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Guest
इधर प्रीति भी अपनी चरम सीमा पे थी. उसके भी दिल मे पता नही क्या चल रहा था लेकिन हॅपी बहुत थी वो. उसने भी अपने रूम मे घुसते ही सारे कपड़े उतार कर फेंक दिए. बाथरूम मे जाती है और फ्रेश होती है. अपनी चूत को उसने पहले ही क्लीन किया हुआ था और वो एक वर्जिन चूत थी. एक दम मस्त..... खुशी के मारे जैसे उसकी छाती और भी बाहर आ गयी थी. एक अच्छी सी खुसबु वाला पर्फ्यूम लगाती है और एक मस्त लिप ग्लॉस. उसके होंठो मे एक अलग शाइनिंग आ जाती है. वो ब्रा पहन ने ही वाली थी कि पता नही क्या सोच कर वो अपनी ब्रा को साइड मे फेंक देती है. एक बहुत ही ट्रॅन्स्परेंट टी- शर्ट पहनती है, जो कि उसके शोल्डर्स तक थी. और नीचे एक शॉर्ट पहनती है.
आराधना के दिल मे कोई एग्ज़ाइट्मेंट नही था. वो तो अपने रूम मे पड़े पड़े रो रही थी. ऐसे ही करीबन रात के 10 बज चुके थे. स्मृति ने भी कोई सफाई वग़ैरा नही की क्यूंकी कुच्छ परिवार मे किसी मर्द के बाहर जाने बाद उस ईव्निंग सफाई नही करते. वो भी फ्रेश हो चुकी थी. वो उसी सोफे पे बैठी हुई थी जिस पर अक्सर पंकज बैठा रहता था. उसने एक बहुत ही थिन मेटीरियल की रेड कलर की नाइटी पहनी हुई थी, बाल खुले हुए थे और सबसे खास बात ये कि उसके कपड़ो मे भी ब्रा का अहसास नही था.
स्मृति के हाथ मे एक विस्की का पेग था औट वो बहुत ही मस्त स्टाइल मे बैठी हुई पता नही क्या सोच रही थी. शायद उसे अपने हज़्बेंड की याद आ रही थी. लेकिन कभी उसने खुले आम ऐसी नाइटी नही पहनी थी जैसी आज पहनी हुई थी. घर मे अक्सर वो पूरे कपड़े पहन कर ही रहती थी.
सिर्फ़ एक इंसान के जाने से सभी के दिमाग़ मे पता नही क्या क्या चलने लगा था. सभी फॅमिली मेंबर्ज़ के दिल मे अलग अलग प्लान थे लेकिन क्या थे ये किसी को नही पता.
कुशल एक स्लीव्ले टी- शर्ट आंड जीन्स शॉर्ट मे बाहर आता है. वो पहले नीचे जाने की सोचता है लेकिन पता नही क्या सोच कर प्रीति के रूम की तरफ चल देता है.
कुशल जैसे ही गेट पर पहुँचता है तो दोनो एक दूसरे को देख कर शॉक्ड रह जाते है. दोनो ही काफ़ी सेक्सी लग रहे थे, प्रीति के तो बूब्स जैसे झलक दिखला रहे थे.
कुशल -" आज क्या तेरा बॉय फ्रेंड आ रहा है जो इतनी बिजलिया गिरा रही है?". कुशल उसे छेड़ने वाले अंदाज़ मे बोलता है
प्रीति -" मुझे बॉय फ्रेंड का शोक नही है....." प्रीति स्टाइल मे बोलती है
कुशल -( बहुत लो वाय्स मे)-" बॉय फ्रेंड का नही बस लंड का शोक है....."
प्रीति -" क्या कहा तूने अभी....."
कुशल -" मैने...... मैं तो पुच्छ रहा था कि सच बता कि अगर डॅड चले गये है. कहीं मज़ाक तो नही कर रही."
प्रीति -" तू क्या मेरा जीजा लगता है जो तुझसे मज़ाक करूँगी.... डॅड चले गये और उन्होने तुझे बोलने को बोला तो तुझे बता दिया......"
कुशल -" अच्छा बोल ना कि आज कहाँ जा रही है. बहुत ही गजब लग रही है."
प्रीति -" गजब तो मैं हमेशा ही लगती हू...." और वो स्टाइल मे एक वॉटर बॉटल उठाती है.
कुशल -" आज कल अंडर गारमेंट्स पहन ने छोड़ दिए है?"
प्रीति -" मुझे गर्मी बहुत लगती है................." और इसके बाद प्रीति ने वो किया जो कुशल ने सोचा भी नही था. वो उस वॉटर बॉटल से पानी अपनी टी- शर्ट पे गिरा लेती है. उफ्फ ये क्या हो रहा था. प्रीति के टॉप पे पानी गिरते ही वो कुच्छ ऐसी दिख रही थी. ये एक ऐसा सीन था कि कोई सेक्सीयेस्ट से सेक्सीयेस्ट हेरोयिन भी प्रीति से शरमा जाए......
कुशल का लंड फिर से ऐसा हो गया जैसे गरम लोहा. कुशल को कुच्छ समझ नही आ रहा था, और प्रीति तो उसे ऐसे देख रही थी की जैसे कब से प्यासी है.
दोस्तो ऐसा लगता है कि इन 15 दिनो मे खूब धमा चौकड़ी होने वाली है ................................................
आराधना के दिल मे कोई एग्ज़ाइट्मेंट नही था. वो तो अपने रूम मे पड़े पड़े रो रही थी. ऐसे ही करीबन रात के 10 बज चुके थे. स्मृति ने भी कोई सफाई वग़ैरा नही की क्यूंकी कुच्छ परिवार मे किसी मर्द के बाहर जाने बाद उस ईव्निंग सफाई नही करते. वो भी फ्रेश हो चुकी थी. वो उसी सोफे पे बैठी हुई थी जिस पर अक्सर पंकज बैठा रहता था. उसने एक बहुत ही थिन मेटीरियल की रेड कलर की नाइटी पहनी हुई थी, बाल खुले हुए थे और सबसे खास बात ये कि उसके कपड़ो मे भी ब्रा का अहसास नही था.
स्मृति के हाथ मे एक विस्की का पेग था औट वो बहुत ही मस्त स्टाइल मे बैठी हुई पता नही क्या सोच रही थी. शायद उसे अपने हज़्बेंड की याद आ रही थी. लेकिन कभी उसने खुले आम ऐसी नाइटी नही पहनी थी जैसी आज पहनी हुई थी. घर मे अक्सर वो पूरे कपड़े पहन कर ही रहती थी.
सिर्फ़ एक इंसान के जाने से सभी के दिमाग़ मे पता नही क्या क्या चलने लगा था. सभी फॅमिली मेंबर्ज़ के दिल मे अलग अलग प्लान थे लेकिन क्या थे ये किसी को नही पता.
कुशल एक स्लीव्ले टी- शर्ट आंड जीन्स शॉर्ट मे बाहर आता है. वो पहले नीचे जाने की सोचता है लेकिन पता नही क्या सोच कर प्रीति के रूम की तरफ चल देता है.
कुशल जैसे ही गेट पर पहुँचता है तो दोनो एक दूसरे को देख कर शॉक्ड रह जाते है. दोनो ही काफ़ी सेक्सी लग रहे थे, प्रीति के तो बूब्स जैसे झलक दिखला रहे थे.
कुशल -" आज क्या तेरा बॉय फ्रेंड आ रहा है जो इतनी बिजलिया गिरा रही है?". कुशल उसे छेड़ने वाले अंदाज़ मे बोलता है
प्रीति -" मुझे बॉय फ्रेंड का शोक नही है....." प्रीति स्टाइल मे बोलती है
कुशल -( बहुत लो वाय्स मे)-" बॉय फ्रेंड का नही बस लंड का शोक है....."
प्रीति -" क्या कहा तूने अभी....."
कुशल -" मैने...... मैं तो पुच्छ रहा था कि सच बता कि अगर डॅड चले गये है. कहीं मज़ाक तो नही कर रही."
प्रीति -" तू क्या मेरा जीजा लगता है जो तुझसे मज़ाक करूँगी.... डॅड चले गये और उन्होने तुझे बोलने को बोला तो तुझे बता दिया......"
कुशल -" अच्छा बोल ना कि आज कहाँ जा रही है. बहुत ही गजब लग रही है."
प्रीति -" गजब तो मैं हमेशा ही लगती हू...." और वो स्टाइल मे एक वॉटर बॉटल उठाती है.
कुशल -" आज कल अंडर गारमेंट्स पहन ने छोड़ दिए है?"
प्रीति -" मुझे गर्मी बहुत लगती है................." और इसके बाद प्रीति ने वो किया जो कुशल ने सोचा भी नही था. वो उस वॉटर बॉटल से पानी अपनी टी- शर्ट पे गिरा लेती है. उफ्फ ये क्या हो रहा था. प्रीति के टॉप पे पानी गिरते ही वो कुच्छ ऐसी दिख रही थी. ये एक ऐसा सीन था कि कोई सेक्सीयेस्ट से सेक्सीयेस्ट हेरोयिन भी प्रीति से शरमा जाए......
कुशल का लंड फिर से ऐसा हो गया जैसे गरम लोहा. कुशल को कुच्छ समझ नही आ रहा था, और प्रीति तो उसे ऐसे देख रही थी की जैसे कब से प्यासी है.
दोस्तो ऐसा लगता है कि इन 15 दिनो मे खूब धमा चौकड़ी होने वाली है ................................................