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पापा की दुलारी जवान बेटियाँ complete

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रीना - (रीना दीदी के मुह से चूची शब्द सुन कर शॉक थी) दीदी आप भी न कितने गंदे वर्ड बोलति हो।

शालु - अरे बूब्स को हिंदी में तो यही कहते हैं न। तू बड़ी शर्मीली है। क्या तू ऐसे नहीं बोलति अपनी सहेलीयों से।

रीना - हाँ बोलति हूँ। लेकिन आपसे थोड़ा अजीब लगता है।

शालु - अजीब क्या है। तुम्हारी बड़ी बहन हूँ और दोस्त भी। मुझसे कुछ मत छुपाना, मैं भी नहीं छुपाउँगी।

रीना - ठीक है दीदी।

शालु - पापा के साथ अब तो साथ रह कर उतनी शर्म नहीं है। २ दिन पहले ऑफिस के लिए मेरे पास ब्रा पेंटी नहीं थी, तो उन्होंने ने मेरी गिली पेंटी और ब्रा को आयरन कर सुखाई थी।

रीना - ओह गॉड पापा आपकी गिली पेंटी और ब्रा आयरन कर रहे थे?

शालु - हाँ। अच्छा तुम्हारी ब्रा की साइज कितनी है अभी?

रीना - दीदी ३६ बी है।

शालु - अच्छा इतने बड़े कैसे हो गए? पहले तो इतने नहीं थे, बॉयफ्रेंड दबा रहा है क्या?

रीना - छी दीदी ऐसा कुछ नहीं है।

शालु - लगता है पापा उठ गये, बात करेगी?

रीना - हाँ।

बंसल बिस्तर पे शालु की तरफ वेबकेम के सामने आ जाता है।

रीना - हाय पापा।

बंसल - हाय बेटी, कैसी हो?

रीना - मैं ठीक हूँ पापा।

बंसल - बहुत अच्छी लग रही हो तुम।

रीना - थैंक यू पापा, आप भी अच्छे लग रहे हैं और दीदी तो बहुत अच्छी लग रही है।

बंसल - (शालू को पकड़ते हुए) मेरी दोनों बेटियां अच्छी है। अब शालु यहाँ है तो इसे बाप का प्यार दे सकता हू। तुम होती तो तुम्हे भी प्यार करता।

बानसाल शालु को बाँहों में भर कर गाल के पास किस करता है।

रीना - हाँ पापा मैं आपको बहुत मिस करती हूं।

बंसल - तो तू भी यहाँ क्यों नहीं आ जाती।

रीना - नहीं पापा, मैं कुछ मॉडलिंग के लिए ट्राई कर रही हू। अगर नहीं होगा तो आउंगी। आप मेरी थोड़ी हेल्प कर दिजिये न प्लीज, दीदी से मैंने बात कर ली है।
 
बंसल - तुम चिंता मत करो बेटी, मुझसे जो भी होगा करूँगा। ऑफिस में मेरे एक दोस्त हैं जो मॉडलिंग के लिए चेहरे तलाश कर रहे है। मैं उनसे बात करूँगा। तू मुझे ईमेल पे कुछ अपनी फोटोग्राफ्स भेज देना। ओके?

रीना - ओके पापा।

बंसल - ओके तुम दीदी से चैट करो मैं वाशरूम जा रहा हूँ।

रीना - ओके पापा।

बंसल बाथरूम चला जाता है। शालु फिर से रीना से बात करने लगती है।

शालु - देखा रीना, ये अच्छा मौका है पापा के दोस्त बहुत रईस है, तो पापा को अच्छी ड्रेस की फोटो भेजना।

रीना -ओके दीदी।

शालु - एक बात और, मॉडलिंग में स्किन भी देखते है। मॉडल गोरी है, स्किन सॉफ्ट है, फिगर अच्छा है, बूब्स और हिप्स बड़े हैं या नही। कहीं उसके बॉडी पे बाल तो नहीं हैं वगैरह। तो इसलिए कुछ एक्सपोसिंग फोटो भी भेज देना जिस्मे तुम्हारी थाइस दिखे, बूब्स के उभार दिखे और नवेल नज़र आए, क्लीवेज दीखे और नंगी पीठ और कमर समझी।

रीना - ठीक है दीदी, लेकिन क्या मुझे ये एक्सपोसिंग वाली फोटो पापा को भेजना होगा?

शालु - हाँ रीना, मॉडलिंग में इतना चलता है। तू इतना क्यों शरमाती है। पापा ने तो नहाते हुए मेरी खुली चूची देखि है, तुझे तो कम ही दिखाने को कहा मैने। मॉडलिंग में जाने के लिए लड़कियां तो चुदवा भी लेती है, तुझे तो सिर्फ थोड़ा बॉडी शो करना है।

रीना - ओह रियली दीदी?

शालु - हाँ।

रीना - ओके दीदी आप जैसा कहेंगी मैं वैसा करुँगी।

 
कहानी जारी रहेगी।आप सभी के सहयोग के लिए शुक्रिया।अगला अपडेट जल्दी ही।
 
कल दिन संडे को रीना ढेर सारा शॉपिंग करती है, अपने रूम में अकेले कैमरा के सामने अपनी कुछ फोटोज निकालती है। वो अपनी दीदी की कही बात के अनुसार ही कुछ एक्सपोसिंग फोटोज भी खीचती है। अलग अलग ड्रेस्सेस में ८-१० फोटोज खीचने के बाद वो कंप्यूटर के सामने बैठ फोटोज कॉपी करती है। पापा को ये सभी फोटोज मेंल करने के ख्याल से ही रीना की दिल की धड़कन बहुत तेज़ी से धड़कने लगती है। उसके हाथ काँपने लगते है।

किसी तरह साहस जूटा कर वो अपनी सारी फोटो पापा को ईमेल कर देती है।

शाम के ८ बजे रीना शालू को फ़ोन करती है।।

शालु - हेलो छोटी।

रीना - ही दीदी, दीदी मैंने पापा को अपनी कुछ फोटोज मेंल कर दी हैं आप बता दो उनको।

शालु - ठीक है बता दूंगी। जैसा मैंने कहा था वैसे ही फोटोज भेजी हो न।

रीना - (थोडा शरमाती हुए) हाँ दीदी जैसा आपने कहा था वैसे ही। थोड़ी शर्म आ रही थी।

शालु - तू दिल्ली तो आ। सारी शर्म निकल जायेगी यहां।

रीना - अच्छा।।कोशीश करुँगी।

रीना - दीदी वीडियो कॉल पे आओ ना।

शालु - अभी?

रीना - हाँ क्यों?

शालु - अभी थोड़ी देर में मैं और पापा बाहर डिनर के लिए जा रहे है।

रीना - ओह अच्छा दीदी फिर कल बात करेंगे।

शालु - नहीं रुक छोटी थोड़ी देर कर लेते हैं वीडियो काल, वैसे भी पापा वाशरूम में है। जब तक बाहर नहीं आते बात करते है।

रीना - ठीक है दीदी।

(शालू और रीना आपस में वीडियो कॉल पे ब्यस्त हो जाते है, शालु ने एक ब्लैक स्लीप पहनी होती है। शालु के इस सेक्सी पहनावे को देख रीना हैरान हो जाती है )

रीना - दीदी आज तो आप बहुत सुन्दर लग रही हो। हेयर स्टाइल भी चेंज है।

शालु - हाँ बाहर जाना था न तो सोचा थोड़ा मेकअप कर लुँ।

( रीना बात करते हुए वेबकेम पे शालु के कमरे को ध्यान से देखति है, पीछे बिस्तर पे शालु की ब्रा पेंटी पड़ी होती है)

रीना - दीदी एक बात कहूं?

शालु - हाँ बोल।

रीना - वो आपकी अंडरगार्मेन्ट्स वैसे ही बेड पे पड़ी है, पापा देखते होंगे तो क्या सोचेंगे। आपको शर्म नहीं आती?
 
शालु - शर्म कैसी छोटी, अंडरगार्मेन्ट्स ही तो है। कौन सा मैं बिस्तर पे अंडरगार्मेन्ट्स उतार के नंगी बैठी हूँ।

रीना - है है है।।

शालु - इतना सब तो चलता है। मैंने बताया तो था तुझे, की कैसे पापा एक दिन मेरी गिली पेंटी आयरन कर के सुखा रहे थे।

रीना - ओह हाँ याद आया। वैसे भी आपने बताया नहीं पेंटी कैसे गिली हो गई थी।

शालु - अरे वो शुरू शुरू में कपडे कहाँ थे मेरे पास, वो तो बाद में शॉपिंग की। उस वक़्त तो एक ही जोड़ा था मेरे पास। नहाने के बाद मेरी पेंटी ब्रा सुखी नहीं थी और मुझे ऑफिस भी जाना था। इसलिये पापा उसे आयरन कर के सुखा रहे थे।

रीना - ओह अच्छा। मुझे लगा ।।।(कुछ कहते कहते रुक गई रीना, और मुस्कुराने लगी)

शालु - ए छोटी।।। मुस्कुरा क्यों रही है तू? बोल? क्या सोच रही है बदमाश।।।?

रीना - कुछ तो नहीं।।

शालु - बोल न।। क्यों स्माइल दे रही है इतना।

रीना - वो आपने गिली पेंटी वाली बात की न तो मैंने सोचा शायद पेंटी किसी और रीज़न से गिली हुई हो।

शालु - बदमाश हो गई हो तुम छोटी। भला और किस रीज़न से गिली होगी।

रीना - क्योँ।। ? अगर आपका कुछ मूड हो तो गिली नहीं होगी क्या?

शालु - चुप कर।। वैसे गिली होगी तो क्या वो पेंटी मैं पापा को दूंगी सुखाने के लिये।।?? और जब उसपे गरम आयरन रखेंगे तो उसकी महक ओह्ह्ह माँ।। तू भी न।।

रीना - (शालू को आँख मारते हुए) तुम्हारी उसकी महक पूरे कमरे में फ़ैल जाएगी।

शालु - कैसी महक छोटी।। ?? (शालू रीना को वेबकेम पे वापस आँख मारते हुए)

रीना - वही।।

शालु - वही।। क्या? मेरी बुर?

रीना - ओह दीदी आप तो बड़ी बेशर्म हो।।

शालु - बेशर्म क्योँ।। तेरे बुर से पानी नहीं आता क्या?

रीना - ओह दीदी बस करो, पापा सुनेंगे तो क्या सोचेंगे कैसी बात कर रही है दोनों बहने।।

 
शालु - ( और तेज़ से चिल्लाते हुए) तेरे बुर से पानी नहीं आता क्या?

रीना - (शर्म से अपने चेहरे पे हाथ रखते हुए) दीदी पागल हो गई हो क्या तुम??? पापा सुन लेंगे।

शालु - (धीमी आवाज में ) हाँ तो बोल आता है की नहीं?

रीना - हाँ दीदी आता है।। कभी कभी तो बहुत।। और बदबू भी आती है।

शालु - अरे उससे बदबू नहीं बोलते हैं पागल। मरद तो बुर की महक के दिवाने होते है।

रीना - दीदी आप भी न।। तो आपकी पेंटी बिस्तर पे पड़ी है क्या उससे महक नहीं आती होगी?

शालु - अरे वो तो धूलि हुई पेंटी है। दिक्कत तो तब होती है जब मैं अपनी यूज्ड पेंटी कमरे में रखती हूँ। कभी कभी तो जैसे ही पेंटी उतारती हूँ तो ए सी रूम है तो पूरी गंध फ़ैल जाती है कमरे में।

रीना - ओह माय गॉड कितना बुरा लगता होगा पापा के सामने ये सब।

शालु - मेरे लिए क्या बुरा है।। उनको तो अच्छा ही लगता होगा।। (शालू हल्का सा स्माइल देती है)

रीना - दीदी आप बहुत बेशर्म हो गई हो।

शालु - अब एक ही कमरे में हम दोनों रुके है। तो ये सब तो होगा ही न। कितने दिन बचेंगे।

रीना - उम्मं।

शालु - क्या मरदों के लंड से महक नहीं आती?

रीना - मुझे क्या पता दीदी।

शालु - झूठ न बोल। तूने किसी मरद का लंड को हाथ नहीं लगाया क्या?

रीना - नहीं दीदी।

शालु - मुझसे झूठ मत बोलो पकड़ी जाओगी।।तेरे चेहरे का रंग बता रही है की तू लंड से खेली है।

पता है एक दिन रात को मैं और पापा सो रहे थे। कमरे में एक ही ब्लैंकेट है तो हम दोनों शेयर करते है। और तू तो जानती है मैं पूरा सर तक ब्लाँकेट डाल कर सोती हूँ। देर रात को मेरी नींद खुली, पूरे ब्लैंकेट के अंदर एक अजीब सी महक थी। मैंने हलकी रौशनी में देखा तो हैरान रह गई। पापा का लंड बाहर था और लंड का स्किन पूरा खुला था।

रीना - उफ़ ये क्या कह रही हो दीदी।
 
शालु - सच में। और उनके लंड के टिप से कुछ टपक रहा था।।। उनके पेट से बहता हुआ मेरे हाथ पे आ गिरा था।

रीना - ओह माय गॉड।

शालु - मैं अपने हाथ पे लगे पानी को सूँघी, और फिर जीभ से चाटी तो उसके नमकीन स्वाद से मुझे यकीन हो गया की ये वही है। शायद पापा रात में मुट्ठ मार के सोये थे और उनकी नींद लग गई थी।

रीना - ओह दीदी, तुम उनका मुट्ठ चाटी थी।

शालु - अरे तो पापा गहरी नींद में सो रहे थे, उनका लंड भी छोटा हो गया था।

रीना - लेकिन पापा मुट्ठ क्यों मारेंगे?

(अब रीना धीरे धीरे खुलती जा रही थी, और लंड़, मुट्ठ ये सभी शब्दों को बिना हिचकिचाते हुए इस्तेमाल कर रही थी )

शालु - मुझे नहीं मालूम, शायद रात में मम्मी को मिस कर रहे होंगे।

रीना - केवल मम्मी को ही न।। कहीं ऑफिस की किसी लड़की को सोच के तो नही।। हे हे हे।

शालु - हे हे हे शायद।

रीना - मुझे यकीन नहीं होता, पापा इतना हॉट हो गए थे की उनको कण्ट्रोल नहीं हुआ और वो रात में तुम्हारे बगल में सोने के बावजूद वो मुट्ठ मारने लगे।

शालु - कोई नंगी लड़की देखी होगी शायद उन्होंने जिसे याद करके मुट्ठ मार रहे होंगे।

रीना - या किसी की बुर की महक को एन्जॉय करके मुट्ठ मार रहे होंगे हे हे हे।। है न दीदी।।

शालु - तू बहुत बदमाश हो गई है छोटी।। तेरे कहने का मतलब है की पापा मेरे बुर की महक से उत्तेजित होते है।
 
शालु - बदमाश।।मारूँगी तुझे। तू आ दिल्ली, तेरी बुर में ऊँगली डाल के उस ऊँगली को चटवाउंगी पापा से।

रीना - छी दीदी कितना गन्दा बोल रही हो, मैं क्लोज कर रही हूँ वीडियो काल।

शालु - अच्छा बाबा मज़ाक़ कर रही थी, तू मजाक कर सकती है मैं नहीं?

रीना - अच्छा ठीक है।

शालु - वैसे इतना जल्दी क्लोज क्यों कर रही है है वीडियो कॉल? कहीं ये सब बातें कर के तेरी बुर से पानी तो नहीं आ रहा ?

रीना - तुम पागल हो दीदी।

शालु - बोल न छोटी।

रीना - (शर्माते हुए) हाँ दीदी थोड़ा गिला हो गया है।

शालु - सच में?

रीना - हाँ, क्यों तुम्हारा कुछ नहीं हुआ?

शालु - अरे मेरी तो पूरी पेंटी गिली हो गई है ये सब बातें कर के।पेंटी की साइड से बुर का चिपचिपा पानी बाहर आ रहा है।

रीना - ओह दीदी, अब क्या करोगी?

शालु - टिश्यू ले के पोंछती हुँ।

रीना - क्यों? किसी से चटवा लो न?

शालु - अरे जान किससे चटवाऊं यहाँ। कोई भी तो नहीं है मेरी पहचान का।

रीना - कैसे कोई नहीं है?

शालु - क्यों कौन है यहाँ जो मेरी बुर चाट के मेरी आग को शांत करे।

रीना - पापा है न।। हे हे हे।

शालु - मार खाएगी तु।

रीना - अच्छा सॉरी सॉर्री।।

शालु - चल अब पापा आते होंगे बाथरूम से, मैं भी तैयार हो जाऊँ।

रीना - ठीक है दीदी, कल बात करते है। बॉय

शालु - बॉय।
 
बाथरूम से बंसल के बाहर आने के बाद, शालु उन्हें सारी बात बताती है। कैसे उसने रीना को जाल में फँसा लिया और उसके साथ गन्दी बातें की। बंसल ख़ुशी से शालु को गले लगा लेता है अब वो दिन दूर नहीं जब रीना की कुँवारी चूत चोदने को मिलेगी।

शालु भी बंसल की छाती से कस के चिपक जाती है और अपनी गरम बुर को बंसल के लंड पे रगडने लगती है।

बंसल - क्या हुआ बेटी आज बहुत मूड में हो।

शालु - हाँ पापा आइये चोदिये न मुझे।।(कहते हुये शालु चूचियां हवा में लहरा देती है)

बंसल - लेकिन बेटी। हम तो बाहर रेस्टूरेंट जाने वाले थे डिनर के लिये।

शालु - डिनर यहीं होटल में कर लेंगे। प्लीज पापा, मैं चुदना चाहती हूँ।रीना की बातों से मैं बहुत गरम हो गई हूँ।

बंसल - ठीक है बेटी, आओ बिस्तर पे।

शालु और बंसल दोनों बिस्तर पे जाते हे किसी प्यासे दंपत्ति की तरह एक दूसरे से लिपट कर आपस में किस करते है।

बंसल ने धीरे से शालू के कपडे उतार दिए और उसके मोटे-मोटे दूध को कस-कस कर के मसलने लगा।

शालू- आह पापा क्या कर रहे हो पूरा निचोड़ दोगे क्या ज़रा धीरे दबाओ।

बंसल जितने ज़ोर से शालू के दूध दबाता शालू भी उतनी ही ताक़त से अपने पापा का लंड मसल देती थी। दोनो एक दूसरे को पागलो की तरह मसल रहे थे तभी बंसल ने अपना लंड अपनी जवान बेटी की चूत मे सटा दिया और शालू किसी मज़े हुए खिलाड़ी की तरह अपने पापा के लंड पर गच्छ से बैठ गई और उसके पापा का लंड उसकी चूत मे जड़ तक घुस गया।वह पापा के लंड पर कूदने लगती है।

बंसल- अपनी बेटी की चूत मारते हुए,तुम्हारी चूत कितना पानी छोड़ रही है बेटी।

शालू- हाँ आप खूब कस-कस कर चोदो पापा बहुत मीठी-मीठी खुजली चल रही है तुम्हारी बेटी की चूत मे।

 
बंसल- इतना मोटा लंड अपनी चूत मे लोगी तो खुजली तो चलेगी ना, चल घोड़ी बन जा बेटी तब तेरी मोटी गान्ड सहलाते हुए तेरी चूत मारने मे अलग ही मज़ा आएगा, फिर क्या था शालू जल्दी से झुक कर घोड़ी बन गई और बंसल ने अपनी बेटी की मोटी गान्ड और उसकी गुदा को सहलाते हुए अपने लंड को उसकी चूत की फांको के बीच सॅट से पेल दिया और शालू आह पापा मर गई रे ज़रा धीरे डालो पापा। मेरी चूत लगता है फाड़ दोगे, जब आप मुझे पेलते हो तो आपका लंड पूरा डंडे जैसा हो जाता है।

बंसल- अपनी बेटी की गान्ड सहलाते हुए उसकी चूत मे सटासट लंड पेलते हुए, तो क्या तुझे अपने पापा का मोटा डंडा अच्छा नही लगता है।
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शालू- अच्छा क्यो नही लगेगा, ऐसे कड़े डंडे से अपनी चूत मरवाने के लिए तो मैं कब से तड़प रही हू, थोड़ा तेज पेलो ना अपनी बेटी की चूत आह आह और ज़ोर से आह आह हा पापा ऐसे ही आह और मारो खूब चोदो । आज फाड़ दो अपनी रंडी बेटी की चूत को।

बंसल पागलो की तरह शालू की चूत मारने मे लग जाता है और शालू कराहते हुए अपनी गान्ड को अपने पापा के लंड पर खूब कस-कस कर मारने लगती है, अब बंसल अपनी बेटी को खड़ी करके खुद भी खड़ा हो जाता है और फिर शालू की टाँगो को अपनी कमर के इर्दगिर्द लपेट कर उसे अपने लंड पर चढ़ा कर खड़े-खड़े अपनी बेटी की चूत मारने लगता है,शालू अपने पापा से लिपटी हुई नीचे से उसका मोटा लंड अपनी चूत मे घुसाए सीसीयाने लगती है।

बंसल उसे दीवार से टीका कर उसकी चूत मे खूब तेज-तेज लंड पेलने लगता है।

शालू- आह आह पापा। मैं गई आ मेरा पानी आह आह और फिर शालू एक दम से अपने पापा से चिपक जाती है और उसकी चूत से ढेर सारा पानी बहने लगता है बंसल उसे ज़मीन पर लेटा कर उसके उपर चढ़ कर खूब तगड़े धक्के मारते हुए अपना पानी अपनी बेटी की चूत मे छोड देता है। बंसल शालू को चोदने के बाद उसके उपर से उठ कर अलग बैठ जाता है और फिर जब शालू खड़ी होती है तो बंसल उसकी मोटी गान्ड मे थप्पड़ मारते हुए।

बंसल- अरे मेरी बेटी अपनी गान्ड कब चोदने को देगी, तेरी गान्ड मारने का बहुत मन कर रहा है।

शालू- पापा तुम गान्ड बहुत तेज चोद्ते हो मुझे बहुत दर्द होता है।

बंसल- उसकी मोटी गान्ड को सहलाते हुए, मेरी रंडी बेटी तेरी गान्ड है भी तो जबरदस्त इसीलिए तो तेरे पापा तेरी मोटी गान्ड खूब हुमच-हुमच कर चोदना चाहता है
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