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फॅमिली में मोहब्बत और सेक्स

फॅमिली में मोहब्बत और सेक्स --30

कुशल फिर से के बार कन्फ्यूज़ था कि कभी स्मृति उसे घास नही डालती जब वो उसे चोदता है और कभी उसके एक इशारे पर अपनी ब्रा की स्ट्रिपेस खोल कर अपने हेवी बूब्स के दर्शन के करा देती है. कुशल वाकई मे नही समझ पा रहा था कि स्मृति के माइंड मे चल क्या रहा था.

एक्स सेक्सी कॅट वॉक स्टाइल मे स्मृति स्विम्मिंग पूल की तरफ बढ़ती है लेकिन उसकी नज़रे बस कुशल पर ही थी. कुशल स्विम्मिंग पूल से थोड़ी दूरी पर एक चेर लेकर बैठ जाता है. स्मृति का गथीला बदन उसकी नज़रो के सामने ही था. स्मृति धीरे धीरे पूल मे उतरने लगती है, उस स्विम्मिंग पूल मे और भी लॅडीस थी लेकिन शायद कोई स्मृति के आस पास भी नही थी बॉडी की तुलना मे. स्मृति का आधा बदन पानी मे जा चुका था लेकिन अभी भी उसकी नज़रे कुशल पे ही थी. कुशल अभी नया नया जवान हुआ था, ऐसी मादकता वो हॅंडल नही कर पा रहा था, उसे खुद भी समझ नही आ रहा था कि आख़िर उसकी बॉडी मे ये क्या उथल पुथल हो रही है. स्मृति की शार्प आइज़ जैसे X रे कर रही थी कुशल का, दोनो की निगाहे बस एक दूसरे पर ही थी.

कुशल का टेंट तन चुका था. उसकी जीन्स मे कोई भी देख कर अंदाज़ा लगा सकता था कि अंदर कुच्छ मचल रहा है. स्मृति ये देख कर एक स्माइल देती है और अपने आप को स्विम्मिंग पूल की गहराइयो मे ले जाकर स्विम्मिंग करने लगती है.

कुशल को समझ नही आ रहा था कि कैसे वो अपने जवान लंड को शांत करे. उसने इधर उधर देखा तो काफ़ी लॅडीस थी. वो समझ गया कि यहाँ माहौल सही नही है तो वो बाहर जाने लगता है. उठ कर जब वो चलता है तो स्मृति की आवाज़ उसे चौंका देती है.

" कुशल.... कुशल...... कहाँ जा रहा है......."

कुशल पीछे मूड कर देखता है तो स्मृति स्विम्मिंग पूल की बाउंड्रीस पर अपने बूब्स टिका कर उससे पुछ रही थी. ऊफ्फ उसके बूब्स तो जैसे पागल ही कर देते है कुशल को....

कुशल अपनी एक फिंगर का इशारा करता है जिसमे वो ये कहना चाह रहा था कि वो पेशाब करने जा रहा है. स्मृति ये देख कर हँसने लगती है और फिर से स्विम्मिंग करने लगती है.

कुशल बाहर आकर पार्किंग मे जाता है और अपनी कार के करीब आ जाता है. वो इधर उधर देखता है और अपनी कार के गेट को खोल कर अंदर चला जाता है. वो अपनी जीन्स के बटन को ऐसे खोलता है जैसे पता नही कितना उतावला हो रहा हो. जीन्स का बटन खोला, ज़िप ओपन करी, फ्रेंची मे हाथ डाला और लंड बाहर. ओह..... उसने राहत की साँस ली, उसका लंड ऐसे हो रहा था जैसे कोई हाइ केपॅसिटी इंजेक्षन.

वो अपने लंड पर हाथ फिराता है और ख्यालो मे खो जाता है कि क्या ये इतना लकी है कि स्मृति जैसी सेक्सी लेडी को वो फक कर चुका है. उसके एग्ज़ाइट्मेंट की अब कोई सीमा नही थी, लंड सेकेंड बाइ सेकेंड फूलता जा रहा था. कुशल की आँखे बंद हो चुकी थी.

वो अपने लंड की उपरी खाल को उपर नीचे करके मास्टरबेट करने लगता है. वो अपने हाथ को इतनी पवर से आगे पीछे कर रहा था कि कार भी हिल रही थी. स्मृति की सेक्सी आइज़, जुवैसी लिप्स, क्रीमी चीक्स, मोटे मोटे बूब्स, चिकनी कमर, पतला पेट, फूली हुई पुसी और मस्त गान्ड उसे पागल कर रही थी.

" आअहह...... ओह..... आइ...... लव...... यू...... मोम......." वो अपने आप से ही बाते करके एग्ज़ाइटेड होता जा रहा था. लंड ऐसा रूप ले चुका था जैसे कोई मिज़ाइल हो और कुशल उसके मंथन मे पूरे दिलो जान से लगा हुआ था.
 
स्मृति भी स्विम्मिंग मे लगी हुई थी. उसकी स्विम्मिंग स्टाइल से तो यही लग रहा था कि वो एक अच्छी स्विम्मर है. ईवन बाकी लॅडीस भी स्मृति को देख रही थी, यंग गर्ल्स भी. इस फिटनेस क्लब मे स्मृति का फिरट इंप्रेशन काफ़ी पॉज़िटिव रहा था अभी तक तो. थोड़ी देर के बाद वो स्विम्मिंग पूल से बाहर आती है और अपने बिकिनी टॉप को पीछे से टाइ करती है. वो और भी वॉर्म अप एक्सर्साइज़ कंटिन्यू करना चाहती थी लेकिन उससे पहले उसने कुशल को फोन करने का प्लान बनाया क्यूंकी वो पेशाब करने की बोल कर गया और काफ़ी देर होने के बाद भी वो लौट कर नही आया.

स्मृति फिर अपने पर्स से मोबाइल निकाल कर कुशल को फोन मिलाती है. लेकिन कुशल को इधर कहाँ सुनाई दे रही थी मोबाइल की बेल, वो तो अपने लंड को पकड़ कर अपने ख्यालो की दुनिया मे खोया हुआ था.

स्मृति उसे दो बार फोन मिलाती है लेकिन वो पिक नही करता. आख़िर स्मृति एक मा थी तो उसके अंदर चिंता जाग जाती है. वो तुरंत कपड़े पहनती है और बाहर जाने का प्लान बनाती है. लकिन वो भीगे हुए कपड़ो पे ही टॉप पहन लेती है मीन भीगे हुए बिकिनी टॉप और पैंटी को चेंज नही करती है. क्यूंकी उसमे टाइम ही वेस्ट ही होना था.

चेक आउट रिजिस्टर पे साइन करके वो फिटनेस क्लब से बाहर आती है. और पार्किंग की तरफ चल देती है, जैसे उसके अंदर के कपड़े गीले थे तो वो भी थोड़ा तेज स्पीड मे चल रही थी क्यूंकी उसके अंदर के कपड़ो की शेप उसके उपरी कपड़ो पे आ रही थी.

थोड़ी ही दूरी पे उसे अपनी कार दिख जाती है. पार्किंग एरिया काफ़ी बड़ा था तो आस पास और कोई कार थी भी नही थी.

" आज समझाती हू इसे....." स्मृति भी गुस्से मे कार की तरफ बढ़ती है.

तेज स्पीड से स्मृति आगे बढ़ती है और कार का गेट खोलती है.....

" ओह्ह्ह्ह.....नो......नो........मोम.....आप इतनी........." कुशल के तो पाँव तले से जैसे ज़मीन खिसक जाती है. वो अपने मास्टरबेशन की फाइनल स्टेज पे था लेकिन स्मृति उससे पहले ही आ गयी थी. वो अपने लंड को फिर अपनी जीन्स मे छुपाने की कोशिश करता है लेकिन सेम इश्यू कि उस लंड को प्यार से तो जीन्स मे छुपाया जा सकता था लेकिन खड़े हुए हालत मे नही.

" ओह नो!!! अगेन......" और ये बोलकर वो अपने मूँह को दूसरी तरफ फिरा लेती है.

थोड़ी देर के लिए बिल्कुल साइलेन्स था. कुशल अपने लंड को जीन्स मे अंदर करने मे लगा हुआ था.

" क्या कर रहा है अभी तक.... " स्मृति दूसरी तरफ रहते हुए ही चिल्ला कर पूछती है.

" मोम... एक मिनिट...... हाँ अब आप आ सकती हो...." कुशल अपने लंड को अंदर कर चुका था और जीन्स की ज़िप बंद कर रहा था.

स्मृति अपने आप को फिर से कार की तरफ घुमाती है और कार का गेट खोल कर अपना बॅग कार की बॅक सीट पर फेंकते हुए कार मे बैठ जाती है. इतनी देर मे कुशल अपनी ज़िप भी बंद कर लेता है.

अब दोनो कार मे ही है. लेकिन दोनो के बीच साइलेन्स है. कुशल स्मृति की तरफ और स्मृति कार से बाहर की तरफ देख रही थी. कुच्छ सेकेंड जब कोई रेस्पॉन्स नही आता तो कुशल स्मृति से पुछ्ता है.

" मोम..... कहाँ घर चले.......?".

स्मृति -" नही तो क्या मुझे होटेल लेकर जाएगा.....". स्मृति अपने सनग्लास को लगाते हुए फिर से चिल्ला कर बोलती है

कुशल कार मे गियर डालता है और धीरे धीरे आगे बढ़ जाता है.

" मोम... काफ़ी जल्दी आपने स्विम्मिंग ख़तम करदी.... मुझे लगा कि आपको टाइम लगेगा...." कुशल बड़े प्यार से अपनी मोम से पुछ्ता है

स्मृति -" इसीलिए तू यहाँ आकर इसे हिलाने मे लगा हुआ था......." स्मृति उसकी आँखो मे आँखे डालकर पूछती है

कुशल -" मोम वो.... मुझे लगा कि आपको टाइम......"
 
इससे पहले कि कुशल की बात ख़तम होती कि स्मृति बीच मे ही बोल पड़ती है-

" तू मुझे एक बात बता. तेरी अंदर इतनी आग क्यूँ लगी हुई है. रात को ही तूने किया था और अब फिर से इसे हिलाने लगा.... ऐसी क्या मजबूरी आ गयी थी..."

कुशल -" मोम... वो.... वो.... आपके बूब्स की झलक से मैं पागल सा हो गया और रहा नही गया......"

स्मृति को उसकी ये बात सुनकर थोड़ी सी हँसी आ जाती है लेकिन अपने आप पर कंट्रोल करती है.

" देख कुशल... तेरे लिए अब मैं बुर्क़ा पहन कर तो रख नही सकती. कभी ना कभी तो नज़र पड़ ही जाती है लेकिन इसका क्या मतलब कि तू हमेशा ऐसे ही...." स्मृति का इशारा मास्टरबेशन की तरफ था.

" मोम.... सॉरी...... पता नही ऐसे क्यूँ होता है. अरे मोम आपके तो कपड़ो से पानी टपक रहा है..." कुशल का ध्यान फिर से स्मृति के टॉप पर जाता है.

स्मृति -" जब तूने फोन नही उठाया तो मुझे टेन्षन हो गयी और मैने गीली बिकिनी के उपर ही कपड़े पहन लिए..."

कुशल -" क्या आप मुझे इतना प्यार करती है....."

स्मृति -" गाड़ी चलाने पर ध्यान दे....." स्मृति मुस्कुराते हुए कहती है.

कुशल -" लेकिन मोम गीले कपड़े से तो आपको स्किन मे आलर्जी हो सकती है." कुशल थोड़ा सीरीयस होते हुए बोलता है.

स्मृति -" यही मैं सोच रही हू कि और वैसे भी अब थोड़ा अनकंफर्टबल लग रहा है...."

कुशल -" मोम..... अगर आप चाहे तो बॅक सीट पे जाकर अपने कपड़े चेंज कर सकती है. रोड पे ट्रॅफिक भी कम है."

स्मृति -" रोड के ट्रॅफिक से नही मुझे परेशानी इस कार के ट्रॅफिक से है...."

कुशल -" मोम, आप टेन्षन ना ले. मैं परेशान नही करूँगा... मैं नही चाहता कि मेरी मोम को कोई परेशानी हो...." कुशल फिर से सीरीयस होते हुए बोलता है

स्मृति को उसकी ये बात सुनकर कुशल पर बड़ा प्यार आता है और वो उसके गालो को किस करने के लिए थोड़ा सा आगे बढ़ती है कि तभी इतिफाक से कुशल अपना मूँह स्मृति की तरफ घुमा देता है और ----- पुचह......

दोनो के बीच लिप किस हो जाती है...... स्मृति के गीले होठ फिर से कुशल के मूँह मे आ जाते है और कुशल भी सेकेंड्स मे उनका रस चूस लेता है. स्मृति उसको एक धक्का दे कर अलग हो जाती है....

" आहह... ईडियट ड्राइविंग पर ध्यान दे......" स्मृति अपने होंठो को सॉफ करते हुए कहती है

कुशल -" मोम आप ही तो मुझे किस करने के लिए आगे बढ़ी..."

स्मृति -" बेवकूफ़ मैं तो गाल पे किस करना चाहती थी. लेकिन बाते ना बना अब...."

कुशल -" लेकिन मोम सच मे... आप कपड़े चेंज कर लीजिए नही तो मेरा ध्यान भंग हो रहा है. कुशल अपनी मा के बूब्स को घूरते हुए बोलता है. जो कि बिकिनी गीली होने की वजह से सॉफ दिखाई देने लगे थे
 
स्मृति की निगाहे कुशल की जीन्स की तरफ जाती है और उसे भी अहसास हो जाता है कि कुशल की जीन्स की ज़िप हिस्सा फूल रहा है. वो अपनी नज़रे हटाती है और बोलती है

" ठीक है गाड़ी साइड मे लगा और मुझे बॅक सीट पर जाने दे....." ये सुनते ही कुशल साइड मे कार लो रोक देता है

स्मृति कार का गेट खोल कर उतरती है और पीछे वाले गेट से अंदर हो जाती है. " चल अब मैं कपड़े बदल रही हू, रोड तो लगभग खाली है तो कार चलाता रह और बॅक मिरर मे देखने की ज़रूरत नही है......"

कुशल फिर से गियर डालता है और आगे बढ़ जाता है. स्मृति सबसे पहले अपना टॉप उतारती है....... और उतार कर आगे वाली सीट पे फेंक देती है यानी कुशल की साइड वाली सीट पे.....

अब वो बस बिकिनी मे थी...... कुशल की हिम्मत नही हो रही थी कि वो पीछे देखे लेकिन साइड मे पड़े हुए टॉप को देख कर वो आइडिया लगा लेता है कि स्मृति अब किन हालत मे है.

स्मृति अपने बॅग से ब्रा निकालती है और और अपनी बिकिनी ब्रा को अपने से अलग कर देती है. अब उसके बूब्स बिल्कुल नंगे थे.... वो अपनी बिकिनी ब्रा को उतार कर फिर से आगे की तरफ फेंक देती है. कुशल उसे देखता है और फिर से एक और झटका. अब कुशल को पता था कि स्मृति पीछे बिना ब्रा के है लेकिन अभी भी गाड़ी चलाने मे बिज़ी था.

स्मृति अपनी दूसरी ब्रा पहन ना चाह रही थी लेकिन पता नही क्यू उसका हुक नही लगा पा रही थी. कुशल अपने सब्र के इम्तिहान मे फैल होता है और मिरर मे झाँक कर देख ही लेता है. उफफफफ्फ़.....क्या सीन था. स्मृति अपनी पीठ पर हाथ ले जाकर अपनी ब्रा के हुक को बंद करना चाह रही थी लेकिन शायद कोई परेशानी थी. उसके आधे से ज़्यादा बूब्स बाहर की तरफ झाँक रहे थे.....

" हेल्प चाहिए मोम......." कुशल मिरर मे देखते हुए बोलता है.

स्मृति अपनी निगाहे उठती है -" नो थॅंक्स....... तू बस आगे ध्यान दे......" और फिर वो और भी ज़्यादा ताक़त के साथ हुक लगाती है. फाइनली सक्सेस मिल ही जाती है उसे

अब स्मृति टॉप पहनती है और एक चैन की साँस लेती है. " तुझे मना किया था ना कि मिरर मे नही देखना है.... एक बार मे बात समझ नही आती है तुझे....." स्मृति अपने बालो को कोंब करते हुए बोलती है

" मोम... मैं तो पीछे ट्रॅफिक देख रहा था कि आप दिख गयी ....." कुशल भी मासूमियत के साथ बोलता है

"मैं इस कार को दो थप्पड़ लगाउन्गि कहीं तुझे ना लग जाए....." स्मृति हंसते हुए बोलती है. वो दोनो अब घर पहुँच गये थे.

 
घर के अंदर -

आराधना की पॅकिंग प्रीति करा चुकी थी. काफ़ी काफ़ी मॉडर्न क्लोदिंग रखी थी उसने.

" दीदी आपने तो कुच्छ ज़्यादा ही एक्सपोसिंग क्लॉत रखे है....." प्रीति आराधना से बोलती है

आराधना -" आज कल फॅशन का मतलब ही एक्सपोज़ है. और ये तू बोल रही है जो खुद कम कपड़े पहनती है."

प्रीति -" हा हा हा हा. ग्रेट पॉइंट, लेकिन आप पहन कर क्या जाओगी?...." आराधना अपने बेड पर रखा हुआ सूट दिखाती है, ये एक येल्लो कलर का टाइट फिट स्लीव्ले सूट था.

" वाउ दीदी ये तो बड़ा प्यारा है." प्रीति उस सूट की तरफ देखते हुए बोलती है

" हाँ वो तो है और वैसे भी मैने एक भी बार नही पहना है...." आराधना भी हॅपी होते हुए बोलती है

" लेकिन दीदी आप सेक्सी क्लोद्स लेकर जा रही हो और पहन कर ये सूट जा रही हो ऐसा क्यू......" प्रीति उससे क्वेस्चन पूछती है.

" पागल, सेक्सी कपड़े तो मुझे फॅशन लाइन की वजह से पहन ने पड़ेंगे लेकिन मेरी पसंद तो ये नॉर्मल सूट सलवार ही है....." आराधना ने ये बात इसलिए बोली ताकि प्रीति को कोई शक ना हो.

" क्यूँ दीदी..... कहीं ये ट्रिप किसी बॉय फ्रेंड के साथ तो नही है.........?" प्रीति बड़े ही नॉटी अंदाज मे आराधना से पूछती है.

" चल नालयक. कुच्छ भी बोलती है, मेरा कोई बॉय फ्रेंड नही है. और ना मुझे शोक है.............." आराधना भी बहुत मासूम बनते हुए बोलती है.

इतने मे कुशल स्मृति को नीचे ड्रॉप कर के उपर आ जाता है. वो अपने रूम की तरफ जाते हुए देखता है कि प्रीति और आराधना पॅकिंग कर रहे है. वो आराधना के रूम मे जाता है.

" दीदी...... कहाँ की तैयारी चल रही है...." कुशल साइड मे रखे आपल मे से एक आपल उठाते हुए बोलता है.

" कुच्छ नही कुशल.... कॉलेज की तरफ से देल्ही जा रही हू 10 दिन के लिए....."

" दीदी ये तो ग्रेट न्यूज़ है....." कुशल एग्ज़ाइटेड होते हुए बोलता है.

" ये वाकई मे ग्रेट न्यूज़ है......" प्रीति भी कुशल की तरफ देखते हुए बोलती है लेकिन कुशल कोई रिप्लाइ नही करता.

" क्या तुम दोनो के झगड़े कभी ख़तम नही होते. चलो अब मेरी पॅकिंग ख़तम हो चुकी है और मुझे तैयार होने दो".... आराधना दोनो से रिक्वेस्ट करती है.

" तो हो जाइए तैयार.... हम क्या मना कर रहे है आपको......" कुशल समझ नही पाया था कि आख़िर आराधना क्यू बोल रही है.

कुशल की बात सुन कर प्रीति को हँसी आ जाती है.
 
" कुशल.... मैं एक लड़की हू. और लड़की का तैयार होना थोड़ा अलग होता है तो तू अपने रूम मे जा." आराधना फिर से समझाती है उसे

" थॅंक यू दीदी..... मुझे ये बताने के लिए कि आप लड़की हो. मैं तो बचपन से आपको लड़का ही समझता था...... हा हा हा हा हा हा....." स्मृति की तरफ से मिले थोड़े से पॉज़िटिव रेस्पॉन्स की वजह से आज कुशल थोड़ा हॅपी था.

कुशल की बात सुन कर प्रीति को फिर से हँसी आ जाती है.

" तुझे लड़का कहाँ से दिखाई देने लगी मैं......" आराधना बनावटी गुस्से मे पूछती है

कुशल अपनी निगाहे उपर से नीचे तक ले जाता है और आराधना के बूब्स पर रोक देता है.

" नही दीदी... अब तो आप लड़की ही लगती हो...." कुशल फिर से आराधना की बूब्स की तरफ देखते हुए बोलता है.

आराधना कुशल की तरफ भागती है उसे मारने के लिए लेकिन कुशल अपने रूम से भाग जाता है. लेकिन आराधना ने इस मज़ाक को ज़्यादा सीरीयस नही लिया.

अब फिर से रूम मे बस आराधना और प्रीति थे.

" ये तो वाकई मे बड़ा बदतमीज़ हो गया है...." आराधना ने हंसते हुए कहा. और अपने सूट को उठाते हुए वॉशरूम मे जाने लगती है

" दीदी वैसे कह तो सच ही रहा था. पहले तो आपने अपने आपको एक लड़की की तरह दिखाया ही नही. अभी बस कुच्छ दिनो से ही आपने अपने अंदर की लड़की को बाहर निकाला है ...." प्रीति आराधना से बोलती है

" अब तू भी शुरू हो गयी... चल भाग यहाँ से और मुझे नहाने दे...". आराधना भी अच्छे मूड मे थी क्यूंकी वो आज देल्ही जा रही थी.

प्रीति रूम से बाहर आ जाती है. और आराधना अपने बाथरूम मे घुस जाती है. प्रीति बाहर आकर देखती है कि कुशल अभी भी गॅलरी मे ही खड़ा हुआ है. वो उसके पास जाकर खड़ी हो जाती है. वो गाने गुन गुना रही थी, ऐसा लग रहा था कि बहुत हॅपी है.

" बड़ी चहक रही है क्या बात है..." कुशल प्रीति की तरफ देखते हुए बोलता है.

प्रीति ने भी आज एक डीप नेक टीशर्ट पहनी हुई थी. बड़े ही अंदाज़ मे हिलते हिलते अपने आपको थोड़ा सा नीचे झुकते हुए वो बोलती है

" नही वो आराधना दीदी जा रहीं है ना....." वो क्यूट और सेक्सी दोनो का पर्फेक्ट मिक्स्चर लग रही थी.

" तो तू इतना खुश क्यू हो रही है...." कुशल दूसरी तरफ मूँह रखते हुए ऐसे ही बोलता है.

प्रीति अब और भी ज़्यादा हिल डुल रही थी " नही अब तो बस तू और मैं ही रह जाएँगे ना यहाँ पर....." प्रीति बहुत ही रोमॅंटिक अंदाज़ मे बोलती है.

" क्यू मोम नही हैं यहाँ पर, जो ये बोल रही है कि बस तू और मैं रह जाएँगे यहाँ पर......" कुशल फिर से गुस्से मे देखते हुए बोलता है

" डफर मेरा मीनिंग है फर्स्ट फ्लोर पे.........." प्रीति सीरीयस होते हुए बोलती है.
 
Kushal phir se ke bar confuse tha ki kabhi Smriti use ghas nahi dalti jab wo use chodta hai aur kabhi uske ek ishare par apni bra ki stripes khol kar apne heavy boobs ke darshan ke kara deti hai. Kushal wakai me nahi samjh pa raha tha ki Smriti ke mind me chal kya raha tha.

Ex sexy cat walk style me Smriti swimming pool ki taraf badhti hai lakin uski najre bas Kushal par hi thi. Kushal swimming pool se thodi doori par ek chair lekar beth jaata hai. Smriti ka gatheela badan uski najro ke saamne hi tha. Smriti dheere dheere pool me utarne lagti hai, us swimming pool me aur bhi ladies thi lakin shayad koi Smriti ke aas paas bhi nahi thi body ki tulna me. Smriti ka aadha badan pani me ja chuka tha lakin abhi bhi uski najre Kushal pe hi thi. Kushal abhi naya naya jawan hua tha, aisi madakta wo handle nahi kar pa raha tha, use khud bhi samjh nahi aa raha tha ki aakhir uski body me ye kya uthal puthal ho rahi hai. Smriti ki sharp eyes jaise X ray kar rahi thi Kushal ka, dono ki nigaahe bas ek dusre par hi thi.

Kushal ka tent tan chuka tha. Uski jeans me koi bhi dekh kar andaza laga sakta tha ki ander kuchh machal raha hai. Smriti ye dekh kar ek smile deti hai aur apne aap ko swimming pool ki gahraiyo me le jakar swimming karne lagti hai.

Kushal ko samjh nahi aa raha tha ki kaise wo apne jawan lund ko shant kare. Usne idhar udhar dekha to kafi ladies thi. Wo samjh gaya ki yahan mahaul sahi nahi hai to wo bahar jaane lagta hai. Uth kar jab wo chalta hai to Smriti ki aawaj use chonka deti hai.

" Kushal.... kushal...... Kahan ja raha hai......."

Kushal peeche mud kar dekhta hai to smriti swimming pool ki boundaries par apne boobs tika kar usse puchh rahi thi. Uff uske boobs to jaise pagal hi kar dete hai Kushal ko....

Kushal apni ek finger ka ishara karta hai jisme wo ye kahna chah raha tha ki wo peshab karne ja raha hai. Smriti ye dekh kar hansne lagti hai aur phir se swimming karne lagti hai.

Kushal bahar aakar parking me jaata hai aur apni car ke kareeb aa jata hai. Wo idhar udhar dekhta hai aur apni car ke gate ko khol kar ander chala jata hai. Wo apni jeans ke button ko aise kholta hai jaise pata nahi kitna utawla ho raha ho. Jeans ka button khola, zip open kari, frenchie me hath daala aur lund bahar. Ohhhhh..... Usne rahat ki saans li, uska lund aise ho raha tha jaise koi high capacity injection.

Wo apne lund par hath phirata hai aur khyalo me kho jaata hai ki kya ye itna lucky hai ki Smriti jaise sexy lady ko wo fuck kar chuka hai. Uske excitement ki ab koi seema nahi thi, lund second by second foolta ja raha tha. Kushal ki aankhe band ho chuki thi.

Wo apne lund ki upari khal ko upar neeche karke masturbate karne lagta hai. Wo apne hath ko itni power se aage peeche kar raha tha ki car bhi hil rahi thi. Smriti ki sexy eyes, juicy lips, creamy cheeks, mote mote boobs, chikni kamar, patla pet, fooli hui pussy aur mast gaand use pagal kar rahi thi.

" Aaahhhhhh...... Ohhhhhhh..... I...... Love...... U...... Mom......." wo apne aap se hi baate karke excited hota ja raha tha. Lund aisa roop le chuka tha jaise koi missile ho aur kushal uske manthan me pure dilo jaan se laga hua tha.

Smriti bhi swimming me lagi hui thi. Uski swimming style se to yehi lag raha tha ki wo ek achhi swimmer hai. Even baki ladies bhi Smriti ko dekh rahi thi, young girls bhi. Is fitness club me Smriti ka firt impression kafi positive raha tha abhi tak to. Thodi der ke baad wo swimming pool se bahar aati hai aur apne bikini top ko peechhe se tie karti hai. Wo aur bhi warm up exercise continue karna chahti thi lakin usse pehle usne Kushal ko phone karne ka plan banaya kyunki wo peshab karne ki bol kar gaya aur kafi der hone ke baad bhi wo laut kar nahi aaya.

Smriti phir apne purse se mobile nikal kar Kushal ko phone milati hai. Lakin Kushal ko idhar kahan sunai de rahi thi mobile ki bell, wo to apne lund ko pakad kar apne khyalo ki duniya me khoya hua tha.

Smriti use do baar phone milati hai lakin wo pick nahi karta. Aakhir Smriti ek maa thi to uske ander chinta jaag jaati hai. Wo turant kapde pahanti hai aur bahar jaane ka plan banati hai. Lakin wo bheege hue kapdo pe hi top pahan leti hai mean bheege hue bikini top aur panty ko change nahi karti hai. Kyunki usme time hi waste hi hona tha.

Check out register pe sign karke wo fitness club se bahar aati hai. Aur Parking ki taraf chal deti hai, jaise uske ander ke kapde geele the to wo bhi thoda tej speed me chal rahi thi kyunki uske ander ke kapdo kis shape uske upari kapdo pe aa rahi thi.

Thodi hi doori pe use apni car dikh jaati hai. Parking area kafi bada tha to aas paas aur koi car thi bhi nahi thi.

" Aaj samjhati hu ise....." Smriti bhi gusse me car ki taraf badhti hai.

Tej speed se Smriti aage badhti hai aur car ka gate kholti hai.....

" Ohhhh.....no......no........mom.....aap itni........." Kushal ke to paanv tale se jaise jameen khisak jaati hai. Wo apne masturbation ki final stage pe tha lakin Smriti usse pehle hi aa gayi thi. Wo apne Lund ko phir apni jeans me chhupane ki koshish karta hai lakin same issue ki us lund ko pyar se to jeans me chhupaaya ja sakta tha lakin khade hue halat me nahi.

" Oh no!!! Again......" aur ye bolkar wo apne moonh ko dusri taraf phira leti hai.

Thodi der ke liye bilkul silence tha. Kushal apne lund ko jeans me ander karne me laga hua tha.

" Kya kar raha hai abhi tak.... " Smriti dusri taraf rehte hue hi chilla kar puchhti hai.

" mom... Ek minute...... Han ab aap aa sakti ho...." Kushal apne lund ko ander kar chuka tha aur jeans ki zip band kar raha tha.

Smriti apne aap ko phir se car ki taraf ghumati hai aur car ka gate khol kar apna bag car ki back seat par phenkte hue car me beth jaati hai. Itni der me Kushal apni zip bhi band kar leta hai.

Ab dono car me hi hai. Lakin dono ke beech silence hai. Kushal Smriti ki taraf aur Smriti car se bahar ki taraf dekh rahi thi. Kuchh second jab koi response nahi aata to Kushal smriti se puchhta hai.

" Mom..... Kahan ghar chale.......?".

Smriti -" Nahi to kya mujhe hotel lekar jaayega.....". Smriti apne sunglass ko lagate hue phir se chilla jar bolti hai

Kushal car me gear dalta hai aur dheere dheere aage badh jaata hai.

" Mom... Kafi jaldi aapne smimmi g khatam kardi.... Mujhe laga ki aapko time lagega...." Kushal bade pyar se apni mom se puchhta hai

Smriti -" Isiliye tu yahan aakar ise hilane me laga hua tha......." Smriti uski aankho me aankhe dalkar puchhti hai

Kushal -" Mom wo.... Mujhe laga ki aapko time......"

Isse pehle ki Kushal ki baat khatam hoti ki smriti beech me hi bol padti hai-

" Tu mujhe ek baat bata. Teri ander itni aag kyun lagi hui hai. Raat ko hi tune kiya tha aur ab phir se ise hilane laga.... Aisi kya majburi aa gayi thi..."

Kushal -" Mom... Wo.... Wo.... Aapke boobs ki jhalak se main pagal sa ho gaya aur raha nahi gaya......"

 
Smriti ko uski ye baat sunkar thodi si hansi aa jaati hai lakin apne aap oar control karti hai.

" Dekh kushal... Tere liye ab main burka pahan kar to rakh nahi sakti. Kabhi na kabhi to najar pad hi jaati hai lakin iska kya matlab ki tu hamesha aise hi...." Smriti ka ishara masturabation ki taraf tha.

" Mom.... Sorry...... Pata nahi aise kyun hota hai. Are mom aapke to kapdo se pani tapak raha hai..." Kushal ka dhyan phir se Smriti ke top par jaata hai.

Smriti -" Jab tune phone nahi uthaya to mujhe tension ho gayi aur maine geeli bikini ke upar hi kapde pahan liye..."

Kushal -" Kya aap mujhe itna pyar karti hai....."

Smriti -" Gaadi chalane par dhyan de....." Smriti muskurate hue kahti hai.

Kushal -" Lakin mom geele kapde se to aapko skin allergy so sakti hai." Kushal thoda serious hote hue bolta hai.

Smriti -" Yehi main soch rahi hu ki aur vaise bhi ab thoda uncomfortable lag raha hai...."

Kushal -" Mom..... Agar aap chahe to back seat pe jakar apne kapde change kar sakti hai. Road pe traffic bhi kam hai."

Smriti -" Road ke traffic se nahi mujhe pareshani is car ke traffic se hai...."

Kushal -" Mom, aap tension na le. Main pareshan nahi karunga... Main nahi chahta ki meri mom ko koi pareshani ho...." kushal phir se serious hote hue bolta hai

Smriti ko uski ye baat sunkar Kushal par bada pyar aata hai aur wo uske gaalo ko kiss karne ke liye thoda sa aage badhti hai ki tabhi itifaak se Kushal apna moonh Smriti ki taraf ghuma deta hai aur ----- Puchhhhhhh......

Dono ke beech lip kiss ho jaati hai...... Smriti ke geele hoth phir se kushal ke moonh me aa jate hai aur Kushal bhi seconds me unka ras chus leta hai. Smriti usko ek dhakka de kar alag ho jaati hai....

" Aahhh... Idiot driving pr dhyan de......" Smriti apne hotho ko saaf karte hue kahti hai

Kushal -" Mom aap hi to mujhe kiss karne ke liye aage badhi..."

Smriti -" bevkoof main to gaal pe kiss karna chahti thi. Lakin baate na bana ab...."

Kushal -" Lakin mom sach me... Aap kapde change kar lijiye nahi to mera dhyan bhang ho raha hai. Kushal apni maa ke boobs ko ghurte hue bolta hai. Jo ki bikini geeli hone ki vajah se saaf dikhai dene lage the

Smriti ki nigaahe Kushal ki jeans ki taraf jaati hai aur use bhi ahsaas ho jaata hai ki Kushal ki jeans ki zip hissa fool raha hai. Wo apni najre hatati hai aur bolti hai

" Thik hai gaadi side me laga aur mujhe back seat par jaane de....." Ye sunte hi kushal side me car lo rok deta hai

Smriti car ka gate khol kar utarti hai aur peeche wale gate se ander ho jaati hai. " Chal ab main kapde badal rahi hu, road to algbhag khali hai to car chalata rah aur back mirror me dekhne ki jarurat nahi hai......"

Kushal phir se gear dalta hai aur aage badh jata hai. Smriti sabse pehle apna top utari hai....... Aur utar kar aage wali seat pe phenk deti hai yani kushal ki side wali seat pe.....

Ab wo bas Bikini me thi...... Kushal ki himmat nahi ho rahi thi ki wo peeche dekhe lakin side me pade hue top ko dekh kar wo idea laga leta hai ki Smriti ab kin halat me hai.

Smriti apne bag se bra nikalti hai aur aur apni bikini bra ko apne se alag kar deti hai. Ab uske boobs bilkul nange the.... Wo apni bikini bra ko utar kar phir se aage ki taraf phenk deti hai. Kushal use dekhta hai aur phir se ek aur jhatka. Ab kushal ko pata tha ki Smriti peechhe bina bra ke hai lakin abhi bhi gaadi chalane me busy tha.

Smriti apni Dusri bra pahan na chah rahi thi lakin pata nahi kyu uska hook nahi laga pa rahi thi. Kushal apne sabra ke imtihaan me fail hota hai aur mirror me jhank kar dekh hi leta hai. Ufffff.....kya scene tha. Smriti apni peeth par hath le jakar apni bra ke hook ko band karna chah rahi thi lakin shayad koi pareshani thi. Uske aadhe se jyada boobs bahar ki taraf jhank rahe the.....

" Help chahiye mom......." Kushal mirror me dekhte hue bolta hai.

Smriti apni nigaahe uthati hai -" No thanks....... Tu bas aage dhyan de......" aur phir wo aur bhi jyada takat ke sath hook lagati hai. Finally success mil hi jaati hai use

Ab Smriti top pahanti hai aur ek chain ki saans leti hai. " Tujhe mana kiya tha na ki mirror me nahi dekhna hai.... Ek baar me bat samjh nahi aati hai tujhe....." Smriti apne baalo ko comb karte hue bolti hai

" Mom... Main to peechhe traffic dekh raha tha ki aap dikh gayi ....." Kushal bhi masumiyat ke saath bolta hai

"Main is car ko do thappad lagaungi kahin tujhe na lag jaaye....." Smriti hanste hue bolti hai. Wo dono ab ghar pahunch gaye the.

Ghar ke ander -

Aradhna ki packing Preeti kara chuki thi. Kaafi kaafi modern clothing rakhi thi usne.

" Didi aapne to kuchh jyada hi exposing cloth rakhe hai....." Preeti Aradhna se bolti hai

Aradhna -" Aaj kal fashion ka matlab hi expose hai. Aur ye tu bol rahi hai jo khud kam kapde pahanti hai."

Preeti -" ha ha ha ha. Great point, lakin aap pahan kar kya jaogi?...." Aradhna apne bed par rakha hua suit dikhati hai, ye ek yellow color ka tight fit sleeveless suit tha.

" Wow didi ye to bada pyara hai." Preeti us suit ki taraf dekhte hue bolti hai

" Han wo to hai aur vaise bhi maine ek bhi baar nahi pahna hai...." Aradhna bhi happy hote hue bolti hai

" Lakin did aap sexy clothes lekar ja rahi ho aur pahan kar ye suit ja rahi ho aisa kyu......" Preeti usse question puchhti hai.

" Pagal, sexy kapde to mujhe fashion line ki vajah se pahan ne padenge lakin meri pasand to ye normal suit salwar hi hai....." Aradhna ne ye baat isliye boli taaki Preeti ko koi shak na ho.

" Kyun didi..... Kahin ye trip kisi boy friend ke sath to nahi hai.........?" Preeti bade hi naughty andaaj me Aradhna se puchhti hai.

" Chal nalayak. Kuchh bhi bolti hai, mera koi boy friend nahi hai. Aur na mujhe shok hai.............." Aradhna bhi bahut masoom bante hue bolti hai.

Itne me Kushal smriti ko neeche drop kar ke upar aa jata hai. Wo apne room ki taraf jaate hue dekhta hai ki Preeti aur Aradhna packing kar rahe hai. Wo Aradhna ke room me jaata hai.

" Didi...... Kahan ki teyaari chal rahi hai...." Kushal side me rakhe apples me se ek apple uthate hue bolta hai.

" Kuchh nahi Kushal.... College ki taraf se Delhi ja rahi hu 10 din ke liye....."

" Didi ye to great news hai....." Kushal excited hote hue bolta hai.

" Ye wakai me great news hai......" preeti bhi kushal ki taraf dekhte hue bolti hai lakin Kushal koi reply nahi karta.

" Kya tum dono ke jhagde kabhi khatam nahi hote. Chalo ab meri packing khatam ho chuki hai aur mujhe teyaar hone do".... Aradhna dono se request karti hai.

" To ho jaiye teyaar.... Hum kya mana kar rahe hai aapko......" Kushal samjh nahi paaya tha ki aakhir Aradhna kyu bol rahi hai.

Kushal ki baat sun kar Preeti ko hansi aa jaati hai.

" Kushal.... Main ek ladki hu. Aur ladki ka teyaar hona thoda alag hota hai to tu apne room me ja." Aradhna phir se samjhati hai use

" Thank you didi..... Mujhe ye batane ke liye ki aap ladki ho. Main to bachpan se aapko ladka hi samjhta tha...... Ha ha ha ha ha ha....." Smriti ki taraf se mile thode se positive response ki vajah se aaj Kushal thoda happy tha.

Kushal ki baat sun kar Preeti ko phir se hansi aa jaati hai.

" Tujhe ladka kahan se dikhai dene lagi main......" Aradhna banavati gusse me puchhti hai

Kushal apni nigaahe upar se neeche tak le jaata hai aur Aradhna ke boobs par rok deta hai.

" Nahi didi... Ab to aap ladki hi lagti ho...." Kushal phir se Aradhna ki boobs ki taraf dekhte hue bolta hai.

Aradhna kushal ki taraf bhagti hai use marne ke liye lakin Kushal apne room se bhag jaata hai. Lakin Aradhna ne is majak ko jyada serious nahi liya.

Ab phir se room me bas Aradhna aur Preeti the.

" Ye to wakai me bada badtameej ho gaya hai...." Aradhna ne hanste hue kaha. Aur apne suit ko uthate hue washroom me jaane lagti hai

" Didi vaise kah to sach hi raha tha. Pehle to aapne apne aapko ek ladki ki tarah dikhaya hi nahi. Abhi bas kuchh dino se hi aapne apne ander ki ladki ko bahar nikala hai ...." Preeti Aradhna se bolti hai

" Ab tu bhi shuru ho gayi... Chal bhag yahan se aur mujhe nahane de...". Aradhna bhi achhe mood me thi kyunki wo aaj Delhi ja rahi thi.

Preeti room se bahar aa jaati hai. Aur Aradhna apne wahroom me ghu jaati hai. Preeti bahar aakar dekhti hai ki Kushal abhi bhi gallery me hi khada hua hai. Wo uske pass jakar khadi ho jaati hai. Wo gaane gun guna rahi thi, aisa lag raha tha ki bahut happy hai.

" Badi chahak rahi hai kya baat hai..." Kushal preeti ki taraf dekhte hue bolta hai.

Preeti ne bhi aaj eke deep neck tshirt pahni hui thi. Bade hi andaaz me hilte hilte apne aapko thoda sa neeche jhukate hue wo bolti hai

" Nahi wo Aradhna didi ja rahin hai na....." wo cute aur sexy dono ka perfect mixture lag rahi thi.

" To tu itna khush kyu ho rahi hai...." Kushal dusri taraf moonh rakhte hue aise hi bolta hai.

Preeti ab aur bhi jyada hil dul rahi thi " Nahi ab to bas tu aur main hi rah jayenge na yahan par....." Preeti bahut hi romantic andaaz me bolti hai.

" Kyu mom nahi hain yahan par, jo ye bol rahi hai ki bas tu aur main rah jayenge yahan par......" Kushal phir se gusse me dekhte hue bolta hai

" Duffer mera meaning hai first floor pe.........." preeti serious hote hue bolti hai.

 
दोस्तो भूमिका तैयार हो चुकी है प्रीति और कुशल की उधर आराधना और पंकज की चुदाई की पढ़ते रहिए मज़े लेते रहिए

और बिदास रहिए जल्द ही आपसे मुलाकात होगी आपका दोस्त राज शर्मा
 
फॅमिली में मोहब्बत और सेक्स --31

कुशल प्रीति की तरफ बढ़ता है और वो भी बहुत ही सीरीयस स्टाइल मे. प्रीति अपनी जगह खड़ी हुई है, वो कन्फ्यूज़ है कि कुशल का अगला स्टेप क्या होगा....... वो प्रीति की पतली सी कमर पर हाथ रखता है...... आआअहह...... प्रीति की आँखे बंद हो जाती है............

" क्या कर रहे हो ब्रदर सिस्टर......." इस आवाज़ से दोनो चोंक जाते है. कुशल अपने हाथ हटा लेता है और घबरा कर सामने देखता है. वहाँ पर सिमरन आ चुकी थी, मस्त जीन्स और टी शर्ट मे. प्रीति आवाज़ से समझ चुकी थी कि ये सिमरन है. सिमरन पीछे से चलती आ रही थी और प्रीति की पीठ थी उसकी तरफ.

प्रीति का तो जैसे मूड ही खराब हो गया था. काफ़ी टाइम के बाद उसे कुशल ने टच किया था......." फक्किंग बस्टर्ड..." प्रीति मन ही मन बड़बड़ाती है...........

इतने मे सिमरन उन दोनो के पास आ जाती है.

" क्या बात है भाई, क्या नाप तोल चल रही है......" सिमरन अपने बालो मे हाथ फिराते हुए बोलती है

" कुच्छ नही सिमरन दीदी...... प्रीति बोल रही थी कि उसकी कमर दिन पे दिन बढ़ती जा रही है तो देख रहा था कि कितनी बढ़ गयी........." कुशल बात को टालते हुए बोलता है.

" हे हे हे हे हे हे......." सिमरन हँसने लगती है.

" आप हंस क्यूँ रही है....." प्रीति सीरीयस होते हुए पूछती है.

" क्यूंकी तू कुशल का पागल बना रही है..... तेरी कमर नही कुच्छ और चीज़ बड़ी हो रही है, वो चेक करवा कुशल से......." सिमरन प्रीति के बूब्स की तरफ देखते हुए बोलती है और एक शरारती मुस्कान अभी भी उसके चेहरे पे थी. आक्च्युयली सिमरन एक ओपन माइंडेड लड़की थी तो वो कुच्छ भी बोलने मे घबराती नही थी.

इससे पहले की कोई कुच्छ बोलता -" छोड़ो ये बाते और ये बताओ कि आराधना कहाँ है..?" सिमरन पूछती है

" दीदी वो नहा रही है.... देल्ही जा रही है ना......." कुशल रिप्लाइ करता है

" ये तो मुझे मालूम है कि वो देल्ही जा रही है. और मैं ही उसे स्टॅंड छोड़ने जा रही हू..... वैसे अब तक नहा लेना चाहिए था उसे....." सिमरन आराधना के रूम की तरफ देखते हुए बोलती है

" हाँ काफ़ी देर से नहा रही है वो... अगर जाना ही है तो जल्दी निकल जाना चाहिए नही तो लेट ईव्निंग ट्रॅवेल करना सही नही है......" प्रीति भी सिमरन की हाँ मे हाँ मिलाती है.

" ओये होये बड़ी जल्दी है अपनी बहन को भेजने की..... कूडीए क्या बात है. कोई बॉय फ्रेंड साय फ्रेंड तो नही आ रहा है......." सिमरन प्रीति के गालो को खींचते हुए बोलती है.

" अभी तो मैं बच्ची हू.........." प्रीति बनावटी शरम के साथ कहती है.

सिमरन आश्चर्य से प्रीति को उपर से नीचे तक देखती है और कहती है -" नही बॉय फ्रेंड बनाने लायक तो तू हो गयी है........" सिमरन का कहने का अंदाज़ ऐसा था जैसे वो कह रही हो कि नही चुदने के लायक तो तू हो गयी है.

सभी हंस पड़ते है सिमरन की इस बात पर.

" कुशल तू इतना चुप क्यू खड़ा है......" सिमरन कुशल की तरफ देखते हुए बोलती है.

" नही दीदी वो दो लड़कियो की आपसी बात मे मैं क्या बोलू इसीलिए चुप हू....." कुशल भी ड्रामा करते हुए बोलता है.

" तो थोड़े टाइम के लिए तू भी लड़की बन जा..........." सिमरन फिर से हंसते हुए बोलती है.

" दीदी आप भी क्या मज़ाक करती हो..... लड़की बन ने के लिए तो बहुत कुच्छ चाहिए." कुशल सिमरन के मस्त बूब्स की तरफ देखते हे बोलता है. सिमरन के बूब्स उसकी टीशर्ट मे बेहद टाइट फँसे हुए थे.

सिमरन कुशल की इस आक्टिविटी से चोंक जाती है. वो आश्चर्य से मूँह पे हाथ रख लेती है -" तो हमारा कुशल अब इतना बड़ा हो गया है........" सिमरन फिर कुशल के गाल खींचने को आगे बढ़ती है लेकिन तभी सिमरन का पाँव प्रीति के पाँव से टकराता है और सीधा धप्प्प..... वो कुशल के सीने से जाकर टकराती है. सिमरन को संभालने के लिए कुशल अपने हाथ सीधे उसकी कमर पर ले जाता है. कुशल ने एक्सपेक्ट भी नही किया था कि सिमरन के बूब्स इतने मस्त होंगे......

" ओह्ह्ह्ह...... सोररय्ययी....." और सिमरन ये बोल कर सीधा खड़ा होने लगती है.

" इट ईज़ ओके दीदी..... नो प्राब्लम...." कुशल रिप्लाइ करता है.

कुशल का मर्दाना लंड सिमरन के टच से जागने लगता है और धीरे धीरे कुशल की ज़िप बाहर की तरफ फूलने लगती है. प्रीति को ये देख कर गुस्सा आ जाता है और वो गुस्से मे अपने रूम मे भाग जाती है. सिमरन और कुशल ये सब देखते ही रह जाते है.

" इसे क्या हुआ.........." सिमरन आश्चर्य से कुशल से पूछती है.

" आप लड़की हो आपको बेहतर पता होगा कि क्या हुआ...." कुशल भी रोमॅंटिक अंदाज़ मे सिमरन की तरफ देखते हुए बोलता है.

" तेरा मतलब पीरियड्स की तरफ है क्या....." सिमरन ने भी हंसते हुए उसे तपाक से जवाब देती है. कुशल को ये आइडिया नही था कि सिमरन इतनी बिंदास लड़की है.

" मुझे तो पता ही नही कि पीरियड्स क्या होता है....." कुशल भी मासूमियत मे बोलता है

" हाँ लग रहा है कि तुझे नही पता....." सिमरन कुशल की ज़िप की ओर देखते हुए बोलती है जो कि अभी तक फूली हुई थी.

" और सूनाओ दीदी..... क्या चल रहा है....." कुशल बात को फिनिश करते हुए बोलता है.

" सब मस्त चल रहा है.... तू सुना. काफ़ी बड़ा हो गया है तू तो, कोई गर्ल फ्रेंड मिली या नही......" सिमरन उसे उपर से नीचे तक देखते हुए बोलती है.

" हमारे नसीब मे कहाँ गर्ल फ्रेंड दीदी...." कुशल फिर से मासूम बनते हुए बोलता है

" तो हाथ से ही गुज़ारा चला रहा है......" सिमरन साइड मे फेस करके बहुत स्लो वाय्स मे बोलती है.

" क्या कहा आपने........"? कुशल ठीक से सुन नही पाया था

" मैने.... मैने कहा कि जल्दी ही मिल जाएगी........." सिमरन अपनी सेक्सी आइज़ उसकी आइज़ मे डालते हुए बोलती है

" क्या......??????" कुशल फिर से सवाल करता है

" नॉटी बॉय.... गर्ल फ्रेंड और तूने क्या सोचा...." सिमरन फिर से स्माइल करते हुए बोलती है.

" दीदी मुझे एक दम सेक्सी गर्ल फ्रेंड चाहिए........" कुशल भी और फ्रॅंक होते हुए बोलता है
 
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