अनिल अपनी बहु को दो बार चोदकर थक चूका था इसीलिए अपनी बहु को बोलकर अपने कमरे में सोने चला गया । रेखा भी आज बुहत खुश थी उसकी सारी गर्मी उसके ससुर ने उतार दी थी। रेखा फ्रेश होकर साड़ी पहनते हुए घर के काम में लग गयी ।
अनिल के टोटल ४ बेटे और एक लाड़ली बेटी थी। सबसे बड़ा मुकेश उसके एक साल छोटी मनीषा जिस की शादी १८ साल की उम्र में ही उसकी पसंद से कर दी गयी थी । रमेश नाम था उसके पति का जिससे वह प्यार करती थी, मनीषा को दो बेटी और एक बेटा था।
२१ साल का नरेश, २० साल की शीला और १८ साल की पिंकी, मनीषा ने जब रमेश से शादी की , वह एक जगह पर जॉब करता था और उसकी तनखाह भी ज़्यादा नहीं थी । मगर एक बार उसके बॉस ने मनीषा को देख लिया तो वह उस पर फ़िदा हो गया ।
रमेश के बॉस जिसका नाम सूरज था उसने रमेश का प्रमोशन कर दिया और रमेश से भी बुहत दोस्ती कर ली । सूरज अब रमेश के घर आता जाता था, सूरज ने रमेश को 5 दिनों के लिए काम के सीलसिले में किसी दुसरे शहर भेज दिया ।
सुरज की उम्र ४० बरस थी उसने अब तक शादी नहीं की थी, सूरज जिस दिन रमेश को दुसरे शहर भेजा था उसी रात को सूरज के घर पुहंच गया ।
"सुरज तुम इतनी रात को यहाँ कैसे?" मनीषा अपनी पति के बॉस को रात के वक्त अपने घर पर देखते हुए हैरत से पुछा ।
सुरज दरवाज़ा खुलते ही अंदर दाखिल हो गया, मनीषा सिर्फ एक नाइटी में थी क्योंके वह सोने वाली थी । मनीषा ने सूरज के अंदर दाखिल होते ही दरवाज़ा बंद करते हुए फिर से वही सवाल दुहराया।
सुरज ने मनीषा की तरफ गौर से देखते हुए कहा " तुम जानती हो की मैंने तुम्हारे पति का प्रमोशन क्यों किया ?", मनीषा सूरज की बातों और उसकी नज़र को अपनी तरफ घूरने से इतना तो जानती थी की सूरज उस में इंट्रेस्ट रखता है।
"उसके काम की वजह से दिया होगा" मनीषा ने सोचते हुए जवाब दिया ।
"मानिषा सिर्फ तुम्हारी वजह से उसका प्रमोशन हुआ है और अब भी तुम्हारे हाथ में है की उसे और ज़्यादा ऊपर ले जाती हो या फिर से वही, जहाँ पर वह पहले था" सूरज ने मनीषा की तरफ देखते हुए कहा ।