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नौकर के साथ सेक्स चुदाई
हमारा परिवार कानपुर के अमीर फॅमिली मे से था बहुत से नोकर काम करते थे हमारे वहाँ के नेपाली मैड थी उसका नाम बिंदु था | बिंदु जब भारत आई तो उसने एक नाइग्रो आदमी से शादी कर ली थी कैसे की क्यू की मुझे पता नही पर इतना पता था की उसका पति एक अच्छा आदमी था वो पास के चमड़े के कारखाने के काम करता था| 1 साल मे ही बिंदु ने एक बेटा जन्मा जब उसका बेटा 6 साल का था तो बिंदु का पति बीमार हो कर चल बसा बिंदु उसके बाद से ही हम लोगो के घर पर मैड जैसे काम करने लगी उसका बेटा छोटू बहुत प्यारा और अच्छा था जब छोटू घर मे आया तब मैं पैदा हुई|
बिंदु छोटू को 10 साल की उमर मे हम लोगो के पास छोड़ कर वापस नेपाल चली गयी क्यूकी उसका दिल यहा लगता नही था धीरे धीरे छोटू पूरे फॅमिली का हिस्सा बन गया वो घर के छोटे मोटे काम करता पापा छोटू को बहुत बहुत मानते उसको सब कुछ देते| धीरे धीरे समय बिता और मैं 19 की हो गयी और छोटू 25 का हो चुका था और हम अब कानपुर से नोएडा आ गये थे पापा ने नोएडा मे एक 3 बेडरूम सेट वाला बांगला खरीद लिया था पापा हमेशा से एक बंगले चाहते थे |
वैसे छोटू अपनी मा से मिलने हार साल जाता था पर इस बार छोटू लंबे समय के लिए नेपाल गया था क्यूकी बिंदु बहुत बीमार थी और कुछ दिन बाद छोटू ने बताया की बिंदु जी भी नही रही | छोटू पूरे 2 महीने बाद नेपाल से वापस आता मैं भी कॉलेज मे पहुच चुकी थी| लोग बोलते थे की मैं किसी पंजाबन जैसी सुंदर दिखती हूँ | 5 फिट 5 इंच लंबी काले लंबे बाल , मैं बहुत गोरी और आखे बड़ी बड़ी है और कुछ दोस्त मुझे उस टाइम ईश्वर्या राय जैसा चहरा बोलते थे ( जानती हूँ आप साइज़ भी जानना चाहते होंगे तब मैं 34 26 30 थी) सुंदरता बहुत तेज़ी से निखार रहा था कॉलेज ने बहुत से लड़के दोस्ती करते फिर प्रोपोस भी करते पर दिल से मैं आज भी कानपूरिया था |
कोई काम इसा नही करती जिससे मा पापा को नाराज़ होने का मोका मिले| सच बोलू तो मुझे भी अपनी सुदरता पर बहुत नाज़ था | कहानी पर आती हूँ .. छोटू पूरे 2 महीने बाद आया पापा ने उसको हमेशा जैसे प्यार किया और वापस जाने से माना किया साथ ही साथ अगर कोई काम करना चाहे तो पापा ने बोल दिया की उनके बिज़नस मे कोई काम दिलाने को बोला छोटू ने सॉफ माना कर दिया और बोला की वो घर पर ही पहले जैसे काम करना चाहता है | पापा मान गये और छोटू वापस हम लोगो के साथ रहने लगा पापा को बिज़नस के काम से दुबई जाना था वो भी कम से कम 1 महीने के लिए पापा ने मा से ऑफीस के काम को देखने को बोला क्यूकी मा पहले भी ऑफीस का काम करती थी तो उसको कोई प्राब्लम नही थी| पापा के जाने के बाद मा रोज सुबह ऑफीस चली जाती और रात मे 9-10 तक वापस आ पाती |
नेपाल से छोटू जबसे वापस आया था उसका मुझसे बात करने का इंदाज़ बदल गया था पर मेरे दिमाग़ मे कभी ये बात आई ही नही| वैसे तो लड़किया आखो को देख कर जान जाती है की देख कैसे रहा है कोई पर घर पर मेरा धयन नही गया| मुझे याद है सोमवार था सुबह से सर मे दर्द था मेरे छोटू ने नाश्ता दिया साथ मे एक गिलास दूध दिया मैं नाश्ता की दूध पी और दवा खा कर रूम मे आराम करने चली गयी |
जब नींद खुली तो देखी रात हो गयी थी मुझे बहुत अजीब लगा की मैं इतना लंबा कैसे सो गयी पर फिर मेरा ध्यान मेरे नाइटी पर गया.. मुझे नाइटी के अंदर अपनी ब्रा कुछ ढीली और पैंटी भी कुछ ठीक नही लग रही थी मैं तुरंत बाथरूम मे गयी अपने कपड़े निकली और ठीक से खुद को देखी चूत एकदम चिकनी पर लाल इस दीख रही थी और मैं ध्यान दी की मेरे स्तन पर दाँत के निशान थे पर ये पक्का था की मैं चुदि नही हूँ पर दिमाग़ मानो पूच रहा था की ये किसने किया होगा मैं बाहर आती तो मा खाना खा रही थी और छोटू मा से बाते कर रहा था उसका चहरा एकदम शांत .. मैं सोच मे पद गयी की ये किया किसने होगा .. छोटू : आरे दीदी आप जाग गयी पूरे दिन सोई चलो खाना खा लीजिए मैं: आज दिन मे कोई आया था क्या? छोटू : हाँ बिजली वाला आया था
एसी सही करने और फिर माली आया था क्यू दीदी? मैं : आरे कुछ नही मेरे रूम का डोर पर आवाज़ हुआ था इसी लिए पूछी मा ने खाना खा लिए और उसके बाद मा भी सोने चली गयी मा ने जैसे मेरे बातो पर ज़्याद ध्यान नही दिया मैं खाना खाई और तोड़ा सा दूध पी कर वापस अपने कमरे मे चली गयी | मुझे फिर से तोड़ा नींद फील होने लगी मुझे अजीब लगा की अभी तो सो कर जागी हूँ फिर से नींद क्यू आ रही है,,,मैं अपना रूम बंद की और सोने चली गयी|
रात मे 11 बजे थे की मेरी नींद टूटी मुझे साफ एहसास हुआ जैसे मेरी नाइटी मेरे सीने तक है और मेरी पैंटी भी मेरे पैरो से नीचे मैं एकदम से फील की जैसे कोई अपने जीभ मेरे चूत मे डाल रहा था .. मैं झटके से उठी और अंधेरे मे ही ज़ोर का धक्का दे कर मैं लाइट जला दी | मेरी आखो पर मुझे यकीन नही हुआ सामने मेरे छोटू था
बिना शर्ट के और केवल अंडरवेयर मे छोटू एक झटके के मेरे पास आया और मेरे मूह पर अपना हाथ रख दिया और मेरे उपर ही बैठ कर एक रुमाल से मेरे मूह को बाँधने लगा जिससे मे शोर ना करू और फिर झुक कर मेरे बूब्स को अपने मूह मे ले कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा | मेरे दोनों बूब्स को अपने हाथों से पकड़ लिया और अपने होंठों को उसके चूचुकों को चचोरने लगा।
छोटू किसी भूखे कुत्ते की तरह निहार रहा था उसकी आखो मे पहले कभी इतना वासना नही देखी थी मैं अपने आप को आज़ाद करने की कोशिश की तभी छोटू ने एक ज़ोर का तमाचा दे मारा मुझे एक ही तमाचे मे चाँद तारे नज़र आ गये| छोटू एकदम गुराता हुआ बोला : आवाज़ निकली तो जान से मार कर मैं तेरी चूत मारूँगा कुतिया तमाचा मरने से रुमाल निकल गया था मैं छोटू से बोलू.. क्या कर रहे हो छोटू भैया आप इस तरह का गंदा काम सोच भी कैसे सकते है|
छोटू: सोचा तो मैं नेपाल मे पर लेने के लिए दिल्ली आना पड़ा जानेमन मैं: मैं मा को बता दूँगी पापा से बोल दूँगी और पापा आप को पोलीस मे दे देंगे छोटू: बोला अपनी मा को वो भी सो रही है उससी द्वा से जिससे तू आज दिन भर सोई और में तेरे नंगे बदन से दिन भर खेला मेरी जानेमन तेरे जिस्म के कोने कोने को मेरे होंठ ने चूमा है पर .चुदाई नही किया जानती है क्यू? मैं: झेप गयी थी
आखे नम छोटू: क्यूकी चुदाई का मज़ा सिसकियो मे होता है और मेरे लंड से जब तेरी चूत फटेगी तो उस दर्द को मैं सुनना चाहता हूँ तुमको सिसकता देखना है और तेरी बेबसी मेरे लंड को महसूस करना है मैं छूटने के लिए तड़पने लगी छोटू ने मुझे दबा कर रखा और मुझे हिलने भी नही दे रहा था पर मे ज़ोर लगा रही थी.. तभी फिर से एक तमाचा इस बार मुझे बिहोशी आने लगी| सन्न रह गई जो मुझे बचपन से इतना खिलाया वो मुझसे खेलना क्यू चाहता है छोटू की पकड टाइट थी। वो खीचते मुझे बेड के कोने तक लाया और मेरे हाथ को बिस्तर के पाये से बाँधने लगा "साली, अपना मर्द जैसा मान मुझे से इसी बिस्तर पे तेरी चूत बजेगी |
रोज खिडकी से देखता हूँ साली के बदन को। आज इसी बिस्तर पे अपनी रसीली चूत हमे भी चटा दे" छोटू बडी बेशर्मी से बोला। मेरी की आँखो से आँसू बह निकले। मैं चिल्लाने लगी "बचाओ, बचाओ" छोटू: हाँ हाँ चिल्ला बेटीचोदवाली, देखते है तेरी चूत बचाने कौन आता है साली गरम रंडी। मैं लगातार रोये जा रही थी और छोड देने की विनती किये जा रही थी। “देखो मुझे छोड दो, मै तुम्हे माफ कर दूँगी भोला। मुझे गंदा मत करो। ये पाप है। मै बर्बाद हो जाऊँगी" छोटू: बर्बाद होगी तो हो जा पर मुझे आज तेरे अंदर आना है देख तेरे लिए कितना तेयार है
मेरा लंड ( ये बोल कर उसने अपना अंडरवायर निकाला मुझे अपनी आखो पर यकीन नही हुआ ये मुमकिन नही हो सकता कम से कम 12 इंच का लंड और 3-4 मोटा छोटू मेरे बूब्स को निचोड़ निचोड़ कर चूमता काट लेता कभी चूत चूमता तो कभी जीभ से चुदाई करता सच तो ये है की मैं दिल से ये सब पसंद कर रही थी पर दिमाग़ लगातार मुझे ये सब रोकने को बोल रहा था छोटू ने मेरी चूत में ऊँगली करना चालू कर दिया| मैं उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म अह्हह्हह्हह्हह क्या कर रहे हो कहने लगी |
2 मिनट बाद मेरी पूरी चूत गीली हो गयी लगा जैसे सास मे आग लगी हो आवाज़ ठीक से निकल नही रही थी छोटू ने एक बार मेरे मूह मे लंड डालने की कोशिश की मैं दाँत लगाने का सोच ली पर एकदम से छोटू रुक गया और मेरे दोनो पैरो को वी जैसे खोल कर मेरे पैरो के बीच आ गया .. उसने जैसे ही अपने लंड का टोपा मेरी चूत के मूह पर रखा मुझे लगा जैसे किसी ने गरम सरिया टच कराया हो मैं चूत हटाने लगी और कमर को मूव करती ताकि लंड पेल ना सके.. पर कब तक मैं अपनी खेर मानती छोटू मेरे उपर चढ़ गया और अपने हाथ से अपने लंड का टोपा मेरी चूत पर रखा और बोला बोल पेल दू तुमको …
हमारा परिवार कानपुर के अमीर फॅमिली मे से था बहुत से नोकर काम करते थे हमारे वहाँ के नेपाली मैड थी उसका नाम बिंदु था | बिंदु जब भारत आई तो उसने एक नाइग्रो आदमी से शादी कर ली थी कैसे की क्यू की मुझे पता नही पर इतना पता था की उसका पति एक अच्छा आदमी था वो पास के चमड़े के कारखाने के काम करता था| 1 साल मे ही बिंदु ने एक बेटा जन्मा जब उसका बेटा 6 साल का था तो बिंदु का पति बीमार हो कर चल बसा बिंदु उसके बाद से ही हम लोगो के घर पर मैड जैसे काम करने लगी उसका बेटा छोटू बहुत प्यारा और अच्छा था जब छोटू घर मे आया तब मैं पैदा हुई|
बिंदु छोटू को 10 साल की उमर मे हम लोगो के पास छोड़ कर वापस नेपाल चली गयी क्यूकी उसका दिल यहा लगता नही था धीरे धीरे छोटू पूरे फॅमिली का हिस्सा बन गया वो घर के छोटे मोटे काम करता पापा छोटू को बहुत बहुत मानते उसको सब कुछ देते| धीरे धीरे समय बिता और मैं 19 की हो गयी और छोटू 25 का हो चुका था और हम अब कानपुर से नोएडा आ गये थे पापा ने नोएडा मे एक 3 बेडरूम सेट वाला बांगला खरीद लिया था पापा हमेशा से एक बंगले चाहते थे |
वैसे छोटू अपनी मा से मिलने हार साल जाता था पर इस बार छोटू लंबे समय के लिए नेपाल गया था क्यूकी बिंदु बहुत बीमार थी और कुछ दिन बाद छोटू ने बताया की बिंदु जी भी नही रही | छोटू पूरे 2 महीने बाद नेपाल से वापस आता मैं भी कॉलेज मे पहुच चुकी थी| लोग बोलते थे की मैं किसी पंजाबन जैसी सुंदर दिखती हूँ | 5 फिट 5 इंच लंबी काले लंबे बाल , मैं बहुत गोरी और आखे बड़ी बड़ी है और कुछ दोस्त मुझे उस टाइम ईश्वर्या राय जैसा चहरा बोलते थे ( जानती हूँ आप साइज़ भी जानना चाहते होंगे तब मैं 34 26 30 थी) सुंदरता बहुत तेज़ी से निखार रहा था कॉलेज ने बहुत से लड़के दोस्ती करते फिर प्रोपोस भी करते पर दिल से मैं आज भी कानपूरिया था |
कोई काम इसा नही करती जिससे मा पापा को नाराज़ होने का मोका मिले| सच बोलू तो मुझे भी अपनी सुदरता पर बहुत नाज़ था | कहानी पर आती हूँ .. छोटू पूरे 2 महीने बाद आया पापा ने उसको हमेशा जैसे प्यार किया और वापस जाने से माना किया साथ ही साथ अगर कोई काम करना चाहे तो पापा ने बोल दिया की उनके बिज़नस मे कोई काम दिलाने को बोला छोटू ने सॉफ माना कर दिया और बोला की वो घर पर ही पहले जैसे काम करना चाहता है | पापा मान गये और छोटू वापस हम लोगो के साथ रहने लगा पापा को बिज़नस के काम से दुबई जाना था वो भी कम से कम 1 महीने के लिए पापा ने मा से ऑफीस के काम को देखने को बोला क्यूकी मा पहले भी ऑफीस का काम करती थी तो उसको कोई प्राब्लम नही थी| पापा के जाने के बाद मा रोज सुबह ऑफीस चली जाती और रात मे 9-10 तक वापस आ पाती |
नेपाल से छोटू जबसे वापस आया था उसका मुझसे बात करने का इंदाज़ बदल गया था पर मेरे दिमाग़ मे कभी ये बात आई ही नही| वैसे तो लड़किया आखो को देख कर जान जाती है की देख कैसे रहा है कोई पर घर पर मेरा धयन नही गया| मुझे याद है सोमवार था सुबह से सर मे दर्द था मेरे छोटू ने नाश्ता दिया साथ मे एक गिलास दूध दिया मैं नाश्ता की दूध पी और दवा खा कर रूम मे आराम करने चली गयी |
जब नींद खुली तो देखी रात हो गयी थी मुझे बहुत अजीब लगा की मैं इतना लंबा कैसे सो गयी पर फिर मेरा ध्यान मेरे नाइटी पर गया.. मुझे नाइटी के अंदर अपनी ब्रा कुछ ढीली और पैंटी भी कुछ ठीक नही लग रही थी मैं तुरंत बाथरूम मे गयी अपने कपड़े निकली और ठीक से खुद को देखी चूत एकदम चिकनी पर लाल इस दीख रही थी और मैं ध्यान दी की मेरे स्तन पर दाँत के निशान थे पर ये पक्का था की मैं चुदि नही हूँ पर दिमाग़ मानो पूच रहा था की ये किसने किया होगा मैं बाहर आती तो मा खाना खा रही थी और छोटू मा से बाते कर रहा था उसका चहरा एकदम शांत .. मैं सोच मे पद गयी की ये किया किसने होगा .. छोटू : आरे दीदी आप जाग गयी पूरे दिन सोई चलो खाना खा लीजिए मैं: आज दिन मे कोई आया था क्या? छोटू : हाँ बिजली वाला आया था
एसी सही करने और फिर माली आया था क्यू दीदी? मैं : आरे कुछ नही मेरे रूम का डोर पर आवाज़ हुआ था इसी लिए पूछी मा ने खाना खा लिए और उसके बाद मा भी सोने चली गयी मा ने जैसे मेरे बातो पर ज़्याद ध्यान नही दिया मैं खाना खाई और तोड़ा सा दूध पी कर वापस अपने कमरे मे चली गयी | मुझे फिर से तोड़ा नींद फील होने लगी मुझे अजीब लगा की अभी तो सो कर जागी हूँ फिर से नींद क्यू आ रही है,,,मैं अपना रूम बंद की और सोने चली गयी|
रात मे 11 बजे थे की मेरी नींद टूटी मुझे साफ एहसास हुआ जैसे मेरी नाइटी मेरे सीने तक है और मेरी पैंटी भी मेरे पैरो से नीचे मैं एकदम से फील की जैसे कोई अपने जीभ मेरे चूत मे डाल रहा था .. मैं झटके से उठी और अंधेरे मे ही ज़ोर का धक्का दे कर मैं लाइट जला दी | मेरी आखो पर मुझे यकीन नही हुआ सामने मेरे छोटू था
बिना शर्ट के और केवल अंडरवेयर मे छोटू एक झटके के मेरे पास आया और मेरे मूह पर अपना हाथ रख दिया और मेरे उपर ही बैठ कर एक रुमाल से मेरे मूह को बाँधने लगा जिससे मे शोर ना करू और फिर झुक कर मेरे बूब्स को अपने मूह मे ले कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा | मेरे दोनों बूब्स को अपने हाथों से पकड़ लिया और अपने होंठों को उसके चूचुकों को चचोरने लगा।
छोटू किसी भूखे कुत्ते की तरह निहार रहा था उसकी आखो मे पहले कभी इतना वासना नही देखी थी मैं अपने आप को आज़ाद करने की कोशिश की तभी छोटू ने एक ज़ोर का तमाचा दे मारा मुझे एक ही तमाचे मे चाँद तारे नज़र आ गये| छोटू एकदम गुराता हुआ बोला : आवाज़ निकली तो जान से मार कर मैं तेरी चूत मारूँगा कुतिया तमाचा मरने से रुमाल निकल गया था मैं छोटू से बोलू.. क्या कर रहे हो छोटू भैया आप इस तरह का गंदा काम सोच भी कैसे सकते है|
छोटू: सोचा तो मैं नेपाल मे पर लेने के लिए दिल्ली आना पड़ा जानेमन मैं: मैं मा को बता दूँगी पापा से बोल दूँगी और पापा आप को पोलीस मे दे देंगे छोटू: बोला अपनी मा को वो भी सो रही है उससी द्वा से जिससे तू आज दिन भर सोई और में तेरे नंगे बदन से दिन भर खेला मेरी जानेमन तेरे जिस्म के कोने कोने को मेरे होंठ ने चूमा है पर .चुदाई नही किया जानती है क्यू? मैं: झेप गयी थी
आखे नम छोटू: क्यूकी चुदाई का मज़ा सिसकियो मे होता है और मेरे लंड से जब तेरी चूत फटेगी तो उस दर्द को मैं सुनना चाहता हूँ तुमको सिसकता देखना है और तेरी बेबसी मेरे लंड को महसूस करना है मैं छूटने के लिए तड़पने लगी छोटू ने मुझे दबा कर रखा और मुझे हिलने भी नही दे रहा था पर मे ज़ोर लगा रही थी.. तभी फिर से एक तमाचा इस बार मुझे बिहोशी आने लगी| सन्न रह गई जो मुझे बचपन से इतना खिलाया वो मुझसे खेलना क्यू चाहता है छोटू की पकड टाइट थी। वो खीचते मुझे बेड के कोने तक लाया और मेरे हाथ को बिस्तर के पाये से बाँधने लगा "साली, अपना मर्द जैसा मान मुझे से इसी बिस्तर पे तेरी चूत बजेगी |
रोज खिडकी से देखता हूँ साली के बदन को। आज इसी बिस्तर पे अपनी रसीली चूत हमे भी चटा दे" छोटू बडी बेशर्मी से बोला। मेरी की आँखो से आँसू बह निकले। मैं चिल्लाने लगी "बचाओ, बचाओ" छोटू: हाँ हाँ चिल्ला बेटीचोदवाली, देखते है तेरी चूत बचाने कौन आता है साली गरम रंडी। मैं लगातार रोये जा रही थी और छोड देने की विनती किये जा रही थी। “देखो मुझे छोड दो, मै तुम्हे माफ कर दूँगी भोला। मुझे गंदा मत करो। ये पाप है। मै बर्बाद हो जाऊँगी" छोटू: बर्बाद होगी तो हो जा पर मुझे आज तेरे अंदर आना है देख तेरे लिए कितना तेयार है
मेरा लंड ( ये बोल कर उसने अपना अंडरवायर निकाला मुझे अपनी आखो पर यकीन नही हुआ ये मुमकिन नही हो सकता कम से कम 12 इंच का लंड और 3-4 मोटा छोटू मेरे बूब्स को निचोड़ निचोड़ कर चूमता काट लेता कभी चूत चूमता तो कभी जीभ से चुदाई करता सच तो ये है की मैं दिल से ये सब पसंद कर रही थी पर दिमाग़ लगातार मुझे ये सब रोकने को बोल रहा था छोटू ने मेरी चूत में ऊँगली करना चालू कर दिया| मैं उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म अह्हह्हह्हह्हह क्या कर रहे हो कहने लगी |
2 मिनट बाद मेरी पूरी चूत गीली हो गयी लगा जैसे सास मे आग लगी हो आवाज़ ठीक से निकल नही रही थी छोटू ने एक बार मेरे मूह मे लंड डालने की कोशिश की मैं दाँत लगाने का सोच ली पर एकदम से छोटू रुक गया और मेरे दोनो पैरो को वी जैसे खोल कर मेरे पैरो के बीच आ गया .. उसने जैसे ही अपने लंड का टोपा मेरी चूत के मूह पर रखा मुझे लगा जैसे किसी ने गरम सरिया टच कराया हो मैं चूत हटाने लगी और कमर को मूव करती ताकि लंड पेल ना सके.. पर कब तक मैं अपनी खेर मानती छोटू मेरे उपर चढ़ गया और अपने हाथ से अपने लंड का टोपा मेरी चूत पर रखा और बोला बोल पेल दू तुमको …