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नए पड़ोसी complete

दिव्या अपनी चूत को अपनी उंगली से रगड़ते हुए बोली "बुला लो उसको आज मुझे सेंडविच बनवा ही लो तुझे भी मजा आ जाएगा और मैं तो जन्नत की सैर करूंगी ही." मैंने सनी को मैसेज कर दिया. उसने कहा की वो ५ मिनट में आ रहा है. उसके आने के एक्साइटमेंट से दिव्या में और मुझ में जोश भर गया.

दिव्या अपनी चूत पर अभी उंगली फिरा ही रही थी की सनी ने दरवाजे पर दस्तक दी. दस्तक सुनकर दिव्या उठकर कपड़े पहने की तरफ चली. मैंने मना कर दिया "यार जब चुदाई ही करवानी है तो फिर शर्म कैसी? और वैसे भी वह तुम्हें कपड़ों के ऊपर तो रगड़ ही चुका है और तुम भी उसे कपड़ों के ऊपर रगड़ चुकी हो तो फिर शर्म छोड़ो. तुम दोनों एक दूसरे को नंगा करो और छेड़छाड़ शुरू करो मैं तब तक दो दो पैग और बनाता हूं. दो दो पैग लगाकर फिर चुदाई शुरू करेंगे."

मैंने दरवाजा खोलकर सनी को अंदर बुला लिया उसका हाथ पकड़ कर डबल बेड के पास लेकर गया और बोला चलो भाई शुरू हो जाओ. उसे देखते ही दिव्या सेक्स से पागल हो गई. दिव्या ने बेड पर से उठ कर तेजी से सनी का हाथ पकड़कर बेड पर खींच लिया और बदहवासी में उसकी कमीज फाड़ दी और उसको ऊपर से नंगा करके उसकी छाती, कमर और पेट पर हाथ फिराने लगी. सनी तो पहले से ही दिव्या के शरीर पर फिदा हो गया था. दिव्या के इस तरह छेड़ने से बहुत बहुत उत्तेजित होने लगा.. दिव्या अब उसके लंड से खेलना चाहती थी. दिव्या ने उसकी पैंट की हुक को खोला और उसके पैंट की चैन को खोल दिया अब दिव्या को बहुत एक्साइटमेंट हो रहा था.

पैंट की चैन खोलने के बाद दिव्या ने पैंट नीचे उतार दी अंडरवेअर में सनी बहुत सेक्सी लग रहा था उसके सेक्सी बदन को देख कर दिव्या चेहरा खुशियों से खिल गया. दिव्या उसके सामने अपने घुटनों पर बैठ गयी और अपने दोनों हाथों से सनी की गांड को सहलाने लगी. सनी की गांड को सहलाने के बाद दिव्या ने सनी के लंड को अंडरवियर के ऊपर से ही सहलाने शुरु किया. उसके लंड को पकड़ कर दिव्या की सांसे और तेज होने लगी अब दिव्या से सब्र नहीं हो रहा था. दिव्या ने उसका फिरंगी लंड अंडर वियर से बाहर निकाल लिया.. उसका लंड राजेश और मेरे लंड से कुछ बड़ा और ज्यादा मोटा रहा होगा. उसका लंड देखकर दिव्या पागल हो गई.. और उसकी खुशी देखकर मेरा भी लंड दोबारा से खड़ा हो गया. दिव्या ने सनी का लड बुरी तरह से चाटना शुरू कर दिया था. सनी ने दिव्या को उठाकर 69 का पोज बना लिया और उसकी चूत को चाटने लगा सनी दिव्या की चूचियां दबा रहा था नीचे से और फिर उसकी कमर उसकी गांड सहला रहा था. इसी बीच में मैंने दोनों को एक एक पैग बना कर दे दिया. उन्होंने अपना पैग जल्दी से खत्म करके अपना काम फिर शुरू कर दिया.

 
दिव्या के शरीर से खेलते हुए सनी को बहुत मजा आ रहा था और मुझे देखते हुए. मैंने सोचा की जब मैं रेणुका को ऐसे ही राजेश के साथ देखूँगा तब कितना मजा आयगा. सनी दिव्या को नंगा देखकर वासना मैं पागल हो गया. सनी के नंगे शरीर को दिव्या भी बहुत अच्छी तरह भोग रही थी वह सनी के शरीर के हर हिस्से को छेड़ रही थी और जीभ से चाट रही थी और दांतों से काट रही थी. सनी और दिव्या एक दूसरे को पूरा मजा दे रहे थे अब दिव्या और सनी से बर्दाश्त नहीं हो रहा था. सनी ने दिव्या को बेड पर लिटा दिया और उसकी टांग खोल कर उसकी चूत के मुंह पर अपना लंड लगा दिया.

दिव्या को सनी के खूबसूरत लंड को अंदर लेने की फीलिंग लेते हुए देखना बहुत एक्साइटिंग था जैसे जैसे सनी ने अपना लंड दिव्या की चूत में धीरे धीरे अंदर सरकाया तो दिव्या तड़प उठी और उसने सनी की गांड को पकड़ते हुए उसको अपनी चूत की तरफ खींचा जिससे उसका लंड दिव्या की चूत के और अंदर जाए.

सनी ने धीरे-धीरे सारा लंड दिव्या की चूत के अंदर पहुंचा दिया. दिव्या अब जन्नत के मजे लेने लगी थी. अब सनी ने चुदाई धीरे-धीरे तेज कर दी थी और अब दिव्या को और मजा आने लगा था. दिव्या ने मेरी तरफ देख कर कहा कि अब मुझे मजा आ रहा है अब मुझे दोनों मिलकर चोदो.

मैंने अपना लंड दिव्या के मुंह में डाल दिया और सनी दिव्या की चूत में अपने लंड से मालिश करता रहा. हम दोनों दिव्या के मुंह और चूत को चोदते रहे. थोड़ी देर चुदाई के बाद सनी ने कहा कि मुझे भी अपना लंड चटवाना है तब उसने दिव्या को घोड़ी बनाया और उसके मुंह के सामने खुद अपना लंड लेकर खड़ा हो गया मैंने पीछे से दिव्या की चूत की चुदाई शुरू कर दी. चूत की चुदाई से दिव्या को मजा आ रहा था और सनी का लंड पीने में उसे और मजा आ रहा था क्योंकि मेरा लंड पीते-पीते काफी टाइम हो गया था…थोड़ा चेंज मिलने उसको भी अच्छा लगा… और जब एक नया और बड़ा लंबा लंड चूसने को मिला तो दिव्या बहुत एक्साइटेड हो गई थी और मुझे भी बहुत अच्छा लगा मैं भी यही चाहता था दिव्या इस चेंज के पूरे मजे ले और खुलकर चुदाई करें और करवाए.

सनी का लंड बड़ा था लेकिन दिव्या फिर भी उसे काफी अंदर ले रही थी और उसके मुंह से लार टपक रही थी. दिव्या को सनी का लंड चाटना इतना अच्छा लग रहा था कि उसका रुकने का मन नहीं कर रहा था. थोड़ी देर ऐसे ही चुदाई के बाद दिव्या बोली मुझे सेंडविच भी तो बनाओ.

 
तो मैंने और सनी ने कहा कि ठीक है आज इसको सैंडविच बना देते हैं. सनी बेड पर लेट गया और दिव्या उसके ऊपर बैठकर उसके लंड को अपनी चूत में लेकर हिलने लगी उसके बाद दिव्या सनी की छाती के ऊपर अपनी चूचियां रखे लेट गई और उसने अपनी गांड को थोड़ा ऊपर उठा लिया जिससे मैं उसकी गांड में लंड डाल सकूं… चुदाई से और चटाई से दिव्या की चूत और गांड बहुत चिकनी हो गई थी तो मैंने उसकी गांड पर लंड रखकर धीरे से धक्का दिया तो लंड अंदर चला गया. हम दोनों ने दिव्या को सेंडविच बनाकर उसकी चूत और गांड की चुदाई शुरू कर दी और दिव्या उचक उचक कर मचलने लगी और चूत और गांड में एक साथ चुदाई के मजे लेने लगी. कहां उसको दर्द हुआ करता था लेकिन आज वह इतनी एक्साइटेड भी कि खुद ही उछल उछल कर जग रही थी और कह रही थी "मुझे मेरी चूत में और गांड में ऐसे ही चोदो और जोर जोर से चोदो…. चोदते रहो आवारा कुत्तों चोदो चोदो मुझे खूब चोदो मेरा सैंडविच बना दो ….आवारा कुत्तों मुझे कुतिया बना दो…. मैं तुम्हारी कुतिया हूं मेरी चूत गांड फाड़ डालो...ऐसे मोटे-ताजे माल को ग्रुप में चोदते हुए में मुझे और सनी को बहुत मजा आ रहा था और हम दोनों से एक साथ चुदते हुए दिव्या की हवस और मजे का तो कोई ठिकाना ही नहीं था वासना में पागल हुई जा रही थी. थोड़ी देर बाद दिव्या बोली की सनी मेरी गांड भी मारो. मैं नहीं चाहती कि मेरे शरीर का कोई छेद ऐसा बचे जिसमें मैं तुम्हारे सेक्सी लंड का मजा ना लू.

सनी बोला "तुम्हें नहीं पता कि तुम कितनी सेक्सी माल हो डार्लिंग?? तुम इतनी सेक्सी हो कि तुम्हारे किसी छेद को मैं चौदे बिना छोड़ ही नहीं सकता……..तुमने सोच भी कैसे लिया कि मैं तुम्हारे किसी छेद को बिना चुदाईे छोड़ दूंगा ……… तुम्हारे शरीर के एक-एक एक एक हिस्से को चोदूंगा. मैं तेरा हर यूज़ करूंगा…. मैं ही तुझे छोड़ने वाला कहां हूं …..मैं तेरा मुंह ,चूत और गांड सब को चोदूंगा ……. मैं तो तुझे चोदता रहूंगा ……"

उसके बाद दिव्या बोली "साले चोदो तुम दोनों मुझे चोदो आज और मुझे चोद चोद कर रंडी बना दो और जहां चाहे वहां चोदो मेरी चूत गांड मे जैसे चाहो मुझे वैसे चोदो … कभी मुंह में कभी कभी गांड में कभी चूत मे जैसे चाहो वैसे चोदो…. …..चाहे मेरी चूत में दोनों लंड एक साथ डाल दो चाहे मेरी गांड में दोनों लंड एक साथ डाल दो… चाहे मेरे मुंह में दोनों लंड एक साथ डाल दो और जगह बदल बदल कर चोदो …..मेरे शरीर का कोई सा हिस्सा ऐसा नहीं बचना चाहिए जहां पर तुम दोनों का लंड ना रगड़ा हो….………मेरा जीवन सफल कर दो आज मुझे चोदकर….………मुझे एक साथ चोद कर पूरी औरत बना दो…..………मेरी चूत मुंह और गांड में एक साथ मजा देकर मुझे औरत होने का संपूर्ण सुख दे दो आज तुम…."

दिव्या की उत्तेजक बातें सुनकर हम एक्साइटेड हो गए और हम उसे आसन बदल-बदल कर कई बार चोदा. तीन बार चोद कर मैं तो बैठ गया लेकिन सनी उस को दो बार और चोदा. …दिव्या की चुदाई से सनी का मन ही नहीं भर रहा था उसका तो मन हो रहा था कि वह दिव्या की चूत और गांड सबकुछ फाड़ डाले … जितना मजा दिव्या को और मुझे आज दिव्या की ग्रुप चुदाई में आया इतना मजा तो अकेले अकेले चुदाई करके नहीं आया. आज दिव्या ने भी जी भर के चुदवाया और उसने चुदाई का पूरा मजा लिया …..कभी बीच में कभी ऊपर कभी नीचे कभी सेंडविच कभी गांड में कभी दोनों जगह.. ….जबरदस्त चुदाई के बाद दिव्या के होठ, चूत और गांड बहुत सेक्सी लग रही थी. … तीनों से ही भरा हुआ माल टपक रहा था..

हमने रात को 1:00 बजे चुदाई शुरू की थी और सुबह के 4:00 बजे तक चलती रही… उसके बाद दिव्या को बीच में लेकर मैं और सनी सो गए. करीब 5 घंटे की नींद लेने के बाद जब हमारी नींद खुली तो हम रात के मजे के बारे में सोच कर फिर एक्साइटेड हो गए और दिव्या ने सनी का लंड पकड़ कर फिर से चूसना शुरू कर दिया और उसने कहा कि मुझे फिर चुदवाना है……… हम तो इंतजार कर रहे थे. हमने फिर मिलके चुदाई शुरू कर दी … मैंने एक बार निकाला और इसके बाद मैं बाथरुम में चला गया जबकि सनी ने और भी दो बार चुदाई की…… थक तो दिव्या भी गई थी पर वह सनी को पूरा मजा देना चाहती थी इसलिए जब भी जितनी बार थी सनी चोद रहा था वह खुशी खुशी मजा लेकर चुद रही थी.
 
मुझे दिव्या को सनी से चुद्वाते देख कर बहुत मजा आ रहा था तो मैंने दिव्या से बोला कि हम आपस में तो चुदाई करते ही रहेंगे पर यहाँ तुम सनी के साथ खुलकर चुदो. अब बाकी के ३ दिन वह हमारे साथ रहेगा. मैं चाहता हूं कि 3 दिन तुम लोग जैसे चाहो वैसे चुदाई करो. दिव्या ने हामी भरी और अगले ३ दिन मैंने और सनी ने मिलकर दिव्या को आगे पीछे से खूब बजाया. बीच में राजेश से दिव्या की बात हुई तो दिव्या ने उसे बता दिया की कैसे मैंने उसे एक फिरंगी से भी चुदवा डाला है. राजेश ने उससे कहा की अब गोवा के मजे बहुत हो गए कल तुम दोनों मुंबई पहुचो. मैं भी तुम्हे वहीँ मिलूंगा.

दिव्या ने उससे रेणुका के बारे में पुछा तो उसने कहा की मिल कर बताऊँगा. तो अगले दिन हमने सनी को अलविदा कहा और मुंबई के लिए निकल गए. मुंबई में भी हमारा होटल बहुत बढ़िया था पर यहाँ राजेश ने हम दोनों के लिए अलग अलग रूम बुक किये थे. दिव्या ने बताया की राजेश ने बोला था की एक रूम राजेश का है और एक मेरा. क्योंकि वो भी आज शाम को यहाँ आ जायेगा इसीलिए दो कमरे बुक किये है पर तुम एक ही चाभी लो. गोवा की दिन रात दारू और चुदाई से हम दोनों बहुत थके थे तो हम दोनों ने कमरे में पहुच कर एक साथ नहाया और बिना कपडे पहने ही सो गए. शाम को हमारी नींद तब खुली जब राजेश ने हमे जगाया. हम दोनों ही नंगे सो रहे थे तो राजेश को देख कर मैं थोडा हडबडा गया और उठ कर अंडरवियर पहन लिया पर दिव्या तो उसकी बीवी थी तो वैसे ही नंगी पड़ी रही.

राजेश बोला "यार मुझसे क्या पर्दा. लो मैं भी कपडे उतर देता हूँ." और उसने अपने सारे कपडे उतार दिए. मैंने राजेश से पुछा की वो अन्दर कैसे आया तो उसने बताया की उसके और मेरे कमरे के बीच में एक दरवाजा है जिससे वो कमरे जुड़े है. राजेश ने ये स्पेशल कमरे इसलिए बुक किये है ताकि हमको एक दुसरे के कमरे में जाने में कोई दिक्कत न हो.

दिव्या ने उससे पुछा की तुम्हारा और रेणुका का कुछ हुआ क्या? तो राजेश ने कहा "डार्लिंग शुरू में थोड़ी दिक्कत तो हुई पर मैं कभी नाकाम हुआ हूँ. तीन दिन से मनीष की बीवी को ठोक रहा हूँ."

"सच" मैंने पुछा.

"खुद ही देख लेना अभी तुम्हारे साथ मिलकर चोदुंगा उसे. मेरे कमरे में ही है. तुम्हारी वजह से थोडा शर्मा रही थी पर मैंने उसे राजी कर लिया की अगर उसने हम दोनों से बंद कमरे में नहीं चुदवाया तो फिर मैं उसे खुले आसमान के नीचे चोदुंगा.." राजेश हसते हुए बोला.

"पर ये काम तो जब हम वापस आते तब भी हो सकता था न. आप रेणुका को यहाँ क्यों ले आये." मैंने कहा.

"यार अब तुमने तो हमारी बीवी के साथ हनीमून मना लिया अब हमारी बारी है. देखो तुमने वादा किया था की तुम मेरी हर बात मानोगे अब पीछे मत हटना." राजेश ने कहा.

"नहीं मैंने कहा था तो पीछे हटने का मतलब ही नहीं है. आपका क्या प्लान है." मैंने कहा.

 
"देखो यार मेरा बैंकाक में जरूरी काम निकल आया है तो मुझे एक महीने के लिए जाना होगा और दिव्या ने तो १५ दिन छुट्टी ली है तो उसे स्कूल से और छुट्टी नहीं मिलेगी तो तो मैने सोचा की क्यों न रेणुका को साथ ले जाऊं." राजेश ने मुझ पर बम फोड़ा.

"पर रेणुका के पास तो पासपोर्ट नहीं है." मैंने पुछा.

"अरे भाई वो सब मैंने तत्काल में बनवा लिया है. हमारा वीसा वगेरह सब हो गया है तुम दोनों का तो ३ दिन के बाद वापसी का टिकेट है और मैं २ दिन बाद रेणुका को लेकर एक महीने के लिए बैंग्कोक जा रहा हूँ. अब मेरी बीवी एक महीने के लिए तुम्हारी बीवी और रेणुका मेरी बीवी. ठीक है न." राजेश ने बोला.

"रेणुका तैयार हो गयी." मैंने पुछा.

"यार तो क्या मैं उसको जबरदस्ती यहाँ लाया हूँ. कैसी बात करते हो." राजेश बोला. इधर मैं तो थोडा घबरा रहा था पर दिव्या एकदम नार्मल थी. मैंने कहा इन्होने आपको बताया था इस बारे में. दिव्या बोली उसकी जरूरत नहीं क्योंकि मैं इन पर पूरा भरोसा करती हूँ.

मैंने मन मार कर कहा "अच्छा अब रेणुका को तो बुलाइए."

"चलो बगल वाले कमरे में ही चलो." राजेश बोला. जब मैं बगल वाले रूम में घुसा तो देखा की रेणुका सिर्फ ब्रा पेंटी पहने बेड पर बैठी है. वो मुझे देखकर थोडा शर्मा गयी और नज़र नीचे करके बैठ गयी. "क्या डार्लिंग. तुमसे कहा था न की कपडे उतर कर बैठना और तुमने अभी तक कपडे नहीं उतारे." ये कह कर राजेश बेड पर बैठ गया और उसने रेणुका को अपनी गोद में बिठा लिया और उसकी ब्रा उतार कर उसकी चूंची चूसने लगा. वो मेरे सामने मेरी बीवी की चूची चूस रहा था और मुझे बहुत उत्तेजना हो रही थी. रेणुका ने मुझसे शर्मा कर अपना मुह राजेश की छाती में छुपा लिया.

पर राजेश ने रेणुका अपने से अलग किया और बिस्तर पर धकेल दिया और उसकी पेंटी भी निकाल दी. रेणुका मुझसे शर्मा जरूर रही थी पर उसने कोई विरोध नहीं किया. राजेश ने मुझे देख कर आँख मारी और अपना मुह मेरी बीवी की चूत पर रख दिया और जोर जोर से चाटने लगा. दिव्या भी ये सब देख कर बहुत गरम हो गयी और वो भी बिस्तर पर जाकर रेणुका की एक चुन्ची मुह में लेकर चूसने लगी. रेणुका मस्ती में सिसकने लगी.

राजेश ने मुझे भी इशारा किया और बेड पर बुलाया. मैं वैसे ही बहुत उत्तेजित था की मेरी जो बीवी मेरे साथ सेक्स करने में भी कतराती थी वही आज मेरे सामने मेरे पडोसी से अपनी चूत चुसवा रही है. मैं तुरंत बेड पर पहुचा और रेणुका की दूसरी चूंची मुह में ले ली. अचानक रेणुका को न जाने क्या हुआ वो बोली नहीं नहीं और हमको हटा कर बाथरूम में भाग गयी. थोड़ी देर बाद जब वो बाहर आई तो उसने एक बाथरोब पहना हुआ था.

उसने राजेश की तरफ देख कर सॉरी बोला. राजेश बोला अब सॉरी बोलने का कोई फायदा नहीं. मैंने तुम्हे कितना तैयार किया था. तुमने मुझसे वादा किया था की तुम कुछ भी मना नहीं करोगी. अब तुम्हारे वादा तोड़ने पर तुम्हे पनिशमेंट मिलेगा. आज रात को हम बीच पर जाएंगे और मैं और मनीष दोनों मिलकर तुमको खुले बीच में चोदेंगे.

 
रेणुका बोली नहीं खुले बीच में नहीं. इतना देख कर ही मेरा उत्तेजना से बुरा हाल हो गया था तो जब राजेश रेणुका को मेरी आँखों के सामने खुले बीच पर चोदेगा तब कितना मजा आयेगा. ये आईडिया सुन कर मेरा लंड खड़ा हो गया. मैंने रेणुका से बोला "देखो घबराओ नहीं. बीच पर जहा सन्नाटा होगा वहां तुम्हें चोदेंगे. कोई डिस्टर्ब करने वाला नहीं होगा"

"चिंता मत करो तुम्हे हिम्मत की दवा पिला कर ले जायेंगे और अगर कोई आ भी गया तो हमारे साथ मिलकर वो भी तुम्हे चोद लेगा. अब तुमने वादा थोडा है तो सजा तो भुगतनी पड़ेगी." राजेश बोला. रेणुका के गाल शर्म से लाल हो गए. मुझे लगा की आज बहुत मजा आने वाला है.

रात को राजेश और दिव्या हम दोनों के साथ बार में गया और दिव्या ने रेणुका को भी जबरदस्ती शराब पिला दी और फिर उसके साथ डांस करने लगी. हम दोनों भी उन दोनों के साथ डांस करने लगा. जब बार बंद होने वाला था तो राजेश ने फिर से रेणुका को और शराब पिलाई. वो बोला "ये हिम्मत की दवाई है डार्लिंग. तुम डरती बहुत हो ये तुम्हारा सारा डर भगा देगी."

फिर थोड़ी देर बाद दिव्या रूम में वापस चली गयी और हम तीनो बीच पर आ गए. बीच पर आकर हमने एक शांत जगह देखकर वहां पर अपना सामान रख दिया. मैं सोच कर खुश था कि रेणुका को राजेश के साथ मिलकर खुले में चोदूंगा तो कैसा लगेगा. राजेश ने हम दोनों को स्विमवेअर दिए और कहा इसे पहन लो. रेणुका अच्छे नशे में थी तो उसने अपने सारे कपडे बिना झिझक के उतार दिए और स्विमिंग के कपडे पहन लिए. अब रेणुका सिर्फ ब्रा पैंटी में राजेश और मैं सिर्फ अंडरवीयर में समुद्र के पानी के अंदर चले गए. जब पानी कमर तक आ गया फिर हमने मस्ती शुरू की. राजेश ने रेणुका की पैंटी और ब्रा भी उतार दी और वह उसकी चुंचियां और गांड को मसलने लगा. मैं रेणुका का मुंह पकड़कर उसको किस करने लगा. हम दोनों रेणुका के नंगे शरीर से खेलने लगे लगे और रेणुका ने भी अब शराब के नशे में शर्म छोड़ दी और हम दोनों का लंड पकड़ कर रगड़ने लगी.

फिर राजेश ने रेणुका को थोड़ा पानी में उठाया और उसका हाथ मेरे कंधे पर रखवाकर उसका मुंह अपनी तरफ कराया और रेणुका की जांघो को पकड़कर थोड़ा ऊपर की तरफ उठाया और रेणुका की चूत में धीरे धीरे अपना लंड सरकाया. रेणुका का नाभि से नीचे वाला हिस्सा पानी के अंदर था. अब धीरे-धीरे राजेश ने रेणुका की चूत में अपने लंड के धक्के लगाने शुरू किए. राजेश के धक्कों से रेणुका पानी में जोर-जोर से आगे पीछे हिलने लगी और जब राजेश का लंड और उसकी जांघें रेणुका की गांड पर लगती तो पानी से …….फच -फच- फच -फच- फच ….. की आवाज़ आती थी. मैं रेणुका के गाल पर किस कर रहा था और उसकी चुचिया मसल रहा था.

रेणुका अब मजे में पागल हो रही थी और बदहवास होकर बहुत मादक आवाज निकाल रही थी.. आ….आ…..आ…. …….आह….. ओह……. आह…आ….आ………आ… अब वह जन्नत की सैर कर रही थी. तब राजेश ने मुझसे कहा यार मनीष गांड में डाल न. मैंने वो छेद तेरे लिए खोल दिया है. तो मैंने रेणुका को राजेश की गोद में चढ़ा दिया जिससे रेणुका उसके लंड पर टिक जाए और मैंने उसकी गांड में अपना लंड घुसा दिया. अब रेणुका मेरे और राजेश के लंडो पर टिक गई थी. पानी में रेणुका काफी हल्की लग रही थी और हमें उसको अपने लंडो पर ऊपर-नीचे हिलाना काफी आसान हो गया था..

 
हम दोनों अब रेणुका को अपने लंडो पर ऊपर नीचे उछालने लगे.. रेणुका को इस तरह चुदना बहुत अच्छा लगा. रेणुका बोली तुम दोनों अब मुझे मत उछालो. अब मैं खुद उछल-उछल कर अपनी चूत और गांड तुम दोनों के लंडो पर पटक पटक कर मारूंगी. तुम दोनों बस मेरी चूत और गांड के धक्कों का मजा लो और रेणुका राजेश के कंधों को पकड़कर ऊपर नीचे उछलने लगी.. रेणुका को इतना मजा आ रहा था रहा था कि वह जोर-जोर से हमारी लंडो पर गिरने लगी और उसकी चूत और गांड से …….फच -फच- फच …… की आवाज आने लगी ..

पानी के अंदर काफी देर तक अलग अलग स्टाइल में चुदाई करवाने के बाद रेणुका बोली… मुझे नहीं पता था के पानी के अंदर उतनी मजेदार चुदाई होती है… मुंबई के टूर में तो मुझे पूरी औरत और पूरी रंडी बना दिया है और हवस और वासना से भर दिया है… अब तुम लोग मुझे लेकर पानी से बाहर चलो और मेरी किनारे पर ले जाकर चुदाई करो. हम पानी से बाहर आ गए और बीच की रेत पर चुदाई करने की तैयारी करने लगे

रात के करीब 01:00 बजे थे और चांदनी रात में बीच के रेत पर हल्की-हल्की चमक थी. दूर दूर तक कोई नज़र नहीं आ रहा था. हम तीनों बहुत एक्साइटेड थे और जल्दी से सेक्स शुरू करना चाहते थे तो हमने एक कपड़ा बिछाया और रेणुका को उस पर घोड़ी बना लिया. राजेश ने रेणुका से कहा अपनी चुदाई तुम अपने हिसाब से करवाओ. रेणुका मुझसे बोली आप मेरी चूत मारो और मैं राजेश का लंड पियूंगी. मैंने रेणुका की सेक्सी गांड के बीच में से अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया और राजेश रेणुका के मुंह को चोदने लगा. हल्की हल्की रोशनी में हम सेक्स करते हुए दिखाई दे रहे थे. थोड़ी देर तक ऐसे ही चुदाई करने के बाद रेणुका बोली कि अब आप मेरे मुंह में आ जाओ और राजेश मेरी चूत मारेगा. राजेश रेणुका की चूत मारने लगा और मैं रेणुका के मुंह में चुदाई करने लगा. तभी वहां तीन हट्टे कट्टे मुष्टंडे आ गए. वो हमारे पास आकर बोले "ये क्या खुले आम अश्लीलता हो रही है."

मैं कुछ कहता उससे पहले ही राजेश बोला "कोई अश्लीलता नहीं है भाई. ये इनकी बीवी है और मेरी पड़ोसन. जो हो रहा है सबकी मर्ज़ी से हो रहा है. नाराज क्यों होते हो दोस्तों आप लोग भी आ जाओ."

मैंने राजेश से बोला "यार ये क्या कह रहे हो."

राजेश बोला "क्या हुआ यार, तुमने भी तो दिव्या को उस फिरंगी से चुदवा दिया था न. मैंने कुछ बोला."

मैंने कहा "वो सिर्फ एक था ये तीन है."

हम दोनों अभी बातें ही कर रहे थे की उन लड़कों ने अपने कपड़े उतार दिए और रेणुका के पास आ गए. राजेश बोला "अब यार मना मत करो क्योंकि अब ये लोग तो मानेगे नहीं हां तुम चाहो तो कल दिव्या को ३ की जगह ६ लोगो से चुदवा देना मैं कुछ नहीं कहूँगा." मैं भी समझ गया की अब मैं कुछ नहीं कर सकता.

लड़के जवान थे और तीनो के लंड भी शानदार थी. लड़कों ने अपने लंड रेणुका के मुंह के पास कर दिए और राजेश ने रेणुका को उनके लंड चूसने को कहा. रेणुका ने ज्यादा न नुकुर किये बिना बदल बदल कर सबके लंड चूसे और बहुत एक्साइटेड हो गई. मुझे तो विश्वास ही नहीं हुआ की ये मेरी ही बीवी है जो इतना शर्माती थी.

 
राजेश बोला "चलो अब इसकी जबरदस्त चुदाई शुरू करो" और उन लडको ने रेणुका के शरीर का संपूर्ण इस्तेमाल शुरू कर दिया. चांद की हल्की रोशनी में रेणुका उन लड़कों के लिए सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बनी हुई थी. वह सब लड़कों को एक साथ मजा दे रही थी और लड़के मिलकर रेणुका के शरीर का पूरा आनंद उठा रहे थे. रेणुका भी उचक उचक करें अपने शरीर के हर छेद की चुदाई करवा रही थी. मैं और राजेश भी अब उन लडको के साथ रेणुका की चुदाई में शामिल हो गए.

अब चुदाई की स्पीड बन चुकी थी और हम पांचो मिलकर रेणुका को जोर-जोर से चोद रहे थे. अब पांच मर्द मिलकर एक औरत भरपूर मजे लेकर चोद रहे थे और सब मिलकर उस औरत को जन्नत के मजे धरती पर दिलवा रहे थे. अब रेणुका का अपने ऊपर नियंत्रण नहीं रहा था. शराब का नशा तो कब का उतर गया था पर अब वो सेक्स के नशे में डूब चुकी थी. रेणुका बोली "सारे लड़के अपना नंबर बदल बदल कर मेरे सभी छेदों की चुदाई करो. में सब के लंडो को अपने हर छेद में महसूस करना चाहती हूं"

सब लड़के अपनी जगह बदल बदल कर रेणुका के मुंह, चूत और गांड की चुदाई कर रहे थे. लड़के मुझसे बोले “आपकी वाइफ तो बहुत मजेदार है. आप भाग्यशाली हो आपको ऐसी चूत गांड और मुंह रोज चोदने को मिलता है. आपकी वाइफ नंगी होकर तो किसी को भी पागल कर दे. अगर उनको कोई नंगी देख ले तो उनको चुदाई किए बिना नहीं छोड़ेगा. इसकी हर चीज बहुत सेक्सी और मजेदार है इसकी गांड भी बहुत सुंदर है और उसकी चूत भी बहुत सुंदर है और इसकी चुचियां तो लाजवाब है. इसको तो जहां से चोदो बहुत मजा आता है”

वह लड़के हमसे बोले "भाई बुरा मानो या भला मानो लेकिन आपकी वाइफ को हम सुबह से पहले नहीं छोड़ने वाले इस माल की चुदाई सुबह तक तो करनी ही पड़ेगी."

रेणुका बोली "तुम लड़कों मुझे इतना मजा दिया है कि मैं अपना सेक्सी शरीर तुम लड़कों को सोप रही हूं. तुम मेरे शरीर के साथ जैसी सेक्स करना चाहते हो करो मैं कुछ नहीं कहूंगी. इतना सुनकर उन लड़कों को बहुत एक्साइटमेंट हुआ. सब लड़कों ने मुझसे कहा से कहा कि "अब आपकी बीवी को बुरी तरह से चोदा जाएगा."

रेणुका बोली "हा मेरे पति के सामने मेरी जबरदस्त चुदाई करो. मेरी चूत और गांड को फाड़ डालो और मेरे होठों को भी चूस चूस कर लाल कर दो." राजेश मुझसे बोला "देखा मनीष. वो जो कहते है न की हर औरत के अन्दर एक रंडी होती है वो सही कहते है." मैंने कहा "लेकिन रेणुका के अन्दर की रंडी को तो आपने ही बाहर निकाला है."

उधर रेणुका का बदन अब बेहद गंदे वाले सेक्स के लिए मचल रहा था. रेणुका की चूत गांड और मुंह इतनी चुदाई के बाद लड़कों के वीर्य से भरे पड़े थे. अब तो रेणुका के सारे शरीर पर जगह-जगह वीर्य लगा हुआ था. इसके बावजूद भी उन लड़कों से एकसाथ चुदाई का एक्साइटमेंट रेणुका के शरीर को फिर से चुदने के लिए तैयार कर देता था. उसकी चूत फिर से पानी छोड़ देती थी और उसकी गांड फिर से मचलने लगती थी. तभी एक लड़का बोला "आपने कहा है कि हम जैसे चाहें आप को चोद सकते हैं."

 
रेणुका बोली "जब तुम सब मुझे इतना मजा ले रहे हो दे रहे हो तो मैं भी तुम्हारे लिए सब कुछ करने को तैयार हूं इतने भरपूर चुदाई के बदले तो तुम कुछ भी मांग लो मैं दे दूंगी. तुम बोलो तुम्हें क्या करना है मेरे शरीर के साथ?"

लड़का बोला "अब हम आपके तीनों छेदों में एक साथ दो दो लंड डालेंगे."

मैंने एतराज करना चाहा पर रेणुका ने मुझे चुप करा दिया. वो बोली "ठीक है मैंने तो पहले ही कहा है कि तुम्हें मेरे शरीर का जैसा इस्तेमाल करना है करो बस धीरे से करना."

रेणुका की चूत और गांड सभी कुछ बहुत चिकनी हुए पड़े थे. सब के लिंग भी बहुत चिकने थे. धीरे-धीरे रेणुका की चूत एक साथ दो लंड घुसा दिए गए जिससे रेणुका को बहुत दर्द हुआ लेकिन अपनी चूत में एक साथ दो लंड महसूस करते हुए रेणुका बहुत खुश भी हुई. इसके साथ ही रेणुका के मुंह में भी दो लंड घुसा दिए गए और फिर रेणुका की चुदाई शुरू हुई. थोड़ी देर चुदाई होने के बाद रेणुका की चूत में लंड की चुदाई शुरू कर दी और पूरे मजे लेने लगी. अब तो रेणुका की मादक आवाज भी बाहर नहीं निकल रही थी क्योंकि मुंह में भी दो लंड घुसा दिए गए थे. इसके बाद रेणुका की गांड में दो दो लंडो से चुदाई शुरू हुई. पहले तो काफी दिक्कत हुई लेकिन फिर राजेश ने एक लुब्रिकेंट मेरी बीवी की गांड में लगाया और रेणुका की गांड दोनों लंडो को निगल गई.

अगले 15 मिनट रेणुका के अलग-अलग छेदो में दो दो लंडो से चुदाई चलती रहि. रेणुका में भी खूब उचक उचक कर मजे लिए और सभी लड़कों का कम से कम तीन तीन चार चार बार निकलवाया.. जब सब थक गए फिर रेणुका बोली तुम सब एक लाइन में लेट जाओ और रेणुका सब के लंडो के ऊपर लंबी हो लेट गई.

रेणुका बहुत बुरी तरह से थक गई थी क्योंकि उस को चुदते चुदते करीब-करीब ३ घंटे हो गए थे. मैंने राजेश से कहा "अब हमें धीरे से यहाँ से निकलना चाहिए. कहीं ये लौंडे पीछे न लग जाए." राजेश और मैंने धीरे से रेणुका को उठाया और हम वापस कार में बैठ गए. वो लड़के अभी भी वैसे ही पड़े थे. हमने जल्दी से कार स्टार्ट की और वहां से निकल लिए. कार में राजेश ने कहा "तुम कह रहे थे न की इसके अन्दर की रंडी को मैंने बाहर निकाला है लेकिन आज तो इसने दारू पी रखी थी. देखना जब ये बैंकाक से वापस आयेगी तो जो बोलोगे करेगी. जिसके साथ बोलोगे करेगी ऐसा ट्रेन कर दूंगा एक महीने में. देखना मनीष."

मैंने कहा "मुझे तो लग रहा है आपने ३ दिन में ही काफी ट्रेन कर दिया है." अगले २ दिन होटल के कमरे में मैं रेणुका दिव्या और राजेश केवल सोते और चुदाई करते रहे. पर रेणुका रहती राजेश के कमरे में और दिव्या मेरे कमरे में. फिर राजेश रेणुका को लेकर एक महीने के लिए चला गया और अगले दिन मैं दिव्या के साथ अपने घर वापस लौट आया.

 
अगले दिन हम लखनऊ लौट कर आ गए. उसी दिन रात में रेणुका ने मुझे फोन कर दिया की वो लोग ठीक से पहुच गए है और ये भी बताया की राजेश उसके साथ एक शानदार होटल के सुइट में रुका है. उस दिन के बाद न रेणुका का फ़ोन आया न राजेश का. राजेश मेरी बीवी के साथ एक ही होटल में रह सकता था क्योंकि वहाँ उन्हें कोई देखने वाला नहीं था पर मुझे और दिव्या को ये छूट नहीं थी क्योंकि यहाँ मोहल्ले वाले जो थे तो रोज शाम को मैं छत कूद कर राजेश के यहाँ चला जाता और रात भर दिव्या की जबदस्त चुदाई करता और सुबह वापस अपने घर आकर बैंक चला जाता.

हमारे लौटने के बाद काफी दिन यही सिलसिला चलता रहा और दिव्या को मैं जितना चोदता उतनी ही उसे चोदने की ललक बढती जाती पर मेरा ये काम भी गड़बड़ हो गया क्योंकि दिव्या और राजेश की बेटी जो हॉस्टल में रहती थी वो एक हफ्ते की छुट्टियों में घर आ गयी. उसके आने से एक दिन पहले ही दिव्या ने मुझसे कह दिया "देखो मनीष, कल सुरभि घर आ रही है. वो एक हफ्ते रहेगी तो तुम एक हफ्ते तक मेरे पास मत आना."

मुझे लगा की अब एक हफ्ते मैं क्या करूंगा क्योंकि अभी रेणुका और राजेश को वापस आने में १०-१२ दिन बाकी थे तो मैंने रश्मि दीदी को फ़ोन किया. इधर उधर की बात के बाद मैंने कहा "दीदी कितने दिन हो गये तुम यहाँ नहीं आई. कुछ दिनों के लिए आ जाओ न. तुम्हारी बड़ी याद आ रही है." पर दीदी ने मना कर दिया. वो बोली "यार अभी तो नहीं आ सकती. कुछ दिनों बाद कोशिश करती हूँ."

तो अगले एक हफ्ता मुझ पर भारी बीता. कभी दीदी को याद करके मुठ मारी तो कभी दिव्या को और कभी मेरी बीवी राजेश से कैसे चुद रही होगी ये सोच कर. बीच में एक दिन छुट्टी ले ली और जाकर नीलम भौजी को छोड़ आया पर अब वो भी वैसा मजा नहीं देती थी. खैर जैसे तैसे हफ्ता बीता और सुरभि वापस गयी.

उसी दिन शाम को मैं दिव्या की भीषण चुदाई के मूड में उसके घर पंहुचा तो वो किचन में कुछ काम कर रही थी तो मैं उससे इधर उधर की बात करने लगा. मैंने दिव्या से पुछा "वैसे तो सुरभी यहाँ सिर्फ लम्बी छुट्टियों में आती थी इस बार हफ्ते की छुट्टी में कैसे आ गयी."

 
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