S
StoryPublisher
Guest
कंचन को अपने छोटे भाई पर इतना प्यार आ रहा था की अगर लोगों के देखने का डर न होता तो वह अपने भाई को कभी न छोड़ती । दोनों भाई बहन कुछ देर तक आपस में बैठकर बाते ही करने के बाद अपने अपने क्लासेज में चले गए ।
रेखा किचन में अभी खाना बनाने की तैयारी कर रही थी की अचानक उसे नरेश का ख्याल आया की वह इतनी देर से दिख ही नहीं रहा है आखिर क्या कर रहा है वह ।
रेखा किचन से निकलकर सीधा नरेश के कमरे में पुहंच गयी । दरवाज़ा खुला हुआ था अंदर पुहंचते ही रेखा ने देखा के नरेश वहां नहीं था, वह जाने ही वाली थी की उसे बाथरूम से पानी गिरने की आवज़ सुनायी दी।
नरेश कुछ देर तक बिस्तर पर लेटे रहने के बाद फ्रेश होने के लिए बाथरूम गया था । रेखा ने बेड की तरफ देखा वहां पर नरेश के कपडे पडे थे, रेखा मन ही मन में खुश होते हुए वहीँ पर बैठकर नरेश का इंतज़ार करने लगी ।
रेखा को यकीन था की नरेश सिर्फ टॉवल में ही बाहर निकलेगा क्योंकी उसके कपडे बेड पर पडे थे । नरेश नहाने के बाद अपने आपको बुहत ज़्यादा फ्रेश महसूस कर रहा था। उसका लंड अब भी तना हुआ था क्योंकी उसके ज़हन में अपना जिस्म साफ़ करते हुए उसे अपनी बहन का नंगा जिस्म नज़र आ रहा था ।
नरेश अपने जिस्म पर टॉवल लपेटकर बाहर निकलने लगा, पानी का आवज़ ख़त्म होते ही रेखा बेड से उठकर दरवाज़े पर जाकर खडी हो गई । रेखा नरेश को यह अहसास बिलकुल नहीं दिलाना चाहती थी की वह जान बूझकर उसको नंगा देखना चाहती है, नरेश जैसे ही दरवाज़ा खोलकर बाहर निकला रेखा भी सामने से आगे बढ़ने लगी ।
"भान्जे तुम्हें शर्म नहीं आती नंगे होकर बैठे हो और दरवाज़ा भी बंद नहीं किया" नरेश बेड की तरफ बढ़ रहा था की अचानक रेखा की आवज़ ने उसे चौंका दिया । नरेश के हाथ से इस अचानक हुयी आवाज़ से अपना टॉवल छूट गया और वह अपनी मामी के सामने बिलकुल नंगा हो गया।
"अरे बेशर्म इतना बड़ा साँप पाल रखा है कुछ तो शर्म करो" रेखा ने अपने भांजे के नंगा होते ही उसके खडे बड़े और मोटे लंड को घूरते हुए झूठा गुस्सा करते हुए कहा, नरेश ने अपनी मामी की बात सुनकर जल्दी से टॉवल उठा लिया और अपने आपको ढ़क लिया ।
"मामी आप अचानक क्या काम है" नरेश ने टॉवल लपेटने के बाद हकलाते हुए कहा।
"अरे मैं तो तुम्हें देखने आई थी की कहाँ चले गए। किचन में कुछ मदद कर देते मगर तुम तो यहाँ नंगे होकर अपनी मामी को ही अपना साँप दिखा कर डरा रहे हो" रेखा ने बड़ी बेशरमी से अपने भान्जे से कहा।
रेखा किचन में अभी खाना बनाने की तैयारी कर रही थी की अचानक उसे नरेश का ख्याल आया की वह इतनी देर से दिख ही नहीं रहा है आखिर क्या कर रहा है वह ।
रेखा किचन से निकलकर सीधा नरेश के कमरे में पुहंच गयी । दरवाज़ा खुला हुआ था अंदर पुहंचते ही रेखा ने देखा के नरेश वहां नहीं था, वह जाने ही वाली थी की उसे बाथरूम से पानी गिरने की आवज़ सुनायी दी।
नरेश कुछ देर तक बिस्तर पर लेटे रहने के बाद फ्रेश होने के लिए बाथरूम गया था । रेखा ने बेड की तरफ देखा वहां पर नरेश के कपडे पडे थे, रेखा मन ही मन में खुश होते हुए वहीँ पर बैठकर नरेश का इंतज़ार करने लगी ।
रेखा को यकीन था की नरेश सिर्फ टॉवल में ही बाहर निकलेगा क्योंकी उसके कपडे बेड पर पडे थे । नरेश नहाने के बाद अपने आपको बुहत ज़्यादा फ्रेश महसूस कर रहा था। उसका लंड अब भी तना हुआ था क्योंकी उसके ज़हन में अपना जिस्म साफ़ करते हुए उसे अपनी बहन का नंगा जिस्म नज़र आ रहा था ।
नरेश अपने जिस्म पर टॉवल लपेटकर बाहर निकलने लगा, पानी का आवज़ ख़त्म होते ही रेखा बेड से उठकर दरवाज़े पर जाकर खडी हो गई । रेखा नरेश को यह अहसास बिलकुल नहीं दिलाना चाहती थी की वह जान बूझकर उसको नंगा देखना चाहती है, नरेश जैसे ही दरवाज़ा खोलकर बाहर निकला रेखा भी सामने से आगे बढ़ने लगी ।
"भान्जे तुम्हें शर्म नहीं आती नंगे होकर बैठे हो और दरवाज़ा भी बंद नहीं किया" नरेश बेड की तरफ बढ़ रहा था की अचानक रेखा की आवज़ ने उसे चौंका दिया । नरेश के हाथ से इस अचानक हुयी आवाज़ से अपना टॉवल छूट गया और वह अपनी मामी के सामने बिलकुल नंगा हो गया।
"अरे बेशर्म इतना बड़ा साँप पाल रखा है कुछ तो शर्म करो" रेखा ने अपने भांजे के नंगा होते ही उसके खडे बड़े और मोटे लंड को घूरते हुए झूठा गुस्सा करते हुए कहा, नरेश ने अपनी मामी की बात सुनकर जल्दी से टॉवल उठा लिया और अपने आपको ढ़क लिया ।
"मामी आप अचानक क्या काम है" नरेश ने टॉवल लपेटने के बाद हकलाते हुए कहा।
"अरे मैं तो तुम्हें देखने आई थी की कहाँ चले गए। किचन में कुछ मदद कर देते मगर तुम तो यहाँ नंगे होकर अपनी मामी को ही अपना साँप दिखा कर डरा रहे हो" रेखा ने बड़ी बेशरमी से अपने भान्जे से कहा।