनाया और फोन कट किया मैने कहा उर्वशी मान भी जाना तंग ना कर आ अब वापिस चलते है तो उसने बोला कि कुछ देर और रुकते है फिर चलेंगे उर्वशी मुझ से सट कर बैठ गयी और बोली कि देख ले छोरे फेर ना कहीयो कि इसी सुथरी छोरी हाथ से निकल गी

मैं बोला तू तो पगला गयी है ऐसा नही होता है तो वो बोली फिर कैसा होता है मैने कहा मुझे नही पता वो मेरे साथ शरारत करने लगी मेरा लंड अपनी औकात मे आ गया पर इधर कुछ भी पासिबल नही था तो मैं और भी अनकंफर्टबल हो गया दिल तो अब दिल है कही भी फिसल जाता है तभी बिन मोसम हल्की हल्की बारिश शुरू हो गयी ठंडी ठंडी बूंदे हमें भिगोने लगी

एक तो सर्दी का मौसम और उपर से बारिश जब बोछार थोड़ी ज़्यादा तेज हो गयी तो मैने कहा यार अब क्या करें तो उर्वशी बोली कि उधर पेड़ो के नीचे खड़े हो जाते है तो हम रोड से उतर कर कच्चे की तरफ चल पड़े और थोड़ी दूर घने पेड़ थे उनके नीचे जाकर खड़े हो गये यहाँ बारिश तो नही थी पर ठंडी हवा कुलफी जमा रही थी

देहरादून का मोसम भी बड़ा ही कमाल है उर्वशी ठंड से काँपने लगी और मुझ से सट कर खड़ी हो गयी दो भीगे हुए बदन एक दूसरी की गर्मी का अनुभव करने लगे तभी मुझे क्या सूझा उसके गीले बालो को मैने खोल दिया हमेशा से ही मुझे खुले बालो वाली लड़कियाँ बड़ी अच्छी लगती है उर्वशी बोली छोरे के करै सै

मैने कहा कुछ ना तू बस दो मिनट चुप रह उसकी गीली ज़ुल्फो की खुसबू मुझे मदहोश करने लगी थी पानी की बूंदे जब उसके गालो से टपक रही थी तो लगा जैसे कि पेड़ो से शबनम बह रही हो एक तो मोसम का ज़ुल्म और उपर से कयामत भी मेरी आँखो के सामने ही खड़ी थी अब मैं क्या करूँ मेरे शरीर मे खून ज़ोर मारने लगा

मैने एक हाथ उर्वशी की कमर मे डाला और उसको अपनी तरफ खीच लिया वो बिल्कुल मुझसे सट गयी हमारी आँखे चार हुई वो मुझे देखे मैं उसे देखु वक़्त ने अजीब हालात खड़े कर दिए थे ये ही एक ऐसी लड़की थी जिसके साथ मैं कुछ नही करना चाहता था और तकदीर आज इस लड़की को ही मेरी बाहों मे ले आई थी मैं तो जैसे पत्थर का बन गया था

उसकी आँखो मे बेपरवाह मुहब्बत का सैलाब दिख रहा था मुझे पर मैं अपने होश संभाले था पर कितनी देर तक वो बेशक उर्वशी थी पर मैं विश्वामित्र कतई नही था तभी कही दूर बिजली कडकी और उर्वशी और भी अच्छे से मेरी बाहों मे आ गयी उसके बदन की खुश्बू मेरे हार्मोंस को आक्टिव कर रही थी हर एक गुज़रते पल के साथ मेरा खुद पर कंट्रोल ख़तम होते जा रहा था आख़िर परिस्थिति ही कुछ ऐसी हो गयी थी

 


काम देव का बान कमान से निकल कर मुझे घायल करने को चल पड़ा था और उर्वशी का हाल भी कुछ ऐसा ही था अब की बार जैसे ही उसकी और मेरी नज़र मिली मेरे सबर का बाँध टूट गया और मैने दोनो हाथो से उसके सुर्ख हो चुके चेहरे को पकड़ा और किसी बिछड़े हुए दीवाने की तरह उसकी नरम होंठो को चूमने लगा उर्वशी ने कोई प्रतिकार नही किया

उसने अपने मूह को थोड़ा सा खोला और उसकी जीभ को मेरे मूह मे सरका दिया अब अगर कयामत भी हो जाती तो कोई गम ना था पता नही कितनी देर तक मैं उसके लबों की शबनम को पीता रहा फिर जब दुबारा से बिजली कडकी तो मुझे होश आया मैने उसके धक्का देकर अपने से दूर किया और अपनी उखड़ती हुई सांसो को दुरुस्त करने लगा कुछ ऐसा ही हाल उस पागल जाटनी का था

मैने कहा उर्वशी मेरे पास ना आ अगर मैं बहक गया तो फिर मुश्किल हो जाएगी बड़ी मुश्किल से संभाला है खुद को मैं तुझे खराब नही करना चाहता प्लीज़ इन घायल नज़रों से ना देख मुझे अगर मैं आज फिसल गया तो फिर सारी ज़िंदगी दिल पे बोझ रहे गा बारिश अब बेहद तेज हो गयी थी और ठंड भी अब तेज होने लगी थी

कैसी ये मृगतृष्णा थी कैसे हालत मे आज मैं आ गया था वरना ऐसी कोई चूत नही थी जिसपे दिल आने के बाद उसका मज़ा ना लिया हो पर इस मर्जानी की बात अलग थी ठंड से उसका बदन काँपने लगा था तो मैने अपनी जॅकेट निकाली और उसको ओढ़ा दी जब खड़े खड़े पैर दुखने लगे तो मैं पेड़ का सहारा लेकर बैठ गया गीली मिट्टी की खुसबू जो आई तो साथ काफ़ी यादे ले आई

उर्वशी साया फिल्म का गाना अये मेरी ज़िंदगी गुनगुनाने लगी थी तो मेरा ध्यान उसकी तरफ गया मैने कहा इधर आ और उसको अपने आगोश मे ले लिया मैं बोला देख जाटनी तू मुझसे एक वादा कर कि तू आज के बाद मुझसे कभी ना मिलेगी और ना ही कभी मेरे बारे मे सोचेगी मैं कुछ दिन मे यहाँ से चला जाउन्गा फिर ना जाने तकदीर कहाँ ले जाएगी

उर्वशी बस सुनती ही रही मैने कहा यार तू बहुत ही सच्ची लड़की है और मैं उतना ही कमीना तुझे अब क्या कहूँ तू खुद इतनी समझदार है बस कभी याद आ जाए तो एक सपना समझ कर भुला देना पर तेरा मेरा साथ अगर यही ख़तम हो जाए तो अच्छा होगा वरना तू भी दुखी और मैं भी

उसकी आँखो से झरता एक एक आँसू मेरे दिल मे छेद कर रहा था पर मैं भी तो मजबूर था ज़िंदगी मे इतना बेबस कभी नही हुआ था मैं अगर मिता ना होती तो एक पल ना लगाता इस छोरी का हाथ थामने मे . बादल अब और भी ज़ोर से गरजने लगे थे आज बारिश रुकना मुश्किल ही लग रहा था और हम दोनो शहर से दूर सुनसान मे फँस गये थे

हम दोनो खामोश बैठे थे कहने को शायद कुछ था पर ना वो बोल रही थी ना मैं दिल पे बोझ सा लग रहा था पर ये बोझ अच्छा था उस बोझ से जो उसको खराब करके मिलता शाम ढलने को आई थी वापिस अकॅडमी मे भी रिपोर्ट करना था हम तो साला बस बँध कर रह गये थे रूल्स मे . छाती मे दर्द सा होने लगा था अब करें भी तो क्या

उर्वशी मेरे पास आई और बोली कि अच्छा लगा तेरा साथ दो पल जो तेरे साथ बिताए खुल के जी ली ज़िंदगी इब जै मर भी जाउ तो कोई दुख ना सै मैने कहा ऐसा क्यो बोलती हो अभी तो पूरी लाइफ पड़ी है तुम्हारे आगे ये मुहब्बत भी अजीब है जहाँ होनी चाहिए वहाँ नही होगी और ना चाहते हुए भी हो जाती है इंसान तो बस फिर इसके इशारों पर नाचते है

 


बारिश अब और अंदर तक आने लगी थी तो हम पेड़ो के और अंदर चले गये यहाँ कुछ गर्मी भी थी और थोड़ा सूखा भी था तो कुछ आराम मिला उर्वशी कहने लगी कि अच्छा होता जै कभी तेरा मूह ना देखती मैने कहा जो कहना है कह ले निकाल ले तेरे मन की सारी भडास तो वो बोली जा कामीने तू जी अपनी जिंदगी मेरी फिकर ना करियो पर जाने से पहले एक काम कर्दे मुझे तेरे रंग मे रंग दे

ये उसका खुला निमंत्रण था मेरे लिए . उर्वशी का को मेरे जवाब का इंतज़ार था वो बोली अब इतना भी ना कर सकेगा मेरी खातिर तो मैने कहा जान भी माँग के देख एक पल मे दे दूँगा तेरे लिए पर मैं तुझसे प्रीत नही लगाउन्गा मुझमे इतनी हिम्मत नही है कि मैं तेरी प्रीत निभा पाऊ पर वो भी मगरूर जाटनी थी लगी बहस करने उसने कहा एक बात बता

मैने कहा दो पूछ वो बोली तेरा मेरा फिर क्या रिश्ता ये सुनते ही मुझे कुछ याद आ गया यही सवाल मैने कभी प्रीतम से पूछा था प्रीतम की याद आते ही दिल भी साला एमोशनल हो गया मैने अपनी आँखे पोन्छि और कहा कभी मैने भी किसी से यही बात पूछी थी मैं तेरे सवाल का जवाब ज़रूर दूँगा बस सांस लेने दे ज़रा

उर्वशी बोली अब बता भी दे मैने कहा तेरा मेरा रिश्ता ऐसा जैसे कि नदी के दो किनारों का साथ भी है और जुदाई भी है तेरा मेरा रिश्ता एक पवित्र बंधन है जो अनचाहे ही बँध गया है शायद तू समझ गयी होगी मैं बेचैन हो गया था मुझे लग रहा था कि कही इस दीवानी की तपिश मे कही मैं पिघल ना जाउ उर्वशी आज पता चल रहा था कि कैसे ऋषि विश्वामित्र को डिगा दिया था उसने

मैने कहा प्रेम-कहानियाँ उर्वशी , प्रेम कहानियाँ कुछ ऐसी ही है तेरी मेरी ये छोटी सी कहानी अगर इसको यही पे ना रोका गया तो तूफान आ जाएगा तेरा ना बिगड़ेगा कुछ पर मैं बह जाउन्गा और मेरे साथ मेरी प्रेयसी भी अब तू ही बता मैं क्या करूँ कैसे उसका हाथ छोड़ कर तेरा हाथ पकडू तो वो बोली तू जी अपनी जिंदगी मैं भी जी ही लूँगी किसी ना किसी तरह से

मैने उसके हाथ चूमे और कहा पर तू इस दिल मे हमेशा रहेगी दोस्त बनके अंधेरा घिरने लगा था और बारिश भी कुछ मंद हो गयी थी तो मैने कहा आजा अब चलते है तो फिर मैने स्कूटी स्टार्ट की और चल पड़े वापिस अपनी मंज़िल की ओर कुछ तो दिल पे बोझ और मोसम बेरहम और कुछ ये हसीन साथ उसका उसकी हर एक धड़कन अब भी जैसे मुझसे कई सवाल पूछ रही हो

जैसे तैसे अकॅडमी पहुच गये गेट पे एंट्री को लेकर बहस हुई तो उर्वशी ने मोर्चा संभाला उसने मुझे मेरे होस्टल के बाहर ड्रॉप किया और बोली तेरा फोन नंबर तो दे दे अब कदे कदे बात करन ते ना रोकियो इतना हक तो दे दिए मैने कहा हाँ ज़रूर नंबर लेने के बाद वो चली गयी और मैं उसको देखता ही रहा पता ही नही चला कब आँखो से दो आँसुओ ने गिरकर गालो को चूम लिया

उर्वशी चली तो गयी थी पर साथ मेरा चैन-सुकून भी ले गयी थी आज की रात भारी होने वाली थी पर अगर हम इतने ही कच्चे होते तो यहाँ आर्मी मे ना आते फोजी का सबसे बड़ा गुण यही होता है कि वो अपनी फीलिंग को दूसरो से बेहतर तरीके से कंट्रोल कर सकता है भूक ने दस्तक दे दी थी पेट मे डिन्नर टाइम भी ऑलमोस्ट हो ही गया था तो फटा फट मैने कपड़े चेंज किए और मेस मे पहुच गया

खाना खाने के बाद मैं वापिस आया तो सोचा कि घर पे फोन ही करलू तो पता चला कि फोन तो काम ही नही कर रहा है बारिश मे भीगने से ये खराब हो गया था ये नयी प्राब्लम हो गयी आउटपास आज ही तो लिया था तो नया फोन खरीदने जाने का सवाल ही नही था तो एक ठंडी आह भारी और सो गया

अगली सुबह और भी परेशानी सी भरी थी चूँकि अब लास्ट टाइम रेहेर्सल्स ही चल रही थी तो बड़े बड़े ऑफिसर्स परेड का इनस्पेक्षन करने आते थे बड़ी ही सावधानी रखनी पड़ती थी दोपहर तक हालत खराब हो गयी थी पर ये लास्ट एक हफ़्ता तो किसी ना किसी तरह से अड्जस्ट करना ही था मोबाइल खराब होने से मैं थोड़ा सा अजीब महसूस कर रहा था

शाम को ऑफ टाइम मे मैं पहुच गया अपने अड्डे पर मैने सॅंडविच का ऑर्डर दिया और अपनी कुर्सी पर बैठ गया कुछ ही देर मे उर्वशी भी आ गयी उसने कहा कि मैने तुझे फोन किया था पर मिल ही नही रहा था तो मैने उसको बताई कहानी तो वो बोली कि कोई ना मैं कल जब कॉलेज जाउन्गी तो तेरे लिए नया मोबाइल खरीद लाउन्गी तू बता कॉन सा लेगा

मैने कहा जो भी तुझे अच्छा लगे ले आना फिर हमारी बाते शुरू हो गयी उसके साथ टाइम पता नही कब निकल जाता था पता ही नही चलता था फिर मैने कहा आ एटीएम तक चलते है मैं तुझे पैसे भी दे देता हू वो बोली रहने दे मैं बाद मे ले लूँगी मैने कहा ठीक है फिर हम अपने अपने रास्ते हो लिए

 


अगला दिन भी भाग दौड़ के साथ आया जब मैं नाश्ता करने के लिए जा रहा था तो मूर्ति सर ने कहा कि शाम को तुम्हारी भाभी ने तुम्हें घर बुलाया है टाइम से आ जाना मैने कहा सर कोई खास बात है क्या तो वो बोले कि आज मेरे बेटे का बर्थ’डे है मैने कहा ये तो बहुत ही अच्छी बात है सर मैं आता हूँ

तभी मुझे कुछ सूझा मैने कहा सर दो मिनट के लिए आपका फोन यूज़ कर सकता हूँ क्या मेरा फोन खराब हो गया है सर का फोन लेके मैने उर्वशी को कॉल किया और कहा कि शाम को तू फ्री रहना मेरे साथ तुझे कहीं चलना है और शाम को तू एक काम कर एक बच्चे के लिए दो-चार बढ़िया वाले कपड़े खरीद लेना साइज़ ये होगा **** और एक बड़ा सा केक भी मस्त वाला मॅनेज कर लेना

वो पूछती रही कि किसके लिए तो मैने कहा तू अभी सवाल ना कर ऑफीसर के फोन से कॉल कर रहा हू शाम को मिलते है तो वो बोली तू चिंता ना कर काम हो जाएगा तो फिर पूरा दिन गान्ड घिसने के बाद शाम को 6 बजे मैं रेडी हो कर शॉपिंग सेंटर पर चला गया आधे घंटे बाद उर्वशी भी दन दनाती हुई आ गयी और बोली ले तेरा मोबाइल सबसे पहले

मैने कहा इसको रख ले बाद मे ले लूँगा वो बोली इतने प्यार से लाई हू खोल के तो देख नोकिया का एन72 मोबाइल जो उस जमाने मे काफ़ी हिट था मैने उसको थॅंक्स कहा आज भी वो मोबाइल रखा है मेरे सामान मे एक याद के रूप मे खैर, मैने कहा अब तू पीछे बैठ और मुझे चलाने दे और मैने स्कूटी दौड़ा दी पद्मिदनी के घर की ओर

मैने स्कूटी रोकी पहुच कर और उर्वशी को सारा समान लेकर आने को कहा गेट खुला तो था ही हम पहुच गये अंदर पद्मिकनी ने हमारा वेलकम किया पद्मिेनी ने उर्वशी को वेलकम ड्रिंक सर्व किया और मुझे अंदर आने को कहा जैसे ही मैं अंदर गया भाभी के सवाल शुरू हो गये पूछने लगी कि ये तुम्हारी गर्लफ्रेंड है मैने कहा नही बस दोस्त है भाभी नॉटी स्माइल देते हुए बोली इसको भी लपेट दिया क्या तो मैने कहा क्या आप भी

फिर थोड़ी देर बाद हम सबने मिलकर डेकोरेशन की और तैयारिया करने लगे तब तक उनका बेटा और मूर्ति सर भी आ गये फिर केक काटा गया और मस्ती शुरू हो गयी छोटी सी पार्टी थी कुछ ही लोगो को बुलाया गया था पर मुझे बहुत अच्छा लगा था इस परदेश मे बस ये तो था अपना छोटा सा परिवार तो फिर मैने कहा भाभी जल्दी से डिन्नर करवाओ मुझे तो निकलना होगा

आजकल नींद पूरी नही हो पाती थी और फिर लाइट्स ऑफ होने से पहले ही वापिस जाना था भाभी बोली कि तुम लोग किचन मे आओ जब हम गये तो भाभी ने प्लेट्स लगा दी और मैं और उर्वशी एक ही प्लेट मे खाना डाल कर खाने लगे वो भी क्या दिन थे आज बस तरसते है उन लम्हो के लिए बड़े से बड़े रेस्टोरेंट मे खाना खरीद सकते है पर वो प्यार कहाँ मिलता है पाता बताना ज़रा

भाभी ने कई चीज़े बनाई थी और वो भी घर पे बनी हुई तो खाने का मज़ा दुगना हो गया था एक बेहद ही मस्त टेस्टी डिन्नर के बाद उर्वशी बोली मैं बाहर वेट कर रही हूँ तुम जल्दी ही आ जाना मैने कहा अभी आया मैने इशारे से भाभी को अपने पास बुलाया और कहा कि कुछ जुगाड़ करो ना तो वो बोली कि मेरा बेटा है इधर तो पासिबल नही है

अपना तो दिल ही टूट गया मैने कहा कोई नही भाभी फिर उनसे विदा लेकर मैं बाहर आ गया उर्वशी ने स्कूटी स्टार्ट कर ली तो मैने कहा बंद कर इसको पैदल ही चलेंगे तो वो बोली यो के साइकल है मैने कहा मुझे दे मैं घसीटता हू इसको तो मैं स्कूटी को घसीटने लगा उर्वशी बोली ये लोग तुमको बड़ा मानते है मैने कहा यहाँ ये ही मेरी छोटी सी फॅमिली है जिसमे अब तुम भी हो

वो बोली छोरे तू भी ना अपने अंदर ही एक अलग ही दुनिया समेटे चले है भगवान से वो छोरी जिसने साजन के रूप मे तू मिलया सै अर म्हारी फूटी किस्मत जो तू पहलया ना मिला मैने कहा कोई ना अगली बार तेरा ही पति बनूंगा उर्वशी हँसने लगी और बोली मैं तो मीरा बानगी मेरे मोहन तेरे लिए अब तू माने ना माने मैने कहा ख़ुसनसीब होगा वो जिसकी तू दुल्हन बनेगी

वो बोली तू ही बना ले ना मने दुल्हन अर बन ज्या ख़ुसनसीब कसम खाऊ सूं जै तन्ने एक भी शिकायत का मौका दे दूं तो मैने कहा यार अब फिर से वही टॉपिक ना शुरू कर और मस्ती से जी वो बोली वैसे तूने अच्छा किया जो मुझे भी तेरी खुशियो मे थोड़ा हिस्सा दिया मैने कहा तू भी बन जा मेरे जैसी वो बोली ना रे मैं कित बन सकूँ सू तेरे सी

बात करते करते मैने उसको उसके घर तक छोड़ा और फिर तेज तेज कदमो से चलते हुए पहुच गया होस्टल मे तो दोस्तो ऐसे ही वो हफ़्ता भी गुजर ही गया और मेरी पासिंग आउट का दिन आ ही गया ये मेरी ज़िंदगी का एक बेहद इंपॉर्टेंट दिन था आज मैं पूर्ण रूप से फ़ौजी अफ़सर बन जाने वाला था सुबह से ही खुद को शाहरूक़ ख़ान से कम ना समझ रहा था मैं

फोन मे मिथ्लेश का एसएमएस था कि वो बस थोड़ी ही देर मे अकॅडमी मे पहुच जाएगी मैं नहा कर आया और फाइनल तैयारी कर ही रहा था की पापा का फोन भी आ गया उन्होने कहा कि बेटे हम लोग आ गये है और कुछ देर मे अकॅडमी मे आ जाएँगे आज का दिन ही मस्त था सब कॅडेट्स की फॅमिलीस आज आने वाली थी अकॅडमी का माहॉल आज अलग सा लग रहा था

आज मैने ने ड्रेस पहनी आज मेरे रोम रोम मे एक नया अहसास हो रहा था और फिर थोड़ी देर बाद मैं पहुच गया ग्राउंड मे सभी गेस्ट्स अपनी अपनी जगह ले चुके थे प्रेसीडेंट हमारे चीफ गेस्ट थे तो फिर शुरू हुआ अंतिम सफ़र हर एक लम्हे के साथ यहा गुज़रे हुए पल याद आने लगे दिल मे एमोशन्स भी थे तो खुशी भी थी अपने परिवार का पहला लौंडा जो ऑफीसर बना मैं

 


आज मेरी गर्दन कुछ ज़्यादा ही ऊँची हो गयी थी बहुत गान्ड घिसी थी मैने इस लम्हे के लिए आज धूप मे भी एक खनक थी हमारे जोश से आज इंडियन मिलिटरी अकादमी भी आज झूम उठी थी और फिर आख़िर हमने आख़िरी पग भी ले ही लिया स्टार्स शोल्डर्स पर लग गये थे कसम परेड ख़तम हो गया थी अब टाइम था फॅमिली से मिलने का

मैं दौड़ कर गया तो देखा कि पूरी फॅमिली ही आ गयी थी मम्मी, पापा , चाचा-चाची, चाची का पेट बाहर को फूला हुआ था प्रेग्नेन्सी की हालत मे भी वो मेरे लिए आ गयी थी ताऊ-ताइजी रवि-अनिता साक्षी गुड़िया भी थोड़ी बड़ी और हो गयी थी मेरी आँखो मे आँसू आ गये पर नज़रें अभी भी किसी को ढूँढ रही थी जब वो चेहरा दिखा तो दिल को ठंडक मिली

मिता, मेरी जान एक कोने मे कुर्सी पर बैठी थी मैं दौड़ कर गया और उसका हाथ पकड़ कर ले आया भाभी तो उसको देखकर ही खुश हो गयी मिता ने सर पर चुन्नी डाली और सबके पैरो को स्पर्श किया अब पापा और भाभी तो मिता को जानते थे पर मम्मी को कुछ समझ ना आया तो वो बोली ये लड़की कॉन है तो मैने कहा पापा से पूछ वो बताएँगे

तो पापा ने बात टालते हुए कहा कि ये इसकी दोस्त है मम्मी मुझे घूर्ने लगी अब माँ तो माँ होती है ना हम लोग बात-चीत कर ही रहे थे कि तभी उर्वशी ने भी दर्शन दे दिए आते ही बोली कि सॉरी यार थोड़ा लेट हो गयी अब घरवाले मूह फाडे तो मैने कहा कि पापा ये उर्वशी है और परिचय करवाया आज का दिन बन गया था मेरा पापा ने बताया कि वो गाड़ी बुक कर के लाए है और रात तक वापिस निकल जाएँगे

मैने कहा एक दो दिन तो रुक जाते तो उन्होने कहा कि मजबूरी है बस आ गये किसी तरह से ये ही बहुत है मम्मी बोली अब छुट्टी कब आएगा तो मैने कहा अभी कुछ पता नही जब मिलेगी तब आ जाउन्गा अकॅडमी मे ही आज लंच का इंतज़ाम था विदाई की दावत थी तो हम सब लोग लंच के लिए चले गये मिता अनिता भाभी से चिपकी हुई थी उर्वशी बोली कि वो शाम को मिलेगी और खिसक ली

शाम ढलते ढलते घरवाले भी रवाना हो गये अब बचे दो पंछी मैं और मिता मैने कहा मिता तू तो रुकेगी ना तो वो बोली कि हम 1-2 रुक जाउन्गी तो मैने कहा आ मैं तेरा जुगाड़ करता हू मैने पद्मिीनी को फोन किया और कहा कि भाभी मिथ्लेश आई है क्या दो दिन आपके घर रुक जाए तो भाभी ने कहा अरे ये भी कोई कहने की बात है तू उसको यहाँ ले आ

मैने कहा अभी आया भाभी और मिता को कहा कि आजा तेरे रुकने का इंतज़ाम हो गया है मिता बोली फालतू मे तकलीफ़ कर रहे हो मैं होटेल मे रूम ले लूँगी मैने कहा मेरी जान ठहर जा इधर ही और देख कि आर्मी लाइफ कैसी होती है आगे तुझे भी तो ऐसे ही माहौल मे रहना है तो वो बोली कि अब बातों मे तो तुमसे कोई नही जीत सकता चलो चलते है

पद्मि नी ने मिता का अच्छे से वेलकम किया और कहा कि तो वो तुम हो जिसने हमारे ऑफीसर का दिल चुराया है मिता शरमा गयी मैने कहा आप लोग बातें करो मैं चलता हू कल मिलते है रात पूरी आँखो आँखो मे कट गयी फोन मिता को जान के नही किया अगर रात भर बात करता तो अच्छा नही लगता क्योंकि वो किसी और के घर मे थी रात कटी तो सुबह हुई

आज का दिन फ्री था अब ना ट्रैनिंग की चिंता थी ना किसी और बात की एक दो दिन मे पोस्टिंग ऑर्डर्स हाथ मे आ जाने थे फिर पंछी उड़ जाना था नये बसेरे की ओर अब एक सुनहरा भविष्य बस दो कदम दूर ही खड़ा था आँखो मे हज़ार सपने थे एक छोटे से गाँव का लौंडा आज फौज मे लेफ्टिनेंट बन गया था और क्या चाहिए था ज़िंदगी से

 
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