• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

पाप पुण्य complete

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
कपडे पहन कर आंटी बोली, शरीर की भूख शांत हो गयी तो पेट की भूख भड़क गयी. चलो मोनू कही चलकर कुछ खाते है.

मैं: हा चलिए न आंटी.

और हम दोनों बाहर खाने के लिए निकल गए.

उधर दूसरी तरफ जब रिशू रिक्की को लेकर रुची के घर को निकला तो रस्ते का ट्रैफिक और सड़क के गड्ढो से उसे बार बार बाइक के ब्रेक लगाने पड रहे थे.

ब्रेक लगने से रिक्की की चूचिया भी बार बार उसकी पीठ में रगड रही थी. रिक्की ने शायद ब्रा नहीं पहना था जिससे उसकी नरम चूचिया रिशू को साफ़ महसूस हो रही थी. रिशू जिसने रात भर अपनी माँ कामिनी को नंगा करके चोदा था अचानक उसके मन में ख्याल आया की काश मैं रिक्की को मम्मी के सामने पूरा नंगा करके चोदु तो...

इस ख्याल से उसके लंड ने एक झटका खाया और वो धीरे धीरे ऐठने लगा. रिशू के मन में किसी तरह की कोई दुविधा नहीं थी की रिक्की उसकी छोटी बहन है. वो तो सिर्फ चूत और लंड का रिश्ता मानता था. उसे तो आश्चर्य हो रहा था की आज से पहले उसने इस बात पर ध्यान क्यों नहीं दिया.

वो सोचने लगा की रिक्की की सील टूट चुकी होगी या नहीं. उसके दिल ने कहा की नहीं, रिक्की अभी तक कुवारी है और उसकी सील उसका भाई ही तोड़ेगा. उसने मन बना लिया की आज रात वो कामिनी से बात करेगा वो रिक्की को चोदना चाहता है.
 
रिशू इसी उधेड़ बुन में था की रुची का घर आ गया.

रिक्की अपनी सहेली के घर चली गयी और रिशू ने बाइक मेरे घर की तरफ मोड़ ली. वासना से उसका लंड फटने को हो रहा था. उसने मेरे घर पहुच कर डोर बेल बजाई. रश्मि दीदी ने सोचा की मैं बड़ी जल्दी वापस आ गया. उन्होंने फ़ौरन दरवाजा खोल दिया.

रिशू: मोनू है क्या?

रश्मि: नहीं पर तुम...

इतना सुनते ही रिशू ने घर के अन्दर आकर दरवाजा बंद किया और रश्मि दीदी कुछ और बोल पाती इससे पहले ही दीदी को बाँहों में भरकर उनके होठो पर अपने जलते हुए होठ रख दिए. कौन आया है ये देखने के लिए मोनिका भी कमरे से निकल कर बाहर आ गयी. रिशू अचानक मोनिका को देख कर हडबडा गया और उसने दीदी को छोड़ दिया.

मोनिका ने मन में सोचा की रश्मि तो पूरी रंडी है. न जाने कितने यार बना रखे है इसने. और वो कमरे के अन्दर चली गयी.

रश्मि: अरे क्या करते हो. पूरी बात तो सुना करो. ये क्या तरीका है तुम्हारा... दीदी गुस्से से बोली...

रिशू: अरे मुझे लगा कोई नहीं है घर में. ये कौन है...

रश्मि: मेरी कजिन है मोनिका... कुछ दिनों के लिए आई हुई है.

रिशू: तुमने मुझे बताया नहीं. मस्त पटाखा है. मुझे बजाना है यार... कुछ चक्कर चलाओ न.

रश्मि: पागल हो क्या...अभी तुम जाओ, मैं रात को कोशिश करके तुम्हारे यहाँ आ जाऊंगी.

रिशू रश्मि का हाथ अपने लंड पर रखते हुए, अरे रात तक तो ये बेचारा भूखा मर जायेगा. देखो न कितना तड़प रहा है. तेरी कजिन को कुछ समझा दे और बस आधे घंटे के लिए मेरे साथ ऊपर के कमरे में चल न..

रश्मि: अरे आधे घंटे में तुम्हारा कुछ नहीं होगा मैं जानती हूँ. अभी तुम जाओ.

रिशू: मेरी जान, अब अपने लंड की प्यास बुझाये बिना मैं कही नहीं जाने वाला.

रश्मि दरअसल मोनिका के सामने अपने सारे पत्ते नहीं खोलना चाहती थी इसीलिए नाराज़ होते हुए बोली: अरे इतनी ही आग लगी थी तो किसी कोठे पे चले जाते. या घर में माँ बहन की चूत से प्यास बुझा लेते.

रिशू: मेरी जान, माँ को तो मैंने कल रात भर चोदा है और बहन घर पर नहीं थी वरना उसे भी नंगा करके चोदता. और रही बात कोठे की तो तू तो मेरी प्राइवेट रंडी है न. तो तेरा घर मेरे लिए तो कोठा ही है. चल नखरे न कर. मैं ऊपर जा रहा हूँ, जल्दी से आजा कुतिया...
 
रिशू की ऐसी बातें सुन कर रश्मि समझ गयी की रिशू ऐसे नहीं जायेगा और वो मोनिका के पास जाकर बोली.

ये रिशू है, मोनू का दोस्त. मोनू से मिलने आया है. ऊपर कमरे में बैठ कर उसका वेट कर रहा है. मैं उसके पास जाकर बैठती हूँ. ठीक है.

मोनिका: तुम ज्यादा शरीफ बनने की कोशिश मत करो समझी. मैंने तुम दोनों की बातें सुन ली है. जाओ जाकर मजे से उसका लंड खाओ. मेरे साथ एक ही बिस्तर पर अपने सगे भाई से चुद चुकी हो फिर भी पता नहीं क्यों ये नाटक करती हो.

रश्मि: अरे यार... अब मैं तुझे क्या बताऊ तू नहीं समझेगी...सुन तुझे भी अगर इसका लंड लेना हो तो बोल

मोनिका: न बाबा तुम्हारा बॉय फ्रेंड तुम्हे ही मुबारक.

रश्मि: वो मेरा बॉय फ्रेंड नहीं है. वो सच में मोनू का दोस्त है. मेरे इसके साथ रिलेशन कैसे बने वो लम्बी कहानी है पर इसकी चुदाई करने का स्टाइल, इसका मोटा लम्बा लंड, इसका बदन है ही ऐसा की एक बार चुदने के बाद बार बार इससे चुदने का मन करता है. अगर तू इसका लंड देख लेगी न तो मना नही कर पायेगी. समझी.

रिशू के लंड के बारे में रश्मि की बातें सुन कर मोनिका बोली: सच में, सुन तू ऊपर जा पर दरवाजा बंद मत करना. मैं तुम दोनों की चुदाई देखूँगी. ओके

रश्मि ने कुछ सोचा फिर वो बोली अरे मेरे साथ तो चल, अगर तेरा मन नहीं होगा तो रिशू को तुझे हाथ भी नहीं लगाने दूँगी, समझी और हँसते हुए उसका हाथ पकड़ कर ऊपर चल दी. मोनिका किसी कठपुतली की तरह रश्मि के साथ चल दी. ऊपर कमरे में रिशू अपने कपडे उतार कर रश्मि का वेट कर रहा था. वो रश्मि के साथ मोनिका को भी देख कर खुश तो हुआ लेकिन उसने बेड के चादर से अपने लंड को छिपा लिया.

रश्मि: ये मोनिका का बड़ा मन हो रहा था चुदाई देखने का तो इसे भी साथ ले आई, पर ये सिर्फ देखेगी इसको हाथ भी मत लगाना.

रिशू: अरे प्रॉमिस यार इनको तो मैं हाथ नहीं लगाऊँगा अपर तुम तो जल्दी से मेरे पास आ जाओ.

मोनिका : रिशू जी देखिये आप अपनी जुबान पर कायम रहियेगा. सिर्फ रश्मि के साथ ही करियेगा.
 
रिशू: मर्द की जुबान है मोनिका जी. आप बस देखिये की रश्मि कैसे चुदेगी...रश्मि... चल आ जा.... देख मेरा लंड कैसे फनफना रहा है.. आके शांत कर इसे. इधर आ... मेरे पास बैठ...

रश्मि अपने कपडे उतार कर धीरे से रिशू की दोनों टांगों के बीच बैठ हसरत से उसके काले लंड को निहारती है और अपना दायां हाथ आगे बढ़ा लंड को मुठ्ठी में भर लेती है. लंड को छुते ही रिशू और रश्मि दोनों की सिसकारी फूट जाती है. मोनिका चुपचाप बेड पर एक किनारे बैठ जाती है.

रश्मि को अपनी चूत में करंट सा दौड़ता महसूस होता है. उसके हाथ का दवाब रिशू के लंड पर बढ़ जाता है. वह जोर जोर से लंड को हिलाने लगती है. वो सोचती है रिशू मोनिका को चोदे बिना तो नहीं मानेगा पर देखती हूँ के मोनिका कैसे राजी होती है...... वह अभी यह सब सोच ही रही थी की रिशू हाथ आगे बढ़ा रश्मि को बालों से पकड़ खींच लेता है और रश्मि उसके उपर लेट जाती है.

रिशू : रंडी सहलाना छोड़, मुह में ले न लंड को... जल्दी कर... पहले तेरे मुंह की चुदाई होगी उसके बाद तेरी चूत की बारी है.

मोनिका पर भी रिशू का हलब्बी लंड देख कर एक नशा सा हो जाता है वो रश्मि से बोली...

मोनिका: रश्मि.... चूस ले न... जल्दी कर

रिशू: मोनिका जी आप थोड़ी मदद कीजिये न अपनी बहन की...मेरे लंड को पकड़ कर इसके मुंह में डालिए न.

मोनिका: क्या...... नहीं.... प्लीज मैं... नहीं रिशू..

रिशू: अरे पकड़ने में क्या होता है...प्लीज मदद तो कीजिये न रश्मि की

रिशू का लंड देख कर मोनिका की आंखे तो वासना से लाल हो ही चुकी थी. रिशू और रश्मि ये देख रहे थे और उसकी झिझक तोड़ कर अपने साथ शामिल करना चाहते थे. रिशू ने कभी थ्रीसम नहीं किया था. आज वो मौका जाने नहीं देना चाहता था. उधर मोनिका को भी लगा की ज्यादा शर्म की तो ये तगड़ा लंड हाथ से निकल जायेगा. ये सोच कर मोनिका सरक कर रिशू की जांघ के पास आती है, जैसे ही वह रिशू के लंड को पकड़ने लगती है, रिशू उसे रोक देता है.

रिशू: नहीं ऐसे नहीं मोनिका जी. मैं और रश्मि एकदम नंगे हैं. ऐसे में आप अकेली कपड़े पहन कर बैठी है. मुझे बड़ा अजीब लग रहा है. क्यों रश्मि! तुझे भी अजीब लग रहा है न? एक काम करिये... अपने कपड़े उतार दीजिये.. और फिर आकर मेरा लंड रश्मि के मुंह में डालिए

मोनिका: अभी रहने दो कपड़े. देखती हूँ थोड़ी देर फिर उतार दूँगी.

रिशू समझ गया की ऊँगली टेढ़ी किये बिना घी नहीं निकलेगा, वो बोला: न न. ऐसे नहीं चलेगा. कपड़े तो उतारने ही पड़ेंगे.

और उसने मोनिका के कुर्ते को हाथ बढ़ा गले से पकड़ कर खींच लिया. चररर की आवाज के साथ मोनिका का कुर्ता पूरा फट गया. मोनिका ने ब्रा नहीं पहनी थी और वह केवल सूट में थी. कुर्ता फटने से मोनिका उपर से एकदम नंगी हो गयी और उसकी चूचीयां रिशू के सामने छलकने लगती है. मोनिका अचानक कुर्ता फटने से घबरा कर उठने लगती है पर रिशू उसे पकड़ कर रश्मि से बोला

रिशू: रश्मि इसकी सलवार का नाड़ा खोल, नंगा कर इस कुतिया को. साली तेरी चुदाई का मजा लेने वाली है ये. हमें भी तो कुछ देखने को मिलना चाहिए न.

अब रिशू मोनिका के लिए भी गन्दी जबान इस्तेमाल कर रहा था पर रश्मि तो रिशू की बातों से मदहोश हो चुकी थी. उसका लंड वो मुंह में और चूत में लेने को बेकरार थी. उसकी चूत गीली होने लगी थी. हाथ बढ़ा कर उसने मोनिका की सलवार का नाड़ा खींच दिया. मोनिका चुदने का मन तो बना चुकी थी पर ऐसे नहीं. उसको कुछ समझ नहीं आया की उसके साथ क्या हो रहा है.

रिशू: चल सलवार उतार ओर जो कहा है वह कर.

रिशू अब धीरे धीरे अपने असली रंग में आता जा रहा था. रिशू का रूप देख मोनिका घबरा जाती है और एकदम से खड़ी हो जाती है. उसके खड़े होते ही सलवार सररररररर करके उसके बदन का साथ छोड़ देती है. रिशू उसे हाथ पकड़ कर अपने पास खीचता है. मोनिका जैसे ही उसके पास आती है वह उसकी पेंटी को पकड़ कर नीचे सरका देता है. अब तीनों एक दूसरे के सामने जन्मजात नंगे हैं.
 
रिशू : देख अब ठीक लग रहा है न... तीनों एक जैसे.... चल अब आकर इस रंडी के मुंह में मेरा लंड डाल.

मोनिका अब क्या कर सकती थी. चुदना तो उसे था ही तो वो आकर रिशू की जांघ के पास बैठ गई और कंपकपाते हाथो से रिशू के लंड को पकड़ लिया. मोनिका के नाजुक हाथ लगते ही रिशू के लंड ने एक झटका खाया. उधर रश्मि ने लंड लेने के लिए अपना पूरा मुंह खोल दिया और कांपते हाथों से मोनिका रश्मि का सर रिशू के लंड के पास ले आई. रश्मि ने लंड को मुंह में भर लिया और अपनी जीभ को रिशू के सुपाड़े पर घुमाने लगी. रिशू मदमस्त होकर सिसकारियां और आहें भरने लगा.

मोनिका ने रश्मि के सिर को रिशू के लंड पर जोर से दबा दिया. पूरा लंड रश्मि के मूंह से होते हुए उसके गले से टकरा गया. रश्मि के मुंह से गूं गूं की आवाज निकलने लगी तो रिशू ने मोनिका को इशारा किया की वो रश्मि का सर छोड़ दे... रश्मि भी उसके इशारे को समझ कर लंड को अपने मुंह में भर कर अंदर बाहर करने लगी और मोनिका ने अपने हाथ रश्मि के सिर से हटा लिए और बैठ कर फटी आंखों से रिशू के मूसल लंड को रश्मि के मुंह की चुदाई करते देखने लगी.

मोनिका के अपने बदन में भी अब वासना की चींटिंया रेंगने लगी. उसकी चूंचीयां तन गयी और उसका हाथ खुद—ब—खुद अपनी चूचीयों पर पहुंच गया. रिशू की नजर भी अब मोनिका पर पड़ी और रिशू ने उसके हाथों को उसकी चूचीयों से हटाया और अपने हाथों में भर कर जोर से दबा दिया. मोनिका के मुंह से एक जोर की सिसकारी निकली तो रश्मि ने अपना चेहरा उपर उठा कर दोनों को देखा...

रिशू: कुतिया तू अपना काम करती रह. अगर एक पल के लिए भी मेरा लंड तेरे मुंह से निकला तो आज तेरी चूत में बांस डाल दूंगा.

रश्मि मुस्कुरा कर वापस लंड चुसाई में लग गयी और पूरे जोर से लंड को मुंह में भर कर अदंर बाहर करने लगी. अब रिशू मोनिका की चूचीयों के साथ खेलने लगा. कभी वो उसकी चूचीयो को सहलाता कभी दबाता और कभी नोचने लगता. मोनिका भी अब जबरदस्ती के इस खेल का मजा लेने लगी थी. रिशू ने अब अपनी गांड उठा कर रश्मि के मुंह में धक्के मारना चालू कर दिया और मोनिका को खींच के अपने उपर ले आया.
 
रिशू ने मोनिका की चूचीयां को मुंह में भर बारी बारी से चूसना शुरू कर दिया. मोनिका की सिसकारियां उफान पर आ गयी. रिशू अब बीच बीच में नीचे से रश्मि के मुंह में झटके मारते हुए मोनिका की चूचीयों को काट भी रहा था.

मोनिका कई बार चुद चुकी थी और यह बीता हफ्ता तो उसके लिए चुदाई का एक तूफ़ान ले आया था जिसमे वो अपने सगे और मौसेरे भाई से एक साथ चुदी थी पर फिर भी उसके लिए यह जंगली अनुभव एकदम नया और असहनीय था. जिस तरह रिशू उसे इस्तेमाल कर रहा था.

मोनिका के लिए यह सब बर्दाश्त से बाहर हो रहा था. उसकी चूत भट्टी की तरह जल रही थी और वह किसी भी समय बहने वाली थी. उसकी चूत में ऐसी आग पहले कभी नहीं लगी थी.

अब वह चूदना चाहती थी, अभी और इसी वक्त, पूरी बेशर्मी और बेरहमी के साथ. दिमाग पर जिस्म की गर्मी चढ़ चुकी थी.

मोनिका : आहहहहह् रिशू आःह्ह........ मुझे चुदना है तुमसे.... रश्मि नहीं मैं चुदूंगी तुमसे... अभी प्लीज मुझे चोदो..... मेरी चूत फाड़ दो. मेरी आग बुझा दो.... आहहहहह्.

रश्मि के कानों में मोनिका की यह सिसकारियों पड़ते ही वह लंड को मुंह से निकाल देती है.

रश्मि: क्यों कुतिया. अभी तो बोल रही थी सिर्फ देखूँगी... यहां लंड चुसाई मैं करूं और सवारी तू करेगी. रंडी की औलाद पहले इस लंड की सवारी मैं करूगी.

मोनिका : नहीं रश्मि आःह्ह प्लीज. मुझे बस लंड आःह्ह्ह रिशू से चुदना जल्दी ईईइईईआअ है..... आह!

रिशू बेड पर लेट जाता है और कहता है.

रिशू: रश्मि तू अपना काम चालू रख रंडी, कितनी बार मेरा लंड खा चुकी है, थोडा बहन का तो ख्याल कर... पर घबरा मत. दोनों को ही चोदूंगा मैं लेकिन जो काम दिया है वह करती रह. मोनिका इधर आ डार्लिंग, जरा अपनी चूत तो मेरे मुंह पर रख... देखूं जरा कितनी आग लगी है तेरी इस चूत में.
 
रिशू के उसकी चूचीयों को चूसने से मोनिका काम वासना से भर उठी थी. और रिशू का इस तरह उसे हुक्म देना, उसकी गंदी गालिया मोनिका को बहुत अच्छी लग रही थी. वो खेली खाई लड़की थी पर आज उसे कुछ ज्यादा ही मज़ा आ रहा था. रिशू की बात सुन मोनिका एक झटके से उठ अपनी टांगों के सहारे रिशू के चेहरे के उपर बैठ गयी और अपनी चूत को उसके चेहरे पर रगड़ने लगी.

रिशू: हरामजादी. रगड़ना बंद कर और अपनी चूत को मेरे होंठों पर रख.

मोनिका ने चुपचाप अपनी चूत को रिशू के होंठों पर रख दिया. रिशू के होंठों का मोनिका की चूत के होंठों से मिलन होते ही मोनिका के मुंह से सित्कार निकल गयी. रश्मि भी यह सब देख कर और गर्माने लगी. एक हाथ से रिशू के लंड को पकड़ वह मस्ती में भर रिशू के लंड को कभी चूमती, चाटती मुंह में भर अंदर बाहर करने लगी.

रिशू भी अब मस्ती में आ गया. रश्मि का कटीला बदन और मोनिका का गदराया बदन दोनों उससे कब्जे में थे. एक उसका लंड चूस रही थी और दूसरी उसके मुंह पर बैठ कर अपनी चूत चुसवा रही है. रिशू अपना पूरा मुंह खोल मोनिका की चूत को मुंह में भर के चूसने लगा और मोनिका की आंखे मस्ती में बंद हो गयी.

उसने एक हाथ से बेड का सहारा लिया और दूसरे हाथ से अपनी चूचीयों को दबाने लगी. कमरे में चप—चप—पच—पच की आवाजों के बीच—बीच मोनिका की सिसकियां भी गूंजने लगी और तीनों की वासना को और बढ़ाने लगी.

रिशू ने अब अपनी जीभ को और बाहर निकाल मोनिका की चूत में घुसेड़ कर उसे जीभ से चोदना शुरू कर दिया जिससे मोनिका की बेचैनी बढ़ने लगी और वह अपनी गांड को धीरे धीरे उपर नीचे करना शुरू कर दिया. रिशू बीच बीच में उसकी गांड के छेद को भी चूमता चाटता जा रहा था. जब मोनिका की बर्दाश्त से बाहर हो गया तो वो झटके लेकर रिशू के मुंह में झड़ गयी. रिशू उसकी बहती चूत का रस पूरा चाट गया. रिशू ने अब उसकी गांड पर चपत लगा कर उसे उठने का इशारा किया. मोनिका उठ कर रिशू की तरफ चुदासी नजरो से देखने लगी.
 
रिशू : तो तुझे पहले चुदना है कुतिया हैं.... बोल हरामजादी.

मोनिका : हाँ. आग लगा के रख दी है. अब ठंडा करो इसे प्लीज.

रिशू: तो ठीक है. रश्मि रंडी चल उठ अब लंड तेरी बहन चूसेगी और मैं तेरी चूत का स्वाद चखूंगा. और मोनिका याद रखना कुतिया... अगर तूझे चुदना है तो चूस के मेरे लंड का पानी निकाल और पी... इसके बाद ही चोदूंगा. बोल मंजूर है तुझे?

मोनिका : हां.... हां... चूसूंगी... और पीयूंगी भी.... चुदूंगी भी....

रश्मि मोनिका का यह रूप देख हैरान थी. ऐसा तो वो मोनू और मनीष के सामने नहीं कर रही थी. पर रश्मि बिना कुछ बोले उठ कर रिशू के मुंह पर उसी तरह बैठ गयी जैसे कुछ देर पहले मोनिका बैठी थी. मोनिका बिना देर किए रश्मि वाली मुद्रा में आ गई और बिना कुछ सोचे वह उस काले लंड के लाल सुपाड़े को होंठों में लेकर चूसने लगी.

रिशू अब रश्मि की चूत को होंठों से चूमने चाटने लगा. अब रश्मि की सिसकियां शुरू हो गयी और वो अपने हाथों से अपनी चूचीयों को मसलती लगी. रिशू अपनी जीभ को उसकी चूत के होंठों से गांड के छेद तक ले गया जिससे रश्मि के बदन में झरझराहट होने लगी.

रश्मि ने दोनों हाथों को चूत पर ले जाकर अपनी चूत को फैलाया और रिशू भी बिना देर किए उसकी चूत को चाट कर जीभ उसकी चूत में अन्दर तक घुसा दी.

रिशू को लगा की क्या किस्मत पाई है मैंने. रात भर कामिनी को चोदा और अब मोनू की सगी और मौसेरी बहने एक साथ उससे चुदने को बेताब थी. एक तरफ मोनू की बहन रश्मि पूरी बेशर्मी से अपनी चूत में रिशू की जीभ का मजा ले रही थी, वहीं दूसरी और मोनू की मौसेरी बहन रिशू के काले मूसल लंड को पूरी इज्जत के साथ अपने मुंह में लेकर चूस रही थी. बला की खूबसूरत और चेहरे से मासूम सी दिखने वाली ये दोनो लड़कियां इस वक्त किसी पेशेवर रंडियों जैसी लग रही थी जिनके लिए केवल एक ही धर्म है लंड.
 
मोनिका की चूत अब बेतरतीब बह रही थी जिसके कारण वो लंड को गहरे तक चूस रही थी, रिशू का लंड मोनिका के थूक से सन गया था और मोनिका के बढ़े वेग को रिशू भी समझ गया. उसकी जीभ अब तेजी से रश्मि की चूत को गहरे तक चोदने में लग गयी.

वह जल्दी से जल्दी रश्मि का चूत रस पीना चाहता था जिससे वो अपने हलब्बी लंड को इन दोनों की चूत का स्वाद दे सके. जीभ के गहरे तक चूत में उतरने से रश्मि पगला सी जाती है और अब उसके कूल्हे हिलने लगते हैं. चूतड़ों को कस कर वह चूत को रिशू की जीभ पर घुमाने लगती है. कुछ ही पलों में रश्मि का चूतरस रिशू की जीभ से फिसलता हुआ उसके मुंह में जाता है. रिशू जीभ चूत से निकाल कर चूत को मुंह में भर लेता है और उसके चूत से बहते रस की एक एक बूंद को पूरे स्वाद के साथ पी जाता है. रश्मि को काफी आराम मिलता है और वह उसके मुंह से उठ जाती है.

रिशू अब उठ कर बैठ जाता है और मोनिका का चेहरा पकड़ कर उपर करता है. उठ कर जमीन पर खड़ा हो जाता है. मोनिका अब अपने घुटनों के बल बैठ जाती है. अब मोनिका का चेहरा ठीक रिशू के खड़े लंड के सामने था जिसे मोनिका ललचाई निगाहों से देख रही थी. वह समझ नहीं पा रही थी की रिशू अब क्या करने वाला है.

रिशू: तो रंडी तुझे पहले चुदना है?

मोनिका: हां! मेरे नीचे आग लगी है. अब तड़पाओ मत रिशू प्लीज.

अपने होंठ को काटते हुए मोनिका एक हाथ से अपनी चूची और दूसरे हाथ से चूत को रगड़ती है. इस वक्त वह चुदने के लिए मरी जा रही थी. रश्मि उन दोनों के पास खड़ी अपनी चूचीयों को सहला रही थी.

रिशू: तो जो बोलूंगा करेगी?

मोनिका : हां, सब करूंगी.

रिशू: हम्म्. तो ठीक है, पहले मुंह में चोदूंगा, फिर तेरी चूत फाड़ूंगा और लास्ट में गांड. चुदना है तो गांड भी मरवानी पड़ेगी और मेरे लंड का पानी भी पीना होगा. और तू तो अभी तक पानी भी नहीं निकाल पाई.

मोनिका: मैं निकालूंगी, पीयूंगी और गांड भी मरवाऊंगी पर मुझे फ़ौरन चोद दो. रंडी बना लो मुझे अपनी. आज इतना चोदो मुझे की मेरी चूत फट जाओ, बिल्कुल वैसे जैसे गंदी फिल्मों में चोदते हैं.

मोनिका और रिशू की बाते सुन कर रश्मि की चूत फिर से पानी छोड़ने लगी.

रिशू : अब तू क्या निकालेगी हरामजादी.... मुंह खोल और जीभ बाहर निकाल कुतिया की तरह. अब मैं खुद निकालूंगा पानी.
 
मोनिका ने झट से अपना मुंह पूरा खोल दिया और रिशू ने अपने लंड को उसकी जीभ पर टिका दिया और बोला

रिशू : चल कुतिया...लंड को चूसना शुरू कर

मोनिका ने जीभ पर रखे लंड को लालीपाप की तरह चूसना शुरू कर दिया. उसके मखमली होंठ पूरी तरह रिशू के सुर्ख हो चुके सुपाड़े से लिपट गए जिससे रिशू का बदन कंपकंपा गया. उसके लंड में जबरदस्त अकड़न आ गयी. उसने मोनिका के चेहरे को सीधा किया और एक जोरदार धक्का मारकर आधा लंड मोनिका के मुंह में घुसेड़ दिया.

मोनिका एकदम बिलबिला गयी क्योंकि न तो मनीष का और नहीं मोनू का लंड इतना बड़ा था पर चूत की आग के आगे वो बेबस थी. उसने मुंह को और खोल कर रिशू के लंड को निगलने की कोशिश की लेकिन रिशू का लंड इस वक्त अपने पूरे आकार में आ चुका था जिससे मोनिका की कोशिश नाकामयाब हो गयी...

उधर रिशू हवस में एकदम वहशी बन गया था. उसने मोनिका के सिर को अपने लंड पर दबा कर लंड को एक और जोरदार धक्का मारा और इस बार के धक्के के साथ रिशू का पूरा लंड मोनिका के मुंह में घुस गया और उसके गले पर टक्कर मारने लगा.
 
Back
Top