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Guest
मैं जानता था की रिशू अब समझ चूका है कि ये गदराई हसीना भी अब जवानी के मजे लूटने के लिए तैयार है. अन्जाने ही सही या अनचाहे ही सही लेकिन स्त्री और पुरुष के शरीर के मिलने पर काम का सुख तो दोनों को ही मिलता है. रश्मि दीदी के साथ भी यही हो रहा था.
रिशू जो बुरी तरह से उत्तेजित हो चुका था और उसने दीदी की चून्चियो को मसलना छोड़ कर अब उसके निप्पल पर अपना मुंह लगा दिया. अब दीदी की एक चूंची और उसकी निप्पल रिशू के मुंह मे था और वो उसे जोर जोर से चूस रहा था और दूसरा हाथ उनकी दूसरी चूंची को बुरी तरह से मसल रहे थे. रिशू पागलों की तरह उसे चूस रहा था और इधर रश्मि दीदी की सांसे तेज होती जा रही थी. रश्मि दीदी ने अपने दोनो पैर जमीन पर फ़ैला दिये और उत्तेजना के मारे वो उसे इधर उधर फ़ेंकने लगी. अब दीदी का खुद से कण्ट्रोल ख़तम हो रहा था और उनके मुंह से आवाज निकलने लगी थी आह आह अह्ह आह उईमां ओफ़ ओफ़ आई आह.
अब रिशू ने उनकी चूचियों को मसलना बंद किया और उसने अपना बांया हाथ दीदी के शरीर पर घुमाते हुए उनकी चूत पर रख दिया और छेद तलाशने लगा. कुछ ही पलो मे रिशू ने अपनी उंगली दीदी की चूत के छेद पर रख दी और उसे मसलने लगा. रश्मि दीदी को मानो करंट लग गया और वो बुरी तरह से छट्पटाने लगी. महीनों से उनके अंदर दबी पड़ी कामवासना अब जागने लगी थी.
थोड़ी देर उनकी चूत मसलने के बाद रिशू अपना मुंह दीदी के कान के पास ले गया और धीरे से उनके कान में कहा "तेरे इसी छेद में मैं अभी अपना लंड ड़ालूंगा और जीवनभर इसको अपना बना कर रखूंगा. मैं पिछले कई महिनों से तरस रहा था रश्मि तेरी इस चूत को पाने के लिये. आआआह्ह्ह्ह्ह कितनी नरम है रानी तेरी ये चूत, मैं तो धन्य हो गया रश्मि तुझे पा कर. कितनी खूबसूरत लगती है नंगी होकर तू रश्मि
आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह कैसा गदराया बदन है तेरा मेंरी जान. आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ला अब तेरी इस रसीली चूत को चूम लूं. फिर रिशू दीदी की चूत चाटने लगा. थोड़ी देर चूत चाटने के बाद रिशू ने दीदी को सीधे बेड पर लिटा कर उनकी कमर के नीचे एक तकिया लगा दिया. अब दीदी की बिना बालों वाली चूत उभर कर ऊपर आ गयी.
रिशू ने दीदी की टाँगे उठा कर अपने कंधे पर रख ली और अपना लंड दीदी की चूत पर सेट किया और एक झटका मारा. रिशू का आधा लंड दीदी की चूत का फांक चीरता हुआ अन्दर घुस गया. ये देख कर मेरे दिल में एक अजीब सी फीलिंग हुई.
रिशू जो बुरी तरह से उत्तेजित हो चुका था और उसने दीदी की चून्चियो को मसलना छोड़ कर अब उसके निप्पल पर अपना मुंह लगा दिया. अब दीदी की एक चूंची और उसकी निप्पल रिशू के मुंह मे था और वो उसे जोर जोर से चूस रहा था और दूसरा हाथ उनकी दूसरी चूंची को बुरी तरह से मसल रहे थे. रिशू पागलों की तरह उसे चूस रहा था और इधर रश्मि दीदी की सांसे तेज होती जा रही थी. रश्मि दीदी ने अपने दोनो पैर जमीन पर फ़ैला दिये और उत्तेजना के मारे वो उसे इधर उधर फ़ेंकने लगी. अब दीदी का खुद से कण्ट्रोल ख़तम हो रहा था और उनके मुंह से आवाज निकलने लगी थी आह आह अह्ह आह उईमां ओफ़ ओफ़ आई आह.
अब रिशू ने उनकी चूचियों को मसलना बंद किया और उसने अपना बांया हाथ दीदी के शरीर पर घुमाते हुए उनकी चूत पर रख दिया और छेद तलाशने लगा. कुछ ही पलो मे रिशू ने अपनी उंगली दीदी की चूत के छेद पर रख दी और उसे मसलने लगा. रश्मि दीदी को मानो करंट लग गया और वो बुरी तरह से छट्पटाने लगी. महीनों से उनके अंदर दबी पड़ी कामवासना अब जागने लगी थी.
थोड़ी देर उनकी चूत मसलने के बाद रिशू अपना मुंह दीदी के कान के पास ले गया और धीरे से उनके कान में कहा "तेरे इसी छेद में मैं अभी अपना लंड ड़ालूंगा और जीवनभर इसको अपना बना कर रखूंगा. मैं पिछले कई महिनों से तरस रहा था रश्मि तेरी इस चूत को पाने के लिये. आआआह्ह्ह्ह्ह कितनी नरम है रानी तेरी ये चूत, मैं तो धन्य हो गया रश्मि तुझे पा कर. कितनी खूबसूरत लगती है नंगी होकर तू रश्मि
आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह कैसा गदराया बदन है तेरा मेंरी जान. आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ला अब तेरी इस रसीली चूत को चूम लूं. फिर रिशू दीदी की चूत चाटने लगा. थोड़ी देर चूत चाटने के बाद रिशू ने दीदी को सीधे बेड पर लिटा कर उनकी कमर के नीचे एक तकिया लगा दिया. अब दीदी की बिना बालों वाली चूत उभर कर ऊपर आ गयी.
रिशू ने दीदी की टाँगे उठा कर अपने कंधे पर रख ली और अपना लंड दीदी की चूत पर सेट किया और एक झटका मारा. रिशू का आधा लंड दीदी की चूत का फांक चीरता हुआ अन्दर घुस गया. ये देख कर मेरे दिल में एक अजीब सी फीलिंग हुई.