इन्ही सब ख़यालों मे खोई वसुंधरा टेबल पर चुप चाप बैठी नाश्ता कर रही थी और अपने दोनो बच्चो की बातें सुन रही थी...जैसे ही राज टेबल से उठ किचन मे गया और कुछ लेकर लौटा तो उसकी निगाहें उसकी जाँघ के बीच उसके खड़े लंड के उभार पर ही टिकी हुई थी.. मन मे उठी इच्छाए और बदन मे उठती उत्तेजना उससे सहन नही हो रही थी.. उसकी समझ मे नही आ रहा था कि पति के बगैर वो इतने दिन कैसे गुज़र पाएगी.. उसके पति को आने मे तो अभी एक हफ़्ता पड़ा था... इन्ही सब बातों ने उसे एक बार फिर उत्तेजित कर दिया और वो अपने बच्चो से बहाना बना अपने कमरे मे आ गयी उसका इरादा अपनी चूत मे नकली लंड डाल चूत की गर्मी को शांत करने का था...
प्रीति को शाम की पार्टी के लिए कुछ शॉपिंग करनी थी..इसलिए वो गाड़ी लेकर चली गयी.. राज अपने कमरे मे आ गया.. पूरे दिन वसुंधरा घर की सफाई और बाकी के काम निपटाने मे लगी रही.. इसी बीच उसने अपनी चूत मे नकली लंड डाल कर अपनी चूत की गर्मी शांत की और फिर अपनी चूत पर उगी झांते फिर से सॉफ कर ली...
राज अपने कमरे मे थोड़ी देर तो कंप्यूटर पर सरफिंग करता रहा फिर सो गया.....
"राज क्या तुम चलने के लिए तय्यार हो... जल्दी से नीचे आ जाओ" प्रीति नीचे गाड़ी के पास ज़ोर से चिल्ला अपने भाई को बुलाने लगी... प्रीति की आवाज़ सुनकर राज हड़बड़ा कर पलंग से उठा.... पूरे दिन प्रीति शॉपिंग के लिए घर से बाहर रही थी और अब जल्दी मचा रही थी...
"बस पाँच मिनिट रूको... कल के लिए दो जोड़ी कपड़े बॅग मे डाल कर आता हूँ" राज ने चिल्ला कर जवाब दिया.... और अपनी स्पोर्ट्स बॅग मे से अपना फुटबॉल का समान बाहर निकाल उसमे अपने कपड़े रखने लगा...
प्रीति नीचे एक ट्रॅक पॅंट्स और स्लीव्ले टॉप मे खड़ी थी... उसके खड़े निपल टॉप से बिल्कुल सॉफ दीखाई दे रहे थे... तभी राज अपने कमरे से बाहर आया और अपनी मा से ये कहकर कीओ दोनो स्वीटी के घर जा रहे है और कल शाम को लौटेंगे... गाड़ी के पास आ गया.
राज और प्रीति अपनी मम्मी को बाइ बाइ कर गाड़ी मे बैठे और स्वीटी के घर की ओर चल पड़े....
राज और प्रीति जब स्वीटी के घर पहुँचे तो देख की स्वीटी और शमा घर के आँगन की सफाई कर रही थी....
"हाई कैसे हो तुम दोनो?" स्वीटी ने उन्हे देख कहा.... राज अपनी चचेरी बेहन को देखने लगा... स्वीटी ने डेनिम की एक छोटी और टाइट शॉर्ट्स पहन रखी थी जो उसके कुल्हों पर अछी तरह चिपकी हुई थी और उसकी गंद की गोलाइयाँ पूरे आकार मे दीख रही थी.... उसके उपर उसने बॅगी टी-शर्ट पहन रखी थी..जिसे देख कर राज को थोड़ी निराशा हुई... उसने अपने बालों को पीछे की ओर बाँध एक पोनी टेल बना रखी थी जहाँ से उसकी सुराही दार गर्दन नज़र आ रही थी.. राज का दिल किया की वो अपने होठों को उसकी गर्दन पर रख चूम ले...
"हाई स्वीटी" कहकर प्रीति उसकी ओर बढ़ गयी और वो अपनी दूसरी चचेरी बेहन शमा की ओर बढ़ गया.. वो भी स्वीटी की तरह लंबी और पतली थी... उसके बाल थोड़े भूरे थे और उसने काट कर उन्हे कंधों तक किया हुआ था... उसकी चुचियाँ भी स्वीटी की तरह छोटी और गोल गोल थी...
"हाई प्रीति.. हाई राज" उसने कहा...
राज और प्रीति स्वीटी के साथ घर के अंदर आ गये.. और शमा वहीं काम मे लगी रही..
"प्रीति तुम मेरे साथ मेरे कमरे मे रहोगी..." स्वीटी ने प्रीति से कहा, "और राज तुम बाहर इस दीवान पर रहोगे... तुम अपना बॅग यहीं पर रख दो... लेकिन शायद रात को सोने के लिए तुम्हे दीवान की ज़रूरत ही ना पडे" कहकर वो हँसने लगी...
जैसे ही राज अपना बॅग रखने के लिए हिला.. स्वीटी ने प्रीति को अपने पास खींचा और उसके होठों पर अपने होंठ रखते हुए अपनी जीब उसके मुँह मे डाल दी... प्रीति भी उसकी जीब से अपनी जीब मिला चूसने लगी... प्रीति ने स्वीटी के चूतदों पर हाथ रख उसे अपने और नज़दीक किया और उसकी चुचियों से अपनी चुचि रगड़ने लगी...
राज चुपचाप अपनी बहनो को एक दूसरे को चूमते और खिलवाड़ करते देखता रहा.. उसका लंड तनकर फड़फदा रहा था... "कुछ हो रहा है क्या राज?" स्वीटी ने अपना मुँह प्रीति के मुँह पर हटाया और उसे चिढ़ाते हुए उसके लंड को देखने लगी..
"हां.. वो क्या है मेने आज से पहले कभी दो लड़कियों को इस तरह चूमते नही देखा है... " वो हंस कर बोला.. स्वीटी उसके पास आई और उसे प्रीति की तरह चूमने लगी.. उसकी जीब को अपने मुँह मे ले चूसने लगी... राज ने अपना हाथ उसके टॉप मे डाल दिया तो उसने देखा कि वो ब्रा नही पहने हुई थी... वो उसकी चुचि को मसल्ने लगा.. और उसका लंड और फुदकने लगा...
"अभी नही.. अभी हमे शमा की मदद करनी चाहिए" स्वीटी ने उसके हाथो को अपनी चुचि पर से हटाते हुए कहा. तीनो नीचे शमा के पास आ गये और शाम की पार्टी की तय्यारी करने लगे... जब सब कुछ व्यवस्थित हो गया तो चारों लोग बैठ कर ड्रिंक सीप करने लगे...
थोड़ी देर बाद स्वीटी उठी, "चलो अब सब कोई तय्यार हो जाओ" वो अपनी जगह से उठती हुई बोली, "प्रीति तुम मेरे साथ आओ." कमरे मे आकर दोनो ने साथ साथ शवर के नीचे स्नान किया... और अपने बदन पौंछ बाहर आ गयी... प्रीति नंगी ही अपने बालों को संवार रही थी...फिर प्रीति अपनी बॅग से अपने कपड़े निकालने लगी..
"ये कैसी रहेगी" प्रीति ने एक छोटी पॅंटी निकाल कर उसे दीखाते हुए पूछा.. और फिर उसके उपर ब्रा बेहन ली..
"सच मे प्रीति अछा हुआ तुम मुझे अपने साथ शॉपिंग के लिए नही ले गयी.. नही तो सही मे में तुम्हारी चूत को वहीं चेंजिंग रूम मे खा जाती.." स्वीटी हंसते हुए बोली. "अरे यार इससे भी अछी चीज़ है जो हमे साथ साथ करनी है" प्रीति मुस्कुराते हुए बोली और एक छोटी डेनिम की स्कर्ट निकाल कर पहने लगी...
स्वीटी उठ कर उसके पास आ गयी.. "सच मे प्रीति दिल तो कर रहा है कि पार्टी को गोली मार दूँ और पूरी रात तुम्हारे इस मखमली बदन से खेलती रहूं"
"नही आज की रात पार्टी पहले फिर सब कुछ " प्रीति ने प्यार से उसके गालों पर हाथ फिराते हुए कहा, "अब जल्दी से उठ कर कोई सेक्सी ड्रेस पहन लो.. में देखना चाहती हूँ कि राज का लंड हमे देख कर कितना फुदकता है?"
"स्वीटी उठी और अपनी अलमारी से एक लेदर की स्कर्ट निकाल ली और फिर प्रीति से बोली, "तुमने तो बहोत छोटी पॅंटी पहन रखी है.. इसलिए तुम्हारा मुक़ाबला करने के लिए में ऐसा करती हूँ कि आज पॅंटी पहनती ही नही हूँ... " कहर उसने वो स्कर्ट पहन ली. "वो सब तो ठीक है.. लेकिन अगर मेरे हाथ बार बार तुम्हारी स्कर्ट के अंदर चले जाएँ तो चौंकना नही." प्रीति ने हंसते हुए कहा. "तुम उसकी चिंता मत करो" कहकर स्वीटी ने एक ब्लू रंग का टॉप पहन लिया... फिर दोनो कमरे से बाहर आ कर राज और शमा के पास आकर बैठ गयी.. अब चारों अपने आने वाले मेहमआनो का इंतेज़ार करने लगे..
"क्या बात है.. तुम दोनो मेरे आने वाले दोस्तों पर बिज़लियाँ तो नही गिराना चाहती ना? शमा ने दोनो को देखते हुए कहा. "तुम्हारी सहलियों को तो कुछ नही होगा.. हाँ उनके साथ आने वाले उनके बॉय फ्रेंड के लिए हम कुछ नही कह सकते... " प्रीति ने खिलखिलाते हुए कहा..
"तुम दोनो कुछ लेना पसंद करोगी?" राज ने प्रीति और स्वीटी से पूछा. "हां में वाइट वाइन लूँगी" स्वीटी ने कहा और प्रीति ने भी अपने लिए वही कह दिया... राज उठा और किचन मे जाकर अपने लंड को मसलने लगा.. जो उन दोनो को देख कर बुरी तरह मचल रहा था... दोनो शमा से भी सेक्सी लग रही थी.. किचन से आते हुए राज ने अपनी निगाह शमा पर डाली.. जिसने एक टाइट जीन्स पहन रखी थी.. और उसके उपर गुलाबी रंग की टी - शर्ट जिसने उसके समूचे बदन को जाकड़ रखा था... पर राज ने देखा कि आज उसकी चुचियाँ कुछ ज़्यादा बड़ी लग रही थी.. ज़रूर उसने कोई खास ब्रा पहन रखी थी..
क्रमशः.......