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फॅमिली में मोहब्बत और सेक्स

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फॅमिली में मोहब्बत और सेक्स --46

आज आराधना ने सेक्सी नही बल्कि ब्यूटिफुल स्टाइल रखा अपने लिए. एक फादर होने के नाते पंकज चुप ही रहा लेकिन वाकई मे आराधना को देख कर वो शॉक्ड था. आराधना लाइट पिंक लिपस्टिक लगाती है और थोड़ा सा मास्केरा लगती है. अपनी हाइ हील सॅंडल्ज़ निकाल कर वो पहन ने लगती है. सॅंडल्ज़ पहन ने के लिए उसे अपनी साड़ी थोड़ी उपर करनी पड़ती है.

जैसे ही वो साड़ी को थोडा सा उपर करती है, उसकी गोरी गोरी टांगे पंकज के सामने नंगी हो जाती है. ऐसे कामुक सीन देख कर कोई अपने मन को कैसे कंट्रोल करे. पंकज की निगाहे जैसे हट ही नही रही थी. जैसे ही आराधना उपर की तरफ देखती है तो पंकज थोड़ा हेज़िटेट हो जाता है और नज़रे चुरा लेता है. आराधना ये देख कर हँसने लगती है लेकिन कुच्छ कहती नही.

“ डॅड……, आपने ट्रडीशनल क्लोद्स पहन ने के लिए क्यू कहा…………??” आराधना अपनी साड़ी का पल्लू सही करते हुए पंकज से पूछती है.

“ इंडियन फॅमिली के साथ बेटे ऐसे ही जाते है…… और वैसे भी अब वो तुम्हे मेरी…. मेरी वाइफ समझ रहे है तो ऐसे ही कपड़े सही है…” पंकज ये बात बोलते हुए झिझक रहा था.

“ चलो कोई बात नही….. वैसे भी बस आज ही की तो बात है…….” आराधना अब तक अपनी साड़ी का पल्लू सही कर चुकी थी.

“ तो अब क्या वो आएँगे या हम चलें…….” आराधना पंकज से पूछती है.

“ हाँ अब हम दोनो तो रेडी है तो चलो उन्ही के रूम मे चलते है….. देखते है कि उन्हे कितना टाइम लगेगा…………” पंकज और आराधना दोनो बाहर की तरफ चल देते है.

दोनो रूम से बाहर आते है और पंकज रूम कार्ड निकाल कर गेट बंद कर लेता है. दोनो धीरे धीरे शेट्टी के रूम के तरफ चल देते है. आराधना की साड़ी उसके हिप्स और बूब्स पर से बिल्कुल कसी हुई थी और उसकी खूबसूरती को चार चाँद लगा रही थी.

पंकज उनके रूम के सामने आकर डोर बेल बजाता है. दो बार रिंग करने के बाद गेट खुलता है और शेट्टी की वाइफ गेट पर खड़ी थी.

सबसे पहले तो पंकज और आराधना शॉक्ड हो जाते है कि शेट्टी की वाइफ ने कैसे कपड़े पहने थे. उसने एक शॉर्ट ड्रेस पहनी हुई थी जो कि उसके घुटनो तक थी. जैसा कि पहले भी बताया गया है कि उम्र तो उसकी काफ़ी सही थी लेकिन अपने लुक्स मेनटेन किए हुए थे.

“ भाभी नमस्कार…… शेट्टी जी है अंदर……?” पंकज हाथ जोड़ कर नमस्ते करता है और शेट्टी की वाइफ से पुछ्ता है.

“ हाँ… हाँ.. प्लीज़ अंदर आइए….. वो अभी वॉशरूम मे है…….” इतना बोलकर शेट्टी की वाइफ दोनो को अंदर आने का रास्ता देती है. उसके बूब्स काफ़ी हद उसकी ड्रेस से बाहर थे. उसकी बदन की खुसबु पूरे रूम मे फेली हुई थी.

पंकज हैरान था उस लेडी के ड्रेस अप को देख कर. वो आराधना को कुच्छ और समझा रहा था जबकि रेआलिटी कुच्छ और निकली. एनीवे आराधना और पंकज दोनो रूम मे एंटर होते है, आराधना उस लेडी से हॅंड शेक करती है और वो लेडी आराधना को हग भी करती है. आराधना उसको हग करने के दौरान रियलाइज़ करती है कि उसके बूब्स कितने हार्ड और टाइट है. पता नही क्यू आराधना उसके इस रूप से अग्री नही थी.

आराधना और पंकज दोनो सोफे पर बैठते है.

“ क्या लेंगे आप लोगो…… कुच्छ ठंडा या गरम………….???” शेट्टी की वाइफ उन दोनो की आँखो मे झाकति हुई बोलती है.

“ पानी चलेगा…… बस कुच्छ और नही…..” पंकज उसकी तरफ देखते हुए बोलता है.

वो लेडी फ्रीज़ से वॉटर बॉटल निकालने लगती है. पंकज अभी तक हैरान था कि कितने मॉडर्न कपड़े पहने हुए है इस लेडी ने. और पंकज ने खुद आराधना को ट्रडीशनल क्लॉत पहन ने के लिए कहा.

वो लेडी फिर से आती है और पंकज और आराधना को पानी देती है. पंकज की हैरानी की कोई सीमा नही थी जब वो लेडी झुकती है पानी देने के लिए और ऑलमोस्ट हाफ ऑफ बूब्स बाहर की साइड होते है. आराधना को भी खुद ये काफ़ी अजीब लगा.

दोनो पानी पीना शुरू ही करते है कि बाथरूम का गेट खुलता है.
 
धड़ाक्ककक…. और एक और धमाका हो जाता है. शेट्टी बाथरूम का गेट खोल कर बाहर आ जाता है जबकि उसकी पूरी बॉडी पर सिर्फ़ एक फ्रेंची के सिवाय कुच्छ नही था. आराधना बाथरूम के सबसे करीब बैठी थी और जैसे ही गेट खुलता है सबसे पहले उसकी निगाह पहले शेट्टी पर और फिर उसकी फूली हुई फ्रेंची पर जाती है. उसकी फ्रेंची का माहौल ऐसा था कि जैसे किसी ने अपने साइज़ से छोटी फ्रेंची पहन ली हो.

कुच्छ सेकेंड्स को आराधना की निगाहे बस उसकी फ्रेंची पर रुक जाती है और फिर वो अपनी निगाहे फिराती है. काफ़ी डिफरेंट सिचुयेशन थी ये, शेट्टी सॉरी बोल कर तुरंत बाथरूम मे भाग जाता है और बाथरूम मे ही अपनो कपड़ो के लिए अपनी वाइफ से बोलता है.

“ दीप्ति ज़रा मेरे कपड़े देना………” शेट्टी अपनी वाइफ को आवाज़ लगाता है. पंकज और आराधना को पता लग जाता है कि उसकी वाइफ का नाम दीप्ति है……

दीप्ति ये सुनकर उसके टी शर्ट और जीन्स उठा कर बाथरूम मे दे देती है.

“ माइंड मत कीजिएगा…… आक्च्युयली बाथरूम मे पता नही चलता कि बाहर क्या हो रहा है……” दीप्ति पंकज और आराधना दोनो की तरफ देखते हुए बोलती है.

“ नो इश्यू….. ये तो होता रहता है……” पंकज दीप्ति की तरफ देखते हुए बोलता है.

“ तो फिर आज हम कौन सी मूवी देखने चल रहे है……………..???” दीप्ति आराधना और पंकज दोनो से पूछती है.

“ आप ही बताएए….. आक्च्युयली हम मूवी देखने जाते नही है ना……” पंकज दीप्ति से बोलता है.

“ हम समझ सकते है……. जवान बीवी और वो भी इतनी खूबसूरत तो भला कोई मूवी क्यूँ देखने जाएगा……… फिर तो बस हनिमून और हनिमून…..” दीप्ति स्माइल करते हुए पंकज से बोलती है. आराधना ये बात सुन कर शरमा जाती है. वो समझ जाती है कि दीप्ति एक ओपन माइंडेड लेडी है.

“ इस हिसाब से तो आप दोनो को भी नही जाना चाहिए….. शेट्टी जी की वाइफ भी कम नही है………” पंकज भी बोले नही रुकता. आराधना पंकज की इस बात से खुद हैरान थी.

“ हा हा हा हा…..आप भी काफ़ी फन्नी हो. लेकिन अभी तो हम जा रहे है तो डिसाइड करो कि कौन सी मूवी देखने चले……..?” दीप्ति फिर से पूछती है.

“ हमे तो शेट्टी जी ने बोला और हम रेडी हो गये…… हमे सच मे आइडिया नही है कि कौन सी मूवी चले….. “ इस बार आराधना रिप्लाइ करती है और उसके रिप्लाइ मे थोड़ा रूखापन था. बार बार पंकज का ऐसे जवाब देना आराधना को पसंद नही आ रहा था.

“ तो दो मेन ऑप्षन्स है…… एक था टाइगर आंड ……………….” दीप्ति बोलते बोलते रुक जाती है. ये बोलते हुए दीप्ति की निगाहे आराधना पर थी.

“ एक था टाइगर आंड……..???” आराधना पूछती है.

“ जिस्म 2………………” ये बोलते हुए दीप्ति अपनी निगाहे पंकज की तरफ फिरा लेती है. दीप्ति का जिस्म बोलने का तरीका काफ़ी नशीला था.

“ अरे भाई क्या बाते चल रही है……… चाइ वाइ ऑर्डर दो ना……..” शेट्टी बाथरूम से निकलते हुए सबसे पहले यही पुछ्ता है.

“ नही चाइ के लिए तो इन्होने मना कर दिया है….. पानी से ही गुज़ारा चला लिया है.. बाते चल रही थी कि कौन सी मूवी चले…..?” दीप्ति शेट्टी को रिप्लाइ करती है. शेट्टी अपनी जीन्स टी-शर्ट पहन कर बाहर आ गया था और अपने बालो को अपने टवल से पुच्छ रहा था.

“ तो क्या डिसाइड हुआ ग्रोवर जी………..?” शेट्टी अपने टवल को बेड पर फेंकते हुए पंकज से पुछ्ता है.

“ हमारा क्या जी…. हम तो कोई भी देख लेंगे…….. लॅडीस का अग्री होना ज़रूरी है…….. क्यू क्या कहते हो…..?” पंकज शेट्टी से पुछ्ता है.

“ बिल्कुल सही कहा….. तो चलो अब लेट करने से फ़ायदा नही है…. पहले निकलते है और फिर डिसाइड करते है कि आख़िर कहाँ चलना है.” शेट्टी अपना कोंब भी बेड पर फेंकता हुआ बोलता है.

और दोनो फॅमिली अब उस होटेल से बाहर आ जाती है. आगे पंकज और शेट्टी चल रहे थे और पीछे पीछे दोनो लॅडीस. पंकज और शेट्टी दोनो बिज़्नेस की बातो पर आ गये थे और दोनो लॅडीस अपनी कॉन्वर्सेशन स्टार्ट करती है –

दीप्ति –“ साड़ी काफ़ी अच्छी है तुम्हारी……. बहुत क्यूट लग रही हो….” दीप्ति आराधना की सारी को टच करते हुए बोलती है.

आराधना – “ आप भी काफ़ी अच्छी लग रही है अपनी ड्रेस मे……. मुझे ऐसी ड्रेसस बहुत पसंद है………” आराधना स्माइल करते हुए कहती है.

दीप्ति – “ अच्छा चलो अब ये तो बताओ कि मूवी कौन सी देखनी है. ?”

आराधना – “ आप ही बताएए ना कि कौन सी मूवी देखे………?”

दीप्ति – “ जिस्म 2 ही सही लग रही है मुझे….. क्यू?”

आराधना – “ जैसा आप ठीक समझे………” आराधना उसकी बात को टालना चाहती थी.

इतनी छोटी बातो मे ही चारो लोग पार्किंग एरिया मे पहुँच जाते है जहाँ पंकज अपनी कार को अनलॉक करके सबसे आगे बैठ जाता है. शेट्टी अपनी वाइफ के लिए डोर खोलता है और उसके बैठने के बाद वो दूसरी साइड आने लगता है. दूसरी साइड आराधना पीछे बैठने के लिए गेट खोल चुकी थी. जैसे ही शेट्टी उसके पास से गुज़रता है तो आराधना शॉक्ड हो जाती है क्यूंकी उसे ऐसा लगता है जैसे किसी ने उसकी गान्ड पर चिकोटी काटी. वो घूम कर देखती है तो जब तक शेट्टी आगे वाला गेट खोल चुका था आगे बैठने के लिए.

आराधना को यकीन नही हो रहा था कि उसकी फादर की उम्र का इंसान उसके साथ ऐसे कर सकता है. वैसे आराधना श्योर नही थी लेकिन उसका दिल कर रहा था कि उसका मूँह नोच लू…..

शेट्टी के बैठते ही गाड़ी सिनिमा की तरफ चल देती है.
 
दूसरी तरफ

सिचुयेशन को थोड़ा थोड़ा फॉर्वर्ड करना पड़ा है. दट ईज़ दा डिमॅंड ऑफ दा सिचुयेशन.

इधर प्रीति जम कर चुद चुकी थी और अब सिमरन के घर जाने की प्लॅनिंग कर रही थी. वैसे भी उसे अपनी मोम की पर्मिशन मिल चुकी थी. पता नही क्यूँ सिमरन के लिए भी वो सूपर हॉट बन कर जाना चाहती थी.

प्लॅनिंग कर ही रही थी कि तभी सिमरन का फोन आता है और प्रीति फोन को पिक करती है.

सिमरन - हाई स्वीटी. कैसी है?

प्रीति - दीदी मैं ठीक हू. आप कैसी है.

सिमरन - बस यार तेरा इंतेज़ार हो रहा है. कब तक आ रही है?

प्रीति - आप बताओ कि कब तक आ जाउ....?

सिमरन - ये भी कोई पुच्छने की बात है. जब चाहे आजा और अभी आ जाए तो और भी अच्छा है.

प्रीति - ठीक है तो मैं थोड़ी देर मे निकलती हू औट वैसे भी घर तो पास ही है.

सिमरन - थ्ट्स ग्रेट...... छोटी सी पार्टी भी करेंगे....... अच्छा फन करेंगे.... आख़िर एक ही रात के लिए तो आ रही है तू तो तेरा ख्याल रखना पड़ेगा.

प्रीति - वो सब तो ठीक है लेकिन मैं एग्ज़ाइटेड हू ये जान ने के लिए कि कैसे आपके भाई और आपके बीच........

प्रीति ये लाइन बोलकर बीच मे चुप हो जाती है.

सिमरन - मेरे भाई और मेरे बीच मे क्या???? अच्छा चुदाई कैसे शुरू हुई..... मेरी जान बड़ी उतावली है ये जान ने के लिए. चल तू टेन्षन ना ले और अब जल्दी से आ जा. तुझे आराम से सुनाउन्गि सारी कहानी. लेकिन तुझे भी बताना पड़ेगा कि कैसे कुशल का लंड लिया तूने.

प्रीति - दीदी आप भी कमाल हो. चलो अब फोन रखते है और मैं घर से निकलती हू.

सिमरन - ओके चल आराम से आ जा.

फोन काटने के बाद प्रीति तैयार होती है. बालो को अच्छे से धोकर ड्राइयर से ड्राइ करती है. स्टाइलिश मेक अप और चेक की शॉर्ट शर्ट पहनती है जिसे बूब्स से नीचे ही टाइ कर दिया जाता है. उसके नीचे उसने अल्ट्रा लो वेस्ट जीन्स पहनी. यानी अब उसके बूब्स और कमर के बीच का सारा हिस्सा विज़िबल था.

स्मृति को बोल कर वो आराम से घर से निकल जाती है. क्यूंकी सिमरन का घर करीब ही था तो प्रीति पैदल ही चली जाती है.

सिमरन का घर आने पर प्रीति डोर बेल बजाती है. दो बार डोर बेल बजाने के बाद डोर खुलता है.

डोर खोलने वाला एक लड़का था, उसने संडो बनियान पहनी हुई थी और शॉर्ट. वो पसीने मे भीगा हुआ था क्यूंकी शायद एक्सर्साइज़ कर रहा था.

प्रीति - भैया नमस्ते...... मैं सिमरन दीदी की फ्रेंड हू.

बॉय - सिमरन की फ्रेंड भी हो और दीदी भी बोल रही हो. एनीवे मैं उसका भाई हू विशाल.

प्रीति - हा हा हा हा. भैया बात अच्छी पकड़ते हो. आक्चुयल मे वो मुझसे थोड़ी बड़ी है ना तो इसलिए मैं उन्हे दीदी कहती हू.

वो लड़का प्रीति को उपर से नीचे तक देखता है और कहता है.

बॉय - वो तुमसे बड़ी है लेकिन कहाँ से..

लड़के का इशारा शायद प्रीति के बूब्स की तरफ था जोकि सिमरन के जैसे ही थे. प्रीति इस बात को ताड़ जाती है कि वो क्या कहना चाह रहा है.

प्रीति - वेरी फन्नी..... आप बताएए कि दीदी कहाँ है.......

बॉय - वो उपर अपने रूम मे है. सीधा उपर जाकर लेफ्ट.

और ये बोल कर वो लड़का प्रीति को अंदर जाने के लिए रास्ता देता है.

प्रीति सीधा उपर जाती है और सिमरन के रूम मे एंटर करती है. सिमरन बेड पर बैठ कर नेल पैंट लगा रही थी.

" हाई दीदी......." प्रीति ये बोल कर आगे बढ़ती है और सिमरन को हग करती है.

" हाई प्रीति....... ग्रेट यार एक दम सूपर हॉट मॉडेल लग रही है. गजब यार....." सिमरन प्रीति को देखते हुए बोलती है.

" कहाँ दीदी.... आप भी कुच्छ ज़्यादा ही बता रही हो...... गजब तो आप हो........" प्रीति भी सिमरन की तारीफ मे दो शब्द बोल देती है.

" यार तेरे लिप्स बड़े जुवैसी लग रहे है. गिव मी आ क़िस्स्स......" और ये बोलकर सिमरन अपना चेहरा प्रीति की तरफ बढ़ाती है और प्रीति अपनी आँखे बंद कर लेती है.
 
सिमरन एक अच्छा वाला स्मूच लेती है. दोनो एक दूसरे के होंठो को अच्छे से चूस्ते है और फिर अलग हो जाते है.

" चल यार..... आज की रात हमारी है....... खूब मस्ती करेंगे......." सिमरन अपने फ्रीज़ से बियर की दो कॅन निकालते हुए बोलती है.

" लेकिन दीदी वो भैया....... नीचे है..... वो बियर पीते देखेंगे तो कुच्छ कहेंगे नही...." प्रीति उसके भाई के बारे मे पूछती है.

" अबे उसी ने तो मुझे पीना सिखाया है...... और वो ही तो लाकर ये फ्रीज़ भरता है..... तू उसकी टेन्षन ना ले और एंजाय कर......" सिमरन ये बोलते हुए लाइट म्यूज़िक ऑन कर देती है.

" दीदी मैं यही तो जान ना चाहती हू कि कैसे आपके और आपके भाई के बीच मे ऐसी रिलेशन्षिप बन गयी कि आप इतने फ्रॅंक हो. प्लीज़ बताइए ना.........." प्रीति ज़िद करने लगती है.

" चल बियर तो पी और ये ले सलाद... मैं तुझे आराम से बताउन्गि. बोर तो नही होगी ना तू......" सिमरन प्रीति से पूछती है.

" दीदी कैसी बाते कर रही हो........ ओके नाउ लेट्स चियर्स आंड स्टार्ट युवर स्टोरी."

दोनो अपनी बियर की कॅन को टकराती है और सिमरन अपनी कथा सुनानी शुरू करती है.

"ये कहानी तब शुरू होती है जब मैं बस -- साल की थी. मैं एक बहुत ही सिंपल लड़की थी जो एक को एड स्कूल मे पढ़ती थी. मेरा भाई भी मेरे साथ मेरे ही स्कूल मे पढ़ता है. हमारा स्कूल काफ़ी मॉडर्न स्कूल था जहाँ बच्चे काफ़ी जल्दी बड़े हो जाते है. मैं एक लंबी चोटी करने वाली एक सिंपल लड़की थी और जो कभी फेस पर कुच्छ भी नही लगाती थी. मुझे उस टाइम तक कुच्छ भी नही पता था कि आख़िर ये दुनिया क्या है. स्कूल से घर और घर से स्कूल. स्कूल मे वैसे भी मेरा बड़ा भाई हुआ करता था तो मुझे हमेशा इस बात का ख्याल रखना होता था कि मैं हमेशा अपनी लिमिट मे रहू. मेरी फ्रेंड्स अच्छी लड़किया, बुरी लड़किया, ओपन माइंडेड लड़किया, नॅरो माइंडेड लड़किया और सभी तरह की लड़कियाँ हुआ करती थी.

प्रीति -" ओके......"

सिमरन -" घर मे वो ही माहौल जो हर घर मे होता है. भाई बहन के लड़ाई झगड़े और फिर से प्यार. स्कूल मे इज़्ज़त की वजह से मैं कभी अपने भाई से नही लड़ी लेकिन घर मे हमेशा महाभारत होता था. मा बाप के राज मे तो हर किसी को आज़ादी महसूस होती है तो मैं भी खूब लड़ती थी अपने भाई से और वो भी कोई कमी नही छोड़ता था."

प्रीति -" हाँ सच बात है. कुशल और मेरी भी यही कहानी है.... फिर क्या हुआ." प्रीति को बहुत इंटेरेस्ट आ रहा था स्टोरी मे.

सिमरम -" धीरे धीरे मुझ मे भी वो चेंजस आने लगे जो कि हर लड़की ने आते है. बूब्स निकलने शुरू हुए, पुसी और अंडरआर्म्स मे बाल आने शुरू हुए और आवाज़ धीरे धीरे भारी हो रही थी. ठीक ऐसा ही मेरे भाई के साथ भी हो रहा था, यानी कि हम दोनो ही बड़े हो रहे थे. लड़की जवान हो रही है इसका अहसास तो आस पास के लोग ही करा देते है. मोहल्ले के लोग ऐसे घूर घूर कर देखते है जैसे कि कोई अपराध कर दिया हो हमने. लेकिन लड़को की लाइफ ऑपोसिट होती है और वो वैसे ही आज़ाद रहते है. ब्रा पहन नी शुरू करी और शुरू मे तो बड़ा गुस्सा आता था लेकिन धीरे धीरे आदत पड़ी. साइज़ जब तक 32 हुआ तो मेरे भाई को हल्की दाढ़ी मूँछ आ चुकी थी."

सिमरन धीरे धीरे बियर पीते हुए फिर शुरू करती है. प्रीति उसकी बातो को गौर से सुन रही थी.

" क्यूंकी मेरे भाई के और मेरे रूम करीब ही थे तो मुझे आइडिया मिलता रहता था कि वो क्या कर रहा है. मुझे पता चला कि उसने स्मोकिंग शुरू कर दी है और अक्सर उसके रूम से सिगरेट की स्मेल आने लगी. ठीक वैसी ही जैसे डॅड के रूम से आती थी."

प्रीति -" ओके....."
 
सिमरन -" एक बार इतिफाक से मैने उसे स्मोकिंग करते हुए देख लिया और हमारी नज़रे मिल गयी. वो थोड़ा डरा और उसने सिगरेट फेंक दी. वो मुझसे बात करने आया और बड़े प्यार से बात की. मैं समझ गयी कि ये मुझे अपनी राजदार बनाना चाहता है. मैने भी यही सोचा कि बाय्स तो करते ही है तो इसमे हर्ज क्या है."

प्रीति -" हाँ सही कहा आपने....."

सिमरन -" धीरे धीरे उसने मेरी हेल्प लेनी शुरू कर दी और मैं डॅड के रूम से उसे सिगरेट चुरा चुरा कर लाकर देती थी. लेकिन वो अपनी मस्त लाइफ जी रहा था और काफ़ी हॅंडसम हो गया था "

प्रीति -" हाँ मैने देखा उन्हे नीचे. वाकई मे काफ़ी हॅंडसम है वो तो......"

 
Aaj Aradhna ne sexy nahi balki beautiful style rakha apne liye. Ek father hone ke naate Pankaj chup hi raha lakin wakai me Aradhna ko dekh kar wo shocked tha. Aradhna light pink lipstick lagati hai aur thoda sa mascara lagati hai. Apni high heel sandals nikal kar wo pahan ne lagti hai. Sandals pahan ne ke liye use apni saree thodi upar karni padti hai.

Jaise hi wo saree ko thoda sa upar karti hai, uski gori gori taange Pankaj ke saamne nangi ho jaati hai. Aise kaamuk scene dekh kar koi apne man ko kaise control kare. Pankaj ki nigaahe jaise hat hi nahi rahi thi. Jaise hi Aradhna upar ki taraf dekhti hai to Pankaj thoda hesitate ho jaata hai aur najre chura leta hai. Aradhna ye dekh kar hansne lagti hai lakin kuchh kehti nahi.

“ Dad……, Aapne traditional clothes pahan ne ke liye kyu kaha…………??” Aradhna apni saree ka pallu sahi karte hue Pankaj se puchhti hai.

“ Indian family ke sath bete aise hi jaate hai…… aur vaise bhi ab wo tumhe meri…. meri wife samjh rahe hai to aise hi kapde sahi hai…” Pankaj Ye baat bolte hue jhijhak raha tha.

“ Chalo koi baat nahi….. vaise bhi bas aaj hi ki to baat hai…….” Aradhna ab tak apni saree ka pallu sahi kar chuki thi.

“ To ab kya wo aayenge ya hum chalein…….” Aradhna Pankaj se puchhti hai.

“ Han ab hum dono to ready hai to chalo unhi ke room me chalte hai….. dekhte hai ki unhe kitna time lagega…………” Pankaj aur Aradhna dono bahar ki taraf chal dete hai.

Dono room se bahar aate hai aur Pankaj room card nikal kar gate band kar leta hai. Dono dheere dheere shetty ke room ke taraf chal dete hai. Aradhna ki saree uske hips aur boobs par se bilkul kasi hui thi aur uski khubsurti ko chaar chand laga rahi thi.

Pankaj unke room ke saamne aakar door bell bajata hai. Do baar ring karne ke baad gate khulta hai aur shetty ki wife gate par khadi thi.

Sabse pehle to Pankaj aur Aradhna shocked ho jaate hai ki Shetty ki wife ne kaise kapde pahne the. Usne ek short dress pahni hui thi jo ki uske ghutno tak thi. Jaisa ki pehle bhi bataya gaya hai ki umra to uski kaafi sahi thi lakin apne looks maintain kiye hue the.

“ Bhabhi Namaskar…… shetty ji hai ander……?” Pankaj hath jod kar Namaste karta hai aur shetty ki wife se puchhta hai.

“ Han… han.. please ander aaiye….. wo abhi washroom me hai…….” Itna bolkar shetty ki wife dono ko ander aane ka raasta deti hai. Uske boobs kaafi had uski dress se bahar the. Uski badan ki khusbu pure room me feli hui thi.

Pankaj hairaan tha us lady ke dress up ko dekh kar. Wo Aradhna ko kuchh aur Samjha raha tha jabki reality kuchh aur nikli. Anyway Aradhna aur Pankaj dono room me enter hote hai, Aradhna us lady se hand shake karti hai aur wo lady Aradhna ko hug bhi karti hai. Aradhna usko hug karne ke dauran realize karti hai ki uske boobs kitne hard aur tight hai. Pata nahi kyu Aradhna uske is roop se agree nahi thi.

Aradhna aur Pankaj dono sofe par bethte hai.

“ Kya lenge aap logo…… kuchh thanda ya garam………….???” Shetty ki wife un dono ki aankho me jhankti hui bolti hai.

“ Pani chalega…… bas kuchh aur nahi…..” Pankaj uski taraf dekhte hue bolta hai.

Wo lady freeze se water bottle nikalne lagti hai. Pankaj abhi tak hairaan tha ki kitne modern kapde pahne hue hai is lady ne. Aur pankaj ne khud Aradhna ko traditional cloth pahan ne ke liye kaha.

Wo lady phir se aati hai aur Pankaj aur Aradhna ko paani deti hai. Pankaj ki hairaani ki koi seema nahi thi jab wo lady jhukti hai pani den eke liye aur almost half of boobs bahar ki side hote hai. Aradhna ko bhi khud ye kaafi ajeeb laga. Situation ko samjhne ke liye jaruri hai ki aap shetty ki wife kaise dressed hai wo picture dekhe –

How shetty’s wife dressed today

Dono pani peena shuru hi karte hai ki bathroom ka gate khulta hai.

Dhadaakkkk…. Aur ek aur dhamaka ho jaata hai. Shetty bathroom ka gate khol kar bahar aa jata hai jabki uski puri body par sirf ek frenchie ke siway kuchh nahi tha. Aradhna bathroom ke sabse kareeb bethi thi aur jaise hi gate khulta hai sabse pehle uski nigaah pehle shetty par aur phir uski fooli hui frenchie par jaati hai. Uski frenchie ka mahaul aisa tha ki jaise kisi ne apne size se chhoti frenchie pahan li ho.

Kuchh seconds ko Aradhna ki nigaahe bas uski frenchie par rook jaati hai aur phir wo apni nigaahe phirati hai. kaafi different situation thi ye, Shetty sorry bol kar turant bathroom me bhag jaata hai aur bathroom me hi apno kapdo ke liye apni wife se bolta hai.

“ Dipti jara mere kapde dena………” Shetty apni wife ko aawaj lagata hai. Pankaj aur Aradhna ko pata lag jaata hai ki uski wife ka naam Dipti hai……

Dipti ye sunkar uske t shirt aur jeans utha kar bathroom me de deti hai.

“ Mind mat kijiyega…… actually bathroom me pata nahi chalta ki bahar kya ho raha hai……” Dipti Pankaj aur Aradhna dono ki taraf dekhte hue bolti hai.

“ No issue….. ye to hota rehta hai……” Pankaj Dipti ki taraf dekhte hue bolta hai.

“ To phir aaj hum kaun si movie dekhne chal rahe hai……………..???” Dipti Aradhna aur Pankaj dono se puchhti hai.

“ Aap hi bataeye….. actually hum movie dekhne jaate nahi hai na……” Pankaj dipti se bolta hai.

“ Hum samjh sakte hai……. jawan biwi aur wo bhi itni khubsurat to bhala koi movie kyun dekhne jaayega……… phir to bas honeymmon aur honeymoon…..” Dipti smile karte hue Pankaj se bolti hai. Aradhna ye baat sun kar Sharma jaati hai. Wo samjh jaati hai ki Dipti ek open minded lady hai.

“ Is hisaab se to aap dono ko bhi nahi jaana chahiye….. shetty ji ki wife bhi kam nahi hai………” Pankaj bhi bole nahi rookta. Aradhna Pankaj ki is baat se khud hairaan thi.

“ Ha ha ha ha…..aap bhi kaafi funny ho. Lakin abhi to hum ja rahe hai to decide karo ki kaun si movie dekhne chale……..?” Dipti phir se puchhti hai.

“ Hume to shetty ji ne bola aur hum ready ho gaye…… hume sach me idea nahi hai ki kaun si movie chale….. “ Is baar Aradhna reply karti hai aur uske reply me thoda rukhapan tha. Baar baar Pankaj ka aise jawab dena Aradhna ko pasand nahi aa raha tha.

“ To do main options hai…… ek tha tiger and ……………….” Dipti bolte bolte rook jaati hai. Ye bolte hue Dipti ki nigaahe Aradhna par thi.

“ Ek tha tiger and……..???” Aradhna puchhti hai.

“ JISM 2………………” Ye bolte hue Dipti apni nigaahe Pankaj ki taraf phira leti hai. Dipti ka jism bolne ka tarika kaafi nasheela tha.

“ Are bhai kya baate chal rahi hai……… chai wai order do na……..” Shetty bathroom se nikalte hue sabse pehle yehi puchhta hai.

“ Nahi chai ke liye to inhone mana kar diya hai….. pani se hi gujara chala liya hai.. baate chal rahi thi ki kaun si movie chale…..?” Dipti Shetty ko reply karti hai. Shetty apni jeans t-shirt pahan kar bahar aa gaya tha aur apne baalo ko apne towel se puchh raha tha.

“ To kya decide hua Grover ji………..?” Shetty apne towel ko bed par phenkate hue Pankaj se puchhta hai.

“ Hamara kya ji…. Hum to koi bhi dekh lenge…….. ladies ka agree hona jaruri hai…….. kyu kya kehte ho…..?” Pankaj shetty se puchhta hai.

“ Bilkul sahi kaha….. to chalo ab late karne se fayda nahi hai…. pehle nikalte hai aur phir decide karte hai ki aakhir kahan chalna hai.” Shetty apna comb bhi bed par fenkata hua bolta hai.

Aur dono family ab us hotel se bahar aa jaati hai. Aage Pankaj aur shetty chal rahe the aur peechhe peechhe dono ladies. Pankaj aur shetty dono business ki baato par aa gaye the aur dono ladies apni conversation start karti hai –

Dipti –“ Saree kafi achhi hai tumhari……. Bahut cute lag rahi ho….” Dipti Aradhna ki saree ko touch karte hue bolti hai.

Aradhna – “ Aap bhi kaafi achhi lag rahi hai apni dress me……. Mujhe aisi dresses bahut pasand hai………” Aradhna smile karte hue kahti hai.

Dipti – “ Achha chalo ab ye to batao ki movie kaun si dekhni hai. ?”

Aradhna – “ Aap hi bataeye na ki kaun si movie dekhe………?”

Dipti – “ Jism 2 hi sahi lag rahi hai mujhe….. kyu?”

Aradhna – “ Jaisa aap thi samjhe………” Aradhna uski baat ko talna chahti thi.

Itni chhoti baato me hi charo log parking area me pahunch jaate hai jahan Pankaj apni car ko unlock karke sabse aage beth jaata hai. Shetty apni wife ke liye door kholta hai aur uske bethne ke baad wo dusri side aane lagta hai. Dusri side Aradhna peechhe bethne ke liye gate khol chuki thi. Jaise hi shetty uske pass se gujarta hai to Aradhna shocked ho jaati hai kyunki use aisa lagta hai jaise kisi ne uski gaand par chikoti kati. Wo ghum kar dekhti hai to jab tak shetty aage wala gate khol chuka tha aage bethne ke liye.

Aradhna ko yakin nahi ho raha tha ki uski father ki umra ka insaan uske saath aise kar sakta hai. Vaise Aradhna sure nahi thi lakin uska dil kar raha tha ki uska moonh noch lu…..

Shetty ke bethte hi gaadi cinema ki taraf chal deti hai.

Dusri taraf

Situation ko thoda thoda forward karna pada hai. that is the demand of the situation.

Idhar Preeti jam kar chud chuki thi aur ab Simran ke ghar jaane ki planning jar rahi thi. Vaise bhi use apni mom ki permission mil chuki thi. Pata nahi kyun Simran ke liye bhi wo super hot ban kar jaana chahti thi.

 


Planning kar hi rahi thi ki tabhi Simran ka phone aata hai aur Preeti phone ko pick karti hai.

Simran - Hi sweety. Kaisi hai?

Preeti - Didi main thik hu. Aap kaisi hai.

Simran - bas yaar tera intezaar ho raha hai. Kab tak aa rahi hai?

Preeti - Aap batao ki kab tak aa jau....?

Simran - Ye bhi koi puchhne ki bat hai. Jab chahe aaja aur abhi aa jaaye to aur bhi achha hai.

Preeti - Thik hai to main thodi der me nikalti hu aut vaise bhi ghar to pass hi hai.

Simran - thats great...... Chhoti si party bhi karenge....... Achha fun karenge.... Aakhir ek hi raat ke liye to aa rahi hai tu to tera khyal rakhna padega.

Preeti - wo sab to thik hai lakin main excited hu ye jan ne ke liye ki kaise aapke bhai aur aapke beech........

Preeti ye line bolkar beech me chup ho jaati hai.

Simran - mere bhai aur mere beech me kya???? Achha chudai kaise shuru hui..... Meri jaan badi utawali hai ye jaan ne ke liye. Chal tu tension na le aur ab jaldi se aa ja. Tujhe aaram se sunaungi saari kahani. Lakin tujhe bhi batana padega ki kaise Kushal ka lund liya tune.

Preeti - Didi aap bhi kamaal ho. Chalo ab phone rakhte hai aur main ghar se nikalti hu.

Simran - ok chal aaram se aa ja.

Phone katne ke baad Preeti teyaar hoti hai. Baalo ko achhe se dhokar dryer se dry karti hai. Stylish make up aur check ki short shirt pahanti hai jise boobs se neeche hi tie kar diya jaata hai. Uske neeche usne ultra low waist jeans pahni. Yani ab uske boobs aur kamar ke beech ka sara hissa visible tha.

Smriti ko bol kar wo aaram se ghar se nikal jaati hai. Kyunki Simran ka ghar kareeb hi tha to Preeti paidal hi chali jaati hai.

Simran ka ghar aane par Preeti door bell bajati hai. Do baar door bell bajane ke baad Door khulta hai.

Door kholne wala ek ladka tha, usne sando baniyan pahni hui thi aur short. Wo paseene me bheega hua tha kyunki shayad exercise kar raha tha.

Preeti - Bhaiya namaste...... Main Simran didi ki friend hu.

Boy - Simran ki friend bhi ho aur didi bhi bol rahi ho. Anyway main uska bhai hu Vishal.

Preeti - ha ha ha ha. Bhaiya baat achhi pakadte ho. Actual me wo mujhse thodi badi hai na to isliye main unhe didi kahti hu.

Wo ladka Preeti ko upar se neeche tak dekhta hai aur kehta hai.

Boy - wo tumse badi hai lakin kahan se..

Ladke ka ishara shayad Preeti ke boobs ki taraf tha joki Simran ke jaise hi the. preeti is baat ko taad jaati hai ki wo kya kahna chah raha hai.

Preeti - very funny..... Aap bataeye ki Didi kahan hai.......

Boy - wo upar apne room me hai. Seedha upar jakar left.

Aur ye bol kar wo ladka Preeti ko ander jaane ke liye raasta deta hai.

Preeti seedha upar jaati hai aur Simran ke room me enter karti hai. Simran bed par beth kar nail paint laga rahi thi.

" Hi didi......." Preeti ye bol kar aage badhti hai aur Simran ko hug karti hai.

" Hi Preeti....... Great yaar ek dum super hot model lag rahi hai. Gajab yaar....." Simran Preeti ko dekhte hue bolti hai.

" kahan didi.... Aap bhi kuchh jyada hi bata rahi ho...... Gajab to aap ho........" preeti bhi Simran ki tarif me do shabd bol deti hai.

" yaar tere lips bade juicy lag rahe hai. Give me a kisss......" aur ye bolkar Simran apna chehra Preeti ki taraf badhati hai aur Preeti apni aankhe band kar leti hai.

Simran ek accha wala smooch leti hai. Dono ek dusre ke hontho ko achhe se chuste hai aur phir alag ho jaate hai.

" Chal yaar..... Aaj ki raat hamari hai....... Khub masti karenge......." Simran apne freeze se beer ki do can nikalte hue bolti hai.

" Lakin didi wo bhaiya....... Neeche hai..... Wo beer peete dekhenge to kuchh kahenge nahi...." preeti uske bhai ke baare me puchhti hai.

" abe usi ne to mujhe peena sikhaya hai...... Aur wo hi to lakar ye freeze bharta hai..... Tu uski tension na le aur enjoy kar......" Simran ye bolte hue light music on kar deti hai.

" didi main yehi to jan na chahti hu ki kaise aapke aur aapke bhai ke beech me aisi relationship ban gayi ki aap itne frank ho. Please bataeye na.........." Preeti jid karne lagti hai.

" chal beer to pee aur ye le salad... Main tujhe aaram se bataungi. Bore to nahi hogi na tu......" simran Preeti se puchhti hai.

" Didi kaisi baate kar rahi ho........ Ok now lets cheers and start your story."

Dono apni beer ki can ko takrati hai aur Simran apni katha sunani shuru karti hai.

"Ye kahani tab shuru hoti hai jab main bas -- saal ki thi. Main ek bahut hi simple ladki thi jo ek co ed school me padhti thi. Mera bhai bhi mere sath mere hi school me padhta hai. Hamara school kafi modern school tha jahan bachche kaafi jaldi bade ho jaate hai. Main ek lambi choti karne wali ek simple ladki thi aur jo kabhi face par kuchh bhi nahi lagati thi. Mujhe us time tak kuchh bhi nahi pata tha ki aakhir ye duniya kya hai. School se ghar aur ghar se school. School me vaise bhi mera bada bhai hua karta tha to mujhe hamesha is baat ka khyal rakhna hota tha ki main hamesha apni limit me rahu. Mere friends achhi ladkiya, buri ladkiya, open minded ladkiya, narrow minded ladkiya aur sabhi tarah ki ladkiyan hua karti thi.

Preeti -" Ok......"

Simran -" Ghar me wo hi mahaul jo har ghar me hota hai. Bhai bahan ke ladai jhagde aur phir se pyar. School me ijjat ki vajah se main kabhi apne bhai se nahi ladi lakin ghar me hamesha mahabharat hota tha. Maa baap ke raaj me to har kisi ko aajadi mahsoos hoti hai to main bhi khub ladti thi apne bhai se aur wo bhi koi kami nahi chhodta tha."

Preeti -" Han sach baat hai. Kushal aur meri bhi yehi kahani hai.... Phir kya hua." Preeti ko bahut interest aa raha tha story me.

Simram -" Dheere dheere mujh me bhi wo changes aane lage jo ki har ladki ne aate hai. Boobs nikalne shuru hue, pussy aur underarms me baal aane shuru hue aur aawaj dheere dheere bhari ho rahi thi. Thik aisa hi mere bhai ke saath bhi ho raha tha, yani ki hum dono hi bade ho rahe the. Ladki jawan ho rahi hai iska ahsaas to aas paas ke log hi kara dete hai. Mohalle ke log aise ghur ghur kar dekhte hai jaise ki koi apradh kar diya ho humne. Lakin ladko ki life opposite hoti hai aur wo vaise hi aajad rehte hai. Bra pahan ni shuru kari aur shuru me to bada gussa aata tha lakin dheere dheere aadat padi. Size jab tak 32 hua to mere bhai ko halki dadhi munchh aa chuki thi."

Simran dheere dheere beer peete hue phir shuru karti hai. Preeti uski baato ko gaur se sun rahi thi.

" kyunki mere bhai ke aur mere room kareeb ho the to mujhe idea milta rehta tha ki wo kya kar raha hai. Mujhe pata chala ki usne smoking shuru kar di hai aur aksar uske room se cigarette ki smell aane lagi. Thik vaisi hi jaise dad ke room se aati thi."

Preeti -" Ok....."

Simran -" Ek baar itifaak se maine use smoking karte hue dekh liya aur hamari najre mil gayi. Wo thoda dara aur usne cigarette phenk di. Wo mujhse baat karne aaya aur bade pyar se baat ki. Main samjh gayi ki ye mujhe apni raajdaar banana chahta hai. Maine bhi yehi socha ki boys to karte hi hai to isme harj kya hai."

Preeti -" Han sahi kaha aapne....."

Simran -" dheere dheere usne meri help leni shuru kar di aur main dad ke room se use cigarette chura chura kar lakar deti thi. Lakin wo apni mast life jee raha tha aur kaafi handsome ho gaya tha "

Preeti -" Han maine dekha unhe neeche. Wakai me kaafi handsome hai wo to......"

 
फॅमिली में मोहब्बत और सेक्स --47

सिमरन -" 10थ क्लास तक आते आते एक लड़की ने मेरे भाई पर लाइन मारनी शुरू कर दी जिसका नाम एकता था. वो हमारे स्कूल की सबसे सेक्सी लड़की थी. कम उम्र मे ही भगवान ने ऐसी बॉडी दे दी कि शिल्पा शेट्टी फैल हो जाए."

प्रीति -" तो क्या भैया की गर्ल फ्रेंड बन गयी वो....."

सिमरन -" लड़की सेक्सी हो तो क्या नही कर सकती. और वो ही एकता ने किया.... छोटे छोटे कपड़े पहन कर आना. अंजाने मे अपनी बॉडी को मेरे भाई से छुआ देना. मेरा भाई जवान हो चुका था और ये शरीर की आग कैसे भुजति है उसे पता नही था. वो एकता के बारे मे ही सोचता रहता. एक दिन मेरे भाई ने बोला कि सिमरन तू एकता की फ्रेंड बन जा ना. फिर जो कॉन्वर्सेशन स्टार्ट हुई वो कुच्छ ऐसे थी -

सिमरन'स ब्रदर - सिमरन यार तू एकता से दोस्ती कर ले ना.

सिमरन - मैं क्यू करू दोस्ती. वो मुझसे सही से बात तो करती नही.

सिमरन'स ब्रदर - यार ऐसा होता है लेकिन वो शायद अच्छी लड़की है. मुझे लगता है कि तुझे ऐसी लड़किया दोस्त बनानी चाहिए.

सिमरन - तो आप ही बना लो उसे दोस्त. मुझे अच्छी नही लगती, कितने छोटे कपड़े पहन कर आती है और सीधे मूँह बात नही करती.

सिमरन'स ब्रदर - हा हा हा हा. तेरा भाई उसका दोस्त तभी तो बनेगा जब मेरी बहन उसकी दोस्त बनेगी. कर दे ना इतनी हेल्प अपने भाई की.

" मेरे भाई ने इतने प्यार से रिक्वेस्ट की तो मैने उसकी बात मान ली और जैसे तैसे मैने एकता का मोबाइल नंबर अपने भाई के लिए अरेंज कर दिया".

प्रीति -" फिर क्या हुआ???" प्रीति अपनी बियर को पीती जा रही थी.

सिमरन - " फिर क्या होना था. मुझे कुच्छ आइडिया नही मिला कि क्या हो रहा है लेकिन मेरा भाई अपने रूम मे ही फोन पर बिज़ी रहता. धीरे धीरे स्कूल मे मेरे भाई और एकता के अफेर के चर्चे होने लगे. मेरी फ्रेंड्स मुझसे मज़ाक करती कि अब तू भी कोई बॉय फ्रेंड बना ले. लेकिन मैं इन सब चीज़ो के बारे मे नही सोचती थी क्यूंकी मेरा बड़ा भाई खुद उस स्कूल मे था.

प्रीति -" ओके फिर क्या हुआ......."

सिमरन - " मेरे भाई ने सबसे डिस्टेन्स बनाना शुरू कर दिया. मुझे तो ये भी लगने लगा था कि मेरे भाई और उस एकता के बीच सेक्स हो चुका था लेकिन एक दिन मैं अपनी क्लास मे जा रही थी तो स्पोर्ट्स रूम के करीब दोनो की आवाज़े आ रही थी जोकि मैने सुनी. मॉर्निंग मे स्कूल के उस तरफ कोई नही आता था तो दोनो खुल कर बाते कर रहे थे. उस दिन की बातो मे मुझे बहुत सारी बाते क्लियर हुई. "

प्रीति -" बताओ ना.... बताओ ना कि क्या बाते हो रही थी......"

सिमरन - " वो बाते कुच्छ ऐसे हो रही थी. पहली आवाज़ मैने एकता की सुनी -

एकता - कम ऑन अभिनव.... तुम एक ही एक्सक्यूस अपनी गर्ल फ्रेंड को डेली नही दे सकते. मेरी सारी फ्रेंड्स कितनी लकी है जो कभी अपने बॉय फ्रेंड के साथ कहीं रात गुजार कर आती है और कभी कहीं. उन्हे बताने मे भी शरम आती है मुझे कि रात बिताना तो छोड़ो अभी तक मैं कुँवारी हू.

माइ ब्रदर - जितना दिल तुम्हारा करता है तो उससे कहीं ज़्यादा मेरा करता है. पूरी रात खड़ा रहता है तुम्हारी याद मे लेकिन क्या करू कोई जगह नही है जहाँ हम मिल पाए.

एकता - खड़ा होता है..... खड़ा होता है और खड़ा होता है. ये बाते ही सुनती आ रही हू. बॉय फ्रेंड क्या रेस्टोरेंट मे खाना खाने और सिनिमा मे मूवीस देखने के लिए बनाए जाते है. बॉय फ्रेंड के और भी फ़र्ज़ होते है और वो है कि अपनी गर्ल फ्रेंड की फिज़िकल नीड्स का ख्याल रखना. तुम कोई प्लान क्यूँ करते. अगर कहीं और नही तो अपने घर पर ही.

माइ ब्रदर - यार मेरे घर मे मेरी सिस्टर है. और उसका रूम मेरे रूम के बराबर मे ही है. वो क्या सोचेगी?

एकता - वाह वाह....... वो क्या सोचेगी? दूध पीती बच्ची है क्या वो? उसे पता नही कि अगर मैं तुम्हारे रूम मे जाउन्गि तो तुम मेरे साथ क्या करोगे? देखते नही हो लगता है गौर से उसे, खुद लेने को तैयार हो रही है वो.

माइ ब्रदर - वो ऐसी नही है. उसका ध्यान इस तरफ नही जाता है.

एकता - एक भाई की नज़र से देखना बंद करो और गौर से देखो कि कैसे चुदने के लायक हो चुकी है. तुम उसके भाई हो इसलिए वो अपने असली रूप मे नही आती. वैसे मैं क्यू सफाई दू...... मुझे नही पता बस.....

सिमरन - और ये सब बोलकर वो भाग जाती है गुस्से मे. मुझे पहली बार अहसास हुआ कि लड़कियो की खुद की भी कुच्छ इच्छा होती है. एकता भी वोही चाह रही थी लेकिन उसने आज वो बीज बो दिया जो बाद मैं बहुत भारी साबुत हुआ.
 
“ दीदी वाकई मे एकता तो बहुत आगे निकली. उसकी कोई फोटो दिखाइए ना…… अगर है तो” प्रीति के पुच्छने पर सिमरन एकता का एक फोटो अपने मोबाइल मे दिखाती है

प्रीति - " अच्छा फिर क्या हुआ दीदी......." प्रीति फिर से एग्ज़ाइटेड होते हुए पूछती है. वो अपनी बियर की कॅन भी ख़तम कर चुकी थी.

सिमरन - " होना क्या था...... उस एकता की आग ने मेरे भाई के माइंड मे बहुत सारे चीज़े डाल दी...... मुझे अहसास नही हुआ लेकिन शायद मेरे भाई ने उसके कहने पर मेरी बॉडी को अब्ज़र्व करना शुरू कर दिया. मुझे अहसास था कि अगर एकता को मेरा भाई जल्दी ही नही ठोकेगा तो वो उसे छोड़ देगी और ये सिचुयेशन मेरे भाई को डिस्टर्ब कर सकती थी.

प्रीति -" ओके...... गुड....... दीदी........ वाकई मे काफ़ी इंट्रेस्टिंग है...... आगे बताइए ना......."

सिमरन - " मेरे भाई ने धीरे धीरे मुझे मनाना शुरू किया एकता को घर पर बुलाने के लिए. मीठी मीठी बाते करता और मेरे लिए गिफ्ट लेकर आता था, ना मुझसे कोई लड़ाई और बस प्यार से ही बाते करता था. लेकिन मैं ये सब समझती थी. "

प्रीति -" काफ़ी इंटेलिजेंट हैं आपके भाई...... आगे बताइए क्या हुआ....." प्रीति धीरे धीरे और करीब आ रही थी सिमरन के.

सिमरन अपनी बियर के कॅन को बार बार पीते हुए बोल रही थी.

सिमरन -" एक दिन ईव्निंग मे मेरे भाई ने मुझे बात की जो की कुच्छ ऐसे थी -

सिमरन'स ब्रदर - सिम्मी........ यार एक हेल्प करेगी तू मेरी

सिमरन - बोल भाई क्या बात है.

उसका बोलने का तरीका मुझे बता रहा था कि वो बहुत मक्खन लगा रहा है.

सिमरन'स ब्रदर - वो सिम्मी.... आक्चुयल मे ना एकता को पढ़ाई मे मेरी हेल्प चाहिए तो वो एक रात यही रुकना चाहती है.

सिमरन - कमाल है, वो तुमसे पढ़ना चाहती है. एनीवे तो मेरी हेल्प क्या चाहिए तुम्हे.....

सिमरन'स ब्रदर- वो.... अगर डॅड पुच्छे तो तू बोल दियो कि एकता तेरी फ्रेंड है. आक्चुयल मे तू तो जानती है कि डॅड मुझसे थोड़ा गुस्सा रहते है......

सिमरन - तो ठीक है आप एकता को मेरे रूम मे ही पढ़ा लेना.... मैं डॅड को संभाल लूँगी..... ओके?

सिमरन'स ब्रदर - अरे नही यार..... तू मेरी प्यारी बहन है. तेरी नींद क्यू खराब करूँगा भला मैं. उसे तो मैं अपने रूम मे ही पढ़ा लूँगा..... बस तू डॅड को संभाल लियो......

सिमरन - बड़ा प्यार आ रहा है मुझ पे....... लेकिन चलो तुम भी क्या याद करोगे कि किसी रईस से पाला पड़ा है. मैं डॅड को संभाल लूँगी.....

सिमरन'स ब्रदर - वूव्ववव........ थ्ट्स लाइक माइ स्वीट सिस्टर..... मुआअहह

"पहली बार मेरे भाई ने मुझे हग किया और गाल पर किस किया. उसकी मजबूत बाँहो मे जैसे मे पिघल ही गयी थी. मेरे बूब्स उसकी छाती मे गढ़ गये थे. लेकिन उस टाइम मे इतनी बोल्ड नही थी तो चुप चाप भाई से अलग हो गयी. मेरा भाई बहुत हॅपी था और उससे अपनी खुशी हजम नही हो रही थी"

सिमरन ये सारी स्टोरी प्रीति को जैसे सुना रही थी तो प्रीति का चेहरा भी लाल होता जा रहा था.

प्रीति - " फिर क्या हुआ दीदी....... बताओ ना."

सिमरन - " बताती हू लेकिन तू बिना बियर के क्यू बैठी है. जा फ्रीज़ से और ले ले......"

प्रीति - " सच मे दीदी आपने तो मेरे दिल की बात छीन ली....... दिल कर रहा है कि बियर पीती रही हू और आपकी ये रियल लाइफ स्टोरी सुनती रहू......." प्रीति बेड से उतरते हुए बोलती है.

प्रीति बेड से उतरती है और फ्रीज़ से एक बची हुई बियर ले आती है. उसे खोल कर पीने लगती है.

" आप शुरू करो दीदी...... बताओ मुझे कि क्या हुआ फिर......" प्रीति बेड पर दोबारा बैठते हुए बोलती है.

 
सिमरन -"उस दिन मेरा पूरा ध्यान इसी बात पर लगा रहा कि मेरा भाई कैसे एकता को ये खबर देता है. स्कूल पहुँची तो उनको फॉलो करती रही और मेरा भाई खुद एकता को ढूँढ रहा था. एकता उसे साइन्स लब के पास मिली और वहाँ पर भी उस पीरियड के दौरान स्टूडेंट कम ही होते थे. मेरा भाई उसे एक कॉर्नर मे ले जाता है और फिर जो उनकी कॉन्वर्सेशन हुई वो ऐसे है" -

सिमरन'स ब्रदर- एकता...... माइ स्वीटी एक अच्छी खबर है.

मेरा भाई हॅपी होते हुए उसे बताता है.

एकता - बोलो जल्दी क्या बात है. मुझे जाना है.

एकता का बिहेवियर काफ़ी रूखा था उस दिन.

सिमरन'स ब्रदर - पता है मैने सिमरन को राज़ी कर लिया है तुम्हे घर बुलाने के लिए..... और वो मान गयी है.......

एकता - ऊऊऊओह रेअलल्ल्ल्ल्ल्ल्लययययययी....... आइ लव यू अभिनव........

मुझे आइडिया नही था कि एकता इतनी हॅपी हो जाएगी. वो मेरे भाई से ऐसे लिपट गयी जैसे उसी मे समा जाएगी. उसने अपने जुवैसी लिप्स मेरे भाई के लिप्स पर रख दिए..... जवान मैं भी थी और ये सीन देख कर जो मेरी हालत हुई वो मुझे ही पता है. इसके बाद एकता फिर से बोलना शुरू करती है -

एकता - देखा मैने कहा था न कि वो देखने मे छोटी है लेकिन चुदाई के बारे मे सब जानती है.

सिमरन'स ब्रदर - यार तू हमेशा ग़लत मत समझा कर.... उस बेचारी को तो ये पता है कि तू पढ़ने आ रही है.

एकता - ओये होये मेरे भोले हीरो. वो तुम्हारी बहन है तो तेरे से थोड़ी ना बोलेगी कि बुला ले और चोद दे अपनी गर्ल फ्रेंड को. लेकिन छोड़ो तो आज रात मैं आ रही हू और फिर ढेर सारी मस्ती.

सिमरन'स ब्रदर - बिल्कुल ठीक कहा मेरी जान. आज के बाद तेरी कोई सहेली तेरा मज़ाक नही उड़ाएगी कि तू कुँवारी है.

"और इसके बाद वो दोनो अलग हो गये. मैं एक कच्ची जवान लड़की थी. ये सारी बाते सुनकर पागल हुए जा रही थी लेकिन इस एज मे लड़की अपने दिल की बात किसी से शेअर नही करती है. "

सिमरन भी पूरे दम के साथ अपनी आप बीती सुना रही थी. अब सिमरन की बियर ख़तम होती है तो वो भी एक और लेने के लिए फ्रीज़ के पास जाती है.

" श शिट. अभी पूरी रात बाकी है और बियर भी ख़तम......" सिमरन दूख मनाती हुए बोलती है.

" दीदी पहले ये जो एक मिली है इसे तो पी लो. और बताओ ना कि फिर क्या हुआ....." प्रीति फिर से ज़िद करते हुए बोली.

" तो सुन..... हम दोनो स्कूल से आ गये... मेरा भाई बहुत हॅपी था उस दिन.... और होना भी चाहिए क्यूंकी आख़िर उसकी लाइफ मे वो होने जा रहा था जिसका इंतेज़ार सभी को होता है जवानी मे...." सिमरन अपनी बियर खोल कर फिर से शुरू करते हुए बोली.

 
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