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कुशल उसके पीछे पीछे चल रहा था. कुशल की निगाहे बस उसकी मतकती हुई गांद पर ही थी. कुशल पूरी बेशर्मी वाले मोड पर था. वो पीछे से ही सीटी बजाता हुआ बोलता है -" क्या मस्त गांद है............. वन इन आ मिलियन". स्मृति रुक जाती है. पीछे मुड़ती है और कहती है -
" क्या कहा अभी तुमने......."
कुशल -" मैने..... मैने कहा कि घर कैसे जाउ मे......"
स्मृति -" लुक..... कुशल!! अगर अबसे तूने कुच्छ बोला तो मुझसे बुरा कोई नही होगा.." स्मृति उंगली दिखा कर कुशल से बोलती है और फिर से आगे चल देती है
कुशल अभी भी पीछे पीछे चल रहा था लेकिन कुच्छ बोल नही रहा था. धीरे धीरे स्मृति उस फार्म हाउस से बाहर निकल जाती है. कुशल भी उसके पीछे पीछे बाहर आ जाता है. स्मृति अपनी गान्ड को मॅटकाति हुई फिर पार्किंग मे अपनी कार लेने चली जाती है.
कुशल बाहर आकर रोड पे बैठ जाता है. स्मृति वहाँ से कार लेकर आती है और कुशल को बैठते हुए देखती है. एक जोरदार ब्रेक के साथ गाड़ी उसके पास रुक जाती है. स्मृति विंडो ग्लास खोलती है और बोलती है. "यहीं मरने का इरादा है"
कुशल -" आप रहने दीजिए. मैं कैसे भी चला जाउन्गा.... अगर नही भी आया तो रात को रोड पर ही सो जाउन्गा....." कुशल बहुत मासूम बनते हुए बोलता है.
स्मृति गुस्से मे विंडो डोर बंद करती है और तेज़ी के साथ कार आगे ले जाती है. गाड़ी थोड़ी डोर ही चली थी कि एक बार फिर तेज़ी से ब्रेक लगती है और कार रिवर्स आने लगती है. कार फिर से कुशल के पास आकर रुक जाती है. लेकिन स्मृति कुच्छ बोलती नही.... हॅपी मूड के साथ कुशल खड़ा होकर गेट खोलता है और कार मे बैठ जाता है.
" आइ लव यू मोम....." कुशल स्मृति की तरफ देख कर बोलता है लेकिन तब तक स्मृति कार आगे बढ़ा चुकी थी.
कार एक सुनसान रास्ते से गुजर रही थी. स्मृति ने फुल स्पीड की हुई थी.
" मोम....... मोम......" कुशल बोलता है
" भोंक..... क्या बात है....." स्मृति बोलती है
" वो मोम..... वो.... पेशाब लगा है......." कुशल बोलता है.
पूरी ताक़त के साथ स्मृति फिर से ब्रेक लगाती है. " जा जल्दी कर के आ......" स्मृति बोलती है
कुशल गेट के बाहर निकल कर कार के ठीक सामने अपनी पॅंट खोलने लगता है. कार की हेडलाइट जली हुई थी.
" क्या यही जगह मिली है तुझे.... स्मृति चिल्लाति है
" मोम मुझे डर लगता है....." तब तक वो पॅंट खोल कर अपना लंड बाहर निकाल लेता है. और बाहर निकल कर एक स्माइल देता है.
" तो कम से कम मूँह तो दूसरी साइड कर ले...." स्मृति फिर से चिल्लाति है
ये सुनकर कुशल अपना मूँह दूसरी डाइरेक्षन मे कर लेता है.
कुशल काफ़ी देर तक ऐसे ही पेशाब करता रहता है. स्मृति भी जल्दी मे थी और बार बार उसे हॉर्न दिए जा रही थी. फाइनली कुशल अपनी ज़िप बंद करके भाग कर कार मे आकर बैठ जाता है.
स्मृति फिर से गुस्से मे तेज़ी के साथ गियर डाला और कार फिर से उस सुनसान रोड पे भागने लगी. लेकिन स्मृति का चेहरा तम तमाया ही हुआ था
" इतना टाइम लगता है तुझे पेशाब करने मे..... क्या सालो से रोक रखा था..." स्मृति गुस्से मे बोलती है.
" मोम... क्या आप तो हर बात पर ही गुस्सा हो रही है. मैने कोई टाइम वेस्ट तो किया नही. जितनी देर आया उतनी ही देर तक किया. अगर मुझे पता होता कि आप इतना गुस्सा हो जाएँगी तो मैं जाता ही नही." कुशल बोलता है
" चल अब अपने ड्रामे बंद कर..... " स्मृति कार चलाते हुए सामने देखकर बोलती है.
कार चल रही थी और दोनो शांत थे. कुशल तिर्छि निगाहो से बार बार स्मृति को देखे जा रहा था.
" मोम एक बात कहु....." कुशल बहुत ही पोलाइट स्टाइल मे स्मृति से बोलता है
" नही.... मुझे कुच्छ नही सुन ना....." स्मृति रिप्लाइ करती है
कुशल चुप होकर कार मे साद अंदाज़ मे कॉर्नर मे मूँह करके बैठ जाता है. अब कुशल का मूँह बाहर की तरफ था, स्मृति भी उसे तिर्छि निगाहो से देखती है.
" भोंक जल्दी क्या बात है....." स्मृति उसे थोड़ा सा सॅड देख कर बोलती है.
कुशल खुश होकर अपनी मा की तरफ घूमता है. और बोलता है -
कुशल -" मोम, चाहे जो भी बात है लेकिन एक बात कहु... चलो कही देता हू. आज मैने अपनी वर्जिनिटी खो दी. आज मैं कुँवारा नही रहा." कुशल सॅड स्टाइल मे अपने माथे पे हाथ मारते हुए बोलता है.
स्मृति -" तू फिर शुरू हो गया. मैने कहा ना तुझे कि मुझे ये बकवास पसंद नही है. और वैसे भी तेरा क्या भरोसा....... भूल गया वो बाते... आज मैने पार्टी मे एक लॅडीस के साथ ये किया और ये किया. फिर भी आज तक कुँवारा था तू. पता नही इतना फ्रॉड कैसे हो गया तू". स्मृति उसे वो बाते याद दिलाती है जो वो लाइयन बन कर बोलता था
कुशल -" मोम, चाटिंग मे ऐसा तो चलता ही है. लेकिन सच मे आज तक मैने किसी के साथ ..... नही किया था. आज पहली बार ऐसा हुआ."
स्मृति -" तुझे ये फार्म हाउस किसने बताया था?"
कुशल -" मेरा एक फ्रेंड है. उसका नाम सन्नी है, उसने बताया था यहाँ के बारे मे....."
स्मृति -" तो क्या तूने उसे ये भी बता दिया कि तू आज यहाँ किसके साथ आ रहा है....?"
कुशल -" मोम आप तो मुझे बिल्कुल पागल समझती है. भला ये बाते भी बताने की होती है, ऐसा तो कभी कोई नही बता सकता...."
स्मृति -" इससे पहले भी यहाँ किसी के साथ आया है तू.?" स्मृति कार चलाते हुए ये सारी बाते कर रही थी.
कुशल -" मोम मैने कहा ना कि आज पहली बार आया हू यहाँ. आप कहेंगी तो दोबारा भी आ जाउन्गा.... हाहहहाहा..."
स्मृति उसकी तरफ गुस्से भरी निगाहो से देखती है और ये देख कर कुशल की हँसी फिर से बंद हो जाती है.
थोड़ी देर बाद कुशल फिर से बात करना शुरू करता है-
" मोम एक बात पुच्छू ...." कुशल बोलता है
" हाँ बोल...." स्मृति का बिहेवियर इस बार थोड़ा पोलाइट था
" क्या आपको मेरे साथ...... यानी जो हमारे बीच हुआ अगर हम उस मे रीलेशन शिप को भूल जाए तो क्या आपको अच्छा नही लगा.... प्लीज़ प्लीज़ गुस्सा मत होना. ये एक सिंपल सवाल है" कुशल अपनी मा से पुछ्ता है.
" क्या कहा अभी तुमने......."
कुशल -" मैने..... मैने कहा कि घर कैसे जाउ मे......"
स्मृति -" लुक..... कुशल!! अगर अबसे तूने कुच्छ बोला तो मुझसे बुरा कोई नही होगा.." स्मृति उंगली दिखा कर कुशल से बोलती है और फिर से आगे चल देती है
कुशल अभी भी पीछे पीछे चल रहा था लेकिन कुच्छ बोल नही रहा था. धीरे धीरे स्मृति उस फार्म हाउस से बाहर निकल जाती है. कुशल भी उसके पीछे पीछे बाहर आ जाता है. स्मृति अपनी गान्ड को मॅटकाति हुई फिर पार्किंग मे अपनी कार लेने चली जाती है.
कुशल बाहर आकर रोड पे बैठ जाता है. स्मृति वहाँ से कार लेकर आती है और कुशल को बैठते हुए देखती है. एक जोरदार ब्रेक के साथ गाड़ी उसके पास रुक जाती है. स्मृति विंडो ग्लास खोलती है और बोलती है. "यहीं मरने का इरादा है"
कुशल -" आप रहने दीजिए. मैं कैसे भी चला जाउन्गा.... अगर नही भी आया तो रात को रोड पर ही सो जाउन्गा....." कुशल बहुत मासूम बनते हुए बोलता है.
स्मृति गुस्से मे विंडो डोर बंद करती है और तेज़ी के साथ कार आगे ले जाती है. गाड़ी थोड़ी डोर ही चली थी कि एक बार फिर तेज़ी से ब्रेक लगती है और कार रिवर्स आने लगती है. कार फिर से कुशल के पास आकर रुक जाती है. लेकिन स्मृति कुच्छ बोलती नही.... हॅपी मूड के साथ कुशल खड़ा होकर गेट खोलता है और कार मे बैठ जाता है.
" आइ लव यू मोम....." कुशल स्मृति की तरफ देख कर बोलता है लेकिन तब तक स्मृति कार आगे बढ़ा चुकी थी.
कार एक सुनसान रास्ते से गुजर रही थी. स्मृति ने फुल स्पीड की हुई थी.
" मोम....... मोम......" कुशल बोलता है
" भोंक..... क्या बात है....." स्मृति बोलती है
" वो मोम..... वो.... पेशाब लगा है......." कुशल बोलता है.
पूरी ताक़त के साथ स्मृति फिर से ब्रेक लगाती है. " जा जल्दी कर के आ......" स्मृति बोलती है
कुशल गेट के बाहर निकल कर कार के ठीक सामने अपनी पॅंट खोलने लगता है. कार की हेडलाइट जली हुई थी.
" क्या यही जगह मिली है तुझे.... स्मृति चिल्लाति है
" मोम मुझे डर लगता है....." तब तक वो पॅंट खोल कर अपना लंड बाहर निकाल लेता है. और बाहर निकल कर एक स्माइल देता है.
" तो कम से कम मूँह तो दूसरी साइड कर ले...." स्मृति फिर से चिल्लाति है
ये सुनकर कुशल अपना मूँह दूसरी डाइरेक्षन मे कर लेता है.
कुशल काफ़ी देर तक ऐसे ही पेशाब करता रहता है. स्मृति भी जल्दी मे थी और बार बार उसे हॉर्न दिए जा रही थी. फाइनली कुशल अपनी ज़िप बंद करके भाग कर कार मे आकर बैठ जाता है.
स्मृति फिर से गुस्से मे तेज़ी के साथ गियर डाला और कार फिर से उस सुनसान रोड पे भागने लगी. लेकिन स्मृति का चेहरा तम तमाया ही हुआ था
" इतना टाइम लगता है तुझे पेशाब करने मे..... क्या सालो से रोक रखा था..." स्मृति गुस्से मे बोलती है.
" मोम... क्या आप तो हर बात पर ही गुस्सा हो रही है. मैने कोई टाइम वेस्ट तो किया नही. जितनी देर आया उतनी ही देर तक किया. अगर मुझे पता होता कि आप इतना गुस्सा हो जाएँगी तो मैं जाता ही नही." कुशल बोलता है
" चल अब अपने ड्रामे बंद कर..... " स्मृति कार चलाते हुए सामने देखकर बोलती है.
कार चल रही थी और दोनो शांत थे. कुशल तिर्छि निगाहो से बार बार स्मृति को देखे जा रहा था.
" मोम एक बात कहु....." कुशल बहुत ही पोलाइट स्टाइल मे स्मृति से बोलता है
" नही.... मुझे कुच्छ नही सुन ना....." स्मृति रिप्लाइ करती है
कुशल चुप होकर कार मे साद अंदाज़ मे कॉर्नर मे मूँह करके बैठ जाता है. अब कुशल का मूँह बाहर की तरफ था, स्मृति भी उसे तिर्छि निगाहो से देखती है.
" भोंक जल्दी क्या बात है....." स्मृति उसे थोड़ा सा सॅड देख कर बोलती है.
कुशल खुश होकर अपनी मा की तरफ घूमता है. और बोलता है -
कुशल -" मोम, चाहे जो भी बात है लेकिन एक बात कहु... चलो कही देता हू. आज मैने अपनी वर्जिनिटी खो दी. आज मैं कुँवारा नही रहा." कुशल सॅड स्टाइल मे अपने माथे पे हाथ मारते हुए बोलता है.
स्मृति -" तू फिर शुरू हो गया. मैने कहा ना तुझे कि मुझे ये बकवास पसंद नही है. और वैसे भी तेरा क्या भरोसा....... भूल गया वो बाते... आज मैने पार्टी मे एक लॅडीस के साथ ये किया और ये किया. फिर भी आज तक कुँवारा था तू. पता नही इतना फ्रॉड कैसे हो गया तू". स्मृति उसे वो बाते याद दिलाती है जो वो लाइयन बन कर बोलता था
कुशल -" मोम, चाटिंग मे ऐसा तो चलता ही है. लेकिन सच मे आज तक मैने किसी के साथ ..... नही किया था. आज पहली बार ऐसा हुआ."
स्मृति -" तुझे ये फार्म हाउस किसने बताया था?"
कुशल -" मेरा एक फ्रेंड है. उसका नाम सन्नी है, उसने बताया था यहाँ के बारे मे....."
स्मृति -" तो क्या तूने उसे ये भी बता दिया कि तू आज यहाँ किसके साथ आ रहा है....?"
कुशल -" मोम आप तो मुझे बिल्कुल पागल समझती है. भला ये बाते भी बताने की होती है, ऐसा तो कभी कोई नही बता सकता...."
स्मृति -" इससे पहले भी यहाँ किसी के साथ आया है तू.?" स्मृति कार चलाते हुए ये सारी बाते कर रही थी.
कुशल -" मोम मैने कहा ना कि आज पहली बार आया हू यहाँ. आप कहेंगी तो दोबारा भी आ जाउन्गा.... हाहहहाहा..."
स्मृति उसकी तरफ गुस्से भरी निगाहो से देखती है और ये देख कर कुशल की हँसी फिर से बंद हो जाती है.
थोड़ी देर बाद कुशल फिर से बात करना शुरू करता है-
" मोम एक बात पुच्छू ...." कुशल बोलता है
" हाँ बोल...." स्मृति का बिहेवियर इस बार थोड़ा पोलाइट था
" क्या आपको मेरे साथ...... यानी जो हमारे बीच हुआ अगर हम उस मे रीलेशन शिप को भूल जाए तो क्या आपको अच्छा नही लगा.... प्लीज़ प्लीज़ गुस्सा मत होना. ये एक सिंपल सवाल है" कुशल अपनी मा से पुछ्ता है.