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नरेश का पूरा जिस्म अपनी बहन का नरम हाथ अपने लंड पर पडते ही कांप उठा और वह अपनी बहन के होंठो को चूमते हुए उसकी ब्रा को उतारने लगा। ब्रा के उतरते ही नरेश ने अपनी बहन को अपनी गोद में उठाते हुए बेड पर जाकर लिटा दिया और खुद उसकी टांगों के बीच आकर अपनी बहन की गोरी गोरी चुचियों से खेलने लगा ।
नरेश का नंगा लंड सीधा शीला की पेंटी पे टक्कर मार रहा था। जिस वजह से उत्तेजिन के मारे शीला के मूह से ज़ोर की सिसकियाँ निकल रही थी और उसकी चूत से बुह ज़्यादा पानी निकल रहा था।
"आहहह भैया कुछ करो न क्यों तडपा रहे हो" शीला ने उत्तेजना में आकर अपने भाई को बालों से पकडकर अपनी चुचियों पर दबाते हुए कहा ।
नरेश अपनी बहन की बात सुनकर उसकी चुचियों को छोडकर नीचे होने लगा । नरेश ने अपने मूह को शीला की पेंटी तक लाकर रोक दिया और अपनी दीदी की गीली पेंटी को अपने नाक से तेज़ साँसें लेते हुए सूँघने लगा, नरेश कुछ देर तक अपनी बहन की पेंटी को सूँघने के बाद अपना मुँह उसके ऊपर रख दिया ।
"आहहह भैया" नरेश का मुँह अपनी पेंटी के ऊपर से ही अपनी चूत पर लगने से शीला ने सिसकते हुए कहा। नरेश ने कुछ देर तक अपनी बहन की पेंटी को चूमने के बाद उसकी पेंटी में हाथ डालकर उसे अपनी बहन के जिस्म से अलग कर दिया। पेंटी के हटते ही शीला की रस टपकाती चूत नरेश के सामने आ गयी ।
नरेश ने अपनी बहन की गीली चूत को एक बार देखा और नीचे झुककर अपने होंठो को अपनी बहन की चूत के पतले होंठो पर रख दिया।
"आहहह भैया ओह्ह" नरेश के होंठ अपनी चूत पर पडते ही शीला के मुँह से ज़ोर की सिसकी निकल गयी और वह अपने हाथ से अपने भाई के बालों को सहलाते हुए अपनी चूत पर दबाने लगी ।
नरेश कुछ देर तक अपनी बहन की चूत को अपनी जीभ से चाटने के बाद सीधा होते हुए अपना फनफनाता हुआ लंड अपनी बहन की चूत पर घीसने लगा।
"आह्ह्ह्ह ओह भैया डाल दो ना" शीला ने अपने भाई के लंड को अपनी चूत पर महसूस करते ही ज़ोर से सिसकते हुए कहा और अपने चूतडों को उठाकर अपने भाई के लंड पर दबाने लगी ।
नरेश का नंगा लंड सीधा शीला की पेंटी पे टक्कर मार रहा था। जिस वजह से उत्तेजिन के मारे शीला के मूह से ज़ोर की सिसकियाँ निकल रही थी और उसकी चूत से बुह ज़्यादा पानी निकल रहा था।
"आहहह भैया कुछ करो न क्यों तडपा रहे हो" शीला ने उत्तेजना में आकर अपने भाई को बालों से पकडकर अपनी चुचियों पर दबाते हुए कहा ।
नरेश अपनी बहन की बात सुनकर उसकी चुचियों को छोडकर नीचे होने लगा । नरेश ने अपने मूह को शीला की पेंटी तक लाकर रोक दिया और अपनी दीदी की गीली पेंटी को अपने नाक से तेज़ साँसें लेते हुए सूँघने लगा, नरेश कुछ देर तक अपनी बहन की पेंटी को सूँघने के बाद अपना मुँह उसके ऊपर रख दिया ।
"आहहह भैया" नरेश का मुँह अपनी पेंटी के ऊपर से ही अपनी चूत पर लगने से शीला ने सिसकते हुए कहा। नरेश ने कुछ देर तक अपनी बहन की पेंटी को चूमने के बाद उसकी पेंटी में हाथ डालकर उसे अपनी बहन के जिस्म से अलग कर दिया। पेंटी के हटते ही शीला की रस टपकाती चूत नरेश के सामने आ गयी ।
नरेश ने अपनी बहन की गीली चूत को एक बार देखा और नीचे झुककर अपने होंठो को अपनी बहन की चूत के पतले होंठो पर रख दिया।
"आहहह भैया ओह्ह" नरेश के होंठ अपनी चूत पर पडते ही शीला के मुँह से ज़ोर की सिसकी निकल गयी और वह अपने हाथ से अपने भाई के बालों को सहलाते हुए अपनी चूत पर दबाने लगी ।
नरेश कुछ देर तक अपनी बहन की चूत को अपनी जीभ से चाटने के बाद सीधा होते हुए अपना फनफनाता हुआ लंड अपनी बहन की चूत पर घीसने लगा।
"आह्ह्ह्ह ओह भैया डाल दो ना" शीला ने अपने भाई के लंड को अपनी चूत पर महसूस करते ही ज़ोर से सिसकते हुए कहा और अपने चूतडों को उठाकर अपने भाई के लंड पर दबाने लगी ।