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कंचन के पाँव अपने आप उसके दादा के कमरे की तरफ बढ़ने लगे। दरवाज़े के पास पुहंचकर वह रुक गयी और अपना कान दरवाज़े पर लगाकर अंदर से आने वाली आवाज़ सुनने की कोशिश करने लगी।
"आह्ह्ह्ह बहु अगर तुम नहीं होती तो मैं तो मर ही जाता कितना ख्याल रखती हो तुम मेरा और तेरा बदन भी कितना ख़ूबसूरत है। मैं शायद दुनिया का सब से ख़ुशनसीब ससुर हूँ जो मुझे तुम्हारी जैसी ख़ूबसूरत बहु मिली" अनिल अपनी बहु की तारीफ करते हुए बोल रहा था।
"बापु जी मुझे तो आपने हर तरीके से भोग लिया है क्या आपका मन अब किसी और को चोदने का नहीं होता?" रेखा जो अपने ससुर के लंड पर उछल रही थी उसकी तेज़ साँसों के साथ आवाज़ आई।
"बेटी करता तो है मगर मैं घर से बाहर कुछ करना नहीं चाहता" अनिल ने अपनी बहु को जवाब देते हुए कहा।
"बापु जी अगर घर में कोई मिल जाए तो" रेखा ने अपने ससुर को देखते हुए कहा।
"घर में मगर कौन?" अनिल ने उत्तेजित होकर अपनी बहु की दोनों बड़ी बड़ी चुचियों को अपने हाथों से मसलते हुए कहा । कंचन बड़े गौर से अंदर से आने वाली आवाज़ सुन रही थी। उसका दिल बुहत ज़ोर से धड़क रहा था आखिर उसकी माँ किसकी बात कर रही थी ।
"मेरी बड़ी बेटी कंचन तुम्हें कैसी लगती है" रेखा ने अपने ससुर से कहा।
"बेटी तुम क्या कह रही हो" अनिल ने उत्तेजना के मारे रेखा को नीचे सीधा लिटाते हुए उसके ऊपर आकर उसकी चूत में अपना लंड बुहत तेज़ी के साथ अंदर बाहर करते हुए कहा।
"हाँ कंचन कैसी लगती है तुम्हें कच्ची कली है" रेखा ने भी अपने चूतड़ों को उछालते हुए अपने ससुर का साथ देते हुए कहा।
"बेटी मुझे तो वह बुहत अच्छी लगती है मगर वह भला क्यों मानेगी?" अनिल अपनी बहु की बातों से बुहत ज्यादा उत्तेजित हो चुका था । इसीलिए वह अपने लंड को पूरा बाहर खींचकर अपनी बहु की चूत में पेल रहा था।
"आजहहहह बापू जी मानेगी क्यों नहीं मैं हूँ न। आप तो उसकी बात सुनकर ही पागल हो गये हैं जब आप उसकी कमसीन जवानी को देखेंगे तो आपका क्या हाल होगा" रेखा अपने ससुर के ज़ोरदार धक्कों से ज़ोर से सिसकते हुए बोली।
"आह्ह्ह्ह बहु ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह" अनिल रेखा की बात सुनकर बुहत जोर से चिल्लाते हुए उसकी चूत में अपना वीर्य छोड़ने लगा । अनिल ने झडते हुए अपने लंड को जड़ तक अपनी बहु की चूत में घुसा दिया था जिस वजह से उसका वीर्य सीधा रेखा की चूत की गहराईयों में गिरने लगा।
"आह्ह्ह्हह्ह पिता जीईईईई आह्ह्हह्हह्ह्" रेखा भी अपने ससुर के गरम वीर्य को अपनी चूत में गिरने से चिल्लाते हुए झडने लगी रेखा ने झडते हुए अपने दोनों हाथों के नाखुनों को ज़ोर से अपने ससुर की गांड पर गडा दिया।
"आह्ह्ह्ह बहु अगर तुम नहीं होती तो मैं तो मर ही जाता कितना ख्याल रखती हो तुम मेरा और तेरा बदन भी कितना ख़ूबसूरत है। मैं शायद दुनिया का सब से ख़ुशनसीब ससुर हूँ जो मुझे तुम्हारी जैसी ख़ूबसूरत बहु मिली" अनिल अपनी बहु की तारीफ करते हुए बोल रहा था।
"बापु जी मुझे तो आपने हर तरीके से भोग लिया है क्या आपका मन अब किसी और को चोदने का नहीं होता?" रेखा जो अपने ससुर के लंड पर उछल रही थी उसकी तेज़ साँसों के साथ आवाज़ आई।
"बेटी करता तो है मगर मैं घर से बाहर कुछ करना नहीं चाहता" अनिल ने अपनी बहु को जवाब देते हुए कहा।
"बापु जी अगर घर में कोई मिल जाए तो" रेखा ने अपने ससुर को देखते हुए कहा।
"घर में मगर कौन?" अनिल ने उत्तेजित होकर अपनी बहु की दोनों बड़ी बड़ी चुचियों को अपने हाथों से मसलते हुए कहा । कंचन बड़े गौर से अंदर से आने वाली आवाज़ सुन रही थी। उसका दिल बुहत ज़ोर से धड़क रहा था आखिर उसकी माँ किसकी बात कर रही थी ।
"मेरी बड़ी बेटी कंचन तुम्हें कैसी लगती है" रेखा ने अपने ससुर से कहा।
"बेटी तुम क्या कह रही हो" अनिल ने उत्तेजना के मारे रेखा को नीचे सीधा लिटाते हुए उसके ऊपर आकर उसकी चूत में अपना लंड बुहत तेज़ी के साथ अंदर बाहर करते हुए कहा।
"हाँ कंचन कैसी लगती है तुम्हें कच्ची कली है" रेखा ने भी अपने चूतड़ों को उछालते हुए अपने ससुर का साथ देते हुए कहा।
"बेटी मुझे तो वह बुहत अच्छी लगती है मगर वह भला क्यों मानेगी?" अनिल अपनी बहु की बातों से बुहत ज्यादा उत्तेजित हो चुका था । इसीलिए वह अपने लंड को पूरा बाहर खींचकर अपनी बहु की चूत में पेल रहा था।
"आजहहहह बापू जी मानेगी क्यों नहीं मैं हूँ न। आप तो उसकी बात सुनकर ही पागल हो गये हैं जब आप उसकी कमसीन जवानी को देखेंगे तो आपका क्या हाल होगा" रेखा अपने ससुर के ज़ोरदार धक्कों से ज़ोर से सिसकते हुए बोली।
"आह्ह्ह्ह बहु ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह" अनिल रेखा की बात सुनकर बुहत जोर से चिल्लाते हुए उसकी चूत में अपना वीर्य छोड़ने लगा । अनिल ने झडते हुए अपने लंड को जड़ तक अपनी बहु की चूत में घुसा दिया था जिस वजह से उसका वीर्य सीधा रेखा की चूत की गहराईयों में गिरने लगा।
"आह्ह्ह्हह्ह पिता जीईईईई आह्ह्हह्हह्ह्" रेखा भी अपने ससुर के गरम वीर्य को अपनी चूत में गिरने से चिल्लाते हुए झडने लगी रेखा ने झडते हुए अपने दोनों हाथों के नाखुनों को ज़ोर से अपने ससुर की गांड पर गडा दिया।