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ज़िंदगी भी अजीब होती है Restart

राज शर्मा स्टॉरीज पर पढ़ें हजारों नई कहानियाँ

मैने धीमे से उसका नाम पूछा तो उसने कहा उषा उमर को बीस इक्कीस की होगी चूची छोटी छोटी सी थी किसी बड़े वाले नींबू जैसे फिगर तो कुछ ख़ास नही था पर अब ये ही जुगाड़ था तो अब ये ही सही

बस मे घोर अंधेरा छाया हुआ था मैने उस को अपने पास खीचा और उसके सूट के उपर से ही उसकी छोटी छोटी चूचियो को मसल्ने लगा वो आहे भरने लगी कुछ ही देर मे उसने मेरे लंड पर अपना हाथ रख दिया और पेंट के उपर से ही उसको सहलाने लगी अब चूत चाहे कैसी भी हो होती तो चूत ही है ना मैने उसके सूट को थोड़ा सा उपर किया और ब्रा के उपर से ही चूचियो को मसल्ने लगा उषा भी मुझे कुछ चुदासी ही लगी वो भी कुछ ज़्यादा ही रेस्पॉंड कर रही थी मैने उसके सूट को उपर सरका दिया और ब्रा के उपर से बोबो को पूरी ताक़त से मसल्ने लगा जिसका रिक्षन कुछ यू दिया उसने कि उसने मेरी पॅंट को खोल कर नीचे कर दिया और मेरे लंड को अपने हाथ से ज़ोर से हिलाने लगी कुछ देर तक उसको स्मूच करने के बाद मैने उसके कान मे धीमे से लंड चूसने को कहा तो वो बिना शरमाये नीचे बैठ गयी और मेरे लंड को मुँह मे ले लिया और ऐसे चूसने लगी जैसे कि किसी ब्लू फिल्म की हेरोयिन लंड चूस रही हो बड़ी ही अदा से वो लंड के सुपाडे को चूमते हुए मुझे मज़ा देने लगी थी वो अपनी जीभ को गोल गोल करते हुए मेरे लंड को चूस रही थी कुछ ही पॅलो मे उसने पूरे लंड को अपने गले तक उतार लिया था तो मैने उसके सर को अपने हाथो से पकड़ लिया और कमर हिलाते हुए उसके मुँह को छोड़ने लगा उषा गगगगगगग्गगुउुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुउउ गगगगगगगगगगगगग्गगुउुुुुउउ करने लगी 5-7 मिनट अच्छे से उसको लंड चूसाया फिर मैने उसको खड़ी किया और उसकी सलवार और पैंटी को उतार कर साइड मे रख दिया और उसको बस की सीट पर लिटा दिया मैने पर्स से कॉंडम निकाला और अपने लंड पर चढ़ा लिया और उषा की सुखी सुखी टाँगो को फैला के अपने लिए रास्ता बनाया और लंड को उसकी चूत पर टिका दिया जैसे ही आधा लंड चूत मे गया उषा के बदन मे दर्द की लहर उठ गयी वो दर्द भरी आवाज़ मे बोली आहह उूउउइईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई मुंम्म्ममममममममममममममय्ययययययययययययी कितना मोटा है तुम्हारा माणिईीईईईईईईईईईईईईईईई तूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ गाइिईईईईईईईईईईई आज्ज्जज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज मीईईईईईईईरर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्रृिईईईईईईईईईई तो ऊऊऊऊऊ फ़ाआआआआआआअटततटटटटटटटटटटटटटटटतत्त हीईीईईईईईईईईईईईईईईई गयी आज्ज्जज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज तो मैने कहा आज तक तू लुल्ली से ही चुदि होगी चल अब लंड का भी मज़ा ले और दो तीन धक्को मे ही पूरा लंड उषा की चूत मे पहुचा दिया उसस्स्स्स्स्शहााआअ दर्द सीईईईईई दोहरी हो गयी ओूऊऊऊओ बूऊओलीइीईईई कीईईईईईईईईईईई आज्ज्जज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज तूऊऊऊऊऊऊ तुमनीईईईईईई फफफफफफफफफफफफफफफफफफ़ाआआआआआाााद्द्द्द्द्द्द्दद्ड हीईीईईईई द्दददाााआआाालल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लीइीईईईईईई और आवाज़ करने लगी तो मैंन झट से अपने मुँह से उसके मुँह को लॉक कर दिया अब उसकी आवाज़ मेरे मुँह मे ही घुट के रह गयी तो मैं लगा अब लंड को आगे पीछे करने उषा के होंठो को पीते पीते मैं चूत के मज़े लेने लगा था थोड़ी देर मे उषा की ट्रेन भी मस्ती के प्लतेफोर्म पर आ गयी और वो भी अपनी गान्ड को उचका उचका कर चुदाई का मज़ा लेने लगी अब उसको लंड मोटा नही लग रहा था पच पुच की आवाज़ बस मे आ रही थी तो इस तरह से 30-35 मिनट तक उषा की बुरी तरह से चुदाई की मैने और फिर डिसचार्ज हो गया मैं उसके उपर से उतरा कॉंडम को निकाल कर वही बस मे ही फेक दिया कपड़े सही किए और फिर सावधानी से वहाँ से खिसक लिए पार्टी अभी चल ही रही थी फिर खाना वाना खाया और एक दो पेग और टिका दिए

चूँकि रात को पार्टी थी तो अगले दिन का ऑफ मिला था तो मैं भी लेट ही उठा उस दिन कई दिन की नींद पूरी करली मैने तो दोपहर को मैने सोचा कि क्यो ना एक दो समोसे ही खा लू तो मैं शॉपिंग सेंटर पहुच गया तो मैने देखा कि वहाँ पर मूर्ति सर की वाइफ भी थी उनके पास दो बॅग थे तो मैं उनके पास चला गया उनको नमस्ते किया तो वो बोली कि अरे तुम यहाँ कैसे तो मैने कहा कि माँ समोसे खाने आया हू तो उन्होने कहा आओ घर चलो मैं तुमको मस्त डोसा और संभर खिलाती हू तो मैने उनके दोनो बॅग उठा लिए और उनके साथ उनके घर आ गया ब्लू जीन्स और पिंक टॉप मे वो बड़ी ही जबरदस्त लग रही थी बॅग थोड़े भारी थे तो मैं उनसे थोड़ा सा पीछे रह गया उनकी गान्ड बड़ी ही भारी थी और जीन्स मे तो और भी कयामत लग रही थी मेरा मन डोलने लगा था कोई दस मिनट बाद मैं उनके घर था मैने सामान रखा और सोफे पर पसर गया अपनी एक बात थी कि मैं कभी फॉरमॅलिटी के चक्कर मे नही पड़ता था मॅम बोली कि कुछ पियोगे तो मैने कहा जी ठंडा पानी तो उन्होने मुझे बॉटल ला कर दी और फिर मुझसे बाते करने लगी कि मैं कॉन से ट्रेड मे हू कहाँ से बिलॉंग करता हू वाईगरे वाईगेरा कुछ ही देर मे वो मुझसे काफ़ी फ्रॅंक हो गयी और मैं तो उनकी सुंदरता पर मोहित हो ही गया था फिर मैने कहा मॅम एक बात पुछु अगर बुरा ना मानो तो उन्होने कहा अरे पूछो जो तुमको पूछना है तो मैने कहा मॅम आपका नाम क्या है तो वो खिल खिला कर हँस पड़ी और फिर बोली मेरा नाम पद्मिकनी है मैने कहा बड़ा ही प्यारा नाम है जी आपका तो वो बोली हम वो तो है हम ऐसे ही गॉसिप करते रहे की अचानक उन्होने मुझे टोका और कहा कि क्या तुम बार बार मॅम मॅम बोलते रहते हो तुम मुझे भाभी भी कह सकते हो इधर घर मे नो प्रोटोकॉल तो मैने कहा जी भाभी मुझे कोई डेढ़ दो घंटे हो गये थे उनके यहाँ आए हुए तो मैने कहा भाभी अभी मैं चलता हू तो उन्होने कहा की जब भी तुम्हारा मन कुछ खाने को हो तो तुम सीधे यही आ जाना मैंन कहा जी आ जाउन्गा और फिर वहाँ से आ निकला मुझे आए हुए दो महीने होने को थे पर मिता का एक भी फोन नही आया था और ना ही मैने फोन किया था तो उसकी याद भी आ रही थी पर चूँकि उसकी इंटेर्नशिप चल रही थी तो मैं भी उसको ज़्यादा डिस्टर्ब नही करना चाहता था और निशा की याद तो कभी दिल से जाती ही नही थी मुझे तो नेक्स्ट होलिडे सॅंक्षन होने का इंतज़ार था कि कब मैं मुंबई पेहच्यू दो तीन दिन मे घर पर भी बात कर लिया करता था तो वो भी खुश हो जाते थे ऐसे ही सबको खुशिया देते हुए मैं खुद अपने दुख मे झुलसे जा रहा था पर एक बात थी कि मेजर साहिब अब मुझसे इतनी सज़ा भी नही देते थे और अपने कई काम भी मुझसे करवा लिया करते थे हर सनडे को उनके घर का भोजन उड़ाता था मैं पद्मिईनी जी से भी काफ़ी हसी मज़ाक कर लेता था वो बेहद ही सुलझी हुवी लेडी थी और मूर्ति सर भी कुछ ऐसे ही थे पर ये आर्मी थी तो टफनेस तो दिखानी पड़ती है ना

एक दिन मैं पद्मि नी भाभी से ऐसे ही मिलने चला गया तो वो अपने बगीचे मे पोधो को पानी दे रही थी अब पानी का काम था तो थोड़ा कीचड़ भी हो गया था जब वो मेरी तरफ आ रही थी तो अचानक ही उनका पैर स्लिप हो गया और वो फिसल कर सामने वाली दीवार से टकरा कर गिर गयी मैं दौड़ कर उनकी तरफ गया और झट से उनको बाहों मे उठा लिया तो मेरी कोहनिया उनके बूब्स से टकराने लगी पर मैने इतना ध्यान नही दिया क्योंकि वो बहुत ही ज़्यादा दर्द मे थी तो मैं उनको अपनी बाहों मे उठाए ही अंदर ले गया और बेड पर लिटा दिया अब उनके कपड़े तो कीचड़ के हो गये थे तो चादर थोड़ी सी गंदी हो गयी पर उनको लिटाना तो था ही वो दर्द से बुरी तरह से कराह रही थी तो मैने जल्दी से मूर्ति सर को पद्मि नी के फोन से कॉल किया और पूरी सिचुयेशन बताई तो वो भी टेन्षन मे आ गये पर उन्होने कहा कि वो आज सीनियर ऑफिसर्स के साथ बोर्ड मीटिंग मे है कुछ ऑफिसर्स का डेलिगेशन बाहर से आया है तो वो तो रात तक फ्री नही हो पाएँगे तो उन्होने मुझे कहा कि तुम पद्मिननी को जल्दी से एमएच (मिलिटरी हॉस्पिटल ) ले जाओ तो मैने कहा ऑर्डर का पालन होगा सर और कॉल कट कर दी मैने पद्मिीनी को कहा कि मैं आपको एमएच ले जा रहा हू इसी टाइम तो वो सुबक्ते हुए बोली कि पर मेरे कपड़े गंदे है तो मैने कहा मैं बाहर वेट करता हू आप चेंज कर्लो फिर मैं आपको लेके चलूँगा उन्होने उठने की कोशिश की पर वो उठ ना पाई और रोते हुए बोली कि मेरे हिप्स मे बहुत ही दर्द हो रहा है आइ कॅन’ट एबल टू मूव तो मैने कहा मॅम ऐसे गंदे कपड़ो मे तो नही ले जा सकता ना तो उन्होने कहा एक काम करो मेरी अलमारी से मेरा ट्रॅक्सयूट निकालो और मुझे पहनाओ मैने कहा भाभी मैं कैसे ये कर सकता हू तो उन्होने कहा मुझे कुछ नही पता है मैं पेन को बर्दास्त नही कर पाउन्गि तुम बस मेरी हेल्प करो मुझे अंदर ही अंदर खुशी भी थी कि उनके हुस्न का दीदार हो जाएगा पर उनकी पेनफुल सिचुयेशन से दुख भी था तो मैने अलमारी से उनका ट्रॅक सूट लिया तो भाभी बोली जल्दी से मेरे कपड़े चेंज करो तो मैने उनकी बाहों को उपर किया और उनके टॉप को आहिस्ता से निकाल दिया

 


उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ मेरा तो मरण हो गया ब्लू ब्रा मे क़ैद ठोस गोले बाहर आने को बेताब थे पद्मिानी भी भाँप गयी थी कि मैं क्या देख रहा हू पर वो भी मजबूर थी तो उन्होने बस इतना ही कहा कि जल्दी से करो तो मैने फिर उनकी जीन्स के हुक पर अपना हाथ रख दिया भाभी का पूरा बदन कांप गया अपने दर्द को जैसे वो उस पल भूलही गयी समय जैसे रुक सा ही गया था हम दोनो के लिए किसी भी औरत के लिए ये सब आसान नही होता है सिचुयेशन चाहे कुछ भी हो इस तरह से अपने कपड़े उतरवाना बेहद मुश्किल होता है पर अब मजबूरी थी तो मैने देखा कि पद्मि नी ने अपनी आँखे बंद कर ली थी पर उनकी पतले पतले होंठो लगातार कांप रहे थे तो आख़िर मैने हिम्मत करके जीन्स के हुक को खोल ही दिया और ज़िप भी खोल दी जीन्स थोड़ी ढीली हो गयी पर चूँकि भाभी के कुल्हो पर चोट लगी थी तो मैने अब उनकी दोनो जाँघो को पकड़ कर उठाया आहिस्ता से और जीन्स को सरकाते हुए नीचे जाँघो तक ले आया आज तो कयामत को ही अपनी आँखो के सामने देख लिया था मैने बेहद ही सुंदर दृश्य था वो जितना लिखू उसके बारे मे उतना ही कम पड़े सच मे भगवान कुछ औरतो को बना ही इतनी सुंदर देता है कि फिर पूछो ही मत पद्मि नी की ब्लू कलर की जालीदार पैंटी मे से मुझे उसकी बिना बालों की सॉफ सुथरी काली काली चूत के दर्शन हो रहे थे मैं मंत्र मुग्ध सा अपनी सांस रोके उसको देखे ही जा रहा था तभी पद्मिीनी की आवाज़ से मेरी तंद्रा टूटी वो बोली अब इतना क्या देख रहे हो मैं तो दर्द मे पड़ी हू और तुम सिचुयेशन का अड्वॅंटेज लेने मे लगे हो तो मैने जल्दी से जीन्स को निकाला और उनको ट्रॅक पॅंट पहना ने लगा जब मैं उसको पहना रहा था तो मैंन आहिस्ता से पद्मिऔनी की चूत को दबा दिया इस तरीके से कि उसको लगे कि बस हाथ छू गया है पर वो भी अनुभवी औरत थी वो झट से मेरी हरकत को पकड़ गयी पर बोली कुछ नही तो मित्रो कपड़े चेंज करने के तुरंत बाद मैं उनको एमएच लेके गया और डॉक्टर्स उनको एग्ज़ॅमिन करने लगे कोई 15-20 मिनट बाद डॉक्टर्स ने बताया कि कूल्हे मे फ्रॅक्चर तो नही है पर अंदर के माँस मे चोट लगी है जिसे गुम चोट भी कहते है तो उनको कुछ दिनो तक मालिश वग़ैरा करनी पड़ेगी पर लेफ्ट पेर के आंकल मे हेरलाइन फ्रॅक्चर हो गया है तो हम ड्रेसिंग कर रहे है पर वो एक माइनर सा है तो ये थोड़ी देर मे ही घर जा सकेंगी और थोड़ा चलने फिरने मे सावधानी बरतनी पड़ेगी मैने ये सुनकर चैन की सांस ली और उनकी दवाइयाँ खरीदने चला गया शाम होते होते मैं उनको घर ले आया मैने मूर्ति सर को फिर फोन किया और बताया तो वो बोले की थॅंक्स जो तुमने हमारी हेल्प की मैं तो लेट नाइट तक ही आ पाउन्गा जब तक मैं ना आउ तुम भाभिजी के साथ ही रहना और मस्ट टेक केर ऑफ हर तो मैने कहा जी ठीक है

घर आके मैने उनके बेड को सही किया और उनको लिटा दिया और आराम करने को बोला मैं किचन मे गया दूध गरम किया और भाभी जी को मेडिसिन्स दे दी और थोड़ी देर सोने को कहा और मैं वही पास मे कुर्सी पर बैठ कर एक मॅग्जीन पढ़ने लगा दवाइयों के असर से उनकी आँख लग गयी सोते हुए पद्मि नी बड़ी ही प्यारी लग रही थी मैं बार बार उसको ही देख रहा था उनको सोए हुए 2 घंटे से उपर का टाइम हो गया था और 7 बजने को थे मुझे भी जाना था पर उनको छोड़के भी नही जा सकता था तो क्या करूँ तो मैने सोचा कि कोई नही एक सज़ा और सही क्या फरक पड़ता है वैसे भी जब जब वो सांस लेती तो उनकी उपर नीचे होती छातियाँ मुझे उत्तेजित करने लगी थी मेरा मन तो किया की चोद डाल यही पर ऐसा कर थोड़ी ना सकता था मैं बाहर पानी पीने चला गया तभी उनकी आँख खुल गयी तो मैने पूछा कि अभी ठीक हो तो वो बोली हाँ और मुझे थॅंक्स कहा फिर वो बोली कि ज़रा मुझे बाथरूम तक ले चलो तो मैने कहा क्यों तो वो बोली क्यों का क्या मतलब मुझे टाय्लेट कर ना है तो मैने कहा भाभी जी इस हालत मे आप सीट पर नही बैठ पाओगे तो आप यही पर कर्लो लेटे लेटे ही मैं सॉफ कर दूँगा तो वो बोली कि नही मैं ऐसा कैसे कर सकती हू तुम मुझे लेके तो चलो तो मैने कहा जैसी आपकी मर्ज़ी और उनको सहारा देकर खड़ा किया ही था कि ग़लती से उनका चोट वाला पैर ही फर्श से टच हो गया और पूरा बॉडीवेट उस पर आ गिरा पद्मिलनी की एक चीख निकल गयी और हालत टाइट हो गयी तो मैने उनको दुबारा से लिटा दिया और कहा आप मेरी बात मानो मैं सॉफ कर दूँगा आप इधर ही कर्लो काफ़ी देर उनको समझाया इधर उनका पेशाब भी बाहर आने को मचल रहा था वो बार बार कस मसा रही थी तभी मुझे आइडिया आया मैने कहा मैं एक मिनट मे आया और उनके बाथरूम से टब ले आया और एक छोटी वाली कुर्सी को उसमे रख दिया कहा कि भाभी आप यहाँ बैठ कर आराम से सू सू कर लो आपको कोई प्राब्लम भी नही आए गी वो बड़ी प्रभावित हुवी और बोली हां ठीक है तो मैने उसको सहारा देकर कुर्सी पर बिठा दिया और पूछा कि पायजामा नीचे करू तो वो बोली कि मैं कर लूँगी और मुस्कुरा दी शायद उसे दोपहर वाली बात याद आ गयी थी तो मैं कमरे से बाहर आके खड़ा हो गया दरवाजे के पास मेरे कानो में सुर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर सुर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर की आवाज़ अगले एक मिनट तक आती रही फिर उन्होंने मुझे बुलाया तो मैने उनको वापिस लिटा दिया और टब को लेके बाहर आ गया एक गिलास के लगभग पेशाब था टब मे तो मैने एक काँच के गिलास मे वो डाल दिया और उसको किसी विस्की के पेग की तरह सीप लेकर पीने लगा

 
अब ऐसी कयामत औरत का पेशाब मिल जाए वो ही बड़ी बात थी फिर मैने टब को सॉफ किया फिर गीले कपड़े से कुर्सी को फिर आके पद्मिडनी के पास बैठ गया कुछ देर खामोश रहने के बाद उन्होने चुप्पी तोड़ ते हुए कहा कि आज तुम ना होते तो बड़ी प्राब्लम हो जाती इम सो थॅंकफुल टू यू और थोड़ी सी एमोशनल हो गयी अब इसी टाइम मुझे उसको शीशे मे उतारना था तो मैने उसका हाथ अपने हाथ मे लिया और डाइरेक्ट्ली उसकी आँखो मे आँखे डालते हुए कहा कि आप मेरी दोस्त हो और दोस्त को कभी थॅंक्स नही कहते ये डायलॉग मैने कई फ़िल्मो मे सुना था तो आज यहाँ पे चिपका दिया फिर जब वो कुछ ना बोली तो मैने कहा क्या हुआ भाभी क्या मैं आपका फ्रेंड नही हू तो वो बोली आज से तुम मेरे बेस्ट फ्रेंड हो तो मैने उनके हाथ को हल्का सा दबा दिया और उनके होटो पर भी मुस्कान आ गयी मैने पूछा कि अब दर्द हो रहा है तो उन्होने कहा कि पेनकिलर से आराम है पर कभी कभी एक टीस सी लगती है तो मैने कहा कि हो जाएगा ठीक कुछ दिनो मे तब तक आप रेस्ट करो फिर मैं किचन मे गया और दो कप चाइ बना लाया और हम चाइ पीने लगे एक बात मैने नोटीस की कि पद्मिननी को बाते करने मे बड़ा ही मज़ा आता था वो हमेशा ही मेरी पर्सनल लाइफ के बारे मे पूछती रहती थी और मैं भी उसको कुछ बता ता कुछ छुपा लिया करता था बातों बातों मे पता चला कि उनका एक बेटा भी है जो 6थ मे बोर्डिंग स्कूल मे पढ़ता है मैं तो शॉक हो गया ये सुनकर तो मैने कहा मैं मानता ही नही आप को देख कर लगता ही नही कि आप को बच्चा भी होगा यू आर सो यंग यू आर लाइक आ डिवा तो वो बोली अब सच तो ये ही है फिर उन्होने बताया कि वो नेवी मे एसएससी पाइलट के रूप मे काम कर चुकी है और फिर उन्होने वीआरएस ले लिया ये सुनकर मैं तो बड़ा ही इंप्रेस हो गया बाते करते समय वो अपनी सारी तकलीफे भूल जाती थी और जब बार बार वो अपनी ज़ुल्फो की लटो को हाथ से सुलझाती तो और भी प्यारी लगती थी बातों बातों मे टाइम का पता ही नही चला फिर मूर्ति सर आ गये आते ही उन्होने अपनी वाइफ का हाल चाल पूछा और थोड़ी देर उनसे बाते की मैं वही बैठ कर उनकी बात सुन ने लगा पर तमिल थी या टेलेगू या मलयालम अपने को भाई आती नही थी तो पता नही चला कि वो क्या कह रहे थे पर बात कोई दस मिनट तक चली फिर सर ने मुझे कहा कि मैं पिज़्ज़ा ऑर्डर कर रहा हू तुम भी यही खा लेना

पिज़्ज़ाआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआ अब साला गाँव का लौन्डा यही मार खा गया समोसा, कचोरी बुरगुर चोवमीन भी ठूंस ली थी पर ये साला पिज़्ज़ा क्या होता है नाम ही आज सुना था अपना तो आज भाई पोपट हो गया ये पिज़्ज़ा क्या होता है ना कभी नाम सुना पर फिर सोचा कि जब ये खाएगा तो मैं भी खा लूँगा और ऐसे ही विचार करते करते सोचने लगा पिज़्ज़ा के बारे मे………….. कोई आधे घंटे बाद डेलिवरी बॉय लेके आया पिज़्ज़ा जब उन्होने सर्व किया तो पता चला कि ऐसी भी कोई चीज़ दुनिया मे होती है भाई उस दिन बहुत दुख हुआ कि काहे फोज मे आ गये गान्ड मरवाने कॉलेज ही चले जाते खैर दो मिनट देखा कि वो कैसे खाते है तो फिर मैने भी खाना शुरू किया कुछ भी कहो था टेस्टी तो पिज़्ज़ा के बाद मैने उनको बाइ बोला और होस्टल आ गया रात हो गयी थी पर आँखो मे पद्मिीनी की काली काली चूत का दृश्य ही घूमे जा रहा था तो भाई गये बाथरूम मे और मारी मुट्ठी पद्मिपनी को सोच के और आके धम से पड़ गये बिस्तर पर

 


मेजर शहाब अगले दिन भी ग्राउंड पर थे हमारी गान्ड मे डंडा करने को तो ब्रेक मे मैं उनके पास गया और पूछा कि सर आपने लीव नही ली मेम्साब का ख़याल कॉन रखेगा तो वो बोले कि यार मैं क्या करूँ मैं फसा हुआ हूँ बाहर से कुछ लोगो का डेलिगेशन आया हुआ है अकादमी को सूपरविषन करने को तो मजबूरी है तो मैने कहा कि सर अगर कुछ एमर्जेन्सी हो गयी तो उनको कॉन संभाले गा तो वो सोच मे डूब गया अब वो मुझपर ही तो ट्रस्ट करता था तो उसने मुझे कहा कि तुम दो चार दिन पद्मिमनी की केर करो तो मैने कहा सर मैं कडेट हूँ आप किसी अरदली की ड्यूटी घर पे लगवा दो तो वो कहने लगे कि यार तुम फॅमिली मेंबर्ज़ ही तो हो हमारे तुमपे मुझे ट्रस्ट है तो तुम मेरा ये काम करदो फाइनल एग्ज़ॅम मे मैं तुम्हारी ग्रेड सुधारवा दूँगा अब उस को कॉन समझाए कि मैं तो ये ही चाहता था तो उसको शक ना हो तो थोड़ी आक्टिंग की तब जाके मैं माना तो उसने कहा कि तुम आब्सेंट की चिंता ना करना मैं वो सब अड्जस्ट कर दूँगा तो मैने कहा कि ओके सर और फिर जैसे ही उन्होने कहा मैं उनके घर चल दिया रास्ते मे मैने सोचा कि उनके लिए कुछ खरीद लूँ तो एक बॉक्स डार्क चॉकलेट का ले लिया और फिर उनके घर गया वो आराम ही कर रही थी हाई हेलो के बाद मैं उनके पास बेड पर ही साइड मे बैठ गया और अपना लाया हुआ चॉकलेट का डिब्बा उनको दे दिया तो उन्होने थॅंक्स कहा फिर मैने उनके पैर को देखा और उसको सहलाने लगा मेरे टच करते ही एक लहर उनके बदन मे तरंग बनकर दौड़ गयी मैं उनके पैर की नाज़ुक उंगलियो को सहला रहा था और उनसे बाते कर रहा था फिर मैने कहा कि आपने दवाई ली तो उन्होने कहा कि हम पर पैर की मालिश नही की क्योंकि वो खुद नही कर सकती तो मैने कहा लाओ मैं कर देता हू वो मना करने लगी पर मैं कहाँ मान ने वाला था तो मैने स्टूल पर रखी दवाइयों मे से मालिश वाले आयिल की शीशी को लिया और टखने की गरम पट्टी को खोल दिया और अपने हाथो से हल्के हल्के मालिश करने लगा तो उनको भी बेहद आराम मिला बीच बीच मे मैं थोड़ा सा दबाव भी टखने पर डाल देता था जिस से उनक दर्द होता पर ये ज़रूरी भी था अच्छे से मालिश करने के बाद मैने गरम पट्टी दुबारा लगा दी और तेल की शीशी रख ही रहा था कि भाभी ने कहा कि अरे हिप्स की मालिश नही करनी है क्या तो मैने कहा सॉरी मैं तो भूल ही गया था तो मैने भाभी को उल्टा लिटा दिया और उनके पैर के नीचे तकिया लगा दिया ताकि टखने पे प्रेशर ना आए और उनकी टीशर्ट को थोड़ा सा उपर कर दिया उनकी गोरी गोरी पीठ दिखने लगी मैने अपना हाथ वहाँ टच किया तो बहुत ही सॉफ्ट स्किन थी तो मैने उनकी पाजामी के एलास्टिक मे अपनी उंगलियाँ फसाई और उसको थोड़ा सा नीचे कर दिया तो भाभी बोली अरे ज़्यादा मत नीचे करना वरना कल की तरह आज भी सब कुछ देख लोगे तुम बड़े नॉटी हो गये हो आजकल तो मैने कहा भाभी जी वो तो मेरी मजबूरी हो गयी थी इसलिए देखना पड़ा पर अब कूल्हे की निचली साइड मे चोट लगी है तो पाजामी तो सरकानी ही पड़ेगी तो वो बोली अरे तुम प्लीज़ नाराज़ ना होओ मैं तो बस मज़ाक कर रही थी अब तुमसे क्या छिपा है एक बार देखो या हज़ार बार देखो चलो मालिश करो वरना मैं ठीक कैसे होउंगी आज पता चला था कि हाइ क्लास मे इन चीज़ो को ज़्यादा महत्व नही दिया जाता है अब ये तो हम गाँव वाले ही है जो चूत गान्ड के चक्कर मे पड़े रहते है तो मैने उनकी पाजामी को जाँघो तक कर दिया आज भी उन्होने कल वाली पैंटी ही पहनी हुई थी जो बस एक डोर से ही उनकी गान्ड के दोनो फांको के बीच मे घुसी पड़ी थी और पूरे चुतड तो नुमाइश कर रही थे मैं मन ही मन सोच रहा था कि पद्मिेनी के चुतड किस साइज़ के होंगे मैं अपने ख़यालो मे खोया हुआ था कि उनकी आवाज़ ने मेरा ध्यान भंग किया और वो बोली अरे मालिश करो ना पूरा दिन क्या मैं इसी तरह पड़ी रहूंगी तो मेरा ध्यान आया पर मैं कुछ बोला नही तो वो चुटकी लेते हुए बोली कि अरे कही तुम मेरे हिप्स देख कर मेरे फिगर के बारे मे तो नही सोच रहे हो ना तो मैं सकपका गया उन्होने यूँ ही मेरे मन की बात पकड़ ली तो मैने हकलाते हुए कहा कि नही जी ऐसा कुछ नही है तो वो बोली कि चलो मैं तुम्हे बता ही देती हू वरना तुम फिर से ख़यालो मे खो जाओ गे तो उन्होने मज़े लेते हुए कहा कि मेरा फिगर है 37-31-39 तो मेरे मुँह से निकल गया इट’स टू हॉट साइज़ तो वो हंस पड़ी मैने दवाई वाला तेल चोट की जगह पर लगाया और चुतड को अपने हाथ से दबाने लगा बड़े ही सॉफ्ट थे वो जैसे समोसे का घून्था हुआ आटा हो इतने बड़े मलाई दार चुतड मेरे हाथ मे समा ही नही रहा था मुझे मालिश से ज़्यादा तो उनको सिड्यूस करने मे मेरा ध्यान था मैं अच्छे से उनकी मालिश करता रहा कई बार मेरा हाथ चूत की ओर जाने की कोशिश करता पर मैं उसे रोक लेता पद्मिानी को तो चोदना ही था मुझे हर हाल मे पर उसकी मर्ज़ी से ही वरना पंगा खड़ा हो जाता अब थी तो वो भी एक माल ही जब जब मैं उसके कुल्हो को छेड़ता तो उसके जिस्म मे तरंगे उठ जाती आख़िर उसके मुँह से एक आह निकल ही गयी ये वो आह थी जिसका मतलब मैं अच्छे से समझता था तो मैं अब उनकी कमर पर बैठ सा गया और उनके दोनो कुल्हो को दबाने लगा वो तकिये मे अपना मुँह दिए मस्ती का अनुभव करने लगी थी मेरा लंड जिसने पेंट मे टेंट बना रखा था उनके चुतड़ों की दरार से टच होने लगा था अब उनको भी पता था कि ये मेरा लंड ही है जो उनको चुभ रहा था पर वो कुछ नही बोली हा उनकी साँसे ज़रूर गहरी हो गयी थी पर फिर मैने खुद को किसी तरह से कंट्रोल कर लिया और उनकी पयज़ामी को वापिस उपर चढ़ा दिया फिर मैं तुरंत ही उनके बाथरूम मे गया और मुट्ठी मार कर ही वापिस आया मॅम भी थोड़ी संयमित लग रही थी फिर मैने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि मॅम आज आपने बाथ नही लिया तो वो बोली कि तुम्हे कैसे पता चला क्या मेरे बदन से पसीने की बदबू आ रही है तो मैने कहा नही मॅम तो वो बोली बताओ तो मैने कहा कि आपने सेम अंडरगार्मेंट्स पहन रखे है ना इसलिए तो वो बुरी तरह से झेंप गयी और बोली कि वो क्या है ना चोट लगी है तो इसलिए नही नहाई मैने कहा टेक इट ईज़ी मॅम होता है ऐसे ही हम टाइमपास करते रहे लंच टाइम हुआ तो मैं मेस से खाना ले आया और उनके साथ ही लंच किया लंच के बाद पद्मि नी सो गयी तो मैं भी बाहर आकर सोफे पर थोड़ी देर सो गया जब मेरी आँख खुली तो 6 बज रहे थे मुँह धोया और मॅम को जगाया फिर उनको कल की तरह ही सूसू करवाया और चाइ बना कर दी आज मूर्ति सर कुछ जल्दी आ गये थे तो मैं भी वापिस होस्टल आ गया कुछ प्रॉजेक्ट्स अधूरे थे तो वो पूरा किए फिर सो गया

अपनी तो मौज थी अगले दिन ठीक दस बजे नाश्ता पानी करने के बाद मैं फिर से पद्मि नी जी की खिदमत मे था हाई हेलो के बाद मैंने जो टिफिन अपने साथ लाया था मेस से वो उनको दिया और साथ मे दूध भी दिया गरम करके फिर उनके घर की थोड़ी से सफाई की अब चूत के चक्कर मे क्या क्या करना पड़ता है पता चल रहा था फिर उनके और सर के कुछ कपड़े थे वो वॉशिंग मशीन मे डाले और उसको चला दी पर यूज़ करना नही आता था तो पद्मिुनी से डाइरेक्षन ली और उन कपड़ो को भी सूखने को टाँग दिया इन सब मे एक बज गया था तो पद्मििनी बोली यार मेरी वजह से तुमको बहुत परेशानी हो रही है तो मैने कहा दोस्त के लिए तो कुछ भी कर सकता हू फिर आपका घर मेरा घर और अपने घर मे काम करने मे कैसी शरम पद्मिेनी बुरी तरह से इंप्रेस हो गयी थी फिर वो बोली कि मेरे बालों मे बहुत तेज इचिंग हो रही है खुज़ला खुज़ला कर परेशान हो गयी हू तो मैने कहा कि शम्पू कर लो तो वो बोली कि यार तुम भी हमेशा ना मेरी टाँग खीचते रहते हो अभी इस हालत मे मैं कैसे शम्पू करू तो मैने कहा अगर आप कहो तो मैं कर दूँगा तो वो बोली ठीक है तुम मेरा सर धो दो तो मैने एक कुर्सी बाथरूम मे लगा दी और पद्मिरनी को वहाँ ले जाकर बिठा दिया यार ये पद्मि नी सच मे बहुत ही हाइ क्लास बोर्ड माइंडेड औरत थी तो सारी तैयारी कर ली थी उसके पैर को पोलिथीन से भी कवर कर दिया था ताकि कही पैर गीला ना हो जाए तो मैने उसके सर पे बँधे बालों के जुड़े को खोला और उसके रेशमी बालों को आज़ाद कर दिया और उनको पानी से धोते हुए शम्पू करने लगा तभी मेरी नज़र उनकी नाइटी के अंदर गयी और चूचियो की खाई दिखने लगी तो मैं मज़े लेते हुए थोड़ा थोड़ा पानी उनकी नाइटी पर भी चलकाने लगा तो पद्मिखनी बोली अरे ऐसे मत करो मेरी नाइटी गीली हो रही है अब गीली तो मेरी पॅंट भी हो रही थी तो मैने कहा कि क्या मैं अपनी पॅंट उतार कर साइड मे रख दूं क्योंकि वो गीली हो रही है तो उन्होने कहा कि रख दो तो मैं दुबारा से उनके सर मे शम्पू करने लगा तभी अचानक से मेरे हाथ से पानी का डिब्बा छूट गया और उनकी नाइटी पूरी तरह से गीली हो गयी तो मैने जल्दी से सॉरी कहा तो वो बोली कोई बात नही हो जाता है तो मैने कहा कि मॅम आप अभी नहा ही लो क्योंकि पूरा तो भीग गये हो मैं बाहर खड़ा हू कोई प्राब्लम हो तो आवाज़ लगा देना और पानी की बाल्टी भर कर उनके पास रख दी और साबुन या जो भी चीज़ उन्हे चाहिए थी सभी कुछ वही पर रख दिया और बाहर आकर खड़ा हो गया

 
अब यही तो मेरा प्लान था मैने सब चीज़ तो रख दी थी पर तौलिया नही रखा था कोई बीस मिनट बाद उन्होने मुझे आवाज़ लगाई तो मैने बाहर से ही कहा जी भाभी जी तो वो बोली की टवल चाहिए तो मैने कहा कि मैं दरवाजे के पास रख देता हू आप ले लेना तो वो बोली स्टुपिड मैं कैसे लूँगी तुम ही आकर दो तो मैने कहा जी अभी आया और झट से गेट खोल कर अंदर घुस गया मैंन सोच रहा था कि वो नंगी होंगी पर वो तो पुराने वाली ब्रा पैंटी मे ही थी ब्रा उन्होने उतारी नही थी और पैंटी वो उतार सकती नही थी और उन्हे इस तरह देखने से कोई खास फरक पड़ना भी नही था तो उन्होने तौलिए से अपने शरीर को पोन्छा और फिर उसको चूचियो पर लाते हुए ब्रा भी खोल कर एक साइड मे फेक दी और मुझे उन्हे खड़ा करने को कहा तो मैने उन्हे सहारा देकर खड़ा कर दिया तो उन्होने कहा आँख बंद करो तो मैने कर ली फिर उन्होने अपनी पैंटी को सरकाया और टवल को लपेट लिया और फिर मैं आहिस्ता आहिस्ता से उनको वापिस कमरे मे ले आया हालाँकि मैं उनको नंगी देखना चाहता था पर इस हालत मे नही वो जो इतना टेस्टी नाश्ता करवाया करती थी उसका भी तो कुछ लिहाज़ था मॅम ने कहा कि मेरी अलमारी से मेरे अंडरगारमेंट्स लाकर दो मुझे मैने अलमारी खोली और ब्रा पैंटी के कई सेट्स पड़े थे वहाँ पर तो मैने एक पिंक वन चूज़ की और उनको दी दी मैने मुँह फेर लिया ताकि वो चेंज कर सके उन्होने ब्रा तो पहन ली थी पर पैंटी नही पहन पा रही थी तो उन्होने मुझे कहा कि ज़रा पैंटी डालने मे मेरी हेल्प करो तो पर मैने कहा कि माँ आप डाइरेक्ट पाजामी ही पहन लो ना जब आप खुद डाल सको तो ये भी पहन लेना आक्च्युयली मेरा लंड खड़ा हो रहा था तो मैं थोड़ा सा उलझ गया था तो पद्मि नी बोली कि यार तुम भी बड़े ही फॉर्मल हो पाजामी पहन ने मे भी तो तुम्हारी ही मदद लूँगी ना तो पैंटी डालने मे भी हेल्प करो और हाँ ये क्या बार बार मॅम मॅम कहते रहते हो कितनी बार कहा है कि भाभी कहा करो तो मैने कहा जी वो मुँह से निकल जाता है तो मैने पैंटी को उनकी टाँगो मे फसाया और उपर की ओर सरकाने लगा जब वो जाँघो तक आ गयी तो मैने टवल को पूरी तरह से अलग कर दिया उनकी रस से भरी चूत मेरी आँखो के सामने थी मुझे ऐसा लगा जैसे चूत की पंखुड़िया काँपी हो पद्मि नी ने जब देखा कि मैं उनकी चूत को ही निहार रहा हू तो वो थोड़ा सा टाइट लहजे मे बोली कि कितनी देर लगाओ गे जल्दी से पहना दो ना तो मैने उनके कुल्हो को अपने हाथ की हेल्प से थोड़ा सा उपर किया और पैंटी को उपर करने लगा पर मैं ठहरा ठर्की तो चूत को सहला ही दिया भाभी हल्की सी मुस्कुरा ही पड़ी फिर मैने थोड़ी देर उनके कुल्हो की मालिश की और फिर उनको कपड़े भी पहना दिए अब मेरा तो टाइम उनके घर ही कट ता था दोपहर को फिर मेस से खाना लाया फिर वो थोड़ी देर सो गयी मैं उनके घर के बरामदे मे कुर्सी पर बैठा था कि तभी मेरे उस कॅंटीन वाले याडी का फोन आया कि भाई आज तू पक्का कॅंटीन आ जाना 7 बजे के आस पास तो मैने कहा कि कोशिश करूँगा फिर मैने सोचा कि मैं भी थोड़ा सुस्ता लूँ और चटाई बिछा कर लेट गया पता नही कैसे आज थोड़ी गहरी नींद लग गयी पता नही कितनी देर सोया मैं कि तभी एक तेज आवाज़ से मेरी आँख खुली ऐसे लगा कि जैसे कुछ गिरा हो तो मैं फॉरन ही अंदर भागा तो देखा कि फ़राश पर नाइट लॅंप गिरा पड़ा है और बेड पर पद्मि नी एक अजीब सी हालत मे थी वो अपने शरीर को टाइट करे हुए थी और काँपते हवुए बोली कि कहा थे तुम कम्बख़्त इधर मेरा बुरा हालल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल हूऊऊऊऊऊऊऊ गया है ईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई मुझीईईईईईईईई सूसुउुुुुुुुुुुुुुुुुुुउउ करना हाईईईईईईईई आब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्बबब माणिईीईईई औत्त्त्तत्त ओफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ ओकककककककक्क्कोंंनननननननननननणणनतत्त्टत्त्ट्रोल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल हू चुकी हू कितनी देर से मैं पुकार रहियिइ हू जल्दी

सीईईई लीईई ककककककककचााालल्ल्ल्ल्ल्ल्ल मकहियीईईईईईई इधहर्र्र्र्र्र्ररर हीईीईईईईईईईईिनाआआ निकल जाए तो आईईईईईईईईई माणिईीईईईई उन्हीईई उठााआआआआनीईईईईईई वाला आआआआआआआअ हीईीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई था कि तभी उनकी चूत ने उनको धोखा दे दिया और पेशाब की धार छूट पड़ी अब ना जाने कब से वो मुझे पुकार रही थी बेचारी और उनकी पाजामी गीली होने लगी तो मैने तुरंत ही पाजामी के रब्ब्ड मे हाथ डाला और उसको सरका दिया और पैंटी के उपर से ही अपने होंठ चूत पर लगा दिए और उस गरम पेशाब को किसी जाम की तरह पीने लगा एक तो पेसाब का प्रेशर और फिर चूत पर मेरे प्यासे होंठो पद्मितनी को 440 वॉल्ट का झटका लग गया जब तक पेशाब आता रहा मैं उसको पीता रहा पेशाब बहना रुक गया था पर मैने अपने होंठो नही हटाए थे और बल्कि पैंटी की लाइन को साइड मे सरकाते हुए चूत को मुँह मे भर लिया भाभी जी बोली अफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ और फिर वो कुछ ना बोल पाई उनकी आँखे अपने आप बंद होती चली गयी मैं अपने दाँतों से चूत की फांको को काटने लगा ऐसी नमकीन चूत जैसे गुजरात का सारा नमक यही पे रख दिया वो भाभी अपनी आँखे मुन्दे बस मोनिंग ही कर रही थी और मैने अपनी पूरी जीभ उस कयामत की चूत मे सरका दी थी मैने सोच लिया कि अब जो भी हो पीछे नही हटना है चाहे ये बाद मे सूली पे ही चढ़वा दे दो मैं पूरे मज़े से उसकी चूत का रस चाट ने लगा पदमिनी की चूत भी फड़ फडाने लगी ना जाने कब उसके हाथ मेरे सर पर आ गये और वो मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी और हल्के हल्की आवाज़ मे येस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स ओह ईईईईईईईईईईईईसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स कोँम्म्ममममममममममममममममममममममममममममममममममममममममममममममममम ओन्न्न्ननननननननननननननननननणणन् ौउुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुउउ लिक्किंन्नननननननननननननननननननननननननननननगगग

गगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगग सूऊऊऊऊ नाइस करने लगी 8-10 मिनट तक मैं पूरे मज़े से चूत को चाट ता रहा फिर एका एक उनका पूरा शरीर टाइट हो गया और चूत ने अपना पानी मेरे मुँह मे गिरा दिया एक एक बूँद को मैं चाट गया

फिर मैने अपना मुँह वहाँ से हटा लिया और कमरे से बाहर निकल गया और पूरी एक बॉटल पानी पी गया फिर मैं कमरे मे गया तो वो वैसे ही आँखे मुन्दे पड़ी थी तो मैने कहा आप ठीक तो हो तो हो बोली हाँ आइएम ओके मैने फिर उनकी ड्रेस चेंज की और रसोई मे चला गया कोफ़ी बना ने के लिए कोफ़ी बनाते हुए मैं सोच रहा था कि अब पद्मिकनी का क्या रियेक्शन होगा क्योंकि अभी तक तो वो शांत ही थी और मैं उसकी चूत को किस कर गया था फिर हम कॉफी पीने लगे पर बोल कोई कुछ नही रहा था तो मैने चुप्पी तोड़ ते हुए कहा कि भाभी अभी थोड़ी देर पहले जो कुछ मैने किया उसके लिए इम रियली सॉरी मैं बहुत शर्मिंदा हू तो वो बोली नो आइ’म नोट आंग्री इट ऑल इनफॅक्ट मैने भी तो ऑर्गॅज़म को एंजाय किया है दट वाज़ सच आ वेरी प्लीज़िंग फीलिंग तो मैने कहा कि भाभी वो आपका पेशाब निकल गया था तो मुझे कुछ सूझा नही और फिर सब अपने आप ही हो गया तो वो थोड़ा सा हँसी और बोली कि तुम बड़े ही नॉटी हो तुम्हे देखकर लगता है कि यू हॅव एनफ एक्सपीरियेन्स टू सॅटिस्फाइ एनी काइंड ऑफ विमन तो मैने कहा जी अब इसके बारे मे मैं क्या कहूँ तो वो बोली कि क्या कभी तुमने डर्टी सेक्स किया है तो मैने कहा जी मुझे ये तो नही पता कि डर्टी सेक्स क्या होता है पर मैने जब जब भी सेक्स किया है अपनी फॅंटेसी को रियल ज़रूर किया है तो वो बोली वाउ और कैसी फॅंटेसी है तुम्हारी तो मैने कहा कि अब जाने भी दो ना तो वो बोली की अरे मुझे तो बताओ तो मैने कहा कि आप बुरा मान जाओगी तो वो बोली क्या मैं कभी तुमसे नाराज़ हो सकती हू चलो जल्दी से मुझे बताओ तो मैं उनके पास गया और अपने होंठ उनके कॉफी से सने होंठो पर रख दिए और स्मूच करने लगा आज पद्मिोनी को ये मेरा पहला किस था मलाई जैसे उसके मुलायम होंठो मेरे मुँह मे समाए थे जब तक सांस निकलने को ना हुई मैं किस करता ही रहा तब कही जाकर मैं उनसे अलग हुआ मैने डाइरेक्ट्ली कह दिया था कि यू आर माइ फॅंटेसी तो वो अपने होंठो पर जीभ फेरते हुए बोली कि यार इट’स नोट पासिबल यू नो आइ हॅव फॅमिली तो मैने कहा आइ नो बट यू कॅन गिव सम मोमेंट्स टू युवर फ्रेंड आप अपना टाइम ले सकती है वैसे भी ट्रैनिंग के बाद मैं कहाँ आप कहाँ बस कुछ यादे ही होंगी जो ना आप भूल पाओगी ना मैं तो वो बोली कि मुझे सिड्यूस कर रहे हो तो मैने कहा आप जो भी समझे फिर उन्होने टॉपिक चेंज कर दिया कोई आधे घंटे बाद सर आ गये थे तो फिर मैं निकल पड़ा और लगभग दौड़ते हुए कॅंटीन गया तो वो बोला यार तू भी ना कहाँ रह गया था वो अभी अभी गयी ही है तो मैने कहा किस तरफ वो बोला भाई दो रास्ते है अब मैं क्या जानू तो मैने कहा यार भाई थोड़ा सा बिज़ी हो गया था चल कोई नही फिर कभी ट्राइ मार लेंगे मैं घूमते घूमते लीकर सेकशन की तरफ चला गया तो मैने देखा कि स्टॉक मे महारानी बियर पड़ी थी एक बकवास चीज़ तो मैं बोला यार कभी कोई मस्त बियर शियर भी लाया करो तो वो बोला कि भैया सूबेदार मेजर ये ही मँगवाता है हम तो खुद परेशान है क्या करें तू एक काम कर वोड्का की बॉटल ले जा मैने कहा नही यार अभी नही फिर कभी खोलेंगे बॉटल साथ आर्मी लाइफ भी ना कमाल की लाइफ है जिन्हे मिल जाती है वो ही बता सकते है थोड़ी परेशानी तो है पर मस्त है एक दम यहा का माहौल सबसे अलग सबसे जुदा फिर मैं सीधा मेस की तरह चल पड़ा आज तो मुर्गे की टाँग तोड़नी थी

 
मुझे पूरे ग्रूप के साथ बैठ कर खाना खाना भी एक अलग ही मज़ा है दबा के भोजन किया फिर सीधा बिस्तर पर पर आज नींद नही आ रही थी सोच रहा था कि क्या पद्मिभनी पट जाएगी और मुझे उसको चोदने का सुख प्राप्त हो गा अब भविष्य के गर्भ मे क्या छिपा है कॉन जाने मैं तो अपनी तरफ से प्रयास ही कर रहा था पद्मिोनी को सोचते सोचते आँखो आँखो मे रात कट गयी दिल मे कई सवाल पनप रहे थे मैंन सोचने लगा कि यार जब चूत का रसिया ही बन ना था तो फौज मे क्यो गान्ड मरवाई अगली सुबह हुई अब मेजर की कृपा से कुछ दिन ड्रिल से बचा था तो मैने सोचा कि आज स्विम्मिंग पूल मे जाकर ही नहाउन्गा वो क्या था कि वहाँ पर ऑफिसर्स की जवान लड़किया और उनकी मम्मियाँ भी आया करती थी और फिर स्विम्मिंग करने मे मज़ा भी बड़ा आता था तो मैं पूल साइड पर पहुच गया पर वहाँ बैठे गार्ड ने मज़ा खराब कर दिया वो बोला कि भाई अभी तो लॅडीस लोगो का टाइम चल रहा है तू 11 बजे के बाद आईओ तो मैने कहा साले थोड़े दिन मे एलटी बन जाउन्गा फिर तेरी गान्ड तोड़ूँगा तो वो बोला यार समझा कर रूल है और फिर कोई कंप्लेंट कर देगा तो मैं फसा ना वो बोला आजा इधर ही बैठ जा और नज़ारे ले तो मैं भी स्टूल पर बैठ गया और बिकिनी मे नहाते हुए मस्त मस्त माल को ताड़ने लगा मैं भी अब एक नंबर का ठर्कि बन गया था मैं सोच रहा था कि तीन साल खड़ावास्ला मे चूतिए की तरह मुट्ठी मार कर गुज़ार दिए तो भाई कोई मोटी कोई पतली औरत लड़की मेरा लंड खड़ा हो गया पर करे भी तो क्या खैर 11बजे मैं पानी मे उतरा और नहाने लगा अकेला ही था उस टाइम अब लोंडे ये सब फालतू कामो मे उलझते नही पर मैं तो मैं हू आधे घंटे नहाने के बाद अब मुझे जाना था पद्मिलनी के घर पर तो भाई अपनी 11 नंबर की बस पर सवार होकर मैं चला हौले हौले

निखत दोपहर मे जलता हुआ मैं उनके घर गया तो मालूम हुआ कि कुछ गेस्ट आए हुए थे पद्मि नी ने मुझे देखा और कहा कि अरे तुम इतनी लेट कैसे आए पता है मैं कब्से राह देख रही थी कितनी बार फोन मिलाया तुमको तो मैने फोन चेक किया पूरी 36 मिस कॉल थी तो मैने कहा सॉरी मॅम तभी एक मेहमान मे से बोला कि पद्मिचनी आपको कैसा नौकर अलॉट हुआ है जो बिल्कुल डीसिपलिन मे नही है नौकर मैं , मेरा मन किया साले के चस्मे पर ही खीच कर दो तीन दूं पर फिर सोचा कि पद्मिैनी का मेहमान है कही इस गान्डु के चक्कर मे हाथ आई मुर्गी ना निकल जाए तो मैने झट से कहा की सॉरी सर आइ’एम एक्सट्रीम्ली सॉरी तो पद्मिानी ने कहा तुम मेरा एक काम करो गेस्ट काफ़ी देर से बैठे है तुम जल्दी से जाओ और इनके लिए कुछ खाने को ले आओ मुझे तो आ रहा था कि जहर ला दूं इस चस्मे वाले को कहाँ से आ गये ये लोग मैने कहा मॅम आप के फुड के बारे मे मुझे ज़्यादा पता नही है तो आप पर्ची बना दो मैं ला दूँगा तो उन्होने ऑर्डर लिख दिया और मैं चला कॅंपस के बाहर मैं भी ठहरा पूरा जुल्मी पूरे एक घंटे बाद ही गया वापिस खैर वो लोग आपस मे बाते कर रहे थे एक तो उनकी लॅंग्वेज मेरे उपर से जा रही थी तो मैं गेट से बाहर आकर बैठ गया और रोड की तरफ देखने लगा गरमी भी लग रही थी पर अंदर जाना नही चाहता था तो वही बैठा रहा कोई दो घंटो के बाद शाम के 4 सवा 4 बजे वो चले गये तो मैं अंदर गया और जो भी सामान था उसको सॉफ किया फिर पद्मि नी के पास जाकर बैठ गया वो बोली सॉरी मेरे गेस्ट्स ने तुम्हे कुछ कुछ कहा तो मैं बोला कि इट’स ओके होता है फिर मैने पूछा कि टाय्लेट वग़ैरा जाना है क्या या और कुछ तो वो बोली नही अभी तो बस तुमसे बाते करूँगी तो मैंन कहा जैसा आप ठीक समझे फिर उन्होने पूछा कि फोन क्यो पिक नही किया तो मैने कहा कि आज मैं पूल साइड गया था तो फोन पॅंट मे था और मैं नहा रहा था तो पता नही चला तो वो बोली पूल साइड पर लड़किया ताड़ने तो मैने कहा जी अपनी आदत लड़की ताड़ने की नही है मैं तो सीधा सेक्स मे बिलीव रखता हू तो वो बोली कि क्या खुद को कॅसनोवा समझते हो अब साला ये कॅसनोवा क्या …………………………………………………………………………..

तो मैने कहा कि जी वो ही समझ लो तो वो बोली मैं क्यो सोचु जाओ अपनी गर्लफ्रेंड को समझाओ मुझे क्या लेना है तुमसे तो मैने कहा भाभी गर्लफ्रेंड का तो मैने कभी हाथ ही नही पकड़ा है वो बोली भला क्यो कम से कम किस तो करते तो मैने कहा कि अबकी बार किस तो ज़रूर ही करूँगा तो वो मज़े लेते हुए बोली कि मुझे भी बताओ कि कैसे करोगे किस तो मैने अपने चेहरे को उसके चेहरे पर झुका लिया उसकी गरम साँसे मुझ से टकरा गयी वो अपनी नशे से भरी आँखो से मुझे देखने लगी और मैने बिना देर किए अपने होंठ उसके होंठो से मिला लिए और उनको पीने लगा उसने अपना मुँह थोड़ा सा खोल दिया तो मैने उसके निचले होंठो को दबा लिया और उसको मज़े से किस करने लगा मैने अपने हाथ उसके बोबो पे रख दिए और टी-शर्ट के उपर से ही उनको प्रेस करने लगा तो उसने अपने हाथ से मुझे रोक दिया पर किस करती रही थोड़ी देर बाद मैने किस तोड़ी तो उसकी छातिया उपर नीचे हो रही थी हम दोनो एक दूसरे की आँखो मे लगातार देखे जा रहे थे तो मैने फिर से उसको किस करना शुरू कर दिया और अपने दोनो हाथ उसकी टी-शर्ट मे घुसा दिए और ब्रा के उपर से ही उनको मसल्ने लगा

 


क्या सॉफ्ट बूब्स थे पद्मिेनी के लगा कि जैसे साक्षात खजुराहो से कोई मूर्ति निकल कर मेरे सामने आ गयी अब मैं उसके बोबो को अच्छे से निचोड़ने लगा पर कुछ देर बाद उनसे मुझे हटा दिया और बोली कि प्लीज़ कंट्रोल करो मुझे डर लग रहा है कि मैं कही बहक ना जाउ प्लीज़ अभी तुम कुर्सी पर बैठो तो मैने कहा बी रिलॅक्स वो बोली जब से तुम मेरी लाइफ मे एंटर हुए हो एक कशिश है तुम मे पता नही क्यो मैं खिचती हू तुम्हारी तरफ तो मैने कहा तो फिर आ जाओ ना किसने रोका है वो बोली कि मेरी फॅमिली है अगर कुछ ग़लत हो गया तो मैं तो रोड पर आ जाउन्गी तो मैने कहा कुछ नही होगा तो वो बोली प्लीज़ तुम समझो एक हेल्थि रीलेशन ईज़ ओके पर सेक्स नेवेर विद यू तो मैने कहा कि आपने दोस्त समझा वोही बहुत है मेरे लिए अपने को और कुछ नही चाहिए ऐसा बोल तो दिया मैने नंबर बना ने को पर लंड को तो पद्मिरनी की चूत मे घुसना ही था तो पद्मिानी बोली कि थॅंक्स फॉर अंडरस्टॅंडिंग माइ फीलिंग्स वो बोली कि तुम जब चाहो मुझे किस कर सकते हो पर उसके आगे कुछ नही प्लीज़ तो मैने उसके बोबो की तरफ देखते हुए कहा कि एक बात कहूँ तो वो बोली हाँ तो मैने कहा कि क्या मैं वहाँ पर किस कर सकता हू चूत की तरफ इशारा करते हुए तो वो बोली यू नॉटी कुछ देर बाद वो बोली ओके पर जब मैं कहूँ तभी तो मैने कहा जी ठीक है

कुछ टाइम बाद मैने उनकी पाँव की गरम पट्टी को खोला और फिर आयिल से मालिश कर दी मैने कहा अब वापिस एग्ज़ॅमिन कब करवाना है तो वो बोली कि मूर्ति को पता है फिर बाते करते करते शाम हो गयी सर के आने के बाद मैं वापिस आ गया थोड़े दिनो मे पद्मि नी एक दम फिट हो गयी और मैं भी अपनी ट्रैनिंग मे बिज़ी हो गया अब कॅडेट्स पर काफ़ी प्रेशर आ ने लगा था तो कुछ टाइम के लिए पद्मिीनी मेरे माइंड से आउट हो गयी स्क्वाड्रेन्स बन गयी थी अलग अलग हर टास्क मे बस बेस्ट ही देना होता था बारिश का टाइम था पर बारिश मे भी ड्रिल्स करनी पड़ती थी एक हाड़ माँस के शरीर को फॉलाद बनाया जा रहा था आगे चल कर हमे ही इस आर्मी के सम्मान की रक्षा करनी थी दिल मे इच्छा थी कि इस बार सावन मे ऋषिकेश मे भोले बाबा के दर्शन करने ही है पर आउट पास का जुगाड़ नही बन पा रहा था फिर 15 अगस्त भी आना था तो अकादमी एक दम चेंज हो गयी थी अब ड्रिल्स मे बड़े बड़े ऑफिसर्स सूपरविषन करने आते थे तो गान्ड पे डंडा अटका रहता था अब तो घर भी कम ही फोन कर पाता था हा पर हर सनडे का खाना मैं पद्मिोनी के घर ही ख़ाता था और मोका देख कर किस भी कर लेता था पर इस से ज़्यादा कुछ हो नही रहा था

15 अगस्त के बाद दस पंद्रह दिन का ऑफ पीरियड्स था क्योंकि कुछ कॅडेट्स को कॅष्यूयली घर जाना पड़ा था तो मैं फ्री ही था तभी एक दिन बातों बातों मे पद्मि नी ने जिकर किया कि वो अपनी फ्रेंड की शादी मे मुंबई जा रही है मुंबई का नाम सुनते ही मेरे मन मे हलचल हो गयी अब मुझे भी मुंबई जाना था तो मैने कहा कि मॅम आप कब जाओगे तो वो बोली एक नेक्स्ट वीक मैने कहा मॅम मुझे भी मुंबई मे एक ज़रूरी काम है और शिफ्ट भी ऑफ है तो अगर आप सर से कहेंगी तो मैं भी मुंबई हो आउन्गा कुछ दिनो के लिए तो उन्होने पूछा कि क्या काम है तो मैने उनको निशा के बारे मे सब कुछ बता दिया तो वो बोली अरे यार तुम भी ना कहाँ कहाँ उलझे पड़े हो ऐसे कोई किसी के पीछे जाता है क्या तो मैने कहा मॅम आप नही समझो गे इस बात को प्लीज़ आप मेरी हेल्प करदो ना तो वो बोली कि आज शाम को मूर्ति से बात करती हू पर तुम मूर्ति को ये ना बोलना कि तुम मुंबई जा रहे हो मैने कहा जी ओके अगले दिन मैं अप्लिकेशन के साथ मूर्ति सर के ऑफीस मे खड़ा था वो बोले कि देखो मैं तुम्हारी लीव सॅंक्षन तो करवा दूँगा तुमने पद्मिवनी को कहा डाइरेक्ट्ली मुझे ही कह देते आख़िर तुम मेरे छोटे भाई जैसे हो मैने उनको बार बार थॅंक यू कहा उन्होने मेरा अप्लिकेशन लिया और कहा कि मैं सीओ से बाद करूँगा तीन दिन ऐसे ही कट गये पर मूर्ति सर की तरफ से जवाब नही आया अब दो दिन बाद पद्मिटनी को जाना था तो उसने मुझे कह दिया था कि उसने मेरी टिकेट भी करवा दी है साथ ही जाएँगे तो सफ़र भी अच्छा कट जाएगा मैं परेशान मैने पद्मिीनी से बात की तो वो बोली कि यार मैं मूर्ति को फोर्स नही कर सकती क्योंकि मैं भी जा रही हू कही वो मुझपर शक ही ना कर बैठे तो फिर मैने दुबारा उनसे नही कहा जिस दिन पद्मि नी को जाना था उस से एक दिन पहले शाम को 5 बजे मुझे ग्राउंड से बुलवाया और छुट्टी का लेटर देते हुए कहा कि कडेट 8 दिन की लीव सॅंक्षन करवा दी है कॅषुयल लीव है ये बड़ी ही मुश्किल से किया है तेरा काम तो मैने उनको थॅंक्स कहा मैने उनके पैर पकड़ लिए और थॅंक्स बार बार कहा उन्होने कहा अरे कोई बात नही तुम एंजाय करो

अगली दोपहर को मैं पद्मि नी के साथ स्टेशन था थॅंक गॉड मूर्ति सर उनको ड्रॉप करने नही आए थे आज पहली बार एसी1 का सफ़र करने वाला था मैं ट्रेन टाइम पर थी तो हम गाड़ी मे सवार हो गये पद्मिरनी ने हमेशा की तरह जीन्स और टॉप ही डाला हुआ था ये वाला कोच तकरीबन तकरीबन खाली ही था हम अपनी अपनी सीट्स पाट बैठ गये थे हमारा कॅबिन दो सीट्स का ही था तो टीटी को टिकेट चेक करवाने के बाद उन्होने परदा लगा दिया और आराम से लेट गयी मैं भी लेट गया वो कोई बुक पढ़ने लगी तो मैने कानो मे इयरफोन लगाए और गाने सुनते सुनते सो गया मेरी नींद तब खुली जब उन्होने मुझे जगाया वो बोली कि ट्रेन रुकी है तुम वॉटर बॉटल ले आओ तो मैं नीचे उतरा और पानी की दो तीन बॉटल पेप्सी और कुछ चिप्स ले आया अंधेरा हो गया था तो मैने घड़ी मे टाइम देखा 9 बज रहे थे इसका मतलब मैं बहुत देर तक सो या था वापिस आने के बाद मैने कहा कि अपने मुझे जगाया क्यो नही तो वो बोली कि तुम बड़े प्यारे लग रहे थे सोते हुए तो नही जगाया फिर पेंट्री वाले को कहने का ऑर्डर लिखवाया उन्होने कुछ देर मे डिन्नर भी आ गया 10 बजे के आस पास वो बोली कि चलो सो जाते है पर मैने कहा थोड़ी देर और बाते करते है फिर सोएंगे वो बोली कि ओके बात करते करते मैने कहा कि भाभी आइ नीड आ किस तो वो बोली कि व्हाट तो मैने कहा आइ नीड किस तो वो बोली कि यहाँ पागल हो मैने कहा हम प्राइवेट कॅबिन मे है और थोड़ी देर मे लाइट स भी डिंम हो जाएगी और कॅबिन भी लॉक है अंदर से तो वो बोली तुम नही मनोगे तो कर्लो जल्दी से मैने कहा जल्दी से क्या होता है किस तो किस की तरह से ही होगा ना फिर मैने पद्मिअनी की गर्दन मे हाथ डाला और उसके चेहरे को अपनी ऑर खेचा और उसके पतले पतले सुर्ख होंठो को अपने मुँह मे भर लिया ऐसा लगा कि जैसे गुलाब की पंखुड़िया मेरे मुँहमे भर गयी हो मैं मज़े से उसको किस कर रहा था तभी उसने ऐसी हरकत की जो मैने सोचा नही था उसने अपनी जीभ मेरे मुँह मे सरका दी मेरी जीभ से उसको टच करने लगी

 


मेरी उत्तेजना 200% बढ़ गयी मैं अपना हाथ उसके टॉप मे ले गया और उसके खरबूजो को दबाने लगा अब उसने कोई विरोध नही किया तो मैं और भी मज़े से उनको दबाने लगा

थोड़ी देर दबाने के बाद मैं अपना हाथ नीचे ले गया और जीन्स की उपर से ही चूत को दबाने लगा पद्मिैनी और भी पॅशनेट तरीके से किस करने लगी बल्कि अब मैं नही वो मेरे होटो को खा रही थी मैं लगातार उसकी चूत को मसले जा रहा था जब हमारी साँसे उखाड़ने लगी तो हम एक दूसरे के होंठो से अलग हुए कॅबिन का टेंप्रेचर गरम हो गया था नशा उसकी आँखो मे उतर आया था अब मैने अपना हाथ उसकी जीन्स मे थोड़ा सा घुसा दिया और पैंटी के उपर से चूत को कस के मसल दिया वो बोली प्लीज़ वहाँ टच मत करो मुझे कुछ कुछ होता है तो मैने कहा भाभी मैं वहाँ किस करू तो वो बोली कि नही मैं बोला प्लीज़ भाभी तो वो बोली कि ठीक है पर ओन्ली किस उनके कहते ही मैने झट से जीन्स का हुक खोल दिया और उसको पैंटी सहित घुटनो तक कर दिया मैं तो उसको पूरा ही निकालना चाहता था पर उन्होने मना कर दिया तो मैने पद्मिपनी की टाँगो को उपर किया और अपनी नाक से उनकी छूट से उठती हुवी महक को सूंघने लगा हाथ लगा कर देखा तो वो पूरी तारह से गीली हो गयी थी मैने झट से उस चूत को गोलगप्पे की तरह मुँह मे भर लिया और बड़े ही प्यार से उस प्यारी सी औरत की प्यारी चूत को किस करने लगा मुझे अब पकका लगने लगा था कि जल्दी ही पद्मि नी की चूत मे लंड भी डाल दूँगा वो भी धीरे धीरे सिड्यूस हो रही थी खैर अब मैं लगा उसकी चूत को चाटने पद्मिरनी बेहद हल्की आवाज़ मे आहे भर रही थी और अपने हाथो से मेरे सिर को चूत पर दबा रही थी

मैने उनके दाने को अपने दाँतों मे दबा लिया और उनकी चूत मे अपनी मिड्ल फ़िंगर घुसा दी और दाने को काट ते चूस्टे हुए चूत मे उंगली करने लगा पद्मिंनी भी एक हॉट माल थी तो वो भी अब खुल कर मैन्दान मे आ गई थी और मीठी मीठी सिसकारिया लेते हुए अपनी चूत चुस्वाई का पूरा मज़ा ले रही थी मैं तेज तेज उंगली करने लगा और दाने को भी जीभ से कुरेदने लगा 12-13 मिनट हो गये थे चूस्ते चूस्ते तो पद्मि नी ने कहा कि अपनी जीभ को अंदर डाल दो और अपनी कमर को तेज तेज हिलाने लगी मैने पूरी जीभ उस नमकीन चूत मे घुसा दी और फिर कुछ पॅलो बाद ही पद्मिपनी की चूत ने लावा उगल दिया उसका पानी मेरी ठोडी से होता हुआ नीचे गिरने लगा जिसे मैं चाटने लगा पद्मिकनी अब बेहद शांत हो गयी थी मैने रुमाल से उसकी चूत को सॉफ किया तो उसने जीन्स को उपर कर लिया मैने कहा मज़ा आया तो वो बोली याह इट वाज़ गुड इधर मेरा लंड पॅंट मे उछल कूद मचा रहा था तो मैने कहा भाभी बुरा ना मानो तो एक बात कहूँ वो बोली कहो तो मैने कहा कि मेरा ये भी परेशान है अगर आप इसे अपने हाथ से हिला कर शांत कर दो तो ………………………………………………………………………………………….

पद्मि…नी ने कुछ सोचा और कहा लाओ जब तुम मुझे ओर्गसम करवाया है तो मैं भी तुम्हारा करवाती हू तो मैने अपनी पॅंट और कच्छे को उतार दिया और पद्मि्नी के पास जाकर खड़ा हो गया उसने मेरे लंड को अपने हाथ मे लिया और बोली इट’स टू हॉट कितना गरम है ये तो मैने कहा कि भाभी आपको देख कर गरम हो गया है फिर उन्होने पूरे लंड पर अपना हाथ फेरा और बोली कि युवर टूल ईज़ गुड आइएम इंप्रेस्ड मैने कहा आपको पसंद आया वो बोली और क्या बोली मैं फिर वो हौले हौले उसको अपने हाथ से आगे पीछे करने लगी मैने आँखे बंद करली मुट्ठी मरवाने लगा कुछ देर बाद उसने अपने हाथ की स्पीड बढ़ा दी तो मुझे और भी मज़ा आने लगा पर थोड़ी देर बाद तो हद हो गयी मैं अपनी आँखें मूंडे मज़ा ले रहा था तभी मुझे लगा कि कुछ गीली चीज़ मेरे लंड से टकराई मैने आँखे खोल के देखा तो पद्मि नी ने मेरे लंड को अपने मुँह मे ले लिया था मैं तो बेहद ही खुश हो गया था मैने उसके सर पर अपने दोनो हाथ टिका दिए और थोड़ा सा दबाव दिया तो उसने लंड को पूरा मुँह मे ले लिया और चूसने लगी मैं तो एक दम से सातवे आसमान पर पहुच गया अपने को उस टाइम फिर कुछ याद ना रहा बस पुच पच की ही आवाज़ उसके मुँह से निकल रही थी 15 20 मिनट तक तबीयत से लंड चूसाया उसको फिर मेरा भी टाइम हो गया था तो मैने उसके सर को अपने लंड पर कस लिया और अपने गरम वीर्य की धार को उनके मुँह मे छोड़ दिया जिसे वो गटा गट पी गयी

 


कुछ देर शांत होने के बाद उन्होने अपने बॅग से नॅपकिन निकाला और अपने फेस को सॉफ किया और बोली कि काफ़ी स्टॅमिना है तुम मे और तुम्हारा माल भी टेस्टी था तो मैने कहा आप को जब भी टेस्ट करने का मन हो आप बता देना तो वो बोली हम अब मैं कभी कभी टेस्ट ज़रूर करूँगी कुछ देर बाते करने के बाद हम दोनो सो गये तो फिर सुबह ही आँख खुली आज का दिन और लगना था मुंबई पहुचने मे रात के 2 बजे के आस पास पहुचना था वहाँ पर तो दिन तो ऐसे ही निकल गया पर वो साथ थी तो मैं बोर ना हुआ तो रात को एक बार फिर से हम ने 69 मे एक दूसरे को झाड़ दिया था गाड़ी ने ठीक टाइम पर हमें मुंबई मे उतार दिया पामिनी की फ्रेंड ने गाड़ी भेजी थी तो कोई परेशानी ना हुई वो बंडारा मे एक पॉश सोसायटी मे रहती थी और घर देख कर पता चलता था कि काफ़ी अमीर फॅमिली से बिलॉंग करती थी तो साढ़े तीन बजे हम उनके घर पर पहुचे शादी का माहौल था तो कुछ लोग सो रहे थे कुछ जाग रहे थे उसकी फ्रेंड ने हमारा वेलकम किया और कहा कि वैसे तो सभी गेस्ट्स के रहने का इंतज़ाम होटेल मे किया है पर आप लोग अभी इस टाइम पहुचे हो तो अभी यही रेस्ट कर्लो सुबह मैं आपको होटेल रूम मे पहुचा दूँगी पद्मिअनी अपनी फ्रेंड से बाते करने लगी और मैं वही एक साइड मे ही सो गया सुबह पद्मिमनी ने मुझे जगाया और कोफ़ी दी बोली हाथ मुँह धो लू फ्लॅट मे काफ़ी भीड़ है तो हम होटेल जा रहे है तो मैने कहा कुछ खाना मिल जाता तो वो बोली अभी होटेल मे ही खा लेना और फिर कोई आधे घंटे बाद ड्राइवर ने हमे होटेल पहुचा दिया 5 स्टार होटेल मे जाने का पहला अनुभव था मेरा तो मैं थोड़ा एक्शिटेड हो गया पर पद्मिननी के लिए तो ये सब नॉर्मल ही था नहाने धोने मे ही दोपहर हो गयी तो मैने कहा मॅम मुझे अब अपनी फ्रेंड के घर जाने का है तो वो बोली ओके तुम मिल आओ मैं सीधा नम्रता के घर जाउन्गी और रस्मो को एंजाय करूँगी तुम सीधा वही आ जाना तो मैने अड्रेस ले लिया और एक टॅक्सी वाले को निशा का अड्रेस दिया और मन मे हज़ार उमंगे लिए चल पड़ा अब मुंबई का ट्रॅफिक दो घंटे लग गये मुझे पर जैसे तैसे पहुच ही गया उसके अड्रेस पर पहुच कर मैने घंटी बजाई तो एक बुजुर्ग आंटी ने गेट खोला तो मैने कहा कि जी मुझे निशा से मिलना है मैं उसके गाँव से आया हू तो वो बोली कि कॉन निशा बेटा इधर कोई निशा नही रहती है मैं बोला पर आंटी उसने लेटर मे तो यही का अड्रेस लिखा था तो वो बोले कि बेटा पिछले डेढ़ साल से भी ज़्यादा टाइम से इधर मैं और मेरे हज़्बेंड रेंट पर है हो सकता है हम से पहले वो इधर रहता हो पर हम को कुछ मालूम नही डेढ़ साल हूंम्म्मममम चिट्ठी भी तो इतने टाइम पुरानी ही थी खैर अब क्या करू तो मैं भारी मन से वापिस मुड़ा ही था कि आंटी ने बुलाया और कहा की एक काम करो सन तुम इस फ्लॅट के ओनर के पास चले जाओ हो सकता है कि वो तुम्हारी कोई मदद कर सके और मुझे मकान मालिक का पता दे दिया तो मैने फिर से टॅक्सी ली और चला गया शाम हो गयी वहाँ पहुचते पहुचते अंजान सहर कुछ रास्तो का पता नही तो मैं उनसे जाकर मिला तो उन्होने बताया कि हम निशा वो एसबीआइ वाली रहती तो थी पर फिर उसकी शायद ट्रान्स्फर हो गयी थी तो वो मेरा फ्लॅट खाली कर गयी अभी वो कहाँ रहती है आइ हॅव नो आइडिया फिर से मायूसी ही हाथ लगी मुझे निशा पर बहुत ही गुस्सा आ रहा था आख़िर क्यो वो मुझसे दूर हो गयी थी आख़िर क्या था वो कारण जो इस कदर उस की बेरूख़ी मुझे सहनी पड़ रही थी ऐसे ही रात घिर आई थी पर वो कहते है ना मुंबई मे कभी रात नही होती है मैं वही रोड पर ही एक पेड़ के पास बैठा था बिल्कुल मायूष हताश कि तभी पद्मिरनी का कॉल आया उसने कहा कि वो होटेल आ गयी है तुम कब तक आओगे तो मैने कहा कि आता हूँ और टॅक्सी लेकर होटेल आ गया पद्मि नी ने मेरी उजड़ी हुई शकल देखी और कहा कि हे मिस्टर क्या हुआ तो मैने रोते रोते उसको पूरी बात बड़ा दी आज फोजी अपनी भावनाओ पर कंट्रोल नही कर पाया था उसने मुझे अपने सीने से लगा लिया और चुप करवाने लगी पर मैं बहुत देर तक सुबक्ता ही रहा जब सारा दर्द आसू बन कर बह गया तो मैं रिलॅक्स हुआ फिर मैं बाथ रूम मे गया और मुँह धोकर आया पद्मिंनी ने पूछा कि खाना खाया तो मैने कहा भूख नही है तो वो बोली कि ऐसे कैसे भूख नही है अभी ऑर्डर करती हू थोड़ी देर मे ही खाना आ गया तो वो मुझे अपने हाथो से खिलाने लगी कुछ देर बाद मेरा मूड ठीक हो गया मैं पूरा दिन का थका हुआ था तो खाना खाते ही मैं सो गया अगले सुबह पद्मि नी ने मुझे झींझोड़ कर उठाया और कहा कि क्या तुम भी कितना सोते हो मैने आँखे खोली तो आज उसका एक दूसरा ही रूप देखा आज उसने साड़ी पहनी हुवी थी और उपर से ढेर सारी गोल्ड ज्वेल्लेरी ऐसा लगा जैसे स्वर्ग से कोई देवी ही उतर आई हो उसने कहा अब ऐसे देखना बंद करो और रेडी हो जाओ हम नम्रता के घर जा रहे है मैं चाहती हू तुम भी शादी को एंजाय करो ताकि थोड़ा अच्छा फील करो तो मैने कहा कि मेरे पास तो शादी के कपड़े है ही नही तो वो बोली कोई बात नही हम रास्ते मे कुछ ड्रेस ले लेंगे फिर मैं तैयार हो गया और रास्ते मे शॉपिंग के बाद हम निकल पड़े उनकी फ्रेंड के घर पर

 


अब साउत इंडियन शादियो की फालतू रस्मे पद्मिपनी का तो कल्चर था और फिर उनकी लॅंग्वेज मुझे थोड़ी कम ही आती थी तो मैं एक कुर्सी ली और साइड मे बैठ गया और देखने लगा मैने नज़र दौड़ाई तो देखा कि माल तो यहाँ पर भी कम नही थे पर मेरी नज़र तो पद्मितनी पर ही थी और मेरे जैसे और भी कोई ठर्की थे वो भी उसको ही ताड़ रहे थे पर वो कहते है ना कि शादी ब्याह का माहौल ही कुछ ऐसा होता है कि आदमी का मन रम ही जाता है पर एक बात मैने नोटीस की कि वो लोग बड़े ही रेस्पेक्टफुल थे तो मुझे और भी अच्छा लगा तभी आंटी जी आई और बोली बेटा कुछ चाहिए तो शरमाना मत तो मैने कहा आंटी जी मेरा ही घर है आप चिंता ना करो और कोई काम हो तो बताना वो बोली अरे बेटा आप लोग तो गेस्ट हो आप बस एंजाय करो और चली गयी मैने कुछ खाया नही था तो मैने पद्मिपनी को बुलाया और कहा कि डियर, लंच कब होगा तो वो बोली कि कुछ देर मे होटेल्स से आता ही होगा फिर आधे घंटे बाद लंच भी आ गया कुछ लोग लंच कर रहे थे कुछ एंजाय कर रहे थे ऐसे ही पता ही नही चला कि कब शाम हो गयी पर उनकी रस्मे चलती ही रही शाम को कुछ रिश्तेदार डॅन्स कर रहे थे तभी वेटर आगया वाइन सर्व कर रहा था मैने दो पटियाला पेग लगाए और अब फोजी को चढ़ि हुड़क तो फोजी ने भी भांगड़ा कर ही डाला बड़ा ही मज़ा आया कुछ लड़के लड़किया भी मेरा साथ देने लगे समा सा बँध गया था जब तक मैं पसीने पसीने ना हो गया डॅन्स करता ही रहा फिर रात को 9 बजे हम लोग निकल गये रास्ते मे पद्मितनी ने कार रुकवाई और कहा कि चलो हम स्ट्रीट फुड टेस्ट करते है तो हम एक ठेले के पास गये और पाव भाजी ऑर्डर की पद्मिेनी बोली मुझे हमेशा से ही स्ट्रीट फुड बहुत पसंद है उस रात हम ने वही डिन्नर किया और 11 बजे के लगभग हम होटेल आ गये कपड़े वग़ैरा चेंज करने के बाद हम बात कर रहे थे ब्लॅक नाइटी जो उसके घुटनो तक ही आती थी उसमे से पद्मि नी एक सेक्स बॉम्ब लग रही थी वो कहने लगी अच्छा डॅन्स करते हो तुम तो मैने कहा जी वो तो बस कभी कभी ऐसे ही तो वो बोली कि तुम ड्रिंक कर के डॅन्स कर रहे थे ना मैं बोला आपको क्या पता तो वो बोली कि फ़ौजी की वाइफ हू और खुद फॉजन रह चुकी हू मैने कहा आप करती हो ड्रिंक वो बोली हम तो मैने कहा चलो बूज़ करते है तो मैने दो बॉटल बियर और आइस क्यूब का बॉक्स ऑर्डर कर दिया ऑर्डर आते ही हम दोनो लगे अपनी अपनी बॉटल पीने कुछ ही मिनट मे उसने अपनी बॉटल खाली कर दी और मैने भी ऐसे ही हमारा मज़ाक मस्ती चल रहा था तो मैने उसको अपनी तरफ खीच लिया और अपनी गोदी मे बिठा लिया वो अपनीी नशीली आँखे मेरी आँखो मे डाल के बोली यू फफफफफफ्फ़ क्या करते हो छोड़ो मुझे तो मैने कहा भाभी कुछ देर यही बैठो ना अच्छा लगता है और मैं अपनी उंगलिया उनके गालो पर फिराने लगा और एक उंगली उनके मुँह मे डाल दी वो उसको चूसने लगी मैं दूसरे हाथ से उनकी पीठ को सहलाने लगा पद्मिसनी क़ी आँखो मे मुझे आज वासना के डोरे दिखाई दे रहे थे उसकी उभरी हुवी चूचिया तन कर मेरे सीने मे समाने को आतुर लग रही थी तो मैने उसके मुँह से उंगली निकाली और उसको खुद के मुँह मे डाल के चूसने लगा वो बोली कि कभी कभी तुम मुझे पागल ही कर देते हो मैने उसके होंठो को हल्के से सहलाया पद्मिानी मेरी गोद मे बैठी बैठी काँपने सी लगी उसके बड़े बड़े चुतड़ों का दबाव मेरी टाँगो पर पड़ रहा था तो मैं उसके सुर्ख होंठो को चूमने लगा साथ ही साथ मैं उसके कुल्हो को भी दबाने लगा 10 मिनट तक उसके होटो से ही जुड़ा रहा मैं थूक लार सब को मैं चाट गया

पद्मिसनी की आँखो मे हवस आज एक नयी इबारत लिखते हुए मुझे दिख रही थी फिर मैने उसकी नाइटी की किनारो को पकड़ा और उपर उठाते हुए उसको निकाल दिया अब वो खाली गोलडेन कच्छि बॉडी मे मेरी गोदी मे बैठी थी मैं अपना हाथ उसकी पीठ पर ले गया और उसकी ब्रा को भी खोल दिया रेशमी डोरी के खुलते ही उसकी चूचियाँ मेरे सीने पर झूल गयी तो मैने उसको थोड़ा सा अड्जस्ट किया और एक चूची को अपने मुँह मे ले कर निप्पल को पीने लगा पद्मिऔनी के पूरे बदन मे एक करंट सा भर गया पर वो मुँह से कुछ ना बोली वो मेरे बालों मे अपनी कोमल उंगलिया फिराने लगी मैं बारी बारी दोनो निप्पल्स को चूस्ता रहा आधे घंटे से भी अधिक टाइम तक मैं उसकी चूचियो पर ही लगा रहा जब वो बिल्कुल लाल हो गयी तब मैने उनको छोड़ा और फिर पद्मि नी को अपनी बाहों मे उठा कर बेड पर पटक दिया और उस पर चढ़ गया और फिर से उसको किस करने लगा पद्मिकनी मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी और उसको उतार दिया और मेरे सीने पर हाथ फेरने लगी

 
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