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" बिल्कुल प्रीति जैसी मिलेगी तुझे... तू टेन्षन ना ले...." सिमरन फिर से मज़ाक करते हुए बोलती है
कुशल -" प्रीति जैसी झल्ली....... मुझे नही चाहिए. मुझे तो एक दम पटाखा और मस्त.... चाहिए..." कुशल अपनी आइज़ बंद करते हुए बोलता है
सिमरन -" प्रीति जैसी झल्ली....? ओये अभी तुझे पता ही नही है कि सेक्सी लड़की क्या होती है. लुक अट हर फेस, लिप्स, और गाल देख उसके. उपर से नीचे तक कयामत है कयामत......." सिमरन भी प्रीति का वर्णन करती है.
इससे पहले कि कुशल कुच्छ बोलता प्रीति फिर से आ जाती है वहाँ पे....
" क्या बात है प्रीति, ऐसे क्यू चली गयी थी......?" सिमरन पूछती है
" टाय्लेट जाना था इसीलिए गयी थी......" प्रीति थोड़े आटिट्यूड मे बोलती है
" हा हा हा हा हा.... गयी तो ये गुस्से मे थी लेकिन किसी ने भाव नही दिए तो फिर आ गयी......" कुशल प्रीति का मज़ाक उड़ाते हुए फिर से बोलता है.
" देखा दीदी... मेरे साथ कैसे पेश आता है ये....." प्रीति सिमरन से कंप्लेंट करते हुए कहती है.
" अरे बाबा अब ये लड़ाई बंद करो और प्यार से रहा करो...." सिमरन दोनो को समझाती है
" दीदी इसे पता भी है प्यार क्या होता है....." प्रीति कुशल की तरफ इशारा करती है
सिमरन भी कोई बच्ची नही थी. वो समझ गयी थी कि कोई तो केमिस्ट्री चल रही है. फाइनल कन्फर्म करने के लिए वो एक प्लान बनाती है ---
" आआहह..... मेरा पाँव दूख रहा है. शायद मेरी हील मे कोई प्राब्लम है". ये बोलते हुए सिमरन झुकती है. इसका डबल एफेक्ट होता है- एक तो उसके बड़े बड़े बूब्स कुशल के सामने बाहर झाँकने को तैयार हो जाते है और दूसरा उसकी लो वेस्ट जीन्स होने के कारण उपर से उसकी पैंटी दिख जाती है.
ये एक ऐसा सीन था जिससे कोई भी जवान भड़क सकता था. उसकी ब्लॅक लेस ब्रा और ट्रॅन्स्परेंट पैंटी विज़िबल थी कुशल को और ये सीन प्रीति भी बड़े गौर से देख रही थी.
कुशल तो जैसे पागल ही हो गया था. सिमरन एक एक्सपर्ट गर्ल थी जिसे पता था कि ह्यूमन एमोशन्स को कैसे भड़काना है. कुशल का लंड फिर से जीन्स की ज़िप के टॉप लेवेल पे पहुँच चुका था. शरम के मारे कुशल अपनी पॉकेट मे हाथ डालता है और उसे वहीं से कंट्रोल करने की कोशिश करता है.
अब सिमरन फिर से खड़ी होती है और चुपके से प्रीति के चेहरे को देखती है. जिससे आग बरस रही थी और गुस्से मे अपना चेहरा लाल कर चुकी थी. वो एक टक कुशल की तरफ देखे जा रही थी जैसे कुशल ने कोई बहुत बड़ी ग़लती कर दी हो...
सिमरन समझ गयी थी कि दाल मे कुच्छ तो काला है. लेकिन इससे पहले कि कुच्छ होता कि तभी बाथरूम का गेट खुलने की आवाज़ आती है. आक्च्युयली आराधना नहा कर बाहर आ चुकी थी.
" ये लो मेडम आ गयी ......" सिमरन ये बोल कर आराधना के रूम की तरफ बढ़ती है.
उसके पीछे कुशल इशारे मे प्रीति से पुछ्ता है कि क्या हुआ.... ऐसे आँखे क्यूँ दिखा रही है.
प्रीति कुशल के पास जाती है और धीरे से बोलती है -" बड़ी आँखे फाड़ फाड़ के देख रहा था इस गुंडी के बूब्स को....."
जब प्रीति बोल रही थी तो सिमरन पीछे मूड कर देखती और एक स्माइल के साथ बोलती है -" अरे अब क्या पर्सनल बाते होने लगी दोनो की, आ जाओ और अपनी बहन की हेल्प कर दो...."
प्रीति का चेहरा बता रहा था कि वो परेशान है लेकिन फिर भी वो दोनो आराधना के रूम की तरफ बढ़ जाते है.
आराधना के बाल अभी भी गीले थे और टवल उसके बूब्स से बस थोड़ा उपर बँधा हुआ था. उसके बूब्स के बीच की लाइन क्लियर दिख रही थी.
" दीदी मुझे भी देल्ही ले चलो ना......." कुशल रिक्वेस्ट करता है आराधना से जोक स्टाइल मे.....
" वहाँ मे कोई घूमने नही जा रही हू...." आराधना अपने बालो को कोंब करते हुए कहती है.
" तुम्हे पता नही है लेकिन ये टूर उसकी लाइफ का बहुत इंपॉर्टेंट टूर है..." सिमरन बीच मे ही बोलती है.
आराधना और सिमरन हँसने लगती है जब उन्हे उस सेंटेन्स का रियल मीनिंग समझ आता है.
" और वैसे भी तेरी ज़रूरत है यहाँ कुशल..... तू यहीं पर रह...." सिमरन प्रीति की तरफ देखते हुए बोलती है. वो डबल मीनिंग बाते कर रही थी.
" नही अरू दीदी... आप ले जाओ कुशल को. वो यहाँ रहे या नही कुच्छ फ़ायदा तो है नही....." प्रीति भी एक झटके मे सारी बातो का रिप्लाइ दे देती है और बोलने के बाद इमीडीयेट्ली सिमरन की तरफ देखती है.
" तू देख रही है, कितने बड़े हो गये है फिर भी लड़ाई बंद नही है...." आराधना सिमरन से कंप्लेंट करते हुए बोलती है.
" अब ये बड़े हो गये है यही तो लड़ाई है..." सिमरन फिर से हंसते हुए बोलती है.
" क्या मतलब...." आराधना रुक कर बोलती है
सिमरन -" अब स्वीटी जल्दी तेयार हो जा. मतलब वत्लब छोड़... ओके. " सिमरन उसे डाँट लगाते हुए बोलती है.
" बस अब फाइनल टच बाकी है आंड देन आइ आम रेडी....." आराधना अपने सूट को उठाती है और फिर से बाथरूम मे भाग जाती है.
करीब 5 मिनिट के बाद वो बाहर निकल कर आती है. स्ट्रेट हेर, लाइट लिपस्टिक, लाइट लीप ग्लॉस, शार्प आइ लाइनर. काफ़ी सुंदर लग रही थी आराधना....
हाइ हील सॅंडल्ज़ पहन ने के बाद उसकी पर्सनॅलिटी मे एक सेक्सी टच भी आ गया था. कुशल आराधना का बॅग उठाता है और नीचे लाने लगता है.
स्मृति नीचे वेट कर रही थी. आराधना के नीचे आते ही वो खड़ी होती है और बताना शुरू करती है
" बेटा तेरे पापा से बात हो गयी. देल्ही आइएसबीटी पहुँचने से पहले उनको फोन कर दियो और वो तुझे पिक करने आ जाएँगे.... "
"थॅंक यू मोम...." और आराधना स्मृति को हग करती है.
कुशल -" प्रीति जैसी झल्ली....... मुझे नही चाहिए. मुझे तो एक दम पटाखा और मस्त.... चाहिए..." कुशल अपनी आइज़ बंद करते हुए बोलता है
सिमरन -" प्रीति जैसी झल्ली....? ओये अभी तुझे पता ही नही है कि सेक्सी लड़की क्या होती है. लुक अट हर फेस, लिप्स, और गाल देख उसके. उपर से नीचे तक कयामत है कयामत......." सिमरन भी प्रीति का वर्णन करती है.
इससे पहले कि कुशल कुच्छ बोलता प्रीति फिर से आ जाती है वहाँ पे....
" क्या बात है प्रीति, ऐसे क्यू चली गयी थी......?" सिमरन पूछती है
" टाय्लेट जाना था इसीलिए गयी थी......" प्रीति थोड़े आटिट्यूड मे बोलती है
" हा हा हा हा हा.... गयी तो ये गुस्से मे थी लेकिन किसी ने भाव नही दिए तो फिर आ गयी......" कुशल प्रीति का मज़ाक उड़ाते हुए फिर से बोलता है.
" देखा दीदी... मेरे साथ कैसे पेश आता है ये....." प्रीति सिमरन से कंप्लेंट करते हुए कहती है.
" अरे बाबा अब ये लड़ाई बंद करो और प्यार से रहा करो...." सिमरन दोनो को समझाती है
" दीदी इसे पता भी है प्यार क्या होता है....." प्रीति कुशल की तरफ इशारा करती है
सिमरन भी कोई बच्ची नही थी. वो समझ गयी थी कि कोई तो केमिस्ट्री चल रही है. फाइनल कन्फर्म करने के लिए वो एक प्लान बनाती है ---
" आआहह..... मेरा पाँव दूख रहा है. शायद मेरी हील मे कोई प्राब्लम है". ये बोलते हुए सिमरन झुकती है. इसका डबल एफेक्ट होता है- एक तो उसके बड़े बड़े बूब्स कुशल के सामने बाहर झाँकने को तैयार हो जाते है और दूसरा उसकी लो वेस्ट जीन्स होने के कारण उपर से उसकी पैंटी दिख जाती है.
ये एक ऐसा सीन था जिससे कोई भी जवान भड़क सकता था. उसकी ब्लॅक लेस ब्रा और ट्रॅन्स्परेंट पैंटी विज़िबल थी कुशल को और ये सीन प्रीति भी बड़े गौर से देख रही थी.
कुशल तो जैसे पागल ही हो गया था. सिमरन एक एक्सपर्ट गर्ल थी जिसे पता था कि ह्यूमन एमोशन्स को कैसे भड़काना है. कुशल का लंड फिर से जीन्स की ज़िप के टॉप लेवेल पे पहुँच चुका था. शरम के मारे कुशल अपनी पॉकेट मे हाथ डालता है और उसे वहीं से कंट्रोल करने की कोशिश करता है.
अब सिमरन फिर से खड़ी होती है और चुपके से प्रीति के चेहरे को देखती है. जिससे आग बरस रही थी और गुस्से मे अपना चेहरा लाल कर चुकी थी. वो एक टक कुशल की तरफ देखे जा रही थी जैसे कुशल ने कोई बहुत बड़ी ग़लती कर दी हो...
सिमरन समझ गयी थी कि दाल मे कुच्छ तो काला है. लेकिन इससे पहले कि कुच्छ होता कि तभी बाथरूम का गेट खुलने की आवाज़ आती है. आक्च्युयली आराधना नहा कर बाहर आ चुकी थी.
" ये लो मेडम आ गयी ......" सिमरन ये बोल कर आराधना के रूम की तरफ बढ़ती है.
उसके पीछे कुशल इशारे मे प्रीति से पुछ्ता है कि क्या हुआ.... ऐसे आँखे क्यूँ दिखा रही है.
प्रीति कुशल के पास जाती है और धीरे से बोलती है -" बड़ी आँखे फाड़ फाड़ के देख रहा था इस गुंडी के बूब्स को....."
जब प्रीति बोल रही थी तो सिमरन पीछे मूड कर देखती और एक स्माइल के साथ बोलती है -" अरे अब क्या पर्सनल बाते होने लगी दोनो की, आ जाओ और अपनी बहन की हेल्प कर दो...."
प्रीति का चेहरा बता रहा था कि वो परेशान है लेकिन फिर भी वो दोनो आराधना के रूम की तरफ बढ़ जाते है.
आराधना के बाल अभी भी गीले थे और टवल उसके बूब्स से बस थोड़ा उपर बँधा हुआ था. उसके बूब्स के बीच की लाइन क्लियर दिख रही थी.
" दीदी मुझे भी देल्ही ले चलो ना......." कुशल रिक्वेस्ट करता है आराधना से जोक स्टाइल मे.....
" वहाँ मे कोई घूमने नही जा रही हू...." आराधना अपने बालो को कोंब करते हुए कहती है.
" तुम्हे पता नही है लेकिन ये टूर उसकी लाइफ का बहुत इंपॉर्टेंट टूर है..." सिमरन बीच मे ही बोलती है.
आराधना और सिमरन हँसने लगती है जब उन्हे उस सेंटेन्स का रियल मीनिंग समझ आता है.
" और वैसे भी तेरी ज़रूरत है यहाँ कुशल..... तू यहीं पर रह...." सिमरन प्रीति की तरफ देखते हुए बोलती है. वो डबल मीनिंग बाते कर रही थी.
" नही अरू दीदी... आप ले जाओ कुशल को. वो यहाँ रहे या नही कुच्छ फ़ायदा तो है नही....." प्रीति भी एक झटके मे सारी बातो का रिप्लाइ दे देती है और बोलने के बाद इमीडीयेट्ली सिमरन की तरफ देखती है.
" तू देख रही है, कितने बड़े हो गये है फिर भी लड़ाई बंद नही है...." आराधना सिमरन से कंप्लेंट करते हुए बोलती है.
" अब ये बड़े हो गये है यही तो लड़ाई है..." सिमरन फिर से हंसते हुए बोलती है.
" क्या मतलब...." आराधना रुक कर बोलती है
सिमरन -" अब स्वीटी जल्दी तेयार हो जा. मतलब वत्लब छोड़... ओके. " सिमरन उसे डाँट लगाते हुए बोलती है.
" बस अब फाइनल टच बाकी है आंड देन आइ आम रेडी....." आराधना अपने सूट को उठाती है और फिर से बाथरूम मे भाग जाती है.
करीब 5 मिनिट के बाद वो बाहर निकल कर आती है. स्ट्रेट हेर, लाइट लिपस्टिक, लाइट लीप ग्लॉस, शार्प आइ लाइनर. काफ़ी सुंदर लग रही थी आराधना....
हाइ हील सॅंडल्ज़ पहन ने के बाद उसकी पर्सनॅलिटी मे एक सेक्सी टच भी आ गया था. कुशल आराधना का बॅग उठाता है और नीचे लाने लगता है.
स्मृति नीचे वेट कर रही थी. आराधना के नीचे आते ही वो खड़ी होती है और बताना शुरू करती है
" बेटा तेरे पापा से बात हो गयी. देल्ही आइएसबीटी पहुँचने से पहले उनको फोन कर दियो और वो तुझे पिक करने आ जाएँगे.... "
"थॅंक यू मोम...." और आराधना स्मृति को हग करती है.