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रिशू कामिनी को घर के बाहर छोड़ कर जल्दी से वापस आ गया ताकि वो मोनिका की गांड मार सके. मोनू और रिशू से अच्छी तरह चुद कर कामिनी आंटी का बदन टूट रहा था. उन्होंने घर का दरवाजा खोला और सीधे बेडरूम में जाकर ढेर हो गयी. काफी रात गए कुछ आवाज से उनकी नींद खुली तो उन्होंने बाहर आकर देखा कि रिक्की सोफे पे स्कर्ट और टाईट टी-शर्ट पहने लेटी है और कोई टीवी प्रोग्राम देख रही है.
कामिनी: अरे तू कब आई और अन्दर कैसे आई. क्या टाइम हुआ है.
रिक्की: तीन बजे है. तुम दरवाजा खोल कर ही सो गयी थी मम्मी. अच्छा हुआ की कोई चोर नहीं घुस आया. भैय्या कहा है.
कामिनी: ओह ध्यान नहीं रहा. रिशू मोनू के घर गया है. सुबह आयेगा. तू भी जाकर सो जा. थोड़ी देर में सुबह हो जाएगी.
रिक्की अपने कमरे में सोने चली गयी और कामिनी आंटी अपने बेडरूम में लौट आई. अब कामिनी रिक्की को एक अलग नज़रिए से देख रही थी. उस दिन दोपहर तक कामिनी सोचती थी कि उसकी बेटी बहुत ही सीधी-साधी छोटी बच्ची है पर रश्मि से उसकी अय्याशियों के किस्से सुन कर उसे एहसास हुआ कि उसकी बेटी अब काफी जवान हो गयी है और अपनी माँ की तरह ही चुदक्कड़ राँड बनने की तैय्यारी में है. रिक्की के टाईट टी-शर्ट में उसकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ देख कर उसे ख्याल आया कि जरूर रिक्की की चूचियाँ अंकुर और जय के मसलने से इतनी बड़ी हो गयी हैं.
कामिनी को एहसास हुआ की वो अपनी काम-वासना और हवस बुझाने में इतनी मगन थी कि वो यह भी भूल गयी कि उसकी बेटी और बेटा जवान हो गए है और उन दोनों की जिस्मानी जरूरते उन्हें परेशान करती होगी. रिशू ने तो अपनी जवानी का मज़ा ले लिया था पर जवान बेटी को भी किसी की जरूरत है यही बात सोच कर कामिनी ने रिक्की को चोदने के लिए मोनू और रिशू को अगले सन्डे बुलाने का फ़ैसला किया और बिस्तर पर लेट कर सो गयी.
कामिनी: अरे तू कब आई और अन्दर कैसे आई. क्या टाइम हुआ है.
रिक्की: तीन बजे है. तुम दरवाजा खोल कर ही सो गयी थी मम्मी. अच्छा हुआ की कोई चोर नहीं घुस आया. भैय्या कहा है.
कामिनी: ओह ध्यान नहीं रहा. रिशू मोनू के घर गया है. सुबह आयेगा. तू भी जाकर सो जा. थोड़ी देर में सुबह हो जाएगी.
रिक्की अपने कमरे में सोने चली गयी और कामिनी आंटी अपने बेडरूम में लौट आई. अब कामिनी रिक्की को एक अलग नज़रिए से देख रही थी. उस दिन दोपहर तक कामिनी सोचती थी कि उसकी बेटी बहुत ही सीधी-साधी छोटी बच्ची है पर रश्मि से उसकी अय्याशियों के किस्से सुन कर उसे एहसास हुआ कि उसकी बेटी अब काफी जवान हो गयी है और अपनी माँ की तरह ही चुदक्कड़ राँड बनने की तैय्यारी में है. रिक्की के टाईट टी-शर्ट में उसकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ देख कर उसे ख्याल आया कि जरूर रिक्की की चूचियाँ अंकुर और जय के मसलने से इतनी बड़ी हो गयी हैं.
कामिनी को एहसास हुआ की वो अपनी काम-वासना और हवस बुझाने में इतनी मगन थी कि वो यह भी भूल गयी कि उसकी बेटी और बेटा जवान हो गए है और उन दोनों की जिस्मानी जरूरते उन्हें परेशान करती होगी. रिशू ने तो अपनी जवानी का मज़ा ले लिया था पर जवान बेटी को भी किसी की जरूरत है यही बात सोच कर कामिनी ने रिक्की को चोदने के लिए मोनू और रिशू को अगले सन्डे बुलाने का फ़ैसला किया और बिस्तर पर लेट कर सो गयी.