• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

ज़िंदगी भी अजीब होती है Restart



मैने बस इतना कहा कि जब आप बुलाएँगी तभी हाज़िर हो जाउन्गा और वहाँ से निकल पड़ा जब मैं वापिस आ रहा था तो रास्ते मे ना जाने क्यो दिल गुनगुनाने लगा काफ़ी टाइम बाद मुझे काफ़ी खुशगुवार लग रहा था दिल कहने लगा कि एक चूत का और जुगाड़ हो गया है पर इधर ड्यूटी भी थी जब मैं पोस्ट पर पहुचा तो साथी ने पूछ ही लिया कि सर आज बड़ा खुश लग रहे है

तो मैने बात बदलते हुए कहा कि कुछ नही यार आज मोसम बड़ा अच्छा है तो वो बोला सर मोसम तो हमेशा ही अच्छा रहता है इधर कोई और बात है पर मैने जैसे तैसे बात टाल ही दी पर दिल तो झूम ही रहा था फिर दो चार दिन ऐसे ही गुज़र गये मैं पोस्ट पर ही पड़ा रहता था

एक शाम थोड़ा अंधेरा सा हो गया था मैने सोचा कि आज मोहतार्मा के दीदार कर आता हू ड्यूटी तो पहले से ही ऑफ हो गयी थी तो मैने कपड़े चेंज किए और उनकी दुकान पर पहुच गया बस एक दो ग्राहक ही थे क्योंकि वो अक्सर दुकान शाम को जल्दी ही बंद कर दिया करती थी

अपने को तो बस उनके दीदार से मतलब था तो पहुच गये वो मुझे देखते ही बोली वैसे तो अब दुकान बंद ही हो गयी है पर अगर चाहे तो मेरे साथ चाइ पी सकते है मेरे घर पर और नाश्ता भी मिलेगा मैने कहा मोहतार्मा ये कश्मीर है और यहाँ कोई किसी फोजी को घर पर यूँ नही बुलाता है तो वो बोली बेशक आप फोजी है पर मेरे लिए आप अल्लाह के बंदे है

अगर आप आएँगे तो हमे सुकून मिलेगा तो मैने कहा ठीक है जी तो मैं उसके साथ उसके घर पहुच गया वो बड़े ही सादगी से बोली आप बैठिए मैं अभी आती हू और कोई दस मिनट बाद चाइ और बिस्कट ले आई हम दोनो अब चाइ की चुस्किया ले रहे थे पर बातचीत नही हो रही थी तभी उसने पूछा कि जी आप उस्दिन ये क्यो बोले के मार दे इसको मुझे क्या

मैने कहा अरे आप उस बात को सीरीयस ना ले वो तो थोड़ी कंडीशन ऐसी थी तो उसको उलझाने के लिए बोल दिया वो बोली कि अगर उसने हमे सच मुच मे मार दिया होता तो मैने कहा जी फिर मैं वहाँ किस लिए था किसकी मज़ाल जो मेरे होते हुए आप को छू भी जाए तो वो हँस पड़ी और बोली आप पहले फोजी है जो अच्छे लगे बाकी तो बस अवाम पर ज़ुल्म ही करते है

मैने कहा जी ऐसा कुछ भी नही है हम जो भी कर रहे है आप लोगो की दह्शत्गर्दो से हिफ़ाज़त के लिए ही कर रहे है फिर वो बोली कि चलिए इन बातों को छोड़िए चाइ ठंडी हो रही है आप उसका लुफ्त ले घर मे कोई दिख नही रहा था तो मैने कहा कि आप अकेली रहती है क्या

तो उसने बताया कि नही उसके शौहर भी है पर वो कुछ दिनो के लिए बाहर गये हुए है तो उनकी गैर-मोजूद्गी मे वो ही दुकान का काम संभाल रही है वरना तो बाकी टाइम वो सिलाई और नक्काशी का काम ही किया करती है मैने कहा ये तो बहुत ही अच्छी बात है उसमे एक कशिश सी थी और खूबसूरत तो वो बला की थी और उसकी सादगी ने उसके नूर को और भी रोशन कर दिया था

जब वो चाइ के बर्तन उठा रही थी तो वो थोड़ा सा झुकी तो मेरी नज़र उसकी चूचियो पर पड़ी पर बस एक झलक ही थी पर अंदाज़ा हो गया कि माल तो ठोस है पर अभी थोड़ी देर थी तो बस नज़ारा ही ले लिया फिर मैने कहा कि जी अब इजाज़त दीजिए वापिस ड्यूटी पर जाना है तो वो बोली कि आपका जब भी दिल करे इसी वक़्त आप चाइ पीने सीधे घर पर ही आ जाया करे

मैने कहा जी ठीक है और उसको सलाम कहकर वापिस पोस्ट पर आ गया पोस्ट पर आया तो मेसेज था कि सीओ साहिब ने अर्जेंट बुलवाया है तो मैं फिर बेस कॅंप चला गया वहाँ जाकर पता चला कि मीडीया मे एक प्रेस कान्फरेन्स होनी है आतंकवादी हमले के उपर तो मैने कहा सर मुझे इन लफडो मे नही पड़ना है आप ही हॅंडल करो तो वो बोले माइ सन ये तुम्हारा टास्क था

जो भी किया तुमने किया है तुम बहादुरी से लड़े ऑल क्रेडिट ईज़ युवर्ज़ तो अब इधर भी तुम ही लीड करो उन्होने कहा फटा फट से ड्रेस पहनो और ऑडिटोरियम मे आ जाओ जब मैं वहाँ गया तो वहाँ सभी बड़े ऑफिसर्स थे सभी की चेस्ट पर इतने मेडल्स कि चेस्ट कम पड़ गयी पर मेडल्स बहुत थे तो फिर प्रेस की क्वेस्चन्स शुरू हुए कुछ आसान थे

 


पर जल्दी ही वो ह्यूमन राइट्स की पीपनी बजाने लगे तो मुझे गुस्सा आ गया मैं वहाँ से जाना चाहता था पर सीओ साहिब ने इशारे से मुझे बैठे रहने को कहा कोई 1 घंटे तक बस सवाल जवाब होते रहे मुझे प्रेस का रवैया बिल्कुल भी अच्छा नही लगा इस फालतू के काम के बाद मैं डिन्नर के लिए ऑफिसर्स मेस चला गया आज कुछ मुर्गा शुरगा लेने का मन हो रहा था

डिन्नर कर ही रहा था कि हमारी यूनिट के एक सीनियर ऑफीसर आ गये उन्होने बताया कि जल्दी ही मेरा नाम सेना मेडल के लिए भेजा जाएगा मैने कहा सर मुझे तो इस बारे मे कुछ पता नही है पर अंदर ही अंदर मैं खुश हो गया था फिर मैने कहा सर मुझे घर जाना है तो छुट्टी का कुछ करवा दो तो उन्होने कहा कि यार सीओ साहिब ने सबकी छुट्टिया रोक के रखी है

मैने कहा सर सीएल ही दिलवा दो तो वो बोले यार मैं तेरी रेकमेंडेशन तो कर दूँगा बाकी तो अब साहिब ही जाने हम पर तू एक –दो दिन का आउट पास लेना चाहे तो मैं अभी साइन कर दूँगा मैने कहा नही सर इधर कहाँ घमना फिरना पर थॅंक्स ऐसी कोई बात होगी तो मैं ज़रूर बताउन्गा फिर मैं पोस्ट पर नही गया दो चार पेग लगाए और बटालियन मे ही सो गया

अगले दिन जब मैं उठा तो सर भारी भारी सा हो रहा था रात का नशा अभी भी हिट कर रहा था शूकर है कि फील्ड एरिया मे पीटी-परेड नही होती वरना अपनी तो लग जाती रेडी होके पोस्ट पर गये तो पता चला कि सब राज़ी खुशी है फिर मैने अख़बार लिया तो पता चला कि कल की प्रेस-कॉन्फ्रेंसे के बारे मे छपा है और हमेशा की तरह आर्मी को ही विलेन बनाया गया है

तो दिल खट्टा हो गया मेरा साथी बोला सर जी इधर ऐसा ही होता है आप क्यो उदास होते हो आप की नयी पोस्टिंग है कुछ दिन गुज़ार लोगे तो सारा सिस्टम समझ आ जाएगा मैने कहा यार ये बात नही है बात ये है कि मुझे घर जाना है अरसा हो गया छुट्टी नही मिली है वो बोला साहिब इधर ऐसा ही है पीस मे पोस्टिंग होती तो आसानी होती अब बरफ पिघलेगी तो ही बात बनेगी

वो बेचारा भी मेरी हालत समझता था क्योंकि वो भी एक फोजी ही था आज सबकुछ तो था मेरे पास पर बस छुट्टी ही नही थी तो भाई दिल को समझाया और ड्यूटी बजाने लगे आज का साला दिन भी कुछ ज़्यादा लंबा हो गया था ये तो शूकर था कि फोज मे दो-दो घंटी मे ड्यूटी चेंज होती है बार बार मेरी निगाह दूर कोने मे चाइ की दुकान पर जा रही थी तो

हमारा हवलदार चुटकी लेते हुए बोला साहिब चाइ तो थरमास मे भी रखी है पर आपको वो कहाँ पीनी है और हँसने लगा मैने कहा यारा बस ऐसे ही थोड़ा सा टाइम पास है और कुछ नही तो वो बोला साहिब सही है आप तो यूनिट के हीरो हो और अफ़सर भी हो आप की तो मोज है मैने कहा तू दिन रात मेरे साथ रहता है कहाँ है मौज उस रात को मर जाते तो मौज निकल जाती तो वो थोड़ा सा सीरीयस हो गया

जैसे तैसे शाम हुई तो मैने कपड़े चेंज किए और पॅंट की जेब मे हाथ डाले घूमते घामते पहुच गये मोहतार्मा के घर उसने अपनी मुस्कुराहट के साथ मेरा स्वागत किया और मुझे घर के अंदर बुला लिया वो बोली आप दो पल इंतज़ार की जिए मैं अभी चाइ बना कर लाती हू तो मैने कहा आप बेकार तकल्लूफ़्फ ना करे मैं तो बस आपसे मिलने आया हू

तो वो पास वाली कुर्सी पर बैठ गयी और बोली कि जी कहिए हुजूर आपकी खिदमत मे क्या कर सकते है मैने कहा जी आप ने अभी तक आपका नाम नही बताया तो उसने कहा जी मेरा नाम महक है मैने कहा बड़ा ही अच्छा नाम है उसने शुक्रिया कहा मैं उसको साँचे मे ढालना चाहता था पर बिना किसी जल्दी के क्योंकि अगर वो बुरा मान जाती तो पंगा हो जाता

और फिर नोकारी पे भी बन सकती थी पर ये साला चूत का नशा भी अजीब होता है इंसान से कुछ भी करवा सकता है और हम तो फिर भी थर्कि इंसान थे बातों का सिलसिला आगे बढ़ाते हुए मैने कहा कि आपके शौहर कब तक आएँगे उस से भी मिल लेते तो वो बोली कि जी जब पर्ली पार की बरफ पिघलेगी आवाजाही होगी तभी आ पाएँगे मतलब कि अभी देर थी उसके आने मे

तो बात बन सकती थी रात गहराने लगी थी बातों का सिलसिला जारी था उसकी आँखो मे मुझे कुछ दिख रहा था मैने आख़िर दाँव खेलने का सोचा और कहा कि आपका अकेले का टाइमपास कैसे होता है वो बोली जी पूरा दिन तो दुकान मे निकल जाता है शाम को घर का काम हो जाता है फिर खाना पीना करके सो जाते है मैने कहा मिया जी की याद तो आती होगी

वो कहने लगी सरकार याद से क्या होता है ज़िंदगी कहाँ आसान है हमारी काम भी करना पड़ता है तब कुछ जुगाड़ कर पाते है मैने कहा मैं कुछ मदद कर सकता हू क्या तो वो बोली नही हुजूर आपका पहले से ही बड़ा अहसान है ये साँसे आपकी ही देन है आपका तो अहसान हम कभी नही उतार पाएँगे

मैने कहा ऐसा कहकर आप बस मुझे शर्मिंदा कर रही है अगर आप ऐसा फिर कहेंगी तो मैं चला जाउन्गा तो वो बोली जी मेरी इल्तिजा आपको नागवार गुज़री उसके लिए माफी चाहूँगी बातों को आगे बढ़ाते हुए मैने कहा कि क्या आप मेरा एक काम करेंगी तो वो बोली जी कहिए

मैने कहा मुझे यहाँ आए हुए थोड़ा ही अरसा हुवा है सहर के बारे मे ज़्यादा मालूमात नही है क्या आप मुझे सहर घुमा लाएँगी आप लोकल हो तो मुझे सहर को समझने मे थोड़ी मदद हो जाएगी तो वो बोली जी ये वादी है आपकी दिल्ली या मुंबई नही यहाँ अगर औरत अजनबी के साथ घूमेगी तो कयामत हो जाएगी मैने कहा पर आप मैं तो अजनबी नही है

तो वो बोली ये बात आप और मैं समझते है पर अवाम नही समझती है यहाँ के क़ानून अलग है अगर कुछ उल्टा सीधा हो गया तो तलवारे निकलते देर नही लगती है हाँ पर मैं आपकी मदद ज़रूर कर दूँगी मेरी पहचान मे कोई है मैं उनसे बात करूँगी वो पक्का आपकी मदद कर देंगे अब कॉन समझाए उसको कि हमे तो बस एक बहाना चाहिए था उनके दीदार करने का

 


काफ़ी टाइम हो गया था तो फिर मैने उनसे इजाज़त ली और वापिस आ गया इधर आए हुए महीना होने को था पर फिर भी यहाँ के हालत को मैं बेहतर तरीके से समझ नही पाया था क्योंकि आज तक जहाँ मैं रहा था वो जगह यहाँ से तो बहुत ही अलग थी यहाँ हर कोई खुल कर नही जीता था हर तरफ एक डर सा था लोग हम से ज़्यादा आतंकवादियो का सपोर्ट करते थे

अब कॉन समझाए उनको कि फोज वहाँ बस उनकी हिफ़ाज़त के लिए ही तो थी पर मैं कर भी क्या सकता था हमे तो बस ड्यूटी बजानी थी और गंद घिसनी थी तो दिमाग़ पे कुछ ज़्यादा ज़ोर नही डाला रात को अचानक से ऋतु मॅम का फोन आ गया तो वो बड़ी ही नाराज़ थी क्योंकि मैने कई दिनो से उनको फोन नही किया था पहले तो उन्होने जमकर क्लास ली फिर पोस्टिंग का पूछा

मैने उनको सब कुछ तस्सल्ली से बताया और ये वादा भी किया कि मैं जब घर जाउन्गा तो उनसे मिलकर ही जाउन्गा तो वो बोली कि मैं कुछ दिनो के लिए ऋषिकेश घूमने जाउन्गी तो तुम बता देना फिर प्लान कर लेंगे मैने कहा जी ओके फिर कुछ और बातों के बाद उन्होने फोन रख दिया उनका फोन रखा ही था कि मेरा फिर से फोन बज उठा ये घर से था

चाचा का फोन था उन्होने बताया कि तेरी चाची को लड़का हुवा है तो तू अब जल्दी से छुट्टी लेकर घर आजा मेरे लिए ये बड़ी ही खुशी की बात थी मैने उन्हे बधाई दी और कहा कि मैं जल्दी ही आने की कोशिश करता हू सच्ची मे दिल खुश हो गया था मैने अपने साथियो को ये बात बताई पर मिठाई का अगले दिन कहा क्योंकि रात को दुकाने बंद थी

कभी कभी जब घर की याद आ जाती तो दिल उदास हो जाया करता था मैं दिलो जान से चाहता था कि जल्दी से जल्दी अब घर पहुचु पर कुछ बात बन नही रही थी मिलिटरी को घाटी मे बहुत प्रॉब्लम्स फेस करनी पड़ रही थी महॉल ठीक नही था पिछले कुछ दिनो मे बादशाम इलाक़े मे अलगाववादियो और सेना मे पंगा चल रहा था और एक दिन ऐसे ही हमारे इल्लाके मे भी कुछ कॉलेज स्टूडेंट्स और सेना मे झड़प हो गयी

तो करफ़ू लगाना पड़ा हालत ऐसे थे कि अब छुट्टियों की बात करता तो चूतिया लगता चारो तरफ कब्रिस्तान सा सूना पन था ये वही कश्मीर था जिसे धरती पर स्वर्ग कहा जाता था मैं अपनी टीम के साथ कभी पोस्ट पर रहता तो कभी फ्लॅग मार्च मे घंटा रहता था कोई करफ़ू तोड़ने की कोशिश करता तो उसको धर लेते बाजार बंद होने से महक की तरफ भी नही जा पा रहा था

अबकी बार करफ़ू भी लंबा खिंच गया था और उपर से टाइट ऑर्डर्स के कारण कुछ घंटो की ढील भी नही दे रहे थे तो एक शाम की बात है मैं पेट्रॉल्लिंग से वापिस आ रहा था कि मैने देखा कि कुछ सोल्जर्स ने एक औरत को पकड़ा हुआ है मैं उधर गया तो पता चला कि वो महक थी मुझे देखते ही वो अपनी बाँह छुड़ा कर मेरी ओर भाग गयी

मैने पूछा कि इन्हे क्यो पकड़ा है तो पता चला कि महक ने करफ़ू तोड़ा है है मैने कहा कोई बात नही मैं इन्हे पर्सनली जानता हू आप लोग इन्हे मुझे हॅंडोवर करे और जाए मैं देख लूँगा तो वो लोग चले गये फिर मैं महक की तरफ मुखातिब हुआ और कहा आप क़ानून क्यो तोड़ रही थी तो वो गुस्से से बोली कि मेरे घर मे राशन ख़तम हो गया है मुझे खाना खाना था

अब आपने सख्ती की हुई है तो हमारा मरना हो गया है मैने कहा उपर से ऑर्डर है मैं क्या करू पर उसकी आँखो मे मुझे आक्रोश दिखा मैं उसकी परेशानी समझता था पर कुछ कर भी नही सकता था मैं उसको उसके घर ले गया और कहा कि आप यही रुकना बिल्कुल भी बाहर नही निकलना मैं आपके लिए कुछ लेकर आता हू मैने अपने साथी को फोन किया और सबसे पास की आर्मी कॅंटीन का अड्रेस लिया

तो पता चला कि सबसे पास तो बस हमारी यूनिट ही है तो मैं बटालियन मे चला गया कॅंटीन से जितनी मेरे कार्ड की लिमिट थी उस सब का ग्रोस्सरी का सामान ले लिया और महक के घर की ओर चल पड़ा रास्ते मे मैं सोच रहा था कि आज अगर महक की चूत मारने का चान्स बन जाए तो मज़ा ही आ जाए तो मैं अपने विचारो मे मगन उसके घर पहुच गया और उसको बॅग दिया

मैने कहा इसमे ज़रूरत का कुछ समान है करफ़ू हटने तक तुम्हारा काम इस से चल जाएगा तो प्लीज़ अभी तुम रूल मत तोड़ना वो बोली मदद का शुक्रिया मैने कहा एक दोस्त दोस्त के काम नही आएगा तो कॉन आएगा वो बोली जी घाटी मे औरत मर्द दोस्त नही हो सकते है मैने थोड़ी हिम्मत करते हुए उसका हाथ पकड़ लिया और कहा कि आप मेरी कसम खाकर कहो कि आप मुझे दोस्त नही मानती है

तो उसने अपनी नज़रो को झुका लिया मैं समझ गया कि इसके दिल मे भी कुछ है तो मैने कहा कि मैं तो फोजी हू आज यहाँ कल यहाँ बस यादो मे ही जीता हू आपकी भी कुछ यादे ही रहेंगी पास तो वो बोली अब आप तो हमे रुसवा करने लगे मैने कहा रुसवा तो आप हमारी दोस्ती को कर रही है वो बोली जी अगर किसी को पता चल गया कि हमने गैर मर्द से दोस्ती की है तो

हमारे लिए बड़ी मुश्किल हो जाएगी मैने कहा गैरो को कॉन बताएगा ना आप बताएँगी ना मैं तो महक कहने लगी कि बाते बहुत ही अच्छी करते है आप मैने कहा और आप बेहद ही खूबसूरत है तो वो थोड़ा सा शर्मा गयी और कहा आप तो बस यू ही तारीफ़ कर रहे है मैने कहा लो जी अब हम सच बोले तो वो झूट मानते है

 


वो बोली अब आप जो कहना चाहे कह सकते है आप और थोड़ा सा हँस पड़ी उसका हाथ तो मैने पहले से ही पकड़ा हुवा था तो मैने उसको खीचा मेरी ओर तो वो आगे को आ गयी और मेरे सीने से आ लगी वो तुरंत ही पीछे हटना चाहती थी पर मैने अपनी भुजाओ की पकड़ मजबूत करदी और उसको अपने सीने से लगा लिया

वो मेरी बाहों मे कसमसाने लगी तो मैने उसको जाने दिया उसके गोरे गाल एक मिनट मे ही सुर्ख हो गये थे वो बोली ये ये आपने क्या किया मैने कहा अपने दोस्त को गले लगाया वो शायद कुछ और भी कहना चाहती थी पर हया के कारण कुछ कह ना पाई मेरे लिए ये एक दम पर्फेक्ट टाइम था क्योंकि अभी मुझे पता चलना था आगे के रास्ते का

महक बोली आगे से ऐसा ना करना अगर कोई देख लेगा तो हमारी क्या आबरू रह जाएगी मैने कहा इसमे ग़लत क्या है अब अपने दोस्त को गले लगाना भी गुनाह-ए-अज़ीम हो गया है आपकी नज़रो मे वो बोली अब मैं आपको कैसे समझाऊ मैं उसके और पास गया अब हम दोनो बिल्कुल आमने सामने खड़े थे मैने एक उंगली उसके मुलायम होटो पर रखी

और उस से कहा कि श्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह कुछ भी कहने की ज़रूरत नही है तुम्हे बस दो पल खामोश रहो वो कुछ संभलती उस से पहले ही मैने उसकी पतली कमर मे अपना हाथ डाला और उसको अपनी गिरफ़्त मे ले लिया महक का बदन घबराहट से काँपने लगा जैसे ही वो मेरे आगोश मे आई उसकी चूचिया मेरे सीने से सट गयी

मेरे शरीर मे भी करंट दौड़ गया अब जो हो वो देखा जाए ये सोचते हुए मैने तुरंत ही अपने प्यासे होंठो को उसके शबनमी लबों पर रख दिया और उनको खाने लगा मैं दूसरा हाथ उसके कुल्हो पर ले गया और उनको मसल्ने लगा महक अलग होना चाह रही थी पर मेरी पकड़ मजबूत थी तो 3-4 मिनट तक मैं बस किस ही करता रहा

ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरे मूह मे रूह आफ्ज़ा मिली मलाई घोल दी हो जब मैं हटा तो देखा कि महक का चेहरा पूरी तरह से लाल हो गया था वो पास रखी हुई कुर्सी पर बैठ गयी और नज़रो को झुका लिया मैं भी उसके पास ही बैठ गया और उसके हाथ को सहलाते हुए उस से पूछा कि क्या हुआ अच्छा नही लगा क्या पर वो खामोश बैठी रही

कुछ देर मैने उसके जवाब का इंतज़ार किया पर वो वैसे ही बैठी रही तो मैने कहा कुछ तो बोलो महक तो उसने मेरी ओर देखा और कहा मैं क्या बोलू आपने हमे छू लिया अगर किसी को पता चल गया तो हम तो मर ही जाएँगे मैने कहा और किसी को बताएगा कॉन अब टाइम था खुल के अपनी बात कहने का तो मैने गला खंखारा और कहा

महक देखो अब मैं तुमसे अपने दिल की बात कहने जा रहा हू आप बेहद ही खूबसूरत है जब पहली बार आपके दीदार हुए तो ही मेरा दिल मचल उठा था मैं झूट नही बोलूँगा और अब सीधी बात ही करूँगा महक आप मुझे बहुत ही अच्छी लगी मैं आपका दोस्त बन ना चाहता हू बल्कि सच कहूँ तो दोस्त से कुछ ज़्यादा

वो बोली जी मैं कुछ समझी नही तो मैने कहा कि देखो बात ये है कि मैं अकेला हू आप भी अकेली हो कुछ अरसे के लिए तो क्यो ना हम दोनो कुछ टाइम एक दूसरे के साथ गुज़ारे ये मेरा ओपन इन्विटेशन था उसके लिए मैने कहा महक आपके लिए ये चीज़ आसान नही होगी मैं जानता हू पर मेरी यही आरज़ू है

अगर इस भाग दौड़ भरी ज़िंदगी मे कुछ सुकून के पल आपके साथ गुज़ारने को मिले तो मेरे लिए इस से बेहतर कुछ नही होगा पर आप पे कोई ज़ोर नही है आप चाहे तो मना भी कर सकती है और वैसे भी दोस्त के रूप मे तो आपका साथ है ही मैने अपने मन की उसको बता दी थी अब बस इंतज़ार था उसके जवाब का

 


महक असमंजस मे पड़ गयी थी कि क्या कहे मैने कहा आपको अभी जवाब देने की ज़रूरत नही है आप आराम से सोच लीजिए अगर हाँ है तो ठीक और ना है तो भी ठीक मैं उस से बात कर ही रहा था कि तभी मेरी वॉकी-टॉकी पे मेसेज आया तो मैने कहा अभी मुझे जाना पड़ेगा आप मेरा मोबाइल नंबर ले लो और अगर आपकी हाँ हो तो फोन कर देना

ये कहकर मैं उसके घर से आ गया पर दिल मे दुधक लगी थी कि अगर मना कर देगी तो क्या होगा बॅंकर मे आया हाथ मूह धोया और थोड़ी देर लेट गया कुछ थकान भी थी तो आँख लग गयी जब मैं सोकर उठा तो शाम हो गयी थी 7 बज रहे थे फोन देखा तो कुछ नही था

दिल को थोड़ी सी निराशा हुई पर हम क्या करे मैने सोचा कई दिन हो गये है उर्वशी से ही बात कर लूँ तो फोन मिला दिया पहली रिंग मे ही फोन पिक हो गया हाई हेलो के बाद पता चला कि वो अपने गाँव मे आई हुई है और थोड़े दिन वही पे रहेगी मैने कहा ये तो अच्छी बात है उसने कहा फोजी मिलने कब आएगा मैने कहा छुट्टी मिलते ही

उसने बताया कि उसके कॉलेज मे प्लेसमेंट मेला लगेगा तो उसको क्या पता किसी अच्छी कंपनी मे जॉब मिल जाए मैने कहा टेन्षन ना ले तुझे तो अच्छी कंपनी ही मिलेगी वो बोली फोजी जे तू ब्याह कर लेता तो मैं इन झमेलो से बच जाती तेरी रोटी बना देती और ऐश से रहती मैने कहा यार तू तो अब भी मेरी ही है तो वो हँस पड़ी

उसकी हसी से मेरा दिल झूम उठा ज़िंदगी मे ले दे कर ये ही तो कुछ दोस्त बने थे बल्कि दोस्त कम ये भी मेरा परिवार ही थे मैने कहा यार इधर छुट्टी की मारा मारी चल रही है बोला तो है देखो कब तक कुछ होता है फिर आउन्गा तुमसे मिलने को वो बोली पापा से फोन कर्वाऊ क्या तेरी छुट्टी के लिए तो मैने कहा नही यार क्या पता अगले वीक तक वैसे ही हो जाए

वो बोली जो भी हो देख लेना अगर नेक्स्ट वीक तक कुछ ना हो तो मैं पापा से बोलकर अड्जस्ट करवा दूँगी फिर दो चार बात और मैने फोन रख दिया दिमाग़ और भी ज़्यादा खराब हो गया था पर तकदीर पर किसिका बस थोड़ी ना चलता है तो दो दिन और गुजर गये पर महक की तरफ से कुछ भी कैसा भी रेस्पॉन्स नही आया था उस्दिन सुबह सुबह

मुझे यूनिट मे तलब किया गया और बताया गया कि पास के एक गाँव मे कुछ मिलिटेंट्स ने एक स्कूल मे बच्चो को पकड़ लिया है तो वहाँ पर टीम भेजी जा रही है और तुम भी टीम का हिस्सा हो ये सुनते ही मुझे तो झटका लग गया उस दिन तो किस्मेत से बच गये थे अब फिर इतने लोग है बटालियन मे हमारी गंद ही मिली मारने को जैसे तैसे सूखे गले से जी सर कहा

पर अंदर से मैं बस जैसे रोने को ही था तो पंद्रह बीस मिनट बाद कुल 16 लोगो की हमारी टीम चल पड़ी अपने मिशन पर ये सभी लोग तो ऐसे हँस बोल रहे थे जैसे की पिकनिक पर जा रहे हो और मैं चुप चाप बैठा था सर को झुकाए उस रात तो किस्मेत की मेहरबानी से सर्वाइव कर लिया था पर आज पता नही क्यू मैं कुछ ज़्यादा ही घबरा रहा था

 


मेरे सीनियर ने मुझे थोड़ा सा पानी दिया और कहा चिंता मत करो तुम ज़िंदा ही वापिस आओगे बस मेरी कही बात पर विश्वास रखना और अपने हौसले को टूटने ना देना अपने साथियो पर विश्वास रखना तुम अपने से आगे वाले को संभालना तो पीछे से कोई तुमको भी संभाल लेगा होसला बनाए रखना तुम नये हो तो वैसे भी हम तुम्हे पीछे ही रखेंगे तुम्हे यहाँ लाने का मकसद बस तुम्हे एक्सपीरियेन्स देना ही है सो डॉन’ट वरी

फिर माहौल को हल्का करने को कुछ हँसी मज़ाक शुरू हो गया और हम लगभग 45 मिनट बाद उस गाँव मे एंटर हो गये लोकल पोलीस ने चार्ज लिया हुआ था पर उनके बस की बात कहा थी तो उनको रिलीव किया और हमने पोज़िशन ले ली ऑर्डर क्लियर था कि किसी भी गाँव वाले या बच्चे , टीचर को नो कैजूअल्टी पर इसमे एक पंगा था कि स्कूल की लोकेशन चारो तरफ से ओपन थी

तो अब ज़रूरत थी एक नया प्लान बनाने की पर ये टास्क बिल्कुल भी आसान नही होने वाली थी प्लान के मुताबिक हम लोग चार चार की टीम्स मे बॅट गये पर दिन मे बेहद मुश्किल था कुछ भी करना क्योंकि हम टोटली उनकी रेंज मे थे और उपर से उनका प्लस पॉइंट था कि स्कूल मे बच्चे उनकी गिरफ़्त मे थे मैने बिना पूछे सलाह दे डाली कि सर डाइरेक्ट आंबश करते है

सभी टीम वाले मेरा मूह देखे मैने कहा सर देखो बात सिंपल सी है अगर हम ये सोचेंगे कि उनके पास प्लस पॉइंट है तो फिर हम कुछ नही कर पाएँगे पर अगर हम कॉनटर अटॅक करेंगे तो एक बार तो उनकी टाँगे कांप ही जाएँगी रहा सवाल कि बच्चो का तो वो उनको टच भी नही करेंगे क्योंकि जब उन पर प्रेशर आएगा तो वो उन्हे ही शील्ड बनाएँगे

पर अपना आइडिया उनको सही नही लगा और वैसे भी मैं टीम लीडर तो था नही तो फिर मैने चुप ही रहने का सोचा दोपहर का टाइम था पसीना बह चला मेरी गंद मे क्योंकि बस अब कार्यवाही का टाइम हो ही गया था समझो तो हमने टुकड़ो मे बॅट कर स्कूल को घेर लिया पर प्राब्लम ये थी कि खुला एरिया होने से हम उनकी फुल रेंज मे थे

मैं स्कूल के मेन गेट के पास एक पेड़ की आड़ मे छुप गया और इंतज़ार करने लगा कि पहली स्ट्राइक कॉन करता है और फिर जैसे ही पहली गोली चली महॉल मे गर्मी बढ़ गयी जल्दी ही बस फाइरिंग का शोर सुनाई दे रहा था मैने एके-56 को तो पीठ पर लटकाया और फटा फट से पेड़ पर चढ़ गया और अपनी दूसरी वाली गन स्नाइपर के लेंस को सही करके ज़ूम किया और स्कूल के फर्स्ट फ्लोर पे छुपे आतंकवादी पर सेट कर दिया

और जैसे ही मेरी रेंज मे आया ट्रिग्गर दबा और उसकी खोपड़ी खुल गयी बस यही साला गजब हो गया पहली लाश गिरते ही मामला आर पार का हो गया स्कूल के अंदर से चारो तरफ अंधाधुंड फाइरिंग हो रही थी तो मजबूर होके मुझे भी पेड़ से उतरना पड़ा और भाग कर स्कूल की वॉल की ओट लेनी पड़ी हम ब्लूटूथ से सब एक दूसरे के कॉंटॅक्ट मे थे

अभी तक सभी सही थे तो भी दिल को सुकून मिला पर मामला उलझता ही जा रहा था हमारे टीम लीडर ने कहा कि ऐसे तो स्कूल मे घुसना बेहद मुश्किल है तो मैने फिर अपना मूह खोलते हुए कहा कि सर हमे अंधेरा होने तक का इंतज़ार करना चाहिए और फिर अंधेरा होने के बाद स्कूल मे घुस जाएँगे फिर देख लेंगे असल मे मेरे दिमाग़ मे एक आइडिया आ गया था

मैने कहा सर अगर आप ठीक समझे तो बस मुझे कैसे भी करके स्कूल की बिल्डिंग मे एंटर करवा देना बाकी मैं संभाल लूँगा पर साहिब नही माने पर मैने डिसाइड कर लिया था कि रात होते ही मैं मामले को सॅल्टा दूँगा

उन्होने कुछ सोचा और कहा कि पर इस प्लान मे मॅग्ज़िमम रिस्क है और अगर उन्होने तुम्हे पकड़ लिया तो बहुत प्राब्लम हो जाएगी तो मैने कहा सर खून ख़राबा तो होना ही है ना जल्दी से मिशन को ख़तम करते है और चलते है फालतू मे टाइम वेस्ट करने का कोई सवाल ही नही है

तो कमॅंडिंग इंचार्ज ने कहा कि बच्चे खून गरम है तुम्हारा हालात को समझो अंदर बच्चे भी है उनकी सेक्यूरिटी हमारी मॅग्ज़िमम प्राइयारिटी है तो मैने कहा जैसा आप समझे और वापिस आकर पोज़िशन लेकर बैठ गया और सोचने लगा कुछ आक्च्युयली में महक के बारे मे सोच रहा था वैसे जान गले मे अटकी थी पर ये चूत का चक्कर भी अजीब होता है

 


आस पास रुक रुक कर फाइरिंग हो रही थी पर मुझे तो चूत का ख़याल आ रहा था अब इन चीज़ो पर किसका ज़ोर चलता है शाम भी हो ही रही थी पर हालत काबू मे कुछ लग नही रहे थे मैं स्कूल की दीवार की ओट लिए पड़ा था तभी एक गोली बिल्कुल मेरे बाजू के बॅस से गयी और दीवार मे धँस गयी हाई राम ये क्या हुवा मेरी तो गंद फट के हाथ मे आ गयी

तो फिर से दुबक कर मैं बैठ गया मुझे गुस्सा चढ़ आया पर ऑर्डर के बिना कुछ नही कर सकता था तो मैने भी दो चार राउंड ऐसे ही फाइयर कर दिए किसी को लगे तो ठीक ना लगे तो ठीक तो फाइरिंग का जवाब फाइरिंग से ही आया और वो भी दना दन शुरू हो गये कभी हम गरजे तो कभी वो पर फिर साला गजब ही हो गया मुझे तो बिल्कुल भी अंदाज़ा नही था की

उनके पास हाइ एक्सप्लोसिव्स भी होंगे एक हॅंड ग्रीनेड आया और जिस दीवार से हमने ओट ली हुई थी उस से थोड़ी दूर ही फट गया तो दीवार की ऐसी तैसी हो गयी एक पल मे ही दीवार मलबे मे बदल गयी और अपनी हालत भी मलबे जैसे ही हो गयी धूल मिट्टी से कुछ दिखाई ना दिया मिट्टी मेरे मूह मे भर गयी आँखो को कुछ दिखाई ना दे लगा जैसे कि शरीर से जान बस निकल ही गयी

जब धूल कुछ हटी तो देखा कि मैं और मेरे तीन साथी उस दीवार के मलबे के नीचे दबे पड़े है मेरी वर्दी जगह जगह से फट गयी थी और कोहनी से खून बह रहा था जैसे तैसे करके मैं मलबे से बाहर आया और फिर थोड़ी हिम्मत करके अपने साथियो को भी बाहर लेकर आया शूकर था कि किसी को भी सीरीयस इंजुरी नही हुई थी पर एक की हालत ख़स्ता हो गयी थी

मेरी कोहनी मे बहुत दर्द हो रहा था आँखो से आँसू निकल पड़े गले से आवाज़ तो निकली ही नही शूकर था कि हेल्मेट पहने होने से सर बच गया था वरना आज तो हो गया था निपटारा हमारे दूसरे साथी तुरंत ही हमारी ओर दौड़ते हुए आए और हमको संभाला उन्होने मुझे थोड़ा सा पानी दिया तो कुछ सांस आई चोट तो कई जगह लगी थी पर गरम खून मे इतना दर्द महसूस नही हुआ

मैने फटा फट से फर्स्ट एड ली तो कुछ आराम आया टीम लीडर अब मुझे पीछे रखना चाहते थे पर मैं ठहरा अपनी मर्ज़ी का मालिक मैने कहा सर मैं ठीक हू और मिशन पूरा करूँगा मैने दो चार पेन किलर्स और गटकी और गन संभाल ली हल्का हल्का सा अंधेरा भी होने लगा था मैने कहा सर आप मुझे एक चान्स तो दो मेरा दिमाग़ खराब हो रहा है

तो वो बोले तुझे वैसे भी इंजुरीस हुई है तू क्यू मरने की जल्दी कर रहा है मैने कहा सर ज़िंदा ही रहूँगा तो वो हँस पड़े और बोले कि बेटा फिल्मी डाइलॉग मत मार और तू ध्यान से फाइनल प्लान सुन क्योंकि अब साथी कम हो गये है तो हम कुछ चेंज कर रहे है पर मैने उनकी बात पे ध्यान नही दिया क्योंकि मैने सोच लिया था कि मुझे क्या करना है

सला चोट तो मुझे लगी थी खून मेरे शरीर से टपक रहा था हालत टाइट थी पर अब दिमाग़ गरम हो गया था मेरा डर कही छुमन्तर हो गया था बस अब किसी की गंद तोड़ने का मन कर रहा था मैं बस इंतज़ार कर रहा था कि रात का काला अंधेरा महॉल को अपने आगोश मे ले और मैं तहस नहस कर दूं सबकुछ उस टाइम बस मेरे दिमाग़ मे चल रहा था कि बस ख़तम करो अब इस को

तो मैने अम्मो लोड किया ड्रेस तो फट ही गयी थी तो एक गार्ड जॅकेट डाल ली और ऑर्डर को तोड़ते हुए अंधेरे का फ़ायदा उठा कर स्कूल कॉंपाउंड मे दाखिल हो गया पर मेरे पास नाइट विषन ग्लास नही थे तो प्राब्लम थी मैने सोचा कि अगर किसी उसे किया तो फिर बड़ी मुसीबत हो सकती है तो मैने गन को पीठ पर डाला और खोकरी को निकाल लिया

और धीरे धीरे से एक एक कमरे को बड़ी ही सावधानी से चेक करने लगा दो कमरो मे कुछ ना मिला तो मैं गॅलरी की ओर बढ़ा यहाँ पर कुछ हलचल दिखी तो मैं मुस्तैद हो गया और कोने मे छुप कर खड़ा हो गया और इंतज़ार करने लगा कि कब वो मेरी ओर आए कोई 8-10 मिनट बाद एक आदमी मेरी ओर आने लगा जैसे ही वो मेरी रेंज मे आया

मैने उसको अपनी ओर लिया और उसके मूह पर हाथ रखते हुए उसकी गर्देन रेत डाली एक मिनट से भी कम समय मे उसकी लाश मेरे पाँवो मे पड़ी थी पेनकिलर लेने से थोड़ा आराम तो मिला था पर टीस तो उठ ही रही थी बदन मे पर फ़र्ज़ सामने खड़ा था छोटे छोटे बच्चे कब से उन कमिनो की क़ैद मे थे बाहर से मेरी टीम भी काउंटर अटॅक कर रही थी कुछ सोल्जर्स अंदर भी घुस गये थे

 


मैने इतनी देर मे नीचे का पूरा फ्लोर चेक कर लिया था एक को मैने मार दिया था और तीन चार मेरी टीम ने सॅल्टा दिए थे मैने टीम लीडर को बताया कि मैने नीचे का पूरा फ्लोर चेक कर लिया है ऑल क्लियर है तो उन्होने मुझे कहा कि मैं बाद मे लूँगा तेरी क्लास मैने कहा सर आप सभी एंटर कर जाओ अभी बातों का टाइम नही है टास्क करते है

तो आलम ये था कि उपर का फ्लोर था पूरी तरह से बुक सभी बच्चो और टीचर्स को उन्होने वही पे बंदी बनाया हुवा था नाइट विषन ना होने से मुझे गुस्सा आने लगा था मैने टीम लीडर को कहा कि सर मैं फर्स्ट फ्लोर पर एंटर कर गया हू आप बॅकप मे रहना पर अभी बिल्कुल फाइरिंग ना करना एक बार मैं हालात का आइडिया ले लू फिर रिपोर्ट करता हू

जल्दी ही मुझे पता लग गया कि कुल 9 लोग थे वहाँ पर और एक्सप्लोसिव के साथ थे मुझे लगा कहीं ये वो वाले जेहादी ना हो जो खुद को ही उड़ा लेते है क्योंकि वो साले मूडी होते है कुछ भी कही भी धमाका कर लेते है मैने हौले से कॅप्टन साहिब को कहा कि 9 बंदे है आप बॅक अप रेडी रखो मैं शॉट लगाने जा रहा हू वो मुझे रोकते रहे पर मैने स्नाइपर को लोड किया और खामोशी से एक को धर लिया

मैने लगातार खामोशी से टारगेट हिट किया और एक के बाद एक 2-3को लटका दिया अब छत्ते को छेड़ा तो मधुमक्खियाँ तो काटे ही गी तो मेरी तरफ एक एक्सप्लोसिव आया और ईटो के साथ मैं पीछे की तरफ फीक गया फिर कुछ याद ना रहा यारो वो पल क्या हुआ कुछ पता नही अपने होश खो गये

जब मुझे होश आया तो मैं हॉस्पिटल बेड पर था आँखे ठीक ढंग से खुल नही रही ती उठने की कोशिश की तो उठने मे भी बड़ी दिक्कत हुई पर तकिये का सहारा पीठ को देकर मैं बैठ सा गया दिमाग़ मे कुछ हॅंगओवर सा हो रहा था याददाश्त पर कुछ ज़ोर दिया तो याद आया वो पल जब वो घटना हुई थी कि तभी नर्स आ गयी उसने मुझे देखा और कहा

कि आप ऐसे क्यो बैठ गये और उसने मुझे फिर से लिटा दिया और कहा कि आप आराम करे मैं अभी डॉक्टर को बुला कर लाती हू और रूम से बाहर चली गयी थोड़ी देर बाद डॉक्टर आ गया उसने मुझे एग्ज़ॅमिन करना शुरू किया और बताया कि आपकी किस्मेत वाकाई मे बड़ी ही अच्छी थी जो उस ब्लास्ट मे आप बस घायल होकर रह गये है थॅंक गॉड बस कुछ छोटे ही आई है

तो पता चला कि मेरे पैर और पीठ मे चोटे लगी थी और चेहरे पर भी कुछ जख्म हो गये थे मैने डॉक्टर से पूछा कि सर मैं वापिस ड्यूटी कब जाय्न कर सकता हू तो वो बोले अरे अभी कहाँ ड्यूटी 4 दिन मे तो आपको आज होश आया है अभी आपको कम से कम 20-25 दिन तो बेड रेस्ट करनी ही पड़ेगी उसके बाद फिर से एग्ज़ॅमिन करूँगा फिर फाइनल डिसिशन होगा

मैने कहा सर कोई सीरीयस इंजुरी तो नही है ना कही जॉब मे कुछ प्राब्लम ना हो जाए वो बोले अभी तो नही लगती है पर पैरो की सिचुयेशन पे मेरी नज़र है फिर डॉक्टर ने कहा कि अभी तुम रेस्ट करो ज़्यादा बात मत करो और फिर मुझे विश करके निकल गया तो मैने अपने आँखो को मूंद लिया और विचार करने लगा एक महीन रेस्ट मतलब मैं होली पे घर नही जा पाउन्गा

मेरा दिल बहुत हो उदास हो गया कहाँ तो मैं बस जल्दी से घर जाने की सोच रहा था कहा ये नयी मुसीबत मोल ले ली थी मैने फालतू मे हीरो गिरी के चक्कर मे ये पहली बार था जब मेरी चाह पूरी नही हो रही थी मुझे घर की बड़ी याद आने लगी थी घर मे प्रोग्राम भी था पर फिर तकदीर को कोस कर सबर कर लिया , कर भी तो नही सकता था मैं कुछ

शाम को कर्नल साहिब पर्सनली मिलने आए हाल चाल पूछा थोड़ी देर बात चीत की और कहा कि हेल्त गेन करो अच्छे से अभी दिमाग़ मे कोई टेन्षन नही लेना जल्दी से फिट होकर ड्यूटी पर आओ आइ वॉंट बॅक माइ सोल्जर सून कोई आधा घंटा वो मेरे पास रुके वैसे तो वो कड़क ऑफीसर थे पर यहाँ उनका व्यवहार फॅमिली मेंबर जैसा ही था अच्छा लगा

तो भाई लोग अब हॉस्पिटल ही घर था अपना कुछ टाइम के लिए ज़ख़्म भी ताज़ा थे और दिल भी रो रहा था मैने नर्स से कहा कि सिस्टर आप मेरी यूनिट मे मेसेज भेज कर वहाँ से मेरा फोन मंगवा दो मुझे घर पे कॉल करनी है तो उसने कहा कि वो मेरा मेसेज फॉर्वर्ड कर देगी खाली पड़े टाइम पास भी तो नही होता था तो मैने सोचा कि घर पे बात हो जाएगी तो कुछ दिल हल्का हो जाएगा

पर अपने को तो पनोती लगी थी मुझे बताया गया कि ब्लास्ट मे मेरा मोबाइल भी टूट कर बिखर गया था ये मेरे लिए बड़ा सॉक था कंगाली मे आटा गीला वाली बात हो गयी थी अब मैं क्या करू जैसे तैसे करके वहाँ पर दिन काटने लगा पर दिन भी कुछ ज़्यादा ही लंबे हो गये थे पर दिन थे बीत जाने ही थे कैसे भी करके तो मैं भी अपना फोकस हेल्त गेन पर ही करने लगा

 


समय गुज़रता गया ज़ख़्म भी भरने लगे थे ताक़त भी लोटने लगी थी तो कोई 40-45 दिन बाद मैं हॉस्पिटल से डिसचार्ज होके यूनिट मे रिपोर्टिंग कर रहा था कड़क वर्दी पहने मैं सीओ साहिब के सामने खड़ा था मेरी फाइल टेबल पर खुली पड़ी थी सीओ के साथ ऑफीस मे एक मेजर और एक हमारी यूनिट के कॅप्टन भी थे मैं आया तो ड्यूटी जाय्न करने था पर यहाँ तो मामला ही अलग था

सीओ साहिब ने मुझे बैठने को कहा और कहा कि ऑफीसर सबसे पहले तो कंग्रॅजुलेशन की आप पूरी तरह से फिर होकर वापिस आ गये है पर मैं आपसे नाराज़ भी हू उन्होने कहा आप पर इल्लीगेशन है कि आपने अपने सीनियर का ऑर्डर फॉलो नही किया जिसकी वजह से आपकी जान ख़तरे मे पड़ी और आपकी टीम को टास्क कंप्लीट करने मे मुश्किल का सामना करना पड़ा

आप जिस कार्यवाही का हिस्सा थे वो कोई स्कूल-कॉलेज का कोई गेम नही था मैं मानता हूँ आप बहादुर हो एनेर्जेटिक हो पर आर्मी के अपने रूल्स है एक ट्रडीशन है आपने रूल तोड़ा आपकी एक ग़लती की वजह से पूरी राष्रीआ य रायफ़ल्स का सर झुक सकता था और फिर आपकी खुद की जान जाते जाती बची है अभी आपको रिस्पोन्सबिलिटी लेनी होगी दिल तो कर रहा है कि आपको क्वॉर्टर गार्ड दे दूं

पर आपने पिछले मिशन मे बड़ी ही जबरदस्त ब्रेव पर्फॉर्मेन्स दी थी और फिर अभी आप काफ़ी टाइम हॉस्पिटल मे बिता के आए हो तो बस वॉर्निंग देकर छोड़ रहा हू और उम्मीद करूँगा कि आगे से आप की वजह से आरआर का नाम बस रोशन ही होना चाहिए और आपकी सज़ा ये है कि मैं आपका नाम सेना मेडल के लिए फॉर्वर्ड करने वाला था वो अब नही होगा

आप अपनी पोस्ट जाय्न करें और हाँ एक बात और बतानी थी कि कुछ दिन मे आपकी दो महीने की छुट्टी सॅंक्षन कर रहा हू ताकि आप अपने घर जाकर अपने परिवार के साथ कुछ टाइम स्पेंट कर सके मुझे पता है कि आप को काफ़ी टाइम हो गया है घर गये हुए ये सुनते ही मेरे चेहरे पे मुस्कान आ गयी मैने उनको थॅंक यू कहा और एक ज़ोरदार सल्यूट बजाकर अपनी पोस्ट पर जाने की तैयारी करने लगा

तो गाड़ी से मुझे मेन एरिया तक छोड़ दिया गया मुझे अपने लिए नया मोबाइल भी लेना था पर फिर सोचा कि अब कुछ दिनो मे घर जा ही रहा हू वही जाकर ले लूँगा वहाँ जाकर सभी से गले मिला सभी ने मुझे वापिस देखकर अभिवादन किया सभी खुश हो गये थे मैने पिछले दिनो की रिपोर्ट ली तो पता चला कि सब ऑल ओके है फिर थोड़ी और रिपोर्ट ली और एक जवान को कहा कि यार एक मस्त चाइ पीला तो वो चाइ लेने चला गया

तभी मेरा हवलदार जो मेरा अच्छा दोस्त बन चुका था उसने बताया कि साहिब वो जो सामने चाइ की दुकान वाली है ना वो कई बार आ चुकी है और हर बार आप को ही पूछ कर चली जाती है मैने कहा और तूने क्या बताया उसको तो वो बोला कि मैने उसको बताया कि आपको इंजुरीस हुई है और आप एमटी मे है मैने कहा यार इंटर्नल बाते काहे लीक की

वो कहने लगा सर उसने कहा कि वो आपकी दोस्त है और उसको बड़ी फिकर भी थी आपकी तो मैने उसको बता दिया मैने कहा लास्ट टाइम कब आई थी वो तो उसने कहा कि साब कल शाम को आई थी मैं घड़ी में टाइम देखा तो शाम के चार हो रहे थे तो मैने सोचा कि 6-6.30 के आस पास महक से भी मिल लूँगा

ना जाने क्यू मुझे घर की बड़ी याद आ रही थी तो मैने अपने साथी से कहा कि यार तू संभाल मैं ज़रा एसटीडी तक होके आता हूँ यार घर की याद आ रही है फोन कर लेता हू तो दिल को अच्छा लगेगा तो वो बोला जी सर आप जाइए मैं पैदल ही चलते हुए एसटीडी पर पहुच गया और घर का नंबर लगा दिया दो चार घंटी के बाद मम्मी ने फोन उठाया

मैने उनको नमस्ते किया और हाल चाल पूछा पर उनके उलाहने शुरू हो गये वो बोली अब तुझे माँ की याद आई है कमिने तेरे जैसा और भी नोकरी करता है कोई गाँव मे और भी फोजी है सब चक्कर लगाते ही रहते है पर एक मेरा बेटा है जिसका तो घर से मोह ही छूट गया है मैने कहा मेरी प्यारी मम्मी नाराज़ ना हो जल्दी ही घर आउन्गा वो बोली हर बार ऐसे ही बोलता है

 


अब उन्हे क्या बता ता कि डेढ़ महीना तो हॉस्पिटल मे काटा था उसके बेटे ने तो हँसते हुए माँ के उलाहने को ले लिया और कहा कि मम्मी साहिब ने कहा है कि इस हफ्ते के लास्ट तक पक्का छुट्टी का जुगाड़ हो जाएगा तो वो बोली बेटा तेरे बिना घर अब सूना सूना लगता है उन माँ बाप का भी क्या जीना है जिनका एक्लोता बेटा सरहद पर पड़ा रहता हो यहा किसी चीज़ की कमी थोड़ी ना थी तुझे

ना नोकरी मिलती तो खेती कर लेता कम से कम घर पर तो रहता मम्मी की बाते मेरे कलेजे को चीर रही थी पर वतन के रखवाले के हाथ बँधे थे करता भी तो क्या सब कोई हमें कहलो हम अपना हाल-ए-दिल किसके आगे कहे फोजी की मजबूरी तो बस फोजी ही समझे कई दिन बाद बात हो रही थी तो लंबी तो होनी ही थी मम्मी के हज़ार शिकवे थे मैने पूछा मम्मी घर पे सब ठीक है

तो वो बोली हम सब ठीक है साक्षी अब बोलने लगी है सारा दिन घर मे रोनक रहती है उसकी घर को तो अनिता ही संभालती है मेरे पैरो मे कुछ तकलीफ़ सी है तो खीतो मे नही जा पाती हू फिर तेरी चाची का बच्चा अभी हुवा है तो वो भी बस ज़्यादातर आराम ही करती है तो मैने कहा चाची से बात कर्वाओ ज़रा तो वो बोली अभी बुलाती हू चाची की भी वो ही शिकायत थी वो नाराज़ होते हुए बोली कि बच्चे के कुआँ-पूजन पर क्यू नही आया

तू तो अभी से ही पराया हो गया है हमे तो भूल ही गया है तू उनकी शिकायते अपनी जगह थी पर अपना हाल कोई ना पूछे मैने कहा अगले हफ्ते तक आ जाउन्गा घर पे फिर जी भर के अपनी भडास निकाल लेना मुझे भी घर की बहुत याद आती है पर मेरी भी मजबूरियाँ है तो वो बोली कि कम से कम एक फोन तो कर सकता है ना हमे बस तेरी ही चिंता लगी रहती है

तो मैने बताया कि चाची मेरा फोन टूट गया था और मैं इतना बिज़ी था कि बाज़ार निकल ही नही पाया अभी भी एसटीडी से ही फोन कर रहा हू मैं जानता हू कि सभी घर वाले नाराज़ है पर मैं आके सबको मना लूँगा मैने थोड़ी शरारत करते हुए कहा बेटा कैसा है तो वो बोली चुप बदमाश जीजी इधर ही है आजा फिर आराम से देख लेना बेटे को

दिल खुश हो गया था इस दुनिया मे कहीं भी रह लो पर जब घर की तडप उठती है दिल मे तो बस फिर एक हुड़क सी चढ़ जाती है कि पंख लगा के पहुच जाउ जल्दी से आधे घंटे से भी ज़्यादा टाइम हो गया था बात करते करते तो फिर मैने कहा कि चलो अब रखता हू ड्यूटी के बीच से आया था तो फिर मैं पीसीओ से बाहर आ गया शाम हो चली थी आकर ड्यूटी संभाल ली

ड्यूटी तो क्या थी बस चूतिया पन्ति थी फालतू की शाम हो गयी थी ठंडी ठंडी हवा चल रही थी अच्छा लग रहा था तो 7 बजे मैने अपनी ड्रेस चेंज की और हवलदार को कहा कि यार मैं बाजार जा रहा हू कुछ काम से आते आते थोड़ा लेट हो जाएगा वो बोला सर जी कोई ना इधर कॉन सा चेकिंग आने वाली है आप आराम से आना मैने उसको थॅंक्स कहा

और टहलते टहलते महक की दुकान की ओर चल पड़ा दुकान खुली थी पर भीड़ नही थी वैसे भी शाम के टाइम उधर भीड़ ना के बराबर ही रहती थी तो मैं एक स्टूल पर बैठ गया महक दुकान के अंदर नही थी तो मैने छोटू को चाइ का ऑर्डर दिया और महक का इंतज़ार करने लगा थोड़ी देर बाद वो भी आ गयी और मुझे देख कर जैसे उसके चेहरे पर एक नूर सा आ गया

वो मेरी ओर देख कर मुस्कुराइ और शायराना अंदाज मे बोली कि “वो आए हमारे घर पर कभी हम उनको कभी हम अपने घर को देखते है” मैने उसके सलाम का जवाब दिया वो मेरे पास आई और बोली अब तबीयत कैसी है आपकी तो मैने कहा अब ख़ैरियत से है आपकी दुआ से जान बच गयी है तो वो बोली कि जब मुझे पता चला तो मेरे पैरो तले ज़मीन ही खिसक गयी

खुदा का शूकर है कि आप सही सलामत है मैने उसको थॅंक्स कहा तो उसने कहा आप का फोन कई मर्तबा मिलाया पर मिला ही नही मैने कहा कि हाँ मेरा फोन टूट गया था तो अभी नया नही लिया है मेरी चाइ तो कब की ख़तम हो गयी थी बस बाते ही चल रही थी मैने कहा आज दुकान बंद नही करनी क्या तो वो बोली कि बस करूँगी कुछ लम्हो बाद

मैने कहा अब मैं चलता हू तो वो बोली अगर मैं एक इल्तीज़ा करू तो आप मानेंगे मैने कहा आप कह कर तो देखिए तो वो बोली कि क्या आज आप मेरे साथ खाना खाएँगे मेरे घर मैने कहा अरे इसमे पूछने की क्या बात मैं तो इसी चक्कर मे रहता हू कि कब कोई घर का खाना खिलाए वरना फौज की दाल किसे भाती है तो वो बोली कि आप कुछ टाइम बाद घर आ जाना तब तक मैं पका लूँगी

 
Back
Top