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नीलम ने कुछ देर तक यों ही हाँफने के बाद अपने ससुर को अपने ऊपर से हटा दिया और खुद उठकर बाथरूम में चलि गयी । नीलम बाथरूम में घुसते ही नीचे बैठकर मूतने लगी एक मधुर आवज़ के साथ नीलम की चूत से पेशाब निकलकर नीचे गिरने लगा, नीलम मूतने के बाद पानी से अपनी चूत साफ़ करने लगी तभी उसे महसूस हुआ की कोई उसे देख रहा है नीलम ने चौककर जैसे ही अपना सर ऊपर करके देखा वह शर्म से पानी पानी हो गई ।
महेश भी बिलकुल नंगा ही बाथरूम में खड़ा नीलम को घूर रहा था।
"पिता जी आप यहाँ आपको शर्म नहीं आती" नीलम ने शरमाते हुए कहा और उठकर वहां से बाहर जाने लगी,
"अरे बेटी इतनी भी क्या जल्दी है अब तो हम दो जिस्म एक जान बन चुके हैं फिर भी तुम इतना शर्मा रही हो" महेश ने अपनी बहु को कलाई से पकडते हुए कहा और उसे अपने साथ अंदर ले जाते हुए शावर के नीचे खड़ा कर दिया ।
"पिता जी छोड़िये न हमें शर्म आ रही है" नीलम ने अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करते हुए कहा।
"बेटी तुम्हें मेरी कसम चुप होकर खड़ी हो जाओ" महेश ने अपनी बहु को देखते हुए कहा । नीलम कसम का सुनते ही चुप होकर खड़ी हो गई और महेश ने अपनी बहु की कलाई से अपना हाथ हटाया और थोडा दूर होकर मूतने लगा, महेश का लंड बिलकुल सिकुड़े हुआ था उसके लंड से पेशाब की मोटी धार निकलकर फर्श पर गिर रही थी ।
नीलम भी खड़े खड़े चोर नज़रों से अपने ससुर को मूतते हुए देख रही थी। शावर खुला हुआ नहीं था इसीलिए नीलम को वहां खड़े रहने में कोई परेशानी नहीं हो रही थी । महेश मूतने के बाद अपनी बहु के क़रीब आ गया और शावर को ऑन कर दिया। शावर के खुलते ही दोनों ससुर बहु के जिस्म उसके पानी से भीगने लगा।
"पिता जी यह आप क्या कर रहे है" नीलम ने शावर के ठन्डे पानी को अपने जिस्म पर गिरने से चिल्लाते हुए कहा।
"अरे बेटी कुछ नहीं बस तुम्हारे साथ एक बार नहाने का सपना पूरा कर रहा हूँ" महेश ने अपनी बहू को देखते हुए कहा ।
शावर के पानी से नहाते हुए नीलम का नंगा जिस्म ज्यादा ख़ूबसूरत और हसीन लग रहा था उसके काले घने बाल पूरी तरह भीग चुके थे और शावर का पानी नीलम के सर से होता हुआ उसकी चुचियों को भीगोकर नीचे जाता हुआ उसकी चूत के रास्ते नीचे गिर रहा था।
"वाह बेटी तुम नहाते हुए कितनी खूबसुरत लग रही हो" महेश ने अपनी बहु के चूतडों में हाथ डालकर उसे अपने क़रीब करते हुए कहा।
"पिता जी छोड़िये ना" नीलम ने शर्म से अपना सर नीचे करते हुए कहा। नीलम का सर नीचे होते ही उसे एक झटका लगा क्योंकी उसके ससुर का मुसल लंड फिर से तनने लगा था ।
महेश भी बिलकुल नंगा ही बाथरूम में खड़ा नीलम को घूर रहा था।
"पिता जी आप यहाँ आपको शर्म नहीं आती" नीलम ने शरमाते हुए कहा और उठकर वहां से बाहर जाने लगी,
"अरे बेटी इतनी भी क्या जल्दी है अब तो हम दो जिस्म एक जान बन चुके हैं फिर भी तुम इतना शर्मा रही हो" महेश ने अपनी बहु को कलाई से पकडते हुए कहा और उसे अपने साथ अंदर ले जाते हुए शावर के नीचे खड़ा कर दिया ।
"पिता जी छोड़िये न हमें शर्म आ रही है" नीलम ने अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करते हुए कहा।
"बेटी तुम्हें मेरी कसम चुप होकर खड़ी हो जाओ" महेश ने अपनी बहु को देखते हुए कहा । नीलम कसम का सुनते ही चुप होकर खड़ी हो गई और महेश ने अपनी बहु की कलाई से अपना हाथ हटाया और थोडा दूर होकर मूतने लगा, महेश का लंड बिलकुल सिकुड़े हुआ था उसके लंड से पेशाब की मोटी धार निकलकर फर्श पर गिर रही थी ।
नीलम भी खड़े खड़े चोर नज़रों से अपने ससुर को मूतते हुए देख रही थी। शावर खुला हुआ नहीं था इसीलिए नीलम को वहां खड़े रहने में कोई परेशानी नहीं हो रही थी । महेश मूतने के बाद अपनी बहु के क़रीब आ गया और शावर को ऑन कर दिया। शावर के खुलते ही दोनों ससुर बहु के जिस्म उसके पानी से भीगने लगा।
"पिता जी यह आप क्या कर रहे है" नीलम ने शावर के ठन्डे पानी को अपने जिस्म पर गिरने से चिल्लाते हुए कहा।
"अरे बेटी कुछ नहीं बस तुम्हारे साथ एक बार नहाने का सपना पूरा कर रहा हूँ" महेश ने अपनी बहू को देखते हुए कहा ।
शावर के पानी से नहाते हुए नीलम का नंगा जिस्म ज्यादा ख़ूबसूरत और हसीन लग रहा था उसके काले घने बाल पूरी तरह भीग चुके थे और शावर का पानी नीलम के सर से होता हुआ उसकी चुचियों को भीगोकर नीचे जाता हुआ उसकी चूत के रास्ते नीचे गिर रहा था।
"वाह बेटी तुम नहाते हुए कितनी खूबसुरत लग रही हो" महेश ने अपनी बहु के चूतडों में हाथ डालकर उसे अपने क़रीब करते हुए कहा।
"पिता जी छोड़िये ना" नीलम ने शर्म से अपना सर नीचे करते हुए कहा। नीलम का सर नीचे होते ही उसे एक झटका लगा क्योंकी उसके ससुर का मुसल लंड फिर से तनने लगा था ।