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जगदीश राय:अरे बेटी तुम इतना जल्दी कैसे आ गई।
तबियत तो ठीक है ना।
सशा: पापा मेरा सर थोडा भारी था।इसलिए आ गई।
लेकिन आप आफिस नहीं गए।
जगदीश राय:सुबह गया था बेटी।आज जल्दी काम खत्म हो गया तो चला आया।तुम फ्रेश हो के आओ।मुझे तुमसे कुछ काम है।
साशा:ओके पापा।अभी आती हूँ।
सशा 10 मिनट बाद फ्रेस होकर आ जाती है।जब जगदीश राय पहले पढाई के बारे में बात करता है।फिर धीरे धीरे सशा से असली बात पर आता है।
जगदीश राय:देखो बेटी।तुमको कोई भी प्रॉब्लम है मुझे बताओ।मैं तुमको कुछ नहीं बोलूंगा।लेकिन जब बार बार पूछने पर सशा कुछ नहीं बताती तो जगदीश राय
अपनी मोबाइल में का वीडियो दिखाता है।जिसे देखकर साशा अपना सर निचे झुका लेती है और फुट फुट कर रोने लगती है।
जगदीश राय सशा को बाँहो में भर लेता है और उसे चूमते हुए चुप कराने लगता है।धीरे धीरे सशा चुप हो जाती है।तब जगदीश राय उससे पूछता है की किस मज़बूरी में वह ऐसा कर रही थी।तब सशा बताने लगती है।
एक हफ्ते पहले की बात है।एक लड़का बहुत दिनों से मेरे पीछे पड़ा हुवा था।रोज मेरा पीछा करता।मुझसे बात करने की कोशिश करता।हर समय मुझे देखकर मुस्कुरा देता।लेकिन मुझे कोई असर नहीं हुवा लेकिन 3-4 दिन पहले रात को मेरी नींद खुल गई।मुझे जोरो से पेशाब लगी हुई थी।जब मैं पेशाब करके आ रही थी तो निशा दीदी की आवाज आपके कमरे से सुनाई दी तो मैंने की होल से देखा की आप और दीदी सेक्स कर रहे थे।
तबियत तो ठीक है ना।
सशा: पापा मेरा सर थोडा भारी था।इसलिए आ गई।
लेकिन आप आफिस नहीं गए।
जगदीश राय:सुबह गया था बेटी।आज जल्दी काम खत्म हो गया तो चला आया।तुम फ्रेश हो के आओ।मुझे तुमसे कुछ काम है।
साशा:ओके पापा।अभी आती हूँ।
सशा 10 मिनट बाद फ्रेस होकर आ जाती है।जब जगदीश राय पहले पढाई के बारे में बात करता है।फिर धीरे धीरे सशा से असली बात पर आता है।
जगदीश राय:देखो बेटी।तुमको कोई भी प्रॉब्लम है मुझे बताओ।मैं तुमको कुछ नहीं बोलूंगा।लेकिन जब बार बार पूछने पर सशा कुछ नहीं बताती तो जगदीश राय
अपनी मोबाइल में का वीडियो दिखाता है।जिसे देखकर साशा अपना सर निचे झुका लेती है और फुट फुट कर रोने लगती है।
जगदीश राय सशा को बाँहो में भर लेता है और उसे चूमते हुए चुप कराने लगता है।धीरे धीरे सशा चुप हो जाती है।तब जगदीश राय उससे पूछता है की किस मज़बूरी में वह ऐसा कर रही थी।तब सशा बताने लगती है।
एक हफ्ते पहले की बात है।एक लड़का बहुत दिनों से मेरे पीछे पड़ा हुवा था।रोज मेरा पीछा करता।मुझसे बात करने की कोशिश करता।हर समय मुझे देखकर मुस्कुरा देता।लेकिन मुझे कोई असर नहीं हुवा लेकिन 3-4 दिन पहले रात को मेरी नींद खुल गई।मुझे जोरो से पेशाब लगी हुई थी।जब मैं पेशाब करके आ रही थी तो निशा दीदी की आवाज आपके कमरे से सुनाई दी तो मैंने की होल से देखा की आप और दीदी सेक्स कर रहे थे।