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Guest
आशा उनकी आँखों में आँखे डाले उन्हें देख रही थी ...
उनके चहरे के हाव भाव से उसे पता चला की अब वो झड़ने की कगार पर है ...
तो आशा ने अपनी मुट्ठी उनके लंड पर कसी और चूसने लगी ...
आशा के चूसते चूसते ही.... उसके मुँह में उसके पापा के वीर्य की बौछार होने लगी ...कुछ भीतर मुह में जा रहा था ।पापा का वीर्य इतना ज्यादा था की कुछ वीर्य आशा मुह से टपक रहा था ….
वीर्य की आखरी बून्द तक वह चूसती रही ।
आशा लगभग सारा वीर्य गटक गयी …फिर भी थोडा सा उसके होठो के आसपास और उसकी ठुड्डी पर लगा था। पापा के वीर्य की टेस्ट आशा बहोत अच्छी लगी ….
आशा ने अपने होठो पे जीभ घुमाकर इदर उधर लगा माल चाट लिया…
फिर पापा और आशा पलंग पर लेटे आराम करने लगे…
और हम एकदूसरे की बाहो में समां गए….
कुछ देर तक युही ख़ामोशी से पड़े रहने के बाद पापा बाते करने लगे …..
जगदीश राय : सॉरी बेटी मैंने तुमको गाली दिया।
आशा:कोई बात नहीं पापा।रफ सेक्स में गाली सुनने में भी मज़ा आता है।
जगदीश राय:कैसा लगा आशा बेटी…..
आशा: आपने तो मेरी जान ही निकाल दी थी पापा ....
जगदीश राय: इतनीसी चुदाई से जान नहीं निकलती मेरी जान … चुदाई का मजा आया की नहीं …..
आशा:मुझे भी बाद में बहुत मज़ा आया पापा।
कुछ देर बाद आशा बोली- चलो पापा, खाना खा लेते हैं.
जगदीश राय- ठीक है लेकिन हम लोग ऐसे ही नंगे रह कर खाना खाएंगे और तू मेरी गोद में बैठकर खाना खाएगी. मेरा लंड भी खाते वक़्त तेरी गांड में रहेगा।
तुझे खाने के साथ मेरी आइसक्रीम भी खानी पड़ेगी.. मंजूर है!
आशा बोली- ठीक है पापा आज आप जो कहोगे, वह मैं करूँगी.
फिर दोनों ने मिल कर टेबल पर खाना सजाया.जगदीश राय ने अलग से फ्रिज से आइसक्रीम भी निकाल कर सजा दी.जगदीश राय ने आइसक्रीम को आशा की चूचियों पर लगा दिया और चूचियों को चूसने और चाटने लगा . आशा भी बहुत गर्म हो गई थी.पूरा आइसक्रीम चाटने तक जगदीश राय चूचियों और निप्पलों को काटता रहा ,चूसता रहा।
उनके चहरे के हाव भाव से उसे पता चला की अब वो झड़ने की कगार पर है ...
तो आशा ने अपनी मुट्ठी उनके लंड पर कसी और चूसने लगी ...
आशा के चूसते चूसते ही.... उसके मुँह में उसके पापा के वीर्य की बौछार होने लगी ...कुछ भीतर मुह में जा रहा था ।पापा का वीर्य इतना ज्यादा था की कुछ वीर्य आशा मुह से टपक रहा था ….
वीर्य की आखरी बून्द तक वह चूसती रही ।
आशा लगभग सारा वीर्य गटक गयी …फिर भी थोडा सा उसके होठो के आसपास और उसकी ठुड्डी पर लगा था। पापा के वीर्य की टेस्ट आशा बहोत अच्छी लगी ….
आशा ने अपने होठो पे जीभ घुमाकर इदर उधर लगा माल चाट लिया…
फिर पापा और आशा पलंग पर लेटे आराम करने लगे…
और हम एकदूसरे की बाहो में समां गए….
कुछ देर तक युही ख़ामोशी से पड़े रहने के बाद पापा बाते करने लगे …..
जगदीश राय : सॉरी बेटी मैंने तुमको गाली दिया।
आशा:कोई बात नहीं पापा।रफ सेक्स में गाली सुनने में भी मज़ा आता है।
जगदीश राय:कैसा लगा आशा बेटी…..
आशा: आपने तो मेरी जान ही निकाल दी थी पापा ....
जगदीश राय: इतनीसी चुदाई से जान नहीं निकलती मेरी जान … चुदाई का मजा आया की नहीं …..
आशा:मुझे भी बाद में बहुत मज़ा आया पापा।
कुछ देर बाद आशा बोली- चलो पापा, खाना खा लेते हैं.
जगदीश राय- ठीक है लेकिन हम लोग ऐसे ही नंगे रह कर खाना खाएंगे और तू मेरी गोद में बैठकर खाना खाएगी. मेरा लंड भी खाते वक़्त तेरी गांड में रहेगा।
तुझे खाने के साथ मेरी आइसक्रीम भी खानी पड़ेगी.. मंजूर है!
आशा बोली- ठीक है पापा आज आप जो कहोगे, वह मैं करूँगी.
फिर दोनों ने मिल कर टेबल पर खाना सजाया.जगदीश राय ने अलग से फ्रिज से आइसक्रीम भी निकाल कर सजा दी.जगदीश राय ने आइसक्रीम को आशा की चूचियों पर लगा दिया और चूचियों को चूसने और चाटने लगा . आशा भी बहुत गर्म हो गई थी.पूरा आइसक्रीम चाटने तक जगदीश राय चूचियों और निप्पलों को काटता रहा ,चूसता रहा।